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फर्जी पहचान और संदिग्ध किराएदारों पर जयपुर पुलिस का एरिया डोमिनेशन अभियान तेज

 जयपुर लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े आतंकी उमर हासिम उर्फ खरगोश के फर्जी दस्तावेजों के आधार पर जयपुर में एक साल तक रहने के खुलासे के बाद से राजधानी में हड़कंप मच गया है. सुरक्षा एजेंसियों और पुलिस की इस चौंकाने वाली रिपोर्ट के बाद, जयपुर कमिश्नरेट ने शहर के चारों जिलों में 'एरिया डोमिनेशन' अभियान शुरू कर दिया है. इस अभियान का मुख्य उद्देश्य बिना पुलिस सत्यापन (Police Verification) और किराएनामे (Rent Agreement) के रह रहे संदिग्ध लोगों और अपराधियों की पहचान करना है.  73 से ज्यादा किराएदार गिरफ्तार, मकान मालिकों पर भी केस दर्ज एडिशनल डीसीपी ललित शर्मा ने बताया कि बाहरी राज्यों के वांटेड बदमाशों को जयपुर में फरारी काटना सुरक्षित लग रहा है. वे नाम-पता बदलकर किराएदार के रूप में रह रहे हैं. इस अभियान के तहत अब तक 73 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया गया है. जिसमें पत्रकार कॉलोनी थाना क्षेत्र के उदय ग्रीन रेसीडेंसी में पुलिस ने छापेमारी कर बिना सत्यापन के रह रहे 26 लोगों को हिरासत में लिया है. इनमें से दो का पिछला आपराधिक रिकॉर्ड भी पाया गया है. कनोता थाना क्षेत्र में बगराना के जेडीए फ्लैट्स में करीब 1,000 फ्लैट्स की जांच के दौरान 47 ऐसे किराएदार मिले, जिनके पास कोई किराएनामा या पुलिस सत्यापन नहीं था. इन सभी को गिरफ्तार कर लिया गया है. वही पुलिस ने उन मकान और फ्लैट मालिकों के खिलाफ भी मुकदमे दर्ज किए हैं, जिन्होंने बिना सत्यापन के अपने घर किराए पर दिए थे.  इन मामलों ने उड़ाई पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों की नींद आतंकी का जयपुर कनेक्शन आने के पास पुलिस में हड़कंप मचा हुआ है. क्योंकि लश्कर-ए-तैयबा का ये आतंकी उमर हासिम उर्फ खरगोश लगभग एक साल तक जयपुर में रहा, नौकरी की, सज्जाद नाम से फर्जी वोटर आईडी बनवाई और फिर फर्जी पासपोर्ट के जरिए विदेश भाग गया. एमपी का हिस्ट्रीशीटर जवाहर सर्किल इलाके में एक गर्भवती महिला से छेड़छाड़ के मामले में पकड़ा गया जो मध्यप्रदेश का हिस्ट्रीशीटर आरोपी राहुल घुरैया निकला. उसके खिलाफ हत्या के प्रयास और लूट के 33 मामले दर्ज हैं. म्यांमार के शरणार्थियों की गैंग वैशाली नगर इलाके में म्यांमार के शरणार्थी युवक अबूबकर सिद्दकी ने अपने साथी खालिद के साथ मिलकर चोरी की वारदातों को अंजाम दिया. गैंगस्टर की गिरफ्तारी सुजानगढ़ में ज्वैलर पर फायरिंग मामले में वांछित अपराधी कृष्ण सिंह को एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स ने झोटवाड़ा से गिरफ्तार किया. उसके खिलाफ 27 मुकदमे दर्ज हैं. आमजन से पुलिस की अपील जयपुर पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि किसी भी व्यक्ति को किराए पर रखने से पहले उसका पुलिस सत्यापन अवश्य करवाएं.  पुलिस का यह विशेष अभियान आने वाले दिनों में भी जारी रहेगा.

