samacharsecretary.com

घेराव की तैयारी में तनाव: पुलिस ने कई युवा कांग्रेस नेताओं को लिया हिरासत में

जयपुर युवा कांग्रेस के मुख्यमंत्री आवास घेराव के दौरान बुधवार को पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच जमकर धक्का-मुक्की हो गई। युवा कांग्रेस के कार्यकर्ता मुख्यमंत्री आवास की ओर मार्च कर रहे थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें शहीद स्मारक पर बैरिकेड्स लगाकर रोक दिया। इससे नाराज कार्यकर्ता बैरिकेड्स पर चढ़ गए और मौके पर तनाव बढ़ गया। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। इसके बाद युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदयभानु चिब, प्रदेश अध्यक्ष अभिमन्यु पूनिया सहित कई नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर बसों में भरकर ले जाया गया। युवा कांग्रेस ने वोट चोरी, खराब कानून व्यवस्था और फसल खराबे के मुआवजे सहित कई मुद्दों को उठाते हुए सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इस दौरान प्रदेश अध्यक्ष अभिमन्यु पूनिया ने कृषि मंत्री किरोड़ी मीणा पर निशाना साधते हुए कहा कि “छापेमारी तो की जा रही है, लेकिन कार्रवाई कहीं नजर नहीं आती।” उन्होंने पूरे राजस्थान में SIR करवाने को अव्यवहारिक बताते हुए हाल ही में हुई BLO की आत्महत्या पर भी सरकार को कठघरे में खड़ा किया। हालांकि इस बार पिछले प्रदर्शनों की तुलना में युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं की भीड़ कम दिखाई दी। इसका असर प्रदर्शन की अवधि पर भी पड़ा। मुख्यमंत्री आवास कूच का कार्यक्रम महज 8 से 15 मिनट में ही समाप्त हो गया। पुलिस की सख्ती और कम जुटी भीड़ के कारण युवा कांग्रेस का यह घेराव अपने उद्देश्य में सफल नहीं हो पाया।

राजधानी में सनसनी: जलसंसाधन मंत्री के घर में तेंदुए की एंट्री

जयपुर राजधानी जयपुर में लेपर्ड की शहर में घुसपैट बड़ी चिंता का सबब बन चुकी है। बुधवार देर शाम शहर के सबसे VVIP क्षेत्र सिविल लाइंस में लेपर्ड देखा गया। यही नहीं लेपर्ड यहां जल संसाधन मंत्री सुरेश रावत के बंगले में भी घुस गया। इसके बाद वे कांग्रेस नेता सचिन पायलट के 11 नंबर बंगले के पास एक लेपर्ड पहुंच गया है। सिविल लाइंस क्षेत्र VVIP जोन में आता है, जहां राजभवन, मुख्यमंत्री आवास और कई मंत्रियों व वरिष्ठ अधिकारियों के सरकारी आवास हैं। वन विभाग की टीम मौके पर पहुंचकर सर्च अभियान चला रही है। फिलहाल मंत्री सुरेश रावत के सरकारी बंगले और आसपास के आवासों में तलाशी ली जा रही है। रूप नगर कॉलोनी पहुंचा लेपर्ड ताजा जानकारी के अनुसार लेपर्ड सिविल लाइंस से लगभग 200 मीटर दूर रूप नगर कॉलोनी में पहुंच गया है। वो एक घर के गार्डन में छुपा बैठा है। स्थानीय लोग अपने घरों की छत से उसकी गतिविधियों पर नजर रखे हुए हैं। वन विभाग की रेस्क्यू टीम मौके पर तैनात है। स्कूल परिसर में भी घुसा तेंदुआ सिविल लाइंस में गुरुवार सुबह लेपर्ड के घुसने से हड़कंप मच गया। तेंदुए को सबसे पहले टाइनी ब्लॉसम सीनियर सेकंडरी स्कूल परिसर में देखा गया। इसके बाद स्कूल प्रबंधन ने बच्चों को तुरंत क्लासरूम में बंद कर सुरक्षा बढ़ा दी। क्षेत्र में मौजूद अभिभावकों और स्थानीय लोगों के बीच अफरा-तफरी का माहौल बन गया। आबादी वाले क्षेत्रों में लगातार देखे जा रहे हैं लेपर्ड पिछले कुछ महीनों में जयपुर के दुर्गापुरा, गोपालपुरा, जयसिंहपुरा, जगतपुरा, खो-नागोरियान और विद्याधर नगर सहित कई इलाकों में लेपर्ड देखे गए। वन विभाग का मानना है कि जंगलों में पर्याप्त भोजन की कमी इसके आवागमन का मुख्य कारण है। सिविल लाइंस जैसे हाई-सिक्योरिटी जोन में लेपर्ड का आना वन विभाग और पुलिस दोनों के लिए चुनौती बन गया है। पूर्व मंत्री ने कहा…अब तो जागो सरकार राजस्थान की सोती हुई सरकार को जगाने के लिए आज सिविल लाइंस (जयपुर) में (panther)तेंदुआ  घुस गया, राजस्थान की जनता दुखी है परेशान है। उनकी सुध लेने वाला कोई नहीं है व जंगल में जानवर भूखे है उनका संरक्षक करने में राजस्थान की सरकार पूरी तरह से फेल है । आख़िर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के आवास के पीछे तेंदुआ आ गया। अब तो जागो राजस्थान सरकार!

