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हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष की प्रॉपर्टी डीलर के साथ फोटो पर यूथ कांग्रेस ने उठाए सवाल

चंडीगढ़. करनाल जिले के एक निजी विज्ञापन ने सियासी गलियारों में हलचल मचा दी है। प्रॉपर्टी डीलर के इस विज्ञापन में हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष हरविंद्र कल्याण और घरौंडा नगरपालिका के चेयरमैन हैप्पी लक गुप्ता की फोटो छापे जाने के बाद विवाद गहराता जा रहा है। यूथ कांग्रेस ने विज्ञापन को सवालों के घेरे में बताया प्रॉपर्टी डीलर पिंटू राणा के निजी विज्ञापन में भाजपा नेताओं की तस्वीरें छपने को लेकर यूथ कांग्रेस जिला ग्रामीण अध्यक्ष रजत लाठर ने कड़ा एतराज जताया है। उन्होंने कहा कि आज अखबारों में विज्ञापनों में विधानसभा अध्यक्ष हरविंद्र कल्याण और नगरपालिका चेयरमैन हैप्पी लक गुप्ता की फोटो नजर आ रही है। वह दिन भी दूर नहीं होगा जब प्रॉपर्टी डीलरों के दफ्तरों के बाहर लगे बैनरों पर भी भाजपा नेताओं की तस्वीरें दिखाई देगी। लाठर ने सवाल उठाया कि क्या इस तरह के विज्ञापनों के जरिए जनता के बीच यह संदेश देने की कोशिश की जा रही है कि नेताओं का संरक्षण प्रॉपर्टी डीलरों को हासिल है। उन्होंने आरोप लगाया कि घरौंडा क्षेत्र में चारों तरफ अवैध कॉलोनियां कट रही हैं और यह किसी से छिपा नहीं है। ऐसे माहौल में प्रॉपर्टी डीलरों द्वारा भाजपा नेताओं की फोटो का इस्तेमाल करना अपने आप में कई सवाल खड़े करता है। शुभकामनाओं के अवसर पर प्रकाशित जिस विज्ञापन को लेकर विवाद खड़ा हुआ है, वह 31 दिसंबर को नववर्ष की शुभकामनाओं के अवसर पर प्रकाशित किया गया था। इस विज्ञापन में संबंधित प्रॉपर्टी डीलर पिंटू राणा ने अपना नाम और फोटो प्रमुखता से छापी थी। इसके साथ ही हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष हरविंद्र कल्याण और घरौंडा नगरपालिका चेयरमैन हैप्पी लक गुप्ता की फोटो भी लगाई गई थी। इन तस्वीरों के नीचे रिंग रोड और मेडिकल यूनिवर्सिटी की फोटो लगाकर यह संदेश दिया गया था कि घरौंडा विधानसभा क्षेत्र में विकास के कदम बढ़ रहे हैं। प्रोपर्टी डीलर के विज्ञापन में हरविंद्र कल्याण और हैप्पी लक गुप्ता के फोटो को लेकर यूथ कांग्रेस ने सवाल उठाए। बीजेपी कार्यकर्ताओं की तीखी प्रतिक्रिया नगरपालिका चेयरमैन हैप्पी लक गुप्ता ने एक फेसबुक पेज की पोस्ट को शेयर किया है। जिसमें लिखा है विस अध्यक्ष हरविंद्र कल्याण की फोटो लगाकर लगाकर प्रॉपर्टी डीलर ने उनके नाम का इस्तेमाल करने का प्रयास किया है। घरौंडा बीजेपी यूथ अध्यक्ष अंकित जैन ने लिखा-हरविंदर कल्याण जी जैसे ईमानदार नेता की छवि को धूमिल करना कांग्रेसियों की उस मक्खी जैसी सोच को दर्शाता है, जो सारे खूबसूरत जहां को छोड़कर गंदगी के ढेर पर बैठी है, कुछ तो शर्म करो कांग्रेसियों मैं हरविंदर कल्याण को निजी तौर पर जानता हूं, प्रॉपर्टी डीलर से उनका दूर-दूर तक कोई नाता नहीं है, विपक्ष की ऐसी घटिया राजनीति पर थूकता हूं।

