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हाईकोर्ट का स्पष्ट आदेश, नैतिकता पर नहीं बल्कि कानून पर होगा फैसला

जबलपुर  हाईकोर्ट में दायर बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका (हेबियस कॉर्पस) के एक मामले में हाईकोर्ट ने अहम फैसला सुनाया है. हाईकोर्ट जस्टिस अतुल श्रीधरन और जस्टिस प्रदीप मित्तल की युगलपीठ ने दायर बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका की सुनवाई करते हुए अपने आदेश में कहा कि कानून में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है कि वयस्क युवती को शादीशुदा व्यक्ति के साथ स्वेच्छा से रहने से रोका जा सके. नैतिकता के संबंध में न्यायालय कोई निर्णय नहीं दे सकता है. वयस्क होने के कारण युवती को यह अधिकार है कि उसे किसके साथ रहना है और इस संबंध में वह स्वयं निर्णय ले सकती है. बेटी के घर छोड़ने पर दायर की थी बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका नरसिंहपुर निवासी पिता की तरफ से हाईकोर्ट में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर की गई थी. जिसमें कहा गया था कि उसकी बेटी को अनावेदकों ने बंदी बना रखा है. याचिका की सुनवाई के दौरान नरसिंहपुर पुलिस ने युवती को कोर्ट में पेश किया. पेशी के दौरान युवती ने युगलपीठ को बताया कि वह वयस्क है और वह उसी व्यक्ति के साथ रहना चाहती है. इसके कारण उसने स्वेच्छा से माता-पिता का घर छोड़कर उस व्यक्ति के साथ रहने चली गई थी. शादीशुदा व्यक्ति के साथ रह रही युवती याचिकाकर्ता की तरफ से हाईकोर्ट में तर्क दिया गया कि जिस व्यक्ति के साथ युवती रह रही है वह शादीशुदा है. इसलिए युवती को माता-पिता के साथ रहना चाहिए. इस संबंध में पुलिस ने कोर्ट को बताया कि जिस व्यक्ति के साथ युवती रहना चाहती है वह अपनी पहली पत्नी को छोड़ चुका है और तलाक लेने का प्रस्ताव रखा है. 'वयस्क युवती को निर्णय लेने का है अधिकार' हाईकोर्ट जस्टिस अतुल श्रीधरन और जस्टिस प्रदीप मित्तल की युगलपीठ ने अपने आदेश में कहा कि "वयस्क होने के कारण उसे यह अधिकार है कि वह निर्णय ले सकती है कि किस व्यक्ति के साथ उसे रहना है. उसके लिए क्या सही है और क्या गलत. वह यह खुद देख सकती है. ऐसा कोई कानून नहीं है कि उसे विवाहित व्यक्ति के साथ रहने से रोका जा सके. लेकिन यदि वह शादीशुदा व्यक्ति से विवाह करती तो यह अपराध की श्रेणी में आता है. ऐसी स्थिति में शादीशुदा व्यक्ति की पत्नी दूसरी शादी के संबंध में प्रकरण दर्ज करवा सकती है." हाईकोर्ट ने डीएसपी को दिए निर्देश युगलपीठ ने कहा कि युवती ने अपने माता-पिता के साथ रहने से इंकार कर दिया है. ऐसे में युगलपीठ ने डीएसपी गोटेगांव को निर्देशित किया कि वह कॉर्पस से इस संबंध में अंडरटेकिंग ले कि वह अपनी मर्जी से उस व्यक्ति के साथ रहना चाहती है. पुलिस संबंधित व्यक्ति से भी कॉर्पस को अपने साथ रखने के संबंध में अंटरटेकिंग ले. युगलपीठ ने अपने आदेश के साथ याचिका का निराकरण कर दिया.

