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इंडस्ट्री रेडी दक्ष मानव संसाधन तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी रिश्ता योजना

भोपाल  उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री श्री इन्दर सिंह परमार ने कहा कि "रिश्ता" योजना न केवल युवाओं के कौशल को निखारने का माध्यम है, बल्कि प्रदेश एवं देश की अवसंरचना विकास यात्रा में उनके योगदान को सुनिश्चित करने का एक महत्वपूर्ण प्रयास भी है। यह योजना, इंडस्ट्री रेडी दक्ष एवं प्रशिक्षित मानव संसाधन तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका सुनिश्चित करेगी। मंत्री श्री परमार ने रविवार को शुजालपुर स्थित मां शारदा सांदीपनि विद्यालय में, युवाओं को रोज़गारोन्मुखी कौशल प्रदान करने के उद्देश्य से आरंभ किए गए "रिश्ता (RISHTA : Recruiting Industries Supporting Holistic Training with Alignment)" योजना के पोस्टर का विमोचन किया। योजना का उद्देश्य : युवाओं को रोजगारपरक और व्यवहारिक प्रशिक्षण प्रदान करना “रिश्ता” योजना का पूरा नाम, "रिक्रूटिंग इंडस्ट्रीज सपोर्टिंग हॉलिस्टिक ट्रेनिंग विथ एलाइनमेंट" (RISHTA : Recruiting Industries Supporting Holistic Training with Alignment) है। यह योजना, युवाओं को रोज़गारोन्मुखी कौशल (Skill Development) देने के उद्देश्य से शुरू की गई है। रिश्ता योजना, एक उद्योग-आधारित कौशल विकास योजना है, जिसका उद्देश्य युवाओं को रोजगारपरक और व्यवहारिक प्रशिक्षण प्रदान करना है। इसका मुख्य लक्ष्य उच्च शिक्षा प्राप्त कर चुके विद्यार्थियों को उद्योग की आवश्यकताओं के अनुरूप प्रशिक्षित कर, उन्हें "हाईवे कंस्ट्रक्शन एवं इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर" में अवसर दिलाना है। यह योजना "एसजीएसआईटीएस, इंदौर" और "PATH India Ltd" के संयुक्त सहयोग से संचालित की जा रही है। इसके अंतर्गत "सिविल इंजीनियरिंग" छात्रों के लिए सर्वेइंग (Surveying) एवं , क्वॉलिटी एश्योरेंस/क्वॉलिटी कंट्रोल (Quality Assurance/Quality Control) (QA/QC) जैसे पाठ्यक्रम और "मैकेनिकल इंजीनियरिंग" छात्रों के लिए कंस्ट्रक्शन मैकेनिकल स्किल्स (Construction Mechanical Skills) पर केंद्रित प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। प्रत्येक पाठ्यक्रम की अवधि 225 घंटे (75 दिन) होगी और कक्षाएँ शाम के समय आयोजित की जाएँगी, ताकि अधिक से अधिक विद्यार्थी इसमें सम्मिलित हो सकें। प्रशिक्षण पूर्ण करने वाले विद्यार्थियों को प्रमाण-पत्र प्रदान किया जाएगा। साथ ही उन्हें उद्योग में इंटर्नशिप, प्रायोगिक अनुभव और 50% से अधिक प्लेसमेंट सहायता भी उपलब्ध होगी। "रिश्ता योजना की मुख्य बातें, लाभ एवं प्रभाव" रिश्ता योजना के अंतर्गत विद्यार्थियों को तकनीकी, व्यावसायिक और उद्यमिता (Technical, Vocational & Entrepreneurship Training) प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है। प्रशिक्षण के बाद युवाओं को उद्योगों, स्टार्टअप्स और सरकारी योजनाओं से जोड़ने की व्यवस्था रहती है। विद्यार्थियों को इंटर्नशिप, प्रोजेक्ट वर्क और प्रैक्टिकल लैब्स के अवसर मिलते हैं ताकि वे केवल सैद्धांतिक नहीं, बल्कि व्यावहारिक ज्ञान भी प्राप्त कर सकें। योजना में विशेष ध्यान ग्रामीण एवं वंचित वर्गों पर भी दिया गया है ताकि उन्हें भी समान अवसर मिल सकें।। इस योजना में विद्यार्थियों एवं युवाओं को, निःशुल्क या कम शुल्क पर प्रशिक्षण, प्रमाणपत्र और रोजगार के अवसर मिलते हैं। शैक्षणिक संस्थानों का, उद्योगों से जुड़ाव बढ़ता है और विद्यार्थियों की प्लेसमेंट दर सुधरती है। उद्योग जगत को, प्रशिक्षित एवं दक्ष मानव संसाधन मिलता है। बेरोज़गारी घटती है और आर्थिक प्रगति होती है, इससे समाज एवं देश को प्रत्यक्ष रूप से लाभ मिलता है। “रिश्ता योजना” का लाभ मुख्य रूप से युवाओं को है, लेकिन इसका सकारात्मक प्रभाव उद्योग, शिक्षा संस्थान और पूरे समाज पर पड़ता है। इस अवसर पर एसजीएसआईटीएस इंदौर के निदेशक डॉ. नितेश पुरोहित, आईआईटी इंदौर के प्रोफेसर डॉ. संतोष विश्वकर्मा, होलकर साइंस कॉलेज इंदौर के एचओडी डॉ प्रदीप शर्मा, जवाहरलाल नेहरू स्मृति शासकीय स्नात्तकोत्तर महाविद्यालय शुजालपुर के प्राचार्य डॉ. राजेश शर्मा, माँ शारदा सांदीपनि विद्यालय शुजालपुर के प्राचार्य डॉ. रजनीश त्रिवेदी एवं डॉ. शिवपाल मेवाड़ा सहित विभिन्न प्रशिक्षक, शिक्षकगण, विद्यार्थी, स्थानीय जनप्रतिनिधिगण एवं अन्य गणमान्य जन उपस्थित थे।  

