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भारत पेट्रोलियम की नई सुविधा: 5KG गैस सिलेंडर कनेक्शन हुआ आसान

यमुना नगर. विश्व में युद्ध के हालात के बीच देश भर में गैस को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हैं, कोई गैस की कमी बता रहा है तो कोई अनियमित सप्लाई बता रहा है। इसी बीच भारत पेट्रोलियम ने एक नई शुरुआत करके उन सब चर्चाओं पर विराम लगा दिया है। विभिन्न फैक्ट्रियों में काम करने वाले मजदूर, फास्ट फूड की रेहड़ी लगाने वाले लोगों को पिछले कुछ दिनों से गैस की दिक्कत आने लगी थी। उसी के चलते भारत पैट्रोलियम 5 किलो सिलेंडर कनेक्शन की ऐसी योजना लेकर आया है जिससे इन सभी वर्गों को भारी लाभ हो रहा है। 5 किलो सिलेंडर का नया कनेक्शन लेने के लिए सिर्फ आधार कार्ड चाहिए। 5 मिनट में कनेक्शन मिल जाएगा और इसकी सिक्योरिटी भी मात्र एक हजार पर रखी गई है, जबकि ₹600 सिलेंडर भराई का है। विद्या भारत गैस एजेंसी के मालिक प्रवेश कुमार का कहना है कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भारत सरकार और भारत पेट्रोलियम के आभारी हैं, जो ऐसे हालत में यह स्कीम लाए हैं, जिससे फैक्ट्री में काम करने वाले, फास्ट फूड की रेडी लगाने वालों को भारी लाभ हो रहा है। लोगों ने इसके लिए भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी,भारत सरकार का धन्यवाद करते हुए कहा कि सरकार की इस योजना से उन्हें अब गैस को लेकर किसी तरह की कोई दिक्कत नहीं है।

ड्रग सिंडिकेट, पाकिस्तान सीमा से जुड़ी तस्करी की कड़ियां और ट्राइसिटी का मास्टरमाइंड गिरफ्तार

