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विधायक रविन्द्र सिंह भाटी ने रोडवेज भर्ती विस्तार को लेकर उप मुख्यमंत्री को लिखा पत्र

बाड़मेर बाड़मेर जिले के शिव से निर्दलीय विधायक विधायक रविन्द्र सिंह भाटी ने उप मुख्यमंत्री और परिवहन मंत्री प्रेमचंद बैरवा को पत्र लिखाकर राजस्थान रोडवेज में चालक-परिचालक भर्ती में पद बढ़ाने की मांग उठाई। बाड़मेर जिले शिव से विधायक रविन्द्र सिंह भाटी ने राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम (रोडवेज) में परिचालक भर्ती के पदों में वृद्धि की मांग को लेकर उप मुख्यमंत्री और परिवहन मंत्री प्रेमचंद बैरवा को पत्र लिखा है। विधायक भाटी ने पत्र में उल्लेख किया कि पिछले 12 वर्षों में राजस्थान रोडवेज में भर्ती प्रक्रियाएं लगभग ठप रहीं। जिससे विभाग की कार्यक्षमता और सेवा प्रणाली पर गहरा प्रभाव पड़ा है। भाटी ने लिखा है कि वर्ष 2013 के बाद से नियमित भर्ती न होने के कारण विभाग में कर्मचारियों की भारी कमी हो चुकी है। वर्तमान में लगभग 11 हजार पद रिक्त हैं, जबकि हाल ही में घोषित भर्ती केवल 500 पदों तक सीमित हैं। इस स्थिति से यात्रियों की सुरक्षा, सेवा समयबद्धता और राजस्व पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि रोडवेज में चालक और परिचालकों की कमी के चलते बसों का संचालन लगातार प्रभावित हो रहा है, जिससे निगम को प्रतिवर्ष लगभग 1.50 करोड़ रुपये प्रति किलोमीटर का नुकसान झेलना पड़ रहा है। रिपोर्टों के अनुसार रोडवेज का घाटा अब 45 हजार करोड़ रुपये के पार पहुंच चुका है। विधायक भाटी ने कहा कि विभाग ने पिछले पांच वर्षों में मात्र 722 नियुक्तियां की हैं, जो अपर्याप्त हैं। उन्होंने मांग की कि परिचालक भर्ती के पदों की संख्या 500 से बढ़ाकर उपयुक्त स्तर तक की जाए तथा भर्ती प्रक्रिया को हर वर्ष नियमित रूप से आयोजित किया जाए। भाटी ने कहा कि यह कदम न केवल रोडवेज के घाटे को कम करेगा, बल्कि प्रदेश के बेरोजगार युवाओं को रोजगार भी प्रदान करेगा। उन्होंने यह भी लिखा कि नियमित भर्ती से सेवा की गुणवत्ता में सुधार होगा और यात्रियों को भी बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी।

