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पुलिस विभाग में बड़ा बदलाव, हरियाणा में हजारों तबादले अब ऑनलाइन प्रक्रिया से

करनाल. हरियाणा पुलिस में पहली बार बिना किसी सिफारिश के 6884 सिपाहियों जनरल ड्यूटी (महिला व पुरुष) के आनलाइन तबादले किए गए हैंं। इनमें 5098 पुरुष जवान शामिल हैं और 1786 महिला सिपाही शामिल हैं। खास बात ये है कि सिपाहियों द्वारा पोर्टल पर आनलाइन भरे गए विकल्पों के तहत ही मैरिट के आधार पर जवानों को मनपसंद स्टेशन अलाट किए गए हैं। आनलाइन तबादला प्रक्रिया में किसी भी प्रकार का मानवीय दखल नहीं दिया गया है, बल्कि पूरा काम आनलाइन ही साफ्टवेयर के माध्यम से हुआ है। पुलिस मुख्यालय की ओर से मार्च माह में इसके लिए आवेदन मांगे गए थे। 2 मार्च से 20 मार्च के बीच जवानों से आनलाइन ही जिलों के विकल्प मांगे गए थे। इनमें पुलिस प्रशिक्षण पूरा कर चुके महिला व पुरुष सिपाहियों ने भाग लिया। अब पोर्टल पर भरे गए विकल्पों के आधार पर ही साफ्टवेयर के माध्यम से जवानों को जिले अलाट किए गए हैं। संबंधित जिलों में खाली सीटों के आधार पर जिले अलाट किए गए हैं। जवानों को जल्द रिलीव कराने के आदेश डीजीपी अजय सिंहल की ओर से सभी पुलिस आयुक्त, एसपी, डीसीपी, एचएपी के कमांडेंट समेत एडीजीपी और एचएपी के निदेशक समेत अन्य अधिकारियों को लिखित में आदेश दिए हैं कि तबादला किए गए जवानों को जल्द ही रिलीव किया जाए, ताकि वे अपने नए स्टेशनों पर ज्वाइन कर सकें। इससे पहले, पुलिस में नए जवानों को मनचाहे स्टेशन के लिए मशक्कत करनी पड़ती थी। पुलिस का बेसिक प्रशिक्षण पूरा करने के बाद सिपाहियों को खाली सीटों के आधार पर स्टेशन अलाट किए जाते थे। ऐसे में काफी संख्या में जवानों को अपने पैतृक जिलों से 200 से 300 किलोमीटर तक दूरी के स्टेशन मिलते थे। इसके अलावा, खासतौर पर राजनीतिक लोगों की सिफारिशों के साथ साथ प्रशासनिक अधिकारियों की सिफारिशों से तबादले होते थे।लेकिन एक साथ में तबादले पहली बार हैं। अगर तबादले होते भी थे तो वे बड़े छोटे स्तर पर होते थे। लेकिन जवानों को राहत देते हुए पुलिस मुख्यालय ने पहली बार ये बड़ा फैसला लिया है। इससे जवानों को बड़ी राहत मिली है और वे अपने पैतृक जिलों के आसपास पहुंच गए हैं। आइआरबी के जवान कर रहे लंबे समय से इंतजार इधर, आइआरबी के 2500 सरकार के आदेश होने के बावजूद तबादलों का इंतजार कर रहे हैं। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के आदेश के बाद मंत्रिमंडल की मंजूरी भी हो चुकी है और बकायदा नोटिफिकेशन भी हो चुका है, लेकिन अभी तक आइआरबी के जवानों को जिला पुलिस में तबादले की प्रक्रिया शुरू नहीं की गई है। इसको लेकर आरआरबी के जवान कई बार मुख्यमंत्री से लेकर डीजीपी तक से मिलकर मांग कर चुके हैं। गौर हो कि मनोहर लाल सरकार ने 2024 में फैसला लिया था कि आइआरबी में 15 साल पूरे कर चुके जवानों को जिला पुलिस में बदला जा सकेगा।

