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उप मुख्यमंत्री साव का ऐलान: रायगढ़ में सड़क और पुल निर्माण पर 18.72 करोड़ खर्च

रायपुर. राज्य शासन ने रायगढ़ जिले में दनौट कया-कमतरा मार्ग के उन्नयन के लिए 18 करोड़ 71 लाख 96 हजार रुपए स्वीकृत किए हैं। इस राशि से 13.4 किमी सड़क के उन्नयन के साथ ही 60 मीटर लंबा पुल भी बनाया जाएगा। उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण मंत्री अरुण साव के अनुमोदन के बाद राज्य शासन ने मंत्रालय से राशि स्वीकृति के संबंध में प्रमुख अभियंता को परिपत्र जारी कर दिया है। उप मुख्यमंत्री साव ने कार्य में प्रयुक्त की जाने वाली सामग्रियों एवं संपूर्ण कार्य की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश दिए हैं। किसी भी स्तर पर कार्य की गुणवत्ता में कमी पाये जाने पर उत्तरदायित्व का निर्धारण करते हुए नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी। लोक निर्माण विभाग ने प्रमुख अभियंता को कार्य की निविदा समय-सीमा में करने, निर्माण कार्य प्राक्कलन व कार्य संपादित करने में मितव्ययिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। विभाग ने निर्माण एजेंसी से अनुबंधित समय-सीमा में काम पूर्ण किया जाना सुनिश्चित कराने को कहा है। कार्य पूर्ण किये जाने के लिए अनावश्यक समय-सीमा वृद्धि नहीं किए जाने के भी निर्देश विभाग ने दिए हैं। अपरिहार्य एवं नियंत्रण से बाहर मान्य कारणों के आधार पर ही सक्षम अधिकारी द्वारा समय-सीमा में वृद्धि की जा सकेगी।

एमएसपी से किसानों को मिलेगा लाभ, पारदर्शी व्यवस्था हमारी प्राथमिकता: सूर्य प्रताप शाही

