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वायरल हुई गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई की प्रिंटेड जैकेट, कोटपुतली-बहरोड़ में तीन लोग गिरफ्तार

 जयपुर राजस्थान पुलिस ने कोटपुतली-बहरोड़ जिले में गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के नाम वाली जैकेट बेचने के आरोप में तीन लोगों को गिरफ्तार किया है. यह कार्रवाई किसी भी तरह से अपराधियों और गैंगस्टरों को बढ़ावा देने वाले लोगों पर कार्रवाई के तहत की गई है. एजेंसी के मुताबिक, कोटपुतली-बहरोड़ के SP देवेंद्र कुमार बिश्नोई ने कहा कि पुलिस टीम ने कोटपुतली के सिटी प्लाजा में एक दुकान पर छापा मारा और आरोपियों द्वारा बेची जा रही 35 जैकेटें जब्त कीं, जिन पर कथित तौर पर गैंगस्टर का नाम लिखा था. गिरफ्तार किए गए लोगों की पहचान कृष्ण उर्फ ​​गुड्डू (38), संजय सैनी (31) और सुरेश चंद शर्मा (50) के रूप में हुई है, जो सभी कोटपुतली इलाके के रहने वाले हैं. 'युवा गुमराह होते हैं…' SP ने कहा कि अपराधियों का महिमामंडन करने से अपराध को बढ़ावा मिलता है और युवा गुमराह होते हैं. उन्होंने कहा कि जिला पुलिस भविष्य में गैंगस्टर या आपराधिक गतिविधियों को बढ़ावा देने वाले किसी भी शख्स के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रखेगी. कौन है लॉरेंस बिश्नोई? गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई का नाम पहली बार सुर्खियों में तब आया, जब 29 मई, 2022 को हिप-हॉप आइकन, पंजाबी रैपर सिद्धू मूसे वाला की हत्या से उनका नाम जुड़ा. मूसे वाला भारत की विपक्षी कांग्रेस पार्टी का सदस्य भी था. बिश्नोई के साथियों ने इंटर-गैंग दुश्मनी के तहत इस हत्या की ज़िम्मेदारी ली. पिछले साल बिश्नोई के गैंग ने मुंबई के पॉश बांद्रा इलाके में हुई कद्दावर नेता बाबा सिद्दीकी की हत्या की ज़िम्मेदारी ली. सिद्दीकी तीन बार विधायक और महाराष्ट्र राज्य सरकार में पूर्व मंत्री थे. वह बॉलीवुड सेलेब्रिटीज़, खासकर एक्टर सलमान खान के साथ अपनी नज़दीकियों के लिए जाने जाते थे. लॉरेंस बिश्नोई गैंग की तरफ से सलमान खान को कई बार धमकियां दी जा चुकी हैं. सलमान पर 1998 में राजस्थान में एक फिल्म की शूटिंग के दौरान शिकार के लिए गए दो हिरणों को मारने के आरोप में लगा था. बिश्नोई धार्मिक समुदाय इस प्रजाति को पवित्र मानता है. हाल ही में बिश्नोई गैंग के दो सदस्यों को मुंबई में सलमान खान के घर पर फायरिंग करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था.

