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मीटर पूरा, टंकी आधी! राजस्थान में पेट्रोल पंपों पर ‘साइलेंट स्कैम’ का खुलासा

जयपुर  अगर आप भी अपनी गाड़ी में ईंधन भरवाते समय केवल पेट्रोल पंप के मीटर पर '0' देखकर संतुष्ट हो जाते हैं, तो यह खबर आपकी आंखें खोलने के लिए काफी है। राजस्थान में एक ऐसे शातिर 'साइलेंट स्कैम' का भंडाफोड़ हुआ है, जहां स्क्रीन पर मीटर तो पूरा चल रहा था, लेकिन आपकी गाड़ी की टंकी में तेल कम भर रहा था। उपभोक्ता मामले विभाग की औचक छापेमारी में प्रदेश के 7 शहरों में चल रहे इस बड़े खेल का खुलासा हुआ है। विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए प्रदेश भर के 25 पेट्रोल पंपों के कुल 43 नोजल को तुरंत प्रभाव से जब्त कर सील कर दिया है। जानिए कैसे कट रही थी आपकी जेब? जांच में सामने आया कि ये पेट्रोल पंप संचालक आधुनिक तकनीक और नोजल में हेरफेर कर हर 5 लीटर की खरीद पर 30 से 60 मिलीलीटर तक कम ईंधन दे रहे थे। दिखने में 50 ML की यह मात्रा बहुत छोटी लगती है और आम जनता को इसका अहसास भी नहीं होता, लेकिन जब दिनभर में हजारों वाहन इन पंपों पर तेल भरवाते हैं, तो यह बूंद-बूंद की चोरी हर महीने लाखों रुपये के 'महा-डाके' में बदल जाती है। विभागीय आकलन के अनुसार, सिर्फ इन चिन्हित 25 पंपों के जरिए ही जनता की जेब से हर महीने करीब 4 लाख रुपये अतिरिक्त ऐंठे जा रहे थे। इन 7 शहरों के पेट्रोल पंप पर गिरी गाज सिरोही: यहां के 7 पेट्रोल पंपों (रामपीर, पवन, करणी, देवनगरी, पार्वती दरिया, सुरेन्द्र जितेन्द्र और भगवती फिलिंग) पर 40 से 50 ML की शॉर्ट डिलीवरी मिली। यहां जनता को हर महीने 1.14 लाख रुपये का चूना लग रहा था। नागौर (11 नोजल जब्त): 4 पेट्रोल पंपों (नंदलाल राजेश कुमार, गुलाबदास आत्माराम, मारवाड़ और आर एल सिहाग) पर हर महीने करीब 378 लीटर तक तेल कम देकर 97 हजार की चपत लगाई जा रही थी। अलवर (5 नोजल बंद): सिंघल और चौधरी सर्विस स्टेशन पर हर महीने 648 लीटर तक कम ईंधन तौला जा रहा था, जिससे 91 हजार रुपये से अधिक की धोखाधड़ी सामने आई है  पाली (5 नोजल बंद): मा आई जी, पूजा एचपी, पार्श्व एनर्जी और कछवा बस सर्विसेज पर जनता को 55 हजार रुपये से अधिक की चपत लग रही थी।  सीकर (4 नोजल बंद): सीएसआरबी फिलिंग स्टेशन (नायरा) पर हर महीने 216 लीटर तक शॉर्ट डिलीवरी पकड़ी गई। भीलवाड़ा (4 नोजल सील): दीपक पेट्रोलियम, शिव इंडियन ऑयल एवं श्री श्याम फिलिंग स्टेशन पर भी तेल कम देने का खेल पकड़ा गया। धोखाधड़ी करने वालों को मंत्री की सीधी चेतावनी इस बंपर कार्रवाई के बाद उपभोक्ता मामले मंत्री सुमित गोदारा ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि उपभोक्ताओं के अधिकारों और उनकी गाढ़ी कमाई के साथ खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने साफ किया कि पेट्रोल पंपों पर यह औचक निरीक्षण अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा, ताकि जनता को इस धोखाधड़ी से पूरी तरह बचाया जा सके।

बीजेपी का मास्टरस्ट्रोक या बड़ा दांव? राजस्थान में तीन राज्यसभा सीटों पर सियासी घमासान