हरियाणा में एक ही पंजीकरण पर अलग-अलग गोशालाओं को दो रुपये यूनिट मिलेगी बिजली

चंडीगढ़. हरियाणा में गौशाला आयोग में पंजीकृत गोशालाओं को दो रुपये यूनिट के हिसाब से बिजली मिलती है। इसमें और राहत देते हुए बिजली वितरण निगमों ने एक ही पंजीकरण पर अलग-अलग स्थानों पर संचालित गोशालाओं को रियायती टैरिफ वाले बिजली कनेक्शन देने का फैसला लिया है। इस दिशा में उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम और दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम की ओर से आदेश जारी किए गए हैं। जारी आदेशानुसार रियायती टैरिफ वाले बिजली कनेक्शन पाने के लिए गोशालाओं का हरियाणा गौशाला आयोग में पंजीकरण अनिवार्य है। तभी गोशालाओं को दो रुपये प्रति यूनिट बिजली का लाभ मिलेगा। निगमों ने नए टैरिफ में स्पष्ट किया है कि दरें बिजली शुल्क, नगर कर, पंचायत टैक्स से अलग होगी। हरियाणा गोसेवा आयोग के चेयरमैन श्रवण कुमार गर्ग ने बताया कि एक पंजीकृत गोशाला में गोवंश की संख्या ज्यादा होने के कारण दूसरी जगह भी गोशाला बनाकर उन्हें रखा जाता है। ऐसे में बिजली की दरों का लाभ लेने के लिए सरकार से काफी समय से मांग की जा रही थी जिसे अब पूरा किया गया है। प्रदेशभर में 694 पंजीकृत गोशालाएं और चार लाख से अधिक गोवंश हैं।

एनीमिया मुक्त भारत अभियान में 95 लाख से अधिक की हुई जांच

चंडीगढ़. हरियाणा ने एनीमिया मुक्त भारत (एएमबी) अभियान के तहत उल्लेखनीय प्रगति करते हुए खुद को देश के अग्रणी राज्यों में स्थापित किया है। स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने यहां बताया कि मई 2022 से अब तक राज्य में 95 लाख से अधिक लोगों की एनीमिया जांच की जा चुकी है। यह उपलब्धि सतत प्रयासों, विशेष अभियानों और प्रभावी निगरानी प्रणाली का नतीजा है। स्वास्थ्य मंत्री ने बुधवार को यहां अधिकारियों के साथ हुई समीक्षा बैठक के बाद यह जानकारी दी। बैठक में स्वास्थ्य विभाग के सचिव आरएस ढिल्लो, निदेशक डॉ. वीरेंद्र यादव और एनीमिया मुक्त हरियाणा की स्टेट नोडल ऑफिसर डॉ़ सुनिधि करोल सहित वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। आरती सिंह राव ने बताया कि हरियाणा ने वर्ष 2025 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) में 85.2 प्रतिशत एएमबी कंपोजिट इंडेक्स स्कोर के साथ देश में दूसरा स्थान हासिल किया। इसके बाद दूसरी तिमाही (जुलाई-सितंबर 2025) में प्रदर्शन और बेहतर हुआ और 90 प्रतिशत स्कोर के साथ राज्य तीसरे स्थान पर रहा। उन्होंने कहा कि सरकार महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए एनीमिया उन्मूलन के प्रयासों को आगे भी मजबूत करेगी। स्वास्थ्य मंत्री के अनुसार, कार्यक्रम की सफलता का में ‘टी-4’ मॉडल यानी टेस्ट, ट्रीट, टॉक और ट्रैक ने अहम भूमिका निभाई। इसके तहत जांच के तुरंत बाद इलाज शुरू किया जाता है। आयरन व फोलिक एसिड (आईएफए) की दवाएं दी जाती हैं। आहार परामर्श और नियमित फॉलो-अप सुनिश्चित किया जाता है। इससे मरीजों में सुधार तेज़ी से होता है और बीमारी से उबरना संभव बनता है। वित्त वर्ष 2025-26 में एनीमिया की पहचान और उपचार को तेज करने के लिए 100 दिवसीय विशेष अभियान चलाया गया। एनीमिया उन्मूलन सप्ताह चलाए गए, जिन्हें आगे चलकर मार्च और जुलाई 2025 में एनीमिया उन्मूलन माह के रूप में विस्तार दिया गया। इन अभियानों के तहत 17.5 लाख से अधिक लोगों की जांच की गई। 17 सितंबर से 2 अक्टूबर, 2025 तक सशक्त नारी स्वस्थ परिवार अभियान के दौरान 2.5 लाख लाभार्थियों की जांच हुई। फिर 26 दिसंबर तक चले 100 दिवसीय अभियान में अतिरिक्त 1.5 लाख लोगों की जांच की गई। सभी चिन्हित मरीजों को आईएफए सप्लीमेंट और आहार परामर्श दिया गया। आरती राव ने कहा कि यह कार्यक्रम 6 से 59 माह और 5 से 9 वर्ष के बच्चों, 10 से 19 वर्ष के किशोरों, 20 से 49 वर्ष की महिलाओं, गर्भवती व स्तनपान कराने वाली माताओं तथा अन्य वयस्कों जैसे सभी संवेदनशील वर्गों को कवर करता है। आंकड़ों के अनुसार, पिछले तीन वर्षों में एनीमिया की दर 59.1 प्रतिशत से घटकर 51 प्रतिशत हो गई है, जो एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। बैठक में स्टेट नोडल ऑफिसर डॉ. सुनिधि करोल ने बताया कि रीयल-टाइम निगरानी के लिए एनीमिया ट्रैकिंग वेब पोर्टल विकसित किया गया है। सभी ओपीडी में नियमित स्क्रीनिंग हो रही है। प्रभावी आईईसी (जागरूकता) सामग्री तैयार की गई है। मार्च और जुलाई में 86 हजार 24 मरीजों की फॉलो-अप एचबी जांच की गई, जिनमें 55.1 प्रतिशत में एचबी स्तर सुधरा और 22.7 प्रतिशत मरीजों का एचबी सामान्य हो गया।

