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UPSC की चुनौती और वजन की जंग: IAS परी ने कैसे 45 किलो कम कर खुद को बनाया फिट और फाइनली IAS अधिकारी

 जयपुर  परी बिश्नोई के लिए आईएएस अधिकारी बनने की राह बिल्कुल भी आसान नहीं थी. हाल ही में उन्होंने इंस्टाग्राम पर यूपीएससी की तैयारी के दौरान अपने भावनात्मक उतार-चढ़ाव के बारे में खुलकर बात की. 2017 में अपने पहले यूपीएससी अटेम्प्ट में असफलता का सामना करने से लेकर तनाव के कारण बढ़ते वजन से जूझने तक उनकी कहानी लाखों उम्मीदवारों के लिए प्रेरणादायक है. यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी एक लंबी और थका देने वाली प्रक्रिया होती है, जिसमें अक्सर उम्मीदवारों को भावनात्मक और शारीरिक रूप से कई चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। ऐसी ही एक कहानी है एक महिला IAS अधिकारी की, जिन्होंने अपनी पहली असफलता के बाद न सिर्फ भारी वजन बढ़ने की समस्या से लड़ाई लड़ी, बल्कि उसे हराकर अपने IAS बनने के सपने को भी पूरा किया। हम बात कर रहे हैं आईएएस परी बिश्नोई की। पहली असफलता और वजन बढ़ने की चुनौती UPSC की तैयारी कर रहे हर उम्मीदवार की तरह, इस अधिकारी ने भी पूरी लगन से अपना पहला प्रयास दिया था। लेकिन, जब उन्हें इसमें सफलता नहीं मिली, तो यह उनके लिए एक बड़ा झटका था। इस भावनात्मक तनाव और अनिश्चितता के दौर में, उन्होंने अपना मानसिक संतुलन खो दिया और इसका सीधा असर उनके शारीरिक स्वास्थ्य पर पड़ा। देखते ही देखते उनका वजन 45 किलोग्राम तक बढ़ गया। इस दौरान, वह अपनी पसंदीदा चीजें, जैसे बाहर जाना और लोगों से मिलना-जुलना भी बंद कर चुकी थीं। उन्हें लगा कि उनका सपना अधूरा रह गया है और शायद वह कभी IAS नहीं बन पाएंगी। असफलता के बाद सफलता का स्वाद  हालांकि निराशा का यह दौर हमेशा के लिए नहीं रहा. जब परी को दो साल बाद यूपीएससी के इंटरव्यू का कॉल आया तो उसके अंदर कुछ बदल गया. उन्होंने तय किया कि इस बार उनकी लड़ाई सिर्फ रैंक या पद के लिए नहीं बल्कि अपने आत्मविश्वास और पहचान को फिर से हासिल करने के लिए है. नए दृढ़ संकल्प के साथ उन्होंने अपनी लाइफस्टाइल बदलने पर फोकस किया. लगातार एक्सरसाइज, वजन उठाकर, पौष्टिक खाना और ताजा भरपूर स्वस्छ आहार के साथ उन्होंने कठोर अनुशालन का पालन किया. उनके शारीरिक परिवर्तन ने उसके मानसिक विकास को भी प्रभावित किया और वह एनर्जेटिक महसूस करने लगीं. गलतियों से सीखा सबक परी ने अपनी पिछली तैयारी के दौरान की गई गलतियों के बारे में खुलकर बात की. उन्होंने स्वीकार किया कि उन्होंने पिछले टॉपर्स की अपनाई गई रणनीतियों का विश्लेषण किए बिना कोचिंग क्लासेस को आंख मूंदकर फॉलो किया. उनके पास कोई निर्धारित टाइम टेबल नहीं था और कोई सब्जेक्ट स्पेसिफिक लक्ष्य नहीं थे और दृष्टिकोण में स्पष्टता का अभाव था. परीक्षा पैटर्न या पिछले पेपरों पर ध्यान देने के बजाय उन्होंने केवल वही पढ़ा जिसमें उनकी रुचि थी. इन गलतियों को उन्होंने सुधारा.  2019 में परी बिश्नोई ने आखिरकार 30वीं रैंक के साथ यूपीएससी की सिविल सेवा परीक्षा पास कर ली और अपने लंबे समय से देखे गए सपने को हकीकत में बदल लिया. उनकी शादी भाजपा नेता और हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भजन लाल बिश्नोई के पोते भव्य बिश्नोई से हुई है. इस साल की शुरुआत में इस जोड़े ने अपनी बेटी वेदा का स्वागत किया. परी की कहानी हमें याद दिलाती है कि सच्ची जीत कभी न गिरने में नहीं, बल्कि हर बार जब ज़िंदगी आपको गिराए, तब उठ खड़े होने में है. आत्मविश्वास की वापसी और वजन घटाने का संकल्प हालांकि एक दिन उन्हें महसूस हुआ कि अगर उन्हें अपने सपने को पूरा करना है, तो उन्हें सबसे पहले खुद पर विश्वास करना होगा और अपने शारीरिक तथा मानसिक स्वास्थ्य को ठीक करना होगा। यह उनके जीवन का एक महत्वपूर्ण मोड़ था। उन्होंने सबसे पहले अपना बढ़ा हुआ वजन कम करने का फैसला किया। इसके लिए उन्होंने कुछ सरल लेकिन प्रभावी कदम उठाए: नियमित व्यायाम: उन्होंने हर दिन व्यायाम को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाया। शुरू में यह मुश्किल था, लेकिन धीरे-धीरे यह उनकी आदत बन गई। स्वस्थ आहार : उन्होंने अपने खान-पान पर विशेष ध्यान दिया। जंक फूड और अनहेल्दी भोजन से दूरी बनाकर संतुलित और पौष्टिक आहार लेना शुरू किया। सकारात्मक सोच : उन्होंने नकारात्मक विचारों को दूर कर सकारात्मक सोच अपनाई। हर छोटे बदलाव और सफलता के लिए खुद को सराहा। इन प्रयासों के दम पर उन्होंने न सिर्फ अपना 45 किलो वजन कम किया, बल्कि शारीरिक और मानसिक रूप से भी पहले से कहीं ज्यादा मजबूत महसूस करने लगीं। IAS बनने का सपना हुआ साकार वजन कम करने के बाद, उन्होंने एक नए आत्मविश्वास के साथ UPSC परीक्षा की तैयारी में खुद को फिर से झोंक दिया। इस बार उनकी रणनीति ज्यादा फोकस और अनुशासन वाली थी। उन्होंने पिछली गलतियों से सीखा और अपनी कमियों पर काम किया। आखिरकार, उनकी कड़ी मेहनत रंग लाई और उन्होंने अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति और अथक प्रयासों से UPSC परीक्षा क्रैक कर IAS अधिकारी बनने का अपना सपना पूरा किया। यह कहानी उन सभी उम्मीदवारों के लिए प्रेरणा है, जो असफलता और चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। यह दिखाती है कि अगर हौसला बुलंद हो, तो कोई भी मुश्किल आपको अपने लक्ष्य तक पहुंचने से नहीं रोक सकती, फिर चाहे वह वजन कम करना हो या देश की सबसे कठिन परीक्षा पास करना।

