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आयुष्मान योजना से हटेंगे हरियाणा के निजी अस्पताल, करोड़ों के बिल लंबित होने पर डॉक्टरों ने लिया कड़ा फैसला

चंडीगढ़ सात अप्रैल को हुई ऑनलाइन बैठक में राज्यभर के अस्पतालों ने बड़ा फैसला लेते हुए अपने सरेंडर लेटर आईएमए हरियाणा अध्यक्ष को सौंपने का निर्णय लिया। हरियाणा में आयुष्मान भारत योजना पर बड़ा संकट गहराता जा रहा है। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन हरियाणा ने संकेत दिए हैं कि राज्य के अस्पताल अब इस योजना को जारी रखने की स्थिति में नहीं हैं। आईएमए की ओर से आयुष्मान भारत हेल्थ प्रोटेक्शन अथॉरिटी के सीईओ को भेजे गए पत्र में कई गंभीर खामियों और लंबित मुद्दों को उठाया गया है। अस्पतालों का कहना है कि योजना के तहत 15 दिन में भुगतान का प्रावधान है, लेकिन सितंबर 2025 से ही करोड़ों रुपये के बिल लंबित पड़े हैं। लगातार हो रही इस देरी से निजी अस्पतालों की आर्थिक स्थिति पर दबाव बढ़ता जा रहा है, जिससे सेवाएं जारी रखना मुश्किल हो गया है। सात अप्रैल को हुई ऑनलाइन बैठक में राज्यभर के अस्पतालों ने बड़ा फैसला लेते हुए अपने सरेंडर लेटर आईएमए हरियाणा अध्यक्ष को सौंपने का निर्णय लिया। आईएमएने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने जल्द ठोस कदम नहीं उठाए, तो 20 अप्रैल 2026 से आयुष्मान भारत योजना के तहत सेवाएं पूरी तरह बंद कर दी जाएंगी।   कमेटियां ठप, फैसले अटके जनवरी 2025 में मुख्यमंत्री स्तर पर आईएमए प्रतिनिधियों को एम्पैनलमेंट और ग्रीवेंस कमेटियों में शामिल करने की मंजूरी दी गई थी, लेकिन अब तक इसे लागू नहीं किया गया। इससे अस्पतालों से जुड़े कई अहम फैसले लंबित हैं। पांच महीने से नहीं हुई बैठक पिछले पांच महीनों से मासिक बैठकें भी नहीं हुई हैं। इसके चलते नए अस्पतालों का पैनल में जुड़ना और नई स्पेशलिटी की मंजूरी पूरी तरह ठप पड़ी है। लाखों मरीजों पर पड़ेगा असर अगर अस्पतालों ने सेवाएं बंद कर दीं, तो इसका सीधा असर गरीब और जरूरतमंद मरीजों पर पड़ेगा, जो इस योजना के तहत मुफ्त इलाज पर निर्भर हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि सरकार और अस्पतालों के बीच जल्द समाधान नहीं निकला तो स्वास्थ्य व्यवस्था पर बड़ा संकट खड़ा हो सकता है।  

महज 600 रुपये में मिलेगा 5 किलो वाला गैस सिलिंडर, आईडी कार्ड दिखाकर तुरंत मिलेगी डिलीवरी और 15 हजार परिवारों को बड़ी राहत