हरियाणा में पांच पर्यटन परिसरों को पीपीपी मोड पर विकसित करेंगे: मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा

चंडीगढ़. स्वदेश दर्शन योजना के तहत टिक्कर ताल, मोरनी और यादवेंद्र गार्डन पिंजौर के विकास के लिए 92 करोड़ रुपये के टेंडर लगाए जा चुके हैं। प्रदेश के पांच पर्यटन परिसरों को सार्वजनिक निजी सहभागिता (पीपीपी) मॉडल पर विकसित करने की योजना तैयारी होगी। ढोसी की पहाड़ी पर प्रस्तावित रोपवे परियोजना को लेकर भी अधिकारियों के बीच मंथन किया गया। हरियाणा सिविल सचिवालय में विरासत एवं पर्यटन मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा ने विभागीय अधिकारियों के साथ मंगलवार को समीक्षा बैठक कर सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय शिल्प मेले की तैयारियों और प्रदेश की प्रमुख पर्यटन परियोजनाओं की प्रगति का जायजा लिया। बैठक में बताया कि 31 जनवरी से 15 फरवरी तक आयोजित होने वाले 39वें सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय शिल्प मेले के सिविल कार्यों का करीब 60 फीसदी काम पूरा हो चुका है जिसे 20 जनवरी तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके साथ ही पार्किंग, सुरक्षा, पेयजल, शौचालय और इंटरनेट जैसी जन सुविधाओं की व्यवस्थाओं पर भी काम किया जा रहा है। पर्यटन मंत्री ने कहा कि अरावली की तलहटी में लगने वाला सूरजकुंड मेला इस बार विकसित भारत और आत्मनिर्भर भारत की थीम पर आधारित होगा। मेले में देश-विदेश के शिल्पकार, कलाकृतियां और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां आकर्षण का केंद्र रहेंगी। सांस्कृतिक संध्याओं में विशेष रूप से हरियाणवी कलाकारों को मंच दिया जाएगा। मंत्री ने निर्देश दिए कि मेले तक आने-जाने में पर्यटकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो इसके लिए परिवहन विभाग के साथ समन्वय कर विभिन्न जिलों और अंतरराज्यीय बस अड्डों से विशेष बस रूट तय किए जाएं। साथ ही मीडिया और सामाजिक माध्यमों के जरिए मेले के व्यापक प्रचार-प्रसार पर भी जोर दिया गया।

अग्निशमन व्यवस्था मजबूत करेगा हरियाणा: 59 नए फायर स्टेशन खोलने की मंजूरी, 200 करोड़ का बजट तय