रेलवे की बड़ी सौगात, दिवाली-छठ पर चलेंगी 150 स्पेशल ट्रेनें, दो तरफा टिकट होगा सस्ता

भोपाल    छठ पूजा, दशहरा, दिवाली पर इस बार यात्रियों को कंफर्म सीट दिलाने के लिए भोपाल रेल मंडल के स्टेशनों से 150 से ज्यादा स्पेशल ट्रेन चलाई जाएंगी। इन ट्रेनों का किराया नियमित ट्रेनों के मुकाबले 30 से 40 प्रतिशत तक ज्यादा रहेगा, लेकिन यदि आप दो तरफ टिकट यानी आने-जाने की बुकिंग करवाते हैं तो रेलवे आपको 20 प्रतिशत तक रियायत उपलब्ध कराएगा। यात्रियों को मिलेगी कंफर्म सीट भोपाल रेल मंडल पैसेंजर यूटिलिटी कमेटी के प्रारंभिक सर्वे में इस बार छठ पूजा, दशहरा, दिवाली सहित बाकी फेस्टिवल डेज में तीन लाख यात्रियों की आवाजाही का आंकलन किया गया है। रेलवे ने दावा किया है कि नियमित ट्रेनों में नोरूम और वेटिंग के बावजूद स्पेशल ट्रेनों में यात्रियों को कंफर्म सीट मिलेगी। नियमित गाड़ियां ● फैस्टिवल सीजन के नजदीक आते ही नियमित यात्री ट्रेनों में स्लीपर से लेकर फर्स्ट एसी तक सभी क्लास में सीटें भर चुकी हैं। ● उत्तर भारत की ओर भीड़ -पंजाब मेल, सीएसएमटी -अमृतसर एक्सप्रेस और राजधानी एक्सप्रेस जैसी ट्रेनों में 18 और 19 अक्टूबर को भारी भीड़ है। ● इन ट्रेनों में यात्रियों की बुकिंग की संख्या लगातार बढ़ रही है।

