samacharsecretary.com

अमित शाह ने BSF को दिया नया मंत्र, बोले- सीमा से 50 किलोमीटर अंदर तक रखें कड़ी नजर

बीकानेर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह बीकानेर के दौरे पर हैं. उन्होंने मंगलवार को बीकानेर के सीमावर्ती इलाकों का दौरा किया. उन्होंने बीएसएफ के जवानों से बातचीत में कहा कि बीएसएफ को अपनी परंपरागत ड्यूटी से आगे बढ़कर नए सुरक्षा आयामों पर काम करना होगा।  गृहमंत्री अमित शाह ने अंतरराष्ट्रीय सीमा पर बीएसएफ की सांचू पोस्ट पहुंचकर प्रहरी सम्मेलन को संबोधित किया. उन्होंने यहां कहा कि पचास किलोमीटर तक असामान्य गतिविधियों पर नजर रखें. बीएसएफ की जिम्मेदारी है कि सीमा से लगे 50 किलोमीटर के गांवों में होने वाले किसी भी अवैध निर्माण की जानकारी सिविल प्रशासन और पुलिस को दें।  शाह ने बीकानेर में महिला बैरकों के ई-उद्घाटन के दौरान कहा कि सीमा पर निगरानी पर्याप्त नहीं है बल्कि सीमा से पचास किलोमीटर तक की क्षेत्रीय सुरक्षा पर भी ध्यान देना होगा. उन्होंने कहा कि अगर सीमावर्ती गांवों की आबादी में अस्वाभाविक बदलाव दिखे तो राज्य सरकार को तुरंत सतर्क किया जाए. गृहमंत्री ने ड्रोन के जरिए हो रही हथियार और नारकोटिक्स तस्करी को बड़ा खतरा बताया।  उन्होंने कहा कि भारत सरकार अगले छह महीने में ड्रोन रोधी सिस्टम लगाने की शुरुआत करेगी. शाह ने कहा कि ड्रोन भारत की जमीन पर उतरता है, उसे कौन रिसीव करता है और सामग्री का इस्तेमाल कौन करता है. इस पर हमारी पैनी नजर होनी चाहिए।  फोर लेयर सिक्योरिटी ग्रिड पर जोर अमित शाह ने कहा कि बीएसएफ, सेना, नागरिकों और राज्य सरकार मिलकर फोर लेयर सुरक्षा ग्रिड तैयार करेंगे. इसे सिर्फ फोर लेयर सिक्योरिटी नहीं, बल्कि साझा जिम्मेदारी वाला सुरक्षा मॉडल माना जाना चाहिए।  शाह ने कहा कि सीमा पार से पैदा होने वाले खतरों के साथ-साथ देश के अंदर मौजूद उन तत्वों पर भी नजर रखनी होगी जिनका इस्तेमाल दुश्मन ताकतें करती हैं।  गृहमंत्री ने बताया कि हाल ही में उन्होंने बिहार के सीमांचल क्षेत्र में इसी विषय पर बैठक की थी. उन्होंने कहा कि अब कच्छ बॉर्डर, त्रिपुरा बॉर्डर और पश्चिम बंगाल में भी ऐसी संयुक्त बैठकें होंगी. जिन सीमाओं की सुरक्षा बीएसएफ करती है, वहां इस चतुष्कोणीय सुरक्षा ग्रिड को मजबूत करना सरकार का लक्ष्य है. हमला होने के बाद जवाब देने की नौबत नहीं आनी चाहिए।  अमित शाह ने कहा कि 2014 के बाद भारत की सुरक्षा नीति में बड़ा बदलाव आया है और सेना व बीएसएफ का तेजी से आधुनिकीकरण किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि जहां-जहां आतंकियों ने बड़े हमले करने की कोशिश की, वहां भारत ने पूरी कठोरता से जवाब दिया है. स्थिति ऐसी नहीं होनी चाहिए कि हमला होने के बाद जवाब देना पड़े. हमारी जिम्मेदारी ऐसी मजबूत सीमाएं बनाना है कि दुश्मन हमला करने की हिम्मत ही न कर सके। 