एमएसपी से किसानों को मिलेगा लाभ, पारदर्शी व्यवस्था हमारी प्राथमिकता: सूर्य प्रताप शाही कृषि मंत्री ने रबी सीजन की फसलों की खरीद के लिए बनाई गई व्यापक रणनीति के बारे में मंगलवार को दी जानकारी एमएसपी पर दलहन-तिलहन खरीद 7 अप्रैल से होगी शुरू, 30 जून तक चलेगी चना, मसूर, सरसों की खरीद पिछले वर्ष की तुलना में एमएसपी दरों में वृद्धि, कृषि विभाग की योजनाओं पर रिकॉर्ड खर्च और बीज वितरण में ऐतिहासिक उपलब्धि का किया उल्लेख* लखनऊ रबी सीजन 2026-27 में भी किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) का लाभ मिलेगा। कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने मंगलवार को लोक भवन में पत्रकारों से बातचीत में बताया कि चना, मसूर, सरसों की खरीद 7 अप्रैल से 30 जून तक की जाएगी। इस दौरान पारदर्शी डिजिटल व्यवस्था, डीबीटी भुगतान और विस्तृत क्रय नेटवर्क के माध्यम से किसानों को सीधे लाभ पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है।  सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार किसानों की आय बढ़ाने, फसलों का उचित मूल्य दिलाने और कृषि क्षेत्र को सशक्त बनाने के लिए लगातार काम कर रही है। एमएसपी पर दलहन और तिलहन की खरीद की यह रणनीति किसानों के लिए लाभकारी सिद्ध होगी और उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत बनाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि प्रदेश में उर्वरक की कोई कमी नहीं है और 75 जनपदों में उर्वरकों की सप्लाई सुचारु रूप से हो रही है। एमएसपी पर खरीद की व्यवस्था कृषि मंत्री ने बताया कि मूल्य समर्थन योजना किसानों के लिए सुरक्षा कवच के रूप में कार्य करती है। चने का एमएसपी 5875 रुपये प्रति क्विंटल, मसूर का 7000 रुपये प्रति क्विंटल, सरसों का 6200 रुपये प्रति क्विंटल और अरहर का 8000 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है, जिससे किसानों को उनकी उपज का लाभकारी मूल्य मिल सके। खरीद लक्ष्य और समयसीमा सूर्य प्रताप शाही ने बताया कि रबी विपणन वर्ष 2026-27 के लिए राज्य सरकार ने फसलों की खरीद के स्पष्ट लक्ष्य तय किए हैं। उन्होंने कहा कि चने के लिए 2.24 लाख मीट्रिक टन, मसूर के लिए 6.77 लाख मीट्रिक टन, सरसों के लिए 5.30 लाख मीट्रिक टन खरीद का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। कृषि मंत्री ने बताया कि इस वर्ष एमएसपी दरों में वृद्धि कर किसानों को अतिरिक्त लाभ देने का प्रयास किया गया है। उन्होंने कहा कि चने पर 225 रुपये, मसूर पर 300 रुपये और सरसों पर 250 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी की गई है, जिससे किसानों की आय में सीधा इजाफा होगा। सरकार लगातार किसानों की आय बढ़ाने के लिए प्रयास कर रही है और एमएसपी में यह वृद्धि उसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। पारदर्शी खरीद और भुगतान प्रणाली कृषि मंत्री ने बताया कि खरीद प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाने के लिए सभी क्रय केंद्रों पर आधार-सक्षम पीओएस मशीनें स्थापित की गई हैं। इससे वास्तविक किसानों की पहचान सुनिश्चित होगी और किसी प्रकार की गड़बड़ी की संभावना समाप्त होगी। किसानों को उपज का भुगतान सीधे डीबीटी के माध्यम से उनके आधार-लिंक्ड बैंक खातों में भेजा जाएगा, जिससे भुगतान प्रक्रिया तेज और पारदर्शी बनेगी। क्रय केंद्रों और एजेंसियों की व्यवस्था कृषि मंत्री ने बताया कि इस वर्ष खरीद व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए बड़ी संख्या में क्रय केंद्र स्थापित किए जाने का प्रस्ताव है। भारत सरकार की एजेंसियां नैफेड और एनसीसीएफ को राज्य की 5 एजेंसियां यूपीपीसीयू, यूपीपीसीएफ, जैफेड और यूपीएसएस किसानों से उपज को क्रय करके सप्लाई करेंगी, जिसका लाभ किसानों को सीधे खाते में वितरित किया जाएगा। इन एजेंसियों के समन्वय से खरीद प्रक्रिया को अधिक प्रभावी और व्यापक बनाया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक किसान इसका लाभ उठा सकें। कृषि क्षेत्र में उपलब्धियों का किया उल्लेख सूर्य प्रताप शाही ने बताया कि प्रदेश में कृषि क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। वर्ष 2025-26 में कृषि विभाग द्वारा लगभग 5700 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि विभिन्न योजनाओं पर व्यय की गई, जो रिकॉर्ड उपलब्धि है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में सुधारात्मक प्रावधान लागू करने से राज्य को 303 करोड़ रुपये की बचत हुई है। बीज वितरण की दी जानकारी कृषि मंत्री ने बताया कि किसानों को सशक्त बनाने के लिए बड़े पैमाने पर बीज वितरण किया गया है। 11.25 लाख किसानों को 50 फीसदी अनुदान पर बीज उपलब्ध कराया गया, जबकि 12.73 लाख किसानों को मुफ्त बीज वितरित किए गए। जायद फसलों को बढ़ावा देने के लिए इस वर्ष 31,950 क्विंटल बीज उपलब्ध कराया गया, जिसमें मूंगफली, उड़द और मूंग शामिल हैं। उर्वरक उपलब्धता की दी जानकारी राज्य में किसानों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए पर्याप्त मात्रा में उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में राज्य में कुल 25.41 लाख मीट्रिक टन उर्वरक उपलब्ध है, जो सभी 75 जनपदों में संतुलित रूप से वितरित किया गया है। उपलब्ध उर्वरकों में 11.26 लाख मीट्रिक टन यूरिया, 5.08 लाख मीट्रिक टन डीएपी, 4.64 लाख मीट्रिक टन एनपीके, 3.45 लाख मीट्रिक टन एसएसपी तथा 98 हजार मीट्रिक टन पोटाश (एमओपी) शामिल है। यह मात्रा किसानों की वर्तमान जरूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त है और किसी भी जिले में कमी की स्थिति नहीं है। उर्वरकों का वितरण पूरी तरह डिजिटल प्रणाली के माध्यम से किया जा रहा है। पीओएस मशीनों के जरिए अब तक 63.34 लाख मीट्रिक टन उर्वरक किसानों को वितरित किया जा चुका है, जिससे पारदर्शिता बनी हुई है और वास्तविक किसानों तक ही लाभ पहुंच रहा है। अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की कृषि मंत्री ने कहा कि सरकार ने अग्रिम योजना के तहत उर्वरकों का भंडारण भी किया है, ताकि आने वाले खरीफ सीजन में भी किसी प्रकार की कमी न हो। साथ ही वैज्ञानिकों की सलाह के आधार पर प्रति हेक्टेयर उर्वरक उपयोग के मानक तय किए गए हैं, जिससे संतुलित उपयोग को बढ़ावा मिल सके। कृषि मंत्री ने किसानों से अपील की कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें, क्योंकि प्रदेश में उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता है। सरकार लगातार इसकी निगरानी कर रही है, ताकि हर किसान को समय पर उर्वरक मिल सके। सीड पार्क की स्थापना का भी किया उल्लेख कृषि मंत्री ने बताया कि प्रदेश को बीज उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने … Read more

इंदौर की सपना शर्मा ने पैराताइक्वांडो में चौथा गोल्ड जीता, बनीं चार बार की नेशनल चैंपियन

