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हरियाणा के हिसार में कचरे से बनेगी बिजली, 15 एकड़ जमीन पर प्लांट लगाने की प्रक्रिया तेज

हिसार  हिसार शहर के कचरे को ऊर्जा में बदलने की प्रस्तावित योजना अब धीरे-धीरे जमीन पर उतरने की दिशा में आगे बढ़ रही है। हिसार में वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट स्थापित करने की तैयारियों के बीच आयल ग्रीन एनर्जी लिमिटेड (ओजीईएल) की ओर से तीन सदस्यीय विशेषज्ञ टीम ने ढंढूर गांव के पास चिह्नित जमीन का निरीक्षण किया। दिल्ली से आए विशेषज्ञों ने सालिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट के लिए प्रस्तावित जमीन का निरीक्षण कर वहां की मौजूदा स्थिति की रिपोर्ट तैयार की। निगमायुक्त सी. जयाश्रद्धा के मार्गदर्शन में नगर निगम की तकनीकी टीम भी एक्सईएन जयवीर डूडी के नेतृत्व में मौके पर मौजूद रही। परियोजा को आगे बढ़ाने के लिए होगी मिट्टी की जांच अब परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए जमीन की मिट्टी की जांच करवाई जाएगी। इसकी रिपोर्ट के आधार पर आगे की तकनीकी प्रक्रिया को गति मिलेगी। हिसार में प्रस्तावित यह परियोजना शहर की कचरा प्रबंधन व्यवस्था को बदलने की क्षमता रखती है। योजना के तहत पांच जिलों हिसार, हांसी, फतेहाबाद, जींद और भिवानी जिले के सिवानी क्षेत्र से आने वाले कचरे का उपयोग कर पांच से दस मेगावाट बिजली उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है। मेरठ की एजेंसी को दिया 9.93 करोड़ रुपये का टेंडर इसके लिए राजकीय पशुधन फार्म की 55 एकड़ भूमि में से 15 एकड़ जमीन लीज पर मिल चुकी है। कचरा प्रोसेसिंग के काम के लिए मेरठ की एजेंसी को 9.93 करोड़ रुपये में टेंडर दिया गया है। निगमायुक्त से भी हुई मीटिंग विशेषज्ञों की टीम ने निगमायुक्त सी. जयाश्रद्धा से परियोजना के संबंध में बातचीत की। वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट की स्थापना की दिशा में आगे बढ़ते हुए आयल ग्रीन एनर्जी लिमिटेड की तीन सदस्यीय विशेषज्ञ टीम ने जमीन के संबंध में काफी जानकारी जुटाई। ओजीईएल और यूएलबी की टीम ने इस जगह का किया निरीक्षण चिकनवास सब स्टेशन से जुड़ेगा प्रस्तावित प्लांट वेस्ट-टू-एनर्जी परियोजना के लिए बिजली को ग्रिड तक पहुंचाने की तैयारी भी की जा रही है। एचवीपीएनएल के एक्सइएन सत्यप्रकाश के नेतृत्व में चिकनवास में 220 केवी का सब स्टेशन तैयार हो चुका है। प्रस्तावित योजना के अनुसार, वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट को इस सब स्टेशन से जोड़ने के लिए करीब 10 किलोमीटर लंबी 33 केवी लाइन बिछाई जाएगी। इससे प्लांट में उत्पादित बिजली को बिजली व्यवस्था में शामिल करने का रास्ता तैयार होगा। प्रदेश सरकार हिसार के विकास को व्यापक स्तर पर गति दे रही है। इसी दिशा में क्लस्टर स्तर पर वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट स्थापित करने की परियोजना पर काम आगे बढ़ रहा है। यह परियोजना कचरे को समस्या के बजाय संसाधन में बदलने और ऊर्जा पैदा करने में महत्वपूर्ण साबित होगी।  

