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मोहला : एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय मानपुर में 12 अप्रैल को वॉक-इन-इंटरव्यू

मोहला : एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय मानपुर में 12 अप्रैल को वॉक-इन-इंटरव्यू शिक्षकीय व गैर-शिक्षकीय पदों पर भर्ती, 10 अप्रैल तक कर सकते है ऑनलाइन आवेदन पीजीटी, टीजीटी सहित कई पदों के लिए साक्षात्कार, सुबह 8 बजे से पंजीयन शुरू मोहला  एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय मानपुर में रिक्त शिक्षकीय एवं गैर-शिक्षकीय पदों को भरने के लिए वॉक-इन-इंटरव्यू आयोजित किया जाएगा। यह साक्षात्कार 12 अप्रैल 2026 रविवार को विद्यालय के संचालन स्थल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अंचल चौकी के पास आयोजित होगा। अभ्यर्थियों के लिए पंजीयन का समय सुबह 8 बजे से 10 बजे तक निर्धारित किया गया है, जबकि साक्षात्कार सुबह 10 बजे से प्रारंभ होगा।            जारी सूचना के अनुसार स्नातकोत्तर शिक्षक पीजीटी के अंतर्गत रसायन विज्ञान, अंग्रेजी, इतिहास, भूगोल, अर्थशास्त्र एवं वाणिज्य विषयों के पदए प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक टीजीटी के अंतर्गत विज्ञान, कंप्यूटर विज्ञान एवं कला विषय के पद, साथ ही छात्रावास अधीक्षिका, काउंसलर एवं स्टाफ नर्स के पदों पर भर्ती की जाएगी। इच्छुक अभ्यर्थियों को प्रत्येक पद के लिए विद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट  http://www.emrsmanpur.org.in  पर उपलब्ध गूगल फॉर्म लिंक के माध्यम से 10 अप्रैल 2026 की रात्रि 11:59 बजे तक आवेदन करना अनिवार्य होगा। उम्मीदवारों से निर्धारित समय में पंजीयन कर साक्षात्कार में उपस्थित होने की अपील की गई है।

ईंधन संकट की मार अब निर्माण सामग्री पर, गुड़गांव में सीमेंट के दाम बढ़ने से बिगड़ा लोगों का बजट

गुरुग्राम  शहर में इन दिनों सीमेंट के दामों में लगातार बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। इससे आम लोगों की जेब पर सीधा असर पड़ रहा है। घर बनाना अब पहले की तुलना में काफी महंगा हो गया है। बाजार से मिली जानकारी के अनुसार, केवल अप्रैल माह में ही सीमेंट की कीमतों में प्रति बोरी करीब 10 से 20 रुपये तक का इजाफा हुआ है। व्यापारियों का कहना है कि आगे कीमतों को लेकर अभी कुछ नहीं कहा जा सकता, क्योंकि बाजार की स्थिति लगातार बदल रही है। स्थानीय दुकानदारों के अनुसार, इस बढ़ोतरी के पीछे ईंधन की बढ़ती कीमतें एक बड़ा कारण हैं। डीजल और अन्य ईंधनों के महंगे होने से सीमेंट की पैकेजिंग, ढुलाई (ट्रांसपोर्ट) और अन्य खर्चों में वृद्धि हुई है, जिसका सीधा असर ग्राहकों की जेब पर पड़ रहा है। बढ़े हुए रेट पर आ रहा सीमेंट दुकानदारों का कहना है कि कंपनियों की ओर से ही बढ़े हुए रेट पर सीमेंट सप्लाई किया जा रहा है, जिससे वे मजबूरी में महंगे दामों पर बिक्री कर रहे हैं। हर खेप पर बढ़े ट्रांसपोर्ट खर्च के कारण खुदरा बाजार में कीमतें लगातार ऊपर जा रही हैं। घर बनवाने का बिगड़ा बजट     घर बनवा रहे लोगों ने बताया कि पहले जो बजट तय किया था, अब वह पूरी तरह बिगड़ चुका है।     सीमेंट के साथ-साथ अन्य निर्माण सामग्री के दाम भी बढ़ने से कुल लागत में भारी इजाफा हुआ है।     कई लोगों ने बढ़ती लागत के चलते अपने निर्माण कार्य को धीमा कर दिया है या फिलहाल रोक दिया है। अभी और बढ़ सकती हैं कीमतें विशेषज्ञों का मानना है कि यदि ईंधन की कीमतों में इसी तरह बढ़ोतरी जारी रही, तो आने वाले समय में निर्माण सामग्री के दाम और बढ़ सकते हैं। ऐसे में आम आदमी के लिए घर बनाना और ज्यादा मुश्किल हो जाएगा।