इंदौर  बेंगलुरु के कोरामंगला स्टेडियम में आयोजित पैरा ताइक्वांडो नेशनल चैंपियनशिप 2025-26 में मध्य प्रदेश की प्रतिभाशाली खिलाड़ी सपना शर्मा ने अपनी स्वर्णिम सफलता का सिलसिला जारी रखते हुए एक बार फिर स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया है। यह सपना शर्मा का लगातार चौथा नेशनल गोल्ड मेडल है, जिसके साथ ही वह देश की पहली ऐसी दिव्यांग खिलाड़ी बन गई हैं जिन्होंने खेल जगत में यह विशिष्ट उपलब्धि हासिल की है। इंदौर की रहने वाली सपना की इस ऐतिहासिक जीत ने न केवल उनके शहर बल्कि पूरे प्रदेश का मान बढ़ाया है।  फाइनल मुकाबले में तेलंगाना की खिलाड़ियों को दी मात इस दो दिवसीय राष्ट्रीय प्रतियोगिता का आयोजन 28 और 29 मार्च को किया गया था, जिसमें देशभर के लगभग 70 खिलाड़ियों ने अपना कौशल दिखाया। फाइनल मुकाबले में सपना शर्मा ने अपनी बेहतरीन तकनीक और आत्मविश्वास का परिचय देते हुए प्रतिद्वंद्वियों को पस्त कर दिया। कड़े मुकाबले में तेलंगाना की ममता को रजत पदक से संतोष करना पड़ा, जबकि कृष्णवेणी ने कांस्य पदक हासिल किया। पूरे टूर्नामेंट के दौरान सपना का प्रदर्शन इतना प्रभावी रहा कि उन्होंने हर राउंड में अपना दबदबा बनाए रखा और स्वर्ण पदक पर अपना नाम दर्ज कराया। संघर्षों से लड़कर हासिल किया यह मुकाम सपना शर्मा की सफलता की यह कहानी जितनी सुखद है, उनका सफर उतना ही चुनौतीपूर्ण रहा है। दोनों पैरों में पोलियो होने के बावजूद सपना ने शारीरिक अक्षमता को कभी अपने सपनों के आड़े नहीं आने दिया। ताइक्वांडो से पहले वह टेबल टेनिस में मध्य प्रदेश का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं और आर्म रेसलिंग में भी राष्ट्रीय स्तर पर पदक जीत चुकी हैं। उनकी यह यात्रा आर्थिक कठिनाइयों और पारिवारिक जिम्मेदारियों के बीच निरंतर अभ्यास की मिसाल है। सपना का मानना है कि यदि इरादे मजबूत हों, तो शारीरिक बाधाएं सफलता का रास्ता नहीं रोक सकतीं। खुद की जिंदगी और संघर्ष से सब सीखा सपना का कहना है कि मेहनत, आत्मविश्वास और कभी हार न मानने का जज़्बा ही मेरी सफलता का सबसे बड़ा राज है। मैं हर दिन खुद को पहले से बेहतर बनाने की कोशिश करती हूं। मेरा सबसे बड़ा रोल मॉडल मेरी खुद की जिंदगी और मेरा संघर्ष है। मैंने जो भी सीखा है, अपनी परिस्थितियों से सीखा है। परिवार में पति संज वर्मा और बेटी हनाया है। ये भी मेरे संघर्ष के हिस्सेदार हैं। हर मुश्किल ने मुझे मजबूत बनाया है और आगे बढ़ने की प्रेरणा दी है। हौसले मजबूत हैं कमजोरी आगे बढ़ने से नहीं रोक सकती बकौल सपना अगर किसी एक व्यक्ति की बात करूं, तो मैं उन सभी खिलाड़ियों को अपना रोल मॉडल मानती हूं, जो कठिन परिस्थितियों के बावजूद देश के लिए मेडल जीतते हैं। मेरे लिए असली प्रेरणा वही लोग हैं, जो हालात से हार नहीं मानते, बल्कि अपने संघर्षों को अपनी ताकत बनाकर सफलता हासिल करते हैं। अगर आपके हौसले मजबूत हैं, तो कोई भी कमजोरी आपको आगे बढ़ने से नहीं रोक सकती। अपनी कमजोरी को ही अपनी सबसे बड़ी ताकत बनाइए और अपने सपनों को कभी छोटा मत समझिए।सपना का लक्ष्य है कि लक्ष्य है कि मैं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत के लिए और ज्यादा गोल्ड मेडल जीतूं और देश का नाम रोशन करूं। सपना ने टेबल टेनिस और आर्म रेसलिंग में भी मप्र और भारत का प्रतिनिधित्व किया है। उनका कहना है कि हार मानने वालों में से नहीं हूं, मैं हर बार गिरकर और मजबूत बनकर उठती हूं। परिस्थितियों को बनाया अपनी सबसे बड़ी प्रेरणा सपना अपनी सफलता का श्रेय अपनी मेहनत, आत्मविश्वास और कभी हार न मानने वाले जज्बे को देती हैं। वह किसी अन्य के बजाय अपनी खुद की जिंदगी और संघर्षों को अपना रोल मॉडल मानती हैं। उनके परिवार में पति संजय वर्मा और बेटी हनाया हैं, जो उनके इस कठिन सफर में हमेशा साथ खड़े रहे हैं। सपना का कहना है कि उन्होंने जो कुछ भी सीखा है, अपनी परिस्थितियों से ही सीखा है। वह उन सभी खिलाड़ियों से प्रेरणा लेती हैं जो विपरीत हालातों के बावजूद देश के लिए मेडल जीतकर लाते हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तिरंगा फहराने का है अगला लक्ष्य सपना शर्मा अब अपनी इस सफलता को अंतरराष्ट्रीय पटल पर ले जाना चाहती हैं। वह पहले भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना चुकी हैं, हालांकि कई बार आर्थिक कारणों से वह चयन होने के बाद भी विदेशी दौरों पर नहीं जा सकीं। लेकिन इन असफलताओं ने उन्हें और अधिक मजबूत बनाया है। अब उनका एकमात्र लक्ष्य अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारत के लिए अधिक से अधिक स्वर्ण पदक जीतना और देश का गौरव बढ़ाना है। वह कहती हैं कि वह गिरकर संभलने और हर बार पहले से अधिक मजबूत होकर उभरने में विश्वास रखती हैं।  

