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ठंड और पाले से बचाने पंजाब कृषि विश्वविद्यालय और विभाग ने किसानों को जारी की एडवाइजरी

गुरदासपुर. पंजाब भर में पिछले कई दिनों से जारी कड़ाके की सर्दी के कारण दिन और रात के तापमान में सामान्य से काफी गिरावट दर्ज की जा रही है। कई क्षेत्रों में न्यूनतम तापमान 4 डिग्री सैल्सियस से भी नीचे गिर गया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग द्वारा आने वाले दिनों में घनी धुंध और जमीनी पाले (कोहरा) की भविष्यवाणी की गई है। इसके मद्देनजर पंजाब कृषि विश्वविद्यालय (पी.ए.यू.) लुधियाना और कृषि विभाग द्वारा किसानों के लिए फसलों की सुरक्षा संबंधी एक विस्तृत एडवाइजरी जारी की गई है। पी.ए.यू. के कृषि विशेषज्ञों ने बताया कि वर्तमान ठंड और पाले के दौरान खेतों की फसलों, बागों, सब्जियों और पशुओं की विशेष देखभाल करने की आवश्यकता है। खासतौर पर सब्जियां और नए लगाए गए बाग ठंड और पाले से अधिक प्रभावित होते हैं। ऐसी स्थिति में फसलों को हल्की सिंचाई देकर मिट्टी में नमी और तापमान को बरकरार रखा जा सकता है। इसके साथ ही उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर से मल्च या सरकंडों का उपयोग करके सब्जी के पौधों और फलदार पौधों को पाले से बचाया जा सकता है। इस संबंध में जिला गुरदासपुर के मुख्य कृषि अधिकारी डा. रणधीर सिंह ठाकुर ने बताया कि गुरदासपुर क्षेत्र में इस समय दिन का तापमान लगभग 12 डिग्री सैल्सियस दर्ज किया जा रहा है, जबकि रात का तापमान घटकर 4 डिग्री सैल्सियस के आसपास पहुंच रहा है। उन्होंने कहा कि वर्तमान मौसम की स्थिति में गेहूं, गन्ना और सरसों जैसी मुख्य फसलों की हालत अभी तक संतोषजनक है, लेकिन लगातार ठंड और पाला बने रहने के कारण फसलों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। डा. ठाकुर ने किसानों को सलाह दी कि गेहूं की फसल में आवश्यकतानुसार सिंचाई करते रहें, ताकि पाले के प्रभाव से बचाव हो सके। सरसों की फसल में कीटों और बीमारियों की निगरानी जारी रखें और जरूरत पड़ने पर कृषि विशेषज्ञों की सलाह के अनुसार ही कीटनाशकों का प्रयोग करें। गन्ने की फसल में भी नमी बनाए रखना बहुत जरूरी है, ताकि ठंड के कारण होने वाले नुकसान से बचा जा सके। पी.ए.यू. और कृषि विभाग के विशेषज्ञों ने  किसानों से अपील की है कि वे लगातार अपने खेतों का सर्वेक्षण करते रहें और मौसमी बदलावों से अवगत रहें। पशुपालकों को भी सलाह दी गई है कि वे पशुओं को ठंड से बचाने के लिए अंदर रखें और उनकी खुराक पोषण भरपूर रखी जाए, ताकि पशुओं के स्वास्थ्य पर ठंड का नकारात्मक प्रभाव न पड़े।

MP में बर्फीली ठंड का कहर: शहडोल का कल्याणपुर में पारा गिरकर 2.7 डिग्री, कोहरे से ट्रेनें लेट, इंदौर में स्कूल समय में बदलाव