लू का ऑरेंज अलर्ट जारी, 25 मई तक राहत की कोई उम्मीद नहीं

 चंडीगड़ हरियाणा में गर्मी का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। बुधवार को भी प्रदेश के कई जिलों में तेज लू और झुलसाने वाली गर्मी ने लोगों को परेशान किया। दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा देखने को मिला और लोग जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकले। मौसम विभाग ने साफ कर दिया है कि फिलहाल गर्मी से राहत मिलने की कोई उम्मीद नहीं है। मौसम विभाग के अनुसार राज्य के पांच जिलों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक दर्ज किया गया। सबसे ज्यादा तापमान रोहतक में 46.9 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से 6.2 डिग्री ज्यादा है। इसके अलावा सिरसा में 46.4 डिग्री, फरीदाबाद में 46 डिग्री, हिसार में 45.3 डिग्री, जींद में 45.2 डिग्री और नारनौल में 45 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। लू चलने की चेतावनी जारी मौसम विभाग ने हरियाणा में 25 मई तक भीषण गर्मी और लू चलने की चेतावनी जारी की है। इसके लिए पूरे राज्य में ऑरेंज अलर्ट लागू किया गया है। रोहतक और सिरसा में लू की स्थिति दर्ज की गई है। विभाग का कहना है कि अगले पांच से छह दिनों तक पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में मौसम पूरी तरह शुष्क बना रहेगा और बारिश की संभावना नहीं है। क्या कहते हैं विशेषज्ञ? विशेषज्ञों के मुताबिक दक्षिणी और पश्चिमी हरियाणा में तापमान 45 से 47 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है, जबकि बाकी जिलों में अधिकतम तापमान 42 से 45 डिग्री के बीच बना रहेगा। वहीं भिवानी में न्यूनतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो राज्य में सबसे अधिक रहा। तेज गर्मी का असर आम जनजीवन के साथ-साथ किसानों पर भी पड़ रहा है। मौसम विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि वे फसलों की सिंचाई सुबह या शाम के समय करें, ताकि तेज धूप का असर कम हो सके। 25 मई से पहले राहत मिलने के आसार लोगों को दोपहर में घर से बाहर न निकलने, ज्यादा से ज्यादा पानी पीने, हल्के सूती कपड़े पहनने और सिर ढक कर बाहर निकलने की सलाह दी गई है। मौसम विभाग का कहना है कि उत्तर भारत समेत हरियाणा में फिलहाल गर्मी का दौर जारी रहेगा और 25 मई से पहले राहत मिलने के आसार नहीं हैं।

मुख्यमंत्री सैनी का सख्त एक्शन, CM विंडो मामलों में ढिलाई बरतने वाले अफसरों पर होगी FIR

चंडीगढ़. सीएम विंडो पर मिली शिकायतों की सुनवाई में लापरवाही को लेकर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने तीखे तेवर दिखाए हैं। समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने हिसार के गावड़ में बैकवर्ड चौपाल की राशि के गबन के आरोपित तत्कालीन खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी (बीडीपीओ), कनिष्ठ अभियंता व ग्राम सचिव के विरुद्ध एफआइआर दर्ज करने के निर्देश दिए। भिवानी जिले के झुंपा खुर्द के व्यक्ति की शिकायत पर पेमेंट में देरी के लिए जिम्मेदार संबंधित आरटीए से स्पष्टीकरण मांगा जाएगा। सीएम विंडो पर आई शिकायतों को लेकर प्रशासनिक अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि अधिकारी जनता से जुड़ी समस्याओं के समाधान में लापरवाही न बरतें। इस बैठक में सभी जिलों के उपायुक्त, पुलिस अधीक्षक और मंडल आयुक्त आनलाइन जुड़े। उन्होंने सभी उपायुक्तों को जिला स्तर पर नोडल अधिकारी नियुक्त करने का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री ने जींद में दुर्घटना के समय की मोटर साइकिल बदलने तथा कुरुक्षेत्र में समय पर चालान प्रस्तुत न करने पर कोताही बरतने वाले पुलिस के दो सहायक उप निरीक्षक (एएसआइ) को निलंबित करने निर्देश दिए। करनाल में 100 गज के प्लाटों को नापने का काम समय पर नहीं करने पर नायब तहसीलदार के खिलाफ विभागीय कार्रवाई और जींद के बडौद निवासी जरनैल की शिकायत पर पशु बीमा के क्लेम में देरी के लिए विभागीय जांच की जाएगी। कैथल के टीक गांव निवासी पूजा की शिकायत है कि धान की अदायगी नहीं की गई। इसके लिए खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के अधिकारियों पर कार्रवाई की जाएगी। पलवल के लालपुर कदीम के व्यक्ति की शिकायत के संबंध में कार्यालय का रिकार्ड खुर्द बुर्द करने के मामले में दोषी अधिकारियों तथा कर्मचारियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि हर समाधान, सीएम विंडो और उनके समक्ष आने वाली शिकायतों की वे स्वयं मानिटरिंग करेंगे। अधिकारी तीनों तरह की शिकायतों के सही समाधान सुनिश्चित करें। हर शुक्रवार को स्पेशल सीएम विंडो के मामलों की जिला स्तर पर समीक्षा की जाएगी। बैठक में मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव अरुण कुमार गुप्ता, अतिरिक्त मुख्य सचिव डा. सुमिता मिश्रा, सुधीर राजपाल, डा. वी राजा शेखर, एके सिंह, जी अनुपमा, मुख्यमंत्री के उपप्रधान सचिव अजय कुमार, विशेष कार्यकारी अधिकारी विवेक कालिया और राकेश संधू ने भी अपनी बात रखी। हाउसिंग बोर्ड के अलाटियों को 10 जून को होगा भुगतान हाउसिंग बोर्ड की समस्याओं की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा जनता के बकाया पैसे का भुगतान 10 जून को बटन दबाकर किया जाएगा। इसके लिए अधिकारी पूरी तैयारी करें। उन्होंने सभी विभागों को शिकायतों पर तुरंत कार्रवाई करने तथा जल्द एटीआर अपलोड करने के निर्देश भी दिए, जिससे शिकायतों का समयबद्ध निपटारा सुनिश्चित किया जा सके। अधिकारी समाधान शिविरों में शिकायतों की औचक जांच करेंगे, जिससे लोगों को संतुष्ट किया जा सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके समक्ष यह शिकायत नहीं आनी चाहिए कि किसी व्यक्ति की समस्या सुनी ही नहीं गई।

