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सुषमा गुप्ता की छुट्टी, हरियाणा बाल कल्याण परिषद में बड़ा प्रशासनिक बदलाव

चंडीगढ़. हरियाणा राज्य बाल कल्याण परिषद में बड़ा प्रशासनिक बदलाव किया गया है। परिषद की मानद महासचिव सुषमा गुप्ता को उनके पद से हटा दिया गया है। इस संबंध में हरियाणा के राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष की ओर से आदेश जारी किए गए हैं। राजभवन से जारी आदेशों के तहत सुषमा गुप्ता की मानद महासचिव पद पर नियुक्ति समाप्त कर दी गई है। इस फैसले को परिषद और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े हलकों में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। राजभवन की बड़ी कार्रवाई सूत्रों के अनुसार, यह फैसला सीधे राज्यपाल सचिवालय के स्तर पर लिया गया है। आदेश जारी होने के बाद अब हरियाणा राज्य बाल कल्याण परिषद के प्रशासनिक ढांचे में नए सिरे से जिम्मेदारियों का निर्धारण किया जाएगा। हालांकि, जारी आदेशों में सुषमा गुप्ता को हटाने के कारणों का विस्तृत उल्लेख नहीं किया गया है, लेकिन राजभवन की ओर से की गई यह कार्रवाई राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों स्तरों पर चर्चा का विषय बन गई है। परिषद में नई नियुक्ति पर नजर मानद महासचिव का पद परिषद के संचालन और विभिन्न बाल कल्याण योजनाओं के समन्वय में अहम माना जाता है। ऐसे में अब नजर इस बात पर है कि सरकार और राजभवन की ओर से इस पद पर अगली नियुक्ति कब और किसे दी जाती है। हरियाणा राज्य बाल कल्याण परिषद राज्य में बच्चों के कल्याण, शिक्षा, संरक्षण और सामाजिक विकास से जुड़े कार्यक्रमों का संचालन करती है। परिषद के मानद महासचिव की भूमिका योजनाओं के क्रियान्वयन, संस्थागत समन्वय और प्रशासनिक निर्णयों में महत्वपूर्ण मानी जाती है।

रोहतक में डॉक्टरों और शिक्षक से लंबी पूछताछ, NEET मामले में नहीं मिले ठोस सबूत

रोहतक  नीट परीक्षा पेपर संबंधित सूचना पर सोनीपत एसटीएफ ने रोहतक के दो चिकित्सकों और एक शिक्षक से करीब 13 घंटे तक गहन पूछताछ की। हालांकि प्रारंभिक जांच में लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम-2024 के उल्लंघन से संबंधित कोई ठोस साक्ष्य नहीं मिलने पर तीनों को छोड़ दिया गया है। जानकारी के अनुसार एसटीएफ को सूचना मिली थी कि नीट परीक्षा के नाम पर प्रश्नपत्र बेचने अथवा अभ्यर्थियों को अनुचित लाभ पहुंचाने की योजना बनाई जा रही है। इसी सूचना के आधार पर टीम ने रोहतक में छापेमारी कर एक निजी अस्पताल से जुड़े दो चिकित्सकों और एक शिक्षक को पकड़ कर पूछताछ की। हालांकि मामला अस्पताल में लेन-देन से संबंधित बताया गया है। पूछताछ के दौरान एसटीएफ ने तीनों के मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रानिक उपकरणों की जांच की। जांच एजेंसियों को फोन में परीक्षा की तैयारी से जुड़े प्रश्न और अध्ययन सामग्री तो मिली, लेकिन अब तक ऐसा कोई दस्तावेज या प्रश्नपत्र बरामद नहीं हुआ है जिसे नीट परीक्षा का वास्तविक पेपर माना जा सके। डीएसपी सांपला राकेश कुमार ने बताया कि अभी तक की जांच में किसी प्रकार का आपराधिक मामला दर्ज करने योग्य साक्ष्य सामने नहीं आया है। इसलिए फिलहाल कोई एफआइआर दर्ज नहीं की गई है। हालांकि मामले की जांच अगले 14 दिन तक जारी रहेगी और संबंधित व्यक्तियों को जांच में सहयोग करने के निर्देश दिए गए हैं। मामले के सभी पहलुओं की गहनता से जांच की जा रही है और आवश्यकता पड़ने पर आगे भी पूछताछ की जाएगी।  

