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कपास और रेशम उत्पादक किसानों की तकदीर बदल देगा पीएम मित्रा पार्क

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि कृषि आधारित उद्योगों के प्रचार-प्रसार के लिए कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन एवं मत्स्य पालन विभाग द्वारा आपसी तालमेल से बहुउद्देशीय कृषि मेले आयोजित किए जाएं। इन मेलों में किसानों को उनकी फसल सहित अन्य सहायक उत्पादों के लाभयुक्त विक्रय एवं मार्केटिंग की जानकारियां भी दी जाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि धार जिले के भैंसोला गांव में निर्मित हो रहे पीएम मित्रा पार्क से प्रदेश के कपास और रेशम उत्पादक किसानों की जीवन रेखा बदल जाएगी। उन्होंने कहा कि पीएम मित्रा पार्क से प्रदेश के 6 लाख से अधिक कपास उत्पादक किसानों को लाभ मिलने के साथ 1 लाख लोगों को प्रत्यक्ष एवं 2 लाख लोगों को अप्रत्यक्ष लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि पीएम मित्रा पार्क में निवेश करने के लिए बड़ी-बड़ी कंपनियों ने रुचि व्यक्त की है। जिस तेजी से पीएम मित्रा पार्क में निवेश के लिए कंपनियां आ रही हैं, यह हमें और बेहतर करने के लिए उत्साहित करता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शनिवार की देर रात मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग की गतिविधियों की समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पीएम मित्रा पार्क बनने से मालवा क्षेत्र के किसानों द्वारा उत्पादित कपास की खपत लोकल लेवल पर ही हो जाएगी। इससे लोगों को रोजगार मिलेगा और रॉ-मैटेरियल सप्लाई की एक पूरी चैन तैयार होगी। पीएम मित्रा पार्क प्रदेश के किसानों के लिए वरदान की तरह है। प्रदेश में निवेश करने के इच्छुक सभी निवेशकों का सरकार पलक पावड़े बिछाकर स्वागत करेगी। हम निवेशकों को सभी जरूरी मदद और सहयोग भी उपलब्ध कराऐंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सार्वजनिक/लोक उपक्रमों में निजी भागीदारी से ही देश का विकास संभव है। पीएम मित्रा पार्क में निवेशकों द्वारा किए जाने वाले पूंजी निवेश से जितनी उच्च कोटि के परिणाम प्राप्त किए जा सकते हैं, हर संभव प्रयास कर हम यह करके दिखाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पीएम मित्रा पार्क का प्रचार-प्रसार इस तरह किया जाए कि प्रदेश में मौजूद सभी प्रकार के कृषि आधारित उद्योग को भी भरपूर प्रोत्साहन मिले। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि देश में कुल 7 पीएम मित्रा पार्क मंजूर किए गए हैं। जहां दूसरे राज्य पीएम मित्रा पार्क की स्थापना के लिए प्राथमिक तैयारियां ही कर रहे हैं, वहीं प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के कुशल मार्गदर्शन एवं प्रेरणा से हमारी सरकार 17 सितंबर को धार जिले के भैंसोला गांव में देश के पहले और सबसे बड़े पीएम मित्रा पार्क का भूमिपूजन कराने जा रही है। उन्होंने कहा कि हम इसे देश का मॉडल पीएम मित्रा पार्क बनायेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पीएम मित्रा पार्क प्रदेश की कॉटन इंडस्ट्री को पुनर्स्थापित करेगा। यहां कपास से धागा, धागे से कपड़ा और रेडीमेड गारमेंट्स, होजियरी आइटम्स सहित ऑल वेदर वियरिंग्स तैयार किए जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पीएम मित्रा पार्क की स्थापना के बारे में प्रदेश के किसानों को हर तरीके से जानकारी दी जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हर्ष व्यक्त करते हुए बताया कि देश के सबसे बड़े इंडस्ट्रियल पार्क (पीएम मित्रा पार्क) में भूमिपूजन होने से पहले ही लैंड एलॉटमेंट की कार्रवाई पूरी कर ली गई है। पीएम मित्रा पार्क में भूमि आवंटन के लिए 114 कंपनियों के आवेदन मिले थे। इन कंपनियों ने पीएम मित्रा पार्क में निवेश करने की प्रबल रुचि व्यक्त कर लैंड अलॉटमेंट के लिए के लिए आवेदन किया है। आवेदन करने वाली कंपनियों में से 91 कंपनियों के आवेदन मंजूर कर इन्हें लैंड एलॉटमेंट कर दिया गया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि पीएम मित्रा पार्क में लैंड अलॉटमेंट कमेटी द्वारा विभिन्न कंपनियों और निर्माण इकाइयों को कुल 1294.19 एकड़ भूमि आवंटित करने की अनुशंसा कर दी गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पीएम मित्रा पार्क में अधोसंरचना विकास के लिए सभी जरूरी निर्माण कार्य जारी हैं। इन निर्माण कार्यों के साथ लैंड अलॉटमेंट पाने वाली कंपनियों द्वारा अपने कारखाने और निर्माण इकाइयां भी समानांतर रूप से निर्मित की जाएंगी। इससे आने वाले एक से डेढ़ साल के दौरान ही निवेशक कंपनियों की निर्माण इकाइयों में उत्पादन भी प्रारंभ हो जाएगा। बैठक में मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव वन, पर्यावरण श्री अशोक वर्णवाल, अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय एवं ऊर्जा श्री नीरज मंडलोई, सचिव किसान कल्याण एवं कृषि विकास श्री निशांत बरवड़े, आयुक्त जनसंपर्क श्री दीपक कुमार सक्सेना सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।  

