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दिल्ली पुलिस ने ग्वालियर के कांग्रेस नेता को गिरफ्तार किया, AI समिट में प्रदर्शन में भाग लेने का आरोप

ग्वालियर दिल्ली पुलिस ने मध्यप्रदेश युवक कांग्रेस के पूर्व प्रदेश सचिव जितेंद्र यादव को ग्वालियर से उठाकर दिल्ली ले गई है. माना जा रहा है कि यादव पर राजधानी दिल्ली में चल रहे AI समिट 2026 के दौरान अर्धनग्न विरोध प्रदर्शन में शामिल होने का आरोप है. पुलिस ने इस मामले में उन्हें हिरासत में लिया है. प्रदर्शन का मामला जानकारी के अनुसार, 20 फरवरी को दिल्ली स्थित भारत मंडपम में आयोजित AI समिट 2026 में भारत-अमेरिका ट्रेड डील के खिलाफ युवक कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने शर्ट उतारकर प्रदर्शन किया. इस प्रदर्शन का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ जिसमें 15-20 कार्यकर्ता हाथ में सफेद रंग की टी-शर्ट लिए हुए दिखाई दिए. टी-शर्ट पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की तस्वीर के साथ लिखा था-“PM इज कॉम्प्रोमाइज्ड”. दिल्ली पुलिस ने इन वीडियो के आधार पर युवक कांग्रेस के नेताओं की पहचान कर कार्रवाई शुरू की. माना जा रहा है कि जितेंद्र यादव इसी मामले में हिरासत में लिए गए हैं. परिवार का आरोप परिजनों ने बताया कि जितेंद्र अपने कमरे में थे. अचानक घर के गेट पर किसी की आहट हुई. जब तक परिवार के लोग बाहर आए, पुलिस सीधे उनके कमरे में जाकर उन्हें उठाकर नीचे ले आई. उन्होंने बताया कि पुलिस ने उन्हें मारते पीटते दिल्ली की स्कॉर्पियो गाड़ी में बैठाकर ले गई. रात में परिजन कुछ नेताओं के साथ थाने गए, लेकिन मिलने नहीं दिया गया. उनके मोबाइल के जरिए ही परिवार को संपर्क कराया गया. पिता केशव यादव का बयान पिता केशव यादव ने बताया कि रविवार सुबह पुलिस के कुछ लोग फिर उनके घर आए और दावा किया कि उनके बेटे ने दिल्ली में उत्पात मचाया है. उन्होंने रात को ही जितेंद्र को ले जाने की जानकारी दी थी. पुलिस ने परिवार के सभी मोबाइल भी ले लिए, बाद में लौटाए. पुलिस ने जितेंद्र के कपड़े भी ले लिए. उसके बाद से उनकी कोई जानकारी नहीं है कि उनका बेटा कहां है. ग्वालियर पुलिस इस पूरे मामले पर चुप्पी साधे हुए हैं और फिलहाल कोई बयान नहीं दे रही है.

गुरु घासीदास की जन्मस्थली पर मुख्यमंत्री साय बोले- ‘होली में निरस्त नहीं होगा ड्राई डे’

बलौदा बाजार. छत्तीसगढ़ के पवित्र धार्मिक स्थल गुरु घासीदास की जन्मस्थली गिरौदपुरी पहुंचे मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बड़ा ऐलान किया. उन्होंने कहा कि होली में ड्राई डे निरस्त नहीं किया जाएगा. अपने निर्धारित नियमों के अनुसार ड्राई डे लागू रहेगा. गिरौदपुरी पहुंचने के बाद मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने गुरुगद्दी में मत्था टेककर आशीर्वाद लिया, और प्रदेश की खुशहाली एवं समृद्धि की कामना की. इस दौरान उन्होंने गिरौदपुरी मेले में पहुंचे श्रद्धालुओं से मुलाकात की और उन्हें अपने हाथों से प्रसाद भी खिलाया. मुख्यमंत्री के आगमन से श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखने को मिला. मेले के पहले ही दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी. अपने प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मीडिया से बातचीत में होली पर्व को लेकर ड्राई डे के सवाल पर स्पष्ट कहा कि होली में ड्राई डे निरस्त नहीं किया जाएगा. अपने निर्धारित नियमों के अनुसार ड्राई डे लागू रहेगा. गिरौदपुरी मेले में श्रद्धा, आस्था और उत्साह का माहौल बना हुआ है, वहीं मुख्यमंत्री की मौजूदगी ने आयोजन को और भी विशेष बना दिया.

