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एसआई भर्ती परीक्षा 2021 को लेकर अंतिम फैसला आज, हाईकोर्ट में सुनवाई

जयपुर राजस्थान की बहुचर्चित एसआई भर्ती परीक्षा 2021 को लेकर आज का दिन बेहद अहम है। राजस्थान हाईकोर्ट की जयपुर बेंच इस मामले में आज यानी 7 जुलाई को अपना फैसला सुनाने वाली है। यह फैसला तय करेगा कि क्या यह भर्ती प्रक्रिया रद्द होगी या फिर बहाल रहेगी। हाईकोर्ट ने पिछली सुनवाई में स्पष्ट किया था कि अगली सुनवाई में वह अंतिम निर्णय देगा। क्या है पूरा मामला? साल 2021 में राजस्थान पुलिस में सब-इंस्पेक्टर के 859 पदों पर भर्ती के लिए परीक्षा आयोजित की गई थी। इस भर्ती में पेपर लीक, डमी कैंडिडेट की भागीदारी और संगठित तरीके से घोटाले की शिकायतें सामने आई थीं। परीक्षा से पहले ही प्रश्नपत्र लीक हो गया था और कुछ अभ्यर्थियों की जगह डमी कैंडिडेट परीक्षा में बैठाए गए थे। इन गड़बड़ियों के बाद मामला तूल पकड़ गया और राजस्थान सरकार ने विशेष अभियान दल को इसकी जांच सौंपी। घोटाले में अब तक की कार्रवाई में 50 ट्रेनी सब-इंस्पेक्टर और राजस्थान लोक सेवा आयोग के दो सदस्यों समेत कुल 150 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इसके कारण न केवल अभ्यर्थियों का भविष्य अधर में लटक गया है, बल्कि राज्य की चयन प्रक्रियाओं की विश्वसनीयता पर भी सवाल खड़े हो गए हैं। राजस्थान सरकार ने हाल ही में कोर्ट में अपना पक्ष रखते हुए कहा था कि सरकार की इस भर्ती को रद्द करने की कोई मंशा नहीं है। सरकार का कहना है कि वह दोषियों पर सख्त कार्रवाई करने के पक्ष में है, लेकिन निर्दोष अभ्यर्थियों को सजा नहीं देना चाहती। आज कोर्ट में तीन मुख्य बिंदुओं पर फैसला संभावित होगा। पहला भर्ती प्रक्रिया की वैधता को लेकर विचार किया जाएगा कि क्या पेपर लीक की वजह से पूरी भर्ती रद्द होनी चाहिए? दूसरा दोषी ट्रेनी एसआई को सेवा में बनाए रखा जाएगा या नहीं? और तीसरा- क्या चयन की पूरी प्रक्रिया दोबारा होगी या केवल दोषियों को हटाया जाएगा? भर्ती को लेकर पिछले तीन वर्षों से लड़ रहे हजारों अभ्यर्थी आज कोर्ट के फैसले पर निगाहें टिकाए बैठे हैं। कई अभ्यर्थी ट्रेनिंग पूरी कर चुके हैं और ड्यूटी पर हैं, वहीं कुछ की नियुक्ति अब भी रुकी हुई है। आज आने वाला फैसला न केवल एसआई भर्ती 2021 के भविष्य को तय करेगा, बल्कि राजस्थान में अन्य लंबित या विवादित भर्तियों के लिए भी एक मॉडल निर्णय बन सकता है।

