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बड़ी राहत! हरियाणा में सफाई कर्मचारियों ने खत्म की हड़ताल, मांगों पर बनी बात

पंचकूला. ग्रामीण सफाई कर्मचारी यूनियन हरियाणा के बैनर तले 15 मई से चल रही ग्रामीण सफाई कर्मचारियों की हड़ताल शुक्रवार रात को खत्म हो गई। यूनियन प्रधान व अन्य पदाधिकारी ने हड़ताल खत्म होने की घोषणा की। साथ ही प्रदेश सरकार के मंत्री कृष्ण लाल पंवार और मंत्री कृष्ण बेदी ने यूनियन की 17 मांगों पर सहमति बनने की जानकारी दी। इससे पहले जीटी रोड स्थित पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में मंत्री कृष्ण बेदी और मंत्री कृष्ण लाल पवार के साथ कर्मचारी यूनियन पदाधिकारी की बैठक हुई। करीब 2 घंटे तक चली बैठक में 17 मांगों पर सहमति बनी। इसके बाद हड़ताल खत्म होने की घोषणा की गई। मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने बताया कि प्रदेश सरकार कर्मचारी हितकारी है और यूनियन की सभी जायज मांगे मान ली गई है यूनियन प्रधान ने कहा कि हड़ताल में प्रदेश भर के 10500 कर्मचारी शामिल हुए थे। पूरे प्रदेश में गांव में सफाई का काम 15 में से बंद था हम मांगे मान ली गई है। इसलिए सभी कर्मचारी सुबह काम पर लौट आएंगे। इसकी सूचना कर्मचारी तक पहुंचा दी गई है।

हरियाणा में NEET परीक्षा को लेकर सख्ती, पेपर लीक रोकने खुफिया तंत्र रहेगा एक्टिव

पंचकूला. 21 जून को होने वाली राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) को शांतिपूर्ण, निष्पक्ष एवं पारदर्शी ढंग से संपन्न करवाना हरियाणा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए पुलिस पूरी तरह अलर्ट है। खुफिया तंत्र सक्रिय रहेगा और मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी खुद पूरे मामले को मॉनिटर कर रहे हैं। इसी संबंध में शुक्रवार को पुलिस महानिदेशक अजय सिंघल ने उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। प्रदेश में कानून व्यवस्था, अपराध नियंत्रण, नीट परीक्षा की सुरक्षा व्यवस्था तथा नशामुक्त हरियाणा अभियान की भी समीक्षा की गई।  बैठक में प्रदेशभर के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक, पुलिस महानिरीक्षक, पुलिस आयुक्त, पुलिस अधीक्षक सहित अनेक वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। डीजीपी ने सभी अधिकारियों को राज्य सरकार की प्राथमिकताओं के अनुरूप गंभीरता, सतर्कता और योजनाबद्ध तरीके से कार्य करने के निर्देश दिए। डीजीपी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी परीक्षा केंद्रों का समय रहते निरीक्षण किया जाए तथा सुरक्षा, निगरानी एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं को पहले से सुनिश्चित किया जाए। विशेष रूप से खुफिया तंत्र को सक्रिय रखने के निर्देश देते हुए कहा कि पेपर लीक अथवा किसी भी प्रकार की अनियमितता पर हरियाणा पुलिस की नजर रहनी चाहिए। बैठक में नशामुक्त हरियाणा अभियान को लेकर भी व्यापक चर्चा की गई। अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक, हरियाणा राज्य नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो संजय कुमार ने कहा कि केंद्र व राज्य सरकार नशामुक्त अभियान को लेकर काफी संवेदनशील है तथा उच्च स्तर पर निगरानी की जा रही है। नशा तस्करी के नेटवर्क पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश एडीजीपी संजय कुमार ने कहा कि पड़ोसी राज्यों में बढ़ती नशा तस्करी का सीधा प्रभाव हरियाणा पर पड़ता है। ऐसे में डिमांड और सप्लाई दोनों स्तरों पर रणनीतिक कार्रवाई करना आवश्यक है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि नशा बिक्री अथवा स्टोरेज की सूचना मिलते ही तुरंत कार्रवाई की जाए। मेडिकल स्टोर एवं केमिस्ट एसोसिएशनों के साथ नियमित बैठकें आयोजित की जाएं तथा केमिस्ट शाप्स के स्टाक, सीसीटीवी सिस्टम और रिकार्ड की लगातार निगरानी की जाए। डीजीपी ने कहा कि वर्तमान में प्रदेश में कानून व्यवस्था की स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है, लेकिन हर परिस्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए पुलिस बल को सदैव तैयार रहना होगा। प्रत्येक जिले में गठित कानून एवं व्यवस्था कंपनियों का नियमित प्रशिक्षण सुनिश्चित किया जाए, ताकि किसी भी चुनौतीपूर्ण स्थिति में त्वरित एवं प्रभावी प्रतिक्रिया दी जा सके।

