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राज्यमंत्री गौर ने किया करीब 2 करोड़ के विकास कार्यों का भूमि-पूजन

भोपाल पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार)  कृष्णा गौर ने शनिवार को गोविंदपुरा में विभिन्न विकास कार्यों का भूमि-पूजन किया। उन्होंने बताया कि लगभग 2 करोड़ रुपये की लागत से क्षेत्र में अनेक महत्वपूर्ण निर्माण कार्य कराए जाएंगे, जिनमें मालीखेड़ी विसर्जन घाट का उन्नयन प्रमुख है। राज्यमंत्री  गौर ने कहा कि मालीखेड़ी विसर्जन घाट को 1 करोड़ 45 लाख रुपये की लागत से आधुनिक एवं सुविधायुक्त बनाया जाएगा। घाट पर श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पक्का प्लेटफॉर्म, सुरक्षा रेलिंग, समुचित प्रकाश व्यवस्था, बैठने की व्यवस्था तथा स्वच्छता संबंधी आवश्यक प्रबंध किए जाएंगे। राज्यमंत्री  गौर ने कहा कि गोविंदपुरा क्षेत्र में विकास कार्यों को निरंतर प्राथमिकता दी जा रही है। क्षेत्र की मूलभूत सुविधाओं को सुदृढ़ करने के लिए सड़क, नाली, प्रकाश व्यवस्था और सामुदायिक सुविधाओं के विस्तार पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। गोविन्दपुरा में वार्ड 72 के मालीखेड़ी में सीसी रोड एवं आरसीसी नाली निर्माण कार्य तथा मेन रोड स्थित दुर्गा मंदिर के चबूतरे के निर्माण कार्य का भूमि-पूजन किया गया, जिसकी लागत 7 लाख 18 हजार रुपये है। वार्ड 72 की लीलाधर कॉलोनी में आरसीसी नाली निर्माण कार्य का भूमि-पूजन किया गया, जिसकी लागत 2 लाख 86 हजार रुपये है। वार्ड 72 के गीता नगर में शंकर जी मंदिर के पास रिटेनिंग वॉल निर्माण, गीता नगर पार्श्व धाम स्थित कम्युनिटी हॉल में शेड निर्माण तथा बिहारी कॉलोनी में रोड एवं आंगनवाड़ी के पास आरसीसी नाली निर्माण कार्यों का भूमि-पूजन किया गया, जिनकी कुल लागत 15 लाख रुपये है। वार्ड 72 के अटल नेहरू नगर में बालाजी मंदिर से आंगनवाड़ी तक, श्री महावीर हनुमान मंदिर के पास सड़क निर्माण तथा अप्रोच रोड से मुख्यमंत्री संजीवनी क्लीनिक तक सीसी रोड निर्माण कार्य का भूमि-पूजन किया गया, जिसकी लागत 13 लाख रुपये है। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधि, स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे। राज्यमंत्री  गौर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी कार्य निर्धारित समय-सीमा में उच्च गुणवत्ता के साथ पूर्ण किए जाएं, जिससे नागरिकों को शीघ्र लाभ मिल सके।  

डिप्टी सीएम अरुण साव ने पुल निर्माण की धीमी गति पर अधिकारियों को लगाई फटकार, ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई के दिए निर्देश

लोरमी उप मुख्यमंत्री एवं स्थानीय विधायक अरुण साव ने आज लोरमी प्रवास के दौरान ग्राम कारीडोंगरी एवं दरवाजा के बीच मनियारी नदी पर निर्माणाधीन पुल का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान श्री साव ने पुल निर्माण की धीमी गति पर कड़े शब्दों में नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि, अब तक पुल का निर्माण पूर्ण हो जाना चाहिए था, लेकिन नहीं हुआ है। समय सीमा से काफी पीछे हैं। कम मजदूरों से समय पर काम पूर्ण कैसे होगा।  साव ने मौके पर मौजूद अधिकारी से कहा कि, बारिश के पूर्व पुल का निर्माण किसी भी स्थिति में पूरा हो जाना चाहिए, क्योंकि वनांचल के ग्रामीणों को बारिश में बड़ी  दिक्कत का सामना करना पड़ता है, पुल नहीं होने से ग्रामीणों का संपर्क कट जाता है। वहीं धीमी गति से निर्माण पर ठेकेदार की सिर्फ नोटिस से काम नहीं चलेगा, पेनाल्टी की  आवश्यकता हो तो वो भी लगाएं। उप मुख्यमंत्री  साव ने कहा, यह बहुप्रतीक्षित पुल बन जाने से बड़ी राहत मिलेगी, इसके निर्माण में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने लक्ष्मणबाग गौशाला का किया भ्रमण