हरियाणा की बेटी मनीषा ने एशियन गेम्स में जीता स्वर्ण पदक, कबड्डी में चमकी किस्मत

हिसार. दो एकड़ जमीन, परिवार की सीमित आमदनी व आंखों में बड़े सपने। इन चुनौतियों के बीच भिवानी रोहिल्ला की बेटी मनीषा ने कबड्डी के मैदान में ऐसा दम दिखाया कि परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारने में भी योगदान दिया। गरीब किसान परिवार में जन्मी मनीषा ने मेहनत व लगन के दम पर गांव से खेल का सफर शुरू किया और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई। चीन के बाद एशियन गेम्स में भी गोल्ड जीतकर परिवार का नाम रोशन किया है। 2016 से किया था कबड्डी का अभ्यास वर्ष 2016 में शुरू किया था कबड्डी का अभ्यास मनीषा ने वर्ष 2016 में गांव में ही कोच धर्मपाल के मार्गदर्शन में कबड्डी का अभ्यास शुरू किया था। करीब तीन साल की मेहनत के बाद उसे जिला स्तर पर खेलने का मौका मिला। इसके बाद उसने पीछे मुड़कर नहीं देखा। वर्ष 2022 में पंजाब में आयोजित नेशनल प्रतियोगिता में हिस्सा लिया, हालांकि क्वार्टर फाइनल में हार का सामना करना पड़ा। निराश होने के बजाय मनीषा ने अपनी कमियों पर काम किया। हरिद्वार में आयोजित सीनियर नेशनल प्रतियोगिता में तीसरा स्थान हासिल किया। स्टेट स्तर की प्रतियोगिताओं में भी बेहतर प्रदर्शन किया और आगे बढ़ने का सिलसिला जारी रखा। आर्थिक चुनौतियों को मात दे परिवार की बदली तकदीर बहनों ने भी बनाई पहचान मनीषा पांच बहनों में चौथे नंबर पर है और उसका एक छोटा भाई भी है। परिवार के पास केवल दो एकड़ जमीन है, ऐसे में आर्थिक चुनौतियों के बीच खेल में आगे बढ़ना आसान नहीं था। मनीषा व उसकी दो बहनें रेनू और शिक्षा भी पदक जीतकर परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारने में योगदान दिया है।

हरियाणा में सड़क निर्माण में लापरवाही पर सख्ती, घटिया काम करने वाले अधिकारियों की रिपोर्ट बिगड़ेगी

 चंडीगढ हरियाणा में अब अगर किसी अधिकारी की निगरानी में बनी सड़क समय से पहले खराब होती है और जांच में लापरवाही सामने आती है, तो संबंधित अधिकारी की वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट (एसीआर) खराब होगी। सड़क निर्माण में लापरवाही को संबंधित अधिकारी की एसीआर से जोड़ा जाएगा। म्हारी सड़क ऐप और विभिन्न विभागों के अधीन सड़कों की स्थिति की समीक्षा करते हुए शनिवार को मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़कों की मरम्मत से जुड़ी शिकायतों का 10 दिन में समाधान सुनिश्चित किया जाए। शिकायतें लंबित न रहें। गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होना चाहिए। सड़क निर्माण में टाइलों के बजाय आरसीसी या तारकोल का इस्तेमाल किया जाए। पंचायत विभाग, हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड (एचएसएएमबी) सहित सभी विभागों की सड़कें गुणवत्ता मानकों के अनुसार बनाई जाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़क निर्माण के दौरान काम में अनियमितता या घटिया सामग्री के इस्तेमाल की शिकायत के लिए संबंधित विभाग का मोबाइल नंबर सार्वजनिक किया जाए। इससे लोग निर्माण कार्य के दौरान ही गड़बड़ी की जानकारी अधिकारियों तक पहुंचा सकेंगे। सड़क निर्माण स्थल पर ऐसे बोर्ड लगाए जाएं, जिन पर निर्माण एजेंसी का नाम, निर्माण पूरा होने की तारीख, डिफेक्ट लायबिलिटी पीरियड (डीएलपी) यानी दोष दायित्व अवधि और संबंधित अधिकारियों के नाम व मोबाइल नंबर दर्ज हों। इससे लोगों को सड़क निर्माण और उसकी देखभाल से जुड़ी जानकारी आसानी से मिल सकेगी। बैठक में बताया गया कि लोक निर्माण विभाग हर जिले में एक माडल रोड बना रहा है। 18 फीट से अधिक चौड़ी सड़कों पर रोड मार्किंग, किनारों की लाइन और मोड़ों को बेहतर बनाया जाए। गुरुग्राम, फरीदाबाद और पंचकूला जैसे शहरों में सड़कों को आकर्षक बनाने पर विशेष ध्यान है। गुरुग्राम में 10 आइकोनिक सड़कें विकसित की जाएंगी। इन पर स्मार्ट लाइटें, स्ट्रीट फर्नीचर और हरियाली के साथ नो-स्मोकिंग जोन, दिव्यांगजनों के लिए व्हीलचेयर तथा डिस्प्ले पर जागरूकता संदेश जैसी सुविधाएं होंगी। कॉलोनियों में जिम्मेदारी कॉलोनाइजर की करीब 63 हजार 621 किलोमीटर सड़कों की जीआइएस मैपिंग पूरी हो चुकी है। इस व्यवस्था को एसडीओ और जेई स्तर तक जोड़ा गया है, ताकि शिकायत सीधे संबंधित क्षेत्र के अधिकारी तक पहुंचे और कार्रवाई में देरी न हो। कॉलोनाइजरों द्वारा विकसित कॉलोनियों में सड़कों की देखभाल और मरम्मत की जिम्मेदारी संबंधित कॉलोनाइजर की होगी। यदि कॉलोनाइजर मरम्मत नहीं करवाता, तो विभाग अपने स्तर पर काम करवाकर खर्च उससे वसूल करेगा। प्रमुख पुलों के आसपास बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, शिक्षा और अन्य सामाजिक विषयों से जुड़े संदेशों के साथ कीटनाशकों के अंधाधुंध इस्तेमाल के खिलाफ जागरूकता संदेश लगाए जाएंगे। 7352 किलोमीटर सड़कों के सुधार कार्य मंजूर बैठक में प्रदेश में विभिन्न विभागों के अधीन कुल 63 हजार 621 किलोमीटर सड़क की समीक्षा की गई। वर्ष 2026-27 में 7352 किलोमीटर की 6593 सड़कों के सुधार कार्य मंजूर किए गए हैं। इनमें से 770 किलोमीटर का काम पूरा हो चुका है, जबकि 1347 किलोमीटर पर काम चल रहा है।  

