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पानी की कमी से निपटने के लिए दिल्ली सरकार का नया ऐलान, सीवर वॉटर होगा इस्तेमाल

नई दिल्ली दिल्ली की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार ने राजधानी में जल संकट को दूर करने के लिए कई नए उपायों की घोषणा की है। भीषण गर्मी के बीच हो रही किल्लत को स्वीकार करते हुए दिल्ली सरकार ने पिछली सरकारों को इसके लिए कसूरवार ठहराया तो यह भी बताया कि अब स्थिति में बदलाव के लिए क्या-क्या कदम उठाए जा रहे हैं। मंत्री प्रवेश वर्मा ने मंगलवार को बताया कि उनकी सरकार सीवर के पानी को साफ करके भी पानी की कमी को पूरा करने पर विचार कर रही है। उन्होंने विस्तार से बताया कि कैसे सीवर के पानी को ट्रीट करके टॉयलेट या गाड़ी धोने जैसे काम में लाया जा सकता है। प्रवेश वर्मा ने बताया कि दिल्ली में रोजाना 1000 एमजीडी पानी घरों में सप्लाई हो रहा है। इसमें से 800 एमजीडी पानी प्रतिदिन सीवर में लौटता है, जबकि केवल 200 एमजीडी पानी का इस्तेमाल लोग पीने या अन्य उपभोग में लाते हैं। प्रवेश वर्मा ने कहा कि सीवर के पानी को एसटीपी प्लांट में इतना ट्रीट किया जाएगा कि वह पीने लायक बन जाएगा। लेकिन फिलहाल उन्हें टायलेट आदि में यूज किया जाएगा। उन्होंने कहा, 'इस पानी को सबसे पहले सरकारी इमारतों में पहुंचाया जाएगा। इसके बाद कॉलोनियों में डबल पाइपलाइन से पानी पहुंचाया जाएगा। जो लोग डबल पाइपलाइन लगवाएंगे उन्हें बिल में छूट दी जाएगी। मंत्री ने कहा कि एसटीपी में साफ किए गए पानी का इस्तेमाल लोग शौचालय, पौधे में डालने, गाड़ी धोने आदि कामों के लिए कर सकेंगे। इससे मीठे पानी की बचत होगी। प्रवेश वर्मा ने कहा कि कि इससे रोजाना करोड़ों लीटर पानी बचाया जा सकता है। कम हो रहा उत्पादन प्रवेश वर्मा ने कहा कि दिल्ली में पानी की कमी को लेकर जानकारी मिल रही है। जनसंख्या के आधार पर अगर सभी को पानी मिले तो कुल मांग 1250 एमजीडी की है। लेकिन इतना उत्पादन नहीं होता है। आज के दिन में हरियाणा सरकार से लगभगएक हजार क्यूसेक पानी मिल रहा है। वजीराबाद में पानी सूख गई है जिसके चलते वहां प्लांट में पानी नहीं आ रहा है। वहां 200 क्यूसेक पानी से ज्यादा खींचा जाता था जो अभी केवल 75 क्यूसेक ही मिल रहा है। पिछली सरकारों पर फोड़ा ठीकरा प्रवेश वर्मा ने कहा कि टैंकर के माध्यम से लोगों को पानी पहुंचाया जा रहा है। जहां पिछली सरकारों ने पानी की पाइपलाइन नहीं डाली तो वहां टैंकर से पानी पहुंचाया जा रहा है। पिछले साल के मुकाबले दोगुने टैंकर से पानी पहुंचाया जा रहा है। पिछली सरकार 200 नए बोरवेल लगाती थी जबकि हमारी सरकार ने 560 बोरवेल लगाए हैं। पानी की समस्या पिछले एक साल की नहीं है। पिछली सरकार ने अगर बंदोबस्त किया होता तो इतनी परेशानी नहीं आती। आप सरकार ने अपने अंतिम वर्ष में लगभग 1200 करोड़ इन्फ़्रास्ट्रक्चर पर खर्च किया था जबकि इस वर्ष जल बोर्ड ने लगभग 2900 करोड़ रुपये खर्च किए हैं। पुरानी पाइपलाइन को बदला जाएगा मंत्री ने कहा कि दिल्ली में दशकों पुरानी पाइप लाइन से पानी लीक होता है। इन सभी पाइपलाइंस को बदलने के लिए योजना बन चुकी है। दिल्ली को हमने आठ जोन में बांटा है। चंद्रावल का टेंडर हो चुका है जबकि आगामी वजीरगंज जोन नवंबर तक टेंडर कर कंपनी को सौंप दिया जाएगा। दिल्ली सरकार पानी लीकेज को कम करने के लिए प्रयास कर रही है। यह कंपनिया सभी पाइपलाइन को बदलेगी और पानी का रिसाव खत्म करेगी। पिछले सवा साल में हमारी सरकार की पांच उपलब्धियों में से एक इंफ्रास्ट्रक्चर शुल्क को कम करना है। दिल्ली की 52 फीसदी पुरानी पाइपलाइन को बदला जाएगा कनाल का पानी पाइपलाइन से आएगा हरियाणा से कैनाल के माध्यम से आने वाले पानी को पाइपलाइन के माध्यम से लाया जाएगा। रास्ते में किसान भाई निकाल लेते हैं। अन्य लोग भी पानी निकाल लेते हैं। इसलिए पाइपलाइन डालने की तैयारी की जा रही है। दिल्ली का पानी का कोटा तय है। हमने बांध के लिए हिमाचल प्रदेश सरकार को पैसा दिया है जिससे 2032 से पानी मिलने लगेगा।