मध्यप्रदेश में अब तक 91% बारिश पूरी, उज्जैन सहित 13 जिलों में तेज बारिश का अलर्ट

भोपाल  मध्यप्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है. मौसम विभाग ने राज्य में अगले तीन दिनों तक तेज बारिश की संभावना जताई है. मानसून ट्रफ और साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम की एक्टिविटी के चलते कई जिलों में भारी से अति भारी बारिश हो सकती है. मध्य प्रदेश में मानसून (monsoon) अब रौद्र रूप में हैं। शुक्रवार को कई जिलों में झमाझम बारिश से जीवन अस्त-व्यस्त हो गया। जगह-जगह जलभराव के कारण सड़के डूब गई और निचले इलाकों में हालत बिगड़ गए। राजधानी भोपाल समेत शाजापुर, राजगढ़, नर्मदापुरम, श्योपुर, मंडला, सिवनी और मालवा क्षेत्र में हालात गंभीर बने हुए हैं। नर्मदापुरम में चार दिन से तवा डैम के गेट लगातार खुले हुए हैं। बुधवार को सीजन में दूसरी बार 13 में से 5 गेट खोले गए थे, जो अब तक खुले हुए हैं। आज (शनिवार) सुबह 8 बजे तीन गेट पांच फीट की ऊंचाई पर खोले गए हैं। करीब 25,800 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। वर्तमान में तवा डैम का जलस्तर 1163.70 फीट दर्ज किया गया है। आज इन जिलों में होगी बारिश मौसम विभाग के अनुसार, अगले 24 घंटे में नीमच और मंदसौर में अति भारी बारिश का अलर्ट है। वहीं, शिवपुरी, मुरैना, गुना, राजगढ़, शाजापुर, आगर-मालवा, उज्जैन, मंदसौर, रतलाम, झाबुआ और अलीराजपुर में भारी बारिश हो सकती है। सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया कि प्रदेश के ऊपर से एक मानसून ट्रफ गुजर रही है। वहीं, उत्तरी हिस्से में साइक्लोनिक सर्कुलेशन सक्रिय है। इस वजह से शुक्रवार को कई जिलों में बारिश हुई। यहां जारी हुआ अलर्ट ऑरेंज अलर्ट – राजगढ़, आगर, मंदसौर, नीमच, गुना, शिवपुरी और श्योपुर। मौसम विभाग के मुताबिक, शनिवार 23 अगस्त को यहां मूसलाधार बारिश की संभावना है, जिससे इन जिलों में बाढ़ जैसी स्थिति पैदा हो सकती है। आज उज्जैन समेत 13 जिलों में अलर्ट मौसम विभाग के मुताबिक, आज उज्जैन समेत राज्य के 13 जिलों में अलर्ट जारी किया गया है. इनमें शिवपुरी, मुरैना, गुना, राजगढ़, शाजापुर, आगर-मालवा, उज्जैन, मंदसौर, रतलाम, झाबुआ और अलीराजपुर शामिल हैं. इन जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है. नीमच-मंदसौर में ऑरेंज अलर्ट अगले 24 घंटों में नीमच और मंदसौर जिले में अति भारी बारिश की संभावना जताई गई है. यहां मौसम विभाग ने ऑरेंज अलर्ट जारी किया है. स्थानीय प्रशासन को सतर्क रहने और लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है. अगले तीन दिन एक्टिव रहेगा मानसून मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, अगले तीन दिनों तक मध्यप्रदेश के कई हिस्सों में तेज बारिश होती रहेगी. इसके चलते निचले इलाकों में जलभराव और नदी-नालों का जलस्तर बढ़ सकता है.  इन जिलों में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट नीमच और श्योपुर में अगले 24 घंटे में साढ़े 8 इंच तक बारिश। यहां भारी बारिश का यलो अलर्ट शिवपुरी, मुरैना, गुना, राजगढ़, शाजापुर, आगर-मालवा, उज्जैन, मंदसौर, रतलाम, झाबुआ और अलीराजपुर में अगले 24 घंटे में साढ़े 4 इंच तक पानी पड़ने की संभावना है। श्योपुर के कराहल में शुक्रवार को नाले में दो लोग बह गए। एक को ग्रामीणों ने बचा लिया, जबकि दूसरा लापता है। श्योपुर में बोदल की पुलिया बहने से सवाई माधोपुर जाने का रास्ता पूरी तरह बंद हो गया। सिवनी मालवा में तेज बारिश के कारण नदी-नाले उफान पर हैं, प्रशासन ने लोगों को डूब क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह दी है। बारिश के चलते भोपाल के हुजूर एसडीएम ऑफिस की छत का प्लास्टर गिर गया। रात में हादसा हुआ जिस से कोई चोटिल नहीं हुआ। MP के 25 जिले में बारिश प्रदेश में शुक्रवार को कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश का दौर जारी रहा। बालाघाट के मलाजखंड में सवा इंच बरसात हुई। मंडला में करीब 1 इंच बारिश हुई। पचमढ़ी में पौन इंच, नरसिंहपुर और श्योपुर में आधा इंच बारिश दर्ज की गई। इसी तरह भोपाल, मऊगंज, मंदसौर, मंडला, सिवनी, नर्मदापुरम, श्योपुर, राजगढ़, शाजापुर, बड़वानी, रतलाम, बैतूल, दतिया, गुना, इंदौर, पचमढ़ी, उज्जैन, छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर, रीवा, सागर, टीकमगढ़, उमरिया, सिवनी में भी तेज बारिश हुई। एमपी के 25 जिले में बारिश, मलाजखंड में सवा इंच वर्षा प्रदेश में शुक्रवार को कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश का दौर जारी रहा। बालाघाट के मलाजखंड में सवा इंच बारिश हुई। मंडला में करीब 1 इंच पानी गिरा। पचमढ़ी में पौन इंच, नरसिंहपुर और श्योपुर में आधा इंच बारिश दर्ज की गई। इसी तरह भोपाल, मऊगंज, मंदसौर, मंडला, सिवनी, नर्मदापुरम, श्योपुर, राजगढ़, शाजापुर, बड़वानी, रतलाम, बैतूल, दतिया, गुना, इंदौर, पचमढ़ी, उज्जैन, छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर, रीवा, सागर, टीकमगढ़, उमरिया, सिवनी में भी तेज बारिश हुई। नर्मदापुरम में तवा डैम का एक गेट 3 फीट तक खोलकर पानी छोड़ा गया है। श्योपुर में सीप नदी के उफान पर आने से निचली बस्तियों में पानी भर गया। बोदल की पुलिया बहने से सवाई माधोपुर रोड बंद हो गया। श्योपुर के कराहल में दो युवक नाले में बह गए। एक को ग्रामीणों ने बचा लिया जबकि दूसरे की तलाश एसडीईआरएफ कर रही है। श्योपुर में सीप नदी उफान पर नर्मदापुरम में तवा डैम का एक गेट 3 फीट तक खोलकर पानी निकाला गया है। श्योपुर में सीप नदी के उफान पर आने से निचली बस्तियों में पानी भर गया। वहीं बोदल की पुलिया बहने से सवाई माधोपुर रोड बंद हो गया। श्योपुर के कराहल में तेज बारिश से दो युवक नाले में बह गए। एक को ग्रामीणों ने बचा लिया जबकि दूसरे की तलाश SDERF कर रही है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दी राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस की बधाई

