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Humanity in Uniform: भिवानी पुलिस ने पेश की मिसाल, सहयोगी की बेटी की शादी में दिए 7 लाख रुपए

चरखी दादरी. अक्सर अनुशासन और सख्त ड्यूटी के लिए पहचाने जाने वाले पुलिसकर्मियों ने मानवता और अटूट दोस्ती का एक ऐसा संदेश दिया है, जिसकी चर्चा पूरे प्रदेश में हो रही है। चरखी दादरी जिले के गांव सांवड़ में रविवार रात एक शादी समारोह उस समय भावुक और गौरवान्वित क्षणों का गवाह बना। खाकी वर्दी धारी साथियों ने अपने साथी कर्मचारी के घर पहुंचकर उसकी बेटी को अपनी बेटी मानकर सात लाख रुपये से अधिक की राशि कन्यादान स्वरूप भेंट की। वर्ष 1998 में हरियाणा पुलिस में भर्ती हुए भिवानी और दादरी जिले के कर्मचारियों ने एकजुट होकर अपने साथी रविंद्र मिंटू शर्मा की पुत्री के विवाह में 7 लाख एक हजार 111 रुपये की राशि कन्यादान स्वरूप भेंट की। इसे क्षेत्र का अब तक का बड़ा और सामूहिक कन्यादान माना जा रहा है। इस अनूठी पहल और सामाजिक कार्यक्रम का नेतृत्व कर रहे कबड्डी खिलाड़ी इंस्पेक्टर रमेश कुमार को सभी कर्मचारियों ने सामूहिक रूप से पगड़ी पहनाकर सम्मानित किया। रमेश कुमार के कुशल नेतृत्व और इस नेक कार्य के प्रति उनके समर्पण की सराहना की। इस मुहिम के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए एएसआई अशोक कुमार ने बताया कि उनकी यह एकजुटता केवल ड्यूटी तक सीमित नहीं है। उन्होंने कहा कि वर्ष 1998 बैच के सभी कर्मचारी, जो भिवानी और दादरी जिले से संबंध रखते हैं, पिछले कई वर्षों से एक परिवार की तरह रह रहे हैं। उनका उद्देश्य केवल कानून व्यवस्था बनाए रखना ही नहीं, बल्कि अपने साथियों के सुख-दुख में कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा होना भी है। उन्होंने कहा कि वे चाहते हैं कि समाज में यह संदेश जाए कि एकजुटता और भाईचारा ही किसी भी समाज की सबसे बड़ी शक्ति है। इस मौके पर इंस्पेक्टर रमेश कुमार ने कहा कि आज के दौर में जहां लोग व्यक्तिगत स्वार्थों में सिमटते जा रहे हैं, वहीं पुलिसकर्मियों की यह सामूहिक भागीदारी समाज को एकजुटता का पाठ पढ़ाती है। उन्होंने कहा कि यह कन्यादान केवल एक आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि उन यादों और उस संघर्ष का सम्मान है जो इन कर्मचारियों ने 1998 से एक साथ साझा किया है।

