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हरियाणा कांग्रेस का बड़ा एक्शन, क्रॉस वोटिंग करने वाले 5 विधायक सस्पेंड

चंडीगढ़ हरियाणा कांग्रेस में अनुशासन को लेकर बड़ा फैसला सामने आया है. पार्टी ने राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग करने वाले पांच विधायकों को निलंबित कर दिया है. यह कार्रवाई पार्टी के भीतर अनुशासन बनाए रखने के लिए की गई है. इस फैसले ने राजनीतिक गलियारों में हलचल बढ़ा दी है. हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह ने इस संबंध में आदेश जारी किया. उन्होंने बताया कि पांच विधायकों को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है. यह फैसला संगठनात्मक अनुशासन के उल्लंघन को गंभीरता से लेते हुए लिया गया है. राव नरेंद्र सिंह ने स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई प्रदेश अनुशासन समिति की सिफारिश के आधार पर की गई है. साथ ही इस निर्णय को लागू करने से पहले अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की स्वीकृति भी ली गई. इससे यह साफ हो गया है कि पार्टी इस मुद्दे को लेकर पूरी तरह सख्त रुख अपनाए हुए है. क्रॉस वोटिंग के बाद कांग्रेस का बड़ा फैसला जिन विधायकों को निलंबित किया गया है उनमें शैली चौधरी, रेणु बाला, मोहम्मद इलियास पुनहाना, मोहम्मद इसराइल और जरनैल सिंह शामिल हैं. ये सभी विधायक नारायणगढ़, सढौरा, रतिया, पुनहाना और हथीन विधानसभा क्षेत्रों से निर्वाचित हैं. पार्टी ने इन सभी पर पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने का आरोप लगाया है. प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, इन विधायकों ने हाल ही में हुए राज्यसभा चुनाव के दौरान पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी के खिलाफ मतदान किया था. इसे गंभीर अनुशासनहीनता माना गया. पार्टी का कहना है कि इस तरह का कदम संगठन की मर्यादाओं के खिलाफ है और इसे किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता. राव नरेंद्र सिंह ने कहा कि पार्टी में अनुशासन सर्वोपरि है और हर नेता और कार्यकर्ता को इसका पालन करना जरूरी है. उन्होंने यह भी कहा कि यह कार्रवाई एक स्पष्ट संदेश है कि पार्टी के सामूहिक निर्णयों और अधिकृत रुख के खिलाफ जाने पर कड़ी कार्रवाई होगी. मल्लिकार्जुन खड़गे की स्वीकृति के बाद हुई कार्रवाई इस फैसले के बाद हरियाणा की राजनीति में हलचल तेज हो गई है. कांग्रेस के इस कदम को अनुशासन बनाए रखने की दिशा में एक सख्त संदेश के तौर पर देखा जा रहा है. आने वाले समय में इसका असर पार्टी की आंतरिक राजनीति और रणनीति पर भी पड़ सकता है.

Cross Voting Controversy: राज्यसभा चुनाव में 5 विधायकों पर गिरी गाज, केंद्रीय अनुशासन समिति ने किया सस्पेंड