हरियाणा के युवा इनोवेटर की चर्चा, शहद के सिरके ने CM सैनी को भी किया प्रभावित

झज्जर. विश्व मधुमक्खी दिवस के अवसर पर बीते बुधवार को पंचकूला में आयोजित एक राज्य स्तरीय कार्यक्रम में उस समय बेहद दिलचस्प नजारा देखने को मिला, जब सूबे के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी झज्जर के प्रगतिशील मधुमक्खी पालक विनय फोगाट के स्टाल पर पहुंचे। वहां प्रदर्शित अनूठे उत्पादों को देखकर मुख्यमंत्री भी हैरान रह गए और उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा, शहद का सिरका… यह तो मैंने पहले कभी सुना ही नहीं! कन्वेंशन सेंटर, रेड बिशप, सेक्टर-1 में आयोजित इस भव्य कार्यक्रम में मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को विनय फोगाट द्वारा तैयार किया गया ''शहद का सिरका'' (हनी विनेगर) और ''बी प्रोबायोटिक'' इतना पसंद आया कि वे इसे विशेष रूप से अपने साथ लेकर गए। क्या खास है शहद के सिरके और बी प्रोबायोटिक में? प्रदर्शनी से वापिस लौटे विनय फोगाट ने बातचीत के दौरान उत्पादों की खासियत के बारे में विस्तार से जानकारी दी। शहद का सिरका (हनी विनेगर): यह आम सिरके की तरह तीखा नहीं होता। इसे शुद्ध शहद को लंबे समय तक प्राकृतिक रूप से फरमेंट (किण्वित) करके तैयार किया जाता है। यह पाचन तंत्र को दुरुस्त रखने, वजन नियंत्रित करने और शरीर को डिटाक्सिफाई करने में बेहद असरदार माना जाता है। इसमें भरपूर मात्रा में एंटीआक्सीडेंट्स होते हैं। बी प्रोबायोटिक: यह मधुमक्खियों के प्राकृतिक स्लाइवा (लार) और शहद के कॉम्बिनेशन से तैयार ऐसा अनूठा उत्पाद है, जो पेट के अच्छे बैक्टीरिया को बढ़ाता है। रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्यूनिटी) को मजबूत करने में गेम-चेंजर साबित हो रहा है। 5 राज्यों का सफर और 18 तरह का शहद  दरअसल, झज्जर जिले के मलिकपुर गांव के रहने वाले शहद उत्पादक विनय फोगाट आज क्षेत्र के किसानों के लिए एक बड़ी मिसाल बन चुके हैं। उनके पास मौजूदा समय में करीब 1,100 मधुमक्खी कालोनियां हैं, जिनसे वे सालाना लगभग 38 से 40 टन शहद का रिकार्ड उत्पादन करते हैं। विनय फोगाट ने बताया कि वे केवल एक या दो नहीं, बल्कि 18 अलग-अलग तरह के शहद और उत्पाद तैयार करते हैं। इसके लिए वे मौसम और फूलों के खिलने के चक्र के हिसाब से अपने बी-फार्म को हरियाणा, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और मध्य प्रदेश के इलाकों में शिफ्ट करते हैं। उनके पिटारे में सरसों, नीम, शीशम, कीकर, हिमाचल व कश्मीर का पहाड़ी शहद, कश्मीर का एकेशिया, सूरजमुखी, सौंफ और जामुन का शहद प्रमुख रूप से शामिल है। इसके अलावा वे शहद से गुलकंद, हनी अर्क, बी प्रोपोलिस टिंक्चर और घुटनों के दर्द की विशेष जेल भी तैयार करते हैं। फसलों की सच्ची मित्र हैं मधुमक्खियां स्टाल के दौरे के दौरान विनय फोगाट ने मुख्यमंत्री के सामने किसानों से रासायनिक खेती छोड़कर प्राकृतिक खेती अपनाने की पुरजोर अपील की। उन्होंने कहा केमिकल और पेस्टीसाइड्स के अंधाधुंध इस्तेमाल से हमारी सबसे अच्छी मित्र कीट मधुमक्खियां बहुत तेजी से मर रही हैं। जबकि सच्चाई यह है कि जहां भी मधुमक्खी के बाक्स रखे जाते हैं, उसके 3 से 4 किलोमीटर के दायरे में क्रास-पालिनेशन (परागण) के जरिए फसलों की पैदावार ढाई से तीन क्विंटल प्रति हेक्टेयर तक बढ़ जाती है। वैज्ञानिक तथ्य साझा करते हुए बताया कि मधुमक्खियों के पॉलिनेशन से तिलहनी फसलों में तेल के भीतर सल्फर कंटेंट 10 से 15% तक बढ़ जाता है। साथ ही, मधुमक्खियां अपने स्लाइवा (लार) से फूलों के अंदर जो यीस्ट छोड़ती हैं, उससे फसलों में प्राकृतिक मिनरल्स की मात्रा में भारी इजाफा होता है।

