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मध्य प्रदेश में अगले 24 घंटे अहम, 12 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी

भोपाल  मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में फिर से मानसून सक्रिय हो गया है। मानसून की सक्रियता की वजह से कई जिलों में झमाझम बारिश हो रही है। राजधानी भोपाल में भी सुबह से बादल छाए हुए हैं। साथ ही रात में बारिश भी हुई है। मौसम विभाग के अनुसार मध्य प्रदेश में एक मजबूत सिस्टम सक्रिय है। गुरुवार को मौसम विभाग ने प्रदेश के 12 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। 2 से 4 इंच तक बारिश यहां हो सकती है।मप्र में अब तक औसत 32.4 इंच बारिश हो चुकी है, जो मानसूनी कोटे की 87 प्रतिशत है। प्रदेश से एक मानसून ट्रफ के गुजरने के चलते बुधवार को भी बारिश का दौर रहा। कई जिलों में पानी गिरा। वहीं, गुरुवार को कुल 12 जिलों में भारी बारिश का यलो अलर्ट है। इन 12 जिलों में अलर्ट जारी मौसम विभाग ने गुरुवार को 12 जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में नीमच, मंदसौर, आगर-मालवा, राजगढ़, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, श्योपुर, उमरिया, शहडोल, डिंडौरी और अनूपपुर शामिल हैं। यहां ढाई से साढ़े 4 इंच तक पानी गिर सकता है। नर्मदापुरम में तवा डैम के 13 गेटों में से 7 गेट आज भी खुले हुए हैं। कल बुधवार सुबह 6:30 बजे से डैम के 5 गेट खोले गए थे। उसके बाद 2 और गेट खोल दिए गए। रतलाम में केदारेश्वर महादेव मंदिर का झरना सीजन में तीसरी बार बह निकला। मंदिर परिसर में पानी ही पानी हो गया। डिंडौरी और शिवपुरी में भी सुबह से बारिश हो रही है। इससे पहले बुधवार को रतलाम, दमोह में भारी बारिश हुई। भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर-उज्जैन समेत 30 से ज्यादा जिलों में बारिश हुई। जिन जिलों में अगले 24 घंटे के दौरान बारिश होने की संभावना है, उनमें नीमच, मंदसौर, आगर-मालवा, राजगढ़, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, श्योपुर, उमरिया, शहडोल, डिंडौरी और अनूपपुर जिले शामिल हैं। यहां ढाई से साढ़े 4 इंच पानी गिर सकता है। 21 अगस्त को भारी बारिश का यलो अलर्ट मौसम विभाग की मानें तो, 21 अगस्त को एमपी के नीमच, मंदसौर, आगर-मालवा, राजगढ़, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, श्योपुर, उमरिया, शहडोल, डिंडौरी और अनूपपुर में भारी बारिश(Heavy Rain) का यलो अलर्ट जारी किया है। यहां अगले 24 घंटे में साढ़े 4 इंच तक पानी गिर सकता है। वहीं प्रदेश के अन्य जिलों में गरज-चमक और हल्की बारिश का अलर्ट है। 22 और 23 अगस्त को भारी बारिश का अलर्ट मौसम विभाग के मुताबिक, 22 अगस्त को एमपी के नीमच, मंदसौर, रतलाम, आगर-मालवा, राजगढ़, गुनी, शिवपुरी, श्योपुर, सीधी और सिंगरौली में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। वहीं प्रदेश के अन्य जिलों में गरज-चमक और हल्की बारिशHeavy Rain) का यलो अलर्ट है। वहीं 23 अगस्त को ग्वालियर मुरैना, श्योपुर, भिंड, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, मैहर, रीवा, मऊगंज, सीधी और सिंगरौली में भारी बारिश(Heavy Rain) का यलो अलर्ट जारी किया गया है। क्यों हो रही तेज बारिश? मौसम विभाग ने बताया कि इस समय मानसून ट्रफ बैतूल और मंडला से गुजर रही है. इसके अलावा, दो साइक्लोनिक सकुर्लेशन सिस्टम का असर भी प्रदेश के मौसम पर पड़ रहा है. यही वजह है कि लगातार तेज बारिश का दौर जारी है. यहां हल्की बारिश की संभावना इसके अलावा, मध्य प्रदेश के अन्य जिलों में भी हल्की बारिश होने की संभावना है। मध्य प्रदेश में अब तक औसत 32.4 इंच बारिश हो चुकी है, जो सामान्य से 87 प्रतिशत अधिक है। मौसम विभाग ने 22 और 23 अगस्त को भी कई जिलों में तेज बारिश का अलर्ट जारी किया है। रतलाम में सबसे अधिक बारिश वहीं, बुधवार को रतलाम में 3 इंच बारिश हुई। प्रदेश के कई जिलों में तेज बारिश का दौर जारी रहा। रतलाम में 9 घंटे में लगभग 3 इंच बारिश हुई, जिससे सड़कों पर पानी भर गया। दमोह में ढाई इंच बारिश दर्ज की गई। इसी तरह इंदौर, गुना, ग्वालियर, खंडवा, खरगोन, बड़वानी, भोपाल, नरसिंहपुर, उज्जैन, बैतूल, टीकमगढ़, छतरपुर, रायसेन, नर्मदापुरम, शाजापुर, आगर-मालवा, छिंदवाड़ा, जबलपुर, रीवा, सागर, सतना, सीधी, नरसिंहपुर, उमरिया, बालाघाट, राजगढ़, विदिशा, देवास में कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश हुई। मौसम विभाग के अनुसार, बैतूल और मंडला से एक मानसून ट्रफ गुजर रही है। इसके साथ ही, दो साइक्लोनिक सर्कुलेशन भी बने हुए हैं। इस वजह से प्रदेश में बारिश का दौर जारी है। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी बारिश की संभावना जताई है। एमपी में झमाझम बारिश से हाल बेहाल, प्रदेश में अब तक 32.4 इंच बारिश दर्ज मौसम विभाग ने 22 और 23 अगस्त को भी प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश की संभावना जताई है. राजधानी भोपाल में भी बुधवार को झमाझम बारिश देखने को मिली थी, जिससे निचली बस्तियों में पानी भर गया और जगह-जगह ट्रैफिक जाम की स्थिति बन गई. प्रदेश में अब तक 32.4 इंच बारिश दर्ज हो चुकी है. यह सामान्य औसत से करीब 87% है. अगर आने वाले दिनों में इसी तरह बारिश होती रही तो जल्दी ही प्रदेश का बारिश का पूरा कोटा पूरा हो जाएगा.

