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इंडिया पहुंचीं जे-लो: उदयपुर रॉयल वेडिंग में करेंगी धमाकेदार परफॉर्मेंस

उदयपुर यूएस बेस्ड अरबपति राजू मंटेना और पद्मजा मंटेना की बेटी नेत्रा की उदयपुर में शाही शादी है, जिसमें बॉलीवुड और हॉलीवुड की नामचीन हस्तियां पहुंच चुकी हैं। जहां संगीत नाइट में रणवीर सिंह से लेकर वरुण धवन, कृति सेनन, जान्हवी कपूर और जैकलीन फर्नांडिस ने अपनी परफॉर्मेंस से चार चांद लगाए, वहीं जेनिफर लोपेज भी इंडिया पहुंच चुकी हैं। वह नेत्रा मंटेना की शाही शादी में हिस्सा लेने आई हैं। नेत्रा की शादी वामसी गडिराजू हो रही है और दोनों अमेरिका के पॉपुलर कपल हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस शाही शादी पर खूब पैसा खर्च किया गया है और शादी में परफॉर्म करने आ रहे सेलिब्रिटीज को भी मोटी रकम दी गई है। इसमें जेनिफर लोपेज का भी नाम शामिल है। जेनिफर लोपेज जैसे ही इंडिया पहुंचीं, उन्हें एयरपोर्ट पर फैंस और पपाराजी ने घेर लिया। जेनिफर ने सबको फ्लाइंग किस की और स्माइल करते हुए हाथ हिलाकर अभिवादन किया। जेनिफर की यह उदयपुर में पहली परफॉर्मेंस नहीं है। इससे पहले उन्होंने साल 2015 में संजय हिंदूजा की शादी में परफॉर्म किया था। जेनिफर लोपेज के संजय हिंदुजा की शादी में ली थी इतनी फीस  एक रिपोर्ट के मुताबिक, जेनिफर लोपेज जब साल 2015 में संजय हिंदुजा और अनुसूया महतानी की शादी में शामिल हुईं थीं। इसके लिए तब उन्होंने 6.5 करोड़ रुपये चार्ज किए थे। वहीं, अरबपति कपल- संजय और अनुसूया ने जेनिफर को लग्जरी कोहिनूर सूट में ठहराया था, जिसका एक रात का किराया 3 लाख रुपये बताया जाता है। इसके बाद साल 2016 में जेनिफर लोपेज पॉपुलर रूसी कपल Khadija Uzhakhova और Said Gutseriev की शादी में शामिल हुई थीं। खादिजा रूसी तेल व्यवसायी मिखाइल गुटसेरिएव के बेटे हैं। उन्होंने 20 साल की डेंटिस्ट स्टूडेंट से शादी की थी। इस शादी में शामिल होने के लिए जेनिफर लोपेज ने करीब 9 करोड़ रुपये प्रति घंटे के हिसाब से फीस ली थी। वहीं, 'ईटाइम्स' के मुताबिक, जेनिफर लोपेज ने साल 2011 में यूक्रेन के अरबपति Serhiy Taruta की बेटी की शादी में परफॉर्म करने के लिए 1 मिलियन डॉलर लिए थे। जगमंदिर आइलैंड पैलेस में नेत्रा मंटेना की शादी, 24 नवंबर तक कार्यक्रम मालूम हो कि नेत्रा और वामसी की शादी उदयपुर के पिछोला लेक के बीच बने जगमंदिर आइलैंड पैलेस में 23 नवंबर को होगी। उनकी शादी के कार्यक्रम 24 नवंबर तक चलेंगे। शादी की रस्मों की शुरुआत संगीत सेरिमनी से हुई थी, जिसे द लीला पैलेस में रखा गया था। नेत्रा और वामसी गडिराजू की संगीत नाइट को करण जौहर ने होस्ट किया था और पूरा मजमा रणवीर सिंह लूट ले गए। उन्होंने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बेटे को 'व्हाट झुमका' गाने पर नचाया। बाद में बाकी मेहमानों को भी जमकर नचाया।