NEET परीक्षा से जुड़े इनपुट पर STF का एक्शन, रोहतक में दो डॉक्टर समेत तीन लोग हिरासत में

रोहतक. नीट परीक्षा पेपर संबंधित सूचना पर सोनीपत एसटीएफ ने रोहतक के दो चिकित्सकों और एक शिक्षक से करीब 13 घंटे तक गहन पूछताछ की। हालांकि प्रारंभिक जांच में लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम-2024 के उल्लंघन से संबंधित कोई ठोस साक्ष्य नहीं मिलने पर तीनों को छोड़ दिया गया है। जानकारी के अनुसार एसटीएफ को सूचना मिली थी कि नीट परीक्षा के नाम पर प्रश्नपत्र बेचने अथवा अभ्यर्थियों को अनुचित लाभ पहुंचाने की योजना बनाई जा रही है। इसी सूचना के आधार पर टीम ने रोहतक में छापेमारी कर एक निजी अस्पताल से जुड़े दो चिकित्सकों और एक शिक्षक को पकड़ कर पूछताछ की। हालांकि मामला अस्पताल में लेन-देन से संबंधित बताया गया है। पूछताछ के दौरान एसटीएफ ने तीनों के मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रानिक उपकरणों की जांच की। जांच एजेंसियों को फोन में परीक्षा की तैयारी से जुड़े प्रश्न और अध्ययन सामग्री तो मिली, लेकिन अब तक ऐसा कोई दस्तावेज या प्रश्नपत्र बरामद नहीं हुआ है जिसे नीट परीक्षा का वास्तविक पेपर माना जा सके। डीएसपी सांपला राकेश कुमार ने बताया कि अभी तक की जांच में किसी प्रकार का आपराधिक मामला दर्ज करने योग्य साक्ष्य सामने नहीं आया है। इसलिए फिलहाल कोई एफआइआर दर्ज नहीं की गई है। हालांकि मामले की जांच अगले 14 दिन तक जारी रहेगी और संबंधित व्यक्तियों को जांच में सहयोग करने के निर्देश दिए गए हैं। मामले के सभी पहलुओं की गहनता से जांच की जा रही है और आवश्यकता पड़ने पर आगे भी पूछताछ की जाएगी।

हरियाणा कैबिनेट बैठक आज: नई शिक्षक नीति और कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर होगा फैसला

चंडीगढ़. हरियाणा मंत्रिपरिषद की बैठक सोमवार को होगी, जिसमें कई अहम फैसलों पर मुहर लगेगी। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में होने वाली इस बैठक में माध्यमिक शिक्षा विभाग द्वारा तैयार नई शिक्षक नीति को स्वीकृति दी जा सकती है। इसके अलावा विभिन्न विभागों ने भी कुछ नीतियों में संशोधन का प्रस्ताव दिया है, जिस पर चर्चा होगी। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार यह बैठक हरियाणा सचिवालय में सुबह 11 बजे होनी थी, लेकिन अचानक से समय में परिवर्तन कर दिया गया है। अब यह बैठक सुबह दस बजे होगी, जिसके लिए सभी मंत्रियों और प्रशासनिक सचिवों को सूचित कर दिया गया है। बैठक में करीब एक दर्जन प्रस्तावों पर विचार किया जाएगा। जिनमें विकास परियोजनाओं, भर्ती प्रक्रियाओं, कृषि, उद्योग तथा बुनियादी ढांचा विकास से जुड़े विषय शामिल हैं। इसके अलावा कुछ सेवानिवृत्त अधिकारियों को भी पुनर्नियुक्ति देने के प्रस्ताव पर चर्चा होगी।

फतेहाबाद के रतिया शहर के लिए 1667 हेक्टेयर में विकास योजना, आबादी 2 लाख पहुंचने का अनुमान