दिल्ली CM रेखा गुप्ता के बयान के निकाले जा रहे बड़े मायने, BJP की नई रणनीति पर चर्चा तेज

नईदिल्ली  दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्‍ता ने कहा कि अगर घरों में रखी भगवान की मूर्तियां खंडित हो जाएं तो उन्हें कूड़े में मत फेंकिए, सरकार को दीजिए. दिल्ली सरकार इसके लिए कलेक्शन सेंटर बनाएगी. सुनने में यह छोटा फैसला लगता है. लेकिन राजनीति में कई बार सबसे बड़ा खेल वहीं शुरू होता है, जहां लोग कहते हैं- अरे इसमें क्या है? बीजेपी ठीक वहीं खेलती है. क्‍या ऐसा नहीं लगता क‍ि इस बार बीजेपी ने सीधे हिंदूओं के ड्रॉइंग रूम, पूजा घर और भावनाओं के सबसे निजी कोने में एंट्री मार दी है? राजनीत‍ि के जानकारों की मानें तो मैसेज क्‍ल‍ियर है. बीजेपी अब सिर्फ मंदिर बनाने वाली पार्टी नहीं रहना चाहती, वह घर के मंदिर तक पहुंचना चाहती है. हर हिंदू घर में एक छोटा मंदिर होता है. वहां रखी मूर्ति टूट जाए तो लोग असहज हो जाते हैं. फेंकें तो पाप लगेगा, रखें तो कैसे रखें? बीजेपी ने इसी भावनात्मक खाली जगह को पकड़ लिया. अब सरकार कह रही है- भगवान की चिंता मत करो, सरकार है ना! राजनीति में इसे कहते हैं दिल के रास्ते वोट तक पहुंचना।      यह वही बीजेपी है जिसने वर्षों तक मंदिर वहीं बनाएंगे की राजनीति की. लेकिन अब पार्टी उससे दो कदम आगे निकल चुकी है. पहले आंदोलन सड़क पर था, फिर अयोध्या तक पहुंचा, अब सीधा घर के पूजा घर में घुस गया है. यह सिर्फ धार्मिक पहल नहीं, लोगों के द‍िल तक उतरने की बात है. बीजेपी चाहती है कि हिंदू परिवार को हर दिन महसूस हो कि यह सरकार सिर्फ सड़क और बिजली वाली सरकार नहीं है, बल्कि उसके भगवान की भी संरक्षक है. वह अपनापन जताना चाहती है।  आपके घर की आस्था अब सरकार की जिम्मेदारी दिल्ली की राजनीति में यह दांव और भी बड़ा है. क्योंकि बीजेपी जानती है कि राजधानी में सिर्फ हिंदुत्व का शोर काफी नहीं होता. यहां पढ़ा-लिखा मध्यवर्ग है, सरकारी कर्मचारी हैं, अपार्टमेंट कल्चर है, न्यूक्लियर फैमिली है. यहां खुले धार्मिक उन्माद से ज्यादा असर संस्कृति की चिंता वाली राजनीति करती है. इसलिए यह पूरा मॉडल बेहद सॉफ्ट दिखता है. कोई भड़काऊ बयान नहीं. कोई विरोधी धर्म पर हमला नहीं. बस इतना कहना- खंडित मूर्तियां हमें दे दीजिए. लेकिन असली संदेश इससे कहीं बड़ा है. यह मैसेज है क‍ि आपके घर की आस्था अब सरकार की जिम्मेदारी है।  भावनात्मक रिश्ते की भाषा में चुनाव बीजेपी की राजनीति को अगर एक लाइन में समझना हो तो वह यह है- जहां भावनाएं हैं, वहां संगठन पहुंचाओ. पहले पार्टी गांव के मंदिर तक गई. फिर तीर्थ कॉरिडोर बनाए. फिर सनातन को राष्ट्रीय बहस बनाया. अब घर के मंदिर तक पहुंच गई. यह माइक्रो-हिंदुत्व है. ऐसा हिंदुत्व जो टीवी डिबेट में नहीं, घर की अलमारी, पूजा की घंटी और टूटी मूर्ति के जरिए काम करता है. और सच कहें तो विपक्ष अभी भी इसे समझ नहीं पा रहा. विपक्ष अभी भी बेरोजगारी, महंगाई और संविधान की भाषा में लड़ रहा है, जबकि बीजेपी भावनात्मक रिश्ते की भाषा में चुनाव लड़ रही है।  सिर्फ प्रशासन नहीं, कल्‍चरल मैनेजमेंट यानी धर्म सिर्फ चुनावी मुद्दा नहीं. यह सिविक सर्विस हो गया. जैसे नगर निगम कूड़ा उठाता है, वैसे ही सरकार अब खंडित मूर्तियां भी उठाएगी. यानी राज्य और धार्मिक जीवन के बीच की दूरी लगातार कम हो रही है. यह वही मॉडल है जिसमें सरकार मंदिर कॉरिडोर भी बनाती है, पूजा स्थलों का सौंदर्यीकरण भी करती है, त्योहारों में मंच भी सजाती है और अब घर की टूटी मूर्तियों का भी सम्मान करेगी. यह सिर्फ प्रशासन नहीं, कल्‍चरल मैनेजमेंट है।  यह आने वाले समय की राजनीति का ट्रेलर और यही वजह है कि रेखा गुप्ता का बयान हल्का नहीं है. यह आने वाले समय की राजनीति का ट्रेलर है. बीजेपी अब सिर्फ वोटर नहीं चाहती, वह भावनात्मक अनुयायी चाहती है. वह चाहती है कि हिंदू परिवार को हर छोटे-बड़े धार्मिक क्षण में सरकार याद आए. मूर्ति टूटे-सरकार याद आए. त्योहार आए- सरकार याद आए. मंदिर बने-सरकार याद आए. यानी राजनीति अब सिर्फ चुनाव के दिन नहीं, रोजमर्रा की जिंदगी में घुस रही है. और अगर विपक्ष अभी भी इसे सिर्फ मूर्ति कलेक्शन समझ रहा है, तो शायद वह बीजेपी की सबसे बड़ी ताकत को अब भी समझ नहीं पाया है। 

