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अधिमान्य पत्रकार नेतृत्व समिति की बैठक छतरपुर संपन्न

अधिमान्य पत्रकार नेतृत्व समिति की बैठक छतरपुर संपन्न पत्रकार सुरक्षा कानून लागू किए जाने को लेकर दिया मांग पत्र छतरपुर  अधिमान्य पत्रकार नेतृत्व समिति के प्रदेश महासचिव दीपू सोनी ने प्रेस नोट जारी कर बताया कि अधिमान्य पत्रकार नेतृत्व समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष डल्लू कुमार सोनी की मुख्य उपस्थिति में आयोजित की गई ! जिसमें राष्ट्रीय महासचिव रोहित यादव,राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रमेश तिवारी एवं ए के स्वर्णकार प्रदेश सदस्यता प्रभारी,य छत्तीसगढ़ प्रदेश सदस्यता प्रभारी धर्मेंद्र वस्त्रकर, एवं प्रदेश अध्यक्ष सुनील कुमार के मुख्य उपस्थिति में सदस्यता अभियान के साथ-साथ बैठक आयोजित की गई  समिति को विस्तार एवं समिति में नए पदाधिकारी का चयन के साथ-साथ सदस्यता अभियान पर जोर दिया गया ! वहीं आए हुए अतिथियों का स्मृति चिन्ह एवं प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया कार्यक्रम का आयोजन स्थान मीटिंग स्थल- गंगा अईस फैक्ट्री नौगांव रोड इंडस्ट्रीज एरिया छतरपुर मैं आयोजित किया गया जिसमें मुख्य गरिमा में उपस्थित छतरपुर विधायक ललिता यादव मुख्य रूप से उपस्थित रही इन्होंने पत्रकारों की पीड़ा को सुना और पत्रकारों के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं अन्य पत्रकारों की उपस्थिति में एक मांग पत्र सोपा गया जिसमें यह उल्लेखित है कि  (१)पत्रकार सुरक्षा कानून लागू किया जाए  (२) प्रधानमंत्री आवास योजना के योजना में पत्रकारों को भी विशेष दर्जा देकर लाभान्वित किया जाए  (३) अधिमान्यता पत्रकार संभागीय कमेटी भांग पड़ी उसे पुणे मध्य प्रदेश में चालू किया जाए  (४) अधिमान्य पत्रकारों को जो रेल किराया में छूट मिलती थी वह छूट पुनः चालू की जाए इन मांगों को लेकर मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन विधायक छतरपुर ललिता यादव जी को समस्त पत्रकारों की उपस्थिति में सोपा गया विधायक ने कहा कि शीघ्र कवरिंग लेटर लगाकर मुख्यमंत्री को आपका पत्र भेजा जाएगा सभी पत्रकारों ने विधायक ललिता यादव जी का धन्यवाद ज्ञापित कर साल सिर्फफल  से उन्हें सम्मानित किया

शिवराज सिंह यादव पहुंचे भोपाल में सीएम यादव के आवास, स्वागत हुआ जोरदार

भोपाल  केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान सोमवार को मुख्यमंत्री निवास पहुंचे और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से सौजन्य भेंट की। मुख्यमंत्री ने पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। बाद में डॉ. यादव ने मुलाकात की तस्वीरें सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा करते हुए लिखा कि आज भोपाल निवास पर केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री आदरणीय भाईसाहब शिवराज सिंह चौहान जी से सौजन्य भेंट हुई।  