चंडीगढ़  हरियाणा सरकार ने फतेहाबाद जिले के रतिया शहर के लिए वर्ष 2041 तक का नया विकास खाका जारी कर दिया है। प्रस्तावित प्रारूप विकास योजना के तहत रतिया को आने वाले वर्षों की आबादी, आर्थिक गतिविधियों और शहरी जरूरतों को ध्यान में रखते हुए नए स्वरूप में विकसित करने की तैयारी की गई है। सरकार का अनुमान है कि वर्ष 2041 तक रतिया की आबादी दो लाख के करीब पहुंच सकती है, जिसके अनुरूप शहर के विस्तार, सड़क नेटवर्क, सार्वजनिक सुविधाओं और औद्योगिक विकास की रूपरेखा तैयार की गई है। नोटिफिकेशन के अनुसार, इस योजना पर लोगों से आपत्तियां और सुझाव भी मांगे गए हैं। तय अवधि के भीतर प्राप्त सुझावों पर विचार करने के बाद अंतिम स्वरूप तय किया जाएगा। 2011 की तुलना में कई गुना आबादी का अनुमान योजना दस्तावेज के अनुसार वर्ष 2011 में रतिया की आबादी 37,152 दर्ज की गई थी। प्रक्षेपण के आधार पर 2021 में यह 65 हजार से अधिक और वर्ष 2041 तक करीब 2.02 लाख पहुंचने का अनुमान लगाया गया है। इसी संभावित दबाव को देखते हुए विकास योजना तैयार की गई है। सरकार का मानना है कि कृषि आधारित गतिविधियों, व्यापार और बढ़ती शहरी जरूरतों के कारण आने वाले वर्षों में रतिया का स्वरूप तेजी से बदलेगा। 1667 हेक्टेयर क्षेत्र के हिसाब से होगी प्लानिंग प्रारूप विकास योजना में शहर के लिए कुल 1667 हेक्टेयर क्षेत्र का प्रस्ताव रखा गया है। इसमें सबसे बड़ा हिस्सा आवासीय उपयोग के लिए रखा गया है। सरकार ने 634 हेक्टेयर आवासीय क्षेत्र के लिए, 116 हेक्टेयर वाणिज्यिक, 296 हेक्टेयर औद्योगिक, 193 हेक्टेयर परिवहन व संचार, 122 हेक्टेयर सार्वजनिक उपयोगिताएं, 101 हेक्टेयर सार्वजनिक एवं अर्ध-सार्वजनिक उपयोग तथा 205 हेक्टेयर भूमि खुले स्थान और हरित क्षेत्र के लिए प्रस्तावित की गई है। योजना में सड़क ढांचे को भी विस्तार देने का प्रस्ताव है। शहर के विभिन्न सेक्टरों को जोड़ने के लिए नई परिधीय सड़कें और सेक्टर सड़कें प्रस्तावित की गई हैं। प्रमुख सड़कों के साथ हरित पट्टी और भविष्य की यातायात जरूरतों को ध्यान में रखते हुए चौड़ाई का भी प्रावधान किया गया है। योजना में परिवहन और संचार उपयोग के लिए अलग क्षेत्र आरक्षित किया गया है ताकि बढ़ती आबादी के साथ ट्रैफिक और आवाजाही की चुनौतियों को नियंत्रित किया जा सके। पानी, बिजली और सार्वजनिक सेवाओं का भी रोडमैप दस्तावेज में जल आपूर्ति, सीवरेज, ग्रिड सब-स्टेशन और अन्य सार्वजनिक उपयोगिताओं के लिए भी अलग क्षेत्र प्रस्तावित किए गए हैं। भविष्य की जरूरतों को देखते हुए जलापूर्ति और विद्युत ढांचे को मजबूत करने की दिशा में स्थान आरक्षित किए गए हैं। इसके अलावा शिक्षा, स्वास्थ्य और सार्वजनिक संस्थानों के लिए भी अलग प्रावधान किए गए हैं ताकि शहर का विकास केवल आबादी बढ़ाने तक सीमित न रहे बल्कि सुविधाओं के साथ संतुलित ढंग से आगे बढ़ सके। लोगों से मांगे गए सुझाव सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह प्रारूप योजना है और अंतिम अधिसूचना से पहले नागरिक, संस्थाएं और अन्य हितधारक अपने सुझाव और आपत्तियां दे सकेंगे। इन्हें निर्धारित प्रक्रिया के तहत परखा जाएगा। रतिया के लिए जारी यह विकास खाका आने वाले डेढ़ दशक की शहरी दिशा तय करेगा और इससे शहर के नियोजित विस्तार, निवेश तथा बुनियादी ढांचे को नई गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।  

