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रेलवे का बड़ा तोहफा: समर वेकेशन में दौड़ेंगी 18 से ज्यादा स्पेशल ट्रेनें, जानें टाइमटेबल

भोपाल गर्मियों की छुट्टियां शुरू होते ही ट्रेनों में एक बार फिर भारी भीड़ उमडऩे लगी है। भोपाल रेल मंडल से अब तक 18 से ज्यादा समर स्पेशल ट्रेनों का संचालन शुरू किया गया है। इसके बावजूद लंबी दूरी की ट्रेनों में ओवर वेटिंग की स्थिति बन रही है। भोपाल रेल मंडल के अनुसार, गोरखपुर, पुणे, मुंबई के लिए अतिरिक्त स्पेशल ट्रेनों का शेड्यूल जारी कर दिया गया है। रेलवे द्वारा संचालित समर स्पेशल ट्रेनों में नियमित ट्रेनों के मुकाबले 25 प्रतिशत तक ज्यादा किराया तय किया गया है। इन ट्रेनों का संचालन सीमित अवधि के लिए किया जाएगा। अप्रेल और मई में चलेंगी रेलगाडिय़ां ट्रेन संख्या 01415 पुणे- गोरखपुर स्पेशल ट्रेन यात्रा मांग पर 1 से 30 अप्रैल 2026 तक प्रतिदिन पुणे स्टेशन से सुबह 6:50 बजे प्रस्थान करेगी और दूसरे दिन सायं 4 बजे गोरखपुर पहुंचेगी। यह स्पेशल ट्रेन मंडल के इटारसी, रानी कमलापति एवं बीना स्टेशनों से गुजरेगी। ट्रेन संख्या 01416 गोरखपुर-पुणे स्पेशल ट्रेन यात्रा मांग पर 2 अप्रैल से 1 मई 2026 तक प्रतिदिन सायं 5:30 बजे गोरखपुर से प्रस्थान करेगी और तीसरे दिन रात 3:15 बजे पुणे पहुंचेगी।   यह स्पेशल ट्रेन मंडल के बीना, रानी कमलापति एवं इटारसी स्टेशनों से गुजरेगी। ट्रेन संख्या 01079 सीएसएमटी-गोरखपुर स्पेशल ट्रेन यात्रा मांग पर 1 से 30 अप्रैल 2026 तक प्रतिदिन सीएसएमटी स्टेशन से रात 10:30 बजे प्रस्थान करेगी और तीसरे दिन सुबह 10:00 बजे गोरखपुर पहुंचेगी। यह स्पेशल ट्रेन मंडल के इटारसी, भोपाल एवं बीना स्टेशनों से गुजरेगी। इसी प्रकार, ट्रेन संख्या 01080 गोरखपुर-सीएसएमटी स्पेशल ट्रेन यात्रा मांग पर 3 अप्रैल से 2 मई 2026 तक प्रतिदिन दोपहर 2:30 बजे गोरखपुर से प्रस्थान करेगी और तीसरे दिन मध्यरात्रि 12:40 बजे सीएसएमटी पहुंचेगी। यह स्पेशल ट्रेन मंडल के बीना, भोपाल एवं इटारसी स्टेशनों से गुजरेगी। ऐसे कराएं टिकट ट्रेन में टिकट लेने के लिए IRCTC की आधिकारिक वेबसाइट (www.irctc.co.in) या 'IRCTC Rail Connect App' पर अकाउंट रजिस्टर करें। यहां पर आपको लॉगिन करना होगा, जिसके लिए यूजरनेम और पासवर्ड डालना होगा। इसके बाद 'From' (जहां से जाना है) और 'To' (जहां तक जाना है) स्टेशन भरें, यात्रा की तारीख चुनें और 'Search Trains' पर क्लिक करें। उपलब्ध ट्रेनों की सूची में से अपनी पसंद की ट्रेन और क्लास (जैसे- Sleeper, 3AC, 2AC) चुनें। यात्रियों का नाम, उम्र और सीट की प्राथमिकता दर्ज करें। क्रेडिट/डेबिट कार्ड, नेट बैंकिंग या UPI के जरिए टिकट का भुगतान करें। पेमेंट पूरा होने के बाद, आपका ई-टिकट (E-ticket) ईमेल और SMS पर आ जाएगा।

उन्नत खेती से शीला राजवाड़े बनीं लखपति दीदी बिहान’ से जुड़कर संवर रही ग्रामीण महिलाओं की आजिविका

