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मतदाता सूची अपडेट करने का मौका: 4 नवंबर से बीएलओ पहुंचेंगे हर घर

जयपुर/कोटा भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार राजस्थान में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान का दूसरा चरण 4 नवंबर से शुरू होगा, जो 4 दिसंबर तक चलेगा। इस दौरान बीएलओ घर-घर जाकर मतदाताओं से संपर्क करेंगे, ईएफ वितरित करेंगे और भरे हुए फॉर्म एकत्र करेंगे। अभियान का उद्देश्य मतदाता सूची को अद्यतन, सटीक और त्रुटिरहित बनाना है ताकि कोई पात्र नागरिक छूटे नहीं और कोई अपात्र व्यक्ति सूची में शामिल न हो। डोर-टू-डोर सत्यापन कोटपूतली-बहरोड़ जिले में इस अभियान की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। जिला निर्वाचन अधिकारी एवं कलेक्टर प्रियंका गोस्वामी ने बताया कि 4 नवंबर से 4 दिसंबर तक बीएलओ घर-घर जाकर मतदाताओं को परिगणना प्रपत्र वितरित करेंगे, जिसमें मतदाता का नाम, पता, विधानसभा क्षेत्र और भाग संख्या जैसी जानकारियां पहले से अंकित रहेंगी। मतदाता को अपनी नवीनतम रंगीन फोटो इस फॉर्म पर चिपकानी होगी। बीएलओ प्रत्येक मतदाता के घर कम से कम तीन बार जाएंगे और फॉर्म भरने में सहयोग करेंगे। इस चरण में किसी प्रकार के दस्तावेज प्रस्तुत करने की आवश्यकता नहीं होगी। उन्होंने बताया कि जिले में यह कार्य तेजी से चल रहा है और 9 दिसंबर को ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी की जाएगी। इसके बाद 9 दिसंबर से 9 जनवरी तक दावे और आपत्तियां ली जाएंगी और 7 फरवरी 2026 को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी। प्रियंका गोस्वामी ने नागरिकों से अपील की कि वे बीएलओ से संपर्क कर अपने नाम की पुष्टि करें ताकि मतदान अधिकार सुरक्षित रह सके। राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ हुई समीक्षा बैठक टोंक जिले में भी विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान की तैयारियों की समीक्षा की गई। जिला निर्वाचन अधिकारी कल्पना अग्रवाल की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की बैठक आयोजित की गई। बैठक में कांग्रेस, भाजपा, बसपा, सीपीएम सहित अन्य दलों के प्रतिनिधि शामिल हुए। कल्पना अग्रवाल ने बताया कि मतदाता सूची को शुद्ध और त्रुटिरहित बनाने के लिए यह अभियान आवश्यक है। उन्होंने कहा कि बीएलओ 2002 की मतदाता सूचियों के आधार पर निर्वाचक मैपिंग कर रहे हैं, ताकि पुराने और नए मतदाताओं का मिलान व लिंकिंग सुनिश्चित की जा सके। मतदाता अपने विवरणों की जांच और फॉर्म भरने का कार्य ऑनलाइन माध्यम से भी कर सकते हैं। राज्य निर्वाचन आयोग की वेबसाइट पर मतदाता सूची की जानकारी उपलब्ध कराई गई है। उन्होंने राजनीतिक दलों से अपने बूथ लेवल एजेंट नियुक्त करने और मतदाताओं तक इस अभियान की जानकारी पहुंचाने का आग्रह किया। जिला निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि यह प्रक्रिया लोकतंत्र की पवित्रता बनाए रखने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है और सभी दलों का सहयोग अपेक्षित है। जिला निर्वाचन अधिकारी ने नेताओं को दी एसआईआर ट्रेनिंग वहीं कोटा जिले में जिला निर्वाचन अधिकारी एवं कलेक्टर पीयूष समारिया की अध्यक्षता में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की बैठक आयोजित की गई। उन्होंने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार 4 नवंबर से 4 दिसंबर तक गणना प्रपत्र भरे जाएंगे और 9 दिसंबर 2025 को मतदाता सूची का प्रारूप प्रकाशित किया जाएगा। 9 दिसंबर से 8 जनवरी तक दावे और आपत्तियों की प्रक्रिया चलेगी और 7 फरवरी 2026 को अंतिम मतदाता सूची जारी की जाएगी। उन्होंने बताया कि जिले में मतदाताओं की मैपिंग का कार्य 65 प्रतिशत से अधिक पूरा हो चुका है। बीएलओ प्रत्येक मतदाता को घर-घर जाकर फॉर्म वितरित करेंगे और उन्हें भरने में सहयोग देंगे। कलेक्टर समारिया ने बताया कि वृद्ध, दिव्यांग और वंचित वर्ग के मतदाताओं की सुविधा के लिए वॉलिंटियर्स और हेल्पडेस्क स्थापित किए जा रहे हैं ताकि वे आसानी से फॉर्म भर सकें और अपने नाम की पुष्टि कर सकें। तीनों जिलों में प्रशासन ने मतदाताओं से अपील की है कि वे बीएलओ के संपर्क में रहें, परिगणना प्रपत्र भरें और अपने नाम की पुष्टि करें ताकि आगामी चुनावों में हर पात्र मतदाता अपना मतदान अधिकार सुनिश्चित कर सके। निर्वाचन विभाग का कहना है कि यह विशेष पुनरीक्षण अभियान लोकतांत्रिक प्रक्रिया की पारदर्शिता और विश्वसनीयता को सशक्त करेगा।