पंचकूला नशे के काले कारोबार का कोई एक चेहरा नहीं होता, यह बात पंचकूला पुलिस के एक बड़े खुलासे ने साबित कर दी है। एक 23 साल का उच्च शिक्षित बीसीए ग्रेजुएट, जो चंडीगढ़ में किराए के कमरे में रहकर भविष्य के सपने बुनने का दिखावा कर रहा था, असल में ट्राइसिटी का एक बड़ा 'ड्रग डीलर' निकला। पंचकूला पुलिस ने इस युवक को 3 किलो 89 ग्राम हेरोइन और 15 लाख रुपये की 'ड्रग मनी' के साथ गिरफ्तार कर एक बड़े अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इस बरामद हेरोइन की कीमत 6 करोड़ रुपये से अधिक आंकी गई है। शार्टकट से अमीर बनने की चाहत ने बनाया तस्कर डीसीपी क्राइम एंड ट्रैफिक अमरिंदर सिंह ने प्रेस वार्ता के दौरान इस पूरे 'ऑपरेशन' की परतें खोली। उन्होंने बताया कि क्राइम ब्रांच सेक्टर-26 की टीम ने इंस्पेक्टर दलीप सिंह के नेतृत्व में एक अहम गुप्त सूचना के आधार पर यह कार्रवाई की। पुलिस टीम ने सेक्टर-20, कुंडी गांव के पास से मुख्य आरोपी लवजोत सिंह को दबोचा। लवजोत मूल रूप से पंजाब के फाजिल्का जिले के जलालाबाद का रहने वाला है। वह बीसीए पास है, लेकिन उसने शार्टकट से अमीर बनने के लिए नशे का खतरनाक रास्ता चुना। उसने चंडीगढ़ को अपना सेफ हाउस बनाया हुआ था, जहां से वह पूरे नेटवर्क को ऑपरेट कर रहा था और ट्राइसिटी में नशे का जाल फैला रहा था। पाकिस्तान सीमा से जुड़े हैं तार, ट्राइसिटी था टारगेट इस मामले की जांच में सबसे चौंकाने वाला खुलासा यह हुआ है कि करोड़ों रुपये की यह मादक खेप सीधे पाकिस्तान की सीमा से तस्करी कर लाई गई थी। मुख्य आरोपी लवजोत यह माल सीमा पार से जुड़े तस्करों से लेकर आया था। पुलिस पूछताछ में उसने स्वीकार किया है कि उसका इरादा इस पूरी खेप को महज एक सप्ताह के भीतर चंडीगढ़, पंचकूला और मोहाली (ट्राइसिटी) के बाजार में खपाने का था। पुलिस की मुस्तैदी और समय पर की गई इस कार्रवाई ने ट्राइसिटी के युवाओं को इस नशे की गिरफ्त में आने से बचा लिया। साहिल से सतनाम और फिर मास्टरमाइंड लवजोत तक पहुंची पुलिस डीसीपी अमरिंदर सिंह ने स्पष्ट किया कि पुलिस सीधे मास्टरमाइंड लवजोत तक नहीं पहुंची, बल्कि यह कामयाबी एक के बाद एक जोड़े गए सुरागों का नतीजा है। इस पूरे नेटवर्क की कड़ियां 3 अप्रैल को हुई एक अन्य गिरफ्तारी से जुड़ती हैं। क्राइम ब्रांच सेक्टर-26 ने पहले गुप्त सूचना पर रायपुररानी के टाबर गांव से डेराबस्सी निवासी साहिल को 310 ग्राम हेरोइन के साथ गिरफ्तार किया था। जब साहिल से सख्ती से पूछताछ की गई, तो उसने अपने फुफेरे भाई (बुआ के लड़के) सतनाम सिंह का नाम बताया। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए जाल बिछाकर 5 अप्रैल को सतनाम सिंह को भी दबोच लिया। सतनाम ने पुलिस के सामने राज उगला कि उसका मुख्य सप्लायर लवजोत सिंह है। इसी अहम सुराग के आधार पर पुलिस लवजोत तक पहुंची और उसे रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। पुलिस रिमांड पर आरोपी, खुल सकते हैं कई राज डीसीपी ने दावा किया कि हरियाणा प्रदेश में इतनी बड़ी मात्रा में हेरोइन की यह दूसरी बड़ी बरामदगी है। वहीं, पंचकूला जिला पुलिस के इतिहास में इसे अब तक की सबसे बड़ी रिकवरी माना जा रहा है। पकड़े गए मुख्य आरोपी लवजोत सिंह के खिलाफ सेक्टर-20 थाने में एनडीपीएस एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। उसे 6 अप्रैल को अदालत में पेश कर पुलिस ने उसका चार दिन का रिमांड हासिल किया है। रिमांड अवधि के दौरान पुलिस को उम्मीद है कि इस सिंडिकेट से जुड़े अन्य 'लोकल पेडलर्स' और पाकिस्तान से होने वाली सप्लाई चेन के कई और अहम राज बेनकाब होंगे।

संत रामपाल को हाईकोर्ट ने दी जमानत, साढ़े 11 साल बाद रिहा होंगे, भक्तों में उत्साह

चंडीगढ़ हरियाणा के हिसार के चर्चित सतलोक आश्रम प्रमुख संत रामपाल को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है. देशद्रोह के मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे रामपाल को कोर्ट ने जमानत दे दी है. ऐसे में करीब 11 साल, 4 महीने और 20 दिन से वह हिसार की जेल में बंद है और अब जेल से बाहर आएगा।  जानकारी के अनुसार, हाईकोर्ट का जमानत आदेश संबंधित ट्रायल कोर्ट में पहुंचेगा. वहां बॉन्ड भरने की प्रक्रिया पूरी होने के बाद आदेश जेल प्रशासन तक आएंगे और फिर रामपाल को रिहा किया जाएगा. उधर, संत राम पाल को बेल मिलने की खबर पर भक्तों में खुशी की लहर है।  संत रामपाल को 19 नवंबर 2014 को बरवाला सतलोक आश्रम से गिरफ्तार किया गया था. हाईकोर्ट ने उन्हें कोर्ट की अवमानना के मामले में पेश होने का आदेश दिया था, लेकिन वे पेश नहीं हुए. इसके बाद जब पुलिस उन्हें गिरफ्तार करने आश्रम पहुंची, तो समर्थकों और पुलिस के बीच हिंसक झड़प हो गई. इस टकराव में 5 महिलाओं और एक डेढ़ साल के बच्चे की मौत हो गई थी, जिससे मामला बेहद संवेदनशील बन गया.  हालांकि, अन्य मामलों में कानूनी स्थिति के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।  रामपाल के वकील अर्जुन श्योराण ने न्यूज़ 18 से बातचीत में कहा कि उनके खिलाफ हिसार की स्पेशल कोर्ट में ट्रायल चल रहा था जो कि अभी तक पूरा नहीं हो पाया है. इसके अलावा, उनके खिलाफ बाकी जितने भी मामले थे, उसमें वो या तो बरी हो चुके थे या जमानत मिल चुकी थी. अर्जुन ने बताया कि जमानत की शर्तों के मुताबिक, वो कोई इलीगल भीड़ जमा नहीं कर सकेंगे और हम पहले ही इसके बारे में कोर्ट को बता चुके है. लेकिन अपनी बात कहने या धर्म के प्रचार करने में कोई मनाही नहीं है. जैसे ही कोर्ट के आदेश की कॉपी और जमानत बॉन्ड भरेंगे, वो जेल से बाहर आएंगे।  क्या है पूरी कहानी साल 2006 से यह कहानी शुरू होती है. रोहतक के करौंथा आश्रम में स्वामी दयानंद सरस्वती की पुस्तक पर टिप्पणी के बाद आर्य समाज समर्थकों के साथ संघर्ष हुआ, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई थी. इस विवाद में रामपाल पर हत्या का केस दर्ज हुआ. हाईकोर्ट के बार-बार समन भेजने के बावजूद रामपाल कोर्ट में पेश नहीं हुए तो 2014 में उनकी गिरफ्तारी का आदेश दिया गया. इस पर हिसार के बरवाला आश्रम में नवंबर 2014 में गिरफ्तारी के दौरान उनके समर्थकों और पुलिस के बीच खूनी झड़प हुई, जिसके बाद उन पर हत्या और देशद्रोह के मामले दर्ज किए गए. बाद में हिसार की अदालत ने अक्टूबर 2018 में हत्या के दो मामलों में उन्हें दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास (उम्रकैद) की सजा सुनाई थी और अब 11 साल बाद जमानत दी गई है। 