रायपुर महिलाओं को सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक रूप से स्वतंत्र, आत्मनिर्भर और निर्णय लेने में सक्षम बनाना है, ताकि वे पुरुष के बराबर अधिकार और सम्मान प्राप्त कर सकें। यह शिक्षा, स्वास्थ्य, और रोजगार के माध्यम से आत्मविश्वास बढ़ाकर लैंगिक असमानता को खत्म करने की एक प्रक्रिया है। प्रदेश सरकार द्वारा महिला सशक्तिकरण के उद्देश्य से संचालित छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) ग्रामीण अंचलों में महिलाओं के जीवन में नई रोशनी ला रही है। सरगुजा जिले में इस योजना के माध्यम से हजारों महिलाएं न केवल आर्थिक रूप से सुदृढ़ हो रही हैं, बल्कि समाज में अपनी एक नई पहचान भी बना रही हैं।  संघर्ष से सफलता तक का सफर           अम्बिकापुर विकासखंड के ग्राम पंचायत आमदरहा की श्रीमती शीला राजवाड़े की सफलता की कहानी अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई है। वरदान महिला स्वयं सहायता समूह की सदस्य श्रीमती शीला राजवाड़े बताती हैं कि समूह से जुड़ने से पहले उनका जीवन काफी संघर्षपूर्ण था। पति के पास नियमित रोजगार न होने के कारण परिवार की आर्थिक स्थिति दयनीय थी और छोटी-छोटी जरूरतों के लिए उन्हें दूसरों पर निर्भर रहना पड़ता था। 60 हजार के ऋण से शुरू की उन्नत खेती          शीला ने बताया कि वर्ष 2023 में ’बिहान’ योजना से जुड़ने के बाद उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव आया। उन्हें समूह के माध्यम से 60 हजार रुपये का प्रारंभिक ऋण प्राप्त हुआ, जिसे उन्होंने उन्नत सब्जी उत्पादन में निवेश किया। आज वह बड़े पैमाने पर लौकी, करेला और बैंगन जैसी सब्जियों की मिश्रित खेती कर रही हैं। इससे उन्हें न केवल नियमित आय प्राप्त हो रही है, बल्कि वे अपने घर का खर्च भी स्वयं वहन कर रही हैं। जिम्मेदारी और नेतृत्व           महिलाओं को अपने जीवन के हर निर्णय में बराबरी का अधिकार और आत्मविश्वास देना है। जब एक महिला अपने पैरों पर खड़ी होती है, आर्थिक रूप से स्वतंत्र होती है और अपनी आवाज़ बेझिझक उठा पाती है, तो उसका प्रभाव सिर्फ उसके जीवन तक सीमित नहीं रहता। वह पूरे परिवार, समाज और देश को मज़बूत बनाती है। अपनी कार्यकुशलता और समर्पण के कारण शीला को समूह में वी.ओ.ए.  के पद की जिम्मेदारी भी मिली है। वे अब गाँव की अन्य महिलाओं को भी सरकारी योजनाओं का लाभ लेने और समूह से जुड़ने के लिए प्रेरित कर रही हैं। शासन की योजनाओं के लिए जताया आभार            अपनी सफलता का श्रेय प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की कल्याणकारी योजनाओं को देते हुए शीला ने कहा कि बिहान योजना ने महिलाओं को चौखट से बाहर निकलकर उद्यमी बनने का अवसर दिया है। उन्होंने जिले की अन्य दीदियों से भी अपील की है कि वे समूहों से जुड़कर आत्मनिर्भर बनें और परिवार की प्रगति में सहभागी बनें।

स्मार्ट किचन की ओर कदम: भोपाल में PNG कनेक्शन लेने की प्रक्रिया आसान

भोपाल बढ़ती ईंधन की कीमतों और स्वच्छ ऊर्जा की मांग के बीच, अब घरों के लिए पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) एक लोकप्रिय विकल्प बनती जा रही है। यदि आप भोपाल में रहते हैं और नया पीएनजी कनेक्शन लेने की योजना बना रहे हैं, तो अब यह प्रक्रिया बेहद सरल और परेशानी मुक्त हो गई है। यहां जानें आवेदन से लेकर इंस्टॉलेशन तक की पूरी जानकारी। क्या है पीएनजी कनेक्शन? (What is a PNG Connection?) पीएनजी यानी पाइप्ड नेचुरल गैस सीधे पाइपलाइनों के माध्यम से घरों तक पहुंचाई जाती है। एलपीजी (LPG) सिलेंडरों की तुलना में इसे अधिक सुरक्षित, सुविधाजनक और किफायती माना जाता है। इसमें सिलेंडर खत्म होने या बुकिंग करने का झंझट नहीं रहता। भोपाल में मुख्य रूप से भारत गैस रिसोर्सेज लिमिटेड (BGRL) द्वारा पीएनजी सेवाएं प्रदान की जा रही हैं। यह कंपनी घरेलू और वाणिज्यिक (Commercial) दोनों तरह के उपभोक्ताओं की जरूरतों को पूरा करती है। आवेदन कैसे करें? (स्टेप-बाय-स्टेप गाइड) 1. ऑनलाइन आवेदन: सेवा प्रदाता (BGRL) की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं। "न्यू पीएनजी कनेक्शन" (New PNG Connection) विकल्प का चयन करें। अपना विवरण जैसे नाम, पता और मोबाइल नंबर भरें। 2. ऑफलाइन आवेदन: अपने नजदीकी पीएनजी कार्यालय या ग्राहक सेवा केंद्र पर जाएं। आवेदन पत्र भरें और वहां जमा करें। 3. आवश्यक दस्तावेज जमा करें: पहचान पत्र (आधार कार्ड, वोटर आईडी, आदि)। पते का प्रमाण (बिजली बिल, राशन कार्ड आदि)। पासपोर्ट साइज फोटो। सत्यापन और इंस्टॉलेशन की प्रक्रिया साइट सर्वे: आवेदन करने के बाद, कंपनी की तकनीकी टीम आपके घर का दौरा (Site Survey) करेगी। शेड्यूलिंग: यदि आपके क्षेत्र में मुख्य पाइपलाइन उपलब्ध है, तो इंस्टॉलेशन का समय तय किया जाएगा। मीटर फिटिंग: आपके परिसर में एक गैस मीटर और रेगुलेटर लगाया जाएगा। कनेक्शन की लागत और समय     सुरक्षा निधि (Security Deposit): यह लगभग ₹5,000 से ₹7,000 के बीच हो सकती है।     इंस्टॉलेशन शुल्क: यह सेवा प्रदाता और पाइप की लंबाई के आधार पर भिन्न हो सकता है।     समय: आमतौर पर इस प्रक्रिया में 7 से 15 दिन का समय लगता है। यदि आपके क्षेत्र में बुनियादी ढांचा (Infrastructure) तैयार नहीं है, तो इसमें अधिक समय लग सकता है। पीएनजी के मुख्य लाभ     बुकिंग से आजादी: एलपीजी सिलेंडर बुक करने की कोई आवश्यकता नहीं।     निर्बाध आपूर्ति: 24 घंटे बिना रुके गैस की सप्लाई।     सुरक्षित और इको-फ्रेंडली: यह पर्यावरण के अनुकूल है और एलपीजी से अधिक सुरक्षित मानी जाती है।     किफायती: लंबे समय में यह सिलेंडर के मुकाबले सस्ती पड़ती है। भोपाल में पीएनजी कनेक्शन प्राप्त करना अब एक सीधी प्रक्रिया है। सही दस्तावेजों और साधारण आवेदन के साथ, आप कुछ ही दिनों में अपने घर पर निर्बाध और स्वच्छ ईंधन का आनंद ले सकते हैं।

