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LPG नहीं तो मोबिल सही! सरायकेला में अनोखे तरीके से तैयार हो रहा गर्मा-गरम नाश्ता

सरायकेला. पूरे देश में व्यावसायिक एलपीजी गैस सिलेंडरों की भारी किल्लत से होटल और रेस्तरां ठप पड़े हैं। मिडिल ईस्ट संकट के कारण सप्लाई चेन चरमरा गई है, तो वहीं सरायकेला के एक होटल मालिक ने बेकार पड़े पुराने मोबिल से चूल्हा जला लिया। न गैस, न लकड़ी, न कोयला फिर भी उनकी भट्टी धधक रही है और ग्राहकों को गर्मागर्म नाश्ता व खाना परोसा जा रहा है। होटल मालिक ने निकाला जुगाड़ पूरे कोल्हान के कई ढाबे, होटल व रेस्टोरेंट में ताले लटकने लगे हैं। कई जगह मेन्यू सीमित कर लकड़ी-कोयले पर निर्भरता बढ़ी है, तो कई कर्मचारियों को छुट्टी पर भेज दिया गया। लेकिन सरायकेला के इस होटल मालिक ने हार नहीं मानी। उन्होंने वाहनो से निकलने वाले पुराने मोबिल, बैटरी, पंखा व स्लाईन के पाइप का इस्तेमाल कर हीटिंग तकनीक से लौ पैदा कर ली, जिससे नाश्ता बनाना आसान हो गया। एके लीटर जले हुए मोबाइल से 45 मिनट तक भट्टी को आसानी से जलाया जा सकता है। ऐसे करता है काम स्नेक्स एंड चाट नामक होटल के मालिक जितेन कुमार ने बताया कि कॉमर्शियल गैस सिलिंडर नहीं मिलने से वे लोग परेशानी में पड़ गए थे। फिर उन्होंने अपने दिमाग का इस्तेमाल वाहनों से निकलने वाले खराब मोबिल को एक डिब्बे में डाला। डिब्बे के नीचे एक छेद किया और सलाईन चढ़ाने वाले पाइप को उस डिब्बे के छेद में लगाया और पाइप के दूसरे हिस्से को भट्टी से बाहर निकलने वाले एक पाइप में जाकर छोड़ दिया। उस पाइप के माध्यम से मोबिल जैसे ही भट्टी के पास पहुंचता है उसमें आग लगा दी गई। फिर इस आग को और बढ़ाने के लिए एक 12 बोल्ड का एक पंखा का इस्तेमाल किया गया। इस पंखे को चलाने के लिए एक 12 वोल्ट की बैटरी लगाई गई। पंखे की हवा एक पाइप के माध्यम से सीधे भट्टी के नीचे जल रही आग के पास जाती है और हवा के माध्यम से आग फैल कर भट्टी के ऊपर रखे कढ़ाई में समोसा, सहित अन्य खाद्य पदार्थ बनाने का काम कर रही है। इतना ही नहीं एक पाइप के माध्यम से एक रेगुलेटर भी लगाया गया है, जो आग को कम बेसी करने में मदद कर रहा है।

नागरिकों को राहत: छुट्टी के दिन भी खुले रहेंगे निगम कार्यालय, टैक्स वसूली जारी

लुधियाना. नगर निगम लुधियाना ने शहरवासियों की सुविधा और सरकारी खजाने को भरने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। पंजाब सरकार की ओर से साल 2025-26 का प्रॉपर्टी टैक्स 31 मार्च 2026 से पहले जमा करवाने पर ब्याज में दी जा रही छूट का लाभ आम जनता तक पहुंचाने के लिए निगम ने छुट्टियों के दौरान भी दफ्तर खुले रखने का हुक्म जारी किया है। कमिश्नर नगर निगम की ओर से जारी आदेशों के मुताबिक, अब आने वाली सरकारी छुट्टियों और रविवार को भी निगम के सभी जोनल दफ्तर, पानी, सीवरेज, डिस्पोजल स्टाफ और सुविधा सेंटर आम दिनों की तरह ही काम करेंगे। निगम प्रशासन ने साफ कर दिया है कि 31 मार्च की डेडलाइन नजदीक होने के कारण लोगों को टैक्स जमा करवाने में कोई दिक्कत न आए, इसलिए स्टाफ को मुस्तैद रहने को कहा गया है। आदेशों के अनुसार, मार्च महीने की बड़ी छुट्टियों जैसे ईदुल-फितर, शहीद-ए-आजम भगत सिंह जी का शहीदी दिवस, रामनवमी और महावीर जयंती जैसे दिनों में भी दफ्तर पूरी तरह वर्किंग मोड में रहेंगे। हालांकि, इन छुट्टियों के दौरान काम करने वाले कर्मचारियों को अगले दिनों में छुट्टी एडजस्ट करने की अनुमति दी गई है। इन तारीखों पर भी खुला रहेगा नगर निगम निगम की ओर से जारी लिस्ट के मुताबिक 21 मार्च (ईदुल-फितर), 22 मार्च (रविवार), 23 मार्च (शहीदी दिवस), 26 मार्च (रामनवमी), 28 मार्च (शनिवार), 29 मार्च (रविवार) और 31 मार्च (महावीर जयंती) को भी कर्मचारी अपनी ड्यूटी पर तैनात रहेंगे। निगम अधिकारियों का कहना है कि लोग इस मौके का फायदा उठाएं और जुर्माने से बचने के लिए समय रहते अपना प्रॉपर्टी टैक्स जमा करवाएं।

