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मानव-वन्यजीव संघर्ष बढ़ा: हाथियों के हमलों में 23 लोगों की जान, बढ़े मुआवजे की मांग तेज

रांची    झारखंड में बीते दो हफ्तों के भीतर हाथियों के हमलों में 23 लोगों की मौत ने पूरे राज्य को चिंता में डाल दिया है। बढ़ती घटनाओं को लेकर विधानसभा में जोरदार बहस हुई और सरकार से ठोस नीति बनाने, मुआवजा बढ़ाने तथा हाथी-मानव संघर्ष को कम करने के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की गई। सदन में क्या उठे मुद्दे? ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के दौरान कांग्रेस विधायक रामेश्वरम उरांव ने कहा कि लगातार हो रही घटनाएं इस बात का संकेत हैं कि हाथियों को लेकर एक स्पष्ट और दीर्घकालिक नीति बनाना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि यह केवल लोगों की सुरक्षा का सवाल नहीं, बल्कि वन्यजीवों के संरक्षण से भी जुड़ा मुद्दा है। अगर समय रहते संतुलन नहीं बनाया गया तो स्थिति और गंभीर हो सकती है। मुआवजा बढ़ाने की मांग उरांव ने बताया कि झारखंड में हाथी के हमले में मौत होने पर 4 लाख रुपये का मुआवजा मिलता है, जबकि पड़ोसी ओडिशा में यह राशि 10 लाख रुपये तक है। उन्होंने राज्य सरकार से मुआवजा राशि बढ़ाने पर विचार करने की मांग की, ताकि पीड़ित परिवारों को पर्याप्त आर्थिक मदद मिल सके। रेस्क्यू सेंटर और मोबाइल यूनिट की जरूरत विधायक ने सवाल उठाया कि क्या राज्य में एलीफेंट रेस्क्यू सेंटर बनाया जाएगा और घायल हाथियों के इलाज के लिए मोबाइल वेटरनरी यूनिट शुरू की जाएगी। उन्होंने कहा कि जब हाथियों का झुंड आबादी में घुस आता है तो कई बार पश्चिम बंगाल से विशेषज्ञ टीम बुलानी पड़ती है, जिससे देरी होती है और नुकसान बढ़ जाता है। सरकार का जवाब राज्य के मंत्री सुदिव्य कुमार ने माना कि हालात चिंताजनक हैं और सरकार इस दिशा में कदम उठा रही है। उन्होंने कहा कि झारखंड अन्य राज्यों जैसे असम और ओडिशा की नीति का अध्ययन कर मुआवजा राशि तय करने पर विचार कर रहा है। मंत्री ने बताया कि राज्य में एलीफेंट रेस्क्यू सेंटर की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। प्रशिक्षित रेस्क्यू टीम की कमी को दूर करने के लिए क्विक रिस्पांस टीम (QRT) बनाई जा रही है। इसके अलावा दो मोबाइल वेटरनरी यूनिट शुरू करने की भी योजना है, ताकि घायल हाथियों का समय पर इलाज हो सके। मुख्यमंत्री ने जताई चिंता मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि पर्यावरण में बदलाव के कारण हाथियों के व्यवहार में परिवर्तन आया है। सरकार इस मुद्दे को समग्र दृष्टिकोण से देख रही है और जल्द ही एक विस्तृत एसओपी (Standard Operating Procedure) तैयार की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि किसी भी घटना के बाद तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू किया जाए। साथ ही एलिफेंट कॉरिडोर में अवैध खनन पर सख्ती बरती जाएगी। मंत्री सुदिव्य कुमार ने बताया कि जंगली हाथियों को नियंत्रित करने के लिए तमिलनाडु से छह ‘कुनकी हाथी’ मंगाए जा रहे हैं। ये प्रशिक्षित हाथी होते हैं, जिनकी मदद से रेस्क्यू ऑपरेशन सुरक्षित तरीके से किया जाता है।

नक्सल प्रभावित सारंडा में धमाका, कोबरा बटालियन के जवानों को एयरलिफ्ट कर रांची भेजा गया

