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मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड और अतावी बर्ड फाउंडेशन के आयोजित टूर में 45 से अधिक पक्षीप्रेमी हुए शामिल

भोपाल  मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड द्वारा 14 सितंबर को भोपाल के बिसनखेड़ी और ग्वालियर के महाराजपुर क्षेत्र में बर्ड वॉचिंग टूर का आयोजन किया गया। अतावी बर्ड फाउंडेशन के सहयोग से आयोजित इस टूर में 45 से अधिक पक्षीप्रेमी पर्यटकों ने लगभग 50 से अधिक प्रजातियों के पक्षियों का अवलोकन किया। पर्यटन, संस्कृति और धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मेंद्र सिंह लोधी ने कहा कि मध्यप्रदेश पक्षी विविधता और प्राकृतिक धरोहर के लिए पूरे देश में विशेष पहचान रखता है। बर्ड वॉचिंग जैसे आयोजन न केवल प्रकृति प्रेमियों और पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र हैं, बल्कि यह प्रदेश में सतत पर्यटन को बढ़ावा देने का एक महत्वपूर्ण माध्यम भी हैं। ऐसे कार्यक्रमों से स्थानीय समुदायों को रोजगार और नए अवसर मिलते हैं तथा पर्यावरण संरक्षण के प्रति जनजागरूकता भी बढ़ती है। हमारा प्रयास है कि बर्ड टूरिज्म को मध्यप्रदेश की एक खास पहचान बनाया जाए। अपर मुख्य सचिव पर्यटन, संस्कृति, गृह और धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व तथा प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड शिव शेखर शुक्ला ने कहा कि मध्यप्रदेश, पक्षी विविधता और प्राकृतिक धरोहर से समृद्ध प्रदेश है। यहां हर मौसम में पक्षीप्रेमियों को एक नया और अनोखा अनुभव मिलता है। बर्ड वॉचिंग जैसे आयोजन न केवल पर्यटकों को आकर्षित करते हैं, बल्कि स्थानीय समुदायों के लिए रोजगार के अवसर और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता भी बढ़ाते हैं। भोपाल में बड़े तालाब के किनारे बिसनखेड़ी क्षेत्र में बर्ड गाइड अंकित मालवीय ने प्रतिभागियों को वायर टेल्ड स्वैलो, पाइड बुशचैट, स्पॉटेड डव, ग्रे-हेडेड स्वाम्पहेन, ग्रे फ्रैंकोलिन, रॉक पिजन, इंडियन पैराडाइज फ्लाईकैचर सहित कई प्रजातियों का नजदीकी अवलोकन कराया। इसी प्रकार ग्वालियर के महाराजपुरा में बर्ड गाइड विवेक वर्मा ने पर्यटकों को 50 से अधिक प्रजातियों के बारे में जानकारी दी और उनके व्यवहार व पारिस्थितिकी पर प्रकाश डाला। हर माह आयोजित होंगे टूर मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड द्वारा पक्षी प्रेमियों को आकर्षित करने और प्रदेश में बर्ड टूरिज्म को बढ़ावा देने के उद्देश्य से प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में प्रत्येक माह बर्ड वॉक आयोजित किए जाएंगे। इसी क्रम में 21 सितम्बर को छिंदवाड़ा एवं भोपाल और 28 सितम्बर को चिड़ीखो, नरसिंहगढ़ में बर्ड वॉचिंंग टूर होंगे। इन आयोजनों की बुकिंग वर्तमान में खुली है और इच्छुक पक्षीप्रेमी इसमें भाग लेकर मध्यप्रदेश की समृद्ध पक्षी विविधता का अनुभव कर सकते हैं।  

