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हरियाणा में पुलिस भर्ती को लेकर बड़ा ऐलान, अगले साल 20 हजार जवानों की होगी भर्ती

 गुरुग्राम  हरियाणा पुलिस अगले दो साल में अपने आधुनिकीकरण और इंफ्रास्ट्रक्चर पर करीब 1300 करोड़ रुपये खर्च करेगी। इसके लिए प्रदेश सरकार से स्वीकृति मिल चुकी है। इस साल अब तक 5500 भर्तियां हो चुकी हैं और नवंबर में 4000 जवानों की और भर्ती होगी। अगले साल 20 हजार पुलिस भर्ती करने का लक्ष्य है। यह बात हरियाणा के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) अजय सिंघल ने सोमवार को गुरुग्राम में कही। वे सेक्टर 17-सी में नवनिर्मित सेक्टर 17-18 थाने की नई बिल्डिंग के उद्घाटन के मौके पर पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। साढ़े चार करोड़ में बना नया थाना डीजीपी ने बताया कि साढ़े चार करोड़ रुपये की लागत से बने इस नए थाने का निर्माण पुलिस हाउसिंग बोर्ड ने किया है। अब तक थाना पुरानी बिल्डिंग से संचालित हो रहा था। इस साल पूरे प्रदेश में 8 नए पुलिस थाने, 3 पुलिस चौकियां, 9 पुलिस बिल्डिंग और 313 पुलिस आवासों का निर्माण किया गया है। इस साल पुलिस मॉडर्नाइजेशन पर साढ़े छह सौ करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। ANTF, महिला सुरक्षा के लिए 33 थाने नशे पर उन्होंने कहा कि पड़ोसी राज्य पंजाब से सबसे अधिक तस्करी हो रही है, रोकने के लिए (एएनटीएफ) एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स का गठन किया गया है। गृह मंत्रालय भी इस पर गंभीर है। कहा कि महिला सुरक्षा के लिए प्रदेश में 33 महिला थाने, सीसीटीवी नेटवर्क, 112 ऐप और स्कूल-कॉलेज के पास दुर्गा शक्ति वाहन तैनात किए गए हैं। इसके साथ ही महिलाओं के लिए एक ऐप भी शुरू किया जा रहा है, जो कामकाजी महिलाओं को ट्रिपिंग सुविधा देगा। साइबर क्राइम पर उन्होंने कहा कि यह नया चैलेंज है, लेकिन पिछले दो सालों में इसमें कमी लाई गई है। आतंक फैलाने वालों से आतंकी जैसा सलूक बढ़ते एक्सटॉर्शन के मामलों पर डीजीपी ने सख्त लहजे में कहा कि जो व्यक्ति जनता में भय फैलाएगा, पुलिस उसके साथ वैसा ही सलूक करेगी। जो आतंक फैलाएगा, उसके साथ आतंकी जैसा ही व्यवहार होगा। विदेश में बैठे गैंगस्टरों पर भी लगाम लगाई जा रही है, पिछले दो सालों में 25 गैंगस्टरों को विदेश से डिपोर्ट कर भारत लाया गया है और आगे भी प्रक्रिया जारी है। गुरुग्राम में रोडरेज पर उन्होंने कहा कि महिला बाइकर के साथ हुई घटना में आरोपी को राजस्थान से पकड़कर लाया गया है। रोडरेज की घटनाओं पर भी पुलिस गंभीर है युवराज मनचंदा मामले में पुलिस चूक की जांच दिल्ली के युवक युवराज मनचंदा की गुरुग्राम में मौत के मामले में पूछे गए सवाल पर डीजीपी ने माना कि गुरुग्राम पुलिस से चूक हुई है। उन्होंने कहा कि एसओपी के अनुसार किसी भी शव का अंतिम संस्कार तीन दिन बाद कर दिया जाता है। इस मामले में कोर्ट ने संज्ञान लिया है। कहां-कहां लैप्स हुए हैं, इसकी जांच कर कार्रवाई की जाएगी।

वन्य प्राणी सुरक्षा सप्ताह में बड़ी सौगात, हरियाणा के चिड़ियाघरों में 7 दिन निशुल्क प्रवेश