एक्सटॉर्शन गैंग्स पर कार्रवाई तेज: डोजियर बनेगा, अवैध संपत्तियों पर चलेगा बुलडोज़र

जयपुर पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) राजीव कुमार शर्मा ने बुधवार को पुलिस मुख्यालय में वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से उच्चस्तरीय अपराध समीक्षा बैठक ली। बैठक में जयपुर व जोधपुर पुलिस आयुक्त, सभी रेंज आईजी, पुलिस अधीक्षक और जीआरपी अधिकारी मौजूद रहे। संगठित अपराध व वसूली गैंग पर कड़ी कार्रवाई के आदेश डीजीपी शर्मा ने कहा कि पिछले दो वर्षों में प्रदेश में अपराधों में गिरावट दर्ज हुई है, लेकिन अब संगठित अपराध पर निर्णायक प्रहार की जरूरत है। उन्होंने धमकी देकर वसूली करने वाली गैंगों का पूरा डोजियर तैयार कर कठोर कार्रवाई करने और नए आपराधिक कानूनों के तहत उनकी संपत्तियां जब्त करने के निर्देश दिए। नशा तस्करी पर जीरो टॉलरेंस डीजीपी ने प्रदेश में नशे का अवैध कारोबार समाप्त करने के लिए NDPS और BNS की धाराओं का पूर्ण उपयोग करने को कहा। उन्होंने निर्देश दिया कि संबंधित जिले अपने क्षेत्र में नशे के नेटवर्क को पूरी तरह खत्म करें। अपराध व कानून-व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा बैठक में जनवरी से अक्टूबर 2025 तक अपराध स्थिति, नियंत्रण उपायों व उपलब्धियों की समीक्षा की गई। डीजीपी ने साइबर अपराध, अवैध हथियार, सड़क दुर्घटनाओं में कमी और फोर-सिक्स लेन ड्राइविंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। आतंकवाद को समर्थन देने वालों पर सख्ती डीजीपी शर्मा ने कहा कि देश में हाल की घटनाओं को देखते हुए राजस्थान में पूरी सतर्कता बरती जाए। संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखते हुए तत्काल कार्रवाई की जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि आतंकियों को समर्थन देने वाली कोई भी गतिविधि बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी। किसी भी कानून व्यवस्था संबंधी घटना पर तुरंत डीजी लॉ एंड ऑर्डर और शीर्ष अधिकारियों को जानकारी देने को कहा गया, ताकि समय पर आवश्यक मार्गदर्शन मिल सके। डीजीपी ने लंबित न्यायालयीन प्रकरणों में समय पर जवाब पेश करने के निर्देश दिए और ई-साक्ष्य व ई-सम्मन प्रणाली को शीर्ष प्राथमिकता देने पर जोर दिया। सीसीटीवी का दायरा बढ़ाने को कहा डीजीपी शर्मा ने कहा कि मार्च तक प्रदेश में टूरिस्ट सीजन है ऐसे में पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं व सहयोग देने के लिए पुलिस की तरफ से प्रतिबद्धता दिखाई जाये। उन्होंने सीसीटीवी कवरेज को बढ़ाने के लिए शहरी क्षेत्र, बॉर्डर एरिया, व महत्वपूर्ण सड़कों पर अधिक से अधिक कैमरा लगवाने की कार्ययोजना और उस पर कार्य करने पर बल दिया।  राष्ट्रीय राजमार्गों पर लेन सिस्टम का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने और तेज रफ्तार, ड्रंक ड्राइविंग व अवैध पार्किंग के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए गए। 10,000 कांस्टेबल भर्ती प्रक्रिया में तेजी बैठक में बताया गया कि 2025 की कांस्टेबल भर्ती के 10,000 पदों हेतु लिखित परीक्षा परिणाम जल्द जारी किया जाएगा और पीईटी/पीएसटी की तैयारी शुरू कर दी गई है। बैठक का समापन एडीजी अपराध हवासिंह द्वारा राज्यभर में अपराध नियंत्रण के लिए निरंतर कार्रवाई की प्रतिबद्धता जताते हुए किया गया।  