ट्रेन बनी खुशियों की सवारी, सूरत-भागलपुर एक्सप्रेस में महिला ने दिया बच्चे को जन्म

सतना कभी मुसाफिरों को मंज़िल तक पहुँचाने वाली ट्रेन, आज किसी की ज़िंदगी की शुरुआत की गवाह बन गई। सूरत से भागलपुर जा रही एक्सप्रेस ट्रेन रविवार सुबह एक अनोखी और भावुक घटना की साक्षी बनी, जब ट्रेन के स्लीपर कोच में सफर कर रही 21 वर्षीय गर्भवती महिला ने चलती ट्रेन में एक स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया। यह क्षण न केवल मानवीय संवेदना से भरपूर था, बल्कि इसने यह भी दिखाया कि संकट की घड़ी में अनजान मुसाफिर कैसे अपनों से बढक़र बन जाते हैं। मैहर और सतना के बीच हुई प्रसव पीड़ा ट्रेन संख्या 22947 में सवार राज कुमारी अपने पति राजेश कुमार के साथ उधना से भागलपुर की यात्रा पर थीं। जैसे ही ट्रेन मैहर और सतना के बीच पहुंची, राज कुमारी को तेज प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। स्थिति गंभीर होते देख स्लीपर कोच की महिला यात्रियों ने तुरंत सक्रियता दिखाई। उन्होंने चादरों से पर्दा बनाकर अस्थायी प्रसव कक्ष तैयार किया और मिल-जुलकर महिला की डिलीवरी करवाई। महिला यात्रियों ने न सिर्फ प्रसव में मदद की, बल्कि तुरंत जीआरपी को भी सूचित किया। सतना स्टेशन पर ट्रेन के पहुंचने से पहले ही एम्बुलेंस और मेडिकल स्टाफ को तैयार कर दिया गया था। सुबह करीब 4 बजे जैसे ही ट्रेन प्लेटफॉर्म नंबर 2 पर पहुंची, मां और नवजात को प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल भेजा गया। जच्चा-बच्चा दोनों स्वस्थ, मुसाफिरों ने मनाई खुशी डॉक्टरों की टीम ने मां और नवजात की जांच की और दोनों को पूर्णत: स्वस्थ घोषित किया। अस्पताल से खबर मिलते ही ट्रेन में सवार यात्रियों के चेहरों पर मुस्कान आ गई। यात्रियों ने इसे ‘जीवन का सबसे सुंदर सफर’ बताया और कहा कि ‘सूरत-भागलपुर एक्सप्रेस अब सिर्फ एक ट्रेन नहीं, जननी एक्सप्रेस बन गई है।’