ई-चालान भुगतान में बड़ा बदलाव: 1 अप्रैल से OTC सिस्टम लागू, ऑनलाइन ट्रांसफर होगा डेटा

राजनांदगांव. जिला कोषालय अधिकारी से प्राप्त जानकारी अनुसार भौतिक चालानों की व्यवस्था समाप्त कर अब ई-चालान को बढ़ावा देने के लिए ओटीसी सुविधा 1 अप्रैल 2026 से लागू की जाएगी. नई व्यवस्था के तहत सभी चालान अब केवल ऑनलाईन माध्यम से जमा के किए जाएंगे. इस संबंध में जिले सभी आहरण एवं संवितरण अधिकारियों को चालान जमाकर्ताओं को ई-चालान प्रक्रिया से अवगत कराने के निर्देश दिए गए हैं. ओटीसी सुविधा अंतर्गत ई-चालान पोर्टल पर चालान भरते समय उसका डेटा सीधे बैंक को ऑनलाईन ट्रांसफर हो जाएगा, जिससे बैंक स्तर पर दोबारा डेटा प्रविष्टि की आवश्यकता नहीं रहेगी. बैंक काउंटर पर केवल ऑनलाईन जनरेटेड चालान, जिसमें ट्रेजरी रेफरेंस नंबर दर्ज होगा. इसके माध्यम से राशि जमा की जाएगी. एमआईएस के माध्यम से कोषालय में इसके बाद बैंक द्वारा यह जानकारी ऑनलाईन प्रस्तुत की जाएगी. इस नई व्यवस्था से डेटा प्रविष्टि में होने वाली त्रुटियों में कमी जाएगी और लेखांकन प्रक्रिया अधिक सटीक एवं पारदर्शी बनेगी. ई-चालान पोर्टल के सर्च प्लान विकल्प के माध्यम से जमाकर्ता आसानी से चालान का प्रिंट निकाल सकेंगे. यह पहले भौतिक चालान में संभव नहीं था .

ओलावृष्टि और बारिश से 42 जिलों में फसलों की तबाही, 14 जिलों में आज भी जारी है खतरा

भोपाल  मध्य प्रदेश में मौसम ने अचानक ऐसा करवट ली है कि हालात चिंताजनक बन गए हैं। India Meteorological Department (IMD) के अनुसार पिछले 72 घंटों से सक्रिय साइक्लोनिक सर्कुलेशन और ट्रफ लाइन के कारण पूरे प्रदेश में बेमौसम बारिश, तेज़ आंधी और ओलावृष्टि का दौर जारी है। भोपाल, इंदौर और ग्वालियर समेत 42 जिलों में इसका असर साफ देखने को मिला है। शुक्रवार को कई शहरों में तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई। ग्वालियर में पारा अचानक 23.9°C तक पहुंच गया, जो एक ही दिन में 10.6 डिग्री की गिरावट दर्शाता है। मौसम में इस बदलाव ने गर्मी से राहत तो दी, लेकिन नुकसान कहीं ज्यादा हुआ। सबसे ज्यादा मार किसानों पर पड़ी है। ओलावृष्टि और तेज हवाओं ने गेहूं, केला, पपीता और संतरे जैसी तैयार फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया है। कई इलाकों में खेत पूरी तरह बर्बाद हो गए हैं, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है। तेज आंधी ने बढ़ाई तबाही बारिश के साथ चली तेज आंधी ने हालात और खराब कर दिए। आगर-मालवा में 74 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से हवाएं चलीं, जबकि सीहोर में 54 किमी और नरसिंहपुर में 46 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार दर्ज की गई। तेज हवाओं के कारण फसलें टूटकर गिर गईं और खेतों में पानी भर गया। धार और खरगोन में सबसे ज्यादा नुकसान धार जिले के मनावर क्षेत्र में तेज आंधी-बारिश से केले और पपीते की फसल पूरी तरह तबाह हो गई। एक किसान के करीब 2 हजार केले के पेड़ गिर गए, जिससे लाखों रुपए का नुकसान हुआ। वहीं खरगोन में तेज हवा से मक्का की फसल चौपट हो गई। किसानों का कहना है कि फसल तैयार थी, लेकिन मौसम ने पूरी मेहनत बर्बाद कर दी।  रायसेन में हाईवे पर बर्फ जैसी चादर रायसेन जिले में ओलावृष्टि इतनी तेज हुई कि नेशनल हाईवे पर बर्फ जैसी सफेद परत जम गई। सड़क पर जमी ओलों की चादर ने लोगों को हैरान कर दिया। हालांकि यह नजारा देखने लायक था, लेकिन किसानों के लिए यह भारी नुकसान का संकेत बन गया। तापमान में गिरावट, ठंड का अहसास बारिश और ठंडी हवाओं के चलते प्रदेश के तापमान में गिरावट दर्ज की गई। पचमढ़ी 12.6 डिग्री सेल्सियस के साथ सबसे ठंडा रहा। वहीं इंदौर में 15 डिग्री और भोपाल में 16.6 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। कई जिलों में न्यूनतम तापमान में 3 डिग्री तक की कमी आई है।  किसानों पर संकट, मुआवजे की मांग तेज बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से किसानों को दोहरी मार झेलनी पड़ रही है। खड़ी और कटी दोनों फसलें प्रभावित हुई हैं, जिससे आर्थिक नुकसान बढ़ गया है। कई किसान कर्ज में डूबने की आशंका जता रहे हैं और सरकार से जल्द मुआवजा देने की मांग कर रहे हैं।  आगे भी ऐसा ही रहेगा मौसम मौसम विभाग के अनुसार आने वाले कुछ दिनों तक प्रदेश में आंधी, बारिश और गरज-चमक का दौर जारी रह सकता है। इससे जहां लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी, वहीं किसानों की चिंता अभी कम होती नजर नहीं आ रही है। IMD ने शनिवार को 14 जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इसमें टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, सीधी, सिंगरौली, कटनी, उमरिया, शहडोल, डिंडौरी और अनूपपुर जैसे जिले शामिल हैं, जहां तेज़ आंधी और बारिश का खतरा बना हुआ है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार यह सिस्टम अब धीरे-धीरे आगे बढ़ रहा है और 22 मार्च (रविवार) से प्रदेश में मौसम साफ होने की संभावना है। तब तक लोगों को सतर्क रहने और किसानों को अपनी बची फसल को सुरक्षित रखने की सलाह दी गई है। पिछले 24 घंटों में प्रदेश के 40 से ज्यादा जिलों में करीब 70 स्थानों पर बारिश दर्ज की गई है, जबकि 11 जिलों में ओलावृष्टि ने भारी तबाही मचाई है। अचानक बदले इस मौसम ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि प्रकृति के आगे सभी तैयारियां छोटी पड़ जाती हैं।

