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Air India क्रू सदस्य के साथ दोस्त ने की रेप की कोशिश, पुलिस ने दर्ज किया केस

गुड़गांव  नामी चार सितारा होटल में एयर इंडिया की महिला क्रू सदस्य के साथ उनके ही दोस्त द्वारा बदसलूकी और जबरदस्ती शारीरिक संबंध बनाने की कोशिश का गंभीर मामला सामने आया है। पीड़िता की शिकायत पर सेक्टर-29 थाना पुलिस ने आरोपी युवक के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस के मुताबिक, 28 वर्षीय पीड़िता ने बताया कि वह दिल्ली में एयर इंडिया में केबिन सुपरवाइजर के पद पर कार्यरत है और पति सेना में तैनात है। सात फरवरी को वह अपने दोस्त के साथ किसी आधिकारिक काम के सिलसिले में कार से देहरादून के लिए निकली थी। पीड़िता के अनुसार रास्ते में दोस्त ने 250 किलोमीटर तक गाड़ी गलत दिशा में चलाई, जिसके बाद वे वापस बुलंदशहर पहुंचे।   अत्यधिक थकान होने के कारण पीड़िता ने गुड़गांव में रुकने का फैसला किया और दोस्त के साथ चार सितारा होटल में रुकी। पीड़िता का कहना है कि दोस्त के पास पैसे न होने के कारण उसने इंसानियत के नाते उसे अपने कमरे में रुकने की अनुमति दी थी। आरोप है कि कुछ समय बाद संजीव ने महिला के साथ जबरन शारीरिक संबंध बनाने की कोशिश की, उसे गलत तरीके से छुआ और उसे निर्वस्त्र करने का प्रयास किया । घटना के बाद पीड़िता ने गुड़गांव पुलिस से मदद मांगी। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए लीगल एडवाइजर को बुलाकर पीड़िता की काउंसलिंग कराई। काउंसलिंग और प्राथमिक तथ्यों के आधार पर आरोपी के खिलाफ बीएनएस  की धारा 74 और 76 के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच के दौरान जो भी तथ्य सामने आएंगे उसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी।  

शैक्षणिक सत्र 2026-27 से लागू: 9वीं से 12वीं तक बच्चों को प्रतिदिन 200 ग्राम दूध मिलेगा

चंडीगढ़ देसां म्ह देस हरियाणा, जित दूध-दही का खाना यह कहावत हरियाणा की खानपान संस्कृति और पौष्टिकता को दर्शाती है। हरियाणा में पहली बार सरकारी स्कूलों में 9वीं से 12वीं कक्षा के प्रति बच्चे को 200 ग्राम दूध सप्ताह में चार दिन मिलेगा। इसके अतिरिक्त एक मिल्कबार या पिन्नी भी शामिल की जाएगी। देश के भविष्य बच्चों के स्वास्थ्य के हितकारी कदम उठाने वाला हरियाणा देश का पहला राज्य बन गया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की मंजूरी के बाद यह लाभकारी योजना सरकारी स्कूलों में आगामी शैक्षणिक सत्र 2026-27 से शुरू हो जाएगी।  मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा के मार्गदर्शन में योजना को अमलीजामा पहनाने का ब्योरा तैयार किया गया है। अब योजना को बच्चों तक पहुंचाने के लिए आखिरी मंजूरी सीएम नायब सिंह सैनी ने दे दी है। मिड-डे-मील के तहत सरकारी स्कूलों में पोषण पदार्थ बच्चों को देने की व्यवस्था आठवीं कक्षा तक लागू है। 6.20 लाख बच्चों को मिलेगा लाभ प्रदेशभर में तकरीबन 14,300 सरकारी स्कूल संचालित है। वर्तमान में 9वीं से 12वीं कक्षा तक तकरीबन 6.20 लाख विद्यार्थी सरकारी स्कूलों में शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। ऐसे में इस योजना का लाभ सभी बच्चों को मिलेगा। हालांकि, आगामी शैक्षणिक सत्र से विद्यार्थियों की संख्या में कमी या वृद्धि होने के मद्देनजर योजना को लागू करने की तैयारी की गई है। 35 से 40 करोड़ रुपये की सालाना लागत शिक्षा विभाग के अनुसार इस योजना को लागू करने के लिए पैक्ड दूध की खरीद की जाएगी। इसके लिए खाद्य व आपूर्ति विभाग के साथ एमओयू साइन किया जाएगा। ताकि दूध की आपूर्ति की जिम्मेदारी विभाग की ओर से निर्धारित की जा सके। साथ ही स्कूल स्तर पर सप्ताह में चार दिन तक बच्चों को दूध के वितरण की जिम्मेदारी शिक्षा विभाग के अधिकारियों की ओर से तय की जाएगी। बढ़ती उम्र में दूध के अनेक फायदे सप्ताह में चार दिन तक किसी बच्चे को 200 ग्राम (लगभग एक गिलास) दूध देने से कई महत्वपूर्ण फायदे मिल सकते हैं, खासकर बढ़ती उम्र में यह और भी आवश्यक है। यदि किसी बच्चे को दूध से एलर्जी या पाचन समस्या हो तो डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है। दूध में कैल्शियम और विटामिन डी होता है जो हड्डियों की मजबूती और सही लंबाई बढ़ाने में मदद करता है। प्रोटीन, विटामिन-बी और अच्छे फैट्स बच्चों की याददाश्त, एकाग्रता और मानसिक विकास में सहायक होते हैं। दूध से मिलने वाला प्रोटीन मांसपेशियों के विकास और रोजमर्रा की ऊर्जा बनाए रखने में मदद करता है। वहीं, दूध में मौजूद पोषक तत्व बच्चों की इम्युनिटी बढ़ाते हैं जिससे वे जल्द बीमार नहीं पड़ते और नियमित दूध से जरूरी पोषण मिलता है जिससे कमजोरी व पोषण की कमी कम होती है। -डॉ. सनी मेहता, जीएमएसएच-16, चंडीगढ़।

