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हमारा स्वाभिमान है स्वदेशी उत्पाद, हमारी संस्कृति ही हमें जोड़ती है स्वदेशी भाव से: CM यादव

स्वदेशी उत्पादों का उपयोग है सच्ची राष्ट्रसेवा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव हमारा स्वाभिमान है स्वदेशी उत्पाद हमारी संस्कृति ही हमें जोड़ती है स्वदेशी भाव से स्वदेशी अभियान के पोस्टर एवं जन अभियान परिषद के ब्रोशर का किया विमोचन जनअभियान परिषद और स्वदेशी जागरण मंच के मध्य हुआ एमओयू स्वदेशी से जुड़े रहने के संकल्प के तहत सभी ने ली शपथ मुख्यमंत्री ने किया स्वदेशी से स्वावलंबन विषय पर एक दिवसीय राज्य स्तरीय संगोष्ठी का शुभारंभ भोपाल  मुख्यमंत्री एवं जनअभियान परिषद के अध्यक्ष डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि स्वदेशी वस्तुएं केवल उत्पाद ही नहीं, बल्कि हमारी राष्ट्रीय अस्मिता, धरोहर और हमारे मान-सम्मान का प्रतीक हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा शुरू किया गया "वोकल फॉर लोकल" अभियान भारतीयता की इसी भावना को आगे बढ़ाने का माध्यम है। हमारे देशी उत्पाद न केवल विदेशी उत्पादों से अधिक मजबूत, किफायती और गुणवत्तायुक्त हैं, बल्कि इन्हें खरीदने पर हमें अधिकतम लाभ भी मिला है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेशवासियों से आत्मीय आह्वान किया कि हर भारतीय नागरिक को न केवल स्वयं स्वदेशी उत्पादों का उपयोग करना चाहिए, बल्कि अपने आसपास के लोगों को भी इसके लिए प्रेरित करना चाहिए। यही देश प्रेम हमारी अर्थव्यवस्था को मजबूती देगा। स्वदेशी भावना ही सच्ची राष्ट्रसेवा का सहज मार्ग है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शनिवार को कुशाभाऊ ठाकरे अंतर्राष्ट्रीय सभागार में जनअभियान परिषद और स्वदेशी जागरण मंच के संयुक्त तत्वावधान में 'स्वदेशी से स्वावलंबन' विषय पर आयोजित राज्य स्तरीय संगोष्ठी को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव व अन्य अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलन एवं भारत माता के चित्र पर पुष्पांजलि कर इस एक दिवसीय संगोष्ठी का विधिवत् शुभारंभ किया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जनअभियान परिषद द्वारा स्वदेशी अभियान के लिए तैयार किए गए पोस्टर एवं ब्रोशर का भी विमोचन किया। इस ब्रोशर में स्वदेशी वस्तुओं की सूची दी गई है। कार्यक्रम में जन अभियान परिषद और स्वदेशी जागरण मंच के मध्य स्वदेशी उत्पादों के प्रचार-प्रसार की जनजागृति के लिए एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की उपस्थिति में इस एमओयू का दोनों संगठनों द्वारा परस्पर आदान-प्रदान भी किया गया। कार्यक्रम का आरंभ वंदे मातरम् गायन के साथ हुआ। आरंभ में आयोजकों द्वारा मुख्यमंत्री डॉ. यादव का तुलसी का पौधा भेंटकर स्वागत किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में केन्द्र सरकार द्वारा आत्मनिर्भर और समृद्ध भारत के निर्माण की दिशा में विभिन्न कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि स्वदेशी वस्तुओं का अधिकाधिक उपयोग ही देश के प्रति प्रेम और सच्ची राष्ट्र सेवा है। हम सभी को अपने जीवन में देशी उत्पादों का उपयोग बढ़ाने और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करना चाहिए। मुख्यमंत्री ने स्वदेशी भाव से सदैव जुड़े रहने के संकल्प के तहत कार्यक्रम में उपस्थित सभी को स्वदेशी उत्पादों का ही उपयोग करने की शपथ दिलाई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेशवासियों को 'राष्ट्रीय लघु उद्योग दिवस' की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि लघु उद्योगों से ही हमारी अर्थव्यवस्था कायम है। भारतीय वस्तुओं और भारतीय तकनीक की विश्व में धूम मची है। वैश्विक स्तर पर हमारे देश में निर्मित वस्तुओं की मांग बढ़ी है। यह वैश्विक मांग हमारे राष्ट्रीय स्वाभिमान भाव को और पोषित करती है। उन्होंने कहा कि पूरा राष्ट्र स्वदेशी के प्रति वैचारिक रूप से प्रतिबद्ध है। हमारी संस्कृति ही हमें स्वदेशी का भाव सिखाती है। हम देशी वस्तुओं के प्रति अपने अंर्तमन से जुड़े हुए हैं। यह भावना ही स्वदेशी उत्पादों को और बेहतर स्वरूप देने की प्रेरणा देती है। उन्होंने कहा कि जन अभियान परिषद और स्वदेशी जागरण मंच दोनों का लक्ष्य एक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि राज्य सरकार ने प्रदेश में धार्मिक, आध्यात्मिक और वन पर्यटन बढ़ाने की दिशा में ठोस काम किए हैं। महाकाल लोक के निर्माण के बाद वर्ष 2024 में 7 करोड़ से अधिक श्रद्धालु उज्जैन आए। हम हर सेक्टर में आगे बढ़ रहे हैं। पर्यटन के अलावा हम एमएसएमई यानि छोटे उद्योग और खनन क्षेत्र में निहित संभावनाओं को तलाशने के लिए प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों में कॉन्क्लेव कर रहे हैं। ग्वालियर में रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव आयोजित की गई है। यह क्रम आगे भी जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि हम प्रदेश में रोजगारपरक उद्योग स्थापित करने वाले उद्योगपतियों और निवेशकों को किफायती दरों पर भूमि, बिजली, पानी के साथ-साथ प्रति श्रमिक 5 हजार रूपए प्रोत्साहन राशि भी दे रहे हैं। इससे प्रदेश में नए उद्योग-धंधे लगेंगे, जिसका सीधा लाभ मध्यप्रदेश के निवासियों को मिलेगा। कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री डॉ. यादव को स्मृति चिन्ह के रूप में मिट्टी के गणेश की प्रतिमा भेंट की गई। संगोष्ठी में बैतूल विधायक एवं प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि स्वदेशी एक बड़ा विषय है। राज्य सरकार स्वदेशी के प्रति जागरूकता और स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ रही है। हम सभी अपने मानस में, अपने आचरण में स्वदेशी भाव लाएं, तभी हमारा देश विकसित और समृद्ध बनेगा। हम अपनी संस्कृति और धरोहर को बचाए रखें और सरकार के स्वदेशी भाव से जुड़े हर काम, हर अभियान में सहयोगी बनें। उन्होंने कहा कि हम सभी मिलकर जागृति लाएंगे, तभी तो स्वदेशी की भावना हर नागरिक तक पहुंचेगी। जन अभियान परिषद के उपाध्यक्ष मोहन नागर ने कहा कि यह राज्य स्तरीय संगोष्ठी स्वदेशी जागरण मंच के सहयोग से आयोजित की गई है। दोनों संगठन स्वदेशी के प्रति जागृति लाने के लिए प्राण-प्रण से जुटे हैं। उन्होंने बताया कि आगामी 25 सितम्बर से 02 अक्टूबर 2025 तक जनअभियान परिषद 'स्वदेशी जागरण सप्ताह' मनाएगा। हम इसे जन-जन का अभियान बनाएंगे। उन्होंने बताया कि हम सरकार के हर अभियान को प्रदेश के हर नागरिक तक पहुंचाने का काम कर रहे हैं। विगत 30 मार्च से 30 जून तक चले 'जल गंगा संवर्धन अभियान' में जन अभियान परिषद ने 40 लाख लोगों की सहभागिता कराई। 'एक पेड़ मां के नाम अभियान' के तहत जन अभियान परिषद ने 17 लाख से अधिक पौधे रोपने में मदद की और करीब 1.5 लाख से अधिक महिलाओं को इस अभियान से जोड़ा। उन्होंने बताया कि पर्यावरण संरक्षण के लिए हम मिट्टी के गणेश की स्थापना के लिए लक्षित होकर काम कर रहे हैं। इस वर्ष के गणेशोत्सव में हमने प्रदेश के 10 लाख से अधिक घरों में … Read more