9 साल में उत्तर प्रदेश के इंफ्रास्ट्रक्चर में ऐतिहासिक बदलाव, एक्सप्रेसवे से मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी तक

नव निर्माण के 9 वर्ष: इंफ्रास्ट्रक्चर 9 साल में बदला उत्तर प्रदेश के इंफ्रास्ट्रक्चर का चेहरा, एक्सप्रेसवे से मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी तक ऐतिहासिक छलांग 2017 में सीमित संसाधनों से आज देश का लॉजिस्टिक्स हब बनने की ओर अग्रसर यूपी एक्सप्रेसवे, एयरपोर्ट, जलमार्ग और औद्योगिक कॉरिडोर से विकास को नई रफ्तार निवेश, निर्यात और रोजगार के नए अवसरों के साथ भविष्य की मजबूत आधारशिला लखनऊ  वर्ष 2017 से पहले सीमित इंफ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी चुनौतियों से जूझता उत्तर प्रदेश, बीते 9 वर्षों में तेजी से बदलकर आज देश के उभरते लॉजिस्टिक्स और औद्योगिक हब के रूप में अपनी पहचान बना चुका है। एक्सप्रेसवे, एयरपोर्ट, जलमार्ग और मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी के व्यापक विस्तार ने न केवल विकास की रफ्तार को नई दिशा दी है, बल्कि निवेश, निर्यात और रोजगार के क्षेत्र में भी अभूतपूर्व संभावनाओं के द्वार खोले हैं। आने वाले वर्षों में यही बुनियादी ढांचा प्रदेश को देश की आर्थिक प्रगति का प्रमुख इंजन बनाने की आधारशिला साबित होगा। 2017 से पहले की स्थिति वर्ष 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में इंफ्रास्ट्रक्चर विकास सीमित दायरे में था। प्रदेश में केवल 2 एक्सप्रेसवे संचालित थे और कनेक्टिविटी का दायरा अपेक्षाकृत कमजोर था। औद्योगिक विकास के लिए बड़े स्तर पर योजनाबद्ध भूमि चिह्नांकन और कॉरिडोर आधारित विकास की गति धीमी थी। लॉजिस्टिक्स लागत अधिक होने और परिवहन में समय लगने के कारण उद्योगों की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता भी प्रभावित होती थी। एविएशन सेक्टर में भी सीमित विस्तार था और प्रदेश का उपयोग बड़े निवेश गंतव्य के रूप में अपेक्षाकृत कम होता था। जलमार्ग और मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी की दिशा में भी कोई बड़ा प्रभावी ढांचा विकसित नहीं हुआ था। 9 वर्षों में बदली तस्वीर पिछले 9 वर्षों में उत्तर प्रदेश ने इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रगति दर्ज की है। जहां 2017 में केवल 2 एक्सप्रेसवे थे, वहीं आज यह संख्या बढ़कर 22 तक पहुंच गई है। इनमें 7 संचालित, 5 निर्माणाधीन और 10 प्रस्तावित एक्सप्रेसवे शामिल हैं। देश के कुल एक्सप्रेसवे नेटवर्क का लगभग 55 प्रतिशत हिस्सा अब उत्तर प्रदेश से होकर गुजरता है। इन एक्सप्रेसवे के किनारे 26 जनपदों के 27 स्थानों पर लगभग 5,300 हेक्टेयर भूमि औद्योगिक विकास के लिए चिन्हित की गई है। साथ ही बुन्देलखण्ड औद्योगिक विकास प्राधिकरण (बीडा) का गठन कर 47 वर्षों बाद एक नए औद्योगिक शहर की नींव रखी गई है, जिससे 56,662 एकड़ क्षेत्र में बहुआयामी विकास को गति मिली है। निर्यात के क्षेत्र में भी प्रदेश ने उल्लेखनीय सुधार किया है। ‘एक्सपोर्ट प्रिपेयर्डनेस इंडेक्स 2024’ में उत्तर प्रदेश चौथे स्थान पर पहुंच गया है, जबकि 2022 में यह सातवें स्थान पर था। लैंडलॉक्ड राज्यों में प्रदेश का प्रथम स्थान इसकी नीतिगत मजबूती को दर्शाता है। लॉजिस्टिक्स सेक्टर में सुधार के चलते परिवहन समय में कमी आई है और लागत घटी है, जिससे उद्योगों की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ी है और निवेशकों का विश्वास मजबूत हुआ है। जल, थल और नभ तीनों क्षेत्रों में कनेक्टिविटी को सुदृढ़ किया गया है। वाराणसी में देश का पहला मल्टी-मॉडल टर्मिनल स्थापित किया गया है, जबकि रामनगर, चंदौली, मीरजापुर और गाजीपुर में टर्मिनल और फ्रेट विलेज विकसित किए जा रहे हैं। सड़क निर्माण में तेजी लाते हुए औसतन 19 किलोमीटर प्रतिदिन के हिसाब से सड़कों का निर्माण, चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण किया जा रहा है। एविएशन सेक्टर में भी बड़ा विस्तार हुआ है। वर्तमान में 16 हवाई अड्डे संचालित हैं, जिनमें 4 अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे शामिल हैं, जबकि 8 हवाई