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दिल्ली में मैच के चलते आज 10 घंटे तक कई रास्तों पर नो एंट्री

नई दिल्ली. दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में रविवार को जिम्बाब्वे और दक्षिण अफ्रीका के बीच होने वाले टी20 विश्व कप मैच को देखते हुए दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने विशेष एडवाइजरी जारी की है। ट्रैफिक प्रतिबंध रविवार दोपहर 12 बजे से रात 10 बजे तक लागू रहेंगे, जिससे स्टेडियम और उसके आसपास के इलाकों में यातायात प्रभावित होने की संभावना है। पुलिस ने यात्रियों को सलाह दी है कि वे असुविधा से बचने के लिए अपनी यात्रा की योजना पहले से बना लें और वैकल्पिक मार्गों का इस्तेमाल करें। मुख्य रूप से राजघाट से दिल्ली गेट तक जेएलएन मार्ग, तुर्कमान गेट से दिल्ली गेट तक आसफ अली रोड और बहादुर शाह जफर मार्ग पर आवाजाही प्रभावित रहेगी। इसके अलावा, दरियागंज से बहादुर शाह जफर मार्ग और गुरु नानक चौक से आसफ अली रोड तक भारी वाहनों के प्रवेश पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। स्टेडियम जाने वाले दर्शकों के लिए गेट नंबर के आधार पर प्रवेश मार्ग निर्धारित किए गए हैं। गेट नंबर 1 से 8 और 16 से 18 के लिए बहादुर शाह जफर मार्ग से प्रवेश होगा, जबकि गेट नंबर 10 से 15 के लिए अंबेडकर स्टेडियम के पास जेएलएन मार्ग से प्रवेश दिया जाएगा। आम जनता के लिए स्टेडियम के पास पार्किंग की सुविधा उपलब्ध नहीं होगी; केवल लेबल वाले वाहनों को ही निर्धारित पार्किंग क्षेत्रों जैसे जेपी पार्क और विक्रम नगर पार्किंग में जाने की अनुमति मिलेगी। अन्य दर्शकों के लिए माता सुंदरी रोड, राजघाट पावर हाउस रोड और वेलोड्रोम रोड से 'पार्क-एंड-राइड' की मुफ्त बस सेवा उपलब्ध कराई गई है। रेलवे स्टेशन जाने वाले यात्रियों को भी सलाह दी गई है कि वे आईटीओ चौक और बहादुर शाह जफर मार्ग पर संभावित भीड़ को देखते हुए योजना पहले से बनाकर निकलें। पुलिस ने साफ किया है कि जेएलएन मार्ग और रिंग रोड (राजघाट से आईपी फ्लाईओवर) पर सड़क किनारे वाहन खड़े करने की अनुमति नहीं होगी। नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों को क्रेन से उठा लिया जाएगा और उन पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। टैक्सी और ऑटो के लिए मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज और राजघाट चौक के पास पिक-अप और ड्रॉप पॉइंट बनाए गए हैं।