महंगी होगी शराब या मिलेगी राहत? पंजाब कैबिनेट आज नई एक्साइज पॉलिसी पर लेगी अहम निर्णय

लुधियाना  पंजाब कैबिनेट आज (23 फरवरी) अपनी मीटिंग में नई एक्साइज पॉलिसी 2026-27 को मंजूरी देगी। इसमें पिछली पॉलिसी में ज़रूरी बदलाव किए जाएंगे, लेकिन बड़े लेवल पर नहीं। इस साल एक्साइज पॉलिसी का फोकस रेवेन्यू बढ़ाने, गैर-कानूनी धंधे पर नकेल कसने और सिस्टम को और ट्रांसपेरेंट बनाने पर है। सूत्रों के मुताबिक, नई पॉलिसी में विदेशी शराब की कीमत में थोड़ी बढ़ोतरी शामिल होगी। रेवेन्यू का टारगेट भी ₹12,000 करोड़ से ज़्यादा रखा गया है। पिछले फाइनेंशियल ईयर में राज्य ने ₹11,000 करोड़ से ज़्यादा का रेवेन्यू कमाया था। एक्साइज एंड टैक्सेशन डिपार्टमेंट पिछले कई महीनों से रिव्यू मीटिंग कर रहा है। सूत्रों के मुताबिक, IMFL का कोटा भी बढ़ाया जाएगा ताकि सप्लाई मार्केट की डिमांड के हिसाब से हो। गैर-कानूनी शराब नेटवर्क के खिलाफ सख्त कार्रवाई, ट्रैक एंड ट्रेस सिस्टम को मजबूत करना और फील्ड सर्विलांस बढ़ाना भी पॉलिसी के अहम हिस्से होंगे। लाइसेंसिंग प्रोसेस को पूरी तरह से डिजिटल और ट्रांसपेरेंट बनाने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं। रिटेल और होलसेल लाइसेंस के लिए ऑनलाइन एप्लीकेशन सिस्टम को और मजबूत किया जाएगा, जिससे इंसानी दखल कम होगा। नई पॉलिसी में लाइसेंस फीस स्ट्रक्चर में बदलाव, एप्लीकेंट की फाइनेंशियल कैपेसिटी और टैक्स रिकॉर्ड का सख्त वेरिफिकेशन और नियमों का पालन करना ज़रूरी होगा। सरकार का मकसद सिर्फ एलिजिबल और नियमों का पालन करने वाले बिजनेस को ही मार्केट में आने देना है।

सिडनी में हरियाणा के मां-बेटे की जोड़ी ने शूटिंग में जमाई धाक

भिवानी. हरियाणवी हुनर विदेशों में खुद को साबित कर रहा है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शूटिंग में एक साथ उतरने वाली हरियाणवी मां और बेटे की यह जोड़ी प्रदेश और देश का नाम विदेशी धरती पर चमका रही है। सिडनी इंटरनेशनल शूटिंग सेंटर में 20 से 22 फरवरी तक हुए सिडनी कप प्रथम में हरियाणवी मां सुनैना सांगवान और बेटे सामर्थ्य सांगवान ने टाप टेन में जगह बनाकर शूटिंग प्रेमियों के दिलों में जगह बनाई है। शहर की इंदिरा कालोनी निवासी सुनैना सांगवान ने 10 मीटर एयर पिस्टल महिला वर्ग–2 व्यक्तिगत स्पर्धा में 534 अंक अर्जित कर 11 प्रतिभागियों के बीच 9वां स्थान प्राप्त किया। उन्होंने अपनी छह सीरीज में 88, 89, 88, 93, 89 और 87 अंक हासिल किए। वहीं 10 मीटर एयर पिस्टल पुरुष वर्ग के क्वालिफिकेशन राउंड में सुनैना सांगवान के बेटे सामर्थ्य सांगवान ने उत्कृष्ट निशानेबाजी का प्रदर्शन करते हुए 541 अंक अर्जित कर प्रतियोगिता में 10वां स्थान हासिल किया। कड़े अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में उनका प्रदर्शन सराहनीय रहा। निशानेबाजी सिखाने मां अपने बेटे के साथ जाते-जाते खुद भी कब निशानेबाज बन गई उनको पता ही नहीं चला। सामर्थ्य सांगवान पूर्व सांसद जंगबीर सिंह की बहन के पोते हैं। सामर्थ्य के दादा सज्जन सांगवान बताते हैं कि इंजीनियर बेटे प्रवीण सांगवान वर्ष 2016 में नौकरी के सिलसिले में ऑस्ट्रेलिया चले गए थे। सुनैना सांगवान बेटे के साथ आती थी। उन्होंने खुद भी शूटिंग का अभ्यास शुरू कर दिया। अब वह निशानेबाजी में अच्छा प्रदर्शन कर रही हैं। यह उपलब्धि उनकी कड़ी मेहनत का परिणाम है। दोनों मां बेटा अंतरराष्ट्रीय स्तर स्टीक निशाना लगा कर प्रदेश और देश का नाम रोशन करेंगे।  – प्रदीप बेनीवाल कोच एवं निदेशक, लक्ष्य स्पोर्ट्स शूटिंग एकेडमी     बहू और पोते की उपलब्धि ने मेरा सीना चौड़ा किया है। मुझे उन पर गर्व है। दोनों की इस उपलब्धि पर परिवार में भी खुशी का माहौल है।  – सज्जन सांगवान, दादा     हरियाणवी चाहे दुनिया में कहीं भी हों, अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा ही लेते हैं। मां-बेटे का अंतरराष्ट्रीय स्पर्धा में खेलना ही अपने आप में बेमिसाल है। सुनैना और उनके बेटे सामर्थ्य ने यह साबित किया है कि उनका निशाना चिड़िया की आंख है। आने वाले समय में मां-बेटा की यह जोड़ी कमाल जरूर करेगी। – एडवोकेट राजनारायण पंघाल, खेल प्रेरक

