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देसी स्वाद का दुनिया में डंका! अंतरराष्ट्रीय चूरमा दिवस पर वैश्विक पहचान दिलाने की पहल

झज्जर. आधुनिकता की अंधी दौड़ और डिब्बाबंद खान-पान के इस दौर में जहां हमारी पारंपरिक देसी खुराकें लुप्त होने की कगार पर हैं, वहीं अपनी सांस्कृतिक विरासत और गांव-देहात की अनमोल पहचान को वैश्विक पटल पर चमकाने के लिए एक बेहद अनूठी मुहिम की शुरुआत की गई है। ''खाओ चूरमा, बनो सूरमा'' के बुलंद और ओजस्वी नारे के साथ 13 जुलाई 2026 को दुनिया भर में ''तीसरा अंतरराष्ट्रीय चूरमा दिवस'' बेहद गौरवमयी अंदाज में मनाया जाएगा। दरअसल, इस वैश्विक मुहिम की नींव आज से ठीक तीन साल पहले 13 जुलाई 2024 को रखी गई थी, जिसका मुख्य उद्देश्य ग्रामीण अंचलों के पारंपरिक खान-पान का अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रचार-प्रसार करना रहा। इस मुहिम के प्रणेता झज्जर के लाडले और यूके के काउंसलर रोहित अहलावत ने दुनिया भर के प्रवासी भारतीयों और अपनी संस्कृति से प्यार करने वाले लोगों से इस ऐतिहासिक दिन को एक उत्सव के रूप में मनाने की भावुक अपील की है। बाजारीकरण के दौर में देसी पहचान की लड़ाई काउंसलर रोहित अहलावत का मानना है कि आज के समय में हर छोटी-बड़ी पश्चिमी चीज़ का बड़े स्तर पर प्रचार करके उसे हमारे घरों तक पहुंचा दिया गया है, लेकिन हमारे गांवों की असली पहचान, स्वाद और सेहत का खजाना रही मुख्य खुराक ''चूरमा'' को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर वह गौरव और पहचान नहीं मिल सकी है, जिसकी यह हकदार है। यह मुहिम इसी खाई को पाटने और भावी पीढ़ी को अपनी पौष्टिक विरासत से रूबरू कराने का एक जीवंत प्रयास है। मेडलवीर खिलाड़ियों और सरहद के सूरमाओं की असली ताकत  देखा जाए तो चूरमे का इतिहास केवल स्वाद तक सीमित नहीं है, बल्कि यह शारीरिक बल और अदम्य साहस का प्रतीक भी रहा है। खेल के मैदानों में जब देश के पहलवान, मुक्केबाज और धावक अपनी ताकत का लोहा मनवाते हुए देश के लिए मेडल जीतते हैं, तो वे अपनी इस अपार सफलता के पीछे अपनी इसी देसी खुराक और मां के हाथ के बने चूरमे का ज़िक्र गर्व से करते हैं। इसके साथ ही, देश की सीमाओं पर तैनात जवान भी जब छुट्टियों के बाद अपनी ड्यूटी पर लौटते हैं, तो अपने साथ मां के प्यार से लिपटा चूरमा लेकर जाते हैं, जो महीनों तक बिना खराब हुए उन्हें विपरीत परिस्थितियों में भी ऊर्जा और शक्ति प्रदान करता है। 13 जुलाई को हर घर में महकेगा पारंपरिक स्वाद काउंसलर रोहित अहलावत ने सभी देशवासियों और वैश्विक नागरिकों से अनुरोध किया है कि इस मुहिम को एक जन-आंदोलन का रूप दें। उन्होंने अपील की है कि आगामी 13 जुलाई 2026 को सभी लोग अपने-अपने घरों में शुद्ध देसी घी और गुड़-शक्कर का पारंपरिक चूरमा अनिवार्य रूप से बनाएं। बच्चों के स्कूल के लंच बाक्स में चूरमा भेजें ताकि नई पीढ़ी को इस स्वाद और इसके महत्व का पता चल सके। नौकरीपेशा और व्यवसायी लोग अपने कार्यस्थल पर भी अपनी इस पारंपरिक धरोहर को साथ लेकर जाएं और अपने साथियों के साथ साझा करें। ऐसा करने से हम अपनी गौरवशाली संस्कृति, बेमिसाल स्वाद तथा सेहतमंद विरासत को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक नई और अमिट पहचान दिला पाएंगे।