समाजिक अनुशासन पर जोर: जांगिड़ समाज ने प्री-वेडिंग शूट और डीजे बैन किए

बाड़मेर बाड़मेर के जांगिड़ समाज की महापंचायत हुई। इसमें  बाड़मेर, बालोतरा और जैसलमेर के समाज के लोग शामिल हुए। इस महापंचायत  शादी, सगाई सहित समस्त सामाजिक कार्यक्रमों के आयोजन पूर्ण सादगी और अपनी संस्कृति, मूल्यों और परम्पराओं के साथ करने का फैसला हुआ।  आयोजन के नाम पर कोई दिखावा व फिजूलखर्ची नहीं की जाएगी। नशे, प्री वेडिंग, डीजे पर पूर्ण रोक एवं विवाह के दौरान आभूषण की भी सीमा का निर्धारण भी महापंचायत में किया गया। जांगिड़ पंचायत के मीडिया प्रमुख लव कुमार धीर ने बताया कि   वर्तमान में पाश्चात्य संस्कृति के प्रभाव में हम लोग अपने मूल्यों, संस्कारों और परम्पराओं से भटक रहे हैं। आयोजनों के नाम पर दिखावा और फिजूलखर्ची की जा रही है। सोने चांदी के बढ़ते भावों ने आम आदमी की कमर तोड़ दी है। ऐसे में जरूरत है कि हम सब मिलकर एक साथ ऐसे निर्णय ले जिससे समाज के परिवारों को राहत और सबल मिल सके। हरीश जांगिड़ मारुडी ने कहा कि नशे से घर के घर बर्बाद हो रहे है। कुरीतिया समाज को गर्त में ले जा रही हैं। भूरचंद आचू ने कहा कि हमें विचारधाराओं को बदलना होगा। पाश्चात्य संस्कृति को छोड़कर अपनी मूल संस्कृति को अपनाना होगा। समाज में व्याप्त कुरितियों के बोझ के तले परिवार के परिवार घुट रहे हैं। दिखावे की होड़ में परिवार टूट रहे हैं। ऐसे में समय की मांग है कि हम सब मिलकर एक साथ इन पर मंथन करें। सर्वसम्मति के साथ ऐसे निर्णय ले जो समाज और परिवारों के हित में हों, उन्हें सबल और राहत देने वाले हों। जांगिड़ समाज महापंचायत ने ये लिए निर्णय शादी व सगाई में सोने व चांदी की अधिकतम उपयोग सीमा क्रमशः 2 तोला व 10 तोला रहेगी। साथ ही वर वधु को दिए जाने वाले उपहारों का प्रदर्शन कोई भी पक्ष नहीं करेगा। शादी, सगाई सहित समस्त सामाजिक कार्यक्रमों में किसी भी प्रकार के नशे के उपयोग की पूर्ण पाबंदी रहेगी। प्री वेडिंग शूट, संगीत संध्या व बारात में डीजे बंद रहेगा। महंगे निमंत्रण पत्र, कपड़ों के लेन देन सहित अन्य फिजूलखर्ची पर रोक रहेगी। मृत्यभोज का अभी कोई आयोजन नहीं होगा। मृत्यु के बाद शोक के सभी दिनों व बारहवें के संस्कार में किसी भी प्रकार का मिष्ठान नहीं परोसा जाएगा। इसके साथ शादी, सगाई सहित अन्य समस्त सामाजिक कार्यक्रमों का आयोजन सादगी व मर्यादा पूर्ण तरीके से होंगे। मातृ शक्ति  ने जताई सहमति आमसभा में समाज की मातृ शक्ति  भी मौजूद रहीं। शादी, सगाई सहित समस्त सामाजिक कार्यक्रमों व उत्सवों में परिवार की महिलाओं की महत्ती भूमिका है। ऐसे में आमसभा में समाज की मातृशक्ति भी बड़ी संख्या में मौजूद रहीं और अपनी बात रखी। जांगिड़ महिला मंडल की अध्यक्षा मगी देवी ने कुरीतियों के उन्मूलन पर जोर देते हुए बच्चों की शिक्षा पर जोर दिया। उन्होंने दिखावे और नशे के उपयोग का विरोध करते हुए पूर्ण सादगी और अपनी संस्कृति के अनुरूप उत्सवों के आयोजन की बात कही।

अमायरा सुसाइड केस में चौंकाने वाली रिपोर्ट: 45 मिनट तक होती रही गुहार, CBSE की जांच में खुली लापरवाही