Urban Transformation: 1 लाख करोड़ की योजना से टियर-2/3 शहरों की बदलेगी तस्वीर

चंडीगढ़. हरियाणा समेत देश के समस्त राज्यों में शहरी विकास को नई रफ्तार देने के लिए केंद्रीय ऊर्जा, शहरी विकास एवं आवासन मंत्री मनोहर लाल ने शहरी चुनौती कोष (अर्बन चैलेंज फंड) और क्रेडिट रिपमेंट गारंटी सब-स्कीम (सीआरजीएसएस) की शुरुआत की है। एक लाख करोड़ रुपये के शहरी चुनौती कोष के साथ चार लाख करोड़ रुपये के निवेश का रोडमैप तैयार किया गया है, जिसमें विशेष फोकस टियर-2 और टियर-3 शहरों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की योजना है। केंद्रीय शहरी, ऊर्जा एवं आवासन मंत्री मनोहर लाल द्वारा लांच किए गए शहरी चुनौती कोष को शहरों के बुनियादी ढांचे के वित्त पोषण में बदलाव लाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इस कोष के जरिये नगर निकायों को म्युनिसिपल बांड, बैंक ऋण और पीपीपी के माध्यम से संसाधन जुटाने का अवसर मिलेगा। साथ ही, सीआरजीएसएस के माध्यम से छोटे शहरों को क्रेडिट गारंटी का सहारा मिलेगा, जिससे वे भी बड़े इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट में भागीदारी कर सकेंगे। कार्यक्रम में कई राज्यों के मुख्यमंत्री और प्रतिनिधि जुड़े। केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने कहा कि एक लाख करोड़ रुपये की केंद्रीय सहायता वाले इस फंड के माध्यम से केंद्र सरकार चार लाख करोड़ तक के निवेश को आकर्षित करने का लक्ष्य लेकर चल रही है। यह फंड पारंपरिक अनुदान प्रणाली से आगे बढ़कर निवेश को आकर्षित करने में महत्वपूर्ण होगा। अब शहरों को केवल फंड देने की बजाय उन्हें वित्तीय रूप से मजबूत, जवाबदेह और निवेश के लिए तैयार बनाना केंद्र सरकार का मुख्य उद्देश्य है। केंद्रीय मंत्री के अनुसार ‘विकसित भारत 2047’ का सपना इन्हीं शहरों की मजबूती पर निर्भर करता है। कोष की खास बात यह है कि इसमें केंद्रीय सहायता परियोजना लागत के अधिकतम 25 प्रतिशत तक सीमित रहेगी, जबकि कम से कम 50 प्रतिशत फंड म्युनिसिपल बांड, बैंक ऋण और पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) के जरिए जुटाया जाएगा। इससे न केवल वित्तीय अनुशासन सुनिश्चित होगा बल्कि निजी निवेश को भी बढ़ावा मिलेगा। कुल आवंटन में से 90 हजार करोड़ रुपये परियोजनाओं के लिए, पांच हजार करोड़ रुपये परियोजना की तैयारी और क्षमता निर्माण के लिए और पांच हजार करोड़ रुपये क्रेडिट पुनर्भुगतान गारंटी उप-योजना के लिए निर्धारित किए गए हैं। शहरी चुनौती कोष शहरों में परिवर्तनकारी परियोजनाओं को बढ़ावा देगा, जिनमें पुराने शहरों और बाजारों का पुनर्विकास, शहरी परिवहन और लास्ट-माइल कनेक्टिविटी, गैर-मोटर चालित परिवहन, जल और स्वच्छता ढांचा तथा जलवायु-लचीला विकास शामिल हैं। इस योजना के तहत केवल वही परियोजनाएं प्राथमिकता में होंगी जो स्केलेबल, प्रभावशाली और वित्तीय रूप से व्यवहार्य (बैंक योग्य) हों, ताकि उनका दीर्घकालिक असर दिखाई दे। इस योजना का प्रमुख स्तंभ बताते हुए उन्होंने कहा कि निकायों को अपनी वित्तीय क्षमता मजबूत करने, सुधार लागू करने और बाजार आधारित फंडिंग अपनाने के लिए प्रेरित किया जाएगा। यह महत्वाकांक्षी ‘शहरी चुनौती कोष’ वित्त वर्ष 2030-31 तक लागू रहेगा, जिसका उद्देश्य भारत के शहरों को नए आर्थिक विकास केंद्रों और भविष्य के ग्रोथ इंजन के रूप में विकसित करना है।

Haryana Police Recruitment Update: प्रेग्नेंट कैंडिडेट्स को राहत नहीं, अब चश्मा पहनने वालों के लिए खुला मौका