अड्डे प्रक्रियाधीन हैं। भविष्य का विजन आने वाले वर्षों में उत्तर प्रदेश को देश का सबसे बड़ा लॉजिस्टिक्स और औद्योगिक हब बनाने का लक्ष्य रखा गया है। जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट के शुरू होने के बाद प्रदेश देश का पहला राज्य बन जाएगा, जहां 5 अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे होंगे, जिससे वैश्विक कनेक्टिविटी और निवेश को नई दिशा मिलेगी। मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी के विस्तार, एक्सप्रेसवे नेटवर्क के और सुदृढ़ीकरण तथा औद्योगिक कॉरिडोर के विकास से प्रदेश में लॉजिस्टिक्स लागत और कम होगी तथा व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। निर्यात उन्मुख नीतियों, निवेश अनुकूल वातावरण और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर के माध्यम से उत्तर प्रदेश न केवल देश का प्रमुख निवेश केंद्र बनेगा, बल्कि बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन और आर्थिक विकास को भी गति देगा।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहल से बैंक ऋण व अनुदान वितरण में आई तेजी

योगी सरकार की ‘नन्दिनी कृषक समृद्धि योजना’ से डेयरी सेक्टर में आ रही नई क्रांति मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहल से बैंक ऋण व अनुदान वितरण में आई तेजी किसानों की आय बढ़ाने और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में योगी सरकार का बड़ा कदम लखनऊ योगी सरकार की ‘नन्दिनी कृषक समृद्धि योजना’ उत्तर प्रदेश में डेयरी सेक्टर के सशक्तीकरण की दिशा में एक प्रभावी पहल बनकर उभर रही है। किसानों की आय बढ़ाने, उन्हें आत्मनिर्भर बनाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के उद्देश्य से चलाई जा रही इस योजना के तहत राज्य सरकार ने तीन वर्षों में 204 डेयरी इकाइयों की स्थापना का लक्ष्य तय किया है। योजना के क्रियान्वयन में तेजी लाने के लिए बैंक ऋण स्वीकृति और अनुदान वितरण की प्रक्रिया की लगातार निगरानी की जा रही है, जिससे डेयरी नेटवर्क का विस्तार तेजी से हो रहा है। इस दौरान पशुपालन विभाग के अपर मुख्य सचिव मुकेश मेश्राम ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2023-24 में 10 मंडल मुख्यालय जनपदों में 50 इकाइयों का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। इसमें बैंक ऋण स्वीकृति के केवल 2 मामले (मेरठ व लखनऊ) विचाराधीन हैं। वहीं, प्रथम किश्त के 12 मामलों (लखनऊ, कानपुर नगर, गोरखपुर, प्रयागराज, अयोध्या व बरेली) और द्वितीय किश्त के 35 मामलों (आगरा, लखनऊ, कानपुर नगर, झांसी, गोरखपुर, अयोध्या, वाराणसी, मेरठ व बरेली) में अनुदान वितरण प्रक्रियाधीन है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में योजना के तहत 8 मंडल मुख्यालय जनपदों में 40 इकाइयों का लक्ष्य रखा गया है। इसमें 18 बैंक ऋण स्वीकृति के मामले मिर्जापुर, बस्ती, आजमगढ़, गोंडा, बांदा, सहारनपुर और अलीगढ़ जैसे जनपदों में तेजी से प्रक्रिया में हैं। साथ ही 32 लाभार्थियों को प्रथम किश्त का अनुदान तय प्रक्रिया के तहत जल्द अवमुक्त किया जाएगा, जिनमें अलीगढ़, बांदा, आजमगढ़, गोंडा, बस्ती, सहारनपुर और मुरादाबाद प्रमुख हैं।   वित्तीय वर्ष 2025-26 में योजना का दायरा और बढ़ाते हुए 57 जनपदों में 114 इकाइयों (प्रति जनपद 2 इकाई) का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसमें जौनपुर, ललितपुर, जालौन, सम्भल, देवरिया और रामपुर जैसे जनपदों में ऋण स्वीकृति शत-प्रतिशत पूर्ण हो चुकी है। इसके अलावा सभी 57 जनपदों में 114 लाभार्थियों को प्रथम किश्त का अनुदान अवमुक्त करने की प्रक्रिया तेजी से जारी है।    राज्य सरकार ने सभी प्रक्रियागत मामलों के शीघ्र निस्तारण और अनुदान वितरण में तेजी लाने के स्पष्ट निर्देश दिए हैं, ताकि योजना का लाभ समयबद्ध तरीके से किसानों तक पहुंचे। ‘नन्दिनी कृषक समृद्धि योजना’ के माध्यम से उत्तर प्रदेश न केवल डेयरी सेक्टर को नई दिशा दे रहा है, बल्कि किसानों की आय में वृद्धि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में ठोस कदम भी उठा रहा है।