मेवात पहुंचेंगे CJI सूर्यकांत, खाप 360 के प्रधान करेंगे स्वागत, कार्यक्रम को लेकर उत्साह

मेवात. आगामी 12 जुलाई को भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत के दौरे को लेकर क्षेत्र के लोगों में भारी उत्साह है। पहली बार मेवात की ऐतिहासिक भूमि पर आयोजित होने वाले कार्यक्रम को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। कार्यक्रम के दौरान सीजेआई सूर्यकांत के आगमन पर 360 खाप के प्रधान महेंद्र सिंह ठाकरान और 84 खाप के प्रधान शिवदत्त सहरावत क्षेत्र के प्रबुद्ध लोगों के साथ उनका भव्य स्वागत करेंगे। विभिन्न समितियों का गठन किया गया दोनों खापों के प्रतिनिधियों ने बताया कि क्षेत्र के लोगों में कार्यक्रम को लेकर उत्साह का माहौल है। स्वागत की तैयारियों के लिए जिला प्रशासन तो तैयारियों में जुटा ही है। साथ ही विभिन्न समितियों का गठन किया गया है और कार्यक्रम स्थल पर व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है। बड़ी संख्या में ग्रामीणों और गणमान्य लोगों के शामिल होने की संभावना है। समाज के सभी वर्गों का सहयोग मिल रहा 360 के प्रधान महेंद्र सिंह ठाकरान ने कहा कि सीजेआई सूर्यकांत के स्वागत के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। वहीं, तावड़ू 84 प्रधान शिवदत्त सहरावत ने बताया कि कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए समाज के सभी वर्गों का सहयोग मिल रहा है।

एचएसवीपी की बड़ी योजना, गुरुग्राम में 8 गांवों की 196 एकड़ जमीन से नया सेक्टर बनेगा

गुरुग्राम गुरुग्राम में अरावली पर्वत श्रृंखला के पास एक नया रिहायशी सेक्टर बसाने की तैयारी चल रही है। हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) इस नए सेक्टर को विकसित करेगा। शिकोहपुर गांव के किसानों ने इसके लिए 107 एकड़ जमीन देने की इच्छा जाहिर की है। एचएसवीपी के संपदा अधिकारी ने प्रस्ताव तैयार करके मुख्यालय में भेज दिया है। मंजूरी मिलने के बाद जमीन मालिकों से जमीन खरीदने की प्रक्रिया को शुरू किया जाएगा। एचएसवीपी ने हरियाणा में करीब 1.67 लाख में नए सेक्टर विकसित करने की योजना बनाई है। इसके तहत जमीन मालिकों से आपसी सहमती के साथ जमीन खरीदी जाएगी। गुरुग्राम में सेक्टर विकसित करने के लिए करीब 17 हजार एकड़ जमीन की पहचान की गई है। एचएसवीपी ने ई-भूमि पोर्टल पर जमीन बेचने के इच्छुक जमींदारों से आवेदन करने का आग्रह किया था। संपदा अधिकारी एक कार्यालय के अधीन दिल्ली-जयपुर हाईवे स्थित गांव शिकोहपुर के जमीन मालिकों ने 107 एकड़ जमीन बेचने के बारे में आवेदन किया है। इस गांव में जमीन की कीमत 30 करोड़ रुपये प्रति एकड़ से अधिक है। एचएसवीपी में 8 गांव के जमीन मालिकों ने करीब 196 एकड़ जमीन बेचने के लिए आवेदन किया है, जिसमें से सबसे अधिक जमीन गांव शिकोहपुर की है। यदि शिकोहपुर की जमीन एचएसवीपी की तरफ से खरीदकर सेक्टर काटा जाता है तो यहां प्लॉट खरीदने वाले लोगों की होड़ लगेगी सुल्तानपुर झील के पास भी सेक्टर बसेगा सुल्तानपुर झील के 5 किमी क्षेत्र में किसी भी तरह का नया निर्माण प्रतिबंधित है। सुल्तानपुर झील के मद्देनजर पर्यावरण मंत्रालय ने यह आदेश जारी किए हुए हैं। इस गांव की करीब सात एकड़ जमीन के मालिकों ने जमीन बेचने की इच्छा जाहिर की है। यह जमीन फर्रुखनगर के सेक्टर-एक के अधीन आती है। कई गांव के लोग भूमि देने को तैयार गुरुग्राम-पटौदी रोड पर गांव मेवका और ढोरका के किसान भी जमीन देने को तैयार हैं। जमीन मालिकों ने करीब 42 एकड़ जमीन बेचने के लिए आवेदन किया है। एचएसवीपी की तरफ से कोई रिहायशी सेक्टर काटा जाता है तो उसमें एक एकड़ में 45 प्रतिशत क्षेत्र को बेचा जाता है। 55 प्रतिशत क्षेत्र में पार्क, हरित क्षेत्र, सड़क आदि बुनियादी सुविधाओं को मुहैया करवाया जाता है। राकेश सैनी, संपदा अधिकारी-एक, एचएसवीपी, ''नए सेक्टर विकसित करने के लिए ई-भूमि योजना के तहत जमीन खरीदने की योजना है। इसको लेकर गांवों में जाकर शिविर लगाए थे। 8 गांवों के जमीन मालिकों ने करीब 196 एकड़ जमीन बेचने की इच्छा जाहिर की है। उनके आवेदन को मुख्यालय भेज दिया है। मुख्यालय से मंजूरी मिलने के बाद जमीन खरीदने की प्रक्रिया को शुरू किया जाएगा।''