दिल्ली-अंबाला रेल मार्ग में सुधार: Indian Railways के सिग्नल सिस्टम के लिए 421.41 करोड़ का बजट मंजूर

अंबाला  रेलवे ने अपने नेटवर्क को हाई-टेक बनाने और रेल हादसों पर लगाम लगाने की दिशा में पहल करते हुए रेल मंत्रालय ने उत्तर रेलवे के अंतर्गत दो महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को हरी झंडी दे दी है। इस योजना के तहत दिल्ली और अंबाला रेल मंडल के व्यस्त रूटों पर सिग्नलिंग सिस्टम को आधुनिक बनाया जाएगा। मंत्रालय ने इसके लिए 421.41 करोड़ रुपये का बजट मंजूर किया है।  रेलवे के उच्च घनत्व (एचडीएन) और अत्यधिक उपयोग वाले नेटवर्क (एचयूएन) पर सुरक्षा बढ़ाने के लिए स्टेशनों पर इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग की सुविधा दी जाएगी। खास बात यह है कि यह अपग्रेड उन स्टेशनों पर किया जा रहा है जहां स्वदेशी ट्रेन सुरक्षा प्रणाली कवच पहले से ही स्वीकृत है। दिल्ली रेल मंडल के अधीन हाई डेंसिटी रूट के 21 स्टेशनों पर इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग सिस्टम लगाया जाएगा। इसके लिए 292.24 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। इसी प्रकार अंबाला रेल मंडल के अधीन 13 स्टेशनों को इस आधुनिक तकनीक से लैस किया जाएगा। इस पर 129.17 करोड़ रुपये खर्च होंगे। पिंक बुक से मिली रफ्तार ये सभी कार्य उत्तर रेलवे के लिए निर्धारित 1,547 करोड़ रुपये के व्यापक प्रोजेक्ट का हिस्सा हैं, जिसे वर्ष 2024-25 के पिंक बुक (कार्य, मशीनरी और रोलिंग स्टॉक कार्यक्रम) में शामिल किया गया था। अंबाला रेल मंडल के प्रबंधक विनोद भाटिया ने बताया कि पारंपरिक मैकेनिकल इंटरलॉकिंग की जगह अब कंप्यूटर आधारित इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग सिस्टम लेगा। इससे सिग्नल और पॉइंट को डिजिटल तरीके से नियंत्रित किया जाएगा, इससे मानवीय गलती की संभावना शून्य हो जाएगी। कवच और इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग से न केवल सफर सुरक्षित होगा, बल्कि व्यस्त रूटों पर ट्रेनों की रफ्तार और संख्या भी बढ़ाई जा सकेगी। इस बदलाव से ट्रेनों का परिचालन सुरक्षित होने के साथ-साथ समयबद्धता में भी सुधार होगा, इससे यात्रियों को सीधा लाभ मिलेगा।  