3 राज्यों की पुलिस को चकमा देता रहा चोर दंपती, 12 शहरों में 100 से ज्यादा चोरी की वारदात

ग्वालियर महाराजपुरा इलाके में लगातार हो रही चोरियों का पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। पुलिस ने शातिर चोर अरविंद रजक और उसकी पत्नी ज्योति रजक को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 105 ग्राम सोने के गहने और दो लाख रुपये नकद बरामद किए हैं। खंडहर में गाड़कर रखा था चोरी का माल पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी दंपती चोरी के गहनों को आंतरी स्थित एक खंडहरनुमा घर में जमीन के अंदर करीब पांच फीट गहरा गड्ढा खोदकर छिपाते थे। समय के साथ उस स्थान पर घास उग आई थी, जिससे किसी को शक नहीं हुआ। पुलिस ने खुदाई कर वहां से सामान बरामद किया। सीसीटीवी से मिला सुराग, दंपती गिरफ्तार महाराजपुरा में रिटायर्ड सूबेदार ओंकार सिंह तोमर के घर हुई चोरी के बाद पुलिस ने जांच शुरू की थी। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर अरविंद रजक की पहचान हुई और उसे गिरफ्तार किया गया। पूछताछ के दौरान उसकी पत्नी ज्योति को भी हिरासत में लिया गया। 100 से ज्यादा वारदात, 56 एफआईआर दर्ज जांच में खुलासा हुआ कि अरविंद रजक मध्यप्रदेश के कई शहरों के साथ-साथ गुजरात में भी चोरी की वारदातें कर चुका है। उसने अब तक 100 से अधिक चोरियों को अंजाम दिया है और उसके खिलाफ 56 FIR दर्ज हैं। हालांकि, महाराजपुरा क्षेत्र की उसने छह चोरियां कबूल की हैं। सूबेदार के घर की चोरी पर बना संशय पुलिस के अनुसार 105 ग्राम सोना बरामद हुआ है, लेकिन रिटायर्ड सूबेदार के घर से चोरी हुआ सामान अब तक नहीं मिला है। आरोपी का कहना है कि वहां से उसे केवल 600 रुपये मिले थे, जबकि पीड़ित ने 50 लाख रुपये की चोरी का दावा किया था। पुलिस ने पांच लाख रुपये की चोरी दर्ज की थी। मोबाइल में मिले अहम सुराग ज्योति रजक के मोबाइल से चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। अरविंद की गिरफ्तारी के बाद ज्योति ही वकील का इंतजाम कर रही थी। मोबाइल में उत्तर प्रदेश के कुछ पुलिसकर्मियों और वकीलों से बातचीत के रिकॉर्ड भी मिले हैं, जिसकी जांच जारी है।

खौफनाक वारदात: पालक नहीं बनाने पर गर्भवती पत्नी को उतारा मौत के घाट, पति गिरफ्तार