25 मई से गर्मी की छुट्टियां, उससे पहले हरियाणा स्कूलों में लागू होंगे नए नियम

चंडीगढ़. हरियाणा सरकार ने राज्य में बढ़ती गर्मी को देखते हुए छह दिन पहले स्कूलों में 25 मई से 30 जून तक ग्रीष्मकालीन अवकाश घोषित किया है। शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा के प्रस्ताव को स्वीकार करते हुए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सरकारी विद्यालयों के पाठ्यक्रम में श्रमदान को अनिवार्य घोषित कर दिया। इसके लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी किए गए हैं, ताकि विद्यार्थियों में अनुशासन, सहभागिता और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित हो सके। चंडीगढ़ में शिक्षा विभाग की उच्च स्तरीय बैठक में हरियाणा के सरकारी स्कूलों में शिक्षण व्यवस्था को प्रभावी बनाने पर चर्चा हुई। शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा राज्य के विभिन्न स्कूलों के दौरे पर गए थे। वहां से लौटने के बाद उन्होंने मुख्यमंत्री के साथ विभिन्न विषयों पर चर्चा की। महीपाल ढांडा के सुझाव पर मुख्यमंत्री नायब सैनी ने निर्देश दिए कि शिक्षक कक्षा में मोबाइल फोन लेकर नहीं जाएंगे। शिक्षकों के मोबाइल विद्यालय में प्रधानाचार्य कक्ष में जमा रहेंगे शिक्षकों के मोबाइल विद्यालय में प्रधानाचार्य कक्ष में जमा रहेंगे तथा शिक्षण कार्य के दौरान मोबाइल के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध सुनिश्चित किया जाएगा, ताकि बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो और विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिल सके। विद्यालयों में खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री ने खेल अवधि को अनिवार्य रूप से प्रभावी ढंग से संचालित करने तथा उसकी समुचित योजना बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विद्यालय ऐसा वातावरण विकसित करें, जिससे विद्यार्थियों और अभिभावकों को प्रत्येक कक्षा बेहतर सीखने का अनुभव प्रदान करती हुई महसूस हो। मुख्यमंत्री ने विद्यालय परिसरों में बागवानी और पौधारोपण कार्य का सर्वेक्षण करने तथा लगाए गए पौधों के संरक्षण और रखरखाव को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों की जवाबदेही तय करने और बेहतर शैक्षणिक परिणामों पर विशेष ध्यान देने को कहा है।

हरियाणा में बच्चों की सुरक्षा पर बढ़ी चिंता, NCRB आंकड़ों के बाद मानवाधिकार आयोग का बड़ा कदम

चंडीगढ़. हरियाणा मानव अधिकार आयोग ने राज्य में बच्चों के खिलाफ लगातार बढ़ रहे अपराधों पर गंभीर चिंता जताई है। आयोग ने राष्ट्रीय अपराध रिकार्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) की “क्राइम इन इंडिया-2024” रिपोर्ट का स्वत संज्ञान लेते हुए कई विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों से विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। आयोग ने टिप्पणी करते हुए कहा कि हरियाणा में बच्चों की सुरक्षा को लेकर स्थिति बेहद चिंताजनक है और मौजूदा तंत्र अपेक्षित परिणाम देने में विफल साबित हो रहा है।आयोग की पूर्ण पीठ, जिसमें अध्यक्ष सेवानिवृत जस्टिस ललित बत्रा, सदस्य (न्यायिक) कुलदीप जैन और सदस्य दीप भाटिया शामिल हैं, ने अपने आदेश में कहा कि एनसीआरबी रिपोर्ट के आंकड़े राज्य में बच्चों के खिलाफ अपराधों की भयावह तस्वीर पेश करते हैं। रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2024 में हरियाणा में बच्चों के खिलाफ अपराध के 7547 मामले दर्ज किए गए, जो वर्ष 2023 की तुलना में करीब 17.9 प्रतिशत अधिक हैं। प्रति एक लाख बाल आबादी पर 82.8 अपराध दर के साथ हरियाणा देश में सबसे ऊपर है। आयोग ने क्या कहा? आयोग ने कहा कि इन मामलों में हत्या, दुष्कर्म, पोक्सो अधिनियम के तहत यौन अपराध, अपहरण, मानव तस्करी, बाल विवाह, भ्रूण हत्या और बाल उत्पीड़न जैसे गंभीर अपराध शामिल हैं। विशेष रूप से बालिकाओं के खिलाफ बढ़ते पोक्सो मामलों को आयोग ने बच्चों की सुरक्षा, गरिमा और मानसिक विकास के लिए गंभीर खतरा बताया। आयोग ने यह भी कहा कि लापता बच्चों और अपहरण के मामलों में वृद्धि नाबालिगों की तस्करी और शोषण की आशंकाओं को और बढ़ाती है।आयोग ने अपने आदेश में कहा कि संवैधानिक और वैधानिक संरक्षण होने के बावजूद बच्चों के खिलाफ हिंसा, उपेक्षा और शोषण की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। आयोग ने माना कि स्कूलों, छात्रावासों, बाल देखभाल संस्थानों और अन्य सामाजिक संस्थाओं में बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए बनाए गए निगरानी तंत्र, शिकायत निवारण प्रणाली और परामर्श सेवाएं प्रभावी ढंग से काम नहीं कर पा रही हैं।आयोग ने गृह विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, विद्यालय शिक्षा विभाग, पुलिस महानिदेशक और विशेष किशोर पुलिस इकाइयों के नोडल अधिकारियों को विस्तृत रिपोर्ट दाखिल करने के निर्देश दिए हैं। इन रिपोर्टों में पोक्सो मामलों की जांच, दोषसिद्धि दर, बाल संरक्षण उपाय, पुनर्वास सेवाएं, स्कूल सुरक्षा व्यवस्था और जिला स्तर पर अपराधों की स्थिति का ब्यौरा शामिल होगा। मामले की अगली सुनवाई 6 अगस्त 2026 को निर्धारित की गई है।