बिना अनुमति प्रार्थना सभा पर विवाद, मारपीट और पत्थरबाजी के बाद 4 गिरफ्तार

जयपुर शुक्रवार (1 मई) देर शाम संगठन के कार्यकर्ताओं को एक सभा की सूचना मिली, जिसके बाद वे मौके पर पहुंचे. उनका आरोप है कि वहां बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी में धर्मांतरण की गतिविधियां चल रही थीं. कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि जब विरोध करने पर करीब 100 लोगों ने उन पर हमला कर दिया. लाठी-डंडों से मारपीट और पत्थरबाजी में 3 कार्यकर्ता घायल हुए, जिनमें से 2 को गंभीर हालत में गुजरात रेफर किया गया. घटना के बाद रवि भाभोर की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज किया है. आरोपियों में एक सरकारी स्कूल के प्रिंसिपल मुकेश रावत और उनके पिता, सेवानिवृत्त शिक्षक अनिल रावत का नाम भी शामिल है. अब तक 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है. सभा के लिए नहीं ली गई थी अनुमति राजस्थान में गैरकानूनी धर्म परिवर्तन निषेध विधेयक, 2025 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है. प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सभा के लिए किसी प्रकार की अनुमति नहीं ली गई थी. स्थानीय लोगों ने धर्मांतरण के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि वहां केवल प्रार्थना सभा आयोजित की जा रही थी और धर्मांतरण जैसा कुछ नहीं था. शिकायतकर्ताओं का कहना है कि पानी के कुंड में लोगों को नहलाकर धर्मांतरण कराया जा रहा था. राजस्थान गैरकानूनी धर्मांतरण निषेध बिल, 2025 के तहत मामला दर्ज किया गया है.   150 लोग प्रार्थना सभा में थे मौजूद NDTV की टीम ने जब मौके पर लोगों से बात की उन्होंने बताया कि घटना वाले दिन लगभग 100 से 150 लोग मिलकर प्रार्थना कर रहे थे. उन्होंने कहा कि सिर्फ प्रार्थना और धार्मिक आयोजन हो रहा था, धर्मांतरण का कोई मामला नहीं है. जबकि शिकायतकर्ताओं ने बातचीत में कहा कि मौके पर चल रहे आयोजन के पीछे धर्मांतरण का मामला है.   हकीकत क्या, सवाल बरकरार?     बिना अनुमति सभा क्यों आयोजित की गई?     100 लोगों में से केवल 4 ही गिरफ्तार क्यों हुए?     क्या यह किसी बड़े नेटवर्क का हिस्सा है या स्थानीय विवाद?

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का बड़ा फैसला: चंदन की खेती से बढ़ेगा रोजगार और हरियाली

जयपुर  राजस्थान की धरती अब न केवल अपने शौर्य के लिए बल्कि चंदन की खुशबू के लिए भी जानी जाएगी. मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने राज्य के वनों को आर्थिक रूप से समृद्ध बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है. रविवार को मुख्यमंत्री निवास पर आयोजित वन एवं पर्यावरण विभाग की समीक्षा बैठक में उन्होंने अधिकारियों को राज्य के तीन प्रमुख जिलों—बांसवाड़ा, सिरोही और उदयपुर में चंदन के वन विकसित करने के कड़े निर्देश दिए हैं. वैज्ञानिक पद्धति और सुरक्षा पर जोर मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि चंदन की खेती केवल पौधारोपण तक सीमित नहीं रहनी चाहिए. उन्होंने अधिकारियों को वैज्ञानिक तरीके से मिट्टी का परीक्षण करने और केवल उच्च गुणवत्ता वाले पौधों का चयन करने के निर्देश दिए. चंदन की लकड़ी बहुमूल्य होती है, इसलिए इसकी सुरक्षा सबसे बड़ी चुनौती है. सीएम ने सख्त लहजे में कहा कि पौधों की निगरानी और सुरक्षा के लिए स्थानीय स्तर पर एक मजबूत तंत्र बनाया जाए ताकि चोरी या किसी भी प्रकार के नुकसान को रोका जा सके. पर्यावरण के साथ बढ़ेगा रोजगार इस योजना का दोहरा लाभ होगा. एक ओर जहां राज्य का हरित क्षेत्र (Green Cover) बढ़ेगा, वहीं दूसरी ओर स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे. चंदन के वन भविष्य में राजस्थान की अर्थव्यवस्था के लिए 'ग्रीन गोल्ड' साबित हो सकते हैं. मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से इस परियोजना को मिशन मोड में लेने और दीर्घकालिक विजन के साथ काम करने को कहा है. पौधों के जीवन की गारंटी जरूरी बैठक में आगामी पौधारोपण अभियानों की भी समीक्षा की गई. मुख्यमंत्री ने कहा कि केवल लक्ष्य पूरा करने के लिए पौधे न लगाएं, बल्कि यह सुनिश्चित करें कि लगाए गए पौधे जीवित रहें और बड़े हों. इस दौरान वन एवं पर्यावरण राज्य मंत्री संजय शर्मा भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जुड़े और विभागीय प्रगति की जानकारी दी.