 भिवानी वन्य प्राणी सुरक्षा सप्ताह के दौरान प्रदेश के चिड़ियाघरों में वन्यजीव प्रेमियों को बड़ी सुविधा मिलेगी। दो से आठ अक्टूबर तक प्रदेश के चिड़ियाघरों में पर्यटकों से कोई प्रवेश शुल्क नहीं लिया जाएगा। यानी इस दौरान बच्चे और बड़े बिना टिकट चिड़ियाघरों में वन्यजीवों को करीब से देख सकेंगे। प्रदेश में भिवानी, रोहतक और कुरुक्षेत्र में चिड़ियाघर हैं, जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग वन्यजीवों को देखने पहुंचते हैं। वन एवं वन्यजीव विभाग की ओर से हर वर्ष दो से आठ अक्टूबर तक वन्य प्राणी सुरक्षा सप्ताह मनाया जाता है। इसका उद्देश्य लोगों में वन्यजीवों और उनके संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। इसी कड़ी में इस बार चिड़ियाघरों में आने वाले पर्यटकों को प्रवेश शुल्क से छूट देने का निर्णय लिया गया है। सामान्य दिनों में चिड़ियाघरों में बच्चों के लिए 20 रुपये और बड़ों के लिए 30 रुपये प्रवेश शुल्क निर्धारित है। रोजाना दो से तीन हजार पर्यटक पहुंचते हैं: प्रदेश के इन चिड़ियाघरों में प्रतिदिन करीब दो से तीन हजार लोग वन्यजीव देखने पहुंचते हैं। सुरक्षा सप्ताह के दौरान प्रवेश निशुल्क होने से पर्यटकों की संख्या बढ़ने की उम्मीद है। खासकर स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों और परिवारों के लिए यह वन्यजीवों को करीब से देखने और उनके बारे में जानकारी हासिल करने का अच्छा अवसर होगा। चिड़ियाघरों में पर्यटकों के लिए सुबह नौ बजे से शाम पांच बजे तक प्रवेश का समय निर्धारित है।  

CBT में बदली पहचान, फिजिकल टेस्ट में खुला राज; AI कैमरों ने पकड़े 4 मुन्नाभाई

अंबाला  रेलवे भर्ती में चयन हासिल करने के लिए चार परीक्षार्थियों ने ऐसा फर्जीवाड़ा किया कि एक-दूसरे की जगह कंप्यूटर आधारित परीक्षा (सीबीटी) तक दे डाली। सीबीटी में तो उनकी यह चालाकी पकड़ में नहीं आई, लेकिन जब भर्ती प्रक्रिया के अगले चरण में शारीरिक दक्षता परीक्षा देने अंबाला कैंट रेलवे स्टेडियम पहुंचे तो एआइ कैमरों ने उनकी पोल खोल दी। चेहरे और अभ्यर्थी के उपलब्ध डाटा का मिलान नहीं होने पर चारों संदिग्ध पकड़ में आ गए। प्रारंभिक जांच के बाद उन्हें परीक्षा से अलग कर दिया गया। रेलवे की शिकायत पर पड़ाव थाना पुलिस ने चारों के खिलाफ केस दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार आरोपितों की पहचान प्रह्लाद कुमार निवासी ग्राम संधा, पोस्ट नोमाजिला, जिला लखीसराय, बिहार, अनंत कुमार निवासी ग्राम यशवंतपुर, पोस्ट रूखई, थाना चंडी, जिला नालंदा, बिहार, उज्जवल कुमार निवासी ग्राम मंडिल, पोस्ट मंडिल, थाना पारसबिघा, जिला जहानाबाद, बिहार और गोलू निवासी ग्राम उसरी, थाना कोको, जिला जहानाबाद, बिहार के रूप में हुई है। भर्ती प्रक्रिया में लगाए गए थे एआइ कैमरे रेलवे स्टेडियम अंबाला कैंट में रेलवे भर्ती प्रक्रिया के तहत अभ्यर्थियों की शारीरिक दक्षता परीक्षा आयोजित की जा रही थी। भर्ती प्रक्रिया में निजी एजेंसियों टीसीएस और टीटीआइपीएल का सहयोग लिया जा रहा था। फर्जीवाड़ा रोकने और अभ्यर्थियों की पहचान सुनिश्चित करने के लिए परीक्षा स्थल पर एआइ आधारित कैमरे लगाए गए थे। जैसे ही अभ्यर्थी फिजिकल फिटनेस टेस्ट के लिए पहुंचे, कैमरों ने उनकी पहचान से संबंधित डाटा का मिलान शुरू किया। इसी दौरान चार अभ्यर्थियों के मामले में पहचान का मिलान नहीं हुआ। तकनीकी प्रणाली से मिले संकेत के बाद संबंधित अभ्यर्थियों की जांच की गई। प्रारंभिक स्तर पर ही मामला संदिग्ध पाए जाने पर चारों को अलग कर दिया गया। सीबीटी में एक-दूसरे की जगह बैठे थे जांच के दौरान जब चारों से पूछताछ की गई तो कथित तौर पर सीबीटी में किए गए फर्जीवाड़े का भी खुलासा हुआ। पूछताछ में प्रह्लाद कुमार ने बताया कि अनंत कुमार की सीबीटी परीक्षा उसने दी थी, जबकि उसकी जगह अनंत कुमार ने परीक्षा दी थी। इसी तरह उज्जवल कुमार की सीबीटी परीक्षा गोलू ने दी और गोलू की जगह उज्जवल कुमार परीक्षा में बैठा था। इस तरह चारों ने आपस में एक-दूसरे की जगह सीबीटी देकर भर्ती प्रक्रिया के पहले चरण को पार करने का प्रयास किया। सीबीटी के दौरान उनकी यह अदला-बदली पकड़ में नहीं आ सकी। इसके बाद जब भर्ती प्रक्रिया के अगले चरण में उन्हें वास्तविक अभ्यर्थी के तौर पर शारीरिक दक्षता परीक्षा के लिए बुलाया गया तो एआइ आधारित पहचान प्रणाली ने उनके फर्जीवाड़े को पकड़ लिया। तकनीक के सामने नहीं चली चालाकी चारों अभ्यर्थियों ने सीबीटी में पहचान छिपाकर भर्ती प्रक्रिया में आगे बढ़ने की कोशिश की, लेकिन फिजिकल फिटनेस टेस्ट के दौरान लगाए गए एआइ कैमरों ने उनकी चालाकी पर पानी फेर दिया। परीक्षा स्थल पर अभ्यर्थी की पहचान और उपलब्ध डाटा के मिलान की व्यवस्था होने के कारण एक-दूसरे की जगह परीक्षा देने वाले अभ्यर्थी तकनीक की नजर से बच नहीं सके। रेलवे की ओर से मामले की शिकायत पुलिस को दी गई। शिकायत के आधार पर पड़ाव थाना पुलिस ने चारों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि सीबीटी परीक्षा में पहचान बदलकर परीक्षा देने की पूरी योजना कैसे तैयार की गई और इसमें अन्य किसी व्यक्ति की भूमिका तो नहीं थी। भर्ती प्रक्रिया में इस तरह के फर्जीवाड़े से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है।