फाजिल्का में कार टकराने से दो सगे भाइयों समेत तीन की मौत

अबोहर. अबोहर के हनुमानगढ़ रोड पर स्थित ओवर ब्रिज से उतरते समय एक कार रोटरी चौक पर टकरा गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार में सवार पांच लोगों में से दो की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक ने बाद में दम तोड़ दिया। हादसा रविवार रात करीब 1:00 बजे हुआ। हादसे का कारण ब्रेक फेल होना बताया जा रहा है। मृतकों में दो सगे भाई वह एक उनका दोस्त गांव बलुवाना के निवासी हैं। जबकि दो लोग जो घायल हुए हैं वह भी बल्लूआना के निवासी ही है, जिन्हें रेफर कर दिया गया है। जैसे ही हादसे का पता चला परिवार में दुखों का पहाड़ टूट पड़ा उधर पुलिस ने शवों को हॉस्टल की मोर्चरी में रखवा कर जांच शुरू कर दी है। यह युवक कीनू के बाग के ठेके लेते थे। वह रात को काम से वापस अपने गांव बालूआना जा रहे थे की हनुमानगढ़ रोड स्थित ओवर ब्रिज रोटरी चौक पर कार की जबरदस्त टक्कर हो गई। वहां से गुजर रहे कुछ लोगों ने उन्हें कार से निकाल कर सरकारी अस्पताल पहुंचाया वह पुलिस को सूचना दी।  

छत्तीसगढ़ में बारिश और बिजली गिरने के आसार

रायपुर. छत्तीसगढ़ में आज बादल बरसने के आसार हैं. लो प्रेशर एरिया और साइक्लोनिक सर्क्युलेशन के कारण मौसम में बदलाव हो रहा है. इन मौसम तंत्र के प्रभाव से दो दिन के बाद रात में फिर ठंड बढ़ सकती है. लगभग 4 डिग्री सेल्सियस तक पारा गिर सकता है. सोमवार को प्रदेश के बस्तर संभाग में बारिश हो सकती है. साथ ही बादल गरजने के साथ बिजली गिर सकती है. वहीं राजधानी में बादल छाए रहने की उम्मीद जताई गई है. प्रदेश में रविवार को मौसम शुष्क रहा. सबसे ज्यादा तापमान राजनांदगांव में 35 डिग्री सेल्सियस और अंबिकापुर में सबसे कम न्यूनतम तापमान 12 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया है. इस दौरान कहीं बारिश की गतिविधि दर्ज नहीं हुई. मौसम का लेटेस्ट अपडेट मौसम वैज्ञानिक एचपी चंद्रा ने बताया कि एक चिन्हित निम्न दाब का क्षेत्र दक्षिण पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर स्थित है, इसके साथ ऊपरी हवा का चक्रीय चक्रवाती परिसंचरण 5.8 किलोमीटर ऊंचाई तक विस्तारित है. इसके लगातार पश्चिम उत्तर पश्चिम दिशा में आगे बढ़ने और उसके बाद यह मुड़कर उत्तर पूर्व दिशा में आगे बढ़ते हुए दक्षिण पश्चिम बंगाल की खाड़ी के तरफ अगले 48 घंटे में जाने की संभावना है. एक द्रोणिका, दक्षिण पश्चिम बंगाल की खाड़ी में स्थत चिन्हित निम्न दाब के क्षेत्र से दक्षिण मध्य महाराष्ट्र तक, 0.9 किलोमीटर ऊंचाई तक विस्तारित है. उन्होंने जानकारी दी कि प्रदेश में 23 फरवरी को एक दो स्थानों पर हल्की वर्षा होने की संभावना है. वर्षा का क्षेत्र मुख्यतः बस्तर संभाग के जिले संभावित है. प्रदेश में न्यूनतम तापमान में हल्की वृद्धि होने के साथ कोई विशेष परिवर्तन होने की संभावना नहीं है. अधिकतम तापमान में भी कोई विशेष बदलाव नहीं होने के आसार हैं. 24 फरवरी से प्रदेश में न्यूनतम तापमान में अगले दो दिनों तक गिरावट होने का दौर शुरू हो सकता है. न्यूनतम तापमान में गिरावट 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक हो सकती है. रायपुर में कैसा रहेगा मौसम ? राजधानी रायपुर में सोमवार को आसमान में बादल छाए रहने के आसार हैं. अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया जा सकता है.