जयपुर  जयपुर और दिल्ली में हाल की घटनाओं ने स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा और मानसिक स्थिति पर गंभीर चिंता पैदा कर दी है। जयपुर में 9 साल की छात्रा अमायरा ने स्कूल की चौथी मंजिल से कूदकर अपनी जान दे दी। वहीं, दिल्ली में दसवीं कक्षा के छात्र शौर्य पाटिल ने मेट्रो स्टेशन से छलांग लगाकर आत्महत्या की। इन दोनों घटनाओं की साझा वजह यह रही कि बच्चों की बार-बार की गई शिकायतों और मानसिक तनाव के संकेतों को स्कूल प्रशासन ने गंभीरता से नहीं लिया। जयपुर में अमायरा की घटना CBSE की जांच समिति ने पाया कि अमायरा ने करीब 45 मिनट तक किए जाने की जानकारी दी, लेकिन स्कूल ने कोई कार्रवाई नहीं की। स्कूल प्रशासन ने सुरक्षा नियमों का उल्लंघन किया, ऊपरी मंजिलों पर सुरक्षा जाल नहीं लगाए और घटना स्थल पर फोरेंसिक सबूतों से छेड़छाड़ भी हुई।   जांच में सामने आए महत्वपूर्ण बिंदु:     एंटी-बुलिंग कमिटी ने शिकायतों पर कोई कार्रवाई नहीं की।     बाल सुरक्षा और POCSO नियमों का पालन नहीं हुआ।     मानसिक तनाव के संकेत मिलने के बावजूद काउंसलिंग नहीं कराई गई।     स्कूल में स्टाफ की अनुपस्थिति और अवैध फ्लोर संरचना ने खतरे को बढ़ाया। अमायरा के माता-पिता ने स्कूल की एफिलिएशन रद्द करने और सख्त कार्रवाई की मांग की है। दिल्ली में शौर्य पाटिल की मौत दिल्ली के शौर्य पाटिल मानसिक रूप से तनाव में थे और टीचर्स के लगातार अपमान का सामना कर रहे थे। उनके क्लासमेट्स ने उनकी परेशानियों को स्कूल काउंसलर तक पहुंचाया, लेकिन कोई कदम नहीं उठाया गया। घटना वाले दिन शौर्य को स्कूल में डांटा गया और सार्वजनिक रूप से अपमानित किया गया। उनके पिता प्रदीप पाटिल ने बताया कि स्कूल ने केवल घटना के बाद मदद का आश्वासन दिया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। बच्चों की सुरक्षा और मानसिक स्वास्थ्य पर सबक     बच्चों की छोटी-छोटी बातें अनसुनी नहीं करनी चाहिए।     स्कूलों में नियमित काउंसलिंग और मेंटल हेल्थ मॉनिटरिंग अनिवार्य हो।     एंटी-बुलिंग नीतियों और सुरक्षा नियमों का पालन कड़ाई से होना चाहिए।     टीचर्स और अभिभावकों को बच्चों के व्यवहार और मानसिक स्थिति पर ध्यान देना चाहिए। ये दोनों घटनाएं यह दर्शाती हैं कि बच्चों की भावनाओं और शिकायतों की अनदेखी सिर्फ संवेदनहीनता नहीं, बल्कि जानलेवा भी साबित हो सकती है।

इंटरसिटी ट्रेन 21 दिन प्रभावित: जयपुर तक नहीं जाएगी, वैकल्पिक व्यवस्था की मांग तेज