‘शीशमहल’ विवाद गरमाया: महंगे पर्दों के पीछे छुपी हकीकत पर रेखा गुप्ता का तंज

नई दिल्ली दिल्ली विधानसभा में बजट सत्र के दौरान सीएजी पर चर्चा करते हुए सीएम रेखा गुप्ता ने आम आदमी पार्टी के प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यह चर्चा उस सुनियोजित धोखे की है जिस रिपोर्ट को केजरीवाल ने रोके रखा। आम आदमी बनकर उन्होंने दिल्ली के लोगों को ठगा। रेखा गुप्ता ने शायराना अंदाज में तंज कसा- दिल्ली वाले कह रहे होंगे कि वो जहर देता तो सबकी नजरों में आ जाता, उसने दवा देना बंद कर दिया। सीएम रेखा गुप्ता ने 'शीशमहल' को लेकर केजरीवाल को निशाने पर लिया। आरोप लगाया कि वे शीला दीक्षित के घर के 10 एसी वाले घर पर हंगामा करते थे। आज उनके 'शीशमहल' में 50 एसी और 70 पंखे मिले। एक करोड़ के पर्दे और 18 लाख की कॉफी मशीन मिली। दिल्लीवासियों को बेवकूफ बनाया रेखा गुप्ता ने विधानसभा में सीएजी पर चर्चा के दौरान कहा कि वास्तव में वह (अरविंद केजरीवाल) राजा बनकर दिल्ली वालों को दास समझते थे। दिल्ली की जानता को बेवक़ूफ बनाते थे। शीला दीक्षित के घर में लगे दस एसी को लेकर वह ताने मारते थे, आज अपने घर में पचास एसी लगाने को लेकर वह क्या कहेंगे। जब लोग मर रहे थे, केजरीवाल बना रहे थे शीशमहल अरविंद केजरीवाल कहते थे कि उन्हें कुछ नहीं चाहिए लेकिन वास्तव में उन्हें सब कुछ चाहिए था। देश में जब लाखों लोग मार रहे थे, दिल्ली में हजारों लोग मार रहे थे, तब अरविंद केजरीवाल अपना शानदार घर बना रहे थे। उन्होंने अस्पताल बनाना प्राथमिकता नहीं लगी। उनके यहाँ खाना नीचे से ऊपर ले जाने के लिए लिफ्ट लगाई। 18 लाख की कॉफ़ी मशीन लगाई। मुझे प्रवेश एक दिन घर दिखाने के लिए ले गए। वहाँ घूमकर मुझे लगा कि मैं धर्मशाला में रहती हूं। दिल्ली को सड़क, फ्लाईओवर चाहिए थे, केजरीवाल ने महल बनाया मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि दिल्ली को फ्लाईओवर, सड़क, अस्पताल, स्कूल चाहिए थे, लेकिन केजरीवाल ने अपना घर बनाने पर ज़्यादा ध्यान दिया। करोड़ों रुपये सलाहकार को दिए गए। ठेकेदार को चुनकर काम सौंपा गया। उन्हें पता था चीफ इंजीनियर की शक्ति दस करोड़ की है। इसलिए ऊपर अनुमति के लिए गए ही नहीं। आठ करोड़ का टेंडर कैसे 62 करोड़ में बदल गया। और नेताओं ने भी अपने यहां करोड़ों रुपये खर्च किए। सचिवालय में बना मुख्यमंत्री कार्यालय भी एक महल के समान है। जो अरविंद केजरीवाल ने बनवाया है। जानता के साथ उन्होंने गुनाह किया है। रेखा गुप्ता आगे कहा कि मनीष सिसोदिया, राजेंद्र पाल गौतम, रामनिवास गोयल, इमरान हुसैन, राखी बिदकना आदि ने भी अपने घरों पर करोड़ों रुपये खर्च किए। इस रिपोर्ट पर सख्त करवाई की मांग मुख्यमंत्री ने की। इसके साथ ही उन्होंने इसे पीएसी में भेजने की माँग की है।