करनाल जिले में रसोई गैस संकट के बीच अब 5 किलो वाले छोटू सिलिंडरों की सप्लाई शुरू होने से बड़ी राहत मिलने की उम्मीद जगी है। गैस कंपनियों की ओर से हर एजेंसी को लॉट वाइज 35-35 छोटू सिलिंडर का कोटा दिया जा रहा है। इससे धीरे-धीरे सप्लाई बहाल करने की कोशिश की जा रही है। वीरवार को जिले की कई गैस एजेंसियों में छोटू सिलिंडर की सप्लाई पहुंच चुकी है, जबकि कुछ एजेंसियों में अभी सप्लाई आना बाकी है। अधिकारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में सभी एजेंसियों तक यह सप्लाई पहुंचा दी जाएगी। इससे जिले के करीब 15 हजार प्रवासी परिवारों को लाभ मिलेगा। बता दें कि अब तक जिले में रहने वाले प्रवासी परिवार ब्लैक से 300 रुपये किलोग्राम के रेट से गैस भरवा रहे थे। एक सिलिंडर को भरवाने में उन्हें 1500 रुपये तक खर्च करने पड़ते थे। इस समस्या से उन्होंने गैस की बजाए दूसरे विकल्प अपनाए लेकिन राहत नहीं मिली। किसी के घर में रोटी नहीं बनी तो किसी के बच्चों का दूध तक गर्म नहीं हो पाया। ऐसी परिस्थितियों को देखते हुए सरकार ने बिना कनेक्शन लिए महज आईडी कार्ड पर सिलिंडर दिलवाने का प्लान किया है। पहली बार में 1541 रुपये देने होंगे 5 किलो वाले सिलिंडर की कीमत जिले में 597.50 रुपये तय की गई है। हालांकि, उपभोक्ताओं को पहली बार सिलिंडर लेने के लिए जमानत राशि भी जमा करवानी होगी। छोटू सिलिंडर लेते समय उपभोक्ता को कुल 1541 रुपये चुकाने होंगे, जिसमें 944 रुपये जमानत राशि और 597.50 रुपये गैस की कीमत शामिल है। खास बात ये है कि सिलिंडर वापस करने पर आपको 944 रुपये की बजाए 800 रुपये मिलंगी। जमानत राशि में से जीएसटी कटने के कारण पूरी रकम वापस नहीं मिलेगी। हालांकि ये गैस कमर्शियल गैस सिलिडर से भी मंहगी पड़ रही है। पांच किलो के सिलिंडर की गैस 120 रुपये किलो पड़ेगीै। जबकि 19 किलो वाला कमर्शियल सिलिंडर करीब 112 रुपये प्रति किलो के हिसाब से पड़ता है। इनके अलावा घरेलू गैस सिलिंडर की गैस करीब 65 रुपये प्रति किलो के हिसाब से बनती है। हालांकि फिर भी प्रवासियों को इससे काफी राहत मिलेगी। अब ये लोग बाहर से 1500 की बजाए 600 रुपये में गैस का इस्तेमाल कर सकेंगे। प्रवासी मजदूरों को मिलेगी राहत एलपीजी फेडरेशन के सदस्य सुभाष गर्ग ने कहा कि अब तक गैस की कमी के चलते ब्लैक में महंगी दरों पर सिलिंडर खरीदने को मजबूर थे। अब छोटू सिलिंडर की उपलब्धता बढ़ने से इन प्रवासियों को बड़ी राहत मिलेगी और उन्हें ब्लैक मार्केट से महंगी गैस खरीदने की जरूरत नहीं पड़ेगी। फिलहाल सीमित कोटा मिलने के कारण वितरण लॉट में किया जा रहा है, ताकि ज्यादा से ज्यादा उपभोक्ताओं तक सिलिंडर पहुंच सके। आने वाले दिनों में मांग अनुसार सप्लाई बढ़ाई जाती है तो स्थिति और बेहतर हो सकती है।  

सस्ता और सुलभ होगा सफर, गुरुग्राम में 55 रुपये प्रति किमी की दर पर चलेंगी ई-बसें, जीएमडीए ने जारी किया ठेका