उद्योगों की रफ्तार बढ़ी: राजस्थान में 7.05 लाख करोड़ के निवेश पर जमीन पर काम शुरू

जयपुर राजस्थान में निवेश परिदृश्य अब इरादों से हकीकत की ओर बढ़ रहा है। अब तक हुए 3,362 एमओयू पर ज़मीनी स्तर पर काम शुरू हो गया है, जिनमें 7.05 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव शामिल हैं। ये निवेश राज्य के 20 प्रमुख सेक्टरों में किए जा रहे हैं। ऊर्जा क्षेत्र निवेश में सबसे आगे है, जिसमें 432 एमओयू के माध्यम से 5.60 लाख करोड़ रुपये से अधिक के प्रोजेक्ट चल रहे हैं। इनमें अक्षय ऊर्जा और ग्रीन हाइड्रोजन से जुड़े बड़े उपक्रम शामिल हैं, जो राजस्थान को देश का अग्रणी क्लीन एनर्जी हब बनाने की दिशा में हैं। सेक्टर वाइज निवेश का ब्योरा: उद्योग विभाग ने 1,182 एमओयू के तहत 57,319 करोड़ रुपये के निवेश आकर्षित किए हैं, जो विनिर्माण और एमएसएमई सेक्टर में निवेशकों के बढ़ते भरोसे को दर्शाते हैं। शहरी विकास एवं आवासन क्षेत्र में भी 306 एमओयू के तहत 26,826 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट क्रियान्वयन के चरण में हैं, जिनका फोकस शहरी विस्तार, सस्ती आवास योजनाओं और इंफ्रास्ट्रक्चर विकास पर है। इसके अलावा, खनन क्षेत्र में 22 एमओयू के माध्यम से 28,092 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट शुरू किए गए हैं। पर्यटन क्षेत्र में 267 एमओयू के तहत 8,907 करोड़ रुपये के निवेश से हेरिटेज, इको और एडवेंचर टूरिज्म को बढ़ावा दिया जा रहा है। कृषि क्षेत्र में 663 एमओयू से 7,741 करोड़ रुपये के निवेश के जरिए एग्री-वैल्यू चेन और फूड प्रोसेसिंग को मज़बूती दी जा रही है। चिकित्सा और तकनीकी शिक्षा में भी 5,500 करोड़ रुपये से अधिक के प्रोजेक्ट शुरू किए गए हैं, जो स्वास्थ्य और कौशल विकास के बुनियादी ढांचे को सशक्त करेंगे। इसके साथ ही, एविएशन, आयुष, पशुपालन, आईटी और खेल जैसे उभरते क्षेत्रों में भी नई नीतियों के तहत ठोस प्रगति हो रही है। सभी एमओयू की मॉनिटरिंग के लिए एक समर्पित तंत्र बनाया गया है ताकि तय समयसीमा में इन निवेशों को धरातल पर उतारा जा सके। एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, यह राजस्थान की आर्थिक यात्रा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। राज्य ने निवेश घोषणाओं और वास्तविक कार्यान्वयन के बीच की खाई को पाट दिया है। 7.05 लाख करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट्स पर कार्य प्रगति पर होने के साथ, राजस्थान देश के सबसे तेज़ी से बढ़ते निवेश गंतव्यों में शामिल हो रहा है- अक्षय ऊर्जा, विनिर्माण उत्कृष्टता और प्रगतिशील नीतियों के बल पर। गौरतलब है कि दिसंबर 2024 में आयोजित इन्वेस्ट राजस्थान समिट (9-11 दिसंबर) के दौरान राज्य सरकार ने रिकॉर्ड 35 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों पर हस्ताक्षर किए थे। 12 नई नीतियां लाने की तैयारी निवेश प्रस्तावों को रफ्तार देने के लिए सरकार इसी साल 12 नई नीतियां भी लाने की तैयारी कर चुकी है। इनमें से कुछ नीतियों के ड्रॉफ्ट कैबिनेट की मंजूरी के लिए भेजे जा चुके हैं। आने वाली नई नीतियां इस प्रकार हैं: 1. एग्रीकल्चर एवं फूड प्रोसेसिंग: किसानों की आय बढ़ाने और एग्रो-बेस्ड इंडस्ट्री को प्रोत्साहन देने पर जोर। 2. नई औद्योगिक नीति: मैन्युफैक्चरिंग को सशक्त बनाकर बड़े निवेश को आकर्षित करने की योजना। 