अंबाला में भवन ढहने से 6 मजदूरों की मौत, मलबे में 30 श्रमिक दबे

अंबाला. हरियाणा के अंबाला शहर के पास धूलकोट गांव में रविवार को निर्माणाधीन तीन मंजिला इमारत ढहने से चार लोगों की मौत हो गई जबकि 10 से ज्यादा लोग घायल बताए जा रहे हैं. न्यूज एजेंसी के मुताबिक, अधिकारियों ने बताया कि हादसा शाम से ठीक पहले हुआ, जब इमारत का निर्माण कार्य जारी था. अधिकारियों के मुताबिक, स्थानीय लोगों ने राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया और पुलिस को हादसे की जानकारी दी गई. एक घायल मजदूर ने बताया कि कुछ मजदूर ग्राउंड फ्लोर पर काम कर रहे थे, जबकि अन्य ऊपर निर्माण कार्य में लगे थे. अंबाला की सिविल सर्जन रेणु बेरी ने संवाददाताओं को बताया कि 12 घायल मजदूरों को अस्पताल लाया गया था, जिनमें से पांच का अभी इलाज चल रहा है. उन्होंने बताया, ‘‘शाम को चार लोगों को मृत अवस्था में अस्पताल लाया गया था. उनके शवों को शवगृह में रखवा दिया गया है.'' हालांकि, न्यूज एजेंसी ने सोमवार सुबह बताया कि हादसे में मरने वालों की तादाद बढ़कर 6 हो गई है. सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है.  अंबाला के पुलिस अधीक्षक अजीत सिंह शेखावत ने शाम को संवाददाताओं से बातचीत में घटना में चार लोगों की मौत होने की पुष्टि की. उन्होंने बताया कि हादसे के बाद एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, पुलिस और प्रशासन की टीम राहत एवं बचाव अभियान में जुटी हुई हैं. यह पूछे जाने पर कि क्या मलबे के नीचे और लोग फंसे हैं, पुलिस अधीक्षक ने कहा, "दो-तीन लोगों का पता लगा लिया गया है और उन्हें बाहर निकालने की कोशिश की जा रही है." मौके पर मौजूद थे 25 मजदूर… अधिकारियों के मुताबिक, यह घटना तब हुई जब अंबाला के एक जाने-माने बिजनेसमैन और प्रॉपर्टी डीलर की तीन मंजिला इमारत की छत के लिए कंक्रीट स्लैब (लिंटल) डाली जा रही थी. घटना के वक्त साइट पर करीब 25 मजदूर मौजूद थे. इनमें से करीब 15 मजदूर तीसरी मंजिल पर लिंटल डालने का काम कर रहे थे, जबकि बाकी ग्राउंड फ्लोर पर थे. इसी दौरान इमारत का एक बड़ा हिस्सा ढह गया और कई मजदूर मलबे के नीचे दब गए. अंबाला शहर के नागरिक हॉस्पिटल के सीएमओ रेनू पांजनी ने कहा, "हादसे की जानकारी मिलते ही अंबाला के पुलिस अधीक्षक अजीत सिंह शेखावत मौके पर पहुंचे और हादसे का जायजा लिया. मीडिया से बातचीत में एसपी ने बताया कि इस हादसे में 4 लोगों की मौत हो चुकी है और 13 से 14 मजदूरों को मलबे से सुरक्षित निकाला जा चुका है. सूचना मिलते ही एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन चला रही हैं और पूरा जिला प्रशासन मदद में जुटा हुआ है, जिससे मलबे में फंसे किसी भी मजदूर को बचाया जा सके." बिल्डिंग अवैध तो नहीं थी? अंबाला एसपी ने कहा कि यह निर्माणाधीन बिल्डिंग थी, इसके मालिक और अन्य जानकारियां रेस्क्यू ऑपरेशन पूरा होने के बाद जांच में सामने आएंगी. इस हादसे में मौतें और घायल दोनों हुए हैं, इसलिए इसमें लीगल एक्शन जरूर लिया जाएगा. चाहे यह अवैध निर्माण हो या फिर निर्माण में लापरवाही बरती गई हो, हर एंगल से जांच की जाएगी. उन्होंने बताया कि यहां काम करने वाले ज्यादातर मजदूर जंडली और आसपास के रहने वाले हैं, कुछ प्रवासी मजदूर भी हो सकते हैं. अवैध निर्माण के सवाल पर उन्होंने कहा कि नगर निगम अंबाला से बिल्डिंग का नक्शा लेकर जांच की जाएगी कि नक्शा पास था या नहीं.