गरीबों को बड़ी राहत: दिल्ली में खुलीं 24 अटल कैंटीन, 5 रुपये में मिलेगी थाली

नई दिल्ली राजधानी दिल्ली में सस्ती और सम्मानजनक भोजन उपलब्ध कराने वाली योजना को बड़ा विस्तार मिला है। 24 नई अटल कैंटीनों की शुरुआत के साथ शहर में इनकी कुल संख्या बढ़कर 70 हो गई है। कृष्णा नगर की नर्सरी बस्ती से डिजिटल माध्यम से आयोजित उद्घाटन कार्यक्रम में विनय कुमार सक्सेना और रेखा गुप्ता मौजूद रहे। कार्यक्रम के बाद दोनों नेताओं ने आम नागरिकों के साथ बैठकर भोजन किया और योजना की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने कहा कि नई अटल कैंटीनों के शुरू होने से राजधानी दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में कम कीमत पर भोजन की सुविधा और मजबूत होगी। उन्होंने बताया कि यह पहल विशेष रूप से आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए बड़ी राहत साबित हो रही है। उनके अनुसार, सस्ती दरों पर पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने से दिहाड़ी मजदूरों, जरूरतमंदों और निम्न आय वर्ग के लोगों को सीधे तौर पर लाभ मिल रहा है। उपराज्यपाल ने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि शहर के अधिक से अधिक इलाकों तक इस योजना का विस्तार किया जाए, ताकि कोई भी जरूरतमंद व्यक्ति भूखा न रहे और सम्मान के साथ भोजन प्राप्त कर सके।     दिल्ली को चलाने वाले, दिल्ली को बनाने वाले हर मेहनतकश, हर जरूरतमंद के लिए अटल कैंटीन एक भरोसा है कि यह शहर उसका भी है, और यह व्यवस्था उसके साथ खड़ी है। सम्मानजनक और पौष्टिक भोजन पर जोर रेखा गुप्ता ने कहा कि सरकार की नई कैंटीन पहल मेहनतकश और कम आय वर्ग के लोगों को ध्यान में रखकर तैयार की गई है। उन्होंने कहा कि मात्र पांच रुपये में पौष्टिक और संतुलित भोजन उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि भोजन की गुणवत्ता, साफ-सफाई और स्वाद के मानकों का सख्ती से पालन किया जाए ताकि जरूरतमंदों को सम्मानपूर्वक भोजन मिल सके। मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि योजना पूरी पारदर्शिता के साथ संचालित की जा रही है और इसका उद्देश्य दिहाड़ी मजदूरों सहित उन लोगों को राहत देना है जो रोज कमाकर जीवन यापन करते हैं। इन कैंटीनों का संचालन दिल्ली शहरी आश्रय सुधार बोर्ड द्वारा किया जा रहा है। उद्घाटन कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा, शहरी विकास मंत्री आशीष सूद और कृष्णा नगर के विधायक डॉ. अनिल गोयल सहित कई जनप्रतिनिधि और स्थानीय नागरिक मौजूद रहे। कैंटीनों का मुख्य उद्देश्य दिहाड़ी मजदूरों, रिक्शा चालकों, रेहड़ी-पटरी संचालकों, सफाई कर्मचारियों और अन्य कम आय वर्ग के लोगों को स्वच्छ, सस्ता और पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराना है, ताकि महंगाई के दौर में उन्हें राहत मिल सके। अटल जयंती से शुरू हुई योजना उपराज्यपाल ने जानकारी दी कि इस जनकल्याणकारी योजना की शुरुआत पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती के अवसर पर की गई थी। उन्होंने बताया कि तब से इस पहल को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जा रहा है, ताकि अधिक से अधिक जरूरतमंद लोगों तक इसका लाभ पहुंच सके। उन्होंने कहा कि सरकार प्रत्येक थाली पर 25 रुपये की सब्सिडी दे रही है, जिससे गरीब और मेहनतकश लोगों को मात्र 5 रुपये में पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया जा सके। यह योजना खासतौर पर दिहाड़ी मजदूरों और कम आय वर्ग के लोगों के लिए राहत का काम कर रही है। 100 कैंटीन का लक्ष्य, समावेशी विकास पर फोकस मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने स्पष्ट किया कि सरकार का लक्ष्य राजधानी में 100 अटल कैंटीन स्थापित करना है। उन्होंने कहा कि यह योजना केवल सस्ता भोजन उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज के कमजोर और जरूरतमंद वर्गों को सुरक्षा तथा सम्मान का एहसास दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। मुख्यमंत्री का कहना था कि कैंटीनों के विस्तार के साथ अधिक से अधिक लोगों को इसका लाभ मिलेगा, खासकर दिहाड़ी मजदूरों और कम आय वर्ग के परिवारों को। उन्होंने भरोसा जताया कि सरकार के सतत प्रयासों से राजधानी में कोई भी व्यक्ति भूखा न सोए, इस लक्ष्य की ओर लगातार काम किया जा रहा है।

इंडिगो विमान को मिली बम धमकी, कुवैत से दिल्ली आ रही फ्लाइट की अहमदाबाद में इमरजेंसी लैंडिंग

 अहमदाबाद बीते कुछ वक्त से विमानों को धमकी भरे संदेश लगातार मिल रहे हैं। इस बीच शुक्रवार को अब कुवैत से दिल्ली आ रहे इंडिगो के विमान को बम से उड़ाने और हाईजैक करने की धमकी दी गई, जिसके बाद सतर्कता बरतते हुए विमान की अहमदाबाद एयरपोर्ट पर इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई। हाईजैक करने और बम से उड़ाने की धमकी जानकारी के मुताबिक एक टिशू पेपर पर लिखे नोट में प्लेन को हाईजैक करने और बम से उड़ाने की धमकी दी गई। जिसके बाद सभी 180 यात्रियों और उनके सामान की अच्छी तरह से जांच की गई और हर यात्री की पहचान की पुष्टि की जा रही है। इधर, विमान की सरदार वल्लभभाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (एसवीपीआईए) पर सुरक्षित आपातकालीन लैंडिंग कराई गई है। सुरक्षा एजेंसियां एक्टिव, जांच जारी धमकी भरा नोट मिलने के बाद सुरक्षा एजेंसियां फौरन सक्रिय हो गई है। फिलहाल हवाई अड्डे के सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक अभी तक किसी भी तरह की संदिग्ध या आपत्तिजनक वस्तु नहीं मिली है। एयरपोर्ट पुलिस स्टेशन के अनुसार बम निरोधक दस्ते ने विमान की पूरी तरह से जांच की है। सुरक्षा जांच पूरी हो चुकी है और प्रोटोकॉल के अनुसार आगे की जांच जारी है। वहीं दिल्ली के लिए उड़ान में लगभग दो घंटे की देरी हो सकती है। 18 और 22 जनवरी को भी मिली थी धमकी आज की घटना से पहले 18 जनवरी और 22 जनवरी को भी इसी तरह की घटना सामने आई थी।  18 जनवरी (रविवार) को दिल्ली से पश्चिम बंगाल के बागडोगरा जा रही इंडिगो की फ्लाइट में बम की धमकी मिली थी। जिसको आनन-फानन में लखनऊ की ओर मोड़ा गया था। इसके बाद 22 जनवरी को दिल्ली से पुणे जा रही इंडिगो फ्लाइट को बम से उड़ाने की धमकी मिली। विमान के टॉयलेट में हाथ से लिखा धमकी भरा नोट मिला, जिसके बाद पुणे एयरपोर्ट पर विमान की सुरक्षित लैंडिंग कराई गई।

रातभर चली बुलडोजर कार्रवाई के बाद दिल्ली की मस्जिद के आसपास क्या बदला? देखें तस्वीरें