भोपाल  मध्य प्रदेश इन दिनों भीषण ठंड और घने कोहरे की दोहरी मार झेल रहा है। हालात ऐसे हैं कि प्रदेश के कई जिलों में न्यूनतम तापमान 3 डिग्री सेल्सियस से नीचे पहुंच गया है। शहडोल जिले का कल्याणपुर इस समय प्रदेश का सबसे ठंडा इलाका बन गया है, जहां पारा गिरकर 2.7 डिग्री तक पहुंच गया। साथ ही घने कोहरे और शीतलहर के चलते जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है, वहीं रेल और सड़क यातायात पर भी गंभीर असर पड़ा है। शहडोल का कल्याणपुर बना सबसे ठंडा इलाका प्रदेश में सबसे कम तापमान शहडोल जिले के कल्याणपुर में दर्ज किया गया, जहां पारा 2.7 डिग्री तक लुढ़क गया। उमरिया, राजगढ़, शिवपुरी और रीवा जैसे इलाकों में भी ठंड ने लोगों को अलाव और हीटर का सहारा लेने पर मजबूर कर दिया।सीहोर, छिंदवाड़ा और मुरैना में तो हालात ऐसे रहे कि पौधों पर जमी ओस की बूंदें बर्फ का रूप लेती नजर आईं, जिससे फसलों को नुकसान की आशंका भी बढ़ गई है। उत्तर एमपी में कोहरे का कहर प्रदेश के उत्तरी और उत्तर-पूर्वी जिलों में सुबह के समय घना कोहरा छाया रहा। ग्वालियर-चंबल अंचल से लेकर विंध्य क्षेत्र तक सड़कें धुंध में गुम रहीं। ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, श्योपुर, छतरपुर, टीकमगढ़, पन्ना, सतना, रीवा, सीधी, सिंगरौली, शहडोल और अनूपपुर जैसे जिलों में दृश्यता बेहद कम रही।भोपाल, इंदौर, देवास, सीहोर और रायसेन में भी मध्यम कोहरा दर्ज किया गया। उत्तरी हिस्से में घना कोहरा प्रदेश के उत्तरी हिस्से में आज सुबह भी घना कोहरा छा रहा है। इनमें ग्वालियर, शिवपुरी, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, छतरपुर, टीकमगढ़, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, मैहर, शहडोल, उमरिया और अनूपपुर जिले शामिल हैं। भोपाल, इंदौर, रायसेन, शाजापुर, राजगढ़, सीहोर, देवास समेत कई जिलों में भी मध्यम कोहरा है। इससे पहले बुधवार को प्रदेश के आधे हिस्से में कोहरे का असर देखा गया। वहीं, उमरिया और शहडोल में शीतलहर की स्थिति बनी रही। भोपाल में दिन में सर्द हवाएं चली। दिन में भी राहत नहीं, कोल्ड डे जैसे हालात सिर्फ रात ही नहीं, दिन के तापमान ने भी लोगों को सर्दी का अहसास कराया। खजुराहो और नौगांव जैसे इलाकों में दिन का अधिकतम तापमान 16 डिग्री से नीचे रहा। दतिया, रीवा, टीकमगढ़ और ग्वालियर में भी दिनभर सर्द हवाएं चलती रहीं, जिससे कोल्ड डे जैसी स्थिति बनी रही।राजधानी भोपाल में भी दिन के समय ठंडी हवाओं ने ठिठुरन बढ़ा दी। आगे और बढ़ेगी ठंड मौसम विभाग के मुताबिक जनवरी में ठंड का असर इसी तरह बना रहेगा। हिमालय क्षेत्र में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टरबेंस) अगले 2-3 दिनों में आगे बढ़ेगा। इसके असर से पहाड़ों पर जमी बर्फ पिघलेगी और उत्तर से आने वाली बर्फीली हवाएं तेज होंगी, जिससे मध्यप्रदेश में सर्दी और ज्यादा तीखी हो सकती है।कुल मिलाकर, प्रदेश में आने वाले दिनों में ठंड और कोहरे से फिलहाल राहत के आसार कम हैं। लोगों को सावधानी बरतने और जरूरी होने पर ही सुबह-शाम यात्रा करने की सलाह दी जा रही है।  रेल और सड़क यातायात पर भी असर प्रदेश में सुबह होते ही अधिकांश जिले कोहरे की मोटी चादर में लिपट जा रहे हैं। विजिबिलिटी बेहद कम होने से सड़कों पर वाहन रेंगते नजर आ रहे हैं। दिल्ली से मध्य प्रदेश आने वाली एक दर्जन से अधिक ट्रेनें रोजाना 2 से 6 घंटे तक लेट पहुंच रही हैं। कोहरे के कारण ट्रेनों की रफ्तार कम करनी पड़ रही है, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बीती रात (मंगलवार-बुधवार की रात) प्रदेश में बर्फ जमा देने वाली ठंड दर्ज की गई। शहडोल के कल्याणपुर में न्यूनतम तापमान 2.7 डिग्री रहा। इसके अलावा उमरिया, राजगढ़, शिवपुरी और रीवा जैसे इलाकों में भी पारा तेजी से गिरा। सीहोर, छिंदवाड़ा और मुरैना में हालात ऐसे रहे कि पौधों पर जमी ओस की बूंदें बर्फ में तब्दील हो गईं, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है। उत्तर और पूर्वी एमपी में शीतलहर का असर उत्तर और पूर्वी मध्यप्रदेश में शीतलहर का प्रकोप सबसे ज्यादा देखने को मिल रहा है। ग्वालियर, शिवपुरी, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, छतरपुर, टीकमगढ़, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, मैहर, शहडोल, उमरिया और अनूपपुर जिलों में सुबह घना कोहरा छाया रहा। वहीं भोपाल, इंदौर, रायसेन, शाजापुर, राजगढ़, सीहोर और देवास में मध्यम कोहरे का असर दर्ज किया गया। ग्वालियर में सर्दी का असर ग्वालियर-चंबल अंचल में ठंड और कोहरे का असर बरकरार है। ग्वालियर में रात का न्यूनतम तापमान 8.7 डिग्री और दिन का अधिकतम तापमान 18.2 डिग्री दर्ज किया गया। सुबह घने कोहरे के चलते विजिबिलिटी काफी कम रही, जिससे रेल और सड़क यातायात प्रभावित हुआ। इस बार कड़ाके की ठंड का दौर इस बार मध्यप्रदेश में नवंबर-दिसंबर की सर्दी ने रिकॉर्ड तोड़ दिया। नवंबर में 84 साल में सबसे ज्यादा ठंड पड़ी तो दिसंबर में 25 साल का रिकॉर्ड टूटा। नवंबर-दिसंबर की तरह ही जनवरी में भी कड़ाके की ठंड पड़ रही है। इससे भोपाल में ठंड का 10 साल का रिकॉर्ड टूट गया है। एक्सपर्ट की माने तो जनवरी में प्रदेश में माइनस वाली ठंड गिर चुकी है। अबकी बार भी तेज सर्दी, घना कोहरा छाने के साथ शीतलहर भी चल रही है। ठंड के लिए इसलिए खास जनवरी मौसम विभाग के अनुसार, जिस तरह मानसून के चार महीने (जून, जुलाई, अगस्त और सितंबर) में से दो महीने जुलाई-अगस्त महत्वपूर्ण रहते हैं और इन्हीं में 60 प्रतिशत या इससे अधिक बारिश हो जाती है, ठीक उसी तरह दिसंबर और जनवरी में कड़ाके की ठंड पड़ती है। इन्हीं दो महीने में प्रदेश में उत्तर भारत से सर्द हवाएं ज्यादा आती हैं। इसलिए टेम्प्रेचर में अच्छी-खासी गिरावट आती है। सर्द हवाएं भी चलती हैं। पिछले 10 साल के आंकड़े यही ट्रेंड बताते हैं। वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) के एक्टिव होने से जनवरी में मावठा भी गिरता है। पिछले साल कई जिलों में बारिश हुई थी। इस बार साल के पहले ही दिन बादल भी छाए रहे।   दिन में भी नहीं मिल रही राहत ठंड का असर केवल रात तक सीमित नहीं है। कई जिलों में दिन के तापमान में भी भारी गिरावट दर्ज की गई है। खजुराहो और नौगांव में दिन का अधिकतम तापमान 16 डिग्री से नीचे रहा। दतिया, रीवा, … Read more

शीतलहर और घने कोहरे ने मचाई हलचल, पचमढ़ी में बर्फ, नौगांव में पारा 1 डिग्री, 19 जिलों में स्कूल बंद