लोककला से लेकर लैंडमार्क मॉडल तक: राजस्थान मंडप में दिखी संस्कृति की अनूठी झलक

नई दिल्ली/जयपुर  नई दिल्ली में चल रहे 44वें भारतीय अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेंलें में राजस्थान मंडप में प्रदर्शित प्रदेश के विभिन्न पर्यटक स्थलों कें माॅडल्स तथा हस्तकला और अन्य प्रसिद्ध उत्पाद आकर्षण का केन्द्र बन रहे हैं। मंडप में हाड़ौती, मेवाड, मेरवाड़ा अंचलों को विषेष रूप से तैयार किया गया, जहां पर आगंतुक सेल्फी लेते हुए दिखाई दिए। मंडप में इस बार राजस्थान की पारंपरिक कला और संस्कृति ने लोगों का मन मोह लिया। मेले में लगाया गया राजस्थान की लोक कला का स्टॉल हर दिन भीड़ से भरा रहा। यहाँ आने वाले लोग लंबे समय तक रुककर कलाकृतियों को देखते रहे और कई आगंतुकों ने कहा कि उन्हें यहाँ एक अलग ही अपनापन और खुशी महसूस हुई। मंडप में राज्य की प्रसिद्ध कठपुतलियाँ, बंदनवार, डोर हैंगिंग्स, घरेलू साज-सज्जा की खूबसूरती सबको अपनी ओर आकर्षित कर रही है। मेले में केवल वस्तुएँ ही नहीं, बल्कि राजस्थान की लोक-संस्कृति की जीवंत झलक भी देखने को मिली। यहाँ कठपुतली शो और राजस्थानी लोकनृत्य का मंचन किया गया, जिसे देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग इकठ्ठा हुए। प्रस्तुति शुरू होते ही दर्शकों ने मोबाइल कैमरे निकाल लिए और बच्चे तालियाँ बजाते दिखाई दिए। सबके चेहरों की मुस्कान यह बता रही थी कि कला इंसान को कुछ पलों के लिए दुनिया की भागदौड़ से दूर ले जाती है। उस माहौल में ऐसा लग रहा था जैसे रंग-बिरंगा राजस्थान अपने पूरे सौंदर्य के साथ दिल्ली में उतर आया हो। कठपुतली प्रदर्शन के लिए सीकर से आए कलाकार अशोक भट्ट ने बताया कि वे लंबे समय से राजस्थान की पारंपरिक कला से जुड़े हुए हैं और पिछले कई वर्षों से वे विभिन्न मेलों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में अपनी कला का प्रदर्शन करते आ रहे हैं। अशोक भट्ट ने बताया कि उनके लिए कला सिर्फ काम नहीं बल्कि जीवन का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि जब लोग उनके काम को समझते हैं और सराहते हैं, तो उन्हें लगता है कि उनकी मेहनत सफल हुई। उन्होंने कहा कि उन्हें यहाँ मिली गर्मजोशी और प्यार यह दिखाता है कि आज भी लोग अपनी जड़ों और संस्कृति से जुड़े रहना चाहते हैं। उनके अनुसार, सरकार द्वारा दिए गए मंच और सहयोग ने कलाकारों को आगे बढ़ने की बड़ी ताकत दी है। रोमानिया के प्रतिनिधिमंडल ने किया राजस्थान मंडप का अवलोकन रोमानिया के प्रतिनिधिमंडल ने राजस्थान मंडप का अवलोकन किया। इस प्रतिनिधिमंडल ने मंडल में लगे प्रत्येक स्टाॅल्स का भ्रमण कर स्टॉल संचालकों से वार्ता की। उन्होंने मंडप में प्रदर्षित उत्पादों की मुक्त कंठ से प्रशंसा की।

राजधानी जयपुर में बदलाव की शुरुआत: नई ई-बसें, ट्रैफिक सुधार, ई-रिक्शा QR कोड और मेट्रो विस्तार