 नई दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के तुर्कमान गेट इलाके में फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास बीती रात बुलडोजर एक्शन किया गया. पुलिस प्रशासन का दावा है कि मस्जिद के आस-पास मौजूद अवैध निर्माण को ढहाने के लिए यह कार्रवाई की गई, जिसके लिए मौके पर 30 से ज्यादा बुलडोजर पहुंचे.  पुलिस ने बताया कि बुलडोजर कार्रवाई के दौरान स्थानीय लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया. इस दौरान पत्थरबाजी और पुलिस की तरफ से आंसू गैस के गोले दागे जाने की जानकारी भी सामने आई है. पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े. दिल्ली नगर निगम (MCD) के अधिकारियों ने बताया कि बुलडोजर कार्रवाई रात 1 बजे शुरू हुई. पुलिस ने बताया कि चार से पांच पुलिस अधिकारियों को मामूली चोटें आई हैं. अभी मौके पर क्या हालात? तुर्कमान गेट के पास फैज़-ए-इलाही मस्जिद के इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है. दिल्ली पुलिस ने पत्थरबाजी की घटना के सिलसिले में अज्ञात लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है. CCTV फुटेज और बॉडी कैमरा रिकॉर्डिंग की मदद से पत्थर फेंकने वालों की पहचान की जा रही है. कोर्ट के नोटिस के बावजूद चले बुलडोजर मंगलवार को दिल्ली हाई कोर्ट ने मस्जिद सैयद इलाही की मैनेजिंग कमेटी की तरफ से दायर एक याचिका पर नोटिस जारी किया, जिसमें दिल्ली नगर निगम (MCD) के रामलीला मैदान में मस्जिद और कब्रिस्तान से सटी ज़मीन से कथित अतिक्रमण हटाने के फैसले को चुनौती दी गई थी. नोटिस जारी किए जाने के बावजूद तोड़फोड़ की कार्रवाई जारी रही है. अतिक्रमण में सड़क का कुछ हिस्सा, एक फुटपाथ, एक कम्युनिटी हॉल, एक पार्किंग एरिया और एक प्राइवेट डायग्नोस्टिक सेंटर शामिल थे. सेंट्रल रेंज के जॉइंट कमिश्नर ऑफ पुलिस मधुर वर्मा ने बताया कि कुछ लोगों ने पत्थर फेंककर ड्राइव को रोकने की कोशिश की. उन्होंने कहा, "हालात को तुरंत काबू में कर लिया गया और सही मात्रा में बल का इस्तेमाल किया गया, जिससे यह तय हुआ कि बिना किसी तनाव के हालात सामान्य हो जाएं." पुलिस अधिकारी ने यह भी बताया कि ऑपरेशन से पहले शांति बनाए रखने के लिए स्थानीय लोगों के साथ कई कोऑर्डिनेशन मीटिंग की गईं. उन्होंने कहा कि पहले से ही बचाव और भरोसा दिलाने वाले कदम उठाए गए थे. मामला कोर्ट में जाने के बाद क्या हुआ? MCD का फैसला हाई कोर्ट की एक डिवीज़न बेंच के 12 नवंबर, 2025 के आदेश के तहत लिया गया था, जिसने सिविक बॉडी और PWD को तुर्कमान गेट के पास रामलीला मैदान में 38,940 वर्ग फुट के अतिक्रमण को हटाने के लिए तीन महीने का समय दिया था. हाई कोर्ट ने यह आदेश सेव इंडिया फाउंडेशन द्वारा दायर एक याचिका पर सुनवाई करते हुए पारित किया था, जिसका प्रतिनिधित्व कोर्ट में वकील उमेश चंद्र शर्मा ने किया था. अक्टूबर 2025 में, अधिकारियों द्वारा एक संयुक्त सर्वे किया गया था, जिसमें यह दर्ज किया गया था कि ज़मीन पर अतिक्रमण था, जिसका कुछ हिस्सा MCD, PWD और L&DO सहित अधिकारियों का था. नोटिस के बाद, MCD के अधिकारी 4 जनवरी को अतिक्रमण वाले इलाके को चिह्नित करने के लिए साइट पर गए, लेकिन उन्हें स्थानीय लोगों के विरोध का सामना करना पड़ा, जिसके कारण पुलिस की तैनाती बढ़ानी पड़ी. MCD के आदेश को रद्द करने की मांग करते हुए, मस्जिद सैयद इलाही मैनेजमेंट कमेटी ने कहा कि संबंधित संपत्ति का उपयोग उसके द्वारा किया जा रहा है और वह वक्फ बोर्ड को लीज का किराया दे रही है. याचिका में कहा गया है कि यह ज़मीन वक्फ अधिनियम द्वारा शासित एक अधिसूचित वक्फ संपत्ति है और इसलिए, इससे संबंधित सभी विवादों पर वक्फ ट्रिब्यूनल का विशेष अधिकार क्षेत्र है.