68 श्रद्धालु करेंगे पाकिस्तान स्थित ऐतिहासिक गुरुद्वारों के दर्शन

कुरुक्षेत्र  हरियाणा सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी द्वारा महाराजा रणजीत सिंह की बरसी पर पाकिस्तान धार्मिक यात्रा के लिए एक जत्था रवाना किया गया। इस जत्थे को हरियाणा सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी कुरुक्षेत्र के प्रधान जत्थेदार जगदीश सिंह झीडा, मैंबर हरमनप्रीत सिंह, मैंबर इंद्रजीत सिंह, मैंबर बीबी जसबीर कौर मसाना और सुखजिंदर सिंह मसाना ने कुरुक्षेत्र के ऐतिहासिक गुरुद्वारा साहिब पातशाही छठी से रवाना किया। इस दौरान हरियाणा सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी के अतिरिक्त सचिव राजपाल सिंह दुनिया माजरा पीए, एडिशनल सेक्रेटरी सतपाल सिंह डाचर, उप सचिव धर्म प्रचार अमरिंदर सिंह, प्रधान साहब के निजी सचिव शमशेर सिंह, मैनेजर हरमीत सिंह, सहायक सुपरवाइजर रघुवीर और बीबी गुरप्रीत कौर सहित अन्य स्टाफ मौजूद रहा। बागा बॉर्डर से पाकिस्तान में प्रवेश करेगा हरियाणा सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी के प्रधान जत्थेदार जगदीश सिंह झीडा ने पाकिस्तान धार्मिक यात्रा पर जा रहे जत्थे को शुभकामनाएं दी। उन्होंने बताया कि इस बार 68 लोगों का वीजा आया है। उन्होंने बताया कि यह जत्था आज श्री दरबार साहिब श्री अमृतसर साहिब में रात्रि विश्राम के बाद 21 जून को बागा बॉर्डर से पाकिस्तान में प्रवेश करेगा। पाकिस्तान में सुशोभित गुरुद्वारा साहिबान के दर्शन करने के बाद यह जत्था 30 जून को बागा बॉर्डर से ही वापिस भारत आएगा। उन्होंने बताया कि यह जत्था गुरुद्वारा श्री करतारपुर साहिब, गुरुद्वारा डेरा साहब, गुरुद्वारा पंजा साहिब सहित अन्य गुरुद्वारा साहिबान के दर्शन करेंगे। शस्त्र खालसा का अंग पत्रकारों द्वारा पूछे गए सवाल पर हरियाणा कमेटी के प्रधान ने कहा कि श्री हेमकुंठ साहिब की यात्रा पर जाने वाली संगत को रोकना दुर्भाग्यपूर्ण है। संगत के साथ गलत व्यवहार करने वालों पर सख्त कार्रवाई करने की मांग हरियाणा कमेटी द्वारा संबंधित राज्य के पुलिस महानिदेशक से की गई है। एक अन्य सवाल का जवाब देते हुए हरियाणा कमेटी के प्रधान ने कहा शस्त्र खालसा का अंग है इसके बिना खालसा अधूरा है इसलिए शस्त्र को खालसा से अलग नहीं किया जा सकता। श्री गुरु अर्जुन देव महाराज की शहीदी गुरु पर्व पर हरियाणा से भेजे गए जत्थे का वापस आने पर हरियाणा सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी के प्रधान जत्थेदार जगदीश सिंह झीडा ने दुख जताया। उन्होंने कहा कि संगत बिना दर्शन के ही वापिस आ गई, जिसका उन्हें बहुत दुख है।  

