samacharsecretary.com

स्वयं सहायता समूह से जुड़कर बीसी सखी बनीं, बदली किस्मत और परिवार की स्थिति

लखनऊ उत्तर प्रदेश में महिला सशक्तीकरण और ग्रामीण आजीविका अभियानों का प्रभाव अब गांव-गांव में दिखाई देने लगा है। बरेली जनपद के विकास खण्ड बिथरी चैनपुर की ग्राम पंचायत उडला जागीर की निवासी सलमा इसकी प्रेरक मिसाल हैं। उनके जीवन में कभी आर्थिक तंगी और बेरोजगारी की चिंता थी, आज सलमा आत्मनिर्भरता और सम्मान की नई पहचान बन चुकी हैं। सलमा ने बीए की पढ़ाई पूरी की इसके बाद उनके सामने सबसे बड़ा सवाल रोजगार का था। परिवार में माता-पिता, एक भाई और एक बहन हैं। उनके पिता ऑटो चलाकर परिवार का भरण-पोषण करते थे। आय सीमित थी और खर्च अधिक। बड़ी मुश्किल से भरण-पोषण होता था। पढ़ाई पूरी करने के बाद जब नौकरी नहीं मिली तो सलमा निराश और चिंतित रहने लगीं। इसी दौरान राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत स्वयं सहायता समूह से जुड़ी उनकी माता को ब्लॉक स्तर से बीसी सखी बनने की जानकारी मिली। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार ने ग्रामीण महिलाओं को बैंकिंग सेवाओं से जोड़कर उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के उद्देश्य से यह पहल की थी। सलमा ने अवसर को पहचाना और 14 सितंबर 2021 को समूह से जुड़कर आवेदन किया। छह दिन का प्रशिक्षण प्राप्त किया और परीक्षा उत्तीर्ण कर बीसी सखी के रूप में चयनित हुईं। कार्य प्रारंभ करने के लिए उन्हें 75,000 रुपये का सपोर्ट फंड मिला। इसके बाद आरसेटी से प्रशिक्षण लेकर उन्होंने अपने गांव में ही बीसी सखी सेंटर की स्थापना की। अब वह प्रतिमाह लगभग 35,000 रुपये तक का कमीशन अर्जित कर रही हैं। जो परिवार कभी आर्थिक संकट से जूझ रहा था,  उसमें अब स्थिर आय और आत्मविश्वास है। सलमा न केवल अपने परिवार की जिम्मेदारियां निभा रही हैं, बल्कि घर की आर्थिक रीढ़ बन चुकी हैं। उनके सेंटर पर अब गांव के लोग पैसे जमा करने और निकालने आते हैं। पहले जहां ग्रामीणों को बैंक की लंबी कतारों में लगना पड़ता था, अब उन्हें गांव में ही सहज और त्वरित बैंकिंग सुविधा मिल रही है। डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा देने के लिए सलमा ने जागरूकता शिविर भी लगाए। वे ग्रामीणों को आधार आधारित भुगतान प्रणाली, पेंशन, बीमा और अन्य योजनाओं की जानकारी दे रहीं हैं। वह अटल पेंशन योजना, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना और प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना में लोगों का पंजीकरण भी कराती हैं। सुबह आठ बजे से शाम छह बजे तक वह ग्राम पंचायत में वित्तीय सेवाएं प्रदान करती हैं। उनके प्रयासों से न केवल गांव में डिजिटल सशक्तीकरण बढ़ा है, बल्कि महिलाओं में बचत और सामाजिक सुरक्षा के प्रति जागरूकता भी आई है। सलमा की कहानी उत्तर प्रदेश सरकार की उस सोच को साकार करती है जिसमें महिलाओं को परिवर्तन का भागीदार बनाया जा रहा है। सलमा को अपने संघर्ष पर नहीं, अपनी सफलता पर गर्व है। उनकी पहचान अब एक बेरोजगार युवती की नहीं, बल्कि एक सशक्त बैंक सखी और आत्मनिर्भर महिला की है। यह कहानी दर्शाती है कि सही नीति, सही दिशा और दृढ़ संकल्प मिल जाए तो गांव की बेटी भी विकास की नई इबारत लिख सकती है।

श्रद्धेय नानाजी देशमुख ने अपना संपूर्ण जीवन ग्राम विकास, शिक्षा और स्वावलंबन के लिए समर्पित किया भगोरिया उत्सव को राष्ट्रीय पर्व के रूप में मनाया जाएगा