भोपाल उप मुख्यमंत्री  राजेन्द्र शुक्ल ने लक्ष्मणबाग गौशाला रीवा का भ्रमण किया तथा वहाँ की व्यवस्थाओं के संबंध में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने गौमाताओं को गौग्रास खिलाया। उन्होंने गौशाला के संचालन और चल रहे विकास कार्यों के बारे में जानकारी ली। उप मुख्यमंत्री ने लक्ष्मणबाग स्थित हनुमान मंदिर में हनुमान जी के दर्शन किए तथा आशीर्वाद प्राप्त किया।  

सिंचाई परियोजना से खेती को मिलेगा संबल, मंत्री राजपूत ने गिनाए फायदे

भोपाल खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री  गोविंद सिंह राजपूत के अथक प्रयासों से बहुप्रतीक्षित मिडवासा सिंचाई परियोजना को शासन द्वारा स्वीकृति प्रदान कर दी गई है। इस महत्वपूर्ण परियोजना पर कुल 300 करोड़ की लागत आएगी, जिससे क्षेत्र के किसानों को बड़ी राहत मिलने जा रही है। परियोजना के पूर्ण होने पर सुरखी विधानसभा क्षेत्र के ग्राम करैया जारो, मोकलपुर, हनौताखुर्द, नारायणपुर, बंसिया, बेरसला, बैरसिया, हफसिली, बिहारीखेड़ा,तालग्वारी, गुआरी, बदरचुआ, घाटमपुर, सगोरिया, अर्जना, एवं बरोदा रहली के अलावा नरयावली विधानसभा के ग्राम बरखुआ तिवारी, उदयपुरा तिवारी, समनापुर, किशनपुर, रहली विधानसभा के ग्राम सेमरा अंगद, सिमरिया बेलई, सेजपुरा, देवरी,खांड़,रेवझा, हिलगन, मोहनपुरा एवं ढाना के लगभग 7200 हेक्टेयर कृषि भूमि को सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी। इससे न केवल फसलों की उत्पादकता में वृद्धि होगी, बल्कि किसानों की आय में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी होगी। लंबे समय से क्षेत्रवासी इस परियोजना की मांग कर रहे थे, जिसे अब मूर्त रूप मिलने जा रहा है। मंत्री  गोविंद सिंह राजपूत ने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है और सिंचाई सुविधाओं के विस्तार के माध्यम से कृषि क्षेत्र को सशक्त बनाया जा रहा है। ताकि हमारे क्षेत्र के किसान भी पंजाब, हरियाणा जैसे, कृषि में उन्नति करके कृषि लाभ कमाएं। सरकार का उद्देश्य है कि किसान भाईयेां को अधिक से अधिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जायें, जिसको लेकर सरकार लगातार प्रयास कर रही है। इस परियोजना से हजारों किसानों को लाभ मिलेगा तथा क्षेत्र में पानी की समस्या भी खत्म होगी। यह केवल परियोजना नहीं किसानों और क्षेत्र वासियों के लिए पानी का वह स्रोत है, जिससे अब खुशहाली ही खुशहाली होगी। उन्होंने बताया कि परियोजना के शीघ्र क्रियान्वयन के लिए संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। क्षेत्र के किसानों एवं जनप्रतिनिधियों ने इस स्वीकृति पर हर्ष व्यक्त करते हुए मंत्री  राजपूत का आभार जताया। उन्होंने कहा है कि यह परियोजना सुरखी क्षेत्र के कृषि विकास में मील का पत्थर साबित होगी।  

