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भजनलाल ने कांग्रेस पर साधा निशाना, गहलोत बोले- मुख्य चुनाव आयुक्त को देना चाहिए इस्तीफा

जयपुर जयपुर समेत पूरे प्रदेश में रविवार के दिन भी राजनीतिक पारा अपने चरम पर रहा। आम तौर पर छुट्टी का दिन माने जाने वाले रविवार को राज्य के सियासी गलियारों में वार-पलटवार का दौर पूरे जोर-शोर से चला। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने भाजपा मुख्यालय में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कांग्रेस पार्टी और विपक्षी दलों पर संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर करने और मनगढ़ंत तथ्य फैलाने के गंभीर आरोप लगाए। वहीं, मुख्यमंत्री के इन बयानों के सामने आने के कुछ ही देर बाद, प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सोशल मीडिया पर मोर्चा संभालते हुए जोरदार पलटवार किया, जिससे राज्य का राजनीतिक माहौल पूरी तरह गर्मा गया है। CM भजनलाल शर्मा का कांग्रेस पर हमला भाजपा मुख्यालय में मीडिया से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने विपक्षी दलों, विशेषकर कांग्रेस पार्टी को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ दिनों से विपक्षी दल सोची-समझी रणनीति के तहत चुनाव आयोग जैसी स्वतंत्र और संवैधानिक संस्था की छवि को धूमिल करने का प्रयास कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने दो टूक शब्दों में कहा, "जो लोग जनता द्वारा बार-बार नकारे जा चुके हैं, वे अपनी चुनावी हार को छिपाने के लिए अक्सर देश की संवैधानिक संस्थाओं पर हमला बोलते हैं। कांग्रेस पार्टी ने एसआईआर (SIR) को लेकर पूरी तरह एक झूठा नैरेटिव गढ़ा है।" उन्होंने याद दिलाया कि 26 सितंबर को आयोग द्वारा जारी एक संयुक्त बयान में यह स्पष्ट कर दिया गया था कि सभी चुनाव आयुक्तों ने सर्वसम्मति से निर्णय लिए हैं। सीएम भजनलाल ने कांग्रेस को नसीहत देते हुए कहा कि हार के बाद दूसरों पर बेबुनियाद आरोप लगाने के बजाय उन्हें अपनी राजनीतिक गतिविधियों और जनता के बीच काम करने पर ध्यान देना चाहिए। मुख्य चुनाव आयुक्त को इस्तीफा देना चाहिए : गहलोत मुख्यमंत्री की प्रेस कॉन्फ्रेंस के कुछ ही देर बाद पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल से एक लंबा-चौड़ा बयान जारी कर भाजपा सरकार और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए। गहलोत ने अपने पोस्ट में लिखा कि पहले कभी ऐसी स्थिति आने पर सभी राजनीतिक दल मिलकर समाधान की बात करते थे, लेकिन अब ऐसा पहली बार हो रहा है कि चुनाव आयोग के भीतर से ही सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के पुराने बयानों का जिक्र करते हुए कहा कि वे पिछले दो सालों से देश को आगाह कर रहे थे और आज उनकी बातें सच साबित हो रही हैं। गहलोत ने आरोप लगाया कि मुख्य चुनाव आयुक्त पूरी तरह बेनकाब हो चुके हैं और भाजपा नेताओं द्वारा उनका बचाव यह साबित करता है कि दोनों के बीच मिलीभगत है। उन्होंने सीधे तौर पर मांग की कि मौजूदा हालात को देखते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त को खुद अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए। संवैधानिक संस्थाओं की विश्वसनीयता पर छिड़ी जंग इस ताज़ा सियासी टकराव ने यह साफ कर दिया है कि राजस्थान की मुख्य राजनीतिक पार्टियों—भाजपा और कांग्रेस—के बीच वैचारिक और राजनीतिक संघर्ष किसी भी दिन थमने वाला नहीं है। एक तरफ सत्ताधारी पार्टी जहाँ संवैधानिक संस्थाओं की गरिमा बचाने और विपक्ष के दुष्प्रचार को बेनकाब करने का दावा कर रही है, वहीं दूसरी तरफ मुख्य विपक्षी दल इन संस्थाओं की निष्पक्षता पर सवाल उठाकर सरकार को कटघरे में खड़ा कर रहा है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर सियासी गर्माहट और अधिक बढ़ने के पूरे आसार हैं।

ईसरदा बांध से 1256 गांवों और 6 कस्बों को मिलेगा पानी, 299 किमी पाइपलाइन का काम पूरा