चंडीगढ़ हरियाणा में आगजनी की बढ़ती घटनाओं और हर वर्ष फसलों को होने वाले भारी नुकसान को देखते हुए राज्य सरकार ने फायर सेफ्टी व्यवस्था को सुदृढ़ करने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के निर्देश पर की गई नई मैपिंग के आधार पर प्रदेश में 59 नए फायर स्टेशन स्थापित करने को मंजूरी दी गई है। इस महत्वाकांक्षी योजना पर करीब 200 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। गृह मंत्रालय द्वारा वर्ष 2006 में निर्धारित मानकों के अनुसार शहरी क्षेत्रों में प्रत्येक 10 वर्ग किलोमीटर और ग्रामीण क्षेत्रों में हर 50 वर्ग किलोमीटर पर एक फायर स्टेशन होना अनिवार्य है। इन्हीं मानकों को ध्यान में रखते हुए फायर एंड इमरजेंसी सर्विस के महानिदेशक ने सभी उपायुक्तों और नगर निगम आयुक्तों को पत्र भेजकर नए फायर स्टेशनों के संबंध में रिपोर्ट तलब की है। सरकार का कहना है कि इस व्यवस्था से आपात स्थितियों में प्रतिक्रिया समय कम होगा और जन-धन की सुरक्षा बेहतर हो सकेगी। हरियाणा में मात्र 109 फायर स्टेशन सरकारी आंकड़ों के मुताबिक हर साल फसल कटाई के मौसम में राज्य में दो हजार एकड़ से अधिक फसल आग की चपेट में आ जाती है, जिससे किसानों को बड़ा आर्थिक नुकसान होता है। वर्तमान में हरियाणा में कुल 109 फायर स्टेशन कार्यरत हैं, जो कई जिलों की जरूरतों के मुकाबले अपर्याप्त साबित हो रहे हैं। इसी कमी को दूर करने के लिए नए स्टेशनों का नेटवर्क विकसित किया जा रहा है।   गुरुग्राम में खोले जाएंगे 10 फायर स्टेशन जिला स्तर पर देखें तो गुरुग्राम में सर्वाधिक 10 नए फायर स्टेशन खोले जाएंगे। वहीं करनाल जिले में कोई नया फायर स्टेशन प्रस्तावित नहीं है, हालांकि वहां अत्याधुनिक उपकरण और संसाधन उपलब्ध कराने की योजना बनाई गई है। इस असंतुलन को लेकर कुछ सवाल भी उठ रहे हैं, लेकिन सरकार का तर्क है कि वितरण जोखिम, आबादी और मौजूदा ढांचे के आधार पर किया गया है। इन जिलों में खुलेंगे फायर स्टेशन प्रदेश में कुल 59 फायर स्टेशन लगाऐ जाएंगे। जिनमें से गुरुग्राम में 10, झज्जर में 6, पानीपत में 6, पंचकूला में 5, फरीदाबाद में 4, जींद में 3, रोहतक में 3, अंबाला में 2, हिसार में 2, भिवानी में 2, रेवाड़ी में 2, नूंंह में 2, सिरसा में 2, यमुनानगर में 2, चरखी दादरी में 1, फतेहाबाद में 1, सोनीपत में 1, कुरुक्षेत्र में 1, पलवल में 1, कैथल में 1, महेंद्रगढ़ में 1 फायर स्टेशन लगाए जाएंगे।