जैसलमेर एयरपोर्ट पर ऐतिहासिक शुरुआत, जयपुर के लिए सीधी हवाई सेवा चालू

 जैसलमेर स्वर्ण नगरी जैसलमेर के लिए रविवार (3 मई) का दिन ऐतिहासिक बन गया. पहली बार समर शेड्यूल में हवाई सेवा का संचालन शुरू हुआ. इस फ्लाइट की मांग काफी समय से उठती रही है. अब लंबे इंतजार के बाद जैसलमेर के लोगों की मांग पूरी हुई है. जब एलाइंस एयर की उड़ान एयरपोर्ट पर पहुंची तो राजस्थानी लोक गीतों के साथ भव्य स्वागत किया गया. यात्रियों के पहुंचते ही पर्यटन व्यवसायियों और स्थानीय लोगों में खासा उत्साह देखने को मिला.  फ्लाइट सप्ताह में दो दिन रविवार और गुरुवार को संचालित होगी. इससे ऑफ-सीजन में भी शहर की कनेक्टिविटी बनी रहेगी. पहली उड़ान में जयपुर से 12 यात्री जैसलमेर पहुंचे, जिनमें जिला कलेक्टर अनुपमा जोरवाल, एसपी अभिषेक शिवहरे, पूर्व राजपरिवार की सदस्य राजेश्वरी राजलक्ष्मी और उद्योगपति मयंक भाटिया शामिल रहे. जैसलमेर से 4 यात्रियों ने जयपुर के लिए उड़ान भरी. करीब 9 घंटे का समय बचेगा दरअसल, भीषण गर्मी के चलते अप्रैल से सितंबर के बीच जैसलमेर में पर्यटन गतिविधियां धीमी पड़ जाती हैं. ऐसे में अब नाइट टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए ऐतिहासिक स्थलों पर लाइटिंग, डेजर्ट सफारी और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की योजना बनाई जा रही हैय जयपुर से सीधी हवाई सेवा जुड़ने से मेडिकल, व्यापार और प्रशासनिक कार्यों में भी सहूलियत मिलेगी. अब 10-12 घंटे का सफर महज 1 घंटा 45 मिनट में पूरा होगा, जिससे जैसलमेर की पर्यटन आधारित अर्थव्यवस्था को नई रफ्तार मिलने की उम्मीद है. गर्मियों में भी पर्यटकों को आकर्षित करने की कोशिश जिला कलेक्टर अनुपमा जोरवाल ने बताया कि जैसलमेर में पर्यटन को वर्षभर सक्रिय बनाने के लिए नए आयाम स्थापित किए जा रहे हैं. सर्दियों तक सीमित पर्यटन की धारणा को बदलते हुए अब गर्मियों में भी पर्यटकों को आकर्षित करने पर जोर दिया जा रहा है. इसके तहत ड्यून्स वॉक, प्लेजेंट ईवनिंग और स्टार गेजिंग जैसे नए अनुभव विकसित किए जा रहे हैं. उन्होंने हाई वैल्यू, लो वॉल्यूम टूरिज्म को बढ़ावा देने और कंटेंट क्रिएटर्स व एडवेंचर प्रेमियों को जोड़ने की बात कही. होटल संचालकों और टूर ऑपरेटर्स की अहम भूमिका इस हवाई सेवा को शुरू करने में स्थानीय होटल संचालकों और टूर ऑपरेटर्स की अहम भूमिका रही है. बिजनेसमेन मयंक भाटिया ने बताया कि इस सीजन में टूरिज्म को प्रमोट करने के उद्देश्य से आज जयपुर के लिए हवाई सेवा शुरु की गई. यह सेवाएं पब्लिक प्राइवेट पार्टनर के तहत किया गया नवाचार है. जैसलमेर के होटेलियर, बिजनेसमैन और कंपनियों के लोगों ने मिलकर 'वायबिलिटी गैप फंडिंग' के लिए कमीटमेंट किया.   क्षेत्र में वंदेभारत की भी है मांग जैसलमेर के पूर्व राजपरिवार की सदस्य राजेश्वरी राजलक्ष्मी ने सेना और वायुसेना के परिवारों का जिक्र करते हुए कहा कि उनके लिए भी देश के अन्य हिस्सों से जुड़ना जरूरी है. उन्होंने वंदेभारत जैसी आधुनिक ट्रेनों की कमी पर चिंता जताई, लेकिन ग्रीष्मकाल में हवाई सेवाओं के विस्तार को एक सकारात्मक कदम बताया.