4.9 KM लंबी मुकुंदरा टनल अंतिम चरण में, जंगल के नीचे दौड़ेगी हाईस्पीड ट्रैफिक

जयपुर राजस्थान में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे का सबसे बड़ा आकर्षण बनने जा रही मुकुंदरा टनल अब अंतिम चरण में पहुंच चुकी है. कोटा और बूंदी के बीच मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व से गुजर रही यह टनल सिर्फ इंजीनियरिंग का अद्भुत नमूना ही नहीं, बल्कि वन्यजीव संरक्षण और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर के संतुलन की मिसाल भी बनने जा रही है. इस टनल की सबसे बड़ी खासियत यह है कि जहां नीचे से हाईस्पीड ट्रैफिक गुजरेगा, वहीं ऊपर जंगल में वन्यजीव सामान्य रूप से विचरण करते नजर आएंगे. इससे मुकुंदरा टाइगर रिजर्व का प्राकृतिक आवागमन भी प्रभावित नहीं होगा, और एक्सप्रेसवे की कनेक्टिविटी भी मजबूत होगी. राजस्थान की सबसे बड़ी टनल मुकुंदरा टनल राजस्थान की सबसे लंबी सड़क टनल मानी जा रही है. इसकी कुल लंबाई 4.9 किलोमीटर है, जिसमें 3.3 किलोमीटर मुख्य टनल और 1.6 किलोमीटर कट एंड कवर सेक्शन शामिल है. टनल की चौड़ाई करीब 38 मीटर है.     निर्माण कार्य शुरू: 2019     निर्धारित समय सीमा: अप्रैल 2026     अनुमानित लागत: करीब 1000 करोड़ रुपए     कुल लंबाई: 4.9 किलोमीटर हाईटेक सुरक्षा सिस्टम से लैस होगी टनल टनल में फिलहाल लाइटिंग, एआई आधारित प्रदूषण डिटेक्टर सेंसर, जेट फैन, फायर सेफ्टी सिस्टम, सीसीटीवी और कंट्रोल रूम सहित अत्याधुनिक उपकरण लगाए जा रहे हैं. सभी सुरक्षा मानकों की जांच और परीक्षण के बाद इसे आमजन के लिए खोला जाएगा. टनल की सुरक्षा के लिए अत्याधुनिक कंट्रोल सिस्टम लगाया जा रहा है, जो वाहनों की गति और गतिविधियों पर लगातार नजर रखेगा. कंट्रोल रूम एआई आधारित सर्विलांस सिस्टम से लैस होंगे. आपात स्थिति से निपटने के लिए दोनों सुरंगों को 12 स्थानों पर आपस में जोड़ा गया है. ये कनेक्टिविटी पॉइंट्स हर 300 से 400 मीटर की दूरी पर बनाए गए हैं, ज‍िससे दुर्घटना या आग जैसी स्थिति में लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा सके. क्यों खास है यह प्रोजेक्ट मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व राजस्थान के महत्वपूर्ण वन क्षेत्रों में शामिल है. यहां बाघों समेत कई वन्यजीवों का प्राकृतिक आवास है. एक्सप्रेसवे निर्माण के दौरान वन्यजीवों की आवाजाही और पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए टनल मॉडल तैयार किया गया, जिससे जंगल का प्राकृतिक स्वरूप बना रहे. विशेषज्ञों के अनुसार, यह मॉडल भविष्य में वन क्षेत्रों से गुजरने वाले राष्ट्रीय राजमार्गों और एक्सप्रेसवे परियोजनाओं के लिए उदाहरण बन सकता है. हाड़ौती को बड़ा फायदा दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे देश की सबसे महत्वाकांक्षी सड़क परियोजनाओं में शामिल है. इसके शुरू होने से राजस्थान के हाड़ौती क्षेत्र को सीधा लाभ मिलेगा. यह भी है खास टनल में एनएचएआई के मुताबिक, साउंड प्रूफ और वाटरप्रूफ टनल है. इसके अंदर होकर गुजरने वाले वाहनों से मुकुंदरा टाइगर रिजर्व के वन्यजीवों को किसी तरह का डिस्टरबेंस नहीं होगा. ऑस्ट्रेलिया की नई तकनीक से इस टनल को बनाया जा रहा है. टनल सेंसर से लैस होगी. इसे ग्रीन कॉरिडोर के तौर पर डिजाइन किया गया है. दिल्ली मुंबई एक्सप्रेसवे हाईवे 1350 किलोमीटर लंबा है. द‍िल्‍ली से मुंबई जाने में 12 घंटे का समय लगेगा. यह हाईवे केंद्र सरकार का ड्रीम प्रोजेक्ट है. कोटा जिला सीधा दिल्ली-मुंबई से जुड़ जाएगा. ट्रैफिक जाम से राहत यात्रा में समय कम लगेगा. उद्योगों और लॉजिस्टिक्स सेक्टर को मजबूती मिलेगी, कृषि आधारित उद्योगों को नए अवसर मिलेंगे. पर्यटन और निवेश की संभावनाएं बढ़ेगी. कोटा-बूंदी सांसद और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि मुकुंदरा टनल का काम जल्द पूरा होने वाला है. इससे एक्सप्रेसवे पर आवागमन आसान होगा. कोटा-झालावाड़ मार्ग पर यातायात की सुगमता भी बढ़ेगी. उन्होंने कहा कि क्षेत्र में औद्योगिक विकास के साथ किसानों और कृषि आधारित उद्योगों के लिए नए अवसर खुलेंगे. NHAI का दावा, अंतिम चरण में काम एनएचएआई के लाइजनिंग मैनेजर एस.के. सिंह ने बताया कि मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व में बन रही टनल का निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है. दोनों टनल का काम पूरा होते ही यहां आवागमन शुरू कर दिया जाएगा.

