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एसआईएचएम नया रायपुर में ब्रोशर प्रतियोगिता और पर्यटन शिक्षा प्रदर्शनी में 300 से अधिक विद्यार्थियों की भागीदारी

रायपुर राज्य व राष्ट्रीय विजेताओं को मिला सम्मान, प्रदर्शनी और करियर मार्गदर्शन का सफल आयोजन भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय के क्षेत्रीय कार्यालय इंडिया टूरिज्म, मुंबई द्वारा स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट, रायपुर (एसआईएचएम) के सहयोग से ‘देखो अपना देश’ ब्रोशर निर्माण प्रतियोगिता, पुरस्कार वितरण समारोह एवं पर्यटन शिक्षा प्रदर्शनी का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं में भारत के विविध पर्यटन स्थलों के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा पर्यटन एवं आतिथ्य के क्षेत्र में उपलब्ध करियर अवसरों से उन्हें परिचित कराना रहा। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष सु मोना सेन उपस्थित रहीं। विशिष्ट अतिथि के रूप में  इंद्र कुमार साहू, विधायक अभनपुर तथा पर्यटन मंत्रालय, भारत सरकार के क्षेत्रीय निदेशक  मोहम्मद फारूक मौजूद रहे। इसके अतिरिक्त पश्चिम एवं मध्य क्षेत्रीय कार्यालय के प्रतिनिधि, छत्तीसगढ़ पर्यटन बोर्ड की डीजीएम सु पूनम शर्मा, आईएचएम रायपुर के वरिष्ठ लेखा अधिकारी  समीर मिश्रा तथा संस्थान के प्राचार्य  विवेक आचार्य के मार्गदर्शन में कार्यक्रम संपन्न हुआ। राज्य और राष्ट्रीय स्तर के विजेताओं को मिला सम्मान समारोह के दौरान छत्तीसगढ़ राज्य के विजेताओं को नकद पुरस्कार (चेक), पदक, किट एवं प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। राज्यभर से लगभग 300 छात्र-छात्राओं ने अपने शिक्षकों एवं अभिभावकों के साथ उत्साहपूर्वक भाग लिया। पीएम  जवाहर नवोदय विद्यालय, दुधली के छात्रों ने राज्य स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त किया तथा राष्ट्रीय स्तर पर द्वितीय पुरस्कार हासिल कर छत्तीसगढ़ का गौरव बढ़ाया। पीएम  केंद्रीय विद्यालय बैकुंठपुर एसईसीएल एवं पीएम  केंद्रीय विद्यालय महाराजपुर कवर्धा ने राज्य स्तर पर द्वितीय पुरस्कार प्राप्त किया। वहीं पीएम  केंद्रीय विद्यालय खैरागढ़, पीएम  केंद्रीय विद्यालय कुरुद तथा पीएम  जवाहर नवोदय विद्यालय धमतरी ने राज्य स्तर पर तृतीय पुरस्कार अर्जित किया। पर्यटन शिक्षा प्रदर्शनी में करियर अवसरों की जानकारी कार्यक्रम के अंतर्गत पर्यटन एवं आतिथ्य उद्योग में उपलब्ध विविध और बढ़ते करियर अवसरों पर विशेष प्रस्तुति दी गई। छात्रों एवं शिक्षकों के लिए प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता का आयोजन भी किया गया, जिससे सहभागिता और ज्ञानवर्धन को बढ़ावा मिला। प्रदर्शनी में होटल उद्योग से जुड़े विशेषज्ञों को भी आमंत्रित किया गया था। प्रतिभागियों को एसआईएचएम रायपुर परिसर का भ्रमण कराया गया, जहां उन्होंने विभिन्न विभागों की कार्यप्रणाली को नजदीक से देखा। छात्रों ने रिसेप्शन प्रबंधन, खाद्य एवं बेकरी निर्माण, फ्रूट एवं वेजिटेबल कार्विंग, फ्लावर डेकोरेशन, टॉवेल आर्ट तथा मॉकटेल निर्माण जैसी व्यावहारिक गतिविधियों का प्रदर्शन देखा और आतिथ्य उद्योग की बारीकियों को समझा। युवाओं में पर्यटन जागरूकता की सशक्त पहल ‘देखो अपना देश’ पहल के माध्यम से छात्रों में भारत की सांस्कृतिक और प्राकृतिक विरासत के प्रति रुचि और गर्व की भावना विकसित हुई है। यह आयोजन न केवल रचनात्मक प्रतिभा को मंच प्रदान करता है, बल्कि युवाओं को पर्यटन और आतिथ्य क्षेत्र में उज्ज्वल भविष्य की संभावनाओं से भी जोड़ता है। पर्यटन मंत्रालय भारत सरकार की ‘देखो अपना देश’ पहल वर्ष 2020 में प्रारंभ की गई एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय अभियान है, जिसका उद्देश्य देशवासियों को भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, ऐतिहासिक धरोहरों, प्राकृतिक सौंदर्य और विविध परंपराओं से परिचित कराना तथा घरेलू पर्यटन को बढ़ावा देना है। इस पहल के माध्यम से नागरिकों को अपने ही देश के विभिन्न पर्यटन स्थलों की यात्रा के लिए प्रेरित किया जाता है, ताकि वे भारत की अद्भुत विविधता को निकट से जान सकें और स्थानीय अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने में योगदान दे सकें। ‘देखो अपना देश’ अभियान के अंतर्गत वेबिनार श्रृंखलाएँ, ऑनलाइन क्विज प्रतियोगिताएँ, वर्चुअल टूर, रचनात्मक प्रतियोगिताएँ तथा पर्यटन शिक्षा से संबंधित कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। यह पहल विशेष रूप से युवाओं और विद्यार्थियों को पर्यटन एवं आतिथ्य क्षेत्र में उपलब्ध करियर अवसरों से अवगत कराने का भी कार्य करती है। साथ ही, डिजिटल माध्यमों और जनसहभागिता के जरिए देश के कम प्रसिद्ध लेकिन संभावनाशील पर्यटन स्थलों को भी राष्ट्रीय पहचान दिलाने का प्रयास किया जाता है। इस प्रकार ‘देखो अपना देश’ पहल न केवल नागरिकों में अपने देश के प्रति गर्व और जागरूकता की भावना को सुदृढ़ करती है, बल्कि पर्यटन उद्योग को नई ऊर्जा प्रदान कर आर्थिक विकास की दिशा में भी महत्वपूर्ण योगदान देती है।