जयपुर राजस्थान की सियासत में एक बार फिर बड़ा सियासी ड्रामा देखने को मिल सकता है। आगामी जून महीने में होने वाले राज्यसभा की तीन सीटों के चुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने ऐसी बिसात बिछाई है, जिसने कांग्रेस खेमे में हलचल तेज कर दी है। शनिवार देर रात तक चली बीजेपी कोर कमेटी की मैराथन बैठक से छनकर जो खबर आ रही है, उसके मुताबिक बीजेपी विधानसभा में पर्याप्त संख्या बल न होने के बावजूद तीनों सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारने की तैयारी में है। राज्यसभा में खाली हो रही इन नेताओं की सीटें गणित के हिसाब से बीजेपी केवल दो सीटें आसानी से जीत सकती है, लेकिन तीसरी सीट पर दांव खेलकर वह विपक्ष की घेराबंदी करने के मूड में है। हालांकि, आखिरी फैसला दिल्ली में बैठा आलाकमान ही करेगा। बता दें कि भाजपा सांसद राजेंद्र गहलोत और रवनीत सिंह बिट्टू का कार्यकाल समाप्त हो रहा है। कांग्रेस सांसद नीरज डांगी की सीट पर भी चुनाव की प्रक्रिया जल्द शुरू होगी। 'नारी शक्ति' को आगे कर मास्टरस्ट्रोक खेलने की तैयारी बैठक में संभावित उम्मीदवारों के नामों पर लंबी माथापच्ची हुई। अंदरखाने से खबर है कि पार्टी इस बार 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' का बड़ा संदेश देने के लिए किसी महिला चेहरे को राज्यसभा भेज सकती है। बीजेपी के एक वरिष्ठ नेता ने संकेत दिया कि राजस्थान से अब तक केवल नजमा हेप्तुल्ला ही बीजेपी की तरफ से राज्यसभा पहुंची हैं, ऐसे में इस बार किसी महिला को मौका मिलने की उम्मीद बेहद ज्यादा है। 'वन स्टेट, वन इलेक्शन' पर भी मंथन मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने मंत्रियों को आने वाले दिनों में जिला स्तर पर 'प्रवास' करने और संगठन को मजबूत करने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा, बीजेपी 'वन स्टेट, वन इलेक्शन' के ढांचे के तहत आगामी स्थानीय निकाय चुनावों को कराने की रणनीति पर भी विचार कर रही है। चुनावी तैयारियों को धार देने के लिए बीजेपी के राष्ट्रीय पदाधिकारी नितिन नवीन का भी जल्द ही राजस्थान का अचानक दौरा हो सकता है। साफ है कि बीजेपी इस बार राज्यसभा चुनाव को केवल औपचारिकता न मानकर, इसे एक बड़े सियासी रण की तरह लड़ रही है। NEET पेपर लीक और अपराध के आंकड़ों पर भी बनी रणनीति इस हाई-प्रोफाइल बैठक में सिर्फ चुनाव ही नहीं, बल्कि राज्य की कानून-व्यवस्था और हालिया विवादों पर भी गंभीर चर्चा हुई। बैठक में हाल ही की NCRB रिपोर्ट को लेकर चिंता जताई गई, जिसमें कथित तौर पर जयपुर को रेप केसों में शीर्ष पर बताया गया है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने नेताओं को निर्देश दिए हैं कि वे इस मुद्दे पर आक्रामक रहें और जनता के बीच जाकर कानून-व्यवस्था दुरुस्त करने का भरोसा दें। कांग्रेस को घेरने का प्लान देश भर में गरमाए NEET पेपर लीक मामले के राजनीतिक नफा-नुकसान पर भी मंथन हुआ। बीजेपी ने अपने सोशल मीडिया विंग और नेताओं को साफ निर्देश दिए हैं कि वे विपक्ष के हमलों का जवाब देने के लिए पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के समय हुए पेपर लीक के मामलों को आक्रामक तरीके से उठाएं।  

जोधपुर कांकाणी केस: सलमान खान समेत अन्य आरोपियों की अपील पर राजस्थान हाईकोर्ट में सुनवाई आगे बढ़ी