जयपुर ईसरदा बांध से दौसा और सवाईमाधोपुर के गांवों और शहरों तक पानी पहुंचाने की योजना पर काम तेज हो गया है। ईसरदा बांध से पानी फिल्टर प्लांट तक पहुंच चुका है। 225 एमएलडी क्षमता वाले प्लांट की टेस्टिंग चल रही है। करीब 3588 करोड़ रुपए की इस परियोजना के पूरा होने के बाद 1256 गांवों और छह कस्बों को पानी मिलने लगेगा। इससे करीब 35 लाख लोगों को फायदा होगा। परियोजना में 3.06 लाख से ज्यादा घरों तक पानी का कनेक्शन पहुंचाने की योजना है। शहरी इलाकों में नवंबर तक पानी पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके बाद जिन ग्रामीण इलाकों में पाइपलाइन और पानी की टंकियों का काम पूरा हो चुका है, वहां घरों तक कनेक्शन देकर पानी पहुंचाया जाएगा। 299 किलोमीटर पाइपलाइन पूरी ईसरदा से महुआ तक करीब 341 किलोमीटर लंबी मुख्य पाइपलाइन बिछाने का काम चल रहा है। इसमें से अब तक लगभग 299 किलोमीटर पाइपलाइन बिछाई जा चुकी है। यानी ज्यादातर काम पूरा हो चुका है और बाकी हिस्से में भी तेजी से काम किया जा रहा है। इसके साथ ही ईसरदा और बगड़ी में पानी जमा करने के लिए बनाए जा रहे जलाशयों का काम भी पूरा हो गया है। इस पूरे हिस्से में अब तक करीब 1005.60 करोड़ रुपए खर्च किए जा चुके हैं। अलग-अलग काम, दौसा के 918 गांवों तक पहुंचेगा पानी दौसा जिले में पानी पहुंचाने के लिए अलग-अलग हिस्सों में काम चल रहा है। लालसोट क्षेत्र के 302 गांवों और लालसोट शहर को पानी मिलेगा। यहां 2002 किलोमीटर में से 124.7 किलोमीटर पाइपलाइन बिछ चुकी है। दौसा क्षेत्र के 248 गांवों और दौसा शहर के लिए 1709 किलोमीटर पाइपलाइन बिछनी है, जिसमें 154 किलोमीटर का काम पूरा हो चुका है। पाइप लाइन बिछी, सवाईमाधोपुर के 177 गांव भी जुड़ेंगे बसवा क्षेत्र में 368 गांवों और बांदीकुई शहर को पानी मिलेगा। यहां 2077 किलोमीटर में से 1801 किलोमीटर पाइपलाइन बिछ चुकी है। महुआ क्षेत्र में भी 315 किलोमीटर में से 244 किलोमीटर पाइपलाइन का काम पूरा हो गया है। परियोजना का दायरा सवाई माधोपुर तक भी है। बौंली के 99, मलारना डूंगर के 61 और चौथ का बरवाड़ा के 17 गांवों यानी कुल 177 गांवों को इससे जोड़ा जाएगा।

नींबू ने बिगाड़ा रसोई का बजट, जोधपुर में 80 से 100 से बढ़कर 250 रुपए किलो हुआ भाव

जोधपुर जोधपुर में गर्मी और उमस के बीच आमजन की रसोई से नींबू गायब होने लगा है। भाद्रपद माह में मंडी में नींबू की नई आवक शुरू हो जाती है, जिससे अमूमन कीमतें नियंत्रण में रहती हैं। हालांकि, इस बार मुख्य उत्पादक क्षेत्रों से आवक कम होने और स्थानीय मांग में तेजी आने के कारण नींबू के तेवर तीखे हो गए हैं। रिटेल में नींबू 225 से 250 रुपए प्रति किलोग्राम के रिकॉर्ड स्तर पर बिक रहा है। कीमत सुनकर आवक रह गई जया जोधपुर में गृहणी जया कुमारी ने सब्जी ठेले पर आकर जब नींबू का दाम पूछा तो सब्जी वाले ने कहा कि 250 रुपए किलो। कीमत सुनकर जया कुमारी आवक रह गई। फिर काफी सोच विचार कर कहा एक नींबू दे दो। 10 रुपए का एक नींबू लेकर उन्होंने सब्जी वाले इस बढ़े हुए रेट के बारे में पूछा तो उसने कहा पीछे से ही नींबू का रेट तेज है। उत्पादन पर मौसम की मार जोधपुर में सब्जी मंडी कारोबारियों के अनुसार, इस सीजन में नींबू की फसल पर मौसम की अनिश्चितता का भारी असर पड़ा है। ऐन वक्त पर पैदावार प्रभावित होने से मंडियों में रोजाना आने वाली गाड़ियों की संख्या आधी रह गई है। आवक में गिरावट और गर्मी के कारण बढ़ती मांग से कीमतों में तेजी आई है। रसोई का बजट बिगड़ा एक पखवाड़े पहले तक 80 से 100 रुपए किलो तक बिकने वाला नींबू अब आम आदमी की पहुंच से बाहर होता दिख रहा है। सब्जी विक्रेता सुनील गहलोत का कहना है कि थोक मंडी से ही माल महंगा मिल रहा है, जिसके चलते उन्हें ऊंचे दामों में बेचना पड़ रहा है। नींबू के महंगा होने का असर अब सड़कों और बाजारों में लगने वाले शिकंजी व जूस के ठेलों पर भी साफ नजर आने लगा है, जहां गिलास के दाम बढ़ा दिए गए हैं। सुनील गहलोत ने बताया कि अगले दो-तीन हफ्तों में नई फसल की आवक में सुधार नहीं होता, तब तक कीमतों में गिरावट की उम्मीद कम है।  

राजस्थान में पंचायत चुनाव की तैयारी तेज, भजनलाल शर्मा ने कार्यकर्ताओं को दिया गांव-गांव पहुंचने का संदेश