भोपाल  मध्यप्रदेश इस समय भीषण शीतलहर और घने कोहरे की चपेट में है। अरब सागर से आई नमी और उत्तर भारत की सर्द हवाओं ने पूरे प्रदेश को 'कोल्ड डे' जैसी स्थिति में डाल दिया है। आलम यह है कि सुबह में भोपाल, इंदौर और उज्जैन समेत 33 जिलों में दृश्यता (Visibility) बेहद कम बनी हुई है। राजगढ़ 5 डिग्री तापमान के साथ प्रदेश का सबसे ठंडा जिला रहा। ठंड के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए प्रशासन ने बच्चों की सुरक्षा के लिए 13 जिलों के स्कूलों में अवकाश और समय परिवर्तन के आदेश जारी कर दिए हैं। मौसम विभाग ने अगले 2 दिनों तक ग्वालियर-चंबल संभाग में भारी कोहरे का अलर्ट जारी किया है।  पिछले 3 दिन से पूरा मध्य प्रदेश कोहरे की आगोश में है। भोपाल में सुबह 6 से 7 बजे के बीच इतना घना कोहरा था कि 20 मीटर बाद कुछ दिखाई नहीं दिया। सुबह 11 बजे तक कोहरा छाया रहा। पचमढ़ी में गाड़ियों की सीट पर बर्फ की परत जमी मिली। छतरपुर का नौगांव सबसे ठंडा रहा।  खजुराहो, गुना, नर्मदापुरम, रायसेन, दमोह, सागर, जबलपुर, नौगांव, दतिया, धार, ग्वालियर, इंदौर, राजगढ़, रतलाम, उज्जैन, रीवा, सतना, श्योपुर, बालाघाट, उमरिया, सीधी, मंडला, छिंदवाड़ा समेत कई जिलों में कोहरे का असर देखा गया। कोहरे की वजह से बड़वानी जिले में सोमवार सुबह सांची दूध का टैंकर पलट गया। हादसे में हेल्पर कन्हैयालाल मुजाल्दे (35) की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि ड्राइवर अमजद अहमद शेख (35) गंभीर रूप से घायल हो गया। वहीं, दिल्ली से आने वाली ट्रेनों की टाइमिंग पर असर पड़ा है। मालवा, सचखंड, शताब्दी समेत कई ट्रेनें अपने निर्धारित समय से लेट चल रही हैं। मालवा एक्सप्रेस अपने निर्धारित समय से 3 घंटे से ज्यादा देरी से चल रही है। सर्द हवाओं की वजह से सर्दी भी तेज हो गई है। ज्यादातर जिलों में पारा 10 डिग्री से नीचे आ गया है। दतिया में 4.4 डिग्री, राजगढ़-खजुराहो में 5.4 डिग्री, मलाजखंड में 5.5 डिग्री, उमरिया में 5.7 डिग्री, मंडला-पचमढ़ी में 5.8 डिग्री दर्ज किया गया। बड़े शहरों में भोपाल में 6.8 डिग्री, इंदौर में 8.6 डिग्री, ग्वालियर में 6.4 डिग्री, उज्जैन में 9.5 डिग्री और जबलपुर में 9 डिग्री रहा। इन 19 जिलों में स्कूलों में छुट्टी घोषित     इंदौर: कक्षा 1 से 8 तक, तीन दिन की छुट्‌टी।     उज्जैन: नर्सरी से 5वीं तक, एक दिन छुट्‌टी।     मंदसौर: नर्सरी से 8वीं तक, दो दिन की छुट्‌टी।     शाजापुर: नर्सरी से 8वीं तक, 5–6 जनवरी को अवकाश।     विदिशा: नर्सरी से 5वीं तक, 5–6 जनवरी को अवकाश।     ग्वालियर: नर्सरी से 8वीं तक, 5–6 जनवरी को छुट्‌टी, 7 से स्कूल।     अशोकनगर: 5 जनवरी को स्कूल व आंगनबाड़ी बंद।     रायसेन: नर्सरी से 5वीं तक, 7 जनवरी तक छुट्‌टी।     आगर मालवा: कक्षा 1 से 8 तक, दो दिन अवकाश (आंगनबाड़ी भी बंद)।     भिंड: नर्सरी से कक्षा 8 तक, दो दिन अवकाश।     टीकमगढ़: नर्सरी से 8वीं तक, 5–6 जनवरी को छुट्‌टी।     हरदा: नर्सरी से 8वीं तक, सोमवार को अवकाश।     नीमच: नर्सरी से 8वीं तक, 5–6 जनवरी को छुट्‌टी।     रतलाम: नर्सरी से 8वीं तक, 5–6 जनवरी तक दो दिन का अवकाश।     राजगढ़: कक्षा 8वीं तक के स्कूलों में 2 दिन का अवकाश।     मंडला: नर्सरी से 8वीं तक, 5–6 जनवरी को दो दिन का अवकाश, आंगनबाड़ी केंद्र भी बंद।     जबलपुर: नर्सरी से 8वीं तक, 5–6 जनवरी को दो दिन का अवकाश, आंगनबाड़ी केंद्र भी बंद; परीक्षाएं यथावत।     दमोह: प्री प्राइमरी से 8वीं तक एक दिन का अवकाश। आंगनबाड़ी केंद्र भी बंद।     डिंडौरी: नर्सरी से 5वीं, 5–6 जनवरी तक दो दिन का अवकाश। भोपाल और धार में बदली स्कूल टाइमिंग     भोपाल: नर्सरी से 8वीं तक के स्कूल सुबह 9.30 बजे के बाद खुलेंगे।     धार: नर्सरी से 8वीं तक की कक्षाएं 9.30 बजे के बाद संचालित होंगी, 9वीं से 12वीं तक समय यथावत रहेगा।

मध्य प्रदेश के कई शहरों में कड़ाके की ठंड, नौगांव में तापमान 3.1 डिग्री, डिंडौरी में ओस जमी