इनकम टैक्स का बड़ा कदम: भोपाल के साइंस हाउस पर कई शहरों में रेड

भोपाल आयकर विभाग ने मंगलवार सुबह भोपाल, इंदौर और मुंबई सहित कई शहरों में एक साथ कार्रवाई करते हुए तीस से अधिक ठिकानों पर छापेमारी की। यह कार्रवाई भोपाल के एमपी नगर स्थित साइंस हाउस और इंदौर में उससे जुड़े सहयोगी संस्थानों पर हो रही है। सूत्रों के अनुसार छापे के दौरान टैक्स चोरी से जुड़े भारी मात्रा में दस्तावेज जब्त किए गए हैं, जिनकी विभागीय टीम जांच कर रही है।इस दौरान साइंस हाउस मेडिकल प्राइवेट लिमिटेड के संचालक जितेंद्र तिवारी और उनके सहयोगियों से पूछताछ भी की जा रही है। माना जा रहा है कि यह कार्रवाई बड़े पैमाने पर कर चोरी के खुलासे से जुड़ी है। टीम सुबह करीब 5 बजे साइंस हाउस पहुंची। फिलहाल अफसर, इसके संचालक जितेंद्र तिवारी और उनके सहयोगी सॉफ्टवेयर इंजीनियर रोहित गुप्ता, कंसल्टेंट दिनेश बारोलिया, शिखा राजोरिया से पूछताछ कर रहे हैं। मेडिकल सर्जिकल कारोबार से जुड़ा मामला सूत्रों के मुताबिक यह रेड मेडिकल सर्जिकल उपकरणों का कारोबार करने वाले राजेश गुप्ता से संबंधित है। राजेश गुप्ता का मुख्य ऑफिस साइंस हाउस ग्रुप बिल्डिंग में ही है, जहां अधिकारी कागज़ात और अकाउंट से जुड़े दस्तावेजों की गहन जांच कर रहे हैं। उनके कारोबार से जुड़े कई पहलुओं को आयकर विभाग खंगाल रहा है। कारोबारी के घर पर भी छापा सिर्फ ऑफिस ही नहीं, बल्कि राजेश गुप्ता के निजी आवास को भी इस कार्रवाई में शामिल किया गया। विभाग की एक टीम सीधे लालघाटी स्थित पंचवटी पार्क कॉलोनी में उनके घर पहुंची। वहां भी बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए और टीम ने भीतर जाकर तलाशी अभियान शुरू किया। दोनों जगहों पर अलग-अलग टीमें दस्तावेज़ और डिजिटल रिकॉर्ड खंगाल रही हैं। इलाके में मची सनसनी और लोगों की प्रतिक्रिया स्थानीय लोगों का कहना है कि सुबह-सुबह अचानक पांच से अधिक गाड़ियां और भारी फोर्स देखकर वे हैरान रह गए। कई लोग यह देखने के लिए रुक गए कि आखिर इतनी भारी सुरक्षा और अधिकारी किस मकसद से आए हैं। धीरे-धीरे खबर फैलते ही पूरे इलाके में चर्चा शुरू हो गई कि यह कार्रवाई किसी बड़े कारोबारी से जुड़ी है। अभी तक आधिकारिक पुष्टि का इंतजार फिलहाल आयकर विभाग की ओर से इस रेड को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। यह स्पष्ट नहीं है कि बिल्डिंग और घर पर छापामारी का असली कारण क्या है। हालांकि, अधिकारियों ने बिल्डिंग के भीतर मौजूद दस्तावेजों, लेन-देन के रिकॉर्ड और अन्य कागजात की गहराई से जांच शुरू कर दी है। माना जा रहा है कि आने वाले समय में इस कार्रवाई से जुड़े और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं। साइंस हाउस का मेन ऑफिस भोपाल में गौतम नगर के मकान नंबर सी-25 में 1994 से चल रहा है। कंपनी देशभर में मेडिकल इक्विपमेंट्स की सप्लाई करती है। डायग्नोस्टिक सर्विस भी देती है। पैथालॉजी लैब और निजी अस्पताल की भी सेवाएं भी उपलब्ध कराती हैं।

