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जाम और धूल से मिलेगी निजात,स्मार्ट सिग्नल और मल्टी-यूटिलिटी कॉरिडोर से लैस होंगी फरीदाबाद की सड़कें

फरीदाबाद फरीदाबाद महानगर विकास प्राधिकरण (एफएमडीए) की तरफ से एनआईटी की साढे़ सात किलोमीटर लंबी सड़कों को मॉडल सड़कों के रूप में विकसित किया जाएगा। इसका उद्देश्य सड़कों की गुणवत्ता सुधारने के साथ-साथ ट्रैफिक प्रबंधन, पैदल यात्रियों की सुविधा और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देना है, जिससे लोगों को जाम से निजात मिलने के साथ जीवन स्तर में सुधार होने की उम्मीद है। इस योजना पर लगभग 67 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। ये सड़कें बनाई जाएंगी मॉडल रोड एनआईटी क्षेत्र की ज्यादातर सड़कें फिलहाल जर्जर हालत में हैं। कई जगह गड्ढे, टूटी परत और उखड़ी सतह के कारण वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। धूल उड़ने से प्रदूषण भी बढ़ रहा है। अव्यवस्थित पार्किंग और फुटपाथों की कमी से जाम की स्थिति बनी रहती है। बारिश के दौरान पानी भरने से हालात और ज्यादा खराब हो जाते हैं। इसे देखते हुए एफएमडीए ने व्यापार मंडल से टिकाना पार्क, टिकाना पार्क से ईएसआई चौक, ईएसआई से चिमनी बाई चौक, चिमनी बाई से मुल्ला होटल, चिमनी बाई से एसबीएस चौक, एसीपी ऑफिस से बीके चौक और बीके से हार्डवेयर चौक तक की सड़कों को मॉडल सड़क बनाने की योजना बनाई है। इसके तहत इन सड़कों को न केवल चौड़ा किया जाएगा, बल्कि इन्हें पूरी तरह स्मार्ट सुविधाओं से लैस किया जाएगा। पैदल राहगीरों को तरजीह अक्सर देखा जाता है कि मुख्य सड़कों पर पैदल चलने वालों और साइकिल सवारों के लिए कोई जगह नहीं बचती, जिससे दुर्घटनाओं का अंदेशा हमेशा बना रहता है। इस मॉडल रोड के डिजाइन में सुरक्षा को प्राथमिकता दी गई है। स्मार्ट सिग्नलिंग होगी व्यस्त चौराहों पर लगने वाले ट्रैफिक जाम से निजात दिलाने के लिए आधुनिक सिग्नल को शामिल किया गया है। यह स्मार्ट सिस्टम ट्रैफिक के दबाव को भांपकर सिग्नल की टाइमिंग को खुद समायोजित करेगा। ये सुविधाएं मिलेंगी योजना के तहत इन सड़कों पर मल्टी-यूटिलिटी जोन बनाए जाएंगे, जहां बिजली, पानी, गैस, टेलीकॉम और अन्य सेवाओं की लाइनें सुव्यवस्थित तरीके से एक ही कॉरिडोर में डाली जाएंगी। इससे बार-बार सड़क खोदने की समस्या खत्म होगी और रखरखाव आसान होगा। पैदल यात्रियों की सुविधा को प्राथमिकता देते हुए चौड़े और सुरक्षित फुटपाथ बनाए जाएंगे। आठ महीने का लक्ष्य एफएमडीए ने योजना पूरी करने के लिए 18 महीने की डेडलाइन तय की है। पहले चरण में सड़कों के बुनियादी ढांचे, मजबूतीकरण और ड्रेनेज सिस्टम को दुरुस्त करने पर जोर रहेगा, ताकि जलभराव की समस्या जड़ से खत्म हो।

बच्चों की मुस्कान और योगी का दुलार, कंपोजिट स्कूल में बंटे बैग और किताबें, पाँच निपुण स्कूल हुए सम्मानित

