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भारत के Sujit Kalkal ने रचा इतिहास, वर्ल्ड नंबर-1 बनकर ओलंपिक की राह की मजबूत दावेदारी

चरखी दादरी. जिले के गांव इमलोटा निवासी पहलवान सुजीत कलकल लगातार सफलता के नए अध्याय लिखते जा रहे हैं। वे एक के बाद एक सफलता हासिल कर देश के लिए मेडल हासिल कर रहे हैं। उनके इस शानदार प्रदर्शन की बदौलत यूनाइटेड वर्ल्ड रेसलिंग की नई रैंकिंग में वे टॉप पर पहुंचे है और दुनिया के नंबर वन पहलवान बन गए हैं। खेल प्रेमियों में उनकी इस उपलब्धि से खुशी का माहौल है। उन्होंने इसे जिला दादरी व देश-प्रदेश के लिए गौरव का क्षण बताया। उल्लेखनीय है कि भारतीय युवा पहलवान सुजीत कलकल ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शानदार प्रदर्शन करते हुए वर्ल्ड रेसलिंग रैंकिंग में नंबर-वन स्थान हासिल कर देश का नाम रोशन किया है। 65 किलोग्राम भारवर्ग में खेलते हुए सुजीत कलकल ने लगातार बेहतरीन प्रदर्शन कर बड़े नामी पहलवानों को मैट पर पछाड़ते हुए अंडर-23 वर्ल्ड चैंपियनशिप सहित बड़ी प्रतियोगिताओं में गोल्ड मेडल हासिल किए। नंबर वन पहलवान बने सुजीत उसी का परिणाम है, जिसने उन्हें दुनिया के सर्वश्रेष्ठ पहलवानों की सूची में सबसे ऊपर पहुंचा दिया। उनकी इस खेल उपलब्धि पर खेल प्रेमियों और कुश्ती जगत से जुड़े लोगों ने खुशी जाहिर की है। कोचों और विशेषज्ञों का मानना है कि अगर सुजीत इसी तरह प्रदर्शन करते रहे, तो आने वाले दिनों में देश की झोली में अनेक गोल्ड मेडल डालने का काम करेंगे। सुजीत कलकल का नंबर-वन बनना न केवल उनकी व्यक्तिगत सफलता है, बल्कि यह भारतीय कुश्ती के बढ़ते स्तर और अंतरराष्ट्रीय मंच पर उसकी मजबूती का भी प्रतीक है। उनकी इस उपलब्धि से देशभर के युवा खिलाड़ियों को प्रेरणा मिलेगी और वे भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित होंगे। लगातार जीत चुके हैं 6 गोल्ड मेडल: कोच सुजीत कलकल के पिता एवं कोच दयानंद कलकल ने बताया कि सुजीत शानदार लय में चल रहे हैं। उन्होंने बीते करीब एक साल के दौरान जिस भी इंटरनेशनल चैंपियनशिप में शिरकत की है उसमें गोल्ड मेडल हासिल किया है। उन्होंने बताया कि डबल लेग होल्ड, फीतले बांधना व भारंदाज उनके प्रमुख दांव-पेंज हैं। जिनके दम पर वे लगातार जीत हासिल करते हुए लगातार छह गोल्ड मेडल जीत चुके हैं। उन्होंने बताया कि 2025 में सीनियर वर्ल्ड रैंकिंग में दो बार गोल्ड मेडल, अंडर-23 वर्ल्ड चैंपियनशिप में गोल्ड, वर्ल्ड सीनियर रैंकिंग चैंपियनशिप में दो गोल्ड और अब सीनियर एशियन चैंपियनशिप में गोल्ड सहित लगातार छह गोल्ड मेडल हासिल किए हैं। उम्मीद है कि वे जीत के इस सफर को जारी रखेंगे और अपनी खेल प्रतिभा का लोहा मनवाते हुए मेडल हासिल कर देश, प्रदेश व दादरी जिले का नाम रोशन करेंगे। उन्होंने कहा कि सुजीत ने अपने खेल प्रदर्शन से साबित कर दिया है कि वे ओलिंपिक में मेडल जीतने का मादा रखते हैं। देश को सुजीत से बड़ी उम्मीदें: योगेश जिला कुश्ती संघ के सचिव योगेश इमलोटा ने कहा कि सुजीत कलकल ने जिस प्रकार का प्रदर्शन किया है उससे देश के खेल प्रेमियों को इस युवा पहलवान से बड़ी उम्मीदें हैं। उन्होंने कहा कि वे लगातार जीत हासिल कर जिस लय में आगे बढ़ रहे हैं उसको देखकर कहा जा सकता है कि ओलिंपिक का पदक अब उनसे दूर नहीं हैं। उन्होंने जिला कुश्ती संघ की ओर से सुजीत को नंबर वन रैंकिंग हासिल करने पर बधाई देते हुए उज्ज्वल भविष्य की कामना की और कहा कि यह देश, प्रदेश व जिले के लिए गर्व की बात है।

