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अमेरिका ट्रेड समझौते पर घमासान: भोपाल में कांग्रेस का पहला किसान सम्मेलन, राहुल गांधी और खरगे होंगे शामिल

भोपाल अमेरिका के साथ ट्रेड डील के विरोध में कांग्रेस पहला किसान सम्मेलन मध्य प्रदेश में 24 फरवरी को करने जा रही है। इसमें लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे सम्मिलित होंगे। दोनों नेता दोपहर 12 बजे के करीब भोपाल पहुंचेंगे और तीन घंटे से अधिक समय तक रहेंगे। इस दौरान वे प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में पार्टी के प्रदेश पदाधिकारियों व जिलाध्यक्षों की बैठक कर सकते हैं। किसान सम्मेलन अटल पथ अथवा लाल परेड मैदान में कराने की तैयारी है। इसमें प्रदेश भर से किसान आएंगे। राहुल का एक वर्ष में यह पांचवां प्रदेश दौरा राहुल गांधी का एक वर्ष में यह पांचवां प्रदेश दौरा है। इसके पहले वह इंदौर आए थे। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने शनिवार को पत्रकारों से बातचीत में कहा कि ट्रेड डील से सबसे अधिक नुकसान मध्य प्रदेश को होने वाला है, इस कारण किसान सम्मेलनों की शुरुआत मध्य प्रदेश से की जा रही है। भारत नहीं अमेरिका के किसानों की आय दोगुनी होगी विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने पत्रकारों से बातचीत में कहा, राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे ने चिंता की है कि यह डील देश हित में नहीं है। केंद्र सरकार ने वर्ष 2014 में कहा था कि देश के किसानों की आय दोगुनी होगी, लेकिन ट्रेड डील से अमेरिका के किसानों की आय दोगुनी करना चाहते हैं। इसमें चिंतन करने की जरूरत है। देश में इतना सोयाबीन उत्पादित हो रहा है कि बाहर से लाने की जरूरत ही नहीं है। इस डील से भारत के लोगों की रोजी-रोटी पर अमेरिका अतिक्रमण करेगा।

MP में बढ़ेगी चीतों की संख्या, 28 फरवरी को बोत्सवाना से आएंगे 8 नए मेहमान

भोपाल मध्य प्रदेश में चीतों का कुनबा लगातार बढ़ रहा है। चीतों की संख्या में वृद्धि के लिए 28 फरवरी को बोत्सवाना से आठ और चीते लाए जाएंगे। राज्य सरकार का लक्ष्य वर्ष-2032 तक लगभग 17 हजार वर्ग किलो मीटर क्षेत्र में 60–70 चीतों की आत्मनिर्भर आबादी स्थापित करना है। इसके लिए गुजरात के बन्नी घास के मैदानों में संरक्षण प्रजनन केंद्र स्थापित किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में मध्य प्रदेश में चीता पुनर्स्थापन प्रोजेक्ट विश्व का सबसे सफल अभियान है। यह परियोजना ‘प्रकृति से प्रगति’ का संदेश है। सितंबर 2022 में शुरू हुई वन्य जीव संरक्षण की इस यात्रा ने सफलता के तीन साल पूरे कर लिए। 2023 से 2026 के बीच 39 शावकों का जन्म 17 सितंबर 2022 को नामीबिया से लाए गए आठ चीतों को प्रधानमंत्री मोदी ने कूनो अभयारण्य के संरक्षित बाड़ों में छोड़ कर पुनर्स्थापना परियोजना का शुभारंभ किया। 18 फरवरी 2023 को दक्षिण अफ्रीका से 12 और चीते कूनो राष्ट्रीय उद्यान में छोड़े गए। वर्ष 2023 से 2026 के बीच यहां 39 शावकों का जन्म हुआ, जिनमें से 27 शावक कूनो में स्वस्थ और जीवित हैं। राष्ट्रपति के साथ बोत्सवाना के राष्ट्राध्यक्ष मौजूद रह सकते हैं बताया जा रहा है कि इस अवसर पर राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मु के साथ बोत्सवाना के राष्ट्राध्यक्ष डुमा बोका भी मौजूद रह सकते हैं। कार्यक्रम केंद्रीय वन मंत्री भूपेंद्र यादव की मौजूदगी में होगा। अति विशिष्ट अतिथियों के संभावित आगमन को लेकर कूनो पार्क में पांच हेलीपैड बनाए गए हैं। नामीबिया और दक्षिण अफ्रीका से लाए जा चुके हैं चीते एयरफोर्स के अधिकारियों की देखरेख में यहां हेलीकॉप्टर उतारने का ट्रायल भी किया गया है। बता दें कि भारत में चीता संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में 17 सितंबर 2022 को नामीबिया से आठ और 18 फरवरी 2023 को दक्षिण अफ्रीका से 12 चीते लाए जाने के बाद अब बोत्सवाना से दो वयस्क मादा चीते और उनके छह शावक लाए जा रहे हैं।