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस पर देश-प्रदेशवासियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि चंद्रयान-3 मिशन के विक्रम लैंडर की सफल लैंडिंग के साथ हमारे देश को वर्ष 2023 में आज ही के दिन चंद्रमा पर प्रज्ञान रोवर की स्थापना की ऐतिहासिक सफलता प्राप्त हुई थी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में भारतीय अंतरिक्ष मिशन प्रतिदिन नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। प्रत्येक देशवासी को गर्व है कि हमारे वैज्ञानिकों के सतत् परिश्रम और समर्पण ने भारत को वैश्विक अंतरिक्ष शक्ति के रूप में स्थापित किया है।  

डीआरआई की छापेमारी में बड़ा खुलासा, भोपाल की मेफेड्रोन फैक्ट्री के धंधे में अंडरवर्ल्ड की एंट्री

भोपाल  डीआरआइ के छापे के बाद सुर्खियों में आई राजधानी के जगदीशपुर स्थित मेफेड्रोन फैक्ट्री की जांच अब एनआइए की टीम भी करेगी। इस फैक्ट्री के संचालकों का अंडरवल्र्ड से कनेक्शन मिलने के बाद एऩआइए ने मामले की जांच की तैयारी कर ली है। फैक्ट्री लगाने में अंडरवर्ल्ड ड्रग तस्कर सलीम डोला का नाम सामने आने के बाद संभावना जताई जा रही है कि वही तुर्किए से बैठकर इसका संचालन कर रहा था। सलीम डोला को मुंबई के भगोड़े डॉन दाउद इब्राहिम का करीबी माना जाता है। उसके अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स स्मगलिंग गिरोह से भी संबंध होने की बात सामने आ रही है। मामले के अंडरवल्र्ड और विदेश से जुड़ा होने के कारण एनआइए भी इस केस की जांच करेगी। गुजरात में बनी थी राजधानी में प्लांट बनाने की योजना सलीम डोला ने गुजरात के अंकलेश्वर की फार्मा कंपनी में काम कर रहे अशोकनगर निवासी फैसल कुरैशी को इस काम के लिए चुना। फैसल के पास फार्मेसी डिप्लोमा होने से उसे केमिकल की जानकारी थी। इसके बाद सलीम के गुर्गों ने उसे गुजरात में ही कुछ दिन मेफेड्रोन बनाने की ट्रेनिंग दी। इसके बाद फैसलमध्यप्रदेशआया और गंजबासौदा निवासी रज्जाक खान से मिला। रज्जाक डिप्लोमा होल्डर है और एक निजी कंपनी में नौकरी करता था। दोनों ने इसके लिए भोपाल के आसपास ही जगह तलाशी, ताकि कच्चा माल आसानी से लाया जा सके। इन्हें जगदीशपुर में मौके की जगह मिली तो पांच लाख अधिक देकर मकान का सौदा कर लिया और एक लाख रिश्वत देकर बिजली कनेक्शन लगवाकर मेफेड्रोन बनाना शुरू कर दिया। फैसल ने मेफ्रेडोन बनाने की तकनीक रज्जाक को भी सिखाई। बाद में डीआरआई ने 16 अगस्त को मकान नंबर-11 पर रेड मारकर दोनों को गिरफ्तार कर लिया। टीम ने मौके से 61.20 किलो मेफ्रेडोन जब्त किया, बाजार में इसकी कीमत 92 करोड़ रुपए थी। साथ ही 541.53 किलो कच्चा माल भी मिला, जिससे मेफेड्रोन बनाया जाना था। महिला तस्कर 14 दिन की न्यायिक हिरासत में महिला तस्कर सहित सात आरोपियों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेजा है। गिरफ्तार आरोपियों में गुजरात की महिला तस्कर के बारे में डीआरआइ को नई जानकारी मिली है। वह गुजरात की राज्य स्तर की पहलवान है और राष्ट्रीय खेलों में भी भाग ले चुकी है। सूत्रों के अनुसार गैंग के सरगना इस महिला और गरीब आरोपियों का इस्तेमाल कर रहे थे। 1800 करोड़ के ड्रग्स केस से जुड़ा था सलीम, 1 लाख का इनाम घोषित भोपाल के बगरौदा इंडस्ट्रियल एरिया से दस माह पहले पकड़ाई फैक्ट्री का कनेक्शन सलीम डोला से था। नारकोटिक्स टीम ने जांच के बाद जो आरोप पत्र भोपाल स्पेशल कोर्ट में पेश किया था, उसके अनुसार फैक्ट्री का कर्ताधर्ता सलीम ही था। डोला पर एनसीबी ने दो माह पहले रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया था। इसके बाद से इंटरपोल उसकी तलाश कर रही थी। एनसीबी ने डोला पर 1 लाख का इनाम घोषित किया है। बगरौदा फैक्ट्री से जो केमिकल मिले वैसे ही जगदीशपुर फैक्ट्री से मिले बगरौदा स्थित फैक्ट्री से जो केमिकल जब्त हुए हैं, ठीक वैसे ही केमिकल जगदीशपुर में भी मिले हैं। इंटेलिजेंस के अनुसार फिलहाल सलीम डोला ने तुर्किए के इस्तांबुल में ठिकाना बना रखा है। राजधानी के जगदीशपुरा में मेफेड्रोन ड्रग्स फैक्ट्री का काम उसका भतीजा मुस्तफा कुब्बावाला देख रहा था। सलीम पहले दाउद के खास इकबाल मिर्ची का सहयोगी रह चुका है।