सरकारी नौकरी का अवसर: आंगनवाड़ी कार्यकर्ता पदों पर निकली भर्ती, जल्द करें अप्लाई

चित्रकूट उत्तर प्रदेश के चित्रकूट जिले में नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए अच्छी खबर आई है। जिला प्रोग्राम कार्यालय चित्रकूट ने आंगनवाड़ी कार्यकर्ता के 86 पदों पर भर्ती का नोटिफिकेशन जारी किया है। यह भर्ती संविदा आधारित होगी और इसमें स्थानीय महिला अभ्यर्थियों को प्राथमिकता मिलने की संभावना है। आवेदन प्रक्रिया 19 फरवरी 2026 से शुरू हो चुकी है और 22 फरवरी 2026 अंतिम तिथि तय की गई है। इच्छुक और योग्य उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। भर्ती से जुड़ी पूरी प्रक्रिया, पात्रता और जरूरी निर्देश नोटिफिकेशन में दिए गए हैं, जिसे आवेदन से पहले ध्यान से पढ़ना जरूरी बताया गया है। जिले के अलग-अलग परियोजनाओं में होंगी नियुक्तियां यह भर्ती चित्रकूट जिले की विभिन्न ग्रामीण और शहरी परियोजनाओं के लिए की जा रही है। अलग-अलग विकासखंडों में रिक्त पदों का बंटवारा किया गया है ताकि स्थानीय स्तर पर महिला एवं बाल विकास सेवाओं को मजबूत किया जा सके। करवी परियोजना में 18 पद, रामनगर में 17, माणिकपुर में 20, पहाड़ी में 17 और मऊ क्षेत्र में 12 पद भरे जाएंगे। शहरी क्षेत्र में 2 पद निर्धारित किए गए हैं। इस तरह कुल 86 पदों पर नियुक्ति की जाएगी। शैक्षणिक योग्यता और आयु सीमा इस भर्ती में आवेदन करने के लिए न्यूनतम योग्यता इंटरमीडिएट या उसके समकक्ष रखी गई है। हालांकि मेरिट सूची बनाते समय उच्च शैक्षणिक योग्यता, जैसे स्नातक या स्नातकोत्तर, को भी वरीयता दी जा सकती है। आयु सीमा 18 वर्ष से 35 वर्ष निर्धारित की गई है। आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को सरकारी नियमों के अनुसार आयु में छूट मिलेगी। आयु की गणना 1 जनवरी 2026 को आधार मानकर की जाएगी। आवेदन शुल्क नहीं देना होगा इस भर्ती की खास बात यह है कि किसी भी वर्ग के उम्मीदवार से आवेदन शुल्क नहीं लिया जाएगा। सामान्य, ओबीसी, एससी और एसटी सभी अभ्यर्थी निशुल्क आवेदन कर सकते हैं। इससे आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की महिलाओं को भी अवसर मिलेगा। मेरिट के आधार पर होगा चयन चयन प्रक्रिया पूरी तरह मेरिट आधारित रखी गई है। किसी प्रकार की लिखित परीक्षा या इंटरव्यू का प्रावधान नहीं बताया गया है। अभ्यर्थियों की शैक्षणिक योग्यता के आधार पर सूची तैयार की जाएगी और उसी के अनुसार चयन किया जाएगा। आवेदन करते समय इन बातों का रखें ध्यान आवेदन केवल ऑनलाइन माध्यम से स्वीकार किए जाएंगे। अभ्यर्थियों को आवेदन पत्र भरते समय अपनी व्यक्तिगत जानकारी, शैक्षणिक विवरण और संपर्क जानकारी सही-सही दर्ज करनी होगी। साथ ही फोटो, हस्ताक्षर और आवश्यक प्रमाणपत्र निर्धारित प्रारूप में अपलोड करने होंगे। फॉर्म जमा करने से पहले सभी विवरण अच्छी तरह जांच लेना जरूरी है, क्योंकि गलत जानकारी मिलने पर आवेदन निरस्त किया जा सकता है। अंतिम रूप से जमा किए गए आवेदन का प्रिंट या डिजिटल कॉपी सुरक्षित रखने की सलाह दी गई है ताकि भविष्य में जरूरत पड़ने पर उपयोग किया जा सके। महत्वपूर्ण तिथियां इस भर्ती का नोटिफिकेशन 31 जनवरी 2026 को जारी किया गया था। ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि 22 फरवरी 2026 है। इसके बाद किसी भी प्रकार का आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा। यह भर्ती महिला एवं बाल विकास सेवाओं को गांव स्तर तक मजबूत करने के उद्देश्य से की जा रही है, जिससे पोषण, स्वास्थ्य और प्रारंभिक शिक्षा से जुड़ी योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन हो सके।

सवा 2 हजार करोड़ रूपए की रतनगढ़ परियोजना से 40 हजार किसानों को मिलेगा सिंचाई सुविधाओं का लाभ