मध्यप्रदेश में उपग्रह टेलीमेट्री जैसे नवाचारों से बढ़ रही है गद्धों की संख्या

भोपाल. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज सोमवार को हलाली डेम क्षेत्र में लुप्तप्राय प्रजाति के 5 गिद्धों को प्राकृतिक आवास में मुक्त करेंगे। इनमें चार भारतीय गिद्ध (जिप्स इंडिकस) और एक सिनेरियस गिद्ध (एजिपीयस मोनाकस) शामिल हैं। उच्च परिशुद्धता वाले जीपीएस-जीएसएम उपग्रह ट्रांसमीटरों से सुसज्जित पाँच दुर्लभ प्रजाति के गिद्धों को भोपाल स्थित गिद्ध संरक्षण प्रजनन केंद्र में व्यवस्थित अनुकूलन और अवलोकन अवधि के बाद मुक्त किया जा रहा है। टैगिंग प्रक्रिया सभी संबंधित संस्थाओं एवं वन विभाग के प्रतिनिधियों की उपस्थिति में वाइल्डलाइफ एसओएस के वन्यजीव पशु चिकित्सक की देखरेख में हुई। यह पहल मध्यभारत के विकसित होते ‘गिद्ध परिदृश्य’ को समझने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। जहाँ भारतीय गिद्ध सामान्यतः एक ही क्षेत्र में रहते हैं, वहीं सिनेरियस गिद्ध मध्य एशियाई फ्लाईवे के अंतर्गत लंबी दूरी का प्रवास करते हैं, जो 30 से अधिक देशों तक फैला विश्व का एक प्रमुख प्रवासी पक्षी गलियारा है। पक्षी संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए मध्यप्रदेश वन विभाग ने डब्ल्यूडब्ल्यूएफ-इंडिया और बॉम्बे नेचुरल हिस्ट्री सोसायटी के सहयोग से गिद्धों की गतिविधियों और निगरानी के लिए उपग्रह टेलीमेट्री कार्यक्रम प्रारंभ किया है। टेलीमेट्री से प्राप्त आंकड़ों के माध्यम से गिद्धों के भूदृश्य उपयोग, आवागमन पैटर्न और मानव-जनित दबावों के प्रति उनकी प्रतिक्रिया के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त होती है। इससे प्रमुख पड़ाव स्थलों और भोजन क्षेत्रों की पहचान, संरक्षित एवं मानव-प्रधान क्षेत्रों में उनकी पारिस्थितिकी को समझने तथा बिजली के झटके, विषाक्तता और आवास क्षरण जैसे उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों की पहचान करने में सहायता मिल रही है। इस प्रक्रिया में संग्रहित वैज्ञानिक प्रमाण अधिक प्रभावी खतरा-निवारण रणनीतियाँ विकसित करने और सीमा-पार सहयोग सहित भूदृश्य स्तर पर संरक्षण योजनाओं को सशक्त बनाने में सहायक होंगे। मध्यप्रदेश में उपग्रह टेलीमेट्री से गिद्ध संरक्षण की एकीकृत डेटा-आधारित एवं भूदृश्य-स्तरीय संरक्षण का पारस्थितिकी तंत्र विकसित हुआ है। इससे लुप्तप्राय गिद्ध प्रजातियों का संरक्षण होगा और पर्यावरणीय स्वास्थ्य के प्रहरी के रूप में उनकी भूमिका भी दीर्घकालिक रूप से सुनिश्चित होगी। भारतीय परंपरा में गिद्धों को शक्ति और सम्मान का प्रतीक माना गया है। रामायण में उल्लेख है कि जटायु ने रावण से माता सीता की रक्षा के प्रयास में आत्मोत्सर्ग कर दिया। रामायण में ही उसके भाई सम्पाती की भी कथा है, जिसने अपने छोटे भाई जटायु को सूर्य की तपन से बचाते हुए बलिदान दे दिया था। पर्यावरण पारिस्थितिकी तंत्र में गिद्ध प्रकृति के सफाईकर्मी के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। गिद्ध पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने में सहायक हैं, साथ ही बीमारियों के प्रसार को रोकने में भी महत्वपूर्ण योगदान देते हैं। मध्यप्रदेश लंबे समय से देश में गिद्धों की समृद्ध आबादी का केंद्र रहा है। प्रदेश में भारतीय गिद्ध (लॉन्ग-बिल्ड वल्चर), सिनेरियस गिद्ध (ब्लैक वल्चर), मिस्र गिद्ध (व्हाइट स्कैवेंजेर वल्चर) और हिमालयन ग्रिफॉन जैसी प्रजातियाँ पाई जाती हैं। हाल ही में वल्चर एस्टिमेशन-2026 के पहले दिन दक्षिण पन्ना वन प्रभाग में एक हजार से अधिक गिद्धों का अवलोकन किया गया, जो हाल के वर्षों में सर्वाधिक संख्या है।  