सूरज नासिक में रहते हैं और ट्रेनिंग का खर्च हर महीने 2-3 दौड़ों में भाग लेकर मिलने वाली इनामी राशि से निकालते हैं

रायपुर नासिक के एथलेटिक्स ट्रैक पर सूरज माशी और उनके कुछ साथी अक्सर अपने सीनियर खिलाड़ियों को ट्रेनिंग करते हुए बड़े ध्यान से देखते हैं। फर्क सिर्फ इतना है कि वे सिर्फ देख नहीं रहे होते, बल्कि हर छोटी-बड़ी चीज को समझकर उसे अपनी ट्रेनिंग में लागू करने की कोशिश करते हैं। सूरज उन आदिवासी खिलाड़ियों के समूह का हिस्सा हैं, जो हर महीने कोच की फीस नहीं दे सकते और अपने प्रदर्शन को बेहतर बनाने के लिए जो भी मदद मिलती है, उसी पर निर्भर रहते हैं। दौड़ना ही उनका सबसे बड़ा हुनर है, जिसने उन्हें यहां तक पहुंचाया है और जो एक दिन उनकी जिंदगी बदल सकता है।             सूरज ने कहा, “कोचिंग फीस 4000 रुपये प्रति माह है, जिसे मैं वहन नहीं कर सकता। मैं नासिक में किराये पर रहकर पढ़ाई करता हूं और किराया मुझे महाराष्ट्र और गुजरात में दौड़ों में भाग लेकर मिलने वाली इनामी राशि से ही देना पड़ता है। इसलिए मैं खुद ही ट्रेनिंग करता हूं और जब कहीं अटकता हूं तो सीनियर्स या ट्राइबल विभाग के कोच से सलाह लेता हूं।” यही सूरज खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स की एथलेटिक्स प्रतियोगिता में पुरुष 5000 मीटर दौड़ में रजत पदक जीतने में सफल रहे।          सूरज हर महीने सिर्फ 300 रुपये देकर ट्रेनिंग सुविधा का उपयोग करते हैं और सेकेंड हैंड जूते और स्पाइक्स में अभ्यास करते हैं। उनके स्पाइक्स काफी घिस चुके थे, इसलिए उन्हें इस प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए एक साथी धावक से स्पाइक्स उधार लेने पड़े। पालघर जिले के मोखाडा तालुका के एक छोटे से गांव से आने वाले सूरज की जिंदगी संघर्ष और आत्मनिर्भरता की कहानी है। वारली जनजाति से ताल्लुक रखने वाले सूरज, जो एक दिहाड़ी मजदूर के बेटे हैं और चार बहनों के बाद पैदा हुए पहले बेटे हैं, बचपन से ही आत्मनिर्भर रहे हैं। सरकारी आश्रम शाला में पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने दौड़ना शुरू किया।             स्कूल के एक खेल आयोजन के दौरान उन्हें दौड़ने का शौक लगा और तब से यह उनके जीवन का सहारा बन गया। जब सूरज 10वीं कक्षा में थे, उनकी मां घर में गिरने से गंभीर रूप से घायल हो गईं और अब चल-फिर नहीं पातीं। पिछले साल उनकी एक बड़ी बहन का निधन हो गया और उनके तीन छोटे भाई उनसे मार्गदर्शन और सहारे की उम्मीद रखते हैं। स्कूल पूरा करने के बाद सूरज पढ़ाई और खेल को आगे बढ़ाने के लिए नासिक चले गए, लेकिन शहर में रहना और परिवार का सहारा बनना उनके लिए लगातार चुनौती बना हुआ है। उन्होंने कहा, “मैं स्थानीय प्रतियोगिताओं और क्रॉस-कंट्री दौड़ों में भाग लेकर हर महीने करीब 3000 से 5000 रुपये कमा लेता हूं। उसी में से कुछ पैसे बचाकर मैं अपने पिता को भेजता हूं और अपनी पढ़ाई, ट्रेनिंग और बाकी जरूरतें पूरी करता हूं।”           इस साल जून में 19 साल के होने वाले सूरज ने 18 साल की उम्र के बाद पुलिस विभाग में नौकरी पाने की भी कोशिश की। उन्होंने ज्यादातर शारीरिक परीक्षण पास कर लिए, लेकिन शॉट पुट में निर्धारित दूरी पूरी नहीं कर पाने के कारण चयन से चूक गए। हालांकि नौकरी पाना अभी भी उनकी प्राथमिकता है, लेकिन सूरज को भरोसा है कि खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स में उनके प्रदर्शन से उनकी जिंदगी में सकारात्मक बदलाव आएगा। उन्होंने बताया कि महाराष्ट्र सरकार खेलो इंडिया गेम्स के पदक विजेताओं को नकद पुरस्कार भी देती है।