मुक्ति धाम की कमी बनी दर्दनाक मजबूरी, खरगोन गांव में पंचायत गेट पर हुआ अंतिम संस्कार

भीकनगांव नगर से 8 किलो मीटर तक ग्राम लाल खेड़ा में मुक्ति धाम नहीं होने से परिजनों एवं ग्रामीणों ने की ग्राम पंचायत लालखेड़ा के गेट पर अंतिम संस्कार की तैयारी गेट पर ही लकड़ियों से चिता सजा दी। गांव में नहीं है कोई मुक्तिधाम दरअसल, ग्रामीण मयंक कुशवाह ने बताया कि आज सुबह ग्राम की उर्मिला बाई पति बाबूलाल का निधन हो गया है ग्राम में मुक्ति धाम नहीं है और जो है वह जीर्ण शीर्ण की हालत में है ऊपर तीन शेड भी लगा हुआ है वर्षा काल का समय से बारिश आ रही है।   कई बार बताने के बाद भी नहीं बना मुक्तिधाम ऐसे में मृतक उर्मिला बाई पति बाबूलाल 70 वर्षीय का अंतिम संस्कार करे तो कहा ग्राम पंचायत में पदस्थ जिम्मेदारों को कई बार ग्रामीणों के द्वारा अवगत करवाया गया है लेकिन अभी तक मुक्ति धाम को सही नहीं करवाया गया है अब से ग्रामीण ग्राम का किसी भी निधन होने के बाद ग्राम पंचायत के गेट पर अंतिम संस्कार करेंगे। जानकारी मिलने के बाद प्रशानिक अधिकारी मौके के लिए रवाना हुए।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा – लोन चुकता होते ही बंधक संपत्ति मॉर्टगेज या डबल मॉर्टगेज से हो जाएगी मुक्त