भाजपा की नई राष्ट्रीय टीम में मप्र का दबदबा, 15 नेताओं को मिला अवसर

भोपाल भाजपा संगठन की राष्ट्रीय टीम में मध्य प्रदेश के कई चेहरे दिखाई दे सकते हैं। प्रदेश संगठन ने राज्य के ऐसे 15 नेताओं के नाम केंद्रीय नेतृत्व को भेजे हैं, जो अलग- अलग अंचलों से हैं और अभी सत्ता या संगठन के किसी पद पर नहीं हैं। भाजपा के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की टीम का गठन होना है और अन्य मोर्चे भी गठित किए जाने हैं। केंद्रीय नेतृत्व ने इस बारे में प्रदेश संगठन से सुझाव मांगे थे। वर्तमान में मध्य प्रदेश से सत्यनारायण जटिया (संसदीय बोर्ड सदस्य), ओम प्रकाश धुर्वे (राष्ट्रीय सचिव) और लाल सिंह आर्य (राष्ट्रीय अध्यक्ष, एससी मोर्चा) जैसे नेता राष्ट्रीय स्तर पर जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। पार्टी 2029 के लोकसभा चुनाव और संगठन की मजबूती को ध्यान में रखकर अनुभवी नेताओं के साथ-साथ युवा और महिला चेहरों को भी वरीयता देना चाहती है। पूर्व अध्यक्ष जेपी नड्डा की टीम में मध्य प्रदेश से कैलाश विजयवर्गीय सहित चार नेताओं को स्थान मिला था। उस दौरान कैलाश विजयवर्गीय राष्ट्रीय महासचिव थे।   बाद में वर्ष 2023 में वह राज्य में मंत्री बना दिए गए। पार्टी नेताओं का मानना है कि चूंकि पूर्व में राष्ट्रीय संगठन में एक ही समय में मध्य प्रदेश से दो-दो महासचिव थावरचंद गहलोत और नरेंद्र सिंह तोमर रहे हैं। ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि नितिन नवीन की टीम में भी मध्य प्रदेश का प्रभाव बढ़ सकता है। इस बार भी चार से पांच नेताओं को नितिन नवीन की टीम में स्थान मिलने की संभावना है। इसमें एक या दो महिलाएं भी हो सकती हैं। इसके साथ ही युवा नेताओं को भी अवसर मिल सकता है। बाकी अन्य को मोर्चा- प्रकोष्ठ में शामिल किया जा सकता है। दरअसल, मध्य प्रदेश हमेशा से ही भाजपा के लिए एक प्रयोगशाला की तरह रहा है। हिंदू महासभा हो या जनसंघ, दोनों की जड़ें मध्य प्रदेश में मजबूत रही हैं। यही कारण है कि भाजपा यहां लंबे समय से सत्ता में है। संगठन की मजबूती की दूसरी वजह यहां के कुशल संगठनकर्ता भी माने जा सकते हैं। जिनकी वजह से राष्ट्रीय संगठन के स्तर पर भी यहां के भाजपा कार्यकर्ताओं का दबदबा रहा है।