हरियाणा को जल्द मिलेगा नया मुख्य सचिव, अनुराग रस्तोगी के उत्तराधिकारी की दौड़ में 10 IAS

चंडीगढ़. हरियाणा में एक साल के सेवा विस्तार पर चल रहे मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी का कार्यकाल 30 जून को समाप्त हो जाएगा। ऐसे में कई वरिष्ठ आइएएस अधिकारियों ने मुख्य सचिव पद के लिए लॉबिंग शुरू कर दी है। वर्ष 1990 बैच के आइएएस अधिकारी अनुराग रस्तोगी को प्रदेश सरकार ने पिछले साल सेवानिवृत्ति से ठीक एक दिन पहले एक साल का सेवा विस्तार दिया था। उनका कार्यकाल अगले महीने समाप्त होने जा रहा है। मुख्य सचिव बनने की दौड़ में दस आइएएस अधिकारी शामिल हैं। इन दावेदारों में से नौ ऐसे अधिकारी हैं, जिनकी इसी साल अथवा अगले साल सेवानिवृत्ति है। ऐसे में सरकार को मुख्य सचिव पद की जिम्मेदारी देने के लिए गंभीर मंथन करना पड़ेगा। मुख्य सचिव पद के सबसे अहम दावेदार 1990 बैच के आइएएस सुधीर राजपाल हैं। राजपाल इसी साल नवंबर माह में सेवानिवृत्त होंगे। सुधीर राजपाल वर्तमान में गृह जैसे संवेदनशील विभाग संभाल रहे हैं। कानून-व्यवस्था, जेल प्रशासन और न्यायिक समन्वय जैसे विभाग सीधे सरकार के कोर प्रशासन से जुड़े होते हैं। वरिष्ठता के आधार पर वे सबसे आगे हैं। दावेदारों में शामिल आइएएस सुमिता मिश्रा दूसरी बड़ी दावेदार 1990 बैच की आइएएस सुमिता मिश्रा हैं। मिश्रा जनवरी 2027 में सेवानिवृत्त होंगी। इस समय वह राजस्व एवं आपदा प्रबंधन, वित्त आयुक्त,स्वास्थ्य विभाग,चिकित्सा शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी देख रही हैं। वर्ष 1990 बैच के आइएएस राजा शेखर वुंडरू इस समय परिवहन विभाग का जिम्मा संभाल रहे हैं, लेकिन वह जुलाई 2026 में सेवानिवृत्त हो जाएंगे। इस पद के लिए दावेदार 1991 बैच के आइएएस विनीत गर्ग सितंबर 2027 में सेवानिवृत्त होंगे और वर्तमान में उनके पास प्रिंटिंग एवं स्टेशनरी विभाग की जिम्मेदारी है। 1991 बैच के आइएएस अनिल मलिक अप्रैल 2028 में सेवानिवृत्त होंगे। मलिक वर्तमान में केंद्र में सेवाएं दे रहे हैं। इसी बैच की आइएएस अधिकारी जी अनुपमा नवंबर 2027 में सेवानिवृत्त होंगी। वर्तमान में वह सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग,नागरिक उड्डयन विभाग की जिम्मेदारी देख रही हैं। सेवानिवृत्त की लिस्ट में अपूर्व कुमार शामिल 1991 बैच के ही अपूर्व कुमार सिंह अक्टूबर 2027 में, केंद्र में सेवाएं दे रहे अभिलक्ष लिखी अक्टूबर 2026 में, 1992 बैच के आइएएस अरुण कुमार गुप्ता सितंबर 2026 में तथा 1993 बैच के आइएएस वी उमाशंकर जून 2028 में सेवानिवृत्त होंगे। उमाशंकर वर्तमान में सचिव, सडक़ परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय, भारत सरकार की जिम्मेदारी देख रहे हैं। उक्त सभी अधिकारी वरिष्ठता के आधार पर मुख्य सचिव पद के लिए प्रबल दावेदार हैं। अब सरकार द्वारा एक पैनल बनाकर बहुत जल्द नियुक्ति प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