ब्रिटिश हुकूमत ने सेठ जुम्मा लाल से लिया था 35,000 रुपए का कर्ज, 109 साल बाद पोते ने भेजा नोटिस

सीहोर भोपाल की नवाब सुल्तान जहां बेगम के बाद उस समय अमीरों की सूची में दूसरे नंबर पर आने वाले सीहोर के रईस सेठ जुम्मा लाल रूठिया ने 109 साल पहले 1917 में ब्रिटिश सरकार को 35 हजार रुपए का कर्ज दिया था। ब्रिटिश हुकूमच देश छोड़कर चली गई, लेकिन रूठिया परिवार का उधार अभी तक नहीं चुकाया है। ब्रिटिश सरकार को भेज रहे नोटिस ब्रिटिश हुकूमत के साथ कर्ज के लेन-देन को लेकर हुई लिखा-पढ़ी के आधार पर पोते विवेक रूठिया ब्रिटिश क्राउन को लीगल नोटिस भेज रहे हैं। रूठिया के मुताबिक उस समय की 35 हजार रुपए की राशि इस समय का एक करोड़ से ज्यादा है। सेठ विवेक रूठिया ने बताया कि ब्रिटिश हुकूमत को कर्ज देने के 20 साल बाद 1937 में उनके दादा सेठ जुम्मा लाल की मौत हो गई। पिता सेठ मानकचंद्र रूठिया को वसीयत में ब्रिटिश हुकूमत के साथ हुई लिखा-पढ़ी के दस्तावेज मिले। 35000 रुपए का है कर्ज ब्रिटिश हुकूमत ने यह राशि भोपाल रियासत में अपने मैनेजमेंट को व्यवस्थित करने के लिए लिए थे। विवेक रूठिया का दावा है कि अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत एक संप्रभु देश सिद्धांतत: अपने पुराने कर्ज को चुकाने के लिए कानूनी रूप से बाध्य है। शहर में 40 फीसदी प्रॉपर्टी रूठिया परिवार की सेठ मानकचंद्र रूठिया के बारे में कहा जाता है कि शहर की 40 से 45 फीसदी बसाहट उनकी जमीन पर बसी है। इंदौर, सीहोर और भोपाल में कई प्रोपर्टी तो ऐसी बताई जाती हैं, जो रूठिया परिवार के नाम पर दर्ज हैं, लेकिन उन्हें पता ही नहीं है, यदि पता भी है तो उन पर दूसरे लोगों का कब्जा है। शहर की कई प्रोपर्टी को लेकर रूठिया परिवार का कब्जेधारियों से विवाद भी चल रहा है। वहीं, कुछ ऐसे भी लोग हैं जो इनके मकान, दुकानों में रहते हैं और पुराने हिसाब से 100 से 500 रुपए तक ही किराया देते हैं। जानकारों का यह है कहना एडवोकेट जीके उपाध्यय का तर्क है कि लिखा-पढ़ी के आधार पर ब्रिटिश क्राउन को नोटिस भेजा जा सकता है, लेकिन जब भी कोई कर्ज लिया-दिया जाता है तो एग्रीमेंट में उसे वापस करने का समय निर्धारित किया जाता है। दस्तावेजों के आधार पर कानूनी कार्रवाई विवेक रूठिया का कहना है कि उनके पास उस समय की लिखा-पढ़ी और लेन-देन से जुड़े दस्तावेज उपलब्ध हैं, जो उन्हें पारिवारिक वसीयत के माध्यम से प्राप्त हुए। सेठ जुम्मा लाल रूठिया का निधन वर्ष 1937 में, कर्ज देने के लगभग 20 वर्ष बाद हो गया था। विवेक रूठिया के अनुसार, उस समय के 35 हजार रुपए की कीमत आज के हिसाब से करोड़ों रुपए के बराबर है। उनका तर्क है कि यदि 1917 में सोने की कीमत और वर्तमान कीमत के आधार पर गणना की जाए, तो यह राशि कहीं अधिक हो सकती है। अंतरराष्ट्रीय कानून का हवाला विवेक रूठिया का दावा है कि अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत कोई भी संप्रभु राष्ट्र पूर्व में लिए गए कर्ज के भुगतान के लिए सैद्धांतिक रूप से बाध्य होता है। इसी आधार पर वे ब्रिटिश सरकार को कानूनी नोटिस भेजने की तैयारी में हैं। फिलहाल यह मामला ऐतिहासिक दस्तावेजों और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर आगे बढ़ेगा। वसीयत से खुला राज विवेक के अनुसार उनके दादा का निधन 1937 में हुआ था। उनके पिता सेठ मानकचंद्र को वसीयत में ब्रिटिश हुकूमत के साथ हुई लिखा-पढ़ी के पुख्ता दस्तावेज मिले। अब अंतरराष्ट्रीय कानून का हवाला देते हुए विवेक लीगल नोटिस भेज रहे हैं। तर्क है कि एक संप्रभु राष्ट्र सिद्धांतत: अपने पुराने कर्ज चुकाने के लिए कानूनी रूप से बाध्य है, भले ही सत्ता बदल गई हो। ये हैं अहम बातें     जुम्मा लाल रूठिया भोपाल नवाब के बाद सबसे अमीर सेठ थे     सीहोर में इनकी ढेर सारी संपत्तियां आज भी मौजूद     वसीयत के पेपर में हुआ खुलासा कि दादा ने दिया था कर्ज     ब्रिटिश क्राउन को परिवार भेज रहा है नोटिस     35000 हजार रुपए का कर्ज आज की तारीख में एक करोड़ से ज्यादा

