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NCR प्लान-2041 पर मंथन तेज, करनाल समेत 5 जिलों की सदस्यता पर संकट

पंचकूला वर्तमान में हरियाणा के 22 जिलों में से 14 जिले एनसीआर यानी राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में आते हैं। इनमें से पांच जिले जल्द ही बाहर हो सकते हैं। जी हां, हरियाणा सरकार इस बाबत 16 जून को बड़ा फैसला ले सकती है। ये पांच जिले कौन से हैं, सरकार यह फैसला क्यों ले रही है और यह NCR होता है क्या है? आइए इसे पूरे मामले को विस्तार से जानते हैं। क्या है NCR? राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) का संदर्भ दिल्ली के पड़ोसी राज्यों के जिलों से संबंधित है। दरअसल, 1951 के बाद दिल्ली में औद्योगिक विकास तेजी से हुआ। जिससे देश की राजधानी में अन्य राज्यों के लोग भी रोजगार और बेहतर सुविधाओं के लिए प्रवास करने लगे। दिल्ली पर इस बढ़ती आबादी और भीड़-भाड़ के दबाव को कम करने के लिए NCR की परिकल्पना की गई। इसी उद्देश्य के साथ साल 1985 में NCR प्लानिंग बोर्ड (NCRPB) का गठन किया गया, ताकि पूरे क्षेत्र का विकास एक व्यवस्थित योजना के तहत हो सके। अत: पड़ोसी राज्यों के कुछ शहर और जिलों में इसका विस्तार (100 KM तक) कर दिल्ली जैसी सुविधाएं और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जा सके। मौजूदा समय में एनसीआर में तीन राज्यों (हरियाणा, यूपी और राजस्थान) के 24 जिले शामिल हैं। इस सूची में सबसे ज्यादा जिले (14) हरियाणा के हैं, इन्हीं 14 जिलों के पांच जिलों को बाहर करने के प्रस्ताव पर अगले सप्ताह बैठक की जाएगी। हरियाणा के इन पांच जिलों में करनाल, जींद, महेंद्रगढ़, भिवानी और चरखी दादरी शामिल है।। इस बाबत एनसीआर प्लानिंग बोर्ड की 16 जून को होने वाली बैठक में इस प्रस्ताव पर चर्चा होगी। सरकार क्यों ले रही यह फैसला? दिल्ली से 100 किलोमीटर के दायरे से बाहर के जिलों को एनसीआर से बाहर करने के लिए हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान में केंद्रीय ऊर्जा और आवास व शहरी मामलों के मंत्री मनोहर लाल ने प्रयास शुरू किए थे। रीजनल प्लान-2041 के तहत एनसीआर सीमा को नए सिरे से तय करने का प्रस्ताव है। हरियाणा सरकार के प्रस्ताव को स्वीकृति मिली तो राज्य का एनसीआर क्षेत्र करीब 60 फीसदी तक सिमट सकता है। बैठक के मसौदे में प्रस्ताव है कि एनसीआर की सीमा राजघाट से 100 किमी के दायरे तक सीमित की जाए। अभी हरियाणा के 14 जिले किसी न किसी रूप में एनसीआर का हिस्सा हैं, जिसका कुल क्षेत्रफल 25 हजार वर्ग किलोमीटर से अधिक है। NCR से बाहर होने की वजह हरियाणा सरकार का तर्क है कि एनसीआर (NCR) के सख्त नियमों के कारण इन 5 जिलों को फायदे से ज्यादा भारी आर्थिक और व्यापारिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। दिल्ली से दूर मौजूद जींद या महेंद्रगढ़ जैसे जिलों में औद्योगिक विकास ठप होने की आशंका है। NGT और GRAP के कड़े नियमों के कारण उद्योगों और फैक्ट्रियों पर लगातार सख्त कार्रवाई होती है। इसके साथ ही 10 साल पुराने डीजल और 15 साल पुराने पेट्रोल वाहनों पर रोक से स्थानीय व्यापारियों और किसानों का परिवहन बजट बिगड़ जाता है। नए फॉर्मूले में क्या होगा? नए फॉर्मूले के लागू होने पर यह क्षेत्र घटकर करीब 10.5 हजार वर्ग किलोमीटर तक रह सकता है। उत्तर प्रदेश और राजस्थान ने उन तहसीलों को भी एनसीआर में शामिल रखने का सुझाव दिया है, जिनका कुछ हिस्सा 100 KM की सीमा में आता है, जबकि हरियाणा का तर्क है कि केवल एनसीआर की सीमा में पूरी तरह आने वाली तहसीलों को ही रखा जाए।

दिल्ली की हवा में सुधर के संकेत, AQI गिरा—एनसीआर का प्रदूषण स्तर कैसा?