शिवपुर शिवपुर के कंपोजिट स्कूल में ‘स्कूल चलो’ अभियान की शुरुआत पर सीएम योगी आदित्यनाथ ने बच्चों को खुद मिड-डे मील परोसा. बड़े प्यार से खाना खिलाया तो बच्चे भी खुश होकर मुस्कुराए और धन्यवाद कहा. सीएम ने बच्चों से रोज स्कूल आने और मन लगाकर पढ़ने को कहा, जिस पर बच्चों ने सिर हिलाकर हामी भरी. बच्चों ने मासूमियत से हाथ जोड़कर प्रणाम भी किया. इस दौरान उनके साथ मंत्री और जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहे और उन्होंने भी बच्चों को खाना परोसने में मदद की. नए सेशन की किताबें भी बच्चों को दी गई सीएम योगी ने नए सेशन की किताबें भी बच्चों में बांटी. मंच पर क्लास 1 से 8 तक के कई बच्चों को उनके हाथों स्कूल बैग, किताबें, किट, गिफ्ट और चॉकलेट दी गई. विकास, अंशिका, श्रेया, कजरी, दीपशिखा, रोली, रूचि और साक्षी जैसे बच्चों को ये चीजें मिलते ही चेहरे खिल उठे. बच्चों की मासूम मुस्कान ने वहां मौजूद सभी लोगों का दिल जीत लिया. निपुण स्कूलों को प्रमाण-पत्र दिये गये सीएम के हाथों जिले के पांच निपुण स्कूलों को सर्टिफिकेट देकर सम्मानित किया गया. नयापुर सेवापुरी के प्रधानाचार्य कपिल देव, शगुनहा बड़ागांव की सुष्मिता भारती, फरीदपुर चिरईगांव के शशिकांत सिंह, भतसार अराजीलाइन की नीतू यादव और महमूरगंज की प्रीति त्रिवेदी को ये सम्मान मिला. सभी शिक्षकों को मंच पर बुलाकर सम्मानित किया गया, जिससे उनका हौसला और बढ़ा. कार्यक्रम की शुरुआत में बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह ने अतिथियों का स्वागत किया, जबकि आर्य महिला इंटर कॉलेज लहुराबीर की छात्राओं ने सरस्वती वंदना की मनभावन प्रस्तुति दी.