उदयपुर जयपुर रेलवे स्टेशन के स्टेशन यार्ड में एयर कंकॉर फेज-2 का निर्माण शुरू होने के बाद रेलवे ने कई दिनों का ब्लॉक किया गया है। इस ब्लॉक का सीधा असर उदयपुर से चलने वाली उदयपुर सिटी-जयपुर इंटरसिटी पर पड़ा है। रेलवे ने इस ट्रेन को 21 दिनों के लिए आंशिक रूप से रद्द कर दिया है। अब यह ट्रेन जयपुर तक नहीं जाएगी। तय अवधि में सिर्फ अजमेर तक चलेगी। गाड़ी संख्या 12991 और 12992 को 21 नवंबर से 10 दिसंबर तक और 13 दिसंबर को जयपुर की जगह अजमेर से ही संचालित होगी। इंटरसिटी के आंशिक रद्द होने के बाद यात्रियों को अब सीधे जयपुर पहुंचने के लिए अलग व्यवस्था करनी पड़ रही है। ट्रेन अजमेर तक ही जाती है, जिससे आगे की यात्रा के लिए बस या दूसरी ट्रेन पकड़ना मजबूरी बन गया है। कई यात्रियों का कहना है कि अजमेर पहुंचने के बाद कनेक्शन ट्रेनें समय पर नहीं मिल रहीं, जबकि कुछ लोग बस स्टैंड तक पहुंचने में ही देर होने की शिकायत कर रहे हैं। रोजाना जयपुर आने-जाने वाले डेली पैसेंजर्स के लिए यह बदलाव सबसे ज्यादा परेशानी भरा साबित होगा। मौजूदा हालात इसलिए भी चुनौतीपूर्ण हैं, क्योंकि नवंबर-दिसंबर में शादियों का भारी सीजन शुरू हो रहा है। इन महीनों में बड़ी संख्या में विवाह मुहूर्त होते हैं और शादी से जुड़े कामों के लिए भी लोग जयपुर की ओर यात्रा करते हैं। उदयपुर से कई परिवार रिश्तेदारी, शॉपिंग, डॉक्यूमेंट वर्क और होटल बुकिंग आदि के लिए जयपुर जाते हैं। इंटरसिटी उनकी पहली पसंद थी, लेकिन अब उन्हें दूसरी ट्रेनों या रोड ट्रांसपोर्ट का सहारा लेना पड़ रहा है। इससे समय भी ज्यादा लग रहा है और खर्च भी बढ़ रहा है। फिलहाल उदयपुर से जयपुर जाने वाले यात्रियों को अजमेर के बाद आगे की यात्रा के लिए अन्य साधनों पर निर्भर रहना होगा। लोग उम्मीद कर रहे हैं कि दिसंबर के पहले हफ्ते के बाद इंटरसिटी अपनी नियमित सेवा में जल्द लौटेगी, ताकि रोजाना आने-जाने वाले यात्रियों को फिर से राहत मिल सके।

न्यूनतम तापमान में बढ़ोतरी, आबू में पारा 1 डिग्री दर्ज

जयपुर उत्तर भारत से चल रही सर्द हवाओं का असर अब राजस्थान में धीरे-धीरे कम हो रहा है। इसके चलते सीकर, चूरू, झुंझुनूं और माउंट आबू सहित कई शहरों में न्यूनतम तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की गई। हिल स्टेशन माउंट आबू में गुरुवार को तापमान जमाव बिंदु से ऊपर दर्ज हुआ। मौसम केन्द्र जयपुर ने अगले दो सप्ताह का पूर्वानुमान जारी किया है, जिसके अनुसार प्रदेश में मौसम शुष्क रहेगा, आसमान साफ रहेगा और तापमान में बड़े बदलाव की संभावना नहीं है। गुरुवार को माउंट आबू में न्यूनतम तापमान 1 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। नागौर में 6.2, फतेहपुर में 6.1, सिरोही में 7.2, सीकर में 7.5, अलवर में 9.5, उदयपुर में 9.2, चित्तौड़गढ़ और चूरू में 9, बारां व करौली में 9.9, जालोर में 8, जयपुर में 12.3, अजमेर में 10.8, वनस्थली (टोंक) में 10.3, बाड़मेर व जैसलमेर में 13.8, जोधपुर में 10.9, बीकानेर में 12.8 और गंगानगर में 11.7°C दर्ज किया गया। सीकर जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में भी ठंडी हवाओं से राहत महसूस की गई। अधिकतम तापमान में उतार-चढ़ाव सर्द हवाओं के कमजोर होने से कई जिलों में अधिकतम तापमान में हल्की बढ़ोतरी हुई। चित्तौड़गढ़, कोटा, अलवर और जालोर में दिन का तापमान करीब 1 डिग्री बढ़ा, जबकि शेखावाटी क्षेत्र में गिरावट रही।सबसे ज्यादा अधिकतम तापमान बाड़मेर में 32.5°C रिकॉर्ड किया गया। जैसलमेर और बीकानेर में 31.2, जोधपुर में 31, फलोदी में 29.2, जालौर में 30.2, नागौर में 29.7, चूरू और चित्तौड़गढ़ में 29.4, अलवर में 28.8 और जयपुर में 27.5°C दर्ज हुआ। सिरोही 23.6°C के साथ सबसे ठंडा रहा। अगले दो सप्ताह मौसम रहेगा शुष्क मौसम विभाग के अनुसार राज्य में 4 दिसंबर तक दिन का तापमान सामान्य के आसपास रहने की उम्मीद है, जबकि रात का तापमान सामान्य से 2–3 डिग्री कम रह सकता है। पूरे प्रदेश में अगले दो हफ्तों तक आसमान साफ रहेगा और दिन के समय तेज धूप मिलेगी।  