तपते हरियाणा में गर्मी ने तोड़े रिकॉर्ड, 46.9°C तापमान से लोग बेहाल

चंडीगढ़. देश के बड़े हिस्से में भीषण गर्मी और हीटवेव (लू) का प्रकोप जारी है, जिसमें उत्तर प्रदेश का बांदा जिला सबसे अधिक प्रभावित है। मंगलवार को लगातार तीसरे दिन बांदा देश का सबसे गर्म शहर रहा, जहां अधिकतम तापमान 48.2 डिग्री सेल्सियस रहा। गत कुछ वर्षों में यह तीसरी बार है, जब बांदा में पारा 48 डिग्री पार पहुंचा। मैदान ही नहीं पहाड़ी राज्य जम्मू-कश्मीर, हिमाचल और उत्तराखंड में भी गर्मी लोगों को परेशान किए हुए है। यहां कई शहरों में पारा 40 डिग्री के पार पहुंच गया है। उधर इंदौर में मंगलवार को अधिकारियों ने बताया कि भीषण गर्मी में कार के अंदर फंसने के कारण दम घुटने से चार साल की एक बच्ची की मौत हो गई। सबसे ज्यादा रोहतक में तापमान हरियाणा के रोहतक में 46.9 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया। वहीं महाराष्ट्र के अमरावती में तापमान 46.8 डिग्री रहा। चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के पूर्व मौसम विज्ञानी डा. एसएन सुनील पांडेय बताते हैं कि राजस्थान व पाकिस्तान के थार मरुस्थल से आने वाली गर्म पछुआ हवा गर्मी बढ़ा रही है। दिल्ली रिज में 46.5 व मध्य प्रदेश के नौगांव में 47 डिग्री तापमान रहा। मौसम विभाग के मुताबिक, पश्चिम से लेकर पूरब तक अगले पांच-छह दिनों तक तपिश से राहत के आसार नहीं हैं। दिल्ली में मंगलवार 'हीटवेव' वाला दिन रहा, जहां पारा 45 डिग्री पार पहुंच गया। पंजाब के फरीदकोट में दिन का तापमान 47.3 डिग्री रहा। जम्मू-कश्मीर के सांबा जिले में तापमान 44.6 डिग्री रहा। देश के सर्वाधिक गर्म पांच शहर (पारा डिग्री सेल्सियस में) बांदा (उप्र) – 48.2 नौगांव (मप्र) – 47.0 रोहतक (हरियाणा) – 46.9 अमरावती (महाराष्ट्र) – 46.8 दिल्ली रिज – 46.5 पहाड़ी राज्यों के इन शहरों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से अधिक पहुंचा यहाँ दिए गए तापमान के आंकड़ों (डिग्री सेल्सियस में) के आधार पर एक सुव्यवस्थित और साफ-सुथरी तालिका (Table) दी गई है: शहर का नाम      तापमान (°C) कठुआ     44.6 ऊना     43.4 जम्मू     42.0 नेरी (हमीरपुर)     41.2 रुड़की     41.0 पंतनगर     40.2 मंडी     40.0 हरियाणा को लू ने अपनी चपेट में ले लिया है। राजस्थान से चल रही दक्षिण-पश्चिमी हवाओं ने पूरे हरियाणा को गर्म कर दिया है। इसी के चलते रोहतक सबसे गर्म रहा और तापमान 46.9 डिग्री तक पहुंच गया। यह तापमान राजस्थान के चुरू से भी ज्यादा है। गर्मी से बचने को लोग एसी-कूलर का सहारा लेने लगे हैं, इससे बिजली की खपत भी बढ़ी है। गर्मी का असर मंदिरों में भी देखने को मिला है। कई मंदिरों में पुजारियों की तरफ से भगवान को ठंडे पेय पदार्थ का भोग लगाया गया। भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार अधिकतम तापमान में और बढ़ोतरी हो सकती है। आइएमडी के अनुसार बुधवार को प्रदेश के 15 जिलों में आरेंज तो सात जिलों में लू का यलो अलर्ट जारी किया गया है। सभी जिलों का अधिकतम तापमान 42 डिग्री पार सभी जिलों का अधिकतम तापमान 42 डिग्री पार कर गया है। सिरसा में भी अधिकतम तापमान 46.4 डिग्री तक पहुंच गया। 22 मई तक दिन का तापमान बढ़ने सहित कहीं-कहीं हल्के बादल छाने की संभावना है। हिसार में 45.3 डिग्री अधिकतम पारा रहा। दिन में लू चलने के साथ अब रातें भी गर्म रहने लगी हैं। भिवानी का रात का तापमान 30 डिग्री तक पहुंच गया। राजस्थान सीमा से लगते जिलों में पारा काफी अधिक है। वहीं अंबाला और सिरसा का रात का तापमान 29 डिग्री पार हो गया है, यह और बढ़ सकता है। गर्मी बढ़ने के साथ ही बिजली की मांग बढ़ी हरियाणा में गर्मी बढ़ने के साथ ही बिजली की मांग बढ़ गई है। दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम की तरफ से 17 मई को प्रदेश के करीब 11 सर्कल में 1295.20 लाख प्रतिदिन यूनिट बिजली की सप्लाई की गई। वहीं 18 मई को खपत बढ़ कर 1364.21 लाख प्रति दिन हो गई। हरियाणा के विभिन्न जिलों के लिए जारी किए गए मौसम विभाग के अलर्ट के आधार पर एक सुव्यवस्थित तालिका (Table) नीचे दी गई है: हरियाणा मौसम अलर्ट ऑरेंज अलर्ट         सिरसा, फतेहाबाद, हिसार, जींद, भिवानी, रोहतक, सोनीपत, चरखी दादरी, झज्जर, रेवाड़ी, महेंद्रगढ़, गुरुग्राम, फरीदाबाद, मेवात और पलवल।    अधिक सतर्क रहने की आवश्यकता: इन जिलों में भीषण गर्मी/लू (Heatwave) का प्रकोप ज्यादा रह सकता है। यलो अलर्ट      पंचकूला, अंबाला, यमुनानगर, कुरुक्षेत्र, करनाल, कैथल और पानीपत। अपडेट रहने की आवश्यकता: इन जिलों में मौसम खराब या गर्म रहने की संभावना है, नजर बनाए रखें। जिलावार अधिकतम व न्यूनतम तापमान जिला     अधिकतम तापमान (°C)     न्यूनतम तापमान (°C) अंबाला     44.4                                 29.8 भिवानी     42.5                                 30.0 गुरुग्राम     44.6                                28.1 हिसार     45.3                                  27.7 करनाल     43.1                               26.8 नारनौल     45.0                               26.5 रोहतक     46.9                               28.0 सिरसा     46.4                                29.4

