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हरियाणा विधानसभा का बजट सत्र समाप्त, 54 घंटे से ज्यादा चली विचारपूर्ण चर्चा

चंडीगढ़  15वीं हरियाणा विधान सभा का दूसरा बजट सत्र सार्थक चर्चा के साथ संपन्न हो गया। 20 फरवरी को शुरू हुए इस सत्र में 18 मार्च तक कुल 13 बैठकें हुईं, जिनमें लगभग 54 घंटे 24 मिनट सकारात्मक और सार्थक चर्चा हुई। इस दौरान अनेक विषयों पर सदन का माहौल गर्म भी हुआ, जिसे विधान सभा अध्यक्ष हरविन्द्र कल्याण ने अपनी कुशलता से संभाला और कार्य उत्पादकता की मिसाल पेश की। सत्र संपन्न होने के अगले दिन वीरवार को मीडिया में जारी एक बयान में विधान सभा अध्यक्ष हरविन्द्र कल्याण ने बताया कि बजट सत्र 20 फरवरी को राज्यपाल प्रो. असीम घोष द्वारा प्रस्तुत किए गए अभिभाषण से शुरू हुआ था। इस अभिभाषण पर सदन में 23, 24, 25, 26 और 27 फरवरी को कुल 7 घंटे 58 मिनट व्यापक चर्चा करवाई गई।  इस चर्चा में मुख्यमंत्री समेत भाजपा के 19 सदस्य 217 मिनट, कांग्रेस के 14 सदस्य 229 मिनट, इनेलो के 2 सदस्य 24 मिनट तथा 2 निर्दलीय विधायकों ने 8 मिनट अपनी बात रखी। 2 मार्च को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बजट प्रस्तुत किया। सदन में 5, 6, 9 और 17 मार्च को 10 घंटे 3 मिनट इस पर चर्चा हुई। इस दौरान मुख्यमंत्री सहित भाजपा के 15, कांग्रेस के 7 तथा 3 निर्दलीय विधायकों ने हिस्सा लिया। मुख्यमंत्री के जवाब सहित भाजपा को 407 मिनट, कांग्रेस को 167 मिनट तथा निर्दलीय विधायकों को 29 मिनट का समय मिला। सत्र के दौरान 6 दिन शून्यकाल रहे। इस दौरान 5 घंटे 3 मिनट चली कार्यवाही में भाजपा के 23 विधायक 129 मिनट बोले, कांग्रेस के 24 विधायक 139 मिनट बोले, इनेलो के 2 विधायक 23 मिनट तथा निर्दलीय 3 विधायकों को 12 मिनट का समय मिला। इनेलो के एक विधायक को दो बार बोलने का मौका मिला। इस प्रकार कुल 52 विधायकों ने शून्यकाल में हिस्सा लिया। बजट सत्र के दौरान 11 दिन प्रश्नकाल हुए। इसके लिए 220 तारांकित प्रश्न शामिल किए गए थे, इनमें से 168 के जवाब हाउस में दिए गए। विधान सभा सचिवालय को 57 सदस्यों से 390 तारांकित प्रश्नों के लिए नोटिस प्राप्त हुए थे, इनमें से 258 एडमिट हुए। इनमें भाजपा के 23, कांग्रेस के 29, इनेलो के 2 तथा 3 निर्दलीय विधायकों ने प्रश्नों के लिए नोटिस भेजे। इस दौरान एक रिकॉर्ड यह बना कि लगातार 3 दिन और कुल 4 दिन निर्धारित सभी सवालों के जवाब सदन में दिए गए। इसी प्रकार 28 विधायकों की ओर से 183 अतारांकित प्रश्नों के नोटिस प्राप्त हुए। अतारांकित प्रश्न लगाने वालों में भाजपा के 10, कांग्रेस के 15 इनेलो के 2 तथा एक निर्दलीय विधायक शामिल रहा। इनमें से 145 अतारांकित प्रश्न स्वीकृत हुए। सभी 145 प्रश्नों के जवाब विधायकों को भेजे गए। ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के लिए 32 नोटिस प्राप्त हुए थे, इनमें से 5 स्वीकृत हुए। इसी प्रकार कार्य स्थगन प्रस्ताव के लिए 4 नोटिस प्राप्त हुए, जिनमें से एक स्वीकृत किया गया। सत्र के लिए 8 विधेयकों के प्रारूप मिले थे। ये सभी चर्चा उपरांत पारित कर दिए गए। सत्र के दौरान 2 सरकारी संकल्प भी पारित किए गए। इनमें आवासन बोर्ड को भंग कर इसका एचएसवीपी में विलय करने तथा सफाई कर्मचारी नियोजन एवं शुष्क शौचालय निर्माण अधिनियम, 1993 के निरसन शामिल हैं। इसके अलावा नियम 84 के अधीन ‘विकसित भारत जी-राम’ योजना के प्रावधानों पर भी चर्चा हुई। नियम 66 व 67 के तहत स्थगन प्रस्ताव पर चर्चा भी चर्चा हुई। यह स्थगन प्रस्ताव हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग और हरियाणा लोक सेवा आयोग की हाल ही में आयोजित भर्ती के बारे में था। नियम 171 के तहत एक गैर सरकारी प्रस्ताव पर भी पारित किया गया। इसके तहत सदन ने राज्य सरकार से केन्द्र सरकार को यह सूचित करने के लिए सिफारिश की कि जी.एस.टी. के अतंर्गत टैक्स स्लैब में संशोधन सराहनीय तथा प्रशंसनीय है। इस बीच अध्यक्ष ने कुछ मुख्य रूलिंग्स भी दी, जिनमें राज्य सभा चुनाव संबंधी भी प्रमुख रही। सत्र के दौरान बजट का अध्ययन करने के लिए गठित 8 स्थायी समितियों समेत अनेक कमेटियों की वार्षिक रिपोर्ट्स भी पेश हुईं। इनमें एक प्रिविलेज कमेटी की फाइनल रिपोर्ट भी शामिल है। सत्र के बीच होली पर्व आया। इस अवसर विधान परिसर में होली मिलन समारोह का आयोजन किया गया। सत्र के अंतिम दिन गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत द्वारा प्राकृतिक खेती पर विशेष व्याख्यान दिया गया। उनके मार्गदर्शन से सदन को विशेष जानकारी मिली। इस सत्र के दौरान अलग-अलग दीर्घाओं में 2139 दर्शकों ने सदन की कार्यवाही देखी। 