भोपाल  मध्य प्रदेश के पूर्वी हिस्से में अब कड़ाके की ठंड ने लोगों की कंपकंपी बढ़ा दी है। सोमवार-मंगलवार की रात प्रदेश के कई जिलों में तापमान अचानक गिर गया। छतरपुर का नौगांव सबसे ठंडा रहा, जहां न्यूनतम तापमान 3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। ठंडी हवाओं, शीतलहर और घने कोहरे ने जनजीवन के साथ-साथ रेल यातायात को भी प्रभावित किया है। मौसम विभाग के अनुसार, उमरिया में 3.1 डिग्री, खजुराहो में 4.4 डिग्री, राजगढ़ में 4.6 डिग्री, पचमढ़ी में 4.8 डिग्री, मंडला-रीवा में 5 डिग्री, सतना में 5.2 डिग्री, दतिया में 5.7 डिग्री और मलाजखंड में तापमान 5.8 डिग्री सेल्सियस रहा। भोपाल में यह 5.6 डिग्री, इंदौर-ग्वालियर में 6.6 डिग्री, उज्जैन में 9.2 डिग्री और जबलपुर में 7 डिग्री दर्ज किया गया। प्रदेश के करीब 25 शहरों में तापमान 10 डिग्री के नीचे ही रहा। इधर, दतिया और खजुराहो में घने कोहरे की वजह से विजिबिलिटी 50 से 200 मीटर के बीच रही। सतना, नौगांव, रीवा, सीधी, खरगोन और मंडला में भी घना कोहरा दर्ज किया गया। इससे ट्रेनों की टाइमिंग पर भी असर पड़ा। पूर्वी MP में सबसे ज्यादा असर मौसम विभाग के मुताबिक, जेट स्ट्रीम की रफ्तार 287 किमी प्रति घंटे तक पहुंचने से उत्तर भारत से सर्द हवाएं मध्य प्रदेश में प्रवेश कर रही हैं। इसका सबसे ज्यादा असर पूर्वी जिलों में देखने को मिला है।     नौगांव (छतरपुर): 3°C     उमरिया: 3.1°C     खजुराहो: 4.4°C     राजगढ़: 4.6°C     पचमढ़ी: 4.8°C डिंडौरी में नर्मदा किनारे खड़ी गाड़ियों पर सुबह ओस की मोटी परत जम गई, जबकि पचमढ़ी झील क्षेत्र में हल्की धुंध देखी गई। घना कोहरा, ट्रेनों पर असर दतिया, खजुराहो, सतना, रीवा, सीधी, नौगांव और मंडला में घने कोहरे के कारण विजिबिलिटी 50 से 200 मीटर तक सिमट गई। इसका असर रेल यातायात पर पड़ा और दिल्ली की ओर से आने वाली कई ट्रेनें 4 से 5 घंटे तक लेट रहीं। मौसम विभाग की मानें तो जेट स्ट्रीम की रफ्तार 287 Kmph पहुंच गई है। इस वजह से प्रदेश के कई शहर दिन-रात कांप रहे हैं। बीते 24 घंटे में भोपाल, राजगढ़, इंदौर और शहडोल में शीतलहर का असर देखा गया। मंगलवार को भी सर्द हवाओं का असर बना रहेगा। ग्वालियर, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, भोपाल, शाजापुर, रायसेन, विदिशा समेत कई जिलों में कोहरे का असर रहा। इस वजह से दिल्ली से आ रही ट्रेनें 4 से 5 घंटे तक लेट है। 25 शहरों में 10 डिग्री से नीचे तापमान इधर, रात के तापमान में भी गिरावट हुई है। मौसम विभाग के अनुसार, रविवार-सोमवार की रात में भोपाल में 5.6 डिग्री, इंदौर में 6.4 डिग्री, ग्वालियर में 9 डिग्री, जबलपुर में 8 डिग्री और उज्जैन में पारा 9.5 डिग्री रहा। इसी तरह कल्याणपुर के बाद राजगढ़ प्रदेश का दूसरा सबसे ठंडा रहा। यहां तापमान 4 डिग्री पहुंच गया। छतरपुर के नौगांव-उमरिया में 5 डिग्री, पचमढ़ी में 5.2 डिग्री, मलाजखंड में 5.3 डिग्री, मंडला में 5.8 डिग्री, खजुराहो-शिवपुरी में 6 डिग्री, रायसेन में 6.4 डिग्री, दमोह में 6.8 डिग्री, छिंदवाड़ा में 8 डिग्री, टीकमगढ़ में 8.5 डिग्री, दतिया-गुना में 8.6 डिग्री, बैतूल में 8.7 डिग्री, बैतूल, खरगोन, रीवा-रतलाम में 9 डिग्री, सागर में 9.4 डिग्री, सीधी और सतना में 9.7 डिग्री दर्ज किया गया। ग्वालियर में पारा 15.9 डिग्री, एक दिन में 7 डिग्री लुढ़का इधर, सोमवार को दिन में भी ठंड का दौर बना रहा। ग्वालियर में तो एक ही दिन में तापमान 7 डिग्री लुढ़ककर 15.9 डिग्री पर आ गया। वहीं, नौगांव में 19.5 डिग्री, खजुराहो में 20.1 डिग्री, रीवा में 20.2 डिग्री, टीकमगढ़ में 21 डिग्री, सतना, मलाजखंड-सीधी में 21.2 डिग्री, दमोह में 22.6 डिग्री, नरसिंहपुर में 23 डिग्री रहा। दूसरी ओर, जबलपुर में 24.8 डिग्री, भोपाल में 27.2 डिग्री, इंदौर में 28.1 डिग्री, उज्जैन में 28 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश के करीब 25 शहरों में रात का तापमान 10 डिग्री से नीचे दर्ज किया गया।     भोपाल: 5.6°C     इंदौर: 6.6°C     ग्वालियर: 6.6°C     जबलपुर: 7°C     उज्जैन: 9.2°C दिन में भी नहीं मिली राहत ठंड का असर दिन के तापमान पर भी दिखा। ग्वालियर में एक ही दिन में अधिकतम तापमान 7 डिग्री गिरकर 15.9°C पहुंच गया। नौगांव, खजुराहो, रीवा और टीकमगढ़ जैसे शहरों में दिन का पारा 20-21 डिग्री के आसपास रहा।

सर्दियों के तूफान से अमेरिका में हवाई यातायात ठप, ग्रेट लेक्स से नॉर्थईस्ट तक असर

न्यूयॉर्क  अमेरिका में कई एयरलाइंस ने देश के बड़े हिस्सों में गंभीर सर्दियों के तूफान की चेतावनी के कारण, हजारों फ्लाइट्स कैंसिल या लेट कर दी हैं. यह देश के अंदर पीक ट्रैवल सीज़न माना जाता है क्योंकि सर्दियों में लोगों छुट्टी होती है. एयरलाइंस ने  1,800 से ज़्यादा फ्लाइट्स रद्द कर दी हैं. हज़ारों उड़ानों में देरी हुई है.  खतरनाक मौसम ग्रेट लेक्स से लेकर नॉर्थईस्ट तक फैल गया, जिससे बड़े एयरपोर्ट्स पर कामकाज बाधित हुआ है. फ़्लाइट-ट्रैकिंग वेबसाइट FlightAware के मुताबिक, पूरे अमेरिका में एयरलाइंस ने शुक्रवार को हज़ारों फ्लाइट्स रद्द या देरी से चलाईं. वेबसाइट ने बताया कि शाम 4:04 बजे ET तक कुल 1,802 फ्लाइट्स रद्द की गईं और 22,349 में देरी हुई. 'बर्फबारी का अनुमान…' नेशनल वेदर सर्विस ने आज विंटर स्टॉर्म डेविन के लिए चेतावनी जारी की है, जिससे शनिवार सुबह तक ग्रेट लेक्स से लेकर उत्तरी मिड-अटलांटिक और दक्षिणी न्यू इंग्लैंड तक खतरनाक यात्रा की स्थिति बन सकती है. नेशनल वेदर सर्विस के स्टॉर्म प्रेडिक्शन सेंटर ने अपनी ऑफिशियल वेबसाइट पर बताया, "अपस्टेट न्यूयॉर्क से लेकर न्यूयॉर्क सिटी और लॉन्ग आइलैंड सहित ट्राई-स्टेट एरिया तक, शुक्रवार देर रात तक 4-8 इंच बर्फबारी का अनुमान है." रॉयटर्स के मुताबिक, जॉन एफ. कैनेडी एयरपोर्ट, ला गार्डिया एयरपोर्ट और डेट्रॉइट मेट्रोपॉलिटन वेन काउंटी एयरपोर्ट जैसे संभावित प्रभावित इलाकों के एयरपोर्ट्स ने भी सोशल मीडिया पर पोस्ट करके यात्रियों को संभावित देरी या कैंसलेशन के बारे में चेतावनी दी है. जेटब्लू एयरवेज ने 225 फ्लाइट्स कैंसिल की हैं, जो सभी एयरलाइंस में सबसे ज़्यादा हैं. इसके बाद डेल्टा एयरलाइन्स DAL.N ने 186 फ्लाइट्स, रिपब्लिक एयरवेज ने 155, अमेरिकन एयरलाइंस ने 96 और यूनाइटेड एयरलाइंस ने 82 फ्लाइट्स कैंसिल की हैं. शुक्रवार को पूरे नॉर्थईस्ट में बर्फ और सर्दियों के तूफान की चेतावनी जारी की गई, क्योंकि एक शक्तिशाली बर्फीला तूफान ईस्ट कोस्ट की ओर बढ़ रहा था, जिससे खतरनाक यात्रा और बड़े पैमाने पर रुकावट का खतरा था. मौसम विभाग ने दक्षिणी कनेक्टिकट के कुछ हिस्सों, उत्तर-पूर्वी न्यू जर्सी, पेन्सिलवेनिया के कुछ इलाकों और दक्षिण-पूर्वी न्यूयॉर्क में भारी बर्फबारी की चेतावनी दी है, जहां 9 इंच तक बर्फ जम सकती है. यह अलर्ट शुक्रवार शाम 4 बजे से शनिवार दोपहर 1 बजे EST तक लागू रहेगा. नेशनल वेदर सर्विस ने देश के एक बड़े हिस्से में, वेस्ट कोस्ट से लेकर उत्तर-पूर्व और अलास्का तक, सर्दियों के तूफान की चेतावनी और सलाह जारी की है. कैलिफ़ोर्निया, नेवाडा, इडाहो, व्योमिंग, कोलोराडो, पेन्सिलवेनिया, न्यू जर्सी, न्यूयॉर्क, अलास्का, कनेक्टिकट, वाशिंगटन, ओरेगन, मोंटाना, यूटा, मिनेसोटा, विस्कॉन्सिन, मिशिगन, ओहियो, वेस्ट वर्जीनिया, मैरीलैंड, वर्जीनिया, डेलावेयर और मैसाचुसेट्स के कुछ हिस्सों के लिए अलर्ट जारी किए गए हैं. पश्चिम में भी भारी बर्फबारी की उम्मीद है. कैलिफ़ोर्निया के मोनो काउंटी में, मौसम विभाग ने कहा कि 8,000 फीट से ऊपर के इलाकों में 1 से 3 फीट तक बर्फबारी हो सकती है, जबकि इससे कम ऊंचाई पर और US-395 के किनारे 4 से 12 इंच बर्फबारी की उम्मीद है. ब्लूमबर्ग द्वारा बताए गए अमेरिकन ऑटोमोबाइल एसोसिएशन के पूर्वानुमान के मुताबिक, 20 दिसंबर से 1 जनवरी के बीच रिकॉर्ड तादाद में अमेरिकियों के घर से करीब 50 मील दूर यात्रा करने की उम्मीद थी, जो पिछले साल की तुलना में करीब 2% की बढ़ोतरी है.  ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, यह खराब मौसम तब हो रहा है, जब ला नीना वापस आ रहा है, जो प्रशांत महासागर के पानी के ठंडा होने से जुड़ा एक क्लाइमेट पैटर्न है जो दुनिया भर की अर्थव्यवस्थाओं को बाधित कर सकता है और आपदाओं को ट्रिगर कर सकता है.