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि उद्योगों के हित में ही राष्ट्र का हित निहित है। लघु और कुटीर उद्योग भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। सीमित संसाधनों का समुचित उपयोग कर हम इन उद्योगों के विकास की ओर बढ़ रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्वतंत्रता के अमृत काल में लघु उद्योग भारती के प्रदेश कार्यालय का लोकार्पण हमारे उत्कर्ष को दर्शाता है। उद्योगों के विकास के लिए हमें पूरे देश के परिदृश्य में सोचना होगा। सभी जगह समान रूप से उद्योग लगाने होंगे, तभी संतुलित विकास हो सकेगा। देश हित में हम सब मिलजुलकर काम करेंगे। उन्होंने कहा कि हम उद्योगों को विस्तार देने के लिए उद्योगपतियों के साथ कदम से कदम मिलाकर चलेंगे। हमने समाज के सभी वर्गों का बराबर ध्यान रखा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को लघु उद्योग भारती के गोविंदपुरा औद्योगिक प्रक्षेत्र में नवनिर्मित प्रदेश कार्यालय के लोकार्पण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लघु उद्योग भारती के करीब 4 करोड़ रुपए की लागत से नवनिर्मित प्रदेश कार्यालय भवन 'उद्यम सेतु'का वैदिक मंत्रोच्चार के बीच फीता काटकर लोकार्पण किया।लोकार्पण अवसर पर लघु उद्योग भारती का द्वि-वार्षिक प्रादेशिक सम्मेलन और स्टार्टअप एवं लघु उद्यमी महाकुंभ-2025 भी आयोजित किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अन्य अतिथियों के साथ लघु उद्योग भारती के नए ब्रोशर का विमोचन भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने घोषणा की कि किसी भी प्रकार का संस्थागत या बैंक लोन चुकता होते ही संबंधित बंधक संपत्ति मॉर्टगेज या डबल मॉर्टगेज से मुक्त हो जाएगी। इस प्रावधान का लाभ हम सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम उद्योगों (एमएसएमई इंडस्ट्री) को भी देंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश में लघु उद्योगों की स्थापना और इससे जुड़ी सभी कठिनाइयों का समुचित हल भी निकाला जायेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हम एमएसएमई उद्योगों की स्थापना से जुड़ी सभी प्रकार की अनुमतियां को समयबद्ध कार्य योजना की अनुरूप समय-सीमा में देने का प्रावधान करने जा रहे हैं। प्रदेश में रोजगार आधारित उद्योग लगाने वाले उद्योगपतियों को प्रोत्साहन दे रहे हैं। प्रदेश में नया आईटीआई पॉलिटेक्निक कॉलेज, इंजीनियरिंग कॉलेज खोलने के लिए भी नीति से प्रावधान अनुसार सब्सिडी दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम प्रदेश में रिसर्च वर्क को बढ़ावा देने के लिए आगे आ रहे हैं। आईआईटी इंदौर में शोध कार्यों के लिए देशी और विदेशी शिक्षण संस्थानों के स्टडी सेंटर के लिए हमारी चर्चा चल रही है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार लघु उद्योगों के साथ हमेशा साथ खड़ी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमें लघु उद्योगों को पुनर्जीवित करना होगा। इसी से हमारी अर्थव्यवस्था मजबूत होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि विरासत से विकास का सबसे सटीक उदाहरण भारतीय लघु उद्योग ही हैं। यह कारोबार नहीं, बल्कि करोड़ों परिवारों की आशा, आत्म-सम्मान और आर्थिक स्वावलंबन का आधार हैं। जैसे शरीर की मजबूती रीढ़ पर टिकी होती है, वैसे ही भारत की अर्थव्यवस्था की मजबूती लघु उद्योगों पर टिकी है। लघु उद्योग सिर्फ कारखाने नहीं हैं, ये रोज़गार के सबसे बड़े निर्माता हैं। एमएसएमई वह पुल है, जो मेहनतकश हाथों को बड़े बाज़ारों से जोड़ता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज भारत में 6 करोड़ से अधिक सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योग (एमएसएमई) हैं, जो देश की जीडीपी में लगभग 30 प्रतिशत से अधिक योगदान देते हैं और कुल निर्यात में 45 प्रतिशत हिस्सेदारी रखते हैं। आज हम विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन पाए हैं, तो इसमें एक बड़ा योगदान लघु उद्योगों का ही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का "मेक इन इंडिया" और "वोकल फॉर लोकल" का आव्हान हमें बताता है कि आत्मनिर्भर भारत का मार्ग बड़े -बड़े उद्योगों से नहीं, बल्कि घर-घर की चौखट से चलने वाले छोटे उद्योगों से ही निकलता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री ने माइक्रो, स्माल और मीडियम इंटरप्राइजेज को मैक्सिमम स्पोर्ट देने की बात कहीं है, जिससे ये सभी उद्योग मैक्सिमम ग्रोथ हासिल कर सकें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि लघु उद्योग भारती से जुड़े लघु उद्योगपति केवल मुनाफे के लिए काम नहीं करते, गौरव, परंपरा और नवाचार को बढ़ावा देते हैं। आप हर छोटे उद्यमी की आवाज़ बन रहे हैं। आप संगठन में शक्ति को चरितार्थ कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि लघु उद्योगपति "दाम कम, दम ज्यादा" मंत्र के साथ अपनी विश्वसनीयता बनाएं, एक बार जो आपका प्रोडक्ट खरीदे, वो बार-बार खरीदें। तकनीकी से जुड़ें, मार्केटिंग सीखें, ऑनलाइन बाजार से जुड़ें। अपने उत्पादों को ई-कॉमर्स बेवसाइट से जोड़कर लोकल से ग्लोबल बनाएं। कौशल भारत अभियान और नई शिक्षा नीति इस दिशा में बड़ा कदम है। छोटे उद्योगों के केंद्र में हमारी मातृशक्ति है। लाड़ली बहनों की भागीदारी से न सिर्फ परिवार की आमदनी बढ़ती है, साथ ही समाज में आर्थिक आत्मनिर्भरता और सामाजिक सशक्तिकरण का मार्ग भी खुलता है। लघु उद्योग ही स्वदेशी का आधार हैं। उन्होंने कहा कि वर्ष 2047 में जब भारत विकसित और आत्मनिर्भर होगा, उसमें लघु उद्योगों की भूमिका सबसे बड़ी होगी।