मध्य प्रदेश में खून की सुरक्षा पर बड़ा फैसला, अस्पतालों में लागू होगा ‘NAT’ टेस्ट

भोपाल प्रदेश के अस्पतालों में अब रोगियों को नैट (न्यूक्लिक एसिड टेस्ट) मशीन से जांचा हुआ रक्त ही चढ़ाने के लिए ब्लड बैंक से दिया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग ने यह व्यवस्था पिछले वर्ष दिसंबर में सतना के जिला अस्पताल में थैलेसीमिया पीड़ित चार बच्चों को एचआइवी संक्रमित रक्त चढ़ाए जाने की घटना से सबक लेते हुए शुरू की है। इंदौर-भोपाल के शासकीय मेडिकल कालेज में पहले से यह मशीन लगी है। अब सभी संभागीय मुख्यालयों में नैट मशीनें स्थापित करने की तैयारी है। मशीन स्थापना और संचालन की कार्ययोजना बता दें कि नैट मशीनें सरकारी मेडिकल कालेजों या ज्यादा रक्त संग्रहण वाले जिला अस्पतालों में लगाई जाएंगी, जहां से रक्त अन्य अस्पतालों के ब्लड बैंकों में पहुंचाया जाएगा। मशीनें सरकार नहीं बल्कि निजी कंपनी लगाएंगी, इसके बदले में उन्हें प्रति टेस्ट के मान से भुगतान किया जाएगा। यह भी सुनिश्चित किया जाएगा जिला अस्पताल में सभी ग्रुप का ब्लड उपलब्ध रहे, ताकि इमरजेंसी में भी नैट से बिना जांचे रक्त चढ़ाने की नौबत न आए।   रक्त में पांच बीमारियों की होगी सूक्ष्म जांच रक्तदान से मिलने वाले ब्लड में एचआइवी, हेपेटाइटिस बी, हेपेटाइटिस सी, मलेरिया और वीडीआरएल (यौन संक्रामक रोग) सहित पांच प्रकार की बीमारियों की जांच की जाती है। एचआइवी जांच कहीं रैपिड किट से तो कहीं एचआइवी का एक्लिया टेस्ट से की जाती है। एक्लिया टेस्ट में बीमारी आसानी से पकड़ में आ जाती है। सतना में एक्लिया की किट खत्म होने के कारण कुछ टेस्ट रैपिड किट से किए गए। नैट का लाभ यह है कि इसमें एचआइवी का विंडो पीरियड घटकर 15 दिन रह जाता है। विंडो पीरियड का लाभ और भविष्य की चुनौतियां विंडो पीरियड वह अवधि है, जिसमें बीमारी के विरुद्ध शरीर में एंटी बाडी नहीं बनने से वह पकड़ में नहीं आती। नई व्यवस्था में यह होगी चुनौती अधिकतर मामलों में स्वजन या परिचित द्वारा रक्तदान करने पर ही बदले में उसे ब्लड दिया जाता है। नैट से जांचा ब्लड ही रोगियों को उपलब्ध कराया जाए इसमें बड़ी चुनौती यह रहेगी कि ब्लड बैंक में सभी ब्लड ग्रुप का रक्त उपलब्ध रहे।

त्योहार में सफर आसान: होली को लेकर रेलवे ने चलाई विशेष ट्रेनें, जानें पूरा रूट और स्टॉपेज