उत्तर बस्तर कांकेर : नगर पंचायत उप निर्वाचन पखांजूर : निर्वाचक नामावली तैयार करने कार्यक्रम जारी

उत्तर बस्तर कांकेर छत्तीसगढ़ राज्य निर्वाचन आयोग रायपुर द्वारा नगर पंचायत पखांजूर के उप निर्वाचन को सम्पन्न कराये जाने के लिए निर्वाचक नामावली तैयार करने हेतु कार्यक्रम जारी किया गया है। जिसके अनुसार रजिस्ट्रीकरण अधिकारी, सहायक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों की नियुक्ति 09 अप्रैल तक किया जाकर निर्वाचक नामावली की प्रारंभिक प्रारूप तैयार करने हेतु कर्मचारियों का चयन एवं प्रशिक्षण सुनिश्चित करने के लिए जिला निर्वाचन अधिकारी द्वारा अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) पखांजूर, तहसीलदार पखांजूर तथा मुख्य नगरपालिका अधिकारी नगर पंचायत पखांजूर को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं। भारत निर्वाचन आयोग के विधानसभा की अद्यतन निर्वाचक नामावली प्राप्त करने के बाद विधानसभा की निर्वाचक  नामावली को वार्डवार पृथक कर रजिस्ट्रीकरण अधिकारी को उपलब्ध कराई जाएगी तथा प्रचलित परिसीमन के आधार पर रजिस्ट्रीकरण अधिकारी एवं सहायक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी द्वारा निर्वाचक नामावली को वार्डवार एवं भागवार मार्किंग की जाएगी। वार्डवार एवं भागवार चिन्हित निर्वाचकों को सॉफ्टवेयर के माध्यम से दर्शित वार्ड के संबंधित भाग के अनुभाग में 10 अप्रैल तक शिफ्ट किया जाएगा तथा 11 अप्रैल तक निर्वाचक नामावली के पीडीएफ तैयार करके जांच कर त्रुटि का सुधार किया जाएगा एवं चेकलिस्ट संशोधन पश्चात प्रारूप निर्वाचक नामावली मुद्रण हेतु जिला निर्वाचन कार्यालय को उपलब्ध कराया जाएगा और जिला निर्वाचन कार्यालय द्वारा 13 अप्रैल तक निर्वाचक नामावली का मुद्रण कराया जाकर रजिस्ट्रीकरण अधिकारी को उपलब्ध कराया जाएगा। निर्वाचक नामावली का प्रारंभिक प्रकाशन एवं दावे तथा आपत्तियां 13 अप्रैल से 20 अप्रैल के दोपहर 03 बजे तक प्राप्त की जाएगी। दावा आपत्ति निपटारे की अंतिम तारीख 23 अप्रैल निर्धारित की गई है। प्ररूप क-1 में रजिस्ट्रीकरण अधिकारी एवं सहायक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी को दावा प्रस्तुत करने की अंतिम तिथि 24 अप्रैल शुक्रवार निर्धारित की गई है।  रजिस्ट्रीकरण अधिकारी एवं सहायक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी नियुक्त     कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी श्री निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर द्वारा अनुविभागीय अधिकारी राजस्व पखांजूर को रजिस्ट्रीकरण अधिकारी तथा तहसीलदार पखांजूर को सहायक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी और अपर कलेक्टर अंतागढ़ को अपील प्राधिकारी के कृत्यों के संपादन के लिए पदाभिहित अधिकारी नियुक्त किया गया है। 

स्वास्थ्य विभाग का नया आदेश: अम्बाला अस्पतालों में CT स्कैन और X-Ray के नियम बदले