एमवाय अस्पताल में NICU में घुसे बड़े चूहे, नवजातों के हाथ कुतरे

इंदौर.  इंदौर शहर के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल MYH में लापरवाही का चौंकाने वाला मामला सामने आया है. अस्पताल के NICU वार्ड में 2 नवजात बच्चे भर्ती थे. चूहों ने दोनों शिशुओं को हाथ को बुरी तरह कुतर डाला. बताया जा रहा है कि दोनों बच्चों का जन्म कुछ ही दिन पहले हुआ था. इसके बाद दोनों को NICU में एडमिट किया गया था. चूहे ने रविवार को पहले एक बच्चे को जख्मी किया था. फिर उसका इसका इलाज शुरू किया गया. फिर सोमवार को भी चूहे ने एक दूसरे नवजात को काट लिया. सूत्रों की मानें तो अस्पताल कैंपस में लंबे समय से चूहों को लेकर शिकायतें सामने आती रही है. NICU यूनिट भी चूहों को देखा गया है. मामला सामने आने के बाद अस्पताल प्रशासन भी एक्टिव हो गया. अस्पताल में पेस्ट कंट्रोल की तैयारी शुरू की गई है. NICU में भी चूहों को रोकने की कवायद शुरू कर दी गई है. दोनों बच्चों का इलाज जारी मामला सामने आने के बाद जिला अस्पताल में हड़कंप मच गया. घटना की जानकारी डॉक्टरों ने फौरन सीनियर स्टाफ को दी. फिर सीनियर डॉक्टरों की टीम फौरन पहुंची और बच्चों की जांच की गई. फिलहाल दोनों नवजातों का इलाज किया जा रहा है. डॉक्टरों की टीम बच्चों के हेल्थ को मॉनिटर कर रहे हैं. सीनियर डॉक्टर्स भी NICU में पहुंचे स्टाफ ने तुरंत संबंधित डॉक्टरों को सूचना दी। इस बीच सीनियर डॉक्टर्स यूनिट में पहुंचे और बच्चों की जांच की। उन्होंने तत्काल एचओडी डॉ. ब्रजेश लाहोटी को फोन पर घटनाक्रम बताया। दरअसल डॉ. लाहोटी अभी छुट्टी पर हैं। डॉक्टरों ने उन्हें दोनों बच्चों के बारे में जानकारी दी। इसके बाद डॉ. लाहोटी ने सुपरिटेंडेंट डॉ. अशोक यादव को जानकारी दी। स्टाफ को सतर्कता बरतने को कहा डॉ. लाहोटी ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि पूरे अस्पताल और आसपास चूहों की काफी भरमार है। दोनों नवजातों का ट्रीटमेंट चल रहा है। विशेष तौर पर ध्यान रखा जा रहा है। स्टाफ को सतर्कता बरतने के लिए कहा है। साथ ही यूनिट में चूहों की आवाजाही बंद करने के इंतजाम किए जा रहे हैं। सुपरिटेंडेंट बोले- पांच साल पहले हुआ था पेस्ट कंट्रोल उधर, डॉ. अशोक यादव (सुपरिटेंडेंट) अभी भोपाल में है। उन्होंने बताया कि मरीज के परिजन खाद्य सामग्री लेकर वार्ड तक ले आते हैं। इस कारण चूहों की संख्या बढ़ रही है। पांच साल पहले अस्पताल में पेस्ट कंट्रोल किया गया था। इसके बाद अब फिर चूहों की संख्या तेजी से बढ़ी है। खास बात यह कि परिजन घबरा न जाए, इसलिए अभी उन्हें बताया नहीं गया है। सभी नवजातों का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। डीन ने स्टाफ को लगाई फटकार नवजात के हाथों को चूहों द्वारा कुतरने के मामले में सोमवार रात अस्पताल के डीन डॉ. अरविंद घनघोरिया ने NICU का दौरा किया। उन्होंने स्टाफ को कड़ी फटकार लगाई और नवजातों की हालत जानी। दैनिक भास्कर द्वारा मामले का खुलासा करने के बाद अस्पताल में हड़कंप मचा है। जिन नवजातों के हाथों को चूहे ने कुतरा है उनके परिवार को अभी बताया नहीं गया है। साथ ही दूसरी मंजिल स्थित यूनिट में बाहरी लोगों की एंट्री रोक दी गई है।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा- सबके साथ, सबके विकास के लिए सबके प्रयासों एवं सबको विश्वास में लेकर बढ़ रहे हैं आगे