किताबों में घोटाला: MRP मिटाकर ज्यादा दाम वसूले, शिक्षा विभाग ने कसा शिकंजा

ग्वालियर पाठ्यपुस्तकों की वास्तविक कीमत पर स्याही लगाकर अधिक मूल्य पर उन्हें पुस्तक मेले में विक्रय करने वाले आदर्श स्टेशनरी स्टोर्स के संचालक और निजी स्कूल कंगारू किड्स स्कूल के संचालक के खिलाफ ग्वालियर में एफआइआर दर्ज कराई गई है। जिला शिक्षा अधिकारी हरिओम चतुर्वेदी ने गोला का मंदिर थाने में आपराधिक मामला दर्ज कराया है। इससे पहले दोनों को नोटिस दिए गए थे, लेकिन जवाब संतोषजनक न मिलने पर कार्रवाई की गई है। बिना मूल्य और प्रकाशक के बेचे जा रहे थे सेट पुस्तक मेले के पहले ही दिन गत 25 मार्च को एक अभिभावक ने शिकायत की कि उसने अपने बच्चे के लिए आदर्श स्टेशनरी स्टोर से कंगारू किड्स स्कूल सिटी सेंटर की किताबों और स्टेशनरी का सेट 8750 रुपये में खरीदा है। किताबों व स्टेशनरी पर मूल्य अंकित नहीं है और प्रकाशक का नाम भी नहीं है। शिक्षा विभाग की टीम ने तुरंत आदर्श स्टेशनरी स्टोर के स्टाल पर जाकर पुस्तकों के बॉक्स को खोला। चेक किया तो शिकायत सही पाई गई। इस पर टीम ने 26 मार्च को कंगारू किड्स स्कूल में जाकर भी जांच की। संतोषजनक जवाब न मिलने पर कानूनी शिकंजा इसके बाद आदर्श स्टेशनरी स्टोर के संचालक धनराज सेवानी व स्कूल के संचालक उदित गायकवाड़ को कारण बताओ नोटिस जारी किया। नोटिसों का जवाब संतोषजनक न मिलने पर धनराज सेवानी व उदित गायकवाड़ के खिलाफ एफआइआर दर्ज कराई गई है। शिक्षा विभाग के पास कई शिकायतें आईं कि दुकानदार किताबों के प्रिंट मूल्य पर नए मूल्य का स्टीकर लगाकर विक्रय कर रहे हैं। इस पर दुकानदारों का कहना है कि प्रकाशक ने ही स्टीकर लगाए हैं। वे ऐसी किताबों को वापस कर नई किताबें मंगाएंगे। अभिभावकों को वापस कराई जाएगी अधिक ली गई धनराशि शिक्षा विभाग ने कहा है कि जिन अभिभावकों ने 30 मार्च को शाम 6.30 बजे तक किताबें खरीदी हैं और उनमें एमआरपी की जगह पर स्टीकर लगाकर अधिक मूल्य अंकित हैं, तो वे मेला कंट्रोल रूम में पहुंचकर अपनी शिकायत तीन अप्रैल तक दर्ज करा सकते हैं। जो शिकायतें मिलेंगी, उनमें नियमानुसार मूल्य वापसी कराई जाएगी। पुस्तक विक्रेताओं में मचा हड़कंप शिकायतें मिलने के बाद शिक्षा विभाग व प्रशासन की टीम ने 29 मार्च को आदर्श स्टेशनरी स्टोर को सील कर दिया था और नोटिस जारी किया था। 24 घंटे में जवाब मांगा था। इस कार्रवाई से पुस्तक विक्रेताओं में हड़कंप की स्थिति बनी हुई है। हालांकि पिछले साल स्कूलों पर एफआइआर हुई थी, लेकिन इस बार एक दुकानदार भी कार्रवाई की जद में आया है।