खरगोन क्षेत्र के ग्राम जामर्दा (टिगरिया) में शुक्रवार को सुबह उस समय सनसनी फैल गई, जब पति ने अपनी पत्नी की कुल्हाड़ी से निर्मम हत्या कर दी। इससे क्षेत्र में सनसनी फैल गई और मृतका के परिजन भी मौके पर पहुंच गए। किसी अनहोनी की आशंका के चलते पुलिस बल मौके पर पहुंच गया। जानकारी के अनुसार, मृतका का नाम शीलाबाई (25 वर्ष) है। वह अपने पति सुनील भील और दो बच्चों के साथ गांव में रहती थी। घटनानुसार, वह अपनी पत्नी को घर के समीप खेत में ले गया और वहां उसने घटना को अंजाम दिया। पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची इस दौरान उसने कुल्हाड़ी से वार कर उसका सिर धड़ से अलग कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही एसडीओ (पुलिस) भीकनगांव राकेश आर्य और प्रभारी सेमलिया गेहलोद पुलिस बल सहित पहुंचे। इसके बाद फॉरेंसिक विशेषज्ञ डॉ. सुनील मकवाना भी वहां पहुंचे और आवश्यक कार्रवाई की गई। मृतका का शव शासकीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया, जहां डॉ. सूर्यांश गंगराड़े ने शाम करीब 5 बजे शव परीक्षण किया। उन्होंने बताया कि 12 घंटे की समयावधि में धारदार हथियार से महिला की हत्या की गई है। पुलिस कार्रवाई और परिजनों का दर्द थाना प्रभारी सेमलिया ने बताया कि महिला की कुल्हाड़ी से हत्या की गई है। मामले में प्रकरण पंजीबद्ध कर आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। मामले में धुलकोट थाना क्षेत्र की रहने वाली मां नाइजाबाई पति सुरसिंह ने बताया कि पांच साल पहले मेरी बेटी शीलाबाई की शादी सुनील से हुई थी। पिछले एक वर्ष से सुनील मेरी बेटी से मिलने नहीं दे रहा था। हम बात करते थे तो वह फोन बंद कर देता था। एक साल से पता ही नहीं चल पा रहा था कि उनकी लड़की कहां है। एक साल से नहीं होने दी मुलाकात: होली पर चला था पता कुछ दिन पहले होली पर पता चला कि हमारी लड़की जामर्दा में है। यहां हम आए थे लेकिन तब हमें घर नहीं मिल पाया था। इस हृदयविदारक घटना के बाद गांव में मातम और डर का माहौल है। पुलिस आरोपी पति की तलाश और मामले की विस्तृत जांच में जुटी हुई है।  

अरुणाचल के वेटलिफ्टरों का विमानतल पर रंगारंग स्वागत

रायपुर खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स में भागीदारी के लिए खिलाड़ियों का छत्तीसगढ़ पहुंचना शुरू हो गया है। आज सवेरे अरुणाचल प्रदेश के वेटलिफ्टरों का 14 सदस्यीय दल रायपुर पहुंचा। इनमें 13 खिलाड़ी और एक सपोर्टिंग स्टॉफ शामिल है। खिलाड़ियों के छत्तीसगढ़ आगमन पर रायपुर के स्वामी विवेकानंद विमानतल पर राऊत नाचा दल की रंगारंग प्रस्तुतियों के बीच खेल एवं युवा कल्याण विभाग तथा साई (SAI) के अधिकारियों ने गुलाब भेंटकर सभी खिलाड़ियों का हार्दिक स्वागत किया। 23 मार्च को कई राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के खिलाड़ी बड़ी संख्या में रायपुर पहुंचेंगे। देश में पहली बार खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स का आयोजन छत्तीसगढ़ के तीन शहरों – रायपुर, अंबिकापुर और जगदलपुर में किया गया है। इसमें देशभर के करीब तीन हजार जनजातीय खिलाड़ी अपनी प्रतिभा दिखाएंगे। 25 मार्च से 3 अप्रैल तक छत्तीसगढ़वासियों को सात खेलों में रोमांचक मुकाबले देखने को मिलेंगे। इस दौरान पुरूष और महिला वर्गों में हॉकी, फुटबॉल, कुश्ती, एथलेटिक्स, तैराकी, तीरंदाजी और वेटलिफ्टिंग की प्रतियोगिताएं होंगी।

नई टीम, नया जोश: महानगर में भाजपा पदाधिकारियों का जोरदार स्वागत, मिला मजबूत संगठन का लक्ष्य