प्रदेश के सभी पर्यटन स्थलों तक हेलीकॉप्टर से पहुंचाएंगे पर्यटकों को कानून-व्यवस्था हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता, असामाजिक तत्वों का करेंगे सफाया भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि आज मध्यप्रदेश कई मामलों में देश में अव्वल है। प्रदेश को और आगे ले जाना है। हमारी सरकार खेती-किसानी, पशुपालन, खाद्य प्रसंस्करण और नए-नए उद्योग धंधों की स्थापना के जरिए प्रदेश के युवाओं को रोजगार दिलाने के लिए संकल्पबद्ध हैं। हमारी सरकार सबके साथ और सहयोग से सबके विकास के लिए साझा प्रयासों एवं सबको पूरे विश्वास में लेकर विकास की दिशा में आगे बढ़ रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को भोपाल में मीडिया ग्रुप द्वारा आयोजित 'इमर्जिंग बिजनेस कॉन्क्लेव (भोपाल चैप्टर)' में मीडिया संवाद कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस कान्क्लेव में मध्यप्रदेश की विशेषताओं के बारे में विस्तार से चर्चाकर प्रदेश के नवनिर्माण एवं बेहतरी के लिए सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों और आगामी कार्ययोजना की जानकारी भी दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मीडिया संवाद में कहा कि हम प्रदेश के किसानों की जिंदगी बेहतर बनाना चाहते हैं। इसीलिए कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन से दुग्ध उत्पादन, खाद्य प्रसंस्करण, आधुनिक खेती के प्रोत्साहन और किसानों को सम्मान निधि देकर उनके जीवन में स्वावलंबन लाने के लिए प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में लगभग रोजाना नए-नए उद्योग धंधों की स्थापना हो रही है। इससे हमारे युवाओं को रेाजगार भी मिलेगा और प्रदेश की अर्थव्यवस्था भी सुदृढ़ होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि धार जिले में देश के पहले पीएम मित्रा पार्क का भूमिपूजन होना है। इससे पहले बुधवार, 3 सितम्बर को नई दिल्ली में पीएम मित्रा पार्क में निवेश के लिए इच्छुक निवेशकों के साथ मीटिंग एवं वन-टू-वन चर्चा की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में धार्मिक एवं आध्यात्मिक पर्यटन सहित मेडिकल टूरिज्म के साथ फारेस्ट और वाइल्ड लाइफ टूरिज्म की ओर स्पेशल फोकस किया जा रहा हैं। प्रदेश के 13 प्रमुख तीर्थस्थानों में स्थायी प्रकार के निर्माण कार्यों एवं नियमित प्रबंधन कर इनका विकास कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि श्रीमहाकाल लोक के निर्माण के बाद उज्जैन में तेजी से टूरिज्म बढ़ा है। वर्ष 2024 में करीब 7 करोड़ से अधिक श्रद्धालु उज्जैन आए। इसी से प्रेरणा लेकर हमारी सरकार अब प्रदेश के सभी पर्यटन स्थलों में पर्यटकों को हेलीकाप्टर के जरिए पहुंचाने का प्रबंध कर रही है। बहुत जल्द हम प्रदेश में इसकी शुरूआत करने जा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश देश का दिल है। मध्यप्रदेश की देश में केंद्रीय स्थिति का हम समुचित लाभ उठाना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में भरपूर लैंड बैंक, सरप्लस बिजली और मजबूत अधोसंरचना है। मध्यप्रदेश निवेशकों के लिए अनुकूल है। प्रदेश में बड़ी मात्रा में निवेश लाने के लिए हमने कई अप्रासंगिक कानून बदले हैं। उद्योग लगाने के लिए शासकीय अनुमतियां भी कम से कम कर दी हैं। हम निवेशकों के हित में 18 नई औद्योगिक नीतियां भी लागू की गई हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में मजबूत कानून व्यवस्था हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। असामाजिक और गुंडा तत्वों के लिए प्रदेश में कोई स्थान नहीं है। कानून को अपने हाथ में लेने वाले ऐसे तत्वों का प्रदेश से सफाया कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि हम राज्य की बेहतरी के लिए नए फैसले लेने में पीछे नहीं हटेंगे। लोकलुभावन वादों की जगह हम जनहित के निर्णयों पर तेजी से आगे बढ़ेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मीडिया संवाद कार्यक्रम में एक निजी संस्थान द्वारा चलाए जा रहे हाईजीन प्रोग्राम के पोस्टर्स का विमोचन किया और विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने वाले समाजसेवियों को सम्मानित भी किया। कार्यक्रम में सचिव एवं आयुक्त जनसम्पर्क डॉ. सुदाम खाड़े, मीडिया समूह के राष्ट्रीय एवं प्रादेशिक पदाधिकारी/प्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में नागरिकगण उपस्थित थे।  