बिहार में चीनी उद्योग को बढ़ाने दिया गन्ने का रकबा बढ़ाने का टारगेट

पटना. बिहार में 34 नई चीनी मिलों को चलाने को लेकर तैयारिया तेजी से सुनिश्चित की जा रही है। इसको देखते हुए गन्ना उद्योग विभाग ने बिहार में गन्ने की खेती का विस्तार करने की तैयारी में जुट गया है। राज्य में एक करोड़ रोजगार सृजित करने की दिशा में राज्य सरकार ने कार्रवाई शुरू कर दी है। इसी के तहत राज्य में बंद नौ चीनी मिलों को चालू कराने के साथ ही 25 नई चीनी मिलों की स्थापना कराने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसके लिए गन्ना उद्योग विभाग ने नई चीनी मिलों की स्थापना को देखते हुए संबंधित जिलों में पांच-पांच हजार हेक्टेयर में गन्ना की खेती का विस्तार करने का निर्णय लिया है, जिससे कि नई चीनी मिलों के साथ ही वर्तमान में कार्यरत चीनी मिलों को पर्याप्त मात्रा में गन्ना उपलब्ध हो सकें। ऐसे में पौने दो लाख हेक्टेयर में गन्ने की खेती का रकबा बढ़ाने की तैयारी सरकार कर रही है। वर्तमान में लगभग 2.50 लाख हेक्यरेटर में गन्ने की खेती हो रही है। विदित हो कि सात निश्चय तीन के तहत राज्य में बंद पड़ी नौ चीनी मिलों को चालू कराने के साथ ही 25 नई चीनी मिलों की स्थापना कराने के प्रयास में सरकार जुटी है। इसको देखते हुए गन्ना उद्योग विभाग ने बिहार में गन्ने की खेती का विस्तार करने की तैयारी में जुट गया है। इसके लिए संबंधित जिले के अधिकारियों को पत्र लिखकर कार्य योजना उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है। जिलों से मांगी गई कार्य योजना विभाग ने गन्ने की खेती का विस्तार करने के लिए बगहा, बेतिया, मोतिहारी, समस्तीपुर, सीतामढ़ी एवं सिवान के सहायक निदेशक और सभी चीनी मिलों कें महाप्रबंधकों के पास पत्र भेजकर शीघ्र कार्य योजना उपलब्ध कराने का आदेश दिया है। ताकि निर्धारित लक्ष्य के अनुसार गन्ना क्षेत्र का विस्तार करने की कार्रवाई शुरू की जा सके। जिलाधिकारियों को भूमि चयन के निर्देश गन्ना उद्योग विभाग ने बिहार में नई चीनी मिलों की स्थापना के लिए 25 जिलों में भूमि चिह्नित करने के लिए संबंधित जिलाधिकारियों को निर्देश दिया है। प्रत्येक चीनी मिल के लिए एक सौ एकड़ भूमि की आवश्यकता है। बताया जाता है कि अधिकांश जिलों में नई चीनी मिल के लिए भूमि चयन कर लिया गया है। गांव आरक्षित करने की प्रक्रिया शुरू गन्ना उद्योग विभाग से जारी पत्र के अनुसार सकरी मिल के लिए मधुबनी जिले के अंधराथाढ़ी, बबुरही, घोघाडीहा, झंझारपुर, लडनिया, लखनउर, लौकहा, लौकही, माधेपुर, पंडौर, फुलपरास और राजनगर प्रखंड के कुल 686 गांवों को सम्मिलित किया गया है। वहीं दरभंगा जिले के बरही, मनिगांछी, टारडीह, अलिनगर, बेनीपुर, बिरौल, धनश्यामपुर, गौरा बउराम, किरातपुर, कुशेश्वरस्थान, कुशेश्वरस्थान पूर्वी तथा दरभंगा प्रखंड के कुल 580 गांवों को चिह्नित किए गए हैं। रैयाम चीनी मिल के लिए दरभंगा जिले के बहादुरपुर, हायाघाट, हनुमाननगर, जाले, सिंघवारा और कोइरी प्रखंड के 580 गांवों को सम्मिलित किया गया है। वहीं, मधुबनी जिले के बासोपट्टी, बेनीपट्टी, बिस्फी, हरलाखी, जयनगर, कलुहीं, खजौली, रहिका एवं माधवापुर प्रखंड के कुल 438 गांव चिह्नित किए गए हैं।

मुख्यमंत्री साय बोले – शिक्षा से जागरूकता, संगठन से मजबूत होता है समाज

रायपुर सशक्त समाज निर्माण में शिक्षा और संगठन की भूमिका अहम : मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय आज बलौदा बाजार जिले के ग्राम चांपा में आयोजित छत्तीसगढ़ मनवा कुर्मी क्षत्रिय समाज के दो दिवसीय 80वें महाअधिवेशन में शामिल हुए। कार्यक्रम की शुरुआत में उन्होंने स्वतंत्रता सेनानी एवं समाज सुधारक डॉ. खूबचंद बघेल की पुण्य तिथि पर दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित की तथा समाज की विभूतियों को पुष्पांजलि अर्पित कर नमन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री का गजमाला पहनाकर आत्मीय स्वागत किया गया। मुख्यमंत्री  साय ने मनवा कुर्मी समाज को परिश्रमी, संगठित और उन्नत कृषक परंपरा वाला समाज बताते हुए कहा कि समाज का योगदान राज्य की प्रगति में महत्वपूर्ण रहा है। उन्होंने 80वें महाअधिवेशन की बधाई देते हुए कहा कि ऐसे आयोजन समाज में मेल-मिलाप, समन्वय और सकारात्मक निर्णयों को बढ़ावा देते हैं, जिसका लाभ पूरे प्रदेश और देश को मिलता है। उन्होंने कहा कि राजस्व एवं उच्च शिक्षा मंत्री  टंकराम वर्मा के गृह ग्राम चांपा में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होना उनके लिए सौभाग्य की बात है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि शिक्षा सशक्त समाज निर्माण का सबसे मजबूत आधार है। उन्होंने समाज द्वारा बेटा-बेटी दोनों को शिक्षा से जोड़ने के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि शिक्षित समाज ही आत्मनिर्भर और प्रगतिशील समाज बनता है। उन्होंने महिला स्वरोजगार को बढ़ावा देने, युवाओं में नशामुक्ति के प्रति जागरूकता और सामाजिक सुधार के प्रयासों को भी सराहनीय बताया। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि राज्य सरकार ने प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी की गारंटी को पूरा करने में पूरी प्रतिबद्धता से कार्य किया है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में 18 लाख प्रधानमंत्री आवास पूर्ण किए गए हैं। इस वर्ष समर्थन मूल्य पर 25 लाख 24 हजार किसानों से 141 लाख मीट्रिक टन से अधिक धान खरीदा गया है तथा होली से पूर्व किसानों को लगभग 10 हजार करोड़ रुपये की अंतर राशि प्रदान की जाएगी। महतारी वंदन योजना के तहत 70 लाख महिलाओं को अब तक 15 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि दी जा चुकी है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि बस्तर क्षेत्र में अब विकास की नई तस्वीर दिखाई दे रही है।उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री और केंद्रीय गृहमंत्री के संकल्प के अनुरूप मार्च 2026 तक नक्सलवाद को पूरी तरह समाप्त करने की दिशा में सरकार दृढ़ता से काम कर रही है। नियद नेल्लार योजना के माध्यम से लगभग 400 गांवों में विकास कार्यों को गति दी गई है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने ग्राम नरदहा में सामुदायिक भवन निर्माण हेतु 50 लाख रुपये तथा बलौदा बाजार में सामुदायिक भवन के लिए 25 लाख रुपये की राशि प्रदान करने की घोषणा की। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राजस्व मंत्री  टंकराम वर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य में पिछले दो वर्षों में उल्लेखनीय विकास हुआ है और किसानों, महिलाओं तथा युवाओं के लिए अनेक जनकल्याणकारी योजनाएं प्रभावी रूप से लागू की गई हैं। अधिवेशन में समाज के केंद्रीय अध्यक्ष  खोड़स राम वर्मा ने समाज द्वारा लिए गए सामाजिक सुधार के महत्वपूर्ण निर्णयों की जानकारी दी। कार्यक्रम में राजिम विधायक  रोहित साहू सहित बड़ी संख्या में समाज के पदाधिकारी, महिलाएं, युवा और स्वजातीय बंधु उपस्थित थे।

वसुंधरा राजे अचानक भावुक हुईं और फिर छलक पड़े आंसू

झालावाड़/बकानी. राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे शनिवार को अपने निर्वाचन क्षेत्र झालावाड़ के दौरे पर थीं। बकानी के खोयरा गांव स्थित मुक्तेश्वर महादेव मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद जब वे सांसद दुष्यंत सिंह की जनसंवाद पदयात्रा के तीसरे चरण के शुभारंभ समारोह के मंच पर पहुँची, तो एक अप्रत्याशित घटनाक्रम ने उन्हें भावुक कर दिया। कविता सुन मंच पर रो पड़ीं 'महारानी' समारोह के दौरान बकानी की एक युवती अदिति शर्मा ने वसुंधरा राजे के सम्मान में एक कविता का पाठ किया। इस कविता में राजे के माता-पिता (राजमाता विजयाराजे सिंधिया और जीवाजीराव सिंधिया), उनके दिवंगत भाई (माधवराव सिंधिया), उनके शासन करने के तरीके और उनकी जनकल्याणकारी योजनाओं का मार्मिक उल्लेख था। अपने माता-पिता और भाई का नाम सुनकर राजे स्वयं को रोक नहीं पाईं और उनकी आंखों से आंसू छलक पड़े। 'मैं आंसू रोक नहीं पाई' कार्यक्रम के बाद राजे ने इस वाकये का ज़िक्र सोशल मीडिया पोस्ट पर भी किया। इसमें उन्होंने लिखा, 'तीसरे चरण की इस पदयात्रा के अवसर पर अदिति शर्मा ने एक कविता पढ़ी, जिसमें मेरे संपूर्ण परिवार, मेरे शासन करने के तरीके और योजनाओं के बारे में उल्लेख था। माँ राजमाता विजय राजे सिंधिया जी, पिता श्रीमंत जीवाजी राव सिंधिया जी और भाई श्रीमंत माधव राव सिंधिया जी पर लिखी कविता सुन अपने आँसू रोक नहीं पाई। मेरे जीवन में इन तीनों के योगदान को मैं कभी नहीं भूल सकती।आज इनके बिना जीवन बहुत सूना लगता है। मेरे माता-पिता और भाई अब इस दुनिया में नहीं है। जब भी उनकी याद आती हैं, तब मैं लोगों से मिल रहे प्यार में उनको खोजने लगती हूँ और अहसास करती हूँ कि इन्हीं में मेरे खोए हुए परिवारजन है।' 'जनता का प्यार मिलेगा तो समय बदलेगा' भावुकता के बीच वसुंधरा राजे ने जनता को संबोधित करते हुए एक गहरा राजनीतिक संदेश भी दिया। उन्होंने कहा कि जीवन में कभी बहुत अच्छा समय होता है और कभी बहुत खराब। राजे ने जोर देकर कहा, "धन-दौलत ही सब कुछ नहीं होता, जनता का प्यार सबसे अनमोल है। अगर जनता का प्यार मिलेगा तो समय जरूर बदलेगा।" राजे का यह बयान उन अटकलों के बीच आया है जिसमें कहा जा रहा था कि चुनाव न होने के बावजूद इस यात्रा का क्या औचित्य है। राजे ने स्पष्ट किया कि वे इस यात्रा के माध्यम से कुछ लेने नहीं, बल्कि केवल जनता का प्यार और आशीर्वाद लेने आई हैं। किसानों के दर्द पर मरहम: फसल खराबे का मुद्दा जनसंवाद यात्रा के दौरान केवल भावनाएं ही नहीं, बल्कि किसानों की समस्याएं भी प्रमुखता से उठीं। पिछले दो दिनों में हुई तेज हवाओं और बेमौसम बारिश के कारण अफीम सहित अन्य फसलों को भारी नुकसान पहुँचा है। मुआवजे की मांग: किसानों ने राजे और सांसद दुष्यंत सिंह के सामने विशेष गिरदावरी और शीघ्र मुआवजे की मांग रखी। भरोसा: सांसद दुष्यंत सिंह ने किसानों को आश्वस्त किया कि वे सरकार से बात कर उचित मुआवजा दिलवाने का प्रयास करेंगे। झालावाड़: राजे का अभेद्य दुर्ग और परिवार पूर्व सीएम ने एक बार फिर दोहराया कि पूरा झालावाड़ जिला उनका परिवार है। उन्होंने कहा कि इस चार दिवसीय यात्रा के दौरान जो भी समस्याएं सामने आएंगी, उनका त्वरित समाधान किया जाएगा। इस अवसर पर विधायक गोविंद रानीपुरिया, पूर्व विधायक नरेंद्र नागर और जिलाध्यक्ष हर्षवर्धन शर्मा सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।

हरियाणा में खाद की कालाबाजारी से पहले 550 बैग से भरा ट्रक पकड़ा

यमुना नगर. यमुनानगर में एक ओर जहां किसानों को यूरिया खाद की भारी कमी का सामना करना पड़ रहा है, वहीं दूसरी तरफ खाद माफिया की सक्रियता लगातार बढ़ती नजर आ रही है। ताजा मामले में सदर थाना क्षेत्र के अंतर्गत पुलिस ने एक ट्रक को पकड़कर बड़ी कार्रवाई की है, जिसमें सैकड़ों बैग यूरिया खाद बरामद किया गया है। मिली जानकारी के अनुसार पुलिस को गुप्त सूचना प्राप्त हुई थी कि एक ट्रक में बड़ी मात्रा में यूरिया खाद को अवैध तरीके से कहीं सप्लाई किया जा रहा है। सूचना के आधार पर जांच अधिकारी अपनी टीम के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे और संदिग्ध ट्रक को रोककर उसकी जांच की गई। जांच के दौरान ट्रक में करीब 550 बैग यूरिया खाद बरामद हुआ, जो किसानों की फसलों में उपयोग होने योग्य बताया जा रहा है, लेकिन यह खाद गलू बनाने के लिए फैक्ट्रीयो में बेचा जाता है  पुलिस ने जब ट्रक चालक से खाद से संबंधित दस्तावेज और बिल की मांग की तो वह कोई भी वैध कागजात प्रस्तुत नहीं कर सका। जिसके बाद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए ट्रक को इंपाउंड कर लिया और उसे सदर थाना में खड़ा कर दिया गया। खाद को अवैध रूप से प्लाई फैक्ट्रियों में बेचा जा रहा बताया जा रहा है कि इस तरह की खाद को अवैध रूप से प्लाई फैक्ट्रियों में बेचा जा रहा है, जिससे किसानों को खाद की कमी का सामना करना पड़ रहा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने कृषि विभाग के अधिकारियों को भी मौके पर बुलाया और पूरे मामले की जांच उनके हवाले कर दी गई है। ट्रक को कब्जे में लेकर आगे की जांच जारी जांच अधिकारी ने बताया कि उन्हें सूचना मिली थी, जिस पर तुरंत कार्रवाई करते हुए एक ट्रक को पकड़ा गया है। ट्रक में करीब 550 बैग यूरिया खाद मिला है। फिलहाल खाद की जांच करवाई जा रही है कि यह तकनीकी उपयोग के लिए है या फिर खेती में इस्तेमाल होने वाला है। उन्होंने बताया कि ट्रक चालक कोई भी बिल प्रस्तुत नहीं कर पाया है, इसलिए ट्रक को कब्जे में लेकर आगे की जांच जारी है। फिलहाल पुलिस यह पता लगाने में जुटी हुई है कि यह खाद कहां से लाई गई थी और इसे कहां सप्लाई किया जाना था। साथ ही इस पूरे नेटवर्क के पीछे किन लोगों का हाथ है, इसकी भी जांच की जा रही है। मामले में आगे और खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय गिरौदपुरी में संत समागम एवं गुरुदर्शन मेले में हुए शामिल

रायपुर गुरूदर्शन व पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की खुशहाली व समृद्धि का लिया आशीर्वाद मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय रविवार को बाबा गुरु घासीदास जी की जन्मभूमि एवं तपोभूमि गिरौदपुरी धाम में आयोजित  संत समागम एवं गुरुदर्शन मेला में शामिल हुए। उन्होंने पूज्य गुरुगद्दी का दर्शन एवं पूजा – अर्चना कर प्रदेशवासियों की खुशहाली और समृद्धि के लिये कामना की। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने  कहा कि बाबा गुरू घासीदास के मनखे- मनखे  एक समान का सन्देश, मानव को मानव से जोड़ने वाला और सद्भाव व समरसता बढ़ाने वाला है। बाबा गुरु घासीदास जी के बताए मार्ग पर हमारी सरकार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार के द्वारा गिरौदपुरी का सतत् विकास किया जा रहा है। विशाल जैतखाम निर्माण से लेकर अनेक सुविधाओं का विस्तार यहां किया गया है। उन्होंने जिला प्रशासन द्वारा किये गए जनसुविधा विस्तार कार्य की सराहना की और कहा कि वेबसाईट और मोबाइल एप्प से भी मेले में उपलब्ध सुविधा की जानकारी श्रद्धालु ले सकते हैं। उन्होंने इस दौरान वहां चस्पा किये गए क्यूआर कोड को अपने मोबाइल से स्कैन  कर जानकारी ली। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने इस अवसर पर मुख्य मंदिर का प्रसाद श्रद्धालुओं को वितरित किया। मुख्यमंत्री के हाथों स्थानीय श्रद्धालु एवं स्व सहायता समूह की महिलाएं प्रसाद ग्रहण कर उत्साहित हुए। गौरतलब है कि गिरौदपुरी में तीन दिवसीय संत समागम एवं गुरू दर्शन मेला 22 फ़रवरी से प्रारंभ होकर 24 फरवरी 2026 तक चलेगा। प्रदेश सहित देश एवं विदेश से भी सतनाम पंथ के अनुयायी यहां मेले में आए हुए हैं।  इस अवसर पर धर्मगुरू गुरु बालदास साहेब, सांसद मती कमलेश जांगड़े, राजिम विधायक  रोहित साहु, जिला पंचायत अध्यक्ष रायपुर  नवीन अग्रवाल, पुलिस महानिरीक्षक  अमरेश मिश्रा, कलेक्टर  दीपक सोनी, पुलिस अधीक्षक सु भावना गुप्ता,डीएफओ  गणवीर धम्मशील, पूर्व सांसद  गुहा राम अजगले, पूर्व विधायक डॉ सनम जांगड़े सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि वरिष्ठ अधिकारी सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।

एम पी नगर विशाल मेगामार्ट बना ग्राहकों को गुमराह करने का अड्डा

भोपाल एम पी नगर  प्रेस कॉम्प्लेक्स स्थित विशाल मेगा मार्ट में ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए लगाए जा रहे ऑफरों पर सवाल खड़े हो रहे हैं। 22 फरवरी 2026 को शाम लगभग 6:30 बजे नितिन कुमार गुप्ता अपने परिवार के साथ खरीदारी के लिए पहुंचे। खरीदारी के दौरान उन्होंने देखा कि विभिन्न उत्पादों पर आकर्षक ऑफर प्रदर्शित किए गए थे। इसी दौरान रुचि सोयाबीन तेल के एक पैकेट पर ₹121 में 1 लीटर का रेट लिखा हुआ दिखाई दिया। कीमत उचित लगने पर उन्होंने उत्पाद अपनी ट्रॉली में रख लिया। हालांकि संदेह होने पर जब उन्होंने पैकेट को ध्यान से देखा तो पाया कि वह 1 लीटर नहीं बल्कि 750 ग्राम का पैक था। स्टोर में कई स्थानों पर यही दर प्रदर्शित की गई थी, जिससे अन्य ग्राहक भी उसी भ्रम में उत्पाद खरीदते नजर आए।  गुप्ता ने तत्काल स्टाफ को बुलाया। प्रारंभ में कर्मचारियों ने अनिच्छा दिखाई, बाद में सुपरवाइजर को बुलाया गया। सुपरवाइजर ने इसे “एक जगह की गलती” बताया, लेकिन स्टोर में 10 से 15 स्थानों पर वही दर प्रदर्शित होने की बात सामने आई। मैनेजर से शिकायत करने पर भी मामले को गंभीरता से नहीं लिया गया। जब संबंधित तेल पैकेट की बिलिंग कराई गई तो बिल में उत्पाद का वजन स्पष्ट रूप से अंकित नहीं पाया गया, जिससे पारदर्शिता पर प्रश्न उठते हैं। घर पहुंचकर अन्य सामान की जांच करने पर एक डोर मैट पर प्रदर्शित ऑफर भी बिल में लागू नहीं पाया गया, जबकि दूसरी डोर मैट पर 30 प्रतिशत छूट का उल्लेख था। उपभोक्ताओं का कहना है कि इस प्रकार के ऑफर यदि स्पष्ट और पारदर्शी न हों तो वे ग्राहकों को भ्रमित कर सकते हैं। खरीदारी करते समय उत्पाद का वजन, मात्रा और बिल विवरण अवश्य जांचना चाहिए।

भर्ती परीक्षा पर सख्ती: CCTV की नजर में परीक्षा, अब एक दिन ज्यादा चलेगी प्रक्रिया

ग्वालियर पुलिस की आरक्षक भर्ती की फिजिकल परीक्षा सोमवार से होगी। उसके लिए एसएएफ ग्राउंड और भर्ती कमेटी तैयार है। परीक्षा में अभ्याथियों का हर मूवमेंट कैमरे की नजर में रहेगा। इसलिए मैदान पर 60 कैमरे लगाए गए हैं। इसके अलावा अभ्याथियों को आरएफआइडी टैग की जैकेट पहनाई जाएगी। परीक्षा सोमवार से शुरू होगी और 14 मार्च तक चलेगी। भर्ती परीक्षा में किसी तरह की गड़बड़ी नहीं हो इसलिए पहले और दूसरे दिन अभ्याथियों के दस्तावेजों के साथ उनका केवायसी किया जाएगा। इसमें अभ्याथियों के फिंगर प्रिंट, आंखों की स्कैनिंग होगी। इस दौरान दो-दो अभ्यार्थियों को परीक्षा स्थल पर बुलाया जाएगा। 25 फरवरी से फिजिकल टेस्ट की शुरुआत होगी उसमें 400 अभ्यार्थियों को मैदान में एंट्री दी जाएगी। इस तरह होगी निगरानी डीआइजी अमित सांघी ने बताया भर्ती परीक्षा में 5200 अभ्यार्थी शामिल होंगे। परीक्षा के लिए तीन कमेटियां बनाई गई हैं। मैदान में केवल अभ्यार्थियों को ही एंट्री दी जाएगी। 800 मीटर की दौड़, गोला फेंक और लंबी कूद का टेस्ट होगा। इसमें अभ्यार्थियों को गोला फेंक और लंबी कूद के लिए तीन मौके दिए जाएंगे। तीनों प्रयास में अंकों के आधार पर अभ्यार्थियों का नतीजा तय होगा। मैदान का हर कोना सीसीटीवी की निगरानी में रहेगा। इसके साथ अभ्यार्थियों को आरएफआइडी टैग भी लगाया जाएगा। इससे सेंसर उनके हर स्टैप का बारीक ब्यौरा रखेगा परीक्षा सुबह 6 बजे से शुरु होगी। होली का अवकाश, एक दिन बढ़ाया भर्ती परीक्षा का शेड्यूल 13 मार्च तक तय किया गया था, लेकिन 4 मार्च को होली का अवकाश होने की वजह से 4 मार्च को आयोजित होने वाली परीक्षा 14 मार्च को होगी।

