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श्रमिकों की भलाई के लिए उठाया कदम, ‘श्री पहल’ से जुड़ेगा स्वास्थ्य और जागरूकता का मिशन

भोपाल  श्रम तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री प्रह्लाद सिंह पटेल के निर्देशानुसार श्रम विभाग श्रमिकों की भलाई और उत्पादकता बढ़ाने के उद्देश्य से श्री (Shramik Health, Rejuvenation, Education and Enterprise) नाम से नई पहल की शुरुआत की गई है। इस पहल के अंतर्गत श्रमिकों के स्वास्थ्य, जागरूकता और जीवनशैली सुधार के लिए कई महत्वपूर्ण कदम प्रस्तावित किए गए हैं। श्री के तहत मुख्य रूप से नशा न करने की पहल, दैनिक व्यायाम का महत्व और मधुमेह जैसी बीमारियों से बचाव के लिए आहार नियंत्रण जैसे विषयों पर जागरूकता फैलाई जाएगी। इसके लिए कर्मचारी राज्य बीमा (ईएसआई) तंत्र के साथ संबल योजना, श्रम कल्याण योजनाएं एवं निर्माण श्रमिक कल्याण बोर्ड डेटाबेस का प्रभावी उपयोग किया जाएगा। इन विभिन्न प्लेटफ़ॉर्म्स के माध्यम से राज्य में बड़ी संख्या में श्रमिकों तक स्वास्थ्य संबंधी जानकारी पहुंचाई जाएगी। श्री पहल के अंतर्गत अब प्रत्येक मंगलवार को कर्मचारी राज्य बीमा सेवाएं के सभी औषधालयों और चिकित्सालयों में श्रमिकों के लिए स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित किए जाएंगे। इस पहल के अंतर्गत कर्मचारी राज्य बीमा निगम द्वारा श्रमिकों को निवारक स्वास्थ्य संदेशों से अवगत भी कराया जा रहा है। इस पहल के तहत प्रदेश के कर्मचारी राज्य बीमा सेवाएं के 42 औषधालयों और 5 चिकित्सालयों में एक साथ स्वास्थ्य विषयों पर जागरूकता कार्यक्रम प्रारंभ किया गया। भोपाल के सोनागिरी औषधालय, देवास अस्पताल, पीथमपुर औषधालय, मंडीदीप और अमलाई औषधालय में उच्च रक्तचाप और जीवनशैली में बदलाव पर चर्चा की गई। भोपाल केंद्र पर मुँह के कैंसर, मंदसौर और बुरहानपुर में मधुमेह, बिरलाग्राम नागदा में मधुमेह की बीमारी पर जानकारी दी गई। पीथमपुर में मोटापे के लक्षण, दुष्परिणाम और रोकथाम पर चर्चा हुई, वहीं रतलाम में मोटापा नियंत्रण और इंदौर के क्षय चिकित्सालय में उच्च रक्तचाप एवं मधुमेह जैसी गैर-संक्रामक बीमारियों पर जानकारी दी गई। प्रदेश की सभी ईएसआई इकाइयों में एक साथ आयोजित इस परिचर्चा से 1200 से अधिक श्रमिक लाभान्वित हुए। इसके अतिरिक्त, सीहोर जिला के महिला पॉलीटेक्निक कॉलेज में आयोजित रोजगार मेले में भी युवाओं को हाइपरटेंशन, डायबिटीज, दिनचर्या बदलाव और नियमित व्यायाम के महत्व पर जागरूक किया गया।