गर्मी से भगवान को राहत! हिसार के मंदिरों में लगे एसी-कूलर, आइसक्रीम और ठंडे पेयों का भोग

हिसार. शहर में लगातार बढ़ रही गर्मी का असर अब मंदिरों की दैनिक सेवा-पूजा और व्यवस्थाओं पर भी साफ दिखाई देने लगा है। लगातार बढ़ते तापमान को देखते हुए शहर के विभिन्न मंदिरों में भगवान की सेवा बदली गई है। कहीं देवी-देवताओं को ठंडे पेय और शीतल भोग अर्पित किए जा रहे हैं तो कहीं गर्भगृह में एसी और कूलर की व्यवस्था कर ठंडा रखा जा रहा है। साथ ही श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मंदिर परिसरों में ठंडे पानी की छबील और वाटर कूलर लगाए गये हैं। सेक्टर 9-11 स्थित श्री शिव मंदिर में पुजारियों और श्रद्धालुओं द्वारा देवी-देवताओं को ठंडे पेयजल का भोग लगाया गया। मंदिर में श्रद्धालुओं ने भीषण गर्मी से राहत की कामना करते हुए विशेष पूजा-अर्चना की। मंदिरों में अब शिकंजी, ठंडाई, रसमलाई, मठा, दूध, फल-फ्रूट, खीर और आइसक्रीम जैसे शीतल व्यंजनों का विशेष भोग लगाया जा रहा है। श्री देवी भवन मंदिर के मुख्य पुजारी पंडित सुरेश ने बताया कि गर्मी के मौसम को देखते हुए गर्भगृह में एयर कंडीशनर लगाए गए हैं, ताकि भगवान की प्रतिमाओं के आसपास का वातावरण शीतल बना रहे। उन्होंने बताया कि देवी-देवताओं को अब सूती और हल्के वस्त्र धारण कराए गये हैं। इसके अलावा श्रद्धालुओं के लिए भी मंदिर परिसर में ठंडे पानी की व्यवस्था की गई है। गर्मी के अनुरूप विशेष व्यवस्था: त्रिलोक सेक्टर 16-17 स्थित श्री श्याम मंदिर में भी गर्मी के अनुरूप विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं। मंदिर के उपप्रधान त्रिलोक बंसल ने बताया कि श्री श्याम बाबा को ठंडाई, फल और हल्के भोग अर्पित किए जा रहे हैं। मंदिर में आरती के समय में भी बदलाव किया गया है ताकि श्रद्धालु सुबह और शाम के अपेक्षाकृत ठंडे समय में दर्शन कर सकें। शहर के एमसी कालोनी शिव मंदिर, राधा-कृष्ण बड़ा मंदिर, जवाहर नगर हनुमान मंदिर, पटेल नगर शिव मंदिर, मोती बाजार हनुमान मंदिर और बुधला संत हनुमान मंदिर सहित कई धार्मिक स्थलों पर भी विशेष शीतल भोग लगाए जा रहे हैं। मंदिर पुजारी रविकांत शर्मा ने बताया कि गर्मी के मौसम में भगवान की सेवा भी ऋतु के अनुसार की जाती है। सर्दियों में जहां गरम भोग और ऊनी वस्त्र अर्पित किए जाते हैं, वहीं गर्मियों में ठंडे भोग और हल्के वस्त्रों का प्रयोग किया जाता है।