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि दतिया वीरता और भक्ति का अद्भुत संगम है। यहां आस्था और प्रगति का उत्कृष्ट संगम है। हमारी सरकार दतिया के पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए सभी आवश्यक कदम उठा रही है। विगत वर्ष बुंदेला काल के दतिया महल और गुज्जरा लघु शिलालेख को यूनेस्को की टेंटेटिव सूची में स्थान मिल गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि दतिया जिले की विकास यात्रा अब रूकने वाली नहीं है। आज दतिया विकास, नवाचार, महिला सशक्तिकरण और किसान समृद्धि का एक रोल मॉडल बन गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि दतिया में एयरपोर्ट के शुभारंभ के साथ दतिया से भोपाल फ्लाईट भी शुरू हो गई है। खजुराहो से नई दिल्ली तक वंदे भारत ट्रेन के जरिए दिल्ली अब दतिया से चंद घंटों की दूरी पर आ गया है। उन्होंने कहा कि दतिया में मां पीताम्बरा लोक का निर्माण तेजी से प्रगति पर है। इससे जिले के पर्यटन को नए पंख लगेंगे और दतिया को एक नई धार्मिक एवं आध्यात्मिक पहचान भी मिलेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शनिवार को दतिया जिले के सेवढ़ा तहसील मुख्यालय में 529 करोड़ लागत के 71 विभिन्न विकास कार्यों के लोकार्पण एवं भूमि-पूजन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने घोषणा करते हुए कहा कि करीब सवा 2 हजार करोड़ रूपए की लागत वाली रतनगढ़ सिंचाई परियोजना से इस क्षेत्र के 40 हजार से अधिक किसानों को सिंचाई सुविधा का लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि दतिया जिले के नशामुक्ति कार्यक्रम को राष्ट्रीय स्तर पर सराहना मिली है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस पुनीत कार्य के लिए जिलेवासियों को बधाई दी। केन-बेतवा राष्ट्रीय नदी जोड़ो परियोजना का दतिया के किसानों को मिलेगा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कभी पेयजल संकट से जूझने वाला दतिया में आज हर घर में नल से जल पहुंच रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केन-बेतवा राष्ट्रीय नदी जोड़ो परियोजना पर काम चल रहा है। इसका भरपूर लाभ दतिया जिले के किसानों को भी मिलेगा। अब किसानों को सिंचाई के लिए पानी की चिंता करने की जरूरत नहीं है। दतिया जिले में 1.48 लाख हैक्टेयर से अधिक भू-रकबे में सिंचाई सुविधा का विस्तार होने से यहां कृषि उत्पादन में तेजी से वृद्धि हुई है। विगत दो सालों में यहां 7 लघु सिंचाई परियोजनाओं का निर्माण हुआ है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि का लाभ जिले के 1.37 लाख से अधिक किसानों को मिल रहा है। फसल बीमा योजना यहां के 1.26 लाख से अधिक किसानों का सुरक्षा कवच बनी है। पशुपालन और दुग्ध उत्पादन बढ़ाना हमारा लक्ष्य मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री  मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार किसानों की समृद्धि और सम्मान के लिए दृढ़-संकल्पित है। प्रधानमंत्री  मोदी ने किसान भाइयों के खाते में सम्मान निधि भेजने की शुरुआत की है। हमारे लिए सीमा पर जवान और खेतों में किसान, दोनों बराबर हैं। दोनों समाज की सेवा के लिए सदैव तत्पर रहकर हर मौसम में काम करते हैं। प्रदेश में वर्ष 2026 को किसान कल्याण वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। मध्यप्रदेश में किसानों को पर्याप्त बिजली और सिंचाई की सुविधा मिल रही है। किसानों