Delhi Budget Highlights: फ्री बिजली पर बड़ा ऐलान, जानिए किन योजनाओं की हुई बरसात

नई दिल्ली दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मंगलवार को अपना दूसरा बजट पेश करते हुए कई बड़े ऐलान किए। लगातार दूसरे साल एक लाख करोड़ से अधिक का बजट अनुमान पेश करते हुए मुख्यमंत्री ने मुफ्त बिजली को लेकर भी दिल्लीवासियों को बड़ी राहत की खबर दी। रेखा गुप्ता ने कहा कि उनकी सरकार ने मुफ्त बिजली योजना को पहले की तरह जारी रखने का फैसला किया है। इसके अलावा दिल्ली में बेटियों को मुफ्त साइकिल तो मेधावी छात्रों को लैपटॉप बांटने का महत्वपूर्ण ऐलान भी किया गया है। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 2026-27 का बजट पेश करते हुए कहा कि 'ट्रिपल इंजन' सरकार के साथ राष्ट्रीय राजधानी में तेजी से प्रगति हो रही है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए दिल्ली सरकार का 1,03,700 करोड़ रुपये का बजट पेश किया।। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि बजट में पर्यावरण संरक्षण के लिए 21 प्रतिशत आवंटन होगा और इसलिए बजट को 'ग्रीन बजट' का नाम दिया गया है। मुख्यमंत्री ने सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, यमुना सफाई से जुड़े कई महत्वपूर्ण ऐलान किए। मुफ्त बिजली की स्कीम जारी रहेगी दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता ने बजट पेश करते हुए ऐलान किया कि उनकी सरकार आगामी वित्त वर्ष में भी मुफ्त बिजली की स्कीम को जारी रखेगी। दिल्ली को 24 घंटे मुफ्त बिजली सुनिश्चित करने के लिए 3942 करोड़ का बजट रखा गया है। महिलाओं को मुफ्त बस यात्रा मुख्यमंत्री ने कहा कि 450 करोड़ करोड़ मुफ्त बस यात्रा के लिए रखे हैं। लेकिन भ्रष्टाचार के लिए एक रुपया नहीं रखा है। इसलिए पिंक कार्ड बनवाए हैं। जितनी बहनें यात्रा करेंगी उनके बदले ही पैसा दिया जाएगा। इसलिए पिंक सहेली कार्ड बनवाए हैं। इनमें सिर्फ महिलाएं नहीं बल्कि ट्रांसजेंडर वर्ग को भी मुफ्त यात्रा का सौगात दिया गया है। महिला समृद्धि योजना के लिए कितना पैसा दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बजट पेश करते हुए भरोसा दिलाया कि दिल्ली में जल्द ही महिला समृद्धि योजना के तहत पैसा मिलने की शुरुआत हो जाएगी। महिला समृद्धि योजना के तहत पात्र महिलाओं को मासिक 2500 रुपये देने के लिए 5100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। सीएम ने कहा कि इस योजना में लाभार्थी तय करने के लिए कमेटी बनाई गई है। उस पर काम हो रहा है। जल्द सरकार पोर्टल खोलेगी जिसमे बहनें आवेदन कर सकेंगी। मुफ्त खाना और सिलेंडर दिल्ली की सीएम ने कहा कि झुग्गी बस्तियों के लिए और अटल कैंटीन के लिए 634 करोड़ का फंड रखा गया है। मुफ्त सिलेंडर के लिए 260 करोड़ का फंड आवंटित किया गया है। सीएम ने कहा कि होली में मुफ्त सिलेंडर का पैसा सीधे लाभार्थियों के खाते में भेजा गया है और दिवाली में भी ऐसा किया जाएगा। शिक्षा के लिए बड़ा बजट, साइकिल से लैपटॉप तक दिल्ली सरकार ने शिक्षा के लिए 19 हजार करोड़ का बजट रखा है। स्कूलों के विस्तार और निर्माण के लिए 470 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। 9वीं क्लास में पढ़ने वाली एक लाख से ज्यादा बेटियों को मुफ्त साइकिल तो 10वीं क्लास के मेधावी छात्रों को मुफ्त लैपटॉप देने का ऐलान भी किया गया है। ड्रेनेज के लिए बड़ी रकम मुख्यमंत्री ने कहा कि नया ड्रेनेज मास्टर प्लान तैयार किया। कई ड्रेनेज को मंजूरी दी गई ताकि जलभराव को खत्म किया जा सके। इसके लिए 610 करोड़ का फंड बाढ़ नियंत्रण एवं सिंचाई विभाग को दिया गया है। बस और मेट्रो के लिए क्या सीएम ने कहा कि परिवहन के लिए 8374 करोड़ का बजट रखा गया है। हर महीने बसों की संख्या बढ़ाई जा रही है। दिल्ली में अगले वर्ष मार्च तक 5800 इलेक्टिक बेस होंगी और कुल बसों की संख्या 7500 हो जाएंगी। मेट्रो के लिए 2885 करोड़ रुपये प्रस्तावित किया है। नमो ट्रेन के लिए 568 करोड़ का बजट रखा है। स्वास्थ्य के लिए बजट में कितना पैसा, आरोग्य मंदिर पर बड़ा ऐलान रेखा गुप्ता ने कहा कि उपचार अधिकार है, उपकार नहीं। इसलिए उनकी सरकार ने स्वास्थ्य विभाग को 12,645 करोड़ का बजट आवंटित किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने पिछले एक साल में दिल्ली में 370 आयुष्मान आरोग्य मंदिर खोले हैं। इस साल 750 नए आयुष्मान आरोग्य मंदिर स्थापित किए जाएंगे। ग्रीन बजट दिया गया नाम मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली के इस बजट को ग्रीन बजट के रूप में प्रस्तुत किया गया है। उन्होंने कहा, 'हर योजना को हमने ग्रीन लेंस से देखा है। इस बजट की हर नीति में पर्यावरण और हर योजना में प्रकृति और हर निर्णय में भविष्य की पीढ़ियों की चिंता समाहित है। इसलिए हमने पूरे बजट का 21 फीसदी हिस्सा ग्रीन बजट के लिए आवंटित किया है।'

