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किशोर की हत्या में भाजयुमो नेता शामिल, प्रेम प्रसंग से नाराज होकर साथियों संग दिया वारदात को अंजाम

मऊगंज/रीवा मऊगंज जिले की नईगढ़ी पुलिस ने 11 महीने पहले हुए एक किशोर सुमित शर्मा की हत्या का खुलासा कर दिया है। इस जघन्य हत्या को प्रेम संबंध से नाराज भाजयुमो नेता और उसके साथियों ने अंजाम दिया था। पुलिस ने इस मामले में भाजयुमो रामपुर मंडल के उपाध्यक्ष दुर्गेश त्रिपाठी (27), अर्पित त्रिपाठी (20) और अनीत त्रिपाठी (18) को गिरफ्तार किया है। एक अन्य आरोपी अभी फरार है। पुलिस ने शनिवार को तीनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। हैरानी की बात यह है कि दुर्गेश त्रिपाठी ने ही पुलिस को सुबह शव मिलने की सूचना दी थी। ऐसे हुआ खुलासा एसपी दिलीप कुमार सोनी के अनुसार, 15 अगस्त 2024 को नईगढ़ी थाना क्षेत्र के देवरी सेंगरान निवासी 17 वर्षीय सुमित शर्मा घर से निकला था। अगले दिन उसका शव घर से महज 300 मीटर दूर खेत में पड़ा मिला। उसके शरीर पर चाकू के गहरे घाव थे। पहचान छिपाने के लिए आरोपियों ने शव को बिजली करंट से जलाने की कोशिश भी की थी।   गर्म पानी डाला, चाकू मारा, करंट से जलाया पुलिस जांच में पता चला कि सुमित का गांव की एक लड़की से प्रेम संबंध था, जिससे आरोपी नाराज थे। 15 अगस्त की रात आरोपियों ने उसे बुलाया और जमकर पिटाई की। शोर मचाने पर उन्होंने सुमित के ऊपर गर्म पानी डाला। फिर गले पर चाकू से कई वार कर उसकी हत्या कर दी। हत्या के बाद हाथ-पैर जलाने के लिए पानी गर्म करने वाले हीटर का इस्तेमाल किया गया। पहचान मिटाने के इरादे से शव को जलाने का प्रयास किया गया, लेकिन वे सफल नहीं हो सके। आरोपियों ने लाश को बहुती जलप्रपात में फेंकने की योजना बनाई थी, लेकिन ग्रामीणों की आहट सुनकर घबरा गए और शव को खेत में छोड़कर भाग निकले। 