जमीन अधिग्रहण की खबर से खरीदारों को झटका, पश्चिम रिंग रोड का नया विवाद

इंदौर प्रस्तावित पश्चिम रिंगरोड में नया पेच आ गया है। 64 किमी लंबे पश्चिमी रिंगरोड के लिए जमीन अधिग्रहण करते हुए जिम्मेदारों ने एक वैध कालोनी को भी अधिग्रहण की सूची में शामिल कर लिया। कॉलोनी की जमीन को कृषि भूमि मानकर अवार्ड की तैयारी भी कर ली गई। कॉलोनी के प्लाटधारकों को नोटिस जारी हुआ न ही उनका पक्ष सुना गया। मंहगे दाम पर प्लाट खरीदने वालों को कॉलोनी की जमीन अधिग्रहण की जानकारी लगी तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। उन्होंने हाई कोर्ट में याचिका दायर करते हुए न्याय की गुहार लगाई। 70 से ज्यादा याचिकाएं हाई कोर्ट में दायर हुईं। सोमवार को इन सभी में एक साथ सुनवाई हुई। कोर्ट ने मामले में यथास्थिति बनाए रखने के आदेश दिए हैं।   मामला देपालपुर तहसील के मोहना और बेटमाखुर्द गांव में आने वाली नेचुरल वैली कॉलोनी का है। इस कॉलोनी में प्लाट खरीदने वालों के संघर्ष की कहानी भी अजीब है। कॉलोनी विकासकर्ता और उनके मार्केटिंग एजेंट ने लोगों से प्लाट के पैसे तो लिए लेकिन वे रजिस्ट्री से मुकर गए। प्लाट खरीदने वालों ने न्यायालय में याचिकाएं दायर की। लंबी जद्दोजहद के बाद इन प्लाटों की रजिस्ट्रियां हो सकीं। शासन ने रजिस्ट्री के वक्त प्रति वर्गफीट के हिसाब से स्टाम्प शुल्क भी खरीदारों से वसूला। रजिस्ट्री के बाद खरीदार यह सोचकर खुश थे कि आखिर उनका संघर्ष अंजाम तक पहुंच गया, लेकिन ऐसा नहीं हुआ, दूसरी परेशानी उनका इंतजार कर रही थी। प्लाटों की रजिस्ट्री के कुछ दिन बाद ही राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने पश्चिम रिंग रोड के लिए अधिग्रहित की जाने वाली भूमियों के संबंध में अधिसूचना जारी कर दी। नेचुरल वैली कॉलोनी को भी अधिग्रहण की जाने वाली सूची में शामिल किया गया। विडंबना यह कि प्लाट मालिकों को भूमि अधिग्रहण की अधिसूचना में स्वामी ही नहीं माना गया बल्कि उस विकासकर्ता को जिसने रजिस्ट्री खरीदारों के नाम की थी उसे स्वामी माना गया।   आवासीय कॉलोनी को प्राधिकरण मान रहा कृषि भूमि प्लाट खरीदारों की ओर से हाई कोर्ट में पैरवी कर रहे एडवोकेट अमित दुबे ने बताया कि यह वैध आवासीय कालोनी है। विधिवत अलग-अलग विभागों से अनुमति प्राप्त की गई थी, बावजूद इसके राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण कालोनी की जमीन को कृषि भूमि मान रहा है। जिम्मेदारों ने यह तक पता लगाने की कोशिश नहीं की कि अधिग्रहित की जा रही भूमि आवासीय या कृषि। प्लाट स्वामियों ने प्राधिकरण के समक्ष आपत्ति भी जताई, लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हुई। इस पर उन्होंने हाई कोर्ट की शरण ली। यह है पश्चिम रिंगरोड प्रस्तावित पश्चिम रिंगरोड 64 किमी लंबा है। यह शिप्रा से पीथमपुर नेट्रेक्स तक बनया जाना है और इसका निर्माण दो हिस्से में करने की योजना है। एक हजार करोड़ रुपये मुआवजा पश्चिम रिंगरोड में इंदौर और धार जिलों की जमीन आ रही है। इंदौर जिले की तीन तहसील और धार जिले की एक तहसील इसमें शामिल है। पश्चिम रिंगरोड की जद में आ रही जमीनों के लिए केंद्र शासन करीब एक हजार करोड़ रुपये की मुआवजा राशि तय कर चुका है। इंदौर जिले में 795 करोड़ और धार जिले में 200 करोड़ रुपये मुआवजा दिया जाना है। इंदौर जिले में 998 किसानों की जमीन पश्चिम रिंगरोड की जद में आ रही है।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद MP में सख्ती, HSRP नहीं लगवाई तो गाड़ी से जुड़ी सेवाएं ठप