बरेली भारतीय जनता पार्टी महानगर इकाई में नई टीम के गठन के साथ ही संगठन ने ताकत का प्रदर्शन शुरू कर दिया है। सिविल लाइंस स्थित पार्टी कार्यालय में नवनियुक्त पदाधिकारियों का भव्य स्वागत किया गया, जहां मंत्रियों और जनप्रतिनिधियों ने साफ संदेश दिया कि अब संगठन की नीतियां घर-घर तक पहुंचानी होंगी। कार्यक्रम में वन एवं पर्यावरण मंत्री डॉ. अरुण कुमार, सांसद छत्रपाल गंगवार, महापौर डॉ. उमेश गौतम और महानगर अध्यक्ष अधीर सक्सेना ने नवनियुक्त पदाधिकारियों को पटका और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। कार्यक्रम में उत्साह और जोश का माहौल देखने को मिला। मंत्री बोले, हर घर तक पहुंचे भाजपा की नीति वन एवं पर्यावरण मंत्री डॉ. अरुण कुमार ने पदाधिकारियों को बधाई देते हुए कहा कि सभी कार्यकर्ता संगठन की नीतियों को जन-जन तक पहुंचाने का काम करें। उन्होंने कहा कि यही कार्यकर्ताओं की असली जिम्मेदारी है और इसी से संगठन मजबूत होगा। सांसद छत्रपाल गंगवार ने सभी नवनियुक्त पदाधिकारियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि हर कार्यकर्ता पूरी ताकत और समर्पण के साथ संगठन में काम करे। उन्होंने कहा कि संगठन की मजबूती ही भाजपा की असली ताकत है। महापौर बोले, महानगर में बनें संगठन की पहचान महापौर डॉ. उमेश गौतम ने पदाधिकारियों से आह्वान किया कि वे महानगर में संगठन की पहचान बनें और सक्रिय भूमिका निभाएं। उन्होंने कहा कि हर कार्यकर्ता महत्वपूर्ण है और सभी को जिम्मेदारी के साथ काम करना होगा। एससी-एसटी आयोग सदस्य उमेश कठेरिया ने भी नवनियुक्त पदाधिकारियों को शुभकामनाएं देते हुए संगठन को मजबूत करने का आह्वान किया।   ये बने नए पदाधिकारी, बड़ी जिम्मेदारी संभाली नवनियुक्त पदाधिकारियों में महानगर उपाध्यक्ष प्रभु दयाल लोधी, डॉ. तृप्ति गुप्ता, विष्णु अग्रवाल, राज किशोर कश्यप, प्रवेश वर्मा, डॉ. रामचंद्र मौर्य, अमरीश कठेरिया, विभु शर्मा, महामंत्री विष्णु शर्मा, डॉ. आदेश गंगवार, राजीव साहनी, मंत्री अजय चौहान, रितेश गुप्ता, लता सिंह बघेल, रेनू शर्मा, कुमार गौरव शर्मा, राधे गुर्जर, मनजीत सिंह नागपाल, सत्तू सागर, श्रीमती रितु सागर, बंटी ठाकुर, गरिमा कमांडो, संतोष कश्यप, छंगमल मौर्य, सतीश कातिव, वीरेंद्र अरोड़ा, नरेंद्र मौर्य सहित महानगर के पदाधिकारी, मंडल अध्यक्ष और पार्षद बड़ी संख्या में मौजूद रहे।

बेसमेंट बना सट्टे का अड्डा: छत्तीसगढ़ में करोड़ों के ऑनलाइन जुए का खुलासा, 7 आरोपी पकड़े गए

भिलाई जिले में ऑनलाइन सट्टा के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए जामुल पुलिस ने संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने मौके से सात आरोपितों को गिरफ्तार किया है जो आधुनिक तकनीक और इंटरनेट मीडिया के जरिये करोड़ों रुपये का अवैध कारोबार कर रहे थे। पुलिस की प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि प्रतिदिन तीन लाख से लेकर सात लाख रुपये तक के लेन-देन एवं करोड़ों रुपये के अवैध कारोबार का संचालन होना पाया गया है। किराए के मकान से चल रहा था नेटवर्क अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर सुखनंदन राठौर ने बताया कि जामुल पुलिस को जामुल थाना क्षेत्र अंतर्गत नालंदा स्कूल के पीछे सुंदर विहार कॉलोनी फेस-2 स्थित एक किराए के मकान में संगठित ऑनलाइन सट्टा गिरोह के संचालन की सूचना प्राप्त हुई। सूचना पर पुलिस टीम द्वारा त्वरित कार्यवाही करते हुए मौके पर दबिश दी गई, जहां आरोपितों को ऑनलाइन सट्टा संचालन करते हुए पकड़ा गया। जांच में पाया गया कि आरोपितों द्वारा ड्रैगन टाइगर, अंदर-बाहर, तीन पत्ती, टेनिस, फुटबॉल एवं रूलेट जैसे खेलों पर ऑनलाइन सट्टा संचालित किया जा रहा था। इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप के जरिए बिछाया जाल ग्राहकों को इंस्टाग्राम एवं व्हाट्सएप के माध्यम से जोड़कर आईडी उपलब्ध कराई जाती थी तथा मोबाइल एवं लैपटॉप के माध्यम से सट्टा खिलाया जाता था। प्रकरण में जिन आरोपितों को गिरफ्तार किया गया है उसमें पोषण निषाद (26) अंजोरा, योगेश कुमार विश्वकर्मा (22) जलेबी चौक छावनी, गौरव तिवारी (26) कबीर नगर रायपुर, संजय कुमार जायसवाल (26) कैंप-1 जलेबी चौक, चुनेश निषाद (20) श्याम नगर छावनी, विक्रम सिंह उर्फ विक्की (30) न्यू बसंत टाकीज़ के पास थाना छावनी और उदल हमणे (19) न्यू बसंत टाकीज़ के पास थाना छावनी शामिल हैं। बीएनएस और जुआ प्रतिषेध अधिनियम के तहत मामला दर्ज प्रकरण में आरोपितों के विरुद्ध धारा 318(4) बीएनएस एवं 6, 7, 8 छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम 2022 के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया है। प्रारंभिक जांच में प्रतिदिन तीन लाख रुपये से लेकर सात लाख तक के लेन-देन एवं करोड़ों रुपये के अवैध कारोबार का संचालन होना पाया गया है। पुलिस अब इस गिरोह के मुख्य सरगना और अन्य संपर्कों की तलाश में जुट गई है। म्यूल खातों के माध्यम से लेन-देन छिपाने का प्रयास पुलिस ने बताया कि गिरोह द्वारा विभिन्न सिम कार्ड एवं म्यूल बैंक खातों के माध्यम से अवैध लेन-देन को छिपाने का प्रयास किया जाता था। गिरोह में कार्यों का स्पष्ट विभाजन था तथा तकनीकी रूप से बाहरी व्यक्तियों द्वारा भी संचालन नियंत्रित किया जाता था। पुलिस ने आरोपितों के कब्जे से एक लाख नगद रकम, सात बैंक पासबुक, 16 मोबाइल फोन, 15 एटीएम कार्ड, एक लैपटॉप, वाई-फाई उपकरण, लेन-देन संबंधी रजिस्टर और एक पासपोर्ट की जब्ती बनाई है।  