1857 की क्रांति को डिजिटल रूप में दिखाएगा भव्य शहीद स्मारक

अंबाला  मन की बात कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ओर से 1857 की क्रांति और अंबाला के शहीद स्मारक के जिक्र ने इस परियोजना की जिज्ञासा को बढ़ा दिया है। 600 करोड़ रुपये की लागत से अंबाला-दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग पर अंतरराष्ट्रीय शहीदी स्मारक बनाया जा रहा है। यह स्मारक आजादी की पहली लड़ाई को प्रदर्शित करेगा और अनसंग नायकों के बारे में बताएगा। शहीद स्मारक का कार्य पूर्ण हो चुका है और अब आधिकारिक रूप से उद्घाटन के लिए यह तैयार है। अहम बात है कि इस स्मारक की परिकल्पना कैबिनेट मंत्री अनिल विज ने की थी। स्मारक का सही से संचालन हो इसके लिए अनिल विज के कहने पर यहां पर करीब 27 कर्मचारियों को तैनात किया जाएगा। इनकी भर्ती परियोजना की नोडल एजेंसी कर रही है। डिजिटल माध्यम से दिखेगी क्रांति की गाथा  स्मारक के भीतर वीरों की गाथा को डिजिटल फिल्मों और ऑडियो के माध्यम से हिंदी, पंजाबी और अंग्रेजी भाषा में प्रस्तुत किया गया है। यहां पर्यटकों के लिए इंटरप्रेटेशन सेंटर, म्यूजियम, ओपन एयर थिएटर, मेमोरियल टावर और हेलीपैड जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं विकसित की गई हैं। निर्माण एजेंसी उद्घाटन के बाद तीन साल तक स्मारक का रखरखाव करेगी।  