राजस्थान के अलवर में हाईटेक कार हुई फेल, ई-रिक्शे ने दिखाई ताकत — सोशल मीडिया पर VIDEO छाया

अलवर में बीच सड़क बंद हुई 15 लाख की EV कार, ई-रिक्शे ने खींचकर पहुंचाया घर — VIDEO वायरल राजस्थान के अलवर में हाईटेक कार हुई फेल, ई-रिक्शे ने दिखाई ताकत — सोशल मीडिया पर VIDEO छाया 15 लाख की इलेक्ट्रिक कार बनी मज़ाक का कारण, ई-रिक्शे ने खींचकर पहुंचाया घर अलवर राजस्थान के अलवर का एक वीडियो वायरल हो रहा है. जहां कुछ दिन पहले खरीदी गई एक टाटा नेक्सन ईवी कार बीच रास्ते बंद हो गई. जिससे सड़क पर जाम लग गया. आनन-फानन में कार मालिक ने ई-रिक्शे वाले को बुलाया. जिसके बाद डेढ़ लाख रुपए के ई-रिक्शे ने रस्सी से खींचकर कार को घर तक पहुंचाया. ई-रिक्शे द्वारा कार को खींचने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है.  दरअसल सरकार ईवी कारों को प्रमोट कर रही है. कार कंपनियां भी तेजी से ईवी कार बना रही हैं. आए दिन बाजार में नई गाड़ियां लॉन्च भी हो रही हैं. लेकिन ईवी कारों के लिए अभी पर्याप्त चार्जिंग के स्टेशन नहीं हैं. साथ ही इनके चार्जिंग के लिए कंपनियों की तरफ से पर्याप्त व्यवस्था भी नहीं की गई है. जिसके चलते कार चालक व आम आदमी परेशान होता है. सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है वीडियो  अलवर के काला कुआं क्षेत्र में रहने वाले व्यापारी सुभाष अग्रवाल की टाटा नेक्सन ईवी की चार्जिंग खत्म हो गई. ऐसे में ज्योति राव फूले सर्किल पर कार बीच रास्ते में खड़ी हो गई. इससे सड़क पर जाम लगने लगा और वाहन चालकों को आने-जाने में परेशानी होने लगी. जिसके बाद मजबूरी में सुभाष अग्रवाल ने एक ई-रिक्शा बुक किया. जिसके बाद मौके पर पहुंचे ई-रिक्शा ने गाड़ी को रस्सी से खींचकर घर पहुंचाया. इस दौरान रास्ते में लोगों ने ई-रिक्शा द्वारा कार खींचने का वीडियो बनाया और सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया. यह वीडियो अब देश भर में तेजी से वायरल हो रहा है. इस वीडियो ने ईवी गाड़ियों की पोल खोल कर रख दी.  