जोधपुर जोधपुर के बहुचर्चित कांकाणी काला हिरण शिकार मामले में सोमवार को राजस्थान हाई कोर्ट में एक बार फिर हलचल देखने को मिली. बॉलीवुड सुपरस्टार सलमान खान समेत अन्य फिल्मी सितारों से जुड़े इस चर्चित केस की सुनवाई न्यायाधीश रेखा बोराणा की अदालत में हुई.  कोर्ट से तैयारी के लिए मांगा समय सुनवाई के दौरान सलमान खान और अन्य कलाकारों सैफ अली खान, तब्बू, नीलम और सोनाली बेंद्रे की ओर से पेश अधिवक्ताओं ने अदालत से अतिरिक्त समय मांगा है. बचाव पक्ष का कहना था कि मामले से जुड़े कुछ दस्तावेजों, तथ्यों का और अध्ययन किया जाना बाकी है, इसलिए उन्हें तैयारी के लिए समय दिया जाए. कोर्ट ने 13 जुलाई का दिया समय राज्य सरकार की अपील और सलमान खान की सजा के खिलाफ दायर अपील पर सुनवाई होनी थी. अधिवक्ता महिपाल बिश्नोई ने बताया कि दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 13 जुलाई को तय की है. काला हिरण शिकार का मामला साल 1998 में फिल्म 'हम साथ-साथ हैं' की शूटिंग के दौरान जोधपुर के कांकाणी गांव में काला हिरण शिकार का मामला सामने आया था. इस मामले में सलमान खान को 5 साल की सजा हुई थी.  मामले में सह आरोपी फिल्म अभिनेता सैफ अली खान, अभिनेत्री नीलम, तब्बू, सोनाली बेंद्रे और दुष्यंत सिंह को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया था.   दो अपीलों पर सुनवाई हाेनी थी इनके बरी होने पर राज्य सरकार की तरफ से 'लीव टू अपील' दायर की गई थी, इसके अलावा सलमान खान की ट्रांसफर पिटीशन पर भी सुनवाई हुई.   विश्नोई समाज के अधिवक्ता महिपाल विश्नोई ने बताया कि जस्टिस रेखा बोराणा की कोर्ट में दो मुख्य अपीलों में सुनवाई होनी थी. पहली अपील सलमान खान की ओर से अधीनस्थ कोर्ट के फैसले के खिलाफ दायर की गई थी.  पूर्व में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की कोर्ट ने सलमान खान को 5 साल के कारावास और 25,000 रुपए के जुर्माने से दंडित किया था.  दूसरी अपील राज्य सरकार की ओर से सैफ अली खान, सोनाली बेंद्रे, तब्बू, नीलम और दुष्यंत सिंह को बरी किए जाने के खिलाफ पेश 'लीव टू अपील' में शामिल थी.  सह-अभियुक्तों को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया गया था. राज्य सरकार ने इन्हें बरी करने के आदेश को राजस्थान हाईकोर्ट में चुनौती दी है. एडवोकेट महिपाल विश्नोई ने बताया कि सलमान खान एवं सैफ अली खान के वकीलों ने बहस के लिए समय देने की मांग की, जिसे स्वीकार करते हुए हाई कोर्ट ने मामले की सुनवाई को 13 जुलाई को नियत की है.

निकाय चुनाव में देरी पर हाईकोर्ट सख्त, सरकार के तर्कों को नहीं मिली राहत

जयपुर राजस्थान हाईकोर्ट में आज पंचायत और निकाय चुनाव टालने के मामले में दायर अवमानना याचिका पर सुनवाई टल गई. अवमानना याचिका पर अगली सुनवाई 26 मई को होगी. जस्टिस महेंद्र कुमार गोयल, जस्टिस अनिल कुमार उपमन की खंडपीठ ने आदेश दिए. गिर्राज सिंह देवंदा और पूर्व विधायक संयम लोढ़ा ने अवमानना याचिका दायर की है. याचिकाकर्ताओं की ओर से एडवोकेट प्रेमचंद देवंदा और पुनीत सिंघवी ने पैरवी की. कोर्ट ने जताई नाराजगी इससे पहले 11 मई को हाई कोर्ट ने सरकार और राज्य चुनाव आयोग के प्रार्थना पत्र पर सुनवाई के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया है. सुनवाई के दौरान कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजीव प्रकाश शर्मा और जस्टिस संजीत पुरोहित की बेंच ने तय समय पर चुनाव नहीं कराने पर नाराजगी जताते हुए कहा कि सरकार का रवैया ठीक नहीं है, और उसे पहले ही पर्याप्त समय दिया जा चुका है. कोर्ट को चुनाव में देरी की बताई वजह   कोर्ट में सरकार की ओर से महाधिवक्ता राजेंद्र प्रसाद ने दलील दी कि वार्डों के आंतरिक सीमांकन को लेकर हाईकोर्ट के दो अलग-अलग फैसले आने से देरी हुई, जबकि ओबीसी आयोग की रिपोर्ट नहीं आने के कारण आरक्षण तय नहीं हो पाया. बेंच ने इस पर सवाल उठाते हुए कहा कि आदेश निकायों को लेकर था, तो पंचायत चुनाव क्यों नहीं कराए गए, और ओबीसी आयोग क्या कर रहा है, यह हमारे सामने नहीं है. कोर्ट ने जजमेंट रिजर्व रखा कोर्ट में सरकार की ओर से कहा गया कि राजस्थान का बड़ा हिस्सा रेगिस्तानी है, जून में हीटवेव चलती है, जुलाई में बरसात शुरू हो जाती है और ऐसे में चुनाव कराना मुश्किल होगा, लेकिन बेंच ने इन तर्कों को स्वीकार नहीं किया. सुनवाई के बाद अदालत ने जजमेंट रिजर्व रख लिया है. 15 अप्रैल तक चुनाव कराने के दिर्नेश थे हाईकोर्ट ने 14 नवंबर 2025 को 439 याचिकाओं पर फैसला देते हुए 15 अप्रैल 2026 तक पंचायत और निकाय चुनाव कराने और 31 दिसंबर 2025 तक परिसीमन पूरा करने के निर्देश दिए थे. अब सरकार और चुनाव आयोग ने और समय मांगा है, जबकि इस मुद्दे पर अवमानना याचिका भी दायर है, जिस पर 18 मई को सुनवाई होगी.

सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के बाद एक्शन, चंबल नदी में उतरी पुलिस-वन विभाग की टीम

  करौली राजस्थान में करौली जिले के नेशनल चंबल घड़ियाल सेंचुरी में अवैध बजरी खनन को लेकर करौली पुलिस ने चंबल के बीहड़ों में उतरकर बजरी माफियाओं के खिलाफ एक बड़ा और हाई-वोल्टेज ऑपरेशन चलाया. करौली के एसपी लोकेश सोनवाल के कुशल निर्देशन में पुलिस और वन विभाग की संयुक्त टीम ने चंबल नदी में पांच घंटे तक मोर्चा संभाला और अवैध खनन के पूरे नेटवर्क को हिलाकर रख दिया. सुप्रीम कोर्ट ने दिखाई थी सख्ती अवैध बजरी खनन पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान सरकार के ढुलमुल रवैये पर नाराजगी जताई थी. कोर्ट ने कहा कि यह लापरवाही पर्यावरण और वन्यजीवों के लिए गंभीर खतरा है. अदालत के सामने आई रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि राज्य के 40 संवेदनशील इलाकों में से सिर्फ एक जगह सीसीटीवी कैमरा लगा है और सुरक्षा के सारे दावे अधूरे हैं. इस सख्ती के बाद सरकार ने तुरंत धौलपुर, करौली, कोटा, बूंदी और सवाई माधोपुर में जिला कलेक्टर की अध्यक्षता में विशेष टास्क फोर्स का गठन कर दिया है. एसपी की अगुवाई में बड़ा एक्शन सुप्रीम कोर्ट के सख्त रुख को देखते हुए करौली एसपी लोकेश सोनवाल ने खुद कमान संभाली. उनके नेतृत्व में पुलिस ने शनिवार को करणपुर क्षेत्र के गौटा घाट पर धावा बोल दिया. पुलिस को आता देख माफिया ट्रैक्टर-ट्रॉलियां लेकर मध्य प्रदेश की सीमा की तरफ भागने लगे. एसपी के कड़े निर्देशों के बाद थानाधिकारी देवेश कुमार जाटव अपने पुलिस जवानों के साथ मौके पर पहुंचे. इसके बाद जांबाज जवान वर्दी और हथियारों के साथ नदी के गहरे पानी में उतर गए और दूर तक माफियाओं का पीछा किया. एसपी सोनवाल ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि कोर्ट के आदेशों का सख्ती से पालन होगा और माफिया चाहे सीमा पार के हों, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा. घड़ियालों के आशियाने पर मंडराता खतरा यह पूरा अवैध कारोबार घड़ियाल प्रजनन केंद्र से महज 500 मीटर की दूरी पर चल रहा है. भारी मशीनों का शोर और अवैध खनन घड़ियालों के प्राकृतिक माहौल को नष्ट कर रहा है. राजस्थान से मध्य प्रदेश के श्योपुर तक फैले इस नेटवर्क में हर दिन करीब 200 ट्रैक्टर-ट्रॉलियां अवैध बजरी पार कराई जा रही हैं. फिलहाल पुलिस ने जेसीबी से रास्ते काटकर माफियाओं के रूट बंद कर दिए हैं और अब हर किसी की नजर 20 मई को होने वाली सुप्रीम कोर्ट की अगली सुनवाई पर है.