डीजीपी नियुक्ति के बाद प्रशासनिक हलचल तेज, पुलिस विभाग में बड़े फेरबदल की तैयारी

जयपुर राजस्थान में डीजीपी पद पर आईपीएस अधिकारी राजीव कुमार शर्मा की नियुक्ति के बाद अब पुलिस महकमे में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल होने की संभावना जताई जा रही है। सूत्रों के मुताबिक, राज्य सरकार जल्द ही वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों की नई पदस्थापनाएं और तबादलों की सूची को अंतिम रूप दे सकती है। सूत्रों का कहना है कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और नव नियुक्त डीजीपी राजीव कुमार शर्मा के बीच संभावित बैठक के बाद इस प्रक्रिया में तेजी आने की उम्मीद है। फिलहाल राज्य में एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) के महानिदेशक सहित कई शीर्ष पद खाली हैं। एसीबी प्रमुख का पद लंबे समय से रिक्त है। इसके अलावा आठ वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी अन्य पदों का अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे हैं, जबकि 12 नवआरक्षित आईपीएस अधिकारी हैदराबाद में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं और पांच अधिकारी अवकाश पर हैं। ऐसे में विभाग में कार्यभार संतुलन एक बड़ी चुनौती बना हुआ है। सरकार तैयार कर रही तबादला सूची राज्य सरकार रिक्त पदों को भरने और कार्यकुशलता बढ़ाने के उद्देश्य से वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों की सूची तैयार कर रही है। बताया जा रहा है कि सूची में अधिकारियों की विशेषज्ञता और अनुभव के आधार पर नई जिम्मेदारियों का निर्धारण किया जाएगा। इस फेरबदल के जरिए प्रशासनिक स्थायित्व और दक्षता को मजबूती देने की योजना बनाई गई है। नए डीजीपी से नई उम्मीदें डीजीपी राजीव कुमार शर्मा के नेतृत्व में पुलिस महकमे में बदलाव को लेकर सकारात्मक संकेत मिल रहे हैं। उनके कार्यशैली को लेकर पुलिस विभाग सहित राजनीतिक गलियारों में भी उत्सुकता है। माना जा रहा है कि यह फेरबदल विभाग को नई दिशा देगा और कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ करने में मददगार साबित होगा। विभाग के भीतर पारदर्शी और योग्यता आधारित तबादले की मांग भी उठ रही है। ऐसे में सरकार से तेज़ और सटीक निर्णय की अपेक्षा की जा रही है। संभावित तबादला सूची पर पूरे प्रदेश की निगाहें टिकी हुई हैं, जो राजस्थान पुलिस के भविष्य की दिशा और दशा तय कर सकती है।  

राजस्थान में बारिश का कहर जारी, सवाई माधोपुर में बाढ़ जैसे हालात

जयपुर राजस्थान में मानसून का दौर लगातार जारी है। सोमवार को भी प्रदेश के 29 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। बीते 24 घंटे में सवाई माधोपुर, टोंक, सीकर, नागौर, जयपुर, अजमेर समेत कई जिलों में जोरदार बारिश दर्ज की गई, जिससे कई इलाकों में जलभराव और बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। सबसे ज्यादा बारिश सवाई माधोपुर में प्रदेश में सबसे अधिक वर्षा सवाई माधोपुर के चौथ का बरवाड़ा में दर्ज की गई, जहां 214 मिमी बारिश हुई। इसके अलावा सवाई माधोपुर शहर में 124 मिमी, बौंली में 130 मिमी, मित्रपुरा में 50 मिमी, खंडार और मलारना डूंगर क्षेत्र में 44 मिमी बारिश दर्ज की गई। चौथ का बरवाड़ा में जलभराव के कारण कई इलाके जलमग्न हो गए हैं। यहां तक कि कलेक्ट्रेट ऑफिस में भी पानी भर गया। राजधानी जयपुर सहित अन्य जिलों में भी तेज बारिश जयपुर, सीकर, टोंक, भीलवाड़ा, बूंदी, झुंझुनूं सहित अन्य जिलों में 1 से 2 इंच तक वर्षा हुई। बीसलपुर बांध, जो जयपुर को पानी सप्लाई करता है, उसका जलस्तर बढ़कर 313.74 मीटर हो गया है और त्रिवेणी नदी से लगातार पानी की आवक हो रही है। राज्य में अब तक सामान्य से 137 प्रतिशत अधिक बारिश हो चुकी है। 1 जून से 4 जुलाई तक प्रदेश में औसतन 70.5 मिमी बारिश होती है, लेकिन इस बार अब तक 167.1 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की जा चुकी है। मौसम विभाग की चेतावनी मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे में भी कई जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। लोगों को सतर्क रहने और जलभराव वाले इलाकों से दूरी बनाए रखने की अपील की गई है।

राजस्थान में प्रशासनिक प्रक्रियाओं में राहत, टेंडर के बाद वित्तीय स्वीकृति के लिए नहीं भेजना होगा प्रस्ताव