नायब सैनी कैबिनेट का बड़ा फैसला, पूर्व अग्निवीरों को सरकारी नौकरी में आरक्षण और भर्ती में मिलेगी छूट

चंडीगढ़  हरियाणा में पूर्व अग्निवीरों को लिखित परीक्षा के बगैर ही तृतीय श्रेणी पदों (ग्रुप-सी) की नौकरी मिल जाएगी। वन्य जीव रक्षक, भारतीय रिजर्व बटालियन और राज्य आपदा मोचन बल में कांस्टेबल तथा फायर आपरेटर कम ड्राइवर के पदों के लिए शारीरिक जांच परीक्षण (पीएसटी) और शारीरिक माप परीक्षण (पीएमटी) से भी छूट मिलेगी। खान एवं भूविज्ञान विभाग में माइनिंग गार्ड का पद ग्रुप-डी से ग्रुप-सी में लाने की तैयारी है, ताकि उस पर भी पूर्व अग्निवीरों के लिए आरक्षण और भर्ती संबंधी लाभ लागू किए जा सकें मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में शनिवार को हुई कैबिनेट की बैठक में यह निर्णय लिया गया। नौसेना से 21 नवंबर को पहले बैच के अग्निवीर वापस लौटे रहे हैं, जिन्हें नई नीति का सबसे ज्यादा लाभ होगा। कैबिनेट ने दी मंजूरी हरियाणा के मूल निवासी पूर्व अग्निवीरों को राज्य की नीति के तहत निर्दिष्ट सरकारी पदों पर क्षैतिज आरक्षण, अधिकतम आयु सीमा में छूट, सामान्य पात्रता परीक्षा (सीईटी) से छूट और जहां लागू हो, शारीरिक जांच परीक्षा से छूट जैसे लाभ दिए गए हैं। कैबिनेट ने यह भी तय किया कि पूर्व अग्निवीरों की नियुक्ति से संबंधित श्रेणी में कोई कमी पैदा होती है तो उसे उसी श्रेणी की भविष्य की भर्तियों में समायोजित किया जाएगा। ग्रुप-सी पदों पर होगी सीधी भर्ती स्वीकृत संशोधनों के तहत पूर्व-अग्निवीरों को ग्रुप-सी पदों पर सीधी भर्ती के लिए निर्धारित सभी प्रकार की परीक्षाओं से छूट दी जाएगी। निर्धारित आरक्षण और अन्य भर्ती प्रविधानों के अधीन विज्ञापित पदों के विरुद्ध सीधी नियुक्ति के लिए उनके नाम पर विचार किया जाएगा।  

हरियाणा में पूर्व अग्निवीरों को ग्रुप-C भर्ती में लिखित परीक्षा से छूट, मीडिया कर्मियों की सहायता भी बढ़ी