सिंहस्थ 2028 में हर दिन लाखों श्रद्धालुओं के लिए खुलेंगे बाबा महाकाल के द्वार

भोपाल मध्य प्रदेश पुलिस मुख्यालय ने 2028 सिंहस्थ महाकुंभ के लिए तैयारियों को गति देते हुए उज्जैन और खंडवा जिलों का सुरक्षा ऑडिट करवाया है। इसमें सामने आया है कि उस दौरान उज्जैन में प्रतिदिन एक लाख श्रद्धालुओं को भगवान महाकाल का दर्शन कराया जा सकेगा। इससे अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने पर प्रशासन उनके ठहरने की व्यवस्था करेगा और अगले दिन दर्शन कराया जाएगा। सुरक्षा ऑडिट के माध्यम से दोनों जिलों की स्थानीय पुलिस ने यह पता लगाया कि भीड़ की दृष्टि से कौन-कौन से स्थान संवेदनशील हैं? सुरक्षा के कहां क्या प्रबंध किए जाने हैं? सीसीटीवी कैमरे कहां लगाए जाएंगे? इनका डिस्प्ले किस-किस जगह पर होगा? इसी रिपोर्ट के आधार पर अब विभिन्न व्यवस्थाओं के लिए टेंडर प्रक्रिया प्रारंभ की जाएगी। 60 हजार पुलिसकर्मी होंगे तैनात पुलिस मुख्यालय के अधिकारियों ने बताया कि उज्जैन और खंडवा जिलों की आडिट रिपोर्ट मुख्यालय को मिल गई है। इसमें पिछले सिंहस्थ में किए गए प्रबंध और इस सिंहस्थ में श्रद्धालुओं की संभावित संख्या को देखते हुए प्रबंध के उपाय सुझाए गए हैं। शाही स्नान के दिनों में सुरक्षा व्यवस्था के संबंध में अलग से ऑडिट कर जरूरतों के बारे में बताया गया है। सभी जगह मिलाकर लगभग 60 हजार पुलिसकर्मियों को पदस्थ किया जाएगा। दूसरे राज्यों के पुलिस बल की भी मदद ली जा सकती है। सेटेलाइट रेलवे स्टेशन और बस स्टैंडों के आसपास पार्किंग की व्यवस्था और जरूरी सुरक्षा प्रबंध का भी आकलन किया गया है। उज्जैन आएंगे, तो ओंकारेश्वर में भी करेंगे दर्शन उज्जैन आने वाले श्रद्धालुओं में 15 से 20 प्रतिशत के खंडवा जिले के ओंकारेश्वर दर्शन के लिए पहुंचने की संभावना है। इसे देखते हुए ओंकारेश्वर का भी ऑडिट कराया गया है। इसमें श्रद्धालुओं की संभावित संख्या, आने-जाने के रास्ते, प्रतिदिन दर्शन की क्षमता, नर्मदा में स्नान के लिए घाटों की उपलब्धता और क्षमता, पार्किंग व्यवस्था, खंडवा में श्रद्धालुओं को ठहराने की सुविधा और सभी जगह के लिए सुरक्षा प्रबंध की रूपरेखा बताई गई है। सिंहस्थ से जुड़े सभी कार्य समय सीमा में पूरा करें : मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शनिवार रात अपने आवास स्थित समत्व भवन में उज्जैन में वर्ष 2028 में होने जा रहे सिंहस्थ की तैयारियों की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने घाटों के विस्तार,सड़क निर्माण, शिप्रा को निर्मल बनाने के लिए किए जा रहे कार्यों को निर्धारित समय सीमा में पूरा करने के लिए कहा है। उन्होंने निर्माण कार्यों के अतिरिक्त अन्य तैयारियां जैसे सुरक्षा, शाही स्नान के दिन की जाने वाली व्यवस्थाओं की अद्यतन जानकारी अधिकारियों से ली। बैठक में उज्जैन के जनप्रतिनिधि वर्चुअली शामिल हुए। उन्होंने भी आयोजन के संबंध में कई सुझाव दिए और सिंहस्थ से जुड़े पुराने अनुभव साझा किए।