डॉ. हेडगेवार को श्रद्धांजलि: सीएम रेखा गुप्ता ने किया प्रतिमा अनावरण, स्वास्थ्य सेवाओं में होगा विस्तार

नई दिल्ली दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शनिवार को शाहदरा के डॉ. हेडगेवार आरोग्य संस्थान में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के पहले सरसंघचालक डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार की प्रतिमा का अनावरण किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि डॉ. हेडगेवार ने जो विचार और लक्ष्य शुरू किया था, वह आज मजबूत और विशाल संगठन के रूप में देश सेवा कर रहा है। व्यक्ति निर्माण के जरिए समाज को संगठित करने का उनका मार्ग आज भारत के सांस्कृतिक जागरण की मजबूत नींव बन चुका है। मुख्यमंत्री ने कहा कि संस्थान में लगी यह प्रतिमा केवल स्मारक नहीं है, बल्कि यह सेवा, समर्पण और राष्ट्र प्रथम की भावना की प्रेरणा देती रहेगी। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री पंकज कुमार सिंह, विश्वास नगर के विधायक ओम प्रकाश शर्मा, लक्ष्मी नगर के विधायक अभय वर्मा, शाहदरा के विधायक संजय गोयल, कृष्णा नगर के विधायक अनिल गोयल सहित अन्य जनप्रतिनिधि, चिकित्सक, पैरामेडिकल स्टाफ और नागरिक उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने अस्पताल की बढ़ती जरूरत को देखते हुए इसके विस्तार की घोषणा की। उन्होंने कहा कि जल्द ही यहां नई मंजिल बनाई जाएगी और आधुनिक चिकित्सा मशीनें लगाई जाएंगी। उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि संस्थान में जो भी कमियां हैं, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर दूर किया जाएगा। संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि विस्तार के लिए विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर काम जल्द शुरू किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि यमुनापार की बड़ी आबादी को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिलें, इसके लिए मजबूत और व्यवस्थित हेल्थ नेटवर्क बनाना सरकार की प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार के एक साल के कार्यकाल में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने के लिए कई ऐतिहासिक कदम उठाए गए हैं। दिल्ली में आयुष्मान भारत योजना के तहत स्वास्थ्य कवर को 5 लाख रुपये से बढ़ाकर 10 लाख रुपये किया गया है। 70 वर्ष से अधिक आयु के सभी बुजुर्गों के लिए ‘वय वंदन योजना’ की शुरुआत की गई है। अब तक 7 लाख से अधिक नागरिक इस योजना में पंजीकृत हो चुके हैं और लगभग 30,000 लोगों को उपचार का लाभ मिल चुका है। मुख्यमंत्री ने बताया कि दिल्ली में अब तक 370 आयुष्मान आरोग्य मंदिर खोले जा चुके हैं और 1100 केंद्र बनाने का लक्ष्य रखा गया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि दिल्ली सरकार के सभी अस्पतालों को पूर्ण रूप से डिजिटल किया जा चुका है। अब प्रत्येक मरीज का डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड उपलब्ध है, ऑनलाइन ओपीडी अपॉइंटमेंट की सुविधा शुरू कर दी गई है और किसी भी अस्पताल में उपचार का पूरा इतिहास एक क्लिक में देखा जा सकता है। उन्होंने बताया कि इससे न केवल पारदर्शिता बढ़ेगी और भ्रष्टाचार पर अंकुश लगेगा, बल्कि उपचार प्रक्रिया भी अधिक प्रभावी और सुव्यवस्थित होगी। उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों की उपेक्षा के कारण कई अस्पतालों में आवश्यक मशीनों का अभाव था, लेकिन वर्तमान सरकार ने स्वास्थ्य ढांचे को सशक्त बनाने के लिए ठोस कदम उठाए हैं। जी. बी. पंत अस्पताल में अत्याधुनिक सीटी स्कैनर, न्यूरो लैब और न्यूरो आईसीयू जैसी सुविधाएं स्थापित की गई हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्षों से निष्क्रिय पड़े यमुनापार विकास बोर्ड को पुनर्जीवित कर 700 करोड़ रुपये का विशेष फंड प्रदान किया गया है। इस बजट के माध्यम से यमुनापार क्षेत्र में सड़कों, ड्रेनेज और अन्य आधारभूत ढांचे का तेजी से विकास किया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार की नीति और नियत दोनों ही जनसेवा के लिए समर्पित हैं। जनता का धन जनता की सेवा में ही लगाया जा रहा है।