भोपाल. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में चहुँओर तेज गति से विकास हो रहा है। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के संतुलित विकास से ही हम मध्यप्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। हमने विकास को राष्ट्र निर्माण का आधार बनाया है, हम उसी संकल्प को लेकर प्रदेश को आगे बढ़ा रहे हैं। प्रदेश में हो रहे विकास कार्य आने वाले समय में शिक्षा, पर्यटन और बुनियादी सुविधाओं का नया केंद्र बनाएंगे। प्रदेश सरकार का लक्ष्य है कि विकास का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। मध्यप्रदेश सरकार विकास के प्रति प्रतिबद्ध है और आने वाले समय में क्षेत्र में और तेजी से विकास कार्य किए जाएंगे। उन्होंने जनजातीय नायक टंट्या मामा के सम्मान में किए जा रहे कार्यों का भी उल्लेख किया और भगोरिया उत्सव को राष्ट्रीय पर्व के रूप में मनाने के निर्णय की जानकारी दी। उन्होंने महूगांव को सौगात देते हुए यहां 100 बिस्तरों का नया अस्पताल बनाने और महूगांव नगर परिषद को नगर पालिका का दर्जा दिया जाने की घोषणा की। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव रविवार को इंदौर जिले के महू विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत महूगांव में 85 करोड़ रुपये लागत के विभिन्न विकास कार्यों के लोकार्पण एवं भूमिपूजन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राष्ट्रऋषि नानाजी देशमुख की प्रतिमा का अनावरण करते हुए 4.50 करोड़ रुपये की लागत से विकसित नानाजी देशमुख पर्यटक स्थल का लोकार्पण भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 38 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित सांदीपनि शासकीय मॉडल उच्चतर माध्यमिक विद्यालय महू और एक करोड़ रुपये की लागत से निर्मित चंद्रशेखर आजाद सरोवर (काकड़पुरा तालाब) पार्क एवं घाट का लोकार्पण कर सम्पूर्ण क्षेत्र का अवलोकन भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राष्ट्रऋषि नानाजी देशमुख को स्मरण करते हुए कहा कि वे केवल एक राजनेता नहीं, बल्कि समाज परिवर्तन के महान साधक थे। उन्होंने अपना संपूर्ण जीवन ग्राम विकास, शिक्षा और स्वावलंबन के लिए समर्पित कर दिया। नानाजी देशमुख का मानना था कि भारत की आत्मा गांवों में बसती है, और जब गांव मजबूत होंगे तभी राष्ट्र मजबूत बनेगा। उनके द्वारा स्थापित किए गए विकास मॉडल आज भी पूरे देश के लिए प्रेरणा स्रोत हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि महू क्षेत्र ऐतिहासिक, आध्यात्मिक और औद्योगिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह क्षेत्र भारत रत्न बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर की जन्मस्थली है, वहीं निकट ही जानापाव पर्वत भगवान परशुराम की जन्मस्थली के रूप में भी प्रसिद्ध है। महू क्षेत्र क्रांतिसूर्य टट्या मामा की कर्मभूमि भी रहा है। इस कारण यह पूरा क्षेत्र एक प्रकार से तीर्थ नगरी का स्वरूप लिए हुए है। आज महू और आसपास के क्षेत्रों में तेजी से औद्योगिक विकास हुआ है। चारों ओर उद्योग, कॉलेज, स्कूल और विकास कार्यों को देखकर गर्व की अनुभूति हुई। उन्होंने क्षेत्र के नागरिकों को विकास में सहभागिता के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि आत्मरक्षा के लिए शस्त्र और शास्त्र का ज्ञान हमारी प्राचीन परंपरा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने महिलाओं, युवाओं, गरीबों और किसानों के कल्याण के लिए संचालित योजनाओं और कार्यक्रमों की जानकारी देते हुए कहा कि इससे इन वर्गों के जीवन में तेजी से सकारात्मक बदलाव आ रहा है। राज्य सरकार लाड़ली बहना योजना के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बना रही है। इस योजना में 1000 रुपए से बढ़कर 1500 रुपए हो चुकी है और आगे भी महिलाओं के हित में निर्णय लिए जाएंगे। उन्होंने आयुष्मान योजना, सड़क दुर्घटना पीड़ितों के लिए उपचार सहायता, एयर एम्बुलेंस सुविधा और अंगदान करने वालों को गार्ड ऑफ ऑनर देने जैसी पहलों का भी उल्लेख किया। सांदीपनि विद्यालयों के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि इन स्कूलों के माध्यम से बच्चों को आधुनिक सुविधाओं सहित गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराई जा रही है, जिसमें खेल, पढ़ाई और कौशल विकास के सभी आयाम शामिल हैं। उन्होंने बताया कि आगामी सत्र से सरकारी स्कूलों में कक्षा 1 से 8 तक के विद्यार्थियों को दूध उपलब्ध कराने की योजना शुरू की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि महू-खंडवा रेल लाइन का कार्य भी शीघ्र पूर्ण होगा और क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए रेल सेवाओं का विस्तार भी किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विभिन्न निर्माण कार्यों का भूमिपूजन भी किया गया। इनमें 14.44 करोड़ रुपये की लागत से अमृत 2.0 योजना अंतर्गत नवीन पेयजल लाइन, 7.52 करोड़ रुपये की लागत से स्वच्छ भारत मिशन 2.0 अंतर्गत उपयोगित जल प्रबंधन योजना, 10.40 करोड़ रुपये की लागत से महू-नीमच रोड निर्माण, 2 करोड़ रुपये की लागत से महूगांव मुक्तिधाम पर घाट निर्माण, 1.03 करोड़ रुपये की लागत से सामुदायिक भवन निर्माण, 2.50 करोड़ रुपये की लागत से गायकवाड़ चौराहे से महूगांव स्कूल तक सड़क निर्माण तथा 1.51 करोड़ रुपये की लागत से गौशाला रोड निर्माण कार्य शामिल हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम में कन्या-पूजन किया। उन्होंने विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत हितग्राहियों को हितलाभ भी वितरित किये। केन्द्रीय महिला एवं बाल विकास राज्यमंत्री मती सावित्री ठाकुर ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश में महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाया जा रहा है। प्रदेश का सर्वांगीण विकास हो रहा है। हर वर्ग के कल्याण के कार्य हो रहे है। किसानों की आमदनी में वृद्धि की जा रही है। वहीं दूसरी ओर युवाओं को रोजगार के नये अवसर उपलब्ध कराये जा रहे हैं। प्रदेश का औद्योगिक विकास भी तेज गति से रहा है। स्वास्थ्य के क्षेत्र में आयुष्मान योजना कारगर हो रही है। विधायक सु उषा ठाकुर ने महू विधानसभा क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी और कहा कि महू क्षेत्र में विकास को नये आयाम दिये जा रहे हैं। महू क्षेत्र में पर्यटन की अपार संभावनाएं है। इस क्षेत्र में तेजी से पर्यटन को बढ़ावा मिल रहा है। उन्होंने बाबा साहब भीमराव अम्बेड़कर, भगवान  परशुराम तथा जननायक टट्या मामा का उल्लेख करते हुए कहा कि यह भूमि इन महान विभूतियों से धन्य है। इन्हें आदर्श मानते हुए क्षेत्र के विकास को नयी दिशा दी जा रही है। उन्होंने महूगांव क्षेत्र में लोकार्पित तथा भूमिपूजन हुए कार्यों की जानकारी देते हुए कहा कि यह कार्य क्षेत्र के विकास के आमूलचूल बदलाव में … Read more