जयपुर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के कुशल नेतृत्व में राज्य सरकार आमजन को भ्रष्टाचार मुक्त पारदर्शी सुशासन देने के लिए कृत संकल्पित है। विकास कार्यों एवं जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र व्यक्तियों तक त्वरित रूप से पहुंचे, इसके लिए सरकार निरंतर कार्य कर रही हैं। इसी नीति के तहत मुख्यमंत्री के निर्देश पर विकास कार्यों में तेजी लाने तथा प्रक्रिया में लगने वाले समय को न्यूनतम करने के लिए राज्य में अब नई व्यवस्था लागू की गई है। टेंडर के बाद प्रशासनिक व वित्तीय स्वीकृति के लिए कार्यकारी विभाग द्वारा वित्त विभाग को फाइल भेजने की व्यवस्था अब समाप्त कर दी गई है। गत सरकार के समय शुरू हुई इस प्रक्रिया के कारण विकास कार्यों के शुरू होने में अनावश्यक विलंब हो रहा था। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा की पहल पर राज्य में यह नई व्यवस्था लागू की गई है। विकास कार्यों की घोषणा कर धरातल पर निर्माण कार्य शुरू करने में जानबूझ कर देरी करने की नीयत से गत सरकार के समय व्यवस्था की गई कि कार्यकारी विभाग जब कार्य की स्वीकृति के प्रस्ताव के साथ वित्त विभाग को भिजवाता था, तब वित्त विभाग इस स्वीकृति के बजाय कार्य की केवल सैद्धांतिक स्वीकृति देता था। इसके बाद प्रशासनिक व वित्तीय स्वीकृति के लिए संबंधित कार्यकारी विभाग को प्रस्ताव पुनः वित्त विभाग को भेजना पड़ता था। इस दोहरी प्रक्रिया में 15 से 30 दिन का अतिरिक्त समय लग रहा था। इससे एक ओर विकास कार्य की लागत बढ़ रही थी, वहीं दूसरी ओर आमजन को इनका समय पर लाभ नहीं मिल पा रहा था। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा द्वारा इस व्यवस्था में सुधार के निर्देशानुसार प्रक्रिया में संशोधन कर इसे प्रभावी बना दिया गया है। अब कार्यकारी विभाग से प्राप्त प्रस्ताव वित्त विभाग द्वारा स्वीकृत होते ही निविदा उपरान्त कार्यादेश जारी करने के लिए कार्यकारी विभाग को ही सक्षम बना दिया गया है। कार्यकारी विभाग निविदा के उपरांत कार्यादेश राशि के आधार पर प्रशासनिक और वित्तीय स्वीकृत राशि को स्वयं ही पोर्टल पर अपलोड कर सकेंगे। अतः प्रक्रिया के दूसरे चरण में पत्रावली वित्त विभाग को प्रेषित करने की आवश्यकता नही रहेगी। मुख्यमंत्री के इस निर्णय से विकास कार्यों में तेजी आएगी और निर्धारित समय सीमा में पूर्ण गुणवत्ता के साथ विकास कार्य करवाने का राज्य सरकार का संकल्प धरातल पर साकार हो सकेगा।

उदयपुर में दो घंटे की मूसलाधार बारिश, ओल्ड सिटी में 3 से 4 फीट पानी, वाहन बंद पड़े

उदयपुर उदयपुर में शनिवार रात हुई करीब दो घंटे की मूसलाधार बारिश ने उदयपुर की ड्रेनेज व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी। रात 9 बजकर 7 मिनट पर बारिश की शुरुआत हुई, और 10 बजकर 23 मिनट के बाद तेज बारिश ने रफ्तार पकड़ ली। लगातार बारिश से शहर के कई इलाकों में सड़कों पर नदी जैसी धाराएं बहने लगीं और आम जनजीवन प्रभावित हो गया। बारिश का सबसे ज्यादा असर ओल्ड सिटी के क्षेत्रों में देखा गया, जहां सड़कों पर 3 से 4 फीट तक पानी भर गया। तेज बहाव के कारण कई वाहन बीच रास्ते में बंद हो गए। सबसे ज्यादा नुकसान सवीना सब्जी मंडी में हुआ, जहां मंडी के अंदर और बाहर पानी भर गया। दुकानों में पानी घुसने से व्यापारियों को भारी नुकसान उठाना पड़ा। नगर निगम की व्यवस्थाओं पर उठे सवाल हर साल की तरह इस बार भी कुछ घंटों की तेज बारिश ने नगर निगम की तैयारियों की कलई खोल दी। देहलीगेट, सूरजपोल, अस्ती अस्पताल रोड और हाथीपोल जैसे प्रमुख क्षेत्रों में भी जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई। अगर शहर के कैचमेंट क्षेत्रों में इसी तरह की बारिश जारी रही, तो सीसारमा नदी का बहाव अगले कुछ घंटों में तेज हो सकता है। रविवार सुबह तक पिछोला झील का जलस्तर 7 फीट 4 इंच तक पहुंच गया है। झील की कुल क्षमता 11 फीट है, जिससे अब भी करीब 3 फीट 8 इंच की गुंजाइश बाकी है। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों में फिर से भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। ऐसे में प्रशासन और नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