जयपुर राजस्थान में हाल ही में संपन्न हुए नगर निकाय चुनावों में शानदार और ऐतिहासिक विजय हासिल करने के बाद भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अब पूरी तरह से अपने अगले बड़े राजनीतिक लक्ष्य 'मिशन पंचायती राज चुनाव' की ओर कदम बढ़ा दिए हैं। संगठन को जमीनी स्तर पर और अधिक धार देने और चुनावी तैयारियों का जायजा लेने के लिए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने खुद मोर्चा संभाल लिया है। इसी कड़ी में शनिवार को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के प्रतापगढ़ और उदयपुर दौरे रहे, जहां उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से सीधा संवाद किया और उन्हें आगामी ग्रामीण चुनावों के लिए पूरी ऊर्जा, समर्पण और अनुशासन के साथ जुटने का स्पष्ट संदेश दिया। मुख्यमंत्री ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि कार्यकर्ता किसी भी राजनीतिक संगठन की सबसे बड़ी और मूल शक्ति होते हैं, जो पार्टी की विचारधारा और विकास कार्यों को सीधे आम जनता तक पहुंचाने का काम करते हैं। उन्होंने उदयपुर और प्रतापगढ़ के कार्यकर्ताओं की पीठ थपथपाते हुए कहा कि निकाय चुनावों में जनता का मिला यह आशीर्वाद हमारे कार्यकर्ताओं के अथक परिश्रम, जनसंपर्क और अटूट निष्ठा का प्रत्यक्ष परिणाम है। अब इसी सकारात्मक ऊर्जा और जोश को बरकरार रखते हुए हमें पंचायती राज संस्थाओं के चुनावों में भी विजय का परचम लहराना है। 'समर्पण और अनुशासन के साथ गांव-गांव पहुंचें' प्रतापगढ़ और उदयपुर में आयोजित बैठकों और संवाद कार्यक्रमों के दौरान मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कार्यकर्ताओं से संवाद करते हुए सांगठनिक कसावट पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि आगामी पंचायत और जिला परिषद चुनावों में सफलता हासिल करने के लिए हर कार्यकर्ता को जनसेवा की भावना के साथ मैदान में उतरना होगा। जन-जन का विश्वास: सीएम ने आह्वान किया कि कार्यकर्ताओं को जनता के बीच निरंतर सक्रिय रहना चाहिए और उनकी समस्याओं को समझकर उनका समाधान करवाने का प्रयास करना चाहिए, ताकि जनता का अटूट विश्वास पार्टी के साथ बना रहे। बूथ स्तर पर मजबूती: संगठन को बूथ स्तर तक और अधिक मजबूत बनाने के निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि पार्टी की जीत की नींव हमारा बूथ है, और जब बूथ मजबूत होगा तो विजय अपने आप सुनिश्चित होगी। सरकारी योजनाओं का प्रसार: राज्य सरकार की जनकल्याणकारी नीतियों, विकास कार्यों और फैसलों को समाज के अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति तक पहुंचाने की जिम्मेदारी कार्यकर्ताओं की है, जिसे उन्हें पूरी ईमानदारी से निभाना होगा। सरकार-संगठन का तालमेल- पंचायत चुनाव में जीत की सीढ़ी राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि राजस्थान में भजनलाल शर्मा सरकार के गठन के बाद से ही संगठन और सत्ता के बीच बेहतर समन्वय देखने को मिला है। नगर निकाय चुनावों में मिली जीत ने पार्टी के मनोबल को पहले ही काफी ऊंचा कर दिया है, और अब पंचायती राज चुनावों के जरिए बीजेपी ग्रामीण मतदाताओं के एक बड़े वर्ग को अपने पाले में बनाए रखने की रणनीति पर काम कर रही है। मुख्यमंत्री के इन दौरों और स्पष्ट निर्देशों से साफ है कि पार्टी किसी भी स्तर पर ढिलाई बरतने के मूड में नहीं है। पंचायत चुनावों की तारीखों के नजदीक आने के साथ ही राजस्थान की राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है, और अब देखना यह होगा कि विपक्षी दल कांग्रेस इस सांगठनिक आक्रामकता का मुकाबला किस प्रकार करते हैं।