धारा पॉक्सो के तहत शंकराचार्य अविमुक्तेश्वानंद के खिलाफ पुलिस ने की कानूनी कार्रवाई

प्रयागराज शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ कोर्ट के आदेश पर पुलिस फास्ट हो गई है। शंकराचार्य के खिलाफ कोर्ट के आदेश देने के कुछ घंटे बाद ही पॉक्सो एक्ट में झूंसी थाने में केस दर्ज कर लिया गया है। एफआईआर में अविमुक्तेश्वरानंद को नामजद करते हुए नाबालिग बच्चों के साथ यौन शोषण और धमकाने का आरोप लगाया गया है। अविमुक्तेश्वरानंद के साथ ही उनके शिष्य मुकुंदानंद ब्रह्मचारी और तीन अज्ञात के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई है। न्यायालय ने आशुतोष ब्रह्मचारी के प्रार्थना पत्र शनिवार को अविमुक्तेश्वरानंद व अन्य पर केस दर्ज करने का आदेश दिया था। इसके बाद शनिवार की ही देर रात झूंसी थाने में केस रजिस्टर्ड कर लिया गया। जगदगुरु रामभद्राचार्य के शिष्य आशुतोष ब्रह्मचारी ने शंकराचार्य के खिलाफ नाबालिगों का शोषण करने का आरोप लगाया था। उन्होंने न्यायालय में दो नाबालिग लड़कों का बयान भी दर्ज करवाया था। बकायदे कैमरे के सामने दोनों लड़कों ने बयान दिए थे। आशुतोष ब्रह्मचारी की तहरीर के मुताबिक, माघ मेला में उनके शिविर में आयोजित अनुष्ठान के दौरान दो नाबालिग लड़के आए। आरोप है कि दोनों लड़कों ने खुद को अविमुक्तेश्वरानंद का शिष्य बताते हुए उनके साथ यौन शोषण होने की जानकारी दी। दोनों लड़कों के साथ महाकुंभ 2025 और माघ मेला 2026 में कई बार जबरन यौन शोषण किया गया। विरोध करने पर दोनों लड़कों को डराया धमकाया जाता रहा। आशुतोष ब्रह्मचारी का आरोप है कि 24 जनवरी को इसे लेकर झूंसी थाने में तहरीर दी गई। इसके अलावा 25 जनवरी को पुलिस आयुक्त और 27 जनवरी को पुलिस अधीक्षक माघ मेला को प्रार्थना पत्र दिया गया। इसके बावजूद कोई कार्रवाई नहीं होने पर न्यायालय की शरण लेनी पड़ी। शनिवार को विशेष कोर्ट ने शंकराचार्य के खिलाफ केस दर्ज करने का आदेश दिया। झूंसी थाना प्रभारी महेश मिश्रा ने बताया कि न्यायालय के आदेश पर अविमुक्तेश्वरानंद और मुकुंदानंद ब्रह्मचारी के खिलाफ नामजद व तीन अज्ञात के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर मामले की विवेचना की जा रही है। क्या है कोर्ट का आदेश प्रयागराज के विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट विनोद कुमार चौरसिया ने आशुतोष ब्रह्मचारी के प्रार्थना पत्र पर सुनवाई के बाद शनिवार को शंकराचार्य के खिलाफ केस का आदेश दिया था। अदालत ने अपने आदेश में कहा कि आशुतोष ब्रह्मचारी के प्रार्थना पत्र, पीड़ित ए व पीड़ित बी के बयान, स्वतंत्र गवाहों के बयान और प्रयागराज के एडिशनल पुलिस कमिश्नर की जांच रिपोर्ट को ध्यान से और पूरी तरह से देखने पर यह पता चलता है कि आरोपियों पर पीड़ित ए व पीड़ित बी के साथ ही दूसरों से यौन शोषण के गंभीर आरोप हैं। अदालत ने कहा कि यह बताया गया है कि आरोप पॉक्सो एक्ट 2012 और भारतीय न्याय संहिता 2023 के तहत सज़ा वाले संज्ञेय अपराधों से जुड़े हैं। यह भी पता चला है कि पीड़ितों और दूसरे गवाहों के बयान रिकॉर्ड करने के साथ सबूत इकट्ठा करने और उन्हें रिकवर करने की ज़रूरत पड़ सकती है। इसके साथ ही यह भी लगता है कि इलेक्ट्रॉनिक, डिजिटल और दूसरे फोरेंसिक सबूत अगर कोई हों तो उन्हें इकट्ठा करने और उनकी जांच करने की ज़रूरत पड़ सकती है, और ऐसे सबूतों के असली होने का वेरिफिकेशन कानून के मुताबिक फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी से कराना पड़ सकता है। प्रार्थना पत्र में उल्लिखित लोगों के अलावा दो से तीन अनजान लोग भी इस घटना में शामिल बताए गए हैं और उनकी पहचान व भूमिका की जांच की ज़रूरत बताई गई है। इसके अलावा झूंसी थाना प्रभारी व प्रयागराज के पुलिस कमिश्नर को दी गई अर्जी से यह भी पता चलता है कि उसमें गंभीर संज्ञेय अपराधों का खुलासा होने का आरोप था।  