3552 एलपीजी सिलेण्डर जब्त और 10 मामलों में एफआईआर : खाद्य मंत्री राजपूत

भोपाल खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री  गोविंद सिंह राजपूत ने कहा है कि प्रदेश में पेट्रोलियम पदार्थों की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य है। भारत में कच्चे तेल (Crude Oil) का पर्याप्त भंडार उपलब्ध होने के कारण देश और प्रदेश की सभी रिफाइनरियां पूरी क्षमता के साथ कार्य कर रही हैं, जिससे पेट्रोलियम उत्पादों की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित हो रही है। मध्यप्रदेश में एलपीजी, पेट्रोल, डीजल, पीएनजी और सीएनजी का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और सप्लाई में किसी प्रकार की रुकावट नहीं है। मंत्री  राजपूत ने अपील की है कि किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान नही दें तथा घबराहट में खरीदारी (पैनिक बाइंग) से बचें। कालाबाजारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई प्रदेश में आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत एलपीजी की कालाबाजारी रोकने के लिए लगातार कार्रवाई की जा रही है। अब तक 2693 स्थानों पर जांच की गई है, जिसमें 3552 एलपीजी सिलेंडर जब्त किए गए हैं और 10 मामलों में एफआईआर दर्ज की गई है। इसके अलावा 666 पेट्रोल पंपों की जांच भी की गई, जिनमें 2 मामलों में एफआईआर दर्ज की गई है। जिला आपूर्ति अधिकारियों और ऑयल कंपनियों के अधिकारियों को पेट्रोल पंपों की नियमित जांच के निर्देश दिए गए हैं। घरेलू गैस उपभोक्ताओं द्वारा की गई बुकिंग के अनुरूप सिलेंडरों की आपूर्ति नियमित रूप से की जा रही है। वाणिज्यिक उपभोक्ताओं को भी शासन द्वारा निर्धारित प्राथमिकता क्रम के अनुसार कमर्शियल गैस सिलेंडरों की सतत आपूर्ति की जा रही है। उपभोक्ताओं की मांग को देखते हुए गैस बॉटलिंग प्लांट अतिरिक्त समय तक कार्य कर रहे हैं। प्रदेश के विभिन्न जिलों में स्थित प्लांट और वितरकों के स्टॉक की निरंतर समीक्षा की जा रही है। पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति सुचारु प्रदेश में सभी ऑयल कंपनियों के पास पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है। पेट्रोल पंपों पर किसी प्रकार की कमी नहीं है और कंपनियों के डिपो से नियमित रूप से आपूर्ति जारी है। बढ़ती मांग को देखते हुए ऑयल कंपनियों के डिपो को भी अधिक समय तक संचालित किया जा रहा है, जिससे आपूर्ति व्यवस्था को सामान्य बनाए रखा जा सके। पीएनजी कनेक्शन विस्तार पर जोर सभी सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (सीजीडी) संस्थाएँ अगले 3 माह में दिये जाने वाले पीएनजी कनेक्शन का लक्ष्य निर्धारित करेंगी। साथ ही सीजीडी संस्थाओं द्वारा प्रतिदिन किये जा रहे आवेदन एवं उसके विरुद्ध दिये जा रहे पीएनजी कनेक्शन की सतत मॉनीटरिंग करने के निर्देश दिए गए हैं। सीजीडी संस्थाओं को पीएनजी के लाभ एवं पीएनजी कनेक्शन की प्रक्रिया से संबंधित एफएक्यू तैयार कर उपलब्ध कराने के निर्देश नोडल सीजीडी संस्था थिंक गैस को दिये गए हैं। भारत सरकार के गतिशक्ति पोर्टल पर सीजीडी संस्थाओं को पाइप-लाइन अपलोड करने के निर्देश दिये गये। सीजीडी संस्थाएँ जिलेवार एवं लोकेलिटीवाइज कैम्प शेड्यूल कर जिला प्रशासन एवं विभाग को उपलब्ध करायेंगी। शहर के जिन स्थानों में पाइप-लाइन गई है, उसके आस-पास के क्षेत्रों के उपभोक्ताओं को ऑयल कम्पनी द्वारा अवगत कराया गया है कि वह पीएनजी कनेक्शन प्राप्त करने के लिये तत्काल आवेदन करें। इसके बाद पीएनजी कनेक्शन प्राप्त नही करने की स्थिति में आगामी 3 माह में एलपीजी का कनेक्शन बंद किया जा सकता है। जिला आपूर्ति अधिकारियों को एमपीआईडीसी के जिला अधिकारी, जिले में स्थित पॉलीटेक्निक तथा आईटीआई से प्रशिक्षणार्थियों की सूची सीजीडी संस्था को उपलब्ध कराने के निर्देश दिये गये हैं। सीजीडी संस्था द्वारा इन प्रशिक्षणार्थियों को वर्तमान वेण्डर के साथ क्लब कर मैन पॉवर बढ़ाया जाएगा। सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (CGD) में प्रदेश में कार्यरत 10 संस्थाओं को पीएनजी कनेक्शन की उपलब्धता बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। इसके लिए कंट्रोल रूम स्थापित किए गए हैं, जहां घरेलू और व्यावसायिक उपभोक्ताओं की मांग और शिकायतों का त्वरित निराकरण किया जा रहा है। पीएनजी पाइप लाइन जिन क्षेत्रों में बिछ चुकी है, वहां आवासीय परिसर, स्कूल, हॉस्टल, कॉलेज, कम्युनिटी किचन और आंगनवाड़ी केंद्रों को आवेदन प्राप्त होने के 5 दिन में पीएनजी कनेक्शन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। पीएनजी कनेक्शन की प्रगति की निगरानी के लिए जिला स्तर पर कलेक्टर, एडीएम, जिला आपूर्ति अधिकारी और संबंधित सीजीडी संस्थाओं के अधिकारी समीक्षा करेंगे। केन्द्र सरकार के निर्देशानुसार पीएनजी कनेक्शन प्रदाय करने के लिये नगरीय प्रशासन एवं विकास, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, लोक निर्माण एवं म.प्र. औद्योगिक विकास निगम द्वारा सीजीडी संस्थाओं को उनके आवेदन करने के 24 घंटे में पाइप-लाइन बिछाने की आरओयू अनुमति दिये जाने के आदेश जारी किये गये हैं। विभाग द्वारा 10 से अधिक आरओयू आवेदनों की 24 घंटे के अंदर स्वीकृति जारी की गई है। सीजीडी संस्थाओं को घरेलू एवं व्यावसायिक पीएनजी के आवेदनकर्ताओं को पीएनजी कनेक्शन प्राप्त करने के लिये सीजीडी संस्थाओं के कंट्रोल रूम नम्बर इस प्रकार हैं। अवंतिका गैस लिमिटेड – इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर (9424098887), गैल गैस लिमिटेड – देवास, रायसेन, शाजापुर, सीहोर (7880001788), नवेरिया गैस लिमिटेड – धार (07292-223311), थिंक गैस – भोपाल, राजगढ़, शिवपुरी (1800-5727-107), आईओसीएल – गुना (9425991090), मउगंज, रीवा (9424836488), अशोकनगर (9425119522), मुरैना (7223982333), बीपीसीएल – मैहर, सतना शहडोल (9424738607), सीधी, सिंगरौली (9424341954), गुजरात गैस लि. – रतलाम (7412230292) शामिल है। प्रदेश के इन स्थानों से पाइप-लाइन के आस-पास के घरेलू एवं व्यावसायिक उपभोक्ता पीएनजी कनेक्शन के लिये आवेदन कर सकते हैं।  