3. एविएशन और लगिंग: राजस्थान को एयरक्राफ्ट मेंटेनेंस का हब बनाना, ड्रोन्स और स्पेयर पार्ट्स के लिए तैयार करेंगी नीति। 4. ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर: बहुराष्ट्रीय कंपनियों के लिए राजस्थान को नया ग्लोबल हब बनाना। मल्टीनैशनल कंपनियों के आने से टेक्नोलॉजी, इनोवेशन और सपोर्ट सेंटर खुल सकेंगे। 5. नई टूरिज्म नीति: राजस्थान की सांस्कृतिक और प्राकृतिक विविधता को नए रूप में पेश करने की कोशिश। हेरिटेज, ईको और ग्रामीण टूरिज्म को प्राथमिकता। 6. ग्रीन ग्रोथ क्रेडिट नीति: पर्यावरण अनुकूल प्रोजेक्ट्स को बढ़ावा, जिसमें सोलर एनर्जी, ग्रीन एनर्जी और हरित उद्योग शामिल होंगे। 7. स्पोर्ट्स नीति: नई प्रतिभाओं के लिए अवसर, विश्वस्तरीय ढांचा का विकास। प्रशिक्षकों और प्रतिभाशाली खिलाड़ियों के लिए बेहतर अवसर पर फोकस। 8. एफएमसीजी नीति: मैन्युफैक्चरिंग और कृषि की बेहतर उपयोगिता सुनिश्चित कर एफएमसीजी क्षेत्र को बढ़ावा। छोटे और मध्यम उद्योगों की भागीदारी की दिशा में कदम। 9. आईटी आउटसोर्सिंग और फॉरेस्ट नीति: ग्रामीण क्षेत्रों में तकनीकी और युवाओं को रोजगार बढ़ाने और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को सशक्त बनाने की दिशा। 10. ट्रेड प्रमोशन नीति: व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ाने और विदेशी निवेश को आकर्षित करने के लिए योजना। 11. सेमीकंडक्टर पॉलिसी: टेक्नोलॉजी हार्डवेयर निवेश के लिए नई सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग नीति तैयार की जाएगी। 12. ड्रोन और एयरो स्पेस पॉलिसी: एयरोस्पेस उद्योगों में निवेश को नई दिशा देने। राज्य में हार्ड-कोर मैन्युफैक्चरिंग और सर्विस हब स्थापित करने पर फोकस।  

डिवाइडर पर चढ़ी कार देख लोग समझे नशे में ड्राइवर, देख तो पूर्व सरपंच को आया हार्ट अटैक

कोटा जिले में कार चलाते समय एक व्यक्ति की हार्ट अटैक से मौत हो गई। घटना के दौरान गाड़ी तेजी से डिवाइडर पर चढ़कर दूसरी ओर उतर गई। राहगीरों ने पास जाकर देखा तो उसमें ड्राइवर की सीट पर 55 वर्षीय अर्जुन गुंजल बैठे हुए थे। उन्हें सीने में लगातार दर्द उठ रहा था, इसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी मौत हो गई। पहले राहगीरों को यह लगा था कि किसी ड्राइवर ने नशे की हालत में यह एक्सीडेंट किया है। गुंजल के रिश्तेदार भारत गुर्जर ने बताया कि अर्जुन गुंजल सरपंच रह चुके हैं और पूरी तरह स्वस्थ भी थे। बताया जा रहा है कि घटना से कुछ घंटे पहले उन्हें उल्टी हुई थी, तब वे गैस की समस्या बताकर निकल गए। बाद में सूचना मिली कि यह हादसा हो गया, जिसमें उनकी मौत हो गई। वहीं एक प्रत्यक्षदर्शी रविंद्र सिंह ने बताया कि गाड़ी के आसपास काफी भीड़ लगी हुई थी। पहले लग रहा था कि किसी ड्राइवर ने शराब की नशे में गाड़ी ठोंक दी है। गाड़ी के पीछे गुंजल लिखा होने पर रविंद्र ने अपने दोस्त रूपचंद गुंजल को कॉल करके बताया। इसके बाद पता चला कि यह गाड़ी अर्जुन गुंजल की है। राहगीरों ने गाड़ी का शीशा तोड़कर अर्जुन को बाहर निकाला और सीपीआर देने की कोशिश की लेकिन उनके शरीर पर किसी भी तरह की कोई हलचल नहीं दिख रही थी। इसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी मौत हो गई। इस दौरान चिकित्सकों ने भी उन्हें सीपीआर देकर रिकवरी करने की कोशिश भी की लेकिन सफल नहीं हो सके।