बेटियों के हक में बदलाव: हरियाणा में लिंगानुपात में सुधार, पानीपत सहित तीन जिलों ने बनाई मिसाल

चंडीगढ़. हरियाणा में लिंगानुपात सुधारने में पंचकूला, फतेहाबाद और पानीपत सबसे आगे हैं। वर्ष 2025 में पंचकूला में जन्म के समय लिंगानुपात 971, फतेहाबाद में 961 और पानीपत में 951 रहा। इस दौरान फतेहाबाद में 43, पानीपत में 83 और पंचकूला में 24 स्थानों पर छापे मारकर गर्भ में लिंग जांच और भ्रूण हत्या सहित अनैतिक गतिविधियों के मामलों में कड़ी कार्रवाई की गई। महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रुति चौधरी ने गुरुवार को बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान में बेहतर कार्य करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों को सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि राज्य में ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ कार्यक्रम केवल एक योजना नहीं, बल्कि सामाजिक सोच में सकारात्मक बदलाव लाने का व्यापक जनआंदोलन बन चुका है। बेटियों के जन्म को प्रोत्साहित करने, उनके प्रति सम्मान बढ़ाने और समाज में लैंगिक समानता स्थापित करने की दिशा में निरंतर सार्थक प्रयास किए जा रहे हैं। वर्ष 2014 में जन्म के समय लिंगानुपात 871 था, जो अब बढ़कर 923 तक पहुंच गया है। यह बदलाव समाज की सोच में आए सकारात्मक परिवर्तन और सरकार की प्रभावी नीतियों का परिणाम है। महिला एवं बाल विकास मंत्री ने कहा कि इस सुधार के पीछे पीसीपीएनडीटी अधिनियम का सख्ती से पालन, अवैध लिंग चयन पर रोक, एमटीपी के दुरुपयोग के विरुद्ध लक्षित कार्रवाई, गर्भावस्था की रिवर्स ट्रैकिंग जैसी पहल और विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय शामिल हैं। बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना के माध्यम से बाल लिंग अनुपात में सुधार, लैंगिक समानता को बढ़ावा, लिंग-आधारित भेदभाव को समाप्त करना, बालिकाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना तथा उनकी शिक्षा और भागीदारी को प्रोत्साहित करना मुख्य लक्ष्य हैं। इस अवसर पर महिला एवं बाल विकास विभाग के आयुक्त एवं सचिव शेखर विद्यार्थी और निदेशक डॉ. प्रियंका सोनी ने भी अपनी बात रखी।