पंचकूला हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने आज कैबिनेट बैठक की अध्यक्षता की। इसके बाद उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने मंत्रिमंडल ने छठे राज्य वित्त आयोग की सिफारिश के अनुसार स्थानीय निकायों को धनराशि के हस्तांतरण को जारी रखने की मंजूरी दी। ग्रामीण और शहरी स्थायी निकायों को वित्त वर्ष 2026 27 से अगले राज्य वित्त आयोग की सिफारिशें आने तक धनराशि मिलती रहेगी। राज्य के अपने कर राजस्व का वास्तविक आधार पर 7 प्रतिशत हिस्सा स्थानीय निकायों को दिया जाएगा। स्थानीय निकायों को मिलने वाली धनराशि में से 55% हिस्सा पंचायती राज संस्थाओं और 45% हिस्सा शहरी स्थानीय निकायों को मिलेगा। ग्राम पंचायत और शहरी स्थानीय निकायों को धनराशि का आवंटन 80% जनसंख्या और 20% क्षेत्रफल के आधार पर किया जाएगा। जिला परिषदों, पंचायत समितियों और ग्राम पंचायतों के बीच धनराशि का वितरण 10%, 15% और 75 प्रतिशत के अनुपात में होगा। लाडो लक्ष्मी योजना में बदलाव मंत्रिमंडल ने दीनदयाल लाडो लक्ष्मी योजना के पात्र परिवारों की वार्षिक आय सीमा बढ़ाकर 1.80 लाख रुपए करने का निर्णय लिया। तीन विशेष श्रेणियां के लिए भी वार्षिक आय सीमा को 1.80 लाख रुपए से बढ़ा कर 3 लाख रुपए किया। इन श्रेणियां में वह माताएं शामिल जिनके बच्चों ने कक्षा 10वीं या 12वीं की बोर्ड परीक्षा में 80% या उससे अधिक अंक प्राप्त किए हो। जिनके बच्चों ने कक्षा 1 से 4 तक निपुण भारत मिशन के तहत निर्धारित मानकों के अनुसार कक्षा स्तर की दक्षता हासिल की हो। जिनके बच्चों ने गंभीर तीव्र कुपोषण या मध्यम तीव्र कुपोषण की स्थिति से उभरकर सामान्य स्वास्थ्य स्थिति प्राप्त की हो। 1 नवंबर से नई व्यवस्था लागू अब लाभार्थियों को लाइवनेस सत्यापन हर महीने के बजाय प्रत्येक 3 महीने में एक बार कराना होगा। यह नई व्यवस्था 1 नवंबर 2026 से लागू होगी। मंत्रिमंडल ने नागरिक संसाधन सूचना विभाग को स्वतंत्र विभाग का दर्जा देने की मंजूरी दी। हरियाणा राज्य इलेक्ट्रॉनिक्स विकास निगम लिमिटेड को भी CRID के प्रशासनिक नियंत्रण में लाने का निर्णय लिया। मंत्रिमंडल की बैठक में प्रदेश के मीडिया कर्मियों के हित में भी महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। मंत्रिमंडल ने हरियाणा मीडिया कर्मी कल्याण कोष प्रशासन योजना के तहत पात्र मीडिया कर्मियों को दी जाने वाली अधिकतम वित्तीय सहायता राशि को 5 लाख करने की मंजूरी दी। मीडियोकर्मियों के हित में बड़ा फैसला हमारी सरकार मीडिया कर्मियों के कल्याण और उनके परिवारों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। हरियाणा मंत्रिमंडल ने पूर्व अग्नि वीरों के हित में एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया। राज्य की अग्नि वीर नीति के दायरे में आने वाले ग्रुप सी पदों की सीधी भर्ती में पूर्व अग्नि वीरों को सभी प्रकार की लिखित परीक्षाओं से छूट देने की मंजूरी दी। वन्य जीव रक्षक, भारतीय रिजर्व बटालियन में कांस्टेबल, राज्य आपदा मोचन बल में कांस्टेबल तथा फायर ऑपरेटर कम ड्राइवर के पदों के लिए आवेदन करने वाले पूर्व अग्नि वीरों को लागू प्रावधानों के अनुसार शारीरिक स्क्रीनिंग टेस्ट और शारीरिक माप परीक्षण से भी छूट देने का निर्णय लिया गया।

हरियाणा के युवा पंकज की अंतरराष्ट्रीय पहचान, वर्ल्ड स्किल प्रतियोगिता में कारपेंटरी प्रोजेक्ट पूरा करने वाले पहले भारतीय बने