गुरुग्राम गुरुग्राम में यात्रियों की सुविधा के लिए जुलाई से 100 नई ई-बसें शुरू की जाएंगी। गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण ने इसके लिए पीएमआई इलेक्ट्रो मोबीलिटी को ठेका दे दिया है। वर्तमान में चल रही 150 सीएनजी बसें पुरानी होने के कारण अक्सर खराब हो जाती हैं जिससे लोगों को काफी परेशानी होती है। नई ई-बसों का संचालन 55.47 रुपये प्रति किलोमीटर की दर पर होगा जो मौजूदा बसों के खर्च से काफी कम है। इन बसों के लिए सेक्टर-10 में डिपो तैयार है। सड़कों पर दौड़ेंगी 100 ई-बसें अधिकारियों ने बताया कि गुरुग्राम में जुलाई से 100 ई-बसें सड़कों पर दौड़ेंगी। इसको लेकर गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण ने पीएमआई इलेक्ट्रो मोबीलिटी सॉल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड को ठेका स्वीकृति पत्र जारी कर दिया है। प्रति किलोमीटर 55 रुपये 47 पैसे आएगा खर्च 55 रुपये 47 पैसे प्रति किलोमीटर के हिसाब से बस संचालन की एवज में इस कंपनी को गुरुग्राम महानगर सिटी बस लिमिटेड (जीएमसीबीएल) की तरफ से भुगतान किया जाएगा। मौजूदा समय में गुरुग्राम में 150 सीएनजी बस हैं। करीब आठ साल पुरानी बस होने की वजह से आए दिन इसमें खराबी आती रहती है। रोजाना 15 से 20 बस बीच रास्ते में दम तोड़ रही है। पुरानी बसों पर खर्च ज्यादा यही नहीं इन बसों को करीब 95 रुपये प्रति किलोमीटर के हिसाब से भुगतान किया जा रहा है। जीएमडीए ने पीएम ई-सेवा के तहत सब्सिडी पर 100 ई-बस मुहैया कराने का आग्रह दो साल पहले किया था। गत 16 फरवरी को मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में ई-बस के संचालन को लेकर उच्चस्तरीय खरीद समिति की बैठक में ठेकेदार कंपनी से नेगोसिएशन हुई थी। इसके बाद सिटी बसों के संचालन का रास्ता साफ हो गया था। यात्री फिलहाल परेशान बस कम होने से लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। द्वारका एक्सप्रेसवे डिवेलपमेंट एसोसिएशन के पदाधिकारी सुनील सरीन ने बताया कि पिछले दो साल से जीएमसीबीएल और जीएमडीए से सिटी बस के संचालन की मांग कर रहे हैं। उनसे आग्रह किया है कि यशो भूमि और द्वारका मेट्रो स्टेशन को सिटी बस सेवा से जोड़ा जाए। ई-बस डिपो तैयार गुरुग्राम महानगर सिटी बस लिमिटेड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी विश्वजीत चौधरी ने कहा कि कई-बस के आते ही इनका संचालन शुरू कर दिया जाएगा। सेक्टर-10 में ई-बस डिपो तैयार किया जा चुका है। सेक्टर-48 में भी ई-बस डिपो जल्द बनकर तैयार हो जाएगा। बसों के आने के बाद परिवहन सेवा बेहतर होगी। लोगों को आवागमन में राहत मिलेगी। बस रूट भी तैयार ई-बस संचालन को लेकर सेक्टर-10 में ई-बस डिपो बनकर तैयार हो चुका है। बिजलीघर भी बन चुका है। डीएचबीवीएन से बिजली कनेक्शन के लिए आवेदन किया जा चुका है। सेक्टर-48 में ई-बस डिपो निर्माणाधीन है। ई-बस के संचालन को लेकर जीएमसीबीएल की तरफ से बस रूट तैयार किए जा चुके हैं।

हरियाणा में महिलाओं को राहत: लाडो लक्ष्मी योजना की आय सीमा बढ़ी, ज्यादा परिवार होंगे लाभार्थी