ग्लैमरस रॉयल वेडिंग: जेनिफर लोपेज और बीबर जमाएंगे रंग, बॉलीवुड से लेकर जूनियर ट्रम्प तक VIP मेहमान होंगे शामिल

उदयपुर लेकसिटी उदयपुर में होने वाली रॉयल वेडिंग के लिए सिटी पैलेस के माणक चौक को जगमग रोशनी और फूलों से सजाया जा रहा है। इस रॉयल वेडिंग में हॉलीवुड सेंसेशन जेनिफर लोपेज और फेमस सिंगर जस्टिन बीबर भी शामिल हो सकते हैं। बताया जा रहा है कि शादी में इनकी एक परफॉर्मेंस रखी गई है। हालांकि इनके ट्रिप और प्रोग्राम की डिटेल्स पूरी तरह सीक्रेट रखी गई है। पिछोला झील के बीच बने जग मंदिर आइसजेंड पैलेस में 23 नवंबर को अमेरिकी अरबपति बिजनेसमैन रामा राजू मंटेना की बेटी नेत्रा मंटेना और अमेरिकी मूल के दूल्हे वामसी गडिराजू की शादी के लिए 21 से 24 नवंबर तक कार्यक्रम होंगे। शादी में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के बेटे डोनाल्ड ट्रम्प जूनियर 21 नवंबर को पूरी फैमिली के साथ पहली बार उदयपुर आएंगे। सूत्रों के अनुसार बॉलीवुड एक्टर ऋतिक रोशन, रणवीर सिंह, शाहिद कपूर, एक्ट्रेस कृति सेनन समेत कई एक्टर-एक्ट्रेस भी शादी में शिरकत करेंगे। लेकसिटी  में आयोजित होंने वाली इस रॉयल वेंडिंग  की तैयारियां जोरों-शोरों पर है और इसके चलते शहर की लीला पैलेस, होटल जगमंदिर सहित सिटी पैलेस की सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई है। पिछोला झील किनारे बने फाइव स्टार होटल लीला पैलेस में डोनाल्ड ट्रम्प जूनियर अपनी फैमिली के साथ ठहरेंगे। इसके चलते पूरे होटल में कॉरिडोर बनाते हुए सुरक्षा बढ़ाई गई है। इसी तरह उदयपुर के सिटी पैलेस और जगमंदिर में आयोजन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। बता दें कि 4 अलग-अलग चार्टर से बॉलीवुड एक्टर ऋतिक रोशन, रणवीर सिंह, शाहिद कपूर, एक्ट्रेस माधुरी दीक्षित, कृति सेनन, जैकलीन फर्नाडीज, वाणी कपूर, जाह्नवी कपूर और फिल्म डायरेक्टर करण जौहर भी शादी में शरीक होंगे। इस शाही शादी में  सिटी पैलेस के माणक चौक और जनाना महल में कलाकारों की परफॉर्मेंस होगी, जिसमें अमेरिका के एक फेमस डीजे ग्रुप और देश-विदेश के डांसर सहित कई कलाकार परफॉर्मेंस करेंगे। इसके अलावा दक्षिण अफ्रीका के मशहूर डीजे और संगीत निर्माता ब्लैक कॉफी (एनकोसिनाथी इनोसेंट माफुमुलो) भी इस रॉयल वेडिंग में परफॉर्म करेंगे। हाउस और अफ्रो-हाउस संगीत के मिश्रण को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने वाले ब्लैक कॉफी को दुनिया के सबसे लोकप्रिय इलेक्ट्रॉनिक म्यूजिक कलाकारों में गिना जाता है। रॉयल वेडिंग के लिए उदयपुर के सिटी पैलेस के माणक चौक को जगमग रोशनी और फूलों से सजाया जा रहा है। यहां एक बड़ा स्टेज का सेटअप भी बना है, जिस पर कलाकार परफॉर्मेंस देंगे। फिलहाल तीन-चार दिन से कलाकार यहां रिहर्सल करने में जुटे हैं।

