samacharsecretary.com

पुलिस कांस्टेबल भर्ती के फिजिकल टेस्ट का फेक नोटिस वायरल

चंडीगढ़. हरियाणा पुलिस कांस्टेबल के 5500 पदों पर भर्ती को लेकर जरूरी खबर है। भर्ती के पीएमटी और पीएसटी की डेट को लेकर हरियाणा स्टाफ सिलेक्शन कमीशन का एक नोटिस वायरल हो रहा है। इस नोटिस में डेट का उल्लेख किया गया है। हरियाणा स्टाफ सिलेक्शन कमीशन के चेयरमैन हिम्मत सिंह ने इस नोटिस को फेक बताया है। उन्होंने इसका खुलासा अपने एक्स हैंडल अकाउंट पर किया है। उन्होंने लिखा है आयोग जल्द ही जारी पीएमटी और पीएसटी की तारीख जारी करेगा। सोशल मीडिया पर पुलिस कांस्टेबल भर्ती के पीएमटी और पीएसटी के तिथि को लेकर एक गलत नोटिस प्रसारित की जा रही है। ध्यान दें कि आयोग द्वारा आधिकारिक रूप से पीएमटी और पीएसटी को लेकर किसी भी तरह की कोई तिथि की घोषणा नहीं की गई है। 

हरियाणा के सरकारी स्कूलों में चार लाख फर्जी दाखिलों के नहीं मिले सुबूत: CBI

चंडीगढ़. हरियाणा के सरकारी स्कूलों में चार लाख फर्जी दाखिलों के मामले में सीबीआइ को ठोस सुबूत नहीं मिले हैं। 12 हजार 924 स्कूलों के रिकार्ड की जांच में सिर्फ 50 हजार 687 छात्र संदिग्ध मिले। हालांकि जांच के दौरान रिकार्ड में बड़ी गड़बड़ियां मिलीं, लेकिन किसी अधिकारी या कर्मचारी के खिलाफ आपराधिक साजिश के पुख्ता सबूत नहीं मिले। ऐसे में सीबीआइ ने क्लोजर रिपोर्ट दाखिल कर दी है। सीबीआइ की विशेष अदालत ने यह रिपोर्ट फिलहाल स्वीकार नहीं की है। सीबीआइ कोर्ट ने कहा कि इतने बड़े स्तर पर सामने आई अनियमितताओं के बाद मामले को सीधे बंद नहीं किया जा सकता। कोर्ट पहले पूरी फाइल का अध्ययन करेगी, उसके बाद ही अगला फैसला लिया जाएगा। इस पूरे प्रकरण की शुरुआत वर्ष 2016 में हुई थी, जब अतिथि अध्यापकों की याचिका पर हाई कोर्ट में सुनवाई के दौरान प्रदेश सरकार ने 22 लाख छात्रों का रिकार्ड पेश किया। जब इनमें से कुछ नामों की जांच की गई तो कई नाम संदिग्ध पाए गए। इसी आधार पर आशंका जताई गई कि स्कूलों में फर्जी दाखिले दिखाकर सरकारी योजनाओं का लाभ लिया जा रहा है। बाद में मामला सीबीआइ को सौंप दिया गया। इसके बाद सीबीआइ ने राज्य के 12 हजार 924 सरकारी स्कूलों का रिकार्ड खंगाला। प्रवेश रजिस्टर, हाजिरी, मिड-डे मील, छात्रवृत्ति, यूनिफार्म और परीक्षा रिकार्ड तक की जांच की गई। जांच में 50 हजार 687 छात्र संदिग्ध पाए गए। कुछ जिलों में गड़बड़ी का प्रतिशत पांच प्रतिशत था, जबकि कुछ में यह 40 प्रतिशत तक पहुंच गया। कई बच्चों की शत प्रतिशत हाजिरी दर्ज थी, जबकि वे स्कूल छोड़ चुके थे। मामलों में स्कूल लीविंग सर्टिफिकेट जारी होने के बाद भी नाम रिकार्ड से नहीं हटाया गया। अब सीबीआई अदालत पर निगाहें सीबीआइ की स्पेशल कोर्ट ने फिलहाल क्लोजर रिपोर्ट स्वीकार नहीं की है। अदालत पूरी जांच रिपोर्ट पढ़ेगी और जरूरत पड़ी तो जांच का दायरा बढ़ाने या दोबारा जांच के आदेश भी दे सकती है। इस तरह मामला अभी पूरी तरह बंद नहीं हुआ है। अंतिम फैसला अदालत के अध्ययन और सुनवाई के बाद ही सामने आएगा। सात जिलों में मिली अधिक अनियमितताएं मेवात के नूंह, गुरुग्राम, सोनीपत, झज्जर, फतेहाबाद और यमुनानगर समेत सात जिलों में सबसे ज्यादा गड़बड़ी सामने आई। सीबीआइ के मुताबिक रिकार्ड में खामियां हैं, लेकिन जानबूझकर धोखाधड़ी या व्यक्तिगत लाभ के स्पष्ट प्रमाण नहीं मिले। कई एंट्री जिला स्तर पर बदली गईं, लेकिन यह साबित नहीं हो पाया कि किसने और किस मकसद से बदलाव किया। एजेंसी के अनुसार लापरवाही और प्रशासनिक स्तर की गलतियां तो दिखीं, पर आपराधिक मामला बनता नहीं दिखा। साथ ही सुप्रीम कोर्ट के 2019 के आदेश का भी हवाला दिया, जिसमें कहा गया था कि स्कूल रिकार्ड से जुड़े प्रशासनिक फैसलों पर सीधे आपराधिक मुकदमा नहीं बनाया जाए।