किसानों की खुशखबरी: पन्ना में 4.90 कैरेट का हीरा, जल्द होगी नीलामी

पन्ना हीरों की नगरी पन्ना एक बार फिर चर्चा में है. शुक्रवार को 4 किसान हीरा कार्यालय पहुंचे. उनके चेहरे हीरे की तरह चमक रहे थे क्योंकि उन्हें अपने खेत में नायाब और बेशकीमती हीरा मिला था. जिसकी कीमत लाखों में आंकी गई. सभी किसान अब अपने-अपने सपने को पूरा करने की प्लानिंग बना रहे हैं. बता दें कि 4 किसानों ने अपने खेत में हीरा खोदने की अनुमति ली थी. हीरा मिलते ही खिल उठे किसानों के चेहरे दरअसल, ग्राम जरुआपुर में 4 पार्टनर दिलीप मिस्त्री, अभिलाष कुल्लू, प्रकाश मजूमदार और किशोर सरदार ने मिलकर हीरे की एक खदान ली थी. इस खदान में वे 4 महीने से लगातार हीरे खोज रहे थे. शुक्रवार को खुदाई के दौरान उन्हें एक बेशकीमती हीरा दिखा. हीरा देख किसानों के चेहरे खिल उठे. उनके चेहरे पर एक चमक दिखाई दे रही थी. वे उसे जमा कराने तत्काल हीरा कार्यालय पहुंचे. 10 लाख आंकी जा रही है हीरे की कीमत सभी किसान, पन्ना के हीरा कार्यालय पहुंचे. जहां, बताया गया कि यह हीरा अच्छी क्वालिटी का है और साफ और चमकदार दिखाई दे रहा है. बताया गया कि इस हीरे को जेम्स क्वालिटी का हीरा कहा जाता है. दिलीप मिस्त्री ने अपने नाम से डायमंड को हीरा कार्यालय में जमा कराया. जब उसे चेक किया गया तो हीरा करीब 4.90 कैरेट का निकला. जिसकी अनुमानित कीमत करीब 10 लाख रुपए बताई जा रही है. पहली बार हीरा पाकर किसान खुश बेशकीमती हीरा मिलने के बाद किसानों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा. अभिलाष कुल्लू बताते हैं कि "दिलीप मिस्त्री और प्रकाश मजूमदार को पहले भी कई हीरे मिल चुके हैं. लेकिन मैं पहली बार हीरे के खदान में पार्टनर बना था और यह पहली बार है जब मुझे हीरा मिला है. इससे मुझे बहुत ज्यादा खुशी है. इस हीरे से जो भी पैसे मुझे मिलेंगे उससे मैं और हीरे की खदान लगाएंगे." वहीं, दूसरे खदान के पार्टनर्स ने कहा कि वे अपने बिजनेस को बड़ा करेंगे और खेत-खलिहान में भी इस पैसे को लगाएंगे. आगामी नीलामी में होगी हीरे की होगी बिक्री प्रकाश मजूमदार बताते हैं कि "इस खदान में पहले भी कई हीरे मिले हैं, जिसे हीरा कार्यालय में जमा किया गया है. शुक्रवार को भी एक अच्छी क्वालिटी का हीरा मिला है. इससे बहुत खुशी हो रही है. इसे आगामी नीलामी में बिक्री के लिए रखा जाएगा. इसकी जो भी धनराशि मिलेगी, सभी पार्टनर बराबर बराबर बांट लेंगे और अपने-अपने काम धंधे में लगाएंगे." बेशकीमती हीरे ने इन किसानों के किस्मत खोल दी है. आगामी नीलामी में हीरे की बिक्री जाएगी. जिसके बाद किसानों को इसके पैसे दिए जाएंगे और किसान अपने मन में सजाए सभी सपने पूरे कर सकेंगे. 

