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राजस्थान में शीतलहर का असर बढ़ा, पारा 3° तक गिरा, 12 दिसंबर से मिलेगी मामूली राहत

जयपुर  राजस्थान में ठंड लगातार कहर बरपा रही है। बुधवार को राज्य के कई जिलों में न्यूनतम तापमान में और गिरावट दर्ज की गई। माउंट आबू, नागौर और फतेहपुर प्रदेश के सबसे ठंडे स्थान रहे, जहाँ पारा क्रमशः 3°, 3.3° और 3.4° सेल्सियस तक पहुंच गया। शेखावाटी और मारवाड़ इलाके में सुबह-शाम हाड़ कंपाने वाली ठंड ने लोगों की दिनचर्या प्रभावित कर दी है। 20 से ज्यादा शहरों का तापमान 10° सेल्सियस से नीचे रिकॉर्ड हुआ। सीकर में न्यूनतम तापमान 5°, लूणकरणसर में 5.1°, दौसा 5.7°, जालौर 5.9°, और करौली में 6.6° सेल्सियस दर्ज किया गया। अलवर में बुधवार सुबह हल्की धुंध छाई रही, जबकि सीकर में आसमान साफ रहा और हल्के बादल दिखाई दिए। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, गुरुवार और शुक्रवार को भी ठंड से राहत की उम्मीद नहीं है। हालांकि, 12 दिसंबर से एक कमजोर पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की संभावना है, जिससे उत्तर से आने वाली बर्फीली हवाएं कमजोर पड़ेंगी। इसके चलते न्यूनतम तापमान में थोड़ी बढ़ोतरी होगी और लोगों को कड़ाके की ठंड से मामूली राहत मिल सकती है। ठंड बढ़ने के बीच दिन में निकली तेज धूप ने कुछ राहत जरूर दी। बुधवार को अधिकतम तापमान कई शहरों में 25° से ऊपर रहा और बाड़मेर में दिन का तापमान 32.6° सेल्सियस तक पहुंच गया।

इथेनॉल फैक्ट्री पर किसानों का विरोध, राजस्थान में पथराव और आगजनी के बाद भारी पुलिस बल तैनात

हनुमानगढ़  राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले के राठीखेड़ा गांव में निर्माणाधीन एथेनॉल फैक्ट्री के विरोध में बुधवार को किसानों का प्रदर्शन हिंसक हो गया. महापंचायत के बाद सैकड़ों किसानों ने फैक्ट्री परिसर की ओर कूच किया, दीवार तोड़ी और वहां खड़ी 16 गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया. इसमें 10 कारें, कई बाइक, पुलिस जीप और एक जेसीबी मशीन जलकर राख हो गई. पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प में 5 पुलिसकर्मी घायल हो गए, जिनका इलाज जारी है. बवाल के बाद 7 किसानों को डिटेन किया गया है. जिला कलेक्टर डॉ. खुशाल यादव और एसपी ने असामाजिक तत्वों पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है. घटना बुधवार शाम की है जब टिब्बी क्षेत्र में एसडीएम कार्यालय के पास महापंचायत हुई. किसान लंबे समय से ड्यून एथेनॉल प्राइवेट लिमिटेड कंपनी की 450 करोड़ रुपये की लागत वाली अनाज आधारित एथेनॉल फैक्ट्री का विरोध कर रहे हैं. उनका आरोप है कि फैक्ट्री से प्रदूषण बढ़ेगा, भूजल दूषित होगा और फसलें प्रभावित होंगी. महापंचायत शांतिपूर्ण रही, लेकिन बाद में कुछ प्रदर्शनकारी फैक्ट्री साइट की ओर बढ़ गए. ट्रैक्टरों से दीवार तोड़ने के बाद पथराव शुरू हो गया. पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज, आंसू गैस के गोले और रबर बुलेट्स का इस्तेमाल किया. देर रात जिला कलेक्टर डॉ. खुशाल यादव का बयान सामने आया. दीवार तोड़े जाने के बाद माहौल अचानक तनावपूर्ण हो गया और किसानों तथा पुलिसकर्मियों के बीच झड़प शुरू हो गई। दोनों ओर से हुई धक्का-मुक्की और पथराव में एक दर्जन से ज्यादा लोग घायल हुए। कांग्रेस विधायक अभिमन्यु पुनिया भी इसमें चोटिल हुए और उन्हें हनुमानगढ़ जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। स्थिति बिगड़ने पर आक्रोशित किसानों ने पुलिस और प्रशासन के वाहनों में आग लगा दी। हिंसा बढ़ने पर पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले दागे। तनावपूर्ण हालात को देखते हुए प्रशासन ने टिब्बी और आसपास के क्षेत्रों में इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी हैं। साथ ही आगामी आदेश तक स्कूलों और दुकानों को बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं। इलाके में धारा 144 लागू कर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। हनुमानगढ़ के एसपी हरि शंकर ने बताया, "इथेनॉल प्लांट के खिलाफ महापंचायत की गई थी। कुछ लोगों ने फैक्ट्री की तरफ कूच किया और वहां तोड़फोड़ की। झड़प में 5 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। पुलिस के द्वारा कार्रवाई की जा रही है। 7 लोगों को हिरासत में लिया गया है।"