क्रॉस वोटिंग से सियासी हलचल: हरियाणा में कांग्रेस को झटका, मेवात में BJP की बढ़ती सक्रियता

चंडीगढ़. हरियाणा के राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस के दो मुस्लिम विधायकों द्वारा भाजपा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार सतीश नांदल के समर्थन में क्रॉस वोट करना भाजपा के लिए शुभ संकेत है। मेवात के नूंह जिले की चारों विधानसभा सीटों पर कांग्रेस का कब्जा है। कांग्रेस के इन चार विधायकों में से दो को भाजपा ने राज्यसभा चुनाव में अपने समर्थन में वोटिंग के लिए तैयार कर जहां मेवात क्षेत्र में अपनी राजनीतिक पकड़ बनाने की दिशा में कदम बढ़ाए हैं, वहीं कांग्रेस के लिए नई चुनौतियां खड़ी कर दी हैं। राज्यसभा चुनाव में हथीन के कांग्रेस विधायक मोहम्मद इसराइल और पुन्हाना के कांग्रेस विधायक मोहम्मद इलियास के वोट क्रॉस हुए हैं। इन दोनों विधायकों को कांग्रेस ने कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। विधायकों के जवाब से संतुष्ट नहीं होने की स्थिति में क्रॉस वोट करने के आरोपी इन विधायकों को किसी भी समय कांग्रेस पार्टी से बाहर का रास्ता दिखाया जा सकता है। कांग्रेस का यह फैसला भाजपा के लिए राजनीतिक रूप से काफी मददगार साबित हो सकता है। भाजपा क्रॉस वोट करने के आरोपी विधायकों को अपने गले लगाने के लिए तैयार बैठी है। हरियाणा में साल 2024 के विधानसभा चुनाव में पांच मुस्लिम विधायक चुनाव जीतकर आए हैं और पांचों कांग्रेस से हैं। नूंह से चौधरी आफताब अहमद तीसरी बार कांग्रेस के टिकट पर चुनाव जीते हैं। फिरोजपुर झिरका से मामन खान दूसरी बार चुनाव जीते, जबकि हथीन से कांग्रेस विधायक मोहम्मद इसराइल पहली बार चुनाव जीते हैं। पुन्हाना के कांग्रेस विधायक मोहम्मद इलियास की तबीयत आजकल ठीक नहीं रहती। उनका नियमित डायलिसिस होता है। मोहम्मद इलियास पुन्हाना से तीसरी बार चुनाव जीते हैं। कांग्रेस से पहले वे इनेलो की राजनीति करते रहे हैं। यमुनानगर जिले की जगाधरी विधानसभा सीट भी मुस्लिम बाहुल्य है, जहां से चौधरी अकरम खान दूसरी बार चुनाव जीते हैं। उन्होंने पहला चुनाव बहुजन समाज पार्टी के टिकट पर जीता था। हरियाणा की दो राज्यसभा सीटों में से एक पर भाजपा और दूसरी पर कांग्रेस की जीत हुई है। कांग्रेस को जीत हासिल करने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी। भाजपा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार सतीश नांदल के समर्थन में कांग्रेस के चार वोट निरस्त हुए और चार क्रास हुई हैं। जिन चार विधायकों की वोट क्रास हुई है, उनमें मेवात क्षेत्र के दो मुस्लिम विधायक मोहम्मद इसराइल और मोहम्मद इलियास भी शामिल हैं। इसी तरह ओडिसा के राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस विधायक सोफिया फिरदौस ने भाजपा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार को अपना वोट दिया है। ओडिशा व हरियाणा में जिस तरह से कांग्रेस के मुस्लिम विधायकों का भाजपा के प्रति राजनीतिक प्रेम बढ़ा है, वह पार्टी के लिए नई संभावनाएं पैदा कर रहा है। मेवात भाजपा के लिए राजनीतिक रूप से ज्यादा उपजाऊ नहीं रहा है। शुरू से यहां कांग्रेस और इनेलो का दबदबा रहा है। भाजपा ने इनेलो से शामिल हुए दो तत्कालीन विधायकों जाकिर हुसैन को नूंह और नसीम अहमद को फिरोजपुर झिरका से टिकट दिया था, मगर साल 2019 के चुनाव में दोनों ही हार गए थे। पिछले चुनाव में अच्छा नहीं रहा भाजपा का प्रदर्शन साल 2024 के चुनाव में भी भाजपा का प्रदर्शन बहुत अच्छा नहीं रहा। ऐसे में राज्यसभा चुनाव के दौरान भाजपा ने जिस तरह से मेवात क्षेत्र के दो विधायकों को तोड़कर अपने पाले में लाने में सफलता हासिल की, उससे संभावना बन रही है कि यदि कांग्रेस इन विधायकों को अपनी पार्टी से बाहर निकालने का फैसला लेती है तो भाजपा भविष्य में उन्हें अपनी पार्टी से चुनाव लड़वाने से परहेज नहीं करेगी। कांग्रेस के बागी मुस्लिम विधायकों के लिए भाजपा अछूत नहीं भाजपा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार के लिए जागा मुस्लिम कांग्रेस विधायकों का प्रेम यह संकेत भी दे रहा है कि अब भाजपा उनके लिए बिल्कुल भी अछूत नहीं है। भाजपा उनका सहयोग लेना चाहती है और मुस्लिम देना चाहते हैं। ऐसे में न केवल इनेलो बल्कि कांग्रेस के लिए अपार चुनौतियां हैं। भाजपा सूत्रों का कहना है कि जगाधरी के कांग्रेस विधायक मोहम्मद अकरम खान से भी राज्यसभा चुनाव में वोट के लिए संपर्क साधा गया था, लेकिन ऐन वक्त पर बात बनते-बनते बिगड़ गई।