जयपुर में XEN पति पर गंभीर आरोप, प्रताड़ना से तंग आकर अनु मीणा ने दी जान!

जयपुर जयपुर का अनु मीणा सुसाइड केस बेहद ही चौंकाने वाला है. अनु ने 7 अप्रैल को फांसी के फंदे पर लटककर जान दे दी, लेकिन 15 मई को एफआईआर दर्ज हुई. करीब 38 दिन बाद मृतक के परिजनों ने पुलिस को शिकायत दी. परिजनों का कहना है कि अनु का पति गौतम मीणा उसकी बेरहमी से पिटाई करता था और लगातार प्रताड़ना से वो परेशान थी. इस बारे में महिला ने कई बार परिवार को भी बताया था. पीडब्ल्यूडी विभाग में कार्यरत एक्सईएन गौतम मीणा हर बार माफी मांगकर मामला ठीक करने की बात कहता था, लेकिन हालात नहीं सुधरे. बार-बार बेरहमी से पिटाई सहने के बाद उसने आत्महत्या कर ली. मृतका के भाई ने डीसीपी को दी शिकायत अनु मीणा का भाई नीरज डीसीपी से मिलने गया. इसके बाद पुलिस ने BNS 128 और 85 धारा के तहत आत्महत्या के लिए उकसाने और घरेलू हिंसा का मामला दर्ज किया है. पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है. मानसरोवर एसीपी आदित्य ककड़े को जांच सौंपी गई है. उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवार के बयान दर्ज किए जा चुके हैं और उसी के अनुसार आगे की कार्रवाई की जा रही है. शादी में लिए 5 लाख रुपये और होंडा सिटी कार अनु मीणा के परिवार ने आरोप लगाया है कि शादी के समय ही पति गौतम मीणा और उसके मामा ने होंडा सिटी कार और 5 लाख रुपये की मांग की थी, जिसे परिवार ने शादी के समय ही पूरा कर दिया था. पीड़ित परिवार के मुताबिक, शादी में 60 लाख रुपये खर्च किए थे. इसके बावजूद गौतम अनु को लगातार दहेज के लिए प्रताड़ित करता रहा. कई बार उसने गाली-गलौज भी की. शराब पीकर मारपीट करता था गौतम जब परिजन मामला दर्ज करवाने गए तो समाज के पंच और रिश्तेदार की ओर से दवाब बनाया गया. पति गौतम मीणा पंचों के जरिए कोशिश कर रहा था कि किसी तरह मामला दब जाए. प्रकरण में समझौते की कोशिश होती रही, लेकिन नीरज को यह मंजूर नहीं था. पंचायत के दवाब के बावजूद वह एफआईआर दर्ज करने पर अड़ गया. नीरज ने आरोप लगाया कि शादी के बाद गौतम मीणा अपनी पत्नी अनु को दहेज के लिए प्रताड़ित करता था. शादी के वक्त परिवार को नहीं पता था कि वह शराब का आदी है. अक्सर शराब पीकर वह मारपीट और गाली गलौज करता था.

जैसलमेर के डांडेवाला फील्ड में नेचुरल गैस की खोज, ऊर्जा आत्मनिर्भरता को मिलेगा बल