चंडीगढ़. हरियाणा में राज्यसभा चुनाव के दौरान कथित क्रॉस वोटिंग के मामले में कांग्रेस ने कड़ा रुख अपनाते हुए अपने पांच विधायकों को पार्टी से निलंबित करने का निर्णय लिया है। जिन विधायकों पर कार्रवाई की गई है, उनमें शैली चौधरी, रेनू वाला, मोहम्मद इलियास, मोहम्मद इसराइल और जरनैल सिंह शामिल हैं। सूत्रों के अनुसार, हरियाणा कांग्रेस की अनुशासन समिति और कांग्रेस विधायक दल (CLP) की बैठकों में इन विधायकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की सिफारिश की गई थी। इसके बाद मामला केंद्रीय नेतृत्व को भेजा गया। केंद्रीय अनुशासन समिति, जिसकी अध्यक्षता ए. के. एंथोनी कर रहे हैं, ने राज्य नेतृत्व की सिफारिश पर मुहर लगाते हुए पांचों विधायकों को निलंबित करने का फैसला लिया। 'संगठनात्मक अनुशासन से समझौता नहीं करेंगे' कांग्रेस नेतृत्व का मानना है कि राज्यसभा चुनाव जैसे महत्वपूर्ण मौके पर पार्टी लाइन से हटकर मतदान करना अनुशासन हीनता की श्रेणी में आता है, जिसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। इस कार्रवाई के जरिए पार्टी ने स्पष्ट संकेत दिया है कि संगठनात्मक अनुशासन से समझौता नहीं किया जाएगा। राजनीतिक जानकारों के मुताबिक, इस फैसले से न सिर्फ हरियाणा बल्कि अन्य राज्यों में भी पार्टी के भीतर अनुशासन को लेकर एक सख्त संदेश जाएगा। आने वाले समय में कांग्रेस संगठन को मजबूत करने और आंतरिक असंतोष को नियंत्रित करने के लिए इस तरह के कदम और भी देखने को मिल सकते हैं। वहीं, इस घटनाक्रम के बाद हरियाणा की राजनीति में हलचल तेज हो गई है और विपक्षी दल भी इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस पर निशाना साध रहे हैं।

Haryana Politics: CM नायब सैनी की पत्नी का ‘शेर’ वाला बयान वायरल, चर्चा तेज

करनाल. मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की पत्नी सुमन सैनी ने बुधवार को करनाल में आयोजित नारी शक्ति वंदन पदयात्रा कार्यक्रम के दौरान अपने हल्के-फुल्के लेकिन चर्चित बयान से माहौल को जीवंत कर दिया। कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि पहुंचीं सुमन सैनी से मंच संचालक ने अनौपचारिक अंदाज में सवाल किया कि घर में किसकी चलती है? इस पर उन्होंने मुस्कुराते हुए जवाब दिया जहां चलाने की बात होती है, वहां 100 प्रतिशत चलती है और जहां चलानी नहीं होती, वहां चुप भी रहना पड़ता है, क्योंकि जंगल में शेर एक ही होता है। नारी शक्ति वंदन पदयात्रा में बाल कल्याण परिषद की उपाध्यक्ष सुमन सैनी ने पैदल चलकर कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाया। जबकि कुछ देर के लिए उन्होंने हेलमेट पहनकर स्कूटी भी चलाई। हरियाणा बाल कल्याण परिषद की उपाध्यक्ष सुमन सैनी ने कहा नारी शक्ति वंदन पदयात्रा सिर्फ एक पद यात्रा नहीं है बल्कि यह महिलाओं के सम्मान, अधिकार और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए एक जन आंदोलन है। यह सिर्फ एक कानून नहीं है, बल्कि यह महिलाओं को नीति की लाभार्थी से नीति की निर्माता बनाने की ओर एक मजबूत कदम है।

Hisar Airport Flight Update: अयोध्या और दिल्ली के लिए नई नियमित उड़ानें शुरू, यात्रियों को बड़ी राहत