प्रदेश के पारंपरिक उत्पादों की ब्रांडिंग और मार्केटिंग कर वैश्विक स्तर तक पहुंचाने के प्रयास जा

भोपाल  एमएसएमई मंत्री  चेतन्य कुमार कश्यप ने उद्यमियों से अपील की है कि वे जीआई टैग का अधिकतम उपयोग कर रतलामी सेव के उत्पाद को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्थापित करें। सबका प्रयास हो कि रतलामी सेव के नाम के साथ काम भी विश्व स्तरीय हो।’एक जिला एक उत्पाद यानि ओ डीओ पी’ योजना का मुख्य उद्देश्य जिले के पारंपरिक उत्पादों की ब्रांडिंग और मार्केटिंग कर उन्हें वैश्विक स्तर तक पहुंचाना है।मंत्री  काश्यप रविवार को रतलाम में एक जिला एक उत्पाद समिट 2026 को संबोधित कर रहे थे।समिट में उद्यमियों के अलावा निवेशकों और अधिकारियों ने सहभागिता की। मंत्री  काश्यप ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार के प्रयासों से रतलाम के सेव, शिवपुरी की जैकेट और मुरैना की गजक जैसे उत्पाद प्रदेश की पहचान बन चुके हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी द्वारा भी रतलाम के सेव का उल्लेख किया गया है, जिससे इसे अंतरराष्ट्रीय पहचान मिली है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश में उद्योगों को विकसित करने की दिशा में तेजी से कार्य किये जा रहे हैं। वर्तमान में राज्य की जीडीपी में कृषि का योगदान लगभग 30-40 प्रतिशत है, जबकि उद्योगों का योगदान करीब 20 प्रतिशत है,जिसे बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है। प्रदेश में औद्योगिक संभावनाओं को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न क्षेत्रीय उद्योग सम्मेलनों का आयोजन किया जा रहा है, जिनमें स्थानीय एवं बाहरी निवेशकों को आमंत्रित किया जा रहा है। इन सम्मेलनों के माध्यम से प्रदेश की क्षेत्रीय पहचान को मजबूत कर नए उद्योगों को आकर्षित कर प्रदेश के उद्योगों का बहुमुखी विकास किया जा रहा है। मंत्री  काश्यप ने रतलाम की सेव के व्यवसाय को पहचान दिलाने के लिए किये गये कार्यों एवं रतलामी सेव को विश्व स्तर पर पहचान दिलवाने वाले व्यक्तियों और व्यावसाईयो का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी लघु सूक्ष्म एवं मध्यम उद्यम को देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ मानते हैं और स्थानीय उद्यमों के विकास के लिए प्राथमिकता देते हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने उद्योगों के विकास को रफ्तार दी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्थानीय उत्पादों को पहचान दिलाने के लिए प्राथमिकता से काम करते हुए उद्यमियों को प्रदेश मे निवेश के लिए अनुकूल वातावरण देने के लिए औद्योगिक नीति को सरल बनाया है। उन्होंने उद्यमियों से अनुरोध किया कि वे जिले में आकर रतलाम सेव के व्यवसाय को आगे बढ़ाने के काम मे सहयोग करें। मध्यप्रदेश सरकार हर कदम पर आपके साथ है। मंत्री  काश्यप ने समिट मे रतलाम सेव को जीआई टेग दिलवाने वाले  शैलेन्द्र गाँधी को सम्मानित किया। कार्यक्रम का शुभारंभ एमएसएमई मंत्री  चैतन्य काश्यप एवं अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया। स्वागत उदबोधन  मनोहर पोरवाल अध्यक्ष रतलामी सेव मंडल ने दिया। आयुक्त एमएसएमई  दिलीप कुमार द्वारा कार्यक्रम में विभागीय पहलों एवं एमएसएमई क्षेत्र के विकास के लिए राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों पर प्रकाश डाला गया। कार्यक्रम में रतलामी सेव की उत्पत्ति, विकास यात्रा एवं विशिष्टताओं पर डिजिटल प्रस्तुति दी गई। प्रतिभागियों को ऐतिहासिक एवं व्यावसायिक महत्व, मार्केटिंग एवं लॉजिटिक्स से अवगत कराया गया। उत्पादन,गुणवत्ता,खाद्य सुरक्षा मानक और निर्यात अवसर पर चर्चा उत्पादन, शेल्फ लाइफ, निर्यात एवं बीएसएम सत्र मे उत्पादन, गुणवत्ता, खाद्य सुरक्षा मानक, निर्यात अवसर एवं क्रेता-विक्रेता मीटिंग (बीएसएम) के महत्व पर चर्चा की गई। कार्यक्रम के दौरान बी2बी एवं जी2बी मीटिंग्स, वन-टू-वन इंटरैक्शन तथा क्रेता-विक्रेता मीटिंग का आयोजन किया गया, जिससे स्थानीय उद्यमियों को संभावित खरीदारों एवं संस्थागत साझेदारों से जुड़ने का अवसर प्राप्त हुआ।  