अंतर्राष्ट्रीय पर्यटकों तक पहुंचेगी महेश्वर–मांडू की पहचान

भोपाल  मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड द्वारा प्रदेश के विश्वस्तरीय पर्यटन अनुभवों को बढ़ावा देने और अंतर्राष्ट्रीय पर्यटकों के बीच महेश्वर एवं मांडू जैसे ऐतिहासिक स्थलों को प्रमुखता से स्थापित करने के उद्देश्य से क्षेत्रीय पर्यटक गाइड संघ (आरटीजीए) दिल्ली का एक अध्ययन दौरा एवं प्रोफेशनल वर्कशॉप का आयोजन किया जा रहा है। इस यात्रा में 30 से अधिक अनुभवी और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रमाणित गाइड्स भाग ले रहे हैं, जो भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय, संस्कृति मंत्रालय और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण द्वारा मान्यता प्राप्त हैं। इस ट्रिप में शामिल गाइड्स कई अंतर्राष्ट्रीय भाषाओं में निपुण हैं। दिल्ली लौटने के बाद वे विदेशी पर्यटकों को भोपाल, मांडू और महेश्वर के पर्यटन स्थलों से परिचित कराएंगे, जिससे इन धरोहर स्थलों की वैश्विक पहचान मजबूत होगी। पर्यटन, संस्कृति और धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मेंद्र सिंह लोधी ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में हम धरोहर संरक्षण और पर्यटन विकास को साथ लेकर चल रहे हैं, जिससे मध्यप्रदेश को वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर अग्रणी स्थान दिलाया जा सके। इस भ्रमण कार्यक्रम के माध्यम से अनुभवी गाइड्स जब इन स्थलों की गहराई से जानकारी लेकर इन्हें अंतर्राष्ट्रीय पर्यटकों तक पहुंचाएंगे, तो निश्चित ही प्रदेश का पर्यटन और अधिक सशक्त होगा।  अपर मुख्य सचिव पर्यटन, संस्कृति, गृह एवं धार्मिक न्यास तथा धर्मस्व और प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड शिव शेखर शुक्ला ने कहा कि महेश्वर और मांडू जैसे धरोहर स्थल मध्यप्रदेश की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहर के अनमोल रत्न हैं। आरटीजीए दिल्ली के अनुभवी गाइड्स जब इन स्थलों का गहराई से अध्ययन करेंगे, तो वे इन्हें और प्रभावशाली तरीके से अंतर्राष्ट्रीय पर्यटकों के बीच प्रस्तुत कर पाएंगे। यह पहल प्रदेश के पर्यटन को वैश्विक पहचान दिलाने और मध्यप्रदेश को भारत का प्रमुख हेरिटेज डेस्टिनेशन बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान देगी। दर्शनीय स्थलों का भ्रमण अध्ययन दौरे की शुरूआत 14 सितंबर को आरटीजीए के प्रतिनिधियों के दिल्ली से भोपाल आगमन के साथ हुई। उन्होंने भोपाल में ताज–उल–मस्जिद, कुशाभाऊ ठाकरे इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर, बिरला म्युजियम और भारत भवन का भ्रमण किया। सोमवार, 15 सितंबर को प्रतिनिधि मांडू के लिए रवाना हुए। मांडू पहुंचकर उन्होंने रानी रूपमति महल, बाज बहादुर महल, जहाज महल, होशंगशाह का मकबरा, नीलकंठ महादेव मंदिर आदि का भ्रमण किया। मंगलवार, 16 सितंबर को वे मांडू से महेश्वर के लिए प्रस्थान करेंगे। महेश्वर में प्रतिनिधि अहिल्या फोर्ट, घाटों, होम स्टे, पर्यटक सुविधा केंद्र आदि प्रमुख पर्यटन स्थलों का अवलोकन करेंगे। 18 सितंबर को सभी प्रतिनिधि दिल्ली के लिए प्रस्थान करेंगे। पुरातत्व विभाग के उपसंचालक प्रकाश परांजपे, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के सब-कनज़र्वेशन ऑफिसर प्रशांत पाटनकर तथा पुरातत्वविद् डॉ. देवी प्रसाद पांडे ने प्रतिनिधियों को प्रदेश की धरोहरों की ऐतिहासिक एवं संरचनात्मक महत्ता पर विस्तृत जानकारी प्रदान कर रहे हैं। क्या है क्षेत्रीय पर्यटक गाइड संघ क्षेत्रीय पर्यटक गाइड संघ (आरटीजीए) दिल्ली, देश का सबसे बड़ा पंजीकृत संगठन है, जिसके सदस्य विभिन्न अंतर्राष्ट्रीय भाषाओं में दक्ष हैं और नियमित रूप से विदेशी पर्यटकों, उच्च-स्तरीय प्रतिनिधिमंडलों तथा वीआईपी यात्रियों के साथ कार्य करते हैं। ये गाइड्स पर्यटकों के सबसे नजदीक रहते हुए न केवल इतिहास बताते हैं, बल्कि भारत की सामाजिक, सांस्कृतिक और क्षेत्रीय झलकियों को भी साझा करते हैं, जिससे "अतुलनीय भारत" की पहचान और मजबूत होती है।  

