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किसानों को बड़ी सौगात: डांगावास में राज्य स्तरीय सम्मेलन, सीएम व शिवराज सिंह चौहान रहेंगे मौजूद

नागौर राष्ट्रीय किसान दिवस के अवसर पर आज नागौर जिले की मेड़ता सिटी के डांगावास में राज्य स्तरीय उन्नत खेती–समृद्ध किसान सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है। यह सम्मेलन मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में तथा केंद्रीय ग्रामीण विकास, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान की मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थिति में संपन्न होगा। सम्मेलन में प्रदेशभर से 25 हजार से अधिक किसान शामिल हो रहे हैं, जिनमें नागौर जिले के करीब 12 हजार किसान भाग ले रहे हैं। इस अवसर पर किसानों को बड़ी राहत देने वाली कई महत्वपूर्ण सौगातें दी जाएंगी। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत 2 हजार करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं को स्वीकृति दी जाएगी, जबकि राज्य परियोजनाओं के अंतर्गत किसानों को 1 हजार 200 करोड़ रुपये की राशि का हस्तांतरण किया जाएगा। इसके अलावा कृषि एवं उद्यानिकी योजनाओं के तहत 31 हजार 600 किसानों को 200 करोड़ रुपये, कृषि आदान अनुदान योजना के अंतर्गत 5 लाख किसानों को 700 करोड़ रुपये, प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत 18 हजार 500 लाभार्थियों को 100 करोड़ रुपये तथा मुख्यमंत्री दुग्ध उत्पादक संबल योजना के अंतर्गत 4.50 लाख पशुपालकों को 200 करोड़ रुपये की राशि का प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण किया जाएगा। नागौर जिले के लिए विशेष रूप से 351 करोड़ रुपये के विकास कार्यों का लोकार्पण एवं शिलान्यास भी किया जाएगा। कार्यक्रम में कृषि, ग्रामीण विकास, आपदा प्रबंधन एवं सहायता मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा सहित कई वरिष्ठ अधिकारी और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहेंगे। यह राज्य स्तरीय सम्मेलन राज्य सरकार के दो वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित किया जा रहा है, जिसमें कृषि अनुदान, पशुपालक सहायता और विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभों का वितरण किया जाएगा। राष्ट्रीय किसान दिवस पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह की जयंती पर मनाया जाता है, जो किसानों के अधिकारों और हितों के लिए आजीवन संघर्ष करने वाले नेता थे। इस आयोजन से प्रदेश के किसानों में नई उम्मीद जगेगी और कृषि क्षेत्र को मजबूती मिलने की अपेक्षा है।

यीडा डेलिगेशन ने देश के सबसे सफल जापानी औद्योगिक क्लस्टर के मॉडल के अनुभवों को समझा