मुख्यमंत्री की उपस्थिति में प्रधानमंत्री मोदी ने किया दिल्ली-मेरठ नमो भारत रैपिड रेल संपूर्ण कॉरिडोर व मेरठ मेट्रो का लोकार्पण

मेरठ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को नए व आधुनिक भारत का शिल्पी व निर्माता बताया है। उन्होंने कहा कि पीएम के ‘विकसित भारत’ विजन की वैश्विक नेता भी जमकर सराहना कर रहे हैं, जिसमें अत्याधुनिक इन्फ्रास्ट्रक्चर के साथ-साथ शासकीय योजनाओं का लाभ गरीब-वंचित, अन्नदाता किसान, महिला व युवा समेत समाज के हर तबके को मिलना सुनिश्चित हो रहा है। मुख्यमंत्री ने पीएम मोदी की कार्यशैली से प्रेरणा लेते हुए कहा कि पूरे देश के विकास कार्यों की जितनी समीक्षा प्रधानमंत्री जी करते हैं, उतनी तो कोई मंत्री अपने विभागीय कार्यों की भी नहीं करता। सीएम योगी रविवार को मेरठ के मोहिउद्दीनपुर में प्रधानमंत्री द्वारा दिल्ली-मेरठ नमो भारत रैपिड रेल संपूर्ण कॉरिडोर व मेरठ मेट्रो का लोकार्पण किए जाने के अवसर पर उपस्थित जनसमूह को संबोधित कर रहे थे। तेजी से आगे बढ़ रहा है भारत  मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री जी द्वारा होली से ठीक पहले नमो भारत ट्रेन के साथ मेरठ मेट्रो का भी उपहार दिया जा रहा है। यह उपहार विकसित भारत की उस नींव को सुदृढ़ करने का नया माध्यम है, जिसमें अत्याधुनिक इन्फ्रास्ट्रक्चर के माध्यम से भारत की ताकत दिखती है। पहले मेरठ से दिल्ली की दूरी एक चुनौती होती थी। इसे तय करने में चार से पांच घंटे तक मशक्कत करनी पड़ती थी। दिल्ली दूर है, यह मानते हुए लोग थक-हार कर बैठ जाते थे और सोचते थे कि जाम में फंसना पड़ेगा। आज 12 लेन के एक्सप्रेसवे से दिल्ली व मेरठ जुड़े हैं। मेरठ से दिल्ली पहुंचने में मात्र 45-50 मिनट लगते हैं। आज प्रधानमंत्री जी ने नमो भारत रैपिड रेल व मेरठ मेट्रो का नया उपहार दिया है, जो इस दूरी को और घटा रहा है। इन्फ्रास्ट्रक्चर के रूप में नमो भारत, वंदे भारत, अमृत भारत के माध्यम से अत्य़ाधुनिक-सुरक्षित तेज पब्लिक ट्रांसपोर्ट सेवाएं आज भारत की पहचान बन रही हैं। पीएम मोदी ने शनिवार को ही गौतम बुद्ध नगर में सेमीकंडक्टर के नए प्लांट का शिलान्यास किया है, यानी हमारा भारत आने वाले समय की चुनौतियों को देखते पीएम मोदी के नेतृत्व में लगातार आगे बढ़ रहा है।  वैश्विक नेता कर रहे हैं पीएम के विजन की प्रशंसा सीएम योगी ने कहा कि पिछले दिनों नई दिल्ली में संपन्न इंडिया एआई इंपैक्ट समिट में कई देशों के राष्ट्राध्यक्षों और 100 से अधिक देशों के प्रतिनिधियों ने भागीदारी की। इस समिट में वैश्विक नेताओं ने प्रधानमंत्री जी के विजन और उसे धरातल पर प्रभावी ढंग से क्रियान्वित करने की भूरि-भूरि प्रशंसा की। सीएम ने फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों के वक्तव्य का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने डिजिटल भारत की सफलता पर विस्तार से अपनी बात रखी। मैक्रों ने कहा कि भारत ने कुछ ऐसा बनाया, जो दुनिया का कोई दूसरा देश नहीं बना सकता – 140 करोड़ लोगों की डिजिटल पहचान और वन हेल्थ इन्फ्रास्ट्रक्चर, जिसने 50 करोड़ लोगों को प्रधानमंत्री जनआरोग्य योजना के अंतर्गत आयुष्मान भारत की सुविधा प्रदान की। मैक्रों का कथन प्रधानमंत्री जी की दूरदर्शिता साबित करता है, जिनके विकसित भारत विजन में वंचितों को वरीयता के साथ-साथ शासन की योजनाओं का लाभ बिना किसी भेदभाव के गरीब, किसान, महिला, नौजवान समेत हर तबके को प्राप्त हो रहा है। आज पूरी दुनिया का ध्यान डिजिटल इंडिया की ओर आकर्षित हुआ है।  पीएम की कार्यशैली प्रेरणा का स्रोत सीएम योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री जी का अत्याधुनिक इन्फ्रास्ट्रक्चर के प्रति दृष्टिकोण विकसित भारत की उस आधारशिला का विजन है, जिसकी दुनिया में चर्चा है। देश में नमो भारत रैपिड रेल का उद्घाटन, मेट्रो का विस्तार, वंदे भारत, वाटरवे, एक्सप्रेसवे, डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर की सुविधा बहुत तेजी से फैली है। आज हर कोई इसकी ताकत को महसूस कर रहा है। इसके जरिए जीवन को आसान किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम लोगों ने देखा है कि 2014 के पहले देश कैसे चलता था। हाल में ही प्रधानमंत्री ने देश में इन्फ्रास्ट्रक्चर की मॉनीटरिंग करते हुए 50वीं बैठक की। इससे पहले बड़े प्रोजेक्ट्स की मॉनीटरिंग नहीं होती थी। आज विकास कार्यों की जितनी समीक्षा प्रधानमंत्री जी करते हैं, उतनी कोई मंत्री भी अपने विभागीय कार्यों की नहीं करता। अब देश में प्रगति नाम की आधुनिक व्यवस्था दिखाई दे रही है। प्रगति की समीक्षा बैठक में प्रधानमंत्री जी द्वारा आइडिया दिया जाता है। यह प्रधानमंत्री जी की कार्यशैली है कि दशकों से लंबित 85 लाख करोड़ की परियोजनाएं मात्र 10 वर्ष में धरातल पर उतरी हैं। मुख्यमंत्री ने मेजर ध्यानचंद खेल विवि और जेवर एयरपोर्ट के लोकार्पण के लिए प्रधानमंत्री को दिया निमंत्रण सीएम योगी ने मेजर ध्यानचंद के नाम पर मेरठ में बने यूपी के पहले खेल विश्वविद्यालय का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जी ने ही इसका शिलान्यास किया था। यह विश्वविद्यालय अप्रैल तक बनकर तैयार हो जाएगा, कक्षाएं गत वर्ष प्रारंभ हो चुकी हैं। प्रधानमंत्री जी का खेल संस्कृति पर विशेष जोर है। मेरठ का ओडीओपी (वन डिस्ट्रिक्ट-वन प्रोडक्ट) खेल आइटम ही है। सीएम योगी ने कहा कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट भी लगभग तैयार हो चुका है। प्रधानमंत्री जी ने ही उसका शिलान्यास किया था। आज प्रदेशवासियों की इच्छा है कि खेल विवि व नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उद्घाटन भी प्रधानमंत्री जी के कर-कमलों से हो। इसी तरह केंद्रीय कैबिनेट ने हाल में नोएडा मेट्रो के नए रूट को स्वीकृति दी है। सीएम ने प्रधानमंत्री से अनुरोध किया कि मेट्रो के नए रूट का शिलान्यास और तीन वर्ष में इसके तैयार होने के उपरांत इसका लोकार्पण भी आपके द्वारा हो।  मेरठ की क्रांतिकारी धरा को किया प्रणाम मुख्यमंत्री ने कहा कि मेरठ की धरती भारत की पौराणिक-ऐतिहासिक पृष्ठभूमि और भारत के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम की गवाह रही है। क्रांतिनायक धन सिंह गुर्जर, राव कदम सिंह, क्रांतिकारी शाहमल व मातादीन वाल्मीकि ने इसी धरा से भारत के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम का आह्वान और भारत की आजादी की लड़ाई को नई ऊंचाई तक पहुंचाने का शंखनाद किया था।  इस अवसर पर केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री व भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी, केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी, उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, प्रदेश सरकार के मंत्री धर्मपाल सिंह, दिनेश खटिक, सोमेंद्र तोमर, राज्यसभा सांसद व पूर्व भाजपा प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मीकांत वाजपेयी, सांसद अरुण गोविल, राजकुमार सांगवान, चंदन चौहान व महापौर हरिकांत अहलूवालिया आदि मौजूद रहे। प्रधानमंत्री ने राष्ट्र … Read more