पत्रकारबंधुओं की कलम, सबसे बड़ी ताकत: उद्योग मंत्री

रायपुर पत्रकारबंधुओं की कलम, सबसे बड़ी ताकत: उद्योग मंत्री छत्तीसगढ़ के वाणिज्य, उद्योग, श्रम, सार्वजनिक उपक्रम व आबकारी मंत्री  लखनलाल देवांगन ने कहा कि पत्रकारबंधु एक ऐसा दर्पण होते हैं, जो समाज को सच का आईना दिखाने का कार्य करते हैं। उन्होने कहा कि निष्पक्षता एवं पारदर्शिता पत्रकारिता का मूलमंत्र है, समाचार पत्रों में जो छपता है, मीडिया में जो दिखता है, आमजन मानस उसे ही सच मानकर चलता है, अतः यह आवश्यक है कि समाचारों मंें निष्पक्षता, पारदर्शिता व निर्भीकता होनी ही चाहिये। उन्होने कहा कि प्रेस क्लब कोरबा एक ऊर्जावान संस्था है, जो पत्रकारिता व पत्रकारबंधुओं के हितों की रक्षा के लिये निरंतर कार्य कर रही है।  इस आशय के उद्गार आज मंगलवार को उद्योग मंत्री  देवंागन ने कोरबा के तिलक भवन स्थित प्रेस क्लब में आयोजित भूमिपूजन-लोकार्पण कार्यक्रम के दौरान कही। नगर पालिक निगम कोरबा द्वारा वार्ड क्र. 35 खरमोरा डाईट बिल्डिंग तिलक नगर पत्रकार कालोनी के समीप एन.टी.पी.सी. के सीएसआर मद से 15 लाख रूपये की लागत से बाउण्ड्रीवाल का निर्माण कार्य कराया जाना हैं, जिसका वर्चुअल भूमिपूजन आज उद्योग मंत्री  लखनलाल देवांगन के मुख्य आतिथ्य एवं महापौर मती संजूदेवी राजपूत की अध्यक्षता में तिलक भवन में आयोजित कार्यक्रम के दौरान उनके हाथों किया गया। इसी प्रकार वार्ड क्र. 24 तिलक भवन प्रेस क्लब में पार्षद  पंकज देवांगन के पार्षद मद से एलईडी प्रोजेक्टर, स्मार्ट टी.व्ही., साउण्ड सिस्टम व स्क्रीन स्थापना आदि का कार्य कराया गया है, जिसका लोकार्पण भी आज उद्योग मंत्री  देवांगन के करकमलों से सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर उद्योग मंत्री  देवांगन ने दिये गये अपने उद्बोधन में आगे कहा कि मुझे प्रसन्नता है कि जब मैं कोरबा का महापौर था, उस समय प्रेस क्लब का निर्माण किया गया, उस समय भी और आज भी नगर निगम केारबा द्वारा प्रेस क्लब के विकास व अन्य गतिविधियों के लिये लगातार सहयोग दिया जा रहा है, विकास कार्य कराये जा रहे हैं।  प्रदेश के मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन में सरकार ने पुनः इन योजनाओं को प्रारंभ कराया है। उन्होने कहा कि हमारी सरकार देश के यशस्वी प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के सबका साथ-सबका विकास की नीति पर कार्य कर रही है तथा समाज के गरीब, निर्धन, मजदूर, किसान, युवा, महिला व हर वर्ग के लिये कल्याणकारी योजनायें संचालित कर उनके जीवन स्तर को ऊपर उठाने का कार्य कर रही है।  उद्योग मंत्री विकास हेतु लगातार कर रहे फंड की व्यवस्था  इस अवसर पर महापौर मती संजूदेवी राजपूत ने अपने उद्बोधन में कहा कि उद्योग मंत्री  लखनलाल देवांगन कोरबा के सभी 67 वार्डाे में विकास कार्य कराये जाने हेतु लगातार धनराशि की व्यवस्था करा रहे हैं, उनके प्रयासों से विगत 02 वर्षाे के दौरान विभिन्न मदों के अंतर्गत 1000 करोड़ रूपये के विकास कार्याे व परियोजनाओं की स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है।  सहजता, सरलता व सज्जनता के पर्याय हैं उद्योग मंत्री  इस अवसर पर प्रेस क्लब के अध्यक्ष  राजेन्द्र जायसवाल ने कहा कि उद्योग मंत्री  लखनलाल देवांगन अपनी सहजता, सरलता व सज्जनता के लिये जाने जाते हैं, आमजनता के बीच में भी उनकी छबि एक सहज, सरल व सज्जन व्यक्ति के रूप में अंकित है, जहॉं तक कोरबा के विकास का प्रश्न है, उन्होने अपने महापौर कार्यकाल और अब मंत्री कार्यकाल में उम्मीद से आगे बढ़कर कार्य कर रहे हैं। अभी हाल ही में महापौर ने प्रेस क्लब के मल्टी जिम की मरम्मत के लिये 02 लाख रूपये दिये हैं, उद्योग मंत्री  देवांगन ने प्रेस काम्पलेक्स में शौचालय निर्माण हेतु 10 लाख रूपये की राशि स्वीकृत कराई है, आगे भी लगातार उनके द्वारा सहयोग दिया जायेगा, जिसके लिये मैं उद्योग मंत्री  देवांगन व महापौर मती राजपूत के प्रति प्रेस क्लब कोरबा की ओर से धन्यवाद ज्ञापित करता हूॅं। वरिष्ठ पत्रकारों का उद्योग मंत्री व महापौर ने किया सम्मान  31 मार्च को कोरबा प्रेस क्लब का स्थापना दिवस भी मनाया गया, इस मौके पर उद्योग मंत्री  लखनलाल देवांगन एवं महापौर मती संजूदेवी राजपूत ने वरिष्ठ पत्रकारबंधुओं का शाल फल से सम्मान किया तथा पत्रकारिता के क्षेत्र में उनके महत्वपूर्ण योगदान के लिये उन्हें बधाई दी। इस मौके पर वरिष्ठ पत्रकार छेदीलाल अग्रवाल, राजेन्द्र पालीवाल, विश्वनाथ केडिया, मनोज शर्मा, विजय खेत्रपाल, प्रेमचंद जैन, किशोर शर्मा, राज गुप्ते, रवि पी.सिंह व आकाश वास्तव को सम्मानित  किया गया।  इस अवसर पर पार्षद नरेन्द्र देवांगन, अशोक चावलानी, पार्षद पंकज देवांगन, लक्ष्मण वास, ममता यादव, जिला उपाध्यक्ष प्रफुल्ल तिवारी, नरेन्द्र पाटनवार, प्रेस क्लब के संरक्षक मनोज शर्मा, अध्यक्ष राजेन्द्र जायसवाल, उपाध्यक्ष रामेश्वर ठाकुर, सचिव नागेन्द्र वास, महासचिव रघुनंदन सोनी, कोषाध्यक्ष ई. जैन, कार्यकारणी सदस्य राजकुमार शाह, शेख असलम, नीलम पडवार, मधु डिडवानिया, रेणु जायसवाल, प्रीतम जायसवाल, अनिल यादव, प्रतिमा सरकार, ममता आदि के साथ समस्त पत्रकारबंधु  उपस्थित थे।