जनगणना-2027 से पहले हरियाणा में फील्ड अभ्यास शुरू, डिजिटल सिस्टम की होगी जांच

 चंडीगढ़  भारत की जनगणना-2027 की तैयारियों के तहत हरियाणा सरकार ने राज्य में जनसंख्या गणना के प्री-टेस्ट (पूर्व परीक्षण) की प्रक्रिया शुरू कर दी है। राज्य सरकार ने इसके लिए चयनित क्षेत्रों को अधिसूचित कर दिया है, जहां छह से 18 जुलाई तक फील्ड अभ्यास कराया जाएगा। इससे पहले एक से पांच जुलाई तक पात्र नागरिकों को डिजिटल प्लेटफार्म के माध्यम से स्वयं अपना विवरण दर्ज कराने (सेल्फ-एन्यूमरेशन) का अवसर दिया गया था। यह अभ्यास देशभर में होने वाली जनगणना-2027 की तैयारियों का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की वित्तायुक्त एवं हरियाणा जनगणना-2027 की नोडल अधिकारी डा. सुमिता मिश्रा ने बताया कि प्री-टेस्ट का उद्देश्य जनगणना की पूरी प्रक्रिया को अधिक सटीक, सुचारू और प्रभावी बनाना है। संभावित चुनौतियों की पहचान कर होगा समाधान इस दौरान डिजिटल डाटा संग्रह प्रणाली, फील्ड संचालन, प्रगणकों की कार्यप्रणाली तथा तकनीकी व्यवस्थाओं की व्यवहारिक जांच की जाएगी, ताकि वास्तविक जनगणना से पहले संभावित चुनौतियों की पहचान कर उनका समाधान किया जा सके। उन्होंने बताया कि फील्ड अभ्यास पूरा होने के बाद 19 और 20 जुलाई को पुनरीक्षण (रिविजनल राउंड) आयोजित किया जाएगा। इसमें प्री-टेस्ट के दौरान एकत्रित आंकड़ों का सत्यापन, अद्यतन और अंतिम पुष्टि की जाएगी। मिश्रा ने चयनित क्षेत्रों के लोगों से इस अभ्यास में सक्रिय भागीदारी करने और प्रगणकों को पूरा सहयोग देने की अपील की।