जयपुर दुनियाभर में ऊर्जा संकट के बीच राजस्थान से खुशखबरी मिली है. सीमावर्ती जिले जैसलमेर में नेचुरल गैस का भंडार मिला है. जैसलमेर बेसिन स्थित डांडेवाला फील्ड में ऑयल इंडिया लिमिटेड (OIL) ने नए प्राकृतिक गैस भंडार की सफल खोज की है. इस उपलब्धि को भारत की ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है. डांडेवाला क्षेत्र के सानू फॉर्मेशन से पहली बार प्राकृतिक गैस का सफल प्रवाह शुरू हुआ है. हर दिन 25 हजार स्टैंडर्ड क्यूबिक मीटर उत्पादन परीक्षण के दौरान यहां से करीब 25 हजार स्टैंडर्ड क्यूबिक मीटर प्रतिदिन गैस उत्पादन दर्ज किया गया. ऑयल इंडिया लिमिटेड के अनुसार, कंपनी ने इस कुएं की ड्रिलिंग करीब 950 मीटर की गहराई तक की थी. प्रारंभिक तकनीकी मूल्यांकन और भूवैज्ञानिक विश्लेषण के आधार पर लगभग 75 मिलियन स्टैंडर्ड क्यूबिक मीटर गैस संसाधन होने की संभावना जताई जा रही है. केंद्रीय मंत्री ने दी जानकारी केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने 'एक्स' पर जानकारी साझा की. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत घरेलू ऊर्जा उत्पादन बढ़ाने की दिशा में लगातार आगे बढ़ रहा है और राजस्थान में मिली यह सफलता ऊर्जा आत्मनिर्भरता के अभियान को नई गति देगी. मरुस्थल में मौजूद हो सकते हैं कई बड़े भंडार खास बात यह है कि डांडेवाला क्षेत्र में पहले पारंपरिक गैस उत्पादन होता रहा है. लेकिन सानू फॉर्मेशन में पहली बार गैस की मौजूदगी सामने आई है. इस नए गैस भंडार की खोज के बाद रेगिस्तानी इलाके के लिए उम्मीद जग गई है. संभावना है कि मरुस्थल में कई बड़े ऊर्जा संसाधन मौजूद हो सकते हैं. पश्चिम एशिया में जारी तनाव और वैश्विक ऊर्जा संकट के बीच आई यह सफलता देश के लिए राहत की खबर मानी जा रही है. वर्तमान में भारत अपनी प्राकृतिक गैस जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात करता है. ऐसे में जैसलमेर की यह खोज रणनीतिक रूप से बेहद अहम मानी जा रही है.

अमेरिका के विदेश मंत्री जयपुर में, रामबाग पैलेस से लेकर आमेर तक हाई-प्रोफाइल विजिट का शेड्यूल तैयार

जयपुर अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो के जयपुर दौरे की तैयारियां जोरों पर हैं. रुबियो सोमवार (25 मई) को परिवार के साथ जयपुर आ रहे हैं. इस हाई-प्रोफाइल दौरे को लेकर गुलाबी नगरी में प्रशासनिक और कूटनीतिक हलचल तेज हो गई है. यह दौरा सिर्फ एक औपचारिक यात्रा नहीं है, बल्कि भारत और अमेरिका के मजबूत होते रिश्तों के लिहाज से भी बेहद अहम है. यही वजह है कि राजस्थान की राजधानी में व्यवस्था चाक-चौबंद है. रूबियो के दौरे का शेड्यूल और उससे जुड़ी हर जरूरी बात इस खास रिपोर्ट में पढ़िए. हाथी गांव में चल रही विशेष तैयारियां मार्को रूबियो के हाथी गांव में दौरे को लेकर भी तैयारियां चल रही हैं. हालांकि, इससे जुड़ा कोई आधिकारिक कार्यक्रम जारी नहीं किया गया है. हाथी गांव विकास समिति के अध्यक्ष के मुताबिक, अमेरिकी विदेश मंत्री के आगमन को लेकर यहां विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं. उनका बेहद खास अंदाज में पारंपरिक स्वागत किया जाएगा. इसके साथ ही मरुधरा की इस धरती पर हाथियों को किस तरह रखा जाता है और उनका रखरखाव कैसे होता है, इसकी भी जानकारी दी जाएगी. इससे पहले जब फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों जयपुर आए थे, तब भी हाथियों के विशेष स्वागत ने दुनियाभर में सुर्खियां बटोरी थीं. राजस्थानी इतिहास को करीब से जानेंगे रुबियो सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह से अलर्ट मोड पर हैं. एयरपोर्ट से लेकर आमेर तक सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं. सूत्रों के मुताबिक, अमेरिकी विदेश मंत्री का विशेष विमान दोपहर करीब 2 बजे जयपुर एयरपोर्ट पर लैंड होगा. एयरपोर्ट पर राजस्थानी परंपरा के अनुसार उनका भव्य स्वागत किया जाएगा. इसके बाद उनका काफिला सीधे जयपुर के प्रतिष्ठित हेरिटेज होटल 'रामबाग पैलेस' के लिए रवाना होगा. रामबाग पैलेस में रुकने के बाद मार्को रूबियो राजस्थान के इतिहास के को करीब से देखने के लिए आमेर फोर्ट पहुंचेंगे. कल्चरल डिप्लोमेसी के लिहाज से भी अहम है दौरा जयपुर की विरासत, यहां की समृद्ध संस्कृति और राजस्थानी मेहमाननवाजी को इस पूरे दौरे का सबसे अहम हिस्सा माना जा रहा है. यही वजह है कि जानकार इस यात्रा को केवल राजनीतिक चश्मे से नहीं, बल्कि 'सांस्कृतिक कूटनीति' यानी कल्चरल डिप्लोमेसी के एक नए अध्याय के तौर पर देख रहे हैं.