 जयपुर  राजधानी जयपुर शहर के ट्रांसपोर्ट सिस्टम को सुधारने के लिए चार बड़े काम होने वाले हैं. इनका काम अब तेजी से आगे बढ़ने वाला है. इनमें सबसे पहला काम है जयपुर शहर के ट्रांसपोर्ट सिस्टम को स्मूथ करने के लिए जल्द ही 500 से 750 ई-बसें मिलने वाली है. दूसरा जयपुर के ट्रैफिक दबाव को कम करने के लिए उत्तरी रिंग रोड़ के लिए भूमि अधिग्रहण का काम अब शुरू हो जाएगा. इसके लिए केन्द्र सरकार की मंजूरी मिल गई है. तीसरा जयपुर के ट्रैफिक के लिए आफत बन चुके ई-रिक्शा पर अब अंकुश लगाया जाएगा. इनकी संख्या सीमित कर इनके संचालन के लिए क्यूआर कोड सिस्टम लागू किया जाएगा. चौथा जयपुर मेट्रो ट्रेन को विस्तार दिया जाएगा. नगरीय विकास मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने बताया कि मार्च 2026 तक जयपुर की सड़कों पर 500 से 750 ई-बसें दौड़ने लगेंगी. इन ई-बसों की आपूर्ति भारत सरकार से होनी है. उन्होंने हाल ही में दिल्ली में आयोजित दो दिवसीय सेमिनार के दौरान अपनी यह मांग केंद्रीय शहरी विकास एवं आवासन मंत्री के सामने रखी थी. मंत्री ने बताया कि बसों के लिए से कार्यादेश जारी हो चुका है. मार्च 2026 तक जयपुर को 500 से 750 ई-बसें मिल जाएंगी. ट्रैफिक का दबाव कम होगा और प्रदूषण में भी कमी आएगी ई-बस निर्माण यूनिट्स की क्षमता कम होने के कारण उत्पादन में देरी हो रही है. इसी वजह से अब उम्मीद है कि मार्च 2026 तक जयपुर को 500 से 750 ई-बसें मिल सकेंगी. इसके साथ ही शहर में जयपुर मेट्रो का तीन गुना विस्तार किया जाएगा. सरकार का दावा है कि मेट्रो विस्तार और नई ई-बसों के आने से जयपुर का सार्वजनिक परिवहन नेटवर्क और बेहतर होगा. इससे शहर में ट्रैफिक दबाव कम होने के साथ-साथ प्रदूषण में भी कमी आएगी. उत्तरी रिंग रोड का प्रस्तावित रूट 99.35 किलोमीटर लंबा होगा वहीं राजधानी जयपुर में सड़क नेटवर्क को सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया गया है. जयपुर की उत्तरी रिंग रोड परियोजना के लिए केंद्र सरकार से भूमि अधिग्रहण की मंजूरी मिल गई है. इसके बाद भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने इसकी औपचारिक अधिसूचना जारी कर दी है. इससे इस बहुप्रतीक्षित परियोजना को नई गति मिलने की उम्मीद है. उत्तरी रिंग रोड का प्रस्तावित रूट 99.35 किलोमीटर लंबा होगा. यह जयपुर जिले के उत्तरी हिस्से में व्यापक संपर्क मार्ग के रूप में विकसित किया जाएगा. भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू होते ही चौमूं, आमेर, जमवारामगढ़ और बस्सी समेत कई ग्रामीण क्षेत्रों में सर्वे और अधिग्रहण कार्य तेजी से आगे बढ़ेगा. अधिकारियों के अनुसार भूमि अधिग्रहण पूरा होते ही निर्माण कार्य भी जल्द ही शुरू कर दिया जाएगा. उत्तरी रिंग रोड का प्रस्तावित रूट 99.35 किलोमीटर लंबा होगा. राजधानी में आने-जाने वाले भारी वाहनों का दबाव कम होगा इस परियोजना को जयपुर जिले की सबसे महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा योजनाओं में से एक माना जा रहा है. इसका निर्माण शहर की दीर्घकालिक यातायात समस्याओं को हल करने में अहम भूमिका निभाएगा. उत्तरी रिंग रोड तैयार होने के बाद राजधानी में आने-जाने वाले भारी वाहनों का दबाव शहर के बीचों-बीच न होकर बाहरी मार्ग से होगा. इससे शहर के ट्रैफिक भार में उल्लेखनीय कमी आने की उम्मीद है. इसके साथ ही क्षेत्रीय कनेक्टिविटी में भी बड़ा सुधार देखने को मिलेगा. उससे आर्थिक गतिविधियों को गति मिलेगी. इससे पहले जयपुर का दक्षिण रिंग रोड संचालन में है. वह अजमेर रोड से टोंक रोड होते हुए आगरा रोड को जोड़ता है. उत्तरी रिंग रोड के बन जाने के बाद जयपुर के चारों ओर एक पूर्ण रिंग संरचना तैयार हो जाएगी जिससे शहर का आवागमन और भी सुगम तथा व्यवस्थित होगा. जब्त किए गए वाहनों के लिए अस्थायी पार्किंग विकसित की जाएगी इससे पहले बीते दिनों जयपुर विकास प्राधिकरण में ट्रैफिक कंट्रोल बोर्ड (टीसीबी) की बैठक आयोजित हुई थी. उसमें शहर की यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए थे. इसमें तय किया गया कि शहर में बिना रजिस्ट्रेशन चल रहे ई-रिक्शा पर रोक लगाने और उनके सुचारू संचालन के लिए क्यूआर कोड प्रणाली लागू की जाएगी. बैठक में यातायात पुलिस की ओर से जब्त किए जाने वाले वाहनों के लिए 22 गोदाम पुलिया, बगराना, जलमहल-कनक घाटी और न्यू ट्रांसपोर्ट नगर के पास अस्थायी पार्किंग विकसित करने का निर्णय लिया गया. इसके अलावा जेसीटीएसएल बस चालकों को नियमित यातायात प्रशिक्षण दिया जाएगा ताकि वे निर्धारित बस स्टॉप पर ही बस रोकें और यातायात नियमों का पालन करें. जयपुर शहर में बिना रजिस्ट्रेशन चल रहे ई-रिक्शा पर रोक लगाने और उनके सुचारू संचालन के लिए क्यूआर कोड सिस्टम लागू किया जाएगा. 150 नए बस शेल्टरों के लिए होगा सर्वे यातायात पुलिस और परिवहन विभाग की ओर से किए गए सर्वे के अनुसार शहर की 77 क्षतिग्रस्त सड़कों में से 52 का मरम्मतीकरण पूरा हो चुका है जबकि 14 पर कार्य जारी है. दुर्घटना संभावित स्थानों (ब्लैक स्पॉट) को दुरुस्त करने के निर्देश भी दिए गए हैं. शहर में अवैध कटों को बंद करने, मुख्य मार्गों पर होटल-ढाबों के अतिक्रमण हटाने और नई पार्किंग विकसित करने सहित 150 नए बस शेल्टरों के लिए संयुक्त सर्वे कराने का निर्णय लिया गया. इसके साथ ही 45 ट्रैफिक पॉइंट पर 130 महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाएगी. भारी वाहनों के प्रवेश पर नियंत्रण के लिए हाइट बार लगाने और स्मार्ट सिटी ऐप के जरिए पार्किंग की जानकारी उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया. इस बैठक में जेडीए, यातायात पुलिस, परिवहन विभाग, जेसीटीएसएल, पीडब्ल्यूडी, एनएचएआई, नगर निगम और अन्य विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे थे.

