samacharsecretary.com

बंगाल की बेटी ऋचा घोष को बड़ा सम्मान: सिलीगुड़ी में बनेगा उनके नाम का स्टेडियम

सिलीगुड़ी भारतीय महिला टीम की स्टार विकेटकीपर बल्लेबाज ऋचा घोष को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने एक और तोहफा दिया है। उन्होंने एलान किया है कि सिलीगुढ़ी में युवा खिलाड़ी के नाम पर स्टेडियम बनेगा। इससे पहले सीएम ने शनिवार (8 नवंबर) को उन्हें बंगभूषण सम्मान और बंगाल पुलिस में डीएसपी का नियुक्ति पत्र देकर सम्मानित किया था।  बता दें कि, भारतीय महिला टीम ने रविवार (2 नवंबर) को दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 52 रनों से फाइनल में जीत हासिल कर पहली बार महिला वनडे विश्व कप का खिताब अपने नाम किया था। फाइनल में चमकीं थीं ऋचा फाइनल मुकाबले में ऋचा घोष ने 24 गेंदों में तीन चौके और दो छक्के की मदद से 34 रनों की महत्वपूर्ण पारी खेली थी। महिला वनडे विश्व कप 2025 में 22 वर्षीय बल्लेबाज ने शानदार प्रदर्शन किया और एक अर्धशतक की मदद से 235 रन बनाए। इस दौरान उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 94 रनों का रहा। दाएं हाथ की बल्लेबाज को उनके अहम योगदान के लिए बंगाल क्रिकेट संघ (कैब) ने 34 लाख रुपये और सोने के बल्ला और गेंद का रेप्लिका (प्रतिकृति) देकर सम्मानित किया। दो बार चूके, अब पार की आखिरी बाधा एक तरफ जहां दक्षिण अफ्रीका का यह महिला विश्व कप का पहला फाइनल था, वहीं भारतीय टीम तीसरी बार खिताबी मुकाबले में पहुंची थी। भारतीय टीम इससे पहले मिताली राज की अगुआई में 2005 और 2017 में विश्व कप के फाइनल में पहुंच चुकी थी। साल 2005 में दक्षिण अफ्रीका में खेले गए विश्व कप के फाइनल में ऑस्ट्रेलिया ने भारत को 98 रन से हराया था, जबकि 2017 में इंग्लैंड ने घरेलू सरजमीं पर रोमांचक फाइनल में भारत पर नौ रन से जीत दर्ज की की थी। भारतीय टीम दो बार खिताब के करीब आकर इससे चूक गई थी, लेकिन अब वह आखिरी बाधा पार करने में सफल रही है।  

क्रिकेट विश्लेषण में संतुलन: ऋचा घोष ने शीर्ष क्रम की आलोचना पर दी प्रतिक्रिया

नई दिल्ली भारतीय महिला क्रिकेट टीम की विकेटकीपर ऋचा घोष ने वनडे विश्व कप में टीम के शीर्ष क्रम की बल्लेबाजों के खराब प्रदर्शन का बचाव करते हुए कहा कि एक मैच से उनका आकलन नहीं किया जा सकता। बल्लेबाजों के लिए आसान पिच पर खेलने के बावजूद भारत के शीर्ष बल्लेबाज विश्व कप में लगातार तीसरी बार अच्छा प्रदर्शन करने में नाकाम रहे और टीम गुरुवार को विशाखापत्तनम में दक्षिण अफ्रीका से तीन विकेट से हार गई। प्रतीका रावल, स्मृति मंधाना, हरलीन देओल, कप्तान हरमनप्रीत कौर और जेमिमा रोड्रिग्स के जल्दी-जल्दी आउट होने के बाद भारत का स्कोर एक समय छह विकेट पर 102 रन था। इसके बाद घोष (94) ने पुछल्ले बल्लेबाजों के साथ मिलकर पारी को संभाला और भारत को 251 के स्कोर तक पहुंचाया, लेकिन दक्षिण अफ्रीका ने मुश्किल चुनौती का सामना करते हुए यह लक्ष्य हासिल कर लिया। घोष ने मैच के बाद संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘हमारे शीर्ष क्रम के सभी खिलाड़ी अच्छे बल्लेबाज हैं। एक मैच से उनका आकलन नहीं किया जा सकता। क्रिकेट में कुछ भी हो सकता है। हर बार अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना हमारा काम है। आप हमेशा शीर्ष क्रम पर दोष नहीं मढ़ सकते।’’ उन्होंने कहा, ‘‘ हमने मैच में कभी हार नहीं मानी। हम आखिरी गेंद तक खेले और अधिक से अधिक रन बनाने की कोशिश की।’’ घोष ने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि क्रांति के ओवर में टर्निंग पॉइंट आया। नादिन डी क्लार्क ने जो एक छक्का और एक चौका लगाया, जिससे वास्तव में पासा पलट गया। बाकी सब कुछ नियंत्रण में था। ’’ घोष ने कहा कि टीम परिणाम की समीक्षा करेगी, लेकिन इससे रविवार को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ होने वाले महत्वपूर्ण मैच से पहले उनके आत्मविश्वास पर कोई असर नहीं पड़ा है। उन्होंने कहा, ‘‘हम अपने इस प्रदर्शन की समीक्षा करेंगे। हम इस बात का आकलन करेंगे कि हमने कहां अच्छा प्रदर्शन किया और हम कहां सुधार कर सकते हैं। हम सकारात्मक बने रहेंगे। हम इस मैच से सीख लेकर आगे अच्छा प्रदर्शन जारी रखने की कोशिश करेंगे।’’