चाईबासा  झारखंड के पश्चिम सिंहभूम जिले के अति नक्सल प्रभावित सारंडा वन क्षेत्र में शनिवार को नक्सलियों की एक कायराना करतूत सामने आई है। छोटानागरा थाना अंतर्गत चडरीडेरा गांव के पास नक्सलियों द्वारा बिछाए गए एक शक्तिशाली आईईडी (IED) विस्फोट में सीआरपीएफ की कोबरा बटालियन-209 के दो जवान घायल हो गए। घटना उस समय हुई जब सुरक्षा बल नक्सल विरोधी सर्च ऑपरेशन चला रहे थे। भीषण विस्फोट और जवानों की स्थिति  नक्सल विरोधी अभियान के दौरान सुरक्षा बलों की संयुक्त टीम जैसे ही चडरीडेरा गांव के समीप पहुंची, पहले से घात लगाकर बिछाए गए आईईडी में जोरदार धमाका हुआ। इस घटना में दो जवान घायल हुए हैं:        हवलदार दिनेश राउत: महाराष्ट्र के रहने वाले दिनेश राउत इस विस्फोट में गंभीर रूप से घायल हुए हैं। विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि उनका बायां पैर बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।          बलजिंदर सिंह: पंजाब के रहने वाले जवान बलजिंदर सिंह को शरीर में स्पलिंटर (विस्फोटक के टुकड़े) लगने से चोट आई है। हालांकि, डॉक्टरों ने उनकी स्थिति फिलहाल खतरे से बाहर बताई है।  तत्काल रेस्क्यू और एयरलिफ्ट  विस्फोट के तुरंत बाद इलाके में अतिरिक्त सुरक्षा बल भेजे गए और पूरे क्षेत्र की घेराबंदी कर दी गई। घायल जवानों को जंगल से सुरक्षित बाहर निकाला गया और उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए तत्काल हेलीकॉप्टर के जरिए एयरलिफ्ट कर रांची भेजा गया, जहां उनका इलाज जारी है। चाईबासा के पुलिस अधीक्षक (SP) अमित रेणु ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि प्रतिबंधित भाकपा-माओवादी संगठन के खिलाफ पुलिस और सीआरपीएफ का संयुक्त अभियान लगातार जारी है। नक्सलियों ने सुरक्षा बलों को नुकसान पहुंचाने के उद्देश्य से जगह-जगह आईईडी बिछा रखे हैं।  घटनाओं से जवानों का मनोबल कम नहीं होगा  उन्होंने स्पष्ट किया कि इस तरह की घटनाओं से जवानों का मनोबल कम नहीं होगा और अभियान और भी तेज किया जाएगा। सारंडा और कोल्हान का यह इलाका लंबे समय से नक्सली आईईडी का केंद्र बना हुआ है।  हाल ही के दिनों में इन विस्फोटों की चपेट में आकर दो स्थानीय ग्रामीणों की भी जान जा चुकी है। नक्सली अपनी पकड़ कमजोर होते देख अब इस तरह के 'अदृश्य हमलों' का सहारा ले रहे हैं, जो सुरक्षा बलों के साथ-साथ आम नागरिकों के लिए भी बड़ी चुनौती बन गया है।  

मध्यप्रदेश पुलिस अकादमी भोपाल में प्रशिक्षु उप पुलिस अधीक्षकों के बीच मैत्री वॉलीबाल मैच आयोजित

भोपाल मध्यप्रदेश पुलिस अकादमी, भौंरी भोपाल में प्रशिक्षणरत 44वें एवं 45वें बैच के  प्रशिक्षु उप पुलिस अधीक्षको के मध्य टीम भावना के निर्माण तथा नेतृत्व क्षमता के गुणों के विकास के उद्देश्य से अकादमी स्थित वॉलीबाल ग्राउंड में मैत्री वॉलीबाल मैच का आयोजन किया गया। कार्यक्रम अकादमी के उप निदेशक  संजय कुमार अग्रवाल के मुख्य आतिथ्य में सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक, पीटीएस भौंरी मती यास्मिन जहरा, सहायक निदेशक (बाह्य प्रशिक्षण) मती ज्योति उमठ बघेल, उप पुलिस अधीक्षक  तिलकराज प्रधान आरक्षक  नारायण चौधरी,  अमरीश पटेल सहित अकादमी का समस्त स्टाफ, प्रशिक्षु उप पुलिस अधीक्षक एवं पुलिस फैमिली लाइन के परिवारजन भी उपस्थित रहे। प्रतियोगिता में 44वें बैच की पुरुष एवं महिला टीम ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए विजेता का खिताब प्राप्त किया। यह आयोजन प्रशिक्षुओं के मध्य आपसी समन्वय, अनुशासन, खेल भावना एवं नेतृत्व कौशल के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण सिद्ध हुआ।