एमपी के 25 जिलों में बारिश से फसलें प्रभावित, सीएम मोहन ने दिए राहत उपायों के निर्देश

भोपाल  मध्य प्रदेश में हाल ही में बारिश से 25 जिलों में फसलों को नुकसान पहुंचा है। मालवा-निमाड़ और ग्वालियर के कुछ जिलों में बारिश के साथ हुई ओलावृष्टि होने से फसलें खासा प्रभावित हुई हैं। इन क्षेत्रों के जिलों में तेज बारिश के साथ ही 63 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से आंधी चली थी, जिससे कई जिलों में फसलें खेतों में आड़ी हो गईं। सीएम मोहन यादव ने सभी कलेक्टरों को निर्देश दिये कि, वो अपने-अपने जिलों में फसल नुकसान का सर्वे कराकर प्रभावित किसानों को फसल नुकसान की राहत राशि दिलाए। जनवरी माह में भी इसी तरह मौसम का मिजाज बिगड़ा था। तेज हवाओं से भी नुकसान मध्य प्रदेश के 25 जिलों में बारिश से फसलें बर्बाद हो गई हैं। मालवा-निमाड़ और ग्वालियर के कुछ जिलों में बारिश के साथ ओलावृष्टि ने फसलों को पूरी तरह से नष्ट कर दिया है। इन क्षेत्रों में तेज बारिश के साथ 63 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी भी चली थी, जिससे कई जिलों में फसलें खेतों में आड़ी हो गईं। सीएम यादव ने जारी किए निर्देश मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस स्थिति पर संज्ञान लेते हुए सभी कलेक्टरों को तत्काल निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने कहा है कि वे अपने-अपने जिलों में फसल नुकसान का सर्वे कराएं। सर्वे के आधार पर प्रभावित किसानों को फसल नुकसान की राहत राशि दिलाई जाए। राज्य सरकार ने खराब फसलों का सर्वे कराकर मुआवजा और फसल बीमा आदि का लाभ दिलाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। कुछ जिलों को आपदा नियंत्रण में राज्य राहत कोष (एसआरएफ) राशि भी जारी कर दी गई है। सभी कलेक्टर अपने-अपने जिलों में तत्काल फसल नुकसान का सर्वे कराएं। प्रभावित किसानों को राहत राशि और फसल बीमा का लाभ प्राथमिकता के आधार पर दिलाया जाए। डॉ. मोहन यादव, मुख्यमंत्री (मध्य प्रदेश) कहीं-कहीं प्रथम चरण पूरा फसल नुकसान के जहां-जहां प्रथम चरण का सर्वे हुआ है, वहां राशि वितरण कार्य शुरू हो गया है। यह प्रक्रिया प्रभावित किसानों को तत्काल राहत पहुंचाने के उद्देश्य से चलाई जा रही है। जनवरी माह में भी इसी तरह मौसम का मिजाज बिगड़ा था और फसलों को नुकसान पहुंचा था। उस समय भी राज्य सरकार ने सर्वे कराकर मुआवजा और फसल बीमा का लाभ दिलाने की प्रक्रिया शुरू की थी। खबर के 5 मुख्य बिंदु 1. मध्यप्रदेश के कुल 25 जिले इस बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि की चपेट में आए हैं, जिससे गेहूं और सरसों की फसलों को सबसे ज्यादा नुकसान है। 2. मौसम विभाग के अनुसार 63 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली हवाओं ने फसलों को जमीन पर सुला दिया है। 3.मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा है कि कोई भी प्रभावित किसान सर्वे से छूटना नहीं चाहिए, राहत राशि का वितरण प्राथमिकता पर होगा। 4.जनवरी में हुए नुकसान का सर्वे पूरा हो चुका है और प्रथम चरण की राशि वितरण का काम भी शुरू कर दिया गया है। 5. जहां सरकार 'कृषि वर्ष' मना रही है, वहीं राजस्व विभाग के बड़े अधिकारी जमीनी हकीकत से अनजान बने हुए हैं। SRF राशि जारी राज्य सरकार ने खराब फसलों का सर्वे कराकर मुआवजा और फसल बीमा आदि का लाभ दिलाने की प्रक्रिया शुरू की थी। कुछ जिलों को आपदा नियंत्रण में राज्य राहत कोष (एसआरएफ) राशि जारी कर दी गई है। राशि वितरण कार्य शुरू फसल नुकसान के जहां-जहां प्रथम चरण का सर्वे हुआ हैं वहां राशि वितरण कार्य शुरू हो गया है। इधर, इस मामले में राजस्व विभाग के प्रमुख सचिव विवेक कुमार पोरवाल से मोबाइल पर संपर्क किया तो उन्होंने पूरी बात सुनी और कहा कि अभी मेरी जानकारी में यह नहीं है, इसके बाद कॉल काट दिया। ऐसे में ये चिंता का विषय है कि, एक तरफ प्रदेश सरकार साल 2026 को कृषि वर्ष के रूप में मना रही है तो वहीं अधिकारियों का किसानों के प्रति इस तरह लापरवाह रवैया सरकार की मंशा पर पानी फेरता नजर आ रहा है।