बाघों की गणना को लेकर राष्ट्रीय कार्यशाला, वन्यजीव सर्वेक्षण पर मंथन

भोपाल  ऑल इंडिया टाइगर एस्टीमेशन–2026 विश्व का सबसे बड़ा वन्यजीव सर्वेक्षण की शुरुआत मध्य भारत से हुई। इस राष्ट्रीय अभियान की पहली क्षेत्रीय प्रशिक्षण कार्यशाला सोमवार को पेंच टाइगर रिजर्व सिवनी में नेशनल टाइगर कंज़र्वेशन अथॉरिटी और वाइल्डलाइफ इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित की जा रही है। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन और स्कूल के बच्चों द्वारा “बाघ राखी” से हुआ, जो बाघ संरक्षण की सामूहिक प्रतिबद्धता का प्रतीक है। इस अवसर पर लघु डॉक्यूमेंट्री “एक नई सहर” तथा फिल्म “बाघ रक्षक : साइलेंट वॉरियर्स ऑफ पेंच” का टीज़र भी लॉन्च किया गया। साथ ही पेंच के समर्पित फ्रंटलाइन स्टाफ को उनकी उत्कृष्ट सेवाओं के लिए सम्मानित किया गया। कार्यशाला में लगभग 150 अधिकारी 22 टाइगर रिज़र्व और बाघ कॉरिडोर से जुड़े परिदृश्यों से इस भाग ले रहे हैं। अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यप्राणी) एल. कृष्णामूर्ति, NTCA के डीआईजी डॉ. वैभव माथुर, पेंच टाइगर रिज़र्व के फील्ड डायरेक्टर देवप्रसाद जे. तथा डॉ. नातेशा, डॉ. बिलाल हबीब नोडल अधिकारी टाइगर सेल (WII) सहित पाँच राज्यों के फील्ड डायरेक्टर, डीएफओ/डिप्टी डायरेक्टर, एसीएफ, रेंज ऑफिसर, फील्ड बायोलॉजिस्ट और फ्रंटलाइन स्टाफ सम्मिलित हुए। विशेषज्ञ अधिकारियों को टाइगर एस्टीमेशन की वैज्ञानिक कार्यप्रणालियों, MSTrIPES ऐप आधारित डिजिटल मॉनिटरिंग, कैमरा ट्रैपिंग, ऑक्यूपेंसी सर्वे और फील्ड अभ्यास पर प्रशिक्षण दिया जा रहा हैं। कार्यशाला ज्ञान और अनुभव साझा कर सहभागी अधिकारी एक-दूसरे के व्यावहारिक अनुभवों से सीख सकें और वैज्ञानिक पद्धतियों को और अधिक सुदृढ़ बना सकें। कार्यशाला प्रशिक्षकों की तैयारी का महत्वपूर्ण प्रथम चरण है, जो आगे अपने क्षेत्रों में फील्ड स्टाफ को प्रशिक्षित करेंगे और टाइगर एस्टीमेशन-2026 को सफल बनाएंगे।  

भैंसोला (धार) में पीएम मित्र पार्क कार्यक्रम के लिए ट्रैफिक प्लान जारी: भारी वाहन प्रतिबंधित

पी.एम. मित्र मेगा पार्क भैंसोला जिला धार कार्यक्रम के दौरान भारी माल वाहक वाहनों का प्रतिबंधित एवं वैकल्पिक मार्ग एवं एकांगी मार्ग व्यवस्था भोपाल  प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का आगामी 17 सितंबर 2025 बुधवार को पी.एम. मित्र मैगा पार्क भैंसोला जिला धार कार्यक्रम में आगमन प्रस्तावित है। जिसमें जिला धार, झाबुआ, रतलाम, उज्जैन, इन्दौर, अलीराजपुर, देवास, खरगौन, बड़वानी से बड़ी संख्या में बसों एवं चार पहिया वाहनों से आम जनता सम्मिलित होगी। कार्यक्रम में सम्मिलित होने वाले वाहनों को सुगमता से व दुर्घटना रहित गंत्वय स्थल तक पहुंचाने के लिए सभी प्रकार के भारी, मध्यम 407 जैसें माल वाहक वाहनों को प्रतिबंधित कर प्रस्तावित मार्गों से चलाया जा सकेगा जो निम्नानुसार हैः- प्रतिबंधित मार्ग एवं समय दिनांक 17.09.2025 को प्रातः 4 बजे से कार्यक्रम समाप्ति तक वैकल्पिक मार्ग झाबुआ से धार की ओर जाने आने वाले सभी प्रकार के भारी एवं माल वाहक वाहन प्रतिबंधित होगें। दाहोद, भावरां, अम्बुआ, अलिराजपुर, कुक्षी, मनावर, अमझेरा, धार धरमपुरी, धामनोद से इंन्दौर की ओर आ जा सकेगें। झाबुआ से रतलाम की ओर जाने आने वाले सभी प्रकार के भारी, मध्यम व हल्के माल वाहक वाहन प्रतिबंधित होगें। झाबुआ से मेघनगर, थादंला, बामनिया, रतलाम की ओर आ जा सकेंगें। पैटलावद से भैंसोला होकर बदनावर की ओर जाने आने वाले सभी प्रकार के भारी, मध्यम व हल्के माल वाहक वाहन प्रतिबंधित होगें। साथ ही जिनकों कार्यक्रम में सम्मिलित नही होना है वह सभी प्रकार के सवारी वाहन भी प्रतिबंधित रहेगें। पैटलावद से मेघनगर, थादंला, बामनिया, रतलाम बदनावर की ओर आ जा सकेगें। एकांगी मार्ग मुख्य कार्यक्रम स्थल भैंसौला की ओर वही सवारी वाहन आयेगें जिनको कार्यक्रम में सम्मिलित होना है शेष सभी सवारी वाहन प्रतिबंधित किये जायेगें। सरदारपुर से भैंसौला बदनावर से भैंसौला का मार्ग प्रातः 7 बजे से एकांगी मार्ग (One Way) अर्थात कार्यक्रम स्थल भैंसौला तक आने वाले वाहनों के लिये ही उपयोग किया जा सकेंगा। पेटलावद से भैंसौला प्रातः 10 बजे तक वही वाहन जा सकेंगें जिनको कार्यक्रम में सम्मिलित होना है। प्रातः 10.00 बजे के बाद यह मार्ग उपयोग नहीं हो सकेंगा।  