हरियाणा में भाजपा का शक्ति प्रदर्शन! अंबाला पहुंचे CM नायब सैनी, नड्डा और डॉ. अर्चना का भव्य स्वागत

अम्बाला. अम्बाला छावनी रेलवे स्टेशन पर हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री एवं भारतीय जनता पार्टी के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष जे.पी. नड्डा तथा भाजपा हरियाणा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अर्चना गुप्ता के अम्बाला आगमन पर उनका पूर्व मंत्री असीम गोयल ने स्वागत एवं अभिनंदन किया। गोयल ने सभी वरिष्ठ नेताओं का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया और उनके साथ सौहार्दपूर्ण मुलाकात की। उन्होंने कहा कि प्रदेश के शीर्ष नेतृत्व का अम्बाला आगमन कार्यकर्ताओं के लिए उत्साहवर्धक है तथा इससे संगठन को और अधिक मजबूती मिलेगी। रेलवे स्टेशन पर भाजपा कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों में भी नेताओं के आगमन को लेकर विशेष उत्साह देखने को मिला।

कचरा फैलाने वालों पर सख्ती, 7.63 करोड़ का जुर्माना; हरियाणा सरकार की नई कार्ययोजना

चंडीगढ़  हरियाणा सरकार ने 31 मार्च 2027 तक पूरे प्रदेश को लीगेसी वेस्ट (बरसों से एक स्थान पर जमा कूड़ा) मुक्त बनाने का लक्ष्य तय किया है। सरकार के अनुसार राज्य के 75 लीगेसी वेस्ट डंपसाइट्स में से 60 का वैज्ञानिक बायो-माइनिंग के माध्यम से निस्तारण किया जा चुका है, जबकि शेष 15 डंपसाइट्स को निर्धारित समय सीमा तक पूरी तरह समाप्त अथवा वैज्ञानिक तरीके से निस्तारित किया जाएगा। इसके साथ ही सार्वजनिक स्थानों, नालों, जल स्रोतों और खाली भूखंडों पर कचरा फेंकने वालों के खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया सख्त की जाएगी। राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) में दायर एक जनहित याचिका पर हरियाणा सरकार ने शहरी स्थानीय निकाय विभाग के माध्यम से विस्तृत शपथपत्र दाखिल किया है। इसमें पूरे प्रदेश में ठोस कचरा प्रबंधन की वर्तमान स्थिति, अब तक हुई कार्रवाई और समयबद्ध कार्ययोजना का ब्योरा दिया गया है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित कराया जा रहा है। सरकार के अनुसार ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमों का उल्लंघन करने वालों पर अब तक 7.63 करोड़ रुपये का पर्यावरण मुआवजा वसूला जा चुका है। जनवरी से अप्रैल 2026 के बीच 3,486 चालान किए गए। सरकार ने कहा है कि सार्वजनिक स्थानों, नालों, जल स्रोतों और खाली भूखंडों पर कचरा फेंकने वालों के खिलाफ अभियान तेज होगा। हरियाणा के शहरी निकाय मंत्री विपुल गोयल के मुताबिक, कचरा प्रबंधन व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने के लिए अब अलग-अलग नगर निकायों की बजाय जिला स्तर पर सिंगल ई-टेंडर माडल लागू करने की योजना है। प्रदेश के 87 शहरी निकायों के लिए कचरा प्रसंस्करण स्थलों की पहचान की जा चुकी है। प्लास्टिक और पैकेजिंग कचरे के प्रभावी प्रबंधन के लिए 23 निर्माता, 61 आयातक और 21 ब्रांड मालिकों सहित कुल 105 कंपनियों को एक्सटेंडेड प्रोड्यूसर रिस्पांसिबिलिटी (इपीआर) के दायरे में लाया गया है। इन कंपनियों को अपने उत्पादों से उत्पन्न कचरे के संग्रहण और वैज्ञानिक निस्तारण की जिम्मेदारी निभानी होगी। राज्य में 14,889 कबाड़ बीनने वालों की पहचान हरियाणा सरकार ने शपथपत्र में यह भी बताया कि प्रदेशभर में 14,889 कबाड़ बीनने वालों की पहचान की जा चुकी है, जिनमें से 5,356 का पंजीकरण किया गया है। इसके अलावा 217 स्वयं सहायता समूहों को कचरा प्रबंधन से जोड़ा गया है तथा 1,515 वार्ड समितियों का गठन किया गया है। घर-घर सूखा और गीला कचरा अलग-अलग एकत्र करने की व्यवस्था को मजबूत करने के लिए व्यापक जनजागरूकता अभियान भी चलाए जा रहे हैं। रेवाड़ी के प्रकाश यादव ने दायर की थी जनहित याचिका राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) में यह मामला रेवाड़ी जिले के गांव खरखड़ा निवासी सामाजिक कार्यकर्ता प्रकाश यादव की जनहित याचिका के बाद सामने आया। हरियाणा सरकार द्वारा दाखिल शपथपत्र के साथ अब पूरे प्रदेश में ठोस कचरा प्रबंधन और पर्यावरण संरक्षण के लिए समयबद्ध कार्ययोजना पर अमल की प्रक्रिया तेज होने की उम्मीद की जा सकती है।  