भिवानी लकड़ी के जिस कार्य को ज्यादा तवज्जों नहीं दी जाती, भिवानी के छोटे से गांव सिवाड़ा के युवा को कारपेंटरी के कार्य ने अंतरराष्ट्रीय पहचान दिला दी है। महज 20 साल के युवा पंकज जांगड़ा ने शंघाई में हुई वर्ल्ड स्किल शंघाई 2026 प्रतियोगिता में विभिन्न देशों के प्रतिभागियों के बीच अपनी तकनीकी दक्षता, रचनात्मकता और मेहनत का शानदार प्रदर्शन किया। वे भारत की ओर से पहले ऐसे प्रतिभागी बने जिन्होंने कारपेंटरी प्रतियोगिता में अपना हाउस स्ट्रक्चर का प्रोजेक्ट पूरा किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी युवा की सराहना करते हुए अपनी स्कील पर और ध्यान देने और नए बच्चों को तैयार करने का संदेश दिया। पंकज ने अपनी प्रतिभा से दर्शा दिया है कि किताबी शिक्षा के साथ तकनीकी प्रशिक्षण के दम पर भी युवा अंतरराष्ट्रीय पहचान बना सकते है। निरंतर अभ्यास से उन्होंने कारपेंटरी के क्षेत्र में खुद को साबित किया। उनका यह सफर घर से शुरू हुआ। पंकज के पिता बिजेंद्र जांगड़ा गांव में ही लकड़ी का काम करते हैं। उन्होंने पिता से ही कारपेंटरी के बेसिक गुर सीखे। इसके बाद 2024 में स्किल प्रतियोगिता के प्रति गंभीर हुआ और जिलास्तरीय प्रतियोगिता में भाग लिया। यहां से महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय रोहतक में हुई राज्यस्तरीय और फिर राष्ट्रीय स्पर्धा में भाग लिया। दिल्ली में भी लिया था भाग राष्ट्रीय स्पर्धा में सिल्वर मेडल मिलने के बाद अंतरराष्ट्रीय स्पर्धा का मौका नहीं मिला मगर इस टीस को मन में रख फिर अभ्यास पर फोकस किया। जिलास्तर पर गोल्ड जीता। पंकज ने 2026 में दिल्ली में हुई राष्ट्रीय प्रतियोगिता में भाग लिया और इस बार राष्ट्रीय स्पर्धा में सबसे अधिक अंक प्राप्त किए। प्रतियोगिता के नियमानुसार अगली बार प्रतियोगिता में भाग लेने पर पदक नहीं मिलता। इस कारण पदक तो नहीं मिला मगर सीधे प्रवेश जरूर मिला। उन्होंने बैंगलुरू में तीन चरण के मॉक टेस्ट में भी अपने प्रतिद्वंदियों को मात दी। जिस कारण उन्हें चीन के शंघाई में हुई विश्व कौशल प्रतियोगिता में जोहर दिखाने का मौका मिला। 22 घंटे में बनाया हाउस स्ट्रक्चर पूरी तैयारी के साथ गए पंकज के सामने विभिन्न अलग-अलग देशों के 166 प्रतिभागी थे। प्रतियोगिता में पंकज को 22 घंटे में हाउस स्ट्रक्चर बनाने का प्रोजेक्ट दिया गया। अब तक 2020, 2024 में हुई विश्व कौशल प्रतियोगिता के कारपेंटिंग वर्ग में कोई भी भारतीय अपना प्रोजेक्ट पूरा नहीं कर पाया। इस बार पंकज पदक तो नहीं जीत पाए मगर अपना प्रोजेक्ट बेहतरीन तरीके से पूरा कर खूब वाहवाही लूटी। पंकज अब राष्ट्रीयस्तरीय कारपेंटिंग का बिजनेस करने लक्ष्य रखे हैं ताकि अन्य युवाओं को भी तैयार कर सके। पंकज ने बताया कि पिता बिजेंद्र का उनकी सफलता में अहम भूमिका है। उन्हीं की बदौलत वह अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता तक पहुंच पाया। प्रधानमंत्री से मिलकर उत्साहित है पंकज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को विश्व कौशल प्रतियोगिता में शामिल रहे भारतीय दल के सदस्यों को मुलाकात के लिए बुलाया। भिवानी के पंकज जांगड़ा को भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने का मौका मिला। जिससे वह काफी उत्साहित है। पंकज बताते हैं कि प्रधानमंत्री ने उन्हें कहा कि अपनी स्किल पर ध्यान दो और नए बच्चों को भी सीखाओ। पंकज अहमदाबाद से बीएससी फर्नीचर डिजाइन एंड मैनूफेक्चरिंग कोर्स कर रहे है। इसके अलावा उन्होंने मणिपाल कालेज आफ हायर एजूकेशन बैंगलोर से भी छह माह की ट्रेनिंग ली है।