आमजन की भागीदारी से बनेगा बजट, CM सैनी ने शुरू किया 3 भाषाओं वाला सुझाव पोर्टल

चंडीगढ़ हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी ने प्रदेश के बजट को लेकर अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं। इस कड़ी में उन्होंने मंगलवार को 2026-27 के बजट को लेकर गुरुग्राम में प्री-बजट मंथन में हिस्सा लिया। इस आशय के बारे में सोशल मीडिया पर मुख्यमंत्री ने लिखा कि 'हरियाणा का बजटः आपकी राय, हमारा संकल्प। हरियाणा के विजन 2047 को साकार करने की दिशा में आज गुरुग्राम में आयोजित 'प्री-बजट मंथन' में सहभागिता करते हुए वित्त वर्ष 2026-27 के बजट के लिए महत्वपूर्ण सुझाव प्राप्त किए गए। हरियाणा का आगामी बजट प्रदेश के हर नागरिक की खुशहाली और हर वर्ग के कल्याण को समर्पित होगा। इसी क्रम में इस वर्ष भी लगातार सैटरवार बैठकें आयोजित कर सभी हितधारकों से बजट संबंधी सुझाव लिए जाएंगे। हम प्रदेश के प्रत्येक परिवारजन से आह्वान करते हैं कि वे वित्त वर्ष 2026-27 के बजट निर्माण में सक्रिय सहभागिता कर सशक्त और समृद्ध हरियाणा के निर्माण में अपना योगदान दें। इसके साथ ही मुख्यमंत्री सैनी ने मंगलवार को गुरुग्राम में ए.आई. आधारित हरियाणा बजट जनभागीदारी पोर्टल का शुभारंभ किया जिस पर प्रदेशवासी हरियाणवी, हिंदी तथा अंग्रेजी तीनों भाषाओं में अपने सुझाव दे सकते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह प्लेटफॉर्म हमारी पारदर्शिता, नागरिक सहभागिता तथा सहभागी शासन की प्रतिबद्धता का प्रतीक है। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री नायब सैनी इस साल फरवरी माह में बतौर वित्त मंत्री अपना दूसरा बजट प्रस्तुत करेंगे। पिछली बार प्रदेश का बजट 2 लाख 5 हजार करोड़ रुपए था। इसमें 20 प्रतिशत की वृद्धि हो सकती है और 2026-27 का बजट 2 लाख 25 हजार करोड़ रुपए रहने की उम्मीद है। पिछली बार की तरह से इस बार भी बजट में कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा, खेल, ग्रामीण व शहरी विकास पर फोकस किया जा सकता है। पिछले वित्त वर्ष में कृषि का बजट 7600 करोड़ रुपए था। शिक्षा व खेल का बजट 22 हजार 312 करोड़ रुपए, स्वस्थ्य का बजट 10 हजार 539 करोड़ रुपए था। ऐसे ही ग्रामीण विकास का बजट 7313 करोड़ रुपए, सिंचाई का बजट 6 हजार करोड़ रुपए, स्थानीय निकाय का बजट 5911 करोड़ रुपए था। अब अगले वित्तीय वर्ष के बजट को लेकर मुख्यमंत्री नायब सैनी ने पूरी तैयारी कर ली है। अब वह विभिन्न वर्ग के लोगों से बजट को लेकर मंथन करेंगे और उनके सुझाव भी लिए जाएंगे। बजट सत्र के आयोजन से पहले विधानसभा में प्री-बजट डिस्कशन के लिए एक विशेष सत्र बुलाया जाएगा जिसमें सत्ता पक्ष के साथ ही विपक्ष के विधायकों से भी सुझाव लिए जाएंगे। साल-दर-साल ऐसे बढ़ता गया बजटः गौरतलब है कि 26 अक्तूबर, 2014 को मनोहर लाल खट्टर प्रदेश के मुख्यमंत्री बने थे और बतौर वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु ने फरवरी 2015 में 2015-16 का बजट पेश किया था जो 86 हजार करोड़ रुपए था और पिछले साल बतौर वित्त मंत्री नायब सैनी ने 2 लाख 5 हजार करोड़ रुपए का बजट पेश किया था। ऐसे में 2015-16 से 2025-26 तक बजट में 1 लाख 19 हजार करोड़ रुपए की ऐतिहासिक वृद्धि हुई है। 2023-24 में बतौर वित्त मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने 1 लाख 66 हजार करोड़ रुपए का जबकि 2024-25 में 1 लाख 80 हजार करोड़ रुपए बजट पेश किया था। इससे पहले 2021-22 में 1 लाख 35 हजार करोड़ रुपए, 2022-23 में 1 लाख 64 हजार का बजट पेश किया गया था। 2019-20 में 1 लाख 19 हजार करोड़ रुपए, 2020-21 में 1 लाख 16 हजार करोड़ रुपए का बजट प्रस्तुत किया। मनोहर लाल खट्टर ने शुरू की थी नई परम्परा मनोहर लाल खट्टर 27 अक्तूबर 2019 को दूसरी बार प्रदेश के मुख्यमंत्री बनें और उन्होंने वित्त मंत्रालय अपने पास रखा। नए-नए प्रयोगों के लिए पहचान रखने वाले मनोहर लाल खट्टर ने प्रदेश के बजट को आर्थिक विकास का आईना माना और इसके लिए जनसहभागिता को सुनिश्चित किया। उन्होंने जनता के अलग-अलग वर्गों से बजट को लेकर सुझाव मांगे। इस कड़ी में किसानों, उद्योगपतियों, व्यापारियों, दुकानदारों, जनप्रतिनिधियों से सुझाव भी लिए गए। विशेष बात यह है कि इसको लेकर तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल की ओर से प्री-बजट डिस्कशन बैठकों का सिलसिला शुरू किया गया। यही नहीं, बजट पर डिस्कशन को लेकर प्री-बजट सत्र भी बुलाने की पहल भी की गई। बतौर वित्त मंत्री मनोहर लाल ने प्रदेश के हित में आए सुझावों को बजट में शामिल किया। उन्होंने विपक्ष के विधायकों के सुझाव भी बजट में शामिल किए। ऐसा माना जा रहा है कि इस बार भी मुख्यमंत्री नायब सैनी फरवरी माह में अपना बजट प्रस्तुत करेंगे। इससे पहले 2016-17 में 90 हजार करोड़ रुपए एवं 2017-18 में 1 लाख 2 हजार करोड़ रुपए एवं 2018-19 में 1 लाख 10 हजार करोड़ रुपए का बजट पेश किया गया था।

राज्यसभा चुनाव से पहले हरियाणा की सियासत गरमाई, कांग्रेस को झटका देने की तैयारी में भाजपा