वैष्णोदेवी से खाटूश्याम जा रहे श्रद्धालुओं की बस की ट्रक से टक्कर, 4 मरे, 28 घायल

 सीकर जयपुर-बीकानेर नेशनल हाइवे पर मंगलवार देर रात वो मंजर सामने आया, जिसने देखने वालों की रूह कांप दी। फतेहपुर के पास रात 10:40 बजे एक तेज रफ्तार ट्रक ने सामने से आ रही स्लीपर बस को ऐसी टक्कर मारी कि बस के परखच्चे चारों ओर फैल गए। जोरदार धमाका होते ही खिड़कियों से उड़ती कांच की बौछार और मेटल के तीखे टुकड़ों ने यात्रियों को चीरकर रख दिया। चीखों और कराहों से पूरा हाईवे गूंज उठा। स्लीपर बस में करीब 50 यात्री सवार थे—सभी गुजरात के वलसाड जिले के रहने वाले। वैष्णो देवी के दर्शन कर लौटते हुए वे खाटूश्यामजी जा रहे थे। उन्हें क्या पता था कि कुछ ही देर में सड़क पर मौत उनका इंतजार कर रही है। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक बीकानेर की ओर से आ रही बस अपनी लेन में थी, जबकि झुंझुनूं से आ रहा तेज रफ्तार ट्रक अचानक अनियंत्रित होकर सीधे बस के केबिन में जा घुसा। टक्कर इतनी भीषण थी कि बस का आगे का हिस्सा पूरी तरह चकनाचूर हो गया। पहले हिस्से में बैठे यात्री और बस स्टाफ बुरी तरह दब गए। कई घायलों के शरीर में कांच और मेटल के बड़े-बड़े टुकड़े धँस गए। हादसे का शोर सुनते ही आसपास के लोग दौड़े, लेकिन उन्हें सिर्फ मलबा, खून और चीखें नजर आ रही थीं। हादसे के तुरंत बाद तीन लोगों की मौके पर मौत हो गई—मयंक, बस ड्राइवर कमलेश और एक अज्ञात यात्री। कंडक्टर मितेश को गंभीर हाल में सीकर से जयपुर रेफर किया गया, जहां बुधवार सुबह उसने दम तोड़ दिया। इससे मृतकों की संख्या बढ़कर 4 हो गई है। बस में सवार 28 लोग घायल हुए। इनमें 15 को गंभीर हालत में सीकर भेजा गया। सबसे ज्यादा गंभीर—अनंत, तुषार पुत्र अर्जुन, राजेश पुत्र ओमप्रकाश, प्रवीण पुत्र बाबू भाई, रंजना पत्नी सुरेश भाई, मुक्ता बेन, आशीष पुत्र रामलाल। इसके अलावा निलेश, सुहानी, कर्मल बेन, जमवंत, सुदा बेन, अर्जुन, अमित, शीला बेन को भी सीकर रेफर किया गया। इनमें 2-3 की हालत बेहद नाजुक बताई जा रही है। 13 अन्य घायलों का फतेहपुर हॉस्पिटल में इलाज चल रहा है, जिन्हें हल्की चोटें आई हैं। एंबुलेंस ड्राइवर भीम सिंह बताते हैं रात 10:30 बजे कॉल आया। पहुंचा तो लोग बस के अंदर फंसे हुए थे। चारों तरफ खून था। किसी की चीख, किसी की सिसकी… समझ नहीं आ रहा था किसे पहले निकालें। तुरंत आसपास की सभी 108 एंबुलेंस को बुलाया। स्थानीय लोग भी मदद में लग गए। ये नज़ारा जिंदगी भर याद रहेगा।” बस के आगे का हिस्सा इस कदर दब चुका था कि यात्रियों को गैस कटर से निकालना पड़ा। कई घायल खून से लथपथ सड़क पर पड़े कराह रहे थे। एडिशनल एसपी तेजपाल सिंह ने बताया हादसा बहुत भयानक था। 3 लोगों की मौके पर मौत हुई थी। बाद में गंभीर घायलों में एक और ने दम तोड़ा। 15 घायलों को सीकर रेफर किया गया है।