AI से झूठ पकड़ेगा, जबलपुर इंजीनियरिंग छात्रों का स्टार्टअप और ई-कॉमर्स आइडिया चर्चा में

जबलपुर  सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेज में कैंपस टायकून 3.0 का आयोजन किया गया. इसमें इंजीनियरिंग से जुड़े हुए छात्रों ने ऐसे शानदार बिजनेस मॉडल पेश किए, जिन पर यदि काम किया जाए तो वह किसी को भी करोड़पति बना सकता है. वहीं, इन छात्रों के सबसे अच्छे आइडिया आगे आईआईटी में भेजे जाते हैं और इन्हें सरकारी योजनाओं के जरिए फायदा पहुंचाने की कोशिश की जाती है. छात्रों ने दिए सफल स्टार्टअप के शानदार आइडिया जबलपुर गवर्नमेंट इंजीनियरिंग कॉलेज में शार्क टैंक की तर्ज पर कैंपस टायकून नाम का आयोजन किया जाता है. इसमें छात्र-छात्राएं अपने बिजनेस आइडिया शेयर करते हैं. इन बिजनेस आइडिया को कैसे आगे बढ़ाया जाए इसके लिए उसके जानकार छात्रों की मदद करते हैं. शुक्रवार को कॉलेज में कैंपस टायकून के कार्यक्रम का आयोजन हुआ. जिसमें ऐसे कई शानदार आइडिया आए जो सफल स्टार्टअप हो सकते हैं. लाइ डिटेक्टर विथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस बुरहानुद्दीन बैंक वाला जबलपुर सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेज के एआई डिपार्टमेंट के छात्र हैं. अभी उनकी पढ़ाई चल ही रही है लेकिन उनके दिमाग में एक ऐसा आइडिया आया है, जो पुलिस और सेना में काम करने वाले अधिकारियों के लिए फायदे का हो सकता है. बुरहानुद्दीन ने एक ऐसे सॉफ्टवेयर की कल्पना की है, जिसमें किसी अपराधी से सच उगलवाया जा सकता है. इसके लिए बॉडी सेंसिटिव कैमरे और मेडिकल इक्विपमेंट को एक कंप्यूटर से जोड़ा जाएगा और इन पर आने वाली रीडिंग एक सॉफ्टवेयर रीड करेगा. यह सॉफ्टवेयर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के आधार पर बनाया गया है. इसमें बुरहानुद्दीन का दावा है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित इस लाइ डिटेक्टर सिस्टम से किसी भी शातिर से शातिर अपराधी का मुंह खुलवाया जा सकेगा और इसमें उन्हें थर्ड डिग्री भी नहीं देनी होगी. अपराधी यदि झूठ बोलेगा तो तुरंत पकड़ा जाएगा इसमें वे 100 पैरामीटर शामिल करने वाले हैं जिन पर ये सिस्टम निगाह रखेगा. बुरहानुद्दीन का कहना है कि "यह सिस्टम सेना और पुलिस के लिए बहुत काम का हो सकता है" एंटरटेनिंग ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म इसी तरह कॉलेज के छात्र आशीष कुमार झा और उनके साथियों ने अनुभव किया था कि ई-कॉमर्स वेबसाइट पर जब तक किसी को जरूरत नहीं होती तब तक उन्हें कोई नहीं खोलता. ज्यादातर लोग अपना समय सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर बिताते हैं. इसलिए आशीष कुमार झा और उनकी टीम ने एक ऐसा प्लेटफॉर्म बनाया है, जिसमें सेलर एंटरटेनमेंट तरीके से कंटेंट बनाएगा और उनके प्लेटफार्म पर कंटेंट शेयर किया जाएगा. यदि किसी को कोई सामान खरीदना है तो उसे किसी दूसरी वेबसाइट पर जाने की जरूरत नहीं होगी. वह डायरेक्ट इसी वेबसाइट से सामान खरीद सकेगा. कैंपस टायकून का आयोजन आशीष कुमार झा कहते हैं कि "अभी तक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म अलग है और ई-कॉमर्स बिज़नेस अलग है. यदि इन दोनों को एक साथ जोड़कर एक प्लेटफार्म बनाया जाएगा तो ई-कॉमर्स को बढ़ाया जा सकता है और यह एंटरटेनिंग भी होगा." आशीष झा और उनकी टीम ने इस प्लेटफार्म को तैयार भी कर लिया है. इन लोगों का कहना है कि "अभी हमारे वेबसाइट पर 50 यूजर हैं लेकिन यदि इस सिस्टम को उन्हें और बड़ा करना है तो इसमें इन्वेस्टमेंट की जरूरत है. यदि कोई इन्वेस्टर उनके इस सिस्टम में पैसा लगा देता है तो इंटरनेट पर एक नया प्लेटफार्म तैयार हो जाएगा, जो मौजूदा ई-कॉमर्स वेबसाइट से बिल्कुल हटकर होगा." छात्रों ने दिए कई सफल और गजब के आइडिया गवर्नमेंट इंजीनियरिंग कॉलेज के कंप्यूटर एंड साइंस के हेड ऑफ द डिपार्टमेंट जितेंद्र सिंह ठाकुर ने बताया कि "कैंपस टायकून एक अनोखा आयोजन है. यह तीसरा मौका है जब हमने यह आयोजन करवाया है. इस कार्यक्रम में हिस्सा लेने वाले छात्र गजब के आइडिया लेकर आते हैं. अब तक ऐसे कई आइडिया आए हैं जिन्हें हमने मदद की है. कुछ ऐसे आइडिया भी है, जिन्हें विकसित करने पर काम चल रहा है. हमने कुछ आइडियाज आईआईटी को भी भेजा है." 'स्टार्टअप को मिलेगी हर जरूरी मदद' गवर्नमेंट इंजीनियरिंग कॉलेज की फोर्थ ईयर स्टूडेंट और आयोजक शशांक भार्गव का कहना है कि "इससे पहले भी इंजीनियरिंग कॉलेज में कैंपस टायकून का आयोजन करवाया गया है. इस कार्यक्रम में छात्रों के आइडिया पर सवाल जवाब होता है और सवाल जवाब करने के लिए हमारी टीम एक्सपर्ट्स को बुलाती है, जिन्हें व्यापार की समझ है. इसमें कुछ लोग मनोविज्ञान से जुड़े होते हैं, कुछ व्यापार से जुड़े होते हैं और कुछ तकनीकी ज्ञान रखते हैं. यही लोग मिलकर यह तय करते हैं कि कौन सा आइडिया सबसे बेहतर है, जिसे इनक्यूबेट किया जा सकता है." 'नए स्टार्टअप खोजने का बेहतरीन तरीका' व्यापार के क्षेत्र से जुड़ी प्रीति चौधरी का कहना है कि "कैंपस टायकून नए स्टार्टअप को खोजने का बड़ा अच्छा तरीका है. कॉलेज के छात्र-छात्राओं में गजब के आइडिया हैं. यदि इन्हें इसी स्तर पर शासन की योजनाओं से जोड़कर मदद दे दी जाए तो इसके जरिए नए उद्योगपति खड़े किए जा सकते हैं."  कैंपस टायकून के इस आयोजन में ऐसे कई नए और शानदार आइडिया आए, जिन्हें इंजीनियरिंग के प्रथम वर्ष के छात्रों ने रखा. यदि इन पर थोड़ा-थोड़ा काम किया जाए तो यह बेहतरीन बिजनेस आइडिया हो सकते हैं, जो कामयाब व्यापार खड़ा कर सकता है. इस तरह के आयोजन हर कॉलेज में होना चाहिए. हमारे बीच में कई ऐसे छात्र हो सकते हैं, जिनके पास व्यापार और कारोबार के नए तरीके हों. यदि इन्हें विकसित किया जाएगा तो देश को कई नए स्टार्टअप मिल सकते हैं. इससे देश आर्थिक तरक्की कर सकता है और बेरोजगारी खत्म हो सकती है.