शादी का झांसा देकर लुटेरी दुल्हन ने उड़ाए डेढ़ लाख, उज्जैन पुलिस के जाल में फंसी

उज्जैन नागदा निवासी दो बच्चों की मां ने भाटपचलाना निवासी युवक से शादी के नाम पर डेढ़ लाख रुपये ले लिए। सात दिनों तक महिला युवक के साथ रही थी। इसके बाद वह भाग निकली। पुलिस ने महिला सहित चार आरोपितों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। मामले में महिला का पति व मुख्य सरगना फरार है। टीआइ सतेन्द्रसिंह चौधरी ने बताया कि थाना क्षेत्र के ग्राम खरसौदकलां निवासी रतनलाल सेन के पुत्र जितेन्द्र सेन का विवाह नहीं हो रहा था। 21 अगस्त की रात को मौका पाकर घर से भागी पूजा कुछ दिन पूर्व रतनलाल की पहचान खाचरौद निवासी विष्णुबाई पत्नी रामचन्द्र धाकड से हुई थी। विष्णुबाई ने उसे झांसा दिया कि नागदा निवासी नेहा नामक युवती से वह उसका विवाह करवा सकती है। मगर इसके एवज में उसका परिवार डेढ़ लाख रुपये की मांग कर रहा है। रतनलाल ने परिचित से रुपये उधार लेकर विष्णुबाई को दे दिए थे। 14 अगस्त को विष्णुबाई व उसके साथी ने पूजा उर्फ नेहा निवासी 64 ब्लॉक नागदा को लेकर आए और मंदिर में शादी करवा दी। इसके बाद सभी चले गए। पूजा 21 अगस्त की रात को मौका पाकर घर से भाग गई। जिस पर रतनलाल ने पुलिस को शिकायत की थी।   पुलिस ने जांच के बाद विष्णुबाई, उसके पति रामचंद्र, पूजा उर्फ नेहा व उसका पति विनोद, पूजा की माैसी आशा और जस्सु उर्फ राजू सभी के खिलाफ धारा 318 (4) बीएनएस के तहत केस दर्ज कर लिया था। पुलिस ने मामले में पूजा उर्फ नेहा मालवीय, रामचंद्र धाकड, जस्सु उर्फ राजू बागरी, विष्णुबाई धाकड़ को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपितों के कब्जे से 40 हजार रुपये बरामद किए हैं। आरोपितों को कोर्ट में पेश किया गया था। जहां से उन्हें जेल भेजने के आदेश जारी हो गए। पुलिस मामले में फरार आशाबाई व लुटेरी दुल्हन पूजा के पति विनोद मालवीय की तलाश में जुटी है।