चंडीगढ़. हरियाणा की आधी आबादी को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के संकल्प के साथ मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अपनी 'लाडो लक्ष्मी योजना' का दायरा बढ़ा दिया है। बुधवार को हुई कैबिनेट की अहम बैठक में सरकार ने उन परिवारों की महिलाओं को भी इस योजना से जोड़ने का फैसला किया है, जिनकी सालाना आय 1.80 लाख रुपये तक है। मुख्यमंत्री ने पिछले महीने विधानसभा बजट सत्र के दौरान इस आय सीमा को बढ़ाने का जो वादा किया था, उसे अब कैबिनेट की मंजूरी के साथ अमलीजामा पहना दिया गया है। इस फैसले के बाद प्रदेश की लाखों नई लाभार्थी महिलाएं इस सरकारी कवच के दायरे में आ जाएंगी। इस योजना की सबसे अनूठी बात इसकी वितरण प्रणाली है। सरकार पात्र महिलाओं के बैंक खातों में कुल 2,100 रुपये की मासिक किस्त डालती है, लेकिन यह पूरी राशि एक साथ खर्च करने के लिए नहीं होती। इसमें से 1,100 रुपये महिला के बचत खाते में जमा किए जाते हैं, जिसे वह अपनी तात्कालिक जरूरतों के लिए हर महीने निकाल सकती है। वहीं, शेष 1,000 रुपये सावधि बैंक खाते यानी आरडी (RD) में जमा होते हैं। यह आरडी खाता 5 साल के लिए संचालित किया जाता है, जिससे एक निश्चित समय के बाद महिलाओं के हाथ में एक मुश्त मोटी रकम आती है, जो उनके भविष्य या बच्चों की जरूरतों के काम आ सके। सरकार ने केवल गरीबी रेखा के नीचे रहने वाली महिलाओं को ही नहीं, बल्कि शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन करने वाले बच्चों के परिवारों को भी प्रोत्साहित किया है। संशोधित नियमों के मुताबिक, जिन बच्चों ने 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं में 80 प्रतिशत से अधिक अंक हासिल किए हैं, उनकी माताओं को भी इस योजना का लाभ दिया जा रहा है, बशर्ते उनकी पारिवारिक आय 1.80 लाख रुपये तक हो। यह कदम समाज में बेटियों और बेटों की पढ़ाई के प्रति एक सकारात्मक माहौल बनाने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।

खाली हो चुके स्कूलों में लौटी रौनक, एसडीएम के आदेश के बाद जनगणना ड्यूटी छोड़ क्लासरूम पहुंचे शिक्षक

  अंबाला स्कूलों में शिक्षकों की कमी के कारण बच्चों की पढ़ाई ठप नहीं होगी। जनगणना कार्य में जुटे शिक्षकों को वापस बुलाने का निर्णय लेते हुए विभाग ने अब केवल 50 प्रतिशत स्टाफ की ही ड्यूटी लगाने का फैसला किया है। कई दिनों से जनगणना कार्य के चलते अधिकांश शिक्षक स्कूलों से नदारद थे। इसका असर विद्यार्थियों की पढ़ाई पर पड़ रहा था। बोर्ड परीक्षाओं और वार्षिक सत्र की महत्ता को देखते हुए विभाग पर लगातार दबाव बना हुआ था। अब नए आदेशों के बाद शिक्षकों ने स्कूलों में कार्यभार संभाल लिया है। इससे रुकी हुई कक्षाएं दोबारा शुरू हो गई हैं शिक्षकों की वापसी से पिछड़ चुके पाठ्यक्रम को समय पर पूरा करने में मदद मिलेगी। आगामी परीक्षाओं को देखते हुए स्कूलों में अब विशेष कक्षाओं का आयोजन किया जा सकेगा। स्कूल खाली होने से जो अभिभावक परेशान थे, वे अब बच्चों को वापस भेजने के लिए उत्साहित हैं। खाली हो गए थे स्कूल जनगणना ड्यूटी के कारण जिले के लगभग 60 से अधिक स्कूल प्रभावित हो गए थे। इनमें से कुछ स्कूल पूरी तरह से शिक्षक के बिना रह गए थे। जिन प्राथमिक स्कूलों में एक ही शिक्षक था, उसकी भी ड्यूटी लगा दी गई थी। इसके अलावा जहां 20 से 25 शिक्षक थे, उस स्कूल का पूरा स्टाफ भी जनगणना के कार्य में लगा दिया गया था। इस मामले पर जिला प्राथमिक शिक्षक संघ व अन्य यूनियनों ने विभागीय अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर 50-50 प्रतिशत फॉमूर्ला लागू करने का आग्रह किया था। वर्जन बच्चों की शिक्षा हमारी प्राथमिकता है। जनगणना कार्य भी अनिवार्य है इसलिए 50-50 प्रतिशत का फॉर्मूला निकाला गया है। – कनिका गोयल, एसडीएम, अंबाला  

ईस्ट-टु-वेस्ट कनेक्टिविटी और RRTS कॉरिडोर में तकनीकी टकराव, क्या एक ही पिलर पर चलेगी ट्रेन और गाड़ियां