स्कूल शिक्षा विभाग ने दिखाई सख्ती, MP में प्रिंसिपल-हेड मास्टर को ई-अटेंडेंस लगाने के आदेश

भोपाल  मध्य प्रदेश शिक्षा विभाग ने स्कूलों में पारदर्शिता और अनुशासन बढ़ाने के उद्देश्य से ई-अटेंडेंस व्यवस्था को सख्ती से लागू करने के निर्देश दिए हैं। लोक शिक्षण संचालनालय ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को आदेश जारी करते हुए कहा है कि अब सभी शिक्षक और संस्था प्रमुख नियमित रूप से ई-अटेंडेंस दर्ज करेंगे। विभाग की ओर से स्पष्ट किया गया है कि जिन अधिकारियों और शिक्षकों द्वारा आदेश का पालन नहीं किया जाएगा, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। साथ ही जिला शिक्षा अधिकारियों को ई-अटेंडेंस की निगरानी करने और इसकी प्रगति पर लगातार रिपोर्ट देने के निर्देश भी दिए गए हैं। लोक शिक्षण संचालनालय के संचाल के तरफ से सभी जिलों को निर्देश भेजे गए हैं। इसमें कहा गया है कि मॉनीटरिंग रिपोर्ट में संज्ञान में आया है कि संस्था प्रधान ई-अटेंडेंस नहीं लगा रहे हैं, जिसके चलते शिक्षक भी ई-अटेंडेंस नहीं लगा रहे हैं। आदेश में सभी जिला अधिकारियों को संस्था प्रधान और शिक्षकों की ई-अटेंडेंस लगाने की मॉनीटरिंग करने और रिपोर्ट भेजने को कहा गया है।  बता दें 1 जुलाई से प्रदेश के स्कूलों में ई-अटेंडेंस अनिवार्य कर दी गई है। इसमें शिक्षकों को स्कूल पहुंचने पर एप के माध्यम से अपनी अटेंडेंस लगाना है। इसमें स्कूल से सेल्फी लेकर उसे अपलोड करना हैं। इसी तरह छुट्टी के समय भी सेल्फी लेकर उसे अपलोड करना है। अब छुट्टी के आवेदन भी ऑनलाइन होंगे। इसका शिक्षक विरोध कर रहे हैं।   

अलका उपाध्याय बनीं राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग की सचिव, CS पद की दौड़ से बाहर