बदले पैटर्न ने बढ़ाई मुश्किल, अभ्यर्थियों ने बताया पेपर रहा कठिन

अंबाला  हरियाणा लोक सेवा आयोग की ओर से आयोजित हरियाणा सिविल सेवा (एचसीएस) की प्रारंभिक परीक्षा रविवार को हुई। परीक्षा देकर केंद्रों से बाहर निकले अभ्यर्थियों के चेहरों पर मिली-जुली प्रतिक्रिया देखने को मिली। बातचीत में अधिकांश परीक्षार्थियों ने स्वीकार किया कि इस बार का पेपर न सिर्फ कठिन था बल्कि सवालों का पैटर्न पूरी तरह बदला हुआ नजर आया। वहीं एलाइड सर्विस के प्रश्नपत्र से विद्यार्थी खुश नजर आए। इस परीक्षा के लिए दोनों पालियों में 8712 अभ्यर्थियों ने पंजीकरण कराया था। यह आया कठिन अभ्यर्थियों के मुताबिक, सामान्य अध्ययन के पेपर में सीधे सवाल पूछने के बजाय कथन और निष्कर्ष और जोड़े मिलाओ वाले सवालों की भरमार थी। भूगोल में महासागरीय धाराओं और खनिज क्षेत्रों कुद्रेमुख, बालाघाट पर आधारित सवालों ने अभ्यर्थियों को परेशानी में डाला। रसायन विज्ञान में मेथनॉल की विषाक्तता और कोलाइड्स से जुड़े तकनीकी सवालों का स्तर काफी ऊंचा रहा। वहीं राज्य की संस्कृति से जुड़े सवालों में लूर नृत्य और झाड़ू फिरी जैसी रचनाओं के मिलान ने भी परीक्षार्थियों को उलझाए रखा। पेपर काफी विस्तृत था। खासकर कथन-1 और कथन-2 वाले सवालों में बहुत समय बर्बाद हुआ। अगर कॉन्सेप्ट क्लियर नहीं है, तो तुक्का लगाना नामुमकिन था।  अमित कुमार, अभ्यर्थी उकलाना एचपीएससी अब पूरी तरह यूपीएससी के पैटर्न को फॉलो कर रहा है। इकोनॉमिक्स में बेरोजगारी और जीडीपी से जुड़े सवाल बेसिक लग रहे थे लेकिन उनके विकल्प बहुत उलझाने वाले थे।  स्नेहा, अभ्यर्थी पिंजौर नेगेटिव मार्किंग का डर परीक्षा में 0.25 अंकों की नेगेटिव मार्किंग और पांचवें विकल्प (ई) की अनिवार्यता ने भी छात्रों पर मानसिक दबाव बनाए रखा। कई छात्रों ने बताया कि समय कम होने के कारण वे भूगोल और अंतरराष्ट्रीय संबंधों के कुछ सवाल हल नहीं कर पाए। वहीं कोचिंग विशेषज्ञ हेमंत कुमार ने बताया कि पेपर का स्तर काफी कठिन श्रेणी में था। ऐसे में इस बार सामान्य श्रेणी की कट-ऑफ पिछली बार के मुकाबले कम रहने का अनुमान है। कुल 100 सामान्य अध्ययन के प्रश्नों के उत्तर के लिए 2 घंटे का समय निर्धारित किया गया था। इस बार की परीक्षा में हरियाणा की संस्कृति और वैश्विक पर्यावरण समझौतों पर अधिक ध्यान दिया गया। प्रशासन ने की थी हाई-टेक व्यवस्था जिले के 31 केंद्रों पर रविवार को एचसीएस की प्रारंभिक परीक्षा तकनीक के चक्रव्यूह में संपन्न हुई। फर्जीवाड़े को रोकने के लिए प्रशासन ने इस बार हाई-टेक व्यवस्था अपनाई। केंद्रों के गेट पर अभ्यर्थियों का पहले फेस स्कैन किया गया, फिर बायोमेट्रिक मशीन पर अंगूठे का निशान मिलने के बाद ही एंट्री दी गई। केंद्रों के पास धारा 163 लागू रही और फोटोस्टेट की दुकानें पूरी तरह बंद रहीं। चप्पे-चप्पे पर तैनात पुलिस बल और कंट्रोल रूम के जरिए परीक्षा पर नजर रखी गई। एलाइड सर्विसीज की प्रारंभिक परीक्षा रही आसान जिले में रविवार को आयोजित एलाइड सर्विसीज की प्रारंभिक परीक्षा उम्मीद से कहीं ज्यादा सरल रही। प्रश्नपत्र का स्तर आसान होने के कारण अधिकतर अभ्यर्थियों ने निर्धारित समय से करीब आधा घंटा पहले ही अपनी ओएमआर शीट जमा कर दी। परीक्षा केंद्रों से बाहर निकलते ही युवा अपने साथियों के साथ उत्तरों का मिलान करने और अंकों का गणित जोड़ने में व्यस्त हो गए। अभ्यर्थियों ने बताया कि प्रश्नपत्र काफी संतुलित था। विशेषकर इतिहास और डाक विभाग की कार्यप्रणाली से जुड़े सवालों ने परीक्षार्थियों को बड़ी राहत दी। बंगाल का विभाजन और सुभाष चंद्र बोस के नारे जैसे सीधे सवालों ने स्कोरिंग को आसान बना दिया। वहीं, डाक नियमों से जुड़े तकनीकी सवाल भी विभागीय तैयारी करने वाले छात्रों के लिए सरल रहे।  

नारी शक्ति वंदन विधेयक पर सियासी संग्राम, भाजपा लाएगी निंदा प्रस्ताव

चंडीगड़ हरियाणा विधानसभा के विशेष सत्र की कार्यवाही शुरू हो गई है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी शोक प्रस्ताव पढ़ रहे हैं। वहीं कांग्रेस ने सदन का बहिष्कार कर दिया है।  नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने विशेष सत्र से पहले कांग्रेस विधायक दल की बैठक बुलाई। हुड्डा साढ़े 11 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे। भाजपा नारी शक्ति वंदन विधेयक पर कांग्रेस की भूमिका के खिलाफ सदन में निंदा प्रस्ताव लेकर आएगी। कांग्रेस ने इसे नियमानुसार गलत बताते हुए विरोध करने का फैसला किया है। इस मुद्दे पर सदन में पक्ष-विपक्ष के बीच हंगामा तय है। कांग्रेस विधायक आफताब अहमद के मुताबिक पार्टी देशभर में लोकसभा की 543 सीटों में से 33 फीसदी सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित करने और यही व्यवस्था सभी राज्यों की विधानसभाओं में भी लागू करने का प्रस्ताव लाएगी। भाजपा सरकार कांग्रेस की इसी भूमिका को लेकर निंदा प्रस्ताव लाने की तैयारी में है। सरकार का तर्क है कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम पहले ही महिलाओं को 33 फीसदी आरक्षण देने का रास्ता साफ कर चुका है इसलिए कांग्रेस का रुख विरोधाभासी है। सत्र में एक अहम विधेयक भी पेश किया जाएगा। हरियाणा क्लेरिकल सर्विस बिल 2026 को कैबिनेट पहले ही मंजूरी दे चुकी है। इसके तहत ग्रुप-डी कर्मचारियों के लिए क्लर्क पद पर प्रमोशन का कोटा 20 फीसदी से बढ़ाकर 30 फीसदी किया जाएगा। साथ ही 5 साल की सेवा पूरी करने वाले कर्मचारियों को पदोन्नति का पात्र माना जाएगा और 5 फीसदी एक्स-ग्रेशिया पद भी अनिवार्य होंगे। निलंबित विधायकों पर नजर राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग के आरोप में निलंबित पांचों विधायक शैली चौधरी, रेनू बाला, मोहम्मद इसराइल, मोहम्मद इलियास और जरनैल सिंह को भी विधायक दल की बैठक में शामिल होने का संदेश भेजा गया है। इन पांचों विधायकों पर बैठक में शामिल होने से लेकर सदन तक में सभी नजर रहेंगी।  