हरियाणा सरकार का बड़ा फैसला, पिंजौर और टिक्करताल पर्यटन स्थलों के विकास पर 90 करोड़ रुपये मंजूर

चंडीगढ़. पिंजौर के ऐतिहासिक यादवेंद्र उद्यान और मोरनी हिल्स के खूबसूरत टिक्करताल को आधुनिक एवं अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप विकसित किया जाएगा। यादवेंद्र उद्यान के समीप आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित भव्य वन स्टाप डेस्टिनेशन फार वेडिंग विकसित किया जाएगा। इस हाईटेक वेडिंग डेस्टिनेशन में एक कन्वेंशन सेंटर और एग्जीबिशन सेंटर समेत तमाम आधुनिक सुविधाएं मौजूद होंगी। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने पर्यटन विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक में दोनों प्रमुख पर्यटन स्थलों के जीर्णोद्धार और आधुनिकीकरण पर करीब 90 करोड़ रुपये खर्च करने के प्रस्ताव को स्वीकृति दी। इस पहल से न केवल हरियाणा में पर्यटन को नए पंख मिलेंगे, बल्कि स्थानीय रोजगार और राज्य के राजस्व में भी बढ़ोतरी होगी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के वेड इन इंडिया विजन के अनुरूप पिंजौर गार्डन के नजदीक पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मोड पर आलीशान होटल का निर्माण भी किया जाएगा, जिसकी छत पर अत्याधुनिक हेलिपैड की सुविधा होगी। इससे देश-विदेश से आने वाले मेहमान सीधे हवाई मार्ग से यहां पहुंच सकेंगे। विरासत एवं पर्यटन विभाग के आयुक्त एवं सचिव डा.अमित अग्रवाल ने बताया कि विकास कार्यों के दौरान यादवेंद्र उद्यान की ऐतिहासिक और पारंपरिक विरासत को पूरी तरह संजोकर रखा जाएगा। गार्डन के मूल स्वरूप से छेड़छाड़ किए बिना यहां पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए अत्याधुनिक संगीतमय फव्वारे, खूबसूरत बटरफ्लाई पार्क और मनमोहक एक्वेरियम बनाया जाएगा। मोरनी के पास स्थित प्रसिद्ध टिक्करताल को एडवेंचर लवर्स की पहली पसंद बनाने के लिए वहां पहले से मौजूद सुविधाओं का जीर्णोद्धार किया जाएगा। टिक्करताल में एडवेंचर पार्क, बोटिंग और हंटेड-हाउस समेत अन्य दर्शनीय स्थलों का कायाकल्प किया जाएगा, जिससे यह प्राकृतिक स्थल पर्यटकों के लिए बेहद रोमांचक, खूबसूरत और कभी न भूलने वाला सफर साबित हो सके। इस दौरान मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी और मुख्यमंत्री के उपप्रधान सचिव डॉ. यशपाल ने भी अपनी बात रखी।