सांस्कृतिक मिलन का महाकुंभ: प्रवासी राजस्थानी दिवस पर जुड़ेगी वैश्विक राजस्थानियों की ताकत

जयपुर  एक लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों की होगी ग्राउंड ब्रेकिंग जयपुर,। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की पहल पर आयोजित किए जा रहे ‘प्रवासी राजस्थानी दिवस’ कार्यक्रम में देश-विदेश में बसे प्रवासी राजस्थानी शामिल होंगे। 8,700 से अधिक लोगों ने इसके लिए पंजीकरण कराया है। 10 दिसम्बर को जेईसीसी में आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम में एक लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों की ग्राउंड ब्रेकिंग होगी। साथ ही, प्रवासी राजस्थानी नीति के साथ ही निवेश प्रोत्साहन से जुड़ी नीतियों का अनावरण भी किया जाएगा। इस कार्यक्रम में राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े, पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, केन्द्रीय बिजली, आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल, केन्द्रीय उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल, केन्द्रीय वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री भूपेन्द्र यादव, केन्द्रीय कौशल विकास एवं उद्यमिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) जयंत चौधरी, उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ सहित अन्य मंत्री और जनप्रतिनिधि शिरकत करेंगे। साथ ही, वेदांता ग्रुप के चेयरमैन अनिल अग्रवाल और टाटा पावर के सीईओ और एमडी प्रवीर सिन्हा सहित कई उद्योगपति भी इस कार्यक्रम में शामिल होंगे। प्रवासियों का सम्मान, सेक्टोरल सेशन और सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे इस एक दिवसीय कार्यक्रम की शुरुआत सुबह 10 बजे उद्घाटन सत्र के साथ होगी। इसके बाद प्रवासी राजस्थानी संवाद और उद्योग, ऊर्जा, जल, खान, शिक्षा, पर्यटन तथा स्वास्थ्य से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर आधारित सेक्टोरल सेशन होंगे। इन विशेष सत्रों में विविध विषयों पर होने वाले सेक्टोरल सत्रों में विशेषज्ञ राजस्थान के बदलते औद्योगिक एवं निवेश परिवेश और जुड़ाव की संभावनाओं पर विचार इस दौरान विभिन्न क्षेत्रों में सराहनीय कार्य करने वालों को प्रवासी राजस्थानी सम्मान भी दिया जाएगा। इसके साथ ही, शाम को सांस्कृतिक कार्यक्रम होगा, जिसमें राजस्थानी संस्कृति की झलक दिखेगी। 26 राजस्थान चैप्टर के पदाधिकारी शामिल होंगे कार्यक्रम में सभी 26 राजस्थान चैप्टर के पदाधिकारी शामिल होंगे। इसमें 12 अंतरराष्ट्रीय चैप्टर हैं, जिसमें म्यूनिख (जर्मनी), नैरोबी (केन्या), दुबई (यूएई), सिंगापुर (सिंगापुर), दोहा (कतर), टोक्यो (जापान), रियाद (सऊदी अरब), मेलबर्न (ऑस्ट्रेलिया), कंपाला (युगांडा), काठमांडू (नेपाल), लंदन (यूके), न्यूयॉर्क (यूएसए) शामिल