स्वस्थ समाज और सशक्त राष्ट्र के संकल्प को साकार करने की ओर बढ़ रहा है म.प्र. : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

धार मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सम्पूर्ण राष्ट्र और मध्यप्रदेश स्वस्थ समाज और सशक्त राष्ट्र के संकल्प को साकार करने की ओर बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री मोदी के मध्यप्रदेश प्रवास के संदर्भ में सोशल मीडिया के माध्यम से दिए संदेश में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आगामी 17 सितम्बर बुधवार को प्रधानमंत्री धार जिले में पीएम मित्रा पार्क की आधारशिला रखेंगे। यह देश का अपने तरह का पहला पीएम मित्रा पार्क है। यह अवसर हमारे लिए सौभाग्यशाली है। मध्यप्रदेश में 17 सितम्बर से 2 अक्टूबर तक सेवा पखवाड़ा भी मनाया जायेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी धार जिले के ग्राम भैंसोला में 17 सितम्बर को स्वस्थ नारी सशक्त परिवार अभियान का शुभारंभ करेंगे। अभियान के अंतर्गत आयुष्मान आरोग्य मंदिरों और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर स्वास्थ्य और पोषण के उद्देश्य से शिविर लगाए जाएंगे। स्वैच्छिक रक्तदान को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है। राज्यव्यापी स्वास्थ्य परीक्षण शिविरों में मधुमेह, उच्च रक्तचाप, एनीमिया, क्षय रोग की स्क्रीनिंग और जांच भी की जाएगी। माताओं और बच्चों के स्वास्थ्य के लिए प्रसव पूर्व जांच और पोषण परामर्श भी दिया जाएगा। किशोरियों के लिए माहवारी स्वच्छता और पोषण पर प्रशिक्षण सत्र भी आयोजित होंगे। यह पखवाड़ा प्रधानमंत्री के स्वस्थ समाज, सशक्त राष्ट्र के संकल्प को साकार करने का महत्वपूर्ण कदम होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश को विकसित भारत 2047 के मिशन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाना है। हम निरंतर स्वस्थ समाज की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। महिलाओं का स्वास्थ्य और सशक्तिकरण प्रगति का आधार है। प्रधानमंत्री मोदी अपने जन्मदिन के अवसर पर मध्यप्रदेश पधार रहे हैं। वे सेवा पखवाड़ा का शुभारंभ करेंगे और प्रदेशवासियों को संबोधित कर मार्गदर्शन देंगे।  

देश की कपास क्रांति का केंद्र बनेगा मध्य प्रदेश, 114 टेक्सटाइल कंपनियां करेंगी निवेश