Haryana IAS Transfer: 23 अफसरों का ट्रांसफर, वुंद्रू संभालेंगे परिवहन, अनुपमा को नागरिक उड्डयन

हरियाणा चंडीगढ़ हरियाणा सरकार ने प्रशासनिक कार्यकुशलता को बढ़ाने के उद्देश्य से राज्य के 23 वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों के विभागों में तत्काल प्रभाव से फेरबदल किया है। इस फेरबदल में अतिरिक्त मुख्य सचिव (ACS) स्तर के अधिकारियों को नई और महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। तबादला सूची देखने के लिए यहां क्लिक करिए। मुख्य सचिव कार्यालय से जारी आदेश के मुताबिक डॉ. राजा शेखर वुंद्रू (1990): अतिरिक्त मुख्य सचिव (ACS) को परिवहन विभाग तथा अतिरिक्त मुख्य सचिव, मुद्रण एवं लेखन सामग्री विभाग। जी. अनुपमा (1991): ACS, सामाजिक न्याय, अधिकारिता, अनुसूचित जाति एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण और अंत्योदय (SEWA) विभाग तथा ACS, नागरिक उड्डयन विभाग। अपूर्वा कुमार सिंह (1991): ACS, सार्वजनिक स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग तथा ACS, सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग में लगाया गया है। इसी तरह विजयेंद्र कुमार (1995): ACS, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग तथा ACS, बागवानी विभाग। टी.एल. सत्यप्रकाश (2002): प्रबंध निदेशक, हरियाणा विद्युत प्रसारण निगम लिमिटेड तथा मुख्य प्रशासक, हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (HSVP)। संगीत तेतरवाल (2013): श्रम आयुक्त, हरियाणा तथा विशेष सचिव, श्रम विभाग। फूलचंद मीणा (2011): प्रबंध निदेशक, दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम (DHBVN) और साकेत कुमार (2005) को महानिदेशक, उद्योग एवं वाणिज्य तथा महानिदेशक, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME)। अमनीत पी. कुमार (2001): सचिव, महिला एवं बाल विकास विभाग। विजय सिंह दहिया (2001): आयुक्त एवं सचिव, पुरालेख विभाग। ए. श्रीनिवास (2004): सचिव, खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता मामले विभाग। महेश्वर शर्मा (2007): विशेष सचिव, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग में लगाया गया है। इनके साथ ही रेनू एस. फुलिया (2003): आयुक्त, अंबाला मंडल, अंबाला। मंदीप कौर (2013): निदेशक, कला एवं सांस्कृतिक मामले। प्रदीप कुमार (2011): प्रबंध निदेशक, हरियाणा लैंड रिक्लेमेशन एंड डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन। मनोज कुमार-II (2014): विशेष सचिव, श्रम विभाग। मनीराम शर्मा (2009): विशेष सचिव, गृह-II विभाग तथा आयुक्त, गुरुद्वारा चुनाव। यशपाल (2011): निदेशक, शहरी स्थानीय निकाय तथा विशेष सचिव, शहरी स्थानीय निकाय विभाग। नरहरि सिंह बांगड़ (2011): निदेशक, कृषि एवं किसान कल्याण। डॉ. शालीन (2012): निदेशक, माध्यमिक शिक्षा एवं विशेष सचिव, स्कूल शिक्षा विभाग। प्रशांत पंवार (2015): जिला उपायुक्त, नूंह तथा मुख्य कार्यकारी अधिकारी, मेवात विकास प्राधिकरण। अजय कुमार (2013): जिला उपायुक्त, रोहतक और धीरज कुमार (2016) को जिला उपायुक्त, कुरुक्षेत्र में लगाया गया है।