सेना अधिकारी की कार ने ट्रैक्टर-ट्रॉली को मारी टक्कर, दो किसानों की मौत

जैसलमेर जैसलमेर के सांगड़ थाना क्षेत्र में भेलानी टोल नाके के पास रविवार को एक दर्दनाक सड़क हादसे में दो किसानों की मौत हो गई। पचपदरा (बालोतरा) निवासी दोनों किसान खेत के काम से ट्रैक्टर-ट्रॉली लेकर मोहनगढ़ जा रहे थे। रास्ते में ट्रैक्टर का टायर पंचर हो गया, और वे सड़क किनारे पंचर निकाल रहे थे, तभी पीछे से आई तेज रफ्तार कार ने ट्रैक्टर को टक्कर मार दी। हादसे में किसान भूराराम (42) पुत्र सुखराम व सुरताराम (51) पुत्र अनाराम गंभीर रूप से घायल हो गए। सूचना पर पहुंची पुलिस ने दोनों को एनएचएआई की एंबुलेंस से जवाहर अस्पताल भिजवाया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। टक्कर मारने वाली कार में आंध्र प्रदेश निवासी सेना अधिकारी एम. उमाशंकर अपने परिवार के साथ जैसलमेर आ रहे थे। हादसे में कार के एयरबैग खुलने से अधिकारी व उनके परिजन सुरक्षित रहे, उन्हें मामूली चोटें आईं हैं। मृतक भूराराम के चाचा बाबूराम ने सांगड़ थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। घटना के बाद मृतक किसानों के गांव में शोक की लहर है।

आरएएस के बाद अब अन्य सेवाओं से IAS बनने की प्रक्रिया शुरू, 23 और 24 जुलाई को होंगे इंटरव्यू

जयपुर राजस्थान में अन्य सेवाओं के अफसरों के लिए आईएएस में विशेष चयन प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसके बाद राजस्थान को 4 आईएएस और मिल जाएंगे। यूपीएससी की अन्य सेवा से आईएएस में प्रमोशन को लेकर चयन समिति की बैठक 23 और 24 जुलाई को होगी। चयन समिति की इस बैठक के लिए केन्द्र में संयुक्त सचिव स्तर तक के दो आईएएस नामित किए जाएंगे। बैठक में मुख्य सचिव सुधांश पंत भी शामिल होंगे। पूर्व आईएएस वीनू गुप्ता की अध्यक्षता वाली स्क्रूटनी कमेटी ने पिछले साल ही प्रदेश की अन्य सेवाओं के 20 अफसरों के नाम इंटरव्यू के लिए तय कर दिए थे। अब चयन समिति की बैठक में इन अफसरों के इंटरव्यू होंगे, जिसके बाद 20 में से 4 नाम फाइनल होंगे। 23 जुलाई को जिन अफसरों के इंटरव्यू होने वाले हैं उनमें- लेखा सेवा से नरेश कुमार गोयल, सांख्यिकी सेवा से नीतीश शर्मा, जल संसाधन सेवा से अनिल अंबेश, सहकारिता सेवा से भोमाराम, पीएचईडी से भूपेंद्र सिंह देथा,परिवहन सेवा से धर्मेंद्र कुमार, कृषि विपणन से केशर सिंह, सांख्यिकी सेवा से मुकेश मीणा, नरेंद्र कुमार मेघनानी व अमिता शर्मा शामिल हैं। 24 जुलाई को चिकित्सा सेवा से डॉ. पूनम प्रसाद, परिवहन सेवा से प्रवीणा चारण, कृषि सेवा से राजेन्द्र सिंह, विधि सेवा से रमजान अली, कृषि सेवा से राशिद खान, पीडब्ल्यूडी सेवा से संगीत कुमार, सहकारिता सेवा से शुधोधन उज्ज्वल, कॉलेज शिक्षा से श्यामसुंदर ज्यानी, लेखा सेवा से सुरेश वर्मा, आईटी व संचार सेवा से योगेंद्र कुमार जैन के इंटरव्यू लिए जाएंगे।