राजस्थान में मौसम बदला: कम हुई सर्दी, कई जिलों में घनी धुंध के बीच हल्की धूप

जयपुर राजस्थान में उत्तरी तथा पश्चिमी हवाओं के मिश्रित प्रभाव से रात के तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की गई। रविवार को 6 शहरों को छोड़कर लगभग सभी जगह न्यूनतम तापमान 10°C या उससे ऊपर रहा। कई जिलों में धुंध के कारण दिनभर धूप कमजोर रही। मौसम केंद्र जयपुर ने अगले 4–5 दिन मौसम स्थिर रहने और तापमान में किसी बड़े बदलाव की संभावना न होने का अनुमान जताया है। पिछले 24 घंटों में मैदानी इलाकों में सबसे कम तापमान फतेहपुर में 7.1°C रिकॉर्ड हुआ। उत्तरी हवाएं कमजोर पड़ने से यहां पिछले सप्ताह की तुलना में तापमान करीब 2 डिग्री बढ़ा है। अन्य शहरों में तापमान इस प्रकार दर्ज हुआ-सीकर 8.5°C, दौसा 9.3°C, चूरू 9.1°C, नागौर 8.9°C, जालौर 8.6°C, लूनकरणसर 7.8°C। माउंट आबू में लगातार दूसरे दिन 2°C दर्ज हुआ। धुंध का असर, धूप कमजोर अलवर, जयपुर, दौसा, बीकानेर, हनुमानगढ़, जैसलमेर और गंगानगर सहित कई शहरों में धुंध छाई रही, जिससे दिन में धूप कमजोर रही और अधिकतम तापमान सामान्य से कम रहा। रविवार को अधिकतम तापमान बीकानेर 28.8°C, जोधपुर 30°C, कोटा 27.5°C, चूरू 28.6°C, गंगानगर 27.5°C, नागौर 28.1°C, जयपुर 27.2°C, अजमेर 27.1°C, अलवर 28.2°C, चित्तौड़गढ़ 29.3°C, बाड़मेर 30.4°C। दिन का सबसे अधिक अधिकतम तापमान 31.5°C दर्ज हुआ। शहर — अधिकतम — न्यूनतम अजमेर — 27.1 — 13.2 भीलवाड़ा — 27.2 — 11.4 वनस्थली (टोंक) — 26.8 — 10 अलवर — 28.2 — 10 जयपुर — 27.2 — 13.3 सीकर — 26.5 — 8.5 कोटा — 27.5 — 12.4 चित्तौड़गढ़ — 29.3 — 11.6 उदयपुर — 27.3 — 11.1 बाड़मेर — 30.4 — 15.6 जैसलमेर — 28.7 — 11.9 जोधपुर — 30 — 10.6 बीकानेर — 28.8 — 12 चूरू — 28.6 — 9.1 गंगानगर — 27.5 — 10.5 नागौर — 28.1 — 8.9 बारां — 28.1 — 10.6 जालौर — 31.5 — 8.6 फतेहपुर — 28.4 — 7.1 करौली — 27.2 — 10.8 दौसा — 28.2 — 9.3 प्रतापगढ़ — 28.3 — 14.1 झुंझुनूं — 27.7 — 10.1