अनिल विज का अधिकारियों पर एक्शन मोड, यमुनानगर बैठक में चेतावनी- गड़बड़ी करने वालों को नहीं छोड़ेंगे

यमुना नगर. जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक में कैबिनेट मंत्री अनिल विज ने पुलिस और बिजली निगम के अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाते हुए साफ कहा कि गलत काम करने वालों को ठीक करने के लिए ही वह सरकार में आए हैं। बैठक में चोरी, प्रशासनिक लापरवाही और विभागीय मिलीभगत से जुड़े मामलों पर सुनवाई हुई। सूचीबद्ध 15 शिकायतों के अलावा करीब 200 लोग अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे। बैठक के दौरान एक मामले में पुलिस अधिकारी ने मंत्री को बताया कि शिकायतकर्ता संतुष्ट है और उसने लिखित में दे दिया है। इस पर मंत्री ने तुरंत पूछा कि लिखित में किसके सामने दिया गया और उसका नाम क्या है। उन्होंने कहा कि केवल कागज दिखाकर शिकायतें बंद नहीं की जा सकतीं। हर मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। बिजली निगम को चेतावनी बिजली निगम से जुड़े मामलों में मंत्री ने अधिकारियों को कड़ी चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि पत्थर क्रेशर संचालकों से अधिकारियों की नजदीकी पर लगातार सवाल उठ रहे हैं। मंत्री ने साफ कहा कि किसी भी स्तर पर मिलीभगत बर्दाश्त नहीं की जाएगी और नियमों के अनुसार कार्रवाई होगी। बैठक के दौरान मंत्री ने कहा कि कुछ अधिकारी शिकायतकर्ताओं को बाहर बैठाकर मामले दबाने का प्रयास करते हैं, लेकिन अब यह व्यवस्था नहीं चलेगी। उन्होंने कहा कि वह सात बार विधायक रह चुके हैं और प्रशासनिक व्यवस्था को अच्छी तरह समझते हैं। मंत्री ने अधिकारियों से कानून पढ़कर आने की बात भी कही। शिकायतकर्ताओं को लेकर दिया संदेश मंत्री ने यह भी कहा कि जो भी शिकायतकर्ता उनके दरबार में आता है, वह खाली हाथ नहीं जाता। इसके बाद पुलिस अधीक्षक कमलदीप गोयल ने माइक संभालते हुए सभी शिकायतकर्ताओं को अंदर भेजने के निर्देश दिए। कैबिनेट मंत्री अनिल विज ने कहा कि अब जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक हर महीने के आखिरी शुक्रवार को दोपहर 12 बजे आयोजित होगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिकायतों की पूरी तैयारी के साथ बैठक में पहुंचे। 15 शिकायतों की जगह पहुंचे 200 लोग जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक में बड़ी संख्या में लोग अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे। बैठक में 15 शिकायतें सूचीबद्ध थीं, लेकिन करीब 200 शिकायतकर्ता मौके पर पहुंचे, जिससे अधिकारियों में भी हलचल बनी रही। अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताते हुए मंत्री अनिल विज ने कहा कि वह सात बार विधायक रह चुके हैं और प्रशासनिक मामलों को अच्छी तरह समझते हैं। उन्होंने कहा, पद भले छोटा हो, लेकिन अनुभव बहुत बड़ा है। सरकार में सबसे ज्यादा अनुभव उनको है।

स्थायी रोजगार की मांग को लेकर अड़े सफाई कर्मचारी, 31 मई तक जारी रहेगी हड़ताल; मंत्री के घर होगा प्रदर्शन