अबकी बार टैंपो भी भरना मुश्किल होगा: डोटासरा का तंज

जयपुर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने शुक्रवार को बीजेपी और आरएसएस पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि आरएसएस चुनाव नहीं लड़ता लेकिन ऐसे राज कर रहा है जैसे जनता ने चुनकर भेजा हो। डोटासरा ने आरोप लगाया कि बिना जनता के वोट के आरएसएस सरकार पर अंकुश जमाए बैठा है। उन्होंने कहा कि राजस्थान अब स्वतंत्र राज्य नहीं रहा, बीजेपी-आरएसएस ने इसे केंद्र शासित प्रदेश बना दिया है। कांग्रेस मुख्यालय जयपुर में मीडिया से बातचीत करते हुए डोटासरा ने कहा कि प्रदेश में ब्यूरोक्रेसी हावी हो चुकी है। मुख्यमंत्री और मंत्री तक की बात नहीं सुनी जा रही, तो आम जनता का क्या हाल होगा? उन्होंने तंज करते हुए कहा कि अबकी बार बीजेपी को टैंपो में बैठने जितने विधायक भी नहीं मिलेंगे। डोटासरा ने आरोप लगाया कि पूरे प्रदेश में प्रशासन मनमानी कर रहा है। कलेक्टर मंत्रियों के तक फोन नहीं उठाते। जब मंत्री जिले में जाते हैं, तो सर्किट हाउस में उनसे मिलने पांच लोग भी नहीं आते। व्यंग्य करते हुए उन्होंने कहा कि अब तो मंत्री सिर्फ कलेक्टर का नाश्ता करके लौट आते हैं। उन्होंने कहा कि राजस्थान के ठेके अब गुजरात की लॉबी के पास जा रहे हैं। दिल्ली की पर्ची लेकर आने वाले ठेकेदारों को ही काम मिल रहा है। मंत्री सवाल उठाते हैं, फिर दो दिन में सेट हो जाते हैं। डोटासरा ने कहा कि पुलिस विभाग में भी अव्यवस्था है। पहले डीजीपी का इकबाल होता था, अब एक डीजी के ऊपर चार-चार डीजी बैठा दिए गए हैं। कमिश्नर और स्पेशल कमिश्नर दोनों हैं- आखिर काम करेगा कौन?। उन्होंने बताया कि हाल ही में हुई कैबिनेट बैठक में एक मंत्री ने शिकायत की कि कलेक्टर और एसपी उनकी नहीं सुनते, तो मुख्यमंत्री ने जवाब दिया आपकी खुद की शिकायतें दिल्ली तक पहुंची हैं। इसके बाद सभी मंत्री चुप हो गए। चुनाव तैयारियों को लेकर डोटासरा ने कहा कि कांग्रेस ने सभी बूथों पर बीएलए नियुक्त कर दिए हैं, लेकिन निर्वाचन विभाग ने अब तक प्रशिक्षण की सूचना नहीं दी है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब बीएलओ एप पर ही फोटो ले सकते हैं, तो मतदाताओं से फोटो क्यों मांगी जा रही है?