एमपी ट्रांसको के 412 सब स्टेस्शन में कैपेसिटर बैंक क्रियाशील : ऊर्जा मंत्री तोमर

भोपाल ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बताया कि विद्युत उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के उद्देश्य से मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी (एम.पी. ट्रांसको) अपने अधिकांश एक्स्ट्रा हाईटेंशन सबस्टेशनों में कैपेसिटर बैंकों की स्थापना कर चुकी है। कंपनी के 417 सबस्टेशन में से 412 सबस्टेशन में विभिन्न क्षमताओं के कैपेसिटर बैंक क्रियाशील हैं। इसके अतिरिक्त पुराने सबस्टेशनों में भी आवश्यकता अनुसार नए कैपेसिटर बैंकों की स्थापना के साथ मौजूदा क्षमता में वृद्धि की जा रही है। उन्होंने एमपी ट्रांसको के इस अभियान की प्रशंसा करते हुए कहा कि इससे प्रदेश के विद्युत उपभोक्ताओं को मानक वोल्टेज की गुणवत्तापूर्ण विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जा सकेगी। 9278.5 एम.व्ही.ए.आर.की स्थापित क्षमता वर्तमान में राज्य में स्थित एम.पी. ट्रांसको के 220 के.व्ही. सबस्टेशनों पर 145 के.व्ही. स्तर के 32 कैपेसिटर बैंक एवं 132 के.व्ही. सबस्टेशनों पर 36 के.व्ही. स्तर के 719 कैपेसिटर बैंक क्रियाशील हैं। कुल मिलाकर प्रदेश में एम.पी. ट्रांसको 751 कैपेसिटर बैंकों तथा 9278.5 एम.व्ही.ए.आर. की संयुक्त स्थापित क्षमता के साथ उपभोक्ताओं को मानक वोल्टेज पर उच्च गुणवत्ता की विद्युत आपूर्ति उपलब्ध करा रही है। 52 पुराने कैपेसिटर बैंकों की क्षमता वृद्धि ट्रांसमिशन कंपनी ने प्रदेश में 52 ऐसे पुराने कैपेसिटर बैंकों की पहचान की है, जिनकी समयावधि आयु पूर्ण हो चुकी है और वे अब अपेक्षित कैपेसिटिव लोड प्रदान करने में सक्षम नहीं हैं। इन सबस्टेशनों में अधिक एमवीएआर क्षमता के कैपेसिटर बैंकों की आवश्यकता महसूस की जा रही थी। इस आवश्यकता की पूर्ति के लिये कंपनी ने अभियान चलाकर इन स्थानों पर कैपेसिटर बैंकों का प्रतिस्थापन एवं क्षमता वृद्धि की जा रही है, ताकि एमपी ट्रांसकों के सभी सबस्टेशनों से गुणवत्तापूर्ण और मानक वोल्टेज में विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके। कैपेसिटर बैंक से मिलता है लाभ एक्स्ट्रा हाई टेंशन सबस्टेशनों से विद्युत आपूर्ति के दौरान पॉवर ट्रांसफार्मर्स पर प्रायः इंडक्टिव लोड (सिंचाई मोटरें एवं घरेलू उपकरण) होता है, जिससे वोल्टेज में कमी आती है और विद्युत गुणवत्ता प्रभावित होती है। इस समस्या के समाधान के लिये कैपेसिटर बैंक लगाए जाते हैं, जो अपने कैपेसिटिव लोड के माध्यम से उस इंडक्टिव प्रभाव को संतुलित कर देते हैं। इसके परिणामस्वरूप पॉवर फैक्टर में सुधार होता है और उपभोक्ताओं को मानक वोल्टेज पर विश्वसनीय विद्युत आपूर्ति होती है।  