जयपुर से जैसलमेर तक तपिश का कहर, 45 डिग्री पार तापमान, हीटवेव का अलर्ट

जयपुर राजस्‍थान में शनिवार को मौसम ने करवट ली. कई जगहों पर हल्की बूंदाबांदी और तेज हवाओं ने तापमान थोड़ा कम किया. जयपुर, हनुमानगढ़, अलवर, टोंक जिलों के आस पास तेज हवाएं चलने से रात में गर्मी का असर कम रहा. हालांकि, शेखावाटी क्षेत्र के आस पास पश्चिमी विक्षोभ बनने से आज भी हल्की बरसात हो सकती है, लेकिन आज से भीषण गर्मी का दौर शुरू होने वाला है. 2 जून तक रहेगा नौतपा    कल यानी 25 मई से प्रदेश में नौतपा शुरू हो रहा है. 25 मई से 2 जून तक प्रदेश में नौतपा रहेगा. इस दौरान भीषण गर्मी का अलर्ट है. मौसम विभाग के मुताबिक, प्रदेश के कई इलाकों में तापमान 3 डिग्री तक बढ़ने का अनुमान है. पश्चिमी और पूर्वी भागों में हीटवेव का अलर्ट है.    जैसलमेर में तापमान 45 के पार पिछले 24 घंटे में जैसलमेर में सर्वाधिक अधिकतम तापमान 45.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. इसके अलावा बाड़मेर 45.1, फलोदी 45, बीकानेर में 44.9 डिग्री सेल्सियस तापमान के साथ प्रदेश के कई शहरों में 40 से अधिक तापमान दर्ज हुआ.  राजधानी जयपुर का तापमान 42.6 डिग्री तक पहुंच गया है.     19 शहरों में येलो अलर्ट मौसम विभाग ने आज 19 शहरों के लिए हीटवेव का येलो अलर्ट और 3 शहरों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है. प्रदेश के अलवर, बारां, भरतपुर, चित्तौड़गढ़, डीग, धौलपुर, झालावाड़, झुंझनू, खैरथल तिजारा, कोटपुतली बहरोड़, कोटा, प्रतापगढ़, सीकर, बालोतरा, बाड़मेर, चूरू, हनुमानगढ़, जोधपुर, श्रीगंगानर में हीटवेव का येलो अलर्ट और बीकानेर, जैसलमेर और फलोदी में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है.   अभी तक 43 लोग लू की चपेट में आ चुके भीषण गर्मी से अभी तक 43 लोग लू की चपेट में आ चुके हैं. हालांकि, अच्छी बात रही सभी लोग इलाज के बाद स्वस्थ है. विभाग की अपील है कि हीटवेव के इन दिनों में लोग सावधानी से रहे. दिन के समय कम से कम घर से बाहर निकले. अगर कोई जरूरी काम से बाहर निकालना पड़े तो चेहरे और सर को सूती कपड़े से ढक कर निकले. अपने साथ पानी या अन्य पेय पदार्थ रखें. उसका सेवन करते रहे.

भजनलाल सरकार सख्त, सरकारी विदेश यात्राओं पर रोक और पेट्रोल-डीजल वाहनों को चरणबद्ध हटाने का निर्णय