अवैध कॉलोनियों पर सख्ती, भूमि एक्सचेंज नियमों में बड़ा बदलाव

 चंडीगढ़ शहरों और पालिकाओं के साथ लगते क्षेत्रों में जमीन की अदला-बदली के लिए अनिवार्य रूप से सरकार से मंजूरी लेनी पड़ेगी। नगर एवं ग्राम आयोजना विभाग ने हरियाणा नगरीय क्षेत्र विकास तथा विनियमन (संशोधन) विधेयक 2026 को लेकर स्थिति स्पष्ट कर दी है। बजट सत्र में विधानसभा में विधेयक के पारित होने के बावजूद अभी तक राज्यपाल की सहमति नहीं मिलने के कारण अधिसूचना जारी नहीं हो पाई है। इस कारण वित्तायुक्त राजस्व और राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से इस संबंध में नगर एवं ग्राम आयोजना विभाग की ओर से स्थिति स्पष्ट करने के लिए कहा गया था। हरियाणा नगरीय क्षेत्र विकास तथा विनियमन (संशोधन) अधिनियम के तहत शहरों से लगते अधिसूचित क्षेत्रों में अवैध कॉलोनियों पर अंकुश लगाने और सस्ती जमीन देकर महंगी जमीन लेने का फर्जीवाड़ा खत्म करने के लिए धारा 7-ए में संशोधन किया गया है। इसके अनुसार एक एकड़ से कम भूमि को बदलने के लिए भी नगर एवं ग्राम नियोजन निदेशक या सक्षम प्राधिकारी से अनुमति लेनी होगी। हरियाणा नगरीय क्षेत्र विकास तथा विनियमन अधिनियम, 1975 की धारा-7 में यह प्रविधान है कि किसी भी अधिसूचित शहरी क्षेत्र में, जो इस उद्देश्य के लिए सरकार द्वारा अधिसूचित किया गया हो, एक एकड़ से कम क्षेत्रफल की किसी भी रिक्त भूमि का विक्रय, पट्टा या उपहार के रूप में अंतरण करने हेतु पंजीकरण से पूर्व नगर एवं ग्राम नियोजन निदेशक अनापत्ति प्रमाणपत्र जारी किया जाएगा। इसलिए पड़ी अध्यादेश लाने की जरूरत जमीन की रजिस्ट्रियों के दौरान पंजीकरण अधिकारियों ने पाया कि कई जगह छोटे भूखंडों की अदला-बदली करके अधिसूचित शहरी क्षेत्रों में स्थित कहीं बड़े या अधिक मूल्यवान भूखंड लिए जा रहे थे। हालांकि ऐसे लेन-देन कानूनी रूप से एक्सचेंज कहलाते हैं, परंतु वास्तव में ये अप्रत्यक्ष विक्रय लेन-देन होते हैं, जिसमें अधिनियम की धारा-7क के विनियामक प्रविधानों को दरकिनार किया जा रहा है। इस फर्जीवाड़े को रोकने के लिए 1975 के अधिनियम संख्या-8 की धारा-7क में संशोधन कर अदला-बदली विनियमन विलेख को भी उक्त प्रविधान के अंतर्गत लाया गया ताकि अवैध कालोनियों में ऐसे भूखंडों की खरीद-फरोख्त को हतोत्साहित किया जा सके।  

राज्य में अब कुल 21 विशेष अदालतें, मामलों की तेज सुनवाई और निपटारे पर जोर

 चंडीगढ़ हरियाणा सरकार ने मादक पदार्थों की तस्करी और नशे से जुड़े मामलों के त्वरित निपटारे के लिए बड़ा कदम उठाते हुए राज्य में 13 नई फास्ट ट्रैक विशेष अदालतों के गठन की अधिसूचना जारी कर दी है। न्याय प्रशासन विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार इन अदालतों का गठन नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (एनडीपीएस) अधिनियम, 1985 के तहत दर्ज मामलों की शीघ्र सुनवाई और लंबित मामलों के बोझ को कम करने के उद्देश्य से किया गया है। राज्य सरकार के मुताबिक फरीदाबाद, गुरुग्राम, पंचकूला, रोहतक, यमुनानगर और फतेहाबाद जिलों में एक-एक अतिरिक्त विशेष अदालतें स्थापित करने का निर्णय लिया है। वहीं, फतेहाबाद में पहले से स्थापित अदालतों के अतिरिक्त दो नई और सिरसा में छह नई कोर्ट स्थापित करने का फैसला किया है। इन अदालतों को विशेष रूप से नशा तस्करी, मादक पदार्थों की अवैध बिक्री, परिवहन और संबंधित अपराधों की सुनवाई के लिए अधिकृत किया गया है। राज्य में पहले से ही आठ फास्ट ट्रैक स्थापित हैं। इस प्रकार राज्य में अब कुल 21 अतिरिक्त फास्ट ट्रैक विशेष अदालतें राज्य में कार्य करेंगी। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि इन अदालतों में अपर सत्र न्यायाधीश स्तर के न्यायिक अधिकारियों को विशेष न्यायाधीश के रूप में नियुक्त किया जाएगा। यह नियुक्तियां पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश की सहमति से की गई हैं। सरकारी अधिकारियों के अनुसार राज्य में नशा तस्करी के खिलाफ चल रहे अभियान के दौरान बड़ी संख्या में एनडीपीएस मामलों का पंजीकरण हुआ है। ऐसे मामलों के त्वरित निपटारे, आरोपियों को शीघ्र सजा दिलाने व न्यायिक प्रक्रिया को प्रभावी बनाने के लिए विशेष अदालतों की संख्या बढ़ाने की आवश्यकता महसूस की जा रही थी। जानकार कहते हैं कि नई अदालतों के गठन से लंबित मामलों का बोझ कम होगा, गवाहों के बयान समय पर दर्ज हो सकेंगे और जांच एजेंसियों द्वारा प्रस्तुत मामलों का तेजी से निपटारा संभव हो सकेगा। इससे राज्य सरकार की नशे के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति को भी मजबूती मिलेगी।  