प्रदेश में कचरे के निष्पादन के लिये नगरीय निकायों को किया जा रहा है प्रोत्साहित

भोपाल में बेकार कपड़े को रिसायकल करके उच्च गुणवत्ता का तैयार किया जा रहा है फाइबर पीपीपी मॉडल पर तैयार किया गया है अत्याधुनिक प्लांट भोपाल  नगरीय विकास एवं आवास विभाग नगरीय निकायों को कचरे के उचित निष्पादन के लिये लगातार प्रोत्साहित कर रहा है। प्रदेश के अनेक नगरीय निकायों ने इस दिशा में अभिनव पहल भी की है। इसके बेहतर परिणाम सामने आ रहे हैं। भोपाल नगर निगम ने कपड़े के रूप में अपशिष्ट प्रबंधन के लिये पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी मॉडल) टेक्सटाइल रिकवरी फेसिलिटी (टीआरएफ) सेंटर स्थापित किया है। यह पहल वस्त्र अपशिष्ट प्रबंधन और पुनर्चक्रण (रिसायकल) को बढ़ावा देने दी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। नगर निगम भोपाल की इस परियोजना का संपूर्ण खर्च कंपनी द्वारा वहन किया गया है और लगभग 2 करोड़ रूपये की लागत से यह अत्याधुनिक प्लांट तैयार किया गया है। निगम को इसके एवज में प्रति माह 22 हजार रूपये की रायल्टी प्राप्त होगी। यह टीआरएफ यूनिट प्रति घंटा एक टन बेकार कपड़ा अपशिष्ट प्रोसेस करने की क्षमता रखता है। इस यूनिट में एकत्रित पुराने कपड़ों को छटाई और 7-स्टेज डीथ्रेडिंग यूनिट की आधुनिक प्रक्रिया से गुजार कर उच्च गुणवत्ता का कॉटन और फाइबर तैयार किया जा रहा है। इस प्लांट के सॉफ्ट टायज, किक बैग्स, क्रिकेट पैड्स, रंगीन कॉटन, सफेद कॉटन और पॉलीएस्टर फाइबर जैसे उपयोगी उत्पाद तैयार किये जा रहे हैं। इससे न केवल राजधानी भोपाल में केवल कपड़ा अपशिष्ट का पुन: उपयोग संभव हुआ है, बल्कि अनेक लोगों को रोजगार भी मिल रहा है। पर्यावरण संरक्षण फाइबर सायकल टेक्सटाइल प्राइवेट लिमिटेड की यह पहल पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास की दिशा में एक बड़ा कदम है। यह परियोजना भोपाल को स्वच्छ और हरित शहर बनाने में अहम भूमिका निभा रही है। यह यूनिट प्रदेश के अन्य नगरों के लिये भी एक प्रेरक मॉडल बन गयी है। इस इकाई की कुल क्षमता 10 टन प्रति दिन है। भोपाल नगर निगम महापौर श्रीमती मालती राय ने भी इकाई का दौरा कर इसकी कार्यप्रणाली की जानकारी प्राप्त की है। इस इकाई को नगर निगम ने सिर्फ जमीन उपलब्ध कराई है। सारा निवेश कंपनी की तरफ से किया गया है।  

शिक्षा किसी भी समाज की प्रगति और विकास के लिए सबसे महत्वपूर्ण : उप मुख्यमंत्री देवड़ा

मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित कर दी शुभकामनाएं भोपाल उप मुख्यमंत्री श्री जगदीश देवड़ा ने कहा कि शिक्षा किसी भी समाज की प्रगति और विकास के लिए सबसे महत्वपूर्ण घटक है। ऐसे में जीनगर समाज द्वारा विद्यार्थियों को शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करने के लिये किए जा रहे कार्य प्रशंसनीय और सराहनीय हैं। समाजहित में किये जा रहे इस कार्य में राज्य सरकार आपके साथ है। उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा ने रविवार को भोपाल में अखिल भारतीय जीनगर समाज द्वारा आयोजित प्रतिभावान विद्यार्थी सम्मान समारोह में सहभागिता की। उन्होंने मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित कर उनका उत्साहवर्धन किया एवं उपस्थित विद्यार्थियों, अभिभावकों तथा समाज बंधुओं को संबोधित किया। सामाजिक बंधुओं ने उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा का भी सम्मान किया। उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा ने कहा कि समाज के बच्चों से मैं यह विशेष तौर पर कहना चाहता हूँ कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के कुशल नेतृत्व में राज्य सरकार शिक्षा के लिए पूर्ण समर्पित और संकल्पित है। उन्होंने विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।  

विद्यालयों को अकादमिक दृष्टि से मजबूत करने के लिये विमर्श पोर्टल

भोपाल  स्कूल शिक्षा विभाग प्रदेश में सरकारी स्कूलों, शिक्षकों और विद्यार्थियों को अकादमिक रूप से मजबूत करने और शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिये डिजिटल प्लेटफार्म के रूप में विमर्श पोर्टल का संचालन कर रहा हैं। विमर्श पोर्टल में संभाग, जिला, विकासखंड और विद्यालयों के लॉगइन उपलब्ध है। विद्यालयों द्वारा दर्ज जानकारी के आधार पर संभाग, जिला और राज्य स्तर पर रिपोर्ट से मॉनिटरिंग की जा रही है। विमर्श पोर्टल पर विद्यार्थियों का विषयवार नामांकन, ब्रिज कोर्स, स्कूल एमआईएस इन्फ्रास्ट्रक्चर संबंधित जानकारी, विषयमान से अध्यापन करने वाले शिक्षकों और प्राचार्यों की जानकारी, त्रैमासिक, अर्द्धवार्षिक परीक्षा परिणाम और स्थानीय परीक्षा की जानकारी विद्यालयों द्वारा अपने लॉगइन से प्रत्येक सत्र में दर्ज की जाने की सुविधा है। आईसीटी@स्कूल अंतर्गत विद्यालयों में स्थापित की गई आईसीटी लैब, मॉनिटरिंग सिस्टम और विद्यालयों में कार्यरत व्यावसायिक शिक्षकों की मॉनिटरिंग संबंधित जानकारी प्रत्येक माह में विमर्श पोर्टल पर दर्ज की जा रही है।  