दण्डकारण्य आज हिंसा से विश्वास की ओर लौटने का साक्षी बन रहा है : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

रायपुर  छत्तीसगढ़ में आज 31 मार्च 2026 का दिन वामपंथी उग्रवाद के अंत के ऐतिहासिक और निर्णायक दिन के रूप में दर्ज हो रहा है। दण्डकारण्य क्षेत्र में “पूना मारगेम – पुनर्वास से पुनर्जीवन” पहल के अंतर्गत 25 माओवादी कैडरों (12 महिला सहित) ने हिंसा का मार्ग छोड़कर मुख्यधारा में वापसी की है। यह घटना नक्सल आतंक के समापन की दिशा में एक स्पष्ट और ठोस उपलब्धि के रूप में सामने आई है। मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने कहा कि आज का दिन दण्डकारण्य और पूरे छत्तीसगढ़ के लिए एक ऐतिहासिक मोड़ है, जब वर्षों से चली आ रही हिंसा और भय की विचारधारा ने आत्मसमर्पण किया है। उन्होंने कहा कि यह विश्वास, लोकतंत्र और जनशक्ति की जीत है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आत्मसमर्पण करने वाले इन 25 माओवादी कैडरों पर कुल ₹1.47 करोड़ का इनाम घोषित था। इनका मुख्यधारा में लौटना इस बात का प्रमाण है कि अब भटके हुए लोगों का भरोसा लोकतांत्रिक व्यवस्था और सरकार की पुनर्वास नीति पर मजबूत हुआ है। उन्होंने कहा कि सुरक्षा बलों की प्रभावी कार्रवाई और सरकार की समन्वित रणनीति के परिणामस्वरूप माओवादी तंत्र निर्णायक रूप से कमजोर हुआ है। इसी क्रम में 93 घातक हथियारों के साथ ₹14.06 करोड़ की बड़ी बरामदगी भी हुई है, जो नक्सली नेटवर्क की कमजोर होती स्थिति को स्पष्ट रूप से दर्शाती है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि यह केवल आत्मसमर्पण नहीं, बल्कि विश्वास की वापसी है। दण्डकारण्य क्षेत्र आज शांति, स्थिरता और सामान्य जीवन की ओर लौटने के इस ऐतिहासिक क्षण का साक्षी बन रहा है। उन्होंने कहा कि 31 मार्च 2026 का यह दिन छत्तीसगढ़ के इतिहास में उस तिथि के रूप में याद किया जाएगा, जब नक्सलवाद के अंत की दिशा में निर्णायक परिणाम सामने आया और प्रदेश ने एक नए युग की दहलीज पर कदम रखा है।

यूपी एसटीएफ की बड़ी कार्रवाई, हाथ जोड़कर माफी मांगता दिखा मौलाना, लंगड़ाते हुए निकला जुलूस

 बहराइच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मां और गौ माता के खिलाफ आपत्तिजनक बयान देने वाले मौलाना अब्दुल्ला सलीम चतुर्वेदी की अकड़ अब काफूर हो चुकी है. यूपीएसटीएफ की टीम मौलाना को बिहार से गिरफ्तार कर बहराइच ले गई थी.  इस दौरान पूछताछ में मौलाना अब्दुल सलीम ने अपना जुर्म कबूल कर लिया. साथ ही उसने एक वीडियो भी जारी किया है जिसमें वह हाथ जोड़कर माफी मांगता और लंगड़ाता हुआ नजर आ रहा है. कौन है मौलान अब्दुल सलीम मूल रूप से बिहार के अररिया के रहने वाले मौलाना अब्दुल्ला सलीम ने एक धार्मिक सभा में गौकशी और सीएम योगी की मां को लेकर अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया था.वीडियो वायरल होने के बाद मौलाना के खिलाफ बहराइच के कोतवाली नगर थाने में 8 मार्च को विश्व हिंदू परिषद (VHP) मुकदमा दर्ज हुआ था. भड़काऊ बयान देने के बाद मौलाना फरार हो गया था जिसे ट्रैक करने के लिए यूपी एसटीएफ की टीमें लगी हुई थीं. इस बीच सादी वर्दी में पहुंची एसटीएफ ने बिहार के पूर्णिया से स्थानीय पुलिस की मदद से उसे हिरासत में लिया और उसे यूपी लेकर आई. जेल भेजा गया मौलाना इस बीच जब यूपीएसटीएफ की टीम ने उसे बहराइच ले जाकर पूछताछ शुरू की तो वह माफी मांगने लगा. मौलान से पूछताछ के बाद का एक वीडिया सामने आया है. इस वीडियो में मौलाना लंगड़ाते हुए हाथ जोड़कर माफी मांगता नजर आ रहा है. इस दौरान उसने लोगों से भी अपील की है कि वे इस तरह की भड़काऊ भाषा का इस्तेमाल न करें.फिलहाल बहराइच पुलिस ने आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए उसे जेल भेज दिया है.    