इंदौर में फिर उतरी मेघालय पुलिस, राजा रघुवंशी हत्याकांड पर DCP से की बातचीत

इंदौर इंदौर के ट्रांसपोर्टर राजा रघुवंशी हत्याकांड में सनसनीखेज खुलासा हुआ है। हत्या की साजिश रचने वाली पत्नी सोनम रघुवंशी और उसके प्रेमी राज कुशवाह ने मौत का ब्लूप्रिंट बनाने के लिए हत्याकांड से पहले नए मोबाइल खरीदे थे। हत्याकांड के बाद सोनम की कॉल डिटेल से खुलासा हुआ था कि राजा को ठिकाने लगाने के लिए सोनम की राज और उसके साथियों से मोबाइल पर लगातार बातचीत और चैटिंग हो रही थी। हत्या के बाद ये मोबाइल बंद हो गए थे। बस इसी मामले में शिलॉन्ग पुलिस की तीन सदस्यीय टीम इंदौर आई है। मिली जानकारी के अनुसार, मोबाइल खरीद को लेकर शिलॉन्ग पुलिस कुछ और जानकारियां इकट्ठा करना चाहती है। इस मामले की जानकारी देते हुए डीसीपी क्राइम राजेश कुमार त्रिपाठी ने बताया कि शिलॉन्ग पुलिस का एक दल इंदौर आया है। अपराध शाखा की टीम भी जांच में साथ है। आज शिलॉन्ग पुलिस की टीम कुछ जगह जाएगी। उल्लेखनीय है कि सहकार नगर, केट रोड निवासी राजा रघुवंशी (30) की उसकी पत्नी सोनम रघुवंशी ने प्रेमी राज कुशवाहा के साथ साजिश कर आनंद, विशाल और आकाश से शिलांग में हत्या करवा दी थी। शिलांग की ईस्ट खासी हिल्स पुलिस को जांच के दौरान पता चला कि सोनम और राज ने राजा को ठिकाने लगाने के लिए नए मोबाइल फोन खरीदे थे। इनके जरिए आरोपी एक-दूसरे के संपर्क में थे। मिली जानकारी के अनुसार राज, साथी हत्यारों से पल-पल की जानकारी ले रहा था। शिलॉन्ग पुलिस की जांच में ये बात सामने आई है। हालांकि शिलॉन्ग पुलिस की विवेचना पूरी हो गई है। चालान डायरी कोर्ट में पेश करने की तैयारी है। इस बीच मोबाइल खरीदी का पेंच फंसने पर चालान पेश करने से पहले कुछ जरुरी तहकीकात करने शिलॉन्ग पुलिस ने कल इंदौर में डेरा डाला है।

iPhone के नाम पर ठगी: सिंगरौली की महिला को थमाया नकली फोन

सिंगरौली।  सिंगरौली जिले की एक महिला ने आईफोन की खरीद में धोखाधड़ी का दावा किया है.महिला ने इसकी शिकायत कोतवाली थाने में भी की है. बलियरी निवासी महिला संतोषी साकेत ब्यूटी पार्लर चलाती है.उसने शहर के कॉलेज मोड़ स्थित एक शॉप से 49 हजार 700 रुपए में इस आई फोन को खरीदा था. संतोषी साकेत ने बताया कि पिछले वर्ष अक्टूबर माह में क्लासिक कंप्यूटर एंड मोबाइल शॉप से उसने आई फोन खरीदा था.एक दो माह बाद आईफोन के कई फीचर्स ठीक से काम नहीं कर रहे थे.खराबी समझ में आने पर फोन को ठीक कराने जबलपुर स्थित सर्विस सेंटर ले गई थी.12 दिन बाद जब वह वापस फोन लेने गई तो बताया गया कि उसका आईफोन मोडिफाइड है. महिला के मुताबिक आईफोन का ब्ल्यूटूथ,कैमरा और वाईफाई सही से काम नहीं कर रहे थे.सर्विस सेंटर से वापस आने के बाद 8 महीने से संतोषी साकेत दुकानदार से आईफोन को बदलने या मरम्मत करने की मांग कर रही थी.पीड़ित महिला ने बताया कि दुकानदार फोन के डैमेज होने का बहाना बना रहा है. जिसके बाद अब पीड़ित महिला ने धोखाधड़ी की शिकायत कोतवाली पुलिस के पास की है.जिसकी जांच की जा रही है.  