हैं। साथ ही, 14 चैप्टर घरेलू हैं, जिसमें दिल्ली, रांची, गुवाहाटी, पुणे, भुवनेश्वर, मुंबई, चेन्नई, अहमदाबाद, सूरत, बेंगलुरु, हैदराबाद, इंदौर, कोलकाता और कोयम्बटूर शामिल हैं। लगातर धरातल पर उतरता निवेश, 10 से अधिक नई नीतियां लॉन्च होंगी मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार निवेश प्रस्तावों को धरातल पर उतारने के योजनाबद्ध तरीके से कार्य कर रही है। राइजिंग राजस्थान में कुल 35 लाख करोड़ रुपये के निवेश समझौते हुए थे, उनमें से 7 लाख करोड़ रुपये के एमओयू धरातल पर उतर चुके हैं। 10 दिसम्बर को एक लाख रुपये निवेश समझौतों की ग्राउंड ब्रेकिंग के साथ ही यह आंकड़ा 8 लाख करोड़ रुपये हो जाएगा। साथ ही, प्रदेश को बेहतरीन निवेश गंतव्य बनाने की दिशा में लिए जा रहे नीतिगत फैसलों के क्रम 10 से अधिक नई नीतियों का भी अनावरण किया जाएगा। इसमें प्रवासी राजस्थानी नीति भी शामिल है। विकास यात्रा का प्रगति पथ कार्यक्रम स्थल पर प्रवासियों और उद्योगपतियों को राजस्थान के विकास से अवगत कराने के लिए प्रगति पथ थीम पर आधारित एक प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी। इसमें राज्य सरकार की उपलब्धियों पर आधारित पैनल और वीडियो फिल्म प्रदर्शित की जाएंगी। इस प्रदर्शनी का उद्देश्य प्रवासी राजस्थानियों को प्रदेश की विकास यात्रा से अवगत कराना है ताकि वे ‘बढ़ता राजस्थान- हमारा राजस्थान’ भाव के साथ अच्छी यादें लेकर लौटें। प्रवासियों से संवाद-सहयोग के लिए अहम निर्णय मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप प्रवासी राजस्थानियों और राज्य सरकार के बीच बेहतर संवाद और सहयोग स्थापित करने के लिए कई अहम निर्णय लिए गए हैं। सभी प्रवासियों को एक मंच पर लाने के लिए राजस्थानी दिवस की घोषणा, उनके हितों की रक्षा के लिए नए विभाग का गठन, नई प्रवासी राजस्थानी नीति जैसे निर्णय शामिल हैं। प्रवासी राजस्थानियों के परिवारजन के लिए प्रदेश के हर जिले में सिंगल प्वॉइंट कॉन्टेक्ट बनाया गया है तथा उनकी समस्याओं के समाधान के लिए प्रत्येक जिले में अतिरिक्त जिला कलक्टर को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद पहला प्रवासी राजस्थानी दिवस मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने पिछले साल राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट की प्रवासी राजस्थानी कॉन्क्लेव में 10 दिसम्बर को हर वर्ष प्रवासी राजस्थानी दिवस के रूप में मनाने की घोषणा की थी। इस कड़ी में पहला प्रवासी दिवस आयोजित किया जा रहा है। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य राजस्थानी डायस्पोरा को साथ लाना और प्रवासियों को अपनी जड़ों से जोड़ता है। इसकी पूर्व गतिविधियों के रूप में हैदराबाद, सूरत एवं कोलकाता में प्री मीट का आयोजन किया जा चुका है। साथ ही, पर्यटन प्री मीट का भी आयोजन किया गया है।