दोस्ती की मिसाल: उधार से खरीदी टिकट पर लगी 11 करोड़ की लॉटरी, दोस्त को देगा हिस्सा

कोटपूतली-बहरोड़ कहते हैं किस्मत कब, कहां और कैसे पलट जाए, कोई नहीं जानता। ऐसा ही वाकया हुआ कोटपूतली के एक साधारण सब्जी विक्रेता के साथ, जो पंजाब राज्य लॉटरी के दिवाली बम्पर 2025 के पहले इनाम का विजेता बने। किस्मत के इस धनी का नाम कोटपूतली निवासी अमित सेहरा है। 32 वर्षीय अमित की आमदनी रोज सड़क किनारे सब्जी की रेहड़ी लगाकर होती थी लेकिन अब उनकी जिंदगी पूरी तरह बदल चुकी है। जानकारी के अनुसार अमित सेहरा ने यह लॉटरी टिकट बठिंडा से 500 रुपये में खरीदी थी, जिस पर 31 अक्टूबर की शाम लुधियाना में निकाले गए ड्रॉ में पहला इनाम निकला, जिसके इनाम के रूप में उन्हें 11 करोड़ रुपये की राशि मिली है। इस बड़ी जीत के बाद अमित अपने परिवार सहित बुधवार को बठिंडा पहुंचे, जहां उन्होंने दावा प्रक्रिया पूरी की। अमित ने बताया कि उन्हें अब भी यकीन नहीं हो रहा कि किस्मत ने इतनी बड़ी खुशखबरी दी है। उन्होंने कहा कि वे इस धनराशि का उपयोग परिवार की जरूरतों को पूरा करने, बच्चों की पढ़ाई और एक बेहतर जीवन जीने की दिशा में करेंगे। इस खुशखबरी के बाद कोटपूतली में अमित के घर और मोहल्ले में जश्न जैसा माहौल है। लोग लगातार उन्हें बधाई देने पहुंच रहे हैं और इस बात की चर्चा कर रहे हैं कि मेहनतकश इंसान की किस्मत कैसे एक पल में पलट गई। उल्लेखनीय है कि दिवाली बम्पर लॉटरी में दूसरे इनाम के तौर पर 1 करोड़ रुपये और तीसरे इनाम के रूप में 50 लाख रुपये का प्रावधान था लेकिन कोटपूतली के अमित ने 11 करोड़ की बड़ी जीत हासिल की।

अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेले 2025 में राजस्थान का जलवा! कला, पर्यटन और उद्योग में नई पहचान बनेगी खास

जयपुर इंडिया ट्रेड प्रमोशन ऑर्गनाइजेशन (ITPO) द्वारा 14 से 27 नवम्बर, 2025 तक नई दिल्ली के प्रगति मैदान में अन्तर्राष्ट्रीय व्यापार मेला (India International Trade Fair – IITF) 2025 का आयोजन किया जाएगा। इस वर्ष राजस्थान को मेले के 'पार्टनर स्टेट' का दर्जा प्रदान किया गया है।  राजस्थान लघु उद्योग निगम लिमिटेड (RSIC)  द्वारा लगभग एक हजार वर्गमीटर क्षेत्रफल में राजस्थान मंडप का आकर्षक निर्माण किया जाएगा। इस मंडप में राज्य की औद्योगिक प्रगति, सांस्कृतिक विविधता, कला, शिल्प, पर्यटन और निवेश की संभावनाओं की विशिष्ट झलक देखने को मिलेगी। मंडप में कारीगरों एवं उ‌द्यमियों ‌द्वारा लाइव प्रदर्शन  के लिए विशेष क्षेत्र का आयोजित किये जाएंगे। वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट वॉल एवं राज्य की विरासत, नवाचार और सतत औ‌द्योगिक विकास आधारित प्रदर्शनी का भी आयोजन किया जाएगा।   प्रमुख सचिव (उद्योग) एवं अध्यक्ष प्रबंध निदेशक राजसिको श्री आलोक गुप्ता ने बताया कि इस वर्ष का मेला राज्य के प्रमुख सरकारी विभागों जैसे उद्योग, पर्यटन, रीको, बीआईपी, खादी, राजीविका एवं रूडा की सहभागिता से और भी समृद्ध होगा। मेले में राजस्थान के पारंपरिक व्यंजन और हस्तशिल्प उत्पादों के स्टॉल भी लगाए जाएंगे। "एक भारत श्रेष्ठ भारत" की भावना को समर्पित इस मेले का एक प्रमुख आकर्षण राजस्थान और असम का एकीकरण रहेगा। इस विशेष पहल के माध्यम से  दोनों राज्यों की संस्कृति, कला, और व्यापारिक संभावनाओं का आदान-प्रदान किया जाएगा। जिससे इन दोनों राज्यों के बीच मजबूत व्यापारिक और सांस्कृतिक संबंध स्थापित होंगे।  उन्होंने बताया कि राज्य सरकार की यह पहल राज्य के कारीगरों, शिल्पकारों, उ‌द्यमियों और निवेशकों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान मजबूत करने का अवसर प्रदान करेगी।

बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ के तहत हाड़ौता में गुरुवार को होगी ‘नारी चौपाल’

जयपुर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की मंशानुसार सक्षम जयपुर अभियान एवं बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना के तहत जयपुर जिले के प्रत्येक उपखंड पर नारी चौपाल आयोजित की जा रही है। इसी कड़ी में 6 नवंबर को चौमूं के हाड़ौता स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय परिसर में चौपाल होगी। जिला कलक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी ने नारी चौपाल के सफल आयोजन के लिए संबंधित विभागों के अधिकारियों को जिम्मेदारियां सौंपी हैं एवं आयोजन में अधिक से अधिक महिलाओं एवं बालिकाओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किये हैं। कार्यक्रम के नोडल अधिकारी एवं  प्रशिक्षु आईएएस श्री मृणाल ने बताया कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं को सशक्त एवं जागरूक बनाना है। नारी चौपाल में महिलाओं को सरकार की योजनाओं, अधिकारों और कल्याणकारी कार्यक्रमों की जानकारी दी जाएगी, साथ ही उनकी समस्याओं और सुझावों को भी सुना जाएगा। महिला अधिकारिता विभाग के उपनिदेशक डॉ. राजेश डोगीवाल ने बताया कि मंगलवार को प्रातः 10 बजे से 2 बजे तक चलने वाली चौपाल में नुक्कड़ नाटक, मारवाड़ी गीत, आत्मरक्षा प्रशिक्षण सहित अन्य गतिविधियां आकर्षण का केन्द्र रहेंगी।   नारी चौपाल के माध्यम से समाज में लिंगानुपात सुधार, महिलाओं की गरिमा और सुरक्षा सुनिश्चित करने, तथा महिला सशक्तिकरण से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर संवाद किया जाएगा। इसके लिए केंद्र और राज्य सरकार की ओर से संचालित योजनाओं, नियमों और अधिनियमों का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा ताकि समतामूलक समाज का निर्माण हो सके। नारी चौपाल कार्यक्रमों में महिला एवं बाल विकास, चिकित्सा, शिक्षा, पुलिस, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहेंगे। ये अधिकारी महिलाओं के साथ सीधा संवाद कर उन्हें स्वास्थ्य, शिक्षा, सुरक्षा, पोषण, स्वरोजगार और आत्मनिर्भरता जैसे विषयों पर जागरूक करेंगे। कार्यक्रम के दौरान महिलाओं को प्रेरित करने के लिए सफलता की कहानियाँ और अनुभव भी साझा किए जाएंगे। साथ ही चौपाल स्थल पर योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए सहायता काउंटर भी लगाए जाएंगे, ताकि महिलाओं को मौके पर ही आवश्यक जानकारी और सहयोग मिल सके। नारी चौपाल महिलाओं के लिए केवल संवाद का मंच नहीं होगा, बल्कि यह उन्हें आत्मविश्वास, मार्गदर्शन और प्रोत्साहन देने का अवसर भी प्रदान करेगा। इससे महिलाओं तक सरकार की योजनाएं अधिक प्रभावी ढंग से पहुँचेंगी और समाज में उनकी भागीदारी और अधिक मजबूत होगी। नारी चौपाल श्रृंखला से जिले की हजारों महिलाओं को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है। यह पहल महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव सिद्ध होगी।