को सोलर पंप देकर बिजली उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2003 तक प्रदेश में सिंचित रकबा मात्र 7 लाख हैक्टेयर था जो हमारी सरकार आने पर बढ़कर 44 लाख हैक्टेयर हुआ और पिछले डेढ़-दो साल में यह बढ़कर 55 लाख हेक्टेयर से अधिक हो चुका है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसानों की समृद्धि के लिए प्रदेश में सिंचाई का रकबा बढ़ाने के साथ पशुपालन और दुग्ध उत्पादन को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है। शासकीय गौ-शालाओं के लिए प्रति गाय अनुदान 20 रुपए से बढ़ाकर 40 रुपए कर दिया है। पात्र हितग्राहियों को डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना में 25 गाय पालने पर 10 लाख रुपए तक अनुदान दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि दतिया जिले में पीताम्बरा माई का पुण्य प्रताप भी है और रतनगढ़ वाली मैया का आशीर्वाद भी। उनाव वाले बालाजी महाराज की कृपा इस धरती पर हमेशा बरसती है। दतिया को द ग्रेट गामा पहलवान और शहीद चंद्रशेखर आजाद की कर्मस्थली होने का गौरव भी प्राप्त है। उन्होंने कहा कि हम दतिया को विकास का केन्द्र बनाकर रहेंगे। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हितग्राहियों को लाड़ली लक्ष्मी योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना और प्रधानमंत्री मातृवंदना योजना के हितलाभ भी वितरित किए। लोकार्पण एवं भूमि-पूजन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दतिया जिले के लिए कुल 529 करोड़ रूपए के 71 विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमि-पूजन किया। इसमें 299 करोड़ 32 लाख रूपए की लागत से 50 विकास कार्यों का लोकार्पण तथा 230 करोड़ 44 लाख रूपए की लागत से 21 नए विकास कार्यों का भूमि-पूजन शामिल है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ये सभी सौगातें जिले की अधोसंरचना, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल और ग्रामीण विकास को नई दिशा प्रदान करेंगी। प्रमुख घोषणाएं मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दतिया से बेहतर कनेक्टिविटी के लिए 475 करोड़ रूपए से नई सड़क बनाने की घोषणा की। उन्होंने इंदरगढ़ में नवीन बस स्टैंड की घोषणा करते हुए कहा कि सौंदर्यीकरण कार्यों के लिए भी राशि दी जाएगी। सेवढ़ा में नया इंडोर स्टेडियम बनाया जाएगा। इंदरगढ़ में 8.5 किलोमीटर लंबा बायपास बनाया जायेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने द्वारका योजना के अंतर्गत नगर परिषद सेवढ़ा को विभिन्न विकास कार्यों के लिए 5 करोड़ रूपए देने की घोषणा की। पात्र हितग्राहियों को मिलेगें पक्के मकान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार संबल योजना के माध्यम से मुश्किल वक्त में गरीब भाई-बहनों के परिवार के साथ खड़ी है। प्रदेश की बहनों के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए लाड़ली बहनों को हर महीने 1500 रुपए की सौगात दी जा रही है। प्रदेश में नवीन शैक्षणिक सत्र की शुरुआत से ही स्कूलों में नि:शुल्क दूध वितरित की योजना शुरू की जाएगी। इससे बच्चों को उत्तम स्वास्थ्य और पोषण का लाभ मिलेगा। हमारी सरकार शासकीय स्कूलों के विद्यार्थियों को किताबें, साइकिल और लैपटॉप प्रदान कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सड़क हादसों में घायल जरूरतमंदों की मदद के लिए राज्य सरकार ने … Read more