हिसार. हिसार स्थित महाराजा अग्रसेन एयरपोर्ट से वीरवार को नए शेड्यूल के साथ विमान उड़ान भरेंगे। 16 अप्रैल से सप्ताह में छह दिन अलग- अलग रूटों पर जयपुर सहित दिल्ली, चंडीगढ़ व अयोध्या के लिए उड़ानें संचालित होंगी। एयरपोर्ट अथारिटी की ओर से जारी इस शेड्यूल के अनुसार, गुरुवार को जयपुर से हिसार के लिए विमान दोपहर 1:40 बजे पहुंचेगा, जबकि हिसार से जयपुर के लिए उड़ान दोपहर 3:05 बजे रवाना होगी। यह शेड्यूल 30 अप्रैल तक प्रभावी रहेगा। इस नए शेड्यूल में सप्ताह में छह दिन हिसार से दिल्ली, अयोध्या, चंडीगढ़ और जयपुर की विमानों की सेवाएं यात्रियों को मिलेंगी। हर शहर के लिए सप्ताह में दो बार निर्धारित दिन पर विमान सेवाएं उपलब्ध होंगी। उड़ानों की बहाली से यात्रियों को राहत पिछले कुछ समय से मौसम व अन्य कारण के चलते जयपुर, दिल्ली और अयोध्या के लिए हवाई सेवाएं बीच-बीच में बाधित हो रही थी। खासतौर पर जयपुर रूट की उड़ानें कुछ समय के लिए बंद कर दी गई थी। अब नए शेड्यूल के लागू होने के साथ ही हिसार से दिल्ली, अयोध्या, चंडीगढ़ और जयपुर के लिए निर्धारित समय-सारिणी के अनुसार उड़ान सेवाएं जारी रहेंगी। यात्रियों को सप्ताह में छह दिन इन सेवाओं का लाभ मिलेगा।             रूटवार उड़ानों की समय-सारिणी दिल्ली-अयोध्या रूट (शुक्रवार व रविवार) दिल्ली से हिसार : प्रस्थान सुबह 10:55 बजे, आगमन 11:40 बजे हिसार से अयोध्या : प्रस्थान दोपहर 12:05 बजे, आगमन 02:05 बजे अयोध्या से हिसार : प्रस्थान 02:30 बजे, आगमन 04:30 बजे हिसार से दिल्ली : प्रस्थान 04:55 बजे, आगमन 05:40 बजे चंडीगढ़ रूट (सोमवार व बुधवार) दिल्ली से चंडीगढ़ होते हुए हिसार : प्रस्थान 01:50 बजे, आगमन 04:05 बजे हिसार से चंडीगढ़ : प्रस्थान 04:30 बजे, आगमन 05:15 बजे जयपुर-कुल्लू रूट (मंगलवार व वीरवार) जयपुर (कुल्लू होकर) से हिसार : प्रस्थान 01:40 बजे, आगमन 02:40 बजे हिसार से जयपुर : प्रस्थान 03:05 बजे, आगमन 04:05 बजे इन विमानों से भरी जाएंगी उड़ानें नए शेड्यूल के तहत एलायंस एयर द्वारा एटीआर-72 और एटीआर-42 विमानों का उपयोग किया जाएगा, जो क्षेत्रीय कनेक्टिविटी के लिए उपयुक्त माने जाते हैं। कितने समय में तय होगी दूरी हिसार से दिल्ली : 45 मिनट हिसार से अयोध्या : 2 घंटे हिसार से चंडीगढ़ : 1 घंटा 05 मिनट हिसार से जयपुर : 1 घंटा

सरकारी ड्यूटी के दौरान कर्मचारियों पर हमला, विभाग ने की सख्त कार्रवाई की मांग

 फतेहाबाद गांव खुम्बर में अवैध जल कनेक्शन काटने गई जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग की टीम पर ग्रामीणों द्वारा हमला करने और जान से मारने की धमकी देने का मामला सामने आया है। इस घटना से विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों में गहरा रोष है। मामले की गंभीरता को देखते हुए उपमंडल अभियंता आंचल जैन की अध्यक्षता में एक विशेष बैठक आयोजित की गई, जिसमें दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग उठाई गई। उपमंडल अभियंता आंचल जैन ने बताया कि विभाग को पोर्टल पर शिकायत मिली थी कि गांव खुम्बर स्थित एक खाली प्लॉट में अवैध कनेक्शन लिया गया है। विभागीय आदेशानुसार, पृथ्वीपाल खंड संयोजक के नेतृत्व में एक टीम कार्रवाई के लिए मौके पर पहुंची थी। जब टीम अपना कार्य पूरा कर बूस्टिंग स्टेशन पर वाल्व खोलने पहुंची, तो वहां गांव के निवासी रविन्द्र उर्फ घोलू ने कुछ महिलाओं के साथ मिलकर कर्मचारियों को घेर लिया। आरोप है कि उक्त व्यक्ति ने कर्मचारियों के साथ न केवल गाली-गलौज की, बल्कि हाथापाई पर उतारू हो गया और उन्हें जान से मारने की धमकी दी। जिला सलाहकार शर्मा चंद लाली ने कड़े शब्दों में घटना की निंदा करते हुए कहा की सरकारी ड्यूटी कर रहे कर्मचारियों के साथ इस तरह का हिंसक व्यवहार कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। हमने सदर थाना प्रभारी, फतेहाबाद को लिखित शिकायत भेजकर सरकारी कार्य में बाधा डालने और धमकी देने के आरोप में सख्त कार्रवाई की मांग की है। कर्मचारी यूनियन के जिला अध्यक्ष शमशेर सिंह कुंडू ने चेतावनी दी है कि यदि दोषियों के खिलाफ तुरंत उचित कार्रवाई नहीं की गई, तो जल्द ही जिला स्तरीय बैठक बुलाकर आगामी रणनीति बनाई जाएगी। कर्मचारियों ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा सुनिश्चित न होने की स्थिति में फील्ड में काम करना असंभव हो रहा है। उन्होंने कहा कि दोषियों के खिलाफ तुरंत एफआईआर दर्ज हो और फील्ड कर्मचारियों को सुरक्षा प्रदान की जाए ताकि पेयजल आपूर्ति बाधित न हो। इस बैठक में शर्मा चंद लाली (जिला सलाहकार), सुभाष चन्द्र (उपमंडल अभियंता), शमशेर सिंह कुंडू (जिला अध्यक्ष), अमनदीप सिंह, छोटू राम, दुर्गेश कुमार (कनिष्ठ अभियंता), दलबीर सिंह, राम मेहर सिंह सहित कई कर्मचारी व पदाधिकारी मौजूद रहे।  