गुरुग्राम में हनुमान चालीसा का सामूहिक पाठ, सीएम नायब सैनी और पुष्कर सिंह धामी के साथ युवाओं ने बनाया विश्व रिकॉर्ड

गुरुग्राम हरियाणा की साइबर सिटी गुरुग्राम रविवार को "विजय पर्व" के अवसर पर भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर नजर आई। इस ऐतिहासिक कार्यक्रम में हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एक साथ शिरकत की। आयोजन का मुख्य आकर्षण हनुमान चालीसा का सामूहिक पाठ रहा, जिसने आस्था के एक नए विश्व रिकॉर्ड को जन्म दिया। गुरुग्राम में आयोजित इस "विजय पर्व" में देश के विभिन्न कोनों से आए हजारों युवाओं और श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने इसे एक ऐतिहासिक क्षण बताते हुए कहा कि सामूहिक पाठ के दौरान पूरा वातावरण ऊर्जा और सकारात्मकता से ओतप्रोत था। उन्होंने इस अवसर पर देश के कोने-कोने से आए युवाओं का गर्मजोशी से अभिनंदन किया। संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री सैनी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा: "आदरणीय प्रधानमंत्री जी के सशक्त नेतृत्व में आज विश्वभर में भारतीय संस्कृति की गूंज सुनाई दे रही है। यह आयोजन भारत के बदलते स्वरूप, आत्मनिर्भरता की दिशा में बढ़ते कदमों और हमारे युवाओं के भीतर बढ़ते आत्मविश्वास का एक भव्य उत्सव है।" उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और नायब सैनी ने इस कार्यक्रम को भारतीय जड़ों से जुड़ने का एक सशक्त माध्यम बताया। सामूहिक पाठ के माध्यम से न केवल विश्व रिकॉर्ड बना, बल्कि यह संदेश भी दिया गया कि आधुनिकता के दौर में भी भारत का युवा अपनी संस्कृति और आध्यात्मिक विरासत पर गर्व करता है। कार्यक्रम के अंत में दोनों मुख्यमंत्रियों ने उपस्थित जनसमूह के साथ 'विजय पर्व' की खुशियाँ साझा कीं। मुख्यमंत्री सैनी ने सोशल मीडिया के माध्यम से भी इस गौरवशाली पल को साझा करते हुए इसे युवाओं के आत्मविश्वास का प्रतीक बताया। इस दौरान सुरक्षा और व्यवस्था के कड़े इंतजाम किए गए थे ताकि इतने बड़े जनसमूह के बीच सामूहिक पाठ को सुचारू रूप से संपन्न कराया जा सके।