संघर्ष, संकल्प और सतत परिश्रम से यूपीएससी में प्रदेश के 61 प्रतिभाशाली युवाओं ने रचा इतिहास

भोपाल संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) परीक्षा में प्रदेश के 61 प्रतिभाशाली विद्यार्थियों ने चयनित होकर न सिर्फ मध्यप्रदेश, बल्कि पूरे देश में नाम रोशन किया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 23 मार्च को इन सफल अभ्यर्थियों से संवाद करेंगे। इन सफलताओं के पीछे केवल प्रतिभा ही नहीं, अपितु कठिन परिश्रम, अटूट संकल्प और विपरीत परिस्थितियों से लड़ने का साहस भी है। कई विद्यार्थी साधारण परिवारों से हैं; किसी के माता-पिता किसान हैं, तो कोई दुकानदार या आंगनवाड़ी कार्यकर्ता के परिवार से आता है। कई अभ्यर्थियों ने शासकीय स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों से पढ़ाई कर यह मुकाम हासिल किया है। यूपीएससी परीक्षा के चयन में बेटियां भी नहीं पीछे संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) परीक्षा में सफल होने में बेटियां भी पीछे नहीं है। प्रदेश से चयनित 61 अभ्यर्थियों में कई बेटियां भी हैं, जिन्होंने परीक्षा में उत्कृष्ट स्थान हासिल कर सफलता पाई है। इसमें इंदौर की सु अनन्या शर्मा को देशभर में 13वीं रैंक मिली हैं। जबकि खंडवा की सु रूपल जायसवाल को 43वीं रैंक, इंदौर की सु दीक्षा चौरसिया 44वीं, रीवा की सु समीक्षा द्विवेदी को 56वीं रैंक, नरसिंहपुर की सु दीक्षा पाटकर को 88वीं रैंक प्राप्त हुई हैं। देशभर में उत्कृष्ट स्थान प्राप्त करने वाले अभ्यर्थी  ईशान भटनागर 5वीं रैंक,  पक्षाल सेक्रेटरी 8वीं रैंक, सु अनन्या शर्मा 13वीं रैंक,  चितवन जैन 17वीं रैंक, सु रूपल जायसवाल 43वीं रैंक, सु दीक्षा चौरसिया 44वीं रैंक, सु समीक्षा द्विवेदी को 56वीं,  अनिमेष जैन 63,  विश्वजीत गुप्ता 67वीं रैंक, सु दीक्षा पाटकर 88वीं रैंक शामिल हैं। दृष्टिहीनता को बनाया ताकत, अक्षत बल्दवा ने हासिल की 173वीं रैंक इंदौर निवासी  अक्षत बल्दवा ने यह साबित कर दिया कि शारीरिक सीमाएं सफलता की राह नहीं रोक सकतीं। जन्म के डेढ़ माह बाद ‘रेटिनोब्लास्टोमा’ के कारण दृष्टिहीन होने के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी। हिंदी माध्यम से शासकीय विद्यालय में पढ़ाई करने वाले  अक्षत ने कॉमन लॉ एडमिशन टेस्ट उत्तीर्ण कर बेंगलुरु के नेशनल लॉ स्कूल ऑफ इंडिया यूनिवर्सिटी में प्रवेश लिया। विधि की पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने सिविल सेवा का लक्ष्य तय किया और सीमित समय में ही 173वीं रैंक हासिल कर ली। उनका मानना है, "असली दृष्टि आंखों से नहीं, मन से होती है। यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत निरंतर, तो कोई बाधा बड़ी नहीं होती।" किसान परिवार की बेटी सु प्राची चौहान ने हासिल की 260वीं रैंक विदिशा जिले के ग्राम जोहद की रहने वाली सु प्राची चौहान ने चौथे प्रयास में 260वीं रैंक हासिल कर अपने परिवार और प्रदेश का गौरव बढ़ाया है। किसान पिता और गृहिणी मां की बेटी सु प्राची ने अभावों में रहकर भी अपने लक्ष्य को नहीं छोड़ा। गणित में स्नातक करने के बाद उन्होंने लगातार प्रयास जारी रखा। वे कहती हैं, "हर असफलता हमें कुछ नया सिखाती है। धैर्य और ईमानदारी से किया गया प्रयास कभी व्यर्थ नहीं जाता।" दुकानदार पिता और आंगनवाड़ी कार्यकर्ता मां की बेटी सु मोहसिना बानो को 648वीं रैंक टीकमगढ़ की निवासी सु मोहसिना बानो ने 648वीं रैंक प्राप्त कर यह साबित किया कि सही रणनीति और निरंतरता सफलता की कुंजी है। उनके पिता  मोहम्मद इकराम दुकानदार हैं और मां  शाहजहां बेगम