राज्यपाल से राजस्थान प्रशासनिक सेवा से भारतीय प्रशासनिक सेवा में पदोन्नत अधिकारी प्रतिनिधिमंडल ने की मुलाकात

जयपुर,  राज्यपाल हरिभाऊ बागडे से शनिवार को राजभवन में राजस्थान प्रशासनिक सेवा से भारतीय प्रशासनिक सेवा में पदोन्नत अधिकारियों के प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात की। राज्यपाल ने इस दौरान उन्हें बधाई और  शुभकामनाएं दी।

संसदीय कार्य मंत्री बोले – प्रदेश सरकार शैक्षणिक उन्नयन एवं अवसंरचना विकास के लिए प्रतिबद्ध

जयपुर, संसदीय कार्य विधि एवं विधिक कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने शनिवार को राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय बासनी करवड़ में भामाशाह द्वारा निर्मित प्रवेश द्वार और प्याऊ का विधिवत लोकार्पण किया। संसदीय कार्य मंत्री पटेल ने कहा माननीय मुख्यमंत्री श्री भजन लाल शर्मा के नेतृत्व में प्रदेश सरकार शैक्षणिक उन्नयन एवं विद्यालयों में अवसंरचना विकास के लिए प्रतिबद्ध होकर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा आधारभूत अवसंरचना विकास के लिए इस बजट में 225 करोड़ रुपए और प्रदेश के 175 भवनविहीन एवं जर्जर विद्यालयों के नवीन भवनों के लिए 200 करोड़ रुपए का बजट आवंटित किया गया है। पटेल ने कहा विद्यालयों में छात्र-छात्राओं को सुरक्षित वातावरण देने के लिए राज्य के 15 हजार विद्यालयों में 75 करोड़ रुपये की लागत से सीसीटीवी कैमरों की स्थापना की जाएगी। उन्होंने कहा 2 हजार विद्यालयों के भवनों की मरम्मत के लिए 175 करोड़ रुपये का बजट दिया गया है। उन्होंने कहा विद्यार्थियों में उद्यमिता तथा नवाचार को बढ़ावा देने के लिए 1500 विद्यालयों में अटल टिंकरिंग लैब की स्थापना की जा रही है। शीघ्र बनेगा केरू महाविद्यालय का भवन पटेल ने कहा बजट घोषणा के अनुरूप केरू ब्लॉक में महाविद्यालय का सुचारू संचालन भी शुरू कर दिया है और भवन निर्माण का कार्य भी शीघ्र प्रारंभ किया जाएगा। उन्होंने कहा हनुमानजी का बाड़िया से केरू सड़क सहित केरू क्षेत्र में एक अरब से भी अधिक लागत के सड़क निर्माण के कार्य चल रहे है। पटेल ने कहा क्षेत्र में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए बजट घोषणा के अनुरूप केरू में ट्रॉमा सेंटर और केरू सीएचसी को मॉडल सीएचसी के रूप में विकसित किया जा रहा है। केरू में नवीन तहसील की सौगात संसदीय कार्य मंत्री ने कहा आमजन और किसानों को राजस्व एवं अन्य प्रशासनिक कार्यों के लिए अन्यत्र नहीं जाना पड़े इसीलिए केरू में नवीन तहसील कार्यालय की घोषणा की गई और कार्यालय शुभारंभ शीघ्र किया जाएगा। विद्यालय भारत के भविष्य निर्माण के केंद्र पटेल ने कहा विद्यालय भारत के भविष्य निर्माण के केंद्र है। उन्होंने कहा शिक्षक राष्ट्र निर्माण में सबसे महत्ती भूमिका निभाते है। पटेल ने कहा क्षेत्र के विद्यालयों के विकास में किसी प्रकार की कमी नहीं रखी जाएगी। उन्होंने विद्यालय में कक्षा-कक्ष निर्माण के लिए 10 लाख रूपये की घोषणा की। भामाशाहों और प्रतिभावान विद्यार्थियों का हुआ सम्मान संसदीय कार्य मंत्री ने भामाशाह बचनाराम, बाबूराम सुथार, गेपरराम भाट, चुतरा राम एवं  भोमाराम स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। साथ ही विद्यालय के प्रतिभावान विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। विद्यालय के  प्रधानाचार्य कैलाश नायक को राज्य सरकार की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और दानदाताओं के प्रोत्साहन के लिए सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में उप प्रधान केरू जयसिंह सहित जनप्रतिनिधिगण, शिक्षकगण एवं ग्रामीण उपस्थित रहे।