विलुप्त हुए फर्राटों को प्रदेश में मिली रफ्तार, देश में जन्मे चीतों की भी होने लगी वंश-वृद्धि बोत्स्वाना से 28 फरवरी को आएंगे 8 चीते

भोपाल. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में मध्यप्रदेश में चीता पुनर्स्थापन के ‘प्रोजेक्ट चीता’ को 'विश्व का सबसे सफल' अभियान है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कूनो में चीतों की सफल बसाहट पर खुशी जताते हुए कहा कि 28 फरवरी 2026 तक बोत्सवाना से 8 और चीते लाये जायेंगे। यह परियोजना ‘प्रकृति से प्रगति’ का संदेश है। भारत में विलुप्त हो चुके चीते के पुनर्स्थापन का ऐतिहासिक प्रयास, ‘प्रोजेक्ट चीता’, ने अपने तीन वर्ष सफलतापूर्वक पूरे कर लिए हैं। सितंबर 2022 में शुरू हुई यह वन्य जीव संरक्षण यात्रा सफलता के स्वर्णिम सोपान चढ़ चुकी है। नामीबिया और दक्षिण अफ्रीका से लाए गए चीतों ने भारतीय धरती पर खुद को अनुकूलित कर लिया है। कूनो और गांधी सागर अभयारण्य में उनकी दूसरी पीढ़ी के शावकों के निर्भय फर्राटों ने सिद्ध कर दिया है कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी की कल्पना को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के कुशल नेतृत्व में हुए प्रयासों ने साकार कर दिया है। भारत के अभयारण्यों में फर्राटे भरते चीतों की रफ्तार भविष्य में जैव-विविधता संरक्षण की एक प्रेरक मिसाल बन रही है। ऐतिहासिक शुभारंभ से सशक्त स्थापना नामीबिया से 17 सितंबर 2022 को 8 चीतों का आगमन हुआ और प्रधानमंत्री  मोदी ने उन्हें कूनो अभयारण्य के संरक्षित बाड़ों में छोड़ कर पुनर्स्थापना परियोजना का शुभारंभ किया। दक्षिण अफ्रीका से 12 और चीते 18 फरवरी 2023 को कूनो राष्ट्रीय उद्यान में छोड़े गये। गामिनी, आशा, वीरा और निर्वा के साथ भारत में जन्मी मुखी ने भी दिया शावकों को जन्म दक्षिण अफ्रीका से आये 12 में से 8 चीते वर्तमान में कूनो अभयारण्य में पूर्णतः स्थापित होकर स्वयं को वर्तमान आवास की परिस्थितियों में ढाल चुके हैं और पूरी तरह स्वस्थ हैं। इनमें से3 चीते गांधी सागर अभयारण्य में स्थानांतरित किए गए हैं। दक्षिण अफ्रीकी माताओं से जन्मे 10 शावक वर्तमान में जीवित और स्वस्थ हैं। भारत में जन्मी पहली वयस्क मादा चीता ‘मुखी’ ने भी 5 शावकों को जन्म दिया है। यह इस बात का प्रमाण है कि भारत में चीता पुनर्स्थापन परियोजना अब शैशवास्था से आगे बढ़कर स्थायी स्थापना और प्रजनन के चरण में प्रवेश कर युवा हो चुकी है। ‘गामिनी’ दूसरी बार माँ बनी है। उसकी पहली खेप में 3 स्वस्थ सब-एडल्ट शावक हैं और हाल ही में उसने 3 नए शावकों को जन्म दिया है। वीरा अपने 13 माह के शावक के साथ खुले जंगल में विचरण कर रही है, जबकि निर्वा अपने 10 माह के तीन शावकों के साथ संरक्षित बाड़े में है। नामीबियाई से आये 8 में से 3 चीते वर्तमान में कूनो में स्थापित हैं और पूरी तरह स्वस्थ हैं। नामीबियाई माताओं से जन्मे 12 शावक वर्तमान में जीवित हैं। कूनो में वर्ष2023 से 2026 के बीच कुल 39 शावकों का जन्म हुआ, जिनमें से 27 शावक वर्तमान में कूनो में स्वस्थ और जीवित हैं। कूनो से गांधी सागर पहुंची पुनर्स्थापना यात्रा कूनो राष्ट्रीय उद्यान के साथ अब गांधी सागर अभयारण्य को भी चीतों के दूसरे घर के रूप में विकसित किया जा चुका है। तीन दक्षिण अफ्रीकी चीतों का वहाँ सफल स्थानांतरण हो चुका है। ‘प्रोजेक्ट चीता’ ने वन्य जीव संरक्षण को जन-भागीदारी से जोड़ा है। इस परियोजना में सहयोग के लिये 450 से अधिक ‘चीता मित्र’ तैयार हुए, साथ ही सैकड़ों प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित हुए। इससे वन-आधारित आजीविका और सामुदायिक सहभागिता को नई दिशा मिली है। लक्ष्यः वर्ष- 2032 तक आत्मनिर्भर चीता आबादी परियोजना के तीन वर्ष में प्राकृतिक कारणों और अनुकूलन संबंधी चुनौतियों के चलते कुछ चीतों की मृत्यु भी हुई। परंतु, जीवित चीतों ने भारतीय जलवायु, शिकार प्रजातियों और पारिस्थितिकी के अनुरूप स्वयं को ढालकर यह सिद्ध किया कि यह परियोजना दीर्घकालिक सफलता की ओर अग्रसर है। सरकार का लक्ष्य वर्ष-2032 तक लगभग 17 हजार वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में 60–70 चीतों की आत्मनिर्भर आबादी स्थापित करना है। इसके लिए गुजरात के बन्नी घास के मैदानों में एक संरक्षण प्रजनन केंद्र स्थापित किया जायेगा। लुप्त हो चुके चीतों का मात्र तीन वर्ष में देश में सफल पुनर्स्थापन भारत के वन्य जीव संरक्षण का सशक्त उदाहरण है। प्रजनन करती मादा चीतों, दूसरी पीढ़ी के शावकों का जीवित एवं स्वस्थ बने रहना और नए आवासों में विस्तार करना इस बात का संकेत है कि चीता प्रजाति अब भारत की वन पारिस्थितिकी का अविभाज्य अंग बन चुकी है।  

मजदूर की खुदकुशी से हड़कंप: सुसाइड नोट में सरपंच को ठहराया जिम्मेदार, ग्रामीणों का चक्काजाम