सर्दी ने बढ़ाई सिहरन: माउंट आबू जीरो पर, शेखावाटी में तेज ठंड का प्रकोप

जयपुर उत्तर भारत से लगातार चल रही बर्फीली हवा ने राजस्थान में कड़ाके की ठंड बढ़ा दी है। माउंट आबू में पारा जमाव बिंदु पर पहुंच गया है। वहां सर्दी इतनी बढ़ गई है कि ओस की बूंदें भी बर्फ का रूप ले रही है। आबू स्थित नक्की झील का पानी भी जम गया है।  मौसम विभाग का कहना है कि राज्य में अगले एक सप्ताह तक ठंड का यही असर बना रहेगा। हालांकि शीतलहर का असर थोड़ा कम होगा और सुबह-शाम हल्की राहत मिल सकती है। माउंट आबू शून्य पर, नागौर–फतेहपुर सबसे सर्द पिछले 24 घंटे में सबसे ठंडा स्थान माउंट आबू रहा, जहां न्यूनतम तापमान शून्य डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मैदानी राज्यों में नागौर और फतेहपुर सबसे सर्द रहे। नागौर का न्यूनतम तापमान 5.5°C और फतेहपुर का 5.3°C रहा। सीकर 6.8°C, सिरोही व दौसा 7.1°C, जालोर 7.2°C, चूरू 8.4°C, अलवर 8.6°C और उदयपुर 9°C दर्ज किया गया। सिरोही में सबसे ठंडी दोपहर दिन के तापमान की बात करें तो सिरोही में सबसे ठंडा दिन रहा। यहां दिन का अधिकतम तापमान  22.3°C दर्ज हुआ। करौली 26°C, सीकर व बारां 26.8°C, जयपुर 28.1°C और चित्तौड़गढ़ 28.3°C पर रहा। सबसे गर्म जिला बाड़मेर रहा, जहां अधिकतम तापमान 32.2°C दर्ज किया गया। राजस्थान के प्रमुख शहरों का तापमान एक नज़र में     अजमेर: 27.8°C / 10.3°C     जयपुर: 28.1°C / 12.4°C     सीकर: 26.8°C / 6.8°C     कोटा: 26.6°C / 10.8°C     बीकानेर: 30.8°C / 11.5°C     जोधपुर: 30.2°C / 10.2°C     उदयपुर: 26.2°C / 9°C     नागौर: 29.2°C / 5.5°C     जालौर: 29.1°C / 7.2°C     बारां: 26.8°C / 7.9°C     करौली: 26°C / 8.2°C     फतेहपुर: 28.8°C / 5.3°C मौसम विभाग के अनुसार अब ठंड में और बढ़ोतरी की पूरी संभावना है। आने वाले दिनों में सुबह-शाम सर्द हवाओं से राहत की उम्मीद कम ही है, जबकि दिन में भी तापमान सामान्य से नीचे रह सकता है।  