अंता में कांग्रेस का धमाकेदार जीत, भाजपा तीसरे स्थान पर खिसकी

जयपुर अंता के नतीजों ने सियासत की उस तस्वीर को बदल दिया है जिसमें बीजेपी प्रत्याशी मोरपाल सुमन के प्रचार में सीएम भजनलाल शर्मा, पूर्व सीएम वसुंधरा राजे एक साथ चुनावी रथ पर नजर आ रहे थे क्योंकि अंता का गढ़ आखिरकार कांग्रेस के प्रमोद जैन भाया ने जीत लिया। इन परिणामों में सबसे ज्यादा चौंकाने वाली बात रही निर्दलीय प्रत्याशी नरेश मीणा और भाजपा की जीत का अंतर, इसने भाजपा को लगभग तीसरे नंबर पर ही धकेल दिया था। बीजेपी के हाथ से न सिर्फ अंता सीट छिन गई बल्कि सत्ता और संगठन की पूरी ताकत झोंकने के बावजूद बीजेपी प्रत्याशी मोरपाल सुमन 15 राउंड तक तीसरे नंबर पर रहे। विजयी प्रत्याशी प्रमोद जैन भाया ने अंता से तीसरा चुनाव जीता है, इससे पहले वे 2008 और 2018 में भी अंता से विधानसभा चुनाव जीत चुके हैं। बीजेपी ने अंता सीट जीतने के लिए सीएम भजनलाल शर्मा, पूर्व सीएम वसुंधरा राजे, पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान, बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ सहित अपनी पूरी टीम को मैदान में उतार दिया था। सीएम भजनलाल शर्मा ने यहां दो बार रोड शो भी किए थे लेकिन इसके बावजूद बीजेपी के प्रदर्शन ने यहां उसके समर्थकों निराश किया। प्रमोद जैन भाया ने पोस्टल बैलेट राउंट से ही अपनी बढ़त यहां बरकरार रखी थी। इसके बाद ईवीएम की गणना में शुरुआती दो राउंड को छोड़कर वे शेष सभी राउंड्स में लगभग बढ़त बनाए रहे। अंता में जीत-हार से विधानसभा में सियासी समीकरणों पर भले कोई अंतर नहीं आ रहा है लेकिन इसके सियासी असर बहुत गहरे होंगे। विधानसभावार आंकड़े देखें तो मौजूदा समय में राजस्थान विधानसभा में 199 विधायकों में से 118 बीजेपी के 66 कांग्रेस के व शेष अन्य दलों के हैं। अंता की सीट जीतने से कांग्रेस की संख्या बढ़कर 67 हो जाएगी। अंता विधानसभा सीट झालवाड़-बारां लोकसभा क्षेत्र में आती है। यह क्षेत्र पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे का गढ़ माना जाता है और यहां से उनके बेटे दुष्यंत सिंह सांसद हैं। इस कारण इस उपचुनाव का राजनीतिक महत्व काफी ज्यादा है। बीजेपी ने यहां वसुंधरा राजे को फ्रंट फुट पर रखा और उन्हें सीएम भजनलाल शर्मा के साथ प्रचार में लगाए रखा। एक मैसेज देने की कोशिश की गई कि बीजेपी ने अंता के लिए सभी तरह के मतभेद भुला लिए और पार्टी पूरी तरह एकजुट है लेकिन जिस तरह के नतीजे आए हैं उसने अब सरकार और संगठन को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। बीजेपी सिर्फ हारी ही नहीं बल्कि निर्दलीय नरेश मीणा ने भी बीजेपी को कड़ी टक्कर दी है। नरेश शुरुआती 15 राउंड्स तक बीजेपी से आगे रहे और बीजेपी तीसरे पायदान पर रही, जबकि यहां प्रचार के लिए बीजेपी ने कोई कसर नहीं छोड़ी थी। नरेश ने क्या बदला अंता में अब तक हुए चार चुनावों में मुख्य मुकाबला बीजेपी और कांग्रेस के बीच ही रहा। इसमें दो बार बीजेपी जीती और दो बार कांग्रेस। इस बार यहां 5वां चुनाव था। इन 5 मुकाबलों में बीजेपी ने अपने चेहरे 4 बार बदले लेकिन कांग्रेस ने हर बार यहां भाया पर ही दांव लगाया। इसकी वजह भी अब नतीजों से समझ आने लगी है। प्रमोद जैन भाया यहां अपने आप में एक क्षत्रप हैं, जिस तरह से उन्होंने इलेक्शन का मैनेजमेंट किया वह चौंकाने वाला रहा लेकिन नरेश मीणा ने यहां पहली बार मुकाबले को त्रिकोणीय बना दिया। वोटों की गिनती शुरू होने से पहले यहां बीजेपी और कांग्रेस के बीच ही मुकाबला माना जा रहा था लेकिन नरेश ने सभी को चौंकाते हुए मुकाबले को रोचक बना दिया। नेताओं की प्रतिक्रिया पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत :  अंता उपचुनाव में कांग्रेस को विजय दिलाने के लिए मैं सभी मतदाताओं का हृदय से आभार व्यक्त करता हूं और नवनिर्वाचित विधायक प्रमोद जैन भाया को हार्दिक बधाई देता हूं। अंता की जीत ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व में आमजन का विश्वास एक बार फिर मजबूत किया है। भाजपा सरकार पिछले दो वर्षों की अपनी एक भी ठोस उपलब्धि बताने में नाकाम रही है। हमारी लोकप्रिय जनहितकारी योजनाओं को कमजोर करने के कारण आम आदमी बेहद परेशान है और यह परिणाम कांग्रेस सरकार द्वारा पूर्व में चलाई गई योजनाओं पर जनता की मुहर है।  इस परिणाम से लगता है कि मात्र दो वर्षों में ही सरकार पर एंटी-इंकंबेंसी हावी हो गई है और यह सरकार अपने लिटमस टेस्ट में फेल साबित हुई है। कांग्रेस के सभी नेताओं एवं कार्यकर्ताओं को अंता में की गई मेहनत के लिए धन्यवाद देता हूं। अंता के नतीजों पर भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने कहा कि वे जनता के आदेश को स्वीकार करते हैं। वहीं पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा ने भाया को जीत की बधाई दी। कांग्रेस प्रत्याशी प्रमोद जैन भाया की पत्नी और बारां जिला प्रमुख उर्मिला जैन समर्थकों के बीच पहुंचीं। उन्होंने कहा कि पूरा बारां उनका परिवार है और जहां परिवार होता है, वहां किसी तरह की प्रतिद्वंद्विता नहीं रहती। जनता ने इस चुनाव में कांग्रेस और भाया पर अपना भरोसा जताया है। उर्मिला जैन ने आगे कहा कि उन्होंने ऐसा चुनाव पहले कभी नहीं देखा। लोकतंत्र में चुनाव होते रहते हैं लेकिन इस बार उनके खिलाफ अमर्यादित भाषा का प्रयोग किया गया, जो अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है।