चौंकाने वाला खुलासा: हरियाणा के युवाओं में दिल की बीमारी से बढ़ी मौतें

चंडीगढ़. हरियाणा में युवाओं के दिल कमजोर पड़ते जा रहे हैं। COVID-19 महामारी की शुरुआत से अब तक, राज्य में कुल 17,973 लोगों की मौत दिल का दौरा पड़ने से हुई है। दिल का दौरा पड़ने से जान गंवाने वाले इन लोगों में से ज्यादातर की उम्र 18 से 45 साल के बीच थी। बुधवार को हरियाणा सरकार ने इस मामले पर विधानसभा में एक रिपोर्ट पेश की। रिपोर्ट के मुताबिक, 2022 से दिल का दौरा पड़ने से होने वाली मौतों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हुई है। बजट सत्र के आखिरी दिन, जुलाना से कांग्रेस विधायक विनेश फोगाट ने सरकार से पूछा कि 2020 में COVID-19 महामारी की शुरुआत से लेकर अब तक, राज्य में 18 से 45 साल की उम्र के कितने युवाओं की मौत दिल का दौरा पड़ने से हुई है। उन्होंने सरकार से यह भी जानना चाहा कि क्या कोई ऐसा अध्ययन किया गया है, जिससे यह पता चल सके कि इन मौतों और COVID-19 संक्रमण या कोरोना टीकाकरण के बीच कोई संबंध है या नहीं। हालांकि, जब विधानसभा में उनके सवाल पर चर्चा हो रही थी, तब वह सदन में मौजूद नहीं थीं, फिर भी सरकार ने रिपोर्ट पेश की। विनेश फोगाट के सवाल के जवाब में सरकार ने कहा कि इन मौतों और कोविड-19 टीकाकरण के बीच कोई संबंध नहीं है; इसलिए, इस मामले पर किसी भी तरह का सर्वेक्षण करना जरूरी नहीं समझा गया। वर्ष दर वर्ष मौत का आंकड़ा साल     मौत का आंकड़ा 2020     2394 2021     3188 2022     2796 2023     2886 2024     3063 2025     3255 2026 (केवल जनवरी)     391 यमुना नगर, फरीदाबाद और नूंह में सर्वाधिक मौतें हरियाणा सरकार द्वारा पेश की गई एक रिपोर्ट के अनुसार, जनवरी 2026 में दिल के दौरे (हार्ट अटैक) से होने वाली सबसे ज़्यादा मौतें यमुनानगर जिले में हुईं। यहां, एक महीने के अंदर 71 युवाओं की मौत हो गई। दिल के दौरे से होने वाली मौतें इस प्रकार दर्ज की गईं: भिवानी जिले में नौ, चरखी दादरी में छह, फरीदाबाद में 43, फतेहाबाद में 30, गुरुग्राम में आठ, झज्जर में 17, जींद में 12, कैथल में 12, करनाल में आठ, कुरुक्षेत्र में 14, नूंह में 36, नारनौल में छह, पंचकूला में 19, पानीपत में पांच, पलवल में 37, रेवाड़ी में 17, सिरसा में 35, सोनीपत में छह, और यमुनानगर जिले में 71। राज्य के भीतर, इस एक महीने की अवधि के दौरान रोहतक, हिसार या अंबाला में दिल के दौरे से कोई मौत दर्ज नहीं की गई।