स्वास्थ्य विभाग में उथल-पुथल: प्राइवेट प्रैक्टिस को लेकर विवाद बढ़ा, मंत्री ने दी प्रतिक्रिया

जयपुर सवाई मानसिंह मेडिकल कॉलेज से संबद्ध सभी अस्पतालों के अधीक्षकों ने सोमवार को सामूहिक रूप से अपने इस्तीफ़े कॉलेज प्रिंसिपल को सौंप दिए। यह कदम चिकित्सा शिक्षा विभाग के हालिया आदेश के विरोध में उठाया गया, जिसमें कहा गया था कि सरकारी मेडिकल कॉलेजों के प्रिंसिपल, नियंत्रक और संबद्ध अस्पतालों के अधीक्षक निजी प्रैक्टिस नहीं कर सकेंगे। इस आदेश का चिकित्सकों ने कड़ा विरोध शुरू कर दिया। अधीक्षकों का कहना है कि यह निर्णय वरिष्ठ चिकित्सकों के अधिकारों का हनन है। आदेश के बाद राजस्थान मेडिकल कॉलेज टीचर्स एसोसिएशन (RMCTA) भी खुलकर विरोध में उतर आया है। एसोसिएशन ने सवाल उठाया है कि इस तरह का आदेश क्यों जारी किया गया और इसके पीछे सरकार का उद्देश्य क्या है, इसकी स्पष्टता नहीं है। मंत्री बोले- अभी इस्तीफ़े नहीं मिले, मांगें हुईं थीं… मामले पर चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर ने कहा कि उन्हें अब तक किसी अधीक्षक का इस्तीफ़ा प्राप्त नहीं हुआ है। उन्होंने बताया कि चिकित्सकों ने कुछ मांगें रखी थीं, जिन पर सरकार विचार कर रही है। मंत्री ने संकेत दिया कि यदि मांगें उचित लगती हैं तो उन पर निर्णय लिया जाएगा। चिकित्सा मंत्री ने यह भी कहा कि प्राचार्य और अधीक्षक जैसे पद पूर्णकालिक प्रशासनिक जिम्मेदारियां निभाने के लिए होते हैं। यदि ये अधिकारी OPD चलाने और निजी तौर पर मरीज देखने में व्यस्त रहेंगे तो अस्पताल के प्रशासनिक कामकाज पर असर पड़ सकता है। इसी आधार पर सरकार ने यह आदेश जारी किया है। अलग से प्रशासक नियुक्त करने के संकेत मंत्री खींवसर ने कहा कि यदि प्राचार्य और अधीक्षक केवल मरीज देखना चाहते हैं और प्रशासनिक दायित्व निभाने में रुचि नहीं रखते, तो सरकार मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों में अलग से एडमिनिस्ट्रेटिव अधिकारी नियुक्त करने पर विचार कर सकती है। क्या है विवादित आदेश? 11 नवंबर को जारी आदेश में कई महत्वपूर्ण बदलाव शामिल हैं—     मेडिकल कॉलेज प्रिंसिपल और अधीक्षक निजी प्रैक्टिस नहीं कर सकेंगे।     डॉक्टर सीधे प्रिंसिपल नहीं बनाए जा सकेंगे।     प्रिंसिपल पद के लिए 3 वर्ष अधीक्षक/अतिरिक्त प्रिंसिपल और 2 वर्ष HOD का अनुभव अनिवार्य।     प्रिंसिपल चयन के लिए 4 सदस्यीय उच्चस्तरीय कमेटी बनाई गई।     प्रिंसिपल और अधीक्षक को क्लीनिकल कार्य सिर्फ 25% तक सीमित किया गया।     दोनों पदाधिकारियों को यूनिट हेड या HOD नहीं बनाया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग के इस परिवर्तनकारी निर्णय के बाद पूरे राज्य में चिकित्सा शिक्षा व्यवस्था को लेकर बहस छिड़ गई है।