भोपाल  सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर सभी नए पुराने वाहनों में हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट और व्हीकल रजिस्ट्रेशन कार्ड सहित ड्राइविंग लाइसेंस से वाहन मालिक का एक्टिव मोबाइल नंबर अपडेट होना अनिवार्य कर दिया गया है। यदि आपके वाहन के साथ ये सुविधाएं अपडेट नहीं हैं तो, जल्द ही आपको परिवहन विभाग की सभी सेवाओं से वंचित कर दिया जाएगा। भोपाल में 18.5 लाख वाहन रजिस्टर्ड भोपाल जिले में इस वक्त 18.5 लाख वाहन रजिस्टर्ड हैं जिनमें से 40 प्रतिशत के पास अभी भी हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट नहीं है। ऐसे वाहन मालिक फिलहाल घर बैठे ही सुविधाओं को अपडेट करवा सकते हैं। हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट (High Security Number Plate) मंगवाने और मोबाइल नंबर को अपडेट करने के लिए आरटीओ के वाहन पोर्टल या सारथी एप के जरिए आवेदन किए जा सकेंगे। ओटीपी के आधार पर मोबाइल नंबर गाड़ी की डिटेल्स के साथ लिंक हो जाएगा। एचएसआरपी नंबर प्लेट नजदीकी डीलर के यहां से फिट करवा सकेंगे। मध्यप्रदेश में 15 साल पुराने वाहन कार-88,529 मोपेड – 20,162 जीप – 21,607 ट्रैक्टर -74,794 आटो रिक्शा – 46,999 गुड्स ट्रक -72, 502 बस – 14,813 टैक्सी -1,098 बाइक -2,08054 स्कूटर -76,188 इसलिए जरूरी मोबाइल नंबर ये मुहिम इसलिए चलाई जा रही है क्योंकि बड़े पैमाने पर व्हीकल रजिस्ट्रेशन कार्ड और ड्राइविंग लाइसेंस कार्ड में दर्ज नंबर में भिन्नता पाई जा रही थी। ऐसी स्थिति में किसी भी गाड़ी को किसी भी अन्य व्यक्ति के नाम ट्रांसफर आसानी से करवाया जा सकता था। कई ऐसे मामले भी सामने आए जिनमें असल गाड़ी मालिक ने बगैर अनापत्ति प्रमाण पत्र के जबरन दूसरे पक्ष पर गाड़ी अपने नाम पर ट्रांसफर करवा लेने के आरोप भी लगाए। मोबाइल नंबर अपडेट होने के बाद अब जब तक आवेदक वन टाइम पासवर्ड नहीं बताएगा तब तक किसी भी प्रकार के आवेदन पर कार्रवाई पूरी नहीं मानी जाएगी।

सुनहरा मौका! मध्य प्रदेश में मिलेगी मात्र 1 रुपए/㎡ जमीन, सरकार ने दी 2100 करोड़ प्रोजेक्ट को हरी झंडी

धार  मध्य प्रदेश के धार जिले में बन रहे पीएम मित्रा (मेगा इंटीग्रेटेड टेक्सटाइल रीजन एंड अपैरल) पार्क में बड़े निवेशकों को आकर्षित करने की प्रक्रिया तेज हो गई है। इसके लिए एमपीआइडीसी ने निवेशकों से 11 सितंबर तक प्लॉट लेने के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं।   दिल्ली में होगा निवेशकों के साथ इंटरैक्टिव सेशन सरकार ने 3 सितंबर को दिल्ली में निवेशकों के साथ इंटरैक्टिव सेशन आयोजित करने का निर्णय लिया है। इसमें उद्योग विभाग के अधिकारी निवेशकों को पार्क में निवेश की संभावनाओं, उद्योग नीति, इंसेंटिव और राज्य सरकार की ओर से दी जाने वाली सुविधाओं की जानकारी देंगे। संभावना है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी इस बैठक में निवेशकों से चर्चा करें। भूमि आवंटन की नई पॉलिसी पार्क के लिए अलग से भूमि आवंटन पॉलिसी जारी की गई है। इसके तहत 1 रुपए प्रति वर्ग मीटर के प्रीमियम पर प्लॉट का आवंटन किया जाएगा और 120 रुपए प्रति वर्ग फीट विकास शुल्क तय किया गया है। निवेश प्रस्ताव और आवेदन प्रक्रिया एमपीआइडीसी ने निवेश के लिए ऑनलाइन एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट की प्रक्रिया 11 सितंबर तक खोली है। इससे पहले करीब 35 निवेशकों ने ऑफलाइन 20 हजार करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव दिए थे। अब उन्हें भी पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन देने के लिए कहा गया है। आवेदन आने के बाद जमीन आवंटन की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। 2100 करोड़ के डेवलपमेंट प्लान को मंजूरी धार जिले के भैंसोला गांव में 2158 एकड़ में बन रहे इस पार्क के लिए केंद्र सरकार ने 2100 करोड़ रुपये के डेवलपमेंट प्लान को मंजूरी दी है। पार्क में 60 मीटर चौड़ी 6 लेन एप्रोच रोड, 220 किलोवाट लाइन, 20 एमएलडी वाटर सप्लाई, 60 और 45 मीटर चौड़ी आंतरिक सड़कें, अंडरग्राउंड केबल नेटवर्क, पार्किंग और लॉजिस्टिक बे विकसित किए जा रहे हैं। प्लग एंड प्ले यूनिट्स और आवास की सुविधा पार्क में प्लग एंड प्ले यूनिट्स का विकास किया जा रहा है ताकि कंपनियां तुरंत काम शुरू कर सकें। साथ ही यहां काम करने वाले लोगों के लिए पार्क के भीतर ही आवास की व्यवस्था की जाएगी, जिसमें विशेष रूप से महिलाओं के लिए सुविधाएं होंगी।