अंबाला. अंबाला के नागरिक अस्पतालों में अब सीटी स्कैन और एक्स-रे करवाना पहले जैसा आसान नहीं रहेगा। स्वास्थ्य विभाग ने नए आदेश जारी कर दिए हैं, जिसके बाद अब हर व्यक्ति सीधे अस्पताल आकर ये टेस्ट नहीं करवा सकेगा। दरअसल अब सीटी स्कैन और XRAY करवाने के लिए शॉर्ट टर्म एडमिट होना जरूरी कर दिया गया है। बता दें कि सीटी स्कैन और एक्स-रे जैसे टेस्ट काफी महंगे होते हैं, लेकिन हरियाणा सरकार की स्कीम के तहत अंबाला के नागरिक अस्पतालों में ये सुविधाएं मरीजों को निशुल्क उपलब्ध करवाई जाती हैं। इसी वजह से अस्पतालों में अक्सर भारी भीड़ देखने को मिलती थी।हालात ये हो जाते थे कि जिन मरीजों को इन टेस्ट की वास्तव में जरूरत होती थी, उन्हें भी कई बार इंतजार करना पड़ता था या टेस्ट नहीं हो पाता था। वहीं भीड़ को नियंत्रित करने और जरूरतमंद मरीजों को प्राथमिकता देने के लिए अब स्वास्थ्य विभाग ने सख्त कदम उठाया है। नए आदेशों के मुताबिक अब किसी भी मरीज को सीटी स्कैन या एक्स-रे करवाने के लिए अस्पताल में शॉर्ट टर्म एडमिट होना जरूरी होगा। यानी अब बिना डॉक्टर की निगरानी और एडमिशन के ये टेस्ट नहीं किए जाएंगे।

स्कूलों में डिजिटल निगरानी: मिशन समर्थ-4 से छात्रों की अटेंडेंस ऑनलाइन ट्रैक होगी

चंडीगढ़. पंजाब के सरकारी स्कूलों में अब छात्रों की मनमर्जी नहीं चलेगी। स्कूल से लगातार गैरहाजिर रहने वाले बच्चों पर सख्त नजर रखने के लिए शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने गुरुवार को ‘मिशन समर्थ-4’ लॉन्च कर दिया। नई व्यवस्था के तहत अब हर छात्र की अटेंडेंस आनलाइन ट्रैक होगी और अनुपस्थिति पर तुरंत एक्शन लिया जाएगा। सरकार ने साफ किया है कि ‘मिशन का मकसद सिर्फ योजनाएं घोषित करना नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर बच्चों की पढ़ाई को लगातार बनाए रखना है। इसके तहत स्कूलों में डिजिटल अटेंडेंस सिस्टम लागू किया जा रहा है, जिससे हर बच्चे की रोजाना उपस्थिति का रिकार्ड सीधे सिस्टम में दर्ज होगा। नई व्यवस्था के अनुसार, अगर कोई छात्र लगातार तीन दिन तक स्कूल नहीं आता है तो सबसे पहले स्कूल स्तर पर उसके अभिभावकों से संपर्क किया जाएगा। यदि इसके बावजूद छात्र की उपस्थिति में सुधार नहीं होता और अनुपस्थिति पांच दिन तक पहुंच जाती है, तो मामला जिला स्तर पर मॉनिटर किया जाएगा। इसके बाद भी स्थिति नहीं सुधरने पर उच्च स्तर तक इसकी निगरानी की जाएगी। बच्चों को स्कूलों से जोड़ने की पहल शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि पहले कई बार ऐसा होता था कि बच्चे लंबे समय तक स्कूल से दूर रहते थे, लेकिन इसकी जानकारी समय पर नहीं मिल पाती थी। अब रियल टाइम डेटा के जरिए यह सुनिश्चित किया जाएगा कि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे। उन्होंने कहा कि राज्य में बड़ी संख्या में ऐसे बच्चे हैं जो अलग-अलग कारणों से बीच-बीच में स्कूल छोड़ देते हैं। नई ट्रैकिंग प्रणाली से ऐसे बच्चों की तुरंत पहचान कर उन्हें दोबारा स्कूल से जोड़ने में मदद मिलेगी। बुनियादी शिक्षा मजबूत होगी मंत्री ने बताया कि मिशन के तहत सरकार पहले ही बुनियादी शिक्षा को मजबूत करने पर काम कर चुकी है। अब इसके चौथे चरण में फोकस इस बात पर है कि बच्चे नियमित रूप से स्कूल आएं और पढ़ाई में निरंतरता बनी रहे। सरकार का मानना है कि सिर्फ इंफ्रास्ट्रक्चर या सुविधाएं बढ़ाने से शिक्षा में सुधार नहीं आता, जब तक बच्चे नियमित रूप से स्कूल न आएं। इसी सोच के तहत अब अटेंडेंस को लेकर सख्त और तकनीकी रूप से मजबूत सिस्टम लागू किया गया है। जानें, क्या बदलेगा इस सिस्टम से इस नई व्यवस्था के लागू होने के बाद स्कूलों में लंबे समय तक अनुपस्थित रहने वाले छात्रों की समस्या पर काफी हद तक काबू पाया जा सकेगा। साथ ही अभिभावकों की जिम्मेदारी भी बढ़ेगी, क्योंकि उन्हें तुरंत जानकारी मिल जाएगी कि उनका बच्चा स्कूल नहीं पहुंच रहा। ‘मिशन के जरिए सरकार ने साफ संकेत दिया है कि अब फोकस सिर्फ योजनाओं पर नहीं, बल्कि बच्चों की रोजाना मौजूदगी और वास्तविक पढ़ाई पर है। अगर यह सिस्टम प्रभावी तरीके से लागू होता है, तो सरकारी स्कूलों में ड्रॉपआउट और अनियमित उपस्थिति की समस्या में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।