नायब सरकार की इंडस्ट्री पॉलिस,रोजगार, सब्सिडी और टेक्नोलॉजी पर जोर

चंडीगढ़  बहुत जल्द नायब सरकार अपनी नई उद्योग पालिसी-2026 लेकर आ रही है। ड्राप्ट तैयार हो चुका है। पिछले सप्ताह दो दिन उद्यमियों के साथ नई दिल्ली में बैठक कर पालिसी को लेकर सुझाव और निवेश पर चर्चा करने के बाद उसे अंतिम रूप दिया जा रहा है। पॉलिसी बनने के बाद कैबिनेट की मंजूरी लेने के बाद उसे लागू कर दिया जाएगा। नई पॉलिसी में रोजगार, निवेश और नई तकनीक के साथ-साथ बेहतर उत्पाद बनाने वाली औद्योगिक इकाई को बढ़ावा देने पर जोर दिया जाएगा। नायब सरकार का दावा है कि देश की सबसे बेहतर उद्योग पॉलिसी होगी। युवाओं और महिलाओं को मिलेगी और अधिक नौकरी नई पॉलिसी में हरियाणा के युवाओं को अधिक रोजगार देने वाली कंपनियों के लिए सरकार से मिलने वाली सालाना प्रोत्साहन राशि में बढ़ोत्तरी हो सकती है। कंपनी अगर दिव्यांग और स्थानीय महिलाओं को नौकरी देगी तो सरकार की ओर से उसे प्रति वर्ष 1.2 लाख रुपये की प्राेत्साहन राशि देगी। जो कंपनी सबसे अधिक हरियाणा के युवाओं को लगाएगी उसे अधिक सब्सिडी मिल सकती है। रिसर्च सेंटर बनाने पर 50 प्रतिशत सब्सिडी लार्ज इंडस्ट्री को दस करोड़ तो मेगा कंपनियों को पसास करोड़ रुपये तक देने का भी प्रविधान बन सकता है। यदि कोई कंपनी अपने उत्पाद का नेशनल स्तर पर पेटेंट कराती है तो उसे 50 लाख और विश्व स्तर पर कराने पर बतौर इनाम एक करोड़ की राशि राज्य सरकार देगी। ऐसे होगा निगरानी तंत्र पॉलिसी के तहत एक उच्चस्तरीय समिति होगी जिसके मुख्यमंत्री खुद होंगे। यह समिति अल्ट्रा मेगा प्रोजेक्ट को मंजूरी देगी। हरियाणा एंटरप्राइजेज प्रमोशन बोर्ड का गठन होगा जिसे अध्यक्ष उद्योग मंत्री होंगे जो मेगा प्रोजेक्ट को मंजूरी देगा। एक उद्योग विभाग की समिति होगी हो छोटी औद्योगिक इकाइयों को मंजूरी देगी। नई पॉलिसी की खसियत     कंपनियों को निवेश पर नहीं बल्कि प्रदर्शन के आधार पर लाभ मिलेगा     कोर क्षेत्र में 30 प्रतिशत इंटरमीडिएट में 60 सब प्राइम में 75 और प्राइम क्षेत्र में 100 स्टांप डयूटी पर छूट मिलेगी     सिंगल विंडो सिस्टम होगा। एक पोर्टल पर सभी सुविधा मिलेगी, जिसमें आनलाइन आवेदन, ट्रैकिंग सिस्टम और तय समय में स्वीकृत मिलना शामिल है।     आटोमोबाइल, ऑटो पार्टस, टेक्सटाइल, फूड प्रोसेसिंग, इलेक्ट्रानिक्स, फार्मा, मेडिकल डिवाइस, डिफेंस, ग्रीन एनर्जी, ईवी, केमिकल, तथा पेट्रोकेमिकल इन्हें पांच प्रतिशत अतिरिक्त सब्सिडी का प्रविधान बनाया जा सकता है।  

हाईटेक एंबुलेंस सेवा से मिलेगा तेज इलाज, GPS और लाइफ सपोर्ट सिस्टम से लैस होंगे वाहन