फरीदाबाद  शहर की कनेक्टिविटी को विश्वस्तरीय बनाने के उद्देश्य से तैयार की गई दो महत्वाकांक्षी परियोजनाएं, ईस्ट-टु-वेस्ट कनेक्टिविटी (बाटा रूट) और नमो भारत (RRTS) अब एक-दूसरे के सामने आ खड़ी हुई हैं। दोनों परियोजनाओं का रूट और अलाइनमेंट लगभग एक समान होने के कारण निर्माण से पहले ही तकनीकी टकराव की स्थिति बन गई है। इस चुनौती को सुलझाने के लिए फरीदाबाद मेट्रोपॉलिटन डेवलपमेंट अथॉरिटी (FMDA) और RRTS के अधिकारी लगातार मंथन कर रहे हैं। हालांकि, इस कारण परियोजनाओं में देरी की आशंका भी जताई जा रही है। ये आ रही दिक्कत ईस्ट-टू-वेस्ट कनेक्टिविटी प्रॉजेक्ट के तहत बाटा चौक से एनआईटी होते हुए सैनिक कॉलोनी से फरीदाबाद गुरुग्राम रोड से कनेक्ट होगा। वहीं, गुरुग्राम से फरीदाबाद आने वाली नमो भारत ट्रेन का रूट भी इसी अलाइनमेंट से गुजर रहा है। आरआरटीएस कॉरिडोर सैनिक कॉलोनी से मस्जिद चौक, हार्डवेयर चौक और बाटा चौक होते हुए ग्रेटर फरीदाबाद की ओर जाएगा। दोनों परियोजनाओं के पिलर और ढांचा लगभग एक ही स्थान पर प्रस्तावित होने के कारण तकनीकी अड़चन सामने आई है। ईस्ट-टू-वेस्ट प्रॉजेक्ट एक नजर में यह परियोजना पश्चिम में एनआईटी फरीदाबाद को पूर्व में ग्रेटर फरीदाबाद से जोड़ेगी। इस प्रोजेक्ट से शहर के अंदर का जाम कम होगा और ग्रेटर फरीदाबाद की गुरुग्राम से बेहतर कनेक्टिविटी बेहतर होगी। प्रारंभ: ग्रेटर फरीदाबाद के बीटीपी श्रेत्र से। रूट: नैशनल हाइे को पार करते हुए बाटा चौक, फिर, हार्डवेयर चौक, प्याली चौक, सब्जी मंडी औ अनाज गौदाम होते हुए मस्जित चौक से सैनिक कॉलोनी तक। समाधान की तलाश: पैरलल अलाइनमेंट? तकनीकि दिक्कत को दूर करने के लिए होगी मंथन कंबाइंड अलाइनमेंट: हो सकता है कि ईस्ट-वेस्ट एलिवेटेड रोड और नमो भारत का रूट एक साथ चलाया जाए। अलाइनमेंट री-डिजाइन: रूट में थोड़ा बदलाव किया जा सकता है ताकि पिलर एक-दूसरे के काम में बाधा न डाले। संयुक्त पिलर तकनीक: क्या कुछ हिस्सों में एक ही पिलर पर ऊपर ट्रेन और नीचे सड़क संभव हैं? अधिकारी इस संभावना पर विचार कर सकते हैं। दोनों परियोजनाएं शहर के लिए बेहत जरूरी है। अधिकारियों का प्रयास है कि न्यूनतम बदलाव के साथ जल्द अंतिम अलाइनमेंट तय कर लिया जाए, ताकि फरीदाबाद को गुरुग्राम और नोएडा से जोड़ने की योजना समय पर साकार हो सके। देरी की आशंका से चिंता बढ़ी यदि अनाइनमेंट में बदलाव होता है तो नई ड्रॉइंग, डिजाइन और तकनीकी सर्वे की जरूरत पड़ेगी। इससे प्रॉजेक्ट की शुरुआत और समय सीमा प्रभावित हो सती है। पहले से ट्रैफिक के जाम से जूझ रहे शहरवासियों के लिए यह स्थिति चिंता बढ़ाने वाली है। क्योंकि उन्हें इस महत्वपूर्ण कॉरिडोर के और इंतजार करना पड़ सकता है।