Haryana Metro Project: गुरुग्राम से जेवर एयरपोर्ट तक नमो भारत कॉरिडोर का प्रस्ताव, अगले सप्ताह अहम बैठक

 चंडीगढ़  हरियाणा में मेट्रो विस्तार और नमो भारत ट्रेन परियोजनाओं को गति देने के लिए केंद्र और राज्य सरकार के अधिकारी अगले सप्ताह अहम बैठक करेंगे। केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय की ओर से बुलाई जाने वाली इस बैठक में गुरुग्राम, फरीदाबाद और पलवल में मेट्रो नेटवर्क के विस्तार के साथ नमो भारत ट्रेन के प्रस्तावित कारिडोर पर चर्चा होगी। बैठक में परियोजनाओं के लिए जमीन की उपलब्धता, निर्माण संबंधी बाधाओं और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय जैसे मुद्दों पर भी विचार किया जाएगा। बैठक में गुरुग्राम के राजीव चौक से दिल्ली के यशो भूमि तक प्रस्तावित मेट्रो लाइन की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) को अंतिम रूप देने पर भी चर्चा हो सकती है। ओल्ड गुरुग्राम से फरीदाबाद-पलवल तक मेट्रो नेटवर्क का विस्तार हरियाणा में मेट्रो कनेक्टिविटी बढ़ाने की योजना के तहत ओल्ड गुरुग्राम से लेकर फरीदाबाद और पलवल तक नेटवर्क के विस्तार पर काम किया जा रहा है। गुरुग्राम में प्रस्तावित मेट्रो परियोजना के दो चरणों पर काम शुरू हो चुका है। आगामी बैठक में परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा के साथ उनके क्रियान्वयन में आ रही बाधाओं को दूर करने के उपायों पर चर्चा होगी। बावल से जेवर एयरपोर्ट तक नमो भारत कनेक्टिविटी की तैयारी नमो भारत परियोजना के तहत दिल्ली के सराय काले खां से हरियाणा के रेवाड़ी जिले के बावल तक कनेक्टिविटी विकसित करने की योजना है। इसके अतिरिक्त, गुरुग्राम और फरीदाबाद के रास्ते नमो भारत कारिडोर को नोएडा के जेवर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से जोड़ने का प्रस्ताव भी है। हरियाणा सरकार इस योजना को सैद्धांतिक मंजूरी दे चुकी है।  

मोहाली के मनमोहन की बड़ी कामयाबी, हरियाणा सिविल सेवा परीक्षा में 16वीं रैंक के साथ DSP बनने का रास्ता साफ

 चंडीगढ़  मेहनत, लगन और लक्ष्य के प्रति समर्पण हो तो सपनों को हकीकत में बदला जा सकता है। मोहाली में रहने वाले मनमोहन सिंह ने इसे सच कर दिखाया है।हरियाणा सिविल सेवा (एचसीएस) परीक्षा-2026 के घोषित परिणाम में मनमोहन ने 16वीं रैंक हासिल कर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया है। इस उपलब्धि के साथ अब उनके हरियाणा पुलिस में उप पुलिस अधीक्षक (डीएसपी) बनने की राह बनी है। हालांकि, उन्हें मिलने वाला पद अंतिम नियुक्ति और सेवा आवंटन पर निर्भर करेगा। मूल रूप से पंजाब से जुड़े मनमोहन सिंह वर्तमान में मोहाली के एयरोसिटी क्षेत्र में रह रहे हैं। 16वीं रैंक हासिल कर बढ़ाया परिवार का गौरव दैनिक जागरण से बातचीत में मनमोहन ने कहा मेहनत का कोई विकल्प नहीं शॉर्टकट से बचें। वह चंडीगढ़ में भी 10 वर्ष से अधिक समय बिता चुके हैं। शहर से उनका जुड़ाव लंबे समय से रहा है। अब हरियाणा की प्रतिष्ठित राज्य सिविल सेवा परीक्षा में 16वीं रैंक हासिल करके उन्होंने अपने परिवार और परिचितों को गौरवान्वित किया है। लुधियाना से कुरुक्षेत्र तक की पढ़ाई मनमोहन सिंह ने अपनी स्कूली शिक्षा लुधियाना स्थित डीएवी पब्लिक स्कूल से प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआइटी), कुरुक्षेत्र से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में बीटेक की डिग्री हासिल की। तकनीकी शिक्षा की पृष्ठभूमि से आने वाले मनमोहन ने प्रशासनिक सेवा में जाने का लक्ष्य चुना और उसे हासिल करने के लिए लगातार प्रयास किए। एचसीएस परीक्षा में मिली सफलता उनकी इसी तैयारी और मेहनत का परिणाम है। 27 जुलाई 1999 को जन्मे मनमोहन के पिता रविंदर सिंह सिविल इंजीनियर हैं और जुबिली ग्रुप में सहायक उपाध्यक्ष के पद पर कार्यरत हैं। उनकी माता जगविंदर कौर गृहिणी हैं। परिवार ने उनकी शिक्षा और करियर के सफर में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। भंगड़ा और बैडमिंटन का भी शौक मनमोहन सिंह की रुचि केवल पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षाओं तक सीमित नहीं है। उन्हें भंगड़ा करने और बैडमिंटन खेलने का भी शौक है। उनकी सफलता उन युवाओं के लिए प्रेरणा है, जो इंजीनियरिंग या किसी अन्य पेशेवर डिग्री के बाद सिविल सेवाओं में करियर बनाने का सपना देखते हैं। मनमोहन ने अपनी उपलब्धि से यह संदेश दिया है कि सही लक्ष्य, निरंतर मेहनत और धैर्य के साथ आगे बढ़कर बड़ी सफलता हासिल की जा सकती है।

