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e-खरीद में सख्ती: हरियाणा सरकार का बड़ा कदम, किसानों के नाम पर धोखाधड़ी पर रोक

चंडीगढ़. हरियाणा सरकार ने राज्य की मंडियों में गेहूं व सरसों की फसल की खरीद प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए ई-खरीद प्रणाली में कई नई पहल आरंभ की हैं। इन सुधारों का मुख्य उद्देश्य फर्जी खरीद पर रोक लगाना, वास्तविक किसानों को लाभ सुनिश्चित करना और पूरी खरीद प्रक्रिया की निगरानी को मजबूत करना है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी स्वयं राज्य की मंडियों में चल रही खरीद प्रक्रिया पर निगाह रखे हुए हैं और अधिकारियों से हर रोज की रिपोर्ट प्राप्त कर रहे हैं। 2026-27 के लिए गेहूं का एमएसपी 2,585 रुपये प्रति क्विंटल है, जो 2025-26 रबी विपणन सीजन के 2,425 रुपये प्रति क्विंटल से अधिक है। गेहूं के समर्थन मूल्य में पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 6.59 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। जौ के एमएसपी में 170 रुपये प्रति क्विंटल (लगभग 8.58 प्रतिशत) की वृद्धि हुई है। सरसों का एमएसपी 6,200 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है। राज्य की मंडियों में अब तक करीब 60 लाख टन गेहूं की खरीद हो चुकी है। हरियाणा सरकार की नई व्यवस्था के तहत पंजीकरण और खरीद से जुड़ी प्रक्रियाओं में सत्यापन को अधिक पारदर्शी बनाया गया है। इससे यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि केवल पात्र किसान ही अपनी फसल बेच रहे हैं और किसी प्रकार की गड़बड़ी या फर्जीवाड़ा रोकने में मदद मिल रही है। ई-खरीद प्रणाली में खरीददार का रजिस्ट्रेशन जरूरी किया गया है। इससे हर लेन-देन का रिकार्ड सुरक्षित रखने में मदद मिल रही है तथा जरूरत पड़ने पर उसकी जांच आसानी से की जा सकेगी। राज्य की मंडियों में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए सीसीटीवी कैमरों की व्यवस्था को अनिवार्य किया गया है। इससे खरीद प्रक्रिया की निगरानी रियल-टाइम में संभव हो पा रही है, जबकि किसी भी तरह की अनियमितता पर तुरंत कार्रवाई संभव है। फसल के परिवहन को ट्रैक करने के लिए जीपीएस आधारित निगरानी प्रणाली लागू की गई है। इससे यह पता लगाया जा सकेगा कि फसल कहां से उठाई गई और कहां पहुंचाई गई, जिससे बीच में होने वाली गड़बड़ियों पर रोक लगने में मदद मिलने लगी है।

Smart Waste Management: हरियाणा के शहरों में घरों पर लगेंगे RFID टैग, कचरा कलेक्शन ट्रैक होगा