राज्य में स्वास्थ्य सुरक्षा मजबूत करने की पहल: सीएम ने फायर सेफ्टी के लिए 30 नए अधिकारी पद स्वीकृत किए

जयपुर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने प्रदेश के बड़े अस्पतालों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को और सुदृढ़ करने के लिए एक अहम कदम उठाया है। चिकित्सा शिक्षा विभाग द्वारा प्रस्तावित 30 नए अग्नि सुरक्षा अधिकारी पदों को वित्त विभाग से स्वीकृति मिल गई है। इस फैसले के बाद अब प्रदेश के प्रमुख अस्पतालों में स्थायी फायर सेफ्टी अधिकारी तैनात रहेंगे, जिससे मरीजों और आमजन को अधिक सुरक्षित स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध होंगी। राज्य के चिकित्सा मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर ने इस निर्णय को सरकार की स्वास्थ्य सेवाओं के निरंतर उन्नयन के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि सवाई मानसिंह अस्पताल में हाल ही में हुई आग की घटना के बाद सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। इसी के तहत अस्पतालों में स्थायी अग्नि सुरक्षा ढाँचा स्थापित करने का निर्णय लिया गया है। चिकित्सा शिक्षा विभाग के शासन सचिव अम्बरीष कुमार ने बताया कि प्रदेश के राजकीय मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों में हर वर्ष लगभग 4 करोड़ मरीज ओपीडी सेवाएँ प्राप्त करते हैं। इन अस्पतालों में करीब 42,000 इनडोर बेड, प्रतिदिन 12,500 मेडिकल गैस सिलेंडर का उपयोग और 60,000 से अधिक चिकित्सा कर्मियों की उपस्थिति होती है। उन्होंने कहा कि ऐसे माहौल में फायर सेफ्टी विशेषज्ञों की नियुक्ति अत्यावश्यक है, ताकि किसी भी आकस्मिक स्थिति में मरीजों और स्टाफ की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। सरकार के इस फैसले के तहत 6 पद पे लेवल-11 और 24 पद पे लेवल-8 पर स्वीकृत किए गए हैं। ये अधिकारी अस्पतालों में अग्नि सुरक्षा की देखरेख, नियमित फायर ऑडिट, मासिक मॉक ड्रिल, आईसीयू और ऑक्सीजन सिस्टम की निगरानी, फायर अलार्म व स्प्रिंकलर सिस्टम के रखरखाव और आपात स्थिति में राहत कार्यों के संचालन की जिम्मेदारी निभाएंगे। शासन सचिव ने यह भी बताया कि भर्ती प्रक्रिया 15 दिसंबर 2025 तक प्रारंभ की जाएगी। चयनित अधिकारियों को एनआईएफएसए (NIFSA) और एडीआरएफ (ADRF) जैसी राष्ट्रीय संस्थाओं से विशेष तकनीकी प्रशिक्षण दिलाया जाएगा। इसके अलावा अस्पताल कर्मियों और मेडिकल छात्रों के लिए अग्नि सुरक्षा जागरूकता मॉड्यूल भी तैयार किया जाएगा, ताकि फायर सेफ्टी संस्कृति को संस्थागत रूप दिया जा सके। अतिरिक्त निदेशक नरेश गोयल ने इस कदम को राज्य में आपदा प्रबंधन की दिशा में ऐतिहासिक निर्णय बताया। उन्होंने कहा कि इससे अस्पतालों में एक एकीकृत फायर सेफ्टी मॉडल विकसित होगा, जो न केवल सुरक्षा सुनिश्चित करेगा बल्कि राजस्थान को ‘सुरक्षित अस्पताल एवं सुरक्षित जीवन’ की दिशा में देश का अग्रणी राज्य बनाएगा।

बीजेपी पर बरसे सचिन पायलट, कहा— लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर कर रही केंद्र सरकार