मेहंदीपुर बालाजी में CM रेखा गुप्ता की विशेष पूजा-अर्चना, परिवार भी साथ

दौसा दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता शनिवार को अपने पति मनीष गुप्ता के साथ दौसा जिले के प्रसिद्ध सिद्धपीठ आस्थाधाम मेहंदीपुर बालाजी पहुंचीं। मंदिर पहुंचने पर सिद्धपीठ के महंत डॉ. नरेशपुरी महाराज ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ उनका स्वागत किया। मुख्यमंत्री का यह दौरा धार्मिक आस्था और आध्यात्मिक भावना से जुड़ा रहा।   गर्भगृह के समक्ष विशेष पूजा-अर्चना मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मंदिर के गर्भगृह के सामने बैठकर पति मनीष गुप्ता के साथ विशेष पूजा-अर्चना की। महंत डॉ. नरेशपुरी महाराज के सान्निध्य में पंडितों ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजा संपन्न कराई। पूजा के दौरान मुख्यमंत्री ने बालाजी महाराज से देश और प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की।   दर्शन के बाद मुख्यमंत्री की प्रतिक्रिया दर्शन के पश्चात मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि मेहंदीपुर बालाजी में उनकी गहरी आस्था है और यहां आकर उन्हें आत्मिक शांति का अनुभव होता है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री बनने के बाद यह उनका पहला मेहंदीपुर बालाजी दर्शन है। इससे पहले वह खाटू श्याम और सालासर बालाजी में भी दर्शन कर चुकी हैं।   भाजपा नेताओं और जनप्रतिनिधियों ने किया स्वागत मुख्यमंत्री के मंदिर आगमन पर भाजपा नेताओं और जनप्रतिनिधियों ने उनका स्वागत किया। इस अवसर पर गोठवाल, करौली जिलाध्यक्ष गोरधन सिंह जादौन, जिला महामंत्री लेखपाल कसाना, विपिन जैन, पूर्व जिलाध्यक्ष डॉ. रतन तिवाड़ी, खंडार विधायक जितेंद्र गोठवाल, भाजपा एससी मोर्चा दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र सहित अन्य पार्टी पदाधिकारी मौजूद रहे। जिला अध्यक्ष को लेकर बना असहज माहौल मुख्यमंत्री के स्वागत के दौरान दौसा भाजपा जिला अध्यक्ष लक्ष्मी रेला को मंदिर परिसर में असहज स्थिति का सामना करना पड़ा। लक्ष्मी रेला अपनी कार्यकारिणी के साथ मंदिर परिसर में मौजूद थीं, जहां मानपुर डीएसपी धर्मराज चौधरी ने उन्हें बाहर भेज दिया। जिला अध्यक्ष लक्ष्मी रेला ने कहा कि उनके पास अनुमति थी, इसके बावजूद उन्हें बाहर निकाला गया। वहीं डीएसपी धर्मराज चौधरी ने बताया कि उन्होंने जिला अध्यक्ष को समझाकर मुख्यमंत्री के स्वागत के लिए बाहर भेजा था और किसी प्रकार की अनुचित कार्रवाई नहीं की गई।   सुरक्षा और प्रशासनिक व्यवस्था रही सख्त मुख्यमंत्री के दौरे को लेकर मेहंदीपुर बालाजी मंदिर परिसर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। प्रोटोकॉल ड्यूटी में जिला कलेक्टर देवेंद्र कुमार, एसपी सागर राणा, करौली एसपी लोकेश सोनवाल, एडीएम अरविंद शर्मा, सिकराय एसडीएम नवनीत कुमार सहित पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। पूरे कार्यक्रम के दौरान पुलिस बल तैनात रहा और सुरक्षा व्यवस्था पर लगातार निगरानी रखी गई।

मजदूरों को राहत, वर्क फ्रॉम होम पर नया निर्णय और वाहनों के लिए कड़ा फैसला — रेखा गुप्ता सरकार

नई दिल्ली दिल्‍ली में एयर पॉल्‍यूशन से हालात काफी गंभीर हो चुके हैं. अब मुख्‍यमंत्री रेखा गुप्‍ता की सरकार ने इसको लेकर बड़ा ऐलान किया है. मजदूरों से लेकर वाहन चालकों और नौकरीपेशा लोगों के लिए घोषणाएं की गई हैं. दिल्‍ली की रेखा गुप्‍ता सरकार अब एयर पॉल्‍यूशन से निपटने के लिए युद्धस्‍तर पर काम करने में जुट गई है. वायु प्रदूषण से निपटने के लिए दिल्‍ली सरकार की ओर से कई महत्‍वपूर्ण कदम उठाए गए हैं. दिल्‍ली सरकार ने प्रभावित होने वाले मजदूरों को ₹10000 का मुआवजा देने का ऐलान किया है. साथ ही नौकरीपेशा लोगों के लिए भी महत्‍वपूर्ण घोषणा की गई है. सरकार ने 50 फीसद स्‍टाफ के साथ ही ऑफिस चलाने का निर्देश दिया है. 50 प्रतिशत कर्मचारियों को घर से ही काम करने (Work From Home – वर्क फ्रॉम होम) का निर्देश दिया गया है. वाहनों को लेकर भी बड़ा फैसला लिया गया है. दिल्‍ली सरकार के श्रम मंत्री कपिल मिश्रा ने वायु प्रदूषण से निपटने को लेकर बुधवार 17 दिसंबर 2025 को बड़ा ऐलान किया है. उन्‍होंने कहा कि इस गंभीर समस्‍या से निजात पाने के लिए कुछ कड़े निर्णय लिए गए हैं. कपिल मिश्रा ने कहा, ‘GRAP-3 के चलते कंस्ट्रक्शन वर्कर्स का काम बंद था, जिससे उनकी माली हालत पर फर्क पड़ा. सभी रजिस्‍टर्ड मजदूरों के बैंक खाते में दस हजार रुपये DBT के माध्‍यम से ट्रांसफर किए जाएंगे. ये अभी सोलह दिन का है.’ कपिल मिश्रा ने आगे बताया कि GRAP-4 का भी इन मजदूरों को पैसा दिया जाएगा. दिल्‍ली में वर्क फ्रॉम होम देश की राजधानी दिल्‍ली की सरकार ने बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए नौकरीपेशा लोगों के लिए बड़ा फैसला किया है. कपिल मिश्रा ने कहा, ‘⁠दूसरा निर्णय ऑफिस जानेवालों के लिए है. सभी प्रतिष्ठान (सरकारी और प्राइवेट) केवल 50 परसेंट अटेंडेंस के साथ ही चलेंगे. स्‍वास्‍थ्‍य, बिजली, पानी, डिजास्‍टर मैनेजमेंट और पर्यावरण विभाग पर यह 50 फीसद का फॉर्मूला लागू नहीं होगा.’ कपिल मिश्रा ने वर्किंग आवर्स को फ्लेक्सिबल करने की भी अपील की है. बता दें कि दिल्‍ली में प्रदूषण की गंभीर स्थिति को देखते हुए सर्दियों के मौसम में वर्क फ्रॉम होम के फॉर्मूले का अक्‍सर इस्‍तेमाल किया जाता है. इसके अलावा कार पूलिंग का यूज करने की सलाह भी दी गई है. नहीं मानी बात तो जुर्माना मंत्री कपिल मिश्रा ने साफ कर दिया कि निर्देशों की अवहेलना होने की स्थिति में जुर्माना लगाया जाएगा. दिल्‍ली में एयर पॉल्‍यूशन पर कपिल मिश्रा ने कहा कि हमसे एक गलती तो हुई है. हमने 30 साल का पॉल्‍यूशन को 5 महीने में खत्‍म नहीं कर पाए. उन्‍होंने कहा कि आप सरकार ने कुछ नहीं किया. ये जो भी आप देख रहे हैं ये सब 12 साल के हैं. प्रदूषण हमें विरासत में मिला है. बता दें कि सर्दियों के मौसम में हर साल एयर पॉल्‍यूशन की हालत गंभीर हो जाती है. एयर क्‍वालिटी इंडेक्‍स बेहद ही गंभीर कैटेगरी में पहुंच जाता है, जिसके चलते खुली हवा में सांस लेना भी मुश्किल हो जाता है.