मंदिर जाते श्रद्धालु टाइगर के ‘सडन शो’ से हुए रूबरू, पल भर में बढ़ा रोमांच और जोखिम

 सवाई माधोपुर रणथंभौर टाइगर रिजर्व स्थित प्रसिद्ध त्रिनेत्र गणेश मंदिर जाने वाले श्रद्धालुओं को बुधवार सुबह एक रोमांचक और डराने वाला अनुभव हुआ। मंदिर मार्ग पर अचानक टाइगर के आने से कुछ देर के लिए श्रद्धालुओं की राह थम गई। बुधवार सुबह गणेश धाम से आगे मुख्य सड़क पर एक टाइगर आ गया और करीब 10 मिनट तक सड़क पर स्वतंत्र रूप से घूमता रहा। इससे त्रिनेत्र गणेश मंदिर जाने वाले श्रद्धालुओं और वाहनों की लंबी कतारें दोनों तरफ लग गईं। लोग अपने चौपहिया वाहनों में बैठे-बैठे ही टाइगर को देखते रहे और कई श्रद्धालुओं ने उसकी तस्वीरें व वीडियो कैमरे में कैद किए। इस दौरान वन विभाग का कोई अधिकारी या कर्मचारी मौके पर नहीं दिखा, जिससे श्रद्धालुओं में चिंता भी बढ़ी। हालांकि थोड़ी देर बाद टाइगर खुद ही सड़क छोड़कर जंगल की ओर लौट गया, जिसके बाद आवाजाही पुनः शुरू हो गई। बुधवार होने के कारण सुबह से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु त्रिनेत्र गणेश मंदिर पहुंच रहे थे। वहीं वन विभाग के नियमों के अनुसार बुधवार को जोन नंबर 1 से 5 तक साप्ताहिक अवकाश होता है, जिसके चलते पर्यटकों की आवाजाही नहीं थी। जानकारी के अनुसार, यह टाइगर बाघिन सुल्ताना का मेल शावक बताया जा रहा है, जो हाल ही में गणेश धाम से दुर्ग क्षेत्र की टेरिटरी में सक्रिय रूप से विचरण करता दिख रहा है। आज भी उसके अचानक सड़क पर आ जाने से कुछ देर के लिए यातायात बाधित रहा।

कोटा का अनोखा रिकॉर्ड: देश का पहला शहर जहां ट्रैफिक लाइट नहीं, फिर भी व्यवस्थित ट्रैफिक