हिंदुस्तान जिंक की बड़ी पहल: राजस्थान तेजी से उभर रहा है ‘क्रिटिकल मिनरल्स हब’

जयपुर हिंदुस्तान जिंक, जो वेदांता ग्रुप की कंपनी है, राजस्थान में तेजी से विकास और रोजगार बढ़ाने में बड़ी भूमिका निभा रही है। कंपनी राज्य में पाँच खदानें और तीन स्मेल्टर चलाती है, जिससे राजस्थान देश का महत्वपूर्ण क्रिटिकल मिनरल्स केंद्र बनता जा रहा है। पिछले 10 सालों में हिंदुस्तान जिंक ने राजस्थान सरकार को ₹35,865 करोड़ दिए हैं। सिर्फ वित्त वर्ष 2025 में ही कंपनी का योगदान ₹5,145 करोड़ रहा, यानी हर दिन लगभग ₹10 करोड़ राज्य की आर्थिक प्रणाली में जुड़ रहा है। कंपनी राष्ट्रीय स्तर पर भी बड़ी वैल्यू बना रही है और पिछले दस वर्षों में कुल ₹1,52,992 करोड़ का योगदान दिया है। अपनी नई रणनीति HZL 2.0 के तहत कंपनी सिर्फ जिंक और चांदी ही नहीं, बल्कि कई तरह के महत्वपूर्ण खनिजों के उत्पादन पर काम कर रही है। 2002 से कंपनी का उत्पादन काफी बढ़ा है—जिंक उत्पादन 2 लाख टन से बढ़कर 1 मिलियन टन से ज्यादा हो गया है। चांदी का उत्पादन भी 20 गुना बढ़ा है, जो सोलर और क्लीन एनर्जी के लिए बहुत जरूरी है। कंपनी को लगातार तीसरे साल दुनिया की सबसे सस्टेनेबल माइनिंग कंपनी का सम्मान मिला है और यह ICMM की सदस्य बनने वाली पहली भारतीय कंपनी है। सामाजिक विकास में भी कंपनी सक्रिय है। 2016 से अब तक कंपनी ने ₹1,750 करोड़ समुदाय विकास में लगाए हैं, जिससे 2.3 मिलियन लोगों को शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, महिलाओं के सशक्तिकरण और खेलों के जरिए मदद मिली है। कंपनी ने हाल ही में 23 ट्रांसजेंडर प्रोफेशनल्स को भी अपनी टीम में शामिल किया है। आने वाले समय में रामपुरा-आगुचा में 250 KTPA मेटल्स कॉम्प्लेक्स और देश के पहले 10 MTPA टेलिंग रीप्रोसेसिंग प्लांट जैसे बड़े निवेश होने जा रहे हैं। इन परियोजनाओं से राजस्थान का औद्योगिक और आर्थिक विकास और तेज होने की उम्मीद है।