संस्कृति और कला को मिलेगा नया आयाम, MP में बनेंगे थीम पार्क : यादव

  बार्सिलोना/भोपाल,  मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्पेन यात्रा के दौरान बार्सिलोना में भारतीय समुदाय से मुलाकात की और कहा कि वहां का माहौल उन्हें उनके अपने शहर उज्जैन जैसा लगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि जहां भी भारतीय जाते हैं, वे अपनी परंपराओं और त्योहारों से गहराई से जुड़े रहते हैं। यह केवल संवाद नहीं, बल्कि आत्मीय जुड़ाव है। सरकारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, मुख्यमंत्री यादव ने स्पेन की राजधानी में स्थित विश्वप्रसिद्ध "पार्क गेल" का दौरा किया और कहा कि इसी प्रकार के आकर्षक थीम आधारित सांस्कृतिक और कलात्मक पार्क मध्यप्रदेश में भी विकसित किए जा सकते हैं। उन्होंने इस पार्क की प्राकृतिक सुंदरता और वास्तुकला की समरसता की सराहना की। मुख्यमंत्री 13 से 19 जुलाई तक दुबई और स्पेन की आधिकारिक यात्रा पर हैं, जहां उन्होंने शीर्ष व्यापारिक प्रतिनिधियों से मुलाकात कर मध्यप्रदेश की निवेशक हितैषी नीतियों का प्रचार प्रसार किया। उन्होंने कहा कि आज मध्यप्रदेश संभावनाओं की भूमि नहीं, बल्कि निवेश के लिए एक ठोस मंच बन चुका है, जहां नीति, प्रक्रिया और प्रोत्साहनों से जुड़ी व्यापक सुधार योजनाएं लागू की गई हैं। मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि राज्य सरकार चिकित्सा कॉलेज स्थापित करने वाले संस्थानों को मात्र 1 रुपये में 25 एकड़ भूमि उपलब्ध कराएगी, जिससे ग्रामीण और पिछड़े क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंच सकें। इसके अलावा, 100 करोड़ रुपये तक के होटल परियोजनाओं को 30 करोड़ रुपये तक की वित्तीय सहायता दी जाएगी, ताकि राज्य में विश्वस्तरीय पर्यटन ढांचा विकसित किया जा सके। आईटी सेक्टर को छोटे शहरों तक विस्तार देने की दिशा में भी सरकार तेजी से काम कर रही है और प्रत्येक क्षेत्र के लिए पृथक नीति व सहायता तंत्र विकसित किया गया है। पार्क गेल के भ्रमण के दौरान मुख्यमंत्री ने आर्किटेक्ट एंटोनी गौदी की कला की सराहना करते हुए कहा कि वहां की "ड्रैगन सीढ़ियां", 86 स्तंभों वाला हाइपोस्टाइल हॉल और रंग बिरंगे मोजैक से सजा सर्पाकार बेंच जैसे कलात्मक तत्व शहरी सौंदर्यीकरण और सांस्कृतिक सजीवता का उत्कृष्ट उदाहरण हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश में भी पारंपरिक कला और आधुनिक शिल्प के समन्वय से ऐसे थीम आधारित आर्ट पार्क विकसित किए जा सकते हैं जो पर्यावरण के साथ सामंजस्य बनाते हुए जन सहभागिता को बढ़ावा दें।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्वतंत्रता सेनानी बटुकेश्वर दत्त को दी श्रद्धांजलि

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने महान स्वतंत्रता सेनानी एवं क्रांतिकारी स्व. बटुकेश्वर दत्त की पुण्यतिथि पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की है। उन्होंने कहा कि राष्ट्र उनकी अमर गाथा को सदैव स्मरण करता रहेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हिन्दुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसियेशन की सदस्यता लेकर बटुकेश्वर दत्त ने सुखदेव और राजगुरु के साथ स्वतंत्रता संग्राम के प्रयासों को नई दिशा दी। उनके अद्वितीय साहस और बलिदान ने स्वतंत्रता के संकल्प को और अधिक मजबूत किया। राष्ट्र सदैव आपका ऋणी रहेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि देश की स्वतंत्रता के लिए बटुकेश्वर दत्त ने जिस निडरता और आत्म-बलिदान की भावना का परिचय दिया, वह हम सभी के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उल्लेखनीय है कि स्व. बटुकेश्वर दत्त ने भगत सिंह के साथ 1929 में दिल्ली स्थित केंद्रीय विधानसभा में बम फेंककर ब्रिटिश शासन के खिलाफ क्रांति का बिगुल फूंका था। गिरफ्तारी के बाद उन्होंने न्यायालय में ब्रिटिश सरकार की नीतियों का डटकर विरोध किया, इस कारण उन्हें आजीवन कारावास की सजा भुगतनी पड़ी।  

उप मुख्यमंत्री श्देवड़ा ने किया महर्षि वाल्मीकि एवं महर्षि वेदव्यास की प्रतिमा का अनावरण

भोपाल उप मुख्यमंत्री श्री जगदीश देवड़ा ने तुलसी मानस प्रतिष्ठान मानस भवन भोपाल के प्रमुख प्रवेश द्वार पर रामायण के रचयिता महर्षि वाल्मीकि और महाभारत के रचयिता महर्षि वेदव्यास की प्रतिमाओं का अनावरण किया। इस अवसर पर तुलसी मानस प्रतिष्ठान के कार्याध्यक्ष श्री रघुनंदन शर्मा, श्री सुरेश पचौरी, श्री रमेश शर्मा, पदमश्री श्री विजयदत्त श्रीधर और प्रतिष्ठान के सदस्य उपस्थित थे।  