प्रदर्शन ने पकड़ा तूल, पुतला दहन के बाद कांग्रेस का थाना घेराव

छिंदवाड़ा रविवार को भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच तीखी नोकझोंक हुई। भाजपा कार्यकर्ता तीन बैरिकेड्स तोड़कर सीधे कांग्रेस कार्यालय के सामने पहुंच गए, जिसके बाद दोनों दलों ने एक-दूसरे के खिलाफ नारेबाजी करते हुए राहुल गांधी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पुतले फूंके और कांग्रेस ने पुलिस थाने का घेराव कर दिया। वर्तमान में पुलिस ने दोनों पक्षों को अलग कर दिया है, कोतवाली पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात है फिलहाल स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में है। बैरिकेड्स तोड़कर कांग्रेस कार्यालय पहुंचे भाजपा कार्यकर्ता रविवार को भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं ने उग्र प्रदर्शन शुरू कर दिया। भाजपा कार्यकर्ता तीन बैरिकेडिंग तोड़कर सीधे कांग्रेस कार्यालय के सामने पहुंच गए। यहां पहले से मौजूद बड़ी संख्या में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के कार्यकर्ताओं के साथ उनकी तीखी नोकझोंक हुई। स्थिति कई बार आमने-सामने की बन गई और पुलिस को दोनों पक्षों के बीच व्यवस्था संभालने में काफी मशक्कत करनी पड़ी।  

राजस्थान का मौसम बदला मिज़ाज: कई शहरों में तापमान 30° पार, बाड़मेर सबसे गर्म, फतेहपुर सबसे ठंडा