इलाहाबाद हाई कोर्ट का बड़ा फैसला: यूपी के 711 जजों का तबादला

 प्रयागराज इलाहाबाद हाई कोर्ट प्रशासन ने रविवार को 711 न्यायिक अधिकारियों के कार्यक्षेत्र क्षेत्र में बदलाव किया है। बड़ी संख्या में अधिकारियों के जिलों में भी परिवर्तन हुआ है। कुछ को वर्तमान जिले में ही नया दायित्व सौंपा गया है। सभी अधिकारियों से 15 अप्रैल तक नया दायित्व संभाल लेने की अपेक्षा की गई है। महानिबंधक मनजीत सिंह श्योराण की ओर से जारी की गईं तीन अलग-अलग अधिसूचनाओं में क्रमशः 266 एडिशनल डिस्ट्रिक्ट एंड सेशन जज 169 सिविल जज (सीनियर डिवीजन) तथा 276 जून सिविल जज (जूनियर डिवीजन) के नाम है।

राज्यपाल रमेन डेका ने जशपुर के केरेगांव होम-स्टे का किया अवलोकन

रायपुर राज्यपाल  रमेन डेका ने जशपुर प्रवास के दौरान शनिवार को जिले के प्रमुख पर्यटन स्थल देशदेखा के समीप स्थित केरेगांव में विकसित होम-स्टे का अवलोकन किया। इस दौरान वे स्थानीय आदिवासी संस्कृति, जनजीवन और पारंपरिक आतिथ्य परंपरा से रूबरू हुए। होम-स्टे प्रवास के दौरान उन्होंने देशदेखा समूह की महिलाओं द्वारा पारंपरिक विधि से तैयार किए गए व्यंजनों का स्वाद चखा। राज्यपाल   डेका ने ग्रामीण परिवेश में विकसित होम-स्टे को प्रेरणादायक कदम बताया और कहा कि यह प्रयास न केवल ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देते हैं, बल्कि स्थानीय महिलाओं और ग्रामीण परिवारों की आजीविका को सशक्त बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका भी निभाते हैं।   इस दौरान स्व-सहायता समूहों की महिलाओं ने ‘जसक्राफ्ट’ ब्रांड के तहत छिंद एवं कांसा से निर्मित पारंपरिक आभूषण माला एवं झुमके राज्यपाल को भेंट किए। राज्यपाल  डेका ने स्थानीय महिलाओं द्वारा निर्मित उत्पादों की सराहना करते हुए कहा कि यह पहल कौशल विकास, रोजगार सृजन तथा आर्थिक आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति प्रदान करेगी। इस दौरान ‘देशदेखा क्लाइंबिंग कम्पनी’ के सदस्यों ने भी राज्यपाल से भेंट की। उन्होंने क्षेत्र में एडवेंचर स्पोर्ट्स को बढ़ावा देने के प्रयासों की जानकारी देते हुए बताया कि यहां नियमित रूप से रॉक क्लाइंबिंग जैसे खेलों का आयोजन किया जाता है। राज्यपाल ने अधिकारियों को ऐसे खेलों को निरंतर सहयोग और प्रोत्साहन देने को कहा, ताकि पर्यटन को बढ़ावा मिले और अधिक से अधिक युवा इन गतिविधियों की ओर आकर्षित हों। इस दौरान कलेक्टर  रोहित व्यास, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह, जिला पंचायत सीईओ  अभिषेक कुमार,वनमंडलाधिकारी  शशि कुमार  सहित अन्य अधिकारीगण एवं ग्रामीणजन उपस्थित थे।  

वैश्विक संकट का संकेत: ग्रहों की चाल से भारत और सीमाओं पर पड़ेगा असर!