Bihar Board 12th Result अपडेट: जल्द आएंगे नतीजे, टॉपर को मिलेगा 2 लाख का इनाम

पटना. बीसीईबी की ओर से कक्षा 12वीं का रिजल्ट बिहार बोर्ड की ऑफिशियल वेबसाइट पर जल्द ही जारी किया जाएगा। परीक्षा में शामिल हुए सभी छात्रों को सलाह दी जाती है कि वे (Live BSEB Bihar Board 12th Result 2026 Updates) के लिए समय-समय पर वेबसाइट विजिट करते रहें। रिजल्ट के साथ टॉपर्स के नाम की घोषणा बिहार बोर्ड कक्षा बारहवीं परीक्षा के रिजल्ट के साथ-साथ स्ट्रीम वाइज टॉपर्स के नाम की घोषणा भी की जाएगी। रिजल्ट जारी होने के बाद रिजल्ट जारी होने के बाद सभी उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे अपने स्कूल से मार्कशीट, ट्रांसफर सर्टिफिकेट, पासिंग सर्टिफिकेट, माइग्रेशन सर्टिफिकेट, कैरेक्टर सर्टिफिकेट जैसे जरूरी दस्तावेज जरूर प्राप्त कर लें। कितनी मिलेगी प्राइज मनी बिहार बोर्ड की परीक्षा में पहला स्थान प्राप्त करने वाले छात्र को 02 लाख रुपये, दूसरा स्थान प्राप्त करने वाले छात्र को 1.5 लाख रुपये और तीसरा स्थान प्राप्त करने वाले छात्र को 1 लाख रुपये की पुरस्कार राशि दी जाएगी। कहां जारी होगा रिजल्ट कक्षा 12वीं का रिजल्ट ऑफिशियल वेबसाइट biharboardonline.bihar.gov.in पर जारी किया जाएगा। रिजल्ट डाउनलोड करने के लिए छात्रों को अपना रोल नंबर और जन्मतिथि दर्ज करनी होगी। मेधा दिवस पर सम्मानित किया जाएगा टॉपर्स को मेधा दिवस हर साल 03 दिसंबर को मनाया जाता है। ऐसे में मेधा दिवस के अवसर पर बिहार बोर्ड की परीक्षा में टॉप करने वाले छात्रों को सम्मानित किया जाएगा। इसके साथ ही उन्हें वित्तीय प्रोत्साहन राशि और अन्य शैक्षणिक संसाधन प्रदान किए जाएंगे। ऐसे डाउनलोड कर सकेंगे रिजल्ट सबसे पहले ऑफिशियल वेबसाइट biharboardonline.com पर जाकर विजिट करना होगा। वेबसाइट के होमपेज पर रिजल्ट एक्टिवेट लिंक पर क्लिक करना होगा। लिंक पर क्लिक करने के बाद रोल नंबर और जन्मतिथि को दर्ज करना होगा। लॉगिन डिटेल को भरने के बाद रिजल्ट आपकी स्क्रीन पर ओपन हो जाएगा। अंत में इसका एक प्रिंट आउट भी अवश्य निकाल लें। कहां जारी होगा रिजल्ट बिहार बोर्ड कक्षा 12वीं का रिजल्ट ऑफिशियल वेबसाइट biharboardonline.bihar.gov.in पर जारी करेगा। पिछले साल के टॉपर्स के नाम बिहार बोर्ड की कक्षा 12वीं की परीक्षा में पिछले साल साइंस स्ट्रीम से प्रिया जायसवाल, कॉमर्स स्ट्रीम से रोशनी कुमारी और आर्ट्स स्ट्रीम से अंकिता कुमारी और शाकिब शाह ने राज्य में टॉप किया था। परीक्षा में असफल होने के बाद बिहार बोर्ड की ओर से रिजल्ट जारी होने के बाद जो उम्मीदवार परीक्षा में एक या दो विषय में असफल घोषित किए जाएंगे। वे रिजल्ट जारी होने के बाद कंपार्टमेंट परीक्षा के लिए आवेदन कर सकेंगे। कंपार्टमेंट में शामिल होकर छात्र अपने प्रदर्शन को सुधार सकते हैं। पास होने के लिए कितने नंबर चाहिए? बिहार बोर्ड कक्षा 12वीं की परीक्षा में पास होने के लिए छात्रों को प्रत्येक विषय में न्यूनतम 33 प्रतिशत