हर महीने 10 हजार डॉग बाइट केस, इंदौर में 9 साल में दोगुनी हुई घटनाएं

इंदौर इंदौर में आवारा कुत्तों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। रोजाना 150 से ज्यादा लोग कुत्तों के हमले (डॉग बाइट) के मामलों में अस्पताल पहुंच रहे हैं। इस गंभीर समस्या पर सुप्रीम कोर्ट ने स्वत: संज्ञान लेते हुए कार्रवाई शुरू की है। कोर्ट के इस कदम से शहरवासियों में राहत की उम्मीद जगी है। महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने आदेश का स्वागत करते हुए इंदौर के लिए भी ऐसे ही निर्देश जारी करने की मांग की है। नगर निगम शेल्टर हाउस बनाकर कुत्तों को वहां स्थानांतरित करने की तैयारी कर रहा है। लाल अस्पताल के डॉक्टर आशुतोष शर्मा ने बताया कि रोज 150 से अधिक केस आ रहे हैं और यह घटते बढ़ते रहते हैं। प्रशासन ने कई अस्पतालों में डॉग बाइट के इंजेक्शन की व्यवस्था की है लेकिन मामले तेजी से बढ़ते ही जा रहे हैं।   इंदौर डॉग बाइट के मामले में प्रदेश में तीसरे पायदान पर है। यहां हर रोज औसतन 134 लोगों को कुत्ते अपना निशाना बना रहे हैं। एक दिन पहले ही बीएसएफ के छह जवानों को एक पागल कुत्ते ने अपना शिकार बनाया। शहर में हर महीने लगभग 10 हजार लोगों को स्ट्रीट डॉग शिकार बना रहे हैं। सिर्फ इंदौर के प्रमुख हुकुम चंद पॉलीक्लिनिक के आंकड़ों की बात करें तो औसतन 4 हजार 20 लोगों को आवारा कुत्तों ने शिकार बनाया है। यानी रोजाना 134 लोगों पर स्ट्रीट डॉग ने हमला किया है। 2 साल पहले 2023 में यह आंकड़ा कम था। 2023 तक हर महीने स्ट्रीट डॉग इंदौर में एवरेज 3 हजार 600 और रोजाना 120 लोगों को अपना शिकार बना रहे थे। अब यह आंकड़ा लगातार बढ़ता जा रहा है। हुकुम चंद पॉलीक्लिनिक (लाल अस्पताल) से मिले आंकड़ों के अनुसार इंदौर में जनवरी से लेकर जुलाई 2025 तक 28 हजार 142 लोगों को स्ट्रीट डॉग अपना शिकार बना चुके है। इसमें 28 अन्य वेक्सिन सेंटर और 350 नर्सिंग व प्राइवेट हॉस्पिटल का डेटा शामिल नहीं है। 9 साल में स्ट्रीट डॉग की संख्या दोगुनी इंदौर की अधिकांश कॉलोनियों और चौराहों पर देर रात निकलना अब और खतरनाक हो चुका है। पिछले 9 साल में स्ट्रीट डॉग के काटने की संख्या दोगुनी हो गई है। वहीं हर साल स्ट्रीट डॉग के शिकार लोगों की संख्या में 20% तक की बढ़ोतरी हो रही है। इनके काटने के बाद लोग एंटी रैबीज वैक्सीन लगाने के लिए एमटीएच स्थित हुकुम चंद पॉलीक्लिनिक पहुंचते हैं। आंकड़ों के अनुसार 1 जनवरी 2025 से 31 जुलाई 2025 तक इंदौर में 28 हजार 142 लोग आवारा कुत्तों के हमले से घायल हुए हैं। जबकि 9 साल पहले 2016 में यह आंकड़ा 20 हजार 455 था। यानी 2016 में सालभर में जितने स्ट्रीट डॉग ने लोगों को शिकार बनाया था उससे 8 हजार ज्यादा लोगों को 2025 में स्ट्रीट डॉग सिर्फ 7 महीने में ही अपना शिकार बना चुके हैं। इस हिसाब से देखा जाए तो 9 साल में इंदौर में डॉग बाइट के केस डबल हो गए हैं। इंदौर तीसरे, रतलाम पहले पायदान पर इंदौर डॉग बाइट के मामले में प्रदेश में तीसरे स्थान पर है। नेशनल हेल्थ मिशन (एनएचएम) द्वारा राष्ट्रीय रैबीज नियंत्रण कार्यक्रम के तहत भारत सरकार के निर्देश पर मध्य प्रदेश के 6 बड़े शहरों इंदौर, भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर, उज्जैन और रतलाम में डाग बाइट्स के मामलों का सर्वे किया गया। यह सर्वे साल 2024 और जनवरी से जून 2025 के मध्य में किया गया है। इस सर्वे की रिपोर्ट के अनुसार छह शहरों में राजधानी भोपाल में डाग बाइट्स के सबसे कम मामले दर्ज हुए, जबकि रतलाम इस मामले में पहले स्थान पर रहा। वहीं उज्जैन दूसरे, इंदौर तीसरे, जबलपुर चौथे और ग्वालियर पांचवें स्थान पर रहा। खास बात यह है कि एनएचएम की रिपोर्ट के अनुसार जनवरी 2025 से जून 2025 तक इंदौर में 30 हजार 304 लोगों स्ट्रीट डॉग अपना शिकार बना चुके है। इंदौर में भी डॉग्स के लिए शेल्टर होम महापौर पुष्यमित्र भार्गव का कहना है "सुप्रीम कोर्ट का यह निर्देश केवल दिल्ली-एनसीआर के लिए है. इंदौर नगर निगम सुप्रीम कोर्ट में इंटरवेंशन एप्लिकेशन दायर करेगा. इंदौर की स्थिति भी न्यायालय के समक्ष रखी जाएगी. सुप्रीम कोर्ट से अनुरोध किया जाएगा कि इंदौर जैसे बड़े शहरों के लिए भी ऐसे ही दिशा-निर्देश जारी किए जाएं. इसके लिए नगर निगम शेल्टर हाउस बनाकर वहां डॉग्स को शिफ्ट करने के लिए पूरी तरह तैयार है." इंदौर में डॉग बाइट के मामले इसलिए बढ़े दरअसल, इंदौर में डॉग्स द्वारा आम लोगों को काटने के मामले इसलिए भी अन्य शहरों की तुलना में ज्यादा है क्योंकि यहां सार्वजनिक स्थानों पर भोजन सामग्री अथवा कचरा डालना प्रतिबंधित है. ऐसी स्थिति में डॉग्स को आहार मिल पाना आमतौर पर मुश्किल रहता है, यही स्थिति अन्य मांसाहारी पक्षियों और पशुओं के साथ है. कई बार इस स्थिति में डॉग्स ज्यादा उग्र होने के कारण लोगों पर हमले कर देते हैं. इंदौर में हाल ही में एक बच्चे पर डॉगी के झुंड ने ऐसी ही स्थिति में हमला कर दिया था, जबकि परीक्षा देने जा रही एक छात्रा को घायल कर दिया था. 30 हजार डॉग्स की नसबंदी बड़ी चुनौती दरअसल, इंदौर में प्रतिदिन 600 से 800 लोगों को प्रतिदिन डॉगी के काटने के चलते बीते दिनों इंदौर जिला प्रशासन ने इनकी नसबंदी का अभियान चलाने के निर्देश दिए. इसमें नगर निगम के अलावा स्वयंसेवी संगठन ओर पशुपालन विभाग की टीम को मैदान में उतारा था, जो प्रतिदिन शहर में 25 से 30 नसबंदी कर पा रही है. हालांकि जिला प्रशासन ने 175 नसबंदी प्रतिदिन का टारगेट तय किया है, लेकिन नगर निगम की टीम इतनी संख्या में डॉग्स को पकड़ पाने की स्थिति में भी नहीं है. डॉग बाइट के मामले में इंदौर प्रदेश में तीसरे नंबर पर गौरतलब है कि मध्य प्रदेश में डॉग द्वारा काटने की घटनाओं को लेकर हाल ही में नेशनल हेल्थ मिशन की एक रिपोर्ट आई है. इसके अनुसार भोपाल डॉग बाइट्स के मामले में 6वें नंबर पर है. वहीं अन्य 5 जिलों में भोपाल से ज्यादा डॉग बाइट के मामले सामने आए है. नेशनल हेल्थ मिशन ने राष्ट्रीय रेबीज नियंत्रण कार्यक्रम के तहत मध्य प्रदेश के 6 शहरों में सर्वे किया था. इस सर्वे में इंदौर, भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर, उज्जैन और … Read more