बिल्डरों पर शिकंज,CBI की 77 ठिकानों पर देशभर में छापेमारी

फरीदाबाद फरीदाबाद में एक मशहूर रियल एस्टेट कंपनी समेत कई रियल एस्टेट कंपनियों के दफ्तरों पर मंगलवार को केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो की टीम ने जांच की. सूत्रों के अनुसार, दिल्ली से आई CBI की 4 सदस्यीय टीम सुबह करीब 7 बजे दफ्तर पहुंची, और करीब 10 घंटे तक वहां मौजूद बैंक से जुड़े दस्तावेजों की जांच करती रही. जांच के दौरान CBI अधिकारियों ने बिल्डर द्वारा खरीदारों को बेचे गए घरों से जुड़े दस्तावेजों और कागजातों की भी पड़ताल की. वित्तीय लेनदेन में अनियमितता की जांच अधिकारियों ने इन कागजों के माध्यम से यह समझने की कोशिश की कि घरों की बिक्री और उनसे जुड़े वित्तीय लेनदेन में किसी प्रकार की अनियमितता तो नहीं हुई है.  बताया जा रहा है कि जांच के दौरान कंपनी के कर्मचारियों ने अधिकारियों के साथ पूरा सहयोग किया, और मांगे गए दस्तावेज उपलब्ध कराए.  शाम करीब 4 से 5 बजे के बीच जांच की प्रक्रिया समाप्त हुई, जिसके बाद CBI की टीम जरूरी दस्तावेज लेकर दिल्ली लौट गई. 77 ठिकानों पर छापेमारी दरअसल यह कार्रवाई देशभर में चल रही एक बड़ी जांच का हिस्सा है.  CBI ने बिल्डरों और वित्तीय संस्थानों के अधिकारियों की कथित मिलीभगत से जुड़े मामलों में 8 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 77 स्थानों पर एक साथ छापेमारी की है.  CBI ने मंगलवार को एक प्रेस नोट जारी कर इस पूरी कार्रवाई की जानकारी दी है. सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर कार्रवाई CBI की यह कार्रवाई भारत के सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश पर की जा रही जांच के तहत की गई है. एजेंसी ने विभिन्न बिल्डरों के खिलाफ 22 नए मामले दर्ज किए हैं. आरोप है कि कुछ बिल्डरों और वित्तीय संस्थानों के अधिकारियों ने मिलीभगत कर घर खरीदने वाले लोगों के साथ धोखाधड़ी की और उन्हें आर्थिक नुकसान पहुंचाया. CBI ने बताया कि इससे पहले सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश पर 28 मामले दर्ज किए गए थे, जिनकी जांच लगभग पूरी होने वाली है. इन 22 नए मामलों के साथ अब तक कुल 50 मामले दर्ज हो चुके हैं.