नई दिल्ली राजधानी दिल्ली की हवा एक बार फिर जहरीली हो गई है। इंडिया गेट और कर्तव्य पथ जैसे प्रमुख क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता सूचकांक 222 दर्ज किया गया, जिसे 'खराब' श्रेणी में रखा गया है। इसी तरह, आईटीओ में भी एक्यूआई 269 तक पहुंच गया है, जो गंभीर वायु प्रदूषण का संकेत है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा जारी किए गए इन आंकड़ों ने राजधानीवासियों की चिंता बढ़ा दी है। सर्दियों के आगमन के साथ ही दिल्ली में वायु प्रदूषण की समस्या हर साल गहराती जाती है। विभिन्न कारकों, जैसे वाहनों से निकलने वाला धुआं, निर्माण गतिविधियों से उड़ने वाली धूल, और पड़ोसी राज्यों में पराली जलाने की घटनाओं के कारण हवा की गुणवत्ता तेजी से गिरती है। इस वर्ष भी स्थिति कुछ अलग नहीं है। इंडिया गेट और कर्तव्य पथ जैसे पर्यटक आकर्षणों और सरकारी प्रतिष्ठानों वाले क्षेत्रों में जहरीले स्मॉग की चादर बिछ जाना, इस बात का प्रमाण है कि समस्या कितनी विकट हो चुकी है। 7 दिन बाद 8 डिग्री के नीचे गिरेगा पारा, बढ़ेगी ठिठुरन राजधानी में आने वाले दिनों में न्यूनतम पारा 8 डिग्री सेल्सियस के नीचे पहुंचेगा। मौसम विभाग के अनुसार, इस बीच मौसम साफ रहने का अनुमान है। हालांकि, सुबह में हल्की से मध्यम धुंध या कोहरा देखने को मिल सकता है। 4 से 5 दिसंबर तक तापमान में बदलाव आएगा, जो 7 से 9 डिग्री सेल्सियस के बीच रहेगा। राजधानी में खिली धूप के बाद भी ठिठुरन बढ़ गई है। ऐसे में न्यूनतम के साथ-साथ अब अधिकतम तापमान में भी गिरावट है। शनिवार को सुबह से ही मौसम में ठंडक थी। जैसे-जैसे दिन चढ़ता गया, वैसे-वैसे दिन में सूरज की गर्मी का हल्का अहसास हुआ। इसी बीच अधिकतम तापमान 26.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 0.5 डिग्री अधिक रहा। भारत के मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार, न्यूनतम तापमान 10.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया, जो मौसम के औसत से 0.1 डिग्री अधिक है। दिल्ली में अधिकतम आर्द्रता 100 प्रतिशत और न्यूनतम आर्द्रता 36 प्रतिशत रही। वहीं, रिज सबसे ठंडा इलाका रहा। यहां न्यूनतम पारा 9.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। आईएमडी का अनुमान है कि रविवार को सुबह धुंध व कोहरे के साथ आसमान साफ रहेगा। तेज बयार से प्रदूषण में आया कुछ सुधार राजधानी में हवा की तेज गति से वायु प्रदूषण में कुछ कमी आई है। शनिवार सुबह की शुरुआत धुंध और हल्के कोहरे के बीच आसमान में स्मॉग की हल्की चादर भी दिखाई दी। कम दृश्यता के बीच वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 305 दर्ज किया गया जो यह हवा की बेहद खराब श्रेणी में रही। इसमें शुक्रवार की तुलना में 64 सूचकांक की गिरावट दर्ज की गई। शनिवार को एनसीआर में इतना रहा प्रदूषण का स्तर एनसीआर में नोएडा की हवा सबसे अधिक प्रदूषित रही। यहां एक्यूआई 310 दर्ज किया गया। ग्रेटर नोएडा में 288, गाजियाबाद में 299 और गुरुग्राम में 262 एक्यूआई दर्ज किया गया। इसके अलावा, फरीदाबाद की हवा सबसे साफ रही। यहां सूचकांक 212 दर्ज किया गया। यह हवा की खराब श्रेणी है। दिल्ली में वायु गुणवत्ता प्रबंधन के लिए निर्णय सहायता प्रणाली के अनुसार, वाहन से होने वाला प्रदूषण 18.78 फीसदी रहा। इसके अलावा पराली जलाने से होने वाला प्रदूषण 1.26, निर्माण गतिविधियों से 2.88, पेरिफेरल उद्योग से 4.38 और आवासीय इलाकों की भागीदारी 4.83 फीसदी रही। सीपीसीबी के अनुसार, शनिवार को हवा उत्तर से उत्तर पश्चिम दिशा से 15 किलोमीटर प्रतिघंटे के गति से चली। वहीं, अनुमानित अधिकतम मिश्रण गहराई 1250 मीटर रही। इसके अलावा, वेंटिलेशन इंडेक्स 6900 मीटर प्रति वर्ग सेकंड रहा। दूसरी ओर, दोपहर तीन बजे हवा में पीएम10 की मात्रा 257.6 और पीएम2.5 की मात्रा 140.4 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर दर्ज की गई। वहीं, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) का पूर्वानुमान है कि मंगलवार तक हवा बेहद खराब श्रेणी में ही बरकरार रहेगी। इसके चलते सांस के मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा। साथ ही, लोगों को आंखों में जलन जैसी समस्या का सामना करना पड़ सकता है।