यीडा डेलिगेशन का नीमराना दौरा, यूपी में प्रस्तावित जापानी इंडस्ट्रियल सिटी के लिए मॉडल का किया अध्ययन यीडा डेलिगेशन ने देश के सबसे सफल जापानी औद्योगिक क्लस्टर के मॉडल के अनुभवों को समझा रीको अधिकारियों ने नीमराना जापानी इंडस्ट्रियल पार्क के विकास की यात्रा, योजना और संचालन ढांचे पर दी विस्तृत प्रस्तुति उत्तर प्रदेश के यीडा क्षेत्र में प्रस्तावित जापानी इंडस्ट्रियल सिटी को आकार देने की दिशा में महत्वपूर्ण होगा दौरा नीमराना  उत्तर प्रदेश में प्रस्तावित जापानी इंडस्ट्रियल सिटी को आकार देने की दिशा में यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) के एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को राजस्थान के नीमराना स्थित राजस्थान स्टेट इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट एंड इन्वेस्टमेंट कॉरपोरेशन (रीको) के जापानी इंडस्ट्रियल पार्क का अध्ययन दौरा किया। इस भ्रमण का उद्देश्य देश के सबसे सफल जापानी औद्योगिक क्लस्टर माने जाने वाले नीमराना मॉडल के अनुभवों को समझना और उन्हें यीडा क्षेत्र में लागू करना है। रीको अधिकारियों ने दी विस्तृत प्रस्तुति बैठक के दौरान रीको अधिकारियों ने नीमराना जापानी इंडस्ट्रियल पार्क के विकास की पूरी यात्रा, योजना प्रक्रिया और संचालन ढांचे पर विस्तृत प्रस्तुति दी। इसमें बताया गया कि किस प्रकार जापानी निवेशकों की आवश्यकताओं के अनुरूप भूमि आवंटन, जोनिंग, आधारभूत ढांचे और यूटिलिटी सेवाओं को विकसित किया गया। अधिकारियों ने विशेष प्रोत्साहन नीतियों, प्रशासनिक सहूलियतों और निवेशकों के लिए तैयार किए गए अनुकूल इकोसिस्टम पर भी प्रकाश डाला। चर्चा के दौरान जापानी कंपनियों की लॉजिस्टिक जरूरतों, बिजली-पानी जैसी मूलभूत सुविधाओं, सुचारू आपूर्ति श्रृंखला और स्थिर नीति वातावरण जैसे विषयों पर गहन मंथन हुआ। यीडा अधिकारियों ने इस मॉडल को उत्तर प्रदेश में प्रस्तावित जापानी इंडस्ट्रियल सिटी के मास्टर प्लान में समाहित करने पर जोर दिया। टीम ने प्रत्यक्ष रूप से देखा जापानी इंडस्ट्रियल पार्क तकनीकी सत्र के बाद यीडा प्रतिनिधिमंडल ने नीमराना जापानी इंडस्ट्रियल पार्क का स्थलीय निरीक्षण भी किया और वहां मौजूद अवसंरचना, सड़क नेटवर्क और यूटिलिटी प्रबंधन को प्रत्यक्ष रूप से देखा। इस अवसर पर यीडा के सीईओ आर.के. सिंह ने कहा कि राजस्थान सरकार और रीको द्वारा साझा किए गए अनुभव यीडा के लिए अत्यंत उपयोगी हैं। उन्होंने कहा कि भूमि नियोजन, विशेष अवसंरचना और निवेशक-अनुकूल व्यवस्था से जुड़े इन अनुभवों के आधार पर यीडा क्षेत्र में विश्वस्तरीय जापानी इंडस्ट्रियल सिटी विकसित की जाएगी, जिससे उत्तर प्रदेश वैश्विक निवेश मानचित्र पर और मजबूत स्थिति में आएगा। औद्योगिक क्लस्टर आधारित विकास पर केंद्रित है यीडा की योजना उन्होंने यह भी बताया कि यीडा की योजना औद्योगिक क्लस्टर आधारित विकास पर केंद्रित है, जिसमें नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर) के साथ मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी को औद्योगिक क्षेत्रों से जोड़ा जा रहा है। दौरे के समापन पर यीडा डेलिगेशन ने रीको और राजस्थान सरकार का आभार जताया और इसे राज्यों के बीच सहयोग का एक सशक्त उदाहरण बताया, जो देश के औद्योगिक विकास को नई दिशा देगा। यीडा के मुख्य कार्यपालक अधिकारी आर.के. सिंह के नेतृत्व में आए प्रतिनिधिमंडल में अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी शैलेंद्र कुमार भाटिया, ईडी, ईपीसीएमडी-इंडिया सहित वरिष्ठ अधिकारी शामिल रहे। रीको की ओर से डीजीएम संजय बगाड़िया ने बैठक में सहभागिता की।

देश में पहली बार! राजस्थान की ‘मां योजना’ से अब दूसरे राज्यों में भी फ्री कैशलेस इलाज

जयपुर राजस्थान के लोगों के लिए बड़ी राहत की खबर है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना (MAA योजना) के तहत आउटबाउंड पोर्टेबिलिटी की शुरुआत की है। इसके साथ ही राजस्थान देश का पहला राज्य बन गया है, जहां के पात्र लाभार्थी अब दूसरे राज्यों में भी कैशलेस इलाज करा सकेंगे। इस पहल का उद्देश्य गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए राज्य से बाहर जाने वाले मरीजों को आर्थिक राहत देना है। पहले ऐसे मामलों में मरीजों को इलाज का पूरा खर्च स्वयं उठाना पड़ता था, लेकिन अब यह समस्या काफी हद तक दूर हो जाएगी। आउटबाउंड पोर्टेबिलिटी से अस्पतालों में पहचान, इलाज और भुगतान की प्रक्रिया आसान होगी। नई व्यवस्था के तहत राजस्थान के निवासी तमिलनाडु और कर्नाटक को छोड़कर देश के लगभग सभी राज्यों में सूचीबद्ध अस्पतालों में कैशलेस इलाज करा सकेंगे। इससे स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ेगी और प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूती मिलेगी। हालांकि, आरजीएचएस और सीजीएचएस योजना से जुड़े लोग इस योजना के दायरे में शामिल नहीं होंगे, यानी सरकारी कर्मचारियों को इस योजना के दायरे से बाहर रखा गया है। देशभर में 31 हजार से अधिक अस्पतालों में इलाज संभव आउटबाउंड पोर्टेबिलिटी लागू होने के बाद देशभर के 31 हजार से अधिक सूचीबद्ध अस्पतालों में राजस्थान के लाभार्थियों को इलाज की सुविधा मिलेगी। योजना के अंतर्गत 1900 से अधिक उपचार पैकेज शामिल किए गए हैं, जिनमें हृदय रोग, कैंसर, न्यूरोलॉजी, किडनी समेत अन्य गंभीर बीमारियों का इलाज कैशलेस उपलब्ध होगा। योजना की मुख्य विशेषताएं -अन्य राज्यों में कैशलेस इलाज की सुविधा -25 लाख रुपये तक का कैशलेस उपचार -प्रति परिवार 850 रुपये का वार्षिक प्रीमियम इन वर्गों को प्रीमियम सरकार जमा करवाएगी मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना के तहत सामान्य परिवारों को 850 रुपये का अंशदान जमा करना होता है, लेकिन कुछ श्रेणियों को इससे छूट दी गई है। इनमें राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के अंतर्गत आने वाले परिवार, सामाजिक-आर्थिक एवं जाति जनगणना 2011 के चयनित परिवार, संविदा कर्मी, लघु एवं सीमांत किसान, कोविड अनुदान प्राप्त परिवार, ईडब्ल्यूएस वर्ग तथा 70 वर्ष या उससे अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिक शामिल हैं।