छह महीने बाद बीसलपुर बांध में मछली ठेका प्रक्रिया शुरू, सरकार ने निकाला टेंडर

 राजमहल  बीसलपुर बांध में मछली ठेके को लेकर करीब छह माह से चला आ रहा गतिरोध अब खत्म होने की राह पर है। उच्च न्यायालय की ओर से रोक हटाए जाने के बाद मत्स्य विभाग ने बांध में मत्स्य ठेके के लिए नए सिरे से निविदा जारी कर दी है। निविदा में सालाना पांच करोड़ रुपए से अधिक की न्यूनतम राशि निर्धारित की गई है। इससे बांध के जलभराव क्षेत्र में मछली पकड़ने और इससे जुड़ी व्यावसायिक गतिविधियों के फिर से व्यवस्थित होने की उम्मीद है। गौरतलब है कि बीसलपुर बांध में मत्स्य आखेट को लेकर गत मार्च में पूर्व संवेदक की ओर से राशि जमा नहीं करवाने तथा जनहित याचिका के चलते राजस्थान हाईकोर्ट ने करीब छह माह तक यथास्थिति बनाए रखने के आदेश दिए थे। न्यायालय की रोक हटने के बाद विभाग ने अब नए सिरे से टेंडर प्रक्रिया शुरू की है। बीसलपुर बांध में मत्स्य ठेके से सरकार को हर साल करीब पांच से छह करोड़ रुपए का राजस्व मिलता है। ठेका प्रक्रिया अटके रहने से अब तक करीब ढाई से तीन करोड़ रुपए के राजस्व का नुकसान होने का अनुमान है। रोक हटी, फिर भी लैंडिंग सेंटर पर सामान का जमावड़ा राजस्थान हाईकोर्ट की रोक हटे करीब एक सप्ताह बीत चुका है, लेकिन बीसलपुर बांध के मत्स्य लैंडिंग सेंटर पर अभी भी पूर्व संवेदक का सामान जमा है। सेंटर पर दर्जनों नावें, मोटर बोट सहित अन्य सामान पड़े हुए हैं। लंबे समय से सामान नहीं हटाए जाने से लैंडिंग सेंटर के उपयोग और व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं। नोटिस देकर सामान हटवाने की तैयारी मत्स्य विभाग टोंक के बीसलपुर बांध विकास अधिकारी मदन सिंह ने बताया कि न्यायालय की रोक हटने के बाद टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। लैंडिंग सेंटर पर पूर्व संवेदक का सामान पड़ा होने के संबंध में जल्द नोटिस जारी कर सामान हटवाने की तैयारी की जा रही है। बीसलपुर बांध की इन मछलियों की मांग अधिक बीसलपुर बांध से मत्स्य विभाग को प्रतिवर्ष 5 करोड़ रुपए से अधिक का राजस्व मिलता है। बांध में मछली पकड़ने का ठेका 5 वर्षों के लिए होता है, जिसमें हर साल 12 फीसदी राशि बढ़ा दी जाती है। मछली पालन का ठेका 2 साल से नहीं हो पाया। मामला हाईकोर्ट मे विचाराधीन होने से सरकार को करीब 10 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है। बीसलपुर बांध में एक मछली एक बार में हजारों अंडे देती हैं। अंडे देने के दौरान मत्स्य विभाग की ओर से मत्स्य आखेट पर रोक लगाई जाती है। विदेशी व फार्मी मछली के तौर पर टाइगर, कोमलकार, सिल्वर, सिलोन, गिलासकार आदि प्रजाति की मछलियां पाई जाती है। जिनका बीज विभाग व ठेकेदार की ओर से डाला जाता है। मंडियों में इनके दाम देशी की अपेक्षा कम लगते हैं। सिंघाड़ा, लैची, बाम, समल आदि होती है, जिसमें कांटे कम होने से अधिक दामों पर बिकती है।

फेस्टिवल स्पेशल ट्रेन का ऐलान, जोधपुर-जयपुर समेत इन शहरों के यात्रियों को मिलेगी सुविधा

 जोधपुर  त्योहारों में घर लौटने और यात्रा करने वाले यात्रियों की सुविधा के लिए रेलवे ने अतिरिक्त ट्रेन चलाने का निर्णय लिया है। सूबेदारगंज से भगत की कोठी के बीच 1 अक्टूबर से फेस्टिवल स्पेशल ट्रेन का संचालन होगा। द्विसाप्ताहिक ट्रेन दोनों दिशाओं में 18-18 फेरे लगाएगी। इससे जोधपुर, जयपुर, आगरा, मथुरा और इटावा सहित मार्ग के यात्रियों को अतिरिक्त रेल सुविधा मिलेगी। जोधपुर मंडल रेल प्रबंधक अनुराग त्रिपाठी ने बताया कि ट्रेन संख्या 04193 सूबेदारगंज-भगत की कोठी फेस्टिवल स्पेशल 1 अक्टूबर से 30 नवंबर तक प्रत्येक सोमवार और गुरुवार को संचालित होगी। यह ट्रेन सूबेदारगंज से शाम 7.25 बजे रवाना होकर अगले दिन शाम 5.40 बजे भगत की कोठी पहुंचेगी। वापसी में ट्रेन संख्या 04194 भगत की कोठी-सूबेदारगंज फेस्टिवल स्पेशल 2 अक्टूबर से 1 दिसंबर तक प्रत्येक मंगलवार और शुक्रवार को चलेगी। भगत की कोठी से यह ट्रेन रात 8.40 बजे रवाना होकर अगले दिन शाम 7.30 बजे सूबेदारगंज पहुंचेगी। ट्रेन का संचालन इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव से किया जाएगा। 20 डिब्बों की होगी ट्रेन सीनियर डीसीएम हितेश यादव के अनुसार ट्रेन का दोनों दिशाओं में जोधपुर, गोटन, मेड़ता रोड, डेगाना, मकराना, कुचामन सिटी, नावां सिटी, फुलेरा, जयपुर, गांधीनगर, दौसा, बांदीकुई, राजगढ़, अलवर, मथुरा, आगरा कैंट, फतेहाबाद, इटावा, गोविंदपुरी और फतेहपुर स्टेशनों पर ठहराव रहेगा। ट्रेन में कुल 20 डिब्बे होंगे। इनमें सात एसी थ्री-टियर, सात स्लीपर, चार सामान्य श्रेणी, एक पावर कार और एक गार्ड डिब्बा शामिल है। रामदेवरा मेला स्पेशल ट्रेनों का संचालन बंद जोधपुर. बाबा रामदेव मेले के समापन के साथ रेलवे की ओर से संचालित मेला स्पेशल ट्रेनों का संचालन बंद किया जा रहा है। मेला अवधि में यात्रियों की सुविधा के लिए जोधपुर मंडल ने विभिन्न मार्गों पर पांच जोड़ी स्पेशल ट्रेनों का संचालन किया। भगत की कोठी-रामदेवरा के बीच दो जोड़ी तथा जोधपुर-रामदेवरा के बीच एक जोड़ी मेला स्पेशल ट्रेनें संचालित की गईं। इसके अलावा लालगढ़-रामदेवरा के बीच फलोदी होकर दो जोड़ी स्पेशल ट्रेनों का संचालन हुआ। श्रीगंगानगर-पोकरण के बीच संचालित मेला स्पेशल ट्रेन 26 सितंबर को अपनी अंतिम ट्रिप करेगी। साबरमती-योग नगरी ऋषिकेश ट्रेन परिवर्तित मार्ग से चलेगी जयपुर. गाजियाबाद यार्ड में तकनीकी कार्य के कारण साबरमती-योग नगरी ऋषिकेश ट्रेन परिवर्तित मार्ग से संचालित होगी। रेलवे के अनुसार ट्रेन 19031 साबरमती-योग नगरी ऋषिकेश 4 दिसंबर को साबरमती से प्रस्थान करेगी। यह ट्रेन परिवर्तित मार्ग दिल्ली-दिल्ली शाहदरा-नोली-शामली-टपरी होकर संचालित होगी। यह ट्रेन गाजियाबाद, नया गाजियाबाद, मोदीनगर, मेरठ कैंट, मेरठ सिटी, सकौती टांडा, मुजफ्फरनगर और देवबंद स्टेशनों पर ठहराव नहीं करेगी।