हिसार में दंगल चैंपियनशिप में देशभर के पहलवान आजमाएंगे दांव-पेंच

हिसार. शहर में 23 फरवरी को देशभर के उभरते पहलवान दंगल चैंपियनशिप में अपने दांव-पेंच दिखाएंगे। उभरते पहलवानों को यह मौका भारतीय खेल प्राधिकरण और इंस्पायर इंस्टीट्यूट आफ स्पोटर्स की तरफ से दिया जा रहा है। दंगल चैंपियनशिप चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के गिरी सेंटर में शहीद मदनलाल ढींगड़ा बहुद्देशीय हाल में किया जाएगा। यह कुश्ती दंगल चैंपियनशिप तीन मैट पर करवाई जाएगी। लड़कों की फ्री स्टाइल और ग्रीको रोमन कुश्ती के मुकाबले होंगे : इंस्पायर इंस्टीट्यूट आफ स्पोटर्स के हाई परफार्मेंस मैनेजर सत्यप्रकाश ने बताया कि पिछले साल साई के साथ मिलकर प्रदेश भर के पहलवानों के लिए दंगल करवाया था। इस बार जो दंगल चैंपियनशिप करवाई जा रही है वह देशभर के उभरते पहलवाने के लिए है। कुश्ती के लिए वजन श्रेणी सीनियर लड़कों में फ्री-स्टाइल में 57 किलोग्राम, 74 किलोग्राम और 74 से अधिक किलोग्राम के कुश्ती खिलाड़ी भाग ले सकते हैं। वहीं ग्रीको रोमन में 60 किलोग्राम, 77 किलोग्राम और 77 किलोग्राम से ऊपर के कुश्ती खिलाड़ी अपनी प्रतिभा दिखा सकते हैं। लड़कियों में 53 किलोग्राम, 62 किलोग्राम और 62 से अधिक किलोग्राम भार वर्ग में हिस्सा ले सकती है। पहले स्थान पर आने वाले खिलाड़ियों 71 हजार से 11 हजार का इनाम देंगे।

हरियाणा सरकार की बड़ी पहल: सरकारी इमारतों में सौर ऊर्जा, किसानों के लिए बनेगी समर्थन नीति