निःशुल्क कानूनी सहायता से मजबूत हुआ न्याय तंत्र, आमजन का विश्वास बढ़ा: मदन राठौड़

जयपुर राज्यसभा सांसद एवं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने कहा कि विधिक सेवा प्राधिकरणों की पारदर्शी और जवाबदेशी व्यवस्था से देश के आमजन में न्याय प्रणाली पर भरोसा मजबूत हुआ है। मोदी सरकार के नेतृत्व में देशभर में निःशुल्क विधिक सहायता को एक सुदृढ़, पारदर्शी और प्रभावी प्रणाली के रूप में विकसित किया गया है। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा) और राज्य विधिक सेवा प्राधिकरणों द्वारा सभी राज्यों से मासिक गतिविधि रिपोर्ट प्राप्त कर नियमित समीक्षा की जाती है, जबकि वार्षिक रिपोर्ट संसद के समक्ष रखी जाती है। इसके अतिरिक्त संसदीय स्थायी समिति और विभिन्न राष्ट्रीय व क्षेत्रीय बैठकों के माध्यम से भी विधिक सेवा प्राधिकरणों के कार्यों की लगातार निगरानी की जा रही है। राठौड़ के सवाल पर केंद्रीय विधि और न्याय राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने सदन में यह जानकारी दी। राज्यसभा सांसद मदन राठौड़ ने बताया कि राजस्थान में बड़ी संख्या में जरूरतमंद नागरिकों को निःशुल्क विधिक सेवाओं का लाभ मिला है। वित्तीय वर्ष 2023-24 में राजस्थान में 20,290 लोगों को, 2024-25 में 22,216 लोगों को और 2025-26 में अक्टूबर 2025 तक 16,584 लोगों को निःशुल्क विधिक सहायता प्रदान की गई। यह आंकड़े इस बात का प्रमाण हैं कि न्याय केवल कागज़ों तक सीमित नहीं, बल्कि आम जन तक वास्तविक रूप में पहुंच रहा है। उन्होंने बताया कि आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों, विशेषकर अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति समुदायों को उनके कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक करने के लिए देशभर में व्यापक विधिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। बच्चों, श्रमिकों, आपदा पीड़ितों और दिव्यांगजनों के लिए शिविरों के साथ-साथ सरल भाषा में बुकलेट और पंपलेट वितरित किए जा रहे हैं। ग्रामीण भारत में न्याय जागरूकता को मजबूत करने के लिए नालसा की ‘जागृति’ योजना भी शुरू की गई है। राठौड़ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने “सबको न्याय” के संकल्प को धरातल पर उतारते हुए विधिक सेवा प्रणाली को नई मजबूती दी है।  