हरियाणा में पर्यटन को नई उड़ान, यादवेंद्र उद्यान में बनेगा हाईटेक वेडिंग डेस्टिनेशन

 चंडीगढ़  पिंजौर के ऐतिहासिक यादवेंद्र उद्यान और मोरनी हिल्स के खूबसूरत टिक्करताल को आधुनिक एवं अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप विकसित किया जाएगा। यादवेंद्र उद्यान के समीप आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित भव्य वन स्टाप डेस्टिनेशन फार वेडिंग विकसित किया जाएगा। इस हाईटेक वेडिंग डेस्टिनेशन में एक कन्वेंशन सेंटर और एग्जीबिशन सेंटर समेत तमाम आधुनिक सुविधाएं मौजूद होंगी। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने पर्यटन विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक में दोनों प्रमुख पर्यटन स्थलों के जीर्णोद्धार और आधुनिकीकरण पर करीब 90 करोड़ रुपये खर्च करने के प्रस्ताव को स्वीकृति दी। इस पहल से न केवल हरियाणा में पर्यटन को नए पंख मिलेंगे, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार और राज्य के राजस्व में भी बढ़ोतरी होगी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के वेड इन इंडिया विजन के अनुरूप पिंजौर गार्डन के नजदीक पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मोड पर आलीशान होटल का निर्माण भी किया जाएगा, जिसकी छत पर अत्याधुनिक हेलिपैड की सुविधा होगी। इससे देश-विदेश से आने वाले मेहमान सीधे हवाई मार्ग से यहां पहुंच सकेंगे। विरासत एवं पर्यटन विभाग के आयुक्त एवं सचिव डा.अमित अग्रवाल ने बताया कि विकास कार्यों के दौरान यादवेंद्र उद्यान की ऐतिहासिक और पारंपरिक विरासत को पूरी तरह संजोकर रखा जाएगा। गार्डन के मूल स्वरूप से छेड़छाड़ किए बिना यहां पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए अत्याधुनिक संगीतमय फव्वारे, खूबसूरत बटरफ्लाई पार्क और मनमोहक एक्वेरियम बनाया जाएगा। मोरनी के पास स्थित प्रसिद्ध टिक्करताल को एडवेंचर लवर्स की पहली पसंद बनाने के लिए वहां पहले से मौजूद सुविधाओं का जीर्णोद्धार किया जाएगा। टिक्करताल में एडवेंचर पार्क, बोटिंग और हंटेड-हाउस समेत अन्य दर्शनीय स्थलों का कायाकल्प किया जाएगा, जिससे यह प्राकृतिक स्थल पर्यटकों के लिए बेहद रोमांचक, खूबसूरत और कभी न भूलने वाला सफर साबित हो सके। इस दौरान मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी और मुख्यमंत्री के उपप्रधान सचिव डॉ. यशपाल ने भी अपनी बात रखी।  