जयपुर एलायंस हैकाथॉन में स्मार्ट रोबोटिक्स का प्रदर्शन, विजेता टीम को ₹50 हजार पुरस्कार

जयपुर जयपुर में तकनीक और नवाचार का एक अनूठा संगम देखने को मिला, जहाँ देश भर से आए युवा टेक प्रोफेशनल्स और स्टूडेंट्स ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और रोबोटिक्स टेक्नोलॉजी इनोवेशन और डेवलपमेंट की सबसे बड़ी ताकत बनने जा रही हैं। इसी भविष्य की दिशा को तय करने के लिए जयपुर में आयोजित प्रतिष्ठित 'एलायंस हैकाथॉन' का चौथा संस्करण सफलतापूर्वक संपन्न हो गया। इस साल इस कार्यक्रम का विशेष 'रोबोटिक्स एडिशन' आयोजित किया गया, जिसने शहर के टेक्नोलॉजी प्रेमियों और युवाओं में जबरदस्त उत्साह भर दिया। एलायंस आईटी सॉल्यूशंस, जयपुर द्वारा आयोजित इस बहुप्रतीक्षित हैकाथॉन के पिछले तीन संस्करण क्रमशः 2023, 2024 और 2025 में सफलतापूर्वक आयोजित किए जा चुके हैं। इस वर्ष का यह आयोजन तकनीक प्रेमियों के लिए इसलिए भी खास रहा क्योंकि इसमें देश भर से आए युवा प्रतिभागी अत्याधुनिक तकनीकों के जरिए व्यावहारिक समस्याओं के समाधान तलाशने के लिए जुटे थे। जयपुर के इस टेक मंच पर युवाओं का यह उत्साह यह साबित कर रहा है कि भारत के युवा आने वाले समय में ग्लोबल टेक इंडस्ट्री को नेतृत्व देने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। 24 घंटे का नॉन-स्टॉप चैलेंज, रियल-लाइफ प्रॉब्लम्स का समाधान इस वर्ष आयोजित किए गए 24 घंटे के नॉन-स्टॉप हैकाथॉन की सबसे बड़ी खूबी इसकी थीम और इसका व्यावहारिक स्वरूप रहा। इस पूरी प्रतियोगिता के दौरान प्रतिभागियों ने विभिन्न वास्तविक जीवन की समस्याओं पर आधारित समस्या-विवरणों पर गहन रूप से काम किया। युवाओं की इन टीमों ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स, कंप्यूटर विजन, सेंसर्स और आधुनिक ऑटोमेशन टूल्स का उपयोग करके ऐसे तकनीकी समाधान विकसित किए जो इंसानी जीवन को और अधिक आसान बना सकें। इन 24 घंटों के भीतर सभी प्रतिभागियों को अपने रोबोटिक प्रोटोटाइप पूरी तरह तैयार करने होते हैं और उनका लाइव प्रदर्शन करना होता है। इस लाइव डेमो में मशीनों की खुद सोचने, निर्णय लेने और जटिल कार्य करने की क्षमता का कड़ा परीक्षण किया जाता है। एआई से संचालित रोबोटिक्स, विजेता टीम को पुरस्कार इस बार के आयोजन के बारे में जानकारी देते हुए एलायंस आईटी सॉल्यूशंस की सीईओ मेघा भाटिया ने बताया कि इस वर्ष की मुख्य थीम "एआई से संचालित रोबोटिक्स के नए समाधान" रखी गई थी। इस थीम का उद्देश्य छात्रों और डेवलपर्स को पारंपरिक कोडिंग से आगे बढ़कर स्मार्ट मशीनों और ऑटोनॉमस सिस्टम्स पर काम करने के लिए प्रेरित करना था। युवाओं में इस तकनीकी संस्कृति को बढ़ावा देने और उन्हें प्रोत्साहित करने के लिए इस साल के चैलेंज में विजेता रहने वाली सर्वश्रेष्ठ टीम को 50,000 रुपये का नकद पुरस्कार प्रदान किया गया। 24 घंटे की इस कड़ी मेहनत, कोडिंग और रोबोट असेंबली के बाद जब इन प्रोटोटाइप्स ने लाइव परफॉर्म किया, तो यह देखना बेहद दिलचस्प रहा कि कैसे तकनीकी युवाओं ने अपनी मेहनत से इस मंच पर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।  