कोटा  अगर क‍िसी शहर में रेड स‍िग्‍नल न हो और एकदम ट्रैफ‍िक फ्री हो तो सोच‍िए आपको कैसा महसूस होगा? जी हां, इसकी कल्‍पना द‍िल्‍ली- एनसीआर वालों से बेहतर कौन कर सकता है. द‍िल्‍ली-एनसीआर में पीक टाइम के दौरान सड़क के ट्रैफ‍िक और भीड़भाड़ के बीच आपको एक जगह से दूसरी जगह पहुंचने में काफी समय लग जाता है. लेक‍िन इन सबके बीच देश का एक शहर ऐसा भी है, जो एकदम से ट्रैफ‍िक फ्री है. इतना ही नहीं, इस शहर की सड़कों पर आप फर्राटे से भागे चले जाते हैं. कारण सड़कों पर काफी कम ट्रैफ‍िक होना है. शहर में हर द‍िन आते हैं लाखों स्‍टूडेंट हम ज‍िस शहर की बात कर रहे हैं, वो है राजस्थान का कोचिंग हब बन चुका कोटा. जी हां, कोटा देश का पहला ऐसा शहर बन गया है जहां एक भी ट्रैफिक लाइट नहीं है. इस शहर में हर द‍िन लाखों लोग और हजारों स्टूडेंट्स आते-जाते हैं, फ‍िर भी इस शहर की सड़कों पर जाम नहीं लगता. कोटा अर्बन इम्प्रूवमेंट ट्रस्ट (UIT) की तरफ से इस चमत्कार को कर द‍िखाया गया है. अर्बन इम्प्रूवमेंट ट्रस्ट (UIT) ने पूरे शहर में आपस में जुड़े हुए र‍िंग रोड्स का जाल बिछा दिया. अब आप कोटा में हर व्यस्त चौराहे को बाइपास कर सकते हो. यहां गाड़ी कभी रुकती नहीं. 24 से ज्यादा फ्लाईओवर और अंडरपास शहर में इस समय 24 से ज्यादा फ्लाईओवर और अंडरपास बनाए गए हैं. इनके जर‍िये आप मुख्य जंक्शन पर भी बिना ब्रेक लगाए सीधे न‍िकल सकते हैं. इस सबके कारण शहर में यात्रा का समय घटकर आधा रह गया है. इस बदलाव के बाद शहर में हादसों की संख्‍या में भी अबड़ी ग‍िरावट आई है. इतना ही नहीं शहर के अंदर पेट्रोल-डीजल की खपत में भी कमी आई है और प्रदूषण भी घट गया है. कोटा में यह सब पॉस‍िबल हुआ है सोची-समझी प्लानिंग और इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर से. यहां पुराने स‍िग्‍नल सिस्टम को पूरी तरह खत्म किया जाने की तैयारी है. कोटा शहर पूरे देश के लिए मिसाल बन गया है. जाम से परेशान दिल्ली, बेंगलुरु और मुंबई जैसे शहरों के ल‍िए यह शहर नया मॉडल बन गया है. स्मार्ट अर्बन डिजाइन और सही निवेश से ट्रैफिक की समस्या हमेशा के लिए खत्म की जा सकती है. लाखों लोग, हजारों कोचिंग स्टूडेंट्स, फिर भी कहीं रुकने की जरूरत नहीं, बस गाड़ी चलती रहती है. कोटा ने इस सब बदलाव के साथ कर द‍िखाया क‍ि देश में 'नॉन-स्टॉप सिटी' बनाना मुमकिन है. इसके बाद इस तरह का बदलाव लाने की बारी दूसरे शहरों की है.  

नवनियुक्त मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से मुख्यमंत्री निवास पर मुलाकात की

जयपुर नवनियुक्त मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने मंगलवार को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से मुख्यमंत्री निवास पर मुलाकात की। कागज़ों में इसे भले शिष्टाचार भेंट कहा गया हो, लेकिन प्रशासनिक गलियारों में यह वह अहम मोड़ माना जाता है जहां सरकार और नौकरशाही अपने नए अध्याय की रूपरेखा तैयार करते हैं। मुख्यमंत्री के लिए यह अवसर था नए मुख्य सचिव की कार्यशैली और उनकी प्राथमिकताओं को समझने का। वहीं वी. श्रीनिवास के लिए यह मुलाकात सरकार की विकास योजनाओं और शासन की दिशा का पहला संकेत थी। हल्के व्यंग्य में कहें तो तस्वीरों में मुस्कान भले सौम्य रही हो, लेकिन भीतर दोनों तरफ़ दिमाग़ आने वाले महीनों की रणनीति पर तल्लीनता से काम कर रहा था—कौन-सा विभाग प्राथमिकता पर, किन योजनाओं की रफ्तार तेज़ होनी है और किन फाइलों की धूल झाड़नी है। हालांकि मुलाकात का सकारात्मक संदेश स्पष्ट है—सरकार और प्रशासन के बीच तालमेल को नए सिरे से मजबूत करने का यह शुरुआती संवाद आने वाले समय में तेज़ फैसलों और परिणामों की जमीन तैयार करता हुआ दिखाई देता है।

पर्यटन क्षेत्र के विशेषज्ञों के साथ संवाद करेंगे CM भजनलाल शर्मा, प्री-समिट में होगी भागीदारी