दमघोंटू दिल्ली: AQI 400+ पहुंचा, दो दिन भारी प्रदूषण का अलर्ट, नजरें बारिश पर

 नई दिल्ली ठंड और कोहरे के साथ मिलकर प्रदूषण और घातक हो गया है। सोमवार को दिल्ली की वायु गुणवत्ता गंभीर स्तर पर पहुंच गई। दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक 400 से ऊपर है और दिल्ली की हवा में सवा तीन गुने से ज्यादा प्रदूषक कण मौजूद है। वायु गुणवत्ता पूर्व चेतावनी प्रणाली का अनुमान है कि अगले दो दिनों के बीच भी वायु गुणवत्ता का स्तर बहुत खराब स्तर पर ही रहेगा। इसके बाद बारिश के आसार बन रहे हैं। सवाल यह कि क्या बारिश देगी राहत? हवा धीमी, पलूशन को मिला कोहरे के साथ विशेषज्ञों की मानें तो हवा की गति इतनी धीमी है कि प्रदूषक कणों का बिखराव बेहद धीमा हो रहा है। पलूशन कोहरे के साथ मिलकर हवा को ज्यादा प्रदूषित कर रहा है। इससे दिल्ली की हवा में स्मॉग देखा जा रहा है। खासतौर पर सुबह और शाम के वक्त इसे साफ देखा जा सकता है। इससे लोगों को सांस लेने में परेशानी, गले और नाक में खराश, आंख से पानी आना जैसी तमाम किस्म की स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। 401 पर एक्यूआई केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मुताबिक, सोमवार शाम को चार बजे दिल्ली का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक 401 अंक रिकॉर्ड किया गया। इस स्तर की हवा को गंभीर श्रेणी में रखा जाता है। एक दिन पहले रविवार को दिल्ली में एक्यूआई 390 अंक पर था। यानी बीते 24 घंटे में दिल्ली के एक्यूआई में 10 अंकों की बढ़ोतरी हुई है। इन इलाकों में अति गंभीर श्रेणी में पलूशन दिल्ली के चार इलाकों का सूचकांक सोमवार को अति गंभीर श्रेणी में पहुंच गया। इनमें वजीरपुर, रोहिणी, आनंद विहार और जहांगीरपुरी जैसे इलाके शामिल हैं। वजीरपुर में एक्यूआई 462, रोहिणी में 455, जहांगीरपुरी में 459, आनंद विहार में 455 अंक रिकॉर्ड किया गया। वायु गुणवत्ता के मानकों के मुताबिक, एक्यूआई के 450 से ऊपर होने पर हवा को अति गंभीर श्रेणी माना जाता है। यानी इन इलाकों में हालत ज्यादा खराब हैं। सवा तीन गुना ज्यादा पलूशन सीपीसीबी के आंकड़े बताते हैं कि दिल्ली-एनसीआर की हवा में सोमवार की शाम चार बजे पीएम 10 कणों का स्तर 330.5 और पीएम 2.5 कणों का स्तर 220.5 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर पर रहा। बता दें कि हवा में पीएम 10 का स्तर 100 और पीएम 2.5 कणों का स्तर 60 से कम होने पर ही उसे स्वास्थ्यकारी माना जाता है। इसके अनुसार, दिल्ली-एनसीआर की हवा में अभी मानकों से सवा तीन गुना ज्यादा प्रदूषक कण मौजूद हैं। दो दिन नहीं मिलेगी राहत वायु गुणवत्ता पूर्व चेतावनी प्रणाली का अनुमान है कि मंगलवार और बुधवार को हवा की रफ्तार ज्यादातर समय में दस किलोमीटर प्रति घंटे के आसपास रहेगी। इतना ही नहीं अधिकतम और न्यूनतम तापमान की स्थिति कमोबेश ऐसी ही रहेगी। मौसम विभाग ने भी मंगलवार और बुधवार को दिल्ली में मध्यम से घने कोहरे का येलो अलर्ट जारी किया है। इन मौसमी परिस्थितियों के कारण प्रदूषक कणों का विसर्जन बेहद धीमा रहेगा। इससे पलूशन से राहत नहीं मिलेगी। बारिश और हवा में तेजी देगी राहत मौसम विभाग की मानें तो पहली जनवरी को दिल्ली के साथ ही एनसीआर के अलग-अलग हिस्सों में हल्की बारिश या बूंदाबांदी देखी जा सकती है। लेकिन यह काफी नहीं होगी। मौसम विज्ञानियों की मानें तो यदि दिल्ली-एनसीआर में बारिश के बाद हवा तेज होती है तो इससे पलूशन से काफी राहत मिलेगी। 2, 3 और 4 जनवरी को दिल्ली में हवा की स्पीड 10 से 15 किलोमीटर प्रति घंटे तक जा सकती है। ये संकेत अच्छे हैं। इससे पलूशन से राहत मिलने की संभावना है।