4 साल की अमायरा की जान बचाई डॉक्टरों ने, आंत में फंसी 3 सेंटीमीटर लंबी कील को निकाला

पानीपत  पानीपत की 4 साल की नन्हीं अमायरा को क्या पता था कि खेल-खेल में निगली गई लोहे की कील उसके लिए जानलेवा साबित होगी। 3 सेंटीमीटर लंबी यह नुकीली कील बच्ची के पेट से होते हुए आंतों के एक बेहद संवेदनशील हिस्से में जा फंसी। दर्द इतना भयावह था कि बच्ची ने खाना-पीना छोड़ दिया और वह सिर्फ तड़प रही थी। घबराए माता-पिता बच्ची को लेकर एक के बाद एक तीन अस्पतालों में पहुंचे, लेकिन हर जगह से उन्हें निराशा हाथ लगी। डॉक्टरों ने कील की लोकेशन और बच्ची की मासूम उम्र को देखते हुए रिस्क लेने से मना कर दिया।  कील जरा सी भी खिसकती तो आंत पंक्चर हो सकती थी, जिससे संक्रमण पूरी बॉडी में फैल जाता और स्थिति जानलेवा हो सकती थी। तभी परिवार उम्मीद की आखिरी किरण लेकर पानीपत के एक सुपर स्पेशलिटी अस्पताल पहुंचा। यहाँ वरिष्ठ गैस्ट्रोएंटरोलॉजिस्ट डॉ. माधव और उनकी टीम ने तुरंत मोर्चा संभाला। बिना सर्जरी के निकाली कील एक्स-रे की जटिल रिपोर्ट देखने के बाद डॉक्टरों ने बिना सर्जरी किए ही इस कील को बाहर निकालने का साहसिक फैसला लिया। डॉक्टरों ने बताया कि अगर कील आंत को चीर देती तो इन्फेक्शन यानी पेरिटोनिटिस का खतरा था। लेकिन विशेषज्ञ टीम ने अत्याधुनिक तकनीक का सहारा लिया और बिना किसी चीर-फाड़ के, सफलतापूर्वक उस लोहे की कील को बाहर निकाल लिया। कील निकलते ही न सिर्फ बच्ची को दर्द से राहत मिली, बल्कि उसके माता-पिता के चेहरे पर भी मुस्कान लौट आई।  डॉक्टरों की अभिभावकों को चेतावनी जानकारी के अनुसार डॉक्टरों ने इस घटना के माध्यम से सभी अभिभावकों को चेतावनी दी है कि बच्चों के आसपास छोटी और नुकीली चीजें न रखें। फिलहाल अमायरा अब खतरे से बाहर है और खेल-कूद रही है। डॉक्टरों की इस तत्परता और विशेषज्ञता ने पानीपत में एक जांबाज मेडिकल रेस्क्यू की कहानी लिख दी है।

झज्जर में ग्रैंड वेलकम: U-19 वर्ल्ड कप में जीत दिलाने पर कनिष्क चौहान पहुंचे घर

झज्जर   झज्जर जिले के गांव कुलाना में अंडर-19 क्रिकेट वर्ल्ड कप में शानदार प्रदर्शन कर लौटे युवा क्रिकेटर कनिष्क चौहान का  ग्रामीणों द्वारा भव्य स्वागत किया गया। गांव में इस उपलब्धि के उपलक्ष्य में एक सम्मान समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीणों, खेल प्रेमियों और गणमान्य व्यक्तियों ने भाग लिया। पूरे गांव में उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला और लोगों ने ढोल-नगाड़ों व फूल-मालाओं के साथ कनिष्क का जोरदार स्वागत किया।  गांव पहुंचने पर सबसे पहले कनिष्क चौहान ने गांव के मंदिर में माथा टेककर भगवान का आशीर्वाद लिया। इसके बाद आयोजित सम्मान समारोह में उन्हें फूल-मालाएं पहनाकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर कनिष्क की मां सरिता चौहान ने तिरंगे के रंग की साड़ी पहनकर बेटे का स्वागत किया,जो देशभक्ति और गर्व का प्रतीक बना।  वहीं कनिष्क के पिता प्रदीप चौहान ने समारोह में उपस्थित सभी लोगों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि उनके बेटे ने जो सफलता हासिल की है,वह पूरे गांव और जिले के लिए गर्व की बात है। उन्हें पूरा विश्वास है कि कनिष्क भविष्य में भी इसी तरह मेहनत कर गांव, जिले, प्रदेश और देश का नाम रोशन करेगा और एक दिन सीनियर टीम इंडिया में भी खेलेगा। कनिष्क की दादी कमलेश देवी भावुक नजर आईं। उन्होंने कहा कि पोते ने बहुत अच्छा प्रदर्शन किया है और गांव व आसपास के क्षेत्र के लोगों को उसे आशीर्वाद देते देखकर उन्हें बेहद खुशी हुई। दादी ने कनिष्क को सोने की चेन और अंगूठी भेंट कर सम्मानित किया और उसके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।  समारोह में पहुंचे कांग्रेस विधायक कुलदीप वत्स ने भी कनिष्क की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि कनिष्क चौहान ने अपने शानदार खेल से देश, प्रदेश और पूरे विश्व में गांव कुलाना और झज्जर जिले का नाम रोशन किया है। यह उपलब्धि हम सभी के लिए गर्व की बात है। उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले समय में कनिष्क सीनियर टीम इंडिया में खेलते हुए देश को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएगा।