हाइवे पर चट्टान का मलबा गिरा, बाल-बाल बचे वाहन सवार

उदयपुर शनिवार सुबह उदयपुर-गोगुंदा हाइवे पर बड़ा हादसा टल गया। होटल कीर्ति राज के सामने विकेट मोड़ पर पहाड़ से अचानक चट्टान का हिस्सा टूटकर सड़क पर गिर पड़ा। अचानक गिरे मलबे से हाईवे पर अफरातफरी मच गई। उस वक्त दो कारें वहां से गुजर रही थीं, लेकिन चालक ने सूझबूझ दिखाते हुए समय रहते गाड़ी रोक दी। इससे एक बड़ी दुर्घटना टल गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पिछले चार दिनों से क्षेत्र में रुक-रुक कर हो रही बारिश के कारण पहाड़ी ढलानों की मिट्टी कमजोर हो गई है। इसी वजह से चट्टानें खिसकने का खतरा बना हुआ था। स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि इसी पहाड़ी पर एक और बड़ा हिस्सा दरक चुका है, जो कभी भी नीचे गिर सकता है। घटना की जानकारी मिलते ही हाईवे पेट्रोलिंग टीम मौके पर पहुंची। टीम ने मलबा हटाने के कार्य की निगरानी की और वाहनों को सतर्कता से मार्ग पार करने की हिदायत दी। साथ ही गोगुंदा की ओर आने-जाने वाले वाहन चालकों से अपील की गई है कि वे बारिश के दौरान गति धीमी रखें और पहाड़ी मोड़ों पर विशेष सावधानी बरतें।  

अफीम तस्करी पर ईडी का शिकंजा, चार राज्यों में एक साथ कार्रवाई

जयपुर प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने अंतरराज्यीय ड्रग रैकेट के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए शनिवार को राजस्थान, मध्य प्रदेश, हरियाणा और पंजाब में एक साथ छापेमारी की। यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (PMLA)-2002 के तहत चंडीगढ़ जोनल ऑफिस द्वारा की गई। ईडी ने इस ऑपरेशन में गोपाल लाल अंजना (चित्तौड़गढ़, राजस्थान), छिंदरपाल सिंह उर्फ केवल (हरियाणा), उनके भतीजे यादविंदर सिंह और अन्य आरोपियों के ठिकानों पर दबिश दी। तलाशी के दौरान एजेंसी को आपत्तिजनक दस्तावेज, संपत्ति रिकॉर्ड, और करोड़ों रुपये की कीमत वाली दो आवासीय संपत्तियों व कई कृषि भूमि के प्लॉट मिले, जिन्हें जब्त कर लिया गया। जांच में खुलासा हुआ कि यह नेटवर्क अवैध अफीम व्यापार से अर्जित धन को वैध दिखाने (ब्लैक मनी रूटिंग) का काम करता था। ईडी का दावा है कि जब्त संपत्तियां “अपराध की आय” हैं, जो मादक पदार्थों की तस्करी से अर्जित की गईं। यह कार्रवाई हरियाणा पुलिस की एनडीपीएस एक्ट, 1985 के तहत दर्ज एफआईआर के आधार पर की गई, जिसमें गोपाल अंजना, छिंदरपाल, यादविंदर, भोला सिंह और हरजीत सिंह के खिलाफ चार्जशीट दायर है। एजेंसी की जांच में पता चला कि गोपाल अंजना ने अपने परिवार को मिले वैध अफीम लाइसेंस का दुरुपयोग कर अवैध अफीम सप्लाई चेन बनाई। छिंदरपाल और यादविंदर ने उससे अफीम खरीदी और आगे भोला सिंह, जसमीत सिंह और हरजीत सिंह को बेची। ईडी अधिकारियों के अनुसार, यह नेटवर्क कई वर्षों से सक्रिय था। छिंदरपाल सिंह पहले भी एनडीपीएस एक्ट की धारा 17 और 18 के तहत दोषी ठहराया जा चुका है। अब ईडी इस पूरे रैकेट की मनी ट्रेल और अंतरराज्यीय फंडिंग चैनल्स की जांच कर रही है।  