इंदौर  देश में सर्वाधिक कॉटन उत्पादन के लिए चर्चित मालवा निमाड़ अंचल अब देश का प्रमुख टेक्सटाइल हब बनने जा रहा है. जहां पहली बार 2100 एकड़ के व्यवसायिक क्षेत्र में 114 टेक्सटाइल कंपनियां अपनी यूनिट स्थापित करने जा रही हैं. जिससे मध्य प्रदेश के आदिवासी अंचल के साथ अन्य इलाकों में होने वाली कपास की पैदावार से उन्नत किस्म का कपड़ा तैयार किए जाने के बाद देश और दुनिया में एक्सपोर्ट किया जा सकेगा. कपास उत्पादन में मध्य प्रदेश का योगदान 40% दरअसल, देश के कपास उत्पादन में मध्य प्रदेश का योगदान लगभग 40 प्रतिशत है. इनमें प्रमुख रूप से इंदौर, धार, झाबुआ, अलीराजपुर, खरगौन, बड़वानी, खण्डवा और बुरहानपुर शामिल हैं. पिछले 3 वर्षों में कपास उत्पादन की स्थिति अच्छी रही है. वर्ष 2022-23 में 8.78 लाख मीट्रिक टन, 2023-24 में 6.30 लाख मीट्रिक टन और 2024-25 में 5.60 लाख मीट्रिक टन कपास उत्पादन हुआ. किसानों का संपर्क अंतरराष्ट्रीय बाजार से होगा मध्य प्रदेश के जिनिंग मिलो के जरिए शुद्ध कपास महाराष्ट्र, गुजरात और अन्य राज्यों में बेच दिया जाता है. जाहिर है इससे स्थानीय किसानों को उनके उत्पादन का पर्याप्त मुनाफा भी नहीं मिल पाता था. हालांकि अब धार जिले के बदनावर में करीब 2,158 एकड़ में विकसित हो रहे पीएम मित्र पार्क के कारण कपास उत्पादक किसानों का सीधा संपर्क अंतरराष्ट्रीय बाजार से हो जायेगा. वहीं, किसानों की उपज खेतों से सीधे वैश्विक बाजार तक पहुँच जायेगी. इसके अलावा खरगोन, बड़वानी, सेंधवा आदि इलाकों में जो जिनिंग मिल अब तक बंद होने की कगार पर आ चुकी थी, उन्हें भी नीचे से शुरू होने वाले व्यापार की संजीवनी मिल सकेगी. ग्लोबल मार्केट में पहुंचेगी धार के परिधान इधर, राज्य शासन की पहल पर पीएम मित्र पार्क में देश की कई चर्चित कंपनियां यहां 27 हजार 109 करोड़ रुपये के निवेश करने के साथ अपनी यूनिट स्थापित करने जा रही हैं. नतीजतन धार से तैयार वस्त्र और परिधान अब सीधे ग्लोबल मार्केट में पहुंचेंगे. जल्दी ही मध्य प्रदेश की पहचान अब टेक्सटाइल हब के रूप में होने लगेगी. अत्याधुनिक कॉटन केंद्र होगा सर्व-सुविधायुक्त 17 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शिलान्यास किए जाने के साथ ही पीएम मित्र पार्क विश्व स्तरीय सुविधाओं से सुसज्जित होगा. यहां 20 MLD का कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट, 10 MVA का सौर ऊर्जा संयंत्र, पानी और बिजली की पुख्ता आपूर्ति, आधुनिक सड़कें और 81 प्लग-एंड-प्ले यूनिट्स जैसी व्यवस्था विकसित की जा रही है. माना जा रहा है कि, यहां पीएम मित्र पार्क से लगभग 70 हजार प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर विकसित होंगे. कपास आधारित उद्योगों के विस्तार से किसानों को उनकी फसल का दोगुना मूल्य मिलेगा. इन कंपनियों की यूनिट स्थापित होगी मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बताया, ''पीएम मित्र पार्क के लिए 114 टेक्सटाइल कम्पनियों से 23 हजार करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हो चुके हैं. इन प्रस्तावों में से 91 कंपनियों और इकाइयों के आवेदन स्वीकृत किए गए हैं. वहीं, 1294 एकड़ से अधिक भूमि आवंटित किये जाने की अनुशंसा की जा चुकी है. जिन कंपनियों को भूमि आवंटित की गई है, इनमें प्रमुख रूप से वर्धमान टेक्सटाइल्स लिमिटेड 2000 करोड़ रुपये का निवेश कर 190 एकड़ भूमि पर इकाई स्थापित करेगा. जैन कॉर्ड इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड 2515 करोड़ रुपये का निवेश 58 एकड़ भूमि पर इकाई स्थापित करेगा. एबी कॉटस्पिन इंडिया लिमिटेड 1300 करोड़ रुपये का निवेश 45 एकड़ भूमि पर, ट्राइडेंट लिमिटेड कंपनी 180 एकड़ भूमि पर 4,881 करोड़ रुपये का निवेश, ऑरा सिक्योरिटीज प्रा.लि. 105 एकड़ भूमि पर 1204 करोड़ रुपये, बेस्ट लाइफस्टाइल अपैरल प्रा.लि. 75 एकड़ भूमि पर 981 करोड़ रुपये का निवेश, नासा फाइबर टू फैशन प्रा.लि. 30 एकड़ भूमि पर 472 करोड़ का निवेश, डोनियर सिंथेटिक लि. 20 एकड़ भूमि पर 220 करोड़ का निवेश, महालक्ष्मी प्रोसेसिंग हाउस प्रा.लि. 30 एकड़ भूमि पर 300 करोड़ रुपये का निवेश, कमर्शियल सिन बैग्स लिमिटेड 8 एकड़ भूमि पर 134 करोड़ रुपये का निवेश और नावकार टेकटेक्स लिमिटेड 8 एकड़ भूमि पर 135 करोड़ रुपये का निवेश करेगी. पीएम मित्र पार्क में शार्मनजी यार्न्स प्राइवेट लिमिटेड ने 836.70 करोड़, सनातन पॉलिकॉट प्राइवेट लिमिटेड ने 1000 करोड़, सिद्धार्थ प्योरस्पन प्राइवेट लिमिटेड ने 380 करोड़, फैबियन टेक्सटाइल प्राइवेट लिमिटेड ने 308 करोड़, पासा पॉलिटेक्स प्राइवेट लिमिटेड ने 270 करोड़, दादी मां फाइबर्स ने 280 करोड़, ओसीएम फ्लोरिंग प्राइवेट लिमिटेड ने 250 करोड़, सोनिया सिंथेटिक्स एलएलपी ने 240 करोड़, वंश टेक्नोफैब प्राइवेट लिमिटेड ने 233 करोड़, डोनियर रिटेल प्रा. लिमिटेड ने 240 करोड़, तनमय प्योर स्पन ने 220 करोड़, महाशक्ति टेक्सटाइल मिल्स ने 202 करोड़, जिनेन्द्रम टेक्सस्पिन प्राइवेट लिमिटेड ने 200 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव दिए हैं. इसके साथ ही कई अन्य कंपनियों ने भी बड़े निवेश के प्रस्ताव दिए हैं.