सरपंच की पहल से बदला डैम का रूप, पंचकूला में बनी ‘मिनी सुखना लेक’

बरवाला/पंचकूला. चंडीगढ़ की बेटी कविता चौधरी ने हरियाणा के सरपंचों के लिए विकास की बड़ी मिसाल पेश की है। कविता की शादी पंचकूला के बरवाला ब्लाॅक के गांव बुंगा गांव में हुई। वे अब गांव की सरपंच हैं और गांव में विकास की ऐसी तस्वीर पेश करने की पहल की है, जिसे देखकर सुखना लेक की याद आती है। गांव में पहले से मौजूद डैम को विकसित कर उसके आसपास खूबसूरत ट्रैक, सोलर लाइट और अन्य सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। पहाड़ों के बीच स्थित यह डैम अब ग्रामीणों के लिए सैर-सपाटे के साथ जल संरक्षण का भी बड़ा केंद्र बनता जा रहा है। यहां सुखना लेकर जैसा नजारा देखने को मिलता है। कविता चौधरी ने कहा कि वह चंडीगढ़ के गांव की रहने वाली हैं और शादी के बाद बुंगा गांव की बहू बनीं। चंडीगढ़ में रहते हुए उन्होंने सुखना लेक का खूबसूरत नजारा देखा है। उनके मन में अक्सर यह विचार आता था कि जब हमारे गांव में भी पहाड़ों के बीच प्राकृतिक रूप से इतना सुंदर क्षेत्र मौजूद है तो इसे विकसित क्यों न किया जाए। इसी सोच के साथ डैम को नया रूप देने की दिशा में काम शुरू किया गया। कई करोड़ रुपये की लागत से डैम के विकास का काम लगभग पूरा हो चुका है। डैम के किनारे करीब 500 मीटर लंबा और चौड़ा ट्रैक तैयार किया गया है। यहां सोलर लाइटें लगाई गई हैं, जिससे शाम के समय भी लोग सुरक्षित रूप से सैर कर सकें। ट्रैक से सामने दिखाई देने वाले पहाड़ और सूर्यास्त का दृश्य लोगों को खासा आकर्षित कर रहा है। ओवरफ्लो पानी भी हो रहा संरक्षित डैम से निकलने वाले ओवरफ्लो पानी को आगे तालाब में रिजर्व किया जा रहा है। इससे पानी की बर्बादी रोकने के साथ अतिरिक्त पानी का उपयोग भी सुनिश्चित किया गया है। यह पानी आसपास के पशुओं के लिए भी बड़ा सहारा बन गया है और गांव में पशुओं के पीने के पानी का महत्वपूर्ण स्रोत बन चुका है। नाव और काटेज की भी योजना पंचायत की ओर से डैम को पर्यटन की दृष्टि से और विकसित करने की तैयारी है। यहां नाव चलाने की संभावनाओं पर विचार किया जा रहा है। इसके अलावा एक काटेज बनाने की योजना है, जहां लोगों के लिए खाने-पीने की सुविधा उपलब्ध हो सके। डैम के दोनों तरफ पैदल ट्रैक को और विकसित करने पर भी विचार चल रहा है। गांव में ही मिले घूमने की जगह सरपंच कविता चौधरी का कहना है कि अक्सर गांव की महिलाएं और परिवार घूमने के लिए चंडीगढ़ जैसी जगहों पर जाते हैं। उनकी सोच है कि बुंगा में ही ऐसा स्थान विकसित किया जाए, जहां लोग परिवार के साथ प्राकृतिक वातावरण में समय बिता सकें। उनका प्रयास है कि डैम को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के साथ-साथ जल संरक्षण और ग्रामीणों के लिए रोजगार के अवसरों से भी जोड़ा जाए।