चंडीगढ़ हरियाणा की सड़कों पर बढ़ते हादसे अब सिर्फ आंकड़े नहीं, बल्कि हर मिनट जिंदगी और मौत की जंग बन चुके हैं। कई मामलों में एंबुलेंस की थोड़ी सी देरी भारी पड़ जाती है। इसे देखते हुए राज्य सरकार अब अपने इमरजेंसी एंबुलेंस नेटवर्क की रफ्तार को तेजी देगी ताकि हादसे के बाद मदद मिनटों में पहुंचे, घंटों में नहीं। इसके लिए राज्य सरकार अपने एंबुलेंस बेड़े में 296 नई एंबुलेंस शामिल करने जा रही है। इन एंबुलेंस के जरिये सरकार का लक्ष्य किसी भी हादसे या ट्रामा के स्पॉट पर दस मिनट से कम समय पर पहुंचने का रखा गया है। नए बेड़े में 70 एंबुलेंस एडवांस्ड लाइफ सपोर्ट वाली होंगी। 59 को आउटसोर्सिंग के जरिये शामिल किया जाएगा। बाकी 167 बेसिक लाइफ सपोर्ट (बीएलएस) एंबुलेंस की खरीद प्रक्रिया जारी है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के निदेशक डॉ. वीरेंद्र यादव ने बताया, ट्रॉमा, हार्ट अटैक और सड़क हादसों जैसी आपात स्थितियों में हर मिनट की अहमियत होती है। खासतौर पर हाईवे और घनी आबादी वाले शहरों में बढ़ती इमरजेंसी कॉल्स को देखते हुए त्वरित प्रतिक्रिया बेहद जरूरी हो गई है। कोशिश है कि जरूरत के समय एंबुलेंस दस मिनट से कम समय पर पहुंचे। मार्च का हमारी एंबुलेंस का औसत 9.29 मिनट का आया है। अब इसे नौ मिनट के आसपास ही रखना है। इस पर खासी निगरानी की जा रही है। अमर उजाला ने एंबुलेंस की कमी का भी मुद्दा उठाया था। सात जिलों में एंबुलेंस की संख्या बढ़ेगी राज्य में फिलहाल 550 एंबुलेंस हैं। इनमें 210 के वाहन अपनी उम्र पूरी कर चुके हैं। गुरुग्राम में 27 एंबुलेंस को बढ़ाकर 35, फरीदाबाद में 20 से 27, पंचकूला में 21 से 27, यमुनानगर में 20 से 25, हिसार में 30 से 33, करनाल में 30 से 31 और सिरसा में 32 से 37 एंबुलेंस तैनात करने का प्रस्ताव है। इस विस्तार का मकसद आपातकालीन प्रतिक्रिया समय को कम करना और दुर्घटना या गंभीर मरीजों तक तेजी से चिकित्सा सहायता पहुंचाना है। हाईटेक होगी एंबुलेंस सेवा नई एंबुलेंस सिर्फ संख्या नहीं बढ़ाएंगी, बल्कि तकनीक से भी लैस होंगी। इनमें रियल-टाइम जीपीएस ट्रैकिंग, ऑटोमैटिक कॉल-रूटिंग सिस्टम और डायरेक्ट कम्युनिकेशन डिवाइस लगाए जाएंगे जिससे कॉल से लेकर रिस्पॉन्स तक का समय घटेगा। एडवांस्ड लाइफ सपोर्ट एम्बुलेंस में कार्डियक मॉनिटर, डिफिब्रिलेटर, ऑक्सीजन सपोर्ट और जरूरी दवाओं जैसी सुविधाएं होंगी ताकि मरीज को मौके पर ही स्थिर किया जा सके। इसके साथ ही स्टाफ को भी विशेष ट्रेनिंग दी जाएगी। ड्राइवर, इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन और कॉल सेंटर ऑपरेटरों को खास ट्रेनिंग दी जाएगी ताकि कॉल आने से लेकर मरीज को अस्पताल पहुंचाने तक हर कदम पर बेहतर तालमेल बन सके। किस साल कितना टाइम रहा साल             एंबुलेंस का टाइम 2017-18             16 मिनट 2018-19             16 मिनट 2019-20             16 मिनट 2020-21             15 मिनट 2021-22             13 मिनट 2022-23             12 मिनट 2023-24             12 मिनट 2024-25             11 मिनट  