यमुनानगर में किसान सड़क खराब होने से भड़के, स्टेट हाईवे जाम और सरकार के खिलाफ नारेबाजी

यमुनानगर  यमुनानगर-कुरुक्षेत्र स्टेट हाईवे पर सहारनपुर-पंचकूला नेशनल हाईवे से लेकर दामला तक टूटी सड़क को लेकर भारतीय किसान यूनियन (रतनमान) के बैनर तले किसानों ने आज जाम लगा दिया। किसानों का जाम करीब 30 मिनट से लगा हुआ है। किसान सड़क पर बैठे रहे और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।  इस दौरान किसानों से बात करने के लिए एसडीएम जगाधरी विश्वनाथ व रादौर डीएसपी आशीष चौधरी बात करने के लिए मौके पर पहुंचे। लेकिन किसान उनकी बात सुनने को तैयार नहीं है। अधिकारी सड़क की अस्थायी मरम्मत करने का आश्वासन देने में लगे हैं। जाम लगने से यमुनानगर-कुरुक्षेत्र मार्ग पर वाहनों की लंबी कतार लग गई। फिलहाल जाम खोलने को लेकर किसानों व अधिकारियों के बीच बातचीत चल रही है। भाकियू के जिला अध्यक्ष सुभाष गुर्जर ने कहा कि दामला से लेकर यमुनानगर जाते हुए पंचकूल हाईवे तक करीब एक किलोमीटर तक सड़क की हालत बहुत ज्यादा खराब हो चुकी है। सड़क पर इतने बड़े गड्ढे हैं कि उनसे निकलना मुश्किल हो गया है। बारिश होने पर गड्ढों में पानी भरने से परेशानी और ज्यादा बढ़ जाती है। रोजाना गड्ढों की वजह से कोई न कोई चोटिल हो रहा है। सड़क को ठीक करने के लिए किसानों नेताओं ने बहुत पहले अधिकारियों को सड़क को ठीक करने का निवेदन किया था। परंतु हर बार अधिकारी अनदेखी करते रहे। जिस पर किसानों ने गत सप्ताह चेतावनी दी थी कि यदि सड़क ठीक नहीं हुई तो वह जाम लगाएंगे। इसलिए आज किसानों ने दामला में सड़क पर जाम लगा दिया। जाम के दौरान मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया गया। इससे पहले पीडब्ल्यूडी विभाग के एक्सईएन ने गत वर्ष 15 अगस्त तक वह सड़क को पूरी तरह से ठीक करने का आश्वासन दिया था, लेकिन मौके पर कुछ नहीं हुआ। मौके पर किसान नेता प्रदीप नगला, दीप राणा नंबरदार, मान सिंह मजाफत, महेंद्र कांबोज, चमरोड़ी, यादविंद्र कांबोज जयपुर, सुभाष शर्मा, सतपाल मानकपुर, जसवीर नंबरदार, स. सुखदेव सिंह, अशोक डांगी, कुलविंद्र सिद्धू, रविंद्रपाल, सुभाष हरतौल समेत अन्य उपस्थित रहे।

स्वच्छ भारत अभियान में बजट खर्च न करने पर निकाय विभाग के अफसरों के खिलाफ 20 को कार्रवाई