बुद्ध पूर्णिमा पर स्पीकर का फैसला, सभी स्तरों पर प्रमोशन

जयपुर राजस्थान विधानसभा में इस बार बुद्ध पूर्णिमा का अवसर दोहरी खुशी लेकर आया. विधानसभा अध्यक्ष डॉ. वासुदेव देवनानी ने एक बड़ा निर्णय लेते हुए विधानसभा सचिवालय के 52 अधिकारियों और कर्मचारियों की पदोन्नति के आदेश जारी किए हैं. डॉ. देवनानी का यह कदम कर्मचारियों के मनोबल को बढ़ाने और प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कड़ी माना जा रहा है. उप सचिव से लेकर चतुर्थ श्रेणी तक इस पदोन्नति सूची की खास बात यह है कि इसमें पदानुक्रम के हर स्तर का ध्यान रखा गया है. आदेश के अनुसार, 6 उप सचिव, 7 सहायक सचिव और 8 अनुभाग अधिकारियों को उच्च पदों पर पदोन्नत किया गया है. इनके साथ ही सहायक अनुभाग अधिकारी, क्लर्क ग्रेड प्रथम व द्वितीय के पदों पर भी नियुक्तियां दी गई हैं. विशेष तकनीकी और शैक्षणिक पदों जैसे संपादक, पुस्तकालयाधिकारी और विधि रचना अधिकारी को भी इस सूची में स्थान मिला है. चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को मिला सबसे ज्यादा लाभ डॉ. देवनानी ने इस बार उन कर्मचारियों की सुध ली है जिनकी पदोन्नति लंबे समय से अटकी हुई थी. कुल 52 कर्मियों में से 20 चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी और 12 जमादार शामिल हैं. विधानसभा के इतिहास में संभवतः यह पहला मौका है जब मई माह के शुरुआती दौर में ही इतनी बड़ी संख्या में प्रमोशन प्रक्रिया को पूरा कर लिया गया है. चतुर्थ श्रेणी कर्मियों ने इस त्वरित निर्णय के लिए स्पीकर का आभार व्यक्त किया है. दो वर्षों में 121 प्रमोशन बना रिकॉर्ड डॉ. वासुदेव देवनानी के कार्यकाल में पदोन्नति की यह तीसरी बड़ी लहर है. इससे पहले 15 अगस्त 2024 को 47 और दीपावली 2025 पर 22 कर्मियों को प्रमोशन दिया गया था. पिछले दो सालों के भीतर कुल 121 कर्मियों को तरक्की मिल चुकी है. स्पीकर ने स्पष्ट किया कि पदोन्नति केवल ओहदे में वृद्धि नहीं है बल्कि यह जिम्मेदारी और जनसेवा के प्रति नए संकल्प का प्रतीक है.