ईंधन संकट की मार अब निर्माण सामग्री पर, गुड़गांव में सीमेंट के दाम बढ़ने से बिगड़ा लोगों का बजट

गुरुग्राम  शहर में इन दिनों सीमेंट के दामों में लगातार बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। इससे आम लोगों की जेब पर सीधा असर पड़ रहा है। घर बनाना अब पहले की तुलना में काफी महंगा हो गया है। बाजार से मिली जानकारी के अनुसार, केवल अप्रैल माह में ही सीमेंट की कीमतों में प्रति बोरी करीब 10 से 20 रुपये तक का इजाफा हुआ है। व्यापारियों का कहना है कि आगे कीमतों को लेकर अभी कुछ नहीं कहा जा सकता, क्योंकि बाजार की स्थिति लगातार बदल रही है। स्थानीय दुकानदारों के अनुसार, इस बढ़ोतरी के पीछे ईंधन की बढ़ती कीमतें एक बड़ा कारण हैं। डीजल और अन्य ईंधनों के महंगे होने से सीमेंट की पैकेजिंग, ढुलाई (ट्रांसपोर्ट) और अन्य खर्चों में वृद्धि हुई है, जिसका सीधा असर ग्राहकों की जेब पर पड़ रहा है। बढ़े हुए रेट पर आ रहा सीमेंट दुकानदारों का कहना है कि कंपनियों की ओर से ही बढ़े हुए रेट पर सीमेंट सप्लाई किया जा रहा है, जिससे वे मजबूरी में महंगे दामों पर बिक्री कर रहे हैं। हर खेप पर बढ़े ट्रांसपोर्ट खर्च के कारण खुदरा बाजार में कीमतें लगातार ऊपर जा रही हैं। घर बनवाने का बिगड़ा बजट     घर बनवा रहे लोगों ने बताया कि पहले जो बजट तय किया था, अब वह पूरी तरह बिगड़ चुका है।     सीमेंट के साथ-साथ अन्य निर्माण सामग्री के दाम भी बढ़ने से कुल लागत में भारी इजाफा हुआ है।     कई लोगों ने बढ़ती लागत के चलते अपने निर्माण कार्य को धीमा कर दिया है या फिलहाल रोक दिया है। अभी और बढ़ सकती हैं कीमतें विशेषज्ञों का मानना है कि यदि ईंधन की कीमतों में इसी तरह बढ़ोतरी जारी रही, तो आने वाले समय में निर्माण सामग्री के दाम और बढ़ सकते हैं। ऐसे में आम आदमी के लिए घर बनाना और ज्यादा मुश्किल हो जाएगा।

स्वास्थ्य विभाग का नया आदेश: अम्बाला अस्पतालों में CT स्कैन और X-Ray के नियम बदले

अंबाला. अंबाला के नागरिक अस्पतालों में अब सीटी स्कैन और एक्स-रे करवाना पहले जैसा आसान नहीं रहेगा। स्वास्थ्य विभाग ने नए आदेश जारी कर दिए हैं, जिसके बाद अब हर व्यक्ति सीधे अस्पताल आकर ये टेस्ट नहीं करवा सकेगा। दरअसल अब सीटी स्कैन और XRAY करवाने के लिए शॉर्ट टर्म एडमिट होना जरूरी कर दिया गया है। बता दें कि सीटी स्कैन और एक्स-रे जैसे टेस्ट काफी महंगे होते हैं, लेकिन हरियाणा सरकार की स्कीम के तहत अंबाला के नागरिक अस्पतालों में ये सुविधाएं मरीजों को निशुल्क उपलब्ध करवाई जाती हैं। इसी वजह से अस्पतालों में अक्सर भारी भीड़ देखने को मिलती थी।हालात ये हो जाते थे कि जिन मरीजों को इन टेस्ट की वास्तव में जरूरत होती थी, उन्हें भी कई बार इंतजार करना पड़ता था या टेस्ट नहीं हो पाता था। वहीं भीड़ को नियंत्रित करने और जरूरतमंद मरीजों को प्राथमिकता देने के लिए अब स्वास्थ्य विभाग ने सख्त कदम उठाया है। नए आदेशों के मुताबिक अब किसी भी मरीज को सीटी स्कैन या एक्स-रे करवाने के लिए अस्पताल में शॉर्ट टर्म एडमिट होना जरूरी होगा। यानी अब बिना डॉक्टर की निगरानी और एडमिशन के ये टेस्ट नहीं किए जाएंगे।