टोंक में दम घोंटू हवा: AQI 500 के पास, राजस्थान में सीओपीडी मौतों का ग्राफ ऊँचा

जयपुर राजस्थान में हवा की सेहत लगातार बिगड़ती जा रही है। शनिवार को राज्य के कई शहरों में एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) गंभीर स्तर तक पहुंच गया। टोंक में पीएम 2.5 और पीएम 10 का सर्वाधिक स्तर रिकॉर्ड किया गया। केंद्रीय प्रदूषद नियंत्रण बोर्ड के आंकड़ों के अनुसार सोमवार को टोंक में  एयर क्वालिटी इंडेक्स राजस्थान में सबसे ज्यादा खराब रहा है। यहां पीएम 2.5 का स्तर 496 व पीएम 10 का स्तर 500 तक चला गया। वहीं  भिवाड़ी में AQI 400 से ऊपर दर्ज हुआ, जबकि जयपुर, श्रीगंगानगर और टोंक जैसे शहर भी ‘पुअर’ और ‘वेरी पुअर’ श्रेणी में रहे। प्रदूषण बढ़ने से लोगों के लिए खुले में सांस लेना मुश्किल होता जा रहा है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले कुछ दिन मौसम ड्राय रहेगा और हवाएं इसी तरह चलती रहेंगी, जिससे राहत की फिलहाल कोई उम्मीद नहीं है। विशेषज्ञों का कहना है कि हालात नहीं सुधरे तो दिल्ली-एनसीआर जैसी श्वास व फेफड़ों संबंधी बीमारियों का खतरा राजस्थान में भी तेजी से बढ़ सकता है। इन शहरों में हवा सबसे ज्यादा खराब रही- टोंक- 500 कोटा में AQI 302, भिवाड़ी में 431, बीकानेर 328, डूंगरपुर 300, जयपुर 372, हनुमानगढ़ 277, झालावाड़ 308, भरतपुर 327, सीकर 321, श्रीगंगानगर 416 और टोंक में भी हवा ‘वेरी पुअर’ श्रेणी में दर्ज हुई। राजस्थान में सीओपीडी से मौतें राष्ट्रीय औसत से अधिक वायु प्रदूषण और धूल के कारण इंसानी फेफड़े प्रभावित हो रहे हैं, सांस लेने में कठिनाई बढ़ रही है और श्वसन संबंधी बीमारियों में लगातार वृद्धि हो रही है। हाल में इंडियन चेस्ट सोसाइटी (ICS) के तत्वावधान में जयपुर में श्वसन रोग सम्मेलन भी हुआ था जिसमें यह जानकारी सामने आई कि देश में दूसरे नंबर पर सबसे ज्यादा मौतें वायु प्रदूषण से होती हैं।  डॉ. नितिन जैन ने बताया कि प्रदूषण का सबसे ज्यादा असर बच्चों और बुजुर्गों पर पड़ता है, क्योंकि उनकी रोग-प्रतिरोधक क्षमता कम होती है। बच्चों में फेफड़ों का विकास रुकता है और बुजुर्ग समय से पहले बीमारियों की चपेट में आते हैं। प्रदूषण हृदय रोग, स्ट्रोक, अस्थमा, ब्रोंकाइटिस जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ाता है और व्यक्ति की स्वास्थ्य क्षमता तथा औसत आयु घटाता है। राजस्थान और भारत में सीओपीडी(क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज) और टीबी जैसी श्वसन बीमारियाँ आम हैं। WHO के अनुसार, विश्व स्तर पर सीओपीडी दूसरी और टीबी बारहवीं प्रमुख मृत्यु का कारण हैं। राजस्थान में सीओपीडी से होने वाली मौतों की दर राष्ट्रीय औसत से अधिक है। विशेषज्ञों के अनुसार, वाहनों, वायु प्रदूषण, धूल और युवाओं में धूम्रपान की प्रवृत्ति इन रोगों के फैलाव में योगदान करती है।

राजस्थान कांग्रेस का बड़ा कार्यक्रम: 45 नए जिलाध्यक्ष दिल्ली में होंगे ट्रेनिंग कैंप में शामिल

जयपुर राजस्थान में संगठन सृजन अभियान के तहत घोषित किए गए 45 नए जिलाध्यक्षों को लेकर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने रविवार को महत्वपूर्ण बयान दिया। कांग्रेस वार रूम में नवनियुक्त जिलाध्यक्षों से मुलाकात के बाद उन्होंने कहा कि चयन प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता के साथ पूरी की गई है और योग्यताओं के आधार पर ही जिम्मेदारी सौंपी गई है। डोटासरा ने बताया कि सभी जिलाध्यक्षों के लिए जल्द ही दिल्ली में प्रशिक्षण शिविर आयोजित होगा, जिसमें राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी सहित कई वरिष्ठ नेता उनसे सीधा संवाद करेंगे। इसके बाद राजस्थान में भी सात दिन का प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, जिसमें संगठनात्मक संरचना, कार्यकारिणी गठन और जिला इकाइयों को मजबूत करने पर विस्तृत मार्गदर्शन दिया जाएगा। 6 महीने बाद होगी समीक्षा उन्होंने कहा कि संगठनात्मक रूप से राजस्थान में 50 जिले बनाए गए हैं। अंता उपचुनाव के कारण झालावाड़ और बारां जिले में जिलाध्यक्ष नियुक्ति की प्रक्रिया अभी जारी है, जबकि तीन अन्य जिलों में नामों को लेकर स्थिति स्पष्ट होनी बाकी है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि सभी नए जिलाध्यक्षों के कार्यों की 6 माह बाद समीक्षा की जाएगी। यदि कोई पदाधिकारी अपेक्षाओं पर खरा नहीं उतरता है तो पार्टी हाईकमान नए नेतृत्व का फैसला ले सकता है।   बीजेपी सरकार पर डोटासरा का निशाना पीसीसी प्रमुख ने भाजपा सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि राज्य में भाजपा शासन पूरी तरह दिशाहीन है। मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्यक्रम के जरिए कांग्रेस समर्थक वोटों को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है, जिसे पार्टी कार्यकर्ता सफल नहीं होने देंगे। उन्होंने कहा कि अंता उपचुनाव के नतीजे जनता की नाराजगी को साफ दर्शाते हैं और सरकार की नाकामियों पर जनता ने मुहर लगा दी है।   सरकार में खींचतान का उठाया मुद्दा डोटासरा ने प्रदेश में मंत्रियों और अधिकारियों के बीच बढ़ती खींचतान को सरकार की नाकामी बताते हुए कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ता इन मुद्दों को मजबूती से जनता के बीच ले जाएंगे। इससे पहले कई जिलाध्यक्षों ने उनसे मुलाकात कर भरोसा जताया और मार्गदर्शन प्राप्त किया।