‘ग्राम 2026’: राजस्थान की खेती को स्मार्ट बनाने की सबसे बड़ी पहल शुरू

जयपुर शासन सचिव कृषि एवं उद्यानिकी श्री राजन विशाल की अध्यक्षता में मंगलवार को पंत कृषि भवन के सभा कक्ष में ग्लोबल राजस्थान एग्रीटेक मीट 2026 की अंतर विभागीय कोर ग्रुप और FICCI अधिकारियों के साथ बैठक का आयोजन किया गया।  बैठक में ग्राम 2026 के लिए संबंधित विभागों द्वारा नोडल अधिकारी नियुक्त करने, कार्यात्मक समितियों का गठन, समितियों के अधिकारियों का विभागवार नामांकन, अन्य विभागों की भूमिका और जिम्मेदारियों, विभागीय प्रदर्शनियों, सेमिनारों एवं बैठकों की योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई।  शासन सचिव कृषि एवं उद्यानिकी ने बताया कि सभी विभाग ग्राम 2026 के आयोजन में अपनी अपनी जिम्मेदारियों को पूर्ण सतर्कता से समय पर पूरा करें एवं कार्यक्रम में आने वाले किसानों को किसी भी प्रकार की परेशानियों का सामना न करना पड़े। राजस्थान सरकार द्वारा आयोजित ग्लोबल राजस्थान एग्रीटेक मीट 2026 का आयोजन भव्य रूप से जयपुर एग्जीबिशन एंड कन्वेंशन सेंटर जेईसीसी सीतापुरा, जयपुर में किया जा रहा है। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य किसानों, कृषि वैज्ञानिकों, नीति निर्माताओं और निवेशकों को एक सांझा मंच पर ला कर कृषि क्षेत्र में नवाचार, तकनीकी की प्रगति और निवेश को प्रोत्साहित करना है। शासन सचिव ने बताया कि ग्लोबल राजस्थान एग्रीटेक मीट में प्रदेश की सभी ग्राम पंचायतों से 50 हजार किसान भाग लेंगे।  ग्राम 2026 में ग्रामीण एवं कृषि क्षेत्र में नवीन तकनीकी आधारित कृषि प्रणाली, मूल्य संवर्धन और निर्यातोन्मुख उत्पादन को बढ़ावा देना है इसके तहत किसानों को नवीनतम कृषि उपकरणों, फसल प्रबंधन और कृषि विपणन से संबंधित संपूर्ण जानकारियां साझा की जायेगी। राजस्थान के लिए कृषि क्षेत्र में उपयोगी विश्व स्तरीय तकनीकी हस्तानांतरण हेतु विदेशों में रोड शो आयोजित किये जायेंगे। 'किसान सशक्तीकरण ही ग्रामीण विकास की पूंजी है'। इसी ध्येय के साथ ग्राम एग्रीटेक मीट के माध्यम से राज्य सरकार खेती को व्यावसायिक दृष्टिकोण से आगे बढ़ाने, कृषि निर्यात बढ़ाने और ग्रामीण युवाओं को कृषि उद्यमिता की ओर प्रेरित करने के लिए एक ठोस पहल है।  बैठक में आयुक्त कृषि एवं उद्यानिकी सुश्री चिन्मयी गोपाल, निदेशक जल गृहण विकास एवं भू-जल संरक्षण विभाग श्री मुहम्मद जुनैद पीपी, प्रबंध निदेशक राजस्थान राज्य बीज निगम लिमिटेड श्री अरविंद शर्मा, अतिरिक्त निदेशक कृषि (अनुसंधान) श्री अजय कुमार पचौरी सहित संबंध विभागों एवं FICCI के अधिकारी मौजूद रहे।

वंदे मातरम्@150 कार्यक्रम की तैयारियों को लेकर मुख्य सचिव ने ली बैठक-, उत्सव के रूप में हो आयोजन – मुख्य सचिव

जयपुर राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आगामी 7 नवम्बर से पूरे प्रदेश में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इस सम्बन्ध में मुख्य सचिव श्री सुधांश पंत की अध्यक्षता में मंगलवार को शासन सचिवालय में संबंधित विभागों, संभागीय आयुक्तों एवं जिला कलेक्टरों के साथ उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई।मुख्य सचिव ने उक्त बैठक में निर्देश दिए कि ‘वंदे मातरम्@150’ कार्यक्रम देशभक्ति की भावना से ओत-प्रोत उत्सव के रूप में मनाया जाए। उन्होंने कहा कि यह आयोजन स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान को याद करने और नई पीढ़ी में देशभक्ति की भावना विकसित करने का अवसर है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि राज्य स्तरीय कार्यक्रमों के साथ-साथ जिलों में होने वाले आयोजनों का सोशल मीडिया के माध्यम से व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए तथा कार्यक्रम स्थलों पर सेल्फी बूथ भी स्थापित किए जाएं। उन्होंने डीओआईटी विभाग को निर्देश दिए कि कार्यक्रमों के लाइव प्रसारण एवं अन्य तकनीकी तैयारियाँ समय पर पूर्ण की जाएं।  मुख्य सचिव ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के निर्देशानुसार ‘वंदे मातरम्@150’ के सभी कार्यक्रमों को देशभक्ति की भावना से ओत-प्रोत किया जाए तथा इसमें स्थानीय कलाकारों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने जिला कलेक्टरों को निर्देश दिए कि वे अपनी रचनात्मक सोच से आमजन की अधिकतम सहभागिता सुनिश्चित करें और सभी तैयारियाँ समय पर पूरी करें। उल्लेखनीय है कि ‘वंदे मातरम्@150’ राज्य स्तरीय कार्यक्रम 7 नवम्बर को जयपुर के एस.एम.एस. स्टेडियम में आयोजित होगा। इस अवसर पर सभी सरकारी एवं गैर-सरकारी शिक्षण संस्थान, विश्वविद्यालय, महाविद्यालय, तकनीकी एवं मेडिकल कॉलेज, एनसीसी, एनएसएस, हिंदुस्तान स्काउट गाइड, पुलिस एवं आरएसी के जवान, सामाजिक संगठन और आमजन की भागीदारी रहेगी। इसी दिन अजमेर, बीकानेर, उदयपुर, भरतपुर, कोटा, जोधपुर, सीकर, भीलवाड़ा और अलवर में जिला स्तर पर कार्यक्रम होंगे। इसके बाद 8 एवं 9 नवम्बर को शेष 31 जिलों में प्रभारी मंत्री की उपस्थिति में आयोजित किए जायेगे। सभी सरकारी कार्यालयों में 10 नवम्बर को ‘वंदे मातरम्@150’ एवं स्वदेशी संकल्प कार्यक्रम, नगर निकाय कार्यालयों में 11 नवम्बर, पंचायती राज संस्थानों में 12 नवम्बर, सभी स्कूलों व छात्रावासों में 13 नवम्बर, उच्च शिक्षा संस्थानों में 14 नवम्बर और अस्पतालों व पुलिस थानों में 15 नवम्बर को कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसके अतिरिक्त 7 नवम्बर से 26 नवम्बर (संविधान दिवस) तक सभी विद्यालयों एवं महाविद्यालयों में ‘वंदे मातरम्’ का सामूहिक वाचन किया जाएगा। बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव गृह श्री भास्कर ए सावंत, प्रमुख शासन सचिव पर्यटन श्री राजेश कुमार यादव, प्रमुख शासन सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग श्रीमती गायत्री ए. राठौड़, प्रमुख शासन सचिव नगरीय विकास एवं आवासन विभाग डॉ. देबाशीष पृष्टी, शासन सचिव स्वायत्त शासन विभाग श्री रवि जैन, शासन सचिव डीओआईटी डॉ. रवि कुमार सुरपुर, सचिव सूचना एवं जनसंपर्क विभाग श्री सन्देश नायक सहित सम्बंधित अधिकारी उपस्थित रहे तथा संभागीय आयुक्त एवं जिला कलेक्टर वीसी से जुड़े।   

राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने गोविंद गुरु जनजातीय विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय एकात्मता विषयक राष्ट्रीय संगोष्ठी का किया उद्घाटन

जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों पर आधारित प्रदर्शनी का उद्घाटन एवं अवलोकन किया   जयपुर राज्यपाल एवं कुलाधिपति श्री हरिभाऊ बागडे ने मंगलवार को गोविंद गुरु जनजातीय विश्वविद्यालय, बांसवाड़ा में “राष्ट्रीय एकात्मता : विविधता में एक चेतना” विषय पर एक दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का उद्घाटन किया। उन्होंने संगोष्ठी के अंतर्गत जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों पर आधारित प्रदर्शनी का उद्घाटन एवं अवलोकन किया। राज्यपाल श्री हरिभाऊ बागडे ने अपने उद्बोधन में कहा कि  राष्ट्र अनेक भाषा, संस्कृति, मतों, परंपराओं से मिलकर बनता है। राष्ट्र की एक सीमा होती है। राष्ट्र में उस देश का नागरिक रहता है। कोई दूसरे देश का नागरिक आता है तो उसे उस देश की नागरिकता लेनी पड़ती है। संगठित जनसमुदाय, निश्चित भूभाग, संस्कृति, परंपरा, एकता की भावना हमें एक सूत्र में बांधती है।  देश के नागरिकों में देश के मूल्यों, आदर्शों, मातृभूमि, समुदाय के प्रति निष्ठा और प्रेम होना चाहिए। उन्होंने कहा कि एकता की भावना सिर्फ बातों में नहीं व्यक्ति के कर्मों में भी होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि देश जब बनता है तब एक देश से दूसरा देश बन जाता है। कारण अलग-अलग होते हैं। उन्होंने कहा कि हमारे विघटन, हमारी गरीबी, हमारे एकसंघ नहीं होने का लाभ उठाकर अंग्रेजों ने देश कर अतिक्रमण कर लिया। वह हमने अंग्रेजों से वापस लिया। भारत से अनेक देश बने अफगानिस्तान, श्रीलंका, नेपाल, भूटान, पाकिस्तान और बांग्लादेश। एक राष्ट्र विकसित बनता है जब नागरिक एकजुट होकर देशप्रेम के साथ अपना सर्वस्व अर्पण करते हैं। नागरिक अपनी शक्ति, बुद्धि, त्याग, आर्थिक स्वावलंबन से देश को विकसित बनाते हैं। उन्होंने कहा कि भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में से हैं। पहले गांव में कच्चे मकान होते थे जो अब पक्के बन गए हैं क्योंकि लोगों के पास पैसा आया है। देश की अर्थव्यवस्था का विकास हुआ है। उन्होंने कहा कि रामायण और महाभारत हमारी संस्कृति का मूल है। राम का नाम सभी भाषाओं में है। भजन – कीर्तन, व्याख्यान, भाषण, शिक्षण अलग-अलग भाषाओं में होता है मगर देवधर्म सबका एक ही है। एक ही गणेशजी की आरती अनेक भाषाओं में होती है मगर सबका भाव एक ही होता है। अनेक भाषा, खान-पान, वेशभूषा अलग-अलग होने के बावजूद हम सब एक हैं। हमारी संस्कृति ' भाषा अनेक – भाव एक', ' पथ अनेक – गंतव्य एक' की है।  