पहाड़ों के बीच खूबसूरत डैम, 500 मीटर ट्रैक और सोलर लाइट से बदली बुंगा की सूरत

बरवाला (पंचकूला) चंडीगढ़ की बेटी कविता चौधरी ने हरियाणा के सरपंचों के लिए विकास की बड़ी मिसाल पेश की है। कविता की शादी पंचकूला के बरवाला ब्लाॅक के गांव बुंगा गांव में हुई। वे अब गांव की सरपंच हैं और अपने गांव में विकास की ऐसी तस्वीर पेश करने की पहल की है, जिसे देखकर सुखना लेक की याद आती है। गांव में पहले से मौजूद डैम को विकसित कर उसके आसपास खूबसूरत ट्रैक, सोलर लाइट और अन्य सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। पहाड़ों के बीच स्थित यह डैम अब ग्रामीणों के लिए सैर-सपाटे के साथ जल संरक्षण का भी बड़ा केंद्र बनता जा रहा है। यहां सुखना लेकर जैसा नजारा देखने को मिलता है। कविता चौधरी ने कहा कि वह चंडीगढ़ के गांव की रहने वाली हैं और शादी के बाद बुंगा गांव की बहू बनीं। चंडीगढ़ में रहते हुए उन्होंने सुखना लेक का खूबसूरत नजारा देखा है। उनके मन में अक्सर यह विचार आता था कि जब हमारे गांव में भी पहाड़ों के बीच प्राकृतिक रूप से इतना सुंदर क्षेत्र मौजूद है तो इसे विकसित क्यों न किया जाए। इसी सोच के साथ डैम को नया रूप देने की दिशा में काम शुरू किया गया। कई करोड़ रुपये की लागत से डैम के विकास का काम लगभग पूरा हो चुका है। डैम के किनारे करीब 500 मीटर लंबा और चौड़ा ट्रैक तैयार किया गया है। यहां सोलर लाइटें लगाई गई हैं, जिससे शाम के समय भी लोग सुरक्षित रूप से सैर कर सकें। ट्रैक से सामने दिखाई देने वाले पहाड़ और सूर्यास्त का दृश्य लोगों को खासा आकर्षित कर रहा है। ओवरफ्लो पानी भी हो रहा संरक्षित डैम से निकलने वाले ओवरफ्लो पानी को आगे तालाब में रिजर्व किया जा रहा है। इससे पानी की बर्बादी रोकने के साथ अतिरिक्त पानी का उपयोग भी सुनिश्चित किया गया है। यह पानी आसपास के पशुओं के लिए भी बड़ा सहारा बन गया है और गांव में पशुओं के पीने के पानी का एक महत्वपूर्ण स्रोत बन चुका है। नाव और काटेज की भी योजना पंचायत की ओर से डैम को पर्यटन की दृष्टि से और विकसित करने की तैयारी है। यहां नाव चलाने की संभावनाओं पर विचार किया जा रहा है। इसके अलावा एक काटेज बनाने की योजना है, जहां लोगों के लिए खाने-पीने की सुविधा उपलब्ध हो सके। डैम के दोनों तरफ पैदल ट्रैक को और विकसित करने पर भी विचार चल रहा है। गांव में ही मिले घूमने की जगह सरपंच कविता चौधरी का कहना है कि अक्सर गांव की महिलाएं और परिवार घूमने के लिए चंडीगढ़ जैसी जगहों पर जाते हैं। उनकी सोच है कि बुंगा में ही ऐसा स्थान विकसित किया जाए, जहां लोग परिवार के साथ प्राकृतिक वातावरण में समय बिता सकें। उनका प्रयास है कि डैम को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के साथ-साथ जल संरक्षण और ग्रामीणों के लिए रोजगार के अवसरों से भी जोड़ा जाए।  