रीवा एयरपोर्ट की बाउंड्रीवॉल पहली बारिश में धराशायी, गुणवत्ता पर उठे सवाल

रीवा मध्य प्रदेश  के रीवा में 24 घंटे की मूसलाधार बारिश में नवनिर्मित एयरपोर्ट की बाउंड्री वॉल धराशायी हो गई. इस एयरपोर्ट के निर्माण में करीब 500 करोड़ रुपये खर्च किए गए थे. 15 फरवरी 2023 को शिलान्यास के बाद एयरपोर्ट लगभग डेढ़ साल में बनकर तैयार हुआ था. वहीं प्रधानमंत्री मोदी ने 20 अक्टूबर 24 को वर्चुअल लोकार्पण भी किया था. इस एयरपोर्ट को बनाने में करीब पांच गांवों की 323 एकड़ जमीन को 99 साल की खातिर भारतीय विमान प्राधिकरण को दिया गया है. राज्य में भोपाल, जबलपुर, खजुराहो, इंदौर और ग्वालियर के बाद रीवा 6वां एयरपोर्ट है, जिसे डायरेक्टर जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) ने लाइसेंस दिया है. यह जिला मुख्यालय से लगभग 12 किमी दूर बना है. बताया जा रहा है कि मूलाधार बारिश की वजह से एयरपोर्ट एरिया की जमीन अचानक धंस गई. जिससे दीवार का एक हिस्सा भरभरा कर गिर गया.    एयरपोर्ट में रनवे की कुल लंबाई 2300 मीटर है. एयरपोर्ट से दो फ्लाइट का संचालन हो रहा है. पहली फ्लाइट भोपाल वाया खजुराहो होते हुए रीवा पहुंचती है. इसके बाद यह सिंगरौली को रवाना होती है. वहीं दूसरी फ्लाइट रीवा से जबलपुर होते हुए भोपाल से कनेक्ट है. अभी 19 सीटर विमान का ही संचालन होता है. हालांकि, इसे बढ़ाकर 72 सीटर विमानों के संचालन के लिए योजना है. इसी के तहत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वाराणसी से रीवा को बड़ी सौगात देते हुए वर्चुअली एयरपोर्ट का लोकार्पण किया था. अथॉरिटी के अनुसार रीवा एयरपोर्ट को अगले 50 सालों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है. वहीं, इसको लेकर एयरपोर्ट अथार्टी के मैनेजर नवनीत चौधरी का बयान आया है. चौधरी ने बताया कि ज्यादा पानी गिरने से आसपास के इलाके का पानी बाउंड्री वॉल से टकराया. जिससे बाउंड्री पानी के दबाव को नहीं रोक पाई. रनवे पूरी तरह से ठीक है. उसे कोई क्षति नहीं हुई है. फ्लाइट बराबर उड़ रही है. नवनीत की दलील है कि बाउंड्री हवा के वेग और लोगों को रोकने के लिए बनाई जाती है. पानी को रोकने के लिए नहीं यह पर्याप्त नहीं है. अब इस बाउंड्री को नए तरीके से डिजाइन किया जाएगा.