चंडीगढ़ हरियाणा शहरी स्थानीय निकाय विभाग के अधिकारी स्वच्छ भारत मिशन के तहत वर्ष बजट को खर्च नहीं कर पाए। अब बजट खर्च न करने में लापरवाह अधिकारियों और कर्मचारी पर कार्रवाई होगी। हाल ही में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने विभागों की समीक्षा बैठक की थी। शहरी स्थानीय निकाय विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान करीब 100 करोड रुपए स्वच्छ भारत मिशन के तहत खर्च न होने पर मुख्यमंत्री ने कड़ी नाराजगी जताई थी।  अब 20 लापरवाह अधिकारियों पर कभी भी कड़ी कार्रवाई हो सकती है। हरियाणा शहरी निकाय विभाग में स्वच्छ भारत के तहत स्वच्छता की कार्यों से लेकर जागरूकता अभियान प्रचार प्रसार आदि कार्यों पर 100 करोड रुपए खर्च होने थे लेकिन फरवरी आने के बावजूद भी बजट खर्च नहीं हो सका। ऐसे में विभागीय अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई हो सकती है। शहरी स्थानीय निकाय विभाग के मंत्री विपुल गोयल ने ऐसे 20 अधिकारियों पर कार्यवाही का ब्योरा बनाने को कहा है जिससे 20 अधिकारियों को चार्जशीट  करके कार्यवाही हो सके। कार्रवाई से बचने के लिए अबाधिकारी भी योजनाएं बनाने में जुट गए हैं। राज्य के स्वच्छ सर्वेक्षण को लेकर भी नहीं हो सका काम हरियाणा सरकार ने इस बार केंद्रीय स्वच्छ सर्वेक्षण की तर्ज पर राज्य में स्वच्छ सर्वेक्षण करने का निर्णय लिया था, लेकिन यह कार्य भी शुरू नहीं हो सका। बीते साल 2 अक्टूबर को इसकी शुरुआत होनी थी। बाद में तय किया गया कि इस कार्य को निकाय और दूसरे विभागों के अधिकारियों के बजाय निकाय थर्ड पार्टी के माध्यम से कराएंगे। लंबे समय से टेंडर की प्रक्रिया अटकी हुई है, इस कारण राज्य का स्वच्छ सर्वेक्षण भी शुरू नहीं हो सका।

संदीप सिंह पर गंभीर आरोप: महिला कोच से कहा था- मुझे खुश रखो, मैं तुम्हें रखूंगा; मामला ट्रांसफर

सोनीपत  हरियाणा के पूर्व खेल मंत्री और हॉकी प्लेयर रह चुके संदीप सिंह से जुड़े छेड़छाड़ और रेप के प्रयास करने के मामले में बड़ा अपडेट आया है। पीड़ित जूनियर महिला कोच की याचिका पर चंडीगढ़ जिला एवं सत्र न्यायाधीश एचएस ग्रेवाल ने इस मामले को किसी अन्य न्यायाधीश को ट्रांसफर करने के आवेदन को स्वीकार कर लिया। पीड़िता ने आरोप लगाया था कि न्यायाधीश उसके प्रति पक्षपाती थे। अपनी याचिका में पीड़िता ने कहा था कि जज ने उसे केस की फाइल देखने नहीं दी। उसे CRPC की धारा 164 के तहत दिए गए अपने बयान की कॉपी या जानकारी नहीं दी गई। इसके अलावा जज खुद इस केस की सुनवाई कर रहे थे, जबकि वे खुद एक गवाह की सूची में शामिल थे। ऐसे में मुझे न्याय की उम्मीद नहीं है। बता दें कि 26 दिसंबर 2022 को जूनियर महिला कोच ने संदीप सिंह के खिलाफ यौन-उत्पीड़न सहित अन्य आरोप के तहत चंडीगढ़ पुलिस में शिकायत दी थी। जांच के बाद 31 दिसंबर की रात 11 बजे सेक्टर-26 थाने में संदीप सिंह के खिलाफ आईपीसी की धारा 342, 354, 354ए, 354बी, 506 के तहत पुलिस ने केस दर्ज किया था। इसमें छेड़छाड़, गलत तरीके से कैद करने, आपराधिक धमकी देने और किसी महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाने के इरादे से शब्द, हावभाव या कृत्य का इस्तेमाल करने के आरोप थे। पीड़िता की ओर से दी गई शिकायत में बताया था कि मंत्री ने उसे कहा था कि तुम मुझे खुश रखों, मैं तुम्हे खुख रखूंगा। बात न मानने पर ट्रांसफर करा दिया था। हालांकि, संदीप सिंह ने इस आरोपों को पूरी तरह नकार दिया था।  