18 रिटायर्ड IAS और 4 IPS के बीच अजय सूरा की बाजी, हरियाणा सरकार ने किया बड़ा खुलासा

चंडीगढ़. हरियाणा में नये राज्य सूचना आयुक्त अजय सूरा की नियुक्ति के बाद प्रदेश सरकार ने पद की दौड़ में शामिल लोगों के नाम सार्वजनिक कर दिए हैं। राज्य सूचना आयोग में सदस्य बनने के लिए 349 हस्तियों ने ताल ठोकी थी, जिनमें 18 सेवानिवृत्त आइएएस, चार आइपीएस, एक आइआरएस और पांच सेवानिवृत्त एचसीएस अधिकारियों सहित कई पत्रकार, नौकरशाह, समाजसेवी, वकील और विभिन्न क्षेत्रों में कार्यरत लोग शामिल रहे। हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग के पूर्व चेयरमैन भोपाल सिंह खदरी और हरियाणा लोकसेवा आयोग की सदस्य रह चुकी डॉ. वंदना शर्मा भी सूचना आयुक्त बनने की दौड़ में शामिल थे। पूर्व केंद्रीय मंत्री सुषमा स्वराज की छोटी बहन वंदना शर्मा भाजपा के टिकट पर सफीदों विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ चुकी हैं। वहीं, विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े 39 लोगों ने निर्धारित समय सीमा के बाद आवेदन किया था, जिस कारण उनके नामों पर विचार नहीं किया गया। आवेदन की सीमा 21 मार्च 2025 निर्धारित की गई थी। अब फिर से सूचना आयोग में नियुक्ति के लिए नए सिरे से आवेदन मांगे जा सकते हैं। पुराने आवेदनों में शामिल नामों पर ही विचार संभव यह भी संभव है कि पुराने आवेदनों में शामिल नामों पर ही विचार किया जाए। नये सूचना आयुक्त अजय सूरा के पदभार संभालने के बावजूद राज्य सूचना आयोग में सदस्यों के पांच पद अभी भी रिक्त हैं। सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 के तहत राज्य स्तर पर एक मुख्य सूचना आयुक्त और अधिकतम 10 सूचना आयुक्तों की नियुक्ति का प्रविधान है, लेकिन वर्तमान में मुख्य सूचना आयुक्त टीवीएसएन प्रसाद के साथ आयोग में पांच सदस्य सेवाएं दे रहे हैं। पिछले साल मार्च में हरियाणा सरकार के सामान्य प्रशासन विभाग ने मुख्य सूचना आयुक्त के एक और सात सूचना आयुक्तों के पदों के लिए आवेदन मांगे थे। इसके बाद मई 2025 में पूर्व मुख्य सचिव टीवीएसएन प्रसाद को मुख्य सूचना आयुक्त नियुक्त किया गया, जबकि उनके साथ सेवानिवृत्त एचसीएस अधिकारी अमरजीत सिंह, कर्मवीर सैनी, नीता खेड़ा, संजय मदान और प्रियंका धूपड़ को राज्य सूचना आयुक्त बनाया गया। हालांकि, प्रियंका धूपड़ की नियुक्ति विवादों में आ गई थी, जिस कारण उन्होंने पदभार नहीं संभाला। बाकी सभी सदस्यों का कार्यकाल मई 2028 तक निर्धारित है। अप्रैल में दो राज्य सूचना आयुक्तों डॉ. कुलबीर छिकारा और डा. जगबीर सिंह का तीन साल का कार्यकाल पूरा हो गया। यह अधिकारी थे दौड़ में यहाँ दी गई जानकारी के आधार पर सेवानिवृत्त अधिकारियों की एक सुव्यवस्थित तालिका (Table) दी गई है:- श्रेणी                   सेवानिवृत्त अधिकारियों के नाम                                                                       विशेष टिप्पणी सेवानिवृत्त IAS     रेणु एस फुलिया, ज्योति अरोड़ा, भूपिंद्र सिंह, अमरजीत सिंह मान, महेश्वर शर्मा, डा. अंकुर गुप्ता,                          महावीर कौशिक, चोखा राम गर्ग, सुनील कुमार गुलाटी, अश्विनी कुमार, सुरजीत कौर, ललित के                          सिवाच, नरेश कुमार, धर्मवीर सिंह, राम सरूप वर्मा, आलोक निगम, अरुण कुमार मित्तल,                          शामलाल                                    (ज्योति अरोड़ा पूर्व में भी सूचना आयुक्त के पद पर रह चुकी हैं।) सेवानिवृत्त IPS     शिवचरण, डा. एलआर बिश्नोई, अरुण कुमार मित्तल, रमेश चंद्र       सेवानिवृत्त HCS     अमरजीत सिंह, अशोक कुमार, सतीश यादव, रामेश्वर मेहरा, चंद्रिका प्रसाद द्विवेदी       सेवानिवृत्त IRS     रणजीत कुमा

ऐप-बेस्ड कैब और डिलीवरी सेवाओं के लिए नया सख्त नियम, सुरक्षा और बीमा व्यवस्था अनिवार्य