बिजली से जगमग होंगे सुदूर गांव, विधायक ने स्वीकृत की विद्युतीकरण योजना

बाड़मेर जिले के शिव विधानसभा क्षेत्र के विधायक रविन्द्र सिंह भाटी ने डेजर्ट नेशनल पार्क क्षेत्र के विद्युतीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए उन गांवों के लिए विधायक निधि से धन आवंटित करने का निर्णय लिया है, जो आजादी के इतने साल बाद भी बिजली से वंचित थे। डीएनपी क्षेत्र राजस्थान के सबसे दुर्गम इलाकों में गिना जाता है। ऐसे में इस पहल से इन गांवों के निवासियों के जीवन में सुधार आएगा और ग्रामीण विकास को बढ़ावा मिलेगा। इस योजना के तहत सिरगुवाला गांव में विद्युतीकरण कार्य, मोकमसिंह की ढाणी बच्चिया में ट्रांसफार्मर की स्थापना और कुम्पाणियों की ढाणी लांबड़ा में विद्युतीकरण कार्य किया जाएगा। इन क्षेत्रों के निवासियों के लिए यह कदम ऐतिहासिक महत्व का है, क्योंकि ये बस्तियां आजादी के लगभग 78 वर्षों बाद अब पहली बार बिजली की सुविधा से जुड़ेंगी। विधायक रविन्द्र सिंह भाटी ने कहा कि डीएनपी क्षेत्र विकास की दृष्टि से अत्यंत पिछड़ा हुआ इलाका है। यहां के लोग दशकों से मूलभूत सुविधाओं से वंचित रहे हैं। मेरा प्रयास है कि इस क्षेत्र का कोई भी गांव अब अंधेरे में न रहे। यह सिर्फ बिजली नहीं बल्कि विकास की पहली किरण है, जो इन बस्तियों के भविष्य को रोशन करेगी। भाटी ने यह भी बताया कि कमलाणी (बिजाबल) के लिए स्वीकृति भी जल्द ही जारी होगी और आगामी दिनों में वहां भी विद्युतीकरण का कार्य प्रारंभ होगा। उन्होंने आश्वासन दिया कि आने वाले समय में डीएनपी क्षेत्र के शेष गांवों को भी चरणबद्ध तरीके से विद्युत सुविधा से जोड़ा जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कार्यों को शीघ्रता और पारदर्शिता से पूरा किया जाए ताकि ग्रामीणों को जल्द से जल्द इसका लाभ मिल सके।

एकता के संदेश के साथ दौड़ा पूरा जिला — बलौदाबाजार-भाटापारा में ‘रन फॉर यूनिटी’ आयोजित

बलौदाबाजार-भाटापारा राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर आज जिले के सभी थाना क्षेत्रों में ‘रन फॉर यूनिटी’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल जी की 150वीं जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य देश की एकता, अखंडता और सामाजिक सौहार्द को बनाए रखना, नागरिकों में एकता की भावना को सशक्त करना तथा अपराध एवं नशा मुक्त समाज के निर्माण के लिए जनजागरण फैलाना रहा। पुलिस अधीक्षक भावना गुप्ता के निर्देशन में सुबह 7:30 बजे से जिलेभर में रन फॉर यूनिटी कार्यक्रम आयोजित हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में पुलिस अधिकारी-कर्मचारी, जनप्रतिनिधि, स्कूली छात्र-छात्राएं और आम नागरिकों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। कार्यक्रम के पश्चात साइबर सुरक्षा, यातायात जागरूकता एवं नशा मुक्ति विषयों पर व्याख्यान आयोजित किया गया। इसमें विशेषज्ञों ने लोगों को डिजिटल युग में सतर्क रहने, यातायात नियमों का पालन करने और नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर उपस्थित जनसमूह को राष्ट्रीय एकता दिवस की शपथ भी दिलाई गई, जिसमें देश की अखंडता और एकता को बनाए रखने का संकल्प लिया गया।

त्योहारों में सफर आसान, कोटा-दानापुर के बीच चलेगी स्पेशल ट्रेन — यह एक्सप्रेस भी लौटी पटरी पर