रतलाम जावरा के औद्योगिक थाना अंतर्गत ग्राम हरियाखेड़ा में एक मजदूर युवक द्वारा संदिग्ध परिस्थितियों में फांसी लगाकर आत्महत्या किए जाने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। सूचना पर बड़ी संख्या में आदिवासी समाज एकत्रित हो गया और जाम लगा दिया। सैलाना विधायक कमलेश्वर डोडियार और जिला पंचायत उपाध्यक्ष केशू निनामा भी मौके पर पहुंचे और स्वजनों से चर्चा कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। मामले में पुलिस ने तीन लोगों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया है। लापरवाही बरतने पर एसपी ने थाने के एएसआई आशीष मांगरिया को लाइन अटैच किया है। जानकारी के अनुसार मृतक लक्ष्मीचंद्र पुत्र कनीराम भील गांव की पानी की टंकी पर रस्सी का फंदा बनाकर झूल गया। सुबह घटना की जानकारी मिलते ही गांव में आक्रोश फैल गया। सूचना पर औद्योगिक क्षेत्र थाना पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों की सहायता से शव को नीचे उतारकर पोस्टमार्टम हेतु जावरा के शासकीय अस्पताल भिजवाया, जहां बड़ी संख्या में ग्रामीण एकत्रित हो गए। ग्रामीणों के अनुसार मौके से एक सुसाइड नोट भी मिला है, जिसमें ग्राम सरपंच जितेंद्र पाटीदार सहित तीन लोगों के नाम लिखे बताए जा रहे हैं। आरोप है कि फांसी लगाने से पहले युवक ने टंकी की सीढ़ियों पर आरोपितों के नाम तथा पुलिस नहीं सुनती लिख दिया था। ग्रामीणों का कहना है कि बाद में सरपंच या पुलिस के कहने पर गांव के चौकीदार द्वारा वहां लिखे नाम मिटा दिए गए, जिससे मामला संदेह के घेरे में आ गया है। बताया जा रहा है कि लक्ष्मीचंद्र गांव के सरपंच जितेंद्र पाटीदार के खेत पर मजदूरी करता था। स्वजन का आरोप है कि 11 फरवरी की रात करीब 1 बजे वह खेत में फसल को पानी दे रहा था, तभी कुछ लोग वहां पहुंचे और उसके साथ मारपीट की। इसके बाद उल्टा मृतक पर ही चोरी का आरोप लगाकर उसे थाने में बंद करा दिया गया। जमानत पर छूटने के बाद युवक ने सरपंच एवं उनके परिवार के तीन लोगों के विरुद्ध औद्योगिक क्षेत्र थाने में आवेदन दिया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। एएसपी विवेक कुमार लाल ने बताया कि तीन आरोपितों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का प्रकरण दर्ज किया है। इनमें सरपंच जितेन्द्र पाटीदार, लोकेश पाटीदार तथा पुरुषोत्तम पाटीदार है। जीतेंद्र को राउंडअप कर लिया गया है। शेष की तलाश कर रहे है। एसपी के पास भी पहुंचा था मृतक स्वजन के अनुसार मृतक ने रतलाम एसपी कार्यालय में भी शिकायत भेजी थी, लेकिन सुनवाई नहीं होने से वह लगातार तनाव में था। 12 फरवरी को दिए गए लिखित आवेदन में लक्ष्मीचंद्र ने आरोप लगाया था कि उसे झूठे मामले में फंसाया गया, सरपंच पक्ष एवं पुलिस द्वारा मारपीट की गई तथा जातिसूचक शब्दों से अपमानित किया गया। आवेदन में यह भी उल्लेख किया गया था कि थाने में रातभर मारपीट कर उस पर दबाव बनाया गया कि वह किसी अन्य का नाम ले ले। उसने गंभीर धमकियां मिलने की भी बात लिखी थी। ग्रामीणों का कहना है कि टंकी के चढ़ाव पर सरपंच तथा ऊपर पुलिस नहीं सुनती स्पष्ट लिखा हुआ दिखाई दे रहा था, जिससे गांव में आक्रोश व्याप्त हो गया। उल्लेखनीय है कि हरियाखेड़ा के सरपंच जितेंद्र को पूर्व में ईओडब्ल्यू द्वारा

वोटर लिस्ट से 31 लाख नाम बाहर, राजस्थान में फाइनल सूची जारी

जयपुर राजस्थान में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया के समापन के बाद शनिवार को फाइनल मतदाता सूची जारी की गई। इस नई सूची से 31 लाख से अधिक नामों को बाहर किया गया है। वर्तमान में कुल मतदाताओं की संख्या 5,15,19,929 है।चुनाव आयोग के अनुसार, 27 अक्टूबर 2025 की सूची में कुल मतदाता 5,46,56,215 थे। एसआईआर प्रक्रिया के दौरान 41,84,891 नामों को ड्राफ्ट सूची में शामिल नहीं किया गया, जिससे 16 दिसंबर 2025 को जारी ड्राफ्ट सूची में कुल मतदाता 5,04,71,324 थे। ड्राफ्ट सूची के बाद 12,91,365 नए मतदाताओं को शामिल किया गया, जबकि 2,42,760 नामों को हटाया गया। 21 फरवरी को जारी अंतिम सूची में कुल मतदाताओं की संख्या 5,15,19,929 है, जो 27 अक्टूबर 2025 के मुकाबले 3,136,286 कम है। चुनाव आयोग ने आधिकारिक तौर पर जानकारी दी कि मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन में कुल मतदाताओं की संख्या 5,15,19,929 में से 2,69,57,881 पुरुष मतदाता और 2,45,61,486 महिला मतदाता हैं। इसके अलावा, 562 ट्रांसजेंडर मतदाता हैं। एसआईआर के बाद कुल 10,48,605 मतदाताओं की वृद्धि हुई है, जो 2.08 प्रतिशत है। जयपुर जिले में 3.45 प्रतिशत, फलौदी में 3.22 प्रतिशत, भरतपुर में 2.78 प्रतिशत, सिरोही में 2.72 प्रतिशत व बूंदी में 2.71 प्रतिशत कुल मतदाताओं में वृद्धि हुई है। आयोग के अनुसार, फाइनल मतदाता सूची में लिंगानुपात में 2 अंकों की वृद्धि हुई है, जो प्रारूप प्रकाशन के समय 909 से अंतिम प्रकाशन के समय 911 हो गया है। राज्य में जयपुर जिले में 7 अंक, कोटा में 6 अंक और अजमेर, सिरोही, डूंगरपुर, बूंदी, झालावाड़ व बारां में 4 अंक की वृद्धि हुई है। फाइनल मतदाता सूची में युवा मतदाताओं (18 से 19 वर्ष आयुवर्ग) की संख्या में 4,35,061 की वृद्धि हुई है, जो 0.82 प्रतिशत है। जयपुर जिले में 1.30 प्रतिशत, बाड़मेर में 1.26 प्रतिशत, भरतपुर में 1.22 प्रतिशत, फलौदी में 1.18 प्रतिशत तथा बूंदी में 1.09 प्रतिशत युवा मतदाताओं की संख्या में वृद्धि दर्ज की गई है।

यौन शोषण मामले में बड़ा निर्देश: शंकराचार्य के खिलाफ केस दर्ज होगा

उत्तर प्रदेश उत्तर प्रदेश के प्रयागराज की एडीजे रेप एवं पोक्सो स्पेशल कोर्ट ने शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती और उनके शष्यि स्वामी मुकुंदानंद गिरी के खिलाफ यौन शोषण के आरोपों के मामले में एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया है। एडीजे (पोक्सो एक्ट) विनोद कुमार चौरसिया ने पुलिस को मामले में एफआईआर दर्ज कर विधिवत विवेचना करने के नर्दिेश दिए हैं।कोर्ट के आदेश के बाद झूंसी थाने में मुकदमा दर्ज किया जाएगा। सूत्रों के मुताबिक, यह अर्जी शाकुंभरी पीठाधीश्वर आशुतोष ब्रह्मचारी द्वारा दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 173(4) के तहत दाखिल की गई थी। आरोप है कि संबंधित आश्रम में नाबालिग बच्चों के साथ यौन शोषण हुआ। आवेदक ने अदालत में कथित साक्ष्य के रूप में सीडी भी प्रस्तुत करने का दावा किया है। 13 फरवरी को आरोप लगाने वाले दोनों नाबालिगों के बयान अदालत में वीडियोग्राफी के साथ दर्ज किए गए थे। कोर्ट ने पुलिस रिपोर्ट को भी संज्ञान में लिया था और सुनवाई के बाद नर्णिय सुरक्षित रख लिया था। अब आदेश जारी होने के बाद मामले में विधिक कार्रवाई आगे बढ़ेगी। आशुतोष ब्रह्मचारी ने कहा है कि उन्हें न्यायालय से न्याय मिला है और वे प्रयागराज से वाराणसी स्थित वद्यिा मठ तक पैदल यात्रा निकाल कर लोगों के सामने तथ्य रखने की बात कह रहे हैं। उल्लेखनीय है कि यह मामला न्यायालय के आदेश पर दर्ज किया जा रहा है और आरोपों की सत्यता की जांच पुलिस विवेचना के बाद ही स्पष्ट होगी।