GST संरचना से जूझ रहा दवा व्यापार, इनपुट पर टैक्स कटौती की मांग

इंदौर दवाओं के निर्माण के लिए जो कच्चा माल खरीदना पड़ रहा है, उस पर (टैक्स) की दर ज्यादा है जबकि तैयार दवाओं की बिक्री पर जीएसटी की दर कम है। दवा निर्माताओं के संगठन ने मांग उठाई है कि कच्चे माल और दवा के बीच जीएसटी के अलग-अलग रेट का भेद खत्म किया जाना चाहिए। साथ ही दवा बनाने के मटैरियल और तैयार दवा दोनों पर जीएसटी की दर घटाकर पांच प्रतिशत के स्लैब में लाना चाहिए। यह मांग ठीक ऐसे समय उठाई गई है जब आने वाले दिनों में जीएसटी काउंसिल की अहम बैठक होने जा रही है। इसमें जीएसटी की स्लैब व अन्य प्रविधानों में आठ वर्षों में सबसे बड़े बदलाव की उम्मीद है। बेसिक ड्रग डीलर्स एसोसिएशन मप्र ने सरकार को पत्र लिखकर दवाओं के कच्चे माल और तैयार दवाओं दोनों पर जीएसटी की दर पांच प्रतिशत करने की मांग की है। एसोसिएशन ने इस संबंध में पत्र लिखा है और मांग की है कि प्रदेश की ओर से जीएसटी काउंसिल को इस बारे में प्रस्ताव भेजा जाना चाहिए। बेसिक ड्रग डीलर्स एसोसिएशन के महासचिव जयप्रकाश मूलचंदानी कहते हैं कि वर्तमान में दवा बनाने के कच्चे माल पर 18 प्रतिशत जीएसटी लागू होता है।   ब्रिक्री पर 12 प्रतिशत जीएसटी लगता है इस मटैरियल से जो दवा तैयार होती है, उसकी बिक्री पर 12 प्रतिशत जीएसटी लगता है। टैक्स की दर का यह अंतर व्यापार में व्यावहारिक परेशानी पैदा कर रहा है। टैक्स के रूप में दवा कारोबारियों का छह प्रतिशत जीएसटी विभाग के पास जमा रहता है। जबकि निर्माण लागत बढ़ने से उपभोक्ताओं के लिए दवाएं महंगी हो जाती हैं। एसोसिएशन ने मांग रखी है कि दवाओं और कच्चे माल दोनों पर ही जीएसटी की दर पांच प्रतिशत की जानी चाहिए। इनवर्टेड ड्यूटी के अलग नियम कर सलाहकार आरएस गोयल के अनुसार जीएसटी कर प्रणाली में कई वस्तुओं में कच्चे माल पर अधिक व तैयार उत्पाद पर कम टैक्स लागू है। इसके लिए एक इनवर्टेड ड्यूटी स्ट्रक्चर लागू होता है। इसमें सरकार ने प्रविधान किया है कि कच्चे माल पर अधिक टैक्स देकर तैयार माल कम टैक्स पर बेचा जाता है तो जो टैक्स का अंतर होता है, उसका रिफंड दिया जाए। व्यापारी को अधिकार होता है कि वह रिफंड हासिल करे। दवाओं के मामले में भी रिफंड का यह नियम लागू है। हालांकि रिफंड लेने के लिए कागजी कार्रवाई तो करना ही होगी। काउंसिल व्यापारियों को राहत देने के लिए कागजी कार्रवाई का बोझ कम कर प्रक्रिया को आसान बना सकती है।

कालीसिंध नदी में समाई कार, इंदौर-बैतूल मार्ग पर हादसे में दो की जान गई

देवास इंदौर-बैतूल नेशनल हाईवे पर हादसों के लिहाज से डेंजर जोन में शामिल मोखापीपल्या क्षेत्र में कालीसिंध नदी पर बने अंग्रेजों के जमाने के पुल पर रविवार को हादसा हो गया। पुल पर सामने से ट्रक आने के दौरान खातेगांव की ओर से आ रही एक कार अनियंत्रित होकर नदी में गिर गई। कार के दरवाजे लॉक हो जाने के कारण लोग समय पर बाहर नहीं निकल पाए। कार गिरती देख मौके पर मौजूद ग्रामीण नदी में कूदे, कुछ ही देर में पुलिस भी पहुंच गई। कार के कांच तोड़कर चार लोगों को बाहर निकाला गया और बागली के सरकारी अस्पताल पहुंचाया गया जहां डॉक्टरों ने जांच करके दो को मृत घोषित कर दिया जबकि दो अन्य को प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर हालत में इंदौर रेफर कर दिया गया।   ओपी और आनंद की मौत पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार कार में उच्या तेवन निवासी चंडीगढ़, आनंदराज निवासी इंदौर, ओपी निवासी अमृतसर, इलैयाराजा निवासी जयपुर सवार थे। इसमें ओपी और आनंद की मौत हुई है। बागली एसडीओपी सृष्टि भार्गव ने बताया किसी कारण से कार अनियंत्रित होकर नदी में गिरी थी, सामने से आ रहे ट्रक से टक्कर नहीं हुई है। बचाव कार्य में कई ग्रामीण कांच लगने से हुए घायल हादसे के बाद मोखापीपल्या के सरपंच जितेंद्र सिंह, अर्जनुसिंह पुत्र बने सिंह दरबार, अर्जुन सिंह पुत्र विक्रमसिंह, सूरज सिंह पुत्र गुलाब सिंह, राजपाल पुत्र अनार सिंह आदि नदी में उतरे थे, कांच तोड़ने के दौरान कई ग्रामीणों हाथ-पैर में कांच से चोट लग गई। ग्रामीणों के अनुसार जहां पर कार गिरी वहां पर करीब 8-10 फीट पानी था। पुल संकरा, हादसों का लंबा इतिहास ग्रामीणों के अनुसार मोखापीपल्या में कालीसिंध नदी पर बना पुल अंग्रेजों के समय का है। यहां हादसे होना आम बात हो गई है। बारिश के मौसम व अन्य दिनों में भी वाहन पलटकर नदी में गिरते रहते हैं। यदि पुल पर कोई वाहन खराब हो जाता है, तो कई किमी का लंबा जाम भी लग जाता है।