कोहरे की चादर में लिपटा राजस्थान, 20 मीटर से कम दिख रही सड़कें

जयपुर राजस्थान इन दिनों घने कोहरे की चपेट में है। प्रदेश के सभी राष्ट्रीय राजमार्गों पर अगले तीन दिनों के लिए बेहद घना कोहरा छाए रहने की चेतावनी मौसम विभाग की ओर से जारी की गई है। कोहरे के चलते प्रदेश में कई जगह सड़क हादसे भी हो रहे हैं। राजधानी जयपुर के ग्रामीण क्षेत्रों में भी घना कोहरा देखा जा रहा है। कई जगहों पर दृश्यता 20 मीटर से भी कम दर्ज की गई, जिससे जनजीवन प्रभावित होता नजर आ रहा है। राजस्थान के पूर्वी हिस्सों में कोहरे का प्रभाव सबसे ज्यादा देखने को मिल रहा है। रविवार को गंगानगर, हनुमानगढ़, अलवर, भरतपुर, करौली, दौसा, डीग, धौलपुर व खैरथल-तिजारा बेहद घना कोहरा रहा। उत्तर भारत में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के कारण प्रदेश में मौसम का मिजाज बदला हुआ है। रात के तापमान में बढ़ोतरी हो रही है, जबकि दिन के तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। रविवार को प्रदेश के कई शहरों में अधिकतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस से नीचे रहा। पिछले 24 घंटों के दौरान उत्तर-पूर्वी राजस्थान के श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, अलवर, भरतपुर, धौलपुर, करौली और दौसा जिलों में घना कोहरा छाया रहा। कोहरे के चलते इन इलाकों में दिन के तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई। रविवार को अलवर और करौली प्रदेश के सबसे ठंडे शहर रहे। अलवर में अधिकतम तापमान 17 डिग्री और करौली में 17.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। करौली में दिन के तापमान में 7 डिग्री, जबकि अलवर में 5.4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आई। दौसा, श्रीगंगानगर, कोटा, पिलानी, जयपुर, चित्तौड़गढ़ और जैसलमेर समेत लगभग सभी शहरों में तापमान 1 से 7 डिग्री सेल्सियस तक गिरा। कोहरे के कारण कई शहरों में ‘ठंडा दिन’ दर्ज किया गया। दौसा में अधिकतम तापमान 23.3, सिरोही में 22.8, बारां में 23.7, गंगानगर में 21.1, पिलानी में 21.9 और कोटा में 24.2 डिग्री सेल्सियस रहा। रात के तापमान में बढ़ोतरी पश्चिमी विक्षोभ के कारण बादल छाए रहने से उत्तरी हवाएं कमजोर पड़ी हैं। इससे न्यूनतम तापमान में बढ़ोतरी हुई है और सुबह-शाम की सर्दी कुछ कम हुई है। कई शहरों में न्यूनतम तापमान 5 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ा। सबसे कम न्यूनतम तापमान माउंट आबू में 7 और चित्तौड़गढ़ में 7.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। कल से बढ़ेगी सर्दी, कोहरा रहेगा जारी मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के निदेशक राधेश्याम शर्मा के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ का असर अभी बना रहेगा, जिससे कुछ इलाकों में हल्के बादल छाए रह सकते हैं। 23 दिसंबर से उत्तर भारत से ठंडी हवाओं का असर बढ़ेगा, जिससे न्यूनतम तापमान में 3 से 4 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट हो सकती है। साथ ही उत्तर-पूर्वी और उत्तर-पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों में घना कोहरा छाए रहने की संभावना है।

विकास रथ यात्रा के साथ रामगंजमंडी में सुशासन पखवाड़ा, मंत्री मदन दिलावर ने मौके पर किया समाधान