जयपुर कांग्रेस नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट ने केंद्र सरकार और भारतीय जनता पार्टी पर संवैधानिक संस्थाओं के दुरुपयोग का गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि कांग्रेस और इंडिया गठबंधन मतदाता सूची की निष्पक्षता को लेकर सजग हैं, लेकिन जिस तरह से निर्वाचन आयोग काम कर रहा है, वह गंभीर सवाल खड़े करता है। सचिन पायलट ने कहा, “हम सब चाहते हैं कि वोटर लिस्ट की छंटनी हो और गलत नाम उसमें न जोड़े जाएं, लेकिन आज जिस जल्दबाजी और मंशा के साथ यह प्रक्रिया चलाई जा रही है, वह संदेह पैदा करती है। बिहार में जो हुआ था, वही अब अन्य राज्यों में दोहराया जा रहा है।” कांग्रेस नेता ने आगे कहा कि दुर्भाग्यवश भारतीय जनता पार्टी संवैधानिक संस्थाओं का खुलेआम दुरुपयोग कर रही है। निर्वाचन आयोग को आगे रखकर जिंदा लोगों को मरा हुआ दिखाया जा रहा है, मरे हुए लोगों के नाम जोड़े जा रहे हैं और एक ही मकान में सैकड़ों वोट बनवाए जा रहे हैं। यह मिलीभगत का काम है और कांग्रेस इसका विरोध कर रही है। उन्होंने बताया कि कांग्रेस पार्टी ने अपने कार्यकर्ताओं, विधायकों और नेताओं को निर्देश दिए हैं कि वे क्षेत्रों में जाकर मतदाता सूची की जांच करें, ताकि किसी तरह की गड़बड़ी न हो। पायलट ने कहा कि राहुल गांधी द्वारा हरियाणा और महाराष्ट्र में हुई ‘वोट चोरी’ के प्रमाण निर्वाचन आयोग को सौंपे गए हैं, लेकिन आयोग ने अब तक कोई कार्रवाई नहीं की। उल्टा राहुल जी से एफिडेविट मांगा जा रहा है, जबकि जांच करना आयोग की जिम्मेदारी है। सचिन पायलट ने यह भी बताया कि कांग्रेस पार्टी इस मुद्दे पर देशव्यापी हस्ताक्षर अभियान चला रही है, जिसका समापन इस महीने के अंत में दिल्ली में एक बड़े आयोजन के साथ होगा। उन्होंने कहा, “हमारा संदेश स्पष्ट है, वोट चोर गद्दी छोड़।”  