15 दिन में तीसरी बड़ी कार्रवाई, भोपाल पहुंची भारी मात्रा में ड्रग्स बरामद, युगांडा की महिला तस्कर ट्रेन में पकड़ाई

भोपाल  राजधानी भोपाल के मुख्य भोपाल रेलवे स्टेशन पर एक बार फिर नशे का बड़ा जखीरा पकड़ाया है। यह कार्रवाई डायरेक्टोरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस की भोपाल यूनिट द्वारा गुरुवार को की गई है। इस मामले में हैरानी की बात ये है कि, नशे की ये खेप कोई भारतीय तस्कर नहीं, बल्कि युगांडा की रहने वाली विदेशी महिला के पास पकड़ाई है। आरोपी महिला के पास 4 करोड़ का कोकीन और क्रिस्टल मेथ मिला है। ये भी बता दें कि, डीआरआई की भोपाल में बीते 15 दिनों के दौरान ये तीसरी बड़ी कार्रवाई है। मिली जानकारी के अनुसार, आरोपी महिला गाड़ी नंबर 11051 अमृतसर-सीएसटीएम एक्सप्रेस ट्रेन में सवार होकर दिल्ली से मुंबई जा रही थी। डीआरआई ने ट्रेन के एसी कोच में सफर कर रही महिला को हिरासत में लिया है। रेलवे सुरक्षा बल के साथ गुरुवार (28 अगस्त) सुबह 9.30 बजे भोपाल स्टेशन पर युगांडा की महिला नाबायुंगा जरिया को उतार लिया। सामान की जांच करने पर उसके पास 147 ग्राम कोकीन और 370 ग्राम क्रिस्टल मेथ बरामद हुआ है। फिलहाल, टीम ने नशे का इतना बड़ा जखीरा जब्त कर महिला के खिलाफ आगे की कार्रवाई शुरु कर दी है। युगांडा की है महिला  गिरफ्तार की गई महिला की पहचान नाबायुंगा जरिया के रूप में हुई है, जो युगांडा की नागरिक है, वह ट्रेन के एसी कोच में सफर कर रही थी और दिल्ली से मुंबई की तरफ जा रही थी. जानकारी के बाद डीआरआई की टीम ने भोपाल स्टेशन पर ट्रेन को इंटरसेप्ट किया और महिला के सामान की तलाशी ली. इस दौरान एक बैग से क्रिस्टल मेथ बरामद हुई, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत लगभग 4 करोड़ रुपए बताई जा रही है, जिसके बाद महिला को हिरासत में लिया गया है, वहीं उससे पूछताछ शुरू हो गई है. बता दें कि हाल फिलहाल में भोपाल में ड्रग्स से जुड़े कई कनेक्शन सामने आ चुके हैं.  DRI की 15 दिन के अंदर भोपाल में यह तीसरी बड़ी कार्रवाई है। इससे पहले 16 अगस्त को जगदीशपुर इलाके में एक फैक्ट्री का भंडाफोड़ कर 92 करोड़ की मेफेड्रोन जब्त की थी। इसके चार दिन बाद राजधानी एक्सप्रेस से दो तस्करों को गिरफ्तार कर लगभग 24 करोड़ का हाइड्रोपोनिक वीड (गांजा) जब्त किया था। डीआरआई को मिली थी गोपनीय सूचना डीआरआई के असिस्टेंट डायरेक्टर उत्सव पाराशर को गोपनीय सूचना मिली थी कि दिल्ली से मुंबई जा रही ट्रेन अमृतसर-सीएसटीएम एक्सप्रेस में एक विदेशी महिला के पास नशे का जखीरा है। इसके बाद टीम ने रेलवे सुरक्षा बल के साथ गुरुवार (28 अगस्त) सुबह 9.30 बजे भोपाल स्टेशन पर युगांडा की महिला नाबायुंगा जरिया को उतार लिया। सामान की जांच की तो उसमें से 147 ग्राम कोकीन और 370 ग्राम क्रिस्टल मेथ मिला। महिला इन मादक पदार्थों को मुबंई लेकर जा रही थी। उसने बताया कि वह नशे की खेप पहुंचाने का काम करती है। डीआरआई अब आरोपी नाबायुंगा से पूछताछ कर इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों के नाम पता लगाने में जुटी है। बेहद नशीला होता है क्रिस्टल मेथ मादक पदार्थ क्रिस्टल मेथ को आइस या ग्लास भी कहा जाता है। यह अत्यधिक नशीला और खतरनाक सिंथेटिक पदार्थ है। क्रिस्टल मेथ को लिथियम, एसिड और आयोडीन जैसे खतरनाक पदार्थों के साथ मिलाकर बनाया जाता है। क्रिस्टल मेथ अन्य अवैध पदार्थों की तुलना में अधिक हानिकारक है, क्योंकि यह तेजी से किसी को भी नशे का आदी बना लेता है। नशा करने वाले इसका उपयोग सिगरेट, इंजेक्शन या सूंघ कर करते हैं। इसके इस्तेमाल से अनिद्रा जैसे गंभीर रोगों के साथ शरीर और मस्तिष्क पर विनाशकारी प्रभाव होता है, जो जानलेवा भी हो सकता है।   15 दिन में तीसरी बड़ी कार्रवाई आपको बता दें कि, डीआरआई ने राजधानी भोपाल में बीते 15 दिनों के दौरान तीसरी बड़ी कार्रवाई की है। इससे पहले 16 अगस्त को जगदीशपुर (इस्लामनगर) इलाके में एक फैक्ट्री का भंडाफोड़ कर 92 करोड़ की मेफेड्रोन जब्त की थी। इसके चार दिन बाद राजधानी एक्सप्रेस से दो तस्करों को गिरफ्तार कर लगभग 24 करोड़ का गांजा जब्त किया था।