ट्रेन में बच्ची की भूख ने किया परेशान, रेलवे की मदद बनी राहत की मिसाल

भोपाल रेल यात्रा केवल एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचने का माध्यम नहीं, बल्कि यह मानवीय संवेदनाओं से जुड़ा अनुभव भी होता है। ऐसा ही एक संवेदनशील और मार्मिक दृश्य शनिवार की सुबह भोपाल रेलवे स्टेशन पर देखने को मिला, जब रेलवे ने एक भूख से बिलखती सात माह की मासूम बच्ची को समय पर राहत पहुंचाकर इंसानियत की मिसाल पेश की। फिरोजपुर छावनी से हजूर साहिब नांदेड़ जा रही साप्ताहिक एक्सप्रेस (ट्रेन 14622) के एम-4 कोच में सफर कर रहे गुरप्रीत सिंह अपनी पत्नी और सात माह की बेटी सुखमणि के साथ यात्रा पर थे। जब ट्रेन बीना स्टेशन के आसपास थी, तभी बच्ची को भूख लगी, लेकिन उनके पास जो दूध था वह खराब हो चुका था। उन्होंने बीना और विदिशा स्टेशनों पर दूध की कोशिश की, लेकिन सुबह का समय होने के कारण कहीं भी दूध उपलब्ध नहीं हो सका।   ट्विटर के माध्यम से मांगी मदद बच्ची की भूख से व्याकुल हालत को देखकर गुरप्रीत सिंह ने रेलवे मंत्रालय को ट्विटर के माध्यम से मदद की गुहार लगाई। रेलवे मंत्रालय ने तुरंत ही भोपाल रेल मंडल को इसकी सूचना दी और मानवीय संवेदनाओं को देखते हुए तत्काल कार्रवाई की गई। भोपाल स्टेशन पर दोनों प्रकार का दूध उपलब्ध कराया भोपाल रेल मंडल के वाणिज्य विभाग की टीम अलर्ट मोड में आई और ट्रेन के भोपाल स्टेशन पहुंचते ही बच्ची के लिए गर्म और ठंडा दोनों प्रकार का दूध उपलब्ध करवाया गया। अधिकारियों ने बताया कि यात्री द्वारा गर्म या ठंडे दूध की स्पष्ट मांग नहीं की गई थी, इसीलिए दोनों विकल्प मुहैया कराए गए ताकि बच्ची को तुरंत राहत दी जा सके।  

इंदौर की बहू की स्मृति में सराहनीय कदम, परिवार ने मुआवजा समाज सेवा को किया समर्पित

इंदौर अहमदाबाद विमान दुर्घटना में दिवंगत हुई हरप्रीत कौर, अब उनके नाम पर होने वाले सेवा कार्यों से देवी अहिल्या की नगरी इंदौर में याद की जाएगी। सिख समाज के आठवें गुरु श्री हर किशन साहिब के प्रकाश पर्व के मौके उनके के पिता ने सेवा कार्यों के लिए राम हरप्रीत मेमोरियल ट्रस्ट का गठन कर श्री गुरु सिंघ सभा इंदौर को प्रारंभिक अंशदान के रूप में दो लाख की राशि प्रदान कर इस पुनीत कार्य की शुरुआत कर दी है। साथ ही यह भी कहा है बिटिया की बचत एवं उनका स्वयं के द्वारा दी जाने वाली राशि के अलावा बेटी को एयर इंडिया व अन्य योजनाओं से जितनी भी राशि आएगी उससे जरूरतमंदों की मदद की जाएगी। पिता ने की सेवा के कार्य की शुरुआत संत नगर स्थित गुरुद्वारे में मनाए गए गुरु हरकिशन साहिब के प्रकाश पर्व के मौके पर दिवंगत हुई हरप्रीत कौर के नाम पर सेवा के कार्य की शुरुआत पिता महेंद्रपाल सिंह होरा ने की। उन्होंने श्री गुरुसिंघ सभा के प्रधान हरपाल सिंह भाटिया के हाथों में ट्रस्ट का वो पत्र सौंपा जिसमें प्रारंभिक दो लाख रुपए के अंशदान से शुरुआत करने की लिखित सहमति दी। पिता ने बताया कि उनकी बेटी हरप्रीत की आत्मा सेवा, श्रद्धा और करुणा की प्रतीक थी।   सभी मुआवजा राशि ट्रस्ट को होगी समर्पित बचपन से ही वे गुरमुखी अध्ययन, शबद कीर्तन और सामाजिक आयोजनों में रुचि रखती थीं एवं गुरुद्वारे के सेवा कार्यों में सक्रिय रूप से सहभागी रहती थीं। ऐसे में हरप्रीत की स्मृतियो को समाज कल्याण से जोड़ने के उद्देश्य से ट्रस्ट" की स्थापना की है, जो शिक्षा, स्वास्थ्य और बेटियों के सशक्तिकरण हेतु कार्य करेगा। साथ ही आने वाले समय में एयर इंडिया, टाटा ट्रस्ट, बीमा कंपनियों अन्य माध्यम से कोई भी मुआवज़ा या वित्तीय सहायता प्राप्त होती है, तो वह राशि भी इसी ट्रस्ट को समर्पित की जाएगी। सहरानीय है पिता का यह कदम श्री गुरुसिंघ सभा के अध्यक्ष हरपाल सिंह भाटिया ने बताया कि परिजन गुरुद्वारे आए थे। उन्होंने एक पत्र देकर दो लाख की राशि से ट्रस्ट बनाने की घोषणा की है। इससे महिला एवं जरूरतममंदों बच्चों के लिए शिक्षा सहयता अन्य कार्य किए जाएंगे। उनकी यह पहल प्रेरणा दायी है। इंदौर में था ससुराल इसलिए यहां आकर बनाया ट्रस्ट 12 जून 2025 को हुए प्लेन क्रेश में हरप्रीत सदा के लिए अपने परिवार से बिछड़ गईं। उनका ससुराल इंदौर में है। इसीलिए पिता ने ट्रस्ट की शुरुआत बड़ा दिल रखकर इसी शहर से की है, जिससे अहमदाबाद की बिटिया और इंदौर की बहु की याद चिरस्थाई बनी रहे।