पीएम मित्रा पार्क में 91 कम्पनियों को आवंटित हुई लगभग 1300 एकड़ भूमि : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भूमि आवंटन की प्रक्रिया निरंतर रहेगी जारी म.प्र. के कॉटन कैपिटल बनने की ऐतिहासिक छलांग भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि धार जिले के भैंसोला में स्थापित होने वाले देश के पहले पीएम मित्रा पार्क के शिलान्यास के पहले ही देश की अग्रणी 114 टेक्सटाइल कम्पनियों से 23 हजार करोड़ रूपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हो चुके है। इन प्रस्तावों में से 91 कम्पनियों और इकाइकों के आवेदन स्वीकृत किये जाकर 1294 एकड़ से अधिक भूमि आवंटित किये जाने की अनुशंसा की जा चुकी है। जिन कम्पनियों को भूमि आवंटित की गई है, उनमें 20 हजार करोड़ रूपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इससे 72 हजार से अधिक रोजगार सृजित होंगे। पार्क परियोजना पूर्ण विकसित होने पर रोजगार का आंकड़ा तीन लाख तक पहुँचने का अनुमान है। यह केवल संख्या नहीं, बल्कि लाखों परिवारों के जीवन में आने वाला ठोस बदलाव है। प्रमुख निवेश प्रस्ताव देश की जिन अग्रणी टेक्सटाइल कंपनियों को पीएम मित्रा पार्क में भूमि आवंटित की गई है, उनके द्वारा बड़े स्तर पर निवेश के प्रस्ताव दिए गये हैं। इसमें प्रमुख रूप से वर्धमान टेक्सटाइल्स लिमिटेड 2000 करोड़ रूपये का निवेश कर 190 एकड़ भूमि पर इकाई स्थापित करेगा। जैन कॉर्ड इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड 2515 करोड़ रूपये का निवेश 58 एकड़ भूमि पर करेगा। एबी कॉटस्पिन इंडिया लिमिटेड 1300 करोड़ रुपये का निवेश 45 एकड़ भूमि पर, ट्राइडेंट लिमिटेड कंपनी 180 एकड़ भूमि पर 4,881 करोड़ रूपये का निवेश, ऑरा सिक्योरिटीज प्रा.लि. 105 एकड़ भूमि पर 1204 करोड़ रुपये, बेस्ट लाइफस्टाइल अपैरल प्रा.लि. 75 एकड़ भूमि पर 981 करोड़ रूपये का निवेश, नासा फाइबर टू फैशन प्रा.लि. 30 एकड़ भूमि पर 472 करोड़ का निवेश, डोनियर सिंथेटिक लि. 20 एकड़ भूमि पर 220 करोड़ का निवेश, महालक्ष्मी प्रोसेसिंग हाउस प्रा.लि. 30 एकड़ भूमि पर 300 करोड़ रूपये का निवेश, कमर्शियल सिन बैग्स लिमिटेड 8 एकड़ भूमि पर 134 करोड़ रूपये का निवेश और नावकार टेकटेक्स लिमिटेड 8 एकड़ भूमि पर 135 करोड़ रूपये का निवेश करेगी। पीएम मित्रा पार्क में शार्मनजी यार्न्स प्राइवेट लिमिटेड ने 836.70 करोड़, सनातन पॉलिकॉट प्राइवेट लिमिटेड ने 1000 करोड़, सिद्धार्थ प्योरस्पन प्राइवेट लिमिटेड ने 380 करोड़, फैबियन टेक्सटाइल प्राइवेट लिमिटेड ने 308 करोड़, पासा पॉलिटेक्स प्राइवेट लिमिटेड ने 270 करोड़, दादी मां फाइबर्स ने 280 करोड़, ओसीएम फ्लोरिंग प्राइवेट लिमिटेड ने 250 करोड़, सोनिया सिंथेटिक्स एलएलपी ने 240 करोड़, वंश टेक्नोफैब प्राइवेट लिमिटेड ने 233 करोड़, डोनियर रिटेल प्रा. लिमिटेड ने 240 करोड़, तनमय प्योर स्पन ने 220 करोड़, महाशक्ति टेक्सटाइल मिल्स ने 202 करोड़, जिनेन्द्रम टेक्सस्पिन प्राइवेट लिमिटेड ने 200 करोड़, जे.