राज्यपाल पटेल से मध्यप्रदेश विधानसभा अध्यक्ष तोमर ने की सौजन्य भेंट

भोपाल राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल से मध्यप्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष श्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने राजभवन में सौजन्य भेंट की। राज्यपाल श्री पटेल का श्री तोमर ने पुष्पगुच्छ भेंट कर अभिनंदन किया।  बैठक के दौरान विभिन्न विषयों पर चर्चा हुई।  

विदिशा में लापरवाही पर भड़के शिवराज, चेताया- केंद्र से दल बुलाया तो सबकी खैर नहीं

विदिशा जिले में आयोजित जिला विकास समन्वय और निगरानी समिति (दिशा) की बैठक में केंद्रीय कृषि मंत्री और सांसद शिवराज सिंह चौहान अधिकारियों पर जमकर बरसे। मनरेगा कार्यों में मशीनों के उपयोग और योजना में अनियमितताओं को लेकर उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी दी कि यदि केंद्र से जांच दल आया, तो सभी नप जाएंगे। बैठक में जनप्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि जिले में मनरेगा के तहत मशीनों से काम कराया जा रहा है। विधायक उमाकांत शर्मा और जिला पंचायत के कृषि समिति अध्यक्ष धनराज दांगी ने कहा कि मजदूरी दर इतनी कम है कि मजदूर काम ही नहीं करना चाहते। इस पर चौहान ने स्पष्ट किया कि मनरेगा कानून के अनुसार 60 प्रतिशत राशि मजदूरी पर खर्च होनी चाहिए।   मनरेगा में सबसे ज्यादा गड़बड़‍ियां उन्होंने कहा, मनरेगा में सबसे अधिक गड़बड़ियां होती हैं। अगर मैंने केंद्रीय टीम भेजी, तो कोई नहीं बचेगा। चौहान ने 121 अमृत सरोवरों का भौतिक सत्यापन कराने और आवास योजना में धीमी प्रगति पर भी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि आवंटन में कोई गड़बड़ी नहीं होनी चाहिए। दो साल से जिले में हो, कुछ नहीं जानते कृषि विभाग की समीक्षा में भी अधिकारियों की तैयारियों की पोल खुल गई। जब शिवराज ने बीज वितरण और लक्ष्य की जानकारी मांगी, तो उप संचालक कृषि केएस खपेड़िया जवाब नहीं दे सके। इस पर मंत्री ने नाराजगी जताते हुए कहा कि दो साल से जिले में हो और कुछ नहीं जानते। जिले में 287 किसानों की सोयाबीन बोवनी खराब होने की जानकारी पर चौहान ने तत्काल राहत और मुआवजा प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए। दुकानों के साथ कंपनियों पर भी कार्रवाई हो उन्होंने अमानक खाद और कीटनाशक मामले में सिर्फ दुकानदारों पर कार्रवाई को नाकाफी बताया और उत्पादक कंपनियों पर भी कार्रवाई करने को कहा। इसके अलावा विधायक मुकेश टंडन और गीता रघुवंशी ने ठेकेदारों के डंपरों द्वारा ग्रामीण सड़कों को नुकसान पहुंचाने की शिकायत की। इस पर एनएचएआइ के प्रोजेक्ट डायरेक्टर को क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत के आदेश दिए गए।