भोपाल के सरकारी स्कूल में हादसा, एमएलबी स्कूल की क्लास में गिरा प्लास्टर, दो बच्चियों को चोट

भोपाल भोपाल के एक पीएमश्री स्कूल में चलती कक्षा के दौरान छत का प्लास्टर छात्राओं पर गिरने से हड़कंप मच गया। सभी छात्राएं और शिक्षक कक्षा से निकलकर बाहर आ गए। इस हादसे में दो छात्राएं घायल हो गईं। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। यह मामला भोपाल के बरखेड़ा स्थित शासकीय महारानी लक्ष्मीबाई कन्या स्कूल (एमएलबी) का है। इस स्कूल का चयन पीएमश्री स्कूल के रूप में तीन साल पहले हुआ था, लेकिन अब तक स्कूल भवन की मरम्मत और सुधार कार्य नहीं किया गया, जिसके चलते यह हादसा हुआ। बता दें कि इसी स्कूल में बीते शुक्रवार 11 जुलाई को भी एक कक्षा में छत का प्लास्टर गिरा था। शुक्र है कि उस दौरान कक्षा में कोई विद्यार्थी या शिक्षक उपस्थित नहीं था।   बारिश के बाद सीलन की समस्या इस मामले को गंभीरता से लेते हुए स्कूल प्रबंधन ने जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) को एक शिकायत पत्र लिखा था, इसके बावजूद सुधार कार्य नहीं किया गया। बल्कि यह निर्देश दे दिए गए कि इन कमरों में कक्षाएं न लगाई जाएं। स्कूल प्राचार्य स्मिता मेश्राम ने बताया कि स्कूल की कक्षाओं में वर्षा के बाद से ही सीलन की समस्या बनी हुई है, जिसकी सूचना पहले ही दी जा चुकी थी, लेकिन विभाग कोई सुधार कार्य नहीं कर रहा है। शौचालय भी खराब स्थिति में छात्राओं ने बताया कि स्कूल में बने शौचालयों की भी हालत बेहद खराब है, वह गंदे पड़े रहते हैं। लोहे के दरवाजे नीचे से गल गए हैं, दीवारों पर भी सीलन है। हर साल वर्षा में यही स्थिति होती है। वहीं, शिक्षकों ने बताया कि पूरे स्कूल में सीलन की समस्या है। कई कमरों की छत का प्लास्टर गिर रहा है।  