17 सितंबर को राजभवन में लगेगा रक्तदान शिविर, नेत्र व स्त्री रोगों की होगी निशुल्क जांच

भोपाल प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के जन्मदिवस पर राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने रक्तदान और स्वास्थ्य परीक्षण शिविर लगाने के निर्देश दिए है। रक्तदान और नि:शुल्क स्वास्थ्य परीक्षण शिविर का आयोजन राजभवन के सांदीपनि सभागार में किया जाएगा। शिविर का संचालन प्रातः 11 बजे से अपराह्न 1:30 बजे तक होगा। राज्यपाल के प्रमुख सचिव डॉ. नवनीत मोहन कोठारी ने बताया कि शिविर का आयोजन राजभवन और रेडक्रॉस के संयुक्त तत्वाधान में किया गया है। शिविर अवधि में आमजन स्वेच्छा से रक्तदान कर मानवता के महादान का पुण्य प्राप्त कर सकते हैं। शिविर में आमजन की निःशुल्क स्वास्थ्य जांच स्त्रीरोग और नेत्ररोग विशेषज्ञ करेंगे। श्री कोठारी ने नागरिकों से अनुरोध किया है कि 17 सितंबर को राजभवन में आयोजित होने वाले शिविर में बड़ी संख्या में भाग लें। शिविर में रक्तदान कर मानवता के सेवा संकल्प में सहयोगी बने। निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर का लाभ प्राप्त करें।  

इंदौर में 22 सितंबर को कार फ्री डे? महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने लोगों से की खास अपील

 इंदौर  स्वच्छता में देश भर में अपनी पहचान बना चुका इंदौर अब पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक और बड़ी मिसाल कायम करने जा रहा है। शहर में 22 सितंबर को तीसरी बार 'नो कार डे' का आयोजन किया जाएगा। इस दिन, शहरवासियों से स्वेच्छा से अपनी कारों का उपयोग न कर सार्वजनिक परिवहन, साइकिल, दोपहिया वाहन या ई-रिक्शा का इस्तेमाल करने की अपील की गई है। महापौर ने की जनता से अपील महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने एक सोशल मीडिया वीडियो जारी कर इंदौर की जागरूक जनता से इस अभियान में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा, "इंदौर की जनता ने हमेशा हर पहल को सफल बनाया है। पिछले दो वर्षों के 'नो कार डे' के अनुभव ने यह साबित कर दिया है कि एक दिन के सामूहिक प्रयास से हम ईंधन की खपत और प्रदूषण के स्तर में महत्वपूर्ण कमी ला सकते हैं।" पिछले दो आयोजनों की सफलता बनी प्रेरणा महापौर भार्गव ने बताया कि पिछले दो 'नो कार डे' के आयोजन बेहद सफल रहे और इनकी चर्चा पूरे देश में हुई। इन दिनों में शहर की सड़कों पर ट्रैफिक का दबाव कम हुआ, पेट्रोल-डीजल की खपत में लगभग 15% की गिरावट आई और प्रदूषण के स्तर में भी उल्लेखनीय सुधार देखा गया। इसी सफलता से प्रेरणा लेकर इस परंपरा को आगे बढ़ाया जा रहा है। केवल एक प्रतीकात्मक कार्यक्रम नहीं महापौर ने इस बात पर जोर दिया कि 'नो कार डे' सिर्फ एक प्रतीकात्मक कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह भविष्य के इंदौर को पर्यावरण के प्रति और अधिक जिम्मेदार बनाने की एक ठोस पहल है। इसका उद्देश्य लोगों की सोच में बदलाव लाना है, ताकि वे नियमित जीवन में भी निजी वाहनों की जगह साइकिल, ई-रिक्शा और सार्वजनिक परिवहन को प्राथमिकता दें। इंदौर इस तरह की पहल को एक परंपरा बनाने वाला देश का पहला शहर है। साइकिल, टू-व्हीलर और ई-रिक्शा का करें उपयोग महापौर ने सभी नागरिकों से आग्रह किया है कि 22 सितंबर को अपनी कारों को घर पर छोड़कर शहर के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाएं। उन्होंने कहा, "आइए, हम सब मिलकर साइकिल, दोपहिया वाहन या ई-रिक्शा से यात्रा करें। यह प्रयास न केवल ट्रैफिक को सुगम बनाएगा, बल्कि पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी एक बड़ा और सकारात्मक बदलाव लाएगा।" उन्होंने विश्वास जताया कि इंदौर की जनता पिछले दो बार की तरह इस बार भी 'नो कार डे' को सफल बनाकर एक नई मिसाल कायम करेगी।  