बाढड़ा/चंडीगढ़. ग्रामीण सफाई कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर लगातार संघर्षरत हैं। ग्रामीण सफाई कर्मचारी यूनियन सीटू के आह्वान पर चल रही हड़ताल शुक्रवार को 15वें दिन भी जारी रही। कर्मचारी धरने पर बैठकर सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी कर रहे हैं लेकिन सरकार अब तक उनकी मांगों को लेकर गंभीर नजर नहीं आ रही। ग्रामीण सफाई कर्मचारी पक्का कर्मचारी का दर्जा, 26 हजार रुपये मासिक वेतन लागू करने, एक्सग्रेसिया नीति लागू करने तथा 400 की आबादी पर स्थायी सफाई कर्मचारी भर्ती करने सहित कई मांगों को लेकर आंदोलनरत हैं। कर्मचारियों का कहना है कि वर्षो से गांवों की सफाई व्यवस्था संभालने के बावजूद उन्हें ना तो स्थायी रोजगार मिला है और ना ही सम्मान जनक वेतन। हड़ताल को 31 मई तक बढ़ाने का फैसला लिया गया है। 31 मई तक प्रदेश के मंत्रियों के आवासों पर रोष प्रदर्शन होगा। भिवानी, चरखी दादरी और रोहतक जिलों के ग्रामीण सफाई कर्मचारी 31 मई को सिंचाई मंत्री श्रुति चौधरी के आवास पर जोरदार प्रदर्शन करेंगे। धरने की अध्यक्षता संजय जीतपुरा ने की तथा संचालन सुरेश कुमार ने किया। यूनियन नेता सुरेश कुमार जेवली ने कहा कि ग्रामीण सफाई कर्मचारी पिछले 15 दिनों से लगातार आंदोलन कर रहे हैं। पंचायत सचिवों और सरपंचों की ओर से कर्मचारियों पर काम पर लौटने का दबाव बनाया जा रहा है। लेकिन कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर एकजुट हैं। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार प्रदेश के लगभग 10500 ग्रामीण सफाई कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान करने के बजाय केवल झूठे आश्वासन देने में लगी है। सीटू जिला संयोजक राजकुमार घिकाड़ा और जिला सह संयोजक कमलेश भैरवी ने कहा कि आज प्रदेश में महंगाई और बेरोजगारी बढ़ रही है।

रोहतक में 11 केवी लाइन पर हाथ साफ, 3700 मीटर बिजली तार चोरी से निगम को भारी चपत

महम/रोहतक. जिले के महम क्षेत्र में बिजली निगम की 11 केवी लाइन से हजारों मीटर तार चोरी होने का मामला सामने आया है। इस घटना से बिजली निगम को करीब तीन लाख रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है। मामले में थाना लाखनमाजरा पुलिस ने बिजली निगम की शिकायत पर केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। बिजली निगम के उपमंडल अधिकारी संजीत कुमार ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 24 मई की रात को सब स्टेशन से सूचना मिली थी कि 11 केवी बैंसी एपी लाइन में ब्रेकडाउन हो गया है। सूचना मिलते ही लाइन स्टाफ मौके पर पहुंचा और लाइन की जांच की गई। जांच के दौरान पता चला कि बैंसी से खरैंटी रोड की तरफ जाने वाली लाइन से एससीआर कंडक्टर चोरी कर लिया गया है। निगम के अनुसार मौके से करीब 3700 मीटर एससीआर कंडक्टर 50 एमएम2 गायब मिला। चोरी की घटना की सूचना तुरंत डायल-112 के माध्यम से पुलिस को दी गई। पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। बिजली निगम ने अपनी शिकायत में बताया कि चोरी हुए तार की कीमत करीब 3 लाख 2 हजार 475 रुपये है। निगम ने पुलिस से आरोपितों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने और चोरी हुआ सामान बरामद करवाने की मांग की है। साथ ही निगम को हुए आर्थिक नुकसान की भरपाई करवाने की भी अपील की गई है। शिकायत के आधार पर थाना लाखनमाजरा पुलिस ने बिजली अधिनियम की धारा 136 के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस आसपास के क्षेत्रों में जांच कर रही है और संदिग्ध लोगों से पूछताछ भी की जा रही है। मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और जल्द आरोपितों तक पहुंचने का प्रयास किया जाएगा।

हरियाणा में कृषि शिक्षा को बढ़ावा, महाराणा प्रताप बागवानी विश्वविद्यालय में खुलेंगे 14 विज्ञान केंद्र