रामगंजमंडी (कोटा) राजस्थान सरकार के 2 वर्ष पूर्ण होने पर रामगंज मंडी विधानसभा क्षेत्र में सरकार द्वारा चलाए जा रहे सुशासन पखवाड़े के तहत खैराबाद मंडल में आज सोमवार को विकास रथ यात्रा शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री तथा रामगंज मंडी के विधायक स्थानीय विधायक मदन दिलावर के नेतृत्व में निकाली गई | यात्रा की शुरुआत सुबह 9:30 बजे ग्राम सालेड़ा कलां से हुई | यात्रा में बड़ी संख्या में उपस्थित ग्रामीणों को संबोधित करते हुए मदन दिलावर ने कहा कि मुझे मुख्यमंत्री जी ने आपके बीच भेजा है| यह जानने के लिए भेजा है कि सरकार की योजनाओं का लाभ आपको मिल रहा है कि नहीं? मंत्री दिलावर ने कहा कि प्रदेश की भजनलाल शर्मा की भाजपा सरकार और देश में नरेंद्र मोदी की भाजपा सरकार आपके लिए क्या नहीं कर रही है | आपके जनकल्याण के लिए कोई कसर नहीं छोड़ रही है| राजस्थान में जब किसी के घर लाडो पैदा होती है तो उसे डेढ़ लाख रुपए का संकल्प पत्र दिया जाता है| पैदा होते ही ₹4000 बेटी की मां को मिलते हैं और उसके बाद स्कूल में एडमिशन लेने से लेकर 12वीं कक्षा तक की पढ़ाई पूरी करने पर अलग-अलग सा चरणों में भजनलाल जी लाडो को डेढ़ लाख रुपये भेजते हैं| इतना ही नहीं बच्ची को घर से स्कूल जाने के लिए साइकिल मुफ्त देते हैं| पढ़ने के लिए लैपटॉप देते हैं| स्कूल के बाद जब बेटी कॉलेज जाती है तो उसकी स्कूटी देते हैं| अब बताओ कोई सरकार इतना करती है क्या?  बच्चे स्कूल में दाखिला लेते हैं तो उन्हें किताबें फ्री,स्कूल की ड्रेस फ्री, खाना फ्री,यानी स्कूल में पढ़ने वाले अपने बच्चों को सब कुछ फ्री| यह सब फ्री चीज आपको भजनलाल शर्मा भेज रहे हैं| शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने राज्य सरकार की योजनाओं के बाद अपने विधायक विकास कोष से क्षेत्र में कराए गए विभिन्न विकास कार्यों का पूरा लेखा जोखा भी ग्रामीणों को समक्ष पढ़कर सुनाया| इसके बाद ग्रामीणों ने गांव में सड़क पर कीचड़ होने की बात कही तो मंत्री मदन दिलावर ने तुरंत सड़क को ठीक कर पानी की निकासी दुरुस्त करने के लिए अपने विधायक कोष से ₹3 लाख रुपए स्वीकृत कर दिए| इससे पूर्व सभा स्थल पर पहुंचने पर ग्रामीणों ने शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर को साफा बंधवाकर तथा तलवार भेंट कर उनका पारंपरिक स्वागत किया| यात्रा में शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के साथ यात्रा प्रभारी पूर्व मंडल अध्यक्ष राम रतन शर्मा, यात्रा के सह प्रभारी रमन सिंह, कोटा जिले के उप जिला प्रमुख कृष्ण गोपाल अहीर, खैराबाद पंचायत समिति की उप प्रधान श्रीमती स्वाति मीणा,खैराबाद के खंड विकास अधिकारी समय सिंह मीणा सहित तमाम अधिकारी भजन प्रतिदिन यात्रा में शामिल है| इसके बाद शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर का काफिला रथ यात्रा के साथ अगले गांव के लिए आगे बढ़ गया| सैलेड कल के बाद मंत्री दिलावर की रथ यात्रा बुद्ध खान होते हुए ढाकिया गांव पहुंची जहां सभा स्थल पर मौजूद ग्रामीणों ने शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर का जोरदार स्वागत किया| आज सोमवार को यात्रा सालेड़ा कलां से शुरू होकर बुधखान, ढाकिया,सारसनखेड़ी, सोहनपुरा,दुढ़कली, तंबोलिया,रिछड़िया, भीमपुरा होते हुए बुरनखेड़ी पहुंचकर संपन्न होगी| रथ यात्रा मार्ग में शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर जहां राजस्थान की भजनलाल शर्मा के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार के 2 वर्ष के विकास कार्यों का बखान कर रहे हैं वहीं अपने द्वारा क्षेत्र में कराए गए कार्यों को भी बता रहे हैं| साथ ही लोगों से सुझाव और समस्याएं लेकर उनका समाधान भी तुरंत मौके पर ही कर रहे हैं| मदन दिलावर लगातार यात्रा में पूरे समय उपस्थित रहकर लोगों से मिलकर उनके अभाव अभियोग सुन रहे हैं और समाधान कर रहे हैं| दिलावर की यात्रा को लेकर ग्रामीणों में उत्साह है और वह रथ यात्रा का गांव में पहुंचने पर जोरदार स्वागत कर रहे हैं|

एमपी के पेंच से राजस्थान पहुंची बाघिन, वायुसेना के हेलीकॉप्टर से सफल ट्रांसलोकेशन