पुलिस की सख्त कार्रवाई से हरदा में करणी सेना का आंदोलन समाप्त, आंसू गैस और वाटर कैनन का इस्तेमाल

हरदा मध्य प्रदेश के हरदा में धोखाधड़ी के आरोपी को पुलिस द्वारा संरक्षण देने का आरोप लगाते हुए शनिवार को करणी सेना ने प्रदर्शन किया। इस दौरान इसके बाद पुलिस ने करणी सेना जिला अध्यक्ष सुनील सिंह राजपूत सहित 4 लोगों को गिरफ्तार कर लिया था। गिरफ्तारी के विरोध में बड़ी संख्या में करणी सेना के कार्यकर्ता खंडवा बायपास पर बैठ गए और जाम लगा दिया। पुलिस ने रात में इन्हें हटाने के लिए फायर ब्रिगेड की गाड़ी से पानी की बौछारें डाली और फिर आंसू गैस के गोले भी छोड़े। इस दौरान पुलिस ने राजपूत करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष जीवन सिंह शेरपुर सहित दर्जनों कार्यकर्ता गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद करणी सेना का यहां हो रहा प्रदर्शन खत्म हो गया।   पुलिस ने रिमांड ही नहीं मांगी करणी सेना का आरोप है कि धोखाधड़ी के आरोपी को जब कोर्ट में पेश किया गया तो पुलिस ने उसकी रिमांड भी नहीं मांगी। इस दौरान सिटी कोतवाली पर शनिवार को हुए प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने उन पर लाठीचार्ज भी कर दिया था। जिला अध्यक्ष सहित 4 लोगों की गिरफ्तारी के खिलाफ करणी सेना के कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी की। इसके साथ ही दोषी पुलिसकर्मियों पर सख्त कार्रवाई की मांग करने लगे।

एमपी में पकड़ा गया खुद को डी कंपनी से जोड़ने वाला युवक, पीएम पर बोले थे आपत्तिजनक शब्द

इंदौर  मध्य प्रदेश में खुद को डी कंपनी का बताकर लोगों को धमकाने और प्रधानमंत्री मोदी के बारे में असभ्य बातें करने के आरोप में एक आदमी को गिरफ्तार किया गया है। पीएम मोदी के बारे में आपत्तिजनक बातें करने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद हिंदूवादी भड़क गए। उन लोगों ने उसकी गिरफ्तारी की मांग करते हुए थाने पर प्रदर्शन भी किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ आपत्तिजनक बातें करने वाले भूमाफिया को खजराना पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी खुद को डी कंपनी का आदमी बताकर लोगों को धमका रहा था।जानकारी के अनुसार, आरोपी का नाम रहमत पटेल है और वह खजराना का रहने वाला है। हाल ही में सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ था। इसमें एक मुस्लिम बुजुर्ग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बारे में अर्मादित बातें कह रहा था। खजराना पुलिस ने जांच की तो आरोपी की पहचान हुई। पूछताछ में सामने आया कि वह लसूड़िया क्षेत्र के पिपलिया कुमार में तुलसी नगर स्थित अपनी जमीन पर खड़े होकर कुछ लोगों को धमकी दे रहा था। इस दौरान वह खुद को डी कंपनी (दाउद इब्राहिम) से जुड़ा होना बता रहा था। मामले में गौतम टिक्वल निवासी शिवबाग कालोनी ने शिकायत दर्ज करवाई थी। खजराना पुलिस ने केस दर्ज करने के बाद आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। खजराना थाना के इंचार्ज मनोज सेंधव के मुताबिक रहमत ने माफी मांगी और कहा कि उसने उम्रदराज होने के चलते आवेश में आकर बढ़-चढ़कर बातें बोली थीं। सामाजिक संगठनों ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपील की है कि इस मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) से जांच कराई जाए और रहमत पटेल के डी कंपनी से कथित संबंधों की गहराई से जांच हो। सवाल उठा रहे हैं कि जब आरोपी खुलकर देश विरोधी बयानबाजी कर रहा है, सहकारी जमीन पर कब्जा कर रहा है और खुद को आतंकी नेटवर्क से जोड़ रहा है तब भी प्रशासन क्यों शांत है? स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि ऐसे मामलों पर कठोर कार्रवाई नहीं हुई तो यह समाज में भय और अविश्वास का माहौल पैदा करेगा। हिंदू संगठन ने वीडियो वायरल किया यह वीडियो मोहर्रम के वक्त का बताया गया है। इसमें लसूड़िया थाने में एफआईआर दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार किया गया था। लसूड़िया थाना प्रभारी ने बताया कि वीडियो संज्ञान में आने के बाद आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया था। अब यह वीडियो हिंदू संगठन द्वारा तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल किया जा रहा है।  