रेलवे ट्रैक पर युवक-युवती के कटे शव, प्रेम कहानी का दर्दनाक अंत होने की आशंका

शाहपुर शनिवार देर रात बैतूल जिले के बरबतपुर रेलवे स्टेशन के समीप नागपुर–इटारसी डाउन ट्रैक पर बड़ा हादसा हो गया। रविवार सुबह रेलवे ट्रैक पर युवक और युवती के क्षत-विक्षत शव मिलने से पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई। रेलवे ट्रैक पर कटे मिले युवक–युवती के शव प्राथमिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि दोनों ने ट्रेन के सामने कूदकर आत्महत्या कर ली होगी। सूचना मिलते ही शाहपुर पुलिस और रेलवे पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। मृत युवक की पहचान शाहपुर थाना क्षेत्र के गौनापुर निवासी शिवकुमार परते (20) के रूप में हुई है। वहीं युवती हरदा जिले की निवासी बताई जा रही है।   पुलिस जांच में जुटी पुलिस ने दोनों शवों का पोस्टमार्टम शाहपुर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में कराने के बाद स्वजन को सौंप दिए हैं। शाहपुर के थाना प्रभारी मुकेश ठाकुर ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला प्रेम प्रसंग से जुड़ा लग रहा है, हालांकि पुलिस हर पहलू पर बारीकी से जांच कर रही है।

पीएआई 1.0 के विमोचन एवं पीएआई 2.0 के क्रियान्वयन के लिये कार्यशाला 25 अगस्त को

पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद पटेल कार्यशाला का करेंगे शुभारंभ भोपाल  पंचायत राज संचालनालय, मध्यप्रदेश द्वारा पीएआई 1.0 के विमोचन (डिसेमिनेशन) एवं पीएआई 2.0 के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए राज्य स्तरीय कार्यशाला का आयोजन 25 अगस्त 2025 को किया जा रहा है। यह कार्यशाला प्रातः 9.00 बजे से सायं 6.00 बजे तक विकास भवन, भू-तल स्थित सभागार, अरेरा हिल्स, भोपाल में आयोजित होगी। पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री प्रहलाद पटेल कार्यशाला का शुभारंभ करेंगे। कार्यशाला में जिलों एवं राज्य स्तर से कुल 536 प्रतिभागी शामिल होंगे। इनमें अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत (52), मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत (52), जिला स्तर के वित्त कार्यक्रम प्रबंधक/अभ्युदयिता समन्वयक (104), शीर्ष रैंकिंग ग्राम पंचायतों के सरपंच (104), निम्न रैंकिंग ग्राम पंचायतों के सरपंच (156), पंचायत सचिव/सहायक सचिव (52) तथा 16 लाइन विभागों के नोडल अधिकारी शामिल होंगे। कार्यशाला का उद्देश्य राज्य में पंचायतों के सुशासन को सुदृढ़ करना, योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करना और पीएआई 2.0 के माध्यम से पंचायतों की कार्यप्रणाली को और अधिक पारदर्शी एवं उत्तरदायी बनाना है।  