चंडीगढ़ हरियाणा के राज्यसभा चुनाव में भाजपा ने दिसंबर 2024 में बड़ा खेल किया था। उसके पास एक ही सीट जीतने के लिए विधायकों की संख्या थी, लेकिन उसने अपने समर्थन वाले एक निर्दलीय कैंडिडेट को जिता दिया था और इस तरह कांग्रेस एक भी सीट नहीं जीत पाई थी। अब मार्च 2026 में एक बार फिर से दो सीटों पर राज्यसभा का चुनाव होने वाला है और यहां भी भाजपा पहले की तरह ही खेल कर सकती है। हरियाणा की दो राज्यसभा सीटें 9 अप्रैल को खाली हो रही हैं। भाजपा की किरण चौधरी और रामचंदर जांगड़ा का कार्यकाल समाप्त हो रहा है। विधायकों की मौजूदा संख्या के अनुसार हरियाणा में कांग्रेस और भाजपा दोनों ही एक-एक सीट जीतने की स्थिति में हैं।   एक सीट पर जीत के लिए 31 विधायकों की संख्या चाहिए। भाजपा के पास अपने 48 विधायक हैं। कांग्रेस के पास 37 की संख्या है। इसके अलावा इनेलो के पास भी दो विधायक हैं और तीन निर्दलीय हैं, जो भाजपा को ही समर्थन करते रहे हैं। इस तरह भाजपा की ताकत 51 हो जाती है। ऐसे में दो सीटों को जीतने के लिए यदि 62 विधायक चाहिए तो भाजपा की ओर से कोशिश हो सकती है कि 9 और विधायकों का जुगाड़ करके कांग्रेस को जीरो पर रोक दिया जाए। फिलहाल हरियाणा की पांचों राज्यसभा सीटें भाजपा के पास ही हैं। इनमें से दो किरण चौधरी और रामचंदर जांगड़ा रिटायर हो रहे हैं। इसके अलावा तीन अन्य सांसद रेखा शर्मा, कार्तिकेय शर्मा और सुभाष बराला है। कार्तिकेय भाजपा समर्थित सांसद हैं। हरियाणा की राजनीति समझने वाले नेताओं का कहना है कि इस बार भाजपा किसी जाट नेता अथवा किसी अन्य ओबीसी या दलित को ही भेजेगी। फिलहाल दो ब्राह्मण नेता पहले ही राज्यसभा में हैं। इसके अलावा सुभाष बराला जाट हैं। राज्य में जाट केंद्रित राजनीति होने के चलते एक चेहरा जाट हो सकता है और किसी अन्य पिछड़ी या दलित बिरादरी के नेता को भी भेजा जा सकता है। इसके अलावा एक और चर्चा राजीव जेटली के नाम की भी है। वह सीएम नायब सिंह सैनी के मीडिया सलाहकार हैं और राष्ट्रीय प्रवक्ता भी हैं।   ओपी धनखड़ और जेपी दलाल के नाम भी हैं चर्चा में जाट चेहरे के तौर पर भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष ओपी धनखड़ और पूर्व मंत्री जेपी दलाल का नाम भी चर्चा में है। फिलहाल यह भी कहा जा रहा है कि किरण चौधरी खुद भी अपने लिए एक कार्यकाल चाहती हैं। उन्हें दो साल ही हुए हैं और वह एक पूरा कार्यकाल चाहती हैं। चर्चा तो मोहन लाल बड़ौली और रामविलास शर्मा के नाम की भी है, लेकिन दोनों ब्राह्मण नेता हैं। पहले से ही दो ब्राह्मण नेता राज्यसभा सांसद हैं। इसलिए शायद ही इन लोगों का नंबर लग पाए। किसी दलित नेता के नाम की भी चर्चा चल रही है। हालांकि अब तक यह स्पष्ट नहीं है कि दलित चेहरों के नाम पर किस पर विचार चल रहा है।  