बूंदी/ सिवनी रामगढ़ विषधारी टाइगर रिजर्व में पिछले एक महीने से चल रही इंतजार की घड़ियां रविवार को समाप्त होने को हैं। मध्यप्रदेश के पेंच टाइगर रिजर्व से ट्रांसलोकेट की गई बाघिन पीएन 224 आज रात तक बूंदी पहुंच सकती है। हवाई मार्ग से इंटर-स्टेट टाइगर ट्रांसलोकेशन का राजस्थान में यह पहला मामला है। इस ट्रांसलोकेशन में भारतीय वायुसेना के हेलीकॉप्टर की मदद ली गई है और मामले को देखते हुए बूंदी रामगढ़ टाइगर रिजर्व से जुड़े तमाम अधिकारियों और कर्मचारियों को अलर्ट पर रखा गया है। मध्यप्रदेश के पेंच टाइगर रिजर्व में पिछले 24 दिनों से वन विभाग को चकमा दे रही बाघिन को आखिरकार रविवार को पकड़ लिया गया और भारतीय वायुसेना के MI-17 हेलीकॉप्टर के जरिए राजस्थान के रामगढ़ विषधारी टाइगर रिजर्व में स्थानांतरित किया गया। यह इंटर-स्टेट टाइगर ट्रांसलोकेशन का एक महत्वपूर्ण और सफल अभियान रहा। अधिकारियों के अनुसार बाघिन को रविवार सुबह से दोपहर तक कई बार हाथियों की मदद से घेरा गया। इसके बाद विशेषज्ञों ने उसे सावधानीपूर्वक ट्रैंकुलाइज किया। बेहोश करने के बाद बाघिन को रेस्क्यू वाहन में डालकर मध्य प्रदेश में सिवनी जिले के सुकतरा एयरस्ट्रिप लाया गया, जहां से शाम करीब 6 बजे MI-17 हेलीकॉप्टर द्वारा राजस्थान के लिए रवाना किया गया। हेलीकॉप्टर में बाघिन के साथ पिंजरा और विशेषज्ञों की पूरी टीम मौजूद थी। इस टीम में पेंच टाइगर रिजर्व के वन्यजीव चिकित्सक डॉ. अखिलेश मिश्रा, सहायक निदेशक गुरलीन कौर, रुखड़ रेंज के रेंजर लोकेश पवार, वाइल्ड लाइफ कंजरवेशन ट्रस्ट के पशु चिकित्सक डॉ. प्रशांत देशमुख, राजस्थान वन विभाग के अधिकारी और अन्य विशेषज्ञ शामिल थे, ताकि बाघिन की सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित की जा सके। वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार रात होने के कारण हेलीकॉप्टर को सीधे बूंदी नहीं उतारा गया। जयपुर में लैंडिंग के बाद बाघिन को सड़क मार्ग से रामगढ़ विषधारी टाइगर रिजर्व लाया जा रहा है। पूरे अभियान में उच्च स्तरीय अधिकारियों की सतत निगरानी रही। बूंदी रामगढ़ टाइगर रिजर्व के एसीएफ नवीन नारायणी ने बताया कि पिछले तीन दिनों से सभी टीमों को अलर्ट पर रखा गया था और सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रही। यह इंटर-स्टेट ट्रांसलोकेशन बाघों की प्रजनन दर बढ़ाने और पारिस्थितिकी तंत्र के संतुलन में मदद करेगा। वन्यजीव विशेषज्ञों का मानना है कि नई बाघिन का रामगढ़ में बसना स्थानीय प्रजातियों के बीच सामंजस्य बनाए रखेगा और जैव विविधता को मजबूती प्रदान करेगा। मध्य प्रदेश के मुख्य वन्य जीव प्रतिपालक शुभ रंजन सेन ने बताया कि बाघिन पीएन 224 को पहले से आईडेंटिफाई कर उसे एक बार रेडियो कॉलर लगा दिया था, पर वह निकल भी गया था। ऐसे में दोबारा आज उसे दुबारा मिलने के बाद ट्रेंकुलाइज किया गया है। इस बाघिन की उम्र करीब ढाई-तीन साल के आसपास है।