मुख्यमंत्री ने उज्जैन में कीर समाज के महासम्मेलन को वर्चुअली संबोधित किया

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि जो समाज संगठित होकर कार्य करता है, वह इतिहास बनाता है। कीर समाज को भगवान श्रीराम की चरण रज प्राप्त हुई और समाज बंधुओं ने भगवान श्रीराम को भवसागर पार करवाया। उस समाज ने बदले में भगवान श्रीराम से कुछ नहीं मांगा। बस जीवन की वैतरणी पार करने का आशीर्वाद मांगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कीर समाज की एक राज्य स्तरीय पंचायत शीघ्र ही राजधानी में आयोजित की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को समत्व भवन, मुख्यमंत्री निवास से उज्जैन में हुए कीर समाज के महासम्मेलन को वर्चुअल संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कीर समाज ने भगवान श्रीराम को मनुष्य के बजाय भगवान के रूप में पहचाना था। आज समाज प्रगति के मार्ग पर है। शिक्षा के प्रसार और नशा मुक्ति जैसे रचनात्मक कार्यों से समाज जुड़ा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वे जीवन में मुख्यमंत्री के रूप में प्राप्त सेवा के इस अवसर का श्रेय कीर समाज सहित ऐसे सभी समाज बंधुओं के आशीर्वाद को देते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरकार अधोसंरचना विकास और शिक्षा के प्रोत्साहन के कार्य कर रही है। जहां मेधावी विद्यार्थियों को स्कूटी और लैपटॉप उपलब्ध करवाए जा रहे हैं, वहीं छात्रवृत्ति पाठ्यपुस्तकें और यूनिफॉर्म मिलने से शिक्षा अर्जन आसान बनाया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने महासम्मेलन में उपस्थित अनेक बहनों से संवाद भी किया और लाड़ली बहना योजना सहित अन्य योजनाओं के संबंध में चर्चा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कीर समाज को संस्कृति के पर्व मिलकर मनाने, प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने, सामाजिक मेलजोल और आध्यात्मिक चेतना के लिए संयुक्त रूप से कार्य करने के प्रयासों और महासम्मेलन के आयोजन के लिए बधाई और शुभकामनाएं दीं। प्रारंभ में कीर समाज के महासम्मेलन में प्रदेश कार्यकारिणी के शपथ समारोह और विचार विमर्श के सत्र हुए। मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। महासम्मेलन को मां पूरी बाई कीर कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष श्री गया प्रसाद कीर, समाज के प्रदेश अध्यक्ष श्री कोमल सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने संबोधित भी किया।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पूर्व केंद्रीय मंत्री स्व. अरुण जेटली को दी श्रद्धांजलि

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पद्म विभूषण से सम्मानित पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली की पुण्यतिथि पर विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राजनीति में सादगी एवं शुचिता से उच्च आदर्श स्थापित करने वाले अरुण जेटली का 'विकसित भारत' के निर्माण में योगदान चिरस्मरणीय रहेगा। देश के नवनिर्माण में उनके आदर्श हमें और बेहतर करने के लिए सदैव प्रेरित करते रहेंगे।  

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा- बच्चे देश की अमूल्य धरोहर हैं