कुरुक्षेत्र से मोरनी तक पर्यटन को नई उड़ान, हरियाणा में विकसित होंगे 20 टूरिज्म हब

चंडीगढ़  हरियाणा अब केवल देश के एक हिस्से से दूसरे हिस्से तक जाने का मार्ग नहीं, बल्कि अपने आप में एक आकर्षक पर्यटन गंतव्य बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। कुरुक्षेत्र में महाभारत और गीता की विरासत, पिंजौर के ऐतिहासिक उद्यान, सूरजकुंड की समृद्ध शिल्प परंपरा, मोरनी की पहाड़ियां, नारनौल-महेंद्रगढ़ की ऐतिहासिक धरोहर और गांवों की हरियाणवी संस्कृति को एक साथ जोड़कर प्रदेश के पर्यटन को नई पहचान देने की तैयारी है। प्रदेश सरकार का प्रयास है कि हरियाणा से पर्यटक केवल गुजरें नहीं, बल्कि यहां रुकें, घूमें, संस्कृति और विरासत को करीब से जानें तथा ऐसे अनुभव लेकर लौटें कि वे दोबारा यहां आने के लिए लालायित रहें। इसी सोच के साथ प्रदेश सरकार का नया संदेश है ‘घूमण आओ, हरियाणा देखो।’ पर्यटन को होटल और पर्यटन परिसरों तक सीमित रखने के बजाय स्थानीय लोगों, किसानों, शिल्पकारों, गाइड, टैक्सी संचालकों, रेस्तरां और छोटे कारोबारियों से जोड़ने पर जोर है। पारंपरिक हाईवे टूरिज्म से आगे बढ़कर विरासत, आध्यात्मिक एवं तीर्थ, इको, एडवेंचर, ग्रामीण एवं फार्म टूरिज्म, होमस्टे, गोल्फ और सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए 20 पर्यटन हब एवं गंतव्य क्षेत्रों की पहचान की गई है। विरासत एवं पर्यटन मंत्री डॉ. अरविंद कुमार शर्मा ने बताया कि हरियाणा पर्यटन निगम के पास 42 पर्यटन परिसरों का नेटवर्क है। 42 रेस्टोरेंट, पांच फास्ट फूड सेंटर और 15 पेट्रोल पंप संचालित किए जा रहे हैं। पर्यटकों तक सीधी पहुंच बनाने के लिए शहीद भगत सिंह अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा मोहाली के आगमन टर्मिनल पर पर्यटक सूचना एवं सुविधा केंद्र शुरू किया गया है। यहां पर्यटकों को हरियाणा के पर्यटन एवं विरासत स्थलों, आध्यात्मिक केंद्रों, पर्यटन सर्किट, होटल-रिसॉर्ट, मेलों और उत्सवों तथा बुकिंग से संबंधित जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है। एआई आधारित ‘सरस्वती’ डिजिटल गाइड से पर्यटन को तकनीक का साथ पर्यटन क्षेत्र में आधुनिक तकनीक का उपयोग करते हुए एआई आधारित ‘सरस्वती’ डिजिटल गाइड को पर्यटन से जोड़ा गया है। कुरुक्षेत्र को अंतरराष्ट्रीय स्तर के आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए ज्योतिसर में महाभारत अनुभव केंद्र और विराट स्वरूप लाइट एंड साउंड शो तैयार किया गया है। सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय शिल्प मेला को वर्षभर सक्रिय सांस्कृतिक केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना है। मेला परिसर में विवाह एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित करने तथा सितंबर से दिसंबर के बीच अतिरिक्त मेले के आयोजन का प्रस्ताव है। गांव और खेत बनेंगे पर्यटन के नए केंद्र ग्रामीण और फार्म टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए 38 फार्म टूरिज्म डेस्टिनेशन और 11 होमस्टे पंजीकृत हैं। इनके माध्यम से पर्यटकों को गांव का जीवन, खेती-किसानी, स्थानीय खान-पान, लोक संस्कृति और हरियाणवी मेहमान नवाजी का अनुभव उपलब्ध कराने की दिशा में काम किया जा रहा है। हथिनीकुंड बैराज, टिक्कर ताल और रोहतक की तिल्यार झील को एडवेंचर स्पोर्ट्स हब के रूप में विकसित किया जा रहा है। यहां वाटर स्पोर्ट्स, बोटिंग, बनाना बोट, जेट स्कीइंग और कैंपिंग जैसी गतिविधियों को बढ़ावा दिया जा रहा है। ढोसी की पहाड़ियों पर रोपवे का निर्माण भी प्रगति पर है। मेले और उत्सव बनाएंगे वर्षभर पर्यटन का माहौल पर्यटन को किसी एक मौसम या आयोजन तक सीमित न रखकर पूरे वर्ष सक्रिय रखने के लिए विभिन्न मेलों और उत्सवों को पर्यटन कैलेंडर से जोड़ा जा रहा है। इनमें सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय शिल्प मेला, बैसाखी उत्सव, पिंजौर आम मेला, तीज उत्सव, सूरजकुंड दीपावली मेला, भक्ति-सूफी उत्सव, अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव, हरियाणवी संस्कृति उत्सव और खाद्य उत्सव शामिल हैं।  

आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों के लिए बड़ी खबर, हरियाणा में 2337 छात्र होंगे चयनित

करनाल सरकारी और अनुदान प्राप्त स्कूलों में पढ़ने वाले प्रतिभाशाली, लेकिन आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों के लिए बड़ी खबर है। शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा चलाई जा रही राष्ट्रीय साधन-सह-पात्रता छात्रवृत्ति योजना के तहत हरियाणा में इस बार 2337 छात्रों का चयन किया जाएगा। चयनित विद्यार्थियों को कक्षा 9वीं से 12वीं तक चार साल तक प्रति माह 1000 रुपये की छात्रवृत्ति दी जाएगी। जो सीधा चयनित विद्यार्थी के खाते में जाएगी। एससीईआरटी गुरुग्राम की ओर से जारी पत्र अनुसार इस परीक्षा के लिए आनलाइन आवेदन 25 सितंबर 2026 से शुरू होंगे और अंतिम तिथि 25 अक्टूबर 2026 निर्धारित की गई है। परीक्षा का आयोजन 29 नवंबर 2026 को किया जाएगा। कौन कर सकता आवेदन? इस परीक्षा में बैठने के लिए विद्यार्थी का हरियाणा के किसी सरकारी या अनुदान प्राप्त विद्यालय में कक्षा आठवीं में पढ़ना अनिवार्य है। साथ ही उसने सातवीं कक्षा भी सरकारी या अनुदान प्राप्त स्कूल से ही पास की हो। परीक्षार्थी के माता-पिता की सभी स्रोतों से कुल वार्षिक आय 3 लाख 50 हजार रुपये से कम होनी चाहिए। विद्यार्थी का नाम और जन्मतिथि आधार कार्ड के अनुसार तथा आरक्षित श्रेणी का प्रमाण पत्र स्कूल रिकार्ड के अनुसार होना जरूरी है। आरक्षण और जिला-वार कोटा इस परीक्षा में जिला स्तर पर मेरिट के अनुसार कोटे के हिसाब से चयन होगा। इसमें बीसी-ए वर्ग को 16 प्रतिशत, बीसी-बी को 11 प्रतिशत, एससी को 20 प्रतिशत और दिव्यांग वर्ग को 3 प्रतिशत आरक्षण दिया गया है। शेष सीटें सामान्य वर्ग के लिए हैं। जिला-वार कोटे में यमुनानगर सबसे आगे है, जहां 271 छात्रों का चयन होगा। इसमें 136 सामान्य, 43 बीसी-ए, 30 बीसी-बी, 20 एससी के साथ अन्य वर्ग शामिल हैं। इसके बाद हिसार में 170, गुरुग्राम में 134, कैथल व कुरुक्षेत्र में 132-132 और करनाल में 127 का कोटा है। वहीं, सबसे कम कोटा फरीदाबाद में 32, पंचकूला में 54 और चरखी दादरी में 58 है। अंबाला में 104, भिवानी में 100, फतेहाबाद में 106, रोहतक में 100, सोनीपत में 105 और सिरसा में 107 छात्रों का चयन किया जाएगा। कुल 2337 में से 1167 सामान्य, 373 बीसी-ए, 260 बीसी-बी, 360 एससी, 467 पीएच और 70 दिव्यांग कोटे में चयनित होंगे। इच्छुक विद्यार्थी आनलाइन करें आवेदन डीएमएस सुमित मान ने बताया कि इच्छुक छात्र हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड की वेबसाइट बीएसईएच.ओआरजी.इन तथा एससीईआरटी की वेबसाइट एससीईआरटीएचएआरवाईएएनए.जीओवी.आइएन पर आनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आरक्षित वर्ग के छात्रों को सक्षम अधिकारी द्वारा जारी प्रमाण पत्र की छायाप्रति भी अपलोड करनी होगी। विस्तृत जानकारी विवरण पुस्तिका में उपलब्ध है। अधिक जानकारी के लिए हेल्पलाइन नंबर 0124-4066243 पर संपर्क किया जा सकता है।