ऐतिहासिक ढाई दिन का झोंपड़ा में धार्मिक आयोजन को लेकर प्रशासन से अनुमति मांगी गई

अजमेर अजमेर में स्थित ऐतिहासिक अढ़ाई दिन का झोंपड़ा एक बार फिर चर्चा में आ गया है. यहां स्थानीय लोगों ने हनुमान चालीसा पाठ की परमिशन मांगी है. महाराणा प्रताप सेना ने जिला कलेक्टर को मेल कर अगले मंगलवार (19 मई) के लिए अनुमति की मांग की है. संगठन के संस्थापक राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. राजवर्धन सिंह परमार ने कहा कि हम शांतिपूर्ण धार्मिक आयोजन कराना चाहते हैं. परमान का दावा है कि अढ़ाई दिन का झोपड़ा केवल एक ऐतिहासिक संरचना नहीं, बल्कि प्राचीन संस्कृत कंठाभरण विद्यालय और हिंदू मंदिर का स्वरूप रहा है. "भोजशाला के फैसले से आस्था मजबूत हुई" मेल में लिखा, "परिसर की दीवारों और स्थापत्य में मौजूद शिल्प और ऐतिहासिक साक्ष्य इसकी प्राचीन सांस्कृतिक पहचान को दर्शाते हैं. मध्यप्रदेश की भोजशाला से जुड़े न्यायालय के फैसले से सनातन धर्मावलंबियों की आस्था को मजबूती मिली है." बता दें कि मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने धार की भोजशाला को वाग्देवी मंदिर माना है. शनिवार को बड़ी संख्या में श्रद्धालु परिसर पहुंचे थे और हनुमान चालीसा का पाठ और पूजा संपन्न हुई. संगठन का दावा- कानून-व्यवस्था प्रभावित नहीं होगी साथ ही महाराणा प्रताप सेना ने प्रशासन को आश्वस्त किया कि प्रस्तावित हनुमान चालीसा पाठ पूरी तरह शांतिपूर्ण तरीके से आयोजित किया जाएगा. किसी भी तरह की कानून-व्यवस्था प्रभावित नहीं होगी. कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा व्यवस्था उपलब्ध कराने की भी मांग की गई है. 12वीं सदी की धरोहर देश-विदेश में विख्यात गौरतलब है कि ढाई दिन का झोपड़ा अजमेर की सबसे प्राचीन और चर्चित ऐतिहासिक धरोहरों में गिना जाता है. इसका निर्माण 12वीं शताब्दी में माना जाता है. इंडो-इस्लामिक वास्तुकला, विशाल मेहराबों, नक्काशीदार स्तंभों और प्राचीन शिल्पकला के लिए प्रसिद्ध है. देश-विदेश से बड़ी संख्या में पर्यटक यहां पहुंचते हैं.

Rajasthan : भीषण गर्मी की वापसी, कई जिलों में येलो अलर्ट जारी

 जयपुर मौसम विभाग के अनुसार, राजस्थान के अधिकांश भागों में शनिवार से तापमान में बढ़ोतरी से तेज गर्मी का दौर एक बार फिर शुरू होगा. मौसम केंद्र जयपुर के अनुसार, राज्य में तापमान एक बार फिर बढ़ेगा. पश्चिमी राजस्थान में तीव्र गर्मी का दौर शुरू होगा.  राज्य के दक्षिण पूर्वी भागों में भी आगामी दिनों में अधिकतम तापमान 44 से 45 डिग्री सेल्सियस रहने व 16 मई से एक बार फिर तेज गर्मी पड़ने की संभावना है. आंधी-बारिश का अलर्ट बढ़ती गर्मी के बीच राहत भरी खबर सामने आई है. 17 मई को बीकानेर संभाग, शेखावाटी क्षेत्र, जयपुर और भरतपुर संभाग के उत्तरी भागों में कहीं-कहीं मेघगर्जन के साथ आंधी आ सकती है. विभाग के अनुसार, साथ ही 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं, हल्की बूंदा बांदी भी हो सकती है. पिछले 24 घंटे शुष्क रहा मौसम राज्य में शनिवार सुबह तक के चौबीस घंटे में मौसम मुख्यतः शुष्क रहा. इस दौरान कई जगह उष्ण रात्रि और उष्ण लहर दर्ज की गई. अधिकतम तापमान 44.8 डिग्री सेल्सियस फलोदी में रहा.राज्य के पश्चिमी और उत्तरी भागों में 18 से 22 मई के दौरान तेज सतही हवाएं 20-30 kmph चलने की संभावना है. नागौर में बारिश का अलर्ट मौसम व‍िभाग ने बार‍िश का अलर्ट जारी क‍िया है. नागौर ज‍िले में कहीं-कहीं हल्के से मध्यम मेघगर्जन और गरज-चमक के साथ बार‍िश की संभावना है. मौसम व‍िभाग ने येलो अलर्ट जारी क‍िया है. अचानक तेज हवाएं 30-40 किमी/घंटा चलेंगी. 