ट्रांसफर पॉलिसी में बड़ा बदलाव: हरियाणा के बिजली निगमों में अब सीमित होंगे तबादले

रोहतक. उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम ने मंगलवार को नया आदेश जारी करते हुए तबादला नीति में बड़ा बदलाव किया है। इस फैसले के तहत अब उत्तर हरियाणा और दक्षिण हरियाणा बिजली निगम के बीच कर्मचारियों का आपसी तबादला पूरी तरह रोक दिया गया है। अब सामान्य परिस्थितियों में कोई भी कर्मचारी एक निगम से दूसरे निगम में नहीं जा सकेगा। जिन कर्मचारियों ने पहले से तबादले के लिए आवेदन किया हुआ है। उनके सभी लंबित आवेदन तुरंत प्रभाव से रद्द माने जाएंगे। अगर कोई कर्मचारी या अधिकारी नियम तोड़कर तबादला करवाने की कोशिश करता है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। इन परिस्थितियों में छूट का प्रावधान   राष्ट्रीय आपदा, महामारी या किसी बड़ी आपात स्थिति में जरूरत पड़ने पर सीमित समय के लिए तबादला किया जा सकता है। इसके अलावा अदालत के आदेश या कर्मचारियों की आपसी सहमति से अस्थायी रूप से काम बदलने की अनुमति दी जा सकती है। यह नियम खास तौर पर तीसरे और चौथे वर्ग के कर्मचारियों पर लागू होगा। किसी भी विशेष मामले में छूट के लिए उच्च स्तरीय समिति की मंजूरी जरूरी होगी। सरकार का मानना है कि इस फैसले से कामकाज में पारदर्शिता आएगी और व्यवस्था मजबूत होगी।   