महाकाल आरती बुकिंग अपडेट: अग्रिम सीट पाने के लिए जानें जरूरी नियम

 उज्जैन महाकाल मंदिर की भस्म आरती दर्शन व्यवस्था में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। अब भक्तों को भस्म आरती बुकिंग के साथ ही यह ज्ञात हो जाएगा कि उन्हें आरती के दौरान कहां बैठना है। मंदिर समिति (Mahakal Mandir Ujjain) श्रद्धालुओं को वर्चअल अनुमति के साथ नंबर भी जारी करेगी। अभी भक्तों को यह पता नहीं होता है कि उन्हें कहां बैठाया जाएगा। नई व्यवस्था को लेकर तैयारी जारी है। ज्योतिर्लिंग महाकाल (Mahakaleshwar Jyotirlinga) मंदिर में प्रतिदिन तड़के चार बजे भगवान महाकाल की भस्म आरती होती है। मंदिर समिति द्वारा प्रतिदिन 1700 भक्तों को भस्म आरती दर्शन की अनुमति दी जाती है। भस्म आरती दर्शन के लिए भक्तों को नंदी, गणेश व कार्तिकेय मंडपम् में बैठाया जाता है। भक्तों को यह नहीं पता होता है कि उन्हें कहां बैठाया जाएगा। प्रचलित व्यवस्था अनेक अवसरों पर विवाद का कारण बनती है। पहले आवेदन करने पर मिलेगी आगे की जगह आए दिन धक्का-मुक्की भी होती है। मंदिर में प्रवेश करने के बाद कई भक्त आगे बैठने को लेकर विवाद करने लगते हैं। भस्म आरती की नई दर्शन व्यवस्था प्रथम आओ प्रथम पाओ के आधार पर रहेगी। पहले आवेदन करने वाले अग्रिम पंक्ति में बैठ सकेंगे। यह व्यवस्था इस मिथक को पूरी तरह तोड़ देगी कि वीवीआईपी ही सबसे आगे बैठकर भस्म आरती दर्शन करते हैं। श्रद्धालुओं को पता लग जाएगा कि कहां बैठना है     भस्म आरती दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं के लिए स्थान तय करने की व्यवस्था बना रहे हैं। दर्शन बुकिंग के साथ ही श्रद्धालुओं को यह भी पता लग जाएगा कि उन्हें कहां बैठना है। व्यवस्था को लेकर तैयारियां जारी हैं। मंदिर में अन्य तकनीकी नवाचार भी कर रहे हैं। – रौशन कुमार सिंह, कलेक्टर, उज्जैन।  

इंदौर और भोपाल में भी बादलों की दस्तक, मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में भारी बारिश की चेतावनी