सियासी बयानबाजी तेज: अनिल विज ने राहुल गांधी पर किया तीखा पलटवार

अंबाला. हरियाणा के कैबिनेट मंत्री अनिल विज ने राहुल गांधी पर जुबानी हमला करते हुए कहा कि राहुल गांधी कई चुनाव हार चुके हैं। अगर राहुल गांधी बब्बर शेर होते तो ढेर न होते। इस दौरान नगर निगम चुनावों को लेकर कहा कि विपक्षी पार्टियां केवल चुनावों के समय ही सक्रिय होती हैं, जबकि बीजेपी कार्यकर्ता 365 दिन जनता के बीच रहता है। वही परिसीमन के मुद्दे को लेकर भी उन्होंने अपनी प्रतिक्रिया दी है। राहुल गांधी ने अपने संबोधन में कहा है कि उन्हें प्रधानमंत्री मोदी से डर नहीं लगता, बल्कि मोदी जी को कांग्रेस से डर लगता है क्योंकि बब्बर शेर उन्हें पकड़ लेगा और कार्रवाई होगी, जिस पर तंज कसते हुए कैबिनेट मंत्री अनिल विज ने कहा कि यही कारण है कि राहुल गांधी जी हर प्रदेश में ढेर हो रहे हैं, राहुल गांधी कई चुनाव हार चुके हैं। विज बोले कि अगर राहुल गांधी बब्बर शेर होते तो ढेर न होते। नगर निगम चुनावों की चर्चाओं पर प्रतिक्रिया देते हुए अनिल विज ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी हमेशा चुनाव के लिए तैयार रहती है। विज ने तंज कसते हुए कहा कि विपक्षी पार्टियां केवल चुनावों के समय ही सक्रिय होती हैं, जबकि बीजेपी का कार्यकर्ता 365 दिन जनता के बीच रहता है। अनिल विज ने दावा किया कि जिस तरह प्रदेश की जनता ने विधानसभा और पिछले स्थानीय निकाय चुनावों में पीएम मोदी की नीतियों और राज्य सरकार के विकास कार्यों पर मुहर लगाई थी, उसी तरह आगामी नगर निगम चुनावों में भी कमल खिलेगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अंबाला समेत प्रदेश के सभी नगर निगमों में विकास कार्यों की गति को और तेज किया जाएगा और जनता विपक्ष के झूठे वादों में आने वाली नहीं है। हरियाणा के कैबिनेट मंत्री विज ने परिसीमन के मुद्दे पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए इसे एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया बताया है। उन्होंने कहा कि परिसीमन का उद्देश्य जनसंख्या के आधार पर क्षेत्रों का संतुलन बनाना है, ताकि हर नागरिक को समान प्रतिनिधित्व मिल सके। अनिल विज ने यह भी स्पष्ट किया कि यह एक संवैधानिक प्रक्रिया है और इसे निष्पक्ष तरीके से लागू किया जाना चाहिए। उन्होंने भरोसा जताया कि परिसीमन से लोकतांत्रिक व्यवस्था और मजबूत होगी तथा विकास कार्यों में भी संतुलन आएगा। हरियाणा के कैबिनेट मंत्री अनिल विज के विभागो में तबादलों को लेकर एक चिट्ठी सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रही है। इस पत्र में विभाग के भीतर हुए सीधे तबादलों पर कड़ी आपत्ति जताई गई थी। अब इस पूरे मामले पर खुद अनिल विज ने सामने आकर अपनी स्थिति स्पष्ट की है। विज ने मीडिया से बातचीत में कहा कि इसे गलत तरीके से पेश किया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि नियम के मुताबिक, विभाग में किसी भी स्तर पर होने वाले तबादले विभागीय मंत्री के संज्ञान में होने चाहिए और उनके कार्यालय के माध्यम से ही आगे बढ़ने चाहिए। अनिल विज ने कहा बताया कि उन्हें कुछ ऐसी शिकायतें मिली थीं जहाँ नियमों को ताक पर रखकर सीधे तबादले किए गए थे। इसी को देखते हुए उन्होंने लिखित निर्देश जारी किए हैं कि भविष्य में सभी प्रक्रियाएं तय सिस्टम के तहत ही हों। विज ने साफ कर दिया कि व्यवस्था में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए यह कदम उठाना जरूरी था।