चंडीगढ़. हरियाणा के सभी शहरों में घरों के बाहर आरएफआईडी टैग लगाए जाएंगे। इससे कचरा संग्रहण की प्रक्रिया को डिजिटली ट्रैक किया जा सकेगा। इसके अलावा जीपीएस आधारित व्हीकल ट्रैकिंग सिस्टम को मजबूत किया जाएगा ताकि कचरा उठाने वाली गाड़ियों की निगरानी की जा सके। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने ठोस अपशिष्ट प्रबंधन से संबंधित पोर्टल की समीक्षा बैठक में कहा कि रियल-टाइम डेटा लगातार अपडेट होना सुनिश्चित किया जाए ताकि हर स्तर पर निगरानी सुदृढ़ हो सके। पोर्टल के माध्यम से नगर निकायों के प्रदर्शन का नियमित मूल्यांकन किया जाएगा। जहां कहीं भी कमियां पाई जाएं, वहां तुरंत सुधारात्मक कदम उठाए जाएं। इस प्रकार का मानिटरिंग सिस्टम विकसित करने वाला हरियाणा पहला राज्य है जहां ऑनलाइन माध्यम से पूरे प्रदेश में वेस्ट मैनेजमेंट की निगरानी की जा रही है। मुख्यमंत्री ने स्वयं पोर्टल पर लाइव ट्रैकिंग सिस्टम का अवलोकन किया। इस पोर्टल पर नागरिक अपने क्षेत्र में कचरा उठाने वाले वाहनों की लाइव लोकेशन देख सकते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि नागरिकों से सक्रिय सहयोग की अपील की जाए कि वे अपने घरों के बाहर लगाए गए आरएफआईडी टैग की देखभाल करें। यदि किसी क्षेत्र में घरों से कचरा नियमित रूप से नहीं उठाया जा रहा है, तो नागरिक तुरंत इसकी शिकायत ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज करें, जिससे समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जा सके। आरएफआईडी के माध्यम से बिल कैलकुलेशन होगी और कचरा प्रबंधन से जुड़े वेंडर्स द्वारा बिल प्रस्तुत करते ही इसी पोर्टल के माध्यम से भुगतान होगा, जिससे वेंडर्स को बड़ी राहत मिलेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्थानीय म्युनिसिपल कमेटी स्तर पर जवाबदेही स्पष्ट रूप से निर्धारित की जाए, ताकि प्रत्येक अधिकारी और कर्मचारी अपनी जिम्मेदारी को गंभीरता से निभाए। कचरा उठान में किसी भी प्रकार की लापरवाही या कमी पाए जाने पर संबंधित अधिकारी या कर्मचारी की जिम्मेदारी तय की जाएगी और उसके विरुद्ध कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि तकनीकी संसाधनों का अधिकतम उपयोग करते हुए कचरा प्रबंधन की प्रक्रिया को आधुनिक और प्रभावी बनाया जाए। ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के क्षेत्र में नवाचार और बेहतर प्रथाओं को अपनाकर हरियाणा को स्वच्छता के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाया जाए।