गजब! भिंड में छात्र को स्वतंत्रता दिवस पर मिला सिर्फ एक लड्डू, पहुंची शिकायत CM तक

भिंड  भिंड में एक अनोखा मामला सामने आया है। यहां 15 अगस्त के रोज दो की जगह एक लड्डू मिलने से नाराज एक शख्स ने सीधे सीएम हेल्पलाइन में शिकायत कर दी। उसका कहना था कि मैंने दो लड्डू मांगे पर मुझे एक ही लड्डू मिला। यह घटना भिंड के नौधा ग्राम पंचायत की है, जहां स्वतंत्रता दिवस का कार्यक्रम हुआ था। शख्स की शिकायत के बाद अब उसे बाजार से लड्डू खरीदकर दिए जाएंगे। 15 अगस्त के दिन नौधा पंचायत भवन में ध्वजारोहण का कार्यक्रम हुआ। कार्यक्रम में गांववाले भी सम्मिलित हुए थे। परंपरा के अनुसार,सबको खाने के लिए लड्डू दिए गए। सबको एक-एक लड्डू ही मिला था। उस भीड़ में मौजूद शिकायतकर्ता ने एक लड्डू की जगह दो की मांग कर दी,लेकिन पंचायत भवन के कर्मचारी ने उसे एक ही लड्डू दिया जिसपर वह शख्स नाराज हो गया और सीधे इसकी शिकायत सीएम हेल्पलाइन पर कर दी। शख्स ने शिकायत में लिखा कि स्वतंत्रता दिवस जैसे राष्ट्रीय त्योहार पर झंडा फहराने के बाद भी ग्राम पंचायत ने उन्हें उम्मीद के मुताबिक मिठाई नहीं दी। उन्होंने अपनी समस्या का जल्द से जल्द समाधान करने को कहा। ग्राम पंचायत के सूत्रों के अनुसार, इस शिकायत के बाद अब पंचायत बाजार से लड्डू खरीदकर कमलेश कुशवाहा को देने की तैयारी कर रही है। पंचायत सचिव रविंद्र श्रीवास्तव का कहना है कि सभी ग्रामीणों को बराबर मात्रा में लड्डू बांटे गए थे, लेकिन शिकायत करने वाले ने और ज़्यादा लड्डू माँगे थे। अब बाज़ार से लड्डू खरीदकर दिए जाएंगे।