दीपावली से पहले अलर्ट राजस्थान सरकार, NCR में प्रदूषण रोकने के लिए बनेगी रणनीति

जयपुर  मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने आज शनिवार को शासन सचिवालय में एनसीआर क्षेत्र में वायु गुणवत्ता एवं प्रदूषण नियंत्रण प्रबंधन के लिए किए जा रहे कार्यों की उच्च स्तरीय बैठक में समीक्षा की। उन्होंने दीपावली एवं आगामी सर्दियों के दौरान वायु प्रदूषण की संभावित स्थिति को देखते हुए संबंधित विभागों को प्रदूषण नियंत्रण के लिए सभी आवश्यक उपाय समयबद्ध रूप से लागू करने के निर्देश दिए।  मुख्य सचिव ने एनसीआर में औद्योगिक प्रदूषण, वाहनों से होने वाले उत्सर्जन, सड़क की धूल, निर्माण एवं विध्वंस कचरे, पराली एवं बायोमास जलाने तथा यातायात जाम से होने वाले प्रदूषण के नियंत्रण के लिए किये जा रहे कार्यों की प्रगति के बारे में जानकारी ली और आवश्यक दिशा-निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि एनसीआर क्षेत्र में वायु गुणवत्ता में सुधार के लिए सभी संबंधित विभाग के बेहतर समन्वय के साथ कार्य करें।  'परिवर्तन' योजना के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर  मुख्य सचिव ने परिवहन विभाग को ‘परिवर्तन’ योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि एनसीआर क्षेत्र में पुराने एवं अधिक प्रदूषणकारी वाहनों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने बीएस-VI से पूर्व के ट्रकों एवं बसों को बीएस-VI मानक के वाहनों अथवा सीएनजी तथा ईवी जैसे स्वच्छ ईंधन आधारित वाहनों से प्रतिस्थापित करने के लिए लोगों को प्रेरित करने के लिए विशेष शिविर लगाने के लिए भी कहा। मुख्य सचिव ने कहा कि स्वच्छ एवं टिकाऊ सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देना प्रदूषण नियंत्रण की महत्वपूर्ण कड़ी है। इसके लिए इलेक्ट्रिक बसों के संचालन का विस्तार निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने अलवर, भरतपुर एवं भिवाड़ी में आवश्यकतानुसार पर्याप्त संख्या में ई-बसें उपलब्ध कराने के लिए निर्देशित किया।  मुख्य सचिव ने कहा कि ईवी को बढ़ावा देने के लिए एनसीआर क्षेत्र के सभी पेट्रोल पंपों पर चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने की दिशा में लक्ष्य आधारित कार्रवाई की जाए। उन्होंने पेट्रोल पंपों पर ऑटोमेटिक नम्बर प्लेट रिकग्निशन (एएनपीआर) व्यवस्था स्थापित करने के संबंध में भी आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।  सड़क पुनर्विकास कार्यों की समीक्षा  वी. श्रीनिवास ने कहा कि सड़क की धूल (रोड डस्ट) एनसीआर क्षेत्र में वायु प्रदूषण का एक महत्वपूर्ण स्रोत है। इसके नियंत्रण के लिए मैकेनाइज्ड रोड स्वीपिंग सहित अन्य उपाय प्राथमिकता से लागू किए जाएं।  उन्होंने अलवर, भरतपुर, भिवाड़ी एवं नीमराना में सड़क पुनर्विकास, निर्माण एवं मरम्मत से संबंधित कार्यों को शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रगतिरत सड़क कार्यों को निर्धारित समय सीमा में पूरा किया जाए तथा स्वीकृत नई सड़कों के लिए टेंडर प्रक्रिया शीघ्र पूर्ण कर कार्य प्रारंभ किए जाएं।  मुख्य सचिव ने एनसीआर क्षेत्र में वायु गुणवत्ता में सुधार के लिए व्यापक स्तर पर पौधारोपण करने के भी निर्देश दिए।  औद्योगिक प्रदूषण पर निगरानी  मुख्य सचिव ने उद्योग विभाग को औद्योगिक इकाइयों में ऑनलाइन सतत उत्सर्जन निगरानी प्रणाली (ओसीईएमएस) तथा वायु प्रदूषण नियंत्रण उपकरण (APCD) की स्थापना एवं संचालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि औद्योगिक इकाइयों से होने वाले उत्सर्जन की निरंतर निगरानी हो तथा निर्धारित मानकों का अनुपालन सुनिश्चित किया जाए।  उन्होंने राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल को औद्योगिक एवं अन्य प्रमुख प्रदूषण स्रोतों से होने वाले उत्सर्जन की प्रभावी मॉनिटरिंग करने तथा उल्लंघन की स्थिति में नियमानुसार त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मुख्य सचिव ने एनसीआर क्षेत्र में पराली एवं बायोमास जलाने की घटनाओं पर पूर्ण नियंत्रण सुनिश्चित करने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि पराली जलाने से संबंधित शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई की जाए तथा संबंधित विभाग स्थानीय स्तर पर निगरानी एवं समन्वय को मजबूत करें।  उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा एनसीआर में प्रदूषण प्रबंधन की लगातार निगरानी की जा रही है, इसलिए सभी संबंधित विभाग अपने-अपने दायित्वों का प्रभावी एवं समयबद्ध निर्वहन सुनिश्चित करें।      मुख्य सचिव ने कहा कि निर्माण एवं विध्वंस कचरे का वैज्ञानिक तरीके से संग्रहण, परिवहन एवं प्रसंस्करण सुनिश्चित किया जाए, ताकि खुले में कचरा डालने एवं उससे होने वाले धूल प्रदूषण को नियंत्रित किया जा सके। वी. श्रीनिवास ने एनसीआर क्षेत्र में यातायात जाम की समस्या एवं उससे होने वाले प्रदूषण पर भी चिंता व्यक्त की। उन्होंने जाम वाले स्थानों को चिह्नित कर वार्षिक कार्ययोजना के अनुसार डी-कंजेशन उपायों को लागू करने के निर्देश दिए। साथ ही अतिक्रमण की वजह से यातायात जाम वाले स्थानों की पहचान कर अतिक्रमण हटाया जाए। उन्होंने इस संबंध में संबंधित विभागों की समन्वित समिति गठित कर कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। मुख्य सचिव ने बैठक में एनसीआर क्षेत्र के औसत मासिक एयर क्वालिटी इन्डेक्स (एक्यूआई) ट्रेंड की भी समीक्षा की। मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि एनसीआर में प्रदूषण नियंत्रण एवं प्रबंधन से जुड़े कार्यों की प्रत्येक 15 दिन में समीक्षा की जाए। उन्होंने संबंधित विभागों को निर्धारित लक्ष्यों के विरुद्ध प्रगति की नियमित रिपोर्टिंग करने तथा लंबित कार्यों को प्राथमिकता से पूरा करने के निर्देश दिए।  