भक्तों की सुविधा के लिए खाटू श्याम मंदिर रहेगा पूरे दिन खुला, VIP लाइन नहीं

जयपुर   विश्व प्रसिद्ध धार्मिक स्थल खाटूश्याम जी में दिनों दिन भक्तों की संख्या जा रही है. नए साल के स्वागत के लिए अभी से ही श्याम भक्तों में उत्साह देखा जा रहा को है. इस बार बाबा के दरबार में पिछली बार से भी अधिक श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ने की उम्मीद है. इस बार 31 दिसंबर को एकादशी व नववर्ष साथ होने से भीड़ में और अधिक इजाफा होने की संभावना है. पिछले चार-पांच वर्षों से बाबा श्याम के दरबार में नए साल पर भक्तों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है. नए साल का जश्न मनाने के लिए जहां कुछ लोग होटल, बार और डिस्को का रुख करते हैं, वहीं श्याम प्रेमी बाबा श्याम के दर्शन को अपनी प्राथमिकता मानते हैं. अधिकांश श्याम भक्त नए साल की पहली सुबह बाबा श्याम के दर्शन कर अपने साल की शुरुआत करना पसंद करते हैं. यातायात व्यवस्था, पार्किंग और सुरक्षा पर विशेष ध्यान जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन ने श्याम भक्तों के लिए बेहतर व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने की तैयारी शुरू कर दी है. यातायात व्यवस्था, पार्किंग और सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है., श्री श्याम मंदिर कमेटी ने भी दर्शन के लिए आने वाले भक्तों की सुविधा के लिए बैरिकेडिंग, पानी, बिजली और छाया जैसी बुनियादी सुविधाओं की व्यवस्था की है. साथ ही मंदिर प्रबंधन की ओर से दर्शन प्रक्रिया को सुगम और व्यवस्थित बनाने के लिए विशेष इंतजाम किए हैं. श्याम प्रेमियों के लिए यह दिन विशेष महत्व रखता है. कस्बे में 31 दिसंबर व 1 जनवरी को बड़ी संख्या में श्याम भक्त दर्शन के लिए आएंगे. पांच सौ पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे श्री श्याम मंदिर कमेटी के मंत्री मानवेंद्र सिंह चौहान मंदिर कमेटी की ओर से एकादशी व नववर्ष की तैयारियां की जा रही है. भक्तों को सुगम दर्शन हो सकें, इसके लिए मंदिर कमेटी तत्पर है. पानी, मेडिकल कैंप, रोशनी, सीसीटीवी कैमरे, सुरक्षा गार्ड सभी की माकूल व्यवस्था रहेगी. वहीं, थानाधिकारी पवन चौबे ने बताया कि नववर्ष व एकादशी पर सांवलपुरा रोड, दांता रोड, सीतारामपुरा तथा 52 बीघा में पार्किंग की जाएगी. वहीं पुलिस जाब्ता दो फेज में मंगवाया जाएगा. 25 दिसंबर से 5 जनवरी तक पांच सौ पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे और 29 दिसंबर से 2 जनवरी तक 2500 सुरक्षाकर्मी तैनात किए जाएंगे. VIP दर्शन रहेंगे बंद, 24 घंटे मंदिर खुला रहेगा  नववर्ष पर भीड़ को देखते हुए पूरे क्षेत्र को नो व्हीकल जोन बनाया जाएगा. इसके अलावा VIP दर्शन व्यवस्था में बदलाव किया जाएगा इस दौरान वीआईपी दर्शन पूरी तरह बंद रहेंगे. केवल सरकारी प्रोटोकॉल वाले ही छूट पाएंगे. इसके अलावा मंदिर को विशेष फूलों से सजाया जाएगा. दर्जनों कारीगर मंदिर की सजावट का कार्य करेंगे. नए साल पर भीड़ को देखते हुए 24 घंटे अंदर खुला रहेगा. एकादशी होने के कारण नव वर्ष पर मासिक मेले का भी आयोजन होगा.

मेहंदीपुर बालाजी में CM रेखा गुप्ता की विशेष पूजा-अर्चना, परिवार भी साथ

दौसा दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता शनिवार को अपने पति मनीष गुप्ता के साथ दौसा जिले के प्रसिद्ध सिद्धपीठ आस्थाधाम मेहंदीपुर बालाजी पहुंचीं। मंदिर पहुंचने पर सिद्धपीठ के महंत डॉ. नरेशपुरी महाराज ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ उनका स्वागत किया। मुख्यमंत्री का यह दौरा धार्मिक आस्था और आध्यात्मिक भावना से जुड़ा रहा।   गर्भगृह के समक्ष विशेष पूजा-अर्चना मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मंदिर के गर्भगृह के सामने बैठकर पति मनीष गुप्ता के साथ विशेष पूजा-अर्चना की। महंत डॉ. नरेशपुरी महाराज के सान्निध्य में पंडितों ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजा संपन्न कराई। पूजा के दौरान मुख्यमंत्री ने बालाजी महाराज से देश और प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की।   दर्शन के बाद मुख्यमंत्री की प्रतिक्रिया दर्शन के पश्चात मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि मेहंदीपुर बालाजी में उनकी गहरी आस्था है और यहां आकर उन्हें आत्मिक शांति का अनुभव होता है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री बनने के बाद यह उनका पहला मेहंदीपुर बालाजी दर्शन है। इससे पहले वह खाटू श्याम और सालासर बालाजी में भी दर्शन कर चुकी हैं।   भाजपा नेताओं और जनप्रतिनिधियों ने किया स्वागत मुख्यमंत्री के मंदिर आगमन पर भाजपा नेताओं और जनप्रतिनिधियों ने उनका स्वागत किया। इस अवसर पर गोठवाल, करौली जिलाध्यक्ष गोरधन सिंह जादौन, जिला महामंत्री लेखपाल कसाना, विपिन जैन, पूर्व जिलाध्यक्ष डॉ. रतन तिवाड़ी, खंडार विधायक जितेंद्र गोठवाल, भाजपा एससी मोर्चा दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र सहित अन्य पार्टी पदाधिकारी मौजूद रहे। जिला अध्यक्ष को लेकर बना असहज माहौल मुख्यमंत्री के स्वागत के दौरान दौसा भाजपा जिला अध्यक्ष लक्ष्मी रेला को मंदिर परिसर में असहज स्थिति का सामना करना पड़ा। लक्ष्मी रेला अपनी कार्यकारिणी के साथ मंदिर परिसर में मौजूद थीं, जहां मानपुर डीएसपी धर्मराज चौधरी ने उन्हें बाहर भेज दिया। जिला अध्यक्ष लक्ष्मी रेला ने कहा कि उनके पास अनुमति थी, इसके बावजूद उन्हें बाहर निकाला गया। वहीं डीएसपी धर्मराज चौधरी ने बताया कि उन्होंने जिला अध्यक्ष को समझाकर मुख्यमंत्री के स्वागत के लिए बाहर भेजा था और किसी प्रकार की अनुचित कार्रवाई नहीं की गई।   सुरक्षा और प्रशासनिक व्यवस्था रही सख्त मुख्यमंत्री के दौरे को लेकर मेहंदीपुर बालाजी मंदिर परिसर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। प्रोटोकॉल ड्यूटी में जिला कलेक्टर देवेंद्र कुमार, एसपी सागर राणा, करौली एसपी लोकेश सोनवाल, एडीएम अरविंद शर्मा, सिकराय एसडीएम नवनीत कुमार सहित पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। पूरे कार्यक्रम के दौरान पुलिस बल तैनात रहा और सुरक्षा व्यवस्था पर लगातार निगरानी रखी गई।