मतदाता सूची अभियान में नई रफ्तार: रिकॉर्ड अपलोडिंग, 78 BLO सम्मानित

जयपुर प्रदेश में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण–2026 को नई गति और अभूतपूर्व पारदर्शिता मिल रही है। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार 4 नवंबर से चल रहे इस अभियान के तहत बूथ लेवल अधिकारी (BLO) घर–घर जाकर गणना प्रपत्र वितरित कर रहे हैं और प्राप्त विवरण का तेज गति से डिजिटाइजेशन कर रहे हैं। मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवीन महाजन ने बताया कि महज 16 दिनों में 2.37 करोड़ गणना प्रपत्र ECINET पर अपलोड किए जा चुके हैं। यह उपलब्धि बड़े राज्यों में 44 प्रतिशत के साथ राजस्थान को शीर्ष स्थान पर ले आई है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के 78 BLOs ने 19 नवंबर तक शत-प्रतिशत कार्य पूरा किया है, जिन्हें जल्द ही जिला निर्वाचन अधिकारी सम्मानित करेंगे। इसी क्रम में भारत निर्वाचन आयोग ने voters.eci.gov.in पर नई सर्च सुविधा प्रारंभ की है। इसके माध्यम से मतदाता अपना नाम और रिश्तेदार के नाम से पिछली SIR की मतदाता सूची में जानकारी खोज सकेंगे। यह सुविधा मतदाताओं और BLO दोनों के लिए मैपिंग प्रक्रिया को सरल और तेज बनाएगी। जिन मतदाताओं की मैपिंग पूरी हो जाएगी, उन्हें SIR के दौरान किसी भी दस्तावेज की आवश्यकता नहीं होगी। राजस्थान के विविध भौगोलिक क्षेत्रों मरुस्थल, पहाड़ी, मैदानी और नहरी इलाकों के बावजूद BLO प्रभावी रूप से कार्य कर रहे हैं। जिलेवार प्रगति में बाड़मेर 58% डिजिटाइजेशन के साथ पहले स्थान पर है, जबकि सलूंबर, सवाई माधोपुर, धौलपुर, फलोदी, झालावाड़ और भरतपुर 50% से अधिक अपलोडिंग के साथ अग्रणी जिलों में शामिल हैं। विधानसभा क्षेत्रों में बाड़मेर 64%, जबकि रायसिंहनगर, बाड़ी और वैर 60% से अधिक डिजिटाइजेशन के साथ शीर्ष पर रहे। ऑनलाइन गणना प्रपत्र जमा कराने में भी राजस्थान अग्रणी राज्यों में शामिल है। आयोग ने SIR प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और जन–हितैषी बनाने के लिए राष्ट्रीय–राज्य स्तर की हेल्पलाइन, कॉल-सेंटर, हेल्प डेस्क, गाइडलाइन और पब्लिक असिस्टेंस सेंटर विकसित किए हैं। इसके साथ ही SVEEP कार्यक्रम, स्कूल–कॉलेज गतिविधियां, सोशल मीडिया और पंचायत स्तर पर जागरूकता अभियान चलाकर वृद्ध, दिव्यांग, प्रवासी मजदूर, अशिक्षित और PVTG समुदाय को जोड़ा जा रहा है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे BLOs की दैनिक समीक्षा करें, कठिनाइयों का तत्काल समाधान सुनिश्चित करें और आवश्यक हो तो वालंटियर्स की मदद लेकर कार्य को समय पर पूरा करें।