फोन डेटा ने खोला हत्या का राज, पत्नी और प्रेमी पर पति की हत्या का आरोप

चंडीगढ़ पुणे के केतन अग्रवाल मर्डर केस और इंदौर के सोनम रघुवंशी जैसा एक और मामला हरियाणा में सामने आया है। कुछ हफ्तों पहले रेवाड़ी पुलिस जिस मामले को आत्महत्या का मामला मान रही थी, वह मर्डर साबित हुआ। पुलिस ने बताया कि 21 वर्षीय व्यक्ति की हत्या किसी और ने नहीं बल्कि उसकी पत्नी और उसके प्रेमी ने मिलकर की है। हत्या का प्लान उन्होंने ठंडे दिमाग के साथ तैयार किया था। इतना ही नहीं पति के अंतिम संस्कार के दौरान आरोपी पत्नी जमकर रोई भी थी। फिलहाल पुलिस ने पत्नी और हत्या में साथ देने वाले एक व्यक्ति को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि प्रेमी और एक साथी अभी फरार है। मीडिया  की रिपोर्ट के अनुसार पुलिस ने बताया कि पूछताछ के दौरान आरोपी पत्नी तनु ने कबूल किया है कि उसने अपने प्रेमी सोनू और दो साथियों के साथ मिलकर हत्या को अंजाम दिया है। सबसे पहले पत्नी ने मोनू को मिलने के बहाने नहर के पास बुलाया। वहां पर तीनों आरोपी पहले से मौजूद थे। उन्होंने मोनू को गिराकर मुंह और नाक को तब तक दबाए रखा, जब तक वह बेहोश नहीं हो गया। इसके बाद उसे नहर में डुबो दिया, जिससे किसी को हत्या का शक न हो और पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी मौत का कारण पानी का डूबना आए। इसके बाद उन्होंने मोनू का स्कूटर भी वहीं पर लगा दिया और उसके फोन से सारा डाटा साफ कर दिया, जिससे किसी को यह पता न चले कि उसने किसको कॉल किया था बिना बताए पत्नी को लेने गया था मोनू बकौल पुलिस यह पूरा मामला 7 जून से शुरू हुआ था। 21 वर्षीय मोनू, जड़ताल गांव का रहने वाला था। 7 जून को उसने अपने परिवार को बताया था कि वह पत्नी तनु को लेने के लिए ससुराल जाने वाला है, लेकिन पत्नी ने उसे सैलरी के साथ आने के लिए कहा है। परिवार को इस बात पर थोड़ा शक हुआ लेकिन उन्होंने ज्यादा ध्यान नहीं दिया। इसके बाद 8 जून को सैलरी आने के बाद मोनू ने पैसे निकाले फिर पेट दर्द का बोलकर बिना किसी को बताए स्कूटर लेकर सीधा ससुराल के लिए निकल गया। परिवार के मुताबिक, मोनू जब देर रात तक घर वापस नहीं लौटा तो उन्होंने खोजबीन शुरू कर दिया। 9 जून को उन्होंने तनु के परिवार को भी फोन करके पूछा। लेकिन उन्होंने मोनू के वहां आने से इनकार कर दिया। तनु ने भी उससे बात होने से मना किया। 24 घंटे बीत जाने के बाद भी जब मोनू घर वापस नहीं आया, तो परिवार ने पुलिस में जाकर गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करवा दी। नहर में मिली लाश पहले आत्महत्या मान रही थी पुलिस इसके बाद 10 जून को पुलिस ने एक नहर से मोनू की लाश बरामद की। उसके शरीर पर कोई चोट के निशान नहीं थे। इसलिए इसे आत्महत्या का मामला मानकर पुलिस ने कार्यवाही की और शव परिवार को सौंप दिया। पति की मौत की खबर सुनकर तनु मायके से आई और जमकर रोई। परिवार के मुताबिक, उन्हें लगा कि वह अपने पति के मरने के गम में है। फोन डाटा रिकवर हुआ तो पत्नी पर गहराया शक मीडिया  की रिपोर्ट के मुताबिक आत्महत्या का मामला बनाने के बाद पुलिस ने मोनू का फोन परिवार को सौंप दिया। लेकिन उसके फोन का पूरा डाटा गायब था। परिवार को शक हुआ, तो उन्होंने साइबर एक्सपर्ट के पास जाकर पूरा डाटा रिकवर करवाने की कोशिश की। हत्या वाले दिन पत्नी को किए थे 49 कॉल्स चैट्स और कॉल रिकॉर्ड्स सामने आने पर पता चला कि मोनू ने हत्या वाले दिन अपनी पत्नी को करीब 49 बार फोन किया था। लेकिन तनु ने केवल एक बार कॉल उठाया, जिस पर उन दोनों की तीन मिनट तक बात हुई। पत्नी तनु समेत दो गिरफ्तार, कैसे कबूला गुनाह मोनू के अंतिम संस्कार की सारी रस्में खत्म होने के बाद परिवार ने पुलिस थाने में जाकर मर्डर केस दर्ज करवाने की बात कही, लेकिन कथित तौर पर पुलिस ने इस मामले में ध्यान नहीं दिया। इसके बाद परिवार 2 जुलाई को एसपी कार्यालय पहुंचा, जहां से मामले की कार्रवाई आगे बढ़ी और शक के आधार पर पत्नी को गिरफ्तार किया गया। डीएसपी सुरेंद्र के मुताबिक, पुलिस ने आरोपों के आधार पर कार्रवाई की और पत्नी तनु और उसके साथी हरिओम को गिरफ्तार कर लिया है। पूछताछ के दौरान उन दोनों ने इस बात को कबूल किया है कि उन्होंने हत्या की साजिश रची थी। दो फरार आरोपियों की तलाश की जा रही है।  