मुख्यमंत्री सैनी का दावा,81 लाख मीट्रिक टन गेहूं की रिकॉर्ड खरीद पूरी

चंडीगड़ हरियाणा के किसानों को अगले सीजन से अपनी फसल बेचने के लिए मंडी में बैठकर इंतजार नहीं करना पड़ेगा। हरियाणा सरकार जल्द ही किसान ई-खरीद एप लॉन्च करेगी। इस एप की मदद से किसानों को जे-फॉर्म, भुगतान की स्थिति, भूमि बुवाई एवं उपज सत्यापन की स्थिति, गेट पास शेड्यूलिंग (अगली सरसों फसल से प्रारंभ), भूमि सत्यापन की स्थिति व सभी सूचनाएं किसान ई-खरीद एप पर ही उपलब्ध होंगी। इससे खरीद कार्य में किसी प्रकार की देरी नहीं होगी। वहीं, अगले सप्ताह से सभी किसानों को व्हाट्सएप पर क्यूआर कोड आधारित जे फार्म भेजा जाएगा ताकि उन्हें ऋण या अन्य सुविधाओं के लिए दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ें। यह एलान मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी शनिवार को चंडीगढ़ में आयोजित प्रेसवार्ता में किए। इस दौरान उन्होंने प्रदेश में अब तक हुई गेहूं खरीद का ब्योरा देते हुए कहा कि रबी सीजन 2026-27 में प्रदेश की मंडियों में गेहूं की बंपर आवक हुई है। इसने पिछले चार साल के रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। सरकार ने खरीद प्रबंधों को लेकर पुख्ता इंतजाम किए जिसके चलते प्रदेश में गेहूं खरीद का कार्य सुचारू रूप से चल रहा है और किसानों को समय पर भुगतान भी किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा अब तक प्रदेश की मंडियों में 21 हजार 44 करोड़ रुपये मूल्य की 81 लाख 48 हजार मीट्रिक टन गेहूं की आवक दर्ज की जा चुकी है, जो पिछले 4 वर्षों में सर्वाधिक है। अकेले 11 अप्रैल को एक ही दिन में 7 लाख 71 हजार मीट्रिक टन गेहूं की रिकॉर्ड आवक हुई। उन्होंने कहा कि अब तक 5 लाख 80 हजार किसान अपनी उपज लेकर मंडियों में पहुंच चुके हैं। हर किसान की पहचान डिजिटल गेट पास के माध्यम से की जा रही है। इसके साथ ही 79 लाख 14 हजार मीट्रिक टन गेहूं का बायोमेट्रिक सत्यापन हो चुका है, जो लगभग 97 प्रतिशत है। प्रदेश की मंडियों में 70 लाख 23 हजार मीट्रिक टन गेहूं की खरीद पूरी हो चुकी है, साथ ही प्रदेश की मंडियों से 34 लाख 56 हजार मीट्रिक टन गेहूं का उठान हो चुका है। पहले ढाई महीने का सीजन होता था, अब 15 दिन का मुख्यमंत्री सैनी ने बताया कि पहले गेहूं की कटाई और फसल बेचने का सीजन ढाई महीने का होता था। अब यह सीजन सिमटकर 15 दिन में आ गया है। इससे थोड़ी बहुत परेशानी आती है। उन्होंने कहा कि 18 अप्रैल से उठान प्रक्रिया में और तेजी आई है। अब प्रतिदिन साढ़े 3 लाख मीट्रिक टन का उठान हो रहा है। पिछले वर्ष से तुलना करते हुए उन्होंने कहा कि रबी सत्र 2025-26 में जहां कुल 72 लाख 89 हजार मीट्रिक टन गेहूं की खरीद हुई थी। वहीं, इस वर्ष अब तक 81 लाख 48 हजार मीट्रिक टन की आवक हो चुकी है। किसानों को नहीं, सिर्फ विपक्ष को दिक्कत विपक्ष पर निशाना साधते हुए सैनी ने कहा कि पूर्व की सरकारों के समय न डिजिटल व्यवस्था थी, न पारदर्शिता थी, न समय पर भुगतान होता था। किसानों को मंडियों में लंबी कतारों में खड़ा रहना पड़ता था। कागजी टोकन बनते थे और भुगतान के लिए हफ्तों, कभी-कभी महीनों का इंतजार करना पड़ता था। बोले-मंडियों में सब व्यवस्थाएं ठीक हैं। किसी भी किसान को दिक्कत नहीं है, सिवाय विपक्ष को।  

गवाही बदलने के आरोप में महेंद्र चावला गिरफ्तार, लाखों की रिकवरी

पानीपत आसाराम और नारायण साईं प्रकरण में मुख्य गवाह रहे महेंद्र चावला के कब्जे से पुलिस ने 42 लाख रुपये बरामद कर लिए हैं। बाकी की रकम उनके दूसरे भतीजे के पास है। पुलिस भतीजे की तलाश में दबिश दे रही है। रिमांड का समय पुरा होने पर महेंद्र चावला को शनिवार को अदालत के सामने पेश किया गया। जहां से उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस ने 18 अप्रैल को महेंद्र चावला उनके भाई देवेंद्र चावला और भतीजे राम को गिरफ्तार किया था। तीनों के खिलाफ सेक्टर-12 निवासी भगत सिंह ने चांदनीबाग थाने में प्राथमिकी दर्ज करवाई थी। आरोप है कि महेंद्र चावला ने सनौली गांव के पूर्व सरपंच सुरेंद्र शर्मा के साथ चल रहे केस में गवाही से पलटने के नाम पर 70 लाख रुपये लिए थे। बाद में 80 लाख रुपये की मांग की गई थी। पुलिस ने महेंद्र चावला को पहले तीन दिन के रिमांड पर लिया था। महेंद्र के कब्जे से 24 लाख रुपये बरामद किए गए थे। वीरवार को तीनों को दोबारा फिर से अदालत के सामने पेश किया गया था। देवेंद्र चावला व राम को न्यायिक हिरासत में भेज दिया था। वहीं, महेंद्र चावला को दोबारा फिर से दो दिन के रिमांड पर लिया था। दो दिन के रिमांड के दौरान उसके कब्जे से करीब 18 लाख रुपये और बरामद हुए। अभी तक महेंद्र चावला व उनके परिजनों से पुलिस 42 लाख रुपये की नकदी बरामद कर चुकी है। वहीं, पूछताछ में पता चला है कि बाकी की नकदी महेंद्र चावला के दूसरे भाई के बेटे के पास है। पुलिस अब उसकी गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही है। शनिवार को महेंद्र चावला को अदालत के सामने पेश कर 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।   महेंद्र चावला व उसके परिजनों से अब तक 42 लाख रुपये की नकदी बरामद हो चुकी है। बाकी की नकदी उसके दूसरे भतीजे के पास होने की जानकारी मिल रही है। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है। महेंद्र चावला को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। -सतीश वत्स, डीएसपी मुख्यालय।  