गोदाम में लगी आग से अफरातफरी: दमकल की लंबी मशक्कत के बाद स्थिति नियंत्रण में

उदयपुर उदयपुर के सेक्टर-9 स्थित वीआईपी कॉलोनी के पास स्थित एक भंगार गोदाम में शुक्रवार सुबह अचानक आग लग गई। सुबह करीब साढ़े आठ बजे इलाके के लोगों ने गोदाम से धुआं उठते देखा। कुछ ही मिनटों में आग तेजी से फैलने लगी। उस समय गोदाम बंद था, जिसके कारण शुरुआती चरण में किसी को आग का पता नहीं चल पाया। स्थानीय लोगों ने तुरंत दमकल विभाग और पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही दमकल विभाग की तीन गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। टीमों ने लगातार दो-दो चक्कर लगाकर पानी डाला और करीब डेढ़ घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर नियंत्रण पाया गया। आग बुझाने में सबसे बड़ी चुनौती यह रही कि गोदाम में लकड़ियाँ, पुराने टायर, कागज के गट्ठे और बड़ी मात्रा में प्लास्टिक सामग्री भरी हुई थी। ये सभी चीजें तेजी से भड़कने वाली हैं और बुझने के बाद भी दोबारा आग पकड़ लेती हैं, जिसके कारण स्थिति बार-बार बिगड़ती रही। दमकलकर्मियों को लगातार लपटों पर नजर रखनी पड़ी। राहत की बात यह रही कि गोदाम में कोई गैस सिलेंडर या ज्वलनशील केमिकल मौजूद नहीं था। ऐसी सामग्री होने की स्थिति में नुकसान और अधिक बढ़ सकता था। दमकल टीम इस बात पर लगातार ध्यान दे रही थी कि आग पास की दुकानों या घरों तक न पहुंचे। भारी धुआं फैलने के चलते पुलिस ने मौके पर पहुंचकर भीड़ हटाई और लोगों को सुरक्षित दूरी पर खड़ा कराया। गोदाम भरत सिंधी नामक व्यक्ति का बताया जा रहा है। आग लगने से अंदर रखा अधिकांश भंगार जलकर राख हो गया। शुरुआती जानकारी के अनुसार गोदाम में करीब सात से आठ लाख रुपये का सामान मौजूद था, जो पूरी तरह नष्ट हो गया। हालांकि नुकसान का अंतिम आंकलन अभी शेष है। सीएफओ बाबूलाल चौधरी ने बताया कि आग की सूचना मिलते ही पारस सहित आसपास के फायर स्टेशनों से गाड़ियां तुरंत रवाना की गईं। टायर, कागज और प्लास्टिक जैसी सामग्री होने की वजह से लपटें रुक-रुककर बढ़ रही थीं। शुरुआती जांच में शॉर्ट सर्किट को आग का संभावित कारण माना जा रहा है, लेकिन पुलिस और फायर टीम विस्तृत जांच में जुटी है।  

पंचायत पुनर्संरचना: राजस्थान में 3400 नई पंचायतों की अधिसूचना जारी

जयपुर राजस्थान में पंचायतों का नक्शा एक बार फिर से बदल गया है। राज्य सरकार ने शुक्रवार को पंचायतों के पनुर्गठन की अधिसूचना जारी कर दी। इनमें 41 जिलों की पंचायतों का पुनर्गठन किया गया है। पुनर्गठन में करीब 3400 नई पंचायतों को जोड़ा गया है। इसके बाद प्रदेश में ग्राम पंचायतों की संख्या बढ़कर लगभग 14 हजार के आस-पास हो गई है। इस पुनर्गठन से पहले प्रदेश में 11194 ग्राम पंचायतें थीं। अब पुनर्गठन के बाद राजस्थान में पंचायती राज का नक्शा पूरी तरह बदल गया है। यह अधिसूचना इसलिए भी अहम है क्योंकि राजस्थान में अगले साल पंचायतों और निकायों के चुनाव होने हैं। नए नई सीमाओं के साथ राजस्थान में पंचायतों की राजनीति भी पर भी असर पड़ना तय है। नई पंचायतों के निर्माण के बाद सरपंच, उपसरपंच और वार्ड पंच के पदों की संख्या बड़े पैमाने पर बढ़ जाएगी। जितनी नई पंचायतें बनी हैं, उतने ही नए पद भी होंगे। अब आगामी चुनाव इन्हीं नई पंचायतों के अनुसार होंगे। रेगिस्तानी जिलों में मापदंडों में छूट के कारण नई पंचायतों की संख्या अधिक रही है। सरकार ने साल भर पहले से पंचायतों के पुनर्गठन का काम शुरू किया था और जिलों से प्रस्ताव मंगवाकर पंचायतीराज व ग्रामीण विकास विभाग को भेजे गए थे। राजनीतिक तौर पर बीजेपी ने भी इस प्रक्रिया के लिए विशेष कमेटी बनाई थी। नई पंचायतों के निर्माण से जनता को सुविधा भी मिलेगी। बाड़मेर, जैसलमेर, फलोदी, बीकानेर, चूरू सहित रेगिस्तानी जिलों और आदिवासी इलाकों में अब पंचायत मुख्यालय के लिए कम दूरी तय करनी होगी। पहले एक पंचायत में तीन-चार गांव होने के कारण लोग कई किलोमीटर की यात्रा करके सरकारी काम निपटाते थे, लेकिन अब इलाके छोटे होने से समय और मेहनत की बचत होगी। इसके साथ ही रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। नई पंचायतों के साथ ग्राम सचिव, पटवारी और पंचायत सहायकों के पद बढ़ेंगे। इससे शिक्षित बेरोजगारों के लिए नई नियुक्तियों के अवसर खुलेंगे। आगामी भर्तियों में भी इन नई पंचायतों के हिसाब से पदों में वृद्धि की जाएगी। जयपुर में 20 पंचायत समतियों का पुनर्गठन राजधानी जयपुर में 20 पंचायत समितियों  का पुनर्गठन किया गया है। इनमें सीएम भजनलाल शर्मा के विधानसभा क्षेत्र सांगानेर की पंचायत समिति भी शामिल है। जिन पंचायत समितियों का यहां पुनर्गठन किया गया है उनमें जमवारामगढ़, दूदू, फागी, आंधी, चाकसू, कोटखावदा, बस्सी, तूंगा, जालसू, जोबनेर, गोविंदगढ़, शाहपुरा, विराटनगर, मौजमाबाद, माधोराज पुरा, सांभरलेक, झोटवाड़ा, आमेर, सांगानेर व किशनगढ़-रेनवाल शामिल हैं।