सतलोक आश्रम में 11 साल के बच्चे से दुष्कर्म का आरोप, POCSO में केस दर्ज

 गोहाना सोनीपत के गांव धनाना स्थित सतलोक आश्रम में पिता के साथ सेवा करने आए 11 वर्षीय बच्चे के साथ कुकर्म का मामला सामने आया है। जिला बाल कल्याण समिति और पुलिस की टीम पहुंची। बच्चे की काउंसलिंग कराई गई और उसे मेडिकल परीक्षण के लिए भगत फूल सिंह राजकीय महिला मेडिकल कालेज के अस्पताल ले जाया गया। बच्चे के पिता ने मेडिकल परीक्षण से किया मना वहां पर पिता ने बेटे का मेडिकल परीक्षण कराने से मना कर दिया। बरोदा थाना में केस दर्ज किया गया। इस घटना को लेकर समिति की अध्यक्ष समेत सभी सदस्यों और पुलिस ने चुप्पी साध रखी है। जानकारी के अनुसार कुछ दिन पहले उत्तर प्रदेश का एक व्यक्ति अपने दो बच्चों के साथ आश्रम में सेवा करने के लिए आया था। आरोप है कि 22-23 सितंबर की रात को उसके 11 वर्षीय बच्चे के साथ यह घटना हुई। एक अन्य सेवादार पर दुष्कर्म का आरोप लगा। पाक्सो एक्ट के तहत दर्ज हुआ केस पुलिस आश्रम गई और बाल कल्याण समिति की टीम भी पहुंची। बच्चे की काउंसलिंग कराई। इसके बाद बच्चे को भगत फूल सिंह राजकीय महिला मेडिकल कालेज के अस्पताल ले जाया गया, जहां पिता ने मेडिकल कराने से इनकार कर दिया। पुलिस ने इस मामले में पाक्सो एक्ट सहित संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज किया है। आरोपित सचिन को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। बाल कल्याण समिति की अध्यक्ष अनीता शर्मा व सदस्य संगीता गौड़ ने कुछ कहने से इनकार कर दिया। अध्यक्ष शर्मा ने इतना जरूर कहा कि सूचना पर समिति की टीम आश्रम जरूर गई थी। संत रामपाल अप्रैल 2026 में जमानत पर जेल से बाहर आए थे और गांव धनाना स्थित सतलोक आश्रम में रह रहे हैं।

बाजरा किसानों के लिए खुशखबरी, हरियाणा सरकार ₹2900 प्रति क्विंटल का भाव करेगी सुनिश्चित

चंडीगढ़ हरियाणा सरकार इस बार भावांतर भरपाई योजना के तहत बाजरा उत्पादक किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 2900 रुपये प्रति क्विंटल का लाभ देना सुनिश्चित करेगी। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने शुक्रवार को बाजरा और धान खरीद की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को इसके लिए आवश्यक प्रबंध करने के निर्देश दिए। सरकार बाजरे की खरीद 2300 रुपये प्रति क्विंटल की दर से करेगी। वहीं, खुले बाजार में इससे अधिक भाव मिलने पर किसान अपनी उपज बाजार में बेच सकेंगे और एमएसपी 2900 रुपये तक पहुंचाने के लिए निर्धारित नियमों के अनुसार भावांतर की भरपाई सरकार करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों को बाजरे का 2900 रुपये प्रति क्विंटल का भाव देना सुनिश्चित किया जाएगा। उदाहरण के तौर पर यदि किसी किसान को खुले बाजार में बाजरे का भाव 2500 रुपये प्रति क्विंटल मिलता है तो 2900 रुपये के एमएसपी और बिक्री मूल्य के बीच 400 रुपये प्रति क्विंटल के अंतर की भरपाई सरकार की ओर से की जाएगी। वहीं, यदि खुले बाजार में भाव 2300 रुपये से कम रहता है तो सरकार 2300 रुपये प्रति क्विंटल की दर से बाजरा खरीदेगी और बाकी छह सौ रुपये प्रति क्विंटल की दर से भाव के अंतर की भरपाई करेगी। बैठक में अधिकारियों ने बताया कि पिछले वर्ष बाजरे की खरीद के लिए सरकार ने पहले 2150 और बाद में 2200 रुपये प्रति क्विंटल की दर निर्धारित की थी। ।