बीमा राशि रोकने वाली लापरवाही पर कोर्ट का तमाचा, 18 साल बाद टूटा पिता का इंतजार

भोपाल बैतूल जिले के सरकारी स्कूल की एक छात्रा की दुर्घटना में मृत्यु के बाद भी उसके परिवार को विद्यार्थी सुरक्षा बीमा योजना के अंतर्गत बीमा राशि नहीं दी गई। 18 साल बाद राज्य उपभोक्ता आयोग ने छात्रा के पिता को न्याय देते हुए जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) को दोषी मानते हुए 35 हजार रुपये हर्जाना देने का आदेश सुनाया। मामला बैतूल जिले के उड़दन ग्राम का है, जहां के निवासी कुंजीलाल कुमरे ने डीईओ और द ओरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड के खिलाफ आयोग में अपील लगाई थी। आयोग के सदस्य डॉ. श्रीकांत पांडेय और डॉ. मोनिका मलिक की बेंच ने यह स्पष्ट किया कि छात्रा बीमा की हकदार थी और उसकी मृत्यु के 15 दिन के भीतर बीमा राशि का भुगतान किया जाना चाहिए था। बता दें कि इससे पहले जिला उपभोक्ता आयोग ने छात्रा के पिता के खिलाफ में निर्णय सुनाया था, जिसके बाद राज्य उपभोक्ता आयोग में अपील की गई थी।   बीमा न मिलने का कारण डीईओ की लापरवाही बीमा कंपनी ने दलील दी कि डीईओ ने निर्धारित समय पर प्रीमियम राशि जमा नहीं की थी, इस कारण पालिसी प्रभाव में नहीं रही। कंपनी ने यह भी कहा कि पालिसी की अवधि एक अगस्त 2006 से 31 जुलाई 2007 तक थी, जबकि छात्रा की मृत्यु 19 अगस्त 2007 को हुई। वहीं, अपीलकर्ता के वकील ने तर्क रखा कि योजना का नवीनीकरण हर वर्ष होता है और एक अगस्त 2007 से 31 जुलाई 2008 तक नई पालिसी प्रभावी थी। इसके अलावा योजना के तहत डीईओ को स्थानीय निधि से प्रीमियम राशि जमा करने की सुविधा भी थी। आयोग का निष्कर्ष आयोग ने पाया कि पूरी कक्षा के लिए लगभग 2.65 लाख रुपये की प्रीमियम राशि डीईओ को जमा करनी थी, लेकिन उन्होंने लापरवाही बरती। इस कारण बीमा कंपनी की बजाय डीईओ को दोषी मानते हुए हर्जाने का आदेश दिया गया।

सेहत सुधारने के नाम पर जहर! भोपाल में ड्रग्स रैकेट में डॉक्टर और जिम संचालक शामिल