संवेदनशीलता, तत्परता और मानवीय सेवा का फिर उदाहरण बने डायल-112 जवान

भोपाल  डायल-112 सेवा प्रदेश में आपात स्थितियों में त्वरित सहायता उपलब्ध कराने के साथ-साथ मानवीय संवेदनशीलता का सशक्त माध्यम बन चुकी है। रतलाम जिले के जावरा औद्योगिक क्षेत्र में सड़क दुर्घटना में घायल युवक एवं बालक को समय पर अस्पताल पहुँचाकर डायल-112 जवानों ने पुनः अपनी तत्परता और सेवा-भाव का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया है। दिनांक 20 फरवरी को  राज्य स्तरीय पुलिस कंट्रोल रूम, डायल-112 भोपाल को सूचना प्राप्त हुई कि थाना औद्योगिक क्षेत्र जावरा अंतर्गत हसन पालिया रोड पर एक मोटरसाइकिल सवार युवक व बालक अज्ञात वाहन की टक्कर से गिरकर घायल हो गए हैं तथा तत्काल पुलिस सहायता की आवश्यकता है। सूचना मिलते ही थाना जावरा शहर क्षेत्र में तैनात डायल-112 एफआरव्ही वाहन को तुरंत घटनास्थल के लिए रवाना किया गया। कुछ ही समय में डायल-112 स्टाफ आरक्षक श्री चंद्रपाल सिंह एवं पायलट श्री मंगलेश्वर सूर्यवंशी मौके पर पहुँचे। डायल-112 जवानों ने मौके पर पहुँचकर पाया कि अज्ञात वाहन की टक्कर से मोटरसाइकिल सवार युवक तथा बालक  घायल हो गए थे। जवानों ने बिना समय गंवाए त्वरित कार्यवाही करते हुए दोनों घायलों को सुरक्षित एफआरव्ही वाहन से शासकीय चिकित्सालय जावरा पहुँचाया। डायल-112 टीम की तत्परता, संवेदनशीलता और त्वरित निर्णय क्षमता के कारण घायलों को शीघ्र चिकित्सा सहायता मिल सकी। डायल-112 जवानों द्वारा निभाई जा रही मानवीय जिम्मेदारी न केवल सराहनीय है, बल्कि यह आमजन में पुलिस के प्रति विश्वास और सुरक्षा की भावना को भी सुदृढ़ करती है। संकट की घड़ी में तत्पर सहायता पहुँचाना ही डायल-112 सेवा की वास्तविक पहचान है।