मध्य प्रदेश में कड़ाके की ठंड, पचमढ़ी में पारा 4.2°C, 25 शहरों में 10°C से नीचे; कई जिलों में घना कोहरा

भोपाल  मध्य प्रदेश में ठंड और कोहरे का असर लगातार बना हुआ है। प्रदेश (MP Weather Update) के हिल स्टेशन पचमढ़ी में शुक्रवार सुबह न्यूनतम तापमान 4.2°C दर्ज हुआ। भोपाल में 7°C, इंदौर, उज्जैन और जबलपुर में 9°C के आसपास तापमान रिकॉर्ड किया गया। प्रदेश के कई जिलों में सड़कों पर घना कोहरा छाया रहा, जिससे वाहन चालकों को अलाव और लाइट के सहारे चलना पड़ा। दिल्ली से आने वाली ट्रेनों में भी देरी का असर देखने को मिला। सड़कों पर चलने वाले वाहन दिन में भी हेडलाइट जलाने को मजबूर रहे। मौसम विभाग ने संकेत दिए हैं कि ठंड से राहत फिलहाल नहीं मिलने वाली। 27 दिसंबर को पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा, जिसका असर 2 से 3 दिन के भीतर मध्य प्रदेश में दिखाई देगा। इसका मतलब है कि नए साल की शुरुआत कड़ाके की ठंड और सर्द हवाओं के साथ होगी। भोपाल, मंडला, रीवा, सतना, पचमढ़ी, दतिया, धार, गुना, ग्वालियर, इंदौर, उज्जैन, खजुराहो, नौगांव, अशोकनगर, झाबुआ, खंडवा, शाजापुर और सीहोर समेत कई जिलों में सुबह घना कोहरा छाया रहा। कोहरे के कारण जनजीवन प्रभावित हुआ और सड़कों पर विजिबिलिटी कम होने से वाहन चालकों को लाइट जलाकर चलना पड़ा। भोपाल में 7, इंदौर, उज्जैन और जबलपुर में 9 डिग्री मिनिमम टेंपरेचर मौसम विभाग के मुताबिक, गुरुवार-शुक्रवार की रात प्रदेश के करीब 25 शहरों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री से नीचे रहा। पचमढ़ी के अलावा रीवा में 5.5 डिग्री, शिवपुरी और खजुराहो में 6 डिग्री, नौगांव और दतिया में 6.2 डिग्री तथा उमरिया में 6.5 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। बड़े शहरों की बात करें तो ग्वालियर सबसे ठंडा रहा, जहां न्यूनतम तापमान 6.8 डिग्री दर्ज हुआ। भोपाल में पारा 7 डिग्री, जबकि इंदौर, उज्जैन और जबलपुर में 9 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। सुबह अलाव का सहारा ठंड और कोहरे के चलते आम जनजीवन पर असर दिखने लगा है। कई इलाकों में सुबह लोग अलाव तापते नजर आए। मौसम विभाग का कहना है कि फिलहाल ठंड से राहत के आसार कम हैं और आने वाले दिनों में रात का तापमान और गिर सकता है। पचमढ़ी में तापमान 4 डिग्री से नीचे, कई शहरों में छाया घना कोहरा बुधवार-गुरुवार की रात प्रदेश में लगातार दूसरे दिन तापमान 4 डिग्री से नीचे दर्ज किया गया। प्रदेश के एकमात्र हिल स्टेशन पचमढ़ी में न्यूनतम तापमान 3.6 डिग्री तक पहुंच गया। वहीं खजुराहो, नौगांव, मंडला, रीवा, सतना, भोपाल, दतिया, गुना, ग्वालियर, इंदौर, उज्जैन, रतलाम और दमोह जैसे शहरों में घना कोहरा देखने को मिला। कोहरे की मार,ट्रेनों की रफ्तार थमी कोहरे का सबसे ज्यादा असर रेल यातायात पर पड़ रहा है। दिल्ली से भोपाल, उज्जैन और इंदौर आने वाली एक दर्जन से ज्यादा ट्रेनें 5 से 8 घंटे तक देरी से चल रही हैं। मालवा एक्सप्रेस, शताब्दी एक्सप्रेस और सचखंड एक्सप्रेस जैसी प्रमुख ट्रेनें भी लेट हैं। शुक्रवार को भी हालात सामान्य होने के आसार कम हैं। 25 शहरों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री से नीचे प्रदेश के 25 से अधिक शहरों में रात का तापमान 10 डिग्री से नीचे बना हुआ है। ग्वालियर में पारा 7 डिग्री, इंदौर में 7.5 डिग्री, भोपाल में 8.4 डिग्री और जबलपुर में 10 डिग्री दर्ज किया गया। राजगढ़ (5 डिग्री), रीवा (5.4), शाजापुर (5.5), शिवपुरी (6) और नौगांव (6.4) जैसे इलाके सबसे ज्यादा ठंडे रहे।रात के साथ-साथ दिन के तापमान में भी गिरावट दर्ज की जा रही है। भोपाल में दिन का अधिकतम तापमान 23.7 डिग्री, ग्वालियर में 24.1, जबलपुर में 25.4 और इंदौर में 26 डिग्री रहा।बालाघाट का मलाजखंड दिन में भी सबसे ठंडा रहा, जहां अधिकतम तापमान सिर्फ 21.2 डिग्री दर्ज किया गया। जेट स्ट्रीम और पश्चिमी विक्षोभ से बढ़ी ठंड मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, इस बार ठंड के पीछे जेट स्ट्रीम की बड़ी भूमिका है। यह हवा जमीन से करीब 12 किलोमीटर की ऊंचाई पर 260 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से बह रही है। पहाड़ों से आ रही बर्फीली हवाओं के साथ मिलकर यह ठंड को और तीखा बना रही है। जैसे ही पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा, सर्द हवाओं का असर और तेज हो सकता है। इस साल नवंबर और दिसंबर में ठंड ने पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। भोपाल में नवंबर के महीने में लगातार 15 दिन शीतलहर चली, जो 1931 के बाद सबसे लंबा दौर माना जा रहा है। 17 नवंबर की रात तापमान 5.2 डिग्री तक गिर गया था। इंदौर में भी 25 साल बाद इतनी सर्द रात दर्ज की गई। 