जयपुर राजस्थान में मौसम का मिजाज एक बार फिर बदलने लगा है। सुबह और शाम की सर्दी अब कम हो गई है। शनिवार को राज्य के 10 से अधिक शहरों में अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस या उससे ऊपर दर्ज किया गया। मौसम केंद्र जयपुर ने अगले एक सप्ताह तक मौसम शुष्क रहने और तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी होने का अनुमान जताया है। पिछले 24 घंटों में पूरे राज्य में मौसम साफ रहा। सुबह से लेकर शाम तक तेज धूप खिली रही। सबसे अधिक अधिकतम तापमान बाड़मेर में 33.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। अन्य प्रमुख शहरों में अधिकतम तापमान इस प्रकार रहा-चित्तौड़गढ़ 31.2, फलोदी 31.8, बीकानेर 31.2, जैसलमेर 31.5, पाली (जवाई बांध क्षेत्र) 31.4, डूंगरपुर 30, फतेहपुर (सीकर) 30, लूणकरणसर (बीकानेर) 30.9, चूरू 30.4, भीलवाड़ा 29.4, टोंक 29.6, श्रीगंगानगर 29.4, नागौर 29.8, झुंझुनूं 29.1, उदयपुर 29.2 और जयपुर 28.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। जयपुर, उदयपुर, कोटा और अजमेर सहित कई जिलों में दिनभर धूप रहने से मौसम सुहावना बना रहा, जबकि सुबह-शाम हल्की सर्दी महसूस की गई। न्यूनतम तापमान की बात करें तो सीकर के फतेहपुर में सबसे कम 9.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। पाली में 10.6, दौसा में 11.6, सिरोही में 11.4, सीकर में 11.5 और अलवर में 11.6 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान रहा। वहीं, बाड़मेर में रात सबसे कम सर्द रही, जहां न्यूनतम तापमान 18.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ।

मौत से मुकाबला… 27 दिन बाद नन्हीं जान ने ली नई सांस

रायपुर 27 दिनों तक चिकित्सकों की देखभाल से नन्हीं जान को मिला नया जीवन मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के दूरदर्शी विजन के अनुरूप प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं का लगातार विस्तार हो रहा है, जिससे अब जिला मुख्यालयों पर ही बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हो रहे हैं। इसी का जीवंत उदाहरण जिला अस्पताल कोंडागांव की नवजात गहन चिकित्सा इकाई (एसएनसीयू) में देखने को मिला, जहां एक गंभीर नवजात शिशु को नया जीवन मिला है। कलेक्टर मती नुपूर राशि पन्ना के सतत निर्देशन, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आर. के. चतुर्वेदी के मार्गदर्शन तथा सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक डॉ. प्रेमलाल मंडावी के नेतृत्व में जिला अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं को निरंतर सशक्त किया जा रहा है। आवश्यक संसाधनों, जीवन रक्षक उपकरणों एवं दवाइयों की उपलब्धता तथा नियमित मॉनिटरिंग के कारण आज एसएनसीयू दूरस्थ अंचलों के लिए आशा की किरण बन चुकी है। ग्राम राकसबेड़ा, विकासखंड माकड़ी निवासी बो सुखदई मरकाम एवं चैतराम मरकाम के नवजात शिशु का जन्म 18 दिसंबर 2025 को शाम 5:28 बजे हुआ। जन्म के तुरंत बाद शिशु की स्थिति अत्यंत गंभीर हो गई। 20 दिसंबर 2025 को शिशु को एसएनसीयू में भर्ती किया गया। जन्म के समय शिशु का वजन 2.70 किलोग्राम था तथा वह बर्थ एस्फिक्सिया, लगातार दौरे और संक्रमण जैसी जटिल समस्याओं से जूझ रहा था। गर्भावस्था के दौरान माता में गंभीर ओलिगोहाइड्राम्नियोस की स्थिति भी पाई गई थी। शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. रुद्र कश्यप, डॉ. राजेश बघेल एवं डॉ. परोमिता सूत्रधार सहित एसएनसीयू की टीम ने शिशु का तत्काल उपचार प्रारंभ किया। प्रारंभिक दिनों में ऑक्सीजन सपोर्ट एवं एंटीबायोटिक दिए गए, परंतु अपेक्षित सुधार न होने पर पांचवें दिन शिशु को मैकेनिकल वेंटिलेशन पर रखा गया, जहां 12 दिनों तक गहन निगरानी में उपचार जारी रहा। उपचार के दौरान शिशु में सेप्सिस एवं गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल ब्लीडिंग जैसी जटिलताओं की पहचान हुई। चिकित्सकीय टीम ने तत्परता से उच्च श्रेणी के एंटीबायोटिक तथा आवश्यकतानुसार फ्लुकोनाजोल प्रदान किया। बार-बार आने वाले दौरों को नियंत्रित करने के लिए फेनोबार्बिटोन/फेनाइटोइन दवाएं दी गईं। चिकित्सकों की विशेषज्ञता, संवेदनशीलता और सतत निगरानी ने इस नन्हीं जान को सुरक्षित रखा। लगातार 18 दिनों के गहन उपचार के बाद शिशु की स्थिति में सुधार होने लगा। स्थिर होने पर 19वें दिन से 10 दिनों तक कंगारू मदर केयर (केएमसी) प्रारंभ की गई, जिससे शिशु के स्वास्थ्य में उल्लेखनीय सुधार हुआ। लगभग 27 दिनों के अथक प्रयासों के पश्चात शिशु को पूर्णतः स्थिर अवस्था में छुट्टी प्रदान की गई। प्रदेश सरकार की प्राथमिकता के अनुरूप अब जिला स्तर पर ही उन्नत स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हो रही हैं, जिससे दूरस्थ अंचलों के नागरिकों को महानगरों की ओर जाने की आवश्यकता नहीं पड़ रही।   कलेक्टर द्वारा जिला अस्पताल के एसएनसीयू की व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए समय समय पर आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं और सतत मॉनिटरिंग भी की जा रही है। उक्त प्रकरण जिला अस्पताल के इकाई की नवजात शिशुओं की बेहतर देखभाल और सेवाओं एवं टीमवर्क का उदाहरण है।