फैमिली आईडी और रिकॉर्ड मिलान के साथ राशन डिपो की स्थिति की होगी जांच, डेटा होगा अपडेट

करनाल खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग ने प्रदेशभर में उचित मूल्य की दुकानों यानी राशन डिपो का विशेष सत्यापन अभियान शुरू करने के निर्देश जारी किए हैं। विभाग ने सभी जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रकों, सहायक खाद्य एवं आपूर्ति अधिकारियों और खाद्य एवं आपूर्ति निरीक्षकों को अगले चार दिनों के भीतर सभी राशन डिपो का रिकॉर्ड सत्यापित कर रिपोर्ट देने के आदेश दिए हैं। शुक्रवार से इसकी शुरुआत होगी। सरकार की ओर से इस अभियान का उद्देश्य विभागीय पोर्टल पर उपलब्ध राशन डिपो से संबंधित जानकारी को पूरी तरह शुद्ध, प्रमाणित और अद्यतन करना है, ताकि भविष्य में सरकारी नीतियां बनाने, योजनाओं के संचालन और प्रशासनिक निर्णय लेने में सही एवं विश्वसनीय आंकड़ों का उपयोग किया जा सके। प्रदेश भर में राशन के करीब 9081 डिपो हैं। इनमें से करीब 9060 मैप भी किए जा चुके हैं। जबकि जिले में करीब 656 राशन डिपो हैं। इनसे करीब 4.72 लाख लोग राशन ले रहे हैं। अब इन सभी की जांच की जाएगी। फैमिली आईडी का भी होगा मिलान सत्यापन के दौरान प्रत्येक उचित मूल्य की दुकान यानी डिपो की वर्तमान स्थिति की जांच की जाएगी। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि संबंधित डिपो वर्तमान में सक्रिय, रद्द, निलंबित (या स्वेच्छा से सरेंडर किया जा चुका है। अगर पोर्टल पर दर्ज जानकारी और वास्तविक स्थिति में अंतर पाया जाता है तो उसे तत्काल अपडेट किया जाएगा। विभाग ने केवल डिपो की स्थिति की जांच तक ही प्रक्रिया सीमित नहीं रखी है। सत्यापन के दौरान प्रत्येक डिपो धारक की परिवार पहचान पत्र, पीपीपी यानी फैमिली आईडी और उसके परिवार के सदस्यों के विवरण का भी मिलान किया जाएगा। इससे विभाग के रिकॉर्ड में मौजूद व्यक्तिगत जानकारी की भी पुष्टि हो सकेगी और भविष्य में किसी प्रकार की विसंगति की संभावना कम होगी। चार चरणों में पूरी होगी प्रक्रिया विभाग ने सत्यापन के लिए स्पष्ट कार्यप्रणाली तय की है। सबसे पहले संबंधित क्षेत्र का खाद्य एवं आपूर्ति निरीक्षक यानी आईएफएस अपने अधिकार क्षेत्र के सभी राशन डिपो का भौतिक एवं रिकॉर्ड सत्यापन करेगा और रिपोर्ट तैयार कर संबंधित सहायक खाद्य एवं आपूर्ति अधिकारी यानी एएफएसओ को भेजेगा। इसके बाद एएफएसओ रिपोर्ट की जांच कर अपनी टिप्पणियां दर्ज करेगा और उसे जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक के पास भेजेगा। डीएफएससी पूरे मामले की समीक्षा करने के बाद रिकॉर्ड को स्वीकृत या अस्वीकृत करेगा। जिन रिकॉर्ड को मंजूरी मिलेगी, उन्हें विभाग का क्लीन और प्रमाणित डेटा माना जाएगा, जबकि जिन मामलों में कोई त्रुटि मिलेगी, उन्हें दोबारा सत्यापन के लिए संबंधित निरीक्षक के पास भेज दिया जाएगा। अधिकारी के अनुसार विभाग के उच्च अधिकारियों ने इस अभियान को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए हैं। सभी अधिकारियों को आदेश दिया गया है कि वे अगले चार दिनों के भीतर सत्यापन, जांच और अनुमोदन की पूरी प्रक्रिया पूरी कर लें। विभाग का मानना है कि शुद्ध और प्रमाणित डेटा उपलब्ध होने से राशन वितरण प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ेगी, रिकॉर्ड अपडेट रहेगा और भविष्य में योजनाओं के बेहतर संचालन तथा नीतिगत निर्णय लेने में आसानी होगी। -मुकेश कुमार, खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक, करनाल।  