के. क्वालिटी कॉटन इंडस्ट्रीज ने 180 करोड़, लक्ष्मीनाथ कल्पना मिल्स प्राइवेट लिमिटेड ने 155 करोड़, टिकमसा दुलीचंद नैचुरल फाइबर लिमिटेड ने 142 करोड़, मोहिनी एक्टिव लाइफ प्राइवेट लिमिटेड ने 190 करोड़, एल्पाइन टेक्सवर्ल्ड लिमिटेड ने 140.04 करोड़, टैनफैक अपैरल्स लिमिटेड ने 125 करोड़, महावीर स्पिनफैब प्राइवेट लिमिटेड ने 125 करोड़, रमेश टेक्सटाइल्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड ने 115 करोड़, कैनडेक्स फिलामेंट प्राइवेट लिमिटेड ने 113.79 करोड़, अनीका टेक्सफैब ने 100 करोड़, न्यू जील फैशन वेयर प्राइवेट लिमिटेड ने 100 करोड़, मराल ओवरसीज लिमिटेड ने 100 करोड़, श्री पैकर्स (एमपी) प्राइवेट लिमिटेड ने 100 करोड़, आर.आर. जैन इंडस्ट्रीज ने 101.25 करोड़, मैस्कॉट फैशन्स प्राइवेट लिमिटेड ने 80 करोड़, ऋचा ग्लोबल एक्सपोर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड ने 77.88 करोड़, कोटली क्रिएशन प्राइवेट लिमिटेड ने 60 करोड़, वाइब्रेंट पॉलिमर्स एलएलपी ने 50.61 करोड़, बॉन एंड कंपनी ने 50 करोड़, गोल्डन सीम्स इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड ने 45 करोड़, शंकारी फूड इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड ने 45 करोड़, के.जी. एक्सपोर्ट्स ने 43.35 करोड़, ऑरम विनाइल्स प्राइवेट लिमिटेड ने 40 करोड़, राघवेंद्र स्पिनटेक्स प्राइवेट लिमिटेड ने 37.60 करोड़, ग्रीन स्टिच एपरेल प्राइवेट लिमिटेड ने 30 करोड़, सिद्धि विनायक पॉलीप्लास्ट ने 33 करोड़, राजदीप इंडस्ट्रीज एलएलपी ने 29 करोड़, मंत्रम टेक्नोफैब प्राइवेट लिमिटेड ने 25 करोड़, केटीएफ फैशन प्राइवेट लिमिटेड ने 25 करोड़, पुनीत अपैरल्स प्राइवेट लिमिटेड ने 25 करोड़, बीकेके पॉलीप्रोडक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड ने 20 करोड़, युग फैशन लिमिटेड ने 20 करोड़, श्री गुरूकृपा फैब्रिक्स ने 16.25 करोड़, गुरूकृपा टारपॉलिन्स प्राइवेट लिमिटेड ने 16.25 करोड़, शिव्यश अपैरल्स एन्त्रप्रेन्योर्स एलएलपी ने 14 करोड़, ट्रैक निटवेयर ने 12 करोड़, बुक अ बॉक्स ने 12 करोड़, दित्वि एक्सपोर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड ने 10 करोड़, श्याम अपैरल्स ने 10 करोड़, जीटारा टेक्सटाइल्स प्राइवेट लिमिटेड ने 25 करोड़, ट्रैम्पेरी ग्लोबल एलएलपी ने 10 करोड़, एनटीपी सॉल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड ने 8 करोड़, पी.पी. एंड संस ने 4 करोड़, एस.आर. नांगालिया एंड संस (सिंटेक्स) प्राइवेट लिमिटेड ने 10 करोड़, श्री नकौड़ा टेक्सफैब प्राइवेट लिमिटेड ने 50 करोड़, नवकार टेकटेक्स लिमिटेड ने 135 करोड़, गजश्री फिलामेंट ने 4 करोड़, शिप्सी वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड ने 3.42 करोड़, अमित जैन ने 3 करोड़, गम्भीर गारमेंट्स ने 3.50 करोड़, चौधरी इंफ्रा प्रोजेक्ट ने 2.20 करोड़, मणि एंटरप्राइजेज ने 2.10 करोड़, एकागद वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड ने 2 करोड़, प्रोप्लेक्स इन्फोटेक प्राइवेट लिमिटेड ने 1.50 करोड़, अमोडे गारमेंट्स प्राइवेट लिमिटेड ने 1.50 करोड़, सिंध क्लोदिंग कंपनी ने 1.50 करोड़, श्रीजी फाइन स्टोन एंड कटिंग सप्लायर ने 1.30 करोड़, एडवांस एलायंस ने 1.20 करोड़, गट्टीमैन पैकेजिंग ने 1.15 करोड़,  