योगी सरकार का बड़ा फैसल,प्रयागराज, लखनऊ और वाराणसी समेत कई जिलों के पुलिस अफसर बदले

लखनऊ यूपी सरकार ने पुलिस विभाग में बड़ा फेरबदल कर दिया। शासन ने 12 आईपीएस अफसरों का तबादला कर दिया है। इनमें तीन अपर पुलिस अधीक्षक, चार सहायक पुलिस अधीक्षक और पांच सहायक पुलिस आयुक्त के पद पर तैनात थे। अचानक हुए इस तबादले से विभाग में हड़कंप मचा है। शासन ने जिनका तबादला किया है उनमें सहारनपुर अपर पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) सागर जैन को प्रयागराज पुलिस उपायुक्त प्रयागराज पुलिस कमिश्नरेट, गोंडा पूर्वी अपर पुलिस अधीक्षक रहे मनोज कुमार रावत को संभल में अपर पुलिस अधीक्ष दक्षिणी, मेरठ अपर पुलिस अधीक्षक आयुष विक्रम सिंह को बहराइच का अपर पुलिस अधीक्षक नगर बनाया है। इसी तरह सीतापुर के सहायक पुलिस अधीक्षक विनायक गोपाल भोसले को मेरठ अपर पुलिस अधीक्षक नगर, मेरठ सहायक पुलिस अधीक्षक अंतरिक्ष जैन को बुलंदशहर अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण, संभल के सहायक पुलिस अधीक्षक आलोक कुमार को प्रतापगढ़ का अपर पुलिस अधीक्षक (नगर पूर्वी), अलीगढ़ सहायक पुलिस अधीक्षक मयंक पाठक को सहारनपुर में अपर पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण), सहायक पुलिस आयुक्त पुलिस कमिश्नरेट गाजियाबाद सुश्री लिपि नागयाच को अपर पुलिस उपायुक्त वाराणसी पुलिस कमिश्नरेट, नोएडा पुलिस कमिश्नरेट सहायक पुलिस आयुक्त सुश्री टि्विंकल जैन को लखनऊ अपर पुलिस उपायुक्त पुलिस कमिश्नरेट लखनऊ, सहायक पुलिस आयुक्त पुलिस कमिश्नरेट प्रयागराज राजकुमार मीणा को अपर पुलिस अधीक्षक (नक्सल) मिर्जापुर, सहायक पुलिस आयुक्त पुलिस कमिश्नेट लखनऊ ऋषभ रुनवाल को सोनभद्र का अपर पुलिस अधीक्षक (नक्सल), सहायक पुलिस आयुक्त वाराणसी पुलिस कमिश्नरेट डॉ. ईशान सोनी को जालौन का अपर पुलिस अधीक्षक बनाया है। एक दिन पहले पांच आईएएस अधिकारियों का हुआ था तबादला एक दिन पहले शासन ने पांच आईएएस अधिकारियों का तबादला किया है। प्रतीक्षारत गुंजन द्विवेदी को मिशन निदेशक, स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) तथा रत्नेश सिंह को अपर निदेशक, उप्र प्रशासन व प्रबंधन अकादमी के पद पर तैनाती दी गई है। सचिव उप्र लोक सेवा आयोग अशोक कुमार को विशेष सचिव सिंचाई, जल संसाधन व परती भूमि विकास विभाग तथा कारागार प्रशासन बनाया गया है। विशेष सचिव उच्च शिक्षा विभाग तथा कुलसचिव डा.राम मनोहर लोहिया विधि विवि गिरिजेश कुमार त्यागी को सचिव उप्र लोक सेवा आयोग बनाया गया है। विशेष सचिव सिंचाई, जल संसाधन व परती भूमि विकास विभाग तथा कारागार प्रशासन अनीता वर्मा सिंह को विशेष सचिव उच्च शिक्षा विभाग तथा कुलसचिव डा.राम मनोहर लोहिया विधि विवि बनाया गया है।