अंक प्राप्त करना जरूरी है। कब हुई थी परीक्षा? बिहार बोर्ड की ओर से कक्षा 12वीं की परीक्षा 02 फरवरी से लेकर 13 फरवरी तक आयोजित कराई गई थी। जल्द घोषित होगा बिहार बोर्ड रिजल्ट बिहार विद्यालय परीक्षा समिति की ओर से हाई स्कूल एवं इंटरमीडित का रिजल्ट जल्द ही घोषित किया जाने वाला है। ऐसे चेक कर सकेंगे रिजल्ट सबसे पहले ऑफिशियल वेबसाइट biharboardonline.com पर जाकर विजिट करना होगा। वेबसाइट के होमपेज पर रिजल्ट एक्टिवेट लिंक पर क्लिक करना होगा। लिंक पर क्लिक करने के बाद रोल नंबर और जन्मतिथि को दर्ज करना होगा। लॉगिन डिटेल को भरने के बाद रिजल्ट आपकी स्क्रीन पर ओपन हो जाएगा। अंत में इसका एक प्रिंट आउट भी अवश्य निकाल लें। रिजल्ट आने के बाद रिजल्ट जारी होने के बाद सभी छात्रों को स्कूल से मार्कशीट, ट्रांसफर सर्टिफिकेट और पासिंग सर्टिफिकेट, माइग्रेशन सर्टिफिकेट, कैरेक्टर सर्टिफिकेट जैसे जरूरी दस्तावजों को स्कूल से प्राप्त करने होगा।  इन वेबसाइट से भी कर सकेंगे रिजल्ट डाउनलोड बिहार बोर्ड कक्षा 12वीं की परीक्षा में शामिल हुए छात्र इन वेबसाइट biharboardonline.com, biharboardonline.bihar.gov.in, results.biharboardonline.com के माध्यम से भी रिजल्ट डाउनलोड सकेंगे।  रोल नंबर रखें तैयार बिहार बोर्ड की ओर से कक्षा 12वीं का रिजल्ट कभी भी जारी किया जा सकता है। इसलिए सभी उम्मीदवार रिजल्ट आने से पहले अपने रोल नंबर को अवश्य संभालकर रखें। पासिंग मार्क्स बिहार बोर्ड कक्षा दसवीं की परीक्षा में पास होने के लिए सभी छात्रों को प्रत्येक विषय में न्यूनतम 30 प्रतिशत अंक प्राप्त करना होगा।  यहां से भी देख सकेंगे रिजल्ट बिहार बोर्ड का रिजल्ट छात्र ऑफिशियल वेबसाइट biharboardonline.bihar.gov.in के अलावा, results.biharboardonline.com और www.digilocker.gov.in पर भी देख सकेंगे। पिछले साल इस दिन जारी हुआ था रिजल्ट बिहार बोर्ड की ओर से पिछले साल कक्षा 12वीं परीक्षा का रिजल्ट 25 मार्च, 2026 को जारी किया गया था। कब जारी होगा रिजल्ट बिहार बोर्ड परीक्षा समिति की ओर से कक्षा 12वीं का रिजल्ट मार्च माह के इसी सप्ताह या अगले सप्ताह जारी कर दिया जाएगा। बिहार बोर्ड कक्षा बारहवीं टॉपर्स के नाम की घोषणा प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिये की जाएगी। इसके साथ ही रिजल्ट जारी होने के साथ-साथ टॉपर्स लिस्ट भी जारी की जाएगी। रिजल्ट चेक करने का प्रोसेस सबसे पहले ऑफिशियल वेबसाइट biharboardonline.bihar.gov.in पर जाना होगा। वेबसाइट के होमपेज पर 'Bihar BSBE Board 12th Result 2026' लिंक पर क्लिक करना होगा। लिंक पर क्लिक करने के बाद जन्मतिथि और रोल नंबर को दर्ज करना होगा। लॉगिन डिटेल को दर्ज करने के बाद रिजल्ट स्क्रीन पर ओपन हो जाएगा। इतने लाख छात्र हुए थे शामिल कक्षा बारहवीं की परीक्षा में लगभग 28 लाख छात्र शामिल हुए थे। परीक्षा में शामिल हुए सभी छात्रों का रिजल्ट का बेसब्री से इंतजार है, जाकि अब कभी भी जारी किया जा सकता है।