ठंड, घना कोहरा और जहरीली हवा ने बढ़ाई दिल्लीवासियों की परेशानी, येलो अलर्ट लागू

नई दिल्ली दिल्ली और आसपास के सटे इलाकों में कड़ाके की सर्दी बढ़ गई है। न्यूनतम तापमान 7 डिग्री सेल्सियस तक पहुँच गया है, वहीं घने कोहरे ने आम लोगों की आवाजाही और जीवन को मुश्किल बना दिया है। दिल्ली–NCR क्षेत्र के लिए भारत मौसम विज्ञान विभाग ने येलो अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार, ठंडी हवाओं की गति बढ़ने के बावजूद वायु गुणवत्ता बेहद खराब श्रेणी में पहुँच चुकी है, जिससे स्वास्थ्य और यातायात दोनों पर असर पड़ रहा है। दिल्ली में वायु गुणवत्ता अब भी बेहद खराब श्रेणी में बनी हुई है और प्रदूषण में कमी का नाम नहीं लिया जा रहा है। दिन-ब-दिन हालात और बिगड़ते जा रहे हैं। हालांकि, सरकार ने वायु प्रदूषण को कम करने के लिए अहम कदम उठाए हैं। राजधानी में GRAP-4 की पाबंदियां लागू की गई हैं, लेकिन इनका असर फिलहाल सीमित नजर आ रहा है और हवा जहरीली बनी हुई है। आज भी दिल्ली के अधिकांश इलाके रेड जोन में हैं। दिल्ली-NCR में बढ़ती ठंड और हवाओं की रफ्तार बीते दो दिनों से दिल्ली–एनसीआर में ठंड लगातार बढ़ रही है और सुबह से शाम तक धूप नदारद है। पूरे क्षेत्र में घना कोहरा छाया हुआ है, जिससे दृश्यता कम हो गई है और ठिठुरन का एहसास बढ़ गया है। ठंडी हवाएं पहले 8 से 20 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही थीं, लेकिन आज से इनकी गति बढ़कर लगभग 25 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना है। इन तेज हवाओं के कारण तापमान में और गिरावट महसूस की जा रही है, जिससे आम नागरिकों की रोजमर्रा की परेशानियां बढ़ गई हैं। ठंड का कोल्ड अलर्ट भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, फिलहाल शीतलहर की आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है, लेकिन मौसम की गंभीरता को देखते हुए येलो अलर्ट जारी किया गया है। सुबह और शाम के समय घना कोहरा कई इलाकों में बना रहता है। ठंडी हवाओं के कारण शरीर में ठिठुरन बढ़ेगी, और बुजुर्गों व बच्चों के लिए जोखिम अधिक रहेगा। IMD ने लोगों से सलाह दी है कि वे सावधानी बरतें, सुबह जल्दी बाहर निकलने से बचें और हाईवे पर अनावश्यक यात्रा न करें, ताकि दुर्घटनाओं की संभावना कम से कम हो। कुछ शहरों का तापमान, AQI और आगे का मौसम दिल्ली में अधिकतम तापमान 20 और न्यूनतम 8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 334 रहा। नोएडा में तापमान 22 से 11 डिग्री सेल्सियस के बीच और AQI 328 दर्ज किया गया। गाजियाबाद में हालात सबसे गंभीर रहे, जहां AQI 444 से 484 तक पहुंच गया और तापमान 21 से 11 डिग्री सेल्सियस रहा। गुड़गांव में AQI 323 और ग्रेटर नोएडा में 432 रिकॉर्ड किया गया। IMD के अनुसार, 27 दिसंबर तक पूरे सप्ताह ठंड का असर बना रहेगा, और अधिकतम तापमान 19 तथा न्यूनतम 7 डिग्री सेल्सियस तक गिर सकता है। इस दौरान घना कोहरा और ठंडी हवाएं लगातार बनी रहेंगी। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि जरूरत पड़ने पर आगे भी येलो या अन्य अलर्ट जारी किए जा सकते हैं। दिल्ली पर प्रदूषण की घनी चादर छा जाने से राजधानी की रफ्तार धीमी हो गई है। धुंध और स्मॉग के कारण दृश्यता काफी कम हो गई है, जिसका असर आम लोगों की रोजमर्रा की आवाजाही पर स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। सुबह और शाम के समय हालात और भी गंभीर हो जाते हैं। दूर से दिखाई देने वाली इमारतें और स्मारक अब मुश्किल से दिखाई दे रहे हैं। राजधानी में वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) का चौथा चरण लागू कर दिया गया है। इसके तहत BS-6 मानक से नीचे की गाड़ियों के दिल्ली में प्रवेश पर सख्त प्रतिबंध लगाया गया है। साथ ही, निर्माण कार्यों पर रोक, औद्योगिक गतिविधियों पर नियंत्रण और सार्वजनिक परिवहन के इस्तेमाल को बढ़ावा देने जैसे कदम उठाए जा रहे हैं, ताकि प्रदूषण के स्तर को कम किया जा सके। दिल्ली में सर्दी लगातार बढ़ रही है और राजधानी में दो दिन से येलो अलर्ट जारी है। मौसम विभाग ने सोमवार के लिए भी कोहरे का येलो अलर्ट जारी किया है। आज दिल्ली का अधिकतम तापमान 21 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 9 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।