हिसार में महिला आयोग अध्यक्ष का ऐलान,सोशल मीडिया कंटेंट पर लगेगी सख्त रोक

हिसार  हरियाणा महिला आयोग की अध्यक्ष रेणु भाटिया ने समाज में बढ़ती अश्लीलता और महिलाओं के खिलाफ आपत्तिजनक सामग्री पर कड़ा रुख अपनाया है। हिसार के कबीर छात्रावास में नारी शक्ति वंदन कार्यक्रम के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि अब केवल माफी मांगने से काम नहीं चलेगा, बल्कि गलत काम करने वालों के खिलाफ ठोस कानूनी कार्रवाई की जाएगी। रेणु भाटिया ने सिंगर बादशाह प्रकरण का उदाहरण देते हुए कहा कि अक्सर देखा जाता है कि लोग महिलाओं के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी करते हैं या आपत्तिजनक गाने गाते हैं और फिर माफी मांगकर बच निकलते हैं। बार-बार माफी मांगने वाला सिस्टम खत्म हो उन्होंने जोर देकर कहा कि हम प्रयास करेंगे कि यह बार-बार माफी मांगने वाला सिस्टम खत्म हो। जो गलती करे, उसके खिलाफ सख्त एक्शन होना चाहिए। इसको लेकर महिला आयोग ने हरियाणा के मुख्यमंत्री को एक पत्र लिखकर एक विशेष महकमा बनाने या एक नोडल अधिकारी नियुक्त करने का अनुरोध किया है। इस कदम का उद्देश्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स, रील्स और गानों पर नजर रखना है। मनोरंजन के नाम पर परोसी जा रही अश्लीलता अध्यक्ष रेणु भाटिया ने बताया कि डिजिटल प्लेटफॉर्म पर ऐसे कई गाने और रील्स वायरल होते हैं जो न केवल महिलाओं की गरिमा को ठेस पहुंचाते हैं, बल्कि समाज को भी भारी हानि पहुंचाते हैं। उन्होंने कहा कि हमें एक ऐसे तंत्र की आवश्यकता है जिससे जैसे ही कोई समाज को हानि पहुंचाने वाला कंटेंट सामने आए, हम उस पर तुरंत संज्ञान लेकर एक्शन ले सकें। रेणु भाटिया का मानना है कि इस तरह के विभाग के गठन से हरियाणा में मनोरंजन के नाम पर परोसी जा रही अश्लीलता और भ्रामक जानकारी पर नकेल कसी जा सकेगी। महिला आयोग अब समाज में सुधार के लिए कड़े फैसले लेने से पीछे नहीं हटेगा। पानीपत के एक गांव में सर्वे करवाया महिला आयोग की चेयरपर्सन ने कहा कि पानीपत के एक गांव में उन्होंने सर्वे करवाया है। इसमें सर्वे में बच्चों ने अच्छे और बुरे अनुभव बताए हैं। भाटिया ने बताया कि बच्चों ने बताया कि गांव के कौने में बैठकर बूढ़े-बुजुर्ग जुआ खेलते हैं। गांव के बूड़े बुजुर्ग और पिता शराब पीने ठेकों पर जाते हैं तो बच्चों को बताने की जरूरत नहीं। बच्चों ने जो देखा वो कर रहे हैं। इसलिए कहते हैं कि संगत का असर होता है। इसलिए परिवार में बच्चों को जो शिक्षा देंगे वो सामने आएगी। परिवारों को चाहिए कि बच्चों को अपनी जड़ों से जोड़कर रखें।  

अंगदान में हरियाणा की नई मिसाल: 7940 लोगों ने किया रजिस्ट्रेशन, जींद जिला सबसे आगे