महिला आरक्षण का असर, चुनावी मैदान में बढ़ी महिलाओं की भागीदारी

चंडीगढ़  संसद से लेकर सड़कों तक चर्चा में रहे महिला आरक्षण बिल का असर अब जमीनी राजनीति में भी दिखने लगा है। निकाय चुनाव में भाजपा और कांग्रेस दोनों ने टिकट वितरण में महिलाओं को प्राथमिकता देकर यह संकेत दिया है कि आने वाले समय में महिला नेतृत्व सिर्फ नारे तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि सत्ता की संरचना का अहम हिस्सा बनेगा। भाजपा ने सात निकाय (नगर निगम, नगर परिषद व नगर पालिका ) में महिलाओं को 40.7 फीसदी महिलाओं को टिकट दिया है, जबकि कांग्रेस ने 60 फीसदी महिलाओं को टिकट दिया है। संसद में नारी शक्ति वंदन अधिनियम बिल गिरने के बाद सभी निगाहें इस बात पर टिकी थी कि निकाय चुनाव में राज्य के प्रमुख दल भाजपा व कांग्रेस महिला उम्मीदवारों को कितनी तरजीह देते। महिला आरक्षण बिल की चर्चा के बीच भाजपा और कांग्रेस दोनों ने टिकट वितरण में महिलाओं को अहम जगह देकर साफ संकेत दिया है कि चुनावी रणनीति में अब महिला वोटर ही नहीं, महिला उम्मीदवार भी केंद्र में हैं। भाजपा ने 117 में से 47 सीटों पर महिलाओं को मौका दिया है। वहीं, कांग्रेस ने अब तक घोषित 45 टिकटों में से 27 महिलाओं को उतारा है। हालांकि, कांग्रेस ने अभी कई जिलों में टिकटों की घोषणा नहीं की है, जिससे अंतिम तस्वीर बदल सकती है। कांग्रेस अध्यक्ष राव नरेंद्र ने बताया, बाकी उम्मीदवार 25 तक घोषित कर दिए जाएंगे। स्थानीय विधायक व जिला अध्यक्षों की जिम्मेदारी दी गई है कि वे अपने स्तर पर उम्मीदवार तय कर पार्टी को बताएं। किस जिले में कितनी महिलाओं को टिकट दिए जिले वार बात करें तो भाजपा ने अंबाला में 20 में से 9, रेवाड़ी में 32 में से 13, सांपला में 16 में से 6, पंचकूला में 20 में से 7 और सोनीपत में 22 में से 9 महिलाओं को टिकट दिया है। नगर पालिका और नगर परिषद में 4 में से 2 और मेयर पद पर 3 में से 1 महिला उम्मीदवार को मैदान में उतारा गया है। कांग्रेस ने भी कई जगह महिलाओं पर भरोसा जताया है। पंचकूला में 18 में से 6, अंबाला में 20 में से 8 और सोनीपत में 18 में से 9 टिकट महिलाओं को दिए गए हैं।  मेयर पद के लिए 3 में से 2 और नगर परिषद व नगर पालिका में 2 में से 2 सीटों पर महिला उम्मीदवार घोषित की गई हैं। कुल मिलाकर, इस बार निकाय चुनाव में महिलाओं की भागीदारी सिर्फ आंकड़ों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह राजनीतिक दलों की रणनीति का अहम हिस्सा बन चुकी है। यह रुझान आने वाले चुनावों में महिला नेतृत्व को और मजबूत करने का संकेत भी देता है।   कांग्रेस 26 को जारी करेगी घोषणा पत्र कांग्रेस 26 अप्रैल को चंडीगढ़ स्थित प्रदेश कांग्रेस कमेटी कार्यालय में शाम 5 बजे निकाय चुनावों का घोषणा पत्र जारी करेगी। इस में शहरों की सफाई व्यवस्था, पार्कों का निर्माण व सौंदर्यीकरण, पेयजल व स्वच्छता, सड़कें और बुनियादी ढांचे को प्राथमिकता दी गई है। निगमों में हुए कथित घोटालों का मुद्दा भी उठाया गया है और सत्ता में आने पर निष्पक्ष जांच का वादा किया गया है। घोषणा पत्र समिति की अध्यक्ष विधायक गीता भुक्कल सहित सात सदस्यों ने जनता से राय लेकर इसे तैयार किया है। कार्यक्रम में कई वरिष्ठ नेता उपस्थित रहेंगे।