RBSE परीक्षा 2025: अब रेगुलर और प्राइवेट विद्यार्थियों को देनी होगी ज़्यादा फीस

अजमेर राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (RBSE) ने 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं की फीस में बढ़ोतरी कर दी है। अब रेगुलर और प्राइवेट, दोनों ही श्रेणी के विद्यार्थियों को परीक्षा शुल्क के रूप में 850 रुपये जमा कराने होंगे। इससे पहले रेगुलर विद्यार्थियों से 600 रुपये और प्राइवेट विद्यार्थियों से 650 रुपये परीक्षा शुल्क लिया जाता था। बोर्ड ने प्रायोगिक परीक्षा यानी प्रैक्टिकल एग्जाम की फीस भी दोगुनी कर दी है, जो अब प्रति विषय 200 रुपये होगी। बढ़ी हुई फीस आगामी शैक्षणिक सत्र 2026-27 से लागू होगी। राजस्थान बोर्ड ने इस फीस वृद्धि के लिए राज्य सरकार को प्रस्ताव भेजा था, जिसे स्वीकृति मिल गई है। शिक्षा विभाग के शासन उप सचिव राजेश दत्त माथुर ने फीस बढ़ोतरी के आदेश जारी किए हैं। बताया गया कि 2017 के बाद यह पहली बार है जब बोर्ड परीक्षा शुल्क में संशोधन किया गया है। अब रेगुलर विद्यार्थियों को 250 रुपये और प्राइवेट विद्यार्थियों को 200 रुपये अधिक शुल्क देना होगा। हर साल बोर्ड की 10वीं और 12वीं परीक्षाओं में करीब 20 लाख विद्यार्थी शामिल होते हैं। ऐसे में इस फैसले से बोर्ड की आय में बड़ा इजाफा होगा। वर्तमान में बोर्ड को परीक्षा शुल्क के जरिए लगभग 130 करोड़ रुपये और अन्य स्रोतों जैसे संबद्धता शुल्क, संशोधन शुल्क व प्रतिलिपि प्रलेखों से करीब 20 करोड़ रुपये की अतिरिक्त आय होती थी। यानी कुल आय लगभग 150 करोड़ रुपये के आसपास थी। अब बढ़ी हुई फीस से यह राशि और अधिक हो जाएगी। फीस वृद्धि के प्रस्ताव पर चर्चा के लिए शिक्षा सचिव की अध्यक्षता में 16 अक्टूबर को जयपुर में एक उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई थी। बैठक में तत्कालीन बोर्ड सचिव कैलाश चंद्र शर्मा, ओएसडी नीतू यादव, एफए रश्मि बिस्सा, निदेशक शैक्षिक दर्शना शर्मा और शासन उप सचिव राजेश दत्त माथुर मौजूद रहे। सभी सदस्यों की सहमति से परीक्षा शुल्क बढ़ाने का निर्णय लिया गया। बैठक में यह भी तय किया गया कि परीक्षा शुल्क की समीक्षा अब हर तीन वर्ष में एक बार की जाएगी ताकि समय-समय पर आवश्यकतानुसार संशोधन किया जा सके। शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि पिछले आठ वर्षों में मुद्रास्फीति, परीक्षा आयोजन की लागत, पेपर प्रिंटिंग, सेंटर प्रबंधन और मूल्यांकन खर्च में काफी वृद्धि हुई है। ऐसे में परीक्षा शुल्क बढ़ाना जरूरी हो गया था ताकि बोर्ड की आर्थिक स्थिति संतुलित रह सके और परीक्षाओं के आयोजन की गुणवत्ता पर कोई असर न पड़े। बोर्ड के अनुसार, बढ़े हुए शुल्क से न केवल परीक्षा संचालन की लागत की पूर्ति होगी बल्कि डिजिटलाइजेशन, उत्तर पुस्तिकाओं के बारकोडिंग सिस्टम, ऑनलाइन मूल्यांकन और परीक्षा केंद्रों की सुरक्षा व्यवस्था को और सुदृढ़ किया जा सकेगा। शिक्षा विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि यह बढ़ोतरी अगले सत्र से लागू होगी और वर्तमान (2025-26) सत्र में परीक्षा देने वाले विद्यार्थियों पर इसका कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। बोर्ड का कहना है कि यह निर्णय छात्रों के हितों को ध्यान में रखकर और लंबे समय के संतुलन को देखते हुए लिया गया है। राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की इस घोषणा से जहां स्कूल प्रशासन ने राहत की सांस ली है। वहीं कुछ विद्यार्थी संगठनों ने इसे छात्रों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ बताया है। हालांकि, शिक्षा विभाग का तर्क है कि 2017 के बाद पहली बार फीस बढ़ाई गई है और यह बढ़ोतरी व्यावहारिक परिस्थितियों को देखते हुए अपरिहार्य थी।

शीतलहर का कहर: राजस्थान के 9 शहर ठिठुरे, सिरोही में सबसे कम तापमान दर्ज

जयपुर राजस्थान में बर्फीली हवाओं के कारण सर्दी का प्रकोप तेजी से बढ़ रहा है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले चार दिनों तक प्रदेश में ठंड का यही दौर जारी रहने की संभावना है। सीकर में पहले से चल रही शीतलहर का प्रभाव अब झुंझुनूं तक पहुंच गया है। दोनों जिलों में सुबह-शाम तेज ठंडी हवाएं चल रही हैं। मौसम विभाग ने सीकर और झुंझुनूं के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। नौ शहरों में तापमान सिंगल डिजिट में पिछले 24 घंटों के दौरान राजस्थान के 9 शहरों का न्यूनतम तापमान सिंगल डिजिट में दर्ज हुआ। सबसे अधिक ठंड सिरोही में रही, जहां का तापमान 7.5°C रिकॉर्ड किया गया। अन्य शहरों में तापमान इस प्रकार रहा : फतेहपुर (सीकर) – 8.8°C, नागौर – 8.7°C, सीकर – 8.3°C, अलवर – 9.2°C, वनस्थली (टोंक) – 9.4°C, चूरू – 9.5°C, बारां – 9.3°C व करौली में  9.6°C न्यूनतम तापमान रहा। सीकर और आस-पास के इलाकों में सुबह-शाम हल्की शीतलहर और घनी ठंड का असर महसूस किया गया। दिन में धूप से राहत सुबह और शाम की ठंड के बावजूद दिन में लोगों को तेज धूप से राहत मिल रही है। प्रदेश के अधिकांश शहरों में दिन का अधिकतम तापमान 28°C से 31°C के बीच दर्ज किया गया। बुधवार को सबसे अधिक तापमान 32.9°C बाड़मेर में रिकॉर्ड किया गया। राजस्थान के प्रमुख शहरों का तापमान अजमेर में अधिकतम 29.8 और न्यूनतम 12.2 डिग्री सेल्सियस, वनस्थली (टोंक) में 30.6 और 9.4, अलवर में 28.8 और 9.2, जयपुर में 29.2 और 13.6, पिलानी में 31.2 और 10.5, सीकर में 27.8 और 8.3, कोटा में 29.5 और 13.6, चित्तौड़गढ़ में 30.2 और 11.7, उदयपुर में 28.6 और 12.3, बाड़मेर में 32.9 और 17, जैसलमेर में 31.4 और 15, जोधपुर में 31 और 12.7, बीकानेर में 30.2 और 13.6, चूरू में 30.9 और 9.5, गंगानगर में 28.2 और 12.5, नागौर में 29.7 और 8.7, बारां में 29.1 और 9.3, हनुमानगढ़ में 27.7 और 12, जालौर में 30.9 और 11.6, सिरोही में 23.3 और 7.3, फतेहपुर में 29.1 और 8.8, करौली में 28.5 और 9.6, दौसा में 29.7 और 8.8, तापगढ़ में 27.8 और 13.4 तथा झुंझुनूं में 29.1 और 10.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।मौसम विभाग का अनुमान है कि आने वाले दिनों में न्यूनतम तापमान में और गिरावट होगी तथा रातें और अधिक ठंडी होंगी।

