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सीएम योगी के ड्रीम प्रोजेक्ट्स में से एक है करीब 393 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला स्टेडियम

गोरखपुर शनिवार (16 मई) की तिथि गोरखपुर की उपलब्धियों की श्रृंखला में स्वर्णाक्षरों में दर्ज होने जा रही है। खेल अवस्थापना सुविधाओं के लिहाज से गोरखपुर का नाम वैश्विक स्तर पर उल्लिखित कराने तथा अंतर्राष्ट्रीय स्तर के आयोजनों हेतु बड़ा प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार को अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम का भूमि पूजन और शिलान्यास करेंगे। करीब 393 करोड़ रुपये की लागत वाले अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम के शिलान्यास समारोह में केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी और प्रदेश के खेल मंत्री गिरीश चंद्र यादव भी मौजूद रहेंगे।  गोरखपुर अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम का निर्माण मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ड्रीम प्रोजेक्ट्स में से एक है। इस संबंध में मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद प्रशासन की तरफ से ताल नदोर में उपलब्ध कराई गई जमीन पर 24 दिसंबर 2025 से निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया है। औपचारिक शिलान्यास होने से पूर्व, सरकार की तरफ से जारी परियोजना लागत की प्रथम किश्त 63.39 करोड़ रुपये से काम आगे बढ़ रहा है। कार्यदायी संस्था लोक निर्माण विभाग निर्माण खंड एक (भवन) के अनुसार अब तक करीब सात प्रतिशत काम हुआ है। स्टेडियम का निर्माण 23 दिसंबर 2027 तक पूरा कर लिया जाएगा।  गोरखपुर ग्रामीण के विधायक विपिन सिंह अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम को गोरखपुर के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि बताते हैं। उनका कहना है कि इंटरनेशनल स्टेडियम के बन जाने से गोरखपुर आने वाले समय में विश्व स्तरीय स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर और खेल के अंतर्राष्ट्रीय आयोजनों के लिए भी जाना जाएगा।  30 हजार होगी दर्शक क्षमता गोरखपुर में बन रहा अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम 46 एकड़ क्षेत्रफल में आकार लेगा। कुल 30 हजार दर्शक क्षमता का यह स्टेडियम ‘ग्राउंड प्लस टू फ्लोर’ के हिसाब से बनेगा। इसके मेन ग्राउंड पर खिलाड़ियों के लिए 7 प्लेइंग पिच और 4 प्रैक्टिस पिच होगी। स्टेडियम के पूर्वी और पश्चिमी स्टैंड में प्रत्येक में 14,490 दर्शक बैठ सकेंगे। नार्थ पैवेलियन 208 वीआईपी व 382 मीडियाकर्मियों और साउथ पैवेलियन 1708 वीवीआईपी व वीआईपी के लिए होगा। रात्रिकालीन मैच भी हो सकें, इसके लिए मेन स्टेडियम में अंतर्राष्ट्रीय मानक के चार हाई मास्ट लाइट की व्यवस्था रहेगी। यहां क्रिकेट के अलावा अन्य बड़े आयोजन भी होंगे। कनेक्टिविटी के लिहाज से बेहतरीन स्थान पर बन रहा अंतर्राष्ट्रीय स्टेडियम  ताल नदोर में बन रहा अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम कनेक्टिविटी के लिहाज से बेहतरीन जगह पर है। गोरखपुर-वाराणसी राजमार्ग फोरलेन से जुड़ा यह स्थान, गोरखपुर एयरपोर्ट से करीब 24 किमी की दूरी पर है और रेलवे स्टेशन से करीब 20 किमी है। ऐसे में खिलाड़ियों और दर्शकों के लिए यहां पहुंचना काफी सुगम होगा। पेट्रोलियम कंपनियों के सीएसआर फंड से 100 करोड़ गोरखपुर के इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम के निर्माण में देश की शीर्ष पेट्रोलियम कंपनियां अपने सीएसआर (कॉर्पोरेट सोशल रिस्पांसिबिलिटी) फंड से कुल 100 करोड़ रुपये देंगी। एमओयू के बाद धनराशि आवंटन प्रक्रिया में है। अंतर्राष्ट्रीय स्टेडियम निर्माण के लिए सीएसआर फंड से इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड 60 करोड़ रुपये, भारत पेट्रोलियम 30 करोड़ और हिंदुस्तान पेट्रोलियम 10 करोड़ रुपये देगी।

Jaipur Mega Stadium: दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा क्रिकेट ग्राउंड निर्माणाधीन, गहलोत के तीखे आरोप