मेहंदीपुर बालाजी में CM रेखा गुप्ता की विशेष पूजा-अर्चना, परिवार भी साथ

दौसा दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता शनिवार को अपने पति मनीष गुप्ता के साथ दौसा जिले के प्रसिद्ध सिद्धपीठ आस्थाधाम मेहंदीपुर बालाजी पहुंचीं। मंदिर पहुंचने पर सिद्धपीठ के महंत डॉ. नरेशपुरी महाराज ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ उनका स्वागत किया। मुख्यमंत्री का यह दौरा धार्मिक आस्था और आध्यात्मिक भावना से जुड़ा रहा।   गर्भगृह के समक्ष विशेष पूजा-अर्चना मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मंदिर के गर्भगृह के सामने बैठकर पति मनीष गुप्ता के साथ विशेष पूजा-अर्चना की। महंत डॉ. नरेशपुरी महाराज के सान्निध्य में पंडितों ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजा संपन्न कराई। पूजा के दौरान मुख्यमंत्री ने बालाजी महाराज से देश और प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की।   दर्शन के बाद मुख्यमंत्री की प्रतिक्रिया दर्शन के पश्चात मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि मेहंदीपुर बालाजी में उनकी गहरी आस्था है और यहां आकर उन्हें आत्मिक शांति का अनुभव होता है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री बनने के बाद यह उनका पहला मेहंदीपुर बालाजी दर्शन है। इससे पहले वह खाटू श्याम और सालासर बालाजी में भी दर्शन कर चुकी हैं।   भाजपा नेताओं और जनप्रतिनिधियों ने किया स्वागत मुख्यमंत्री के मंदिर आगमन पर भाजपा नेताओं और जनप्रतिनिधियों ने उनका स्वागत किया। इस अवसर पर गोठवाल, करौली जिलाध्यक्ष गोरधन सिंह जादौन, जिला महामंत्री लेखपाल कसाना, विपिन जैन, पूर्व जिलाध्यक्ष डॉ. रतन तिवाड़ी, खंडार विधायक जितेंद्र गोठवाल, भाजपा एससी मोर्चा दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र सहित अन्य पार्टी पदाधिकारी मौजूद रहे। जिला अध्यक्ष को लेकर बना असहज माहौल मुख्यमंत्री के स्वागत के दौरान दौसा भाजपा जिला अध्यक्ष लक्ष्मी रेला को मंदिर परिसर में असहज स्थिति का सामना करना पड़ा। लक्ष्मी रेला अपनी कार्यकारिणी के साथ मंदिर परिसर में मौजूद थीं, जहां मानपुर डीएसपी धर्मराज चौधरी ने उन्हें बाहर भेज दिया। जिला अध्यक्ष लक्ष्मी रेला ने कहा कि उनके पास अनुमति थी, इसके बावजूद उन्हें बाहर निकाला गया। वहीं डीएसपी धर्मराज चौधरी ने बताया कि उन्होंने जिला अध्यक्ष को समझाकर मुख्यमंत्री के स्वागत के लिए बाहर भेजा था और किसी प्रकार की अनुचित कार्रवाई नहीं की गई।   सुरक्षा और प्रशासनिक व्यवस्था रही सख्त मुख्यमंत्री के दौरे को लेकर मेहंदीपुर बालाजी मंदिर परिसर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। प्रोटोकॉल ड्यूटी में जिला कलेक्टर देवेंद्र कुमार, एसपी सागर राणा, करौली एसपी लोकेश सोनवाल, एडीएम अरविंद शर्मा, सिकराय एसडीएम नवनीत कुमार सहित पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। पूरे कार्यक्रम के दौरान पुलिस बल तैनात रहा और सुरक्षा व्यवस्था पर लगातार निगरानी रखी गई।

दिल्ली से राजस्थान तक अरावली को लेकर टकराव, आखिर किस बात का है विवाद?

 गुरुग्राम अरावली पहाड़ियों की नई परिभाषा ने दिल्ली से राजस्थान तक विरोध के सुर तेज कर दिए हैं। पर्यावरण कार्यकर्ताओं को डर है कि बदली हुई परिभाषा देश की सबसे पुरानी पर्वत श्रृंखलाओं में से एक अरावली के इकोलॉजिकल संतुलन को बिगाड़ सकती है। नई परिभाषा के अनुसार केवल उसी भू-आकृति को अरावली पहाड़ियों में शामिल किया जाएगा, जो अपने स्थानीय धरातल से कम से कम 100 मीटर ऊंची हो। अरावली रेंज ऐसी दो या दो से ज्यादा पहाड़ियों का समूह है जो एक-दूसरे से 500 मीटर की दूरी पर हैं। हिन्दुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, गुरुग्राम में शनिवार को बड़ी संख्या में कार्यकर्ता, सामाजिक संगठनों के सदस्यों और स्थानीय लोगों हरियाणा के कैबिनेट मंत्री राव नरबीर सिंह के घर के बाहर एकत्रित होकर शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी बैनर और तख्तियां लिए हुए थे। वे "अरावली बचाओ, भविष्य बचाओ" और "अरावली नहीं तो जीवन नहीं" जैसे नारे लगा रहे थे। प्रदर्शनकारियों ने नई परिभाषा को मंजूरी देने वाले सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर भी गहरी चिंता व्यक्त जताई। अरावली की नई परिभाषा के बारे में क्या कहते हैं एक्टिविस्ट? पीटीआई की एक रिपोर्ट में बताए गए एक्टिविस्ट्स के मुताबिक, नई परिभाषा से माइनिंग, कंस्ट्रक्शन और कमर्शियल एक्टिविटीज को बढ़ावा मिल सकता है, जिससे अरावली रेंज की प्राकृतिक सुंदरता नष्ट होने का खतरा बढ़ जाएगा। एक प्रदर्शनकारी ने बताया कि हमारा मानना ​​है कि यह फैसला इसके इकोलॉजिकल संतुलन के लिए नुकसानदायक हो सकता है। एक्टिविस्ट्स का कहना है कि अरावली पर्वत श्रृंखला दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र के लिए एक प्राकृतिक सुरक्षा कवच का काम करती है, जो प्रदूषण, रेगिस्तान बनने और पानी के संकट को रोकने में अहम भूमिका निभाती है। उन्होंने मांग की कि सरकार अरावली को पूरी तरह से संरक्षित क्षेत्र घोषित करे और एक सख्त और स्पष्ट संरक्षण नीति लागू करे। एक अन्य प्रदर्शनकारी ने कहा, "विकास के नाम पर प्रकृति से समझौता नहीं किया जा सकता, क्योंकि अरावली का संरक्षण आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य से जुड़ा है। हवा में जहर धीरे-धीरे फैलता जा रहा है।'' राजस्थान विधानसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस नेता टीकाराम जूली ने शनिवार को केंद्र सरकार के अरावली रेंज को फिर से परिभाषित करने के कदम की आलोचना की, जिससे 100 मीटर से कम ऊंचाई वाली पहाड़ियों वाले इलाकों में माइनिंग की इजाजत मिल जाएगी। जूली ने चेतावनी दी कि इससे बड़े पैमाने पर इकोलॉजिकल नुकसान होने के साथ ही रेगिस्तान बन सकता है, क्योंकि अरावली रेंज रेगिस्तान बनने से रोकने और ग्राउंडवॉटर लेवल बनाए रखने में अहम भूमिका निभाती है। जूली ने एएनआई को बताया, "एक तरफ आप 'एक पेड़ मां के नाम' नाम से कैंपेन चला रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ आप अपने दोस्तों के लिए लाखों पेड़ काट रहे हैं। यह गलत है… अरावली राजस्थान की जीवनरेखा है। यह अरावली ही रेगिस्तान को रोकती है… वैज्ञानिकों ने भी माना है कि अगर अरावली पर्वत श्रृंखला नहीं होती, तो दिल्ली तक का पूरा इलाका रेगिस्तान बन गया होता।" सुप्रीम कोर्ट ने 20 नवंबर 2025 को पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के तहत एक कमेटी की अरावली पहाड़ियों और पर्वत श्रृंखलाओं की परिभाषा संबंधी सिफारिशों को स्वीकार कर लिया था। अरावली पर्वतमाला की नई परिभाषा तय किए जाने के विरोध में शानिवार को राजस्थान के उदयपुर में बड़ी संख्या में वकीलों ने विरोध प्रदर्शन किया।इन वकीलों ने अरावली पर्वतमाला की ऊंचाई पर आधारित नई परिभाषा पर चिंता जताई। वकीलों ने नारेबाजी करते हुए न्यायालय परिसर से जिला कलेक्ट्रेट तक मार्च किया। वहां उन्होंने अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट को राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन सौंपा।