बीना रेलवे ने होली पर यात्रियों की सुविधा एवं उनकी यात्रा मांग को पूरा करने के उद्देश्य से विभिन्न स्थानों के लिए विशेष किराए पर स्पेशल ट्रेनें चलाने का निर्णय लिया गया है। इसी के तहत रेलवे ने एलटीटी-बनारस-एलटीटी, पुणे-गोरखपुर-पुणे एवं सीएसएमटी-गोरखपुर-सीएसएमटी के बीच स्पेशल ट्रेन चलाने का निर्णय लिया है। रेलवे जनसंपर्क अधिकारी ने बताया कि 01073 एलटीटी-बनारस स्पेशल ट्रेन यात्रा मांग पर 25 एवं 26 फरवरी और होली के अवसर पर 4 एवं 5 मार्च को लोकमान्य तिलक टर्मिनस स्टेशन से दोपहर 12.15 बजे चलेगी, जो जंक्शन पर रुकते हुए तीसरे दिन रात 1.10 बजे बनारस स्टेशन पहुंचेगी। 01074 बनारस-एलटीटी स्पेशल ट्रेन 27 एवं 28 फरवरी एवं 6 एवं 7 मार्च को सुबह 6.35 बजे बनारस से चलेगी, जो जंक्शन पर रुकते हुए दूसरे दिन शाम 4.40 बजे लोकमान्य तिलक टर्मिनस पहुंचेगी। ट्रेन में एक एसी द्वितीय श्रेणी, 6 एसी तृतीय श्रेणी, 9 शयनयान श्रेणी, 4 सामान्य श्रेणी और 2 एसएलआरडी सहित कुल 22 कोच रहेंगे। ट्रेन दोनों दिशाओं में ठाणे, कल्याण, इगतपुरी, नासिक रोड, जलगांव, भुसावल, खंडवा, इटारसी, रानी कमलापति, बीना, वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी, उरई, गोविंदपुरी जंक्शन, फतेहपुर, सूबेदारगंज (प्रयागराज) एवं वाराणसी स्टेशनों पर रुकेगी। पुणे-गोरखपुर-पुणे चलेगी 16-16 ट्रिप 01415 पुणे-गोरखपुर स्पेशल ट्रेन 21 से 28 फरवरी व 1 से 8 मार्च तक प्रतिदिन पुणे स्टेशन से सुबह 6.50 बजे चलेगी, जो बीना स्टेशन पर रुकते हुए दूसरे दिन शाम 4 बजे गोरखपुर स्टेशन पहुंचेगी। इसी प्रकार 01416 गोरखपुर-पुणे स्पेशल ट्रेन 22 फरवरी से 9 मार्च तक प्रतिदिन शाम 5.30 बजे गोरखपुर से चलेगी, जो जंक्शन पर रुकते हुए तीसरे दिन 3.15 बजे पुणे स्टेशन पहुंचेगी। इस ट्रेन में 1 एसी द्वितीय श्रेणी, 5 एसी तृतीय श्रेणी, 6 शयनयान श्रेणी, 4 सामान्य श्रेणी एवं 2 एसएलआरडी सहित कुल 18 कोच रहेंगे। यह स्टेशन पर दौंड कॉर्ड लाइन, अहिल्यानगर जंक्शन (अहमदनगर), कोपरगांव, मनमाड, भुसावल, खंडवा, इटारसी, रानी कमलापति, बीना, वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी, उरई, कानपुर सेंट्रल, लखनऊ, गोंडा एवं बस्ती स्टेशनों पर रुकेगी। सीएसएमटी-गोरखपुर-सीएसएमटी के बीच चलेगी 16 ट्रिप स्पेशल ट्रेन 01079 सीएसएमटी-गोरखपुर स्पेशल ट्रेन 21 फरवरी से 8 मार्च तक प्रतिदिन सीएसएमटी स्टेशन से रात 10.30 बजे चलेगी, जो जंक्शन पर रुकते हुए तीसरे दिन सुबह 10 बजे गोरखपुर पहुंचेगी। इसी प्रकार 01080 गोरखपुर-सीएसएमटी स्पेशल ट्रेन 23 फरवरी से 10 मार्च तक प्रतिदिन दोपहर 2.30 बजे गोरखपुर से चलेगी, जो जंक्शन पर रुकते हुए तीसरे दिन रात 12.40 बजे सीएसएमटी पहुंचेगी। इस ट्रेन में एक एसी द्वितीय श्रेणी, 6 एसी तृतीय श्रेणी, 9 शयनयान श्रेणी, 4 सामान्य श्रेणी एवं 2 एसएलआरडी सहित कुल 22 कोच रहेंगे। यह ट्रेन दोनों तरफ से दादर, ठाणे, कल्याण, नासिक रोड, मनमाड़, जलगांव, भुसावल, खंडवा, इटारसी, भोपाल, बीना, वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी, उरई, कानपुर सेन्ट्रल, लखनऊ, गोंडा, बस्ती एवं खलीलाबाद स्टेशनों पर रुकेगी।