जयपुर. राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने वर्तमान भजनलाल सरकार के खिलाफ अपना हमला तेज कर दिया है। गहलोत ने अपनी चर्चित 'इंतज़ारशास्त्र' सीरीज के छठे अध्याय में जयपुर के चौंप में बन रहे विश्व के तीसरे सबसे बड़े क्रिकेट स्टेडियम की बदहाली का मुद्दा उठाया है। एक वीडियो संदेश के साथ गहलोत ने आरोप लगाया है कि राजनीतिक द्वेष के चलते अंतरराष्ट्रीय स्तर का यह प्रोजेक्ट अब 'ठंडे बस्ते' में चला गया है। जो विश्व रिकॉर्ड बनना था, वो अब 'लापरवाही' का शिकार अशोक गहलोत ने अपनी पोस्ट में दर्द साझा करते हुए लिखा कि कांग्रेस सरकार ने राजस्थान को वैश्विक खेल मानचित्र पर लाने के लिए जयपुर के पास चौंप गांव में दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा क्रिकेट स्टेडियम बनाने की आधारशिला रखी थी। इस स्टेडियम का काम 2024 तक पूरा होना था, लेकिन गहलोत का दावा है कि 36 महीने बीत जाने के बाद भी यह प्रोजेक्ट अधर में लटका हुआ है। गहलोत ने सवाल उठाया कि जनता के करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद खिलाड़ियों को अपनी ही धरती पर अंतरराष्ट्रीय मैच देखने और खेलने का मौका क्यों नहीं मिल रहा? RCA चुनाव और क्रिकेट की राजनीति पर कटाक्ष पूर्व मुख्यमंत्री ने केवल इंफ्रास्ट्रक्चर ही नहीं, बल्कि खेल प्रशासन पर भी प्रहार किया है। उन्होंने कहा कि राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन (RCA) के चुनाव पिछले दो वर्षों से नहीं हो सके हैं। गहलोत के अनुसार, प्रशासनिक शून्यता और सरकार की अरुचि के कारण राजस्थान में क्रिकेट का भविष्य अंधकारमय नजर आ रहा है। खिलाड़ियों के सपनों से खिलवाड़ बंद करे सरकार' गहलोत ने एक वीडियो साझा किया है जिसमें स्टेडियम की वर्तमान स्थिति (कथित रूप से रुका हुआ काम) को दिखाया गया है। उन्होंने भजनलाल सरकार से मार्मिक अपील करते हुए कहा: "राजनीतिक द्वेष छोड़िए, खिलाड़ियों के भविष्य से खिलवाड़ बंद कीजिए!" क्या है 'इंतज़ारशास्त्र' सीरीज? पिछले कुछ हफ्तों से अशोक गहलोत सोशल मीडिया पर एक विशेष सीरीज चला रहे हैं जिसे उन्होंने 'इंतज़ारशास्त्र' नाम दिया है। उद्देश्य: इस सीरीज के माध्यम से वे उन प्रोजेक्ट्स को उजागर कर रहे हैं जो उनकी सरकार के समय शुरू हुए थे लेकिन वर्तमान सरकार के कार्यकाल में कथित तौर पर ठप्प पड़े हैं। खेल-विरोधी सोच बनाम विकास का दावा गहलोत का आरोप है कि भाजपा सरकार केवल नाम बदलने या पुराने प्रोजेक्ट्स को रोकने में लगी है। उन्होंने 'इंतज़ारशास्त्र' के शीर्षक में सख्त शब्दों का इस्तेमाल किया— ''खेल-विरोधी सोच ने डुबोया राजस्थान का नाम!''। इस बयान ने राजस्थान के खेल हलकों में एक नई बहस छेड़ दी है कि क्या वाकई बजट या मंशा की कमी के कारण चौंप स्टेडियम का काम रुका है?

बंगाल की बेटी ऋचा घोष को बड़ा सम्मान: सिलीगुड़ी में बनेगा उनके नाम का स्टेडियम

सिलीगुड़ी भारतीय महिला टीम की स्टार विकेटकीपर बल्लेबाज ऋचा घोष को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने एक और तोहफा दिया है। उन्होंने एलान किया है कि सिलीगुढ़ी में युवा खिलाड़ी के नाम पर स्टेडियम बनेगा। इससे पहले सीएम ने शनिवार (8 नवंबर) को उन्हें बंगभूषण सम्मान और बंगाल पुलिस में डीएसपी का नियुक्ति पत्र देकर सम्मानित किया था।  बता दें कि, भारतीय महिला टीम ने रविवार (2 नवंबर) को दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 52 रनों से फाइनल में जीत हासिल कर पहली बार महिला वनडे विश्व कप का खिताब अपने नाम किया था। फाइनल में चमकीं थीं ऋचा फाइनल मुकाबले में ऋचा घोष ने 24 गेंदों में तीन चौके और दो छक्के की मदद से 34 रनों की महत्वपूर्ण पारी खेली थी। महिला वनडे विश्व कप 2025 में 22 वर्षीय बल्लेबाज ने शानदार प्रदर्शन किया और एक अर्धशतक की मदद से 235 रन बनाए। इस दौरान उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 94 रनों का रहा। दाएं हाथ की बल्लेबाज को उनके अहम योगदान के लिए बंगाल क्रिकेट संघ (कैब) ने 34 लाख रुपये और सोने के बल्ला और गेंद का रेप्लिका (प्रतिकृति) देकर सम्मानित किया। दो बार चूके, अब पार की आखिरी बाधा एक तरफ जहां दक्षिण अफ्रीका का यह महिला विश्व कप का पहला फाइनल था, वहीं भारतीय टीम तीसरी बार खिताबी मुकाबले में पहुंची थी। भारतीय टीम इससे पहले मिताली राज की अगुआई में 2005 और 2017 में विश्व कप के फाइनल में पहुंच चुकी थी। साल 2005 में दक्षिण अफ्रीका में खेले गए विश्व कप के फाइनल में ऑस्ट्रेलिया ने भारत को 98 रन से हराया था, जबकि 2017 में इंग्लैंड ने घरेलू सरजमीं पर रोमांचक फाइनल में भारत पर नौ रन से जीत दर्ज की की थी। भारतीय टीम दो बार खिताब के करीब आकर इससे चूक गई थी, लेकिन अब वह आखिरी बाधा पार करने में सफल रही है।