जालंधर/चंडीगढ़. एक तरफ जहां खाड़ी में अमरीका-इजराईल की ईरान के साथ जंग जारी है तो दूसरी तरफ ज्योतिषाचार्यों का मानना है कि भारत को भी 10 नवम्बर 2026 से 10 मार्च 2027 तक अपनी सीमाओं को लेकर अत्यधिक सतर्क रहना होगा। दिल्ली की प्रमुख ज्योतिषाचार्य मनीजा अहूजा के अनुसार उस समय मंगल सिंह राशि में कभी वक्री होंगे तो कभी मार्गी और यह स्थिति भारतीय सीमाओं पर व्यापक हलचल पैदा करने वाली होगी। उन्होंने कहा कि 31 जुलाई 2026 तक भी अत्यधिक सतर्कता वाला समय रहेगा। उन्होंने बताया कि इसमें भी 15 दिसम्बर से 25 दिसम्बर 2026 तक का समय अत्यंत घातक सिद्ध हो सकता है क्योंकि उस समय मंगल गोचर में शनि को 8वीं दृष्टि से देखेगा। उन्होंने कहा कि रौद्र संवतसर 2083 चल रहा है जिसके बारे में लिखा है कि अहंकारी राजा लड़ते हैं और प्रजा परेशान होती है। उन्होंने कहा कि मंगल की मीन राशि में शनि के साथ युती हो चुकी है। उन्होंने बताया कि खाड़ी युद्ध अब अगले 45 दिनों तक और तेज होगा जिससे व्यापक तबाही दिखाई दे रही है। उन्होंने कहा कि 2030 से 2032 तक 3 वर्ष न केवल भारत बल्कि पूरे विश्व के लिए अत्यधिक खराब रहने वाले हैं। इसकी आहट 2028-29 से सुनाई पड़नी शुरू हो जाएगी। उन्होंने कहा कि जिस तरह रूस टूट गया था उसी तरह से जुलाई 2028 से अमरीका के कई भूखंड अलग होना शुरू हो जाएंगे। पूरे विश्व पर अमरीका का प्रभुत्व कम होगा। ईरान की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि इस्लामिक गुटों का प्रभुत्व मार्च 2029 तक किसी न किसी तरीके से बना रहेगा। इजराईल की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि उसे अगले 3-4 महीनों में व्यापक नुकसान उठाना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि जून 2030 से 2032 तक शनि वृष राशि में रोहिणी नक्षत्र में आते-जाते रहेंगे और यह समय ही पूरे विश्व के लिए खराब सिद्ध होगा। 30 वर्ष पहले भी ऐसी परिस्थितियां बनी थी और उस समय भी काफी तबाही हुई थी परन्तु उस समय बचाव में बृहस्पति थे परन्तु इस बार जीवों के बचाव में बृहस्पति नहीं आएंगे क्योंकि वह अतिचारी अवस्था में चल रहे हैं। डोनाल्ड ट्रम्प की चर्चा करते हुए उनहोंने कहा कि सिंह लग्र की कुंडली में विपरीत ग्रह योग चल रहे हैं और मई 2027 तक ट्रम्प के सभी फैसले अमरीका के लिए घातक सिद्ध होंगे।

भीषण सड़क हादसा बरेली में: टैंकर से भिड़ी बोलेरो और बाइक, पांच जनों की जान गई

बरेली सीबीगंज थाना क्षेत्र में बड़ा बाइपास पर खड़े टैंकर में पीछे से बोलेरो और बाइक टकराने से पांच लोगों की मृत्यु हो गई। हादसे में दो लोग गंभीर रूप से घायल हैं। घायलों को पास के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जानकारी के मुताबिक, परधौली में बडा बाइपास पर सड़क किनारे एक टैंकर खड़ा था। शाम करीब साढ़े चार बजे शहर से रामपुर की ओर गोरखपुर नंबर की बोलेरो कार टैंकर में पीछे से जा टकराई। इसी दौरान पीछे से एक बाइक भी बोलेरो में टकरा गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने घायलों को अलग-अलग अस्पतालों में भेजा, जहां बाइक सवार दोनों युवकों और बोलेरो में सवार तीन युवक को डाक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। वहीं हादसे में घायल तीन अन्य का इलाज चल रहा है, जिसमें दो बच्चे हैं। बाइक सवार दो मृतकों की पहचान सीबीगंज के अटा कायस्थान निवासी मुमताज और शहजाद के रूप में हुई है। वहीं बोलेरो सवार दो लोगों की पहचान फरीदपुर निवासी मनमोहन और पीलीभीत के बीसलपुर निवासी दुर्गेश हैं। एसपी सिटी मानुष पारीक ने बताया कि हादसे में पांच लोगों की मौत हो गई है। घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