परीक्षा पूर्व तैयारी के लिए नई पहल, छात्रों को फोन पर मिलेगा समाधान

रायपुर. छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मण्डल, रायपुर द्वारा हाईस्कूल एवं हायर सेकेण्डरी परीक्षा 2026 के विद्यार्थियों की शंकाओं के समाधान हेतु “हेल्पलाइन 2026” का संचालन परीक्षा के एक दिवस पूर्व प्रभावी रूप से किया जा रहा है। यह हेल्पलाइन 05 फरवरी 2026 से मण्डल की अध्यक्ष श्रीमती रेणु जी. पिल्ले एवं सचिव श्रीमती पुष्पा साहू के निर्देशन में निरंतर संचालित है, जिससे विद्यार्थियों को शैक्षणिक मार्गदर्शन के साथ-साथ मानसिक संबल भी प्राप्त हो रहा है। विषय-विशेषज्ञों की सहभागिता से मिला सटीक एवं विषयवार मार्गदर्शन आज 21 फरवरी 2026 को राजनीति शास्त्र, रसायन शास्त्र, लेखा शास्त्र, फसल उत्पादन एवं उद्यान शास्त्र, वस्तु चित्रण एवं आलेखन तथा शरीर क्रिया विज्ञान एवं प्राथमिक चिकित्सा (फिजियोलॉजी एण्ड फर्स्ट एड) विषयों के विशेषज्ञों द्वारा विद्यार्थियों की शंकाओं का समाधान किया गया। इस अवसर पर श्रीमती सुनिता पाण्डेय, आस्था निगम, श्रीमती सोमा बनिक, श्रीमती अर्पणा तिवारी, श्रीमती नम्रता तिवारी, श्रीमती रंजना ठाकुर, राजकुमार गेन्ड्रे, श्रीमती निशा सिंह, श्रीमती दीपा साखरकर एवं सहायक प्राध्यापक अखिलेश वामनगड़े ने अपनी महत्वपूर्ण सेवाएँ प्रदान कीं। प्रश्नपत्र पैटर्न, सिलेबस एवं उत्तर लेखन शैली को लेकर विद्यार्थियों की जिज्ञासाएँ हेल्पलाइन के माध्यम से विद्यार्थियों ने रसायन शास्त्र के वैद्युत रसायन, आयोडोफॉर्म अभिक्रिया, नेमिंग अभिक्रिया तथा जैव अणुओं से संभावित प्रश्नों के स्वरूप के संबंध में जानकारी प्राप्त की। विद्यार्थियों ने यह भी पूछा कि क्या प्रश्न सिलेबस से बाहर आएंगे तथा मूल्यांकन करने वाले परीक्षकों को सिलेबस की पूर्ण जानकारी होगी या नहीं। इसके अतिरिक्त प्रश्नपत्र के ब्लूप्रिंट, परीक्षा पैटर्न, कम्प्यूटर विषय की तैयारी, कम्पनी लेखा पाठ से संभावित प्रश्न तथा उत्तर कैसे लिखें कि पूर्ण अंक प्राप्त हो सकेंकृइन विषयों पर भी विस्तृत मार्गदर्शन दिया गया। कुछ विद्यार्थियों ने महत्वपूर्ण प्रश्नों के संबंध में जानकारी चाही, वहीं एक छात्र ने कम समय में प्रभावी तैयारी कैसे की जाए, इस विषय में सलाह प्राप्त की। सभी जिज्ञासाओं का समाधान विषय विशेषज्ञों द्वारा सरल, स्पष्ट एवं प्रेरणादायक ढंग से किया गया। 660 कॉल्स के माध्यम से विद्यार्थियों तक पहुँचा मार्गदर्शन दिनांक 21 फरवरी 2026 तक हेल्पलाइन के टोल फ्री नंबर 1800-233-4363 पर कुल 660 कॉल प्राप्त हुए। प्रत्येक कॉल का सुव्यवस्थित रूप से निराकरण कर विद्यार्थियों को आवश्यक शैक्षणिक एवं परामर्शात्मक सहयोग प्रदान किया गया। उपसचिव के मार्गदर्शन एवं समन्वयक के नेतृत्व में सफल संचालन हेल्पलाइन का संचालन उपसचिव डॉ. बी. रघु के मार्गदर्शन में तथा हेल्पलाइन समन्वयक डॉ. प्रदीप कुमार साहू के समन्वय से किया जा रहा है। मण्डल की यह पहल परीक्षा पूर्व विद्यार्थियों को आत्मविश्वास, स्पष्टता एवं सकारात्मक दिशा प्रदान करने की दिशा में एक सराहनीय प्रयास है।

उपभोक्ता न्याय व्यवस्था को सशक्त बनाने की दिशा में छत्तीसगढ़ सरकार की महत्वपूर्ण पहल