वन टीम पर हमला: शहडोल में सर्च वारंट फाड़ने की सनसनीखेज वारदात

शहडोल जिले के जयसिंहनगर में वन विभाग की टीम पर हमला हुआ है। इतना ही नहीं शासकीय दस्तावेजों को वन विभाग की टीम के सामने ही आरोपितों ने फाड़ फेंका है। यह घटना उस समय हुई जब वन विभाग को सूचना मिली कि अवैध रूप से इमारती लकड़ियों को जंगलों से काट कर इकट्ठा रखा गया है, जिसे जब्त करने वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची थी। तभी आरोपित एवं उसके अन्य साथियों ने वन टीम पर हमला बोल दिया। मामला जयसिंह नगर थाना क्षेत्र का है, जिस पर वन विभाग के कर्मचारी की शिकायत पर पुलिस ने आरोपितों पर मामला दर्ज कर लिया है। लेकिन सभी आरोपी अभी पुलिस की पकड़ से दूर है।   मंहदेवा गांव की घटना जयसिंहनगर वन परिक्षेत्र के मंहदेवा गांव में एक घर में इमारती लकड़ियों का एक बड़ा जखीरा रखे होने की जानकारी वन विभाग के अधिकारियों को मिली थी, जिस पर वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर एक टीम का गठन हुआ, जिसमें जयसिंह नगर के साथ गोदवाल वन परिक्षेत्र के अधिकारी शामिल हो कर मौके के लिए रवाना हुए। टीम ने मौके पर छापा मारा तो देखा कि बड़ी मात्रा में लकड़ियां घर के बाहर बाड़ियों में छुपा कर रखी गई थी। वन विभाग की टीम कार्रवाई कर रही थी। तभी उन्हें यह जानकारी मिली कि सुरेन्द्र यादव जिसकी बाड़ी के आस पास यह लकड़ी मिली है, उसने अपने पक्के मकान के अंदर भी कुछ इमारती लकड़ी छुपा कर रखा हुआ है। टीम ने जब घर के अंदर जा कर कार्रवाई करने की कोशिश की तो, आरोपित वन विभाग की टीम से भिड़ गया और उसने कहा कि आपको घर के अंदर जाने के लिए मुझे सर्च वारंट दिखाना होगा। वन विभाग के अधिकारियों ने आरोपी को सर्च वारंट दिया और वही से बात बिगड़ गई। बीट गार्ड ने दर्ज कराई शिकायत पुलिस से शिकायत करते हुए बीट गार्ड सूर्य प्रताप सिंह ने बताया कि आरोपी सुरेंद्र यादव ने सर्च वारंट देखते ही उसे वन विभाग की टीम के सामने फाड़ दिया। जब अधिकारियों ने इसका विरोध किया तो उसके साथ घर में मौजूद अन्य लोग एवं महिलाएं वन विभाग की टीम पर हावी हो गई, और गाली गलौज करते हुए अभद्र भाषाओं का प्रयोग किया है। वन विभाग ने आधी अधूरी कार्रवाई की और मौके से निकलकर थाने पहुंच कर घटना की जानकारी पुलिस को दी। आरोपी फरार, मामला दर्ज थाना प्रभारी जयसिंहनगर अजय कुमार बैगा ने बताया कि वन विभाग की टीम के साथ शासकीय कार्य में बाधा,गाली गलौज कर शासकीय दस्तावेज को नुकसान पहुंचाने का मामला दर्ज किया है। बीट गार्ड की शिकायत पर आरोपी सुरेंद्र यादव,नरेंद्र यादव,बाबूलाल एवं दो अन्य के विरुद्ध मामला दर्ज कर लिया है। आरोपी अभी फरार हैं,जल्द उनकी गिरफ्तारी की जाएगी।

नेशन बिल्डर अवॉर्ड समारोह में उप मुख्यमंत्री हुए शामिल, युवा पीढ़ी से नशे से दूर रहने का आहवान किया

भोपाल  उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि भारत आर्थिक महाशक्ति बनने की ओर अग्रसर है। आज हर क्षेत्र में संभावनाएं हैं, अवसर हैं। इन अवसरों का लाभ लेने के लिए आवश्यक है कि युवा सजग हों और मनोयोग से मेहनत करें। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने विशेष रूप से युवा पीढ़ी से नशे से दूर रहने का आहवान किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश के विकास का सुनहरा फल युवाओं को मिले, इसके लिए आवश्यक है कि वे नशे से दूरी बनाकर अपनी ऊर्जा सकारात्मक दिशा में लगाएँ। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने मीडिया से आग्रह किया कि नशे के दुष्परिणामों पर जनजागरूकता अभियान चलाएँ। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल आनंद मोहन माथुर सभागृह, इंदौर में निजी मीडिया समूह के 12वें नेशन बिल्डर अवॉर्ड 2025 समारोह में शामिल हुए। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि मध्यप्रदेश ने कृषि क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। राज्य को कृषि कर्मण अवार्ड प्राप्त होना इसका प्रमाण है। सिंचाई के क्षेत्र में भी लगातार वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि इंदौर की स्वच्छता पूरे देश के लिए एक मिसाल बन चुकी है और प्रदेश विकास की ओर तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने शिक्षा, प्रशासनिक सेवा सहित विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली विभूतियों को सम्मानित किया। महापौर श्री पुष्यमित्र भार्गव, सुप्रसिद्ध सिने तारिका एवं पूर्व सांसद श्रीमती जया प्रदा, आयोजक श्री वीरेंद्र मिश्रा सहित नागरिक उपस्थित रहे। श्रीमती जया प्रदा ने इंदौर की स्वच्छता की सराहना की।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पटना में की भगवान श्रीकृष्ण के विचारों पर केंद्रित सांस्कृतिक सम्मेलन में सहभागिता