दौसा में 83 में से 41 पंचायतों में महिला सरपंच, दावेदारों ने बदली रणनीति

दौसा सरपंच और वार्ड पंच पदों की आरक्षण लॉटरी के बाद गांवों में चुनावी हलचल तेज हो गई है। लंबे समय से आरक्षण की तस्वीर साफ होने का इंतजार कर रहे संभावित दावेदार अब अपने-अपने समीकरण बैठाने में जुट गए हैं। आरक्षण तय होते ही गांव की चौपालों से लेकर ढाणियों तक दावेदारों और समर्थकों की बैठकें शुरू हो गई हैं। पुराने संपर्कों को सक्रिय करने के साथ मतदाताओं की नब्ज टटोलने और नए समीकरण बनाने का दौर चल पड़ा है। कई दावेदार अब यह भी मंथन कर रहे हैं कि सरपंच, पंचायत समिति सदस्य या जिला परिषद सदस्य में किस पद से चुनावी शुरुआत की जाए। आने वाले दिनों में दावेदारों की सक्रियता और बढ़ेगी। दौसा जिले में महिलाओं के लिए आरक्षित सीटों ने कई परिवारों में चुनावी रणनीति बदल दी है। कहीं पत्नी तो कहीं बहू या बेटी को मैदान में उतारने पर विचार हो रहा है। वहीं आरक्षण बदलने से कुछ पुराने दावेदारों को अब नए विकल्प तलाशने पड़ रहे हैं। चुनाव कार्यक्रम की घोषणा अभी बाकी है, लेकिन चौपालों पर कौन किसके साथ है, किसके पास कितना समर्थन है और कौन किस सीट से मैदान में उतरेगा, इसे लेकर चर्चाएं तेज हैं। आने वाले दिनों में चुनाव कार्यक्रम सामने आने के साथ यह हलचल और बढ़ने की संभावना है। लालसोट: 83 में से 41 पंचायतों में बनेंगी महिला सरपंच लालसोट विधानसभा क्षेत्र की पंचायत समिति लालसोट, रामगढ़ पचवारा एवं शिवसिंहपुरा की ग्राम पंचायतों में सरपंच तथा वार्ड पंच पदों के लिए आरक्षण निर्धारण की लॉटरी प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। आरक्षण लॉटरी के अंतिम रूप लेते ही ग्रामीण इलाकों में राजनीतिक हलचल बढ़ गई है और चुनावी पारा चढ़ने लगा है। हालांकि प्रत्याशियों के नाम अभी आधिकारिक तौर पर सामने नहीं आए हैं और सभी की निगाहें राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से घोषित होने वाले चुनाव कार्यक्रम पर टिकी हैं। इसके बावजूद गांवों की चौपालों, चाय की थड़ियों और घर-आंगन में चुनावी चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। कई गांवों के पारंपरिक चुनावी समीकरण पूरी तरह बदल गए आरक्षण के नए स्वरूप से कई गांवों के पारंपरिक चुनावी समीकरण पूरी तरह बदल गए हैं। जो दावेदार अब तक सामान्य सीट मानकर चुनाव की तैयारी और प्रचार में जुटे थे, उन्हें अब नई रणनीति बनानी पड़ रही है। तीनों पंचायत समितियों को मिलाकर 83 ग्राम पंचायतों में से 41 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित हुई हैं। यानी करीब आधी ग्राम पंचायतों में महिला सरपंच चुनी जाएंगी। बड़ी संख्या में सरपंच पद महिलाओं के लिए आरक्षित होने से पुरुष दावेदारों को भी अपनी रणनीति बदलनी पड़ी है। कई प्रमुख स्थानीय राजनेता और पूर्व दावेदार अब पत्नी, बहू या माता को चुनाव मैदान में उतारने की तैयारियों में जुट गए हैं। इससे महिला आरक्षित सीटों पर भी राजनीतिक सक्रियता बढ़ गई है। आने वाले दिनों में दावेदारों की सक्रियता और बढ़ने के साथ गांवों में चुनावी मुकाबले के समीकरण और स्पष्ट होने की संभावना है। लॉटरी ने बदला पंचायतों का गणित, गांव-ढाणियों में चुनावी चौपाल शुरू मानपुर पंचायत चुनाव की आरक्षण लॉटरी के बाद गांवों में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। आरक्षण की तस्वीर साफ होते ही चौपालों, बैठकों और आपसी चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। संभावित दावेदार सामाजिक समीकरण, रिश्तेदारी और वार्डवार मतदाताओं की स्थिति को लेकर रणनीति बनाने में जुट गए हैं। आरक्षण बदलने से कई पंचायतों में दावेदारी के समीकरण भी बदल गए हैं। पुरुष सीटों के महिला आरक्षित होने से परिवारों में नई रणनीति पर मंथन शुरू हुआ है। सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय महिलाओं को लेकर भी चर्चा बढ़ी है। कई जगह सामाजिक समूहों और परिवारों की बैठकें होने लगी हैं। चुनावी सरगर्मी का असर गांव से बाहर रहने वाले ग्रामीणों की आवाजाही पर भी दिखाई दे रहा है। शहरों और दूसरे राज्यों में रहने वाले लोग परिवार व रिश्तेदारों से संपर्क कर पंचायत की स्थिति और स्थानीय मुद्दों पर चर्चा कर रहे हैं। हालांकि चुनाव कार्यक्रम अभी घोषित होना बाकी है, लेकिन आरक्षण के बाद गांवों में दावेदारी और जनसंपर्क का शुरुआती दौर शुरू हो गया है।