राज्यमंत्री गौर ने गोविंदपुरा में किया सड़कों का निरीक्षण, गुणवत्तापूर्ण कार्य के दिए निर्देश

भोपाल  पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण (स्वतंत्र प्रभार) राज्यमंत्री कृष्णा गौर ने गोविंदपुरा में विभिन्न सड़कों का निरीक्षण कर निर्माण कार्यों की गुणवत्ता का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्धारित मापदंडों और समयसीमा में सभी कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। राज्यमंत्री  गौर ने कहा कि सड़कें किसी भी क्षेत्र के विकास की आधारशिला होती हैं, इसलिए निर्माण कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने सामग्री की गुणवत्ता सुनिश्चित करने तथा नियमित मॉनिटरिंग करने के भी निर्देश दिए। राज्यमंत्री  गौर ने वार्ड 61 में अवधपुरी तिराहे से एसओएस बालग्राम तक बनने वाली खजूरी सड़क का निरीक्षण किया। उन्होंने सड़क किनारे स्थित बिजली के पोल एवं घरों के आगे लगी जालियों को हटाकर पेबल ब्लॉक लगाने के निर्देश दिए। अवधपुरी में महात्मा गांधी चौराहे से न्यू फोर्ड शिव शक्ति मंदिर तक बन रही 2 किलोमीटर लंबी सीसी रोड का भी निरीक्षण किया। यहां निर्माणाधीन सेंटर ब्रिज की जानकारी लेते हुए लेफ्ट टर्न को व्यवस्थित करने के दिशा-निर्देश दिए। पिरामिड टाउन से डीआरएम तक बन चुकी सड़क का निरीक्षण करते हुए उन्होंने वहां शीघ्र बिजली के पोल लगाने के निर्देश दिए। इसी प्रकार कॅरियर कॉलेज से डीआरएम रोड तक बन रही 1.80 किलोमीटर सीसी रोड का निर्माण कार्य मार्च माह तक पूर्ण करने के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया। निरीक्षण के दौरान स्थानीय नागरिकों ने अपनी समस्याएं बताईं, जिस पर मंत्री ने शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार नागरिकों को बेहतर बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है तथा विकास कार्यों में पारदर्शिता और गुणवत्ता सर्वोच्च प्राथमिकता है।  

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने मुकुंदपुर जू का किया निरीक्षण विदेशी पक्षियों से एवियारी हुआ गुलजार

भोपाल  उप मुख्यमंत्री  राजेन्द्र शुक्ल ने मैहर जिले के मुकुंदपुर मे महाराजा मारतन्द सिंह जू देव वाईट टाइगर सफारी का निरीक्षण किया। इस दौरान उनकी उपस्थिति में जू मे लाये गए विदेशी प्रजाति के पक्षी भी उनके रह्वास मे छोड़े गये। नॉर्दन कोलफील्ड्स लिमिटेड सिगरोली द्वारा सी एस आर मद से मुकुंदपुर को प्रदाय किये गए नये विदेशी पक्षियों को वॉक इन एवियारी के अंदर प्राकृतिक निवास पर छोड़ा गया। वन्यजीव संरक्षण के लिए मुकुंदपुर जू के एवीयरी मे अब नये प्रजाति के रंग बिरंगे पक्षी आ चुके है। जिनमें रेड स्कारलेट मैकॉ, रेड ग्रीन विंग्ड मैकॉ, सल्फर-क्रेस्टेड कॉकाटू, ब्लू गोल्ड मैकॉ, हैनस मैकॉ, अफ्रीकन ग्रे पैरोट, ग्रैंड इलेक्टस, सन कोनूर, कॉकेटियल्स, और लव बर्ड शामिल हैं। नये पक्षियों के आगमन से पर्यटक को अब और अधिक विदेशी प्रजाति के पक्षी देखने को मिलेंगे।उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने भ्रमण के दौरान पक्षियों के सरंक्षण के प्रयासो की सराहना की। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने रीवा जिले के हरिहरपुर में की जा रही प्राकृतिक खेती का भी अवलोकन किया। इस मौके पर सीसीएफ  राजेश राय, वन मंडल अधिकारी  विद्या भूषण मिश्रा उपस्थिति रहे।