शाजापुर में लड़की ने दूसरी जगह सगाई से दुखी होकर प्रेमी संग दी जान

शाजापुर. शाजापुर शहर के लालघाटी थाना क्षेत्र के करेड़ी नाका के पास जहरीला पदार्थ खाने वाले प्रेमी युगल की मौत के बाद दोनों परिवार में मातम पसरा हुआ है। युवती की जिला अस्पताल शाजापुर में उपचार के दौरान मौत हो गई थी। वहीं युवक ने इंदौर ले जाते वक्त रास्ते में दम तोड़ दिया। शुक्रवार सुबह पोस्टमार्टम के दोनों के शव स्वजन को सौंपे गए। पुलिस मामले की जांच कर रही है। गुरुवार को जिले सुनेरा निवासी आशुतोष धाकड़ और देवास निवासी कशिश परिहार ने जहरीला पदार्थ खा लिया था। जहरीला पदार्थ खाने के बाद युवक ने अपने दोस्त को फोन पर सूचना दी। इस पर दोस्त ने दोनों को जिला अस्पताल शाजापुर पहुंचाया था। यहां चिकित्सकों ने शुरुआती ऊपचार किया। हालत गंभीर होने पर दोनों को रेफर किया गया। आशुतोष को स्वजन एंबुलेंस से इंदौर ले गए। वहीं, युवती कशिश के स्वजन नहीं आ पाने के कारण उसका जिला अस्पताल में ही उपचार जारी रहा। जब तक स्वजन अस्पताल पहुंचे कशिश की भी मौत हो गई। अचानक हुए घटनाक्रम से कशिश के परिजन सकते में आए, माता, पिता और भाई का रो-रो कर बुरा हाल हो गया। पिता बोले कुछ दिन पहले ही बेटी की सगाई की थी। तब उससे बात की थी उसने ऐसा कुछ नहीं बताया। खुशी-खुशी सगाई हुई थी, फिर ऐसा क्यों हुआ। मौजूद लोगों ने बमुश्किल पिता को ढांढस बंधाया। कशिश के भाई को आशुतोष ने किया था फोन गुरुवार दोपहर करीब ड़ेढ़ बजे आशुतोष ने कशिश के भाई आयुष को फोन किया था। बताया था कि वह एक-दूसरे से प्यार करते हैं और एक-दूसरे के बिना नहीं रह सकते। आयुष ने आशुतोष को समझाया फिर बहन के बारे में पता किया तो जानकारी मिली की वह साथ ही थी। कशिश को समझाया आयुष ने कहा- मैं बहन को प्यार से बिट्टू कहता हूं। बोला कि बिट्टू क्या है, क्या करना है तुम्हें, दोनों को शादी करनी है। इस पर वह बोली की हां शादी करनी है। मैंने कहा कि यह सगाई के पहले नहीं बता सकती थी। बोली भैया मैं डर गई थी, फिर मैंने उसे समझाया कि अभी जो हुआ चलो ठीक है, मुझे थोड़ा समय लेने दो। मैं घर पर बात करूंगा, अभी घर आ जा। अपन आशुतोष से बात करेंगे। बोली मैं आधे घंटे में निकल रही हूं। उसके बाद तो मेरे पास अस्पताल से फोन आया। मैं अपना सारा काम छोड़कर मोटरसाइकिल से शाजापुर जिला अस्पताल पहुंचा। वहां पर वेंटिलेटर तक नहीं है, ऐसे अस्पताल हैं। मेरी इकलौती बहन थी। मैं क्या देख रहा हूं, जबकि एक से ड़ेढ़ घंटे पहले ही आशुतोष के फोन से मेरी बहन से बात हुई थी। कुछ दिन पहले अपने एक रिश्तेदार के साथ आशुतोष घर आया था। मैंने सामान्य बात की कहा कि खाना खाकर ही जाना। मुझे शूट पर जाना था इसलिये मैं निकल गया था। क्षणिक आवेश ने बिगाड़े दो परिवार युवक-युवती द्वारा आत्महत्या का यह प्रकरण चिंता का सबब भी है। क्षणिक आवेश में आकर दोनों ने जो कदम उठाया वह दोनों ही के परिवार के लिए कभी न मिटने वाला दुख है। सेवानिवृत पुलिस निरीक्षक अवधेश कुमार शेषा ने कहा कि ऐसी घटनाएं परिवार, समाज सभी के लिए चिंता का सबब है।