भोपाल : होम्योपैथी कॉलेज में शुरू हुई थायराइड व मोटापा विशेषज्ञ इकाई, मरीजों को मिलेगा लाभ

भोपाल  भोपाल स्थित शासकीय होम्योपैथिक चिकित्सा महाविद्यालय चिकित्सालय परिसर में आयुष मंत्रालय भारत सरकार के संयुक्त तत्वावधान में हाइपोथायरायडिज्म एवं ओबेसिटी के लिए विशेषज्ञ इकाई की स्थापना की गई है। इस इकाई की स्थापना का उद्देश्य, थायराइड ग्रंथि की अनियमितताएं और उससे होने वाले मोटापे में होम्योपैथी की कारगर दवाओं के माध्यम से अनुसंधान एवं उपचार किया जाना है। इस इकाई के लिए भारत सरकार के केंद्रीय होम्योपैथी अनुसंधान परिषद द्वारा विशेषज्ञ चिकित्सकों के अतिरिक्त सहायक चिकित्सकों एवं लैब विशेषज्ञों की एक टीम, स्थानीय होम्योपैथिक चिकित्सालय में उक्त कार्यों के लिए उपलब्ध है। यह इकाई थायराइड ग्रंथि की अनियमिताओं से उत्पन्न होने वाले रोगों के त्वरित उपचार एवं इन रोगों के कारण आने वाले दीर्घकालिक प्रभाव पर केंद्रित कार्य करेगी। यह इकाई प्रतिदिन प्रातः 10 से दोपहर एक बजे तक उक्त रोगियों के पंजीयन एवं उपचार की सेवाएं प्रदान करेगी। इसके लिए दूरभाष क्रमांक 0755 299 2972 पर समस्त जानकारी प्रतिदिन प्रातः 10 बजे से शाम 4 बजे तक उपलब्ध रहेगी। इच्छुक लाभार्थियों द्वारा अपना दूरभाष दिए जाने पर विशेषज्ञों द्वारा संपर्क किया जाएगा। समस्त उपचार शासकीय स्तर पर किया जाएगा। उपचार में होम्योपैथिक दवाओं के अतिरिक्त व्यायाम एवं आहार विशेषज्ञों द्वारा भी संपूर्ण स्वास्थ्य के लक्ष्य के साथ कार्य किया जाएगा। प्रधानाचार्य डॉ. एस.के. मिश्रा ने बताया कि प्रदेश में इस प्रकार की हाइपोथायरायडिज्म से जनित मोटापे की यह प्रथम विशेषज्ञ इकाई है, जो भारत सरकार के आयुष मंत्रालय के माध्यम से स्थापित मापदंडों पर कार्य करेगी। होम्योपैथी चिकित्सा पद्धति प्रकृति के सिद्धांतों के अनुरूप शरीर की रोग प्रतिकारक क्षमताओं को विकसित करके मनुष्य को दीर्घकालीन स्वास्थ्य एवं उच्च गुणवत्ता का जीवन प्रदान करती है। प्रायः रासायनिक दवाओं के उपयोग के पश्चात भी हाइपोथायरायडिज्म के मरीजों का वजन बढ़ता चला जाता है, जो भविष्य में हड्डियों एवं जोड़ों की गंभीर समस्याओं को जन्म देता है। होम्योपैथी चिकित्सा के माध्यम से हाइपोथाइरॉएडिज्म के मरीजों को उपचारित करके, इस प्रकार की जटिलताओं से बचाया जा सकता है और उनके भविष्य को सुरक्षित किया जा सकता है। नोडल अधिकारी डॉ. जूही गुप्ता ने बताया कि यह समस्या विशेषकर महिलाओं में अधिक देखने को मिलती है और समय रहते उपचार प्राप्त न करने के कारण 50 वर्ष के उपरांत महिलाएं हड्डियों और जोड़ों की समस्याओं से बहुत बड़ी संख्या में प्रभावित होती हैं। यदि समय रहते प्राकृतिक एवं होम्योपैथी उपचारों से इसका नियंत्रण किया जाए तो व्यक्ति दीर्घायु होने के साथ-साथ रासायनिक पदार्थ से दूर रहकर भी स्वस्थ रह सकता है। वास्तविकता यह है कि वर्तमान परिवेश में जीवन के सामान्य परिवर्तन जैसे गर्भावस्था में होने वाले सूक्ष्म हार्मोनल परिवर्तन को भी रोग मानकर उनके लिए रासायनिक उपचार प्रदान किए जाते हैं, जिसके कारण वह महिला पूरे जीवन रसायनों पर आश्रित हो जाती है और एक कुचक्र में फंस जाती है जिससे निकलना असंभव हो जाता है। इस कार्य का उद्देश्य है कि जिन लोगों में सामान्य परिवर्तन एवं होम्योपैथी दवा के साथ उपचार किया जा सकता है, उनके लिए एक विशेषज्ञ इकाई के माध्यम से, उन्हें जीवन यापन के लिए संपूर्ण ज्ञान प्रदान किया जाए। शासकीय होम्योपैथी चिकित्सालय के अतिरिक्त आयुष मंत्रालय भारत सरकार की संस्था द्वारा देश के पांच अन्य शहरों में इस प्रकार की विशेषज्ञ इकाई की स्थापना की गई है और इन संयुक्त प्रयासों से हाइपोथायरायडिज्म एवं उससे संबंधित मोटापे का कारगर उपाय एवं उपचार प्रदान करने की अद्वितीय पहल की गई है।  