उच्च गुणवत्ता वाली मोबाइल व इंटरनेट कनेक्टिविटी सुनिश्चित करने के मुख्य सचिव ने दिए निर्देश

जयपुर मुख्य सचिव श्री सुधांश पंत की अध्यक्षता में राष्ट्रीय ब्रॉडबैंड अभियान की राज्य स्तरीय ब्रॉडबैंड समिति की 15वीं बैठक मंगलवार को सचिवालय में हुई। मुख्य सचिव ने बैठक में राज्य स्तर पर टेलीकम्युनिकेशन परियोजनाओं में समयबद्धता और दक्षता सुनिश्चित करने के लिए टेलीकम्युनिकेशंस राइट ऑफ वे (आरओडब्ल्यू) नियम, कॉल बिफोर यू डिग (सीबीयूडी) मोबाइल ऐप, पीएम गतिशक्ति एनएमपी पोर्टल, बीएसएनएल 4जी सेचुरेशन प्रोजेक्ट सहित अन्य संबंधित विषयों की प्रगति की समीक्षा की। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को  विभागीय स्तर पर भूमि आवंटन एवं वन विभाग की मंजूरी के लंबित प्रकरणों सहित अन्य आवश्यक कार्य आपसी समन्वय से पूर्ण करना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए जिससे राज्य के दूरदराज क्षेत्रों में उच्च गुणवत्ता वाली मोबाइल सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित हो और ग्रामीण इलाकों में भी तेज और विश्वसनीय इंटरनेट सेवा उपलब्ध हो सके। मुख्य सचिव ने कहा कि ʻकॉल बिफोर यू डिगʼ मोबाइल ऐप खुदाई कार्यों के दौरान भूमिगत अवसंरचना को क्षति से बचाने के साथ-साथ संचार सेवाओं में व्यवधान को रोकने में सहायक है। इससे प्रदेश में स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर प्रबंधन को बढ़ावा मिलेगा।  ऑप्टिकल फाइबर केबल बिछाने के दौरान हुए गड्ढे सही से भरें, आमजन को असुविधा न हो मुख्य सचिव ने कहा कि ऑप्टिकल फाइबर केबल (ओएफसी) बिछाने के दौरान जिन स्थानों पर गड्ढे खोदे गए हैं, उन्हें कार्य पूर्ण होने के बाद सही तरीके से भरना सुनिश्चित किया जाए ताकि आमजन को किसी भी प्रकार की असुविधा या दुर्घटना का सामना न करना पड़े। संबंधित अधिकारी कार्य की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दें और सड़कों तथा मार्गों को पूर्ववत स्थिति में बहाल करें। आमजन से संबंधित सुविधा पोर्टल- राजस्थान में मोबाइल रिकवरी प्रतिशत राष्ट्रीय औसत से अधिक  बैठक में संचार साथी पोर्टल (http://www.sancharsaathi.gov.in) की समीक्षा के दौरान बताया गया कि यह पोर्टल आमजन के लिए बहुत सुविधाजनक है। राज्य में गुम या चोरी हुए कुल मोबाइल हैंडसेट्स में से लगभग 69% मोबाइल फोन सफलतापूर्वक ट्रेस किए जा चुके हैं। साथ ही, सीईआईआर (सेंट्रल इक्विपमेंट आईडेंटी रजिस्टर) सेवा के माध्यम से देशभर में मोबाइल रिकवरी का औसत प्रतिशत 26.50% है जबकि राजस्थान में यह प्रतिशत 43.45% है।  उल्लेखनीय है कि संचार साथी पोर्टल नागरिकों को अनेक डिजिटल सुविधाएँ प्रदान करता है जिसमें टेफकॉप सेवा के माध्यम से उपयोगकर्ता उनके नाम पर कुल जारी मोबाइल कनेक्शन की जानकारी तथा बिना अनुमति अतिरिक्त सिम कार्ड जारी होने की स्थिति में रिपोर्ट कर आसानी से उसे बंद करवा सकते हैं। इसके साथ ही, नो योअर मोबाइल (केवाईएम) सुविधा, फर्जी मोबाइल और सिम कार्ड की रोकथाम, जन-जागरूकता और शिकायत निवारण आदि महत्वपूर्ण सेवाएँ भी उपलब्ध हैं।  बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव, सार्वजनिक निर्माण विभाग श्री प्रवीण गुप्ता, प्रमुख शासन सचिव, ऊर्जा विभाग, श्री अजिताभ शर्मा, प्रमुख शासन सचिव, उद्योग श्री आलोक गुप्ता प्रमुख शासन सचिव, राजस्व श्री दिनेश कुमार, प्रमुख शासन सचिव, नगरीय विकास, डॉ. देबाशीष पृष्टी, शासन सचिव, डीओआईटीडॉ. रवि कुमार सुरपुर, डीडीजी (रूरल), दूरसंचार विभाग, केन्द्र सरकार श्री आनंद कटोच सहित संबंधित विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।