एचएसवीपी की सख्त,गुरुग्राम के 51 सेक्टरों में अतिक्रमण हटाने का अभियान शुरू

गुरुग्राम गुरुग्राम के 51 सेक्टरों में अवैध निर्माण पर सोमवार से बुलडोजर चलेगा। हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) की तरफ से यह कार्रवाई की जाएगी। एचएसवीपी के संपदा अधिकारी एक और दो ने सेक्टर-तीन से लेकर सेक्टर-57 तक विकसित 49 सेक्टरों के अलावा सेक्टर-37सी और सेक्टर-110ए के निवासियों से आग्रह किया है कि वह खुद अतिक्रमण हटा लें। शुक्रवार को एचएसवीपी की संपदा अधिकारी डॉ. अनुपमा मलिक ने सेक्टर-34 स्थित अपने कार्यालय में एक वार्ता को संबोधित किया। उन्होंने बताया कि 27 अप्रैल से लेकर आठ मई तक तोड़फोड़ की जाएगी। इसको लेकर पांच टीम का गठन किया है, जो अलग-अलग सेक्टरों में तोड़फोड़ करेगी। उन्होंने बताया कि 27 अप्रैल और 28 अप्रैल को सेक्टर-24, 25ए, 27, 43, 31-32ए और 30 में तोड़फोड़ होगी। 29 अप्रैल और 30 अप्रैल को सेक्टर-39, 45, 28, 42 और 51 में बुलडोजर चलेगा। डॉ. मलिक के मुताबिक चार मई और पांच मई को सेक्टर-57, 49, 50, 38, 46, 40 और 41 में तोड़फोड़ की कार्रवाई की जाएगी। सेक्टर-52, 47, 55, 56, 52ए और 53 में छह मई और सात मई को बुलडोजर चलेगा। आठ मई को सेक्टर-54, 29, 32 और सेक्टर-44 में तोड़फोड़ की कार्रवाई की जाएगी। चलेगा बुलडोजर उन्होंने बताया कि इस दौरान सड़कों पर अवैध रूप बनाए गए किचन गार्डन, निजी पार्क, गमलों, मकानों के ऊंचे रैंप, रेहड़ियों, क्योसक के अलावा अन्य अतिक्रमण और अवैध निर्माण को तोड़ा जाएगा। यह कार्रवाई 29 सेक्टरों में होगी। एचएसवीपी के संपदा अधिकारी-एक राकेश सैनी ने बताया कि उनके कार्यालय अधीन आ रहे 22 सेक्टरों में सोमवार से बुलडोजर चलाया जाएगा। यह कार्रवाई एक जुलाई तक चलेगी। सोमवार से शुरू होगा ऐक्शन सोमवार को सेक्टर-21 से कार्रवाई की शुरूआत की जाएगी। 28 अप्रैल को भी इस सेक्टर में अभियान चलाया जाएगा। 30 अप्रैल और एक मई को सेक्टर-चार, चार मई को सेक्टर-पांच, छह मई को सेक्टर-तीन, आठ मई को सेक्टर-छह, 11 मई और 14 मई को सेक्टर-सात, 15 और 18 मई को सेक्टर-सात एक्सटेंशन, 19 और 20 मई को सेक्टर-नौ, 21 और 22 मई को सेक्टर-नौए, 25 मई और 26 मई को सेक्टर-10, 28 मई और 29 मई को सेक्टर-10ए, एक जून और दो जून को सेक्टर-12ए, तीन जून और चार जून को सेक्टर-14, पांच जून और आठ जून को सेक्टर-15 के पार्ट एक, नौ जून और 10 जून को सेक्टर-15 के पार्ट दो समेत कई स्थानों पर तोड़फोड़ होगी। मकानों की सूची बनेगी संपदा अधिकारी-एक राकेश सैनी और संपदा अधिकारी-दो डॉ. अनुपमा मलिक ने बताया कि तोड़फोड़ कार्रवाई के दौरान कब्जा प्रमाण पत्र का उल्लंघन कर रहे मकानों की सूची बनेगी। स्टिल्ट पार्किंग में अवैध रूप से कमरों का निर्माण लोगों ने कर लिया है। कारों को घर के बाहर खड़ा किया जाता है। घरों में व्यावसायिक गतिविधियों का संचालन अवैध रूप से किया जा रहा है, जिसकी वजह से भी लोग परेशान हैं। ऐसे में इन मकानों के खिलाफ एचएसवीपी की विभागीय कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। मलबा उठान को लेकर तकरार डीटीपीई अमित मधोलिया ने पांच दिन तक तोड़फोड़ अभियान चलाकर करीब साढ़े सात हजार मकानों के सामने से अवैध निर्माण और अतिक्रमण को तोड़ा है। मधोलिया ने गुरुग्राम नगर निगम के आयुक्त प्रदीप दहिया से आग्रह किया था कि तोड़फोड़ के बाद सड़कों पर फैले मलबे का उठान कराएं। दहिया ने जवाब देते हुए इसे उठाने से इनकार किया है।  