तीन दिवसीय मैंगो मेले में आमों की दुर्लभ किस्में, सांस्कृतिक कार्यक्रम और फूड कोर्ट होंगे आकर्षण

पिंजौर   हरियाणा पर्यटन निगम एवं बागवानी विभाग के संयुक्त तत्वावधान में 10 से 12 जुलाई तक पिंजौर के यादविन्द्रा गार्डन में तीन दिवसीय 33वें मैंगो मेले का भव्य आयोजन किया जाएगा। इसके लिए विभाग द्वारा तैयारियां आरंभ कर दी गई है। हरियाणा पर्यटन विभाग सूत्रों के अनुसार मेले के दौरान गार्डन में एंट्री टिकट 50 रुपये रहेगी और अन्दर लगने वाले फूड कोर्ट में अलग-अलग तरह के व्यंजनों के 15 स्टाॅल लगाए जाएंगे। मेले में विभिन्न गतिविधियां, प्रतियोगिताएं और संध्या के सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे। पहले दिन की शुरुआत छात्रों के लिए रंगोली, ड्राइंग, पोस्टर मेकिंग और मैंगो क्विज जैसी प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जा सकता है। विभिन्न कलाकारों द्वारा नगाड़ा पार्टी, जंगम पार्टी, बिगपाइपर ग्रुप, बीन पार्टी, इकतारा पार्टी, बहुरूपदर्शक नृत्य और गायन  प्रदर्शन के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम देखने को मिलेंगे। शिल्प बाजार में हथकरघा और हस्तशिल्प का होगा प्रदर्शन सूत्रों के अनुसार महलों, प्राचीरों और गढ़ों पर विशेष रोशनी से उद्यानों को रोशन किया जाएगा। भारतीय स्ट्रीट फूड के साथ-साथ पंजाब के स्वाद, दक्षिण की सूक्ष्म सुगंध और चाईनीज के प्राच्य स्वाद सहित मुंह में पानी लाने वाले व्यंजन परोसने के लिए एक बहु-व्यंजन फूड कोर्ट स्थापित किया जा सकता है। इसी प्रकार शिल्प बाजार मेले का एक और अतिरिक्त आकर्षण का केन्द्र होगा। शिल्प बाजार में हरियाणा, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, जम्मू और कश्मीर, राजस्थान आदि के शिल्पकारों/बुनकरों द्वारा हथकरघा और हस्तशिल्प का प्रदर्शन और बिक्री की जाएगी। विभिन्न किस्मों के आमों का होगा प्रदर्शन मैंगो मेला पूरे देश से आम उत्पादकों को अपने आम व आम से बने उत्पादों को प्रदर्शित करने और बेचने के लिए एक आदर्श मंच प्रदान करता है। आम की प्रमुख वाणिज्यिक किस्में जो मेले में प्रतिस्पर्धा करेंगी।  दशहरी, चैसा, लंगड़ा, अमरपाली, बाम्बे ग्रीन (मालदा), रतोल, मलिका, अंबिका, रामकेला (एक अचार की किस्म) आदि शामिल हैं। इस मेले में देश भर से बड़ी संख्या में आम उत्पादक प्रतिस्पर्धा में भाग लेंगे और आम की विभिन्न किस्मों का प्रदर्शन करेगा। आम के पौधे और आम भी खरीद सकेंगे लोग बागवानी विभाग के सूत्रों ने बताया कि इस बार स्टाल लगाए जाएंगे जिसमें मेला देखने आए लोगों को आम और आम के पौधे खरीदने का मौका मिलेगा।