सांवलिया सेठ के दरबार में धनवर्षा, सोना-चांदी की गिनती अभी बाकी

चित्तौड़गढ़ मेवाड़ के सुप्रसिद्ध और आस्था के सबसे बड़े केंद्र 'कृष्णधाम श्री सांवलियाजी मंदिर' में शुक्रवार को जब राजभोग आरती के बाद भगवान का दानपात्र (भंडार) खोला गया, तो वहां मौजूद हर शख्स की आंखें फटी की फटी रह गईं। मासिक मेले के पहले ही दिन नोटों का ऐसा पहाड़ नजर आया कि शुरुआती गिनती में ही आंकड़ा 11 करोड़ 30 लाख रुपये पार कर गया। सांवलिया सेठ के दरबार में उमड़े इस 'धनवर्षा' के सैलाब को संभालने के लिए तत्काल नोटों से भरे बैग अलग-अलग बैंकों में कड़ी सुरक्षा के बीच जमा कराए गए। कड़े पहरे में खुला भंडार, जयकारों से गूंजा गर्भगृह मंदिर मंडल की मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रभा गौतम, प्रशासनिक अधिकारी प्रथम शिव शंकर पारीक और मंदिर बोर्ड के सदस्यों की मौजूदगी में कड़ी सुरक्षा के बीच गर्भगृह के मुख्य दानपात्र को खोला गया। जैसे ही खजाने के ताले टूटे, मंदिर परिसर में मौजूद हजारों भक्तों ने एक सुर में 'सांवलिया सेठ के जयकारे' लगाने शुरू कर दिए। पूरा माहौल भक्ति के अनूठे रंग में सराबोर हो गया। भंडार खुलते ही मंदिर प्रशासन और बैंक कर्मियों की टीम तुरंत नोटों की गड्डियां बनाने और उनकी गिनती करने में जुट गई। सोना-चांदी और चिल्लर की गिनती अभी बाकी! चमत्कारी बात यह है कि 11.30 करोड़ रुपये तो सिर्फ पहले दिन गिने गए नोटों की रकम है। सांवलिया सेठ मंदिर के दानपात्र से बड़ी मात्रा में भक्तों द्वारा चढ़ाए गए सोने और चांदी के आभूषण भी निकले हैं, जिन्हें नोटों की गड्डियों से अलग कर सुरक्षित रख लिया गया है। मंदिर प्रशासन के मुताबिक, अभी इन कीमती धातुओं का वजन किया जाना बाकी है। इसके अलावा, सिक्कों (चिल्लर) का एक बहुत बड़ा ढेर और भेंट कक्ष व कार्यालय में मनीऑर्डर या ऑनलाइन माध्यम से आई राशि का अंतिम मिलान होना बाकी है। जब यह पूरी प्रक्रिया संपन्न होगी, तब सांवलिया सेठ के इस मासिक चढ़ावे का असली और अंतिम जादुई आंकड़ा सामने आएगा। मासिक मेले में उमड़ा आस्था का सैलाब श्री सांवलियाजी को 'व्यापार का साझेदार' मानने वाले भक्तों की आस्था का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि यहां हर महीने करोड़ों रुपये का चढ़ावा आता है। राजस्थान ही नहीं, बल्कि मध्य प्रदेश, गुजरात और देश के कोने-कोने से व्यापारी और आम लोग यहां मन्नत पूरी होने पर अपने 'सेठ' को हिस्सा देने आते हैं। मासिक मेले के चलते इस समय भक्तों की भीड़ कई गुना बढ़ गई है, जिसे देखते हुए सुरक्षा और सुगम दर्शन के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं।  