RTE अपडेट: झज्जर के 366 में से 315 स्कूलों ने डेटा भरा, बाकी पर कार्रवाई की चेतावनी

झज्जर. प्राथमिक शिक्षा निदेशालय ने आरटीई अधिनियम 2009 के तहत शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए निजी स्कूलों द्वारा सीट घोषणा प्रक्रिया की समय सीमा में विस्तार किया है। निदेशालय द्वारा जारी आधिकारिक पत्र के अनुसार, अब पोर्टल पर डेटा सबमिशन की अंतिम तिथि 20 मार्च 2026 की रात 11:59 बजे तक निर्धारित की गई है। यह निर्णय पोर्टल पर डेटा सब्मिशन की समीक्षा के बाद लिया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, कई निजी स्कूलों ने अभी तक अनिवार्य जानकारी साझा नहीं की है। झज्जर जिले की बात हो तो यहां पर कुल 366 मान्यता प्राप्त निजी विद्यालय हैं, जिनमें से 315 ने अपनी जानकारी अपडेट कर दी है, जबकि 51 विद्यालयों का डेटा अभी भी लंबित है। निदेशालय ने सभी जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने कार्यक्षेत्र में आने वाले निजी स्कूलों से तत्काल डेटा की समीक्षा और सत्यापन सुनिश्चित कराएं। पोर्टल पर ''एडिट अनलाक'' की सुविधा भी दी गई है, ताकि पूर्व में जमा किए गए आवेदनों में आवश्यकतानुसार सुधार किया जा सके। विभाग ने स्पष्ट किया है कि केवल ''फाइनल सबमिटेड'' चिह्नित आवेदन ही मान्य होंगे और अधूरे फार्म स्वतः रद्द कर दिए जाएंगे। जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी झज्जर, राजबाला मलिक ने इस संबंध में स्कूलों से अपील करते हुए कहा, 'सभी निजी मान्यता प्राप्त स्कूल तत्काल पोर्टल पर सीट घोषणा की जानकारी अपडेट करें। आरटीई अधिनियम गरीब और वंचित बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का अधिकार प्रदान करता है। समय सीमा का लाभ उठाते हुए सटीक डेटा सबमिट करें ताकि अभिभावकों को प्रवेश प्रक्रिया में कोई असुविधा न हो। नियमों की अनदेखी करने वाले स्कूलों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।' आरटीई (RTE) दाखिलों के संशोधित शेड्यूल गतिविधि                                           निर्धारित तिथि निजी स्कूलों द्वारा सीट घोषणा             11.03.2026 से 20.03.2026 डीईईओ द्वारा सत्यापन प्रक्रिया             23.03.2026 से 29.03.2026 सत्यापित स्कूलों की सूची का प्रकाशन   01.04.2026 से 06.04.2026 अभिभावकों द्वारा आवेदन की शुरुआत     09.04.2026 से लॉटरी परिणाम एवं स्कूल आवंटन          16.04.2026 से 20.04.2026 दाखिला प्रक्रिया                                    21.04.2026 से 30.04.2026 प्रतीक्षा सूची (वेटिंग लिस्ट)                     01.05.2026 से 05.05.2026

हरियाणा में 23 IAS अधिकारियों के तबादले, प्रशासनिक फेरबदल की घोषणा

चंडीगढ़  हरियाणा में प्रशासनिक स्तर पर बड़ा फेरबदल किया गया है। राज्यपाल के आदेशानुसार कई IAS अधिकारियों की पोस्टिंग और तबादले तत्काल प्रभाव से लागू कर दिए गए हैं। इस फैसले का उद्देश्य प्रशासनिक कार्यों को अधिक प्रभावी बनाना और विभिन्न विभागों में सुचारु संचालन सुनिश्चित करना बताया जा रहा है। नए आदेश के तहत अधिकारियों को उनके नए पदों पर जल्द से जल्द कार्यभार संभालने के निर्देश दिए गए हैं।