करनाल. मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रदेश आज बागवानी क्षेत्र में देश के लिए एक माडल के रूप में उभर रहा है। महाराणा प्रताप बागवानी विश्वविद्यालय में अब पोस्ट हार्वेस्ट प्रबंधन, पौध कीट नियंत्रण और रोगों के नए विषयों पर भी मास्टर डिग्री और पीएचडी की शुरुआत की जाएगी। वर्तमान में विश्वविद्यालय की ओर से केवल फलों, सब्जियों और पुष्प उत्पादन में ही उच्च शिक्षा प्रदान की जा रही है। सरकार की ओर से 14 बागवानी विज्ञान केंद्र महाराणा प्रताप बागवानी विश्वविद्यालय को समर्पित किए जा रहे हैं, जो किसानों तक नवीनतम तकनीक, वैज्ञानिक परामर्श और गुणवत्तायुक्त पौध पहुंचाने में एक मजबूत सेतु का काम करेंगे। वह वीरवार को सीएसएसआरआइ में महाराणा प्रताप बागवानी विश्वविद्यालय व लेफ्टिनेंट अमित मेमोरियल फाउंडेशन के सौजन्य से चार दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन के उद्घाटन समारोह में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे। सम्मेलन 'अमृतकाल में बागवानी फसलों के लिए गुणवत्ता युक्त बीज एवं रोपण सामग्री का रणनीतिक प्रतिमान' विषय पर आधारित रहा। मुख्यमंत्री ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम शुरू किया। शहीद लेफ्टिनेंट अमित के चित्र पर श्रद्धा सुमन अर्पित किए और देश भर से आए बागवानी विज्ञानियों और प्रगतिशील किसानों को सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने चालू वित्त वर्ष के बजट प्रविधानों और आगामी योजनाओं का खाका खींचा। स्मार्ट बागवानी से एरोपोनिक्स, हाइड्रोपोनिक्स, ग्रीन हाउस और वर्टिकल फार्मिंग के तहत 1,000 एकड़ क्षेत्र को लाया जाएगा। प्रदेश में ग्रामीण हाट मंडियां बनेंगी, जिन्हें एफपीओ के पैक हाउस से जोड़ा जाएगा। पहली मंडी का उद्घाटन 23 दिसम्बर किसान दिवस को होगा। वर्ष 2026-27 से बागवानी फसलों के पंजीकरण के लिए यह पोर्टल पूरे वर्ष खुला रहेगा। इसके साथ ही एक कोल्ड चेन नीति लागू की जाएगी। हरियाणा आलू बीज अधिनियम मुख्यमंत्री ने कहा कि टिश्यू कल्चर से आलू बीज शृंखला के प्रमाणीकरण के लिए यह कानून लाया जाएगा, इससे प्रतिवर्ष 7.5 लाख क्विंटल उच्च गुणवत्ता युक्त बीज आलू उत्पादन होगा। अंबाला के चाणसौली में एमएचयू से संबंद्ध रीजनल रिसर्च सेंटर स्थापित होगा। मशरूम उत्पादन में अग्रणी जिलों (सोनीपत, पानीपत, अंबाला, करनाल, कुरुक्षेत्र) के लिए विशेष कार्यक्रम चलेंगे। नकली बीज-खाद पर पांच साल की सजा मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों को धोखाधड़ी से बचाने के लिए सरकार ने नया कानून बनाया है। नकली खाद, बीज या कीटनाशक बेचने वालों को पांच साल की सजा का प्रविधान किया गया है। मुख्यमंत्री ने बदलते दौर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, फार्मेसी सेंसर टेक्नोलाजी, बायो-टेक्नोलाजी और क्लाइमेट स्मार्ट एग्रीकल्चर को अपनाने तथा अंतरराष्ट्रीय मानकों को पूरा करने पर बल दिया। कृषि विज्ञानियों व प्रगतिशील किसानों का सम्मान 1. लाइफ टाइम रिकग्निशन अवार्ड-2026- प्रो. इंद्र मणि मिश्रा कुलपति, वीएनएमकेवी परभणी, महाराष्ट्र 2. अमित कृषि ऋषि पुरस्कार-2026: प्रो. वी प्रवीन राव कुलपति, कावेरी विश्वविद्यालय, तेलंगाना 3. अमित प्रबुद्ध मनीषी पुरस्कार-2026: डा. संजय कुमार चेयरमैन, एएसआरबी उद्यान रत्न पुरस्कार-2026 1. नितिन ललित : इनोवेटिव सजावटी बागवानी उद्यमी, करनाल 2. नवीन कुमार, प्रगतिशील सब्जी उत्पादक, दलवा, झज्जर 3. वीरेंद्र बाजवान, इनोवेटिव मशरूम उत्पादक, बाजवान, बडियाल, पंचकूला 4. कुलदीप आर्य प्रगतिशील फल एवं सब्जी उत्पादक, नारनौद, हांसी