पर्यावरण संरक्षण की पहल: भोपाल में मूर्ति विसर्जन के लिए तालाबों की जगह नए घाट तैयार

भोपाल  भोपाल में गणेश उत्सव नवरात्रि की मूर्ति विसर्जन की व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया जा रहा है। एनजीटी के आदेश के बाद भोपाल नगर निगम ने शहर के तालाबों में मूर्तियों के विसर्जन पर रोक लगा दी है। अब शहर के चारों दिशाओं में चार विसर्जन घाट बनाए जा रहे हैं। राजधानी भोपाल में गणेश उत्सव नवरात्रि की मूर्ति विसर्जन की व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया जा रहा है। एनजीटी के आदेश के बाद भोपाल नगर निगम ने शहर के तालाबों में मूर्तियों के विसर्जन पर रोक लगा दी है। अब शहर के चारों दिशाओं में चार विसर्जन घाट बनाए जा रहे हैं। भोपाल की महापौर मालती राय नए विसर्जन घाटों का निरीक्षण कर रही हैं। शुरुआती दौर में चार जगह का चयन किया गया है। जिसमें से नीलबड़, बरकतउल्ला विश्वविद्यालय, मालीखेड़ी और प्रेमपुरा घाट के पास मूर्ति विसर्जन की व्यवस्था की जाएगी।   एनजीटी ने लगाई है मूर्ति विसर्जन पर रोक  दरअसल भोपाल के तालाबों को प्रदूषण से मुक्त बनाने के लिए नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल बोर्ड ने प्रतिमाओं के विसर्जन पर रोक लगा दी है। अगस्त के अंत में गणेश चतुर्थी और सितंबर में नवरात्र शुरू हो जाएंगे। ऐसे में प्रतिमाओं के विसर्जन के लिए अभी से जगह की तलाश शुरू हो गई है। नगर निगम अधिकारियों के साथ मालीखेड़ी पहुंची महापौर मालती राय ने पुराने घाट को व्यवस्थित करने को कहा है। मालीखेड़ी पूरी तरह फाइनल, काम शुरू महापौर मालती राय ने बताया कि अभी मालीखेड़ी तो पूरी तरह फायनल है। यहां काम भी शुरू कर दिया गया है। शहर के चारों दिशाओं में विसर्जन घाट बनाए जाएंगे। जल्द ही तीन नए घाट भी तैयार हो जाएंगे। इसके लिए संजीव नगर, नीलबढ़ और बरकतउल्ला विश्वविद्यालय कैम्पस में जगह देखी जा रही है। महापौर ने बताया कि संजीव नगर भी लगभग फायनल है। बीयू कैम्पस में विसर्जन घाट बनाने के लिए विश्वविद्यालय से चर्चा चल रही है। मंजूरी मिलते ही निगम घाट विकसित कर देगा। बैरागढ़ विसर्जन घाट पहले से विकसित बैरागढ़ विसर्जन घाट पहले से विकसित है। यह बड़ा तालाब से दूर है। वहीं मालीखेड़ी विसर्जन घाट में भी निगम पहले से विसर्जन की व्यवस्था करता आ रहा है। इसके अलावा प्रेमपुरा घाट पर एक नया घाट विकसित करने पर विचार चल रहा है। अभी तक यहां होता था मूर्तियों का विसर्जन पिछले साल तक नगर निगम ने शहर के प्रेमपुरा, खटलापुरा, हथाईखेड़ा डैम, आर्च ब्रिज, बैरागढ़ और मालीखेड़ी घाट पर ही प्रतिमाओं के विसर्जन की व्यवस्था करता रहा है। भोपाल शहर की अलग-अलग क्षेत्र से हजारों छोटी बड़ी मूर्तियां इन घाटों पर विसर्जित की जाती थीं। इसे लेकर पुलिस प्रशासन और नगर निगम व्यवस्थाएं संभालने का काम करता था। अब देखना यह होगा कि सीमित कर घाटों में मूर्ति का विसर्जन किस तरह से किया जाएगा।  