PM मित्रा पार्क से खुलेगा रोजगार का रास्ता, कंपनियां करेंगी 20,000 करोड़ का निवेश

धार  धार जिले के बदनावर क्षेत्र के भैंसोला गांव में स्थापति हो रहे देश के पहले पीएम मित्रा पार्क में अपनी इकाइयां लगाने के लिए टेक्सटाइल क्षेत्र की कपंनियां उत्साहित हैं। अभी तक वर्धमान, ट्रांइडेट सहित 91 कंपनियों को 1,294 एकड़ भूमि आवंटित भी कर दी है। ये कंपनियां 20 हजार करोड़ रुपये से अधिक निवेश करेंगी, जिससे 72 हजार से अधिक लोगों को रोजगार मिलेगा। पार्क में निवेश करने के लिए 114 कंपनियों के प्रस्ताव अभी तक प्राप्त हुए हैं। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा है कि देश की बड़ी टेक्सटाइल कंपनियां पीएम मित्रा पार्क में अपनी इकाइयां लगानी चाहती हैं। सरकार निवेशकों को हर तरह की सुविधा देने के लिए प्रतिबद्ध है। पार्क के पूर्ण विकसित होने पर रोजगार का आंकड़ा तीन लाख तक पहुंचने का अनुमान है। यह केवल संख्या नहीं, बल्कि लाखों परिवारों के जीवन में आने वाला ठोस बदलाव है। अभी तक 23 हजार करोड़ रुपये के निवेश के प्रस्ताव कपंनियां दे चुकी हैं। इन प्राप्त निवेशों से यार्न, फैब्रिक और गारमेंट उत्पादन की संपूर्ण वैल्यू चेन यहीं विकसित होगी, जिससे प्रदेश का टेक्सटाइल उद्योग वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बन सकेगा। यहां कुल 2158 एकड़ भूमि है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा 17 सितंबर को भूमिपूजन करने के बाद निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा। किसान मेले किए जाएंगे आयोजित उधर, मुख्यमंत्री ने कृषि और उद्यानिकी विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक में निर्देश दिए कि कृषि आधारित उद्योगों के प्रचार-प्रसार के लिए कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन एवं मत्स्य पालन विभाग बहुउद्देशीय कृषि मेले आयोजित करें। इनमें किसानों को उनकी फसल सहित अन्य सहायक उत्पादों के विक्रय एवं मार्केटिंग की जानकारियां भी जाएं। पीएम मित्रा पार्क से प्रदेश के कपास और रेशम उत्पादक किसानों की जीवन रेखा बदल जाएगी। छह लाख से अधिक कपास उत्पादक किसानों को लाभ मिलेगा। कपास की खपत स्थानीय स्तर पर ही हो जाएगी। इससे लोगों को रोजगार मिलेगा और रॉ-मैटेरियल सप्लाई की एक पूरी चैन तैयार होगी।

राज्य सरकार किसानों सहित सभी से संवाद करते हुए लैंड पूलिंग और विकास कार्यों के मार्ग पर है अग्रसर: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