रायपुर. उपभोक्ता न्याय व्यवस्था को सशक्त बनाने की दिशा में छत्तीसगढ़ सरकार की महत्वपूर्ण पहल खाद्य, नागरिक  आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री  दयालदास बघेल ने उपभोक्ता संरक्षण विषय पर आयोजित दो दिवसीय कार्यशाला का शुभारंभ किया। कार्यशाला में राष्ट्रीय उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति  ए.पी. साही, छत्तीसगढ़ राज्य उपभोक्ता प्रतितोषण आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति  गौतम  चौरड़िया, खाद्य विभाग की सचिव मती रीना बाबा साहेब कंगाले, मध्यप्रदेश, गोवा, बिहार, झारखंड उत्तरप्रदेश सहित आठ राज्यों के प्रतिनिधि एवं अन्य सदस्यगण उपस्थित थे। राष्ट्रीय उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति  ए.पी. साही ने कार्यशाला में छत्तीसगढ़ सरकार की पहल की सराहना करते हुए कहा कि राज्य सरकार उपभोक्ता अधिकारों की सुरक्षा और त्वरित न्याय सुनिश्चित करने के उद्देश्य से तकनीकी एवं विधिक सुधारों की दिशा में ठोस कदम उठा रही है। इसी क्रम में जागरूकता एवं तकनीकी पहलुओं की प्रशिक्षण के लिए कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है। कार्यशाला में तकनीकी, डिजिटल व्यवस्था, प्रक्रियात्मक सुधार और विधायी संशोधनों पर विस्तृत चर्चा की गई। इस दौरान दौरान ई-प्रणालियों का विस्तार और कृत्रिम बुद्धिमत्ता का उपयोग की जानकारी दी गई। वहीं ई-जागृति, ई-फाइलिंग और ई-हियरिंग’’ जैसी डिजिटल सुविधाओं के प्रभावी उपयोग पर जोर दिया गया। इन व्यवस्थाओं के माध्यम से उपभोक्ताओं को घर बैठे शिकायत दर्ज करने और सुनवाई में भाग लेने की सुविधा मिल रही है। उपभोक्ता न्याय को किफायती, पारदर्शी और त्वरित बनाने हेतु कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के उपयोग की संभावनाओं पर भी चर्चा की गई। अधिकारियों ने पत्रकारों से चर्चा के दौरान शिकायत स्वीकृति की प्रक्रिया, उपभोक्ता आयोग के आर्थिक एवं क्षेत्रीय क्षेत्राधिकार, शिकायत और जवाब दावा प्रस्तुत करने की समय-सीमा जैसे महत्वपूर्ण विषयों को स्पष्ट किया। इस दौरान यह भी बताया गया कि यदि प्रतिवादी पक्ष 30 दिनों की निर्धारित अवधि या अधिकतम 15 दिनों की अतिरिक्त अवधि (कुल 45 दिन) में लिखित बयान प्रस्तुत नहीं करता है, तो उसके साक्ष्यों पर विचार सीमित हो सकता है। साथ ही प्रतिवादी को शिकायतकर्ता के गवाहों से जिरह का अवसर और उसकी सीमा पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों एवं न्यायमूर्तियों ने ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर बढ़ती चुनौतियों, डार्क पैटर्न जैसी भ्रामक डिजाइन तकनीकों और झूठे व भ्रामक विज्ञापनों के मुद्दों पर चर्चा की। क्षेत्राधिकार संबंधी विवादों और तकनीकी जटिलताओं के त्वरित समाधान हेतु वर्तमान संरचना में सुधार की आवश्यकता पर बल दिया गया। निष्पादन आवेदन के त्वरित और प्रभावी निपटारे के लिए व्यावहारिक कठिनाइयों और प्रणालीगत विलंब संबंधी जानकारी दी गई। सभी उपभोक्ता आयोगों में प्रक्रियात्मक एकरूपता लाने, मानकीकृत नियम एवं दिशानिर्देश अपनाने तथा केस मैनेजमेंट को सुव्यवस्थित करने पर भी जोर दिया गया। उपभोक्ता संरक्षण आयोग के अधिकारियों ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार की यह पहल उपभोक्ताओं को त्वरित, पारदर्शी और सुलभ न्याय उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

राज्य हज कमेटी एवं वक्फ बोर्ड के चेयरमेन ने दी मुख्यमंत्री को बधाई

रायपुर राज्य हज कमेटी एवं वक्फ बोर्ड के चेयरमेन ने दी मुख्यमंत्री को बधाई मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के आज उनके जन्मदिवस के अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य हज कमेंटी के चेयरमेन मिर्जा एजाज बेग एवं राज्य वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सलीम राज के नेतृत्व में आए एक प्रतिनिधिमण्डल ने जन्मदिवस की बधाई एवं शुभकामनाएं दी मुख्यमंत्री के आज शाम जशपुर जिले से लौटने पर रायपुर के पुलिस लाईन हेलीपेड पहुंचने पर राज्य वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सलीम राज के आग्रह पर मुख्यमंत्री नेे केक काटा। इस अवसर पर विधायक  पुरंदर मिश्रा,  सुनील सोनी, अपेक्स बैंक छत्तीसगढ़ के अध्यक्ष  केदार नाथ गुप्ता जिला पंचायत के पूर्व अध्यक्ष  अशोक बजाज,  प्रीतेश गांधी सहित अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