भोपाल भोपाल क्राइम ब्रांच ने ड्रग तस्करी के एक बड़े गिरोह का खुलासा करते हुए दो तस्करों को गिरफ्तार किया है। आरोपित युवाओं को एमडी ड्रग्स (मेथामफेटामिन) की लत लगाने के लिए अलग-अलग हथकंडे अपनाते थे। वे वजन कम करने से लेकर अवसाद से जूझ रहे लोगों को एमडी ड्रग्स दवा के रूप में दिलवाते थे। इसके लिए वे डॉक्टरों का सहारा भी लेते थे। बाद में नशे के आदी हो चुके यही युवा उनके स्थायी ग्राहक बन जाते थे तो उन्हें महंगे दामों पर ड्रग्स बेचते थे। इसके अलावा तस्कर शहर के क्लब-पबों में होने वाली नाइट पार्टियों और कालेजों में भी लंबे समय से एमडी ड्रग्स खपा रहे थे। क्राइम ब्रांच के एडिशनल डीसीपी शैलेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि तस्कर शुक्रवार रात गोविंदपुरा स्थित सब्जी मंडी टीन शेड के पास एमडी ड्रग्स लेकर किसी ग्राहक का इंतजार कर रहे थे। सूचना पर पहुंची पुलिस ने बुधवारा निवासी 28 वर्षीय सैफुद्दीन पिता रफीकउद्दीन व ऐशबाग स्थित बाग फरहत अफजा निवासी 28 वर्षीय आशू उर्फ शाहरूख की तलाशी ली तो उनके पास से 15.14 ग्राम एमडी ड्रग्स मिला। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया है पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर ड्रग्स, स्कूटी और मोबाइल जब्त कर लिया है। इनमें से एक आरोपित सैफुद्दीन पांच हजार का इनामी बदमाश था, जो क्राइम ब्रांच के ही एनडीपीएस के एक मामले में फरार था। एसआइ नितिन पटेल के अनुसार, पूछताछ में आरोपितों ने बताया कि वे लंबे समय से ड्रग्स तस्करी के गिरोह से जुड़े हैं। सनव्वर नामक तस्कर से वे एमडी ड्रग्स खरीदते हैं। इसके बाद आरोपित उस एमडी ड्रग्स को महंगे दामों पर भोपाल के पबों और क्लबों में बेचते थे। डॉक्टर और जिम ऑपरेटर करते थे उनकी मदद साथ ही कॉलेजों में नशे के आदी युवाओं को भी सप्लाई करते थे। आरोपितों का कहना है कि वे ड्रग्स की लत लगाने के लिए नए ग्राहकों को भी तैयार करते थे। इनमें कुछ डॉक्टर भी उनकी मदद करते थे। वे अवसाद से जूझ रहे लोगों को एमडी ड्रग्स दवाई के रूप में देते थे, ताकि वे इसके आदी हो जाएं और फिर महंगे दामों पर खरीदें। इसके अलावा जिम संचालक एक्सरसाइज करने वाले लोगों को मोटापा कम करने की दवाई के रूप में ड्रग्स देते थे। आरोपितों ने पूछताछ में ड्रग्स की बात भी कबूली है। आरोपितों ने इस गिरोह से जुड़े करीब दस संदिग्ध लोगों के नाम लिए हैं, जिसकी जांच पुलिस कर रही है। पुलिस का कहना है कि इस मामले में किसी भी संदिग्ध की पुष्टि नहीं हो सकी है। हालांकि जांच के घेरे में डाक्टर, जिम और पब संचालक हैं। उनकी जांच की जा रही है, जल्द ही कार्रवाई की जाएगी।

शहडोल में ब्रेक फेल बस को रोकने बना मानव ढाल, ट्रक ड्राइवर ने दिखाई बहादुरी

शहडोल शहडोल जिले के पथखई घाट में शनिवार की शाम एक बड़ा  हादसा उस समय टल गया, जब रायपुर से कांवड़ियों को लेकर मैहर जा रही एक बस का ब्रेक फेल हो गया। बस अनियंत्रित होकर घाटी की ओर तेजी से बढ़ रही थी, लेकिन सामने से आ रहे ट्रक चालक की सूझबूझ से सभी यात्रियों की जान बच गई। घटना सिंहपुर थाना क्षेत्र के पथखई घाट पर हुई। जानकारी के अनुसार, छत्तीसगढ़ के रायपुर से मैहर देवी के दर्शन के लिए जा रही बस (क्रमांक CG-07-BW-2738) में 50 से अधिक यात्री सवार थे, जिनमें महिलाएं, पुरुष और बच्चे शामिल थे। जैसे ही बस पथखई घाट पर पहुंची, उसका ब्रेक अचानक फेल हो गया और वह अनियंत्रित होकर घाटी की ओर लुढ़कने लगी।   इसी दौरान रीवा से छत्तीसगढ़ की ओर जा रहा एक ट्रक सामने से आ रहा था। ट्रक चालक ने स्थिति की गंभीरता को समझते हुए अपनी जान की परवाह  किए बिना ट्रक को बस के सामने सटा दिया। इससे बस ट्रक से टकराकर रुक गई और खाई में गिरने से बच गई। हादसे में बस का अगला हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया, लेकिन सभी यात्री सुरक्षित हैं। मौके पर पहुंची सिंहपुर पुलिस ने बताया कि उन्हें घटना की सूचना मिली थी और तत्काल टीम को रवाना किया गया। स्थानीय लोगों के अनुसार, पथखई घाट पर आए दिन हादसे होते रहते हैं क्योंकि यहां वाहन तेज गति से चलते हैं और मोड़ काफी खतरनाक हैं। इस बार ट्रक चालक की सूझबूझ और साहस से एक बड़ी त्रासदी टल गई।