कड़ाके की सर्दी से कांपा राजस्थान, सिरोही सबसे ठंडा; शीतलहर को लेकर अलर्ट जारी

 जयपुर  राजस्थान में एक बार फिर कड़ाके की सर्दी का असर तेज हो गया है। उत्तर भारत से पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव के खत्म होने के बाद ठंडी उत्तरी हवाओं के चलने से प्रदेश के कई जिलों में तापमान तेजी से गिरा है। बुधवार को शेखावाटी क्षेत्र सहित कई जिलों में सुबह-शाम तेज ठंड महसूस की गई। चार शहरों में न्यूनतम तापमान 5 डिग्री सेल्सियस से नीचे चला गया, जबकि सिरोही प्रदेश का सबसे ठंडा जिला रहा। मौसम विभाग के अनुसार, अगले दो दिनों तक चूरू, झुंझुनूं, सीकर और नागौर जिलों में शीतलहर (कोल्ड-वेव) का अलर्ट जारी किया गया है। हालांकि, बुधवार को घने कोहरे से कुछ राहत रही और अधिकांश जिलों में आसमान साफ रहा, जिससे दिन में तेज धूप देखने को मिली। शेखावाटी अंचल में कड़ाके की ठंड के चलते खेतों में ओस की बूंदें जम गईं। कोटा सहित कई जिलों में फसलों पर जमी ओस साफ नजर आई। सबसे कम तापमान दर्जपिछले 24 घंटों में फतेहपुर में न्यूनतम तापमान 2.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। इसके अलावा—नागौर: 3.4°C, माउंट आबू: 4.0°C, सीकर: 5.0°C, लूणकरणसर: 5.4°C, चूरू: 5.8°C, झुंझुनूं व पाली: 6.8°C, करौली: 6.9°C, पिलानी: 7.2°C, दौसा: 8.1°C, बीकानेर व जैसलमेर: 8.8°C, अलवर: 8.6°C, सिरोही: 9.3°C। दिन का तापमान भी गिरा : बुधवार को प्रदेश के सभी शहरों में अधिकतम तापमान 30 डिग्री से नीचे दर्ज किया गया। सबसे ठंडा दिन सिरोही में रहा, जहां अधिकतम तापमान 19.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ।अन्य शहरों में अधिकतम तापमान इस प्रकार रहा— बारां 22.6, करौली 22.7, जयपुर 22.3, अलवर 22, झुंझुनूं 22.8, दौसा 23.8, गंगानगर 23.5, चूरू 23.6, बीकानेर 23.8, कोटा 23.3, अजमेर 24.3, भीलवाड़ा 24.4, पिलानी 24.8, नागौर 24.4 और पाली 24.9 डिग्री सेल्सियस। आगे कैसा रहेगा मौसम मौसम केंद्र जयपुर के निदेशक राधेश्याम शर्मा के अनुसार, अगले दो दिन प्रदेश में सर्द हवाओं का असर और बढ़ेगा, जिससे तापमान में 2 से 4 डिग्री तक और गिरावट आ सकती है। हालांकि, अगले एक सप्ताह तक मौसम शुष्क रहने की संभावना है।

मध्यप्रदेश में रिकॉर्ड तोड़ सर्दी, पचमढ़ी जैसी ठंड, इंदौर-भोपाल में पारा 7° तक गिरा