उज्जैन से दिल्ली जा रही बस शिवपुरी में दुर्घटनाग्रस्त, 20 यात्री घायल

 शिवपुरी  देहात थानांतर्गत ग्राम रायश्री के निकट गुरुवार अल सुबह एक यात्री बस सड़क पर लगे लोहे के पोल से टकरा गई। हादसे में बस में सवार यात्रियों में से 20 यात्री घायल हो गए। घायलों में चार की हालत नाजुक बनी हुई है। उन्हें उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है। शिवपुरी पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार मां वैष्णो ट्रेवल्स की यात्री बस बुधवार की रात करीब 8:30 बजे यात्रियों को लेकर उज्जैन से दिल्ली के लिए रवाना हुई थी। इसी दौरान गुरूवार की अल सुबह करीब 4:30 बजे यात्री बस यात्री बस अनियंत्रित होकर सड़क पर लगे पोल से टकरा गई। हादसे में बस चालक सहित कुल 20 यात्री घायल हो गए। घायलों में शामिल गंभीर रूप से घायल चार लोगों को उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है। पुलिस ने मामले की विवेचना शुरू कर दी है। घायलों में ये लोग हैं शामिल बस चालक बृजभूषण पुत्र श्रीलाल शर्मा, पूजा पत्नी सुमित शर्मा उम्र 38 साल, अनामिका पुत्र राजेंद्र पाठक उम्र 38 साल, प्रदीप पुत्र जगदीश उम्र 24 साल, आरती पत्नी दिनेश तोमर उम्र 45 साल, मेघा पत्नी शुभम कश्यप उम्र 29 साल, शुभम पुत्र मोहनलाल कश्यप उम्र 31 साल, भावना पत्नी धर्मेन्द्र पाटीदार उम्र 33 साल, सुशीला पत्नी मोहन पाटीदार उम्र 53 साल, जया पत्नी प्रदीप पाटीदार उम्र 27 साल, कविता पत्नी प्रकाश उम्र 33 साल, राकेश पुत्र ब्रजमोहन जाटव उम्र 32 साल, मुन्नालाल पुत्र रामचरण उम्र 62 साल, अक्षत सिंह पुत्र वासुदेव सिकरवार, मनोरमा पत्नी मुन्नालाल उम्र 50 साल, दिनेश पुत्र राजेश उम्र 47 साल, महेश पुत्र गेंदालाल पाटीदार उम्र 59 साल, सतवीर पुत्र ब्रजपाल उम्र 26 साल, रूपेश पुत्र प्रकाश चंद्र उम्र 45 साल, रैवर पुत्र मोहम्मद रफीक खान उम्र 26 साल शमिल हैं। क्लीनर चला रहा था बस देहात थानांतर्गत ग्राम रायश्री के पास घटित हुए सड़क हादसे के कारणों को जानने के लिए जब घायल यात्रियों से बात करने का प्रयास किया तो नईदुनिया को घटना का एक चश्मदीद यात्री रणधीर सिंह निवासी हाथरस उप्र मिला। रणधीर के अनुसार वह करीब पौने चार बजे बाथरूम करने के लिए उठे थे। बाथरूम करने के बाद वह 15 मिनट बस के ड्रायवर के पास बैठे रहे। उन्होंने देखा कि बस का चालक बोनट पर सो रहा था, जबकि बस का क्लीनर बस चला रहा था। बकौल रणधीर इसी दौरान उसने बस को कच्चे रास्ते पर उतार दिया। इस पर उसने बस चला रहे दिनेश को टोका। इसके बाद दिनेश बस के चालक को जगाता रहा परंतु वह नहीं जागा। इस वजह से वही गाड़ी को करीब 50-60 की स्पीड पर चलाता रहा। रणधीर के अनुसार करीब 4:10 मिनट पर एक्सीडेंट हो गया। वही बस में सवार क्लीनर दिनेश के भाई मुकेश का कहना है कि वह स्लीपर पर बच्चे के साथ सो रहा था। अचानक से बस ब्रेकर जैसी किसी चीज से उचकी और पोल पर जा टकराई। यही बात बस में सवार एक अन्य महिला यात्री ने भी बताई कि बस अचानक से उचकी और पोल पर जा टकराई। ऐसे में यह प्रतीत हो रहा है कि बस चला रहा व्यक्ति बस पर नियंत्रण नहीं कर पाया और इसी कारण बस दुर्घटना ग्रस्त हुई। अगर पुल की दीवार नहीं होती तो 50 फीट गहराई में गिरती बस जिस जगह बस का एक्सीडेंट हुआ है और बस पोल से टकराई है, उस जगह पर पुल बना हुआ था। बस पुल पर बनाई गई ऊंची दीवार के सहारे जाकर टकरा गई। अगर पुल की दीवार नहीं होती तो, निश्चित तौर पर बस हाईवे से नीचे करीब 50 फीट की गहराई में जाकर गिरती। ऐसे में यह हादसा बहुत बड़ा भी हो सकता था। दिनेश की पत्नी की हालत भी नाजुक जिस समय हादसा घटित हुआ, उस समय बस में बस चला रहे दिनेश की गर्भवती पत्नी आरती तोमर निवासी झुंझुनु राजस्थान भी सवार थी। हादसे के साथ ही वह काफी तेजी के साथ उचट कर फिकी। ऐसे में उसके पेट में काफी तेज दर्द होने लगा। इसके अलावा उसकी रीढ़ की हड्डी में भी गंभीर चोट आई है। उसकी हालत भी नाजुक बताई जा रही है।