आंगनवाड़ी कार्यकर्ता। सु मोहसिना का मानना है कि प्रारंभिक और मुख्य परीक्षा की गहरी समझ और विश्लेषण ही तैयारी को सही दिशा देता है। वे अभ्यर्थियों को सलाह देती हैं, "तैयारी को केवल ज्ञान तक सीमित न रखें, बल्कि उसे रणनीति से जोड़ें और धैर्य बनाए रखें।" सरकारी कॉलेज से पढ़ाई, तीसरे प्रयास में सु प्राची जैन को मिली सफलता (714वीं रैंक) नरसिंहपुर की सु प्राची जैन ने तीसरे प्रयास में 714वीं रैंक हासिल की। उन्होंने सरोजिनी नायडू शासकीय कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय से वाणिज्य विषय में स्नातक किया। उनके पिता  प्रमोद जैन इलेक्ट्रीशियन और मां  बबीता जैन गृहिणी हैं। सु प्राची कहती हैं कि यह सफलता निरंतर प्रयास, अनुशासन और सकारात्मक सोच का परिणाम है। उनका संदेश है, "यदि आप अपने लक्ष्य के प्रति स्पष्ट और ईमानदार हैं, तो सफलता अवश्य मिलेगी।" किसान परिवार के  अंकुश पाटीदार ने चार प्रयासों के बाद पाई 780वीं रैंक मंदसौर जिले के गांव नारिया बुजुर्ग के  अंकुश पाटीदार ने 780वीं रैंक हासिल कर अपने संघर्ष को सफलता में बदला है।किसान परिवार से आने वाले  अंकुश ने शासकीय स्कूल-कॉलेज से पढ़ाई की और चार प्रयासों के बाद यह मुकाम हासिल किया है। इस यात्रा में उनकी बहनों ने उनका मनोबल बढ़ाया। वे कहते हैं, "संघर्ष इस परीक्षा का हिस्सा है, लेकिन यदि संकल्प मजबूत हो तो सफलता निश्चित है।"  अंकुश ने आगे कहा, "मेरी प्राथमिक शिक्षा गांव से ही शुरू हुई, जिसके बाद शामगढ़ तहसील से उच्चतर माध्यमिक परीक्षा उत्तीर्ण कर इंदौर के देवी अहिल्या विश्वविद्यालय से अपना स्नातक किया।सिविल सेवा की वास्तविक यात्रा इंदौर से ही आरंभ हुई। उन्होंने बताया कि यह पथ सरल नहीं था, मैंने कुल चार प्रयास किए, जिनमें से दो बार मुझे साक्षात्कार तक पहुंचने का अवसर मिला। इस लंबी और चुनौतीपूर्ण यात्रा में मेरी सबसे बड़ी प्रेरणा मेरी बहनें रही हैं, जिन्होंने हर मोड़ पर मेरा संबल बनकर मुझे आगे बढ़ने का साहस दिया। चयनित कुल 61 विद्यार्थियों में से 15 ने की शासकीय महाविद्यालयों एवं विश्वविद्यालयों से पढ़ाई यूपीएससी परीक्षा में चयनित कुल 61 विद्यार्थियों में से 15 अभ्यर्थी ऐसे हैं, जिन्होंने शासकीय महाविद्यालयों एवं विश्वविद्यालयों से शिक्षा प्राप्त कर सफलता अर्जित की है। यह आंकड़ा प्रदेश के सरकारी शैक्षणिक संस्थानों की गुणवत्ता तथा विद्यार्थियों की प्रतिभा को स्पष्ट रूप से दर्शाता है। इसमें  आशीष शर्मा, स्नातक जीवाजी विश्वविद्यालय ग्वालियर,  पुलकित जैन, बीएससी उच्च शिक्षा उत्कृष्टता संस्थान भोपाल, सु प्राची चौहान, बीएससी, सुभद्रा शर्मा, शासकीय कन्या महाविद्यालय गंजबासौदा, सु सौम्या जैन बीए गांधी पीआर कॉलेज, भोपाल,  आयुष स्वामी, बीए जेएलएन कॉलेज सोहागपुर नर्मदापुरम,  निकित सिंह बीए अर्थशास्त्र अटल बिहारी बाजपेयी महाविद्यालय इंदौर,  दीपक बघेल बीए जीवाजी विश्वविद्यालय ग्वालियर,  राजवर्धन सिंह सिसोदिया बीए गुजराती समाज कॉलेज, इंदौर, सु प्राची जैन बीकॉम सरोजिनी नायडू शासकीय कन्या स्नातकोत्तर (स्वशासी) महाविद्यालय, भोपाल,  रूपल बान बीएससी, एम उच्च शिक्षा उत्कृष्टता संस्थान, भोपाल,  रोहन जैन बीएससी मैथ्स शासकीय होल्कर साइंस कॉलेज इंदौर,  अंकुश पाटीदार बीएससी देवी अहिल्या विश्वविद्यालय इंदौर,  गौरव जाट बैचलर ऑफ आर्ट्स देवी अहिल्या विश्वविद्यालय इंदौर,  पवित्र मिश्रा बीएससी प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस शासकीय विज्ञान महाविद्यालय रीवा,  उज्ज्वल जैन बीए मंत माधवराव सिंधिया शासकीय महाविद्यालय कोलारस शामिल हैं। … Read more