हिडन कैमरा कांड से हिला किशनगढ़, पति पर महिलाओं को फंसाने का गंभीर आरोप

 अजमेर राजस्थान के अजमेर जिले के किशनगढ़ में एक ऐसा खौफनाक मामला सामने आया है, जिसने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया है. एक महिला ने अपने ही जिम ट्रेनर पति के खिलाफ मदनगंज थाने में मुकदमा दर्ज कराया है. महिला ने पति पर हिडन कैमरे से वीडियो बनाने, ब्लैकमेल करने और अश्लील सामग्री सोशल मीडिया पर वायरल करने का गंभीर आरोप लगाया है. पत्नी को मोबाइल से मिला पति का कच्चा चिट्ठा शादी के कुछ समय बाद जब पत्नि को अपने पति की हरकतों पर शक हुआ, तो उसने एक दिन चोरी-छिपे उसका मोबाइल चेक किया. मोबाइल खोलते ही महिला के होश उड़ गए. उसमें कई युवतियों के अश्लील फोटो, वीडियो, आपत्तिजनक वॉयस रिकॉर्डिंग और चैट्स का एक बड़ा डेटा मौजूद था. इन सब के बारे में पूछने पर आरोपी ने पहले तो इसे पुरानी बात कहकर टालने की कोशिश की, लेकिन जल्द ही उसके खौफनाक नेटवर्क का भंडाफोड़ हो गया. पत्नी ने किया विरोध तो इंटरनेट पर कर दी वीडियो वायरल जब पत्नी ने इस घिनौनी हरकत का विरोध किया, तो आरोपी ने उसे भी अंजाम भुगतने की धमकी दी. प्रताड़ना से तंग आकर पीड़िता ने सबूत के तौर पर कुछ वीडियो अपने फोन में सेव कर अपने पीहर (मायके) चली गई। इस बात से बौखलाए आरोपी पति ने सोशल मीडिया पर फर्जी आईडी बनाकर अपनी पत्नी के एडिटेड अश्लील फोटो और वीडियो इंटरनेट पर वायरल कर दिए, जिससे पीड़ित परिवार गहरे सदमे में आ गया. लड़कियों से पहले करता था दोस्ती फिर हिडन रुप में ले जाकर बनाता था वीडियो मामले की जानकारी देते हुए एसपी हर्षवर्धन अग्रवाला ने बताया कि पीड़िता के परिवार वालों ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कराया है. जिसमें बताया कि आरोपी जिम ट्रेनर होने का फायदा उठाकर अपने जिम में आने वाली भोली-भाली लड़कियों से पहले दोस्ती बढ़ाता था. इसके बाद वह उन्हें किसी बहाने से एक निजी कमरे में ले जाता था, जहां उसने पहले से ही 'हिडन कैमरे' इंस्टॉल कर रखे थे.इन कैमरों की मदद से युवतियों के बेहद निजी पलों को रिकॉर्ड कर लिया जाता था. पैसों की डिमांड और दूसरी लड़कियों को फंसाने का दबाव वीडियो रिकॉर्ड करने के बाद आरोपी उन वीडियो के दम पर महिलाओं को ब्लैकमेल करता था, उनसे मोटी रकम ऐंठता था और हद तो तब हो गई जब वह पीड़ित महिलाओं पर यह दबाव भी बनाता था कि वे उसकी हवस के जाल में दूसरी लड़कियों को भी फंसाकर लाएं. आरोपी ने इस गंदे धंधे में अपनी पत्नी को भी घसीटने की कोशिश की और दूसरी लड़कियों को संपर्क में लाने का दबाव बनाया.  IT एक्ट के तहत मामला दर्ज  मदनगंज थाना प्रभारी सुरेंद्र सिंह ने तुरंत भारतीय न्याय संहिता (BNS) और आईटी एक्ट (IT Act) की संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है. पुलिस ने आरोपी के मोबाइल फोन, सोशल मीडिया अकाउंट्स और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइसेज को कब्जे में लेकर फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया है.

राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन में बड़ा टर्निंग पॉइंट, इसी महीने चुनाव नोटिस जारी होने के संकेत

 जयपुर राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन (RCA) में लंबे समय से जारी गतिरोध और प्रशासनिक खींचतान के बीच अब चुनावी सरगर्मियां तेज हो गई हैं. राजधानी जयपुर में आरसीए की एडहॉक कमेटी और प्रदेश के विभिन्न जिला क्रिकेट संघों के पदाधिकारियों के बीच एक बेहद अहम बैठक आयोजित की गई. इस बैठक के बाद खेल मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने सरकार का रुख पूरी तरह स्पष्ट कर दिया. उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि सरकार या मुख्यमंत्री की मंशा आरसीए के कामकाज में दखल देने की बिल्कुल नहीं है. सरकार केवल यह चाहती है कि राजस्थान क्रिकेट में पारदर्शिता आए और खेल के हित में जल्द से जल्द चुनाव संपन्न हों. 'क्रिकेट का भविष्य जिला संघों के हाथ में' बैठक में शामिल होने पहुंचे खेल मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने मीडिया से बातचीत में जोर देकर कहा कि राजस्थान क्रिकेट का संचालन अंततः जिला संघों और निर्वाचित पदाधिकारियों को ही संभालना है. उन्होंने सभी जिला क्रिकेट संघों से अपील की कि वे अपने आपसी मतभेद भुलाकर एकजुट हों और एडहॉक कमेटी के साथ मिलकर चुनाव प्रक्रिया को आगे बढ़ाएं. खेल मंत्री ने यह भी साफ किया कि विवाद बढ़ने की स्थिति में सरकार केवल एडहॉक कमेटी का गठन कर सकती है, लेकिन चुनाव कराने की अंतिम जिम्मेदारी क्रिकेट से जुड़े पदाधिकारियों की ही होती है. समय पर चुनाव होने से सुधरेगा युवा खिलाड़ियों का भविष्य खेल मंत्री ने समय पर चुनाव कराने की अहमियत समझाते हुए कहा कि ऐसा होने से भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) से मिलने वाले संसाधनों और सहायता का सही और पारदर्शी इस्तेमाल हो सकेगा. जब आरसीए में एक चुनी हुई और पारदर्शी संस्था काम करेगी, तो प्रदेश के युवा खिलाड़ियों को आगे बढ़ने के बेहतर और निष्पक्ष अवसर मिलेंगे. इसी महीने जारी हो सकता है चुनावों का आधिकारिक नोटिस दूसरी तरफ, आरसीए एडहॉक कमेटी के कन्वीनर मोहित यादव ने इस बैठक को बेहद सकारात्मक और उम्मीदों से भरा बताया. उन्होंने दावा किया कि प्रदेश के 29 जिला संघों के पदाधिकारियों ने जल्द से जल्द चुनाव कराने की मांग का पुरजोर समर्थन किया है. मोहित यादव के मुताबिक, कमेटी पूरी गंभीरता और मुस्तैदी से काम कर रही है. उन्होंने उम्मीद जताई है कि इसी महीने राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन के चुनावों का आधिकारिक नोटिस जारी कर दिया जाएगा, जिससे चुनावी प्रक्रिया को आधिकारिक गति मिलेगी. मैदान पर 'फ्रेंडली मैच' और पर्दे के पीछे 'बड़ा एक्शन' इस पूरी बैठक और सकारात्मक माहौल के पीछे आरसीए की अंदरूनी सियासत भी पूरी तरह गरमाई रही. हालांकि पदाधिकारियों के बीच का तनाव और माहौल को हल्का करने के लिए एक फ्रेंडली क्रिकेट मैच का आयोजन किया गया था, लेकिन पर्दे के पीछे बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की तैयारी भी दिखाई दी. सूत्रों के हवाले से खबर है कि बैठक के दौरान नागौर और सवाई माधोपुर जिला क्रिकेट संघों के खिलाफ कार्रवाई को लेकर एक पत्र पर करीब 25 जिला संघों के पदाधिकारियों के हस्ताक्षर करवाए गए हैं, जिस पर एडहॉक कमेटी जल्द ही कोई बड़ा फैसला ले सकती है. राजस्थान क्रिकेट प्रशासन के लिए बड़ा टर्निंग पॉइंट कोर्ट-कचहरी के चक्करों और आपसी गुटबाजी से जूझ रहे आरसीए के लिए इस बैठक को एक बड़े टर्निंग पॉइंट के रूप में देखा जा रहा है. खेल मंत्री के कड़े रुख और एडहॉक कमेटी की सक्रियता से यह साफ है कि आने वाले दिनों में राजस्थान क्रिकेट के प्रशासन में बड़े बदलाव होने वाले हैं. अब सभी की नजरें इसी महीने जारी होने वाले चुनावी नोटिस और जिला संघों के अगले कदम पर टिकी हैं.