प्रधानमंत्री आवास योजना से पक्के घरों के सपनों के साथ आजीविका, सम्मान और आत्मनिर्भरता भी हो रहे सुनिश्चित

रायपुर छत्तीसगढ़ राज्य ने प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना के अंतर्गत चालू वित्तीय वर्ष में ऐतिहासिक उपलब्धियाँ हासिल करते हुए पूरे देश में अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित की है। राज्य ने न केवल सर्वाधिक आवास निर्माण पूर्ण कर राष्ट्रीय स्तर पर पहला स्थान प्राप्त किया है, बल्कि मध्यप्रदेश एवं महाराष्ट्र जैसे बड़े राज्यों को भी पीछे छोड़ दिया है। इस उपलब्धि पर उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने हर्ष जताते हुए प्रदेशवासियों एवं हितग्राहियों को शुभकामनाएँ दी।       उन्होंने बताया कि पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के तहत छत्तीसगढ़ ने 'एसएनए स्पर्श' के माध्यम से देश में सर्वाधिक व्यय कर उत्कृष्ट वित्तीय प्रबंधन का भी उदाहरण प्रस्तुत किया है। वर्ष 2016 में योजना के प्रारंभ से अब तक एक ही वित्तीय वर्ष में सर्वाधिक आवास निर्माण का रिकॉर्ड भी इसी वर्ष दर्ज किया गया है, जो राज्य की कार्यकुशलता और प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उप मुख्यमंत्री  शर्मा ने बताया कि आवास से आजीविका’ के अभिनव प्रयास के अंतर्गत निर्माण सामग्री की आपूर्ति से हजारों महिलाओं को रोजगार मिला है। जिसमें रोजगार पाकर 9000 से अधिक बिहान दीदियाँ “लखपति दीदी” बनकर आत्मनिर्भरता की नई मिसाल कायम कर रही हैं। इसके साथ ही इस वर्ष 6000 से अधिक राजमिस्त्रियों को आरसेटी के माध्यम से प्रशिक्षण प्रदान किया गया, जो देश में सर्वाधिक है।          उल्लेखनीय है कि इन प्रशिक्षित राजमिस्त्रियों में 1400 महिलाएँ एवं 400 से अधिक आत्मसमर्पित नक्सली भी शामिल हैं, जो मुख्यधारा में जुड़कर विकास की नई कहानी लिख रहे हैं। पीएम आवास ग्रामीण  के हितग्राहियों को स्थायी आजीविका से जोड़ने हेतु महात्मा गांधी नरेगा के माध्यम से बड़े पैमाने पर व्यक्तिगत कार्य भी कराए गए हैं, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली है।            इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री  विजय शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के नेतृत्व में सरकार ग्रामीण विकास और गरीबों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए सतत प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम से न केवल पक्के घरों का सपना साकार हो रहा है, बल्कि लोगों की आजीविका, सम्मान और आत्मनिर्भरता भी सुनिश्चित हो रही है। राज्य आगे भी इसी गति और प्रतिबद्धता के साथ विकास की नई ऊँचाइयों को छुएगा।

खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स-2026 हिला फुटबॉल: छत्तीसगढ़ और झारखंड फाइनल में

रायपुर खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 के अंतर्गत स्वामी विवेकानंद एथलेटिक्स स्टेडियम कोटा में खेले गए महिला फुटबॉल प्रतियोगिता के सेमीफाइनल मुकाबले रोमांच और उत्कृष्ट खेल प्रदर्शन से भरपूर रहे। पहले सेमीफाइनल में छत्तीसगढ़ और अरुणाचल प्रदेश के बीच बेहद कांटे का मुकाबला देखने को मिला। निर्धारित समय तक दोनों टीमें 2-2 की बराबरी पर रहीं। इसके बाद मैच का फैसला पेनल्टी शूटआउट से हुआ, जिसमें छत्तीसगढ़ ने शानदार प्रदर्शन करते हुए अरुणाचल प्रदेश को 6-5 से हराकर फाइनल में अपनी जगह पक्की की।                 वहीं दूसरे सेमीफाइनल में झारखंड ने गुजरात के खिलाफ एकतरफा जीत दर्ज की। झारखंड की टीम ने आक्रामक खेल दिखाते हुए गुजरात को 9-0 से पराजित किया। पहले हाफ के अंत तक ही झारखंड 4-0 की मजबूत बढ़त बना चुकी थी, जिसे दूसरे हाफ में और मजबूत करते हुए बड़ी जीत हासिल की। इस तरह छत्तीसगढ़ और झारखंड की टीमें अब फाइनल में आमने-सामने होंगी, जहां खिताब के लिए रोमांचक मुकाबले की उम्मीद है।