हरियाणा के सिखों को मिला रिकॉर्ड संख्या में वीजा, ननकाना साहिब और करतारपुर साहिब में नतमस्तक होंगे श्रद्धालु

  कुरुक्षेत्र धर्मनगरी कुरुक्षेत्र से आज आस्था और उत्साह की एक विशेष तस्वीर सामने आई। पाकिस्तान स्थित पवित्र गुरुधामों के दर्शन और बैसाखी पर्व मनाने के लिए 255 भारतीय सिख श्रद्धालुओं का जत्था आज रवाना हुआ। कुरुक्षेत्र के ऐतिहासिक गुरुद्वारा छठी पातशाही से हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (HSGMC) के प्रधान जगदीश सिंह झींडा ने जत्थे को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। 5 विशेष बसों में अमृतसर के लिए रवानगी श्रद्धालुओं को ले जाने के लिए कुल 5 बसों की व्यवस्था की गई है। यह जत्था कुरुक्षेत्र से सीधा अमृतसर पहुँचेगा, जहाँ रात्रि विश्राम के बाद कल वाघा बॉर्डर के रास्ते पाकिस्तान में प्रवेश करेगा। यात्रियों में अपने पवित्र स्थलों के दर्शन को लेकर भारी उत्साह देखा गया। बैसाखी और खालसा सृजन दिवस का संगम इस वर्ष पाकिस्तान में बैसाखी पर्व को खालसा सृजन दिवस के रूप में बेहद श्रद्धा के साथ मनाया जा रहा है। श्रद्धालु वहां ननकाना साहिब, पंजा साहब और करतारपुर साहिब सहित विभिन्न ऐतिहासिक गुरुद्वारों में नतमस्तक होंगे। कई श्रद्धालुओं ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि उन्हें जीवन में पहली बार इन पवित्र स्थलों के दर्शन का सौभाग्य मिल रहा है। रिकॉर्ड संख्या में वीजा मिलना बड़ी उपलब्धि हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अनुसार, इस बार हरियाणा प्रदेश से रिकॉर्ड 255 यात्रियों को वीजा जारी किया गया है। प्रधान जगदीश सिंह झींडा ने बताया कि पहली बार इतनी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं को अनुमति मिली है, जो सिख समाज के लिए अत्यंत हर्ष का विषय है। 10 दिनों की यात्रा के बाद 19 अप्रैल को होगी वापसी निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, सभी श्रद्धालु पाकिस्तान के अलग-अलग गुरुधामों में धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लेंगे। दर्शन और बैसाखी समारोह संपन्न करने के बाद, यह जत्था 19 अप्रैल को वापस भारत (वतन वापसी) लौटेगा। रवानगी के समय पूरा वातावरण 'बोले सो निहाल, सत श्री अकाल' के जयकारों से गूंज उठा।  