पानी-सीवरेज बिल पर राहत योजना: तय समय में भुगतान करने पर पेनल्टी खत्म

चंडीगढ़. पानी और सीवरेज का बिल नहीं चुका पा रहे उपभोक्तओं को सरकार ने राहत दी है। ऐसे परिवार अगर 31 मई तक पानी और सीवेज का बिल चुकाते हैं तो उनका पूरा ब्याज और जुर्माना माफ कर दिया जाएगा। शहरी स्थानीय निकाय विभाग के आयुक्त एवं सचिव अशोक कुमार मीना ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिया है। पानी, सीवरेज के बिल का समय पर भुगतान नहीं करने वाले उपभोक्ताओं पर हर बार 10 प्रतिशत की दर से ब्याज और जुर्माना लगाया जाता है। ऐसे में लाखों परिवारों पर बड़ी रकम बकाया खड़ी है। इन्हें राहत देते हुए व्यवस्था की गई है कि 31 दिसम्बर 2025 तक की अवधि के लिए बिलों के बकाया पर 100 प्रतिशत अधिभार की छूट दी जाएगी। करनाल नगर निगम में विशेष छूट करनाल नगर निगम ने पानी एवं सीवरेज के बकाया बिलों पर विशेष छूट योजना लागू कर दी है। योजना के अंतर्गत 31 दिसंबर 2025 तक के सभी लंबित पानी एवं सीवरेज बिलों पर लगाए गए अधिभार (ब्याज/जुर्माना) को पूरी तरह माफ कर दिया गया है। अब उपभोक्ताओं को केवल मूल बकाया राशि का ही भुगतान करना होगा। यदि उपभोक्ता 31 मई तक अपने बकाया बिलों का भुगतान कर देते हैं, तो उन्हें 100 प्रतिशत अधिभार माफी का लाभ मिलेगा। मेयर रेणू बाला गुप्ता ने बताया किजिन उपभोक्ताओं के पास मीटर कनेक्शन नहीं है, उन्हें इस योजना का लाभ लेने के लिए मीटर लगवाना अनिवार्य होगा। 31 मई के बाद बकाया रखने वाले उपभोक्ताओं की जल आपूर्ति बाधित की जा सकती है। उन्होंने शहरवासियों से अपील करते हुए कहा कि इस छूट का सभी को लाभ उठाना चाहिए।

जंगल माफिया और अफसरों की मिलीभगत पर सरकार सख्त, पंचकूला के चीफ वाइल्ड लाइफ वार्डन पर गिरेगी गाज

पंचकूला पंचकूला के संरक्षित वन क्षेत्र (आसरेवाली जंगल) में खैर के 1148 पेड़ कटने व उनकी तस्करी के मामले में राज्य सरकार ने कड़ा संज्ञान लिया है। विभाग की प्राथमिक जांच में चीफ वाइल्ड लाइफ वार्डन आईएफएस अधिकारी बी निवेदिता, पंचकूला के रेंज अधिकारी इंस्पेक्टर सुरजीत सिंह और जिला वन्य जीव अधिकारी आरपी दांगी की लापरवाही व मिलीभगत सामने आई है। पर्यावरण, वन एवं वन्य जीव विभाग के एसीएस ने प्रधान मुख्य वन संरक्षक को इन तीनों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। निर्देश मिलने के बाद प्रधान मुख्य वन संरक्षक ने पंचकूला के पुलिस कमिश्नर से तीनों पर प्राथमिकी दर्ज करने की सिफारिश की है। उन्होंने प्राथमिकी में भ्रष्टाचार अधिनियम की धारा लगाने व वन्य जीव संरक्षण अधिनियम 1972 के तहत कार्रवाई किए जाने की मांग की है। इस मामले में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को भी विभागीय रिपोर्ट सौंपी गई है। इसमें कहा गया है कि तीनों अधिकारियों की लापरवाही से कुल ⁠1148 पेड़ काटे गए हैं जिनमें 99 फीसदी खैर के है। कटे पेड़ों के ठूंठ को जलाकर सबूत मिटाने की कोशिश भी की गई है। रिपोर्ट में साफ लिखा है कि इतने बड़े स्तर पर अवैध कटाई बिना अंदरखाने मिलीभगत के नहीं हो सकती है। पत्र में तीनों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के निर्देश दिए जाने की बात भी है। इस मामले की जांच के लिए बनाई गई छह सदस्यीय एसआईटी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि मामले की जांच शुरू हो गई है। आरोप सही साबित होने पर पहले से दर्ज एफआईआर में तीनों का नाम जोड़ा जा सकता है। तीनों की भूमिका बी. निवेदिता अंबाला कमिश्नरी और रोहतक कमिश्नरी की चीफ वाइल्ड लाइफ वार्डन हैं। रोहतक सर्कल में सात और अंबाला सर्कल के पांच जिलों में स्थित वाइल्ड लाइफ सेंचुरी, चिड़ियाघर और कलेसर नेशनल पार्क की निगरानी की जिम्मेदारी इनके पास ही है। रिपोर्ट में लिखा कि इनकी सुपरविजन में लापरवाही हुई है जिसकी वजह से जंगल माफिया को जमकर पेड़ काटने से रोका नहीं जा सका। सुरजीत सिंह वाइल्डलाइफ रेंज अधिकारी होने के नाते पंचकूला के सभी संरक्षित जंगल क्षेत्र की सुरक्षा व वन्यजीव संरक्षण की जिम्मेदारी है। वह अपनी जिम्मेदारी निभाने में असफल साबित हुए। आरपी दांगी बतौर जिला वन्य जीव अधिकारी के अधीन पंचकूला, यमुनानगर, अंबाला, कुरुक्षेत्र और कैथल के जंगल व चिड़ियाघर आते हैं। उनको हर माह में अपने कार्यक्षेत्र के अधीन आने वाले एक वन क्षेत्र का निरीक्षण कर रिपोर्ट वरिष्ठ अधिकारियों को भेजनी होती है। रिपोर्ट के अनुसार, इन्होंने भी ड्यूटी ठीक से नहीं निभाई।  