नहरों में पानी छोड़ने का आदेश, 39 बनाम 35 गांवों की जंग तेज

 करौली राजस्थान के करौली जिले में स्थित पांचना बांध का विवाद एक बार फिर ज्वालामुखी की तरह फूट पड़ा है. करीब दो दशकों से सूखी पड़ी नहरों में पानी छोड़ने को लेकर राजस्थान हाईकोर्ट ने इस बार इतना सख्त रुख अपनाया है कि प्रशासन से लेकर सरकार तक के हाथ-पांव फूल गए हैं. 1 मई की डेडलाइन और अधिकारियों की व्यक्तिगत पेशी की चेतावनी के बाद अब मैदान में खाकी और खादी दोनों की सक्रियता बढ़ गई है. हाईकोर्ट का आदेश, अधिकारियों की नींद उड़ी हाईकोर्ट ने दो टूक शब्दों में आदेश दिया है कि हर हाल में निर्धारित समय सीमा के भीतर नहरों में पानी छोड़ा जाए. आदेश की गंभीरता को देखते हुए एडिशनल चीफ इंजीनियर सुरेशचंद ने खुद मोर्चा संभाला है. नहरों की सफाई और मरम्मत के लिए अभियंताओं की फौज उतार दी गई है. विभाग का स्पष्ट लक्ष्य है कि इस बार कोर्ट की अवमानना न हो और कमांड एरिया के किसानों तक पानी पहुंच सके. 39 गांव बनाम कमांड एरिया विवाद की असली वजह 'पहले हक' की लड़ाई है. बांध के डूब क्षेत्र में आने वाले 39 गांवों के लोगों का कहना है कि उन्होंने अपनी जमीन खोई है, इसलिए पानी पर पहला अधिकार उनका है. दूसरी ओर, कमांड एरिया के 35 गांवों के किसान पिछले 20 साल से बूंद-बूंद को तरस रहे हैं. 2005 के बाद से नहरी तंत्र ठप होने के कारण करीब 10 हजार हेक्टेयर भूमि बंजर होने की कगार पर है. सामाजिक और राजनीतिक पेच यह मुद्दा केवल सिंचाई का नहीं, बल्कि जातीय और क्षेत्रीय अस्मिता का भी बन चुका है. गुर्जर और मीणा समुदायों के बीच पुराने सामाजिक तनाव और 2008-2013 के बीच हुए राजनीतिक निर्णयों ने आग में घी डालने का काम किया है. 39 गांवों की योजना को छोटा कर 13 गांवों तक समेटने के पुराने फैसलों ने असंतोष को और गहरा कर दिया है. प्रशासन के सामने दोहरी चुनौती पांचना संघर्ष समिति जहां चंबल से पानी लाने और प्रभावित गांवों को प्राथमिकता देने पर अड़ी है, वहीं प्रशासन के लिए कानून-व्यवस्था बनाए रखना टेढ़ी खीर साबित हो रहा है. संवेदनशील इलाकों में भारी पुलिस बल की तैनाती के संकेत हैं.