बैंक फ्रॉड मामला, हरियाणा में IAS अधिकारियों का बड़ा फेरबदल

  चंडीगढ़ हरियाणा सरकार ने बुधवार रात 15 आई.ए.एस. अफसरों के तबादले करके कई अफसरों को सख्त संदेश दिया है। अहम यह है कि आई.डी.एफ.सी. बैंक फ्रॉड के मामले में सी.बी. आई. जांच की मंजूरी से पहले 3 आई.ए.एस. अफसरों पर सरकार ने गाज गिरा दी है। मुख्यमंत्री कार्यालय में अतिरिक्त प्रधान सचिव (ए.पी.एस.) आई.ए.एस. साकेत कुमार को उनके सभी पदों से हटाते हुए अभिलेखागार विभाग की जिम्मेदारी दे दी है। वहीं अजय कुमार को चीफ मिनिस्टर के डिप्टी प्रिंसीपल सैक्रेटरी-11 (नया पद) बनाया गया है। इसी तरह सीनियर आई. ए. एस. पंकज अग्रवाल और डी.के. बेहरा को महत्वपूर्ण विभागों से पदमुक्त करते हुए साइड लाइन कर दिया गया है। पंकज अग्रवाल को आर्किटेक्चर विभाग का प्रधान सचिव वहीं डी. के. बेहरा को राजस्व एवं आपदा प्रबंधन का सचिव लगाया गया है। चर्चा है कि इन तीनों अफसर का नाम आई.डी.एफ.सी. बैंक फ्रॉड में सामने आया है। ये सभी अफसर पूर्व में पंचायत विभाग में तैनात रह चुके हैं। चर्चा है कि ए.सी.बी. की ओर से इन अफसरों के खिलाफ 17ए की कार्रवाई शुरू करने के लिए मंजूरी मांगी गई है। वहीं अन्य तबादलों में विनीत गर्ग पहले हरियाणा स्टेट पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड के चेयरमैन थे, अब अतिरिक्त मुख्य सचिव, हरियाणा सरकार, प्रिंटिंग एवं स्टेशनरी विभाग बनाए गए हैं। ए.सी.एस. अनुराग अग्रवाल पहले टाऊन एंड कंट्री प्लानिंग और अर्बन एस्टेट्स विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव थे, अब इसके अलावा सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव के साथ-साथ हरियाणा सरस्वती हैरिटेज बोर्ड के एडवाइजर भी होंगे। विजयेन्द्र कुमार कृषि एवं किसान कल्याण, पर्सनल, सैनिक कल्याण समेत कई विभागों की जिम्मेदारी संभाल रहे थे, अब विकास एवं पंचायत विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव भी होंगे। राजीव रंजन लेबर और यूथ एम्पावरमेंट विभाग के प्रिंसीपल सैक्रेटरी थे, अब सहकारिता विभाग के प्रिंसीपल सैक्रेटरी भी बनाए गए हैं। आई.ए.एस. सी.जी. राजिनी कान्थन फाइनैंस विभाग (हरियाणा-III) के कमिश्नर एवं सैक्रेटरी थे, अब माइंस एवं जियोलॉजी विभाग के कमिश्नर एवं सैक्रेटरी भी होंगे। जे. गणेशन- फूड, सिविल सप्लाइज, हाऊसिंग फॉर ऑल और हारट्रोन समेत कई पदों पर थे, अब हरियाणा स्टेट पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड के चेयरमैन और पब्लिक हैल्थ इंजीनियरिंग विभाग के कमिश्नर एवं सैक्रेटरी भी होंगे। अतुल कुमार ट्रांसपोर्ट कमिश्नर थे, अब फाइनेंस विभाग (हरियाणा-1) के कमिश्नर एवं सैक्रेटरी भी बनाए गए हैं। मनी राम शर्मा सहकारी समितियों के रजिस्ट्रार थे, अब स्वास्थ्य विभाग के सैक्रेटरी बनाए गए हैं। डॉ. आदित्य दहिया हरियाणा विद्युत प्रसारण निगम के एम.डी. थे, अब हरियाणा पावर जैनरेशन कॉर्पोरेशन लिमिटेड के एम.डी. भी होंगे। अजय कुमार गुरुग्राम के डिप्टी कमिश्नर और श्री माता शीतला देवी श्राइन बोर्ड के चीफ एडमिनिस्ट्रेटर थे, अब चीफ मिनिस्टर के डिप्टी प्रिंसीपल सैक्रेटरी-II (नया पद) बनाए गए हैं। उत्तम सिंह करनाल के डिप्टी कमिश्नर और स्मार्ट सिटी के सी.ई.ओ. थे, अब गुरुग्राम के डिप्टी कमिश्नर और श्री माता शीतला देवी श्राइन बोर्ड के चीफ एडमिनिस्ट्रेटर होंगे। आनंद कुमार शर्मा रोहतक के डिस्ट्रिक्ट म्यूनिसिपल कमिश्नर समेत कई पदों पर थे, अब करनाल के डिप्टी कमिश्नर और करनाल स्मार्ट सिटी के चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर बनाए गए हैं।