भोपाल मध्यप्रदेश में बारिश के दो स्ट्रांग सिस्टम एक्टिव होने की वजह से कई दिनों में तेज बारिश का दौर चल रहा है। शनिवार को इंदौर, नर्मदापुरम और जबलपुर संभाग के 19 में से 12 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट है।आलीराजपुर, धार, बड़वानी, खरगोन, बुरहानपुर, खंडवा, हरदा, नर्मदापुरम, बैतूल, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा और पांढुर्णा में अगले 24 घंटे में ढाई से साढ़े 4 इंच तक पानी गिर सकता है। मौसम विभाग ने अगले तीन दिन तक बारिश का अलर्ट जारी किया है। इसलिए हो रही तेज बारिश  मौसम विभाग की सीनियर वैज्ञानिक ने बताया कि प्रदेश से एक मानसून ट्रफ गुजर रही है। वहीं, एक अन्य ट्रफ और एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम भी एक्टिव है। इस वजह से शुक्रवार को कई जिलों में बारिश का दौर बना रहा। शनिवार को भी बारिश का सिस्टम एक्टिव रहेगा।प्रदेश में शुक्रवार को बारिश का दौर बना रहा। सिवनी और इंदौर में आधा इंच पानी गिर गया। वहीं, नर्मदापुरम, पचमढ़ी, इटारसी-पिपरिया, धार के पीथमपुर, बैतूल, टीकमगढ़ में भी बारिश हुई। प्रदेश में अब तक 36.5 इंच बारिश प्रदेश में अब तक औसत 36.5 इंच बारिश हो चुकी है। अब तक 30 इंच पानी गिरना था। इस हिसाब से 6.5 इंच पानी ज्यादा गिर चुका है। 0.5 इंच बारिश होते ही इस बार भी बारिश का कोटा फुल हो जाएगा। पिछली बार 44 इंच से ज्यादा पानी गिरा था। इस बार बारिश के मामले में गुना सबसे बेहतर है। यहां औसत 54.5 इंच पानी गिर चुका है। वहीं, मंडला में 53.8 इंच बारिश हुई है। अशोकनगर में 50.9 इंच, शिवपुरी में 50.7 इंच और श्योपुर में 50.3 इंच बारिश हुई है।वहीं, सबसे कम बारिश वाले 5 जिलों में सभी इंदौर संभाग के हैं। इंदौर सबसे आखिरी में है। यहां अब तक औसत 18.7 इंच बारिश हुई है। बुरहानपुर में 22.7 इंच, खरगोन में 19.8 इंच, खंडवा में 21.5 इंच और बड़वानी में 21.4 इंच पानी गिरा है। शुक्रवार को सुबह साढ़े आठ बजे से शाम साढ़े पांच बजे तक रतलाम में 16, सिवनी में 13, इंदौर में 11, नर्मदापुरम में आठ, बैतूल में चार, पचमढ़ी एवं टीकमगढ़ में दो-दो मिलीमीटर बारिश हुई। मध्य प्रदेश के 16 जिलों भोपाल, रायसेन, राजगढ़, सीहोर, विदिशा, हरदा, नर्मदापुरम, बैतूल, इंदौर, धार, झाबुआ, अलीराजपुर, बड़वानी, खरगोन, बुरहानपुर और खंडवा में आज कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है। यहां बना हुआ है चक्रवात मौसम विज्ञान केंद्र से मिली जानकारी के मुताबिक मानसून द्रोणिका वर्तमान में बीकानेर, कोटा, गुना, दमोह, पेंड्रा रोड, संबलपुर, पुरी से होकर बंगाल की खाड़ी तक बनी हुई है। विदर्भ और उसके आसपास हवा के ऊपरी भाग में चक्रवात मौजूद है। दक्षिणी छत्तीसगढ़ से उत्तरी केरल तक एक द्रोणिका बनी हुई है, जो विदर्भ पर बने से चक्रवात एवं आंतरिक कर्नाटक से होकर जा रही है। तीन-चार दिन तक बना रहेगा बारिश का सिलसिला मौसम विशेषज्ञ अजय शुक्ला ने बताया कि अलग-अलग स्थानों पर बनी मौसम प्रणालियों के प्रभाव से बंगाल की खाड़ी एवं अरब सागर से नमी आ रही है। इस वजह से रुक-रुककर बारिश हो रही हैं। प्रदेश के विभिन्न शहरों में हल्की से मध्यम बारिश का सिलसिला तीन-चार दिन तक बना रह सकता है। उधर पिछले 24 घंटों के दौरान शुक्रवार सुबह साढ़े आठ बजे तक रायसेन में 44.8, छिंदवाड़ा में 29.8, मलाजखंड में 26.2, पचमढ़ी में 23, मंडला में 15.7, इंदौर में 13.8, खंडवा में 13, भोपाल में 10.6, बैतूल में 9.2, खजुराहो में 2.2, रतलाम में दो, उमरिया में 1.6, दमोह एवं नरसिंहपुर में एक-एक मिमी. बारिश हुई।

रीवा के युवक ने लगाई याचिका, ऑनलाइन गेम्स कानून की वैधता होगी हाईकोर्ट में परखी

जबलपुर  केंद्र सरकार कानून बनाकर ऑनलाइन गेमिंग पर प्रतिबंध लगाने की तैयारी कर रही है। जिसे मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है। रीवा के पुष्पेंद्र सिंह ने याचिका दायर कर कहा है कि इस तरह का कानून लाकर मौलिक अधिकारों का हनन किया जा रहा है। चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सराफ की डिवीजन बेंच ने शुक्रवार को इस मामले में सुनवाई करते हुए केस को अगले सप्ताह के लिए सूचीबद्ध किया है। बता दें कि इससे पहले कई राज्यों में ऑनलाइन गेमिंग कानून को लेकर याचिका दायर की गई हैं। पुष्पेंद्र सिंह रीवा की क्लबूबम 11 स्पोर्ट्स एंड एंटरटेनमेंट प्राइवेट लिमिटेड के सीईओ हैं। याचिका में उन्होंने बताया है कि केंद्र सरकार 22 अगस्त को ऑनलाइन गेमिंग कानून लाई है, जिस पर सवाल उठ रहे हैं। कंपनी का तर्क है कि फेंटेसी स्पोर्ट्स को सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट पहले ही कौशल आधारित खेल मानकर वैध ठहरा चुके हैं। इसके बाद भी सरकार का नया कानून युवा और कौशल आधारित खेलों के बीच का फर्क खत्म करके पूरे उद्योग को अवैध बता रहा है, जो अवैधानिक है। राष्ट्रपति की मंजूरी मिल चुकी है 22 अगस्त को ऑनलाइन गेमिंग बिल 2025 को राष्ट्रपति की मंजूरी मिल चुकी है। अब ये कानून बन गया है। 21 अगस्त को राज्यसभा और उससे एक दिन पहले लोकसभा ने प्रमोशन एंड रेगुलेशन ऑफ ऑनलाइन गेमिंग बिल 2025 को मंजूरी दी थी। इस बिल को इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने पेश किया था। नया कानून मौलिक अधिकार का हनन पुष्पेंद्र सिंह का कहना है कि ये कानून उन गेम्स को भी बैन करता है, जो स्किल-बेस्ड हैं, जैसे रमी और पोकर। भारत में पिछले 70 सालों से सुप्रीम कोर्ट और कई हाई कोर्ट ने स्किल-बेस्ड गेम्स को गैंबलिंग से अलग माना है।     ये कानून व्यापार करने के मौलिक अधिकार का हनन करता है।     कानून स्किल-बेस्ड और चांस-बेस्ड गेम्स में कोई अंतर नहीं करता।     इस बैन से गेमिंग इंडस्ट्री को भारी नुकसान होगा। लाखों नौकरियां खतरे में हैं।     बैन से लोग अवैध ऑफशोर प्लेटफॉर्म्स की ओर जाएंगे, जहां कोई रेगुलेशन नहीं होता। इंडस्ट्री पर क्या असर पड़ेगा ? इस कानून के आने के बाद ड्रीम11, गेम्स24×7, विंजो, गेम्सक्राफ्ट और माय11 सर्कल जैसे बड़े प्लेटफॉर्म्स ने अपने मनी-बेस्ड गेम्स बंद कर दिए हैं। उदाहरण के लिए …     ड्रीम11 ने 22 अगस्त को अपने कैश-बेस्ड गेम्स बंद करने की घोषणा की।     गेम्स क्राफ्ट ने अपनी रमी एप्स, जैसे रमीकल्चर और गेम प्ले सर्विसेज रोक दी हैं।     पोकरबाजी ने भी अपने ऑपरेशंस बंद कर दिए हैं। ऑनलाइन गेमिंग कानून में 4 सख्त नियम इस कानून में कहा गया है कि चाहे ये गेम्स स्किल बेस्ड हों या चांस बेस्ड दोनों पर रोक है।     रियल-मनी गेम्स पर रोक: कोई भी मनी बेस्ड गेम ऑफर करना, चलाना, प्रचार करना गैरकानूनी है। ऑनलाइन गेम खेलने वालों को कोई सजा नहीं होगी।     सजा और जुर्माना: अगर कोई रियल-मनी गेम ऑफर करता है या उसका प्रचार करता है, तो उसे 3 साल तक की जेल और 1 करोड़ रुपए तक का जुर्माना हो सकता है। विज्ञापन चलाने वालों को 2 साल की जेल और 50 लाख रुपए तक का जुर्माना हो सकता है।     रेगुलेटरी अथॉरिटी: एक खास अथॉरिटी बनाई जाएगी, जो गेमिंग इंडस्ट्री को रेगुलेट करेगी, गेम्स को रजिस्टर करेगी और ये तय करेगी कि कौन सा गेम रियल-मनी गेम है।     ई-स्पोर्ट्स को बढ़ावा: पबजी और फ्री फायर जैसे ई-स्पोर्ट्स और सोशल गेम्स को सपोर्ट किया जाएगा। ये गेम्स बिना पैसे वाले होते हैं इसलिए इन्हें बढ़ावा मिलेगा।  