जयपुर राजस्थान की भजनलाल सरकार ने वित्तीय संसाधनों के प्रभावी प्रबंधन और खर्चों में कटौती को लेकर बड़ा फैसला लिया है. शनिवार को इस संबंध में वित्त विभाग ने एक विस्तृत आदेश जारी किया गया है. सरकार ने सरकारी खर्चे पर विदेश यात्रा, पेट्रोल-डीजल से चलने वाली सभी सरकारी गाड़ियों को चरणबद्ध तरीके से इलेक्ट्रिक वाहनों में बदलने का फैसला लिया है. इसके अलावा मुख्यमंत्री, मंत्री और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को अनावश्यक वाहनों के उपयोग कम करने की सलाह दी गई है.  मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने अपने काफिले में वाहनों की संख्या सीमित करने का निर्णय लिया है        राजस्थान सरकार के अन्य मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों को भी अनावश्यक वाहन उपयोग कम करने और सीमित संख्या में वाहन रखने की सलाह दी गई है.       सरकार ने पेट्रोल और डीजल चालित वाहनों को चरणबद्ध तरीके से इलेक्ट्रिक वाहनों में बदलने का भी निर्णय लिया है और संविदा पर लिए जाने वाले वाहनों में भी इलेक्ट्रिक व्हीकल को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए हैं.       इसके अलावा, एक ही गंतव्य पर जाने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों को कार पूलिंग अपनाने की सलाह दी गई है ताकि ईंधन की बचत हो सके और खर्चों में कमी आए.        सरकारी खर्चों में नियंत्रण के तहत सरकारी अधिकारियों की विदेश यात्राओं पर पूर्णतः प्रतिबंध लगाने का भी फैसला किया गया है. ऊर्जा संरक्षण और सतत विकास को बढ़ावा देने के लिए भी सरकार ने कई पहल की हैं. वित्त विभाग के आदेश के अनुसार प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना के तहत घरेलू सौर ऊर्जा संयंत्रों की स्थापना को प्राथमिकता दी जाएगी.        साथ ही राजकीय कार्यालयों में भी सौर ऊर्जा संयंत्र लगाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी, जिससे बिजली खर्च में कमी लाई जा सके.       कृषि क्षेत्र में भी सुधार के लिए कदम उठाए गए हैं, जहां उर्वरकों के संतुलित और आवश्यकता अनुसार उपयोग को बढ़ावा देने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा. इसके तहत सस्टेनेबल, प्राकृतिक और ऑर्गेनिक खेती को प्रोत्साहित किया जाएगा, जिससे पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ किसानों की लागत भी कम हो सके. इससे पहले शुक्रवार को कैबिनेट बैठक में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कई बड़े प्रस्तावों पर मंजूरी दी, जिसमें पेंशन नियमों में बदलाव से लेकर नई इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट पॉलिसी 2026 पर मुहर लगाना शामिल है. राजस्थान सरकार ने पेंशन नियमों (1996) में तीन बड़े बदलाव किए हैं. पेंशन को लेकर नए नियम के तहत दिव्यांग बच्चों को हर 3 साल में विकलांगता प्रमाण पत्र देने की बाध्यता खत्म कर दी गई है. अब केवल एक बार ही यह सर्टिफिकेट देना होगा. पेंशनर्स को अब मोबाइल ऐप के जरिए फेस ऑथेंटिकेशन टेक्नोलॉजी से सालाना जीवित प्रमाण पत्र (Life Certificate) देने की छूट होगी.

राजस्थान में जल जीवन मिशन के तहत बड़ी पहल, जैसलमेर की आर्टिफिशियल झील का जल्द होगा उद्घाटन