छत्तीसगढ़ का शहीद वीर नारायण सिंह संग्रहालय अद्वितीय

रायपुर सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस ने नवा रायपुर में बने देश का पहला डिजिटल संग्रहालय का किया अवलोकन देश के प्रत्येक व्यक्ति को जनजातीय इतिहास को जानना चाहिए: चीफ जस्टिस न्यायमूर्ति  सूर्यकांत सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस न्यायमूर्ति  सूर्यकांत ने आज राजधानी नवा रायपुर के आदिम जाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान में बने देश के पहले डिजिटल संग्रहालय का अवलोकन किया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ का यह जनजातीय संग्रहालय अद्वितीय है। उन्होंने कहा कि देश के प्रत्येक नागरिक को जनजातीय इतिहास और संस्कृति से वाकिफ होना चाहिए।  चीफ जस्टिस ने छत्तीसगढ़ के जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के अंदोलनों और शौर्य गाथाओं पर संग्रहालय में बने प्रत्येक गैलरी को निकट से देखा। उन्होंने कहा कि इस संग्रहालय में जनजातीय आंदोलनों की स्मृतियां लोगों को शोषण एवं अन्याय के खिलाफ एक जुट होने और उसका प्रतिकार करने के लिए प्रेरित करेंगी।  आदिमजाति विभाग के प्रमुख सचिव  सोनमणी बोरा ने जनजातीय संग्रहालय पहुंचे सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस  सूर्यकांत, जस्टिस  पी.एस.नरसिम्हा, जस्टिस  प्रशांत कुमार और हाईकोर्ट बिलासपुर के चीफ जस्टिस  रमेश सिन्हा, राजस्थान के चीफ जस्टिस  कल्पथी राजेंद्रन राम सहित अन्य न्यायाधीश गण का बीरनमाला से आत्मीय स्वागत करने के साथ ही उन्हें स्मृति स्वरूप जनजातीय जीवन पर आधारित भित्ती चित्र भेंट किया।  प्रमुख सचिव  बोरा ने जनजातीय संग्रहालय के अवलोकन के दौरान चीफ जस्टिस  सूर्यकांत सहित अन्य न्यायधीश गणों को जनजातीय विद्रोहों की पृष्ठिभूमि और जनजातीय नायकों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।  बोरा ने संग्रहालय के अलग-अलग गैलरियों में प्रदर्शित विद्रोहों को साल, साजा और महुआ के प्रतिकात्मक वृक्ष के पत्तों के जरिये समझाने का प्रयास किया गया है। संग्रहालय में बने यह वृक्ष उसी तरह से है जिस तरह से मोशन फिल्मों में एक वृद्ध व्यक्ति फिल्म की कहानी बताते है।  चीफ जस्टिस  सूर्यकांत ने जनजातीय संग्रहालय में प्रदर्शित भूमकाल विद्रोह के बारे में जानकर काफी प्रभावित हुए। यह विद्रोह बस्तर क्षेत्र के चित्रकोट के आस-पास वर्ष 1910 में हुआ था। यह विद्रोह 20 वर्षीय जननायक गुंडाधुर के नेतृत्व में, औपनिवेशिक वन नीतियों, जमींदारों के शोषण और बाहरी हस्तक्षेप के विरूद्ध था, जिसमें आदिवासियों ने पारंपरिक हथियारों से अंग्रेजों के खिलाफ किया था। चीफ जस्टिस ने संग्रहालय में शहीद वीर नारायण सिंह की तलवार सहित अन्य जनजातीय नायकों द्वारा विद्रोह के दौरान उपयोग में लाए गए अस्त्र-शस्त्र का भी अवलोकन किया।  चीफ जस्टिस ने गैलरी में स्थापित मां दंतेश्वरी का प्रतिकात्मक डिजिटल मंदिर से काफी प्रभावित हुए उन्होंने दो बार घंटी बजाकर मां दंतेश्वरी के दर्शन किया। उन्होंने आगामी समय बस्तर (दंतेवाड़ा) जाकर मां दंतेश्वरी की साक्षात दर्शन करने की इच्छा जाहिर की।  उल्लेखीनय है कि छत्तीसगढ़ राज्योत्सव रजत जयंती के मौके पर प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी द्वारा 01 नवबंर 2025 को इस भव्य डिजिटल संग्रहालय को लोगों को समर्पित किया था। तब से आगुन्तकों के लिए यह संग्रहालय आर्कषण एवं उत्साह का केंद्र बना हुआ है। जनसमुदाय में इस संग्रहालय के प्रति आकर्षण और लोकप्रियता को  देखते हुए इसके द्वितीय चरण के विस्तार की कार्ययोजना तैयार की जा रही है। गौरतलब है कि आदिम जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव  सोनमणी के मार्गदर्शन में जनजातीय संस्कृति एवं परंपराओं पर आधारित म्यूजियम तथा सहित वीर नारायण सिंह स्मारक सह जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी म्यूजियम का निर्माण तेजी के साथ पूरा हुआ है। मुख्य मंत्री  विष्णु देव साय के निर्देश पर निर्माण से उद्घाटन तक विभाग के अधिकारी-कर्मचारी  बोरा के नेतृत्व में बारीकी से एक-एक पहलुओं को परखा तब जाकर संग्रहालय का बुनियाद बनकर तैयार हुआ है। संग्रहालय का धरातल में आने से नई पीढ़ियों को अपने पुरखों की वीरता और साहस का याद दिलाता रहेगा। यह न केवल जनजातीय वर्गो के बल्कि सभी लोगों के प्रेरणापद है। 