यूपी के किसानों को राहत: Yogi Adityanath सरकार ने बांटे 285 करोड़ रुपये, 2.51 लाख लाभार्थी

लखनऊ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को 2.51 लाख से अधिक किसानों को फसल मुआवजे के रूप में 285 करोड़ रुपये प्रदान किए और कहा कि सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए काम कर रही है कि किसानों को प्राकृतिक आपदाओं से उत्पन्न अनिश्चितताओं से बचाया जाए।  कृषक दुर्घटना योजना के तहत सहायता प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना और मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना के तहत सहायता वितरण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जो किसान अपनी फसलों का बीमा कराते हैं, वे आपदाओं से होने वाले नुकसान की स्थिति में वित्तीय सहायता के हकदार हैं। 'राज्य के 2.51 लाख किसानों को लाभ योगी ने कहा, ''राज्य के 2.51 लाख किसान परिवारों को फसल क्षति मुआवजे के रूप में 285 करोड़ रुपये की राशि प्रदान की गई है। फसल बीमा यह सुनिश्चित करता है कि किसानों को विपत्ति के समय में आर्थिक सहायता मिले। यह राशि हमारे 'अन्नदाता' के लिए एक सहारा है।'' प्राकृतिक आपदाओं और दुर्घटनाओं से बचाया मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान लाभार्थियों को चेक वितरित किए और कल्याणकारी योजनाओं और समय पर वित्तीय सहायता के माध्यम से किसानों के हितों की रक्षा के लिए राज्य सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा कि सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए काम कर रही है कि किसानों को प्राकृतिक आपदाओं और दुर्घटनाओं से उत्पन्न अनिश्चितताओं से बचाया जाए और कल्याणकारी पहल पारदर्शी तरीके से लक्षित लाभार्थियों तक पहुंचे।