पश्चिमी विक्षोभ का असर: हरियाणा में 5 दिन बारिश का अलर्ट, कल से बदलाव

हिसार. प्रदेश में गर्मी का प्रकोप तेजी से जारी है। शुक्रवार को प्रदेश में रोहतक सबसे गर्म रहा। यहां का अधिकतम तापमान 44.6 डिग्री तक पहुंच गया। वहीं 26 अप्रैल से इस गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है। नया पश्चिमी विक्षोभ एक्टिव होने से प्रदेश में पांच दिन तक लगातार वर्षा हाे सकती है। साथ ही 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा भी चल सकती है। मौसम विज्ञानियों ने इसके साथ ही तापमान में गिरावट होने की संभावना व्यक्त की है। भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार शुक्रवार को रोहतक सबसे गर्म रहा। प्रदेश के बाकी जिलों में भी लू चली। इससे दिन के समय लोगों को ज्यादा परेशानी हुई। वहीं रात का तापमान भी तेजी से ऊपर चढ़ा है। प्रदेश के गर्म रात में भिवानी का 28.5, फरीदाबाद का 27 डिग्री तो अंबाला में 26.2 डिग्री तो नारनौल में 26.8 डिग्री दर्ज किया गया। हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के कृषि मौसम विज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष डा. मदन खीचड़ ने बताया कि हरियाणा में मौसम आमतौर पर 29 अप्रैल तक परिवर्तनशील रहने की संभावना है। इस दौरान 25 अप्रैल देर रात्रि को एक पश्चिमी विक्षोभ पहाड़ों की तरफ बढ़ने की संभावना है जिसके आंशिक प्रभाव से 26 अप्रैल रात्रि से 29 अप्रैल के दौरान हरियाणा राज्य में आंशिक बादलवाई रहने तथा बीच बीच में हवाओं में बदलाव आने से की संभावना है। इस दौरान मध्यम से तेज गति से धूलभरी हवाएं चलने तथा गरज चमक के साथ राज्य में कहीं-कहीं बूंदाबांदी या हल्की वर्षा की संभावना है। कुछ एक स्थानों पर मध्यम से तेज वर्षा भी हो सकती है। इस दौरान दिन के तापमान में हल्की गिरावट होने तथा रात्रि तापमान में हल्की बढ़ोतरी होने की संभावना है।

पारिवारिक पेंशन पर बड़ा फैसल,अवैध विवाह से पत्नी को नहीं मिलेगा अधिकार

चंडीगढ़  पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने परिवारिक पेंशन (फैमिली पेंशन) को लेकर एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए स्पष्ट किया है कि सिर्फ वैध (कानूनी रूप से मान्य) पत्नी ही पेंशन की हकदार होती है। अवैध विवाह से किसी महिला को न तो पत्नी का दर्जा मिलता है और न ही विधवा होने के दावे से फैमिली पेंशन का अधिकार। महिला ने मृत सेना अधिकारी की दूसरी पत्नी होने का दावा करते हुए फैमिली पेंशन देने की मांग की थी। याची ने कहा था कि उसका विवाह उस समय हुआ था जब अधिकारी की पहली शादी वैध थी और पहली पत्नी जिंदा थी। बाद में पहली पत्नी की मृत्यु हो गई और ऐसे में अब वह अधिकारी की विधवा होने के नाते फैमिली पेंशन की हकदार है। इस पर कोर्ट ने याचिका खारिज करते हुए कहा कि पेंशन का अधिकार मृत कर्मचारी की मृत्यु के समय मौजूद वैध वैवाहिक स्थिति पर निर्भर करता है। बाद की परिस्थितियों से यह अधिकार पैदा नहीं किया जा सकता। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि दूसरी शादी, यदि पहली शादी के दौरान हुई है, तो वह स्वतः अवैध है। पहली पत्नी की मृत्यु से इस अवैध विवाह को बाद में वैध नहीं बनाया जा सकता। पहली शादी वैध रहते दूसरी शादी कानूनन शून्य होती है। ऐसी शादी से महिला को पत्नी या विधवा का कानूनी दर्जा नहीं मिलता। इन परिस्थितियों में पहली पत्नी की मृत्यु के बाद भी दूसरी शादी को वैध नहीं माना जा सकता, इसलिए पेंशन का अधिकार बाद में भी उत्पन्न नहीं हो सकता।  – जस्टिस संदीप मौदगिल, पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट  

अमेरिका-ब्रिटेन को टक्कर देंगी भारतीय मिसाइलें: अपग्रेड मिशन तेज, Prahlada Ramarao का हिसार दौरा