किसानों के लिए खुशखबरी: कैथल में सरसों की खरीद 27 मार्च से MSP पर शुरू

कैथल. जिले की नई अनाज मंडी में सरसों की आवक तेज हो गई है। पीले व काले रंग की सरसों को लेकर किसान मंडियों में आ रहे हैं। किसानों को सरसों के भाव भी अच्छे मिल रहे हैं। प्राइवेट एजेंसियों ने किसानों से 6600 से 6700 रुपये प्रति क्विंटल सरसों खरीदा है, जो सरकारी भाव से करीब 500 से 600 रुपये प्रति क्विंटल ज्यादा है। अच्छे भाव मिलने से किसानों के चेहरे पर भी रौनक है। किसानों ने कहा सरसों के भाव की जो उम्मीद थी, उससे भी ज्यादा मिल रहे हैं। किसानों को इससे फायदा होने वाला है। नई अनाज मंडी में सरसों लेकर पहुंचे किसान नरेश ने बताया कि एमएसपी पर अभी खरीद नहीं हुई है। प्राइवेट 6500 रुपये तक सरसों बेची गई। तीन अनाज मंडियों को बनाया सरसों का खरीद केंद्र जिले की मंडियों में सरसों की आवक शुरू होने के बाद खरीद केंद्रों को भी बना दिया गया है। कैथल शहर की अतिरिक्त अनाज मंडी व नई अनाज मंडी के अलावा राजौंद व कलायत की अनाज मंडी को सरसों की खरीद का केंद्र बनाया गया है। बता दें कि राजौंद व कलायत क्षेत्र में काफी किसान सरसों की खेती ज्यादा करते हैं। पूरे जिले में चार हजार हेक्टेयर यानि 10 हजार एकड़ में किसानों ने सरसों की खेती की है। पिछले साल सरसों के भाव प्राइवेट एजेंसियों द्वारा 6000 हजार से से 6500 रुपये थे, जो इस बार सात हजार रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच गए हैं। इससे किसानों में खुशी का माहौल है। सरसों की खेती करने वाले किसान मनोज कुमार, नरेश कुमार, रामकुमार ने बताया कि सरसों के अच्छे भाव मिलने से फायदा होगा। 27 मार्च से शुरू होगी सरसों की खरीद: ढुल हैफेड के इंस्पेक्टर संजीव ढुल ने बताया कि सरसों की सरकारी खरीद 27 मार्च से शुरू होगी। सरसों की खरीद को लेकर तैयारियां शुरू कर दी हैं। 6200 रुपये प्रति क्विंटल एमएसपी पर सरसों की खरीद की जाएगी। हैफेड की तरफ से सरसों की खरीद को लेकर सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। बरदाना की भी कोई कमी नहीं है। मंडी में सरसों की आवक शुरू: ढुल मार्केट कमेटी सचिव नरेंद्र ढुल ने बताया कि सरसों की आवक मंडी में शुरू हो गई है। प्राइवेट खरीदार सरसों खरीद रहे हैं। मंडी में सरसों की आवक को लेकर सभी प्रकार के प्रबंध किए गए हैं। किसानों से अपील है कि सरसों को सुखाकर मंडियों में लेकर आएं, ताकि अच्छे भाव मिल सके।