पंचकूला  हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने  करीब एक दर्जन सरकारी विभागों के बजट खर्च और जरूरी विभागीय योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को जरूरी दिशा निर्देश दिए। बिजली विभाग की योजनाओं की समीक्षा करते हुए सीएम ने अधिकारियों से कहा कि खेती के लिए पंपों को सोलर आधारित करने के कार्य में तेजी लाई जाए। प्रधानमंत्री कुसुम योजना को समय पर लागू किया जाए। राज्य की सभी सरकारी इमारतों पर रूफटाप सोलर सिस्टम लगाने में तेजी लाई जाए। बस स्टैंड, हैफेड गोदाम और दूसरे सरकारी इन्फ्रास्ट्रक्चर पर भी रूफटाप सोलर पैनल लगाए जाएं। बैठक में अधिकारियों ने कहा कि पांच हजार सरकारी इमारतों का सर्वे पूरा कर लिया गया है और रूफटाप सोलर पैनल लगाने का काम चल रहा है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को खराब हालत वाले बस स्टैंड की पहचान करने और उनकी मरम्मत एवं रखरखाव करने के निर्देश दिए। कनीना, बरवाला, टोहाना और निगदू में बस स्टैंड के कार्य लगभग पूरे हो चुके हैं, जबकि बादली, नीलोखेड़ी, बहल और दूसरे स्थानों पर काम चल रहा है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को एमएमएमई के तहत छोटे उद्योगों को अधिक प्रोत्साहन देने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि राज्य में दालों के उत्पादन को बढ़ावा दिया जाए। दालों की खेती करने वाले किसानों को बढ़ावा देने के लिए एक विषेष नीति बनाने के निर्देश दिए। सीएम ने अधिकारियों से कहा कि खैर के पेड़ों की गैर-कानूनी कटाई के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने अरावली क्षेत्र में कंजर्वेशन की जरूरत पर भी बल दिया। उन्होंने कहा कि विदेश में पढ़ने या काम करने की इच्छा रखने वाले विद्यार्थियों को विदेशी भाषा सिखाने के कार्यक्रम भी चलाए जाएं उन्होंने निर्देश दिये कि ज्यादा से ज्यादा ‘हर हित स्टोर’ सीएम पैक्स खोले जाएं और स्वयं सहायता समूहों को सौंपे जाएं।बैठक में उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह और कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा समेत अधिकारी मौजूद रहे।

हरियाणा सरकार का बड़ा ऐलान: 56 लाख लोगों के खाते में पेंशन, हर महीने एक तय तारीख को मिलेगी राशि

पंचकूला  हरियाणा में सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के तहत प्रोत्साहन राशि, सब्सिडी और किसी भी तरह की पेंशन प्राप्त करने वाले लाभार्थियों को भविष्य में कोई परेशानी नहीं होने वाली है।प्रदेश सरकार ने निर्णय लिया है कि सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की समस्त राशि को अब हर माह एक ही तारीख को लाभार्थियों के खातों में डाला जाएगा। महीने की यह तारीख कौन सी होगी, इस बारे में अभी निर्णय लिया जाना बाकी है। प्रदेश सरकार के इस फैसले का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि लोगों को अपनी पेंशन, प्रोत्साहन भत्ते और सब्सिडी हासिल करने के लिए कई-कई माह तक इंतजार नहीं करना पड़ेगा। 56 लाख 34 हजार लाभार्थियो के खातों में पहुंचे 1431 करोड़ हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने मंगलवार को 18 जन कल्याणकारी योजनाओं के तहत 56 लाख 34 हजार लाभार्थियों के खातों में 1431 करोड़ रुपये की राशि स्थानांतरित की। प्रदेश के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री कृष्ण कुमार बेदी, पशुपालन मंत्री श्याम सिंह राणा और सहकारिता मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा भी इस मौके के गवाह बने। मुख्यमंत्री ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय लाडो लक्ष्मी योजना की चौथी किस्त के तहत 9 लाख 22 हजार 452 महिलाओं के खातों में 193 करोड़ रुपये की राशि डाली। अभी तक चारों किस्तों में यह राशि 634 करोड़ रुपये हो चुकी है। राज्य सरकार द्वारा एक लाख रुपये से कम आय वाली महिलाओं को 2100 रुपये मासिक देने की योजना आरंभ की गई है। इस योजना के अंतर्गत फरवरी माह से 1100 रुपये की राशि खातों में भेजी जाती है और 1000 रुपये की राशि की एफडी कराई जाती है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बुढ़ापा, विधवा और दिव्यांग समेत प्रत्येक तरह की सामाजिक सुरक्षा पेंशन के अंतर्गत 34.14 लाख लाभार्थियों के खातों में 1098 करोड़ रुपये की राशि जारी की। लाडो लक्ष्मी योजना और पेंशन योजना के अंतर्गत 43 लाख 36 हजार 452 लोगों को 1240 करोड़ रुपये की लाभ राशि प्रदान की गई है। हर घर हर गृहिणी गैस सिलेंडर रिफिल योजना के अंतर्गत 12 लाख 62 हजार महिलाओं के खातों में नवंबर व दिसंबर माह के लिए 38 करोड़ 97 लाख रुपये की सब्सिडी राशि भेजी गई है। इस योजना के अंतर्गत महिलाओं को 500 रुपये में गैस सिलेंडर मिलता है। पात्रता से जुड़ी शिकायतें आई हैं मुख्यमंत्री दुग्ध उत्पादक प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत 36 हजार लाभार्थियों के खातों में 101 करोड़ रुपये की सब्सिडी राशि प्रदान की गई है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा है कि राज्य भर में पेंशन से संबंधित समस्याएं व आय आधारित पात्रता से जुड़ी शिकायतें उनके संज्ञान में आई हैं। इन शिकायतों व अपीलों के समाधान तथा पात्रता के निष्पक्ष निपटान के लिए सभी जिलों के अतिरिक्त उपायुक्तों को निर्देश दिए गए हैं। इसके अंतर्गत सभी एडीसी सप्ताह में सोमवार व बृहस्पतिवार को समाधान शिविर लगाकर समस्या का समाधान सुनिश्चित करेंगे। उन्होंने दोहराया कि किसी भी पात्र व्यक्ति की पेंशन नहीं कटने दी जाएगी। कार्यक्रम का संचालन सीएम के मीडिया सचिव प्रवीण अत्रेय ने किया। दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना का दायरा बढ़ाया गया मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना के अंतर्गत अब एक लाख 80 हजार रुपये वार्षिक आय वाले परिवारों की महिलाएं भी 2100 रुपये प्राप्त करने की पात्रता में शामिल हो गई हैं। इनमें ऐसी महिलाएं शामिल हैं, जिनके बच्चे सरकारी स्कूलों में पढ़ते हैं और जिन्होंने कक्षा 10 या 12 की बोर्ड परीक्षाओं में 80 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त किए हैं। कक्षा एक से चार में ‘निपुण भारत मिशन’ के अंतर्गत कक्षा स्तर की दक्षता हासिल करने वाले बच्चों की माताओं और बच्चों को कुपोषण से सफलतापूर्वक पुनर्वासित करने वाली महिलाओं को भी यह राशि मिलेगी। विपक्षी दलों के आंदोलन से पहले भाजपा ने छीना मुद्दा हरियाणा में विपक्षी राजनीतिक दलों ने पेंशन कटने को बड़ा मुद्दा बनाया हुआ है। इनेलो की ओर से 20 फरवरी को पंचकूला में प्रदर्शन किया जाएगा। कांग्रेस और जननायक जनता पार्टी के साथ आम आदमी पार्टी भी लगातार बुजुर्गों की पेंशन काटे जाने, परिवार पहचान पत्रों में आय की जांच के नाम पर लोगों को परेशान करने के आरोप लगा रहे हैं। इससे पहले कि राज्य में विपक्षी दल कोई बड़ा आंदोलन खड़ा कर पाएं अथवा विधानसभा के बजट सत्र में इस मुद्दे को उठाएं, भाजपा सरकार ने करीब 56 लाख लोगों के खातों में लगभग डेढ़ हजार करोड़ रुपये की राशि डालकर इस मुद्दे की हवा निकाल दी है।  

क्यों किसानों ने दूरी बनाई? रबी फसल बीमा में पंजीकरण घटा 10 फीसदी

चरखी दादरी  हरियाणा में किसानों का भरोसा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना से लगातार कमजोर पड़ता नजर आ रहा है। रबी सीजन 2025-26 के लिए पंजीकरण प्रक्रिया पूरी होने के बाद सामने आए ताजा आंकड़े बताते हैं कि प्रदेश के 16 प्रमुख कृषि जिलों में बीमित किसानों की संख्या और बीमित रकबे में औसतन 8 से 10 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई है। खासतौर पर दक्षिण और पश्चिम हरियाणा के जिलों में यह रुझान ज्यादा स्पष्ट है। कृषि विभाग के संकलित आंकड़ों के अनुसार, इस सीजन में बीमित किसानों की कुल संख्या ही नहीं घटी, बल्कि बीमित क्षेत्रफल भी घटा है। पहले केसीसी धारकों के लिए बीमा अनिवार्य होने के चलते आंकड़े ऊंचे रहते थे, लेकिन योजना के स्वैच्छिक होने के बाद बड़ी संख्या में किसानों ने बैंक जाकर लिखित में बीमा से बाहर होने का विकल्प चुना है। हालांकि कृषि विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि 31 जनवरी तक पंजीकरण का समय था। बैंकों द्वारा अंतिम डेटा अपलोड होने के बाद इन आंकड़ों में 1-2 प्रतिशत का सुधार हो सकता है। टाप जिले उठा रहे बीमा का आधे से ज्यादा भार कृषि विभाग की ओर से जो प्रारंभिक रिपोर्ट मुख्यालय भेजी गई है उसमें 16 जिलों के कुल बीमित किसानों में से लगभग 50% किसान सिर्फ चार जिलों सिरसा, भिवानी, हिसार और कैथल से हैं। इसी तरह, कुल बीमित रकबे का 50% से अधिक हिस्सा भी इन्हीं जिलों में केंद्रित है। इससे संकेत मिलता है कि योजना का दायरा पूरे प्रदेश में समान रूप से नहीं फैल पा रहा। नये बने जिले हांसी में भी नहीं बदले समीकरण 23वें जिले हांसी में कुल बीमित किसान 12,480 और बीमित क्षेत्र 38,900 एकड़ ही दर्ज हुआ। यह हिस्सा कुल आंकड़ों में 5% से भी कम है। इससे स्पष्ट है कि प्रशासनिक पुनर्गठन के बावजूद बीमा योजना के प्रति उत्साह नहीं बन पाया। फसल पैटर्न भी तय कर रहा बीमा रुझान करनाल, कुरुक्षेत्र और यमुनानगर जैसे जिलों में बासमती और गन्ने का रकबा अधिक होने के कारण गेहूं आधारित रबी बीमा में स्वाभाविक रूप से रुचि कम रही। आंकड़े बताते हैं कि जहां फसल विविधता अधिक है, वहां बीमा भागीदारी अपेक्षाकृत कम दर्ज हुई। कम प्रीमियम, फिर भी दूरी बना रहे किसान रबी फसलों के लिए 1.5% प्रीमियम दर होने के बावजूद अधिकांश जिलों में 8-10% तक की गिरावट दर्ज हुई। आंकड़े संकेत देते हैं कि समस्या प्रीमियम की नहीं, बल्कि क्लेम भुगतान की प्रक्रिया और समयबद्धता से जुड़ी है। जानें अब आगे क्या… क्लेम प्रकिया समझाने को जागरूकता कैंप लगाएंगे कृषि विभाग के अधिकारी मानते हैं कि स्वैच्छिक विकल्प के कारण संख्या कम हुई है। विभाग अब ग्राम स्तर पर शिविर लगाकर किसानों को क्लेम प्रक्रिया के प्रति जागरूक करने की योजना बना रहा है। क्यों पीछे हट रहे किसान     क्लेम प्रक्रिया में पारदर्शिता का अभाव:किसानों का आरोप है कि नुकसान का पटवारी और कंपनी द्वारा किया जाने वाला सर्वे धरातल के बजाय कागजों पर ज्यादा होता है।     प्रीमियम कटा, पर मुआवजा नहीं: ‘मेरी फसल-मेरा ब्योरा’ और बीमा पोर्टल के बीच डेटा मिसमैच होने के कारण कई किसानों का प्रीमियम कटने के बावजूद क्लेम से वंचित रहते हैं।      सैटेलाइट डेटा बनाम जमीनी हकीकत अलग:कृषि विभाग अब नुकसान के आकलन के लिए सैटेलाइट तस्वीरों का सहारा ले रहा है, जबकि किसानों का तर्क है कि ओलावृष्टि या स्थानीय जलभराव जैसी स्थिति सैटेलाइट में स्पष्ट नहीं होती।  

शिक्षक पति के OYO में गर्लफ्रेंड संग समय बिताने पर पत्नी ने किया सामना, मामला सामने आया

झज्जर  शहर के देशवाल काम्प्लेक्स स्थित एक निजी होटल में उस समय हड़कंप मच गया, जब एक महिला ने अपने सरकारी शिक्षक पति को उसकी महिला मित्र के साथ रंगे हाथ पकड़ लिया। पत्नी ने मौके पर ही पुलिस को बुला लिया, जिसके बाद टीम दोनों को अपने साथ में थाने ले गई। हालांकि, इस पूरे नाटकीय घटनाक्रम पर पुलिस अभी आधिकारिक तौर पर कुछ भी बोलने से बच रही है। मूल रूप से रोहतक निवासी पीड़िता ने बताया कि उसे अपने पति पर लंबे समय से शक था। मंगलवार को उसने पति का पीछा किया और उसे झज्जर के एक होटल में दूसरी महिला के साथ देख लिया। सच्चाई सामने आने के बाद पीड़िता ने तुरंत पुलिस को फोन किया। सूचना मिलते ही पुलिस के साथ-साथ गुप्तचर एवं सुरक्षा विभाग की टीम भी सक्रिय हो गई। मीडिया के सामने आई पीड़िता ने बेहद चौंकाने वाले और संगीन आरोप लगाए हैं। महिला के मुताबिक पति के साथ पकड़ी गई महिला भी एक सरकारी शिक्षिका है। आरोप है कि इन दोनों के संबंधों के कारण ही उक्त महिला के पति ने परेशान होकर सुसाइड कर लिया था। महिला के पति की मौत (साल 2024) के मामले में यह दोनों आरोपित रहे हैं और कुछ समय पहले ही जमानत पर जेल से बाहर आए हैं। रोते हुए महिला ने बताया, इन संबंधों की वजह से मेरा घर और बच्चों का भविष्य बर्बाद हो रहा है। वह मुझे जान से मारने की धमकी तक दे चुकी है, लेकिन जेल से आने के बाद भी उसने मेरे पति का पीछा नहीं छोड़ा। हालांकि, होटल परिसर के बाहर भी काफी देर तक गहमागहमी का माहौल बना रहा। पुलिस दोनों को अपने साथ गाड़ी में बिठाकर ले गई, लेकिन अभी तक मामले में कोई एफआईआर दर्ज हुई है या नहीं, यह स्पष्ट नहीं किया गया है।  

अपेंडिक्स का ऑपरेशन हुआ, लेकिन झज्जर में पूर्व सैनिक के पेट में छूटा सामान, अस्पताल प्रबंधन पर मामला

झज्जर  झज्जर जिले के बहादुरगढ़ शहर के एक निजी अस्पताल में एक पूर्व सैनिक के ऑपरेशन के दौरान कथित लापरवाही का मामला सामने आया है। मरीज की शिकायत पर थाना शहर बहादुरगढ़ पुलिस ने डॉक्टर और अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पेट दर्द के बाद भर्ती हुआ था पूर्व सैनिक गांव बादली निवासी सुरेन्द्र सिंह, जो भारतीय सेना से सेवानिवृत्त हवलदार हैं, ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 24 जनवरी 2026 को पेट दर्द होने पर वे ईसीएचएस डिस्पेंसरी झज्जर गए थे। वहां से उन्हें आगे के इलाज के लिए रेफर किया गया, जिसके बाद वे उसी दिन बहादुरगढ़ के एक निजी अस्पताल में भर्ती हुए। अपेंडिक्स बताकर किया गया ऑपरेशन शिकायत के अनुसार, अस्पताल के डॉक्टर ने उन्हें अपेंडिक्स की समस्या बताकर ऑपरेशन की सलाह दी। 27 जनवरी को उनका ऑपरेशन किया गया और बाद में उन्हें वार्ड के कमरा नंबर 104 में शिफ्ट कर दिया गया। सुरेन्द्र सिंह का आरोप है कि ऑपरेशन के बाद उनकी तबीयत लगातार बिगड़ती रही, लेकिन बार-बार अनुरोध करने के बावजूद डॉक्टर और स्टाफ ने उनकी शिकायत पर ध्यान नहीं दिया। सीटी स्कैन में सामने आई लापरवाही 10 फरवरी को हालत गंभीर होने पर सीटी स्कैन कराया गया, जिसमें कथित रूप से ऑपरेशन के दौरान पेट में कोई सामान छूट जाने की बात सामने आई। इसके बाद डॉक्टरों ने दोबारा ऑपरेशन की आवश्यकता बताई। सुरेन्द्र सिंह ने आरोप लगाया कि डॉक्टर और अस्पताल प्रबंधन की घोर लापरवाही से उनकी जान को खतरा उत्पन्न हो गया और उन्हें व उनके परिवार को मानसिक आघात पहुंचा। पुलिस ने दर्ज किया मामला पीड़ित ने उपचार से संबंधित बिल और जांच रिपोर्टों की प्रमाणित प्रतियां उपलब्ध कराने तथा जिम्मेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। थाना शहर बहादुरगढ़ में 10 फरवरी 2026 को अभियोग संख्या 34 के तहत धारा 125(ए), 125(बी) एवं 3(5) बीएनएस के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।  

पूर्व कैथल विधायक का निधन: परिवार के साथ शादी में गए थे नोएडा, हार्ट अटैक से तंग जीवन समाप्त

कैथल हरियाणा की राजनीति और सामाजिक जीवन के लिए गहरा आघात देने वाली खबर सामने आई है। पूर्व मंत्री एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता सुरेंद्र सिंह मदान का  देर रात निधन हो गया। वे 73 वर्ष के थे। बताया गया है कि वे नोएडा में एक पारिवारिक विवाह समारोह में शामिल होने गए थे, जहां रात करीब दो बजे अचानक सांस लेने में तकलीफ हुई। परिजन उन्हें तुरंत अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। उनके बेटे मानव मदान के अनुसार, उन्हें हार्ट अटैक आया था। परिवार की ओर से जारी शोक संदेश में कहा गया है कि “वे अपनी सांसारिक यात्रा पूर्ण कर प्रभु के चरणों में लीन हो गए।” उनका अंतिम संस्कार आज बुधवार, 11 फरवरी 2026 को दोपहर 2 बजे प्रताप गेट स्थित कल्याण भूमि, कैथल में पूरे सम्मान के साथ संपन्न होगा। परिवार में शोक की लहर मदान अपने पीछे भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। शोकाकुल परिवार में पत्नी अनिल मदान, पुत्र मानव मदान, पुत्रवधू रश्मि, दो पोते रेहान और जैतिक तथा बेटियां रितिका और रिया शामिल हैं। परिवार का निवास हाउस नंबर ए-250, सनसिटी, कैथल है। अंतिम दर्शन के लिए सुबह से ही उनके आवास पर समर्थकों, रिश्तेदारों और शुभचिंतकों का आना-जाना लगा हुआ है। दो बार विधायक, मंत्री भी रहे सुरेंद्र मदान ने 1987 में लोकदल के टिकट पर कैथल से पहली बार विधायक बनकर राजनीति में प्रवेश किया था। उस समय उन्हें सरकार में लोक संपर्क विभाग एवं उड्डयन मंत्री बनाया गया। बाद में कांग्रेस में शामिल होकर 1991 में दूसरी बार विधायक बने। पंजाबी समाज सहित शहर के व्यापारिक और सामाजिक वर्गों में उनकी मजबूत पकड़ थी। लंबा राजनीतिक सफर करीब चार दशक के राजनीतिक जीवन में उन्होंने भाजपा युवा मोर्चा से शुरुआत की, फिर लोकदल, कांग्रेस, हरियाणा जनहित कांग्रेस, इनेलो और दोबारा कांग्रेस का दामन थामा। वे बेबाक, जमीनी और लोगों के बीच रहने वाले नेता के रूप में जाने जाते थे। राज्यसभा सांसद रणदीप सिंह सुरजेवाला समेत कई नेताओं ने उनके निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए इसे कैथल की राजनीति के लिए बड़ी क्षति बताया है। मदान के निधन से क्षेत्र में शोक का माहौल है। समर्थक उन्हें एक सरल स्वभाव, मिलनसार और जनसेवा के लिए समर्पित नेता के रूप में याद कर रहे हैं।

खौफ का नाम: सोमबीर मोटा को अमेरिका से पकड़कर लाया गया, हरियाणा-दिल्ली में अपराध की लहर

गुरुग्राम हरियाणा पुलिस और स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने एक और बड़ी सफलता हासिल की है। कई जघन्य अपराधों में वांछित कुख्यात गैंगस्टर सोमबीर उर्फ मोटा को अमेरिका से डिपोर्ट कर मंगलवार देर रात भारत लाया गया। दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय (IGI) एयरपोर्ट पर उतरते ही हरियाणा STF की टीम ने उसे अपनी हिरासत में ले लिया। 20 से अधिक आपराधिक मामलों में था वांछित रोहतक के कारौर गांव का रहने वाला सोमबीर मोटा हरियाणा और दिल्ली पुलिस के लिए सिरदर्द बना हुआ था। उस पर हत्या, हत्या के प्रयास, रंगदारी और लूट जैसे लगभग 20 से ज्यादा गंभीर मामले दर्ज हैं। वह कुख्यात गैंगस्टर अनिल छिप्पी का भाई है और बताया जाता है कि इनके तार लॉरेंस बिश्नोई और काला जठेड़ी गैंग से भी जुड़े रहे हैं। फर्जी पासपोर्ट का सहारा लेकर हुआ था फरार जांच एजेंसियों के मुताबिक, सोमबीर मोटा साल 2024 में कानून की आंखों में धूल झोंककर और फर्जी दस्तावेजों के जरिए पासपोर्ट बनवाकर अमेरिका फरार हो गया था। वह विदेश में बैठकर अपना नेटवर्क चला रहा था। हरियाणा एसटीएफ ने उसके फर्जी पासपोर्ट की पहचान की और इंटरपोल की मदद से उसके खिलाफ 'रेड कॉर्नर नोटिस' जारी करवाया, जिसके बाद अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियों ने उसे दबोच लिया। CBI और इंटरपोल का रहा मुख्य सहयोग सोमबीर को भारत लाने में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) और इंटरपोल ने अहम भूमिका निभाई है। भारत सरकार और गृह मंत्रालय के निरंतर प्रयासों के चलते उसे कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद डिपोर्ट किया गया। एसटीएफ अधिकारियों का कहना है कि सोमबीर से पूछताछ के बाद प्रदेश में चल रहे अन्य गैंगस्टरों के नेटवर्क और रंगदारी के मामलों में कई बड़े खुलासे होने की उम्मीद है। इन बड़े अपराधियों को लाया गया भारत हरियाणा के व्यापारियों और आम लोगों के लिए दहशत का नाम बन चुके कई बड़े गैंगस्टर साल 2025 में सलाखों के पीछे पहुँचाए गए। यह मुमकिन हुआ अंतरराष्ट्रीय जांच एजेंसियों और STF हरियाणा के बीच बेहतरीन तालमेल से। 1. गैंगस्टर जोगिंदर ग्योंग की वापसी (फिलीपींस) फरवरी की शुरुआत में STF को पहली बड़ी कामयाबी मिली। जोगिंदर ग्योंग, जिसके खिलाफ हत्या, रंगदारी और आर्म्स एक्ट के 38 संगीन मामले दर्ज थे, उसे 02 फरवरी 2025 को फिलीपींस से डिपोर्ट कर भारत लाया गया। 2.आर्मेनिया से दबोचा गया नरेश नरसी मार्च के महीने में कानून के हाथ आर्मेनिया तक पहुँचे। 04 मार्च 2025 को गैंगस्टर नरेश नरसी का डिप्रेशन और भागने का दौर खत्म हुआ, जब उसे वहां से भारत डिपोर्ट कर दिया गया। 3. कजाकिस्तान में कुणाल जून का अंत 27 अप्रैल 2025 को कुणाल जून की बारी थी। हत्या और जबरन वसूली जैसे 19 केसों का सामना कर रहे इस अपराधी को कजाकिस्तान से वापस लाया गया। 4. पैरोल से फरार मैनपाल बादली (कंबोडिया) एक शातिर अपराधी जो पैरोल पर आने के बाद कंबोडिया भाग गया था, उसे भी STF ने नहीं बख्शा। मैनपाल बादली, जिस पर हत्या के 30 मामले थे, उसे 02 सितंबर 2025 को डिपोर्ट किया गया। 5. अमेरिका से लखविंदर लाखा की रवानगी साल के अंत में 25 अक्टूबर 2025 को लखविंदर लाखा को USA से भारत वापस लाया गया। यह संदेश साफ था कि दुनिया का कोई भी कोना अब अपराधियों के लिए सुरक्षित नहीं है।