सिंहस्थ : 2028 के विकास कार्यों के लिए सभी का मिल रहा है समर्थन: मुख्यमंत्री डॉ. यादव राज्य सरकार किसानों सहित सभी से संवाद करते हुए लैंड पूलिंग और विकास कार्यों के मार्ग पर है अग्रसर हम किसी को नाराज नहीं करना चाहते, राज्य सरकार सभी को साथ लेकर चलने के लिये प्रतिबद्ध किसान हित को सर्वोपरि रखते हुये सबकी सहमति के आधार पर होगा अधोसंरचना विकास सिंहस्थ : 2028 के लिए उज्जैन को ग्लोबल स्पिरिचुअल सिटी के रूप में विकसित करने की संकल्पना वर्षा-आंधी हो या सुरक्षा का प्रबंध, हर स्थिति में व्यवस्था बनाए रखना राज्य शासन का दायित्व भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि सिंहस्थ : 2028 के विकास कार्यों के लिए हमें सभी का समर्थन मिल रहा है। विकास के क्रम को बनाए रखना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। सबके हितों का ध्यान रखते हुए और सभी से संवाद करते हुए राज्य सरकार लैंड पूलिंग सहित सभी प्रकार के विकास कार्यों के मार्ग पर अग्रसर हो रही है। प्रयागराज महाकुंभ के ऐतिहासिक आयोजन में करोड़ों लोगों के आगमन, व्यवस्था और उनके सुरक्षा प्रबंधन के दृष्टिगत केन्द्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने स्थायी संरचनाओं के विकास पर बल दिया, इससे क्षेत्र में धार्मिक पर्यटन को भी प्रोत्साहन मिला। उज्जैन में सिंहस्थ-2028 के लिए स्थायी निर्माण के संबंध में किसानों से संवाद जारी है, हम किसी को नाराज नहीं करना चाहते, राज्य सरकार सभी को साथ लेकर चलने के लिए प्रतिबद्ध है। विकास का क्रम निरंतर जारी रहेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यह विचार कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में मीडिया से चर्चा में व्यक्त किए। सिंहस्थ का आयोजन प्रदेश के लिए गौरव का विषय मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इतिहास में अब तक के सबसे बड़े सिंहस्थ मेले का आयोजन उज्जैन में वर्ष-2028 में होने जा रहा है। वर्तमान में उज्जैन की अर्थव्यवस्था में महाकाल लोक बनने से भारी वृद्धि हुई है। सिंहस्थ के आयोजन से उज्जैन का आध्यात्मिक नगरी के रूप में विकास होने से पर्यटन को और बढ़ावा मिलेगा। उज्जैन सिंहस्थ में 30 करोड़ श्रद्धालुओं के सम्मिलित होने की आशा है। सिंहस्थ आयोजन का गौरवशाली इतिहास रहा है, राज्य शासन वर्ष 2028 के सिंहस्थ का आयोजन आस्था, गरिमा और भव्यता के साथ करने के लिये कृत संकल्पित है। यह आयोजन उज्जैन सहित समूचे प्रदेश के लिये अत्यंत गौरव का विषय है। सिंहस्थ आयोजन में, स्थानीय किसान बंधुओं का सदैव मिला सहयोग मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह सुनिश्चित करना राज्य शासन का कर्तव्य है कि हज़ारों साधु-संतों और करोड़ों श्रद्धालुओं को सिंहस्थ के दौरान उच्च स्तरीय सुविधाएं मिलें और उन्हें कोई परेशानी न हो। पिछले अनुभवों के आधार पर इस प्रकार की अधोसंरचना बनानी आवश्यक है, जिससे वर्षा-आंधी की स्थिति में भी मेले में किसी प्रकार का व्यवधान उत्पन्न न हो। भव्य और विशाल आयोजन में सुरक्षा प्रबंध सुनिश्चित करते हुए संपूर्ण व्यवस्था बनाए रखना शासन का दायित्व है। इस वृहद आयोजन के लिये हज़ारों एकड़ भूमि की आवश्यकता होती है। सिंहस्थ के आयोजन में, स्थानीय किसान बंधु शासन के साथ कंधे से कंधा मिलाकर सहयोग करते आये हैं। सिंहस्थ : 2016 के दौरान लगभग 650 करोड़ रूपए की लागत से 3000 हेक्टेयर भूमि पर अस्थाई अधोसंरचना निर्माण कार्य किए गए थे, जिन्हें आयोजन उपरांत हटा दिया गया था। सिंहस्थ : 2028 के लिए उज्जैन को ग्लोबल स्पिरिचुअल सिटी के रूप में विकसित करने की संकल्पना की गई है। जिसके तहत किसानों के हितों को सर्वोपरि रखते हुये सबकी सहमति के आधार पर अस्थायी के स्थान पर स्थायी अधोसंरचना का विकास किया जायेगा।