तापमान में 12 डिग्री की भारी गिरावट, बारिश और कुप्रबंधन ने बढ़ाई अन्नदाता की चिंता

 सोनीपत हरियाणा में मंगलवार रात से मौसम ने एक बार फिर करवट ली। बीते 24 घंटों में प्रदेश के 20 जिलों में हल्की से मध्यम स्तर की बारिश हुई। इससे अधिकतम तापमान में 12 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है। पूरे प्रदेश में दिन का तापमान 24 से 29 डिग्री के बीच रहा। बारिश के कारण गर्मी से तो राहत मिली लेकिन किसानों की मुश्किल बढ़ गई है। नूंह व सोनीपत में किसानों को नहीं मिला तिरपाल मौसम विभाग की चेतावनी के बावजूद मंडियों में फसल प्रबंधन के उचित प्रबंध नहीं किए गए। कहीं तिरपाल कम पड़ गईं तो कहीं प्रबंध ही नहीं किया गया। नतीजा हजारों क्विंटल गेहूं व बोरियां भीग गईं। अकेले पानीपत में 20 हजार क्विंटल गेहूं भीग गई। इससे प्रदेश की अधिकतर मंडियों में सरकारी और निजी खरीद भी ठप रही। पूरा दिन किसान अपने स्तर पर मंडियों में लाई गई फसल को बचाते नजर आए। नूंह व सोनीपत में किसानों को तिरपाल ही नहीं मिला। पानीपत अनाज मंडी में बारिश में भीगा गेहूं – फोटो : संवाद रेवाड़ी में खराब मौसम के कारण मंडी की बंद वहीं, झज्जर में हजारों क्विंटल गेहूं भीगने के बाद बुलडोजर की मदद से उसे शेड के नीचे करने का प्रयास किया गया। रेवाड़ी में तो खराब मौसम के कारण मंडी ही बंद कर दी गई। हिसार व भिवानी में जिला मुख्यालय की मंडी में फसल को तिरपाल से ढका पर तेज हवा के कारण फसल भीग गई। करनाल में भी शेड के बाहर पड़े गेहूं को किसान तिरपाल से ढकते नजर आए। अंबाला में केवल साहा अनाज मंडी में थोड़ा गेहूं भीगा है। हालांकि कैथल, यमुनानगर व फतेहाबाद में बचाव रहा। किसानों के चेहरे पर चिंता मंडियों में उचित प्रबंध नहीं होने के कारण किसानों के चेहरे पर चिंता और बेबसी साफ झलकी। पलवल की मंडी में पहुंचे किसान रघुवीर ने बताया कि सरकार ने 12 प्रतिशत नमी का मानक तय किया है लेकिन लगातार खराब मौसम के कारण फसल ठीक से सूख ही नहीं पा रही। पहले ओलावृष्टि ने फसल को नुकसान पहुंचाया। अब बारिश से हालत और खराब हो गई है। फसल मानकों पर खरी नहीं उतर रही तो खरीद कैसे होगी। इस बीच खेतों में गेहूं कटान व थ्रेसिंग का कार्य रुक गया है। फसल भीगने के कारण नमी की मात्रा बढ़ने की पूरी संभावना है। सिरसा, फरीदाबाद व हांसी में नहीं बरसे बादल अंबाला, पंचकूला, हिसार, महेंद्रगढ़, रोहतक, कुरुक्षेत्र भिवानी, जींद, रेवाड़ी, गुरुग्राम, करनाल, पलवल, नूंह, पानीपत, झज्जर, सोनीपत, चरखी-दादरी, कैथल, यमुनानगर, फतेहाबाद में बारिश हुई है। हालांकि सभी जिलों में दिनभर बादल छाए रहे। फरीदाबाद, हांसी व सिरसा में बारिश नहीं हुई। तापमान में एक दिन में इतनी गिरावट से लोगों को सर्दी महसूस हुई। कैथल में गेहूं खरीद की रफ्तार सुस्त वहीं, हरियाणा के कैथल जिले में करीब 17,500 मीट्रिक टन गेहूं खुले आसमान के नीचे पड़ा है। फसल को बारिश से बचाने के लिए तिरपाल ही सहारा है। दरअसल, एक ओर जहां गेहूं की आवक तेज हो गई है, वहीं खरीद की सुस्त रफ्तार ने किसानों और आढ़तियों की चिंता बढ़ा दी है। जिले के 42 मंडी केंद्रों पर करीब 22 हजार मीट्रिक टन गेहूं पहुंच चुका है, लेकिन अब तक केवल 4,500 मीट्रिक टन की ही खरीद हो पाई है। वहीं, बारिश के बाद किसानों की परेशानी बढ़ गई है। आज भी पूरे प्रदेश में बरसेंगे बादल मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन ने बताया कि संपूर्ण प्रदेश में तेज हवा और बूंदाबांदी हुई है। कुछ स्थानों पर मामूली ओलावृष्टि की गतिविधियों को भी दर्ज किया गया। पूर्वी और उत्तरी जिलों में 20-40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली हवा ने मौसम को बदला। बुधवार को भी तेज हवा के साथ हल्की बारिश की संभावना है। गुरुवार को उत्तरी जिलों में हल्की बारिश की संभावना है। 11 अप्रैल को एक नया कमजोर पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से धीरे-धीरे संपूर्ण इलाके में तापमान में एक बार फिर से बढ़ोतरी की संभावना बन रही है।  

धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में फंसे जवाद अहमद सिद्दीकी, ईडी ने बैंक बैलेंस और जमीनें की जब्त

फरीदाबाद  प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (PMLA) के तहत फरीदाबाद स्थित अल-फलाह चैरिटेबल ट्रस्ट और उसके मैनेजिंग ट्रस्टी जवाद अहमद सिद्दीकी की कुल 39.45 करोड़ रुपए की चल और अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से कुर्क कर लिया है। इस कुर्की में शामिल संपत्तियों में जवाद अहमद सिद्दीकी का दिल्ली के जामिया नगर, ओखला इलाके में स्थित आवासीय परिसर, फरीदाबाद के धौज गांव में अल-फलाह विश्वविद्यालय के पास स्थित कृषि भूमि, साथ ही ट्रस्ट और जवाद सिद्दीकी की डीमैट अकाउंट्स, बैंक बैलेंस और फिक्स्ड डिपॉजिट शामिल हैं। तीन एफआईआर पर आधारित है जांच ईडी की जांच दिल्ली पुलिस की तीन एफआईआर पर आधारित है। इनमें दिल्ली क्राइम ब्रांच की दो एफआईआर (संख्या 337/2025 और 338/2025, दोनों 13 नवंबर 2025 को दर्ज) और दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के पालम पुलिस स्टेशन की एफआईआर संख्या 0021/2026 (10 जनवरी 2026 को दर्ज) शामिल हैं। इन एफआईआर में धोखाधड़ी, जालसाजी, आपराधिक साजिश और भारतीय न्याय संहिता के विभिन्न प्रावधानों के तहत आरोप लगाए गए हैं, जो पीएमएलए के अंतर्गत अनुसूचित अपराध माने जाते हैं। क्या है आरोप? आरोप है कि अल-फलाह विश्वविद्यालय ने अपनी समाप्त हो चुकी एनएएसी 'ए' ग्रेड मान्यता को गलत तरीके से वैध बताकर छात्रों और अभिभावकों को धोखा दिया। साथ ही ऐसी यूजीसी धारा 12बी मान्यता का दावा किया जो कभी मिली ही नहीं थी। इसके अलावा विश्वविद्यालय के मेडिकल साइंसेज एंड रिसर्च सेंटर ने नेशनल मेडिकल कमीशन (एनएमसी) से अनुमोदन लेने के लिए कागजों पर दिखाई जाने वाली फर्जी फैकल्टी और नकली मरीजों का इस्तेमाल किया। 'अपराध से अर्जित आय' कमाई ईडी की जांच में सामने आया है कि ट्रस्ट और विश्वविद्यालय ने वित्तीय वर्ष 2016-17 से 2024-25 तक इन गलत तरीकों से कुल 493.24 करोड़ रुपए की 'अपराध से अर्जित आय' कमाई। इस पैसे को उन कंपनियों में भेजा गया जिन पर जवाद अहमद सिद्दीकी और उनके परिवार का नियंत्रण था। इनमें करकुन कंस्ट्रक्शन एंड डेवलपर्स, अमला एंटरप्राइजेज एलएलपी और दियाला कंस्ट्रक्शन एंड डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड जैसी संस्थाएं शामिल हैं। बाद में यह राशि विदेश भी भेज दी गई। जवाद अहमद सिद्दीकी अरेस्ट इससे पहले 16 जनवरी 2026 को ईडी ने फरीदाबाद के धौज स्थित अल-फलाह विश्वविद्यालय कैंपस की जमीन और इमारतों को 144.09 करोड़ रुपए में कुर्क किया था। ईडी ने 16 जनवरी 2026 को ही विशेष पीएमएलए अदालत, साकेत, दिल्ली में जवाद अहमद सिद्दीकी और अल-फलाह चैरिटेबल ट्रस्ट के खिलाफ अभियोजन शिकायत भी दायर की है। जवाद अहमद सिद्दीकी को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है और वह फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं। ईडी का कहना है कि ये सभी कुर्कियां अपराध से अर्जित आय की जांच का हिस्सा हैं। जांच अभी भी जारी है और आगे और संपत्तियों तथा लेन-देन की जानकारी जुटाई जा रही है।