देवघर के बाबाधाम में अडानी ग्रुप चेयरमैन गौतम अडानी की पूजा-अर्चना, देश-प्रदेश की खुशहाली की कामना

देवघर झारखंड के देवघर के बाबा बैद्यनाथ धाम में अडानी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अडानी ने रविवार को भोले बाबा की विधिवत पूजा-अर्चना की। मंदिर पहुंचने पर उन्हें पहले प्रशासनिक भवन ले जाया गया, जहां वैदिक मंत्रोचार के बीच उनके पुश्तैनी तीर्थ पुरोहित दानी नरौने और सहयोगियों द्वारा संकल्प कराया गया। इसके बाद पूरी सुरक्षा व्यवस्था के तहत उन्हें गर्भगृह में ले जाकर भगवान भोले की पूजा कराई गई। गौतम अडानी करीब सात मिनट तक गर्भगृह में रहे और इस दौरान उन्होंने झारखंड और देशवासियों की सुख-शांति एवं समृद्धि के लिए प्रार्थना की। पूजा के बाद उन्हें बाबा भोले का प्रतीक चिन्ह जिला खेल पदाधिकारी एवं बाबा मंदिर के सहायक प्रभारी संतोष कुमार ने भेंट किया। गोड्डा सांसद निशिकांत दूब से भी अडाणी ने उनके आवास पर मुलाकात की है। निशिकांत दूबे ने सोशल मीडिया पर इसकी जानकारी दी है। उन्होंने लिखा 'अपने देवघर आवास पर अडाणी समूह के चेयरमैन गौतम अडाणी जी का स्वागत किया।' अडानी ने कहा, 'मन की शांति के लिए बाबा बैद्यनाथ धाम में पूजा-अर्चना करना मेरी बहुत पुरानी इच्छा थी। यहां पूजा कर मैं बहुत खुशकिस्मत महसूस कर रहा हूं।' पूजा-अर्चना के बाद गौतम अडानी पीरपैंती स्थित अडानी पावर लिमिटेड के 2,400 मेगावाट कोयला आधारित (सुपर क्रिटिकल) ताप विद्युत परियोजना स्थल का दौरा करेंगे। परियोजना में 800 मेगावाट की तीन इकाइयां शामिल हैं और यह लगभग 21,400 करोड़ रुपये के निवेश के साथ बिहार का प्रमुख ऊर्जा प्रोजेक्ट है।