राजस्थान में शीतलहर का कहर, शेखावाटी और आसपास के 4 जिलों में येलो अलर्ट

जयपुर  राजस्थान में एक बार फिर शीतलहर का दौर शुरू होने जा रहा है। मौसम विभाग के अनुसार 10 दिसंबर से कोल्ड-वेव का प्रभाव दिखाई देने लगेगा। इसका सबसे अधिक असर शेखावाटी के जिलों—सीकर, चूरू, झुंझुनूं—सहित नागौर में देखने को मिलेगा। इन चारों जिलों के लिए विभाग ने दो दिनों का येलो अलर्ट जारी किया है। वहीं तापमान में 1 से 2 डिग्री सेल्सियस की गिरावट की संभावना जताई गई है। कई स्थानों पर न्यूनतम तापमान 1 डिग्री से भी नीचे जा सकता है। पश्चिमी विक्षोभ कमजोर पड़ने के बाद सोमवार को राज्य के सभी शहरों में आसमान बिल्कुल साफ रहा और तेज धूप खिली। पाली, कोटा, बारां, पिलानी और जयपुर सहित कई शहरों में धूप की वजह से तापमान में हल्की बढ़ोतरी दर्ज की गई। राज्य में सोमवार का सर्वाधिक अधिकतम तापमान बाड़मेर में 32.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। मौसम केंद्र जयपुर की रिपोर्ट के अनुसार राज्य के 19 शहरों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किया गया। इनमें सबसे कम तापमान फतेहपुर में 4.4 डिग्री सेल्सियस रहा। जैसलमेर में भी तापमान अचानक गिरकर 9.8 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। मौसम विभाग का अनुमान है कि शेखावाटी और आसपास के क्षेत्रों को छोड़कर राज्य के बाकी हिस्सों में मौसम अगले एक सप्ताह तक साफ रहेगा और शीतलहर से राहत बनी रहेगी।

प्रियंका सेन ने समंदर से जुड़ा नया मुकाम हासिल किया, दुनिया की सबसे बड़ी क्रूज शिप की पहली इलेक्ट्रिकल इंजीनियर

कोटा राजस्थान जैसे राज्य में, जहां आज भी कई इलाक़ों में बेटियों के सपनों पर सीमाएं लगाई जाती हैं, वहीं कोटा की बेटी प्रियंका सेन ने इतिहास रचते हुए Royal Caribbean International की विश्व प्रसिद्ध क्रूज़ शिप Harmony of the Seas पर पहली भारतीय महिला इलेक्ट्रिकल इंजीनियर बनकर देश का नाम रोशन किया. प्रियंका सेन का जन्म कोटा के एक मध्यमवर्गीय परिवार में हुआ. उनके पिता PWD विभाग से सेवानिवृत्त हैं और मां गृहिणी हैं. सीमित संसाधनों के बावजूद प्रियंका ने बचपन से ही कुछ अलग करने का सपना देखा. गवर्नमेंट इंजीनियरिंग कॉलेज, बीकानेर में पढ़ाई के दौरान NCC में रहने वाली प्रियंका ने नेवी और मर्चेंट नेवी में जाने का लक्ष्य तय किया. कॉलेज और करियर की शुरुआत में ही उन्हें कई बाधाओं का सामना करना पड़ा. फीस भरने के बाद गलती से कॉलेज ने उन्हें लड़का समझकर बाहर कर दिया. इसके बाद ETO कोर्स में आवेदन करने पर कई बार रिजेक्ट किया गया. सामाजिक दबाव और शारीरिक मानक भी बाधा बने, लेकिन प्रियंका और उनके परिवार ने हार नहीं मानी. ईटीओ कोर्स पूरा करने के बाद दो साल तक किया संघर्ष ईटीओ कोर्स पूरा करने के बाद उन्होंने लगातार दो साल संघर्ष किया. पुणे में सस्ते कमरे में रहकर रोज़ मुंबई जाती और कंपनियों में रिज्यूम देती. अंततः Anglo Eastern Shipping कंपनी ने उन पर भरोसा जताया और वे कंपनी की पहली भारतीय महिला ईटीओ बनीं. करीब 7-8 महीने की लगातार कोशिशों के बाद Royal Caribbean International ने उन्हें Harmony of the Seas के लिए चयनित किया. आज वे अमेरिका के फ्लोरिडा से संचालित इस क्रूज शिप पर इलेक्ट्रिकल इंजीनियर के रूप में कार्यरत हैं, जहां 7,500 से अधिक यात्री और क्रू सदस्य सफर करते हैं. तकनीकी विभाग में कार्यरत पहली भारतीय महिला हैं प्रियंका बताती हैं कि इस कंपनी के तकनीकी विभाग में पहली भारतीय महिला हूं. कई विदेशी क्रू सदस्य मुझसे कहते हैं कि उन्होंने पहली बार किसी महिला को टेक्निकल डिपार्टमेंट में काम करते देखा है. आपने हमारा सपना पूरा कर दिया. कोटा की बेटी प्रियंका सेन की यह कहानी सिर्फ़ एक व्यक्तिगत सफलता नहीं, बल्कि हर उस लड़की के लिए प्रेरणा है, जो हालातों से डरकर अपने सपने छोड़ देती हैं. उन्होंने साबित कर दिया कि न सामाजिक बंदिशें, न शारीरिक मानक और न ही संस्थागत नियम किसी दृढ़ निश्चयी भारतीय बेटी को उसके सपनों तक पहुंचने से रोक सकते हैं.