जयपुर  आगामी 10 दिसम्बर को प्रस्तावित प्रवासी राजस्थानी दिवस के क्रम में पयर्टन विभाग द्वारा प्री-समिट का आयोजन किया जा रहा है। जयपुर के निजी होटल में 27 नवम्बर को प्रस्तावित इस प्री-समिट में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा शिरकत करेंगे। पर्यटन विभाग की प्री-समिट में दो सत्र आयोजित किए जाएंगे। पहले सत्र में ‘राजस्थान ए ईयर-राउण्ड टूरिस्ट डेस्टिनेशन’ और दूसरे सत्र में ‘राजस्थान राइजिंग- बिल्डिंग इंडियाज प्रीमियर एडवेंचर टूरिज्म डेस्टिनेशन’ विषय पर विशेषज्ञो द्वारा पयर्टन से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा की जावेगी। इसमें टूरिज्म, होटल तथा ट्रैवल सेक्टर्स के हितधारक और प्रतिनिधि हिस्सा लेंगे। उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार द्वारा जयपुर के जेईसीसी में प्रवासी राजस्थानी दिवस का आयोजन किया जाएगा। यह आयोजन प्रवासी समुदाय और राज्य सरकार के बीच विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग के लिए एक बड़ा मंच उपलब्ध करवाएगा। इस दौरान विभिन्न सेक्टर्स जैसे उद्योग, पर्यटन, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा एवं जल आदि पर विशेषज्ञ चर्चा करेंगे। साथ ही, प्रवासी राजस्थानियों को उनके उल्लेखनीय कार्य के लिए सम्मानित भी किया जाएगा।

राजस्थान में शीतलहर का असर गहरा, सीकर में येलो अलर्ट घोषित

जयपुर उत्तर भारत से लगातार आ रही बर्फीली हवाओं ने राजस्थान में सर्दी का असर बनाए रखा है। मौसम विभाग ने रविवार को सीकर जिले में कोल्ड-वेव का येलो अलर्ट जारी किया है। वहीं जयपुर और अजमेर संभाग के जिलों में सुबह-शाम शीतलहर की स्थिति बनी हुई है। अधिकांश जिलों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे रिकॉर्ड किया जा रहा है। शनिवार को राज्य के 13 शहरों में तापमान सिंगल डिजिट में दर्ज हुआ। मौसम केंद्र जयपुर के अनुसार आगामी दिनों में भी प्रदेश में सुबह-शाम तेज सर्दी और हल्की शीतलहर का असर रहने की संभावना है। पिछले 24 घंटे में तापमान सीकर फतेहपुर में 5°C और सीकर में 5.4°C तापमान दर्ज हुआ। सीकर, अजमेर और टोंक में सुबह-शाम शीतलहर का प्रभाव देखा गया। नागौर में न्यूनतम तापमान 6.1°C, चूरू 7.9°C, पिलानी 8.5°C, अलवर 8.4°C, वनस्थली (टोंक) 8.6°C, भीलवाड़ा 9.4°C, दौसा 6.9°C और झुंझुनूं 8.6°C रिकॉर्ड हुआ। अजमेर में 10°C, उदयपुर और जोधपुर 10.2°C, जयपुर 12.4°C, कोटा 13.1°C, बाड़मेर 15.4°C, जैसलमेर 12.6°C, बीकानेर 13.6°C, गंगानगर 10.7°C, डूंगरपुर 12.9°C और हनुमानगढ़ में 12.2°C तापमान दर्ज किया गया। दिन में भी बढ़ी ठंड, अधिकतम तापमान में गिरावट राज्य में दिन के तापमान में भी मामूली गिरावट दर्ज हुई है। शनिवार को अधिकतम तापमान 1 डिग्री तक गिरा। बाड़मेर 32.4°C के साथ सबसे गर्म शहर रहा। जैसलमेर में 30.9°C, फलौदी 30°C, बीकानेर 31.3°C, अजमेर 27.8°C, जयपुर 28.4°C, सीकर 27.5°C और कोटा में 27.8°C दर्ज हुआ। उदयपुर शनिवार को सबसे ठंडा रहा, जहां दिन का अधिकतम तापमान 25.6°C तक रहा। रविवार को सीकर में अलर्ट मौसम विभाग ने रविवार को सीकर में कोल्ड-वेव का येलो अलर्ट जारी किया है। जयपुर और अजमेर संभाग के कुछ इलाकों में भी हल्की शीतलहर का असर रहेगा। हालांकि तापमान में किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं है और सर्दी इसी तरह बनी रहेगी।