पर्यटन और सुशासन को गति देने दिल्ली में शुरू हुआ बड़ा मिशन: रेखा गुप्ता का बयान चर्चा में

नई दिल्ली  दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बुधवार को कहा कि राजधानी की वैश्विक छवि का पुनर्निर्माण करने और पर्यटन को मजबूत करने के लिए बड़े बदलाव किए जा रहे हैं। गुप्ता ने जोर देकर कहा कि काफी समय से लंबित व्यवस्थागत समस्याओं का समन्वित शासन के माध्यम से अंततः समाधान किया जा रहा है। गुप्ता ने कहा कि ‘विकसित दिल्ली, विकसित पर्यटन' की परिकल्पना दिल्ली को ऐसी विश्व स्तरीय राजधानी के रूप में स्थापित करने की सरकार की नयी प्रतिबद्धता को दर्शाती है, जो पर्यटकों में भरोसा पैदा करती हो। उन्होंने कहा कि कई वर्षों से स्वीकृतियों की बहुलता जैसी पुरानी समस्याओं ने दिल्ली की आर्थिक और पर्यटन क्षमता को धीमा कर दिया था, लेकिन शासन में बेहतर तालमेल के कारण अब ये बाधाएं दूर हो रही हैं। गुप्ता ने यहां एक शिखर सम्मेलन में मीडिया से कहा, ‘‘आज हम इन समस्याओं का समाधान कर सकते हैं क्योंकि भाजपा तीनों स्तरों पर सरकार में है। इस मुकाम तक पहुंचने में हमें 27 साल लग गए। हमारे पास लंबे समय से चली आ रही कठिनाइयों को दूर करने का अंतत: अब अवसर है।'' उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ‘‘लोगों और व्यवस्था की समस्याओं को पूरी तरह समझते हैं।'' गुप्ता ने हाल में हुए प्रशासनिक सुधारों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सरकार ने प्रतिष्ठानों के लिए पुलिस लाइसेंस समाप्त कर दिए हैं और वह अब तृतीय-पक्ष ऑडिट के माध्यम से अग्नि सुरक्षा लाइसेंस जारी करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि इस बदलाव का उद्देश्य एकाधिकार को समाप्त करना और देरी को कम करना है। उन्होंने कहा, ‘‘हम व्यवस्था को सरल बनाने के लिए काम कर रहे हैं ताकि व्यवसाय और पर्यटन क्षेत्र अनावश्यक बाधाओं के बिना विकसित हो सकें।''   