हिसार. अगर युद्ध के मैदान में भारत का वर्चस्व कायम रखना है तो हमें अमेरिका, ब्रिटेन, इटली व फ्रांस जैसे देशों की सुपर हाइपरसोनिक मिसाइलों को चकमा दे नष्ट करने वाली एंटी-बैलिस्टिक राकेट की जरूरत है। इसके लिए भारतीय वैज्ञानिक मिसाइलों को अपग्रेड करने के लिए 3 बिंदुओं पर काम कर रहे हैं, जिनमें रफ्तार-घुमावदार व ब्रेन सिस्टम शामिल है। ये बात पद्मश्री वैज्ञानिक डा. प्रह्लादा रामाराओ ने कही। वे शुक्रवार को गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय स्थित चौधरी रणबीर सिंह आडिटोरियम में आयोजित विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी सम्मेलन में बतौर मुख्यातिथि पहुंचे थे। दैनिक जागरण के संवाददाता ने उनसे बातचीत की, जिसमें उन्होंने ब्राह्मोस व आकाश मिसाइलों के परीक्षण से लेकर भविष्य की तैयारियों को लेकर कई जानकारियां साझा भी की। सेना ने की एंटी-बैलिस्टिक मिसाइलों की डिमांड मुख्यातिथि एवं पद्मश्री वैज्ञानिक डा. प्रह्लादा रामाराओ ने बताया कि 1985 में भारत का बांग्लादेश के साथ विवाद चल रहा था। जिसमें बांग्लादेश ने कुछ मिसाइलों से भारत में अटैक किए। जिसको रोकने के लिए भारतीय सेना ने सरकार से एडवांस एंटी-बैलिस्टिक मिसाइलों की डिमांड की थी। तब सरकार ने हाई लेवल की मीटिंग बुलाई, जिसमें सेना, वैज्ञानिक, नीति आयोग सहित अन्य क्षेत्रों के टाप अधिकारी मौजूद रहे। जिसमें थल व वायु सेना के टाप अधिकारियों ने मिसाइलों का ड्राफ्ट तैयार कर वैज्ञानिकों की टीम को दिया। इस दौरान टीम में डा. एपीजे अब्दुल कलाम भी मौजूद रहे। ब्राह्मोस व आकाश मिसाइलों ने एकसाथ हिट किए थे तीन टारगेट मुख्यातिथि ने बताया कि ब्राह्मोस व आकाश मिसाइल बनाने में करीब 10 साल लगे। 1995 में ब्राह्मोस व आकाश मिसाइल का पहला परीक्षण किया गया। इस दौरान थल व वायु सेना के टाप अधिकारी मौजूद थे। दोनों मिसाइलों ने मात्र 5 सेकेंड के अंदर एकसाथ तीन टारगेट को हिट किया। रूस के साथ तैयार की मिसाइल पद्मश्री वैज्ञानिक डा. प्रह्लादा ने बताया कि ब्राह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल बनाने के लिए 15 साल का समय मांगा गया था। लेकिन रूस ने भारत के साथ मिलकर जेवी टीम बनाई, जिसमें दोनों देशों के वैज्ञानिकों ने मिलकर 5 साल के अंदर ही ब्राह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल तैयार की।

बच्चों के पोषण पर फोकस, मिड-डे मील को बेहतर बनाने की नई पहल

चंडीगढ़ हरियाणा में मिड-डे मील को और बेहतर बनाने के लिए एक खास प्लान तैयार किया गया है। इसके तहत अब सीधे कुक-कम-हेल्पर को ट्रेनिंग देने के बजाय पहले शिक्षकों को मास्टर ट्रेनर बनाया जाएगा। ये मास्टर ट्रेनर आगे कुक-कम-हेल्पर को पोषण, स्वास्थ्य और साफ-सफाई के बारे में ट्रेनिंग देंगे। योजना के अनुसार, हर जिले के हर ब्लॉक से 4-5 टीजीटी शिक्षकों के नाम मंगवा लिया गया है। खास बात यह है कि इसमें गृह विज्ञान (होम साइंस) के अध्यापकों को प्राथमिकता दी जाएगी, क्योंकि उन्हें खान-पान और पोषण की बेहतर समझ होती है। इन शिक्षकों को पहले विशेषज्ञों द्वारा ट्रेनिंग दी जाएगी, ताकि वे सही जानकारी और तरीके आगे पहुंचा सकें इस पहल का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि स्कूलों में बनने वाला खाना ज्यादा पौष्टिक और सुरक्षित होगा। साफ-सफाई के बेहतर नियम अपनाए जाएंगे, जिससे बच्चों की सेहत पर सकारात्मक असर पड़ेगा। साथ ही, खाना बनाने वालों की स्किल भी बढ़ेगी, जिससे भोजन की गुणवत्ता में सुधार आएगा। इस योजना का मुख्य उद्देश्य सिर्फ खाना खिलाना नहीं, बल्कि बच्चों को स्वस्थ और मजबूत बनाना है। बेहतर पोषण से बच्चों की पढ़ाई में भी सुधार होगा और उनकी उपस्थिति बढ़ेगी। कुल मिलाकर, यह कदम शिक्षा के साथ-साथ बच्चों के स्वास्थ्य को मजबूत करने की दिशा में एक अहम पहल माना जा रहा है।  