एमपी में बारिश का चौथा अलर्ट, सीधी, सिंगरौली सहित 8 जिलों में आंधी और गरज-चमक का अनुमान

भोपाल  मध्य प्रदेश में फरवरी का महीना जाते-जाते भी अपनी रंगत बदल रहा है। प्रदेश के किसानों और आम जनता के लिए राहत और चिंता की मिली-जुली खबर है। मौसम विभाग (IMD) ने सोमवार को राज्य के पूर्वी और दक्षिणी हिस्सों में बारिश और गरज-चमक के साथ तेज आंधी का अलर्ट जारी किया है। यह इस महीने में चौथी बार है जब बेमौसम बारिश प्रदेश को भिगोने वाली है। बंगाल की खाड़ी में बना 'लो प्रेशर' बढ़ाएगा मुसीबत मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, वर्तमान में दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक कम दबाव का क्षेत्र (Low Pressure Area) सक्रिय है। इसके साथ ही एक 'ट्रफ लाइन' भी गुजर रही है, जो नमी खींच रही है। इस सिस्टम की वजह से मध्य प्रदेश के पूर्वी हिस्से के 8 जिलों, जिसमें सीधी, सिंगरौली, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, मंडला, डिंडौरी और बालाघाट शामिल हैं, में आज जोरदार बारिश होने का अनुमान है। इन इलाकों में बिजली कड़कने के साथ तेज हवाएं चलने की भी संभावना है। सिस्टम आगे बढ़ा, इसलिए बूंदाबांदी हुई मौसम विभाग ने पहले 22 फरवरी को एक वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र को प्रभावित करने का अलर्ट जारी किया था, लेकिन यह सिस्टम आगे बढ़ गया। इसी बीच लो प्रेशर एरिया और टर्फ की एक्टिविटी शुरू हो गई। इसके चलते सोमवार को बारिश होने का अनुमान है। फरवरी में तीन बार बारिश वाला मौसम बता दें कि फरवरी के शुरुआत में ही प्रदेश में दो बार ओले, बारिश और आंधी का दौर रह चुका है। इससे फसलों को खासा नुकसान हुआ था। इसके बाद सरकार ने प्रभावित फसलों का सर्वे भी कराया था। 18 फरवरी से तीसरी बार प्रदेश भीग गया है। 19, 20 और 21 फरवरी को भी असर रहा। अब चौथी बार बारिश होने के आसार है। 23 फरवरी को फिर से बारिश हो सकती है। रात में सर्दी से राहत, दिन में पारा लुढ़का बारिश की वजह से दिन के तापमान में गिरावट हुई है। रविवार को सर्द हवाओं से थोड़ी राहत मिली। शनिवार-रविवार की रात में पचमढ़ी में ही पारा सबसे कम 10.2 डिग्री दर्ज किया गया। वहीं, राजगढ़ में 11 डिग्री, कल्याणपुर में 11.2 डिग्री, करौंदी में 11.4 डिग्री और मंदसौर मे 11.5 डिग्री रहा। बाकी में पारा बढ़ा गया। फरवरी में बारिश से फसलों पर संकट इस साल फरवरी का मिजाज काफी अलग रहा है। महीने की शुरुआत में दो बार ओलावृष्टि और बारिश ने फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया था, जिसका सर्वे अब भी जारी है। 18 से 21 फरवरी के बीच तीसरी बार हुई बारिश के बाद, अब यह चौथी बार है जब मौसम बिगड़ रहा है। पिछले 24 घंटों में उज्जैन और श्योपुर जैसे इलाकों में हुई भारी बारिश और 63 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चली आंधी ने खेतों में खड़ी फसलों के लिए नई चिंता पैदा कर दी है। दिन और रात के तापमान में बड़ा अंतर मध्य प्रदेश के तापमान में इन दिनों 'विरोधाभास' देखा जा रहा है। एक तरफ जहां खरगोन में पारा 34.3 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है, वहीं पचमढ़ी और राजगढ़ जैसे इलाकों में रातें अभी भी सर्द हैं। राजधानी भोपाल की बात करें, तो यहाँ दिन का पारा 30 डिग्री के पार होने से हल्की गर्मी महसूस हो रही है, लेकिन रात होते ही हल्की ठंडक वापस आ जाती है। 23 फरवरी के बाद रात के तापमान में 1 से 2 डिग्री की और गिरावट आने की संभावना है। अगले 24 घंटों के लिए चेतावनी मौसम विभाग ने आने वाले 24 घंटों के लिए नर्मदापुरम, बैतूल, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा और सिवनी जैसे दक्षिणी जिलों में भी बादलों के डेरा डालने की चेतावनी दी है। वहीं उत्तर मध्य प्रदेश के पन्ना, सतना, रीवा और मऊगंज में भी हल्की बौछारें पड़ सकती हैं। राहत की बात यह है कि पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) का जो सिस्टम पहले बहुत शक्तिशाली लग रहा था, वह अब थोड़ा आगे बढ़ गया है, जिससे पश्चिमी मध्य प्रदेश में भारी तबाही की आशंका कम हुई है।