एयरपोर्ट पर अब मिलेगा लाइब्रेरी का मजा, यात्रियों को मुफ्त किताबें ले जाने की सुविधा

जालंधर. आदमपुर के श्री गुरु रविदास महाराज एयरपोर्ट पर यात्रियों के लिए लाइब्रेरी शुरू होने जा रही है। इस लाइब्रेरी से यात्रियों को मुफ्त किताबें मिलेंगी। यात्री इन किताबों को वहां पढ़ने के अलावा साथ ले जा सकेंगे। सामाजिक संगठनों के सहयोग से लाइब्रेरी के लिए किताबें जुटाई जा रही हैं। करीब पांच हजार किताबें इस लाइब्रेरी में रखने का लक्ष्य है। एयरपोर्ट अथॉरिटी ने संस्थाओं को लाइब्रेरी के लिए किताबें देने को कहा है। रेडक्रॉस सोसायटी के सचिव सुरजीत लाल की ओर से एयरपोर्ट अथॉरिटी को 200 किताबें दी गईं। एयरपोर्ट का नाम बदलने के बाद यहां पर यात्रियों के लिए सुविधाएं बढ़ाई जा रही हैं। आदमपुर एयरपोर्ट से इंडिगो एयरलाइंस और स्टार लाइन की दो फ्लाइट अप और डाउन के लिए है, जिसमें रोजाना करीबन साढ़े पांच सौ यात्री यहां से मुंबई और हिंडन के लिए आते और जाते हैं। एयरपोर्ट पर हाल ही में अधिक यात्रियों के बैठने की व्यवस्था की गई है। पहले यहां करीब 100 यात्रियों के बैठने की व्यवस्था थी। अब करीब 150 लोगों के बैठने की व्यवस्था कर दी गई है। फ्लाइट्स का इंतजार करते हुए यात्री किताबें पढ़ कर समय व्यतीत करें, इसके लिए लाइब्रेरी शुरू की जा रही है। आदमपुर की फ्लाइट्स फिलहाल समय पर चल रही हैं, लेकिन ठंड के मौसम में धुंध पड़ने पर जब यात्रियों को घंटों इंतजार करना पड़ता है, उस समय लाइब्रेरी समय व्यतीत करने का अच्छा माध्यम बनेगी। श्री गुरु रविदास महाराज एयरपोर्ट के निदेशक पुष्पिंदर निराला ने कहा कि लाइब्रेरी के लिए एयरपोर्ट अथॉरिटी भी अपनी ओर से किताबें देगी। 24 मार्च से लाइब्रेरी शुरू हो जाएगी। अब लाइब्रेरी बनकर तैयार है। उन्होंने कहा कि जिनकी दिलचस्पी होगी, वो लाइब्रेरी से किताबें साथ लेकर भी जा सकते हैं, जिसका कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा। निराला ने सामाजिक संस्थाओं से किताबें देने की अपील की।

बारिश का कहर: बिलासपुर डैम का गेट टूटा, हाईवे बना नदी, फसलें डूबीं

रायगढ़. रायगढ़ जिले के भूपदेवपुर क्षेत्र में स्थित बिलासपुर जलाशय का पुराना और जर्जर गेट अचानक टूट गया, जिससे बांध का पानी uncontrolled तरीके से बाहर निकलने लगा। इस घटना के कारण पास से गुजरने वाले रायगढ़-खरसिया राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-49) पर पानी की भारी भरमार हो गई और सड़क पर लगभग घुटनों तक पानी भर गया। इसके चलते हाईवे पर गाड़ियों की आवाजाही पूरी तरह ठप हो गई, और सड़क का दृश्य किसी तेज बहते दरिया जैसा प्रतीत हो रहा है। जलाशय के गेट टूटने से पानी का तेज बहाव आसपास के खेतों में भी फैल गया है, जिससे किसानों की फसल को काफी नुकसान होने की आशंका जताई जा रही है। मौके पर भूपदेवपुर पुलिस और स्थानीय प्रशासन की टीम तुरंत पहुंच गई है और जलाशय के गेट से हो रहे रिसाव को रोकने के लिए काम कर रही है। प्रशासन ने लोगों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने और पानी के तेज बहाव के पास न जाने की चेतावनी दी है। बिलासपुर जलाशय का महत्व बिलासपुर जलाशय रायगढ़ जिले में कृषि और पेयजल की आपूर्ति के लिए एक महत्वपूर्ण संरचना है। यह क्षेत्रीय किसानों और आसपास के गांवों को सिंचाई सुविधा प्रदान करता है। हालांकि, यह जलाशय काफी पुराना है और कई हिस्सों में संरचनात्मक कमजोरी देखी जा चुकी है। पुराने गेट और जर्जर स्थिति स्थानीय प्रशासन और कृषि विभाग पहले भी जलाशय के गेट की मरम्मत और सुरक्षा उपायों की सिफारिश कर चुके हैं, लेकिन जर्जर स्थिति और पर्याप्त रखरखाव के अभाव के कारण यह घटना हुई। पुराने बांधों में नियमित निगरानी और रखरखाव की कमी अक्सर ऐसी आपात स्थितियों का कारण बनती है। पहले के उदाहरण छत्तीसगढ़ में पिछले वर्षों में कई जलाशयों और बांधों के जर्जर गेट टूटने की घटनाएं सामने आई हैं। इनमें कभी-कभी बड़े पैमाने पर सड़क अवरुद्ध होना, फसलों का नुकसान, और स्थानीय निवासियों के घरों में पानी का प्रवेश शामिल रहा है। 2018 में सरगुजा जिले के जलाशय में गेट टूटने से कई गांवों में बाढ़ का खतरा पैदा हुआ। 2021 में कोण्डागांव जिले के एक पुराने बांध में रिसाव की वजह से आसपास के खेत और सड़क प्रभावित हुए। भूपदेवपुर घटना की गंभीरता इस घटना की गंभीरता इस बात से स्पष्ट है कि NH-49 जैसे व्यस्त राष्ट्रीय राजमार्ग पर पानी भरने से यातायात पूरी तरह ठप हो गया है। साथ ही, तेज बहाव से आसपास के खेतों और कृषि उत्पादन को नुकसान होने का खतरा है। प्रशासन ने राहत और बचाव कार्य तुरंत शुरू कर दिए हैं। सावधानियाँ और उपाय स्थानीय प्रशासन ने सड़क किनारे और पानी के तेज बहाव वाले क्षेत्रों से लोगों को दूर रहने की चेतावनी जारी की है। पुलिस और राजस्व विभाग की टीम लगातार जलाशय के गेट और आसपास के क्षेत्र की निगरानी कर रही है। किसानों को चेतावनी दी गई है कि वह अपने खेतों और घरों की सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठाएँ। यह घटना रायगढ़ जिले में जलाशयों की पुरानी संरचनाओं के रखरखाव और समय पर मरम्मत की आवश्यकता को उजागर करती है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि समय रहते संरचनात्मक जांच और सुधार नहीं किए गए, तो भविष्य में ऐसी घटनाओं का जोखिम लगातार बढ़ता रहेगा।