ठंड के साथ बढ़ा प्रदूषण का प्रकोप, दिल्ली में घने कोहरे से उड़ान सेवाएं प्रभावित; सरकार अलर्ट

नई दिल्ली दिल्ली-NCR समेत उत्तर और पूर्वी भारत के कई हिस्सों में आज भी घना कोहरा छाया हुआ है। कोहरे के कारण विज़िबिलिटी घटने से दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर शनिवार सुबह 100 से अधिक उड़ानें रद्द कर दी गईं। इस बीच, सरकार ने एयरलाइंस के लिए गाइडलाइंस जारी की हैं, जिनमें यात्रियों को उड़ान की वास्तविक स्थिति की सही जानकारी देने और देरी की स्थिति में उनकी सुविधाओं का ध्यान रखने के निर्देश शामिल हैं। दिल्ली एयरपोर्ट की वेबसाइट के अनुसार, अब तक प्रस्थान करने वाली 50 से अधिक उड़ानें रद्द हो चुकी हैं और आने वाली लगभग इतनी ही उड़ानों के रद्द होने की सूचना है। उल्लेखनीय है कि दिल्ली समेत उत्तर और पूर्वी भारत के कई हिस्सों में इन दिनों तड़के और सुबह के समय घना कोहरा बन रहा है, जिससे उड़ान सेवाओं पर गंभीर प्रभाव पड़ रहा है।  कोहरे और प्रदूषण से परेशान राजधानी दिल्ली अब ठंड की चपेट में भी आ गई है। शनिवार, 20 दिसंबर की सुबह मौसम ने अचानक करवट ली, जिसमें कड़ाके की ठंड, बर्फीली हवाओं और घने कोहरे ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दीं। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 21 और 22 दिसंबर के लिए घने कोहरे को लेकर येलो अलर्ट जारी किया है। इस दौरान दिल्ली का अधिकतम तापमान गिरकर 21 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 7 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। वहीं प्रदूषण के मोर्चे पर हालात और गंभीर होते नजर आ रहे हैं। नोएडा का एयर क्वालिटी इंडेक्स लगभग 410 तक पहुंच गया है, जो स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक माना जाता है। मौसम और प्रदूषण दोनों के स्तर पर यह बदलाव अहम चिंता का विषय बना हुआ है। सर्द हवाएं और गिरता तापमान दिल्ली-NCR में सर्दी अब केवल रात तक सीमित नहीं रही, बल्कि दिन के समय भी ठंड का असर साफ महसूस किया जा रहा है। बीते 3-4 दिनों में अधिकतम तापमान में करीब 3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है। जहां कुछ दिन पहले तक अधिकतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस के आसपास था, अब यह घटकर 21 डिग्री सेल्सियस पर आ गया है। दिन में धूप कमजोर पड़ रही है और बादलों की आवाजाही बनी हुई है, जिससे ठंड और बढ़ रही है। हवाओं की रफ्तार भी मौसम को और सर्द बना रही है, जो बीते 24 घंटों में 11 किलोमीटर प्रति घंटे रही और अब लगभग 10 किलोमीटर प्रति घंटे चलने की संभावना है। नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने शुक्रवार रात एक निर्देश जारी किया है, जिसमें विमान सेवा कंपनियों को यात्रियों को उड़ानों में देरी, समय में बदलाव या रद्द होने की जानकारी अग्रिम और सही-सही देने का निर्देश दिया गया है। मंत्रालय ने कहा है कि अंतिम समय में देरी की घोषणा होने पर यात्रियों को तुरंत सूचित करना अनिवार्य होगा। निर्देश में यह भी कहा गया है कि निर्धारित सीमा से अधिक देरी होने पर यात्रियों के लिए जलपान की व्यवस्था करनी होगी। इसके अलावा, रीशेड्यूलिंग की स्थिति में किसी भी अतिरिक्त शुल्क की मांग नहीं की जा सकती। यदि रात में उड़ान निर्धारित समय से अधिक विलंबित होती है, तो यात्रियों के लिए होटल में ठहरने की व्यवस्था करना अनिवार्य होगा। नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने कहा है कि यदि उड़ान रद्द होने की जानकारी तय समय सीमा के बाद दी जाती है, तो यात्रियों को पूरा रिफंड प्रदान करना अनिवार्य होगा। इसके अलावा, मार्ग परिवर्तन या रीशेड्यूलिंग की स्थिति में किसी भी अतिरिक्त शुल्क की मांग नहीं की जा सकती। मंत्रालय ने यह भी निर्देश दिया है कि यदि यात्री समय पर चेक-इन करता है, तो उसे बोर्डिंग से नहीं रोका जा सकेगा। निर्देश में यह भी कहा गया है कि पैसेंजर चार्टर के सभी नियमों का पालन अनिवार्य होगा, जिसमें डायवर्जन, रिफंड, हर्जाना और प्राथमिकता के आधार पर चेक-इन के नियम शामिल हैं। प्रदूषण ने भी किया जीना मुश्किल दिल्ली-NCR में प्रदूषण की स्थिति बेहद गंभीर बनी हुई है। प्रमुख इलाकों में एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) बेहद खराब से गंभीर श्रेणी में दर्ज किया गया है। दिल्ली का AQI 580, शाहदरा 784, दरियागंज 736 और शास्त्री नगर 643 रिकॉर्ड किया गया है। पूरे दिल्ली-NCR में AQI 700 से 800 के बीच बना हुआ है, जिससे सांस संबंधी बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। बीते 24 घंटों में कई इलाकों में दृश्यता 100 मीटर से भी कम दर्ज की गई, जो घने कोहरे और प्रदूषण के संयुक्त असर को दर्शाता है। अधिकारियों ने लोगों को सतर्क रहने और अनावश्यक बाहर निकलने से बचने की सलाह दी है। अभी कुछ दिन छाए रहेंगे बादल मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, आने वाले दिनों में मौसम में ज्यादा राहत की संभावना नहीं है। मौसम विभाग के मुताबिक, पहाड़ों पर एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ पहुंच रहा है, जिससे 20 से 22 दिसंबर के बीच अच्छी बर्फबारी होगी। इसका असर मैदानी इलाकों में बादलों और कोहरे के रूप में देखने को मिलेगा। हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान और उत्तर-पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बादल छाए रह सकते हैं, और गंगा के मैदानी क्षेत्रों में कोहरे का असर बना रहेगा।