पटना जू में बर्ड फ्लू रोकने फुट वॉश और किया जा रहा सैनिटेशन

पटना. पटना के संजय गांधी जैविक उद्यान (पटना जू) में बर्ड फ्लू पर रोकथाम लगाने के लिए जू प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट है. पटना जू के पक्षी घर में दुनिया के अलग-अलग कोने से आए अनोखे पक्षियों के लिए खास व्यवस्था की गई है. बर्ड फ्लू से बचाव के लिए 24 घंटे केयर टेकर की तैनाती की गई है. ताकि बर्ड एवियरी की हर एक एक्टिविटी पर विशेष नजर रखी जा सके. इस बारे में अधिक जानकारी देते हुए संजय गांधी जैविक उद्यान के निदेशक हेमंत पाटिल ने बताया कि जू में घूमने आने वाले सभी लोगों के लिए गेट पर ही पोटाशियम परमैगनेट से फूट वॉश करवाया जा रहा है. ताकि किसी तरह के संक्रमण का खतरा नहीं हो. पटना में की गई है यह व्यवस्था जानकारी के मुताबिक, पटना जू के रेंज ऑफिसर अरविंद वर्मा ने कहा कि हर रोज नियमित तौर पर पूरे उद्यान को कोर्सोलिन और वीरकॉन्ड पदार्थ से सैनिटेशन किया जा रहा है. ताकि बर्ड फ्लू जैसी बीमारी पक्षियों को छू भी न सकें. इसके अलावा बर्ड ड्रॉपिंग से बचाने के लिए खास इंतजाम किया गया है. दो शेरनियों को लाया गया पटना जू हाल ही में राजगीर जू सफारी से दो मादा शेरनियों को लाया गया है. साथ ही पटना जू से एक मादा शेरनी पार्वती को राजगीर जू सफारी नालंदा भेजा गया है. जू प्रशासन के अनुसार, दोनों शेरनियों को फिलहाल 30 दिनों के लिए क्वारंटाइन में रखा गया है. विशेषज्ञों का कहना है कि ट्रांसफर के दौरान जानवर अक्सर तनाव (स्ट्रेस) में आ जाते हैं, इसलिए उन्हें शांत वातावरण में रखना और यहां की जलवायु के अनुकूल ढालना आवश्यक है. क्वारंटाइन की अवधि समाप्त होने के बाद ही इन्हें आम पर्यटकों के दीदार के लिए बाड़े में छोड़ा जाएगा.

JPSC उम्मीदवारों के लिए खुशखबरी: विधानसभा में CM हेमंत ने घोषित की नई कटऑफ डेट

रांची झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के चौथे दिन शनिवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सदन में जेपीएससी अभ्यर्थियों को बड़ी राहत देने की घोषणा की जबकि हाथियों के आतंक से मौत पर मुआवजा की राशि बढ़ाने और पीड़ित परिवारों को तुरंत राहत पहुंचाने के लिए एसओपी बनाने का संकेत भी दिया। मुख्यमंत्री सोरेन ने सदन में घोषणा की कि झारखंड पब्लिक सर्विस कमीशन (जेपीएससी) के अभ्यर्थियों के लिए कटऑफ डेट अब 1 अगस्त 2022 निर्धारित की गई है। पहले कटऑफ डेट 2026 निर्धारित था। मुख्यमंत्री की इस घोषणा के बाद हजारों ऐसे अभ्यर्थियों को परीक्षा में शामिल होने का अवसर मिलेगा, जो पूर्व निर्धारित तिथि के कारण पात्रता से वंचित हो रहे थे। हालांकि, छात्र संगठन अगस्त 2018 को कटऑफ डेट बनाने की मांग कर रहे थे। वहीं झारखंड में हाथियों के हमलों से होने वाली मौत और नुकसान को लेकर राज्य सरकार ने बड़ा फैसला लेने के संकेत दिए हैं। सोरेन ने विधानसभा में कांग्रेस विधायक रामेश्वर उरांव के ध्यानाकर्षण प्रस्ताव का जवाब देते हुए कहा कि सरकार इस मुद्दे को लेकर गंभीर है और एक समेकित एसओपी तैयार की जा रही है। मुख्यमंत्री ने बताया कि फिलहाल झारखंड में हाथी के हमले में मौत होने पर 4 लाख रुपये मुआवजा देने का प्रावधान है। हालांकि, अन्य राज्यों में यह राशि 4 लाख से लेकर 50 लाख रुपये तक है। सरकार असम, ओडिशा और अन्य राज्यों की व्यवस्था का अध्ययन कर रही है और जल्द ही मुआवजा राशि बढ़ाने पर निर्णय लिया जाएगा। अवैध खनन के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी सोरेन ने कहा कि नई एसओपी में यह प्रावधान किया जाएगा कि घटना के 10 दिनों के भीतर पीड़ित परिवार को मुआवजा राशि का भुगतान सुनिश्चित हो। इसके साथ ही लकड़बग्घा, तेंदुआ और सांप जैसे अन्य वन्यजीवों के हमलों से होने वाली मौतों को भी एसओपी में शामिल किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि यदि खनन क्षेत्रों में अवैध खनन के कारण हाथियों का आतंक बढ़ रहा है, तो उस पर भी सरकार की नजर है और अवैध खनन के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इससे पहले विधायक तिवारी महतो ने मांडू क्षेत्र में भारी मशीनों से अवैध खनन का आरोप लगाया था। इस पर प्रभारी मंत्री सुदिव्य सोनू ने कहा कि सरकार को इस संबंध में कोई आधिकारिक सूचना नहीं है, लेकिन शिकायत मिलने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।