जोधपुर कोर्ट का फैसला: आनंदपाल एनकाउंटर में पुलिस पर हत्या का केस रद्द

जोधपुर बहुचर्चित गैंगस्टर आनंदपाल सिंह एनकाउंटर केस में जोधपुर जिला एवं सत्र न्यायालय से पुलिस अधिकारियों को बड़ी राहत मिली है। जिला एवं सत्र न्यायाधीश अजय शर्मा ने गुरुवार को अहम फैसला सुनाते हुए एसीजेएम (सीबीआई प्रकरण) जोधपुर महानगर के उस आदेश को निरस्त कर दिया है, जिसमें एनकाउंटर में शामिल सात पुलिस अधिकारियों पर हत्या का मुकदमा चलाने के निर्देश दिए गए थे। इस फैसले से तत्कालीन चूरू एसपी राहुल बारहठ, सीओ कुचामन सिटी विद्या प्रकाश, और एसओजी इंस्पेक्टर सूर्यवीर सिंह राठौड़ सहित सभी सात पुलिस अधिकारियों को बड़ी राहत मिली है। यह फैसला उन पुलिस अधिकारियों की आपराधिक पुनरीक्षण याचिका पर आया है, जिसमें उन्होंने 24 जुलाई 2024 को एसीजेएम (सीबीआई प्रकरण) के आदेश को चुनौती दी थी। उस आदेश में सीबीआई की क्लोजर रिपोर्ट को खारिज करते हुए अदालत ने धारा 147, 148, 302, 326, 325, 324 सहपठित 149 आईपीसी के तहत पुलिस अधिकारियों के खिलाफ संज्ञान लिया था। मामला क्या था यह पूरा मामला 25 जून 2017 को चुरू जिले के मालासर गांव में हुई मुठभेड़ से जुड़ा है, जिसमें गैंगस्टर आनंदपाल सिंह की मौत हो गई थी। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तारी के दौरान आनंदपाल ने अपनी एके-47 राइफल से पुलिस पर फायरिंग की थी, जिसके जवाब में पुलिस ने आत्मरक्षा में गोलीबारी की। राजस्थान सरकार ने इस पूरे प्रकरण की जांच सीबीआई को सौंपी थी। सीबीआई ने जांच के बाद मुठभेड़ को वास्तविक मानते हुए क्लोजर रिपोर्ट पेश की थी। हालांकि, आनंदपाल की पत्नी राज कंवर ने इस रिपोर्ट का विरोध करते हुए प्रोटेस्ट पिटीशन दाखिल की थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि आनंदपाल ने आत्मसमर्पण किया था, लेकिन पुलिस ने बाद में उसे गोली मार दी। एसीजेएम (सीबीआई प्रकरण) ने यह प्रोटेस्ट पिटीशन स्वीकार करते हुए पुलिस अधिकारियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा चलाने का आदेश दिया था। कोर्ट ने कहा- आत्मरक्षा अपराध नहीं पुलिस अधिकारियों की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता विनीत जैन, राहुल चौधरी और उमेशकांत व्यास ने पैरवी की। उन्होंने तर्क दिया कि सीबीआई की जांच वैज्ञानिक साक्ष्यों पर आधारित थी। फॉरेंसिक रिपोर्ट में पाया गया कि 32 गोलियां आनंदपाल की एके-47 से चलीं, और कमांडो सोहन सिंह की पीठ में लगी गोली भी उसी राइफल से चली थी। डीजे जोधपुर महानगर कोर्ट ने माना कि वैज्ञानिक साक्ष्य यह साबित करते हैं कि मुठभेड़ के दौरान दोनों ओर से फायरिंग हुई थी, और यह स्पष्ट है कि पुलिसकर्मियों ने आत्मरक्षा में कार्रवाई की थी। कोर्ट ने गवाह रूपेंद्र पाल की गवाही को अविश्वसनीय बताया और कहा कि एसीजेएम का आदेश कानूनी रूप से अस्थिर और तथ्यात्मक रूप से त्रुटिपूर्ण था। अंततः सत्र न्यायालय ने एसीजेएम का आदेश निरस्त करते हुए पुलिस अधिकारियों को राहत प्रदान की।