मिशन कनेक्ट से सुकमा में सुदृढ़ हुआ जनविश्वास : इमली के पेड़ तले सजी चौपाल

रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय की मंशा के अनुरूप सुकमा जिले में शासकीय योजनाओं एवं कार्यक्रमों का अंदरूनी इलाके के पात्र हितग्राहियों को लाभ दिलाने के उद्देश्य से संचालित मिशन कनेक्ट के अंतर्गत गांवों में चौपाल लगाकर मौके पर ही ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान और योजनाओं का लाभ सुनिश्चित किया जा रहा है। इसी सिलसिले में कलेक्टर के मार्गदर्शन में जिला प्रशासन के अधिकारियों ने ग्राम पोंगाभेज्जी पहुंचकर  वहां की जमीनी हकीकत का मुआयना किया। इस मौके पर शासकीय योजनाओं एवं विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा भी की गई। मिशन कनेक्ट वास्तव में प्रशासन और ग्रामीणों के मध्य विश्वास एवं संवाद को सुदृढ़ करने की एक महत्वपूर्ण पहल है।  पोंगाभेज्जी ग्राम पहुंचने पर कलेक्टर एवं अधिकारियों की टीम ने प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत निर्मित एवं प्रगतिरत आवासों, जल जीवन मिशन के कार्यों, आंगनबाड़ी भवन, शासकीय विद्यालय तथा पंचायत भवन का निरीक्षण किया। कलेक्टर ने इस मौके पर अधिकारियों को निर्देशित किया कि निर्माण कार्यों में आवश्यक गति लाई जाए तथा गुणवत्ता मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों का प्रभाव धरातल पर दिखाई देना चाहिए। भ्रमण के दौरान ग्राम में इमली के पेड़ के नीचे चौपाल लगाकर कलेक्टर ने ग्रामीणों से रूबरू बातचीत की। उन्होंने ग्रामीणों से प्रधानमंत्री आवास की स्वीकृति, नल-जल कनेक्शन, शौचालय निर्माण, महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) अंतर्गत डबरी निर्माण एवं भूमि समतलीकरण कार्य, बकरी शेड एवं गौशाला शेड जैसी योजनाओं के संबंध में जानकारी प्राप्त की। इस अवसर पर ग्रामीणों की मांग पर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश भी अधिकारियों को दिए गए। कलेक्टर ने ग्राम में देवगुड़ी निर्माण की स्वीकृति प्रदान की तथा निर्माणाधीन पुल के कार्य में तेजी लाने के निर्देश भी संबंधित अधिकारियों को दिए। ग्रामीणों ने बताया कि जल जीवन मिशन के माध्यम से अब अधिकांश घरों तक नल से जल की आपूर्ति सुनिश्चित हो रही है तथा पात्र हितग्राहियों को प्रधानमंत्री आवास एवं शौचालय निर्माण की स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है। शासन की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर ग्रामीण बेहद प्रसन्न नजर आए।  ग्रामीणों की सुविधा को दृष्टिगत रखते हुए कलेक्टर ने आगामी शुक्रवार को ग्राम में विशेष आधार शिविर आयोजित करने के निर्देश दिए, ताकि हितग्राहियों को आवश्यक दस्तावेजों की पूर्ति एवं योजनाओं का लाभ प्राप्त करने में किसी प्रकार की कठिनाई न हो। ग्राम पोंगाभेज्जी के पश्चात कलेक्टर ने सिरसट्टी, रवापारा एवं बड़ेसेट्टी ग्रामों का भी भ्रमण कर शासकीय योजनाओं एवं विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा की तथा आवश्यक निर्देश प्रदान किए। मिशन कनेक्ट के माध्यम से जिला प्रशासन यह सुनिश्चित कर रहा है कि शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पारदर्शिता एवं समयबद्धता के साथ पहुँचे तथा ग्रामीण क्षेत्रों में समग्र विकास की प्रक्रिया को गति मिले।

अंत्योदय के कल्याण भावना के साथ अधिकारी पहुँचे गाँव-गाँव

रायपुर अंत्योदय के कल्याण भावना के साथ अधिकारी पहुँचे गाँव-गाँव मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के अंत्योदय की कल्याण एवं सुशासन की परिकल्पना को साकार करने की दिशा में सुकमा जिले में शुरू हुआ मिशन कनेक्ट का प्रभावी ढंग से क्रियान्वयन किया जा रहा है। इस पहल के माध्यम से शासन और आमजन के बीच की दूरी को कम करते हुए प्रशासनिक अमला सीधे ग्राम पंचायतों तक पहुँचकर योजनाओं के क्रियान्वयन की जमीनी स्थिति का आकलन कर रहा है। शनिवार को जिला प्रशासन द्वारा विशेष अभियान के तहत सुकमा विकासखंड की 33 ग्राम पंचायतों में एक साथ अधिकारियों ने दस्तक दी गई। कलेक्टर के नेतृत्व में जिला स्तरीय अधिकारियों ने प्रातः 10 बजे से ही निर्धारित पंचायतों में पहुँचकर विभिन्न शासकीय योजनाओं एवं सेवाओं की प्रगति की समीक्षा की। अभियान के अंतर्गत स्कूलों, आंगनबाड़ी केंद्रों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों तथा सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) दुकानों का निरीक्षण किया गया। अधिकारियों द्वारा बच्चों को प्रदत्त मध्यान्ह भोजन एवं पूरक पोषण आहार की गुणवत्ता का स्वयं परीक्षण किया गया। स्वास्थ्य संस्थानों में दवाओं की उपलब्धता, स्टॉक रजिस्टर तथा स्वच्छता का भी मुआयना किया गया। इसके साथ ही पंचायतों में संचालित निर्माण एवं विकास कार्यों की प्रगति का अवलोकन कर गुणवत्ता एवं पारदर्शिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। मैदानी भ्रमण के उपरांत तुंगल बांध में उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें प्रत्येक पंचायत से प्राप्त प्रतिवेदन पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में जिला प्रशासन द्वारा आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई हेतु संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया, ताकि योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक समयबद्ध रूप से पहुँच सके। इस अवसर पर डीएफओ अक्षय भोंसले, मिशन कनेक्ट के नोडल अधिकारी रविशंकर वर्मा, जनपद पंचायत सीईओ सुनिधि प्रधान, एसडीपीओ परमेश्वर तिलकवार सहित अन्य जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे। यहां यह उल्लेखनीय है कि सुकमा जिले में मिशन कनेक्ट के माध्यम से प्रशासनिक जवाबदेही एवं पारदर्शिता को सुदृढ़ करते हुए यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि शासन की योजनाओं का वास्तविक लाभ सुदूर वनांचल एवं ग्रामीण क्षेत्रों के प्रत्येक पात्र हितग्राही तक पहुँचे। 