अरुण चतुर्वेदी की कार का बड़ा एक्सीडेंट, वित्त आयोग अध्यक्ष बाल-बाल बचे

जयपुर राजस्थान वित्त आयोग के अध्यक्ष डॉ. अरुण चतुर्वेदी शनिवार शाम एक गंभीर सड़क दुर्घटना में घायल होने से बच गए। पाली से जयपुर लौटते समय ब्यावर के पास उनका सरकारी वाहन (RJ14 UE 5560) अनियंत्रित होकर जोरदार टक्कर का शिकार हुआ, जिसमें कार का आगे का हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। चतुर्वेदी पाली के रणकपुर में सिक्किम के राज्यपाल ओम माथुर की पोती के विवाह समारोह में शामिल होकर लौट रहे थे। हादसे के तुरंत बाद सुरक्षा कर्मियों और स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें सुरक्षित बाहर निकाला गया। वाहन में मौजूद ड्राइवर और सुरक्षाकर्मी भी सुरक्षित रहे। चतुर्वेदी ने हादसे की जानकारी खुद ‘एक्स’ पर साझा करते हुए लिखा- “होइहि वही जो राम रचि राखा।” उन्होंने लिखा कि ईश्वर की कृपा से एक बड़ा हादसा टल गया। हादसे की सामने आई तस्वीरें वाहन के बुरी तरह क्षतिग्रस्त होने की पुष्टि करती हैं।   उन्होंने एक्स पर घटना से जुड़ी तस्वीरें भी साझा की हैं, जिसमें गाड़ी का आगे का हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त दिखाई दे रहा है।