चंडीगढ़. हरियाणा में साढ़े पांच हजार पुलिस कर्मचारियों की भर्ती की प्रक्रिया रफ्तार पकड़ चुकी है। पुलिस कॉन्स्टेबल बनने के लिए 3.24 लाख आवेदन प्राप्त हुए हैं। सोमवार से पंचकूला के ताऊ देवीलाल स्टेडियम में शारीरिक मापदंड परीक्षा (पीएमटी) की प्रक्रिया आरंभ हो जाएगी। इस दौरान अभ्यर्थियों में भर्ती के नियमों को लेकर कुछ संशय है। हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग के चेयरमैन हिम्मत सिंह ने गूगल फार्म के माध्यम से अभ्यर्थियों से सवाल पूछे हैं, जिनमें से कुछ ऐसे चुनींदा सवालों के जवाब दिए गए हैं, जो समस्त अभ्यर्थियों को दिशा देने का काम करेंगे। आयोग के चेयरमैन ने कहा है कि पुलिस की भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और तकनीक आधारित होगी। हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग ने सिरसा की सुनीता व लक्ष्मी, भिवानी की मालती देवी, कुरुक्षेत्र की काजल, महेंद्रगढ़ की पिंकी और जींद की मीना के एक सवाल का जवाब देते हुए स्पष्ट किया है कि शारीरिक मापदंड परीक्षा में किसी भी गर्भवती महिला को कोई छूट नहीं दी जाएगी। विशेष परिस्थितियों में केवल पीएसटी (फिजिकल स्क्रीनिंग टेस्ट-शारीरिक जांच परीक्षा) में ही छूट दी जा सकती है। गर्भवती महिला अभ्यर्थियों को मेडिकल प्रमाण पत्र लाना अनिवार्य होगा। इस संबंध में विस्तृत जानकारी के साथ एक अलग सार्वजनिक सूचना पीएसटी से पहले जारी कर दी जाएगी। पीएमटी में उम्मीदवार की लंबाई व छाती (पुरुषों के लिए) समेत विभिन्न शारीरिक मापदंड चेक किए जाते हैं। पीएसटी में उम्मीदवार की दौड़ और शारीरिक क्षमता (फिटनेस टेस्ट) लिया जाता है। पीएमटी की प्रक्रिया 31 मई तक पूरी हो सकेगी, जबकि पीएसटी की प्रक्रिया अगले एक पखवाड़े के भीतर किसी भी समय आरंभ हो सकती है। पीएसटी की विस्तृत समय सारणी जल्द होगी जारी रेवाड़ी की प्रियांशु यादव, नूंह के लक्षित व ओमप्रकाश, सोनीपत की एकता, कैथल के विशाल और चुलियाना के अक्षत ने कर्मचारी चयन आयोग के चेयरमैन से पूछा है कि क्या पीएमटी और पीएसटी एक साथ होंगे। यदि नहीं तो इनके बीच में कितने समय का अंतर होगा। क्या 85 दिनों की अवधि में पूरी प्रक्रिया को पूरा कर लिया जाएगा। इस सवाल के जवाब में हिम्मत सिंह ने बताया कि पीएमटी का नोटिस जारी किया जा चुका है। पीएसटी इसके बाद आयोजित होगा, जिसकी विस्तृत समय सारणी अलग से जारी होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह जरूरी नहीं है कि पीएमटी खत्म होने के बाद ही पीएसटी आरंभ होगा। पीएसटी की प्रक्रिया पीएमटी के चलते-चलते भी शुरू की जा सकेगी। एडमिट कार्ड और एक फोटो पहचान पत्र जरूरी नूंह के ओमप्रकाश, महेंद्रगढ़ की पूजा और जहांगीरपुर की रेणु ने सवाल पूछा है कि पीएमटी और पीएसटी के दौरान कौन-कौन से दस्तावेज जरूरी हैं। इस सवाल के जवाब में आयोग ने कहा है कि पीएमटी-पीएसटी का एडमिट कार्ड और एक फोटो पहचान पत्र साथ लाने होंगे। इन दस्तावेजों के बिना प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। दौड़ के दौरान नहीं मिलेगी स्टाप वाच, स्क्रीन लगेगी हिसार के सुनील, बोलन (हिसार) की दिक्षा, कापड़ो के प्रवीण, महेंद्रगढ़ के रविंद्र और बहादुरगढ़ के प्रदीप कुमार ने सवाल किया कि क्या दौड़ के दौरान स्टाप वाच उपलब्ध कराई जाएगी, जिसके जवाब में कर्मचारी चयन आयोग के चेयमरैन हिम्मत सिंह ने कहा कि पीएसटी के दौरान समय रिकॉर्ड आरएफआईडी आधारित प्रणाली से किया जाएगा, जो कि जर्मन की मशीनों से होगा। अलग से स्टॉप वाच उपलब्ध नहीं कराई जाएगी। कर्मचारी चयन आयोग डिस्पले स्क्रीन लगवाने की कोशिश कर रहा है, जिस पर दौड़ के समय को लाइव देखा जा सकेगा। कोई शिकायत है तो मौके पर मौजूद मिलेगी समिति नरवाना के दर्शन और रेवाड़ी के हरिपाल ने तकनीकी गड़बड़ी होने पर क्या होगा यानी पीएमटी मशीनों से संबंधित समस्याओं के समाधान के लिए आयोग के पास क्या फार्मूला है। इस सवाल के जवाब में चेयरमैन ने कहा कि सभी केंद्रों पर पूरी तकनीकी व्यवस्था रहेगी। किसी भी समस्या के लिए मौके पर शिकायत समिति मौजूद रहेगी, जिसके पास अभ्यर्थी अपनी शिकायत दर्ज करवा सकता है। लेकिन हमें उम्मीद है कि कोई तकनीकी समस्या नहीं आने वाली है। मेडिकल प्रक्रिया में पास होना जरूरी नूंह के मोहम्मद कैफ और सोनीपत के सरोहा ने पूछा कि क्या चश्मा पहनने वाले अभ्यर्थी दौड़ में भाग ले सकते हैं। इस सवाल पर चेयरमैन हिम्मत सिंह ने कहा कि पीएमटी-पीएसटी में चश्मे को लेकर कोई प्रतिबंध नहीं है, परंतु पुलिस के भर्ती नियमों के मुताबिक मेडिकल प्रक्रिया से आपको गुजरना होगा। यदि मेडिकल प्रक्रिया से गुजरने के दौरान किसी तरह की कोई समस्या आती है तो अलग बात है। पीएमटी-पीएसटी के लिए जारी हो चुके निर्देश रोहतक की प्रीति व नितेश, भिवानी के राहुल तंवर व कपिल, नरवाना के मनकीत, कालां के अंकित और हांसी के मनु ने पीएमटी-पीएसटी के लिए ऊंचाई एवं छाती की माप के संबंध में आयोग से स्थिति स्पष्ट करने का अनुरोध किया है। इस पर आयोग ने कहा कि इस बारे में विस्तृत दिशा निर्देश अलग से जारी हो चुके हैं। इसके बावजूद पुरुष कॉन्स्टेबल के लिए ऊंचाई 170 सेंटीमीटर (आरक्षित 168) और छाती 83 से 87 सेंटीमीटर का प्रविधान है। महिला कॉन्स्टेबल के लिए ऊंचाई 158 सेंटीमीटर और आरक्षित वर्ग के लिए 156 सेंटीमीटर है। अब उम्मीदवारों के लिए अगला फोकस पीएमटी पास कर पीएसटी की तैयारी करना है। कर्मचारी चयन आयोग के चेयरमैन हिम्मत सिंह का दावा है कि पूरी प्रक्रिया निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से जल्द पूरी की जाएगी। सिख अभ्यर्थियों के लिए धार्मिक मर्यादाओं का अनुपालन लंबाई, वजन और छाती के मापन से यदि कोई अभ्यर्थी संतुष्ट नहीं होगा तो वह अपील काउंटर पर आवेदन कर दोबारा माप करा सकता है।अभ्यर्थियों के लिए बैगेज जमा करने और विश्राम क्षेत्र की व्यवस्था की गई है। जीरकपुर से सुबह पांच बजे से 10 बसों की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। किसी भी अभ्यर्थी को एनर्जी बूस्टर का सेवन नहीं करना चाहिए। सिख अभ्यर्थियों के लिए विशेष प्रबंध किए गए हैं। उनके मापन के लिए धार्मिक मर्यादाओं के अनुरूप अलग व्यवस्था और सिख कर्मचारियों की तैनाती की गई है।