पेबल बे फेस 1, बागमुगलिया कटारा हिल्स में आवारा कुत्ते ने बच्चे को काटा

बागमुगलिया बागमुगलिया कटारा हिल्स स्थित पेबल बे फेस 1 में आवारा कुत्तों का आतंक एक बार फिर सामने आया है। ताज़ा घटना में एक बच्चे को आवारा कुत्ते ने काट लिया। स्थानीय निवासियों के अनुसार, निगम की टीम कई बार इन कुत्तों को पकड़ने आती है, लेकिन वहां मौजूद कुछ डॉग लवर्स इन कुत्तों को पकड़ने नहीं देते। निवासियों का कहना है कि इस तरह की घटनाओं में जिन लोगों ने कुत्तों को पकड़ने से रोका, उन पर भी जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।

सीएम शामिल होंगे ग्वालियर रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव में, मंत्री लोधी बोले—MP का पर्यटन भविष्य उज्जवल

ग्वालियर ग्वालियर में दो दिवसीय रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव का शुक्रवार को शुभारंभ हुआ। कॉन्क्लेव के अंतिम दिन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव कार्यक्रम में शामिल होंगे। इससे पहले शुभारंभ अवसर पर पर्यटन, संस्कृति और धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मेंद्र भाव सिंह लोधी ने कहा कि मध्यप्रदेश आने वाले समय में देश का पर्यटन हब बनेगा। लोधी ने कहा कि मध्यप्रदेश को देश का अग्रणी पर्यटन राज्य बनाने के लिए सभी ट्रैवल और टूर ऑपरेटर, होटलियर के साथ हितधारकों और विभाग को मिलकर काम करना होगा। ग्वालियर के राजमाता विजयाराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय में आयोजित होने वाले इस रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव के दूसरे दिन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि केंद्रीय संचार मंत्री और पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्याेतिरादित्य सिंधिया, मध्य प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर, पर्यटन, संस्कृति और धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार)  धर्मेंद्र सिंह लोधी होंगे।  “टाइमलेस ग्वालियर: इकोज़ ऑफ़ कल्चर, स्पिरिट ऑफ़ लेगेसी” थीम पर आधारित कॉन्क्लेव में महत्वपूर्ण अनुबंध और साझेदारियां होंगी, नई परियोजनाओं का शुभारंभ होगा।  विरासतों, धरोहरों और अनुभवात्मक पर्यटन की संभावनाओं पर होगा मंथन  रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव में दो महत्वपूर्ण सत्र होंगे। “टूरिज़्म ऐज़ अ कल्चरल ब्रिज – ब्रांडिंग ग्वालियर एंड हार्टलैंड ऑफ़ एमपी” औैर “ग्वालियर एंड चंबल राइजिंग – इनबाउंड अपील थ्रू हेरिटेज, लग्ज़री एंड एक्सपीरियंस” विषय पैनल डिस्कशन होंगे।  हितधारक जानेंगे समृद्ध विरासत   ग्वालियर किले पर 30 एवं 31 अगस्त को योग सत्र, हेरीटेज वॉक का आयोजन किया जाएगा। चयनित अतिथियों एवं प्रतिनिधियों के लिए फैमिलियाराइज़ेशन टूर (FAM Tour) का आयोजन किया जाएगा, जिसका उद्देश्य ग्वालियर एवं आसपास के पर्यटन स्थलों की संभावनाओं से प्रतिभागियों को प्रत्यक्ष रूप से परिचित कराना है।   मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड द्वारा एमपीटी इन्फ्लुएंसर मीट का आयोजन  रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव के अंतर्गत ग्वालियर स्थित इम्पीरियल गोल्फ रिसॉर्ट में ‘एमपीटी इन्फ्लुएंसर मीट’ का आयोजन किया गया। इस आयोजन में मध्य प्रदेश सहित विभिन्न राज्यों के सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स ने भाग लिया। प्रदेश की कलाओं को पूरे विश्व से देखने आते हैं मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड के प्रबंध संचालक और पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के प्रमुख सचिव शिव शेखर शुक्ला ने कहा कि हमारी सांस्कृतिक जड़ें गहरी हैं। प्रदेश की पारंपरिक कलाओं को टूरिस्ट पूरे विश्व से देखने आते हैं। अगर आप यहां निवेश करते हैं, हमारे पास सबसे बेहतर पॉलिसी है। हम निवेशकों को अच्छा इंसेंटिव दे रहे हैं। यह निवेश ग्वालियर–चंबल और सागर क्षेत्र की प्राकृतिक सुंदरता और सांस्कृतिक विरासत को विश्व पटल पर लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।   एमपी फिल्म निर्माताओं की पहली पसंद बना प्रसिद्ध अभिनेता फैसल मलिक ने कहा कि मध्य प्रदेश की खूबसूरत लोकेशन्स फिल्म निर्माताओं को आकर्षित करती हैं। यहां के लोग फिल्म–फ्रेंडली हैं और शासन–प्रशासन का सहयोग सराहनीय है।  मध्यप्रदेश की विविधतापूर्ण और खूबसूरत लोकेशन्स फिल्म निर्माताओं को लगातार आकर्षित करती रही हैं। यही कारण है कि मध्यप्रदेश आज राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय फिल्म निर्माताओं की पहली पसंद बन चुका है।  ग्वालियर की धरोहरें ऐतिहासक  मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड की अपर प्रबंध निदेशक बिदिशा मुखर्जी ने कहा कि इस कॉन्क्लेव का उद्देश्य ग्वालियर की अमूल्य धरोहरों, संगीत और संस्कृति को व्यापक स्तर पर प्रस्तुत करना है। इस थीम के ज़रिए ग्वालियर को एक ऐसे पर्यटन गंतव्य के रूप में स्थापित करना है, जहां पर्यटक सिर्फ़ इतिहास और स्थापत्य को देखें ही नहीं, बल्कि यहां की धड़कन, रिवाज़, लोककला और परंपराओं को महसूस भी करें। इसका मक़सद है कि पर्यटन से ग्वालियर की पहचान मज़बूत हो, स्थानीय समुदाय को रोज़गार और नए अवसर मिलें, और आने वाली पीढ़ियां भी इस शहर की धरोहर पर गर्व कर सकें। 