मोहन सरकार की सख्ती, भोपाल में मछली परिवार की कोठी पर चलेगा बुलडोजर

भोपाल प्रदेश की राजधानी भोपाल में मछली परिवार की अवैध संपत्तियों को ध्वस्त किया जा रहा है. जिनके सदस्यों पर 'लव जिहाद' और ड्रग सिंडिकेट चलाने के आरोप लगे हैं.राजधानी भोपाल में लव जिहाद और छात्र-छात्राओं को ड्रग्स सप्लाई करने के मामले में घिरे रसूखदार मछली परिवार पर कार्रवाई का सिलसिला जारी है। गुरुवार को मछली परिवार का रसूख कही जाने वाली तीन मंजिला कोठी को जमींदोज करने भारी पुलिस बल के साथ प्रशाशन के अधिकारी पहुंचे। स्थानीय लोगों ने मछली परिवार के साथ मिलकर भारी हंगामा किया, स्थिति तनाव की बनी हुई है। करीब छह हजार वर्ग फीट में तीन मंजिला कोठी का निर्माण तीन दशक पहले किया गया था। अतिक्रमण मुक्त कराई गई जमीन की कीमत 10 करोड़ रुपये बताई जा रही है। विवाद को देखते हुए यहां सुबह से ही बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था।  मोहन सरकार के निर्देश पर आज कोकता हथाईखेड़ा में जिला प्रशासन और पुलिस बल मौके पर पहुंच चुका है. मछली परिवार की अवैध संपत्तियों को ध्वस्त करने की कार्रवाई की जा रही है, जिनके सदस्यों पर लव जिहाद और ड्रग सिंडिकेट के गंभीर आरोप हैं. इससे  कुछ दिन पहले मछली परिवार के अवैध रूप से बने फार्म हाउस को ध्वस्त किया गया था और अब मछली परिवार की एक प्रमुख संपत्ति को कड़ी सुरक्षा के बीच जमींदोज किया जा रहा है.  सुप्रीम कोर्ट ने एक गाइडलाइन जारी की थी। इसके तहत रिहायशी इलाकों में बिना पूर्व सूचना के कार्रवाई नहीं की जा सकती है। इस गाइडलाइन को देखते हुए प्रशासन ने कार्रवाई को कुछ दिनों के लिए रोक दिया था। साथ ही प्रशासन ने सारिक मछली और उसके भाइयों को कोठी खाली करने के लिए नोटिस जारी किया था। बताया जा रहा है कि मछली परिवार सुनवाई के दौरान कोठी और जमीन से जुड़े दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। इसके पहले आरोपियों के कोकता में बने कारखाना, मदरसा, फार्म हाउस, मुर्गी फार्म, वेयर हाउस को जमींदोज करने की कार्रवाई की गई थी। उस समय सौ करोड़ रुपये जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराया गया था, जो प्रदेश की सबसे बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है। सुबह तक कार्रवाई को रखा गोपनीय जानकारी अनुसार कागजों में पूरी तरह पुख्ता होने के बाद गुरुवार को कार्रवाई करने का निर्णय लिया गया। इसके पहले बुधवार देर रात तक अफसरों के बीच बैठकें हुईं। इस दौरान अवैध निर्माणों को तोड़ने की रणनीति तैयार की गई। इसे पूरी तरह गोपनीय रखा गया। गुरुवार को कोठी पर एक्शन के लिए कोकता पुलिस चौकी पर तीनों ही विभागों का अमले को बुलाया गया। यहां से मौके पर टीम के पहुंचते ही कार्रवाई शुरू की गई। इस दौरान अफसरों के मोबाइल की घंटियां बराबर बजती रहीं। खबर लिखे जाने तक निर्माणों को ढहाने की कार्रवाई शुरू कर दी गई थी। कोठी से था मछली परिवार का रसूख   बताया जा रहा है कि मछली परिवार का यहां खासा दबदबा है। सरकारी जमीन होने के बाद भी यहां मनचाहा निर्माण किया गया। करीब छह हजार वर्ग फीट जमीन पर बनी तीन मंजिला कोठी इस परिवार की शान थी। यहां नेता से लेकर अफसरों तक का आना-जाना था। कोठी से ही परिवार पूरी गतिविधियां संचालित करता था। इन लोगों ने रेस्टोरेंट, शॉपिंग काम्प्लेक्स, मदरसा, शादी हॉल, मैरिज गार्डन, फार्म हाउस सहित कई अन्य निर्माण कर लिए थे। फार्म हाउस में बड़ी-बड़ी पार्टियां आयोजित होती थीं, जिसमें बड़ी-बड़ी हस्तियां भी शिरकत करती थीं। इस परिवार का रसूख इतना था कि कभी इनके इन अवैध निर्माणों की जांच तक नहीं हुई। लव जिहाद और ड्रग्स का मामला सामने आने के बाद एक-एक कर इनके द्वारा खड़ी की गई इमारतों को जमींदोज कर दिया गया। साथ ही तीन-चार दशकों से चला आ रहा रसूख भी मिट्टी में मिल गया। अभी तक मछली की इन प्रॉपर्टी पर हुई कार्रवाई     शकील अहमद पिता शरीफ अहमद का फार्म हाउस अनंतपुरा कोकता     सारिक पिता शरीफ अहमद का वेयर हाउस 40000 वर्ग फिट अनंतपुरा कोकता     शकील अहमद पिता शरीफ अहमद का सुमन फार्म शासकीय भूमि पर अनंतपुरा कोकता     इरशाद अहमद पिता सरफराज मोहम्मद खान द्वारा कारखाना शासकीय भूमि अनंतपुरा कोकता     अता उल रहमान पिता मुफ्ती रईस अहमद खान द्वारा शासकीय भूमि पर अवैध मदरसा का निर्माण।     सारिक अहमद उर्फ मछली, सोहेल अहमद, शफीक अहमद की शासकीय जमीन पर बनी तीन मंजिला कोठी। मछली परिवार का साम्राज्य ध्वस्त. ड्रग्स केस में शाहवर मछली और उसके भतीजे यासीन को क्राइम ब्रांच ने गैमन मॉल के पास से घेराबंदी कर गिरफ्तार किया था. तलाशी में उनके पास से तीन ग्राम एमडी ड्रग, एक देशी पिस्टल बरामद हुई थी. आरोपी राजस्थान से भी ड्रग लाते थे. सड़क के रास्ते नशे का सामान लाया जाता था. इसके बाद भोपाल के अलग-अलग पब और लाउंज में पुराने और भरोसेमंद फिक्स कस्टमरों तक ड्रग्स पहुंचाई जाती थी. सूबे के मुखिया मोहन यादव ने 'लव जिहाद' और ड्रग्स माफिया को लेकर पिछले दिनों बड़ा बयान दिया था. कहा था कि महिलाओं पर कुदृष्टि डालने वाले, ड्रग माफिया और लव जिहादियों को किसी भी स्थिति में नहीं छोड़ा जाएगा. लव जिहाद हो या ड्रग माफिया, इनके माध्यम से जो भी आपराधिक गतिविधियां की जा रही हैं, उन पर सख्त कार्रवाई करते हुए शिकंजा कसा जा रहा है. सीएम ने कहा कि राज्य सरकार किसी अपराधी को छोड़ने वाली नहीं है. सबको एक-एक कर ठिकाने लगाएंगे. सभी प्रकार के अपराधों पर अंकुश लगाते हुए बहन-बेटियों को हर संभव सुरक्षा प्रदान करने के लिए राज्य सरकार संकल्पित है. 