PM-सीएम की तस्वीरों का दुरुपयोग? Ambala में सोलर ऐड पर कंपनी पर केस दर्ज

अंबाला. सरकारी योजना के नाम पर नियमों की अनदेखी का मामला सामने आया है। उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम के निर्देश पर अंबाला कैंट के महेश नगर थाने में एक निजी कंपनी यूनाय एनर्जी के खिलाफ मामला दर्ज करने के आदेश दिए गए हैं। शिकायत के अनुसार कंपनी ने “प्रधानमंत्री सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना (2026-27)” के प्रचार में देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की तस्वीरों का बिना अनुमति इस्तेमाल किया। इसके साथ ही कंपनी ने अपने विज्ञापनों में खुद को सरकारी मान्यता प्राप्त बताकर आम जनता को गुमराह करने का आरोप लगाया गया है। इस विज्ञापन को आशीष गुलाटी ने सोशल मीडिया पर इस पोस्ट को शेयर किया है जिसकी प्रतिलिपि भी पुलिस को सौंपी गई है। मामले में प्रतीक और नाम (अनुचित उपयोग निषेध) अधिनियम, 1950 के उल्लंघन का आर है। इस कानून के तहत प्रधानमंत्री या मुख्यमंत्री के नाम और तस्वीर का व्यावसायिक उपयोग प्रतिबंधित है। विभागीय कानूनी राय के बाद स्पष्ट हुआ कि कंपनी की गतिविधियां नियमों के अनुरूप नहीं हैं। इसके आधार पर संबंधित अधिकारियों ने थाना प्रभारी को मामला दर्ज कर जांच करने के निर्देश दिए। पुलिस ने मामला दर्ज करके जांच आरंभ कर दी है। जांच में पुलिस अब कंपनी के मालिक तक पहुंचेगी महेश नगर थाने में 18 अप्रैल 2026 को संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अब कंपनी और उसके साझेदारों की भूमिका की जांच कर रही है।अधिकारियों का कहना है कि सरकारी योजनाओं और जनप्रतिनिधियों की छवि का गलत इस्तेमाल कर जनता को गुमराह करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी, ताकि भविष्य में ऐसे मामलों पर रोक लगाई जा सके।

हरियाणा की बेटी का जलवा: Ritu को एशियन गेम्स में मिली टीम इंडिया कबड्डी की कमान

चरखी दादरी. अगले सप्ताह चीन में आयोजित होने वाले एशियन गेम्स में बीच कबड्डी टीम में हरियाणा का दबदबा देखने को मिलेगा। चीन में आयोजित एशियन गेम्स के लिए चयनित भारतीय महिला कबड्डी टीम में छह में से कप्तान सहित तीन खिलाड़ी हरियाणा से हैं। जिनमें एक चरखी दादरी जिले से व दो हिसार की खिलाड़ी शामिल है। भारतीय टीम में आधे खिलाड़ी छोटे से प्रदेश हरियाणा से हैं जो गर्व की बात है। उल्लेखनीय है कि चीन में 22 से 27 अप्रैल तक छठे एशियन बीच गेम्स का आयोजन किया जा रहा है। जिसके लिए चयनित छह सदस्यीय टीम में तीन हरियाणा से है। इस टीम में चरखी दादरी से रितु श्योराण, हिसार जिले से मनीषा कुमारी और निकिता चयन हुआ है। इसके अलावा बची हुई तीन खिलाड़ी अलग-अलग प्रदेश राजस्थान, हिमाचल प्रदेश और पंजाब से हैं। टीम में रितु राइटर कार्नर, मनीषा लेफ्ट कार्नर और निकिता रेडर की भूमिका निभाएंगी। टीम के खिलाड़ियों को देखकर एशियन बीच गेम्स में भारतीय महिला कबड्डी टीम में हरियाणा का दबदबा साफ नजर आ रहा है। हरियाणा से चयनित कई खिलाड़ी छह सदस्यीय महिला कबड्डी टीम में से तीन खिलाड़ी हरियाणा से चयनित की गई हैं। वहीं पुरुष टीम में भी हरियाणा के सोनीपत जिले के नीरज नरवाल को शामिल किया गया है। जो प्रदेश की मजबूत खेल संस्कृति और प्रतिभा को दर्शाता है। खास बात यह है कि महिला टीम की कमान चरखी दादरी की उभरती खिलाड़ी रितू श्योराण को सौंपी गई है, जिससे जिले और प्रदेश में खुशी का माहौल है। वाइब्रेंट एकेडमी निदेशक मास्टर नवीन श्योराण के अनुसार बीच कबड्डी में चार खिलाड़ी खेलते हैं और दो अतिरिक्त होते हैं। उसी के चलते छह सदस्यीय टीम का चयन हुआ है। रितु श्योराण विश्वकप टीम का थी हिस्सा दादरी जिले के बिलावल निवासी रितु श्योराण वाइब्रेंट एकेडमी हंसावास खुर्द में अभ्यास करती हैं। वे बीते दिनों हुए महिला कबड्डी विश्वकप टीम का हिस्सा थी जिसमें भारत को जीत मिली थी। अब वे भारतीय टीम की कप्तान चुनी गई है। जो राइट कार्नर खेलते हुए टीम को मजबूती प्रदान करेंगी। रितू का चयन कप्तान के रूप में होना उनके निरंतर मेहनत और खेल के प्रति समर्पण का परिणाम माना जा रहा है। स्थानीय स्तर पर भी उनके चयन को लेकर उत्साह देखने को मिल रहा है। महिला टीम में हिसार जिले के भिवानी रोहिल्ला निवासी मनीषा और हसनगढ़ निवासी निकिता को भी शामिल किया गया है। इन दोनों खिलाड़ियों ने हाल के वर्षों में अपने प्रदर्शन से चयनकर्ताओं को प्रभावित किया है। हरियाणा की इन तीनों खिलाड़ियों के एक साथ टीम में शामिल होने से प्रदेश के खेल प्रेमियों की उम्मीदें और बढ़ गई हैं। माना जा रहा है कि इन खिलाड़ियों का तालमेल और अनुभव टीम के लिए फायदेमंद साबित होगा और देश को एशिन बीच गेम्स कबड्डी प्रतिस्पर्धा में गोल्ड मेडल हासिल करेगा। खिलाड़ी     खेल पोजीशन     निवासी रितु श्योराण     राइट कार्नर     चरखी दादरी, हरियाणा मनीषा कुमारी     लेफ्ट कार्नर     हिसार, हरियाणा निकिता     रेडर     हिसार, हरियाणा मनप्रीत कौर     आलराउंडर     राजस्थान सिमरन कंबोज     रेडर     पंजाब निकिता चौहान     आलराउंडर     हिमाचल प्रदेश