अवैध वसूली का खेल खत्म: रेत परिवहन के नाम पर कार्रवाई, पदाधिकारियों पर FIR होगी दर्ज

अभनपुर. अवैध वसूली के संगठित खेल पर प्रशासन ने आखिरकार शिकंजा कसा है। ग्राम दुलना में रेत परिवहन के नाम पर चल रहे वसूली रैकेट का पर्दाफाश होने के बाद तहसीलदार ने सीधे FIR दर्ज करने के निर्देश जारी कर दिए हैं, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया है। जानकारी के मुताबिक 1 फरवरी 2026 को हुई जांच में खुलासा हुआ कि रेत से भरे वाहनों से बाकायदा डायरी बनाकर पैसे वसूले जा रहे थे। मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि यह पूरा खेल गांव के ही कुछ प्रभावशाली लोगों द्वारा संचालित किया जा रहा था, जो खुद को ग्राम विकास समिति से जोड़कर वसूली कर रहे थे। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) अभनपुर ने जांच कर उच्च अधिकारी को रिपोर्ट सौंपी, जिसमें साफ तौर पर अवैध वसूली की पुष्टि हुई। इसके बाद तहसीलदार ने थाना प्रभारी गोबरा नवापारा को कड़ा पत्र जारी करते हुए तुरंत FIR दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि इस पूरे मामले में ग्राम विकास समिति के पदाधिकारियों और सदस्यों के नाम भी सामने आए हैं, जिनमें अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सचिव सहित कई लोग शामिल हैं। अब बड़ा सवाल यह है कि क्या पुलिस इस संगठित वसूली गिरोह पर तुरंत कार्रवाई कर पाएगी या मामला फिर ठंडे बस्ते में जाएगा? फिलहाल प्रशासन के इस कड़े रुख से अवैध वसूली में लिप्त लोगों के बीच डर और बेचैनी साफ नजर आ रही है।

हरियाणा के सिखों को मिला रिकॉर्ड संख्या में वीजा, ननकाना साहिब और करतारपुर साहिब में नतमस्तक होंगे श्रद्धालु