कब तक सहेंगे यह धुआँ?: दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता चौथे दिन खराब

नई दिल्ली राजधानी में स्थानीय कारकों के चलते प्रदूषण लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में हवा की गति धीमी होने के चलते लगातार चौथे दिन भी हवा बेहद खराब श्रेणी में बरकरार है। सुबह की शुरुआत धुंध और कोहरे की मोटी परत से हुई। वहीं, पूरे दिन आसमान में स्मॉग की घनी चादर भी दिखाई दी। इसके चलते कई इलाकों में दृश्यता भी बेहद कम रही। साथ ही, लोगों को आंख में जलन व सांस के मरीजों को परेशानी हुई। ऐसे में शुक्रवार को वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 374 दर्ज किया गया। यह हवा की बेहद खराब श्रेणी है। इसमें गुरुवार की तुलना में एक सूचकांक की बढ़ोतरी दर्ज की गई। दूसरी ओर, दिल्ली एनसीआर में नोएडा की हवा सबसे अधिक प्रदूषित रही। यहां एक्यूआई 410 दर्ज किया गया, यह हवा की गंभीर श्रेणी है। वहीं, ग्रेटर नोएडा में 322, गाजियाबाद में 358 और गुरुग्राम में 322 एक्यूआई दर्ज किया गया। इसके अलावा, फरीदाबाद की हवा सबसे साफ रही। यहां सूचकांक 251 दर्ज किया गया। यह हवा की खराब श्रेणी है। दिल्ली में वायु गुणवत्ता प्रबंधन के लिए निर्णय सहायता प्रणाली के अनुसार, वाहन से होने वाला प्रदूषण 15.91 फीसदी रहा। इसके अलावा पेरिफेरल उद्योग से 7.95, आवासीय इलाकों से 3.86 और निर्माण गतिविधियों से 2.16 फीसदी की भागीदारी रही। सीपीसीबी के अनुसार, शुक्रवार को हवा पश्चिम-उत्तर पश्चिम दिशा से 10 किलोमीटर प्रतिघंटे के गति से चली। वहीं, अनुमानित अधिकतम मिश्रण गहराई 900 मीटर रही। इसके अलावा, वेंटिलेशन इंडेक्स 6000 मीटर प्रति वर्ग सेकंड रहा। दूसरी ओर, दोपहर तीन बजे हवा में पीएम10 की मात्रा 292.4 और पीएम2.5 की मात्रा 183.7 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर दर्ज की गई। वहीं, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) का पूर्वानुमान है कि शनिवार तक हवा बेहद खराब श्रेणी में बरकरार रहेगी। हालांकि, रविवार से सोमवार के बीच हवा के गंभीर श्रेणी में पहुंचने की आशंका है। इसके चलते सांस के मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा। साथ ही, लोगों को आंखों में जलन, खांसी, खुजली, सिर दर्द जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। इसके अलावा, शुक्रवार को कई इलाकों में गंभीर और बेहद खराब श्रेणी में हवा दर्ज की गई।