भोपाल  मुख्य सचिव की दौड़ में मानी जा रही 1990 बैच की IAS अधिकारी अलका उपाध्याय को लूप लाइन भेज दिया गया है। उपाध्याय अब तक केंद्र में पशुपालन एवं डेयरी विभाग में सचिव के पद पर थीं, लेकिन हाल ही में उन्हें राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग (National Minority Commission) में सचिव बना दिया गया। जानकार मानते हैं कि किसी आयोग में सचिव पदस्थ होना "लूप लाइन" मानी जाती है और यह अच्छे पदस्थापन की श्रेणी में नहीं आता। इससे साफ है कि मध्यप्रदेश में मुख्य सचिव बनने की उनकी संभावनाओं पर ब्रेक लग गया है। इसी तरह, 1992 बैच के IAS वीएल कांताराव का भी तबादला किया गया है। उन्हें खनिज सचिव से हटाकर जल संसाधन, नदी विकास और गंगा पुनर्जीवन विभाग में सचिव बनाया गया।  कांताराव की पदस्थापना मध्य प्रदेश के लिए अहम हैं। अब मध्य प्रदेश की केन बेतवा लिंक प्रोजेक्ट और पार्वती-कालीसिंध और चंबल लिंक प्रोजेक्ट में तेजी आने की संभावना है।  बता दें मध्य प्रदेश के मुख्य सचिव अनुराग जैन 31 अगस्त को सेवानिवृत्त हो रहे हैं। ऐसे में उनको एक्सटेंशन नहीं मिलने की संभावना में कई वरिष्ठ अधिकारी मुख्य सचिव की रेस में हैं। इसमें एक नाम अलका उपाध्याय का भी माना जा रहा हैं।  कांताराव को जल शक्ति का सचिव बनाया केंद्र ने शुक्रवार को 14 सीनियर आईएफएस अफसरों की जिम्मेदारी बदल दी। इनमें मप्र कैडर की 1990 बैच की अलका उपाध्याय को राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग का सचिव बनाया गया है। वे अब तक पशुपालन, डेयरी और फिशरीज मंत्रालय में सचिव थीं। मप्र कैडर के 1992 बैच के अफसर वीएल कांताराव को जल शक्ति, नदी विकास और गंगा संरक्षण मंत्रालय का सचिव नियुक्त किया गया है। वे पहले खनिज मंत्रालय में सचिव थे। शुक्रवार को केंद्रीय कार्मिक मंत्रालय की अपॉइंटिंग कमेटी ऑफ कैबिनेट ने इस बदलाव के आदेश जारी किए। अलका उपाध्याय का तबादला ऐसे समय हुआ, जब उनका नाम मप्र के अगले मुख्य सचिव की रेस में शामिल था। अब वे इस दौड़ से बाहर हो गई हैं। कांताराव की नई जिम्मेदारी मप्र के लिए अहम है। उनकी नियुक्ति से केन-बेतवा लिंक प्रोजेक्ट और पार्वती-कालीसिंध-चंबल लिंक प्रोजेक्ट को तेजी मिलेगी। साथ ही, महाराष्ट्र के साथ प्रस्तावित ताप्ती मेगा रीचार्ज परियोजना को राष्ट्रीय परियोजना का दर्जा दिलाने में भी मप्र को लाभ होगा।    

मटकी फोड़ महोत्सव का धमाका भोपाल में, सुनील शेट्टी और सवाई भट्ट बनेंगे आकर्षण का केंद्र