  कुरुक्षेत्र धर्मनगरी कुरुक्षेत्र से आज आस्था और उत्साह की एक विशेष तस्वीर सामने आई। पाकिस्तान स्थित पवित्र गुरुधामों के दर्शन और बैसाखी पर्व मनाने के लिए 255 भारतीय सिख श्रद्धालुओं का जत्था आज रवाना हुआ। कुरुक्षेत्र के ऐतिहासिक गुरुद्वारा छठी पातशाही से हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (HSGMC) के प्रधान जगदीश सिंह झींडा ने जत्थे को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। 5 विशेष बसों में अमृतसर के लिए रवानगी श्रद्धालुओं को ले जाने के लिए कुल 5 बसों की व्यवस्था की गई है। यह जत्था कुरुक्षेत्र से सीधा अमृतसर पहुँचेगा, जहाँ रात्रि विश्राम के बाद कल वाघा बॉर्डर के रास्ते पाकिस्तान में प्रवेश करेगा। यात्रियों में अपने पवित्र स्थलों के दर्शन को लेकर भारी उत्साह देखा गया। बैसाखी और खालसा सृजन दिवस का संगम इस वर्ष पाकिस्तान में बैसाखी पर्व को खालसा सृजन दिवस के रूप में बेहद श्रद्धा के साथ मनाया जा रहा है। श्रद्धालु वहां ननकाना साहिब, पंजा साहब और करतारपुर साहिब सहित विभिन्न ऐतिहासिक गुरुद्वारों में नतमस्तक होंगे। कई श्रद्धालुओं ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि उन्हें जीवन में पहली बार इन पवित्र स्थलों के दर्शन का सौभाग्य मिल रहा है। रिकॉर्ड संख्या में वीजा मिलना बड़ी उपलब्धि हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अनुसार, इस बार हरियाणा प्रदेश से रिकॉर्ड 255 यात्रियों को वीजा जारी किया गया है। प्रधान जगदीश सिंह झींडा ने बताया कि पहली बार इतनी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं को अनुमति मिली है, जो सिख समाज के लिए अत्यंत हर्ष का विषय है। 10 दिनों की यात्रा के बाद 19 अप्रैल को होगी वापसी निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, सभी श्रद्धालु पाकिस्तान के अलग-अलग गुरुधामों में धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लेंगे। दर्शन और बैसाखी समारोह संपन्न करने के बाद, यह जत्था 19 अप्रैल को वापस भारत (वतन वापसी) लौटेगा। रवानगी के समय पूरा वातावरण 'बोले सो निहाल, सत श्री अकाल' के जयकारों से गूंज उठा।  

आर्थिक मोर्चे पर यूपी की बड़ी छलांग, नेट जीएसटी संग्रह में कर्नाटक और गुजरात को पीछे छोड़ा

लखनऊ उत्तर प्रदेश ने वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) संग्रह में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। राज्य कर विभाग के आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 में प्रदेश नेट कलेक्शन के आधार पर देश में दूसरे स्थान पर पहुंच गया है। पोस्ट सेटलमेंट वृद्धि के मामले में राज्य ने देश में पहला स्थान प्राप्त किया है। जारी आंकड़ों के मुताबिक, उत्तर प्रदेश को एसजीएसटी और आईजीएसटी से कुल 84.80 हजार करोड़ रुपये मिले। इसमें से 2.37 हजार करोड़ रुपये की रिकवरी के बाद नेट संग्रह 82.42 हजार करोड़ रुपये रहा। इस आधार पर उत्तर प्रदेश देश में दूसरे स्थान पर रहा। महाराष्ट्र 1.84 लाख करोड़ रुपये के नेट संग्रह के साथ पहले स्थान पर है। मार्च 2026 में राज्य का संग्रह 7.53 हजार करोड़ रुपये रहा। यह पिछले वर्ष की तुलना में आठ प्रतिशत अधिक है। यह वृद्धि मजबूत आर्थिक गतिविधियों का संकेत है। नेट संग्रह की स्थिति  वित्त वर्ष 2025-26 में उत्तर प्रदेश का एसजीएसटी और आईजीएसटी कलेक्शन 82.42 हजार करोड़ रुपये रहा। यह महाराष्ट्र के 1.84 लाख करोड़ रुपये के बाद दूसरा सबसे बड़ा संग्रह है। कर्नाटक का नेट संग्रह 81.06 हजार करोड़ रुपये रहा। गुजरात का नेट संग्रह 73.17 हजार करोड़ रुपये और तमिलनाडु का 72.97 हजार करोड़ रुपये दर्ज किया गया। वृद्धि दर में अग्रणी प्रदर्शन  उपभोक्ता आधारित राज्यों में उत्तर प्रदेश का प्रदर्शन वृद्धि के मामले में सबसे बेहतर रहा है। मार्च 2026 में राज्य के संग्रह में आठ प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। वहीं, छत्तीसगढ़, झारखंड, ओडिशा, मध्य प्रदेश और पश्चिम बंगाल जैसे कई राज्यों में गिरावट आई। जीएसटी संग्रह में यह बढ़ोतरी सीधे तौर पर व्यापार और उपभोग से जुड़ी है। जीएसटी 2.0 में करों में कटौती के बावजूद उत्तर प्रदेश का कर संग्रह बढ़ा है। राज्यकर आयुक्त डॉ. नीतिन बंसल का कहना है कि जीएसटी संग्रह में बढ़ोतरी सीधे तौर पर व्यापार और उपभोग से जुड़ी होती है। जीएसटी 2.0 में आम लोगों को राहत के लिए करो में कटौती के बावजूद उत्तर प्रदेश का कर संग्रह बढ़ा है। जबकि उपभोक्ता आधारित अन्य राज्यों में नकारात्मक ग्रोथ है। वर्तमान वित्त वर्ष में इसे और बढ़ाने के लिए विभाग कई नए प्रयास कर रहा है। कई नई शुरुआत कर रहा है जिसका असर जल्द सामने आएगा।  