₹582 करोड़ की लागत से भोपाल में 700Km वाटर नेटवर्क, 30 हजार परिवारों तक पहुँचेगा नल-जल

भोपाल  राजधानी भोपाल में अमृत योजना-2.0 के तहत जलापूर्ति से संबंधित महत्वपूर्ण कार्यों की शुरुआत की जाएगी। इस योजना के अंतर्गत 700 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन बिछाई जाएगी, साथ ही नई टंकियां, इंटकवेल और फिल्टर प्लांट भी स्थापित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज यानी गुरुवार 21 अगस्त को कुशाभाऊ कन्वेंशन सेंटर (मिंटो हॉल) में भूमिपूजन समारोह का आयोजन करेंगे, जिसमें जलापूर्ति कार्यों के लिए 582.32 करोड़ रुपये की लागत से भूमिपूजन किया जाएगा। इसके अलावा, 30 हजार घरों में नल कनेक्शन भी प्रदान किए जाएंगे। इस कार्यक्रम में महापौर मालती राय, निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी, बीजेपी जिलाध्यक्ष रविंद्र यति, और अन्य जनप्रतिनिधि भी उपस्थित रहेंगे। इसके साथ ही, निगम के दिवंगत कर्मचारियों के आश्रितों को अनुकंपा नियुक्ति पत्र और अभ्यार्थियों को नवीन नियुक्ति पत्र भी वितरित किए जाएंगे। स्वच्छ सर्वेक्षण-2024 में भोपाल को उत्कृष्ट स्थान प्राप्त होने पर सफाई मित्रों का सम्मान भी किया जाएगा। अमृत योजना-2.0 का उद्देश्य अगले 30 से 40 वर्षों के लिए जलापूर्ति प्रणाली को मजबूत करना है, ताकि बढ़ती जनसंख्या के अनुसार जलापूर्ति की व्यवस्था सुचारू रूप से चलती रहे। योजना के तहत 4 नए इंटकवेल, 4 नए फिल्टर प्लांट, 36 बड़ी टंकियां और 30 हजार घरों में नल कनेक्शन प्रदान किए जाएंगे। कुशाभाऊ कन्वेंशन सेंटर (मिंटो हॉल) में कार्यक्रम होगा। इसमें मुख्यमंत्री डॉ. यादव अमृत योजना-2.0 के तहत 582.32 करोड़ रुपए की लागत से जलापूर्ति संबंधी कार्यों एवं वार्डों में 50 अन्य विकास कार्य के लिए भूमिपूजन करेंगे। वहीं, निगम के दिवंगत कर्मचारियों के आश्रितों को अनुकंपा नियुक्ति पत्र, अभ्यार्थियों को नवीन नियुक्ति पत्र भी देंगे। साथ ही स्वच्छ सर्वेक्षण-2024 में भोपाल को उत्कृष्ट स्थान प्राप्त होने पर सफाई मित्रों का सम्मान भी किया जाएगा। महापौर मालती राय, निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी, बीजेपी जिलाध्यक्ष एवं एमआईसी मेंबर रविंद्र यति, राजेश हिंगोरानी, मनोज राठौर समेत कई जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहेंगे। 36 बड़ी टंकियां, 4 फिल्टर प्लांट भी जानकारी के अनुसार, अमृत योजना-2.0 से शहर में वाटर नेटवर्क बिछाया जाएगा। अगले 30 से 40 साल के लिए स्कीम लाई गई है। ताकि, आबादी के हिसाब से सिस्टम काम करता रहे। योजना के तहत 4 नए इंटकवेल, 4 नए फिल्टर प्लांट, 36 बड़ी टंकियां, 700 किलोमीटर लंबी पानी की पाइप लाइन और 30 हजार घरों में नल कनेक्शन भी दिए जाएंगे।