कोटा कोटा त्योहारी सीजन के बाद यात्रियों की वापसी यात्रा को ध्यान में रखते हुए पश्चिम मध्य रेलवे के कोटा मंडल से होकर गुजरने वाले मुख्य रेलमार्गों पर विशेष ट्रेनों का संचालन किया जा रहा है। अतिरिक्त यात्री यातायात को सुगमता प्रदान करने के उद्देश्य से सोगरिया और दानापुर के बीच दो जोड़ी विशेष ट्रेनें चलाई जा रही हैं, जो बारां, सालपुरा एवं छबरा गुगोर मार्ग से होकर संचालित होंगी। वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक सौरभ जैन ने बताया कि इन विशेष ट्रेनों के संचालन से बिहार एवं उत्तर प्रदेश की ओर लौटने वाले यात्रियों को कोटा मंडल क्षेत्र से सीधी यात्रा सुविधा प्राप्त होगी। ये ट्रेनें बारां, सालपुरा और छबरा गुगोर जैसे प्रमुख स्टेशनों से होकर गुजरेंगी। सोगरिया-दानापुर, सोगरिया स्पेशल ट्रेन का संचालन गाड़ी संख्या 09817 सोगरिया से दानापुर स्पेशल ट्रेन 30 अक्टूबर 2025 को सोगरिया स्टेशन से रात 11:10 बजे प्रस्थान कर अगले दिन रात 11:45 बजे दानापुर पहुंचेगी। वहीं, गाड़ी संख्या 09818 दानापुर से सोगरिया स्पेशल ट्रेन 1 नवम्बर 2025 को रात 1:15 बजे दानापुर से रवाना होकर 2 नवम्बर की रात 1:10 बजे सोगरिया पहुंचेगी। कटरा एक्सप्रेस का संचालन पुनः शुरू उत्तर रेलवे के जम्मू मंडल में जम्मू तवी-शहीद कैप्टन तुषार महाजन तथा पठानकोट जंक्शन-जम्मू तवी रेलखंड के बीच भूस्खलन के कारण हाल ही में रेल यातायात प्रभावित हुआ था। इसके चलते कोटा मंडल से चलने वाली कुछ ट्रेनों का संचालन अस्थायी रूप से निरस्त किया गया था। इन ट्रेनों का संचालन पुनः शुरू किया जा रहा अब मार्ग की मरम्मत और यातायात बहाली का कार्य पूर्ण हो जाने के बाद इन ट्रेनों का संचालन पुनः शुरू किया जा रहा है। वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक सौरभ जैन ने बताया कि गाड़ी संख्या 19803 कोटा–श्री माता वैष्णो देवी कटरा एक्सप्रेस का संचालन 1 नवम्बर 2025 से और गाड़ी संख्या 19804 श्री माता वैष्णो देवी कटरा-कोटा एक्सप्रेस का संचालन 2 नवम्बर 2025 से अपने निर्धारित समय-सारणी के अनुसार पुनः प्रारंभ किया जाएगा।

चक्रवाती बारिश से बढ़ी ठिठुरन: राजस्थान के 13 जिलों में यलो अलर्ट, सिरोही में सबसे कम तापमान