हरियाणा बिजली टैरिफ पर डिस्कॉम ने नहीं दी वोल्टेज-सर्विस कास्ट अध्ययन रिपोर्ट

चंडीगढ़. हरियाणा विद्युत विनियामक आयोग (HERC) के समक्ष उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम (UHBVNL) और दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम (DHBVNL) द्वारा दाखिल टैरिफ याचिकाओं को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। पूर्व विद्युत मंत्री प्रोफेसर संपत सिंह ने आयोग को सौंपी। उन्होंने आरोप लगाया है कि आयोग के बार-बार निर्देशों के बावजूद डिस्कॉम ने वोल्टेज व उपभोक्ता वर्गवार सर्विस कास्ट अध्ययन रिपोर्ट दाखिल नहीं की। फिर भी वित्त वर्ष 2025-26 में लगभग 3000 करोड़ रुपए की भारी टैरिफ वृद्धि को मंजूरी दे दी गई। यह निर्णय न तो किसी विधिवत याचिका पर आधारित था और न ही उपभोक्ताओं एवं हितधारकों को सुनवाई का अवसर दिया गया। 9 जनवरी को एचईआरसी इसको लेकर 9 जनवरी को सुनवाई करने जा रहा है। 4484 करोड़ रुपए का घाटा संपत सिंह ने एचईआरसी को लिखे लेटर में कहा है कि वित्त वर्ष 2026-27 की याचिका में भी यह देखा गया है कि वितरण कंपनियों ने 4484.71 करोड़ रुपए से अधिक के संयुक्त राजस्व घाटे का अनुमान लगाया है जबकि इस घाटे को पूरा करने के लिए कोई कार्यप्रणाली भी नहीं बताई है। इस तरह की गैर-अनुपालन को गंभीरता से लिया जाना चाहिए और पिछले वित्तीय वर्ष की तरह उपभोक्ताओं की जानकारी के बिना कोई भी टैरिफ नहीं बढ़ाया जाना चाहिए। हजारों करोड़ का पूंजीगत व्यय प्रोफेसर ने लिखा है कि डीएचबीवीएन ने 2738.69 करोड़ रुपए के पूंजीगत व्यय का प्रस्ताव रखा है, जबकि आवर्ती राजस्व (APR) 1900 करोड़ रुपए है और टू-अप (2024 25) का दावा 1658.36 करोड़ रुपए है, जो निराधार प्रतीत होता है। एकीकृत योजना के संबंध में स्पष्ट रूप से विचारहीन है। इसी प्रकार यूएचबीवीएन ने 2056 करोड़ रुपए के पूंजीगत व्यय का प्रस्ताव रखा है। प्रतिपूर्ति विवरण और लागत-लाभ विश्लेषण के बिना पूंजीगत व्यय अर्थहीन है इसलिए प्रत्येक मद के तहत विस्तृत जानकारी और हानि में कमी, आपूर्ति की गुणवत्ता में सुधार के साथ-साथ भार वृद्धि पर उनके प्रभाव को हस्तक्षेप कर्ताओं द्वारा विश्लेषण और टिप्पणी के लिए उपलब्ध कराया जाना चाहिए। एआरआर रिपोर्ट पर उठाए सवाल अनुमानित राजस्व 28,112 करोड़ रुपए (डीएचबीवीएन) है, जो 4116 करोड़ रुपए की राजस्व वृद्धि है। जिसका मुख्य कारण निश्चित शुल्कों में वृद्धि है। यह राशि टैरिफ में कमी के रूप में उपभोक्ताओं को दी जानी चाहिए थी। विभिन्न वार्षिक रिपोर्ट (ARR) रिपोर्टों के अनुसार वर्ष 2022-23 के लिए वितरण हानियां 11.42 प्रतिशत थी जबकि वर्ष 2023-24 के लिए यह 11.35 प्रतिशत थी। 27 नवंबर 2025 के ज्ञापन अनुसार वर्ष 2024-25 के लिए वितरण हानियां 9.54 प्रतिशत निर्धारित की गई हैं। सप्लाई लॉस बढ़ाया गया इसी रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2026-27 के लिए लक्ष्य 9.75 प्रतिशत निर्धारित किया गया है। वितरण हानियों को कम करने की दिशा में प्रयास वार्षिक एआरआर चर्चाओं में प्रमुख बिंदुओं में से एक रहा है। सप्लाई लॉस के लक्ष्य को 9.54 प्रतिशत से और कम करने के बजाय इसे बढ़ा दिया गया है। आयोग इस पर विचार कर सकता है और एक कम करने योग्य लक्ष्य निर्धारित कर सकता हैं ताकि डीएचबीवीएन इसे प्राप्त करने के लिए अतिरिक्त प्रयास कर सके। कंपनियों का प्रबंधन नहीं पूर्व ऊर्जा मंत्री ने लिखा है कि भारी पूंजीगत व्यय के बावजूद डीएचबीवीएन ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए वितरण हानि 9.54 प्रतिशत और यूएचबीचीएन ने 9.85 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया है। ये आंकड़े उनके द्वारा बताए गए वास्तविक पाटे से अधिक हैं। वितरण कंपनियां परिचालन की दृष्टि से अक्षम बनी हुई हैं। एफआरपी और उदय से पहले के आंकड़ों से इनको तुलना करना निरर्थक है। एचटी-एलटी अनुपात में सुधार को देखते हुए इस प्रकार की हानि 6 से 8 प्रतिशत से अधिक नहीं होनी चाहिए। दोनों डिस्कॉमों द्वारा प्राप्तियों का प्रबंधन लगातार सुस्त बना हुआ है। जिसके परिणामस्वरूप कार्यशील पूंजी की आवश्यकता और उस पर ब्याज में काफी वृद्धि हुई है।