अरावली पर संकट के खिलाफ हुंकार: ग्रामीणों का पहाड़ियों पर चढ़कर आक्रोश, जानिए पूरी मांग सूची

अलवर राजस्थान की जीवनरेखा मानी जाने वाली अरावली पर्वतमाला के अस्तित्व पर मंडराते संकट को देखते हुए अब ग्रामीण सड़कों से लेकर पहाड़ियों तक लामबंद होने लगे हैं। सुप्रीम कोर्ट की हालिया गाइडलाइन के बाद, जिसमें 100 मीटर से कम ऊंचाई वाली पहाड़ियों को अरावली श्रृंखला से बाहर मानने की चर्चा है, बानसूर क्षेत्र में विरोध की आग तेज हो गई है। रविवार को बिलाली क्षेत्र में सैंकड़ों ग्रामीणों ने पहाड़ियों पर चढ़कर प्रशासन और न्यायपालिका के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने पहाड़ियों की चोटियों पर तिरंगा और तख्तियां लेकर अरावली बचाओ, भविष्य बचाओ के नारे लगाए। प्रदर्शनकारियों का तर्क है कि अरावली उनके लिए केवल पत्थर के पहाड़ नहीं, बल्कि जल, जंगल और जमीन की सुरक्षा करने वाली एक प्राकृतिक दीवार है। ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि इन पहाड़ियों को अरावली का हिस्सा नहीं माना गया, तो भू-माफिया और अवैध खनन करने वाले लोग इसे पूरी तरह नष्ट कर देंगे। प्रदर्शन के दौरान सामाजिक कार्यकर्ता ओमप्रकाश गुर्जर ने संबोधित करते हुए कहा कि क्षेत्र में पहले से ही भूजल स्तर चिंताजनक रूप से नीचे जा रहा है। अरावली की ये पहाड़ियां वर्षा जल को रोकने और जमीन को रिचार्ज करने का मुख्य स्रोत हैं। यदि इन्हें अरावली के दायरे से बाहर कर खनन की अनुमति दी गई, तो आने वाली पीढ़ियां पानी की एक-एक बूंद को तरस जाएंगी। अरावली हमारी प्राकृतिक धरोहर और आन-बान-शान का प्रतीक है, जिसे किसी भी कीमत पर मिटने नहीं दिया जाएगा। सभी छोटी-बड़ी पहाड़ियों को पूर्ण संरक्षण प्रदान करें ग्रामीणों का आरोप है कि नई गाइडलाइन से पर्यावरण संरक्षण के प्रयासों को भारी धक्का लगेगा। इससे न केवल वन्यजीवों का आवास छीन जाएगा, बल्कि मरुस्थलीकरण की प्रक्रिया भी तेज होगी। प्रदर्शनकारियों ने सामूहिक रूप से मांग की है कि सरकार और न्यायपालिका जनभावनाओं को ध्यान में रखते हुए अरावली की सभी छोटी-बड़ी पहाड़ियों को पूर्ण संरक्षण प्रदान करें। चेतावनी: ग्रामीणों ने दो-टूक शब्दों में कहा है कि यदि उनकी मांगों पर गौर नहीं किया गया, तो यह आंदोलन केवल बानसूर तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसे पूरे प्रदेश स्तर पर बड़े जन-आंदोलन का रूप दिया जाएगा।