चंडीगढ़ हरियाणा में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में सोमवार को हुई कैबिनेट मीटिंग में अहम फैसले लिए गए. कैबिनेट की मीटिंग में हरियाणा मोटर व्हीकल्स रूल्स, 1993 में बदलाव को मंजूरी दी गई.  इसमें मिनिस्ट्री ऑफ़ रोड ट्रांसपोर्ट एंड हाईवेज़ की ओर से जारी दिशानिर्देश के तहत बदलाव किया गया और कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट के निर्देशों के चलते भी एग्रीगेटर लाइसेंस देने के लिए नियमों को मंज़ूरी दी गई. हरियाणा कैबिनेट ने यह फैसला राज्य के एनसीआर जिलों में बेहतर परिवहन को बढ़ावा देने, वाहनों से होने वाले प्रदूषण को रोकने और वायु गुणवता को बेहतर बनाने के लिए लिया गया है. संशोधित नियमों के तहत 1 जनवरी, 2026 से राष्ट्रीय राजधानी इलाकों में एग्रीगेटर्स, डिलीवरी सर्विस प्रोवाइडर्स और ई-कॉमर्स कंपनियों के बेड़े में शामिल सभी गाड़ियां आवश्यक तौर पर सीएनजी, इलेक्ट्रिक व्हीकल, बैटरी से चलने वाली गाड़ियां या किसी दूसरे स्वछ्तम ईंधन पर आधारित होंगी. इसके अलावा,  एनसीआर इलाकों में मौजूदा बेड़े में सिर्फ़ सीएनजी या इलेक्ट्रिक 3-व्हीलर, ऑटो-रिक्शा को ही शामिल करने की अनुमति सरकार की तरफ से दी जाएगी. कैबिनेट ने राज्य में चल रहे ऐप-बेस्ड पैसेंजर एग्रीगेटर्स और डिलीवरी सर्विस प्रोवाइडर्स के लिए एक बड़ा रेगुलेटरी फ्रेमवर्क बनाने के लिए हरियाणा मोटर व्हीकल्स रूल्स, 1993 के रूल 86 ए में बदलाव की भी मंज़ूरी दी. नए नियमों में एग्रीगेटर्स और डिलीवरी सर्विस प्रोवाइडर्स के लिए आवश्यक लाइसेंसिंग, ड्राइवरों और गाड़ियों के लिए ऑनबोर्डिंग नियम, पैसेंजर सुरक्षा के उपाय, शिकायत सुलझाने के तरीके, प्रेरणा और पुनरावलोकन प्रशिक्षण कार्यक्रम, ड्राइवरों और पैसेंजर के लिए इंश्योरेंस कवरेज, ऐप्स के लिए साइबर सिक्योरिटी का पालन और किराए का रेगुलेशन शामिल हैं. नियमों अनुसार, एग्रीगेटर्स और डिलीवरी सर्विस प्रोवाइडर्स को यात्रियों के लिए कम से कम 5 लाख रुपये का बीमा कवरेज, ड्राइवरों के लिए कम से कम 5 लाख रुपये का स्वास्थय बीमा और ऑनबोर्डेड ड्राइवरों के लिए कम से कम 10 लाख रुपये का टर्म इंश्योरेंस करवाना अनिवार्य होगा. इन नियमों के तहत गाड़ियों में व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस, पैनिक बटन, फर्स्ट-एड किट और फायर एक्सटिंग्विशर लगाना भी ज़रूरी है. एग्रीगेटर्स को पैसेंजर की मदद और शिकायत दूर करने के लिए 24×7 घण्टे कंट्रोल रूम और कॉल सेंटर भी बनाने होंगे. कैबिनेट ने तय किया है कि पारदर्शी और जिम्मेवारी को मज़बूत करने के लिए नियमों में वाहन और सारथी पोर्टल के ज़रिए गाड़ी और ड्राइवर की डिटेल्स के वाहन का डिजिटल प्रमाणीकरण का प्रबंध करना है. एग्रीगेटर्स और डिलीवरी सर्विस प्रोवाइडर्स को ऑनबोर्डेड ड्राइवरों और गाड़ियों का डिटेल्ड डिजिटल रिकॉर्ड भी रखना होगा. यहां करना होगा रजिस्ट्रेशन बैठक में मंत्रिपरषद को अवगत करवाया गया कि एग्रीगेटर्स, डिलीवरी सर्विस प्रोवाइडर्स और ई-कॉमर्स संस्थाओं के लिए रजिस्ट्रेशन और लाइसेंसिंग प्रोसेस निर्धारित पोर्टल cleanmobility.haryanatransport.gov.in. के ज़रिए संचालन किया जाएगा. नए फ्रेमवर्क में ड्राइवर वेलफेयर, किराया शेयरिंग, सेफ्टी स्टैंडर्ड, दिव्यांगजन-फ्रेंडली गाड़ियों को शामिल करने और इलेक्ट्रिक मोबिलिटी की ओर बढ़ने से जुड़े नियम भी शामिल किए हैं. कितना है एनसीआर का इलाका गौरतलब है कि दिल्ली और एनसीआर में हरियाणा के 14 जिले आते हैं. इसमें गुरुग्राम, फरीदाबाद, रेवाड़ी, सोनीपत, जींद, पानीपत और करनाल के कुछ हिस्से शामिल हैं. ऐसे में इस फैसले का असर इन जिलों पर होगा.