राजस्थान साइबर पुलिस का एक्शन, 17 आरोपियों की गिरफ्तारी से अंतरराज्यीय ठगी गिरोह का पर्दाफाश

जयपुर राजस्थान पुलिस की साइबर यूनिट ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए अंतरराज्यीय साइबर अपराधियों के एक ऐसे गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जिसने महज एक व्हाट्सएप मैसेज के जरिए एक कंपनी को 5 करोड़ 30 लाख रुपये की चपत लगा दी। पुलिस ने प्रदेश के पांच अलग-अलग जिलों में कार्रवाई करते हुए कुल 17 आरोपियों को गिरफ्तार किया है. DP लगाकर दिया झांसा, खातों में ट्रांसफर कराए करोड़ों पुलिस उपमहानिरीक्षक (साइबर अपराध) शांतनु कुमार सिंह ने बताया कि यह ठगी 24 अप्रैल 2026 को हुई थी. ठगों ने कंपनी के चेयरमैन की फोटो और नाम का इस्तेमाल कर एक फर्जी व्हाट्सएप अकाउंट बनाया और अकाउंटेंट दीपेंद्र सिंह को संदेश भेजा. अकाउंटेंट को लगा कि निर्देश सीधे मालिक की ओर से आए हैं, जिसके बाद उसने बताए गए बैंक खातों में 5.30 करोड़ रुपये ट्रांसफर कर दिए। बाद में हकीकत सामने आने पर रिपोर्ट दर्ज कराई गई. तकनीकी जांच और हवाला कनेक्शन पुलिस अधीक्षक (साइबर अपराध) सुमित मेहरडा की निगरानी में गठित विशेष टीमों ने जब ट्रांजेक्शन की जांच की, तो परतें खुलती चली गईं। ठगी की राशि को दर्जनों खातों में घुमाया गया और बाद में उसे 'यूएसडीटी' (USDT) और हवाला के जरिए ठिकाने लगाया गया. चाय की थड़ियों पर होती थी डील, वकालत का छात्र भी शामिल हैरानी की बात यह है कि गिरफ्तार किए गए 17 आरोपियों में कानून (वकालत) का एक छात्र, सैलून कर्मी और स्पेयर पार्ट्स बेचने वाला दुकानदार भी शामिल है, ये लोग किसी को शक न हो, इसलिए कमीशन के बंटवारे और पासबुक-चेकबुक के लेन-देन के लिए चाय की थड़ियों पर मिलते थे, इन जिलों से हुई गिरफ्तारियां पुलिस ने कोटा ग्रामीण, पाली, बांसवाड़ा, जोधपुर और बाड़मेर पुलिस के सहयोग से छापेमारी की. गिरफ्तार आरोपियों में सोहेल खान, मोहम्मद राशिद, समीर, तोहिद, नवीन सिंह (कोटा), अविनाश जैन, प्रवीण, अमित, भव्य, मुकेश (बांसवाड़ा), घनश्याम, राहुल, कमलेश (जोधपुर), दीपेंद्र, वीरेंद्र, हरीश (पाली) और सदराम (बाड़मेर) शामिल हैं. पुलिस की चेतावनी पुलिस ने आम जनता और संस्थानों से अपील की है कि व्हाट्सएप या किसी भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर आने वाले वित्तीय निर्देशों की पुष्टि सीधे फोन कॉल के जरिए जरूर करें. गिरोह के अन्य सदस्यों और विदेशी कनेक्शन को लेकर जांच जारी है.