भोपाल  मध्य प्रदेश इस समय कड़क ठंड की चपेट में है। प्रदेश के कई शहरों में तापमान लगातार गिर रहा है और सर्दी ने पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। इंदौर में बीती रात न्यूनतम तापमान 5.2°C दर्ज हुआ, जो पिछले दस साल की सबसे ठंडी रात थी। खास बात यह है कि इंदौर का तापमान इस बार पचमढ़ी के बराबर ठंडा रहा। राजधानी भोपाल में भी पारा 7°C से नीचे गया। मौसम विभाग के अनुसार, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में हो रही बर्फबारी और जेट स्ट्रीम की सक्रियता इस बार ठंड बढ़ाने में बड़ी भूमिका निभा रही है। जेट स्ट्रीम लगभग 12.6 KM की ऊंचाई पर 200+ किमी प्रति घंटा की रफ्तार से बह रही है। पहाड़ी राज्यों से आने वाली बर्फीली हवाओं और इस ऊंची हवा के मिलने से MP में तापमान काफी कम हो गया। भोपाल में लगातार छह दिन तक कोल्ड वेव (शीतलहर) चलने के बाद गुरुवार को थोड़ी राहत मिली, लेकिन शुक्रवार को दिन फिर सर्द रहा। भोपाल, राजगढ़, इंदौर, सीहोर और शाजापुर में सर्द हवाएं चली। इस वजह से लोग गर्म कपड़ों में लिपटे हुए नजर आए। दिन में धूप तो खिली, लेकिन शाम को ठंड का असर बढ़ा रहा। हालांकि, अगले 3 दिन तक शीतलहर का अलर्ट नहीं है, लेकिन ठंड का असर बरकरार रहेगा। दूसरी ओर, गुरुवार-शुक्रवार की रात कई शहरों में पारा 5 डिग्री के आसपास रहा। इंदौर शहर में 5.2 डिग्री रहा। इतना ही तापमान पचमढ़ी में भी दर्ज किया गया। रात में भोपाल और ग्वालियर में पारे में गिरावट हुई। भोपाल में 6.5 डिग्री, ग्वालियर में 9.1 डिग्री, उज्जैन में 9 डिग्री और जबलपुर में पारा 8.4 डिग्री रहा। मौसम विभाग का कहना है कि फिलहाल अगले तीन दिनों तक शीतलहर का अलर्ट नहीं है, लेकिन ठंड से राहत मिलने की संभावना कम है। रात के तापमान में और गिरावट आ सकती है। गुरुवार-शुक्रवार की रात प्रदेश के कई शहरों में पारा 5 से 10 डिग्री के बीच दर्ज किया गया। भोपाल में न्यूनतम तापमान 6.5 डिग्री, ग्वालियर में 9.1, उज्जैन में 9, जबलपुर में 8.4 डिग्री रहा। वहीं राजगढ़ में 5.2, नौगांव में 6.4, उमरिया में 6.6, रीवा में 7, मलाजखंड में 7.2 और मंडला में 7.6 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में हो रही बर्फबारी का असर मध्य प्रदेश तक पहुंच रहा है। पहाड़ी राज्यों में कई जगह तापमान शून्य से नीचे चला गया है। इसके अलावा उत्तर भारत के ऊपर सक्रिय जेट स्ट्रीम भी मौसम को प्रभावित कर रही है। करीब 12.6 किलोमीटर की ऊंचाई पर 204 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बह रही यह जेट स्ट्रीम मध्य प्रदेश में ठंड बढ़ाने का कारण बन रही है। मौसम विभाग का अनुमान है कि आने वाले दिनों में दिन के तापमान में हल्की बढ़ोतरी हो सकती है, लेकिन रातें फिलहाल बेहद सर्द बनी रहेंगी। तापमान में गिरावट जारी  प्रदेश के कई शहरों में न्यूनतम तापमान 5 डिग्री के आसपास दर्ज किया गया। इंदौर और पचमढ़ी दोनों में पारा 5.2 डिग्री सेल्सियस रहा। भोपाल में न्यूनतम तापमान 6.5 डिग्री, ग्वालियर में 9.1 डिग्री, उज्जैन में 9 डिग्री और जबलपुर में 8.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। मौसम विभाग के मुताबिक, अधिकांश शहरों में तापमान 10 डिग्री से नीचे रहा। राजगढ़ में 5.2, नौगांव में 6.4, उमरिया में 6.6, रीवा में 7, मलाजखंड में 7.2, मंडला में 7.6, रायसेन, शिवपुरी और नरसिंहपुर में 8, बैतूल में 8.5, छिंदवाड़ा और खजुराहो में 9, सतना में 9.1, टीकमगढ़ और रतलाम में 9.5, दमोह में 9.8 और दतिया में 9.9 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। इसलिए मध्य प्रदेश में बढ़ी ठिठुरन मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, पहाड़ी राज्यों उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में हो रही बर्फबारी का असर मैदानी इलाकों तक पहुंच रहा है। उत्तराखंड के कई इलाकों में नदी-नाले और झरने तक जम गए हैं। इसके साथ ही उत्तर भारत के ऊपर सक्रिय जेट स्ट्रीम भी ठंड बढ़ाने में अहम भूमिका निभा रही है। यह जेट स्ट्रीम जमीन से करीब 12 से 13 किलोमीटर की ऊंचाई पर 200 किलोमीटर प्रति घंटे से अधिक की रफ्तार से बह रही है, जिसका असर मध्यप्रदेश में भी साफ नजर आ रहा है। लगातार टूट रहे ठंड के रिकॉर्ड मौसम विभाग का कहना है कि पहाड़ों से आने वाली बर्फीली हवाओं और उत्तर भारत के मैदानी इलाकों से आने वाली ठंडी हवाओं के साथ जेट स्ट्रीम के सक्रिय होने से इस बार ठंड का असर दोगुना हो गया है। यही वजह है कि दिसंबर में भी कड़ाके की सर्दी पड़ रही है। भोपाल में नवंबर की ठंड ने 84 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया है, जबकि इंदौर में 25 साल में सबसे ज्यादा सर्दी दर्ज की गई है। दिसंबर में भी इंदौर की ठंड ने बीते 10 वर्षों का रिकॉर्ड तोड़ दिया है।  बर्फीली हवाओं की वजह से ठंड मौसम विभाग के अनुसार, पहाड़ी राज्य- उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में बर्फबारी हुई है। उत्तराखंड में तो नदी-नाले और झरने तक जम गए हैं। कई शहरों में पारा माइनस है। दूसरी ओर, जेट स्ट्रीम भी चल रही है। उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में जेट स्ट्रीम का असर है। यह जमीन से 12.6 किलोमीटर की ऊंचाई पर 204 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से बह रही है। जिसका असर एमपी में भी है। इस कारण शुक्रवार को भी शीतलहर का असर देखा गया। क्या होती है जेट स्ट्रीम? मौसम एक्सपर्ट की माने तो प्रदेश में ठंड बढ़ने की वजह खास वजह जेट स्ट्रीम भी है। यह जमीन से लगभग 12 किमी ऊंचाई पर चलने वाली तेज हवा है। इसकी रफ्तार 222 किमी प्रति घंटा तक पहुंच गई है। यह देश के उत्तरी हिस्से में सक्रिय है। पहाड़ों से आने वाली बर्फीली हवा के अलावा ये ऊंची हवा इस बार सर्दी बढ़ाएगी। उत्तर के मैदानी इलाकों से जब ठंडी हवा और पहाड़ी इलाकों से बर्फीली हवा हमारे यहां आती है, तब तेज ठंड पड़ती है। यह सब उत्तर भारत में पहुंचने वाले मौसमी सिस्टम वेस्टर्न डिस्टरबेंस के कारण होता है। ऐसे में यदि जेट स्ट्रीम भी बन जाए तो सर्दी दोगुनी हो जाती है। इस बार यही होना है। दिसंबर में भी रिकॉर्ड तोड़ … Read more

छत्तीसगढ़ में कड़ाके की ठंड: रायपुर समेत 4 शहरों में पारा 10°C से नीचे, शीतलहर का अलर्ट जारी