व्यापार, शिक्षा और समाज सेवा में सिंधी समाज का महत्वपूर्ण योगदान: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

व्यापार, शिक्षा और समाज सेवा सभी क्षेत्रों में सिंधी समाज ने महत्वपूर्ण योगदान दिया : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री निवास में होगी सिंधी समाज की पंचायत मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दी चेटीचंड पर्व की मंगलकामनाएं भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राज्य सरकार विकास के साथ अपनी सांस्कृतिक विरासत को संजोकर आगे बढ़ रही है। हर समुदाय की परंपराओं और संस्कृति को सम्मान देना और सभी को समान अवसर उपलब्ध कराना हमारा उद्देश्य है। चाहे व्यापार हो, शिक्षा हो या समाज सेवा, सिंधी समाज ने अपने परिश्रम समर्पण और सकारात्मक सोच से समाज को नई दिशा देते हुए प्रदेश और देश की प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। शीघ्र ही मुख्यमंत्री निवास में सिंधी समाज की विशेष पंचायत आयोजित की जायेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सिंधी समाज के नववर्ष के रूप में मनाये जाने वाले भगवान झूलेलाल के जन्मोत्सव चेटीचंड के अवसर पर रवीन्द्र भवन में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने समाज बंधुओं को पर्व की मंगलकामनाएं दीं। विधायक भगवान दास सबनानी तथा सिंधी सेंट्रल पंचायत के प्रतिनिधि कार्यक्रम में विशेष रूप से उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का पुष्प वर्षा का स्वागत किया गया। कार्यक्रम में भजन और सांगीतिक प्रस्तुतियां भी हुईं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि चेटीचंड नव वर्ष के आरंभ का प्रतीक होने के साथ आस्था, एकता और सांस्कृतिक गौरव का प्रतिबिंब है। यह पर्व हमें भगवान झूलेलाल की शिक्षाओं के अनुरूप सद्भाव, सेवा और मानवता के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सिंधी समाज ने संघर्ष और कठिनतम परिस्थितियों में स्वयं को पुनः स्थापित करने के अनेक उदाहरण प्रस्तुत किए हैं। लगभग 1200 वर्ष पहले राजा दाहिर द्वारा विधर्मियों से धर्म और संस्कृति की रक्षा के लिए किया गया योगदान इतिहास में दर्ज है। स्वतंत्रता प्राप्ति के समय देश विभाजन की कठिनाइयों का भी सिंधी समाज ने दृढ़ता और साहस के साथ सामना किया तथा संघर्ष कर पुन: स्वयं को स्थापित कर अपनी पहचान बनाई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शहीद हेमू कालानी का स्मरण किया और भारतीय राजनीति में लालकृष्ण आडवानी के योगदान की सराहना की। विधायक भगवान दास सबनानी ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव आम आदमी की समस्याओं की प्रति संवेदनशील हैं। उनके नेतृत्व में व्यापार, उद्योग, कृषि सहित सभी क्षेत्रों में तेजी से विकास हो रहा है और प्रदेशवासियों को इसका लाभ भी मिल रहा है। कार्यक्रम में महापौर श्रीमती मालती राय सहित समाज के वरिष्ठजन उपस्थित थे।