कांग्रेस संगठन में बदलाव: संजना जाटव और रेहाना चिश्ती बनीं राष्ट्रीय सचिव

जयपुर कांग्रेस ने अपने संगठन में बड़ा बदलाव करते हुए नौ नेताओं को राष्ट्रीय सचिव नियुक्त किया है, वहीं पांच सचिवों के कार्यक्षेत्र में बदलाव किया गया है। इनमें राजस्थान से दो चेहरों,भरतपुर सांसद संजना जाटव और महिला कांग्रेस की पूर्व प्रदेशाध्यक्ष रेहाना रियाज चिश्ती को राष्ट्रीय सचिव बनाया गया है। कांग्रेस ने युवा सांसद संजना जाटव को राष्ट्रीय सचिव बनाकर मध्य प्रदेश प्रभारी महासचिव हरीश चौधरी के साथ जोड़ा है। संजना जाटव की गिनती कांग्रेस के सक्रिय और युवा नेताओं में होती है। उन्होंने 2024 के लोकसभा चुनाव में भरतपुर सीट से बीजेपी के रामस्वरूप कोली को 51,983 वोटों से हराकर जीत दर्ज की थी। इससे पहले 2023 के विधानसभा चुनाव में वे कठूमर सीट से कांग्रेस प्रत्याशी थीं और मामूली 409 वोटों से हार गई थीं। अब मध्य प्रदेश में प्रभारी और सह-प्रभारी दोनों ही राजस्थान से होंगे — हरीश चौधरी और संजना जाटव। पूर्व महिला कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष और राज्य महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष रेहाना रियाज चिश्ती को कांग्रेस ने राष्ट्रीय सचिव बनाकर महाराष्ट्र प्रभारी महासचिव के साथ अटैच किया है। रेहाना रियाज लंबे समय से संगठन में सक्रिय रही हैं और महिला कांग्रेस में राष्ट्रीय पदाधिकारी के रूप में भी काम कर चुकी हैं। अन्य राज्यों में भी नियुक्तियां कांग्रेस ने कुल 9 नए राष्ट्रीय सचिवों की नियुक्ति की है और 5 के कार्यक्षेत्र बदले हैं। नई नियुक्तियों में —     श्रीनिवास बी.वी. (पूर्व यूथ कांग्रेस अध्यक्ष) – गुजरात     सचिन सावंत – तेलंगाना     हिना कावड़े व सूरज ठाकुर – पंजाब     जेट्टी कुसुम कुमार – ओडिशा     निवेदिता आल्वा – तमिलनाडु     उषा नायडू – मध्य प्रदेश     भूपेंद्र माड़वी – झारखंड     परगट सिंह – जम्मू-कश्मीर     मनोज यादव – उत्तराखंड देवेंद्र यादव को गुजरात की जिम्मेदारी राजस्थान के सह-प्रभारी सचिव रहे देवेंद्र यादव को अब गुजरात की जिम्मेदारी दी गई है। इस फेरबदल के साथ कांग्रेस ने यह संकेत दिया है कि वह आगामी विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए संगठन को नई ऊर्जा और संतुलन के साथ मजबूत करना चाहती है।  