कांग्रेस संगठन विस्तार: 45 जिलाध्यक्षों की सूची जारी, 5 पद खाली

जयपुर कांग्रेस ने संगठनात्मक पुनर्गठन के तहत 50 में से 45 जिलाध्यक्षों की नई नियुक्ति कर दी है, जबकि 5 जिलों में नाम का ऐलान अभी बाकी है। नई सूची में 12 मौजूदा विधायकों को जिलाध्यक्ष बनाकर महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के गृह जिले सीकर सहित 8 जिलों में पुराने जिलाध्यक्षों को दोबारा मौका दिया गया है। वहीं, 37 जिलों में नए जिलाध्यक्ष नियुक्त किए गए हैं। ये नियुक्तियां राहुल गांधी के दिशा-निर्देशों के तहत की गई रायशुमारी प्रक्रिया के आधार पर अंतिम रूप से तय की गई हैं, जिसे संगठनात्मक पारदर्शिता और स्थानीय समीकरणों को साधने की रणनीति माना जा रहा है। कांग्रेस ने 12 जिलों में अपने मौजूदा विधायकों को संगठन की कमान सौंपते हुए जिलाध्यक्ष नियुक्त किया है। इनमें अजमेर ग्रामीण से विधायक विकास चौधरी, बांसवाड़ा से अर्जुन सिंह बामणिया, डीडवाना-कुचामन से जाकिर हुसैन गैसावत, धौलपुर से संजय जाटव, जयपुर ग्रामीण वेस्ट से विद्याधर सिंह चौधरी, डूंगरपुर से गणेश घोघरा, झुंझुनूं से रीटा चौधरी, जोधपुर ग्रामीण से गीता बरवड़, करौली से घनश्याम मेहर, सवाई माधोपुर से इंदिरा मीणा, श्रीगंगानगर से रूपिंदर सिंह कुन्नर और चूरू से मनोज मेघवाल शामिल हैं।                                                                                                                            पूरी लिस्ट — कौन नया, कौन रिपीट अजमेर ग्रामीण – विकास चौधरी (नए) अजमेर शहरी – राजकुमार जयपाल (नए) अलवर – प्रकाश गंगावत (नए) बालोतरा – प्रियंका मेघवाल (नए) बांसवाड़ा – अर्जुन बामनिया (नए) बाड़मेर – लक्ष्मणसिंह गोदारा (नए) ब्यावर – किशोर चौधरी (नए) भरतपुर – दिनेशसिंह सूपा (रिपीट) भीलवाड़ा ग्रामीण – रामलाल जाट (नए) भीलवाड़ा शहरी – शिवराम खटीक (नए) बीकानेर ग्रामीण – बिशनाराम सियाग (रिपीट) बीकानेर शहरी – मदनगोपाल मेघवाल (नए) बूंदी – महावीर मीणा (नए) चित्तौड़गढ़ – प्रमोदसिंह सिसोदिया (नए) चूरू – मनोज मेघवाल (नए) दौसा – रामजीलाल ओड (रिपीट) डीडवाना-कुचामन – जाकिर हुसैन गैसावत (रिपीट) डीग – राजीव सिंह (नए) धौलपुर – संजय कुमार जाटव (नए) डूंगरपुर – गणेश घोघरा (नए) हनुमानगढ़ – मनीष मकासर (नए) जयपुर ग्रामीण ईस्ट – गोपाल मीणा (रिपीट) जयपुर ग्रामीण वेस्ट – विद्याधर चौधरी (नए) जैसलमेर – अमरदीन फकीर (नए) जालौर – रमीला मेघवाल (नए) झुंझुनूं – रीटा चौधरी (नए) जोधपुर ग्रामीण – गीता बरवड़ (नए) जोधपुर शहरी – ओमकार वर्मा (नए) करौली – घनश्याम मेहर (नए) खैरथल-तिजारा – बलराम यादव (नए) कोटा ग्रामीण – भानुप्रताप सिंह (रिपीट) कोटा शहरी – राखी गौतम (नए) कोटपूतली-बहरोड़ – इंद्रराज गुर्जर (नए) नागौर – हनुमानराम बांगड़ा (कार्यकारी को प्रमोशन) पाली – शिशुपाल सिंह (नए) फलौदी – मोहम्मद सलीम नागौरी (नए) सलूंबर – परमानंद मेहता (नए) सवाई माधोपुर – इंदिरा मीणा (नए) सीकर – सुनीता गठाला (रिपीट) सिरोही – लीलाराम गरासिया (नए) श्रीगंगानगर – रुपिंदर सिंह कुन्नर (नए) टोंक – सैयद सउद सैदी (नए) उदयपुर ग्रामीण – रघुवीर मीणा (नए) उदयपुर शहर फतेह सिंह राठौड़ 5 जिलों में पूर्व विधायकों को जिम्मेदारी कांग्रेस ने 5 जिलों में पूर्व विधायकों को जिलाध्यक्ष नियुक्त किया है। भीलवाड़ा ग्रामीण में पूर्व मंत्री रामलाल जाट, जयपुर ग्रामीण पूर्व में गोपाल मीणा, कोटपूतली–बहरोड़ में इंद्राज गुर्जर, उदयपुर ग्रामीण में रघुवीर मीणा और अजमेर शहर में राजकुमार जयपाल को नई जिम्मेदारी सौंपी गई है।

राजस्थान में कड़ाके की ठंड और घनी धुंध, फतेहपुर रहा न्यूनतम पारे पर

जयपुर राजस्थान में तेज सर्दी के साथ उत्तर-पश्चिमी हवाओं के कारण धुंध (स्मॉग) छाने लगी है। श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, अलवर, झुंझुनूं, सीकर और जयपुर समेत कई शहरों में सुबह धुंध का हल्का असर दिखा, जिससे दिन में धूप सामान्य दिनों की तुलना में कमजोर रही। इसी प्रभाव के कारण रात का तापमान 1 डिग्री तक बढ़ा और कई शहरों में सिंगल डिजिट से डबल डिजिट में पहुंच गया। माउंट आबू को छोड़कर शुक्रवार को प्रदेश का सबसे ठंडा शहर फतेहपुर रहा, जहां न्यूनतम तापमान 6.6°C दर्ज हुआ। नागौर 7.4°C, जालोर 7.8°C, सिरोही 8.3°C और चूरू-दौसा 9.5°C रहे, जबकि ज्यादातर शहरों में न्यूनतम तापमान 10°C से ऊपर रहा। करौली, बारां, उदयपुर, पिलानी, अलवर और भीलवाड़ा में तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की गई। अधिकतम तापमान में भी हल्की गिरावट देखी गई। धुंध के चलते पश्चिमी, उत्तरी और पूर्वी राजस्थान में धूप कमजोर रही। शुक्रवार को बाड़मेर सबसे गर्म रहा, जहां अधिकतम तापमान 33.4°C दर्ज हुआ। बीकानेर 31.6°C, चूरू 30.6°C, जैसलमेर 30°C, पिलानी 30.5°C, अजमेर 28.7°C, जयपुर 27.5°C और कोटा 27.2°C रहा। मौसम केंद्र जयपुर ने राज्य में अगले कुछ दिनों तक मौसम शुष्क और साफ रहने का अनुमान जताया है। शहर — अधिकतम — न्यूनतम     अजमेर – 28.7 – 11.9     भीलवाड़ा – 28 – 10     वनस्थली (टोंक) – 27.6 – 10.1     अलवर – 28.6 – 10.5     जयपुर – 27.5 – 13.5     पिलानी – 30.5 – 10.2     सीकर – 28 – 9     कोटा – 27.2 – 12.7     चित्तौड़गढ़ – 28.8 – 10.2     उदयपुर – 28 – 10.2     बाड़मेर – 34.4 – 13.9     जैसलमेर – 30 – 13.9     जोधपुर – 30.6 – 12     बीकानेर – 31.6 – 14.4     चूरू – 30.6 – 9.5     गंगानगर – 28.3 – 12     नागौर – 30.2 – 7.4     बारां – 27.9 – 10.5     जालोर – 30.1 – 7.8     सिरोही – 24.2 – 8.3     फतेहपुर – 30.5 – 6.6     करौली – 25.9 – 11     दौसा – 28 – 9.5     प्रतापगढ़ – 28.3 – 12.9     झुंझुनूं – 29 – 10.6