महिला शक्ति का उत्सव: 317 कांस्टेबलों ने राजस्थान पुलिस में ली शपथ

जयपुर  राजस्थान पुलिस अकादमी (RPA) में सोमवार को महिला आरक्षी बैच 98 और 99 का भव्य दीक्षांत परेड समारोह शुरू हुआ। कार्यक्रम का उद्घाटन डीजीपी राजीव कुमार शर्मा ने मुख्य अतिथि के रूप में किया। इस मौके पर कुल 317 महिला कांस्टेबलों ने राष्ट्र सेवा की शपथ ली। इसमें 76 दूरसंचार और 241 जनरल ड्यूटी महिला कांस्टेबल शामिल हैं, जो आज से राजस्थान पुलिस सेवा में शामिल हो गई हैं।परेड ग्राउंड में राष्ट्रीय ध्वज को सलामी दी गई और समारोह में जोश और उत्साह का माहौल देखने को मिला। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रशिक्षणार्थियों को सम्मानित भी किया जाएगा। कार्यक्रम की शुरुआत डीजीपी के परेड निरीक्षण से हुई। इस अवसर पर डीजी ट्रैफिक अनिल पालीवाल, RPA निदेशक संजीब कुमार नार्जरी, अतिरिक्त निदेशक शंकर दत्त शर्मा सहित कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी मौजूद रहे। परेश निरीक्षण के बाद पुरस्कार वितरण राष्ट्रीय ध्वज को सलामी, परेड निरीक्षण के बाद आरपीए में पुरस्कार वितरण समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में  मुख्य अतिथि डीजीपी राजीव कुमार शर्मा ने दूरसंचार बैच और जनरल ड्यूटी  की कॉन्स्टेबल को पुरस्कार वितरित किए। इसमें विभिन्न श्रेणियों में अव्वल कॉन्स्टेबल को दिए जा रहे पुरस्कार दिए गए।