मध्य प्रदेश: 10 जिलों में आज से पुलिस आरक्षक भर्ती के लिए शारीरिक परीक्षा का आयोजन

 भोपाल  मध्य प्रदेश में पुलिस आरक्षक भर्ती की शारीरिक दक्षता परीक्षा (फिजिकल टेस्ट) 23 फरवरी से शुरू हो रही है। परीक्षा 10 जिलों भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर, उज्जैन, सागर, रीवा, बालाघाट, रतलाम और मुरैना में होगी। मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल पुलिस आरक्षक (जीडी) के कुल 7,500 पदों पर भर्ती प्रक्रिया करवा रहा है। इसके लिए 30 अक्टूबर से 15 दिसंबर, 2025 तक ऑनलाइन परीक्षा आयोजित की गई थी, जिसका परिणाम 25 जनवरी, 2026 को जारी किया जा चुका है। भोपाल में शारीरिक दक्षता परीक्षा लाल परेड ग्राउंड पर होगी। तैयारी के दौरान सेंसर वाली जैकेट, टाइमिंग सिस्टम और अन्य इलेक्ट्रानिक उपकरणों की सटीकता परखी गई, ताकि भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और त्रुटिरहित रहे। 7,500 पदों के लिए प्रदेश भर में दौड़ेंगे 59 हजार अभ्यर्थी आरक्षक के 7,500 पदों के लिए प्रदेश भर से लगभग 59 हजार अभ्यर्थी शारीरिक दक्षता परीक्षा में शामिल होंगे। सभी चयनित प्रतियोगियों को निर्धारित केंद्रों पर पहुंचना होगा, जहां दस्तावेजों की जांच के बाद उन्हें परीक्षा में शामिल होने की अनुमति दी जाएगी। मुख्य रूप से तीन स्पर्धाएं होंगी 800 मीटर दौड़, लंबी कूद,गोला फेंक होगा। परीक्षा के दौरान आधार ई-केवाईसी सत्यापन अनिवार्य है, इसलिए सभी अभ्यर्थियों को अपना मूल आधार कार्ड साथ लाना होगा। अभ्यर्थी यह भी सुनिश्चित करें कि उनका आधार नंबर 'लाक' न हो। इसके साथ ही, दस्तावेज परीक्षण के लिए सभी मूल प्रमाण पत्र और उनकी फोटोकापी का सेट साथ लाना अनिवार्य है। आधार सत्यापन के बाद जैकेट के क्यूआर से लिंक होगा रोल नंबर, हर चरण में होगा स्कैन इस बार फर्जीवाड़ा रोकने के लिए कई नवाचार किए गए हैं। क्यूआर कोड वाली जैकेट पहनाई जा रही है। परीक्षा स्थल पर सबसे पहले आधार कार्ड का सत्यापन फिंगरप्रिंट, रेटिना और फोटो के मिलान से होगा। सत्यापन सफल होने के बाद ही क्यूआर कोड वाली अभ्यर्थी को दी जाएगी। इस जैकेट में क्यूआर कोड होगा, जिसे रोल नंबर से लिंक किया जाएगा। हर चरण में इसी क्यूआर कोड को स्कैनर से स्कैन किया जाएगा, तभी प्रवेश मिलेगा। 5500 अभ्यर्थी आजमाएंगे अपनी किस्मत, पुलिस की कड़ी निगरानी ग्वालियर की 14वीं बटालियन में सोमवार को नव आरक्षकों की शारीरिक प्रवीणता परीक्षा (पीपीटी) आयोजित होने जा रही है। इस परीक्षा में तकरीबन 5500 युवा अभ्यर्थी अपनी किस्मत आजमाने पहुंचेंगे। 