मानसा की बेटी क्रीमी गर्ग ने रचा इतिहास, हरियाणा सिविल सर्विस परीक्षा में टॉप कर हासिल किया SDM पद

मानसा  हरियाणा सिविल सर्विस परीक्षा के आए नतीजे में मानसा की प्रतिभावान बेटी क्रीमी गर्ग ने राज्य में चौथा रैंक हासिल कर अपने परिवार और जिले का नाम रोशन किया है। क्रीमी गर्ग हरियाणा सिविल परीक्षा में टाप 10 मैं शामिल होने वाली छह महिला उम्मीदवारों में एक है। हरियाणा सिविल सर्विस परीक्षा का रिजल्ट घोषित होने के बाद से परिवार में खुशी का माहौल है। क्रीमी गर्ग की इस कामयाबी के बाद उसके दादा सतपाल अकलिया वाले और पिता राजकुमार के घर बधाइयां मिलने का सिलसिला शुरू हो चुका है। परिवार व रिश्तेदारों द्वारा क्रीमी गर्ग का मुंह मीठा करवाने के अलावा उसे बधाई दी गई। बतौर SDM देंगी सेवाएं क्रीमी गर्ग अब हरियाणा में बतौर एसडीएम अपनी सेवाएं देगी जबकि उसका टारगेट आईएएस अफसर बनना है। क्रीमी ने बताया कि उसने हरियाणा सिविल परीक्षा के लिए 3 साल से लगातार रोजाना 6 से 7 घंटे कड़ी मेहनत की है। जिसमें उसके परिवार का उसे विशेष सहयोग मिला है। क्रीमी की प्राथमिक शिक्षा शहर के डीएवी स्कूल से शुरू हुई है है। प्लस टू की शिक्षा उसने एसडी कालेज चंडीगढ़ से की और बीए अर्थशास्त्र की शिक्षा दिल्ली यूनिवर्सिटी के हंसराज कालेज से पूरी करने के बाद अपने ही घर सोशल मीडिया से दूर रहते हरियाणा सिविल परीक्षा के लिए तैयारी की गई। निष्पक्ष हो करेंगी न्याय क्रीमी गर्ग कहती है कि उनका पहला लक्ष्य बतौर अधिकारी निष्पक्ष होकर लोगों के साथ न्याय करना होगा। शहर के वार्ड नंबर 10 के शक्ति नगर वासी क्रीमी गर्ग के कारोबारी पिता राज कुमार और हाउस वाइफ माता आशा रानी ने बताया कि क्रीमी से हरियाणा सिविल सर्विस परीक्षा की पढ़ाई करते समय कोई काम लेने के बजाय उसे टेबल पर ही सब कुछ मुहैया करवाया जाता था और अपनी पढ़ाई में गहरी रुचि के कारण क्रीमी ने अपने भाई की शादी का समागम एक दिन ही अटेंड किया। जिस वक्त रिजल्ट आया जिम में थीं क्रीमी उन्होंने बताया कि हरियाणा सिविल सर्विस परीक्षा का नतीजा 8 अक्टूबर को इंटरनेट पर घोषित होते समय क्रीमी जिम गई हुई थी। जिसने घर पहुंचकर इस खुशी को सांझा किया। उन्होंने बताया कि बेटी की पढ़ाई प्रति लगन को देखते इस परीक्षा में रैंक हासिल करने का उन्हें यकीन था और आज बेटी ने उनका सिर गर्व से ऊंचा कर दिया है। क्रीमी के चाचा समाजसेवी सुरेश करोड़ी ने बताया कि हरियाणा सिविल सर्विस परीक्षा मैं रैंक हासिल करना क्रीमी की मेहनत को सलाम है। जिसने अपने सभी शौक को बंद करते लगातार रोजाना 8 से 10 घंटे पढ़ाई की, इसके बाद बेटी ने यह मुकाम हासिल किया है। क्रीमी गर्ग कि इस कामयाबी पर विधायक डा.विजय सिंगला, बाढ़ पार्षद और नगर कौंसिल अध्यक्ष भूषण मत्ती क्रीमी गर्ग को उसकी कामयाबी पर बधाई देते कहा कि ऐसे ही बच्चे समाज के अन्य बच्चों के लिए लिए प्रेरणा स्रोत बनते हैं।