तीन सौ से अधिक सांदीपनि विद्यालयों के जरिए हमारी सरकार दे रही गुरुकुल शिक्षा पद्धति को प्रोत्साहन भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि भारत विश्व का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश है। हमारे पूर्वजों ने लोकतंत्र रूपी पौधे की जड़ों को इतनी खूबसूरती से सींचा है कि अब यह विशाल वटवृक्ष बन चुका है। भगवान श्रीकृष्ण सच्चे अर्थों में लोकतांत्रिक व्यवस्था के पक्षधर थे। उन्होंने अपने राजकाज में लोकतांत्रिक मूल्यों और सभी के विचारों को महत्व दिया। हमारी सरकार भगवान श्रीकृष्ण के बताए मार्ग पर ही चल रही है। उनके विचार हमारे लिए अमूल्य पूंजी और हमारी सांस्कृतिक धरोहर हैं। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार भगवान श्रीकृष्ण की स्मृतियों को चिरस्थाई बनाने के लिए मध्यप्रदेश एवं देश में उनकी लीला स्थलों को चिन्हित कर श्रीकृष्ण पाथेय विकसित करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। श्रीकृष्ण के लीला स्थलों को तीर्थ के रूप में विकसित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को पटना (बिहार) में भगवान श्रीकृष्ण के विचारों का जन समरस 'सांस्कृतिक सम्मेलन' को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने यहां अखिल भारतीय यादव महासभा अहीर की बिहार इकाई द्वारा आयोजित नियमित समाज सुधार श्रृंखला में भी सहभागिता की और समाज सुधार की दिशा में अपने विचार व्यक्त किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सांस्कृतिक सम्मेलन में कहा कि भगवान श्रीकृष्ण यदुकुल के महान गौरव हैं। वे योगीराज थे। सभी ललित कलाओं में निपूण थे। उन्होंने मात्र 11 साल की उम्र में कंस जैसे शक्तिशाली एवं आततायी राजा से युद्ध कर तत्समय लोकतंत्र के मूल्यों की रक्षा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि विश्व को गीता का ज्ञान देने वाले भगवान श्रीकृष्ण के सम्मान में हमारी सरकार मध्यप्रदेश के हर नगरीय निकायों में गीता भवनों का निर्माण करने जा रही है। भगवान श्रीकृष्ण के गुरु सांदीपनि के नाम पर हम मध्यप्रदेश में 300 से अधिक स्थानों पर सांदीपनि विद्यालयों की स्थापना कर गुरुकुल शिक्षा पद्धति को प्रोत्साहित कर रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पाटलिपुत्र (पटना) और अवन्तिका (उज्जैन) देश के सबसे पुराने नगर हैं। कभी पाटलिपुत्र में सम्राट, तो अन्वतिका (उज्जैन) में युवराज विराजते थे। बौद्ध धर्म के विचारों का प्रवाह बिहार से ही पूरे विश्व में फैला। इस मायने में बिहार ने पूरे विश्व को शांति, अहिंसा और सामाजिक सद्भावना की दिशा दी है। उन्होंने कहा कि भारत की मूल पहचान हमारी समृद्ध संस्कृति है। यदि आप विदेश में भारत का नाम लिए बगैर सिर्फ इतना कह दें कि आप राम-कृष्ण-बुद्ध की धरती से आएं हैं, तो भी विदेशी यह समझ जाएंगे कि हम भारतीय हैं। यही हमारी मूल पहचान है। उन्होंने कहा कि भगवान गोपाल श्रीकृष्ण की इस पावन धरती पर हम अपनी संस्कृति, अपने मूल्यों और अपने विचारों पर दृढ़ता से आगे बढ़ें, यही हमारा संकल्प होना चाहिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बिहार राज्य के नागरिकों को मध्यप्रदेश आने का आमंत्रण देते हुए कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने हमारे प्रदेश में अपना बाल्यकाल बिताया। यहीं सांदीपनि आश्रम में उनकी शिक्षा-दीक्षा हुई। श्रीकृष्ण-सुदामा की अजर-अमर दोस्ती की नींव भी यहीं पड़ी। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस मामले में हम परम सौभाग्यशाली हैं कि मध्यप्रदेश के कण-कण में भगवान श्रीकृष्ण की स्मृतियां और उनकी लीलाएं समाई हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सबका समग्र विकास ही लोक कल्याणकारी राज्य का मूल उद्देश्य है। यह शासन का लक्ष्य भी है और कर्तव्य भी। सबके विकास की चिंता कर शासन की सुव्यवस्था (सुशासन) के जरिए हर जरूरतमंद को सरकार की योजनाओं और सुविधाओं का लाभ दिलाने के लिए मध्यप्रदेश तेजी से अग्रसर है। हम विरासत से विकास की अवधारणा को हृदय से आत्मसात कर देश के विकास में योगदान के लिए समर्पित हैं। इससे पहले मुख्यमंत्री डॉ. यादव एवं अन्य विशिष्ट अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलन एवं भगवान श्रीकृष्ण का पूजन कर सांस्कृतिक सम्मेलन का शुभारंभ किया। सम्मेलन में बिहार राज्य के विधानसभा अध्यक्ष श्री नंदकिशोर यादव, छत्तीसगढ़ राज्य के मंत्री श्री हरिलाल यादव, पूर्व केन्द्रीय मंत्री श्री रामप्रकाश यादव, श्री गजेन्द्र यादव, श्री हंसराज यादव, अखिल भारतीय यादव महासभा अहीर के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं सांस्कृतिक सम्मेलन के सूत्रधार डॉ. अशोक यादव सहित बड़ी संख्या में यादव समाजजन उपस्थित थे।