प्रदेश की सबसे हाईटेक कैथ लैब हमीदिया में तैयार, जापान से आई मशीन से होगा इलाज आसान

भोपाल  भोपाल के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल हमीदिया में प्रदेश की सबसे अत्याधुनिक बाइ प्लेन कैथ लैब जापान से 7.7 करोड़ लागत से खरीदी जा रही है। अस्पताल में नई कैथलैब 1 सितंबर से शुरू हो जाएगी। इसके लिए डेडलाइन तय कर दी गई है। राजधानी भोपाल के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल हमीदिया में प्रदेश की सबसे अत्याधुनिक बाइ प्लेन कैथ लैब जापान से 7.7 करोड़ लागत से खरीदी जा रही है। वहीं अस्पताल में नई कैथलैब 1 सितंबर से शुरू हो जाएगी। इसके लिए डेडलाइन तय कर दी गई है। लैब शुरू होने से हृदय रोग के मरीजों को राहत मिलेगी। अस्पताल के चिकित्सकों का दावा है कि जापान से आने वाली बाइ प्लेन कैथ लैब सबसे आधुनिक है। इस मॉडर्न कैथ लैब में किडनी पेशेंट भी बेफिक्र हो कर हार्ट की जांच करा सकेंगे। जाने क्या है मशीन की खासियत  1- इस मशीन से जांच करने के दौरान बेहद कम डाई की जरूरत पड़ती है। 2- मरीज की स्कैनिंग रिपोर्ट 3डी इमेज फॉर्म में आती है। जिससे ह्रदय व खून की नसों का बेहतर इमेज नजर आती है। 3- यह मशीन हार्ट में ब्लॉकेज से लेकर अन्य समस्या की सटीक जानकारी देती है। जिससे डॉक्टर का काम आसान बन जाता है। 4- जटिल सर्जरियां में भी मरीज में बेहतर रिजल्ट सामने आता है। 5- एंजियोग्राफी व एंजियोप्लास्टी के दौरान दी जाने डाई कम संख्या में दी जाएगी। तीसरी मंजिल में नई लैब तैयार गौरतलब है कि हमीदिया अस्पताल में यह आधुनिक कैथ लैब मशीन के लिए नए भवन ब्लॉक-1 की तीसरी मंजिल में नई लैब तैयार की गई है। जिसमें जरूरी इन्फ्रास्ट्रक्चर से लेकर इलेक्ट्रिकल काम पूरा हो चुका है। अब बाइ प्लेन कैथ लैब के आने का इंतजार है। जो 30 जुलाई को भारत और 10 अगस्त को हमीदिया अस्पताल पहुंचने की संभावना जताई गई है। मशीन को इंस्टॉल करने में एक हफ्ते का समय लगेगा, इसके बाद बचे हुए 13 दिन में अन्य जरूरी प्रक्रिया और ट्रायल चलेंगें।