छह साल बाद बदल रही MPCA की कार्यकारिणी, अध्यक्ष पद पर महाआर्यमन की ताजपोशी तय

इंदौर  मध्य प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन की नई कार्यकारिणी छह साल बाद बदलने जा रही है। इस बार सभी नए चेहर अलग-अगल पद संभालेंगे। पहली बार एमपीसीए अध्यक्ष पद पर सबसे कम उम्र के महाआर्यमन सिंधिया पद संभालेंगे। उनकी उम्र 29 साल है। उन्होंने अध्यक्ष पद के लिए नामांकन फार्म दाखिल किया। उन्हे इस पद पर अन्य किसी सदस्य ने चुनौती नहीं दी। वे सिंधिया परिवार की तीसरी पीढ़ी के रुप में इस पद की कमान संभालेंगे। वे वर्ष 2022 से ग्वालियर संभागीय क्रिकेट एसोसिएशन के उपाध्यक्ष भी है। 2 सितंबर को एसोसिएशन की वार्षिक साधारण सभा में कार्यकारिणी के नामों की घोषणा हो जाएगी। महाआर्यमन के अलावा कार्यकारिणी में उपाध्यक्ष पद पर विनीत सेठिया,सचिव सुधीर असनानी, कोषाध्यक्ष संजय दुआ भी लगभग तय है। कार्यकारिणी सदस्य में राजीव रिसोडकर, प्रसुन कनमड़ीकरण, विजेस राणा व संध्या अग्रवाल के नाम भी तय हैं। कोषाध्यक्ष बनने वाले संजय दुआ के पिता नरेंद्र दुआ और भाई एमपीसीए के सदस्य हैं। उपाध्यक्ष के पद पर काबिज होने वाले विनित सेठिया के पिता महेंद्र सेठिया भी एमपीसीए के सदस्य रहे हैं। नई कार्याकारिणी के बाद स्टेडियम में होंगे महिला वर्ल्ड कप मैच एमपीसीए की नई कार्यकारिणी घोषित होने के बाद इंदौर के होलकर स्टेडियम में महिला वर्ल्ड कप के छह से ज्यादा मैच होंगे। पिछली कार्यकारिणी के दौरान भी इंदौर स्टेडियम को आईपीएल मैच मिले, लेकिन टिकट और प्राॅपर्टी टैक्स को लेकर एसोसिएशन के नगर निगम अफसरों से विवाद भी हुए। अब कार्यकारिणी के सामने भी अंतरर्राष्ट्रीय स्तर के मैच कराना चुनौती भरा होगा।