दूषित पानी और बाहर का खाना बना बीमारी की वजह, अस्पतालों में मरीजों की लंबी कतारें

 भिवानी  लगातार बढ़ रही गर्मी अब लोगों की सेहत पर भारी पड़ने लगी है। तेज तापमान और दूषित पानी के कारण उल्टी-दस्त, पेट दर्द और डिहाइड्रेशन के मरीज तेजी से बढ़ रहे हैं। वीरवार को पंडित नेकीराम शर्मा राजकीय मेडिकल कालेज की ओपीडी बंद होने के बावजूद के अस्पताल के आपातकालीन विभाग में मरीजों की लंबी कतारें देखने को मिलीं। रोजाना 50 से 60 मरीज उल्टी-दस्त और पेट संबंधी समस्याओं को लेकर ओपीडी पहुंच रहे हैं। इनमें बच्चे, बुजुर्ग और युवा सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं। गर्मी की छुट्टियों में बच्चे बाहर खेल रहे हैं और खुले में बिकने वाले खाद्य पदार्थ खाने से बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। चिकित्सकों का कहना है कि दूषित पानी और बाहर का तला-भुना खाना पेट संबंधी बीमारियों की बड़ी वजह बन रहा है। अस्पतालों में आने वाले अधिकांश मरीजों को दवा के साथ खानपान और साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी जा रही है। दूषित पानी भी बढ़ा रहा समस्या अस्पताल में आने वाले मरीजों से बातचीत के दौरान सामने आया कि कालोनियों में सप्लाई हो रहा दूषित पानी भी एक मुख्य समस्या है। असल में शहर की अंदरूनी कॉलोनियों में सबसे अधिक दूषित पानी सप्लाई की समस्या बनी हुई है। सबसे अधिक बिचला बाजार, हालु बाजार, दिनोद गेट, नया बाजार, बर्तन बाजार, बाग कोठी, सराय चौपटा, हालुवास गेट, हनुमान गेट आदि क्षेत्र में समस्या बनी हुई है। डाक्टरों की सलाह, हल्का भोजन करें, धूप से बचें स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों से गर्मी में विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। डाक्टरों का कहना है कि साफ और शुद्ध पानी पीएं, खुले में बिकने वाले कटे फल और फास्ट फूड से दूरी बनाएं। मसालेदार और ज्यादा तैलीय भोजन से परहेज करें तथा हल्का और सुपाच्य भोजन लें। बच्चों को तेज धूप में बाहर न भेजें और जरूरत पड़ने पर सिर ढककर ही बाहर निकलें। साथ ही शरीर को ढकने वाले सूती कपड़े पहनने और नियमित हाथ धोने की सलाह भी दी गई है। विशेषज्ञों ने छह माह तक के बच्चों को मां का दूध पिलाने पर भी जोर दिया है। गर्मी में इन बातों का रखें खास ध्यान     बच्चों को धूप में खेलने से बचाएं     घर से निकलते समय सिर ढकें और पानी साथ रखें     साफ-सफाई और हाथ धोने की आदत अपनाएं     खुले खाद्य पदार्थ और फास्ट फूड से दूरी रखें     हल्का और ताजा भोजन करें     पर्याप्त मात्रा में स्वच्छ पानी पीएं  