भारी बारिश ने बिगाड़ा दिल्ली-NCR का हाल, 250 फ्लाइट्स प्रभावित, सड़कें बनी तालाब

नई दिल्ली दिल्ली-एनसीआर के कई इलाकों में भारी बारिश ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। राजधानी की सड़कें तालाब में बदल गई हैंजिससे ट्रैफिक जाम की समस्या पैदा हो गई है। इसके अलावा फ्लाइट ऑपरेशन पर मौसम का असर देखने को मिल रहा है। एक तरफ दिल्ली एयरपोर्ट ने यात्रियों के लिए एडवाइजरी जारी की है तो वहीं flightradar24.com के मुताबिक खराब मौसम के चलते दिल्ली एयरपोर्ट पर आने-जाने वाली करीब 250 फ्लाइट लेट चल रही हैं। भारी बारिश और जलभराव का सिलसिला दिल्ली एनसीआर में आगे भी जारी रह सकता है क्योंकि मौसम विभाग ने फिर भारी बारिश की चेतावनी देते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है और लोगों को सतर्क रहने के लिए कहा है। दिल्ली एनसीआर में पिछले 24 घंटों में भारी बारिश हुई है, जिससे निचले इलाकों में जलभराव हो गया है। नालों का पानी सड़कों पर आ गया है, जिससे जलभराव की समस्या और भी बढ़ गई है। आईएमडी के अनुसार, अगले 2-3 घंटों में दिल्ली के कई हिस्सों में मध्यम बारिश होने की संभावना है। मौसम एजेंसी ने लोगों को घर के अंदर रहने और पेड़ों या कमज़ोर ढाचों के नीचे न छिपने की सलाह दी है। उन्हें घर से निकलने से पहले ट्रैफिक की भी जांच करने की सलाह दी गई है। उधर दिल्ली एयरपोर्ट ने भी यात्रियों के लिए एडवाइडरी जारी की है।   दिल्ली एयरपोर्ट ने कहा है कि मौसम विभाग ने दिल्ली में मौसम को लेकर चेतावनी जारी की है। फिलहाल उड़ान संचालन सामान्य है लेकिन यात्रियों को सलाह दी डाती है कि उड़ानों से जुड़ी ताजा जानकारी के लिए संबंधित एयरलाइन से संपर्क करें। उधर दिल्ली में बारिश के चलते प्रगति मैदान, डिफेंस कॉलोनी और प्रीत विहार जैसे इलाकों में पानी भर गया है। पश्चिम विनोद नगर, एम्स, पटपड़गंज, मयूर विहार और संगम विहार जैसे इलाकों में जलभराव की स्थिति रही। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि दिल्ली-नोएडा-डायरेक्ट (डीएनडी) फ्लाईवे, मथुरा रोड, विकास मार्ग, आईएसबीटी, गीता कॉलोनी और राजाराम कोहली मार्ग पर यातायात प्रभावित हुआ। बदरपुर से आश्रम तक वाहनों की लाइन लग गई, जिससे ऑफिस जाने वालों और स्कूल बसों को भारी असुविधा हुई। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने कहा कि भीड़ को नियंत्रित करने और गाड़ियों के प्रवाह को नियंत्रित करने के लिए टीम को कई स्थानों पर तैनात किया गया है। एक अधिकारी ने बताया, बारिश और कुछ इलाकों में जलभराव के कारण यातायात धीमा रहा। स्थिति को सामान्य बनाने और यात्रियों की सहायता के लिए हमारे कर्मियों को तैनात किया गया है।