सरकार का बड़ा फैसला: PNG पाइपलाइन प्रस्ताव अब 24 घंटे में होंगे क्लियर

पंचकूला. पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध से आए गए संकट के बीच केंद्र के निर्देश पर हरियाणा सरकार ने पीएनजी (पाइप्ड नेचुरल गैस) से अधिक से अधिक लोगों को जोड़ने का काम आरंभ कर दिया है। सरकार ने गुरुग्राम, फरीदाबाद सहित उन शहरों के निगमायुक्त को निर्देश दिए हैं कि गैस कंपनियों के पीएनजी लाइन बिछाने के प्रस्ताव को 24 घंटे में पास कर जरूरी कार्रवाई पूरी की जाए। इसके अलावा पीएनजी लाइन बिछाने के लिए पहले से लंबित प्रस्तावों को डीम्ड परमिशन (अनुमति मान ली गई) की श्रेणी में डाल दिया जाए। उक्त निर्देश 30 जून 2026 तक प्रभावी रहेंगे रहेंगे। इसके बाद समीक्षा कर अगले कदम को उठाया जाएगा। मीथेस से बनी होती है पीएनजी पीएनजी स्वच्छ और किफायती ईंधन है, जो पाइपलाइन के जरिए सीधे घरों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और उद्योगों तक पहुंचाई जाती है। यह मुख्य रूप से मीथेन से बनी होती है और एलपीजी सिलिंडर के मुकाबले अधिक सुरक्षित मानी जाती है, क्योंकि यह हवा से हल्की होती है और लीक होने पर ऊपर उड़ जाती है। पीएनजी कनेक्शनों की संख्या अभी तक सबसे अधिक गुरुग्राम में है। यहां पर कनेक्शनों की संख्या करीब ढाई लाख है। इसके बाद फरीदाबाद तथा सोनीपत और रेवाड़ी तथा अन्य शहर हैं। गुरुग्राम के सुशांत लोक, सेक्टर पंद्रह तथा सेक्टर सत्रह और कुछ जगहों पर कई साल से प्रस्तावित है। रेवाड़ी के दो रिहायशी सेक्टर में यह सुविधा है। इसी तरह फरीदाबाद तथा अन्य शहरों के सीमित इलाकों तक यह सुविधा है। तीन माह के लिए सरकार ने गैस कंपनियों को टास्क दिया है कि इस सुविधा को हर शहर में साठ प्रतिशत की जाए। जिससे उपभोक्ताओं को एलपीजी से पीएनजी में शिफ्ट किया जा सके। 11 नगर निगमों को सौंपा गया पत्र शहरी स्थानीय निकाय विभाग की ओर से जारी 11 नगर निगमों को पत्र में यह भी कहा गया है कि गैस लाइन डालने के लिए सड़क की खोदाई करने वाली एजेंसी को सड़क मरम्मत के लिए रकम वहन करनी पड़ेगी। इसके लिए लाइन के सर्वे के बाद जो भी प्रोजेक्ट फाइल होगी उसमें गैस लाइन बिछाने वाली कंपनी को एक शपथ पत्र भी लगाना होगा। यह इसलिए कहा गया कि सड़क तोड़कर ऐसे ही डाल नहीं दी जाए जिससे आने-जाने में आमजन को परेशानी उठानी पड़े। यह सब नगर निगम को ही तय करना है। 