बिजली व्यवस्था होगी और मजबूत, उपकेंद्र अपग्रेड से उपभोक्ताओं को राहत

रायपुर ओवरलोड से राहत, अब 63 एमवीए का दूसरा ट्रांसफार्मर शुरू मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश के परिपालन में महासमुंद जिले के बागबाहरा क्षेत्र में बिजली आपूर्ति को और अधिक स्थिर व भरोसेमंद बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड ने 132/33 केवी उपकेंद्र बागबाहरा में 40 एमवीए क्षमता वाले पुराने पावर ट्रांसफार्मर की जगह 63 एमवीए का नया पावर ट्रांसफार्मर स्थापित कर उसका ऊर्जीकरण कर दिया है। खास बात यह है कि यह इस उपकेंद्र का दूसरा 63 एमवीए ट्रांसफार्मर है।  पहले यहां 63 एमवीए और 40 एमवीए के ट्रांसफार्मर लगे थे, जिससे कुल क्षमता 103 एमवीए थी। अब 40 एमवीए ट्रांसफार्मर को हटाकर 63 एमवीए का ट्रांसफार्मर लगाए जाने से उपकेंद्र की कुल स्थापित क्षमता बढ़कर 126 एमवीए हो गई है। पिछले साल पीक लोड सीजन में यहां करीब 90 एमवीए तक लोड दर्ज किया गया था, जिससे ओवरलोड की स्थिति बनने लगी थी। नई क्षमता जुड़ने के बाद अब ओवरलोड की समस्या से राहत मिलेगी और बिजली आपूर्ति अधिक स्थिर रहेगी। बागबाहरा उपकेंद्र को 132 केवी परसवानी और 132 केवी झलप से विद्युत आपूर्ति होती है। यहां से 33 केवी के नौ फीडरों क्रमशः बागबाहरा (महासमुंद), टेमरी, सुनसुनिया, गोयनबहरा, टाउन, तेंदुकोना, मुंगसेर और खलारी के माध्यम से 150 से अधिक गांवों में बिजली पहुंचाई जाती है। क्षेत्र में उन्नत खेती, कृषि आधारित उद्योगों और अन्य औद्योगिक इकाइयों की संख्या बढ़ रही है, ऐसे में क्षमता वृद्धि से इन सभी को सीधा लाभ मिलेगा। कंपनी के प्रबंध निदेशक राजेश कुमार शुक्ला ने नए ट्रांसफार्मर का ऊर्जीकरण कर आपूर्ति प्रारंभ की। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और कंपनी अध्यक्ष सुबोध कुमार सिंह के मार्गदर्शन में प्रदेश के पारेषण नेटवर्क को मजबूत करने के लिए चरणबद्ध तरीके से कार्य किए जा रहे हैं। खासकर आदिवासी, वनांचल और ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली अधोसंरचना को सुदृढ़ बनाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। क्षमता बढ़ने से अब क्षेत्र के किसानों, घरेलू उपभोक्ताओं और उद्योगों को बेहतर व गुणवत्तापूर्ण बिजली आपूर्ति मिल सकेगी, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।