जयपुर अरब सागर में बने चक्रवात का असर अब भी राजस्थान में जारी है। बुधवार को प्रदेश के कई जिलों में बारिश हुई। इसके बाद आज गुरुवार तड़के जयपुर, जोधपुर, अजमेर, कोटा और उदयपुर सहित कई जिलों में तेज बूंदाबांदी हुई, जिससे मौसम ठंडा हो गया है। तापमान में औसतन 8–10 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई है। मौसम विभाग ने आज 13 जिलों में बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है। बुधवार को भी राज्य के दक्षिणी और दक्षिण-पूर्वी इलाकों में बादल छाए रहे और कई स्थानों पर हल्की बारिश हुई। सिरोही इस सीजन का सबसे ठंडा जिला रहा, जहां अधिकतम तापमान 19.4 डिग्री तथा न्यूनतम तापमान 14.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। जयपुर, उदयपुर, कोटा, भीलवाड़ा और अजमेर में भी दिन का तापमान 30 डिग्री से नीचे रहा। बारिश के असर से खेती में भी नुकसान देखने को मिल रहा है। टोंक जिले के दूनी क्षेत्र में तेज बारिश से सरसों की फसल जलमग्न हो गई, जिससे किसानों को नुकसान झेलना पड़ा। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, यह चक्रवाती प्रभाव 30 अक्टूबर तक सक्रिय रहेगा। 31 अक्टूबर को कुछ शहरों में आंशिक बादल और हल्की बूंदाबांदी की संभावना है, जबकि 1 नवंबर से पूरे प्रदेश में मौसम साफ और शुष्क हो जाएगा। 29 अक्टूबर को राजस्थान के ज्यादातर हिस्सों में ठंडक का असर और बढ़ गया। दिनभर बादल छाए रहे और तापमान में गिरावट दर्ज की गई। बीते 24 घंटों में अधिकतम व न्यूनतम तापमान की स्थिति इस प्रकार रही। अजमेर में अधिकतम तापमान 24.3 और न्यूनतम 17.4 डिग्री सेल्सियस रहा, जबकि भीलवाड़ा में पारा 24.2 और 18 डिग्री दर्ज हुआ। अलवर में अधिकतम 28.8 और न्यूनतम 17.5 डिग्री, जयपुर में 26.7 और 18.8, पिलानी में 29.5 और 16.4, सीकर में 29 और 16 डिग्री रहा। कोटा में तापमान 23.6 और 18.6 डिग्री, चित्तौड़गढ़ में 24.8 और 18, उदयपुर में 22.2 और 18.1, बाड़मेर में 30.6 और 20.8, जबकि जैसलमेर में अधिकतम तापमान 32.4 और न्यूनतम 18.8 डिग्री दर्ज हुआ। जोधपुर में 28.4 और 20, बीकानेर में 30.8 और 19.8, चूरू में 30.2 और 18.8, गंगानगर में 32.5 और 17.9 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया।नागौर में 29.9 और 18.6, डूंगरपुर में 25.8 और 20.2, हनुमानगढ़ में 31.9 और 19.3, जालौर में 26.8 और 21.4, सिरोही में 19.4 और 14.7, करौली में 27.1 और 19.1, दौसा में 27.2 और 18.7, प्रतापगढ़ में 24.5 और 19.8, झुंझुनूं में 29.1 और 18.4, जबकि पाली में अधिकतम 25.4 और न्यूनतम 18.6 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया।

गौसंवर्धन से ही समृद्धि का मार्ग: गोपाष्टमी पर सीएम का संदेश

जयपुर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने गुरुवार को गोपाष्टमी के पावन अवसर पर मुख्यमंत्री निवास पर सपत्नीक गौपूजन किया और प्रदेश की खुशहाली, समृद्धि तथा कल्याण की कामना की। इस अवसर पर उन्होंने तिलक लगाकर गौमाता को पुष्प अर्पित किए, माला पहनाई और गुड़ खिलाकर श्रद्धा प्रकट की। मुख्यमंत्री ने गौमाता को वस्त्र भी अर्पित किए। मुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि गोपाष्टमी केवल एक धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति की आत्मा और सनातन परंपरा की अमर धरोहर है। उन्होंने कहा कि गौमाता के प्रति श्रद्धा, सेवा और संरक्षण की भावना हमारे संस्कारों में रची-बसी है। यह पर्व पशु-सेवा, पर्यावरण-संरक्षण और संवेदनशीलता का संदेश देता है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार गौसंवर्धन और गौशालाओं के विकास के लिए निरंतर प्रयासरत है। गौशालाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने, गोवंश के पालन-पोषण की सुविधाएं बढ़ाने और गौपालकों को प्रोत्साहन देने के लिए कई योजनाएं लागू की जा रही हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि गौमाता केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक नहीं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था और पर्यावरणीय संतुलन की आधारशिला हैं। उन्होंने आमजन से अपील की कि वे गौसेवा को अपने जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाएं और पर्यावरण संरक्षण के प्रति सजग रहें। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने गौमाता की आरती उतारी और उपस्थित जनों के साथ ‘गौमाता की जय’ के जयकारे लगाए। उन्होंने सभी से गौसंवर्धन का संकल्प लेने और समाज में दया, सेवा और सहयोग की भावना फैलाने का आह्वान किया।  पूजा में मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी गीता शर्मा सहित परिवारजन और अधिकारियों ने भी सहभागिता की।