हरियाणा में बड़ा खुलासा, बिना लाइसेंस बन रहा था नकली ENO

सोनीपत हरियाणा के सोनीपत जिले में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां नकली ENO fruit salt बनाने वाली फैक्टरी का पर्दाफाश हुआ है। कुंडली थाना पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि गांव अटेरना के खेतों में अवैध रूप से फैक्टरी चलाई जा रही है। सूचना के आधार पर पुलिस ने मौके पर छापेमारी की, जहां हजारों की संख्या में तैयार पैकेट बरामद किए गए। शुरुआती जांच में शक होने पर स्वास्थ्य विभाग, आयुष विभाग और फूड सेफ्टी टीम को बुलाया गया। फैक्ट्री के पास नहीं था लाइसेंस जांच के दौरान अधिकारियों ने पाया कि फैक्टरी के पास किसी प्रकार का लाइसेंस नहीं था और जो ENO fruit salt तैयार किया जा रहा था, वह नकली प्रतीत हो रहा है। फैक्टरी संचालक अमरजीत दहिया मौके से फरार मिला और उसका फोन भी बंद है। लैब में जाँच के लिए भेजे गए सैंपल अधिकारियों ने मौके से सैंपल लेकर लैब में जांच के लिए भेज दिए हैं। साथ ही पूरी फैक्टरी को सील कर दिया गया है। फूड सेफ्टी विभाग ने इस मामले में लिखित शिकायत भी दर्ज करवाई है। पुलिस ने आरोपी की गिरफ्तारी के लिए टीमों का गठन कर दिया है और मामले की गहन जांच जारी है। अधिकारियों का कहना है कि लोगों की सेहत के साथ किसी भी तरह का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

हरियाणा में राशन डिपो नियमों में बड़ा बदलाव, महिलाओं को मिला खास कोटा

चंडीगढ़ प्रदेश में अब राशन डिपो के लिए आवेदन प्रक्रिया सरल पोर्टल के माध्यम से पूरी तरह ऑनलाइन कर दी गई है। साथ ही नए राशन डिपो का 33 फीसदी कोटा महिलाओं के लिए तय किया गया है। अच्छा आचरण होने पर 60 वर्ष के बाद भी डिपो धारकों की अवधि 5 साल और बढ़ाने का प्रावधान किया गया है। प्रदेश सरकार ने नए नियमों की अधिसूचना जारी कर दी है। नए नियमों के तहत डिपो धारक की मृत्यु होने पर उसके परिवार के एक सदस्य को सहानुभूति के आधार पर लाइसेंस दिया जा सकेगा। कोटे के आधार पर हर तीसरी दुकान महिलाओं के लिए आरक्षित होगी। एसिड अटैक पीड़ित, स्वयं सहायता समूह, विधवा, तलाकशुदा, अनुसूचित जाति व पिछड़ा वर्ग की महिलाओं को प्राथमिकता दी जाएगी। यदि किसी क्षेत्र में महिलाओं के आवेदन नहीं आते हैं तो पहले उन्हें आवेदन के लिए दो मौके दिए जाएंगे। इसके बाद ही डिपो किसी और को आवंटित किया जा जाएगा। डिपो के लिए ये नहीं कर सकेंगे आवेदन अब कोई भी व्यक्ति अगर पहले से डिपो धारक है तो वह दूसरे डिपो के लिए आवेदन नहीं कर सकेगा। इसके साथ ही डिपो धारकों के परिवार के लोग और रिश्तेदारों भी आवेदन नहीं कर पाएंगे। पंच, सरपंच, विधायक, सांसद किसी भी जनप्रतिनिधि के पारिवारिक सदस्य या रिश्तेदार भी डिपो के लिए आवेदन नहीं कर सकते हैं। अगर कोई डिपो धारक बाद में सरपंच या पार्षद बन जाता है तो उसका लाइसेंस भी रद्द माना जाएगा। साथ ही राज्य या केंद्र सरकार का स्थायी या अनुबंधित कर्मचारी भी डिपो के लिए आवेदन नहीं कर सकेगा। अगर कोई डिपो धारक बाद में सरकारी नौकरी में आ जाता है तो उसका लाइसेंस रद्द कर दिया जाएगा।