गुरु अर्जन देव जी के 420वें शहीदी दिवस के अवसर पर पंचकूला में राज्य स्तरीय कार्यक्रम आयोजित

गुरु अर्जन देव जी का बलिदान सत्य, साहस और मानवता की रक्षा का अमर संदेश: मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी गुरु अर्जन देव जी के 420वें शहीदी दिवस के अवसर पर पंचकूला में राज्य स्तरीय कार्यक्रम आयोजित गुरु साहिब की शिक्षाएं विकसित भारत के निर्माण में हमारी सबसे बड़ी प्रेरणा: मुख्यमंत्री हरियाणा सरकार सिख गुरुओं के इतिहास और योगदान को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध चंडीगढ़ हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि पंचम पातशाह गुरु अर्जन देव जी का बलिदान भारतीय इतिहास में सत्य, धर्म, मानवता और आध्यात्मिक शक्ति का अद्वितीय उदाहरण है। उनका जीवन और शहादत हमें अन्याय, अत्याचार और असत्य के सामने कभी न झुकने की प्रेरणा देती है। मुख्यमंत्री बृहस्पतिवार को पंचकूला में गुरु अर्जन देव जी के 420वें शहीदी दिवस के अवसर पर आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर गुरु अर्जन देव जी के जीवन पर आधारित डॉक्यूमेंट्री फिल्म का भी प्रदर्शन किया गया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने छबील सेवा भी की। कार्यक्रम में हरियाणा व पंजाब से अनेक संत-महापुरुष पहुंचे और हरियाणा सरकार द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम की सराहना करते हुए इसके लिए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का आभार व्यक्त किया। हरियाणा सरकार द्वारा ‘संत महापुरुष सम्मान एवं विचार प्रसार योजना’ के तहत आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि माता मनसा देवी और नाडा साहिब की पावन धरती पर आयोजित इस कार्यक्रम में उपस्थित होकर वे स्वयं को सौभाग्यशाली मानते हैं। उन्होंने गुरु अर्जन देव जी के चरणों में श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए कहा कि उनका बलिदान केवल सिख समाज की धरोहर नहीं, बल्कि पूरे राष्ट्र के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उन्होंने कहा कि भारत का इतिहास त्याग, तपस्या, बलिदान और आध्यात्मिक पराक्रम की गौरवशाली परंपरा से भरा हुआ है। जब-जब देश, धर्म, संस्कृति और मानवता पर संकट आया, तब-तब हमारे गुरुओं और संतों ने अपने बलिदान से सत्य और धर्म की रक्षा की। गुरु अर्जन देव जी का बलिदान इसी महान परंपरा का सर्वोच्च उदाहरण है। मुख्यमंत्री ने कहा कि गुरु अर्जन देव जी ने समाज को जोड़ने और मानवता को एक सूत्र में पिरोने का महान कार्य किया। उन्होंने अमृतसर में हरमंदिर साहिब की स्थापना कर उसके चारों दिशाओं में चार द्वार बनवाए, जो इस बात का प्रतीक हैं कि यह पवित्र स्थान किसी एक जाति, वर्ग या धर्म के लिए नहीं बल्कि संपूर्ण मानवता के लिए खुला है। उन्होंने कहा कि गुरु साहिब ने सदियों पहले ही सामाजिक समरसता, समानता और ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ की भावना को साकार रूप दिया। नायब सिंह सैनी ने कहा कि गुरु ग्रंथ साहिब में संत कबीर, संत नामदेव, बाबा फरीद और संत रविदास सहित विभिन्न संतों की वाणी को संकलित कर गुरु अर्जन देव जी ने भारत की विविधता को एकता के सूत्र में बांधने का अनुपम कार्य किया। गुरु ग्रंथ साहिब आज भी पूरी मानवता के लिए आध्यात्मिक प्रकाश स्तंभ के रूप में मार्गदर्शन कर रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि शहीदी दिवस केवल श्रद्धांजलि देने का अवसर नहीं, बल्कि आत्मचिंतन का भी अवसर है। उन्होंने कहा कि जब हम गुरु अर्जन देव जी के बलिदान को याद करते हैं तो गौरव के साथ-साथ उन यातनाओं का स्मरण भी होता है, जिन्हें उन्होंने धर्म और सत्य की रक्षा के लिए सहन किया। उन्होंने कहा कि तत्कालीन मुगल शासक जहांगीर की सत्ता गुरु साहिब के बढ़ते प्रभाव और आध्यात्मिक जागरण से भयभीत हो गई थी। उन्हें लाहौर में बंदी बनाकर अमानवीय यातनाएं दी गईं, लेकिन उन्होंने अपने सिद्धांतों से समझौता नहीं किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि तपती तवी पर बैठाना, शरीर पर गर्म रेत डालना और असहनीय पीड़ा देना अत्याचार की पराकाष्ठा थी, लेकिन गुरु साहिब के चेहरे पर कोई शिकन नहीं आई। उन्होंने ‘तेरा किया मीठा लागे’ का उच्चारण करते हुए परमात्मा की इच्छा को स्वीकार किया। यह घटना केवल शहादत नहीं बल्कि आध्यात्मिक धैर्य, आत्मबल और ईश्वर के प्रति अटूट विश्वास का सर्वोच्च उदाहरण है। उन्होंने कहा कि गुरु अर्जन देव जी का बलिदान हमें सिखाता है कि सत्य, न्याय और संस्कृति की रक्षा के लिए कभी भी समझौता नहीं करना चाहिए। आज जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश विकसित भारत के निर्माण की दिशा में आगे बढ़ रहा है, तब गुरु साहिब की शिक्षाएं हमारे लिए मार्गदर्शक शक्ति हैं। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा की धरती संतों, गुरुओं और वीरों की भूमि रही है। यहां की मिट्टी में गीता का ज्ञान भी है और गुरुओं के बलिदानों की सुगंध भी। इसी विरासत को आगे बढ़ाने के लिए राज्य सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देशभर में सिख गुरुओं के योगदान और बलिदान को सम्मान देने का कार्य किया जा रहा है। गुरु तेग बहादुर जी का 400वां प्रकाश पर्व, वीर बाल दिवस का राष्ट्रीय स्तर पर आयोजन तथा करतारपुर साहिब कॉरिडोर का निर्माण इसी दिशा में उठाए गए ऐतिहासिक कदम हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा सरकार ने भी सिख इतिहास और गुरुओं की शिक्षाओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। हरियाणा सरकार ने आठवीं कक्षा के इतिहास पाठ्यक्रम में सिख गुरुओं के इतिहास को शामिल किया है। अब विद्यार्थी सिख गुरुओं के साथ-साथ बाबा बंदा सिंह बहादुर के त्याग, बलिदान और आदर्शों का भी अध्ययन करेंगे। उन्होंने बताया कि हजूर साहिब, नांदेड़ की यात्रा के लिए कुरुक्षेत्र और सिरसा से विशेष रेलगाड़ियों का संचालन किया गया। इसके अलावा वर्ष 1984 के दंगा प्रभावित 121 परिवारों के एक-एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने का प्रावधान किया गया है। वीर बाल दिवस के अवसर पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पंचकूला में इन परिवारों को नियुक्ति पत्र भी प्रदान किए। मुख्यमंत्री ने कहा कि सिरसा स्थित ऐतिहासिक गुरुद्वारा चिल्ला साहिब की लगभग नौ एकड़ भूमि बिना किसी शुल्क के गुरुद्वारा साहिब के नाम हस्तांतरित की गई है। उन्होंने स्वयं संगत की उपस्थिति में इसके दस्तावेज सौंपे थे। उन्होंने बताया कि यमुनानगर में निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेज का नाम गुरु तेग बहादुर सिंह जी के नाम पर रखा गया है। इसी प्रकार अंबाला के गवर्नमेंट पॉलिटेक्निक कॉलेज और टोहाना-जींद-धमतान साहिब मार्ग का नामकरण भी गुरु तेग … Read more