2.18 करोड़ रुपए से अधिक के विकास कार्यों की दी सौगात

रायपुर 2.18 करोड़ रुपए से अधिक के विकास कार्यों की दी सौगात वन मंत्री  केदार कश्यप ने आज कोंडागांव जिले के मर्दापाल में आयोजित भूमिपूजन कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने क्षेत्रवासियों को 2 करोड़ 18 लाख 47 हजार रुपए की लागत वाले कुल 36 विकास कार्यों की सौगात दी। साथ ही वन मंत्री ने मर्दापाल में भूमिपूजन कार्यक्रम से पहले गांव के मड़ई मेला में सम्मिलित होकर भंगा राम मंदिर में विधि विधान से पूजा अर्चना कर क्षेत्रवासियों के सुख समृद्धि एवं शांति की कामना की।          वन मंत्री  कश्यप ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सभी ग्रामवासियों को पारंपरिक भंगाराम माता मावली माघ मड़ई मेला की शुभकामनाएं दीं और कहा कि ग्रामीण क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं के विकास और शासकीय योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए सरकार लगातार प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि आगे भी ग्रामीण अंचल के जरूरतों को प्राथमिकता के साथ पूरा किया जाएगा। वन मंत्री  कश्यप ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के विकसित भारत विजन के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों को गति देने के लिए विकसित भारत जी राम जी योजना को और अधिक प्रभावी बनाया गया है जिसके तहत अब लोगों को 125 दिन की रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा और एक सप्ताह के भीतर भुगतान किया जाएगा। वन मंत्री ने शिविर में पंचायत विभाग के विकसित भारत जीरामजी योजना पर आधारित स्टॉल के साथ- साथ विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉल का अवलोकन किया और ग्रामीणों से कहा कि विभागों के स्टॉल में पहुंचकर शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाएं। जनपद पंचायत की अध्यक्ष मती अनिता कोर्राम ने भी कार्यक्रम को संबोधित करते हुए शासन की योजनाओं के बारे में जानकारी दी और अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की।  विभिन्न ग्राम पंचायतों के 36 विकास कार्यों का हुआ भूमिपूजन          वन मंत्री  केदार कश्यप ने मर्दापाल में विभिन्न ग्राम पंचायतों में आधारभूत संरचना सुदृढ़ीकरण एवं सामुदायिक सुविधाओं के विस्तार हेतु कुल 218.47 लाख रुपये की लागत से 36 विकास कार्यों का भूमिपूजन किया। इन कार्यों में सामुदायिक भवन, सांस्कृतिक मंच, आंगनबाड़ी भवन, सीसी सड़क, नाली निर्माण तथा पुलिया निर्माण जैसे महत्वपूर्ण कार्य शामिल हैं। इन सभी कार्यों के पूर्ण होने से ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं का विस्तार होगा तथा कई गांवों के ग्रामवासी लाभान्वित होंगे।   भूमिपूजन कार्यों में ग्राम बयानार में पनका समाज हेतु सामुदायिक भवन निर्माण कार्य में 5 लाख, मुंगवाल में पंचायत भवन के पास घोटुल निर्माण लागतं 3 लाख, नरिहा में राजबेड़ा मंदिर के समीप सांस्कृतिक भवन निर्माण कार्य लागत 20 लाख, पेरमापाल में ग्राम पंचायत पेरमापाल स्कूलपारा में 2 मीटर पुलिया निर्माण कार्य लागतं 6 लाख, जोगीआड़वल में कोरहाबेडा में 2 मीटर पुलिया निर्माण कार्य लागत 6 लाख, तोड़म में मनीराम के खेत के पास 2 मीटर पुलिया निर्माण लागत 7 लाख, मड़ागांव में शिव मंदिर पारा में सांस्कृतिक भवन निर्माण कार्य लागत 3 लाख, पेरमापाल में दुलारदई माता पारा में सांस्कृतिक मंच निर्माण लागत 3 लाख, खण्डाम में डोंगरीपारा में सामुदायिक भवन निर्माण कार्य लागत 5 लाख, खण्डाम में आवास प्लाट पारा में रंगमंच कार्य निर्माण लागत 3 लाख, बोटीकनेरा में राजू सोनी के घर के पास 2 मीटर पुलिया निर्माण कार्य लागत 6 लाख, नगरी में गांवकीन माता पारा में सांस्कृतिक मंच निर्माण लागत 3 लाख, कचोरा में ग्राम पंचायत कचोरा डोंगरीपारा में सामुदायिक भवन निर्माण लागत 5 लाख, मर्दापाल में अटल सद्भावना भवन कार्य में लोहार पारा लागत 5 लाख, मर्दापाल में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मर्दापाल में मरीज एवं परिजनों हेतु शेड निर्माण लागत 4 लाख, मर्दापाल में सी.सी. सड़क सह नाली निर्माण कार्य लेपस (मानिकपुरी समाज भवन) से सुरेश घर तक 200 मीटर में 16.19 लाख, चांगेर में टेमरूभाठा में कोटकरीन पारा में सांस्कृतिक मंच निर्माण लागत 3 लाख, बड़ेकुरूषनार में नारायण कश्यप घर से सुखनाथ लोहार घर के बीच 1.50 पुलिया निर्माण में 6 लाख, बड़ेकुरूषनार में तेलीपारा पंचायत भवन के पास 02 मीटर पुलिया निर्माण कार्य लागत 6 लाख, हसलनार में उप स्वास्थ्य केंद्र हसलनार में मरीज एवं परिजनों हेतु शेड निर्माण लागत 2 लाख का कार्य शामिल है। इसी प्रकार हसलनार में सामुदायिक भवन निर्माण कार्य में प्लाटपारा में मुरिया पारा लागत 6 लाख, जोड़ेंगा में पोहमार पटेल पारा अटल सद्भावना भवन लागत 5 लाख, जोड़ेंगा में पंचायत भवन के पास सांस्कृतिक भवन निर्माण कार्य लागत 5 लाख, खड़पड़ी में टोड़ाबेडा में अटल सद्भावना भवन निर्माण कार्य लागत 5 लाख, कोरमेल में मुख्य मार्ग से बड़ामुंडा मार्ग में 2 मीटर पुलिया निर्माण कार्य लागत 6 लाख, मटवाल में 1.5 मीटर पुलिया निर्माण कार्य लागत 4 लाख, पदनार में सामुदायिक भवन निर्माण कार्य लागत 6.50 लाख, तुमड़ीवाल में खासपारा में सामुदायिक भवन निर्माण कार्य लागत 6.50 लाख, पुसपाल में स्कूल से पुजारी मार्ग में डारा खेत के पास पुलिया निर्माण लागत 6.50 लाख, हथकली में पंचायत भवन से हासेल मार्ग हेमचंद घर पुलिया निर्माण लागत 6 लाख, हसलनार में हसलनार करागुड़रापारा में सांस्कृतिक भवन निर्माण लागत 5 लाख, कुधुर में डोंगरा देव पारा में सांस्कृतिक मंच निर्माण लागत 3 लाख, टेकापाल में स्कूल पारा से कुंगारपाल के बीच 2 मीटर पुलिया निर्माण कार्य लागत 6 लाख, बेतबेंड़ा में सी.सी. सड़क सह नाली निर्माण कार्य मुख्य मार्ग 300 मीटर लागत 23.28 लाख, हंगवा में तोतर रोड में 1.5 मीटर पुलिया निर्माण लागत 4.50 लाख और कांगा में कांगा कारीदेलगिन माता पारा में सांस्कृतिक मंच निर्माण कार्य लागत 3 लाख रुपए का भूमिपूजन कार्य शामिल है।          इस अवसर पर जिला पंचायत सदस्य मती यशोदा कश्यप, सरपंच मती जयंती कश्यप सहित पुलिस अधीक्षक, जिला पंचायत सीईओ सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