रोहतक. हरियाणा में अंगदान को लेकर लोगों की सोच में तेजी से बदलाव आ रहा है। प्रदेश में कुल 7940 लोगों ने अंगदान का संकल्प लिया है। जबकि हमारे पड़ोसी पंजाब का आंकड़ा हमसे काफी अच्छा है। पंजाब में पंजीकरण 11274 तक पहुंच चुका है। अभी दोनों राज्यों के बीच में पंजीकरण का अंतर 3334 का है। इसलिए इस अभियान को तेजी से गति देने की जरूरत है। हालांकि जिलों के बीच आंकड़ों में बड़ा अंतर भी सामने आया है, जो जागरूकता के असमान स्तर को दर्शाता है। प्रदेश में जींद जिला 1076 पंजीकरण के साथ पहले स्थान पर है। इसके बाद गुरुग्राम के 973 पंजीकरण और फरीदाबाद के 791 पंजीकरण का नंबर आता है। सबसे निचले पायदान पर नूंह के 48, चरखी दादरी के 21 और पलवल के 21 पंजीकरण हैं, जहां जागरूकता अभियान की सख्त जरूरत महसूस की जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि निचले पायदान पर खड़े जिलों में जागरूकता बढ़ाई जाए तो हरियाणा इस क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो सकता है। फिलहाल आंकड़े यह जरूर संकेत दे रहे हैं कि प्रदेश में अंगदान को लेकर डर से संकल्प की ओर यात्रा शुरू हो चुकी है, लेकिन इसे जनआंदोलन बनाने के लिए अभी और प्रयास जरूरी हैं। नेशनल आर्गन एंड टिश्यू ट्रांसप्लांट आर्गेनाइजेशन के ताजा आंकड़ों के मुताबिक मंगलवार को प्रदेश में केवल 2 नए पंजीकरण हुए, जिनमें गुरुग्राम और अंबाला से एक-एक व्यक्ति शामिल है। यह संख्या बताती है कि शुरुआती उत्साह के बाद अब अभियान को और गति देने की जरूरत है। उम्र के आधार पर देखें तो युवा वर्ग इस अभियान में सबसे ज्यादा सक्रिय है। विशेषज्ञों का मानना है कि युवाओं में जागरूकता और सोशल मीडिया की पहुंच इस बढ़ोतरी का प्रमुख कारण है। खासकर युवा वर्ग और पुलिस-सेना जैसे अनुशासित बलों के परिवार सबसे आगे आ रहे हैं। प्रदेश में सोटो के अनुसार ब्रेन डेड की स्थिति में व्यक्ति की वापसी संभव नहीं होती, ऐसे में अंगदान जीवनदान का सबसे बड़ा माध्यम बन सकता है। यही कारण है कि अब पुलिस और सेना से जुड़े परिवारों के साथ-साथ युवा वर्ग भी बढ़-चढ़कर इस अभियान में भाग ले रहा है। राज्य में अंगदान के मामलों में भी धीरे-धीरे सुधार देखने को मिल रहा है। वर्ष 2024 में जहां केवल 2 अंगदान हुए थे, वहीं 2026 में यह आंकड़ा 4 से अधिक हो चुका है। साथ ही अब तक करीब 35 किडनी ट्रांसप्लांट किए जा चुके हैं। इस बदलाव के पीछे स्टेट आर्गन एंड टिश्यू ट्रांसप्लांट आर्गनाइजेशन (सोटो) की अहम भूमिका रही है। सोटो ने पिछले दो वर्षों में गांव-गांव तक पहुंच बनाते हुए नुक्कड़ नाटक, स्कूल-कालेज सेमिनार और पंचायत बैठकों के जरिए लोगों को जागरूक किया है। जिला     कुल पंजीकरण     स्थिति जींद     1076     प्रथम (अग्रणी) गुरुग्राम     973     द्वितीय फरीदाबाद     791     तृतीय भिवानी     516     – रोहतक     506     – महेंद्रगढ़     481     – पंचकूला     437     – हिसार     419     – झज्जर     402     – सोनीपत     375     – रेवाड़ी     350     – सिरसा     287     – अंबाला     268     – पानीपत     182     – फतेहाबाद     174     – कैथल     171     – यमुनानगर     159     – करनाल     150     – कुरुक्षेत्र     133     – नूंह     48     सबसे कम चरखी दादरी     21     सबसे कम पलवल     21     सबसे कम कुल योग     7940       डॉ. एचके अग्रवाल पीजीआइएमएस से मात्र 4 दिन के अंतराल में दो बार ग्रीन कोरिडोर बनाने और आपके समाचारों के सहयोग से लोगों में अंगदान की जागरुकता को लेकर डर कम हो रहा है। पहले जहां लोग भ्रांतियों के कारण इससे दूर रहते थे, वहीं अब वे खुद सोटो कार्यालय में संपर्क कर प्रक्रिया की जानकारी ले रहे हैं। अंगदान एक ऐसा फैसला है, जिससे एक व्यक्ति 8 लोगों की जान बचा सकता है। मौत अटल है, लेकिन अंगदान के जरिए हम किसी के जीवन का आधार बन सकते हैं।