हरियाणा कैबिनेट की अहम बैठक: Gurugram में हुड्डा के ‘पीनल रेंट’ माफी मुद्दे पर दोबारा चर्चा

चंडीगढ़. मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने 22 अप्रैल को कैबिनेट की बैठक बुलाई है। इस बार पूरी सरकार गुरुग्राम में जुटेगी, जहां बुधवार सुबह नौ बजे पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में मंत्रिपरिषद की बैठक होगी। इससे पहले आठ अप्रैल को कैबिनेट बैठक बुलाई गई थी, जिसमें कई अहम निर्णय लिए गए थे। आगामी बैठक में करीब एक दर्जन प्रस्तावों के साथ पूर्व मुख्यमंत्री और विपक्ष के नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा की सरकारी कोठी का पीनल रेंट माफ करने का प्रस्ताव लाया जा सकता है। हुड्डा पर करीब साढ़े 16 लाख रुपये का पीनल रेंट बकाया है। इससे पहले भी मंत्रिमंडल की बैठक में यह प्रस्ताव लाया गया था, लेकिन तब तीन कैबिनेट मंत्रियों ने इस प्रस्ताव पर आपत्ति दर्ज करा दी थी। मंत्रियों का तर्क था कि पहले संबंधित विभाग से कोठी के रखरखाव पर हुए मेंटेनेंस, बिजली, पानी और मैनपावर सहित सभी खर्चों का विस्तृत ब्योरा लिया जाए। जब तक कुल बकाया और वास्तविक खर्च की पूरी तस्वीर सामने नहीं आती, तब तक किसी भी तरह की राहत देने का निर्णय जल्दबाजी माना जाएगा। इसके बाद प्रस्ताव को अगली बैठक तक टाल दिया गया था। अब संभावना जताई जा रही है कि संबंधित विभाग से पूरी जानकारी मिलने के बाद यह मुद्दा अगली कैबिनेट बैठक में फिर से उठाया जाएगा।

भिवानी की बेटी Preeti Pawar ने किया कमाल, एशियन बॉक्सिंग चैंपियनशिप में जीता गोल्ड