दुग्ध उत्पादन में प्रदेश को अव्वल बनाने की दिशा में डेयरी के साथ गोपालन व पशुपालन विभाग की ओर से अनेक नवाचार: जोराराम कुमावत

जयपुर, पशुपालन, डेयरी, गोपालन और देवस्थान मंत्री श्री जोराराम कुमावत ने कहा कि दुग्ध उत्पादन में राजस्थान देशभर में दूसरे स्थान पर है, इसे अव्वल प्रदेश बनाने की दिशा में डेयरी के साथ-साथ गोपालन व पशुपालन विभाग की ओर से अनेक नवाचार किए जा रहे हैं। खासकर दुग्ध उत्पादन के लिए गिर गाय में ब्राजील से आयातित सीमन से कृत्रिम गर्भाधान किया जा रहा है। इससे गिर गाय के दूध के उत्पादन में दोगुनी से भी ज्यादा वृद्धि होगी। इसके अलावा प्रदेश में गाय की संख्या में बढोतरी के लिए सैक्स सोर्टेड सीमन योजना को लागू किया गया है। ऐसा होने से प्रदेश में गौवंश की संख्या में वृद्धि के साथ-साथ दुग्ध उत्पादन भी बढे़गा। वे राजस्थान कोऑपरेटिव डेयरी फेडरेशन (आरसीडीएफ) व राष्ट्रीय महिला आयोग के संयुक्त तत्वावधान में पालमपुर (गुजरात) की बनास डेयरी परिसर में तीन दिवसीय महिला प्रशिक्षण शिविर के उद्घाटन के अवसर पर बोल रहे थे। डेयरी मंत्री श्री कुमावत ने कहा कि प्रदेश के चार जिला दुग्ध संघों-जयपुर, सीकर, भरतपुर व टोंक की 48 महिला दुग्ध समितियों की सचिवों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। तीन दिवसीय इस प्रशिक्षण में महिला सचिवों को दुग्ध समितियों के बेहतर संचालन के लिए प्रशिक्षित किया जाएगा। इससे न केवल समिति का मुनाफा बढे़गा बल्कि महिलाओं की कार्यकुशलता भी बढे़गी। उन्होंने कहा कि भविष्य में इस तरह के प्रशिक्षण का लाभ महिला दुग्ध समितियों से जुड़ी प्रत्येक महिला को दिलाए जाने का प्रयास किया जाएगा। डेयरी मंत्री ने कहा कि डेयरी क्षेत्र महिलाओं की आत्मनिर्भरता को बढ़ाने का एक सशक्त माध्यम साबित हुआ है। उन्होंने दुग्ध सहकारी समितियों और दुग्ध संघों में महिलाओं की भागीदारी को और बढ़ावा दिए जाने पर बल दिया। श्री कुमावत ने कहा कि दुग्ध सहकारी समितियों और दुग्ध संघों में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा विकसित होनी चाहिए। इसके लिए दुग्ध सहकारी समितियां प्रत्येक गांव में किसानों से संवाद स्थापित कर अपने कार्यों को बेहतर तरीके से आगे बढ़ाएं। उन्होंने कहा कि डेयरी क्षेत्र को किसानों के लिए अधिक फायदेमंद बनाने के लिए डेयरी संघ बेहतर मॉडल विकसित करें। डेयरी क्षेत्र में अच्छा कार्य करने वालों को प्रोत्साहित किया जाए। मंत्री श्री कुमावत ने बनास डेयरी द्धारा महिला सशक्तिकरण की दिशा में किए जा रहे कार्यों की प्रशंसा करते हुए कहा कि इसी प्रकार राजस्थान की सरस डेयरी भी इस क्षेत्र में बेहतर कार्य कर रही है। उद्घाटन सत्र को राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष श्रीमती विजया राहटकर, गुजरात विधानसभा के अध्यक्ष शंकरलाल चौधरी व आरसीडीएफ की एमडी श्रुति भारद्धाज ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम में बनास डेयरी के उपाध्यक्ष भावा भाई रबारी, बनास मेडिकल कॉलेज एंड ट्रस्ट के चैयरमेन पीजे चौधरी, बनास डेयरी के प्रबंध निदेशक संग्राम चौधरी व प्रिसिंपल प्राइवेट सेक्रेटरी रामावतार सिंह आदि मौजूद थे।