हरियाणा को दिल्ली-कटड़ा एक्सप्रेसवे की सौगात, यात्रा समय में होगी बड़ी कटौती

चंडीगढ़. केंद्र सरकार द्वारा हाई-स्पीड दिल्ली-कटरा कारिडोर को मंजूरी दिए जाने से हरियाणा, पंजाब और जम्मू-कश्मीर के बीच कनेक्टिविटी मजबूत होगी। इस परियोजना के पूरा होने पर हरियाणा के पांच शहरों में आवागमन सुगम होने का रास्ता साफ हो गया है। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने राष्ट्रीय राजमार्ग अधिनियम 1956 के तहत अधिसूचना जारी कर इस परियोजना को राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क में शामिल कर लिया है। इसके बाद अब भूमि अधिग्रहण, रूट तय करने और अन्य विकास कार्यों की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। यह एक्सप्रेस-वे दिल्ली में रानीखेड़ा गांव के पास एनएच-344एम से शुरू होगा और जसौर खेरी गांव के पास कुंडली-मानेसर-पलवल एक्सप्रेस-वे से जुड़ेगा। इसके बाद यह हरियाणा और पंजाब के कई शहरों से गुजरते हुए जम्मू-कश्मीर के कटरा तक पहुंचेगा। हरियाणा में प्रस्तावित मार्ग सोनीपत के खरखौदा, गोहाना, बुटाना, कलायत और बारटा से होकर निकलेगा। वहीं, पंजाब में यह गुलजारपुर, पातड़ां, भवानीगढ़, धूरी, मलेरकोटला, अहमदगढ़, मुल्लांपुर दाखा, नूरमहल, करतारपुर और गुरदासपुर बाइपास जैसे इलाकों से होकर गुजरेगा। आखिर में यह कटरा के पास एनएच-144 से जुड़ेगा। केंद्र सरकार का मानना है कि एक्सप्रेस-वे बनने से दिल्ली से कटरा तक यात्रा तेज और आसान होगी। इससे माल ढुलाई, व्यापार और औद्योगिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। खासतौर पर माता वैष्णो देवी जाने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सडक़ सुविधा मिल सकेगी। यह परियोजना उत्तर भारत के लिए एक महत्वपूर्ण आर्थिक और रणनीतिक कारिडोर साबित हो सकती है। इससे छोटे शहरों में निवेश बढ़ने, लाजिस्टिक्स पार्क, होटल और सडक़ किनारे अन्य व्यावसायिक गतिविधियों के विकसित होने की संभावना है। निर्माण कार्य के दौरान बड़ी संख्या में रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे। दिल्ली-कटरा एनई-5 एक्सप्रेसवे बनने के बाद हरियाणा से जम्मू-कटरा की यात्रा में काफी समय कम होने की उम्मीद है। अनुमान लगाया जा रहा है कि यात्रा समय में चार से छह घंटे तक की कमी आ सकती है। अभी हरियाणा के ज्यादातर हिस्सों से कटरा पहुंचने में सडक़ मार्ग से करीब 10 से 14 घंटे तक लग जाते हैं।

बोरवेल अनुमति के लिए नहीं लगाने होंगे चक्कर, हरियाणा सरकार ने तय की 45 दिन की समयसीमा

चंडीगढ़. हरियाणा में अब 45 दिन के अंदर बोरवेल लगाने की अनुमति दी जाएगी। जल संसाधन (संरक्षण, विनियमन और प्रबंधन) प्राधिकरण ने भूजल निकालने के लिए अनापत्ति प्रमाणपत्र और अनुमति देने से जुड़े कार्यों को सेवा का अधिकार अधिनियम में शामिल कर लिया है। मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने इस संबंध में निर्देश जारी कर दिए हैं। पदाभिहित अधिकारी के रूप में मुख्य तकनीकी अधिकारी सुनिश्चित करेंगे कि निर्धारित समयावधि में अनापत्ति प्रमाणपत्र और अनुमति जारी कर दी जाए। 45 दिन में बोरवेल की अनुमति नहीं मिलने की स्थिति में प्रथम शिकायत निवारण प्राधिकारी मुख्य जल विज्ञानी के पास अपील की जा सकेगी। अगर फिर भी अनापत्ति प्रमाणपत्र जारी नहीं हुआ तो द्वितीय शिकायत निवारण प्राधिकारी के रूप में मुख्य कार्यकारी अधिकारी मामले को निपटाएंगे। वहीं, प्रदेश में अब भी 57 हजार किसानों के ट्यूबवेल कनेक्शन लंबित हैं। इनमें से 13 हजार 360 किसान पूरा शुल्क जमा करा चुके हैं, जिन्हें अगस्त अंत तक ट्यूबवेल कनेक्शन जारी करने का लक्ष्य रखा गया है। 31 दिसंबर 2023 तक किए गए आवेदनों के लिए मांग नोटिस जारी किए जा चुके हैं। पूरी लागत राशि जमा करा चुके उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम के 4241 और दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम के 9119 किसानों को छह महीने में बिजली कनेक्शन जारी कर दिए जाएंगे। 10 बीएचपी तक आवेदन करने वालों को आफ-ग्रिड सोलर पंप दिए जा रहे हैं। इसके अलावा एक जनवरी 2024 से 31 जनवरी 2026 के बीच आवेदन करने वाले 43 हजार 527 किसानों के ट्यूबवेल कनेक्शन लंबित हैं। इनमें उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम के 16 हजार 323 और दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम के 27 हजार 204 किसान शामिल हैं।