शिक्षा में नई पहल: हरियाणा में 9वीं-10वीं के छात्रों के लिए तीसरी भाषा जरूरी

भिवानी. हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड ने शिक्षा क्षेत्र में बड़ा बदलाव करते हुए राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत त्रि-भाषाई सूत्र लागू करने का फैसला लिया है। इसके साथ ही हरियाणा देश का पहला ऐसा बोर्ड बन गया है जिसने इस नीति को स्कूल स्तर पर लागू करने की दिशा में ठोस कदम उठाया है। नई व्यवस्था के अनुसार अब कक्षा 9वीं और 10वीं के विद्यार्थियों को हिन्दी और अंग्रेजी के साथ एक अतिरिक्त भाषा पढ़नी होगी। यह तीसरी भाषा संस्कृत, उर्दू या पंजाबी में से चुननी होगी और इसे अनिवार्य बनाया गया है। बोर्ड अध्यक्ष डा. पवन कुमार और उपाध्यक्ष सतीश शाहपुर ने बताया कि इस फैसले से विद्यार्थियों के भाषाई कौशल में सुधार होगा और उन्हें अन्य राज्यों में रोजगार के बेहतर अवसर मिल सकेंगे। नई प्रणाली के तहत विद्यार्थियों को अब कुल 7 विषय पढ़ने होंगे, जिनमें 6 अनिवार्य और 1 वैकल्पिक विषय शामिल होगा। पास होने के लिए 6 विषयों में उत्तीर्ण होना जरूरी होगा। इसके साथ ही 'बैस्ट फाइव' की जगह अब 'बैस्ट सिक्स' फॉर्मूला लागू किया जाएगा। शारीरिक रूप से अक्षम विद्यार्थियों को 2 अनिवार्य भाषाओं में से एक चुनने की छूट दी जाएगी। साथ ही विशेष विद्यालयों में इंडियन साइन लैंग्वेज को अलग विषय के रूप में लागू किया जाएगा। बोर्ड कक्षा 9वीं से 12वीं तक के लिए स्मार्ट पाठ्य पुस्तकें प्रकाशित करेगा। इन किताबों में क्यू. आर. कोड दिए जाएंगे जिन्हें स्कैन करने पर संबंधित विषय का वीडियो लैक्चर सीधे मोबाइल पर उपलब्ध होगा।

दिनदहाड़े कत्ल से दहला चंडीगढ़: प्रॉपर्टी डीलर को गोलियों से भूना, 9 राउंड फायर

चंडीगढ़ एक प्रॉपर्टी डीलर की दिनदहाड़े गोली मारकर चंडीगढ़ में हत्या कर दी गई। यह कांड सेक्टर 9 में बुधवार दोपहर को हुआ। इस घटना के बाद इलाके में अफरातफरी मच गई। मृतक की पहचान प्रीत नागरा के रूप में हुई है, जो पेशे से प्रॉपर्टी डीलर थे। वह न्यू चंडीगढ़ के मुल्लानपुर इलाके के कुबाहेरी में रहते थे। उन्हें दोपहर में करीब 12 बजे गोली मारी गई। उन्हें तुरंत ही पास के सरकारी अस्पताल ले जाया गया, जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। शुरुआती रिपोर्ट्स के अनुसार यह घटना उस वक्त हुई, जब प्रीत नागरा बॉडी जोन नाम की जिम से बाहर निकल रहे थे। वह अपनी कार में बैठे ही थे कि उन पर बाइक सवार हमलावरों ने फायरिंग कर दी। पुलिस मौके पर पहुंची है और घटनास्थल की बैरेकेडिंग करके जांच की जा रही है। माना जा रहा है कि यह किसी रंजिश या फिर लेनदेन के विवाद से जुड़ी हो सकती है। हमलावरों ने प्रीत नागरा पर 8 से 10 गोलियां दागीं और फिर मौके से भाग निकले। इससे यह अंदाजा लगाया जा रहा है कि वह शायद प्रीत नागरा के कत्ल के इरादे से ही आए थे। तभी इतनी बड़ी संख्या में गोलियां दागी गईं। पुलिस ने घटना के बाद मौके पर पहुंचकर इलाके की घेराबंदी की और जांच की जा रही है। फॉरेंसिक टीम ने भी मौके से सबूत जुटाए हैं। पुलिस का कहना है कि इस घटना की जांच में सीसीटीवी फुटेज से मदद मिल सकती है। इसी इरादे से आसपास में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी चेक की जा रही हैं। अब तक हमलावरों की मंशा का पता नहीं लगा है। फिलहाल हमलावरों की तलाश में पुलिस जुटी है और मामले की जांच के लिए टीम का गठन किया गया है। बीते कुछ महीनों में चंडीगढ़ समेत आसपास के इलाकों में फायरिंग और हमले जैसी घटनाएं तेजी से बढ़ी हैं। ऐसी स्थिति में इस घटना ने एक बार फिर से सिटी ब्यूटीफुल की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं।