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राम मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा में नहीं गए कांग्रेसी और सपाई, भय था कि कहीं जालीदार टोपी न छिटक जाएः मुख्यमंत्री

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि राम मंदिर के शिलान्यास व रामलला के प्राण-प्रतिष्ठा कार्यक्रम में आमंत्रण के बावजूद कांग्रेसी व सपाई नहीं गए, क्योंकि उन्हें वोटबैंक दिखाई देता था। इन्हें भय था कि कहीं जालीदार टोपी छिटक न जाए। सीएम ने चेताया कि रामकाज में कालनेमि भी घुसेंगे, इनसे सावधान रहने की आवश्यकता है। मुख्यमंत्री रविवार को विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के पूर्व अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष अशोक सिंहल के जन्मशताब्दी वर्ष (1926-2026) के उद्घाटन अवसर पर जन समूह को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर सीएमएस स्कूल, गोमतीनगर विस्तार में आयोजित समारोह में अशोक सिंहल के जीवन पर डॉक्यूमेंट्री भी दिखाई गई। सीएम ने कहा कि सिंहल जी ने श्रीराम जन्मभूमि के ‘प्राण’ के रूप में अपना जीवन समर्पित किया था। उन्होंने जो ज्वाला प्रज्ज्वलित की थी, वह रामजन्मभूमि मात्र के लिए नहीं है, बल्कि हर मानबिंदु की प्राण प्रतिष्ठा के लिए है। गुलामी के हर चिह्नों को समाप्त करने के लिए हमें एकजुट होकर कार्य करना है। बाबर के भक्तों की साजिशों को नाकाम करेंगे बजरंग बली के भक्त सीएम ने आरोप लगाया कि रामद्रोही अयोध्या को बदनाम करने में कोई कोर-कसर नहीं छोड़ते। राममंदिर का विरोध और रामभक्तों पर गोलियां चलाने वाले गाहे-बगाहे अपने को राम भक्त ठहराने का प्रयास कर रहे हैं, यह विश्व हिंदू परिषद की वैचारिक विजय है। उन्होंने बजरंगियों को चेताया कि रामकाज में कालेनमि भी घुसेंगे, इनसे सावधान रहना। बाबर के भक्त आपको अपमानित करने का प्रयास करेंगे, लेकिन बजरंग बली के भक्तों को इनकी साजिश को सफल नहीं होने देना है।  अयोध्या को अपमानित करने वाले हमसे पूछ रहे प्रश्न सीएम ने कहा कि रामजन्मभूमि का मामला जब न्यायालय में पहुंचा तो अशोक जी की टीम में तथ्यों व प्रमाण के साथ अधिवक्ता, पुरातत्वविद, विषय विशेषज्ञ होते थे तो दूसरी तरफ कांग्रेस, सपाइयों व वामपंथियों के अनर्गल प्रलाप व झूठे तथ्य होते थे। वे साजिश करते थे कि राममंदिर के पक्ष में फैसला न आए। कांग्रेस ने उच्चतम न्यायालय में शपथपत्र दिया था कि राम-कृष्ण का कोई वजूद नहीं है। जिन्होंने हिंदु समाज को अपमानित किया, वे लोग हमसे अयोध्या के बारे में प्रश्न पूछ रहे हैं। देश, सनातन और हिंदू समाज की सुरक्षा के लिए अशोक जी का सर्वस्व समर्पित था सीएम योगी ने कहा कि अशोक जी ने जिस ज्योति को 1980 के दशक में प्रज्ज्वलित किया था, वह ज्वाला बनकर सकल हिंदू समाज के संरक्षण व संवर्धन के लिए अहर्निश लगी हुई है। अशोक जी से कोई जीवन का उद्देश्य पूछता था तो वह कहते थे कि तन समर्पित, मन समर्पित और यह जीवन समर्पित, चाहता हूं देश की धरती, तुझे कुछ और भी दूं। यह भाव अपने लिए नहीं बल्कि देश, सनातन, एकता-अखंडता और सकल हिंदू समाज की सुरक्षा के लिए था।  सनातन की सुरक्षा से किसी को छेड़छाड़ नहीं करने देंगे मुख्यमंत्री ने अशोक सिंहल के जीवन को याद करते हुए कहा कि काशी हिंदू विश्वविद्यालय से इंजीनियरिंग करने के दौरान वह आरएसएस के संपर्क में आए। उन्होंने देश व सनातन धर्म के लिए जीवन समर्पित कर दिया। उन्होंने आरएसएस के प्रचारक-कार्यकर्ता के रूप में काम किया। उस समय कोई मानने को तैयार नहीं था कि भारतीय जनसंघ आएगा और केंद्र-राज्य में भाजपा की सरकार बनेगी। उनका एक ही ध्येय था कि सनातन धर्म पर आंच नहीं आने देंगे और इसकी सुरक्षा से किसी को छेड़छाड़ नहीं करने देंगे।  500 वर्ष तक चुप नहीं बैठा समाज  सीएम योगी ने कहा कि 1528 में प्रभु श्रीराम के मंदिर को तोड़कर विदेशी आक्रांता ने गुलामी का ढांचा बना दिया। इस 500 वर्ष में हिंदू समाज, धर्माचार्य, संत, नागा, सिखवीर, युवा, नारी, राजा कोई चुप नहीं बैठा। हर व्यक्ति निरंतर सिर पर कफन बांधकर रामजन्मभूमि की मुक्ति के लिए टूट पड़ता था। वे रामजन्मभूमि के लिए बलिदान देते रहे।  हिंदू समाज को एक मंच पर लाया सिंहल जी ने  सीएम ने कहा कि अवध क्षेत्र के दर्जनों गांव ऐसे थे, जिन्होंने 500 वर्ष तक चप्पल व साफा नहीं पहना। उस समय ताकत विभाजित थी, हम एकजुट होकर लड़ नहीं पा रहे थे। एक पक्ष मजबूत होता था तो दूसरा कमजोर। तब भी तोड़ने वाले विरोधियों व साजिशकर्ताओं की कमी नहीं थी। हिंदू समाज के पास उस समय भी शक्ति व सामर्थ्य था, सभी लोग लड़कर उसे वापस ले सकते थे, लेकिन उन्हें एक मंच पर लाने का अभाव था। अशोक सिंहल ने इस नेतृत्व की कमी को पूरा किया।  जब तक राम का काम नहीं, तब तक विश्राम नहीं  सीएम ने कहा कि 1982 में अशोक जी को जब विहिप का दायित्व मिला। 1983 में राम जन्मभूमि मुक्त यज्ञ समिति का गठन हुआ, तब उनके जीवन का एक ही संकल्प था कि जब तक राम का काम नहीं होगा, तब तक विश्राम नहीं लूंगा। उन्होंने बिना रुके, झुके, डिगे चरैवेति-चरैवेति को जीवन का मंत्र बनाया और संतों को एक मंच पर लाने में सफलता प्राप्त की। उन्होंने राम मंदिर आंदोलन में बिखरे हुए समाज को एकजुट किया और वनवासी क्षेत्रों व मलिन बस्तियों में एकल विद्यालयों की श्रृंखला खड़ी की। गोरखनाथ मंदिर में ही विश्व हिंदू परिषद के कार्यालय के एक कमरे में उन्होंने पूर्वोत्तर के बच्चों को लाकर पढ़ाने की व्यवस्था प्रारंभ की।  रामद्रोही सरकार ने जब गोली चलाई, तब अशोक जी की सिंह-गर्जना सुनाई दी सीएम ने कहा कि 2 नवंबर 1990 को रामधुन गाते भक्तों पर तत्कालीन रामद्रोही सरकार ने लाठीचार्ज व गोलियां चलवाईं, तब अशोक सिंहल जी सीना तानकर खड़े हो गए। केसरिया गमछे व युवाओं की हुंकार से उनका मन प्रफुल्लित होता था। संतुष्टि है कि अशोक जी के सान्निध्य में हमने राम मंदिर आंदोलन में बढ़-चढ़ कर भाग लिया था। उनका सपना अब भव्य राम मंदिर के रूप में दिख रहा है।  जो कहा, करके दिखाया सीएम ने कहा कि मेरे गुरुदेव अवेद्यनाथ जी महाराज श्री राम जन्मभूमि मुक्ति यज्ञ समिति के अध्यक्ष थे। अशोक सिंहल जी के साथ गोरखपुर व कारसेवकपुरम में राम मंदिर आंदोलन, निर्माण आदि को लेकर लगातार बैठकें होती थीं। सौभाग्य है कि अशोक जी के सपने को आज त्रेतायुगीन अयोध्या के रूप में प्रस्तुत करने का अवसर हमें प्राप्त हुआ। कोई भी वाणी मंत्र तब बनती है, जब उसके वाचन व आचरण करने वाले में अंतर … Read more

ऐसा प्रधान सेवक आपने कहां देखा होगा, जो बिना छुट्टी लिए 25 वर्षों से लगातार राष्ट्रसेवा में जुटा है” — राज्यमंत्री पंवार

भोपाल प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के सार्वजनिक जीवन एवं राष्ट्रसेवा के 25 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत वाराणसी से वडनगर तक निकाली जा रही सेवा यात्रा का ब्यावरा पहुंचने पर भव्य स्वागत किया गया। यात्रा भोपाल बायपास स्थित अखंड परमधाम आश्रम से प्रारंभ होकर विभिन्न मार्गों से होते हुए गुना नाका पर भारत माता की आरती के साथ संपन्न हुई। इस दौरान मछुआ कल्याण तथा मत्स्य विकास विभाग राज्यमंत्री  नारायण सिंह पंवार ने यात्रा का स्वागत एवं अभिनंदन करते हुए कहा कि यह अत्यंत प्रसन्नता का अवसर है कि प्रधानमंत्री  मोदी का संदेश लेकर यात्री ब्यावरा पहुंचे हैं। प्रधानमंत्री  मोदी के जन्मदिवस से प्रारंभ हुआ सेवा संकल्प अभियान समाज में सेवा, समर्पण और जनभागीदारी की भावना को मजबूत कर रहा है। राज्यमंत्री  पंवार ने कहा कि “ऐसा प्रधान सेवक आपने कहां देखा होगा, जो बिना छुट्टी लिए लगातार 25 वर्षों से राष्ट्रसेवा में जुटा हुआ है। प्रधानमंत्री  मोदी आज देश ही नहीं, बल्कि विश्वभर में अपनी कार्यशैली, नेतृत्व और जनसेवा के लिए व्यापक रूप से लोकप्रिय हैं। अनेक देशों द्वारा उन्हें अपने सर्वोच्च सम्मानों से सम्मानित किया जाना उनके वैश्विक स्तर पर स्थापित सम्मान और संबंधों को दर्शाता है।” राज्यमंत्री  पंवार ने कहा कि प्रधानमंत्री  मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से देश के करोड़ों लोगों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आया है। प्रधानमंत्री ने वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का संकल्प लिया है और इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए निरंतर कार्य किया जा रहा है। उनके नेतृत्व में भारत निरंतर प्रगति के पथ पर आगे बढ़ रहा है। राज्यमंत्री  पंवार ने कहा कि यात्रा में शामिल साथी प्रधानमंत्री के संदेश को लेकर गांव-गांव और शहर-शहर पहुंच रहे हैं तथा स्वच्छता, पौधारोपण एवं जनसेवा के माध्यम से सेवा की भावना को जन-जन तक पहुंचा रहे हैं। उन्होंने यात्रा में शामिल सभी सदस्यों का ब्यावरा पहुंचने पर स्वागत एवं अभिनंदन किया। कार्यक्रम के दौरान शासन की योजनाओं से लाभान्वित हितग्राहियों ने भी अपने अनुभव साझा किए। मती निर्मला शर्मा ने प्रधानमंत्री  मोदी का आभार व्यक्त करते हुए बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ मिलने से उनका स्वयं का पक्का घर बनने का सपना साकार हो रहा है। वहीं  कमलेश सैनी ने प्रधानमंत्री की योजनाओं से अपने जीवन में आए बदलाव का उल्लेख करते हुए बताया कि उन्हें रोजगार का अवसर प्राप्त हुआ, जिससे उनके जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आया है।  

कुंगारपाल में वन मंत्री श्री केदार कश्यप की मौजूदगी में ग्रामीणों ने सुना ‘मन की बात’ का 138 वां संस्करण

रायपुर  जिले के जनपद पंचायत बस्तर के अंतर्गत ग्राम पंचायत कुंगारपाल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मासिक रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' का 138 वां संस्करण पूरे उत्साह के साथ सुना गया। इस विशेष प्रसारण के दौरान छत्तीसगढ़ शासन के वन मंत्री केदार कश्यप मुख्य रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों की सहभागिता देखने को मिली। ग्रामीणों ने वन मंत्री के साथ बैठकर देश के विभिन्न क्षेत्रों में हो रहे सकारात्मक बदलावों और जन-सरोकारों से जुड़े विषयों को सुना।            इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष वेदवती कश्यप, छत्तीसगढ़ राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष रूपसिंह मंडावी, जनपद पंचायत अध्यक्ष संतोष बघेल तथा जिला पंचायत सदस्य निर्देश दीवान प्रमुख रूप से मौजूद रहे। इसके अलावा क्षेत्र के विभिन्न जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक और बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण उपस्थित रहे।

डिजिटल मार्केट, मजबूत सप्लाई चेन और सुशासन से यूपी के हस्तशिल्प को वैश्विक पहचान: भूपेंद्र चौधरी

ग्रेटर नोएडा एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल फॉर हैंडीक्राफ्ट्स के विशेष सत्र में एमएसएमई मंत्री भूपेंद्र चौधरी ने कहा कि ग्रेटर नोएडा का इंडिया एक्सपो सेंटर बदलते भारत और बदलते उत्तर प्रदेश की तस्वीर प्रस्तुत कर रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में प्रदेश को देश के मजबूत ग्रोथ इंजन के रूप में विकसित करने का काम हुआ है। सरकार का लक्ष्य विकास का लाभ गांव, कारीगर, महिला उद्यमी और छोटे कारोबारियों तक पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में उद्योग और निर्यात के क्षेत्र में उल्लेखनीय विस्तार हुआ है। वर्तमान सरकार के कार्यकाल में औद्योगिक इकाइयों की संख्या में तेजी से वृद्धि हुई है और प्रदेश का निर्यात दो लाख करोड़ रुपये से अधिक के स्तर पर पहुंच चुका है। डिजिटल मार्केट और सप्लाई चेन को मजबूत करने के साथ एक्सपोर्ट हब विकसित किए जा रहे हैं। वाराणसी जैसे प्रमुख केंद्रों पर लॉजिस्टिक्स, वेयरहाउसिंग, पैकेजिंग और कस्टम्स से जुड़ी सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर है। भूपेंद्र चौधरी ने कहा कि प्रदेश के प्रत्येक जिले के कॉमन फैसिलिटी सेंटर को हाईटेक स्टूडियो के रूप में विकसित किया जा रहा है, जहां ब्रांडिंग, प्रमोशन, 3डी और हाई-डेफिनिशन फोटोग्राफी तथा पैकेजिंग जैसी सुविधाएं मिलेंगी। इससे स्थानीय उत्पादों को डिजिटल बाजार में वैश्विक प्रतिस्पर्धा के अनुरूप प्रस्तुत किया जा सकेगा। महिलाओं और स्वयं सहायता समूहों को ई-कॉमर्स से जोड़कर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सहारनपुर की लकड़ी की नक्काशी, भदोही के कालीन और मुरादाबाद के हस्तशिल्प जैसे उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने के लिए डिजिटल प्रमाणन, ऑनलाइन परमिट और ट्रेसबिलिटी जैसी व्यवस्थाएं लागू की जा रही हैं। उन्होंने वैश्विक खरीदारों, निवेशकों और तकनीकी विशेषज्ञों से उत्तर प्रदेश के एक्सपोर्ट इकोसिस्टम से जुड़ने का आह्वान करते हुए कहा कि प्रदेश की डिजिटल और औद्योगिक विकास यात्रा अभी रुकने वाली नहीं है। डिजिटल मार्केटिंग और ग्लोबल बाजार से जुड़कर बढ़ाएं हैंडीक्राफ्ट्स का कारोबार: के विजयेंद्र पांडियन आयुक्त (उद्योग) के विजयेंद्र पांडियन ने कहा कि भविष्य में कारोबार तेजी से डिजिटल होने वाला है, इसलिए हस्तशिल्प उद्यमियों को इंस्टाग्राम, फेसबुक सहित डिजिटल प्लेटफॉर्म पर मार्केटिंग और ब्रांडिंग पर जोर देना होगा। उत्तर प्रदेश एमएसएमई और हस्तशिल्प का बड़ा केंद्र है, ऐसे में स्थानीय उत्पादों को वैश्विक बाजार से जोड़ने की व्यापक संभावनाएं हैं। कारोबारियों को केवल ट्रेडिंग तक सीमित न रहकर उत्पाद की गुणवत्ता, मात्रा, पैकेजिंग, ब्रांडिंग और बेहतर मार्जिन पर काम करना चाहिए। उन्होंने जनपदों के विशिष्ट उत्पादों की पहचान कर उन्हें मॉडल के रूप में विकसित करने, होम डेकोर सहित अन्य उत्पादों के लिए डिजिटल और फिजिकल शोरूम तैयार करने तथा एक्सपोर्ट चैन के जरिए विदेशी बाजारों तक पहुंच बनाने पर जोर दिया। उन्होंने प्रतिभागियों से विशेषज्ञों के सत्रों को ध्यान से सुनने, सफल मॉडलों का अध्ययन करने और अपने सवालों के जवाब लेकर उन्हें अपने कारोबार में लागू करने का आह्वान किया।

केंद्रीय राज्यमंत्री सावित्री ठाकुर ने सखी वन स्टॉप सेंटर का किया निरीक्षण

रायपुर  केंद्रीय महिला एवं बाल विकास राज्यमंत्री सावित्री ठाकुर ने अपने दुर्ग प्रवास के दौरान दुर्ग स्थित सखी वन स्टॉप सेंटर का निरीक्षण कर वहां संचालित व्यवस्थाओं और सेवाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने संकटग्रस्त महिलाओं को उपलब्ध कराई जा रही काउंसलिंग, कानूनी सहायता, स्वास्थ्य सेवाओं एवं पुनर्वास संबंधी सुविधाओं की जानकारी ली।  सखी वन स्टॉप सेंटर में घरेलू हिंसा, पारिवारिक विवाद सहित विभिन्न समस्याओं से पीड़ित महिलाओं को काउंसलिंग के साथ आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। महिला एवं बाल विकास अधिकारी द्वारा केन्द्रीय राज्यमंत्री को सेंटर में दर्ज होने वाले प्रकरणों और महिलाओं को प्रदान की जा रही सेवाओं के संबंध में जानकारी दी। निरीक्षण के दौरान सावित्री ठाकुर ने संकटग्रस्त महिलाओं को समय पर सुरक्षा, आवास, कानूनी सहायता और स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।  राज्यमंत्री ने सेंटर में संचालित विभिन्न सुविधाओं का भी अवलोकन किया। इनमें परामर्श, विधिक सहायता, चिकित्सा सहायता, पुलिस सहायता तथा अस्थायी आश्रय की व्यवस्था शामिल है। निरीक्षण के दौरान सेंटर की व्यवस्थाओं, साफ-सफाई और स्टाफ द्वारा किए जा रहे कार्यों पर संतोष व्यक्त करते हुए केंद्रीय राज्यमंत्री ने केंद्र की सराहना की। इस अवसर पर महिला एवं बाल विकास अधिकारी श्री अशोक शर्मा, जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री अजय साहू सहित वन स्टॉप सेंटर के अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित थे।

योगी सरकार की स्मार्ट पुलिसिंग का दबदबा देखने उमड़ रहे देश और विदेश के विजिटर्स

लखनऊ/ग्रेटर नोएडा उत्तर प्रदेश जो वर्ष 2017 से पहले पूरी दुनिया में बदहाल कानून व्यवस्था के लिए कुख्यात था, वही उत्तर प्रदेश पिछले साढ़े नौ वर्षों से योगी सरकार के नेतृत्व में स्मार्ट पुलिसिंग और सुदृढ़ कानून व्यवस्था के लिए पूरी दुनिया में सुर्खियों में बना हुआ है। इसका ताजा उदाहरण यहां यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो-26 में लगे यूपी पुलिस के स्टॉल पर देश के विभिन्न प्रदेशों के साथ विदेशी मेहमान का जमावड़े को देखकर सहज ही लगाया जा सकता है। ट्रेड शो के हाल नंबर चार में उत्तर प्रदेश पुलिस के हाईटेक स्टॉल का पिछले तीन दिनों में 15 हजार से अधिक लोगों ने विजिट किया। वहीं लोगों में यूपी में स्थापित कानून के राज को जानने और समझने की जिज्ञासा साफ देखी जा रही है। यहां उमड़ी भीड़ यह साबित कर रही है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में बीते साढ़े नौ वर्षों में हुए पुलिस सुधारों और स्मार्ट पुलिसिंग की दिशा में उठाए गए कदमों ने युवाओं और आम नागरिकों में गहरी जिज्ञासा पैदा की है। यू फीड मशीन से ठगों तक पहुंचना हुआ आसान 2017 से पहले बदहाल कानून-व्यवस्था के लिए कुख्यात प्रदेश आज सुरक्षा और सुशासन का पर्याय बन गया है। अपराध नियंत्रण से लेकर साइबर सुरक्षा और सड़क सुरक्षा तक, हर क्षेत्र में पुलिस ने तकनीक को अपनाया गया है। यही कारण है कि पुलिस का स्टॉल लोगों के लिए ज्ञानवर्धन और प्रेरणा का केंद्र बन गया है। स्टॉल में सबसे अधिक भीड़ साइबर हेल्प डेस्क पर देखने को मिल रही है। यहां उपनिरीक्षक (एसआई) ने छात्रों और युवाओं को विस्तार से समझाया कि डिजिटल अरेस्ट क्या होता है, ऑनलाइन ठगी किस तरह की जाती है और उससे बचने के उपाय क्या हैं। युवाओं की जिज्ञासा खासकर टेलीग्राम और अन्य प्लेटफॉर्म्स पर हो रही ठगी को लेकर रही। कई लोगों ने पूछा कि अगर किसी ग्रुप में ऐड होकर ठगी होती है तो कैसे बचें?” इस पर पुलिस ने बताया कि यू-फीड मशीन अपराधियों के मोबाइल से तुरंत डाटा निकाल सकती है, जिससे ठगों तक पहुंचना आसान हो जाता है। स्पीड राडार गन ने युवाओं को ध्यान अपनी ओर किया आकर्षित स्टॉल पर ब्रीद एनालाइजर और स्पीड राडार गन ने युवाओं का ध्यान खूब खींचा। डीजी डायल 112 विनोद कुमार सिंह ने बताया कि वर्ष 2023 से ब्रीद एनालाइजर मशीन में कैमरे भी लगा दिए गए हैं, ताकि वाहन चालक कोई बहाना न बना सके। युवाओं ने इसे लाइव देखकर जाना कि सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम में तकनीक कितनी उपयोगी साबित हो रही है। पुलिस की सतर्कता और अपराधियों पर निगरानी के लिए बॉडी वार्म कैमरा और मोबाइल डेटा टर्मिनल को भी लोगों को अपनी ओर आकर्षित कर रहा है। बच्चों और आगंतुकों ने इन्हें हाथ में लेकर समझा कि किस तरह पुलिस वास्तविक समय में अपराधियों की गतिविधियों की मॉनिटरिंग कर सकती है। यूपी पुलिस के रॉकेट लॉन्चर को देख लोग रह गये अचंभित स्टॉल में एटीएस और एसटीएफ के अत्याधुनिक हथियार लोगों में काफी रोमांच पैदा कर रहे। डीजी डायल 112 ने बताया कि यूपी पुलिस के पास अत्याधुनिक स्नाइपर राइफल्स, क्लोज क्वार्टर बैटल उपकरण, सामरिक संचार प्रणाली और बम निरोधक उपकरण भी हैं। इसके साथ यूपी पुलिस के पास डीआरडीओ निर्मित रॉकेट लाॅन्चर भी है, जिसकी मारक क्षमता दो किलोमीटर तक है। युवाओं ने इसे देखकर गहरी रुचि दिखाई और हथियारों की तकनीकी खूबियों के बारे में सवाल किए। वहीं फायर फाइटिंग रोबोट रेस्क्यू रोबोट, जिसे आग लगने की स्थिति में उन जगहों पर उपयोग किया जाता है, जहां इंसान का पहुंचना कठिन होता है। इसे देखकर लोग बोले, यह देखकर भरोसा होता है कि योगी राज में पुलिस अत्याधुनिक तकनीक से लैस हो चुकी है। वहीं स्टॉल पर आए छात्र-छात्राओं ने अपने अनुभव शेयर करते हुए कहा कि उन्होंने पहली बार पुलिस की तकनीक और उपकरण इतने नज़दीक से देखे। एक छात्र अमित ने कहा कि यह देखकर खुशी होती है  हमारी यूपी पुलिस अब केवल अपराध रोकने तक सीमित नहीं है, बल्कि तकनीक और सुरक्षा के हर पहलू में आगे है। पिछले साढ़ नौ वर्षों में योगी सरकार के प्रयासों से यूपी पुलिस बनीं स्मार्ट पुलिसिंग – थानों को आधुनिक तकनीक से जोड़ा गया। – साइबर अपराध रोकने के लिए विशेष प्रकोष्ठ बनाए गए। – महिला सुरक्षा के लिए 1090 विमेन पावर लाइन, पिंक बूथ, और मिशन शक्ति जैसी योजनाएं लागू की गईं। – अपराधियों की त्वरित पहचान और गिरफ्तारी के लिए सीसीटीवी नेटवर्क, आईटीएस प्रणाली और फोरेंसिक तकनीक का विस्तार किया गया। – संगठित अपराध पर नियंत्रण के लिए गैंगस्टर एक्ट और एनकाउंटर पॉलिसी को सख्ती से लागू किया गया। यूपी पुलिस के स्टॉल बयां कर रहे प्रदेश में सुदृढ़ कानून व्यवस्था की गाथा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वर्ष 2017 में सत्ता संभालने के बाद से पुलिसिंग को पूरी तरह से बदलने पर फोकस किया। इन सुधारों के चलते प्रदेश की कानून-व्यवस्था की तस्वीर पूरी तरह बदल गई है। अपराध दर में गिरावट, महिलाओं और व्यवसायियों में बढ़ा हुआ विश्वास तथा निवेश के लिए सुरक्षित माहौल, यह सब योगी सरकार की स्मार्ट पुलिसिंग का परिणाम है। यूपी पुलिस का यह स्टॉल केवल तकनीक का प्रदर्शन नहीं, बल्कि उस बदलाव का प्रतीक है जिसने प्रदेश को बीमारू कानून-व्यवस्था की छवि से निकालकर मॉडल स्टेट की ओर अग्रसर किया है। आज हाईटेक उपकरण, आधुनिक हथियार और प्रशिक्षित पुलिसकर्मी इस बात का प्रमाण हैं कि योगी राज में जनता सुरक्षित है और कानून का राज स्थापित हो चुका है।

क्षमावाणी आत्मचिंतन, संवाद और अहंकार पर विजय प्राप्त करने का अनुपम पर्व : राज्यमंत्री गौर

भोपाल पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार)  कृष्णा गौर ने कहा है कि क्षमावाणी केवल क्षमा याचना और क्षमा दान तक सीमित नहीं, बल्कि यह आत्मचिंतन, जीवन में जीवंत संवाद को अंगीकार करने, अहंकार पर विजय प्राप्त करने का अनुपम पर्व है। क्षमा का आचरण, संवाद की निरंतरता और अहंकार का विसर्जन ही वास्तव में मनुष्यता की सच्ची वीरता है। ऐसे सात्विक कार्य मनुष्य को आत्मसंतुष्टि प्रदान करने के साथ समाज में सकारात्मकता का संचार करते हैं। राज्यमंत्री  गौर रविवार को भोपाल के साकेत नगर स्थित श्री 1008 भगवान महावीर दिगम्बर जैन मंदिर में आयोजित क्षमावाणी महोत्सव को संबोधित कर रही थीं।  गौर ने भारतीय संस्कृति की समावेशी चेतना का उल्लेख करते हुए कहा कि हमारी संस्कृति मूलतः जोड़ने की संस्कृति है। हमारी युगों पुरानी परंपराएं एवं धार्मिक पर्व समाज में परस्पर प्रेम, सौहार्द और भ्रातृभाव की जड़ों को सींचकर मजबूत करते हैं। जैन दर्शन के महत्व को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा कि जैन चिंतन ने सदैव जनमानस को अनुप्राणित किया है। यह दर्शन आत्मा की असीम विशालता तथा मानव जीवन में संयम, करुणा एवं सद्भाव के अपरिहार्य महत्व का प्रत्यक्ष बोध कराता है। राज्यमंत्री  गौर ने कहा कि क्षमावाणी के इस पावन संदेश को केवल व्यक्तिगत आचरण तक सीमित न रखकर सामाजिक जीवन के प्रत्येक आयाम में आत्मसात करने की महती आवश्यकता है। अंतःकरण में निहित प्रेम, करुणा और क्षमा के संवर्धन से ही समाज में पारस्परिक विश्वास, बंधुत्व और सामाजिक समरसता को और अधिक सुदृढ़ एवं अटूट बनाया जा सकता है। महोत्सव के अवसर पर राज्यमंत्री  गौर ने जैन समाज के प्रबुद्धजनों एवं श्रद्धालुओं को क्षमावाणी पर्व की बधाई व शुभकामनाएं भी दीं।

बारिश ने बिगाड़ी यूपी की बिजली व्यवस्था, खंभे-तार टूटे; 15 लाख घरों पर पड़ा असर

लखनऊ  अप्रत्याशित तौर लगातार वर्षा से राज्य में बिजली आपूर्ति भी प्रभावित हुई है। पेड़ व टहनियों के गिरने से बड़ी संख्या में खंभे व तार टूटे हैं। ट्रांसफार्मर जले हैं जिससे लाखों उपभोक्ताओं को घंटों बिना बिजली के रहना पड़ रहा है। हालांकि, प्रमुख सचिव ऊर्जा व पावर कारपोरेशन के अध्यक्ष ने बिजली आपूर्ति को जल्द से जल्द बहाल करने के लिए युद्ध स्तर पर मरम्मत के कार्य करने के निर्देश दिए हैं। मरम्मत कार्य पर रात-दिन नजर रखने के लिए कॉरपोरेशन के मुख्यालय शक्तिभवन में कंट्रोल रूम बनाया गया है जहां निदेशक वितरण जीडी द्विवेदी की देखरेख में छह अधीक्षण अभियंताओं को तैनात किया गया है। प्रदेश के लगभग पौने चार करोड़ उपभोक्ताओं को तकरीबन 25 हजार फीडर और 4650 सब स्टेशन के माध्यम से बिजली की आपूर्ति की जाती है। लगातार वर्षा से शनिवार देर रात तक प्रदेशभर के 11 केवी के 716 फीडर और 33 केवी के 173 सब स्टेशन से ही बिजली आपूर्ति ठप हो गई। इन सब स्टेशन से ही 15 लाख उपभोक्ताओं के प्रभावित होने का अनुमान है। बिजली आपूर्ति ठप होने की लगातार शिकायतें टोल फ्री नम्बर 1912 पर भी आ रही हैं। ऐसे में अध्यक्ष ने रणवीर प्रसाद ने लेसा समेत सभी विद्युत वितरण निगमों के अधिकारियों को बिजली व्यवस्था की लगातार निगरानी और स्थानीय फाल्ट को न्यूनतम समय में ठीक करने के निर्देश दिए हैं। कहा गया है कि वर्षा के कारण कहीं भी बिजली आपूर्ति ठप होने पर सक्रिय गैंग तत्काल मौके पर पहुंचकर मरम्मत कार्य करें। स्थानीय फाल्ट की जानकारी संचार माध्यमों के जरिए उपभोक्ताओं को दी जाए। लगातार वर्षा से बिजली दुर्घटनाओं की आशंका को देखते हुए सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन करने तथा मरम्मत कार्य सुरक्षा उपकरणों के साथ ही कराने के निर्देश दिए गए हैं। अध्यक्ष ने उपभोक्ताओं से किसी भी घटना या ब्रेकडाउन की सूचना तत्काल 1912 पर देने की अपील भी की है। बिजली आपूर्ति व्यवस्था को लेकर उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश वर्मा ने भी प्रसाद से मुलाकात की। गौर करने की बात यह है कि वर्षा से बिजली की मांग भी 28 हजार मेगावाट से घटकर 13 हजार मेगावाट से भी नीचे तक पहुंच गई। मांग घटने से प्रदेश को कटौती मुक्त कर महानगरों से गांवों तक 24 घंटे बिजली दी जा रही है। कई तापीय यूनिटों को कम क्षमता पर चलाने के साथ ही अतिरिक्त बिजली पावर एक्सचेंज में बेची जा रही है। कंट्रोल रूम के नंबर     शक्ति भवन – 0522-2288737, 2288738     टोल फ्री – 1912     मध्यांचल – 0522-4950397     केस्को – 8189045757     पूर्वांचल – 0542-2300137     दक्षिणांचल – 9412719627     पश्चिमांचल – 9412749313  

520 विद्यार्थी, 104 शिक्षक और 6 अधिकारी तीन दिवसीय अहमदाबाद शैक्षणिक भ्रमण पर रवाना

भोपाल  प्रदेश के शासकीय स्कूलों के विद्यार्थियों को कक्षा-कक्ष की पढ़ाई के साथ प्रत्यक्ष अनुभवों से जोड़ने की दिशा में स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा महत्वपूर्ण पहल की गई है। गणित एवं विज्ञान ओलंपियाड में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने के लिए अहमदाबाद का शैक्षणिक भ्रमण कराया जा रहा है। रविवार को भोपाल से तीन दिवसीय अहमदाबाद शैक्षणिक भ्रमण के लिए 630 सदस्यीय दल रवाना हुआ। रानी कमलापति रेलवे स्टेशन, भोपाल से स्कूल शिक्षा विभाग की अपर परियोजना संचालक नंदा भिलावे कुशरे ने हरी झंडी दिखाकर ट्रेन को अहमदाबाद के लिए रवाना किया। इस अवसर पर IRCTC क्षेत्रीय कार्यालय, भोपाल के क्षेत्रीय प्रबंधक  राजेंद्र बोरबन भी उपस्थित रहे। दल में प्रदेश के विभिन्न जिलों से चयनित 520 विद्यार्थी, 104 शिक्षक एवं स्कूल शिक्षा विभाग के 6 नियंत्रण अधिकारी शामिल हैं। यह शैक्षणिक भ्रमण शैक्षणिक सत्र 2025-26 में कक्षा 9वीं एवं 10वीं के विद्यार्थियों के लिए आयोजित गणित एवं विज्ञान ओलंपियाड में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से आयोजित किया गया है। ओलंपियाड में प्रदेश के लगभग 65 हजार विद्यार्थियों ने सहभागिता की थी। विज्ञान और नवाचार को करीब से समझेंगे विद्यार्थी भ्रमण के दौरान विद्यार्थी अहमदाबाद के प्रमुख शैक्षणिक एवं वैज्ञानिक संस्थानों, विज्ञान केंद्र, स्टैच्यू ऑफ यूनिटी सहित विभिन्न महत्वपूर्ण स्थलों का भ्रमण करेंगे। इस दौरान उन्हें वैज्ञानिक गतिविधियों, शैक्षणिक संस्थानों की कार्यप्रणाली और देश की विविध उपलब्धियों को प्रत्यक्ष रूप से जानने और समझने का अवसर मिलेगा। स्कूल शिक्षा विभाग का यह प्रयास विद्यार्थियों को पाठ्यपुस्तकों से आगे बढ़कर देखकर, समझकर और अनुभव के माध्यम से सीखने का अवसर प्रदान कर उनके ज्ञान, जिज्ञासा और वैज्ञानिक दृष्टिकोण को और समृद्ध करेगा।

एआई और सेमीकंडक्टर के क्षेत्र में नई छलांग लगा रहा उत्तर प्रदेश: सुनील कुमार शर्मा

ग्रेटर नोएडा ‘यूपीज जर्नी फ्रॉम इलेक्ट्रॉनिक्स लीडर टू एआई एंड सेमीकंडक्टर पावरहाउस’ सत्र को संबोधित करते हुए उत्तर प्रदेश के आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग के मंत्री सुनील कुमार शर्मा ने कहा कि उत्तर प्रदेश अब केवल इलेक्ट्रॉनिक्स और मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग का बड़ा केंद्र नहीं, बल्कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), सेमीकंडक्टर और डेटा सेंटर के क्षेत्र में भी तेजी से अपनी क्षमता विकसित कर रहा है। आने वाले समय में एआई और आईटी का कृषि तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जुड़ाव प्रदेश के विकास को नई दिशा देगा। मंत्री ने बताया कि हाल में 52 स्टार्टअप के साथ हुई बैठक में सामने आया कि बड़ी संख्या में स्टार्टअप फूड सप्लाई से जुड़े हैं, जबकि कृषि क्षेत्र में एआई का इस्तेमाल करने वाले स्टार्टअप की संख्या अभी कम है। उन्होंने इसे एक बड़े अवसर के रूप में रेखांकित करते हुए कहा कि एआई और आईटी को कृषि आधारित उद्योगों से जोड़कर किसानों की आय और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत किया जा सकता है। प्रदेश में मक्का की खेती को इथेनॉल उत्पादन से जोड़ने के बाद किसानों को अपनी उपज का बेहतर मूल्य मिल रहा है। भविष्य में इसी तरह तकनीक आधारित समाधान कृषि क्षेत्र में व्यापक बदलाव ला सकते हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार निवेशकों को अनुकूल वातावरण देने के लिए लगातार नीतियों में आवश्यक बदलाव कर रही है। उद्योगों की जरूरत के अनुरूप मुख्यमंत्री के स्तर से नीतिगत सुधार किए जाते हैं। निवेशकों को प्रोत्साहन राशि देने की प्रक्रिया में पारदर्शिता पर विशेष जोर है और विभाग में निवेश प्रोत्साहन से संबंधित कोई फाइल लंबित न रखने की व्यवस्था की गई है। पिछले एक वर्ष में करीब 500 से 600 करोड़ रुपये के प्रोत्साहन वितरित किए गए हैं। सुनील कुमार शर्मा ने कहा कि उत्तर प्रदेश ने बीते वर्षों में औद्योगिक और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में बड़ा परिवर्तन देखा है। एक्सप्रेसवे, इलेक्ट्रॉनिक्स और मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग तथा एयर कनेक्टिविटी के क्षेत्र में यूपी देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है। उन्होंने रक्षा उत्पादन में हुए बदलाव का उल्लेख करते हुए कहा कि जहां कभी अवैध हथियार निर्माण की चर्चा होती थी, वहीं आज प्रदेश में ब्रह्मोस मिसाइल और एके-203 जैसी आधुनिक रक्षा प्रणालियों के निर्माण की दिशा में काम हो रहा है। उन्होंने प्रदेश के बढ़ते बजट को भी आर्थिक विस्तार से जोड़ते हुए कहा कि 2017 में राज्य का बजट करीब 3.36 लाख करोड़ रुपये था, जो अब बढ़कर लगभग 9.72 लाख करोड़ रुपये हो गया है। यह बदलाव बढ़ती आर्थिक गतिविधियों, निवेश और राजस्व क्षमता का संकेत है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश तकनीक और नवाचार के नए दौर में प्रवेश कर रहा है। प्रदेश सरकार का लक्ष्य इस परिवर्तन को हर जिले तक पहुंचाना है। वर्ष 2026-27 के लिए तकनीक और औद्योगिक विकास को प्रदेश के सभी जिलों तक विस्तार देने के लिए विशेष बजटीय प्रावधान किया गया है। उन्होंने निवेशकों और तकनीकी विशेषज्ञों से उत्तर प्रदेश के एआई, सेमीकंडक्टर, डेटा सेंटर और इलेक्ट्रॉनिक्स इकोसिस्टम का हिस्सा बनने का आह्वान किया।