हरियाणा में गरीब किसानों के लिए बड़ा ऐलान, वीटा खरीदेगा दूध; भैंस खरीदने पर मिलेगी आर्थिक मदद

चंडीगढ़ हरियाणा में 1.80 लाख रुपये तक सालाना आमदनी वाले अंत्योदय परिवारों के लिए रोजगार के नए साधन खड़े किए जाएंगे। अंत्योदय परिवारों को भैंस खरीदने के लिए पशुपालन विभाग 80 हजार रुपये तक की सब्सिडी दे रहा है, जबकि वीटा के माध्यम से 50 हजार रुपये की अतिरिक्त मदद दी जाएगी। इतना ही नहीं, इन गरीब किसानों से दूध भी वीटा खरीद लेगा और दूध की निर्धारित कीमत के साथ प्रति लीटर दस रुपये प्रोत्साहन राशि भी दी जाएगी। सैनी सरकार का बड़ा तोहफा मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री अंत्योदय परिवार उत्थान योजना की समीक्षा बैठक में बैंक अधिकारियों को ऋण उपलब्ध करवाने के लिए आवश्यक हिदायतें दीं। महिला स्वयं सहायता समूहों तथा अनुसूचित जाति के परिवारों को ब्याज मुक्त ऋण प्रदान किया जाएगा। इनके ब्याज का भुगतान सरकार करेगी। मुख्यमंत्री ने पशुपालन विभाग को इस वर्ष कम से कम 15 हजार भैंसों पर ऋण उपलब्ध करवाने का लक्ष्य पूरा करने के निर्देश दिए। नवंबर तक खुलेंगे नए वीटा बूथ अभी प्रदेश में 1450 हर हित स्टोर चल रहे हैं। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को एक नवंबर तक 200 नए हर हित स्टोर तथा 300 नए वीटा बूथ, मिल्क बार तथा सांझा बाजार खोलने के निर्देश दिए। गांवों में पंचायती जमीन पर हर हित स्टोर व वीटा बूथ खुलवाने के लिए पंचायत विभाग तथा शहरी क्षेत्रों के लिए शहरी स्थानीय निकाय विभाग के अधिकारियों को आवश्यक कदम उठाने को कहा गया है। ‘सेवा’ विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डा. जी अनुपमा ने बताया कि अंत्योदय मेलों में भागीदारी करने वाले अंत्योदय परिवारों को रोजगार शुरू करवाने के लिए 19 विभागों की 47 स्कीमों के माध्यम से मदद की जाती है। 2021 में शुरू किए गए अंत्योदय मेलों के पहले चरण में 1.35 लाख परिवारों के ऋण स्वीकृत हुए हैं। दूसरे चरण की शुरुआत मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने पिछले साल 11 दिसंबर को की जिसके तहत अब तक सभी जिलों में एक-एक जिला स्तरीय अंत्योदय मेला आयोजित किया जा चुका है। अगले चरण में सभी विधानसभा क्षेत्रों में अंत्योदय मेले आयोजित किए जाएंगे। लोन देने से न कतराएं बैंक मुख्यमंत्री ने कहा कि बैंक गरीबों को लोन देने से न कतराएं। यदि जरूरत हुई तो बैंकों के ब्याज की भरपाई सरकार अपने स्तर पर करेगी। अगले एक साल के दौरान लगाए जाने वाले अंत्योदय मेलों को कलेंडर तैयार किया जाए। सभी विभाग समय की जरूरत के अनुसार ऐसे नए स्वरोजगारों की सूची बनाएं जिनके माध्यम से अंत्योदय परिवारों को नए रोजगारों से जोड़ा जा सके।