केन्द्रीय मंत्री नितिन गडकरी, मुख्यमंत्री डॉ. यादव करेंगे जनता को समर्पित

मदनमहल से दमोह नाका फ्लाई ओवर का होगा लोकार्पण केन्द्रीय मंत्री नितिन गडकरी, मुख्यमंत्री डॉ. यादव करेंगे जनता को समर्पित लोक निर्माण मंत्री ने जनप्रतिनिधियों एवं प्रशासनिक अधिकारियों के साथ किया फ्लाई ओवर का निरीक्षण लोक निर्माण मंत्री ने की फ्लाई ओवर लोकार्पण कार्यक्रम में शामिल होने की अपील दमोह मध्यप्रदेश के सबसे बड़े फ्लाई ओवर 'मदनमहल से दमोह नाका' का लोकार्पण केंद्रीय सड़क परिवहन एवं जहाजरानी मंत्री नितिन गडकरी और मुखयमंत्री डॉ. मोहन यादव शनिवार 23 अगस्त को करेंगे। लोकार्पण कार्यक्रम की तैयारियों के अंतर्गत लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने जनप्रतिनिधियों एवं प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बुधवार को इस फ्लाई ओवर का निरीक्षण किया। लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने कहा कि बड़ी प्रसन्नता की बात है कि मप्र के सबसे बड़े फ्लाई ओवर का लोकार्पण करने केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री गडकरी मध्यप्रदेश आ रहे हैं। सिंह ने कहा 2004 में जब मैंने पहली बार लोकसभा चुनाव लड़ा तब जबलपुर के यातायात को व्यवस्थित करने के लिए मैंने फ्लाई ओवर निर्माण को अपने संकल्प पत्र में लिया था और उसके बाद इस दिशा में प्रयास प्रारम्भ किये गए। वर्ष 2014 में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में हमारी सरकार बनी और गडकरी केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री बनने के बाद मध्यप्रदेश आए। उनसे फ्लाई ओवर निर्माण की मांग रखी गई और गडकरी ने तत्काल इसकी स्वीकृति देते हुए इस फ्लाई ओवर का निर्माण सीआरएफ से कराने का आदेश जारी किया। फ्लाई ओवर का निर्माण प्रारम्भ होने और पूर्ण होने तक कई तरह की अड़चनें सामने आईं, उनके निराकरण की दिशा में कार्य किया गया, आज यह फ्लाई ओवर बनकर तैयार है। सिंह ने कहा लगभग 11 सौ करोड़ की लागत से निर्मित 7 किमी लम्बा जबलपुर में बना यह फ्लाई ओवर मप्र का सबसे बड़ा फ्लाई ओवर है। साथ ही इसमें रेल मार्ग के ऊपर बना देश का सबसे लम्बा सिंगल स्पान केबल स्टे ब्रिज भी बना है, जिसकी लम्बाई 192 मीटर है। इसमें 3 बो स्ट्रिंग ब्रिज बनाये गए हैं, जिसमें दो रानीताल में और एक बलदेवबाग में बनाया गया है, जो पूरी तरह स्टील से निर्मित है। इसकी लम्बाई लगभग 70 मीटर होगी। इस फ्लाई ओवर के नीचे पर्यावरण संरक्षण के लिए लगभग 50 हजार पौधों का रोपण किया गया है। साथ ही फ्लाई ओवर के नीचे ही बास्केटबल कोर्ट, ओपन जिम, बच्चों के लिए पार्क बनाये गए हैं। पूरे फ्लाई ओवर में 10 स्थानों पर दिशा सूचक बोर्ड लगाए गए हैं। सिंह ने कहा कि अभी मदनमहल से दमोह नाका तक जाने में वाहन को लगभग 40 से 45 मिनट लगते हैं, किन्तु फ्लाई ओवर से आवागमन प्रारम्भ होने के बाद यह दूरी सिर्फ 6 से 8 मिनट में तय हो जाएगी। यह फ्लाई ओवर न केवल जबलपुर के यातायात को व्यवस्थित करेगा अपितु जबलपुर के महानगरीय स्वरुप के लिए मील का पत्थर साबित होगा। लोक निर्माण मंत्री ने जबलपुर को मिली इस बड़ी सौगात के लोकार्पण कार्यक्रम में जबलपुर की जनता से उपस्थिति की अपील की है। निरीक्षण के दौरान महापौर जगत बहादुर सिंह अन्नू, विधायक अशोक रोहाणी, सुशील तिवारी इंदु, नीरज सिंह, संतोष बरकडे, कलेक्टर दीपक सक्सेना, पुलिस अधीक्षक सम्पत उपाध्याय, चीफ इंजीनियर लोनिवि आर.एल. वर्मा आदि उपस्थित रहे।  

मंत्री काश्यप ने महू के कोदरिया में ई.टी.पी प्लांट निर्माण की दी मंजूरी

भोपाल एम.एस.एम.ई मंत्री चेतन्य काश्यप ने महू गोदरिया के कच्ची आलू पपड़ी (चिप्स) निर्माता संघ के प्रतिनिधि मंडल को आश्वस्त किया कि एमएसएमई विभाग कोदरिया में ई.टी.पी. प्लांट लगवाने में सहयोग करेगा। उन्होंने प्लांट के अध्ययन के लिए विभाग के अधिकारियों की एक टीम को वस्तुस्थिति का अवलोकन करने के निर्देश दिये हैं। बुधवार को पूर्व मंत्री एवं विधायक सुउषा ठाकुर के नेतृत्व में कच्ची आलू पपड़ी (चिप्स) निर्माता संघ के प्रतिनिधि मंडल ने काश्यप से भेंट कर उन्हें अपनी समस्याओं से अवगत कराया और प्रदूषित पानी के निवारण के लिए ई.टी.पी. प्लांट बनवाने का अनुरोध किया था। मंत्री काश्यप को प्रतिनिधि मंडल ने बताया कि वर्ष 1984 से कोदरिया और उसके आसपास के क्षेत्रों में तीन से चार माह के लिए कच्ची आलू पपड़ी (चिप्स) निर्माण के लिए लगभग 150 कारखाने संचालित हो रहे हैं। इन कारखानों में लगभग 5 हजार महिला-पुरूष श्रमिकों को रोजगार मिल रहा है। इनमें लगभग तीन लाख मीट्रिक टन आलू का प्रसंस्करण कर कच्ची आलू पपड़ी (चिप्स) बनायी जाती है। इसके निर्माण के बाद जो पानी निकलता है, उसे विधिवत रूप से उपचारित न करने के कारण वह दुर्गंध युक्त हो जाता है, जिससे पर्यावरण दूषित हो रहा है। प्रतिनिधि मंडल ने बताया कि पर्यावरण विभाग ने यहां ई.टी.पी. प्लांट लगाने की अनुशंसा भी की है। प्लांट की लागत अधिक होने से इसे बनवाने में वे असमर्थ हैं। उन्होंने मंत्री काश्यप से अनुरोध किया कि वे प्लांट निर्माण में सहयोग कर समस्या का समाधान करें। मंत्री काश्यप ने उनके अनुरोध को स्वीकार कर प्लांट निर्माण के लिए सहमति व्यक्त की है।