भिवानी. मुक्केबाजी के रिंग में भिवानी की बेटी 54 किलोग्राम भार वर्ग में प्रीति पंवार ने ऐसा पंच लगाया, जिसकी गूंज एशिया तक सुनाई दी। भारतीय सेना में नायब सूबेदार बनने के बाद पहली ही अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में उन्होंने स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच दिया। यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि सेना में भर्ती के बाद इतना बड़ा मुकाम हासिल करना हर खिलाड़ी के लिए सपना होता है। प्रीति ने न सिर्फ उस सपने को पूरा किया, बल्कि देश का मान भी बढ़ाया। भारतीय थल सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने अप्रैल 2026 में मंगोलिया में आयोजित एशियन बाक्सिंग चैंपियनशिप में शानदार प्रदर्शन करने वाले भारतीय सेना के मुक्केबाजों को सम्मानित किया। टीम के कोच सूबेदार मोहम्मद ऐतेशामुद्दीन को भी खिलाड़ियों के उत्कृष्ट मार्गदर्शन और अहम योगदान के लिए सम्मानित किया गया। पदक विजेता को 75 हजार रुपये की सम्मान राशि भी प्रदान की गई। परिवार का साथ, चाचा से मिली राह गांव बड़ेसरा की रहने वाली प्रीति की सफलता के पीछे परिवार का बड़ा योगदान है। पिता सोमबीर सिंह हरियाणा पुलिस में एएसआइ हैं और मां सलीन देवी गृहिणी हैं। 2017 में आठवीं कक्षा के दौरान चाचा व कोच विनोद पंवार से प्रेरित होकर उन्होंने बाक्सिंग शुरू की। बेटी के सपनों को उड़ान देने के लिए परिवार महम शिफ्ट हो गया। यही समर्पण आज उनकी सफलता की मजबूत नींव बना। प्रीति रोजाना करीब पांच घंटे कड़ी ट्रेनिंग करती हैं। सुबह और शाम दोनों समय रिंग में अभ्यास करते हुए वे अपनी तकनीक को निखारती हैं। हर दिन अपनी कमजोरियों को दूर करना और बेहतर बनना ही उनका लक्ष्य रहता है। यही मेहनत और अनुशासन उन्हें दूसरों से अलग बनाता है और इंटरनेशनल स्तर पर जीत दिलाता है। जुलाई में कामनवेल्थ और बाद में एशियन गेम्स प्रीति अब जुलाई में स्काटलैंड के ग्लासगो में होने वाले कामनवेल्थ गेम्स और इसके बाद जापान में एशियन गेम्स की तैयारी में जुटी हैं। उनका लक्ष्य साफ है कि हर बड़े मंच पर गोल्ड जीतना। उनकी इस उपलब्धि से भिवानी के युवा खिलाड़ियों में नई ऊर्जा आई है और खेलों के प्रति उत्साह बढ़ा है। खेल प्रेरक व अधिवक्ता राजनारायण पंघाल ने कहा कि प्रीति पंवार ने दिखा दिया कि अगर जुनून और मेहनत हो तो कोई भी लक्ष्य दूर नहीं। उनकी जीत पूरे भिवानी और हरियाणा के लिए गर्व की बात है। वे आने वाले समय में देश के लिए और बड़े पदक जीतेंगी।

हरियाणा में बड़ा हेल्थ स्कैम: Panipat ESI रेफरल घोटाले की जांच ACB को, CM सैनी का एक्शन

चंडीगढ़. पानीपत के ईएसआइ अस्पताल से मरीजों को निजी अस्पतालों में रेफर करने का खेल उजागर होने के बाद प्रदेश सरकार सख्त हो गई है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने पूरे मामले की जांच भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो को सौंपने का निर्देश दिया है। अनियमितताओं में संलिप्त पानीपत ईएसआइ अस्पताल के तीन कर्मचारियों को निलंबित करते हुए पांच चिकित्सा अधीक्षकों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू कर दी गई है। साथ ही छह निजी अस्पतालों को तुरंत पैनल से बाहर करने के लिए नोटिस जारी किया गया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने शनिवार को समीक्षा बैठक में ईएसआइ हेल्थ केयर सिस्टम में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के निर्देश जारी करते हुए कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही या भ्रष्टाचार को सहन नहीं किया जाएगा। इन अस्पतालों ने वर्ष 2020-21 से 2023-24 के दौरान अत्यधिक रेफरल किए थे और रेफरल प्रपत्रों पर चिकित्सकों के हस्ताक्षरों में गड़बड़ी पाई गई। इस मामले की निष्पक्ष और गहन जांच के लिए एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) को जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। प्रदेश भर में ईएसआइ के पैनल पर शामिल अन्य 133 निजी अस्पतालों के रिकार्ड की भी एसीबी द्वारा जांच कराई जाएगी, ताकि किसी भी प्रकार की अनियमितता का समय रहते पता लगाया जा सके। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि पानीपत ईएसआइ अस्पताल की क्षमता को 75 बेड से बढ़ाकर 100 बेड किया जाए तथा वहां आपरेशन थिएटर का विस्तार किया जाए। इसी प्रकार जगाधरी ईएसआइ अस्पताल को 80 से 100 बेड और हिसार ईएसआइ डिस्पेंसरी को 12 से बढ़ाकर 50 बेड करने के निर्देश दिए गए। सभी अस्पतालों में आधुनिक तकनीक से युक्त उपकरण भी लगाए जाएंगे। इसके अलावा बावल और बहादुरगढ़ में निर्माणाधीन 100-100 बेड के ईएसआइ अस्पतालों का कार्य शीघ्र पूरा किया जाएगा। इन परियोजनाओं के पूरा होने से प्रदेश के श्रमिकों और आम नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध होंगी। उन्होंने कहा कि ईएसआइ हेल्थ केयर में डाक्टरों और पैरा-मेडिकल स्टाफ की किसी भी प्रकार की कमी नहीं रहने दी जाएगी। आवश्यकतानुसार स्टाफ की भर्ती प्रक्रिया को तेजी से पूरा किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य पारदर्शिता, जवाबदेही और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करना है, और इस दिशा में कोई भी ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस दौरान मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी, श्रम विभाग के प्रधान सचिव राजीव रंजन ने भी अपनी बात रखी।