हरियाणा की नायब सरकार ने शीतलहर व पाले से बचने के लिए जारी की एडवाइजरी

चंडीगढ़. उत्तर भारत में लगातार बढ़ रही सर्दी और संभावित शीतलहर को देखते हुए हरियाणा सरकार ने लोगों को शीतलहर एवं पाले से बचाव की एडवाइजरी (सलाह) जारी की है। भारतीय मौसम विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुरूप तैयार की गई “शीतलहर कार्य योजना” के अंतर्गत लोगों को सर्दी से बचाव के लिए प्रेरित किया गया तथा किसानों को फसल संबंधी जानकारी दी गई है। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की वित्तायुक्त एवं सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने बताया कि पिछले वर्ष जनवरी 2025 में चंडीगढ़, अंबाला, करनाल और हिसार में शीतलहर का प्रभाव देखा गया था। सी प्रकार की स्थिति वर्ष 2026 के प्रथम सप्ताह में देखने को मिल रही है। भारतीय मौसम विभाग के अनुसार जब मैदानी क्षेत्रों में वास्तविक न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस या इससे कम तथा पहाड़ी क्षेत्रों में शून्य डिग्री के आसपास रहता है तो उसे शीतलहर की श्रेणी में रखा जाता है। उन्होंने घर के अंदर कोयला या अंगीठी जलाने से बचने की सलाह देते हुए कहा कि बंद स्थानों में कार्बन मोनोआक्साइड गैस उत्पन्न होकर जानलेवा साबित हो सकती है। पालतू जानवरों, मवेशियों एवं घरेलू पशुओं को ठंड से बचाने के लिए उन्हें घर के अंदर रखें। हाइपोथर्मिया की स्थिति में प्रभावित व्यक्ति को गर्म स्थान पर ले जाने की सलाह देते हुए सुमिता मिश्रा ने कहा कि शीतलहर के कारण गेहूं व जौ में काला रतुआ, सरसों व सब्जियों में सफेद रतुआ तथा आलू-टमाटर में लेट ब्लाइट जैसी बीमारियां फैल सकती हैं। किसान बोर्डो मिश्रण या कापर आक्सी-क्लोराइड का छिड़काव करें तथा फास्फोरस और पोटाश का संतुलित उपयोग करें। शीतलहर के दौरान हल्की एवं बार-बार सतही सिंचाई करें और जहां संभव हो स्प्रिंकलर सिंचाई अपनाएं। शीतलहर के दौरान मिट्टी में पोषक तत्व न डालें, क्योंकि ठंड के कारण जड़ों की गतिविधि कम हो जाती है और पौधे उन्हें अवशोषित नहीं कर पाते।

गुरुग्राम में महिला ने कैब ड्राइवर को घंटों घुमाकर दी छेड़छाड़ के केस में फंसाने की धमकी

चंडीगढ़. हरियाणा के गुरुग्राम में एक महिला ने कैब ड्राइवर को घंटों तक शहर में घुमाया और जब ड्राइवर ने किराया मांगा तो उसे पुलिस में शिकायत करने और छेड़छाड़ के केस में फंसाने की धमकी दे दी. पुलिस ने इस मामले में महिला के खिलाफ FIR दर्ज की है. पुलिस के मुताबिक, कैब ड्राइवर जियाउद्दीन ने शिकायत दी है कि महिला यात्री ज्योति दलाल ने मंगलवार सुबह करीब 8 बजे कैब बुक की. महिला ने पहले उसे सेक्टर-31, फिर बस स्टैंड और उसके बाद साइबर सिटी चलने को कहा. ड्राइवर जियाउद्दीन के अनुसार, यात्रा के दौरान महिला ने उससे पैसे मांगे, जिस पर उसने उसे 700 रुपये दे दिए. इसके बाद महिला ने कई जगहों पर खाना-पीना किया, जिसका पूरा भुगतान ड्राइवर ने ही किया. ड्राइवर का आरोप है कि जब दोपहर में उसने किराया देने और राइड खत्म करने की बात कही तो महिला गुस्से में आ गई. उसने धमकी दी कि वह उसे चोरी या छेड़छाड़ के मामले में फंसा देगी. इसके बाद महिला सेक्टर-29 थाना पहुंची और वहां हंगामा किया. महिला के जाने के बाद ड्राइवर ने पुलिस को पूरी बात बताई. जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि ज्योति दलाल वही महिला है, जिसने पहले भी एक अन्य कैब ड्राइवर और एक सैलून को ठगा था. पुलिस के अनुसार, महिला ने एक सैलून से करीब 20 हजार रुपये की ठगी की थी और पहले भी एक कैब ड्राइवर को 2 हजार रुपये का भुगतान नहीं किया था. फरवरी 2024 में महिला का एक वीडियो भी सामने आया था, जिसमें वह कैब ड्राइवर से किराए को लेकर बहस करती नजर आई थी. सेक्टर-29 थाना प्रभारी रवि कुमार ने बताया कि महिला के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धोखाधड़ी और अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया गया है. पुलिस जांच कर रही है और जल्द ही आरोपी महिला की गिरफ्तारी की जाएगी.