गैस एजेंसियों पर लंबी वेटिंग, दो दिन का ही बचा सिलेंडर स्टॉक

करनाल  एलपीजी सिलिंडरों के लिए लोगों को अब भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई गैस एजेंसियों पर लोगों को बुकिंग के 15 दिन बाद भी घरेलू सिलिंडर की डिलीवरी नहीं मिल रही है। जब लोग पता करने एजेंसी पहुंचते हैं तो उन्हें कहा जाता है कि अब तक आपकी बुकिंग तिथि का स्लॉट शुरू नहीं हुआ है। स्थिति यह है कि कई एजेंसियों पर अब तक पांच या सात अप्रैल तक की बुकिंग की ही डिलिवरी दी जा रही है। करनाल में भगवाड़िया गैस एजेंसी और तरावड़ी व इंद्री की गैस एजेंसी समेत अन्य में इस समय सिलिंडर आपूर्ति की दिक्कत हो रही है। गीता, संतोष और अर्जुन ने बताया कि उन्होंने सिलिंडर बुक अप्रैल के पहले सप्ताह में कराया था अब तक डिलीवरी नहीं मिली। एजेंसी संचालकों से बात करते हैं तो कहा जाता है कि अभी पिछली बुकिंग की आपूर्ति की जा रही है, नंबर आने पर ही पर्ची जारी करके डिलीवरी दी जाएगी। 42 एजेंसियों के पास महज 17525 सिलिंडरों का स्टाॅक जिले में 42 गैस एजेंसी हैं, जिनके पास वीरवार को महज 17525 सिलिंडरों का स्टॉक है। खपत के अनुसार, यह स्टॉक महज दो दिन का ही है। हालांकि पीछे से रोजाना एजेंसियों में गाड़ी पहुंच रही है। वीरवार को 8182 घरेलू और 333 कॉमर्शियल सिलिंडरों की आपूर्ति दी गई। ट्रांजिट स्टॉक में 5211 सिलिंडर हैं। डीएफएससी मुकेश कुमार का कहना है कि लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है, गैस की किल्लत नहीं आने दी जाएगी। यदि शर्त न लगती तो दो गुने से ज्यादा होती बुकिंग एलपीजी फेडरेशन के सदस्य सुभाष गर्ग का कहना है कि अब बुकिंग ज्यादा नहीं आ पा रही हैं। 25 दिन की शर्त से बुकिंग रुकी हैं। इससे जरूरतमंद को सिलिंडर जरूर और निर्धारित समय पर ही मिलेगा। यदि सरकार यह शर्त न लगाती तो वर्तमान समय में बुकिंग दोगुने से ज्यादा हो जाती। इसके बाद लोग घरों में सिलिंडर इकट्ठे कर लेते और किल्लत बढ़ जाती। उनकी एजेंसी में पांच दिन की वेटिंग चल रही है। सहायता के लिए हेल्पलाइन 0184-2285963 डीएफएससी ने बताया कि किसी भी समस्या या जानकारी के लिए नागरिक प्रशासन द्वारा जारी कंट्रोल रूम नंबर 0184-2285963 पर संपर्क कर सकते हैं। सरकार और प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और जिले में आवश्यक वस्तुओं की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।