चुनाव प्रक्रिया विवादों में: हरियाणा में जनगणना की जगह FIDR डेटा पर उठा सवाल, हाई कोर्ट पहुंचा मुद्दा

चंडीगढ़. हरियाणा के नगर निगम चुनावों को लेकर बड़ा संवैधानिक विवाद खड़ा हो गया है। पूर्व पार्षद उषा रानी समेत कई याचिकाकर्ताओं ने पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट में याचिका दायर कर राज्य सरकार की उस प्रक्रिया को चुनौती दी है, जिसमें जनगणना आंकड़ों की बजाय फैमिली इंफॉर्मेशन डेटा रिपॉजिटरी (एफआईडीआर) के आधार पर सीटों का निर्धारण और आरक्षण किया गया है। याचिका में स्पष्ट किया गया है कि संविधान के अनुच्छेद 243-पी के अनुसार “जनसंख्या” का अर्थ अंतिम प्रकाशित जनगणना के आंकड़ों से है, लेकिन राज्य सरकार ने 2023 और 2024 के संशोधनों के जरिए हरियाणा नगर निगम अधिनियम, 1994 में बदलाव कर एफआईडीआर डेटा को आधार बना लिया। याचिकाकर्ताओं का आरोप है कि यह कदम न केवल संवैधानिक प्रावधानों के विपरीत है, बल्कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया की पारदर्शिता और निष्पक्षता को भी प्रभावित करता है। याचिका में पंचकूला नगर निगम के वार्ड परिसीमन को भी कठघरे में खड़ा किया गया है। आरोप है कि परिसीमन प्रक्रिया के दौरान प्राप्त आपत्तियों पर विचार किए बिना ही अंतिम अधिसूचना जारी कर दी गई, जो 1994 के नियमों का सीधा उल्लंघन है। इसके अलावा वार्डों के निर्धारण में भौगोलिक एकरूपता, संतुलन और जनसंख्या अनुपात जैसे मूल सिद्धांतों की भी अनदेखी की गई।याचिकाकर्ताओं ने 10 अप्रैल 2026 की उस अधिसूचना को भी चुनौती दी है, जिसमें केवल अनुसूचित जाति (एससी) के लिए आरक्षित सीटों की घोषणा की गई थी, जबकि अन्य वर्गों, सामान्य, पिछड़ा वर्ग (बीसी-ए और बीसी-बी) के लिए आरक्षण एक साथ घोषित नहीं किया गया। इसे मनमाना, भेदभावपूर्ण और चुनावी प्रक्रिया के मूल ढांचे के विपरीत बताया गया है।याचिका के अनुसार, राज्य सरकार ने पहले 2011 की जनगणना के आधार पर सीटों का निर्धारण किया था, लेकिन अब बिना किसी नई जनगणना के एफआईडीआर डेटा लागू कर दिया गया, जिससे आरक्षित सीटों की संख्या और स्वरूप में बदलाव आया है। इससे चुनावी प्रक्रिया की वैधता पर गंभीर प्रश्न खड़े हो गए हैं। इसके अलावा मेयर पद और वार्डों के आरक्षण के लिए चिट्ठी प्रक्रिया (ड्रॉ ऑफ लॉट्स) भी केवल कुछ नगर निगमों में लागू की गई, जबकि नियमों के अनुसार इसे पूरे राज्य में एक साथ किया जाना चाहिए था। याचिकाकर्ताओं ने हाई कोर्ट से मांग की है कि पंचकूला नगर निगम की सभी सीटों का निर्धारण 2011 की जनगणना के आधार पर किया जाए और जब तक मामले का अंतिम निर्णय नहीं हो जाता, तब तक चुनाव प्रक्रिया पर रोक लगाई जाए। याचिका पर हाई कोर्ट की अवकाशकालीन बेंच आज सुनवाई करेगी।