दिव्यांग धरम सिंह पटेल और उलख राम पटेल चेहरे पर लौटी मुस्कान

रायपुर स्कूटी पाकर लाभार्थियों में हर्ष, उपमुख्यमंत्री के प्रति जताया आभार उप मुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक  विजय शर्मा ने विधायक कार्यालय कवर्धा में दो दिव्यांग लाभार्थियों को स्कूटी का वितरण किया। इस अवसर पर उन्होंने ग्राम अमरौडी निवासी  धरम सिंह पटेल और ग्राम खिरसाली निवासी  उलख राम पटेल को स्कूटी की चाबी सौंपकर उन्हें शुभकामनाएँ दीं। उपमुख्यमंत्री  शर्मा ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार का उद्देश्य दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाना और उनके दैनिक जीवन को सुगम करना है। स्कूटी मिलने से लाभार्थियों को आवागमन में सुविधा होगी तथा वे अपने कार्यों को स्वतंत्र रूप से कर सकेंगे। इस अवसर पर  धरम सिंह पटेल ने बताया कि वे विद्युत विभाग में अस्थाई रूप से ऑपरेटर का कार्य करते हैं। पहले उन्हें कार्य में जाने में बहुत असुविधा हुआ करती थी आवश्यक गतिविधियों के लिए आवागमन में किसी पर निर्भर रहना पड़ता था, अब स्कूटी मिल जाने से वे अपने अनुसार कार्य पर जा आ सकेंगे। उलख राम पटेल ने बताया कि वे कपड़े सिलने का कार्य करते हैं ऐसे में स्कूटी मिल जाने से उन्हें अपने कार्य में बहुत आसानी होगी। दोनों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा एवं शासन-प्रशासन का आभार व्यक्त किया। उनके आवेदन पर त्वरित कार्रवाई कर आज उन्हें स्कूटी उपलब्ध कराई गई जिससे वे खुश हैं। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री  शर्मा ने दोनों को वाहन चलाने का भी अभ्यास करवाया और दोनों का स्वागत कर उत्साहवर्धन किया। उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण, सामाजिक समावेशन और आत्मनिर्भरता के लिए प्रतिबद्ध है। सरकार का लक्ष्य समाज के प्रत्येक वर्ग को मुख्यधारा से जोड़ना है, ताकि सभी नागरिक सम्मानपूर्वक जीवन यापन कर सकें। उल्लेखनीय है कि अब तक उपमुख्यमंत्री  शर्मा की पहल से 100 से अधिक दिव्यांग लोगों को सहायक उपकरण लगे स्कूटी प्रदान की गई है। इस अवसर पर राज्य पुलिस जवाबदेही प्राधिकरण के सदस्य  भगतराम पटेल, जिला पंचायत अध्यक्ष  ईश्वरी साहू, नगर पालिका अध्यक्ष  चंद्रप्रकाश चंद्रवंशी, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष  संतोष पटेल,  नरेन्द्र मानिकपुरी, पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष  मनहरण कौशिक,  भुखन साहू,  रामबिलास चंद्रवंशी,  विजय पाटिल  रवि राजपुत, मती सतविंदर पाहुजा, मती विजय लक्ष्मी तिवारी,  लाला राम साहू सहित जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।