देश की सुरक्षा पर खतरा? अंबाला हाईवे पर संदिग्ध कैमरे, पुलिस ने दर्ज किया मामला

अंबाला. राष्ट्रीय राजमार्ग 152- डी पर पुलिस को दो सीसीटीवी कैमरों से देश से जुड़ी जानकारी पाकिस्तान पहुंचाई जा रही थी। यह दोनों सीसीटीवी सोलर सिस्टम से आपरेट किए जा रहे थे जबकि इनमें से एक में सिम भी चल रहा था। इन्हीं संदिग्ध सीसीटीवी कैमरों ने अब सुरक्षा एजेंसियों की नींद उड़ा दी है। करीब 50 दिन बाद अब इस मामले में सदर थाना पुलिस ने देश की एकता, अखंडता, संप्रभुता व सुरक्षा को खतरे में डालने का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामला 26 फरवरी को सामने आया था तब तक पुलिस को यह लग रहा था कि शायद यह कैमरे किसी विभाग ने लगाए होंगे। लेकिन करीब डेढ़ महीने की जांच और पूछताछ के बाद जब किसी भी विभाग द्वारा इन कैमरों की जिम्मेदारी नहीं ली गई तो पुलिस ने इसे गंभीर मानते हुए केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। बता दें कि इससे पहले मार्च माह में गांव मलौर में बिजली के खंभे पर सोलर और सिम से आपरेट होने वाले सीसीटीवी कैमरे बरामद हुए थे जिनसे एयरफोर्स स्टेशन बकनौर से जुड़ी जानकारी लीक करने का संदेह जताया गया था। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने करीब आठ दिन पहले पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आइएसआइ द्वारा संचालित एक बड़े जासूसी नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए 11 सदस्यों को गिरफ्तार किया था। अंबाला में भी इसी गैंग ने इन दोनों कैमरों को इंस्टाल किया था। जांच में खुलासा हुआ था कि गिरोह के सदस्य सैन्य ठिकानों, रेलवे स्टेशनों समेत अन्य संवेदनशील स्थानों की लोकेशन, फोटो, वीडियो पाकिस्तान भेज रहे थे। इन लोगों ने दिल्ली कैंट, अंबाला और सोनीपत रेलवे स्टेशन पर सोलर बेस्ड कैमरे भी लगाए थे। इन कैमरों की फीड पाकिस्तान दी गई थी। इस मामले में दिल्ली पुलिस अभी तक 26 से अधिक आरोपितों को गिरफ्तार कर चुकी है। ऐसे हुआ खुलासा जानकारी के अनुसार एएसआइ रविश कुमार, जो उस समय थाना सदर थाने में जांच अधिकारी के तौर पर तैनात थे, 26 फरवरी को एक सड़क हादसे के केस जोकि 15 फरवरी को दर्ज हुआ था की जांच के सिलसिले में गांव देवीनगर के पास नेशनल हाईवे-44 पर पहुंचे। इसी दौरान उन्होंने हाईवे-152 के ओवरब्रिज पर दो कैमरे लगे हुए देखे, जो सामान्य निगरानी सिस्टम से अलग और संदिग्ध लगे। यह लकड़ी के तख्ते के सहारे अटैच किए गए थे। प्राथमिक स्तर पर इन कैमरों की पहचान के लिए उन्होंने टोल प्लाजा प्रबंधन से संपर्क किया। टोल मैनेजर विनोद कुमार ने साफ कहा कि ये कैमरे टोल के नहीं हैं। इसके बाद ट्रैफिक थाना मोहड़ा के एसएचओ जोगिंद्र से बात की गई, उन्होंने भी ऐसे किसी कैमरे से इनकार कर दिया। मामला और गहराया जब नेशनल हाईवे अथारिटी आफ इंडिया (एनएचएआइ) के अधिकारी ललित ने भी इन कैमरों से अपना कोई संबंध होने से इनकार कर दिया। इसके बाद हाईवे पर निर्माण कार्य कर रही एजेंसी के कर्मचारियों और उनके अधिकारी तेजेंद्र पांडे से भी पूछताछ की गई, लेकिन वहां से भी कोई जानकारी नहीं मिली। कैमरों के बारे में यहां भी पुलिस ने की पूछताछ पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए सैनीमाजरा टोल प्लाजा, आइटी सिस्टम, सर्विलांस, डेटा मैनेजमेंट और तकनीकी सपोर्ट और कंप्यूटर ब्रांच तक में अलग-अलग दिन जांच की, लेकिन सभी जगह से एक ही जवाब मिला कैमरे उनके नहीं हैं। कई दिनों तक कोई सुराग नहीं मिलने पर पुलिस ने वरिष्ठ अधिकारियों से चर्चा के बाद दोनों कैमरों को मौके से उतरवाकर थाना सदर अंबाला शहर में सुरक्षित रख लिया। सोलर प्लेट और सिम के साथ जुड़े हुए थे कैमरे जांच के दौरान एक कैमरे में सोलर प्लेट के साथ वोडाफोन कंपनी का सिम कार्ड मिला, जबकि दूसरे कैमरे में कोई सिम नहीं था। प्रारंभिक जांच में यह आशंका जताई जा रही है कि ये कैमरे किसी खुफिया निगरानी या फिर असामाजिक/देशद्रोही गतिविधियों के लिए लगाए गए हो सकते हैं। इसी आधार पर पुलिस ने इसे राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा मामला मानते हुए धारा 152 और 61 बीनएस के वीरवार रात केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। फिलहाल पुलिस ने कैमरों को कब्जे में लेकर उनकी तकनीकी जांच शुरू कर दी है। सिम कार्ड के जरिए यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इन कैमरों का संचालन कौन कर रहा था और इसका डेटा कहां जा रहा था। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की हर एंगल से जांच की जा रही है और जरूरत पड़ने पर केंद्रीय एजेंसियों की भी मदद ली जा सकती है। यह मामला हाईवे सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था पर भी कई गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। दिल्ली पुलिस के पकड़े गए आरोपितों से कनेक्शन दिल्ली पुलिस के स्पेशल सेल द्वारा पकड़े गए आरोपितों से ही अंबाला में लगे सीसीटीवी कैमरों का कनेक्शन जुड़ा है। दिल्ली पुलिस की पूछताछ खत्म होने के बाद आरोपितों को जल्द ही प्रोडक्शन वारंट पर अंबाला पुलिस लाएगी ताकि आरोपितों से पूछताछ की जा सके। -अजीत सिंह शेखावत, एसपी अंबाला।