उत्तर प्रदेश में 5.5 लाख प्रगणक संभालेंगे डिजिटल जनगणना का जिम्मा, मुख्य सचिव ने 10 अप्रैल तक तैयारी पूरी करने के दिए निर्देश

लखनऊ उत्तर प्रदेश में जनगणना 2027 के पहले चरण को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। मुख्य सचिव एसपी गोयल ने बुधवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए मंडलायुक्तों और जिलाधिकारियों के साथ बैठक की। इस दौरान उन्‍होंने निर्देश दिए कि मकान सूचीकरण और गणना से जुड़े सभी प्रारंभिक कार्य 10 अप्रैल तक हर हाल में पूरे कर लिए जाएं। बैठक में महारजिस्ट्रार एवं जनगणना आयुक्त मृत्युंजय कुमार नारायण भी शामिल हुए। उन्होंने भी जनगणना के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर जरूरी दिशा-निर्देश दिए। पर्यवेक्षकों को 16 अप्रैल से 7 मई के बीच ट्रेनिंग इस मौके पर मुख्य सचिव ने कहा कि यूपी में लगभग 5.5 लाख प्रगणकों और पर्यवेक्षकों की तैनाती की जानी है, जिसके लिए उनका सत्यापित और ताजा डिजिटल डेटाबेस निर्धारित समय सीमा के भीतर तैयार किया जाए। उन्होंने विशेष रूप से घनी शहरी बस्तियों, झुग्गी क्षेत्रों और अधिक गतिशील आबादी वाले इलाकों में सटीक और पूर्ण गणना सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी प्रगणकों और पर्यवेक्षकों को फील्ड में भेजने से पहले 16 अप्रैल से 7 मई के बीच अनिवार्य और गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण दिया जाए। जनगणना के आंकड़े देश के विकास की दिशा तय करते हैं। यह विकास की वास्तविक तस्वीर प्रस्तुत करते हैं। सभी अधिकारी और कर्मचारी इसे जन-अभियान के रूप में संचालित करें ताकि सटीक और विश्वसनीय आंकड़े प्राप्त हो सकें। तकनीकी सहायकों की होगी भर्ती प्रशिक्षण से जुड़ी सभी व्यवस्थाएं जैसे कक्ष, प्रोजेक्टर, जलपान और उपस्थिति शासनादेश के अनुरूप सुनिश्चित की जाएं और यह प्रक्रिया 6 मई से पहले पूरी कर ली जाए। गोयल ने कहा कि गणना ब्लॉकों का सीमांकन स्पष्ट और त्रुटिरहित होना चाहिए। इसके लिए तकनीकी सहायकों की भर्ती शीघ्र पूरी कर जियो-टैगिंग और सीमांकन कार्य को मजबूत बनाया जाए। स्व-गणना की सुविधा भी रहेगी मुख्‍य सचिव ने बताया कि इस बार जनगणना में आम नागरिकों के लिए स्व-गणना की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी। उत्तर प्रदेश में स्व-गणना पोर्टल 7 मई से 21 मई 2026 तक सक्रिय रहेगा, जिसके माध्यम से नागरिक स्वयं अपने परिवार की जानकारी दर्ज कर सकेंगे। इसके लिए व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश भी दिए गए।     उत्तर प्रदेश में जनगणना-2027 पूरी तरह डिजिटल माध्यम से कराई जाएगी।     डेटा संग्रहण, प्रविष्टि, सत्यापन और निगरानी सभी प्रक्रियाएं डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए संचालित होंगी।     पहले चरण में 22 मई से 20 जून 2026 तक मकानों की गणना की जाएगी।     दूसरे चरण में 9 फरवरी से 28 फरवरी 2027 तक जनसंख्या गणना का कार्य संपन्न होगा।