कड़कड़ाती ठंड ने बढ़ाई सिहरन: राजस्थान में तापमान में तेज गिरावट

जयपुर राजस्थान में बर्फीली हवा का असर लगातार बना हुआ है। बुधवार को भी माउंट आबू का तापमान शून्य डिग्री सेल्सियस पर दर्ज किया गया, जहां रातभर पड़ी ओस जमकर बर्फ में बदल गई। हालांकि सुबह के बाद खिली धूप ने लोगों को कुछ राहत दी, लेकिन पहाड़ी इलाकों में ठिठुरन अब भी बरकरार है। माउंट आबू के अलावा फतेहपुर, नागौर, सीकर और दौसा समेत कई जिलों में भी ठंड का असर तेज रहा। मौसम विभाग ने संकेत दिए हैं कि राज्य में अगले कुछ दिनों तक मौसम शुष्क रहेगा और तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं देखने को मिलेगा। हालांकि शीतलहर में कमी से जनजीवन में थोड़ी राहत बनी रहेगी। पिछले 24 घंटों के आंकड़ों पर नजर डालें तो माउंट आबू के बाद सबसे ठंडा शहर सीकर रहा, जहां न्यूनतम तापमान 5.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। नागौर में पारा 5.9 डिग्री, फतेहपुर में 6.9 डिग्री और दौसा में 6.7 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। जालौर में 7 डिग्री, सिरोही में 7.4 डिग्री, बारां में 7.8 डिग्री और करौली में 8.7 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। वहीं चूरू और चित्तौड़गढ़ का तापमान 8.2 डिग्री रहा। पिलानी, वनस्थली, भीलवाड़ा, उदयपुर, अजमेर और कोटा के तापमान में भी मामूली गिरावट देखने को मिली, जबकि जयपुर का न्यूनतम तापमान 11.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। दिन के तापमान में हल्की बढ़ोतरी प्रदेश में दिन के अधिकतम तापमान में मामूली बढ़ोतरी हुई है जिससे दिन के वक्त लोगों को शीत लहर से राहत है। फतेहपुर में अधिकतम तापमान बढ़कर 31 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया, जबकि सीकर में 29 डिग्री और पिलानी में 29.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। जोधपुर का अधिकतम तापमान 30.4 डिग्री, फलोदी में 30 डिग्री, बीकानेर में 30.6 डिग्री, जैसलमेर में 31.5 डिग्री और बाड़मेर में 32.1 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। मौसम केंद्र जयपुर के निदेशक राधेश्याम शर्मा ने बताया कि राज्य के दक्षिणी क्षेत्रों में पूर्वी हवाओं का प्रभाव बढ़ रहा है। इन हवाओं के चलते अगले कुछ दिनों में न्यूनतम तापमान में 1 से 2 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी की संभावना है। इसका सीधा असर उदयपुर और कोटा संभाग के जिलों पर पड़ेगा, जहां सर्दी में हल्की कमी आने की उम्मीद है।