भोपाल  प्रदेश के सबसे बड़े मटकी फोड़ प्रतियोगिता का आयोजन आज राजधानी भोपाल में होगा। कार्यक्रम में बॉलीवुड अभिनेता सुनील शेट्टी और इंडियन आइडल से चर्चित गायक सवाई भट्ट विशेष आकर्षण रहेंगे। श्री कृष्ण जन्माष्टमी उत्सव समिति के अध्यक्ष और भाजपा के पूर्व जिला अध्यक्ष सुमित पचौरी ने बताया कि वर्ष 2003 से निरंतर प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है और यह प्रदेश की सबसे बड़ी मटकी फोड़ प्रतियोगिता बन चुकी है। पचौरी ने कहा कि बांके बिहारी की कृपा से यह आयोजन हर साल और बड़ा होता जा रहा है। कई जिलों की टीमें लेती हैं भाग  पचौरी ने बताया कि इस प्रतियोगिता में हर साल प्रदेशभर से कई जिलों की टीमें भाग लेती हैं। बड़ी संख्या में युवाओं की टोली मटकी फोड़ने के लिए जुटती है। इस बार भी दर्जनों टीमें प्रतियोगिता में शामिल होंगी।आयोजन में हर साल सामाजिक संदेश भी दिए जाते हैं।प्रतियोगिता के दौरान बाल विवाह रोकथाम, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ और नशामुक्ति को लोगों तक पहुंचाया जाता है। शुभारंभ दोपहर बाद होगा और देर रात तक चलेगा  पचौरी ने बताया कि प्रतियोगिता का शुभारंभ दोपहर बाद होगा और देर रात तक चलेगा। टीमें एक-एक कर मंच पर पहुंचेंगी और पारंपरिक अंदाज में मटकी फोड़ने का प्रयास करेंगी। दर्शकों में बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक सभी वर्गों का उत्साह देखने को मिलेगा। आयोजन में बॉलीवुड के प्रसिद्ध अभिनेता सुनील शेट्टी विशेष रूप से मौजूद रहेंगे। उनके साथ इंडियन आइडल में अपनी गायकी से पहचान बनाने वाले गायक सवाई भट्ट भी शिरकत करेंगे। इन सितारों की मौजूदगी से आयोजन का आकर्षण और भी बढ़ेगा तथा युवाओं में खासा उत्साह देखने को मिलेगा।  

मध्यप्रदेश माइनिंग कॉन्क्लेव: कटनी में आज होगा आयोजन, मुख्यमंत्री निवेशकों से वन-टू-वन चर्चा करेंगे

 कटनी मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की उपस्थिति में शनिवार को कटनी में माइनिंग कॉन्क्लेव 2.0 का आयोजन होगा। इनमें मुख्य फोकस कोयला एवं ऊर्जा, ऊर्जा एवं हाइड्रोकार्बन, प्रौद्योगिकीय प्रगति, महत्वपूर्ण खनिज (क्रिटिकल मिनरल्स) और चूना पत्थर एवं सीमेंट पर होगा। मुख्यमंत्री समिट में शामिल होने वाले विषय-विशेषज्ञों और निवेशकों के साथ वन-टू-वन चर्चा करेंगे। कॉन्क्लेव में दो हजार से अधिक प्रतिभागी शामिल होंगे। कॉन्क्लेव में मिनरल एवं माईनिंग से संबंधित विभिन्न सत्रों के दौरान चर्चा होगी। खनन क्षेत्र में राष्ट्रीय उत्पादन में मध्य प्रदेश का महत्वपूर्ण योगदान हैं। यहां राष्ट्रीय उत्पादन का 73 प्रतिशत तांबा, 29 प्रतिशत राक फास्फेट, 26 प्रतिशत मैंगनीज, नौ प्रतिशत चूना पत्थर, आठ प्रतिशत कोयला, तीन प्रतिशत बाक्साइट और एक प्रतिशत लोह अयस्क मिलता है। प्रदेश में मौजूद खनिज संपदा को प्रदर्शित करते हुए कॉन्क्लेव स्थल पर प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी। कटनी माइनिंग कॉन्क्लेव में देशभर के बड़े औद्योगिक घरानों ने दिलचस्पी दिखाई है। बता दें कि प्रदेश में पहली खनिज कॉन्क्लेव 17 एवं 18 अक्टूबर को कुशाभाऊ ठाकरे इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर भोपाल में आयोजित की गई थी, जिसमें विभिन्न 11 औद्योगिक संस्थानों की ओर से 19 हजार 650 करोड़ रूपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए। होंगे एमओयू माइनिंग कॉन्क्लेव में कोयला, चूना पत्थर, तेल और गैस, सहित अन्य महत्वपूर्ण खनिजों की संभावनाओं पर चर्चा होगी। साथ ही खनन में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और मशीन लर्निंग की भूमिका पर भी जोर दिया जाएगा। इस आयोजन में डिजिटल परिवर्तन, ऊर्जा सुरक्षा, और स्थिरता पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा, जिसमें खनन कार्यों में ऑटोमेशन के साथ एआई और मशीन लर्निंग के उपयोग पर चर्चा होगी। कोल गैस (सीबीएम) जैसे वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों की संभावनाओं का भी अन्वेषण किया जाएगा। सीमेंट, ऊर्जा, और खनिज-आधारित उद्योगों से संबंधित मुद्दों पर गहन चर्चा होगी। कॉन्क्लेव में कई संस्थानों के साथ एमओयू भी होंगे, जिससे राज्य के खनन बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के उद्देश्य से किए गए सभी निवेश प्रस्ताव फलीभूत होंगे।