यात्रियों के लिए खुशखबरी: इंदौर-भोपाल-नागपुर वंदे भारत ट्रेन में कोच बढ़ोतरी

इंदौर इंदौर से नागपुर के बीच चलने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस में कोच बढ़ाने का निर्णय रेलवे बोर्ड की कमेटी ने लिया है। यात्रियों की लगातार बढ़ती संख्या और सीटों की भारी मांग को देखते हुए ट्रेन में अतिरिक्त कोच जोड़ने की तैयारी की जा रही है। हालांकि, नए रैक कब जोड़े जाएंगे, इसकी आधिकारिक जानकारी अभी सामने नहीं आई है। 7 वंदे भारत ट्रेनों में बढ़ेंगे कोच रतलाम मंडल जुड़े वरिष्ठ ने बताया कि इस मामले में लिखित में किसी तरह की कोई जानकारी मिली नहीं है। रेलवे बोर्ड ने हाल ही में वंदे भारत की ऑक्यूपेंसी (ट्रेन में कितनी सीटें भरी हुई हैं) और यात्रियों की मांग के संबंध में सभी जोन और मंडलों से रिपोर्ट मांगी थी। इसके बाद देशभर में चल रही सात वंदे भारत ट्रेनों में कोच बढ़ाने का फैसला लिया गया है।   यात्रियों की बढ़ती संख्या है प्रमुख मुद्दा रतलाम रेलवे मंडल से मिली जानकारी के अनुसार, मंडल ने बढ़ती संख्या में यात्रियों और टिकट की कमी को प्रमुख मुद्दा बताया था। वर्तमान में इंदौर-भोपाल-नागपुर वंदे भारत आठ कोच की है, जिसमें कुल 530 सीटें हैं। इसमें 52 सीटें एक्जीक्यूटिव क्लास और शेष चेयरकार कोच में हैं। वर्तमान सीट व्यवस्था और कोच विस्तार की योजना सी-वन और सी-सेवन कोच में कुल 88 सीटें हैं। सी-टू से सी-सिक्स तक के पांच कोच में प्रत्येक कोच में 78 सीटें हैं, कुल 390 सीटें। बी-वन कोच (एक्जीक्यूटिव क्लास) में 52 सीटें हैं। रेलवे सूत्रों के अनुसार कोच संख्या बढ़ाकर इसे 16 कोच की ट्रेन बनाया जाएगा। इसमें कुल सीटों की संख्या लगभग 1150 से अधिक हो जाएगी। वंदे भारत एक्सप्रेस में कोच बढ़ाने का निर्णय रेलवे बोर्ड की कमेटी ने लिया है। इन रूट्स पर अपग्रेडेशन सीनियर डीसीएम हीना केवलरामानी ने कहा कि इंदौर-नागपुर, मेंगलुरु-तिरुवनंतपुरम सेंट्रल, सिकंदराबाद-तिरुपति, चेन्नई एग्मोर-तिरुनेलवेली, मदुरै-बेंगलुरु कैंट, देवघर-वाराणसी, हावड़ा-राउरकेला रूट पर चलने वाली वंदे भारत में अपग्रेडेशन होगा। फिलहाल लिखित में जानकारी नहीं है वंदे भारत ट्रेन में कोच बढ़ाने के मामले में फिलहाल हमारे पास लिखित में किसी तरह की कोई जानकारी नहीं है। इंदौर-भोपाल-नागपुर वंदे भारत में कुल 90 फीसदी की ऑक्यूपेंसी है। कुछ सेक्शन में 100 प्रतिशत ऑक्यूपेंसी है। यात्रियों को मिलेगी राहत सांसद शंकर लालवानी ने कहा कि आगामी महीनों में त्योहारी सीजन और यात्रियों की सुविधाओं को देखते हुए इंदौर-भोपाल-वंदे भारत में कोच की संख्या बढ़ाई जा रही है। इससे हजारों यात्रियों को राहत मिलेगी। इस मामले में रेल मंत्री से हमने पत्र लिखकर मांग की थी।