प्रदूषण नियमों की अनदेखी करने वाले कंक्रीट प्लांट पर बड़ी कार्रवाई, गुरुग्राम में सबसे बुरा हाल

गुरुग्राम राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के कड़े निर्देशों के बाद प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने रेडी मिक्स कंक्रीट प्लांट पर कार्रवाई शुरू कर दी है। बोर्ड ने पूरे राज्य में 370 से आरएमसी प्लांट को चिन्हित किया है। इनमें से 184 प्लांट बोर्ड की अनुमति से चल रहे हैं जबकि 186 बिना अनुमति के चल रहे हैं। पर्यावरण के मानकों का उल्लंघन करने वाले 108 प्लांट पर आठ लाख रुपये से लेकर एक करोड़ 13 लाख तक जुर्माना लगाया गया है, जबकि 73 पर कार्रवाई की सिफारिश की गई है। हालांकि जिन प्लांट पर जुर्माना लगाया गया है। उनमें से अधिकतर प्लांट मालिकों ने अभी तक जुर्माना जमा नहीं किया है। ये भी पढ़ें एनजीटी ने यह आदेश एक शिकायत के आधार पर दिया था। एनजीटी को दी गई शिकायत में बताया गया था कि हरियाणा में प्लांट पर्यावरण के मानकों का उल्लंघन कर रहे हैं। अधिकतर प्लांटों ने बोर्ड से अनुमति भी नहीं ली। धूल नियंत्रण का कोई उपाय नहीं किया गया है। इससे वायु प्रदूषण भी बढ़ रहा है, जो इलाके में रहने वाले लोगों के स्वास्थ्य के लिए एक गंभीर खतरा बन रहा है। इसके साथ ही भूमिगत जल का दोहन किया जा रहा है। इसके लिए किसी अथॉरिटी से स्वीकृति नहीं ली गई है। बोर्ड की ओर से पेश की गई प्रारंभिक रिपोर्ट में इसे गंभीर समस्या माना गया। इसके बाद पूरे हरियाणा में इसकी जांच की गई और उल्लंघन करने वाले प्लांट पर कार्रवाई करने के आदेश जारी किए गए। आरएमसी प्लांट से ऐसे फैलता है प्रदूषण आरएमसी प्लांट एक रेडी-टू-यूज कंक्रीट बनाने वाली एक स्वचालित फैक्ट्री होती है, जो निश्चित अनुपात में कंक्रीट का मिश्रण बनाती है। इस प्लांट से धूल का उत्सर्जन ज्यादा होता है। इसमें सीमेंट, रेत और गिट्टी के खुले भंडारण, मिक्सिंग और लोडिंग के दौरान महीन धूल के कण हवा में फैलते हैं, जो सबसे प्रदूषक हैं। इसके अलावा ट्रकों और भारी वाहनों के आने व जाने से काफी धूल उड़ती है जिससे आसपास के क्षेत्रों की दृश्यता की काफी कम हो जाती है। वहीं, भारी मिक्सर, मशीनरी, जनरेटर और ट्रकों की आवाज के कारण आसपास के क्षेत्रों में तेज ध्वनि प्रदूषण होता है। पानी का भी खूब दोहन किया जाता है। गुरुग्राम में सबसे ज्यादा अवैध मिले आरएमसी प्लांट गुरुग्राम में 150 से ज्यादा आरएमसी प्लांट संचालित हो रहे हैं। इनमें से आधे से ज्यादा प्लांट बिना अनुमति के चल रहे थे। उनके पास बोर्ड की कोई अनुमति नहीं थी। इनमें से 60 प्लांट पर 80 लाख रुपये से लेकर एक करोड़ तक जुर्माना लगाया गया है। अंबाला में कुल छह प्लांट है, जिनके पास स्वीकृति है। बल्लभगढ़ में कुल 21 प्लांट है। इनमें सिर्फ चार बिना प्लांट के चल रहे हैं। चारों प्लांट को सील कर दिया गया है। फरीदाबाद में कुल 23 प्लांट हैं। इनमें से नौ प्लांट पर कार्रवाई की गई है। यमुनानगर में 11 में से 9 प्लांट बिना स्वीकृति के संचालित हो रहे थे। इन पर कार्रवाई की गई है। बहादुरगढ़ में कुल 37 प्लांट है। इनमें से नौ पर पर्यावरणीय मुआवजा लगाया गया है