रायपुर दिसंबर की दस्तक के साथ ही उत्तरी हवा ने रफ्तार पकड़ ली है और प्रदेश में शीत लहर का असर तेजी से बढ़ने लगा है। मौसम विभाग ने 8 दिसंबर की रात से 10 दिसंबर की सुबह तक छत्तीसगढ़ के कई जिलों में शीतलहर चलने की चेतावनी जारी की है। इधर, रायपुर में न्यूनतम पारा आठ डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 5.5 डिग्री कम है। मैनपाट में रात का पारा 4°C से नीचे चला गया है और वहां ओस की बूंदें जमकर बर्फ में बदल गई हैं। अंबिकापुर में न्यूनतम तापमान 5°C, पेंड्रा में 8°C और जगदलपुर में 9.8°C दर्ज किया गया। पिछले 24 घंटे में सबसे अधिक तापमान 30.4°C रायपुर में और सबसे कम न्यूनतम तापमान 5°C अंबिकापुर में रिकॉर्ड किया। इन जिलों में अलर्ट जारी वहीं मौसम विभाग की चेतावनी के मुताबिक गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही, मनेन्द्रगढ़–चिरमिरी–भरतपुर, कोरिया, सरगुजा, जशपुर, सूरजपुर, बलरामपुर, कबीरधाम, मुंगेली, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई, राजनांदगांव, बेमेतरा, रायपुर, दुर्ग, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी, बालोद और कोरबा जिलों के एक-दो हिस्सों में ठंड और ज्यादा तीखी रहेगी। मैदानी इलाके में हवा तेज मौसम विज्ञानियों के अनुसार प्रदेश में उत्तर-पूर्वी हवा सक्रिय है, जिससे रात का तापमान लगातार गिर रहा है। बीते 24 घंटों में कई जगह पारा सामान्य से 3 से 5 डिग्री नीचे दर्ज किया गया है। पर्वतीय और उत्तरी अंचलों में सुबह के समय कोहरा छाने और शाम ढलते ही गलन बढ़ने की संभावना जताई गई है। वहीं मैदानी जिलों जैसे रायपुर, दुर्ग और बेमेतरा में भी इसी अवधि में हवा की तीव्रता बढ़ने से ठिठुरन महसूस हो रही है। मौसम विभाग ने आमजन को जरूरी सावधानियां बरतने की सलाह दी है। बच्चों और बुजुर्गों को सुबह-शाम अनावश्यक बाहर न निकलने, दिन में भी हल्के ऊनी कपड़े पहनने और रात में घरों को गर्म रखने की सलाह दी गई है। किसान भाइयों से भी अपील की गई है कि वे फसलों पर पाला पड़ने से बचाव के उपाय करें। अगले दो दिनों तक मौसम में खास बदलाव की संभावना नहीं है, लेकिन हवा की नमी कम होने और तापमान गिरने से शीत लहर का असर और तेज हो सकता है। शीत लहर चलने की वजह उत्तर भारत में तापमान तेजी से गिरने के कारण वहां से आने वाली उत्तर-पूर्वी बर्फीली हवाएं छत्तीसगढ़ में पहुंचकर ठंड को अचानक बढ़ा रही हैं। रायपुर में नगर निगम ने कई जगहों पर अलाव का इंतजाम किया रायपुर में शीतलहर का असर बढ़ते ही नगर निगम ने आम लोगों को राहत देने के लिए शहर में अलाव जलाने की व्यवस्था शुरू कर दी है। निगम ने 12 से अधिक लोकेशन पर रातभर अलाव जलवाने के निर्देश दिए हैं, ताकि बेघर, राहगीरों और आम नागरिकों को ठंड से तुरंत राहत मिल सके। रायपुर नगर निगम की मेयर मीनल चौबे और कमिश्नर विश्वदीप के निर्देशों के बाद सभी जोन कमिश्नरों और जोन हेल्थ अधिकारियों से रात में फील्ड में रहने और अलाव के इंतजाम की निगरानी करने को कहा गया है। स्वास्थ्य विभाग ने भी जारी की एडवाइजरी इस बीच स्वास्थ्य विभाग ने एडवाइजरी जारी कर चेतावनी दी है कि अचानक तापमान में उतार-चढ़ाव से हाइपोथर्मिया, सर्दी-जुकाम और वायरल फीवर का खतरा बढ़ सकता है। विभाग ने लोगों से अपील की है कि शीतलहर के दौरान, केवल आवश्यकता होने पर ही यात्रा करें और बाहर निकलते समय पूरी तरह गर्म कपड़े पहनें। डॉक्टर बोले- सतर्क रहना जरूरी डॉ जया बाजपेयी (MBBS DNB, मेडिसिन) बताया कि जिस तरह से तापमान बदल रहा है, बीमार होने का खतरा ज्यादा। खासकर ऐसे मौसम में मच्छर ज्यादा पनपते हैं, मलेरिया फैलने का खतरा ज्यादा है। ऐसे में बीमारी से बचने सतर्क रहना जरूरी है। डॉक्टर की सलाह है कि…     शाम के बाद घर और आसपास मच्छरदानी या मच्छर भगाने वाले कॉइल/लिक्विड का उपयोग करें।     स्लीपिंग नेट (Insecticide Treated Net – ITN) या लॉन्ग लास्टिंग मच्छरदानी (LLIN) का उपयोग रात में जरूर करें।     घर के दरवाजे-खिड़कियों पर जाली लगाएं ताकि मच्छर अंदर न आ सकें।  

ठिठुर रहा राजस्थान: फतेहपुर में तापमान शून्य के पास, मौसम विभाग ने चेताया

जयपुर उत्तर भारत से चल रही बर्फीली हवाओं ने राजस्थान में हाड़ कंपाने वाली ठंड बढ़ा दी है। शेखावाटी में तापमान 2 डिग्री सेल्सियस से नीचे पहुंच गया, जिससे खेतों में ओस जमने के बाद पाला पड़ना शुरू हो गया है और फसलें प्रभावित हो रही हैं। शुक्रवार को राज्य के 15 से ज्यादा शहरों का पारा सिंगल डिजिट में दर्ज हुआ। जयपुर में भी इस सीजन पहली बार तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे रहा। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में कड़ाके की सर्दी जारी रहने की चेतावनी दी है। फतेहपुर सबसे ठंडा पिछले 24 घंटों में सीकर का फतेहपुर 1.9 डिग्री के साथ सबसे ठंडा रहा। बीकानेर के लूणकरणसर में 3.2, सीकर में 3, नागौर में 3.1, अलवर में 5.4, दौसा में 4.6 और झुंझुनूं में 6.4 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया। जयपुर में न्यूनतम तापमान 9.2 डिग्री सेल्सियस रहा। चूरू, सीकर, झुंझुनूं, नागौर, बीकानेर, गंगानगर, हनुमानगढ़ और अलवर में रातें बेहद ठंडी बनी हुई हैं। सर्द हवा और फीकी धूप के चलते अधिकतम तापमान कई शहरों में 25 डिग्री से नीचे रहा। सिरोही शुक्रवार को सबसे ठंडा रहा, जहां अधिकतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। आगे कैसा रहेगा मौसम? मौसम केन्द्र जयपुर के निदेशक राधेश्याम शर्मा के अनुसार, अगले एक सप्ताह तक मौसम शुष्क रहेगा और तापमान में ज्यादा उतार-चढ़ाव नहीं होगा। शेखावाटी में रात का तापमान 3 से 5 डिग्री तक रहने के साथ कुछ जगहों पर शीतलहर की स्थिति बनी रह सकती है।