बोर्ड परीक्षा फॉर्म में APAAR ID अनिवार्यता हटाई गई, छात्रों के लिए राहत

भोपाल माध्यमिक शिक्षा मंडल (माशिमं) की 10वीं व 12वीं की परीक्षा सात फरवरी से आयोजित होने वाली है। इस बार 10वीं व 12वीं बोर्ड परीक्षा के फॉर्म भरने के लिए अपार आईडी (ऑटोमेटेड परमानेंट एकेडमिक अकाउंट रिकॉर्ड) को अनिवार्य किया था। इसे लेकर विद्यार्थियों के आवेदन आ रहे थे। उनके पास दस्तावेज नहीं पूरे हो रहे थे। इस कारण मंडल ने इसकी अनिवार्यता को समाप्त कर दिया है। अब मंडल ने शैक्षणिक सत्र 2025-26 में बोर्ड परीक्षा के फॉर्म भरने के लिए खत्म किया है। अगले सत्र से अनिवार्य की जाएगी अपार आईडी अगले सत्र 2026-27 में बोर्ड परीक्षाओं में अपार आईडी अनिवार्य की जाएगी। मंडल द्वारा जारी आदेश के अनुसार पिछले निर्देशों में नौवीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों के लिए ऑनलाइन आवेदन पत्र भरते समय अपार आईडी का उल्लेख जरूरी किया गया था। स्कूलों और विद्यार्थियों को इसे बनाने में समस्या आ रही हैं। प्रदेश में मप्र बोर्ड 10वीं व 12वीं परीक्षा में 17 लाख से अधिक विद्यार्थी शामिल होते हैं। इनमें से लाखों विद्यार्थी परीक्षा फॉर्म भरने से वंचित रह सकते हैं। विद्यार्थी हित को देखते हुए मप्र बोर्ड ने अपार आईडी की अनिवार्यता को इस साल खत्म करते हुए वैकल्पिक कर दिया है।   अधूरे दस्तावेजों से विद्यार्थियों को हो रही है परेशानी अपार आईडी बनवाने में विद्यार्थियों को परेशानी आ रही है। कई विद्यार्थियों के दस्तावेज आधे-अधूरे या गलत जमा किए गए हैं। इससे दस्तावेज सत्यापन में समस्या आ रही है। आधार कार्ड और समग्र पोर्टल के रिकॉर्ड स्कूल के दस्तावेजों से मेल नहीं खा रहे हैं, इसलिए अपार आईडी तैयार नहीं हो पा रही है। इसके चलते स्कूल में 15 से 20 प्रतिशत विद्यार्थियों की आईडी ही तैयार हो पाई है। इससे अपार आईडी के बिना दोनों परीक्षाओं की नामांकन प्रक्रिया पूरी नहीं हो पा रही है। सामान्य शुल्क के साथ 15 सितंबर तक आवेदन कर सकेंगे 10वीं व 12वीं बोर्ड परीक्षा के लिए आवेदन 15 सितंबर तक सामान्य शुल्क 1200 रुपये जमा कर सकते हैं। 16 सितंबर से 25 अक्टूबर तक सामान्य शुल्क 1200 रुपये और विलंब शुल्क 100 रुपये जमा कर आवेदन कर सकते हैं। वहीं 26 अक्टूबर से 10 नवंबर तक दो हजार रुपये विलंब शुल्क के साथ और 11 नवंबर से 25 नवंबर तक विलंबर शुल्क पांच हजार और 26 नवंबर से 10 दिसंबर तक 10 हजार रुपये के साथ आवेदन कर सकते हैं।