48 IAS अधिकारियों का तबादला आदेश जारी, शिखर की जगह अखिल अरोड़ा को मिली CM एसीएस की जिम्मेदारी

 जयपुर राजस्थान में नए मुख्य सचिव की एंट्री के साथ ही ब्यूरोक्रेसी में बदलाव शुरू हो गए। राज्य सरकार ने शुक्रवार देर रात 48 IAS अधिकारियों का बड़े पैमाने पर तबादला कर दिया। सबसे बड़ा बदलाव मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) में देखा गया, जहां सीएम के एसीएस शिखर अग्रवाल को हटाकर उद्योग विभाग भेज दिया गया। उनकी जगह जलदाय विभाग के एसीएस अखिल अरोड़ा को मुख्यमंत्री का नया एसीएस बनाया गया है। नए मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास के पदभार संभालने के बाद CMO में किया गया यह फेरबदल राजनीतिक और प्रशासनिक तौर पर बड़ा संकेत माना जा रहा है। रोडवेज एमडी पुरुषोत्तम शर्मा को अतिरिक्त जिम्मेदारी देते हुए अब परिवहन आयुक्त का चार्ज भी सौंपा गया है। प्रवीण गुप्ता को चार अहम विभाग मिले पीडब्ल्यूडी एसीएस प्रवीण गुप्ता का दायरा बढ़ाते हुए सरकार ने उन्हें पर्यटन, कला-संस्कृति, RTDC अध्यक्ष और आमेर विकास प्राधिकरण का CEO भी बनाया। यह इस फेरबदल का सबसे बड़ा प्रोमोशन माना जा रहा है। शिखर अग्रवाल की सीएमओ से छुट्टी, उद्योग दिया उद्योग विभाग, BIP के प्रमुख सचिव आलोक गुप्ता को हटाकर Pollution Control Board का अध्यक्ष बनाया गया। उनकी जगह शिखर अग्रवाल को उद्योग विभाग की कमान दी गई है। राजेश यादव सचिवालय से बाहर पर्यटन और कला-संस्कृति विभाग के प्रमुख सचिव राजेश यादव को हटाकर HCM रिपा का DG लगाया गया है। इसे सचिवालय से बाहर भेजने की बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है। वित्त व स्वास्थ्य में भी बड़ा फेरबदल नवीन जैन को वित्त व्यय से हटाकर GAD व कैबिनेट सचिवालय भेजा गया।स्वास्थ्य सचिव गायत्री राठौड़ को प्रमोशन देते हुए मेडिकल एजुकेशन की जिम्मेदारी भी दी गई। वहीं टीना सोनी को वित्त व्यय सचिव तथा राजन विशाल को बजट में सचिव पद पर लगाया गया है। तीन बड़े विभागों की जिम्मेदारी मनजू राजपाल को मंजू राजपाल को सहकारिता विभाग व रजिस्ट्रार के साथ कृषि-उद्यानिकी विभाग और बीज निगम अध्यक्ष का बड़ा पोर्टफोलियो सौंपा गया। महिला बाल विकास, DLB और आईटी विभाग में भी बदलाव भवानी सिंह देथा को खाद्य विभाग से हटाकर महिला एवं बाल विकास में लगाया गया।रवि जैन को स्वायत्त शासन विभाग में रखते हुए अब DLB कमिश्नर और JCTCL अध्यक्ष की अतिरिक्त जिम्मेदारी दी गई। डॉ. रवि सुरपुर को प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अध्यक्ष पद से हटाकर IT विभाग का सचिव बनाया गया। राजस्व विभाग की कमान जोगाराम को GAD सचिव जोगाराम को राजस्व व पंचायतीराज विभाग का सचिव तथा आयुक्त नियुक्त किया गया है। अम्बरीश कुमार का तबादला मेडिकल एजुकेशन से खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग में कर दिया गया है।