राजस्थान वेदर अपडेट: कई जिलों में तेज हवाएं और बारिश का येलो अलर्ट जारी

जयपुर राजस्थान के पश्चिमी भाग में गर्मी का प्रकोप है. दूसरी ओर आंधी-बारिश का दौर भी जारी है. मौसम लोगों पर दोहरी मार कर रहा है. शनिवार देर शाम प्रदेश के कई इलाकों में भयंकर आधी तूफान का मंजर देखने को मिला, इससे कई जगहों पर पेड़ गिर गए. कई जगहों पर बिजली के खंभे गिर गए. राजधानी में जयपुर में पारा दो डिग्री कम 38.1 डिग्री रहा. सुबह से ही राजधानी में आंधी-बारिश का दौर रहा. शाम होते ही तेज हवाओं की आंधी के साथ जमकर बारिश हुई, इससे गर्मी में थोड़ी राहत तो मिली, लेकिन कई जगहों पर पेड़ गिरने और तेज आंधी के कारण नुकसान हुआ. तापमान में कमी की संभावना   विभाग के मुताबिक, आगामी दिनों में राज्य के ज्यादातर इलाकों के अधिकतम तापमान में कमी होने की संभावना है. प्रदेश में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के कारण आगामी कुछ दिनों में कई भागों में तेज हवा के साथ हल्की से मध्यम बरसात हो सकती है. इससे हीटवेव से राहत मिलेगी. फिलहाल आंधी तूफान के बीच लोगों को गर्मी से थोड़ी राहत की उम्मीद है.   इन जिलों में बारिश की संभावना मौसम विभाग की ओर से आज अलवर, भरतपुर, दौसा, डीग, धौलपुर, जयपुर, झुंझुनूं, करौली, खैरथल तिजारा, कोटपुतली बहरोड़, सवाई माधोपुर, सीकर, चूरू और डीडवाना कुचामन जिलों में तेज हवा के साथ बारिश की संभावना है. इन जिलों में करीब 30 से 40 किमी प्रतिघंटा के साथ तेज हवाएं चलने का येलो अलर्ट है.   कल बारिश का ऑरेंज अलर्ट वहीं, कल यानी 4 मई के लिए प्रदेश के बीकानेर, झुंझुनूं, सीकर, चूरू, डीडवाना कुचामन, हनुमानगढ़, नागौर और श्रीगंगानगर में ऑरेंज अलर्ट भी जारी किया गया है.  वहीं, प्रदेश में गर्मी का प्रकोप भी समानांतर जारी है. राज्य में सर्वाधिक तापमान जैसलमेर में 44.4 डिग्री दर्ज किया गया है.

चित्तौड़गढ़: भक्तों की ‘पार्टनरशिप भक्ति’ से बढ़ा सांवलिया सेठ का खजाना

चित्तौड़गढ़  राजस्थान के प्रसिद्ध श्रीसांवलिया सेठ मंदिर में इस साल आस्था का ऐसा सैलाब उमड़ा कि दान के सभी पुराने रिकॉर्ड टूट गए। पिछले एक साल में मंदिर के भंडार में 337 करोड़ रुपये का चढ़ावा आया है, जो पिछले 34 वर्षों में अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है। लेकिन इस दान की सबसे रोचक बात यह है कि इसमें एक बड़ा हिस्सा 'भक्ति के मुनाफे' का है। दुनिया के सबसे अनोखे 'बिजनेस पार्टनर' भक्तों के बीच मान्यता है कि सांवलिया जी यहां 'सेठ' के रूप में विराजमान हैं। यही कारण है कि देशभर के बड़े कारोबारी और शेयर बाजार के खिलाड़ी भगवान को अपना बिजनेस पार्टनर मानते हैं। यहां दान केवल श्रद्धा से नहीं, बल्कि 'पार्टनरशिप डीड' के तहत आता है। स्टाम्प पेपर पर होती है 'साझेदारी' यह जानकर आपको हैरानी होगी कि भक्त यहां बाकायदा स्टाम्प पेपर पर पार्टनरशिप करार बनवाकर लाते हैं। मंदिर में इस तरह के पत्र चढ़ाए जाते हैं- 'मैं निवासी जयपुर, यह साझेदारी करार श्री सांवलिया मंदिर के साथ करता हूं कि मेरे शेयर बाजार और व्यापारिक स्रोतों से होने वाले मुनाफे में 10% हिस्से की साझेदारी ठाकुर जी की रहेगी।' जब मन्नत पूरी होती है और व्यापार चमकता है, तो भक्त अपनी कंपनी के लेटर हेड पर पूरी जानकारी लिखकर लाखों-करोड़ों की राशि ठाकुर जी के चरणों में समर्पित कर देते हैं। 34 साल का रिकॉर्ड टूटा, मुनाफे में डूबे भक्त भक्तों का अटूट विश्वास है कि एक बार अगर 'सांवलिया सेठ' को अपना पार्टनर बना लिया, तो व्यापार कभी घाटे में नहीं जाता। जैसे-जैसे व्यापार बढ़ता है, मंदिर के भंडार में आने वाली 'प्रॉफिट शेयरिंग' भी बढ़ती जाती है। इसी का नतीजा है कि इस वित्तीय वर्ष में चढ़ावे ने 337 करोड़ का जादुई आंकड़ा छू लिया है।  