बिहार की जनता ने दिया संदेश—विकास सर्वोपरि: रेखा गुप्ता

नई दिल्ली दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शुक्रवार को बिहार विधानसभा चुनाव में एनडीए के बढ़त पर खुशी जाहिर की। पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि निसंदेह बिहार की जनता बधाई की पात्र है। यहां की जनता ने एक बार फिर से एक ऐसी सरकार का चयन करने का फैसला किया है, जो कि विकास पर विश्वास करती है। रेखा गुप्ता ने कहा कि एनडीए सरकार विकास से संबंधित किसी भी कार्य को लेकर कोई समझौता नहीं करती। पिछले दो दशकों में बिहार में एनडीए के शासनकाल में विकास से संबंधित कई काम हुए हैं और आज की जीत उन्हीं कामों का नतीजा है, जिसे शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता है। बिहार की जनता ने राजनीति से ऊपर बढ़कर विकास को तवज्जो दी है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि निश्चित तौर पर यह कहना अतिशयोक्ति नहीं होगा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राज्य में इसी तरह से विकास से संबंधित कार्य तीव्र गति से होते रहेंगे। एनडीए ने कभी बिहार में विकास से संबंधित कामों को लेकर किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया और न ही आगे कभी करेगी। हमारे लिए विकास हमेशा से ही सर्वोपरि रहा है और आगे भी रहेगा। उन्होंने कहा कि एनडीए को मिली इस अद्भुत बढ़त को लेकर मैं बिहार और दिल्ली दोनों की जनता को बधाई देना चाहूंगी। एनडीए का प्रदर्शन शानदार है। भाजपा नेता मनोज तिवारी ने बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजे को प्रत्याशित बताते हुए कहा कि हमें पहले से पता था कि बिहार में एनडीए की जीत होने जा रही है। जिस दिन महागठबंधन ने ‘शहाबुद्दीन अमर रहे’ के नारे लगाए थे, जिस दिन कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने छठ पूजा को ‘ड्रामा’ करार दिया, क्या ऐसी स्थिति में कोई गुंजाइश बची थी कि बिहार के लोग किसी दूसरे विकल्प का इंतजार करते? ये लोग समझते थे कि हम कभी विकासवादी राजनीति को छोड़कर जंगलराज वाली राजनीति करेंगे, तभी मैं समझ चुका था कि प्रदेश की जनता इस बार एनडीए का साथ देने जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की जोड़ी ने मिलकर बिहार की जनता का विश्वास जीता है। आज एनडीए के शासनकाल में प्रदेश में चौतरफा विकास से संबंधित काम हो रहे हैं। मुफ्त बिजली से लेकर पक्की सड़क राज्य सरकार की तरफ से सुनिश्चित की जा रही है। बिहार के लोगों ने यह बता दिया कि जो हमारे लिए काम करेगा, हम उसी को पसंद करेंगे। भाजपा नेता मनोज तिवारी ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्होंने अपनी ही पार्टी को समाप्त करने का मन बना लिया है। बिहार का चुनाव संस्कार की भी लड़ाई थी। हमारा संस्कार ‘सबका साथ, सबका विश्वास’ है, लेकिन उनका संस्कार कट्टा लेकर मारने का था। बिहार की जनता ने दिल खोलकर हमें प्यार दिया।

गरीब परिवारों को सशक्त करने की तैयारी: रेखा गुप्ता सरकार की नई योजना पर काम तेज़

नई दिल्ली दिल्ली के झुग्गीवासियों को जल्द बड़ी सौगात मिलने जा रही है। दिल्ली की रेखा गुप्ता सरकार झुग्गीवासियों को उज्ज्वला योजना से जोड़ने का ऐलान किया है। उज्ज्वला योजना से झुग्गीवासियों के जुड़ जाने के बाद गरीब परिवारों को मुफ्त एलपीजी कनेक्शन और रसोई सामान मिलेगा। सीएम रेखा गुप्ता ने घोषणा की है कि अब राजधानी की झुग्गियों में रहने वाले परिवारों को प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना से जोड़ा जाएगा। इस फैसले के तहत उन परिवारों को मुफ्त एलपीजी गैस कनेक्शन दिए जाएंगे जो अब तक लकड़ी, कोयला या मिट्टी के तेल से खाना बनाते हैं। मुख्यमंत्री ने दिल्ली शेल्टर बोर्ड (DUSIB) के अधिकारियों को निर्देश दिया है कि जल्द से जल्द झुग्गी-झोपड़ियों में सर्वे कर यह पता लगाया जाए कि किन परिवारों को अब तक इस योजना का लाभ नहीं मिला है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य है कि हर गरीब परिवार को साफ और सुरक्षित ईंधन उपलब्ध कराया जाए, ताकि महिलाओं और बच्चों की सेहत पर धुएं का असर न पड़े। सीएम रेखा गुप्ता ने बताया कि लकड़ी और कोयले से खाना पकाने पर न सिर्फ घरों में धुआं फैलता है, बल्कि इससे दिल्ली का वायु प्रदूषण भी बढ़ता है। ऐसे में रसोई गैस का उपयोग न केवल स्वास्थ्य के लिए बेहतर है बल्कि पर्यावरण के लिए भी फायदेमंद साबित होगा। सरकार ने साफ किया है कि पात्र परिवारों को एलपीजी सिलेंडर, गैस स्टोव और पाइप जैसी सभी जरूरी वस्तुएं मुफ्त दी जाएंगी, ताकि किसी को कोई परेशानी न हो। देशभर में करोड़ों परिवार इस योजना से हो चुके हैं लाभान्वित- सीएम मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा है कि सर्वे कार्य को तेजी से पूरा कर सूची तैयार की जाए और अधिक से अधिक झुग्गी परिवारों को इस योजना से जोड़ा जाए। उन्होंने कहा कि यह कदम गरीबों के जीवन में स्वच्छता, सेहत और सम्मान का नया अध्याय खोलेगा। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना केंद्र सरकार की एक महत्वाकांक्षी पहल है, जिसे वर्ष 2016 में शुरू किया गया था। इस योजना का मकसद है कि देश के हर गरीब परिवार को मुफ्त एलपीजी कनेक्शन देकर परंपरागत ईंधनों से मुक्ति दिलाई जाए। अब तक देशभर में करोड़ों परिवार इस योजना से लाभान्वित हो चुके हैं।