जयपुर  भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे राजस्थान केरेगिस्तानी जिले जैसलमेर में कृत्रिम झील (आर्टिफिशियलझील) बनकर तैयार हुई है। इस झील को गड़ीसर झील भी कहा जाता है। सीमावर्ती क्षेत्र के दो जिलों के करीब 50 लाख लोगोंएवं मवेशियां की प्यास बुझाने के लिए 242 करोड़ रूपए की लागत से बनकर तैयार हुई इस कृत्रिम झील का उद्धाटन जुलाई में होने की उम्मीद है। झील जल जीवन मिशन के तहत बनाई गई है। रेगिस्तान की मिट्टी झील के पानी को सोंख नहीं ले,इसके लिए इसमें नीचे (बेस एरिया में) तीन सौ माइक्रोन कीविशेष प्लास्टिक शीट बिछाई गई है। इस प्लास्टिक पर ढ़ाई फीट मिट्टी की परत बिछाई गई है। सरकारी अधिकारियों का दावा है कि यह एक सौ साल तक खराब नहीं होगी। करीब 28 किलोमीटर लंबी और 33 फीट गहरी झील में 141 करोड़ लीटर पानी का भराव हो सकेगा। कृत्रिम झील इंदिरा गांधी नहर के पानी से भरी जाएगी। दरअसल, प्रतिवर्ष मानसून से पहले इंदिरा गांधी नहर की मरम्मत के समय आम लोगों एवं मवेशियों को पानी को लेकर होने वाली परेशानी से बचाने के लिए यह नहर तैयार की गई है। इंदिरा गांधी नहर का पानी इस नहर में भरा जाएगा और फिर फिल्टर प्लांट से जैसलमेर एवं बाड़मेर जिलोंके घरों में पहुंचाया जाएगा। इस कारण हुआ नहर का निर्माण जलदाय विभाग के अधिकारियों का कहना है कि सीमावर्ती क्षेत्र में प्रतिवर्ष मानसून से पहले एक माह के लिए इंदिरा गांधी नहर की मरम्मत की जाती है,जिसे नहरबंदी कहा जाता है। इस दौरान नहर में पंजाब की तरफ से बहकर आने वाले पानी को रोक दिया जाता है। नहरबंदी के दौरान जैसलमेर एवं बाड़मेर जिलों के लोगों को प्रतिवर्ष परेशानी होती है। इस परेशानी को दूर करने के लिए इस झील का निर्माण हुआ है। नहरबंदी से पहले इंदिरा गांधी नहर से पानी कृत्रिम नहर में भरा जाएगा।जलदाय विभाग के अधीक्षण अभियंता रामपाल मूंधियाड़ा ने बताया कि कृत्रिम नहर का निर्माण साल,2024 से शुरू हुआथा,अब बनकर तैयार हुई है। पंजाब से श्रीगंगानगर होते हुए आने वाली इंदिरा गांधी गांधी नहर से इस झील को जोड़ा गया है।उन्होंने बताया कि मानसून के दिनों में जब पंजाब और हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश होती है तो इंदिरा गांधी नहर में क्षमता सेअधिक पानी आ जाता है। बारिश के दिनों में खेतों में भी पानी भर जाता है। ऐसे में किसानों को भी सिंचाई के लिए नहरी पानी की जरूरत नहीं रहती है। इस दौरान नहर के अतिरिक्त बहने वाले पानी को मोड़कर इसमें भरा जाएगा। इसके लिए एकस्क्रेप चैनल बनाया गया है।इसके दो गेट हैं,जिसमें एक गेट इंदिरा गांधी नहर से पानी आने के लिए और दूसरा झील में पानी डालने के लिए खोला जाएगा। इसलिए कहा जाता है कृत्रिम नहर इस झील को कृत्रिम झील इसलिए कहा जाता है,क्योंकि यह प्रकृति द्वारा नहीं बनाई गई,बल्कि यह मानव निर्मित है। उल्लेखनीय है कि 127 किलोमीटर लंबी इंदिरा गांधी नहर पंजाब के हरिके बैराज से शुरू होकर हरियाणा के उत्तर-पश्चिमी भाग से थोड़ी दूरी तक बहती है और पश्चिमी राजस्थान में सीमावर्ती गड़रा रोड़ के पास स्थित रेगिस्तान में समाप्त हो जाती है।  

राजस्थान पुलिस की चेतावनी: एक लापरवाही से हैक हो सकता है बैंकिंग डेटा और पर्सनल चैट