हरियाणा में IMT प्रोजेक्ट पर संकट: जमीन की कमी से विकास में रुकावट, क्षेत्रफल घटाने की संभावना

चंडीगढ़  हरियाणा सरकार ने पिछले दिनों 10 नई आई. एम. टी. बनाने की घोषणा की थी लेकिन इस घोषणा को सिरे चढ़ाने में जमीन की कमी आड़े आ रही है। ऐसे में सरकार इस योजना को सिरे चढ़ाने के लिए आई.एम.टी. के जमीनी क्षेत्रफल में कटौती करने पर विचार कर रही है। जमीन की कमी के चलते आई.एम.टी. का क्षेत्रफल 1500 की बजाय 1200 एकड़ तक किया जा सकता है। हरियाणा के उद्योग मंत्री राव नरबीर सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री नायब सैनी ने वर्ष 2030 तक औद्योगिक विकास को और तेज करने के लिए 10 नई आई.एम.टी. स्थापित करने की घोषणा की थी, जिनमें से 5 आई.एम.टी. को स्वीकृति मिल चुकी है और उन्हें विकसित करने की प्रक्रिया प्रगति पर है। पिछले वर्ष उद्योग विभाग के बजट में 125 प्रतिशत की वृद्धि की गई थी और आगामी बजट में इस वृद्धि को और आगे बढ़ाया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित 10 में से 3 आई.एम.टी. राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में विकसित की जाएंगी जिनकी धुरी के.एम.पी. एक्सप्रेस-वे रहेगा। किसानों के साथ जमीन के रेट पर बात बनते ही प्रक्रिया होगी तेज किसानों द्वारा आई.एम.टी. के लिए अपनी जमीन के कई-कई गुणा तक दाम मांगने की वजह से आई. एम.टी. बनाने की परियोजनाएं अभी तक पूरी नहीं हो पाई हैं। कई आई. एम टी. के लिए किसान जमीन के रेट कलैक्टर रेट से 6 से 8 गुना तक मांग रहे हैं। प्रदेश सरकार इन किसानों से जमीन का वास्तविक मर्मोल भाव करने में जुटी है। किसानों के साथ जमीन के रेट की बात बनते ही आई.एम.टी. बनाने की प्रक्रिया में तेजी आ सकेगी। सरकार ने ई-भूमि पोर्टल शुरु किया हरियाणा की भाजपा सरकार की योजना है कि किसानों की मर्जी के विना उनकी जमीन अधिगृहीत नहीं की जाएगी। सरकारी विकास परियोजनाओं के लिए किसानों से वाजार भाव पर जमीन खरीदने की योजना पूर्व मुख्यमत्री मनोहर लाल ने आरंभ की थी जिसे मौजूदा मुख्यमंत्री नायव सैनी भी आगे बढ़ा रहे है। किसानों द्वारा जमीन वेचने की पेशकश के लिए सरकार ने ई-भूमि पोर्टल आरंभ कर रखा है। इस पोर्टल पर किसान अपनी जमीन वेचने की पेशकश करते है और वहीं पर रेट वताते हैं। सरकार को रेट ठीक लगते हैं तो जमीन खरीद ली जाती है अन्यथा ज्यादा दाम मांगने की स्थिति में मोलभाव करने का विकल्प खुला रहता है। कांग्रेस सरकार की भांति अब जमीन का अलॉटमेंट या अधिग्रहण नहीं होताः राव नरबीर उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर ने कहा कि पिछली कांग्रेस सरकार की भांति अब जमीन का अलॉटमेंट या अधिग्रहण नहीं होता बल्कि भाजपा सरकार किसानों से जमीन खरीदती है। यदि किसी उद्योगपति तो कोई सरकार से चाहिए तो उसे भी बोली देकर जमीन खरीदनी होगी। हरियाणा में 10 आई.एम.टी. बननी हैं। इनमें से 6 पर तेजी से काम चल रहा है। राज्य में जमीन काफी महंगी है। इसकी एक वजह यह है कि हरियाणा बिल्कुल दिल्ली के नजदीक है। साथ ही राज्य की जमीन काफी उपजाऊ है। 5 नए शहर दिल्ली में बढ़ते जनसंख्या दबाव को भी कम करेंगे राव नरबीर सिंह ने कहा कि लगभग 135 किलोमीटर लंबा कुंडली-मानेसर-पलवल (के.एम.पी.) एक्सप्रेसवे हरियाणा राज्य औद्योगिक एवं आधारभूत संरचना विकास निगम (एच.एस.आई.आई.डी.सी.) की एक अत्यंत महत्वपूर्ण संपत्ति है। वर्ष 2031 की संभावित जनसंख्या को ध्यान में रखते हुए सरकार ने इसके दोनों ओर 5 नए शहर विकसित करने के उद्देश्य से पंचग्राम विकास प्राधिकरण का गठन किया है। विकसित किए जाने वाले 5 नए शहर 'विकसित भारत' के आकर्षण केंद्र बनेंगे और दिल्ली में बढ़ते जनसंख्या दबाव को भी कम करने में सहायक सिद्ध होंगे। मुख्यमंत्री सैनी ने पिछले बजट में की थी घोषणा हरियाणा के वित्त मंत्री के नाते मुख्यमंत्री नायब सैनी ने पिछले बजट में 10 आई.एम.टी. बनाने की घोषणा की थी। इनमें से अम्बाला, यमुनानगर, रेवाड़ी, पलवल, फरीदाबाद और जींद में आई.एम.टी. बनाने की प्रक्रिया आरंभ की जा चुकी है। अम्बाला जिले में 2 आई.एम.टी. बननी प्रस्तावित हैं, जो कि एक मुख्यमंत्री नायब सैनी के पुराने विधानसभा क्षेत्र नारायणगढ़ में बननी प्रस्तावित है। अम्बाला व यमुनानगर की आई.एम.टी. बनाने की प्रक्रियाएं लगभग पूरी हो चुकी हैं, जबकि बाकी आई.एम.टी. के लिए जमीन के अधिक रेट बड़ी बाधा बने हुए हैं। महेंद्रगढ़ के खुडाना में जमीन नहीं मिल पाई, जिस कारण आई.एम.टी. का प्रस्ताव अभी लटका हुआ है।