यूक्रेन युद्ध में मारा गया अंशु, रूस से ताबूत में वर्दी और जूते के साथ भारत लाया गया

रेवाड़ी गुरुग्राम से सटे हरियाणा के रेवाड़ी के काठुवास गांव में शुक्रवार उस समय मातम छा गया, जब एमबीए की पढ़ाई करने रूस गए 22 वर्षीय अंशु का शव ताबूत में लिपटकर घर पहुंचा। गांव के श्मशान घाट पर कटर मशीन से ताबूत को खोला गया। उसमें में अंशु के शव के साथ-साथ उसकी रूसी सेना की वर्दी और जूते भी साथ भेजे गए। पिता का कहना है कि दलालों ने छात्र को धोखे से रूसी सेना में भर्ती कराकर मौत के मोर्चे (रूस-यूक्रेन युद्ध) पर झोंक दिया। पिता ने अपनी आंखों में सुनहरे भविष्य के सपने सजाकर जिस बेटे को पढ़ने के लिए विदेश भेजा था, उसकी अर्थी उठते देख पूरे गांव का कलेजा फट गया। अंशु के बड़े भाई मोहित ने नम आंखों से अंशु की चिता को मुखाग्नि दी। लोगों का कहना था कि यह केवल एक हादसा नहीं, बल्कि उन दलालों की साजिश का नतीजा है, जिन्होंने शिक्षा के नाम पर एक होनहार छात्र को धोखे से रूसी सेना में भर्ती कराकर मौत के मोर्चे पर झोंक दिया। दलालों ने पढ़ाई छुड़वाकर युद्ध में भेजा परिवहन विभाग में कार्यरत पिता राकेश कुमार ने बताया कि अंशु बीए करने के बाद एमबीए का सपना लेकर 30 अप्रैल 2025 में स्टडी वीजा पर रूस गया था। कुछ महीने कॉलेज में पढ़ाई भी की, लेकिन फिर दलालों के जाल में फंस गया। दलालों ने बेटे अंशु को जबर्दस्ती सितंबर 2025 में रूसी सेना में भर्ती करा दिया। अंशु ने आखिरी बार 18 अक्टूबर 2025 को घर बात की थी। अंशु ने बताया था कि सितंबर में वह रूस की सेना में भर्ती हुआ है। अब युद्ध के लिए उसे यूक्रेन की फर्स्ट लाइन में जा रहा है और अब कुछ दिनों के बाद ही बातचीत हो पाएगी। सबका लाडला था अंशु काठुवास निवासी राकेश कुमार की पत्नी का देहांत पहले ही हो चुका था। तीन भाई-बहनों में अंशु सबसे छोटा और सबका लाडला था। पिता ने अपनी जमा-पूंजी लगाकर उसे पढ़ने के लिए रूस भेजा था ताकि वह बड़ा आदमी बन सके, लेकिन घर लौटी तो सिर्फ उसकी यादें और ताबूत। गांव वालों का कहना है कि सरकार को उन दलालों पर सख्त कार्रवाई करनी चाहिए जो मासूम युवाओं को पढ़ाई के नाम पर मौत के मुंह में धकेल रहे हैं। रूस गए हरियाणा के सात बेटे अब भी लापता बताए जा रहे हैं। अनजान रहा परिवार ● जानकारी के अनुसार फोन पर बातचीत के कुछ समय बाद ही अंशु की मौत को हो चुकी थी, लेकिन परिवार छह महीने तक अनजान रहा। 2 अप्रैल को देश के विदेश मंत्री से मुलाकात हुई। ● 4 अप्रैल 2026 को पिता राकेश कुमार के पास रूस के मॉस्को से फोन आया। उन्हें बताया गया कि अंशु की मौत हो चुकी है और उसका शव मिल चुका है और भारत में भेजने में 10 से 15 दिन लगेंगे। ● 16 अप्रैल को सूचना मिली कि शव शुक्रवार को दिल्ली एयरपोर्ट आ रहा है। शुक्रवार सुबह दिल्ली से शव लेने के बाद परिवार 10 बजे गांव के श्मशान घाट में उसका अंतिम संस्कार किया गया।