बागवानी संवर्धन और फ्लॉवर डेकोरेशन को बढ़ावा दे रही हमारी सरकार उज्जैन में समाज की धर्मशाला निर्माण के लिए देंगे सहायता राशि भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि बच्चे देश की अमूल्य धरोहर हैं। इनमें निहित असीमित प्रतिभाओं को निखारना और आगे बढ़ाना हम सबका दायित्व है। बच्चों और युवाओं की प्रतिभाएं ही देश को विकास पथ पर आगे ले जाती है। उन्होंने कहा कि बच्चे खूब पढ़े-लिखें और अपना भविष्य संवारें, सरकार हर घड़ी उनके साथ खड़ी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रायमरी कक्षा से लेकर उच्च शिक्षा प्राप्त करने वाले सभी विद्यार्थियों को हमारी सरकार छात्रवृत्ति दे रही है। सबके रोजगार की व्यवस्था भी हम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हम 1 लाख पदों पर भर्ती करने जा रहे हैं। अगले पांच साल में 2.50 लाख शासकीय पदों पर भर्ती करेंगे। पुलिस की भर्तियां भी जारी हैं। इस साल 7500 पदों पर भर्तियां निकाली हैं। पुलिस की भर्ती के लिए अलग से पुलिस भर्ती बोर्ड भी बनाया जा रहे हैं। अगले तीन साल में हर साल 7500 पदों पर भर्ती कर हम पुलिस विभाग के सभी रिक्त पदों की पूर्ति कर लेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को भोपाल स्थित हिन्दी भवन में फूल माली समाज के 16वें राज्यस्तरीय प्रतिभा सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने समारोह में विभिन्न परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने और प्रावीण्य सूची में स्थान पाने वाले फूल माली समाज के प्रतिभाशाली एवं मेधावी विद्यार्थियों को मंच से प्रशस्ति-पत्र और सम्मान निधि देकर सम्मानित किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि फूल-माली समाज के व्यवसाय को बढ़ाने के लिए हमारी सरकार पुष्प कलाकारी (फ्लॉवर डेकोरेशन) को बढ़ावा दे रही है। अभी हाल ही में जन्माष्टमी में सरकार ने सभी श्री कृष्ण मंदिरों में पुष्प सज्जा के लिए आकर्षक पुरस्कार भी घोषित किए। उन्होंने कहा कि पुष्प और संस्कार दोनों एक दूसरे से जुड़े हुए हैं। जिस तरह फूल सभी को प्रिय हैं, उसी प्रकार फूल-माली समाज भी सबका प्रिय है। खेती-किसानी और बागवानी का चोली-दामन का साथ है। किसान खेत में परिश्रम करता है और फूल माली समाज बागों में। उन्होंने कहा कि प्रदेश में बागवानी संवर्धन के लिए भी राज्य सरकार अनेक कदम उठा रही है।  मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि फूल माली समाज ने अपने परिश्रम, लगन और कर्मठता से एक अलग पहचान बनाई है। समाज के बच्चों और युवाओं ने अपनी प्रतिभा से न केवल प्रदेश, बल्कि देश-विदेश में भी नाम रोशन किया है। ऐसे होनहारों का सम्मान करना वास्तव में हम सबके लिए गर्व की बात है। मुख्यमंत्री ने बच्चों और युवाओं को कड़ी मेहनत, लगन और ईमानदारी से अपने सपनों को पूरा करने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि वे बड़ा करने का सपना देखें। सपने पूरा करने के लिए मध्यप्रदेश सरकार हमेशा उनके साथ है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी सरकार समाज के बच्चों की पढ़ाई-लिखाई, स्वरोजगार, व्यवसाय के साथ पुष्प श्रृंगार कला को और अधिक संवर्धन पर ध्यान दे रही है। राज्य सरकार सबका साथ-सबका विकास के साथ-साथ सबका विश्वास-सबका प्रयास के मूल मंत्र पर काम कर रही है। विकास की धारा से किसी भी समाज को वंचित नहीं रहने दिया जाएगा। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव का फूलमाली समाज के प्रतिनिधियों द्वारा पगड़ी पहनाकर स्वागत किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने समाज के मांग-पत्र पर उज्जैन में समाज के लिए धर्मशाला निर्माण के लिए सहायता राशि दिए जाने और समाज की राष्ट्रीय विभूतियों को भारत रत्न दिए जाने के लिए समर्थन की मांग की गई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उज्जैन में समाज की धर्मशाला के निर्माण के लिए हर संभव सहायता देने की बात कही। स्वागत उद्बोधन में फूल माली समाज के प्रादेशिक पदाधिकारी श्री हरिनारायण माली ने बताया कि समाज का यह 16वां प्रतिभा सम्मान समारोह है। समाज की गतिविधियों के विस्तार के लिए सरकार का साथ चाहिए। समारोह में पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर, विधायक श्री भगवान दास सबनानी, नगर निगम अध्यक्ष श्री किशन सूर्यवंशी, समाजसेवी श्री रविन्द्र यति, श्री जी.पी. माली, श्री हरिनारायण माली, श्री भगवान भाई माली, श्रीमती शांति, श्री गीता प्रसाद,श्री नरेन्द्र राहुल सहित समाज के अन्य पदाधिकारी तथा बड़ी संख्या में समाजजन एवं विद्यार्थी उपस्थित थे।