नई हेलीकॉप्टर सेवा शुरू, दिल्ली और जयपुर से मेहंदीपुर बालाजी की यात्रा होगी आसान

दौसा देशभर में आस्था का प्रमुख केंद्र मेहंदीपुर बालाजी अब हवाई सेवा से जुड़ गया है। श्रद्धालु अब दिल्ली, जयपुर और अलवर जिले के पिनान से सीधे हेलीकॉप्टर के माध्यम से बालाजी धाम पहुंच सकेंगे। सोमवार को पहली बार दिल्ली से पांच श्रद्धालुओं को लेकर हेलीकॉप्टर मेहंदीपुर बालाजी पहुंचेगा। यह उड़ान इस सेवा का ट्रायल भी होगी। धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने और जिले की स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के उद्देश्य से यह सेवा शुरू की गई है। यह हेलीकॉप्टर सेवा बुक योर हेलीकॉप्टर कंपनी द्वारा राज्य सरकार और केंद्रीय नागरिक उड्डयन एवं पर्यटन मंत्रालय की नीतियों के अनुरूप संचालित की जाएगी। इस सेवा के चलते अब श्रद्धालु दिल्ली और जयपुर से मात्र 25 मिनट में तथा पिनान से 15 मिनट में मेहंदीपुर बालाजी पहुंच सकेंगे। इसके साथ ही यह सेवा जिले के अन्य प्रमुख पर्यटन स्थलों आभानेरी की बावड़ी, झाझीरामपुरा और पपलाज माता मंदिर से भी जोड़ी गई है। सेवा का लाभ लेने के लिए यात्रियों को ऑनलाइन टिकट बुक कराना होगा। प्रति यात्री आने-जाने का किराया 70 हजार रुपये तय किया गया है। कंपनी के फाउंडर मनीष कुमार सुनारी ने बताया कि यह पहल जिला प्रशासन और पर्यटन मंत्रालय के आग्रह पर शुरू हुई है। अब देश-विदेश के श्रद्धालु दिल्ली, जयपुर और दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस वे के पिनान रेस्ट एरिया से सीधे मेहंदीपुर बालाजी, आभानेरी, झाझीरामपुरा और पपलाज माता मंदिर तक यात्रा कर सकेंगे। मनीष ने बताया कि हेलीकॉप्टर सेवा शुरू होने से धार्मिक पर्यटन को नई दिशा मिलेगी, स्थानीय व्यापार को बढ़ावा मिलेगा, रोजगार के अवसर सृजित होंगे और नगर निकायों के राजस्व में भी वृद्धि होगी। परियोजना की सफलता में जिला प्रशासन दौसा और राजस्थान पर्यटन मंत्रालय के सहयोग की अहम भूमिका रही है।

सफारी बस में लगी आग, नाहरगढ़ पार्क में लॉयन्स के बीच बची जान

जयपुर राजस्थान की राजधानी जयपुर स्थित आमेर के नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क में रविवार को लॉयन सफारी के दौरान बड़ा हादसा होते-होते टल गया। जानकारी के अनुसार, सैलानियों से भरी एक सफारी बस में अचानक शॉर्ट सर्किट के कारण आग लग गई। आग इतनी तेज थी कि लपटें दूर से भी दिखाई दे रही थीं। घटना के समय करीब 30 पर्यटक जंगल की सैर कर रहे थे। अचानक आग लगने से अफरा-तफरी मच गई और पर्यटक जान बचाने के लिए गाड़ी से उतरने लगे। जैसे ही घटना की सूचना वन विभाग को मिली, टीम को अलर्ट किया गया। एसीएफ देवेंद्र सिंह राठौड़ ने बताया कि रेस्क्यू टीम तुरंत दूसरी गाड़ी लेकर मौके पर पहुंची और सभी सैलानियों को सुरक्षित बाहर निकालने में सफल रही। राठौड़ ने कहा, “हमारी प्राथमिकता थी कि कोई भी पर्यटक खतरे में न पड़े। समय पर कार्रवाई से बड़ा हादसा टल गया।” इस दौरान पर्यटकों के सामने आग और जंगल में घूम रहे शेर, दोनों का खतरा था। यदि वे गाड़ी से उतरते तो शेर का हमला हो सकता था और अगर नहीं उतरते तो आग से जान को खतरा था। रेस्क्यू टीम की तुरंत मदद से सभी सैलानी सुरक्षित बाहर निकाले गए। सुरक्षा व्यवस्था पर उठ रहे सवाल यह नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क में पहला हादसा नहीं है। इससे पहले भी सफारी के दौरान गाड़ी का पहिया गड्ढे में फंसने जैसी घटनाएं हो चुकी हैं। लगातार ऐसे हादसों से वन विभाग की सुरक्षा व्यवस्था और मॉनिटरिंग पर सवाल उठ रहे हैं।