जंगलों पर माफिया का वार नाकाम: बुरहानपुर में सलाई गोंद की बड़ी खेप पकड़ी गई

बुरहानपुर वन विभाग की टीम ने रविवार को वन परिक्षेत्र खकनार के बोरखेड़ा से करीब साढ़े आठ क्विंटल सलाई गोंद जब्त की है। यह गोंद पिकअप वाहन क्रमांक एमपी 09 जीएच 3170 के माध्यम से ले जाई जा रही थी। वन विभाग की टीम ने जब वाहन रोककर इसकी जांच की तो उसमें गोंद भरी पाई गई, जिसके बाद गोंद और वाहन को जब्त कर लिया गया। चालक के खिलाफ वन अपराध का प्रकरण दर्ज किया जा रहा है। पूरी तरह प्रतिबंध लगाया गया है ज्ञात हो कि जिले के जंगलों से सलाई व धावड़ा सहित अन्य पेड़ों से गोंद की निकासी पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाया गया है। इसके बावजूद गोंद माफिया लगातार सक्रिय हैं और जंगलों से अवैध रूप से गोंद निकाल रहे हैं। बीते माह प्रतिबंध के बावजूद गोंद माफिया द्वारा पेड़ों को खोखला करने संबंधी खबर प्रमुखता से सामने आई थी। इसके बाद वन विभाग ने निगरानी बढ़ाई और लगातार कार्रवाई करते हुए गोंद की बड़ी खेपें पकड़ना शुरू किया है। सीसीएफ और वन विभाग की टीम की संयुक्त कार्रवाई दो दिन पहले खंडवा सीसीएफ और बुरहानपुर वन विभाग की टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए धूलकोट रेंज से 780 किलो गोंद जब्त किया था। इसके अलावा शाहपुर क्षेत्र से एक बाइक भी जब्त की गई थी। उल्लेखनीय है कि एक जनहित याचिका पर निर्णय सुनाते हुए हाईकोर्ट ने गोंद निकासी पर प्रतिबंध लगाया है। इसके चलते वन विभाग ने पूर्व में जारी किए गए गोंद निकासी के सभी लाइसेंस रद्द कर दिए हैं

हांसी जिला मुख्यालय में नया बस अड्डा, सुविधा और ट्रैफिक सुधार पर फोकस

चंडीगढ़. हरियाणा सरकार द्वारा हांसी को नया जिला बनाए जाने के बाद अब क्षेत्र में बुनियादी ढांचे और यातायात सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में कदम तेज कर दिए गए हैं। इसी कड़ी में हांसी में एक आधुनिक बस अड्डा बनाने की योजना पर काम शुरू हो गया है। वर्तमान में हांसी में लगभग 6 एकड़ भूमि पर सब-डिपो संचालित हो रहा है, जहां से सीमित बस सेवाएं चलाई जाती हैं। लेकिन जिला बनने के बाद यात्रियों की संख्या और परिवहन की मांग में संभावित वृद्धि को देखते हुए बड़े बस अड्डे की आवश्यकता महसूस की जा रही है। सूत्रों के अनुसार, नए बस अड्डे के लिए 8 से 10 एकड़ जमीन की जरूरत होगी। इस बस अड्डे से भविष्य में 100 से अधिक बसों का संचालन किया जाएगा, जिससे आसपास के क्षेत्रों और अन्य जिलों के लिए कनेक्टिविटी में सुधार होगा। परिवहन विभाग के निदेशालय ने संबंधित अधिकारियों को हांसी बाईपास के आसपास उपयुक्त भूमि की पहचान करने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों द्वारा जमीन की तलाश का काम शुरू कर दिया गया है और जल्द ही स्थान को अंतिम रूप दिए जाने की संभावना है। नए बस अड्डे के निर्माण से न केवल यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी, बल्कि शहर में ट्रैफिक दबाव भी कम होगा। साथ ही, यह परियोजना हांसी के विकास को नई गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।