मैस में इल्लियां और फंगस लगी ब्रेड मिली, 70 किलो सामान मौके पर नष्ट

अलवर स्वास्थ्य विभाग की ओर से राजकीय और निजी अस्पतालों के अंदर और आसपास चल रहे रेस्टोरेंट व अन्य खाद्य प्रतिष्ठानों की लगातार जांच की जा रही है। इसी अभियान के तहत खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने शुक्रवार को जेल सर्किल स्थित राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय की मैस का निरीक्षण किया। जांच के दौरान मैस में रखी खाद्य सामग्री की स्थिति देखकर टीम भी हैरान रह गई। सीएमएचओ डॉ. योगेन्द्र शर्मा ने बताया कि खाद्य सुरक्षा अधिकारी दल ने मैस में रखे खाने-पीने के सामान की जांच की। इस दौरान करीब 70 किलो आटा, मैदा, बेसन, अरहर दाल और मूंग दाल में इल्लियां मिलीं। खाद्य सामग्री में इल्लियां मिलने के बाद टीम ने इन सभी सामान को मौके पर ही नष्ट करवा दिया, ताकि इनका इस्तेमाल खाने में न किया जा सके। फंगस लगी ब्रेड भी मिली जांच के दौरान मैस में फंगस लगी पुरानी ब्रेड और पाव भी मिले। टीम ने इन्हें भी मैस से हटवाया और मौके पर ही नष्ट करा दिया। इसके अलावा खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने वहां इस्तेमाल किए जा रहे सोयाबीन तेल और मसाले के एक-एक नमूने लिए। दोनों नमूनों को जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर स्थिति और साफ होगी। निरीक्षण के दौरान मैस में साफ-सफाई की व्यवस्था भी संतोषजनक नहीं मिली। खाद्य सुरक्षा टीम ने इस पर मैस संचालक को नोटिस जारी किया है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से अस्पतालों और उनके आसपास खाद्य सामग्री की गुणवत्ता और साफ-सफाई को लेकर इस तरह की जांच आगे भी जारी रहने की बात कही गई है। रेस्टोरेंट और ढाबों से भी लिए नमूने टेल्को सर्किल के समीप एक रेस्टोरेंट की किचन में भी साफ-सफाई ठीक नहीं मिली। संचालक को नोटिस देने के साथ रेस्टोरेंट से सर्विलांस के तहत दो नमूने लिए गए। भगत सिंह सर्किल के पास एक रसोई से सोयाबीन तेल तथा आसपास के ढाबों से लाल मिर्च पाउडर और दही के नमूने जांच के लिए लिए गए। संबंधित प्रतिष्ठानों को साफ-सफाई सुधारने के लिए इम्प्रूवमेंट नोटिस जारी किए गए। इस दौरान केशव गोयल, विश्व बंधु गुप्ता, जय सिंह यादव, अशोक लखेरा, नीरज रावत, अंजली मीणा, अलका, नितेश और राजेश पूनिया मौजूद रहे।