NET-PhD धारकों का आक्रोश बढ़ा, संविदा भर्ती को बताया भविष्य से खिलवाड़

जयपुर  राजस्थान के उच्च शिक्षा विभाग में भर्ती को लेकर एक नया विवाद खड़ा हो गया है. राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड द्वारा कॉलेजों में 3,540 पदों पर 'टीचिंग एसोसिएट' की संविदा भर्ती निकालने के फैसले ने प्रदेश के शिक्षित युवाओं में आक्रोश भर दिया है. युवा इस योजना को 'शिक्षावीर' करार देकर इसका पुरजोर विरोध कर रहे हैं. नेट और PhD धारकों के साथ धोखा विरोध कर रहे युवाओं का कहना है कि जिन्होंने बरसों मेहनत कर NET, JRF और PhD जैसी डिग्रियां हासिल की हैं, उनके भविष्य के साथ यह खिलवाड़ है. युवाओं का तर्क है कि सरकार स्थाई भर्ती करने के बजाय अस्थायी नियुक्तियां कर रही है, जिससे उच्च शिक्षा का स्तर गिरेगा. छात्रों का कहना है कि यदि कॉलेजों में स्थाई आचार्य नहीं होंगे, तो शोध (Research) और नए विमर्श पूरी तरह ठप हो जाएंगे, जिसका सीधा असर विद्यार्थियों की स्किल और शिक्षा की गुणवत्ता पर पड़ेगा. वेतन पर भड़के युवा भर्ती के विरोध का सबसे बड़ा कारण तय किया गया मानदेय है. टीचिंग एसोसिएट के लिए मात्र 28,500 रुपये वेतन तय किया गया है. छात्र नेताओं का कहना है कि यह राशि एक तृतीय श्रेणी शिक्षक से भी कम है. UGC के मानकों के अनुसार, एक सहायक आचार्य की बेसिक पे ही 57,700 रुपये से शुरू होती है. ऐसे में आधे वेतन पर उच्च शिक्षित युवाओं से काम कराना उनका अपमान है. खाली पदों से जूझते विश्वविद्यालय प्रदेश के उच्च शिक्षण संस्थानों की हालत पहले ही जर्जर है. कॉलेजों में शैक्षणिक स्टाफ के 32% पद खाली पड़े हैं. प्रदेश की 15 में से 7 यूनिवर्सिटी ऐसी हैं जहां एक भी नियमित शिक्षक नहीं है. राजस्थान विश्वविद्यालय में 60% शिक्षकों के पद रिक्त हैं. सियासी पारा चढ़ा, कांग्रेस ने घेरी सरकार अब इस मुद्दे पर सियासत भी गर्मा गई है. नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली सहित कांग्रेस के दिग्गज नेताओं ने सरकार पर हमला बोला है. विपक्ष का आरोप है कि सेना में 'अग्निवीर' की तर्ज पर अब सरकार 'शिक्षावीर' और 'डॉक्टरवीर' बनाकर युवाओं के भविष्य को अंधकार में धकेल रही है. युवाओं ने चेतावनी दी है कि यदि संविदा भर्ती वापस लेकर स्थाई नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू नहीं की गई, तो आंदोलन और उग्र होगा.