एएनटीएफ का ड्रग्स माफिया पर शिकंजा: जोधपुर में 82 लाख का डोडा पोस्त जब्त

जोधपुर पुलिस आयुक्तालय जोधपुर पश्चिम की एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) और लूणी थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। संयुक्त कार्रवाई में पुलिस ने 5 क्विंटल 43 किलो 62 ग्राम अवैध डोडा पोस्त बरामद किया है। इस दौरान एक तस्कर को गिरफ्तार किया गया, जबकि उसका एक साथी मौके से फरार हो गया। बरामद मादक पदार्थ की अनुमानित कीमत करीब 82 लाख रुपये आंकी गई है। यह कार्रवाई पुलिस आयुक्त श्री ओमप्रकाश, पुलिस उपायुक्त पश्चिम श्री विनीत कुमार बंसल, अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त पश्चिम श्री रोशन मीना (IPS) और सहायक पुलिस आयुक्त बोरानाडा श्री आनंदसिंह राजपुरोहित (RPS) के निर्देशन में की गई। टीम में लूणी थानाधिकारी मं. गोरधनराम और एएनटीएफ जोधपुर की संयुक्त टीम शामिल रही। गश्त के दौरान खाराबेरा पुरोहितान क्षेत्र में संदिग्ध वाहन की सूचना मिलने पर पुलिस ने तुरंत नाकाबंदी की। इस दौरान एक सफेद स्कॉर्पियो (MH 03 DX 6297) को रुकने का संकेत दिया गया, लेकिन चालक ने गाड़ी घुमाकर भागने का प्रयास किया। पुलिस टीम ने तत्परता दिखाते हुए घेराबंदी कर वाहन को रोक लिया। जांच के दौरान वाहन चालक की पहचान गोकलाराम पुत्र मोटाराम, जाति जाट, उम्र 32 वर्ष, निवासी सरली, थाना सदर, जिला बाड़मेर के रूप में हुई। स्कॉर्पियो की तलाशी लेने पर उसमें से 27 कट्टों में भरा कुल 5 क्विंटल 43 किलो 62 ग्राम डोडा पोस्त बरामद किया गया। वाहन के डैशबोर्ड से पुलिस ने एक पिस्टल की खाली मैगजीन और 35 जिंदा कारतूस भी जब्त किए। इसके अलावा, वाहन से अलग-अलग राज्यों की 6 जोड़ी फर्जी नंबर प्लेट भी बरामद की गईं। पूछताछ के दौरान आरोपी गोकलाराम ने बताया कि वह कपासन (जिला चित्तौड़गढ़) से डोडा पोस्त लेकर देचू (जोधपुर) क्षेत्र में सप्लाई करने आया था। उसका सहयोगी भैरू लुहार निवासी पाली, मौके से भागने में सफल हो गया। पुलिस ने आरोपी गोकलाराम को गिरफ्तार कर लिया है। गोकलाराम के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/15, आर्म्स एक्ट की धारा 3/25 तथा बीएनएस की धाराओं 318(4), 338, 336(3), 340(2), 111(3) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।

नवंबर में ही बढ़ी सर्दी की सिहरन, राजस्थान के कई इलाके कांपे

जयपुर उत्तर भारत के पहाड़ी राज्यों में हुई बर्फबारी का असर अब राजस्थान में भी दिखने लगा है। इस बार ठंड ने सामान्य से पहले दस्तक दे दी है। कई शहरों में रात का तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे चला गया है। मौसम केंद्र जयपुर की ताज़ा रिपोर्ट के अनुसार, अगले कुछ दिनों तक प्रदेश में इसी तरह की सर्दी बनी रहेगी। विभाग ने सीकर में चार दिन और टोंक में एक दिन के लिए शीतलहर (कोल्ड वेव) को लेकर येलो अलर्ट जारी किया है। पिछले 24 घंटों में सबसे ज्यादा ठंड फतेहपुर (सीकर) में रही, जहां न्यूनतम तापमान 6.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। वहीं, सीकर में 7.5 और नागौर में 8.3 डिग्री तापमान रहा। मंगलवार सुबह और शाम के समय इन इलाकों में हल्की शीतलहर का असर महसूस किया गया। राजस्थान के सीकर, फतेहपुर और नागौर जैसे शहरों में तापमान हिमाचल के शिमला (8.4°C), मंडी (8.8°C), उत्तराखंड के मसूरी (8°C) और देहरादून (11.8°C) के साथ-साथ जम्मू-कश्मीर के जम्मू (11.4°C) और कटरा (10.4°C) से भी कम रहा। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि आमतौर पर राजस्थान में ऐसी ठंड 20 नवंबर के बाद महसूस होती है, लेकिन इस बार यह पहले ही शुरू हो गई है। जयपुर, अजमेर, कोटा, पिलानी, सीकर और टोंक समेत कई जिलों में न्यूनतम तापमान सामान्य से 2 से 6 डिग्री तक नीचे दर्ज किया गया है। दिन में सुहानी धूप ने दी राहत सुबह और शाम की ठंड के बावजूद दोपहर में धूप लोगों को राहत दे रही है। मंगलवार को दिन का सबसे अधिक तापमान 32.6 डिग्री सेल्सियस बाड़मेर में दर्ज हुआ। आने वाले दिनों का मौसम मौसम केंद्र जयपुर के अनुसार, अगले एक सप्ताह तक आसमान साफ रहेगा और न्यूनतम तापमान में 2 से 3 डिग्री तक की और गिरावट संभव है। 12 नवंबर को टोंक और सीकर जिलों में शीतलहर को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है। वहीं सीकर में भी अगले 5 दिनों तक शीतलहर की चेतावनी दी गई है।