मार्च में होने वाली पहली से आठवीं कक्षा की परीक्षाएं, तिथियां जारी, जिला अधिकारियों को दिशा-निर्देश

चंडीगढ़  हरियाणा विद्यालय शिक्षा निदेशालय ने राज्य के सभी जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों को पहली से आठवीं कक्षा तक की वार्षिक परीक्षाओं की तिथि सूची जारी कर दी है। यह परीक्षाएं शैक्षणिक सत्र 2025-26 के तहत मार्च 2026 में आयोजित की जाएंगी, जबकि अनुत्तीर्ण विद्यार्थियों के लिए अप्रैल 2026 में पूरक परीक्षाएं होंगी। निदेशालय की ओर से जारी पत्र के अनुसार सभी विद्यालयों को तय कार्यक्रम के अनुसार परीक्षा करवाने और आवश्यक तैयारियां समय पर पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।  जारी तिथि सूची के अनुसार पहली से पांचवीं कक्षा के विद्यार्थियों की मुख्य विषयों की परीक्षाएं 13 मार्च से शुरू होकर 18 मार्च तक चलेंगी। इन कक्षाओं में भाषा, गणित और पर्यावरण जैसे विषय शामिल हैं। वहीं छठी से आठवीं कक्षा के विद्यार्थियों की परीक्षाएं 11 मार्च से शुरू होकर 18 मार्च तक आयोजित होंगी। इन कक्षाओं में भाषा, गणित, विज्ञान, सामाजिक विज्ञान तथा अन्य वैकल्पिक विषयों की परीक्षाएं निर्धारित की गई हैं। निदेशालय ने सभी जिला अधिकारियों से कहा है कि परीक्षा प्रक्रिया शांतिपूर्ण और पारदर्शी ढंग से करवाई जाए। विद्यालय प्रमुखों को विद्यार्थियों और अभिभावकों को समय से जानकारी देने तथा परीक्षा केंद्रों पर आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। शिक्षा विभाग का कहना है कि तय समय पर परीक्षाएं पूरी कर परिणाम भी जल्द घोषित किए जाएंगे, ताकि अगले सत्र की तैयारियां समय पर शुरू हो सकें।