जयपुर आज के डिजिटल दौर में वॉट्सऐप (WhatsApp) हमारी जिंदगी का एक बेहद जरूरी हिस्सा बन चुका है. लेकिन इसी के साथ वॉट्सऐप पर डिजिटल फ्रॉड और हैकिंग का खतरा भी तेजी से बढ़ रहा है. इसे देखते हुए राजस्थान पुलिस की साइबर क्राइम ब्रांच ने आम नागरिकों को ठगी से बचाने के लिए एक बेहद जरूरी और महत्वपूर्ण एडवाइजरी जारी की है. हैकर्स उड़ा सकते हैं आपकी पर्सनल फोटो और बैंकिंग डेटा साइबर क्राइम ADG वी.के. सिंह ने शुक्रवार को बताया कि हमारी एक छोटी सी लापरवाही या अवेयरनेस की कमी का फायदा उठाकर हैकर्स पर्सनल चैट, प्राइवेट तस्वीरें, वीडियो और बैंक अकाउंट की खुफिया डिटेल्स चोरी कर सकते हैं. साइबर ठगों के इसी बढ़ते खतरे को देखते हुए एक्सपर्ट्स ने वॉट्सऐप पर कुछ खास प्राइवेसी और सिक्योरिटी सेटिंग्स को तुरंत चालू करने की सलाह दी है. साइबर पुलिस की इन गाइडलाइंस का तुरंत करें पालन सबसे पहले वॉट्सऐप के Settings > Account > Two-Step Verification में जाकर एक सीक्रेट पिन (PIN) जरूर सेट करें. इससे अगर कोई आपका सिम कार्ड क्लोन भी कर लेगा, तो भी बिना पिन के आपका व्हाट्सएप नहीं खोल पाएगा. फ्रॉड करने वाले लोग अक्सर वॉट्सऐप पर वायरस या मालवेयर वाली APK और PDF फाइलें भेजते हैं. अगर फोन में मीडिया ऑटो-डाउनलोड चालू है, तो ये फाइलें खुद डाउनलोड होकर बैकग्राउंड में आपका बैंकिंग डेटा चुरा सकती हैं. इसलिए Storage and Data सेटिंग्स में जाकर ऑटो-डाउनलोड को पूरी तरह बंद कर दें. अपनी प्रोफाइल फोटो, लास्ट सीन, स्टेटस और ग्रुप सेटिंग्स को हमेशा केवल 'My Contacts' पर ही सेट रखें. इससे कोई अनजान व्यक्ति आपकी फोटो का गलत इस्तेमाल नहीं कर पाएगा और न ही आपको किसी फ्रॉड ग्रुप में जोड़ सकेगा. वॉट्सऐप की प्राइवेसी सेटिंग्स में जाकर 'Silence Unknown Callers' फीचर को ऑन करें ताकि इंटरनेशनल स्कैम कॉल्स और स्पैम कॉल्स से बचा जा सके. इसके अलावा 'Protect IP Address in Calls' को भी ऑन रखें, जिससे आपकी सही लोकेशन किसी को पता नहीं चलेगी.  समय-समय पर अपने वॉट्सऐप में जाकर चेक करें कि आपका अकाउंट किसी अनजान कंप्यूटर या लैपटॉप पर तो नहीं चल रहा है. कोई भी संदिग्ध डिवाइस दिखने पर तुरंत लॉगआउट करें. फ्रॉड होने पर यहां करें शिकायत अगर आपके साथ किसी भी तरह की डिजिटल ठगी या साइबर फ्रॉड हो जाता है, तो बिना देर किए अपने नजदीकी पुलिस स्टेशन या साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में इसकी रिपोर्ट दर्ज कराएं. इसके अलावा आप सरकार के नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (cybercrime.gov.in) पर जाकर या तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करके भी अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं.

ईंधन की कीमतों में उछाल: जयपुर में पेट्रोल 109 रुपये के पार, डीजल भी हुआ महंगा

जयपुर देशभर में शनिवार (23 मई) सुबह पेट्रोल और डीजल के दामों में बढ़ोतरी हुई है. राजधानी जयपुर में पेट्रोल 93 पैसे प्रति लीटर और डीजल 92 पैसे प्रति लीटर महंगा हुआ है. पेट्रोल 109.87 रुपये और डीजल 95.09 रुपए प्रति लीटर तक पहुंच गया है. इससे पहले भी मंगलवार (19 मई) को जयपुर में पेट्रोल 94 पैसे और डीजल 91 पैसे प्रति लीटर महंगा हुआ. वहीं, पिछले शुक्रवार 15 मई को 3.25 रुपए प्रति लीटर पेट्रोल और 3.02 रुपए प्रति लीटर डीजल के दाम बढ़े थे. 10 दिन के भीतर तीसरी बार बढ़े दाम खाड़ी देशों में चल रहे तनाव के बीच पेट्रोल और डीजल को लेकर लगातार चिंता बनी हुई है. इसी बीच पेट्रोल और डीजल के दामों में 10 दिन में तीसरी बार बढ़ोतरी हुई है. हालांकि, इससे पहले 2022 से पेट्रोल और डीजल के दाम स्थिर बने हुए थे. सीएनजी के दामों में बढ़ोतरी नहीं देश के कई शहरों में सीएनजी की कीमत में एक रुपये प्रति किलो की बढ़ोतरी की गई है. 8 दिन में सीएनजी के दाम में भी कुल 4 रुपया प्रति किलो की बढ़ोतरी हुई है. लेकिन जयपुर में सीएनजी के भाव स्थिर बने हुए हैं. राजस्थान राजधानी में कीमत 94.41 रुपये है.   ईवी से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर बढ़ाने पर जोर वहीं, लगातार पेट्रोल और डीजल को लेकर चल रही चिंता के बीच मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक हुई. कैबिनेट बैठक में पेट्रोल और डीजल की बचत पर जोर दिया गया. सभी मंत्रियों और जनप्रतिनिधियों को लोगों से मितव्ययिता से पेट्रोल डीजल का उपयोग करने की अपील करने के निर्देश दिए गए. इसके साथ ही प्रदेश में इलेक्ट्रिक व्हीकल की बढ़ोतरी के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत करने पर भी जोर दिया गया. प्रदेश में 262 स्थान पर 591 नई इलेक्ट्रिक व्हीकल चार्जिंग स्टेशन बनाने की घोषणा की गई है.