14वीं बटालियन के मैदान पर यह परीक्षा प्रक्रिया 14 मार्च तक चलेगी, इसमें हर दिन करीब 400 उम्मीदवारों की परीक्षा ली जाएगी। दौड़, गोला फेंक और लंबी कूद का टेस्ट होगा नवआरक्षकों भर्ती प्रक्रिया के लिए एसएएफ के करीब 300 पुलिस जवान और अधिकारियों तैनात रहेंगे। यह पुलिस के जवान और अधिकारी इस परीक्षा में पहुंचने वाले युवाओं की दौड़, गोला फेंक और लंबी कूद का परीक्षण करवाएंगे। इस भर्ती परीक्षा की पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए बटालियन के ग्राउंड पर दो दर्जन CCTV कैमरे भी लगवाए गए हैं। यह भर्ती प्रक्रिया प्रदेश भर में नवआरक्षकों के करीब 7500 पदों के लिए आयोजित की जा रही है। लिखित परीक्षा के बाद अब शारीरिक प्रवीणता परीक्षा का आयोजन किया जा रहा है। इस परीक्षा के लिए एक कमेटी का गठन किया है, जिसके अध्यक्ष डीआईजी अमित सांघी हैं। उनकी निगरानी में यह परीक्षा आयोजित की जाएगी। 800 मीटर की पूरी करनी होगी दौड़ 14वीं बटालियन के मैदान पर पीपीटी परीक्षा के लिए रविवार को टैंट, लाइट, CCTV कैमरे और मैदान की साफ-सफाई सहित अन्य सभी तैयारियां पूर्ण कर ली गई है। परीक्षा देने आने वाले युवाओं के लिए चाय-पानी की भी व्यवस्था की गई है। भर्ती परीक्षा की तैयारी का जायजा बटालियन के कमांडेंट संजीव सिंह ने किया था और प्रक्रिया के लिए तैनात जवानों व अधिकारियों से चर्चा की। रविवार को एसएएफ मैदान पर पीपीटी परीक्षा से एक दिन पहले रिहर्सल की गई, जिसमें कमेटी के अध्यक्ष डीआईजी अमित सांघी, कमांडेंट संजीव सिन्हा सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। मैदान पर एसएएफ जवानों को उम्मीदवार बनाकर रिहर्सल कराई गई ताकि परीक्षा के दौरान होने वाली किसी भी कमी को पूरी तरीके से पूर्ण किया जा सके। 14वीं बटालियन के मैदान पर पीपीटी परीक्षा में उम्मीदवारों को 800 मीटर की दौड़ पूरी करनी होगी। इसके अलावा, गोला फेंक और लंबी कूद भी शामिल होगी। गोला फेंक और लंबी कूद में प्रत्येक उम्मीदवार को तीन-तीन मौके दिए जाएंगे। 300 जवान और अधिकारी किए तैनात ग्वालियर DIG अमित सांघी ने बताया कि एसएएफ मैदान पर 23 मार्च से पीपीटी परीक्षा शुरू होने जा रही है जिसके लिए पुलिस के 300 जवान और अधिकारी तैनात किए जाएंगे। परीक्षा के दौरान इमरजेंसी के लिए चिकित्सा कैंप भी लगाया है। जिसमें अनुभवी डॉक्टर भी तैनात रहेंगे और भर्ती प्रक्रिया के लिए पूरे इंतजाम कर लिए गए हैं। इन केंद्रों पर होगी परीक्षा     भोपाल : लाल परेड ग्राउंड, जहांगीराबाद     इंदौर : माउंटेड ट्रूप डिपार्टमेंट परिसर, आरएपीटीसी     जबलपुर : परेड ग्राउंड, 6वीं वाहिनी विसबल, रांझी     ग्वालियर : परेड ग्राउंड, 14वीं वाहिनी विसबल, कंपू     उज्जैन : महानंदा एरीना ग्राउंड, देवास रोड     सागर : शासकीय इंदिरा गांधी इंजीनियरिंग कालेज, बहेरिया     रीवा : परेड ग्राउंड, 9वीं वाहिनी विसबल     बालाघाट : फुटबाल/हाकी ग्राउंड, 36वीं वाहिनी विसबल     रतलाम : भगत सिंह शासकीय कालेज बस स्टैंड के पास जावरा रतलाम     मुरैना : परेड ग्राउंड, 05वीं वाहिनी विसबल